Anti Paper Leak Bill 2026 : पेपर लीक विरोधी बिल पास होने पर इंस्टाग्राम पर PM मोदी का संदेश, पेपर लीक गैंग पर होगी सख्त कार्रवाई

pm modi paper leak

संसद में पेपर लीक विरोधी विधेयक पारित होने का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि सरकार देश की परीक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाएगी। उन्होंने दोहराया कि पेपर लीक गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट्स पर जारी एक वीडियो संदेश में कहा कि पेपर लीक विरोधी विधेयक का संसद से पारित होना भारत के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है।

ALSO READ: Priyanka Gandhi Remark : प्रियंका गांधी की 'गौमूत्र एक्सपर्ट' टिप्पणी पर 214 शिक्षाविदों का खुला पत्र, IIT मद्रास निदेशक के समर्थन में उठी आवाज

उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली को और मजबूत करने के लिए आने वाले समय में कई और कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने देशवासियों से विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए मिलकर आगे बढ़ने का आह्वान किया। पीएम मोदी ने कहा कि दशकों से केंद्र और राज्य की अलग-अलग सरकारें पेपर लीक की घटनाओं से निपटती रही हैं। ऐसे में परीक्षा व्यवस्था में सुधार करना जरूरी हो गया था। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं से निपटने के लिए सख्त कानून की आवश्यकता थी।

 

प्रधानमंत्री ने अपने करीब 2 मिनट 26 सेकंड के वीडियो में कहा कि सरकार ने संसद में विधेयक पेश किया था और उनके वादे के मुताबिक दोनों सदनों में बड़ी संख्या में सांसदों ने इस पर विस्तार से चर्चा की। अब दोनों सदनों ने सख्त प्रावधानों वाले इस विधेयक को पारित कर दिया है।

 

पीएम मोदी ने कहा कि विश्वसनीय परीक्षा व्यवस्था की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है और यह काम आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी स्थिति को लंबे समय तक बने नहीं रहने देगी। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ने की अपील की।

राज्यसभा में ध्वनिमत से पास हुआ बिल

'Public Examination (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026' को गुरुवार को राज्यसभा में ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। इस दौरान कई विपक्षी दलों ने सदन से वॉकआउट किया। इससे पहले बुधवार को लोकसभा ने इस विधेयक को मंजूरी दी थी। अब विधेयक को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

ALSO READ: सस्ते Electric Scooters की होने वाली है इंट्री, Ather से Honda तक मचेगी हलचल

पेपर लीक पर 5 से 10 साल तक की सजा

 

संशोधन विधेयक में पेपर लीक या परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल में शामिल लोगों के लिए कड़े प्रावधान किए गए हैं। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर कम से कम 5 साल और अधिकतम 10 साल तक की जेल और 50 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं, संगठित अपराध के मामलों में कम से कम 7 साल की सजा का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा ऐसे मामलों में कम से कम 10 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया जा सकता है।

ALSO READ: iPhone 18 Pro Max vs Pixel 11 Pro XL: अगस्त में Google और सितंबर में Apple की टक्कर, जानें कौन होगा सबसे दमदार?

यह विधेयक ऐसे समय में पारित हुआ है जब देश में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। सरकार का दावा है कि नए कड़े प्रावधान परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

पीएम मोदी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से की मुलाकात, किन मुद्दों पर हुई चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति भवन पहुंचकर राष्ट्रपति से भेंट की। राष्ट्रपति कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर मुलाकात की तस्वीरें शेयर कीं।

राष्ट्रपति कार्यालय ने पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की। 

प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू एक सप्ताह के सफल विदेश दौरे के बाद रविवार को भारत लौटी हैं। इस दौरान उन्होंने मोल्दोवा, नॉर्थ मैसेडोनिया और रोमानिया का दौरा किया था।  राष्ट्रपति के इस दौरे को भारत के इन यूरोपीय देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना गया।

PM Modi के खिलाफ अभद्र टिप्पणी मामले में नोएडा में मुकदमा दर्ज, युवती और परिजन फरार, केस दिल्ली ट्रांसफर

cjp jantar mantar protest

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ सार्वजनिक प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में नोएडा के एक्सप्रेसवे थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, यह टिप्पणी 23 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन के दौरान की गई थी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज करने के बाद केस को दिल्ली ट्रांसफर कर दिया है। अब मामले की जांच दिल्ली पुलिस करेगी।

 

शिकायतकर्ता स्मृति सिंह ने पुलिस को बताया कि वह गाजियाबाद के वसुंधरा की रहने वाली हैं और सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता हैं। उनके मुताबिक, 23 जुलाई को उनके संज्ञान में आया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन के दौरान एक युवती ने देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ सार्वजनिक रूप से कथित तौर पर अभद्र और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया।

ALSO READ: अयोध्या राम मंदिर चोरी के 81 लाख कैसे बरामद हुए? चंपत राय की चिट्‍ठी से खुला बड़ा राज

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि युवती की टिप्पणी से संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंची और जानबूझकर लोक शांति भंग करने का प्रयास किया गया।

 

नोएडा की सोसाइटी में रहती है युवती

शिकायतकर्ता के मुताबिक, कथित टिप्पणी करने वाली युवती की पहचान नोएडा के सेक्टर-168 स्थित लोट्स जिंग सोसाइटी निवासी रुचिका सिंह के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, वह मूल रूप से फरीदाबाद के ऊंचागांव की रहने वाली बताई गई है। जानकारी के मुताबिक, युवती ब्यूटी पार्लर संचालित करती है और इसी साल जनवरी में उसने नोएडा में फ्लैट खरीदा था।

ALSO READ: सस्ते Electric Scooters की होने वाली है इंट्री, Ather से Honda तक मचेगी हलचल

घटना के बाद से युवती और परिजन घर पर नहीं मिले

पुलिस के अनुसार, घटना के बाद से युवती और उसके परिजन कथित तौर पर अपने आवास पर नहीं मिले हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है और मामले से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है।

BNS की इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला

ALSO READ: iPhone 18 Pro Max vs Pixel 11 Pro XL: अगस्त में Google और सितंबर में Apple की टक्कर, जानें कौन होगा सबसे दमदार?

पुलिस ने बताया कि शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 352, 353(1) और 356(1) के तहत शून्य अपराध संख्या (Zero FIR) दर्ज की गई है। इसके बाद केस को दिल्ली ट्रांसफर कर दिया गया है, क्योंकि कथित घटना दिल्ली के जंतर-मंतर से संबंधित है। अब मामले की आगे की विवेचना दिल्ली पुलिस द्वारा की जाएगी। फिलहाल पुलिस युवती की तलाश के साथ-साथ वायरल वीडियो और शिकायत में लगाए गए आरोपों से जुड़े तथ्यों की भी जांच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।

PM मोदी की फेसबुक पोस्ट हटने के विवाद पर Meta का बड़ा कदम, अब VIP अकाउंट्स के लिए लागू किए नए सुरक्षा प्रोटोकॉल

PM Modi post row: दिग्गज अमेरिकी सोशल मीडिया कंपनी मेटा ने भारत सरकार को एक पत्र लिखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य प्रमुख हस्तियों द्वारा पोस्ट किए गए कंटेंट के लिए लागू किए गए कड़े और एडवांस्ड सुरक्षा प्रोटोकॉल के बारे में जानकारी दी है। प्रधानमंत्री मोदी की फेसबुक पोस्ट कुछ समय के लिए हटाए जाने के विवाद के बाद Meta ने प्रमुख VIP अकाउंट्स की सुरक्षा के लिए नए प्रोटोकॉल लागू किए हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सचिव एस. कृष्णन ने गुरुवार (30 जुलाई) को पत्रकारों से बातचीत में बताया कि कंपनी ने सरकार को इस बारे में जानकारी दी है।

उन्होंने बताया कि अगले 7 से 10 दिनों के भीतर इस मुद्दे पर एक विस्तृत बैठक भी होगी। पत्रकारों से बातचीत में एस. कृष्णन ने कहा कि Meta ने सरकार को बताया है कि 28 जुलाई की घटना के बाद नए सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं। इसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो फेसबुक से कुछ समय के लिए हट गया था, जिसे बाद में बहाल कर दिया गया था। बता दें कि मेटा, फेसबुक, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म चलाती है।

मेटा ने लेटर में क्या कहा?

सूत्रों ने बताया कि मेटा ने सूचना प्रौद्योगिकी (IT) मंत्रालय को सूचित किया है कि प्रधानमंत्री और अन्य प्रमुख हस्तियों द्वारा पोस्ट किए गए कंटेंट की अतिरिक्त निगरानी की जाएगी। साथ ही कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कई स्तरों पर इसकी समीक्षा की जाएगी। सूत्रों ने पीटीआई को बताया कि मेटा की टीम इस सप्ताह के अंत में या अगले सप्ताह की शुरुआत में सरकारी अधिकारियों से उस घटना के संबंध में मिल सकती है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक फेसबुक पोस्ट को कुछ समय के लिए हटा दिया गया था।

सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी की एक फेसबुक पोस्ट को कुछ समय के लिए हटाए जाने के मुद्दे पर मंगलवार को मेटा के ग्लोबल हेड ऑफ पब्लिक पॉलिसी को तलब किया था। 23 जुलाई की पोस्ट में प्रधानमंत्री ने युवाओं को संबोधित किया था। उन्हें पेपर लीक के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया था। अमेरिका स्थित सोशल मीडिया कंपनी ने इस घटना के लिए तकनीकी खराबी को जिम्मेदार ठहराते हुए माफी मांगी थी। हालांकि, IT मंत्रालय ने इस स्पष्टीकरण को अपर्याप्त माना था।

प्रधानमंत्री मोदी का वीडियो संदेश शुरू में 23 जुलाई को इंस्टाग्राम पर साझा किया गया था। बाद में फेसबुक पर पोस्ट किया गया था। लेकिन मेटा ने इसे अस्थायी रूप से ब्लॉक कर दिया था। सूत्रों के अनुसार, मेटा ने इस स्थिति के लिए अपने ऑटोमेटेड AI कंटेंट फिल्टर में तकनीकी खराबी को जिम्मेदार ठहराया। कंपनी ने कहा कि जो कंटेंट गलती से हटा दिया गया था, उसे बाद में बहाल कर दिया गया।

मेटा के अधिकारियों से इन पहलुओं पर होगी चर्चा

MeitY सचिव ने बताया कि प्रस्तावित बैठक में इस पूरे मामले के नीतिगत (Policy) और तकनीकी (Technical) दोनों पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। साथ ही यह भी समीक्षा की जाएगी कि Meta ने सरकार की चिंताओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि Meta ने सरकार को एक लेटर लिखकर इस घटना पर खेद (Regret) भी जताया है। साथ ही यह बताया है कि किन कारणों से पोस्ट हटाई गई थी।

Meta के जवाब की जांच जारी

एस. कृष्णन ने कहा कि केंद्र सरकार अभी Meta द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण का अध्ययन कर रही है। इसके अलावा, यूजरनेम से जुड़े मुद्दे पर विभिन्न मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स द्वारा दिए गए सुझावों और प्रस्तुतियों की भी जांच की जा रही है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने प्रधानमंत्री की फेसबुक पोस्ट हटाए जाने के मामले में Meta के वरिष्ठ वैश्विक अधिकारियों को तलब किया था।

ये भी पढ़ें- मार्क जकरबर्ग का दावा- 5 साल में हर किसी के पास होगा अपना AI Agent, क्या है ये जो आया तो आपका जीवन बदल देगा?

सरकारी सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार Meta के इस स्पष्टीकरण से पूरी तरह संतुष्ट नहीं है कि पोस्ट ऑटोमेटेड सिस्टम की तकनीकी गलती (Automated Error) के कारण हटाई गई थी। सरकार और Meta के बीच इस मुद्दे पर बातचीत आगे भी जारी रहेगी।

‍बिहार में किन्नर बनाएंगे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मंदिर, क्या है इसकी अहम वजह

Modi Temple Bihar

PM Modi Temple Bihar: बिहार राज्य ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड की आधिकारिक बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर एक मंदिर का निर्माण कराने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया है। यह प्रस्ताव ट्रांसजेंडर समुदाय द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में उन्हें मिले कानूनी अधिकारों, सामाजिक सम्मान और संस्थागत पहचान के प्रति आभार व्यक्त करने के उद्देश्य से लाया गया है। बताया जा रहा है कि यह मंदिर राजधानी पटना में बनाया जाएगा। हालांकि इसके लिए स्थान का चयन अभी नहीं किया गया है। 

क्यों बनाया जा रहा है मोदी का मंदिर?

बिहार के पटना स्थित समाज कल्याण विभाग के कार्यालय में 'बिहार राज्य ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड' की आधिकारिक बैठक आयोजित की गई। ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 लागू होने के बाद बोर्ड की यह पहली आधिकारिक बैठक थी। इसी बैठक के दौरान बोर्ड के सदस्य राजन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम समर्पित एक मंदिर बनाने का आधिकारिक प्रस्ताव रखा।

प्रस्ताव की जानकारी देते हुए राजन सिंह ने बताया कि बिहार में ट्रांसजेंडर समुदाय के पास अभी तक अपना कोई आधिकारिक मंदिर या मुख्य सांस्कृतिक केंद्र नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2019 में ऐतिहासिक कानून बनाकर ट्रांसजेंडर समाज को न केवल अधिकार दिए, बल्कि समाज और राज्य सचिवालय जैसी संस्थाओं में प्रतिनिधित्व और सम्मान भी दिलाया। इसी सम्मान के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए समुदाय ने उनके नाम पर मंदिर निर्माण का निर्णय लिया है। ALSO READ: बिहार छात्र आंदोलन पर AK-47 से फायरिंग करने वाला सिपाही सस्पेंड, भाजपा सांसद संबित पात्रा घिरे

समुदाय के लिए 2019 कानून का महत्व

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार द्वारा 2019 में पारित किए गए ट्रांसजेंडर अधिकार कानून के तहत इस समुदाय को सामाजिक-आर्थिक विकास और सशक्तिकरण के कई अधिकार मिले हैं। इसी कानून के तहत गठित बिहार राज्य ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड के माध्यम से समुदाय के लोगों को राज्य स्तर पर संस्थागत आवाज मिली है। हालांकि बिहार के कटिहार में पहले से ही प्रतीकात्मक प्रतिमा मौजूद है। हालांकि एक्स पर की गई इस पोस्ट पर लोगों ने तीखे कमेंट किए हैं। 

‘ हाई पावर टास्क फोर्स बनेगी …’, परीक्षा रिफॉर्म पर PM मोदी का बड़ा ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीट पेपर लीक के बाद परीक्षा सुधारों के लिया बड़ा फैसला किया है। पीएम मोदी ने एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि केंद्र सरकार छात्रों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है, वे जेल भेजे जा चुके हैं और ऐसे मामलों की तेजी से सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट भी बनाई गई हैं। उन्होंने बताया कि नंदन नीलेकणी की अगुवाई में हाई पावर टास्क फोर्स बनेगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि सरकार संसद में एक नया कानून लाने की तैयारी कर रही है, जिसमें परीक्षा से जुड़े अपराधों के खिलाफ कड़े कानूनी प्रावधान होंगे। उन्होंने कहा कि सिर्फ दोषियों पर कार्रवाई करना ही काफी नहीं है, बल्कि भविष्य की परीक्षा व्यवस्था को भी पूरी तरह पारदर्शी और भरोसेमंद बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में आधुनिक तकनीक का अधिक से अधिक इस्तेमाल किया जाएगा। इसी उद्देश्य से सरकार ने देश के जाने-माने तकनीकी विशेषज्ञ नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में एक हाई पावर टास्क फोर्स बनाने का फैसला किया है। यह समिति परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए सुझाव देगी और उसकी रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही जरूरी कदम उठाए जाएंगे, ताकि आने वाली सभी परीक्षाएं निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय बन सकें।

कौन हैं नंदन निलेकणि

नंदन निलेकणि टेक्नोलॉजी क्षेत्र के दिग्गज उद्यमी हैं। उन्हें इन्फोसिस के सह-संस्थापक और आधार कार्ड के जनक के रूप में जाना जाता है। वो 2002 से 2007 तक इन्फोसिस के CEO और MD रहे। बाद में 2017 में कंपनी के चेयरमैन के रूप में भी लौटे। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 2009 में नंदन नीलेकणि को UIDAI प्रोजेक्ट का चेयरमैन बनने के लिए आमंत्रित किया। नंदन ने यह प्रस्ताव स्वीकार कर लिया। UIDAI को ‘डिजिटल इंडिया’ को आकार देने में एक अहम कदम माना जाता है। आज, आधार को दुनिया भर में सबसे बड़े बायोमेट्रिक सिस्टम के तौर पर पहचाना जाता है।

‘दोस्तों, धन्यवाद’: NEET पोस्ट पर मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद PM मोदी ने 24 घंटे में शेयर की दूसरी रील

PM Modi Instagram Reel: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को 24 घंटे के अंदर अपनी दूसरी इंस्टाग्राम रील शेयर की। इसमें उन्होंने NEET पेपर लीक और परीक्षा में धोखाधड़ी के खिलाफ सरकार की प्रस्तावित सख्त कार्रवाई पर अपनी पिछली सोशल मीडिया पोस्ट को मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के लिए लोगों का शुक्रिया अदा किया।

इस छोटे से वीडियो में, PM मोदी ने गुरुवार रात सोशल मीडिया पर वायरल हुए अपने सेल्फी-स्टाइल वीडियो के बाद लोगों से मिले समर्थन, फीडबैक और सुझावों के लिए उनका आभार जताया।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “दोस्तों, आपका धन्यवाद। कल रात मुझे आपसे जुड़ने का मौका मिला। मैंने जो वीडियो पोस्ट किया था, उस पर आपकी प्रतिक्रिया और आपके सकारात्मक सुझावों के लिए धन्यवाद। सभी का शुक्रिया। मुझे उम्मीद है कि आपका प्यार और समर्थन बना रहेगा और हमारा रिश्ता और भी मजबूत और सक्रिय होगा। धन्यवाद। दोस्तों, धन्यवाद।”

यह संदेश प्रधानमंत्री मोदी द्वारा NEET पेपर लीक को लेकर चिंता जताने वाले वीडियो जारी करने के एक दिन बाद आया है, जिसमें उन्होंने छात्रों को भरोसा दिलाया था कि सरकार परीक्षा में धोखाधड़ी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। वीडियो में उन्होंने पेपर लीक को लाखों छात्रों और उनके परिवारों के लिए गहरी चिंता का विषय बताया था और घोषणा की थी कि केंद्रीय मंत्रिमंडल के माध्यम से कड़े कदम उठाए जाएंगे।

बता दें की यह मैसेज उसी दिन आया, जब NEET पेपर लीक पर PM मोदी के पहले इंस्टाग्राम वीडियो को 300 मिलियन से ज्यादा बार देखा गया। इस वीडियो का शीर्षक “कल कैबिनेट में पेपर लीक के खिलाफ और सख्त कदम उठाए जाएंगे!” था। इस वीडियो की वजह से प्रधानमंत्री को 24 घंटे से भी कम समय में इंस्टाग्राम पर दस लाख (1 मिलियन) फॉलोअर्स भी मिले।

यह घटनाक्रम कैबिनेट की एक अहम बैठक के दौरान हुआ, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्रीय मंत्रियों से सोशल मीडिया पर सरकार की मौजूदगी मजबूत करने और इन प्लेटफॉर्म्स के जरिए लोगों तक अपनी पहुंच बढ़ाने को कहा।

जानकारी के अनुसार, यह बैठक ऐसे समय में हुई जब NEET पेपर लीक पर उनके वीडियो को 300 मिलियन से ज्यादा बार देखा जा चुका था और उन्हें एक दिन से भी कम समय में लगभग दस लाख इंस्टाग्राम फॉलोअर्स मिले थे।

यह भी पढ़ें: CJP Protest: दिल्ली में आज भी बंद रहेंगे 17 मेट्रो स्टेशन, घर से निकलने से पहले देख लें ये पूरी लिस्ट

NEET पेपर लीक पर पीएम मोदी ने क्या कहा? किरन रिजिजू ने सब बताया

NEET paper leak: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने NEET पेपर लीक मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि ऐसी घटनाओं को रोकना केवल सरकार ही नहीं, बल्कि पूरे देश की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं में शामिल दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार 21 जुलाई को एनडीए संसदीय दल की ‘मंगल मिलन’ बैठक के बाद प्रधानमंत्री के हवाले से बताया कि देश में परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। पीएम मोदी ने ऐसी व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया, जिससे पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “NEET परीक्षा के बारे में प्रधानमंत्री ने बताया कि गड़बड़ी की खबरें मिलने पर सरकार ने तुरंत कार्रवाई की, तेरह लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। इसके अलावा, छात्रों के भविष्य को प्राथमिकता देते हुए, बिना किसी देरी के दोबारा परीक्षा कराई गई और नतीजे घोषित किए गए… उन्होंने भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए उठाए जा रहे कड़े कदमों के बारे में भी बताया… उन्होंने दोषियों को सजी देने और मिलकर एक ऐसी व्यवस्था बनाने पर ज़ोर दिया जिसमें कोई कमी न हो।”

उन्होंने आगे कहा, “NDA चल रहे मीनसून सत्र के दौरान सकारात्मक भूमिका निभाएगा। देश के हित में लाए जाने वाले बिलों को पारित कराने के हमारे संकल्प में हम एकजुट हैं। हम विपक्ष से भी आग्रह करते हैं कि भले ही अलग-अलग पार्टियों की राय अलग-अलग हो, लेकिन वे देश, उसके भविष्य और युवाओं के लिए मिलकर काम करें।”

बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने एनडीए के सहयोगी दलों से संसद के विधायी कार्यों में एकजुट होकर सहयोग करने की अपील की। साथ ही विपक्षी दलों से भी रचनात्मक भूमिका निभाने का आग्रह करते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं। लेकिन देश के भविष्य और युवाओं के हित में सभी सांसदों की साझा जिम्मेदारी है।

प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब NEET पेपर लीक और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। सोमवार को संसद की ओर मार्च कर रहे सैकड़ों प्रदर्शनकारी छात्रों को पुलिस ने रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए और लाठीचार्ज भी किया गया। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) देश की सबसे बड़ी और प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक है। इसमें हर साल 20 लाख से अधिक छात्र शामिल होते हैं। इस वर्ष पेपर लीक के आरोपों के बाद परीक्षा को रद्द कर दिया गया था और बाद में दोबारा परीक्षा आयोजित की गई।

यह एग्जाम भारत में एमबीबीएस (MBBS), बीडीएस (BDS), बीएएमएस (BAMS), बीएचएमएस (BHMS), बीयूएमएस (BUMS) सहित विभिन्न मेडिकल कोर्स में एडमिशन के लिए आयोजित राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है। इसका आयोजन राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा किया जाता है।

इसी दौरान सीबीएसई की ऑनलाइन मूल्यांकन प्रणाली को लेकर भी विवाद सामने आया, जिसमें कई छात्रों ने गलत अंक दिए जाने और कुछ मामलों में दूसरे छात्रों के परिणाम जारी होने जैसी शिकायतें की थीं। इन घटनाओं के बाद परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।

Vikram-1 Launch: Skyroot एयरोस्पेस ने रचा इतिहास, भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट हुआ लॉन्च

शनिवार को भारत ने अपनी अंतरिक्ष यात्रा में एक अहम उपलब्धि हासिल की, जब हैदराबाद की कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस ने ‘मिशन आगमन’ के तहत श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर (SDSC-SHAR) से देश के पहले प्राइवेट तौर पर विकसित ऑर्बिटल-क्लास लॉन्च व्हीकल, ‘विक्रम-1’ को लॉन्च किया। दोपहर 12:05 बजे पहले लॉन्च पैड से हुआ यह लॉन्च, किसी भारतीय प्राइवेट कंपनी द्वारा भारतीय जमीन से रॉकेट को ऑर्बिट में भेजने की पहली कोशिश है। बता दें कि यह ग्लोबल कमर्शियल लॉन्च मार्केट में देश के प्रवेश का संकेत है।

गौरतलब है कि इस रॉकेट को असल में सुबह 11:30 बजे लॉन्च किया जाना था, लेकिन उड़ान भरने से कुछ मिनट पहले इसे थोड़ी देर के लिए रोका गया और आखिरकार यह दोपहर 12:05 बजे लॉन्च हुआ।

ISRO के चेयरमैन वी. नारायणन और ISRO के पूर्व प्रमुख एस. सोमनाथ ने श्रीहरिकोटा से विक्रम-1 की उड़ान देखी।

विक्रम-1 ध्वनी की रफ्तार से 5 गुना तेजी से उड़ान भरेगा

इस ऐतिहासिक लॉन्च के बाद, विक्रम-1 कुछ ही सेकंड में ध्वनि की रफ्तार को पार कर लेगा। उड़ान भरने के कुछ ही पलों बाद, विक्रम-1 तेजी से रफ्तार पकड़ेगा और उड़ान के सिर्फ 25 सेकंड में ध्वनि की रफ्तार (जिसे ‘मैक 1’ कहा जाता है) को पार कर लेगा।

स्काईरूट के मिशन प्रोफाइल के अनुसार, उड़ान शुरू होने के 1 मिनट 30 सेकंड के भीतर रॉकेट मैक-5 यानी ध्वनि की गति से पांच गुना तेज रफ्तार हासिल कर लेगा। इसके बाद इसका पहला चरण (फर्स्ट स्टेज) अलग हो जाएगा।

विक्रम-1 ऐतिहासिक लॉन्च के लिए तैयार

माना जा रहा है कि विक्रम-1 की टेस्ट फ्लाइट से भारत ग्लोबल प्राइवेट ऑर्बिटल लॉन्च मार्केट में कदम रखेगा। पूरी तरह से एक प्राइवेट भारतीय कंपनी द्वारा विकसित, विक्रम-1 देश का पहला प्राइवेट तौर पर बनाया गया ऑर्बिटल लॉन्च व्हीकल है और यह भारत की कमर्शियल स्पेस क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है।

लॉन्च से पहले, स्काईरूट एयरोस्पेस ने बताया कि सभी जरूरी एयरस्पेस और समुद्री मंजूरियां मिल गई हैं। इसके अलावा रॉकेट के फ्लाइट पाथ और उसके प्रभाव वाले क्षेत्रों में हवाई और समुद्री गतिविधियों पर अस्थायी प्रतिबंध भी लगाया गया है, ताकि लॉन्च को सुरक्षित और सफल तरीके से पूरा किया जा सके।

मिशन आगमन

18 नवंबर 2022 में विक्रम-S के सफल लॉन्च के बाद, ‘मिशन आगमन’ स्काईरूट एयरोस्पेस का दूसरा मिशन है। विक्रम-S भारतीय जमीन से अंतरिक्ष में पहुंचने वाला पहला प्राइवेट तौर पर बनाया गया रॉकेट था।

शनिवार को होने वाले लॉन्च से पहले, कंपनी ने लॉन्च पैड पर विक्रम-1 के सभी स्टेज के इंटीग्रेशन और स्टैकिंग का काम पूरा कर लिया था। इसके बाद रॉकेट की फाइनल जांच, टेलीमेट्री इंटरफेस का वेरिफिकेशन और रडार ट्रैकिंग टेस्ट किए गए।

यह भी पढ़ें: PM Modi ने Vikram-1 मिशन को बताया ऐतिहासिक, युवाओं से की लॉन्च देखने की अपील

‘पंजाब में ‘कट्टर बेईमान’ पार्टी का राज…’, जालंधर से PM मोदी का AAP सरकार पर बड़ा हमला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने AAP को “कट्टर बेईमान” पार्टी बताते हुए आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था, ड्रग्स, भ्रष्टाचार और जनता के पैसे के गलत इस्तेमाल जैसे मुद्दों पर सरकार पूरी तरह विफल रही है।

जालंधर में ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत 20 राज्यों में 75 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास कार्यों का उद्घाटन करने के बाद पीएम मोदी ने पंजाब के इतिहास का जिक्र करते हुए अपनी बात शुरू की। उन्होंने कहा, “यह ‘शेर-ए-पंजाब’ महाराजा रणजीत सिंह की धरती है… लेकिन आज पंजाब में जो हो रहा है, वह किसी से छिपा नहीं है। यहां विज्ञापनों के जरिए धोखे की सच्चाई को छिपाने की कोशिश की जा रही है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य में अपराध और जबरन वसूली का बोलबाला है।

उन्होंने कहा, “आज पंजाब में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। कोई नहीं बता सकता कि कब और कहां गैंगवार छिड़ जाए या किस तरफ से गोलियां चलने लगें।” उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस स्टेशन तक सुरक्षित नहीं हैं और उन पर “अक्सर हमले” होते रहते हैं।

पंजाब के युवाओं को ड्रग्स से सबसे ज्यादा नुकासन

प्रधानमंत्री कहा कि पंजाब के युवाओं को सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है। सबसे दुखद बात यह है कि पंजाब का भविष्य बर्बाद हो रहा है। ड्रग्स बेचने वाले खुलेआम घूम रहे हैं और पंजाब के युवाओं को नशे की दलदल में धकेल रहे हैं।

अपने हमले को और तेज करते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि पार्टी के कामकाज में ईमानदारी और सच्चाई की कमी है। उन्होंने कहा, “जनता की सेवा के लिए ईमानदार इरादों और सच्चाई की भावना की जरूरत होती है। लेकिन पंजाब में अभी जो पार्टी सत्ता में है, उसमें ये दोनों ही चीजे नहीं हैं। इसे ‘कट्टर बेईमान पार्टी’ के तौर पर जाना जाता है।”

पंजाब के लोगों को सरकार की योजनाओं का मिले लाभ

प्रधानमंत्री ने कहा, “केंद्र सरकार यह पक्का करने की हर मुमकिन कोशिश कर रही है कि पंजाब के लोगों को उसकी सभी योजनाओं का फायदा मिले। फिर भी, इस ‘कट्टर बेईमान पार्टी’ के राज में खुलेआम लूट मची हुई है। पिछले 12 सालों में, केंद्र ने पंजाब को लाखों करोड़ रुपये भेजे हैं… लेकिन पंजाब सरकार इस पैसे का सही इस्तेमाल नहीं कर पाई।”

उन्होंने आगे कहा, “और तो और, यह लूट उधार के पैसे से चल रही है। पंजाब के नाम पर कर्ज लिए जा रहे हैं। जहां राज्य का बजट इस कर्ज के ब्याज चुकाने में ही खर्च हो जाता है, वहीं सरकार चलाने वाले उसी पैसे पर ऐश कर रहे हैं।”

पीएम मोदी ने कोर्ट के फैसले को लेकर आप सरकार पर साधा निशाना

पीएम मोदी ने आम आदमी पार्टी पर गुजरात कोर्ट के हालिया फैसले को लेकर भी निशाना साधा है, जो पार्टी के एक विधायक के खिलाफ था। उन्होंने कहा कि यह मामला सरकारी अधिकारियों के साथ मारपीट और जबरन वसूली से जुड़ा था।

उन्होंने कहा, “कुछ दिन पहले ही गुजरात की एक अदालत ने उनके एक विधायक को 7 साल की जेल की सजा सुनाई। यह सजा सरकारी अधिकारियों के साथ मारपीट और जबरन वसूली के मामले में सुनाई गई। जबरन वसूली और अवैध कब्जा उनके राजनीतिक सिस्टम की पहचान बन गई है।”

AAP नेताओं पर लगे कई कानूनी मामलों का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “अभी कई लोग ऐसे ही कई मामलों में जमानत पर बाहर हैं। पंजाब को ही देख लीजिए: जिसे स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया था, उसे रिश्वतखोरी के कारण हटाना पड़ा। एक मंत्री पर मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर आरोप हैं। उनके विधायक रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़े जा रहे हैं। अगर हम इसी तरह गिनती करें, तो उनकी सरकार और पार्टी में बहुत कम लोग ऐसे मिलेंगे जिन पर कोई दाग न हो।”

आम आदमी पार्टी का ‘असली चेहरा’ आया सामने

AAP के पुराने वादों और कामकाज के रिकॉर्ड की आलोचना करते हुए PM मोदी ने कहा कि अब पार्टी का ‘असली चेहरा’ सबके सामने आ गया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आज पंजाब में जो लोग सत्ता में हैं, वे कभी बड़े घमंड से कहते थे कि वे देश की राजनीति बदल देंगे। लेकिन आज पूरा देश उनका असली चेहरा देख रहा है।”

उन्होंने आगे कहा, “सिर्फ 2-3 दिन पहले दिल्ली की एक अदालत ने उनकी पार्टी से जुड़े एक नेता को दोषी ठहराया है। उन पर (ताहिर हुसैन) दंगे भड़काने और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के एक अधिकारी की हत्या जैसे गंभीर आरोप हैं। इसके बावजूद वे अदालत के फैसले पर सवाल उठा रहे हैं और इसे धर्म और आस्था के नजरिए से देख रहे हैं, क्योंकि उनका वोट बैंक प्रभावित हो रहा है।”

प्रधानमंत्री ने 5,470 करोड़ रुपये से ज्यादा की परियोजनाओं का किया उद्घाटन

बता दें कि इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जालंधर में 5,470 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत वाली रेल और सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का उद्घाटन किया और उनकी आधारशिला रखी। साथ ही उन्होंने ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत जालंधर कैंट समेत 75 नए रूप में तैयार किए गए रेलवे स्टेशनों का भी उद्घाटन किया।

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 20 राज्यों में 75 अमृत स्टेशनों का उद्घाटन एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। यह योजना दुनिया के सबसे बड़े रेलवे स्टेशन पुनर्विकास कार्यक्रमों में से एक है।

लगभग 1,570 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इन स्टेशनों को आधुनिक और यात्रियों के लिए सुविधाजनक सुविधाओं में बदला गया है। ‘विरासत भी, विकास भी’ की भावना के साथ रीडेवलप किए गए इन स्टेशनों में स्थानीय संस्कृति, विरासत और आर्किटेक्चर की झलक मिलती है।

यह भी पढ़ें: प्लेटफॉर्म टिकट से भी सस्ता! भारत की पहली हाईड्रोजन ट्रेन का किराया जानकर रह जाएंगे हैरान

Prambanan Temple: 1000 साल पुराने प्रम्बानन मंदिर जाएंगे पीएम मोदी, जानिए भारत-इंडोनेशिया के रिश्तों में क्यों है इसकी खास अहमियत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ योग्याकार्ता शहर में स्थित प्रसिद्ध प्रम्बानन मंदिर का दौरा करेंगे। इस दौरान भारत और इंडोनेशिया मिलकर करीब 1,000 साल पुराने इस ऐतिहासिक मंदिर के संरक्षण और मरम्मत के काम की शुरुआत करेंगे। प्रम्बानन मंदिर दोनों देशों की साझा संस्कृति, इतिहास और प्राचीन सभ्यता का एक महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है।

1000 साल पुराना है मंदिर

इसका उद्देश्य भारत और इंडोनेशिया के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रिश्तों को और मजबूत बनाना है। इस परियोजना के जरिए दोनों देश अपनी प्राचीन विरासत की रक्षा करने के साथ-साथ आपसी सहयोग और रणनीतिक संबंधों को भी आगे बढ़ाना चाहते हैं। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ संयुक्त बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “कल मुझे राष्ट्रपति प्रबोवो के साथ प्रम्बानन मंदिर संरक्षण परियोजना की शुरुआत करने का अवसर मिलेगा। करीब 1,000 साल पुराना प्रम्बानन मंदिर भारत और इंडोनेशिया की साझा सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण प्रतीक है।”

इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिन्दू मंदिर

प्रम्बानन इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर परिसर माना जाता है। यह देश की सबसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों में से एक है। इस विशाल मंदिर परिसर का निर्माण 9वीं सदी में मतारम साम्राज्य के समय हुआ था। उस दौर में यहां करीब 240 मंदिर थे। समय के साथ इनमें से कई मंदिर टूट-फूट गए और आज उनके अवशेष ही बचे हैं। इतिहास के अनुसार, इस मंदिर का निर्माण हिंदू संजय राजवंश के राजा राकाई पिकाटन ने कराया था। उस समय मध्य जावा में बौद्ध शैलेंद्र राजवंश का भी काफी प्रभाव था। शैलेंद्र राजवंश ने बोरोबुदुर समेत कई बड़े बौद्ध स्मारकों का निर्माण कराया था।

जानें मंदिर का इतिहास

इतिहासकारों के अनुसार, प्रम्बानन मंदिर का निर्माण उस समय हुआ, जब इस क्षेत्र में फिर से हिंदू धर्म को मजबूत करने की कोशिश की जा रही थी। यह मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं था, बल्कि राजसत्ता, एकता और शासन की ताकत का भी प्रतीक माना जाता था। उस समय राजा को ईश्वर का प्रतिनिधि माना जाता था। धीरे-धीरे प्रम्बानन मंदिर साम्राज्य का प्रमुख धार्मिक और राजनीतिक केंद्र बन गया। प्रम्बानन मंदिर परिसर का सबसे बड़ा आकर्षण 47 मीटर ऊंचा भगवान शिव को समर्पित शिव महादेव मंदिर है। यह पूरे परिसर की सबसे ऊंची इमारत है। इसके अलावा यहां भगवान विष्णु और भगवान ब्रह्मा को समर्पित दो प्रमुख मंदिर भी मौजूद हैं।

भूकंप से हुआ था मंदिर का भारी नुकसान

साल 1991 में प्रम्बानन मंदिर को उसकी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और शानदार वास्तुकला के कारण यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया था। यह दुनिया के सबसे सुंदर हिंदू मंदिर परिसरों में से एक माना जाता है और हर साल यहां हजारों देशी-विदेशी पर्यटक घूमने आते हैं। भूकंप से नुकसान होने के बावजूद इस मंदिर की ऐतिहासिक पहचान को बचाने के लिए समय-समय पर बड़े स्तर पर मरम्मत और संरक्षण का काम किया गया है।

प्रम्बानन मंदिर की पत्थर की दीवारों पर रामायण की कहानी को बेहद सुंदर नक्काशी के जरिए उकेरा गया है। श्रद्धालु और पर्यटक मंदिर की परिक्रमा करते हुए इन चित्रों के माध्यम से पूरी रामायण की कथा को क्रमवार देख सकते हैं। इंडोनेशिया की संस्कृति में भी रामायण का विशेष महत्व है। यहां प्रम्बानन मंदिर की भव्य पृष्ठभूमि में रामायण बैले का मंचन किया जाता है, जो इस सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखता है।

पीएम मोदी करेंगे दौरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रम्बानन मंदिर दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब भारत और इंडोनेशिया के बीच सांस्कृतिक, रणनीतिक और आर्थिक सहयोग लगातार बढ़ रहा है। इस ऐतिहासिक मंदिर के संरक्षण और मरम्मत की परियोजना से दोनों देशों के सदियों पुराने सांस्कृतिक रिश्ते और साझा विरासत को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।