हेल्थकेयर और छोटी एनबीएफसी स्टॉक्स में निवेश से होगा फायदा, एक्सपर्ट प्रंशात खेमका की सलाह

शेयर बाजार का सेंटिमेंट पॉजिटिव हो रहा है। व्हाइटओक कैपिटल ग्रुप के फाउंडर प्रशात खेमका का कहना है कि इनवेस्टर्स को अभी अच्छी क्वालिटी वाली कंपनियों के शेयरों पर फोकस करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि व्हाइटओक खुद लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक्स में ऐलोकेशन बदलने की जगह सिर्फ उन बिजनेसेज की पहचान पर फोकस करती है, जिनका प्रदर्शन लगातार बेहतर रह सकता है।

लंबे समय तक चढ़ने के बाद अब एआई स्टॉक्स पर दबाव

उनका मानना है कि अलग-अलग मार्केटकैप वाले शेयरों का प्रदर्शन साइकिल में अलग-अलग समय पर अच्छा रहता है। इसलिए उन शेयरों की पहचान करना मुश्किल हो जाता है जिनमें हमेशा बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता होती है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक चढ़ने के बाद अब AI से जुड़े शेयरों पर दबाव दिख रहा है।

एआई शेयरों में निवेश घटने पर भारत का फायदा

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ हफ्तों में आर्टफिशियल इंटेलिजेंस शेयरों को लेकर सेंटिमेंट कमजोर हुआ है। फिर भी, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि यह ट्रेंड जारी रहेगा। भारत को तब फायदा हुआ है, जब दुनिया में इनवेस्टर्स ने एआई से जुड़ी कंपनियों में अपने निवेश घटाए हैं। हाल में दक्षिण कोरिया के बाजारों में बड़ी गिरावट दिखी। इसमें चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में गिरावट का बड़ा हाथ था।

लंबी अवधि के लिहाज से टेक्नोलॉजी सेक्टर का आउटलुक पॉजिटिव

खेमका ने कहा कि लंबी अवधि के लिहाज से टेक्नोलॉजी सेक्टर पर अभी भी उनका आउटलुक पॉजिटिव है। उन्होंने कहा कि कंपनियां टेक्नोलॉजी पर खर्च करना जारी रखेंगी और इनका महत्व कम करने की जगह AI इंडस्ट्री के स्वरूप में बदलाव लाएगा। उन्होंने कहा कि बेहतर एग्जिक्यूशन वाली कुछ मिडकैप कंपनियां खुद को लार्जकैप कंपनियों के मुकाबले जल्द बदलने में कामयाब होंगी।

हेल्थकेयर, एनबीएफसी स्टॉक्स में दिख रहे मौके

उन्होंने हेल्थकेयर को व्हाइटओक का पंसदीदा सेक्टर बताया। उन्होंने कहा कि फार्मा, हॉस्पिटल्स और डायगोस्टिक्स में कई लिस्टेड कंपनियां हैं। इस सेक्टर में काफी डायवर्सिटी है, जिससे सुपर रिटर्न देने की क्षमता वाली कंपनियों की पहचान की जा सकती है। कुछ एनबीएफसी में भी निवेश के अच्छे मौके दिख रहे हैं। खासकर छोटी एनबीएफसी ठीक लग रही हैं, जो कम इनकम वाले ग्राहकों पर फोकस करती हैं।

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प्राइवेट डिफेंस कंपनियों के स्टॉक्स भी अट्रैक्टिव

खेमका ने कहा कि अनसेक्योर्ड लोन को लेकर बढ़ती चिंता और क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल से कई एनबीएफसी कंपनियों के शेयरों में करेक्शन दिखा है। कुछ एनबीएफसी की वैल्यूएशन अट्रैक्टिव दिख रही है। इंडस्ट्रियल्स में उन्होंने प्राइवेट सेक्टर की डिफेंस कंपनियों, कुछ कैपिटल गुड्स और मशीनरी बिजनेसेज को अट्रैक्टिव बताया।

Dividend Stock: हर शेयर पर ₹75 का बंपर डिविडेंड, 7 जुलाई से पहले बन गए शेयरहोल्डर तो ही मिलेगा फायदा

सेरा सैनिटरीवेयर के शेयरहोल्डर्स को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 75 रुपये प्रति शेयर का शानदार डिविडेंड मिलने वाला है। इसके लिए रिकॉर्ड डेट 7 जुलाई है। इस तारीख से एक दिन पहले मार्केट क्लोजिंग तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज हो चुके होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे। इस डिविडेंड को कंपनी के बोर्ड ने मई में मंजूरी दी थी।

​डिविडेंड पर 23 जुलाई को कंपनी की सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। उसके बाद पेमेंट किया जाएगा। कंपनी के शेयर की फेस वैल्यू 5 रुपये है। वित्त वर्ष 2025 के लिए शेयरहोल्डर्स को 65 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड मिला था। सेरा सैनिटरीवेयर टाइल्स, सैनिटरीवेयर, फॉसेट्स, किचन सिंक, मिरर, शॉवर पैनल, शॉवर एनक्लोजर आदि के बिजनेस में है।

Cera Sanitaryware शेयर 3 महीनों में 38 प्रतिशत उछला

कंपनी के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 6434 रुपये है। शेयर BSE 500 इंडेक्स का हिस्सा है। कंपनी का मार्केट कैप 8300 करोड़ रुपये के करीब है। शेयर 3 महीनों में 38 प्रतिशत उछला है। वहीं एक महीने में 15 प्रतिशत मजबूत हुआ है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 7,090 रुपये और एडजस्टेड लो 4,463 रुपये है। कंपनी में मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 54.41 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

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कंपनी की वित्तीय स्थिति

जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में कंपनी का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 643.82 करोड़ रुपये रहा। इस बीच शुद्ध मुनाफा 77.34 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान स्टैंडअलोन रेवेन्यू 2,050.12 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 204.19 करोड़ रुपये रहा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IPOs This Week: 6 जुलाई से शुरू हफ्ते में खुलेंगे ₹717 करोड़ के 3 नए इश्यू, 10 कंपनियां होंगी लिस्ट

6 जुलाई से शुरू हफ्ते में देश के IPO मार्केट में हलचल बनी रहेगी। इसका कारण है कि 3 नए पब्लिक इश्यू खुलने वाले हैं। इनमें से एक मेनबोर्ड सेगमेंट से है। इसके अलावा नए सप्ताह में पहले से खुले एक IPO में भी पैसे लगाने का मौका रहेगा। लेकिन यह SME है। जहां तक शेयर बाजार में लिस्ट होने वाली नई कंपनियों की बात है तो नए शुरू हो रहे सप्ताह में 10 कंपनियों के शेयर अपनी शुरुआत करने वाले हैं। इनमें से 2 कंपनियां मेनबोर्ड सेगमेंट की हैं। आइए जानते हैं डिटेल…

नए खुल रहे IPO

Kusumgar IPO: मेनबोर्ड सेगमेंट में ₹650 करोड़ का इश्यू 8 जुलाई को खुलेगा और 10 जुलाई को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹398-₹419 प्रति शेयर और लॉट साइज 35 शेयर है। कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 15 जुलाई को हो सकती है।

Devson Catalyst IPO: यह 9 जुलाई को ओपन होगा। इसमें ₹112-₹118 प्रति शेयर के प्राइस बैंड में और 1200 शेयरों के लॉट में 13 जुलाई तक पैसे लगा सकते हैं। कंपनी ₹42.34 करोड़ जुटाना चाहती है। शेयरों की लिस्टिंग BSE SME पर 16 जुलाई को होने की उम्मीद है।

Happy Steels IPO: यह भी 9 जुलाई को खुलेगा और 13 जुलाई को बंद होगा। इश्यू का साइज ₹25 करोड़ है। प्राइस बैंड ₹62-₹66 प्रति शेयर है। लॉट साइज 2,000 शेयर है। कंपनी के शेयर NSE SME पर 16 जुलाई को शुरुआत कर सकते हैं।

पहले से खुले पब्लिक इश्यू

IC Electricals IPO: ₹47.91 करोड़ का इश्यू 3 जुलाई को खुला था। अब तक यह 7.18 गुना भरा है। प्राइस बैंड ₹94-₹99 प्रति शेयर और लॉट साइज 1,200 शेयर है। 7 जुलाई को इश्यू की क्लोजिंग के बाद शेयरों की लिस्टिंग NSE SME पर 10 जुलाई को हो सकती है।

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लिस्ट होने वाली कंपनियां

नए शुरू हो रहे सप्ताह में 6 जुलाई को मेनबोर्ड सेगमेंट में NSE और BSE पर Aastha Spintex की लिस्टिंग हो सकती है। इसी दिन BSE SME पर Adon Agro Commodities के शेयर लिस्ट होने की उम्मीद है। इसके बाद 7 जुलाई को BSE SME पर Kratikal Tech, Seemax Resources, Atharva Polyplast और Sampark India Logistics के शेयर अपनी शुरुआत कर सकते हैं। NSE SME पर Vinit Mobile और Teja Engineering Industries की लिस्टिंग होने वाली है। 8 जुलाई को NSE और BSE पर Knack Packaging की लिस्टिंग हो सकती है। 10 जुलाई को NSE SME पर IC Electricals के शेयर अपनी शुरुआत कर सकते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

स्टॉक मार्केट में  लगातार तीसरे दिन तेजी, क्या अगले हफ्ते 24600 पार कर जाएगा Nifty?

यह हफ्ता शेयर बाजार के लिए अच्छा रहा। 3 जुलाई को लगातार तीसरे दिन बाजार के प्रमुख सूचकांक निफ्टी और सेंसेक्स चढ़कर बंद हुए। हालांकि, बैंक निफ्टी और मिडकैप इंडेक्स में कमजोरी दिखी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि बाजार का सेंटिमेंट बेहतर हुआ है। सवाल है कि क्या निफ्टी अगले हफ्ते 24,600 का लेवल पार कर जाएगा?

लंबे कंसॉलिडेशन के बाद 24200 के ऊपर ब्रेकआउट

Nifty ने लंबे समय के कंसॉलिडेशन के बाद 24,200 के ऊपर ब्रेकआउट किया है। उधर, India VIX गिरकर करीब 5 महीने के सबसे निचले स्तर पर आ गया है। मोमेंटम इंडियाकेटर्स में भी शुक्रवार को इम्प्रूवमेंट दिखा। हालांकि, शॉर्ट टर्म में निफ्टी के लिए 24,400 के लेवल पर रेसिस्टेंस है। यह इसका 200-डे EMA भी है। अगर निफ्टी इस रेसिस्टेंस को तोड़ देता है तो इसे 24,600 पर रेसिस्टेंस मिलेगा।

कारोबार के अंतिम घंटों में मुनाफावसूली से कम हुई बढ़त

शुक्रवार को निफ्टी 200 अंक चढ़कर खुला। लेकिन, कारोबार के अंतिम घटों में मुनाफावसूली देखने को मिली। इससे सुबह में 24,376 तक जाने के बावजूद यह 24,300 के लेवल के नीचे आ गया। आखिर में यह 24,271 पर क्लोज हुआ। डेली चार्ट पर इसने बेयरिश कैंडल बनाया है। हालांकि, बुलिश गैप बना हुआ है। तकनीकी रूप से यह रेसिस्टेंस लेवल के ऊपर अपसाइड ब्रेकआउट के लिहाज से स्ट्रेंथ की कमी का संकेत है।

बुल्स की ताकत धीरे-धीरे बढ़ने का संकेत

RSI दोबारा 60 के लेवल को हासिल किया है। बुलिश क्रॉसओवर में यह 60.95 तक पहुंच गया है। यह बुलिश मोमेंटम में धीरे-धीरे इम्प्रूवमेंट का संकेत है। इसके अलावा ADX इंडिकेटर पर DI+ ने DI- को क्रॉस किया है। यह इस बात का संकेत है कि धीरे-धीरे बेयर्स के मुकाबले बुल्स की ताकत बढ़ रही है। MACD हिस्टोग्राम भी मजबूती का संकेत दे रहा है, क्योंकि ग्रीन बार्स बढ़ रहे हैं।

इस हफ्ते निफ्टी में 215 अंक का उछाल

इस हफ्ते निफ्टी 215 अंक यानी 0.89 फीसदी चढ़ा है। पिछले दो हफ्तों में डोजी-लाइक फॉर्मेशन के बाद निफ्टी ने दोनों साइड शैडो के साथ लॉन्ग बुलिश कैंडल बनाया है। यह इस बात का संकेत है कि मार्केट में कंसॉलिडेशन का फेज जल्द खत्म हो सकता है। इसके बाद निफ्टी फिर से अपसाइड मोमेंटम हासिल कर सकात है। ऐसे में अगले हफ्ते 24,600 के टारगेट पर नजरें होंगी। अगला सपोर्ट 24,050 पर है।

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बैंक निफ्टी का प्रदर्शन निफ्टी 50 से कमजोर

बैंक निफ्टी का प्रदर्शन निफ्टी 50 के मुकाबले कमजोर है। शुक्रवार को यह 93 अंक गिरकर 57,938 पर बंद हुआ। हालांकि, यह अपने सभी प्रमुख मूविंग एवरेजेज से ऊपर बना हुआ है। इसका मतलब है कि इसका ओवरऑल स्ट्रक्चर पॉजिटिव है। हालांकि, इसमें आगे कंसॉलिडेशन दिख सकता है। डेली चार्ट पर इसने बेयरिश कैंडल बनाया है। बैंक निफ्टी को 58,400-58,500 के जोन में रेसिस्टेंस का सामना करना पड़ा। इस लेवल को तोड़ने के बाद यह 58,900 तक जा सकता है। गिरावट की स्थिति में इसे 57,500-57,400 के जोन में सपोर्ट मिलेगा।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

एक्स ओरेकल बेंगलुरु के एम्प्लोयी को ऐसे मिला MBA डिग्री का फायदा, 25 हजार से सीधा 1 लाख हुई सैलरी

ओरेकल के पूर्व कर्मचारी प्रदीप कन्नन अपने करियर को कॉर्पोरेट भूमिका से एंटरप्रेन्योरशिप की ओर ले जाने का श्रेय अपने MBA को देते हैं। उनका कहना है कि इस डिग्री ने उन्हें ज़रूरी बिजनेस समझ और एक मजबूत आधार दिया, साथ ही उनकी सैलरी को भी ₹25,000 से बढ़ाकर ₹1 लाख प्रति माह कर दिया। आजकल मुफ्त में सीखने के कई आधुनिक साधन मौजूद होने के बावजूद, कन्नन इस बात पर ज़ोर देते हैं कि MBA का उनकी ज़िंदगी की दिशा और एंटरप्रेन्योरशिप के सफ़र पर एक खास असर रहा है।

क्या एक डिग्री आपके करियर की दिशा पूरी तरह बदल सकती है? ऐसे समय में जब AI, YouTube और पॉडकास्ट की वजह से बिज़नेस से जुड़ी जानकारी पहले से कहीं ज़्यादा आसानी से मिल रही है, कई लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या MBA में निवेश करना अब भी फ़ायदेमंद है।

Oracle बेंगलुरु के पूर्व कर्मचारी प्रदीप कन्नन के लिए, इसका जवाब उनके अपने अनुभव से मिलता है। X पर शेयर की गई एक पोस्ट में, उन्होंने बताया कि कैसे MBA ने न सिर्फ उनकी महीने की सैलरी 25,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी, बल्कि उन्हें कॉर्पोरेट जिंदगी छोड़कर एंटरप्रेन्योर बनने का आत्मविश्वास और बिजनेस की समझ भी दी।

उन्होंने लिखा, “अगर मैंने MBA नहीं किया होता, तो मैं एंटरप्रेन्योर नहीं बन पाता। जब मैंने 2010 में MBA शुरू किया था, तब मुझे बिजनेस की कोई समझ नहीं थी। मैं दक्षिण भारत के एक टियर-3 शहर से आया था।”

कन्नन ने बताया कि MBA से उन्हें पहली बार असल में समझ आया कि बिजनेस कैसे काम करते हैं। बिजनेस स्कूल में जाने से पहले, उन्हें एंटरप्रेन्योरशिप या बिजनेस मैनेजमेंट के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। उन्होंने आगे कहा, “MBA मेरे लिए यह समझने का पहला मौका था कि बिजनेस असल में कैसे काम करते हैं। इसने मुझे एक ऐसा आधार दिया जो मैं कहीं और नहीं बना सकता था। मेरी सैलरी ₹25,000 प्रति माह से बढ़कर ₹1 लाख प्रति माह हो गई।”

हालांकि सैलरी में चार गुना बढ़ोतरी एक बड़ी उपलब्धि थी, लेकिन कन्नन का कहना है कि असली बदलाव उनकी सोच में आया। उन्होंने 2010 के सीखने के माहौल की तुलना आज उपलब्ध मौकों से भी की।

उन्होंने आगे कहा, “आज, 2026 में, आप लगभग सब कुछ ऑनलाइन सीख सकते हैं। AI आपको स्ट्रेटेजी सिखा सकता है। YouTube आपको फाइनेंस सिखा सकता है। पॉडकास्ट आपको मार्केटिंग सिखा सकते हैं। लेकिन 2010 में, ऐसी दुनिया नहीं थी। कई लोगों के लिए, MBA बस एक और डिग्री थी। मेरे लिए, इसने मेरी जिंदगी की दिशा बदल दी।”

News18 की रिपोर्ट के अनुसार, कन्नन ने कॉर्पोरेट सेक्टर में काम करना जारी रखा और फिर 2019 में एक अलग रास्ता चुनने का फैसला किया। उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी और ‘द फालूदा शॉप’ (The Falooda Shop) शुरू किया, जो पारंपरिक भारतीय ड्रिंक्स से प्रेरित एक डेज़र्ट ब्रांड है।

जो एक छोटा सा बिज़नेस शुरू हुआ था, वह अब लगभग ₹9 करोड़ की वैल्यू वाले बिज़नेस में बदल गया है। यह ब्रांड अब भारत और दुबई में 18 से ज्यादा आउटलेट चलाता है, जहां कई तरह के फालूदा, मिल्कशेक और डेजर्ट मिलते हैं।

Experts View : 24400 की दीवार पार होने पर निफ्टी में 24750 का लेवल मुमकिन, 24150-24100 के जोन में तत्काल सपोर्ट

सुदीप शाह

निफ्टी आज गैप-अप के साथ खुला और ज्यादातर समय एक सीमित दायरे में ही रहा,जिसमें 24370–24380 का ज़ोन एक मज़बूत इंट्राडे रेजिस्टेंस के तौर पर काम कर रहा था। दूसरे हाफ में,इंडेक्स दिन के निचले स्तर से नीचे आ गया और खुलने के समय बने गैप का एक छोटा हिस्सा भर दिया और आखिर में 0.39% की बढ़त के साथ 24271 पर बंद हुआ। डेली चार्ट पर,निफ्टी ने 13 सेशन और 477 अंकों के कंसोलिडेशन रेंज को तोड़ दिया है। इससे अपट्रेंड के फिर से शुरू होने का संकेत मिल रहा है। RSI ने 60 का स्तर फिर से हासिल कर लिया है,जो बुलिश मोमेंटम में धीरे-धीरे सुधार का संकेत है। इसके अलावा,ADX इंडिकेटर पर DI+ ने DI- को पार कर लिया है,जिससे पता चलता है कि बुल्स धीरे-धीरे बेयर्स पर बढ़त बना रहे हैं।

सेक्टर के हिसाब से देखें तो निफ्टी रियल्टी सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा। उसके बाद निफ्टी हेल्थकेयर का नंबर रहा। दूसरी ओर,निफ्टी PSU बैंक सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा,जिसके बाद निफ्टी एनर्जी का नंबर रहा। स्टॉक्स की बात करें तो HCL टेक और मैक्स हेल्थ सबसे ज्यादा बढ़त वाले दो स्टॉक रहे,जबकि एक्सिस बैंक और SBI में गिरावट दर्ज की गई।

निफ्टी मिडकैप इंडेक्स ने एक बड़ी’बेयरिश कैंडल’बनाई,जिसने पिछले सेशन की कैंडल को पूरी तरह से ढक लिया। यह हालिया पुलबैक के बाद प्रॉफिट बुकिंग को दिखाता है। निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स की शुरुआत तो मज़बूत रही,लेकिन यह अपनी बढ़त बनाए नहीं रख सका और धीरे-धीरे नीचे गिरकर फ्लैट नोट पर बंद हुआ।

ब्रॉडर मार्केट में प्रॉफिट बुकिंग के बावजूद,मिडकैप और स्मॉलकैप दोनों इंडेक्स अपने अहम मूविंग एवरेज से काफी ऊपर ट्रेड कर रहे हैं,जो दिखाता है कि तेजी का ट्रेंड मजबूती से बना हुआ है।

दिन के आखिर में मार्केट की ब्रेथ मज़बूत रही,हालांकि एडवांस-डिक्लाइन रेश्यो थोड़ा मंदडियों के पक्ष में झुका हुआ था। निफ्टी 500 इंडेक्स के कुल शेयरों में से 257 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए।

आगे की बात करें तो,निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 24400-24450 के जोन में है। अगर निफ्टी इस जोन के ऊपर टिकता है तो यह 24600 और उसके बाद शॉर्ट टर्म में 24750 तक जा सकता है। वहीं दूसरी ओर निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 24150-24100 के जोन में है।

बैंक निफ्टी व्यू

बैंक निफ्टी का प्रदर्शन बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी के मुकाबले कमजोर रहा। हालांकि इसकी शुरुआत अच्छी रही,लेकिन शुरुआती बढ़त पहली कैंडल में ही खत्म हो गई और पूरे सेशन के दौरान यह नीचे की ओर खिसकता रहा,अंत में 0.16% की गिरावट के साथ 57939 पर बंद हुआ।

डेली चार्ट पर,बैंक निफ्टी ने एक बड़ी बेयरिश कैंडल बनाई। इंडेक्स रिलेटिव रोटेशन ग्राफ (आरआरजी) पर कमजोर होते क्वाड्रेंट में प्रवेश कर चुका है,जो ब्रॉडर मार्केट के मुकाबले रिलेटिव स्ट्रेंथ बनाए रखने के बावजूद गति में कमी का संकेत देता है। वहीं,आरएसआई साइडवेज बना हुआ है,जो मौजूदा कंसोलीडेशन फेज को और मजबूत करता है।

आगे बैंक निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 58400-58500 के जोन में है। अगर यह इस जोन के ऊपर टिकता है,तो बैंक निफ्टी का पुलबैक 58900 और उसके बाद शॉर्ट टर्म में 59300 तक बढ़ सकता है। दूसरी ओर,बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 57500-57400 जोन में है।

 

सुदीप शाह SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड हैं.

 

Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 6 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

 

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सरकार जल्द नई गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम का कर सकती है ऐलान, जानिए क्या है पूरा प्लान

सरकार नई गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम का ऐलान कर सकती है। मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने यह बताया। इस बारे में आधिकारिक घोषणा दो हफ्ते के अंदर हो सकती है। सूत्रों ने बताया कि इस स्कीम के तहत 1,000 टन से ज्यादा सोना आने की उम्मीद है।

नई स्कीम में ज्वेलर्स होंगे कलेक्शन पार्टनर्स

देशभर के ज्वेलर्स को नई स्कीम में बतौर ‘कलेक्शन पार्टनर्स’ शामिल किया जा सकता है। उन्हें परिवारों से गोल्ड डिपॉजिट लेने की इजाजत होगी। पहले सिर्फ बैंकों को इसकी इजाजत थी। ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन (AIJGF) ने कहा, “प्रस्तावित फ्रेमवर्क के तहत नई गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम में बतौर कलेक्शन पार्टनर्स शामिल किया जा सकता है।”

गोल्ड के इंपोर्ट में कमी लाने में मिल सकती है मदद

देश में ज्वेलर्स से जुड़ी संस्थाओं ने सरकार से गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम में बदलाव करने की गुजारिश की है। गोल्ड का इंपोर्ट घटाने के लिए उनका जोर ऐसे सॉल्यूशंस पर है, जिसका खराब असर इस सेक्टर से जुड़े लोगों की रोजीरोटी पर नहीं पड़े। अगर देश में परिवारों में रखा 5 फीसदी सोना भी मॉनेटाइज होता है तो इससे 90 अरब डॉलर की लिक्विडिटी मुमकिन हो सकती है।

पीएम मोदी ने की थी सोना नहीं खरीदने की अपील

हाल में प्रधानमंत्री ने देश के लोगों से एक साल तक सोना नहीं खरीदने की अपील की थी। इंडिया दुनिया में सोने की सबसे ज्यादा खपत वाले देशों में शामिल है। भारत में ज्वेलरी के साथ ही सुरक्षित निवेश के लिए लोग सोना खरीदते हैं। ज्वेलरी के खरीदने से सोने का ज्यादा इस्तेमाल नहीं हो पाता है। इसलिए गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम के जरिए काफी सोना आ सकता है।

2015 में हुई थी गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम की शुरुआत

सरकार ने 2015 में गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम (GMS) की शुरुआत की थी। इसका मकसद सोने के इंपोर्ट में कमी लाकर करेंट अकाउंट डेफिसिट को घटाना था। इनवेस्टर्स को फिजिकल गोल्ड खरीदने की जगह गोल्ड स्कीम का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया गया था। इनवेस्टर्स अपना सोना बैंक लॉकर्स में डिपॉजिट कर 2.25 से 2.5 फीसदी इंटरेस्ट कमा सकते हैं। विड्रॉल के समय इनवेस्टर्स के पास फिजिकल गोल्ड या उसके बराबर पैसा वापस लेने की इजाजत थी।

पुरानी स्कीम में 10 सालों में सिर्फ 38 टन सोना आया

स्कीम की शुरुआत के 10 साल बाद तक सिर्फ 38 टन सोना ही आ सका। यह इंडिया में परिवारों के पास रखे कुल सोना का बहुत कम हिस्सा है। इंडिया में परिवारों के पास 25,000 टन सोना होने का अनुमान है। सरकार ने स्कीम में मीडियम टर्म और लॉन्ग टर्म डिपॉजिट रोक दी थी। इस स्कीम में इनवेस्टर्स को इंटरेस्ट का पेमेंट सरकार करती है। इस वजह से यह स्कीम सरकार के लिए नुकसानदेह रही।

पुरानी स्कीम में सरकार को उठाना पड़ा लॉस

ट्रेडबुल्स सिक्योरिटीज के भाविक पटेल ने कहा, “आखिर में सरकार को इस स्कीम में लॉस उठाना पड़ा। सरकार को सोने की कीमतों में आए तेजी का बोझ उठाना पड़ता था। साथ ही उसे इनवेस्टर्स को सालाना 2 फीसदी इंटरेस्ट चुकाना पड़ता था।” यह स्कीम हेज्ड (Hedged) नहीं थी, जिससे विड्रॉल के समय सरकार को सोने की कीमतों में हुई वृद्धि का बोझ उठाना पड़ता था।

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इन वजहों से असफल रही पुरानी स्कीम

इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का मानना है कि स्ट्रक्चरल वजहों से गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम विफल रही। AIJGF ने कहा कि इस स्कीम में दिलचस्पी दिखाने के लिए बैंकों को किसी तरह के इनसेंटिव की व्यवस्था नहीं थी। नई गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम से गोल्ड के इंपोर्ट पर निर्भरता में कमी आ सकीत है। साथ ही घरों में बेकार पड़े सोने का इस्तेमाल इकोनॉमी के हित में हो सकेगा।

Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 6 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 3 जुलाई को भारतीय इक्विटी इंडेक्स लगातार तीसरे सेशन में बढ़त के साथ बंद हुए और निफ्टी 24,250 के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहा। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 261.79 अंक या 0.34 प्रतिशत बढ़कर 77,763.91 पर और निफ्टी 95.15 अंक या 0.39 प्रतिशत बढ़कर 24,270.85 पर बंद हुआ। आज लगभग 2182 शेयरों में बढ़त हुई,1879 शेयरों में गिरावट आई और 188 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज़्यादा बढ़त वाले शेयरों में HCL टेक्नोलॉजीज,मैक्स हेल्थकेयर,बजाज फिनसर्व,अपोलो हॉस्पिटल्स और डॉ.रेड्डीज़ लैब्स शामिल रहे। जबकि, गिरावट वाले शेयरों में एक्सिस बैंक,M&M, SBI,L&T और टेक महिंद्रा शामिल रहे।

अलग-अलग सेक्टर का प्रदर्शन मिलाजुला रहा। निफ्टी रियल्टी सबसे ज़्यादा बढ़त वाला सेक्टर रहा,जिसमें 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इसके बाद निफ्टी IT(1.7 प्रतिशत),निफ्टी फार्मा (1.7 प्रतिशत)और निफ्टी मेटल (0.7 प्रतिशत) की बढ़त के साथ बंद हुए। दूसरी ओर निफ्टी PSU बैंक में सबसे ज़्यादा गिरावट (1.5 प्रतिशत) आई। इसके बाद निफ्टी एनर्जी (-1.30 प्रतिशत),निफ्टी ऑटो (-0.4 प्रतिशत),निफ्टी मीडिया (-0.4 प्रतिशत), निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (-0.3 प्रतिशत) और निफ्टी बैंक (-0.16 प्रतिशत) का नंबर रहा।

निफ्टी मिडकैप इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ,जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स बिना किसी बड़े बदलाव के सपाट स्तर पर बंद हुआ।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि बीच-बीच में उतार-चढ़ाव और प्रॉफ़िट-बुकिंग के बावजूद,घरेलू बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। बाजार को अच्छे ग्लोबल संकेतों से मदद मिली। US लेबर मार्केट के नरम आंकड़ों के बाद ब्याज दरों के माहौल में नरमी आने की उम्मीदें बढ़ीं हैं। भारत-जापान समिट के अच्छे नतीजों और IT सेक्टर में लगातार रिकवरी से भी बाजार का मूड बेहतर हुआ। घरेलू मोर्चे पर,कच्चे तेल की कीमतों में नरमी एक अहम पॉजिटिव फ़ैक्टर है। आगे चलकर बाजार का फोकस वित्त वर्ष 2027 के पहली तिमाही के नतीजों और कंपनियों के मैनेजमेंट की कमेंट्री पर रहेगा। मॉनसून पर भी बाजार की नजर रहेगी। आगे बाजार में गिरावट पर खरीदारी का रुख बने रहने की संभावना है।

निफ्टी व्यू

कोटक सिक्योरिटीज के VP टेक्निकल रिसर्च,अमोल अठावले का कहना है कि इस हफ्ते बेंचमार्क इंडेक्स में अच्छी बढ़त रही। निफ्टी 0.89 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ है। जबकि सेंसेक्स में 663 अंकों की तेजी रही। सेक्टरों की बात करें तो रियल्टी इंडेक्स ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया और इसमें 7.20 प्रतिशत की बढ़त हुई,जबकि एनर्जी इंडेक्स में 1.40 प्रतिशत की गिरावट आई। टेक्निकल नज़रिए से देखें तो शॉर्ट-टर्म करेक्शन के बाद निफ्टी ने एक बार फिर 23,800 के आसपास सपोर्ट लिया और तेजी से ऊपर की ओर बढ़ा। वीकली चार्ट पर, इसने एक बुलिश कैंडल बनाया है और’हायर बॉटम’फॉर्मेशन भी बनाए रखा है,जो काफी हद तक पॉजिटिव संकेत है।

शॉर्ट-टर्म के लिए मार्केट का मिजाज पॉजिटिव है,लेकिन ट्रेडर्स के लिए सबसे अच्छी रणनीति गिरावट पर खरीदारी और तेज़ी पर बिकवाली की होगी। नीचे की तरफ,24,150-24,000 अहम सपोर्ट जोन होंगे। जबकि बुल्स के लिए 24,500-24,700 अहम रेजिस्टेंस एरिया होंगे। हालांकि,24,000 के नीचे जाने पर मार्केट का सेंटीमेंट बदल सकता है। 24,000 के नीचे गिरावट आने पर 23,800-23,750 के लेवल दोबारा टेस्ट हो सकते हैं।

बैंक निफ्टी व्यू

एलकेपी सिक्योरिटीज में तकनीकी विश्लेषक वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी ने वीकली चार्ट पर एक छोटी कैंडलस्टिक बनाकर हफ़्ते की क्लोजिंग की। जबकि डेली चार्ट हालिया तेजी के बाद एक सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव (रेंज-बाउंड कंसोलिडेशन) का संकेत दे रहा है। इस कंसोलिडेशन के बावजूद,मार्केट का ओवरऑल रुख बुलिश बना हुआ है। इंडेक्स अपने अहम मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है। यह बड़ा पॉजिटिव संकेत है।

इंडेक्स के लिए तत्काल सपोर्ट 57,500–57,200 के लेवल पर हैं। जबकि रेजिस्टेंस 58,500–58,800 के आसपास दिख रहा है। अच्छे रिस्क-रिवॉर्ड रेश्यो के लिए ट्रेडर्स सपोर्ट जोन के पास गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपना सकते हैं। जब इंडेक्स रेजिस्टेंस जोन के पास पहुेचे तो प्रॉफ़िट बुकिंग करने की सलाह होगी।

अमोल अठावले का कहना है कि बैंक निफ्टी के लिए हायर बॉटम सपोर्ट 57,500 के आस-पास है। इस लेवल के ऊपर,पॉजिटिव मोमेंटम 58,700-59,000 की तरफ जारी रह सकता है। इसके विपरीत,57,500 के नीचे गिरावट आने पर अपट्रेंड कमजोर पड़ सकता है। इस लेवल के नीचे,ट्रेडर्स अपनी लॉन्ग पोजीशन से बाहर निकलना पसंद कर सकते हैं।

 

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Stock Market Rise: लगातार तीसरे दिन हरियाली, सेंसेक्स 262 अंक चढ़ा; निवेशकों की दौलत में ₹94270 करोड़ का इजाफा

शेयर बाजार में शुक्रवार, 3 जुलाई को लगातार तीसरे दिन तेजी रही। आईटी स्टॉक्स में बढ़त और अमेरिका के रोजगार आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहने के बीच सेंसेक्स और निफ्टी हरे निशान में बंद हुए। सेंसेक्स बढ़त में खुलने के बाद पिछली क्लोजिंग से 655 अंक से ज्यादा चढ़कर 78,157.52 के हाई तक गया। इसी तरह निफ्टी भी बढ़त में खुला और फिर 200 अंक से ज्यादा उछलकर 24,378.15 के हाई तक गया। बाद में सेंसेक्स 261.79 अंकों की तेजी के साथ 77,763.91 पर और निफ्टी 95.15 अंकों की बढ़त के साथ 24,270.85 पर बंद हुआ।

मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप बढ़कर 4,80,19,994.09 करोड़ रुपये हो गया। गुरुवार, 2 जुलाई को मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,79,25,723.825 करोड़ रुपये रहा था। यानि कि एक दिन में 94,270.265 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई। गुरुवार को सेंसेक्स 579.48 अंक या 0.75 प्रतिशत बढ़कर 77,502.12 पर बंद हुआ था। निफ्टी 169.85 अंक या 0.71 प्रतिशत की तेजी के साथ 24,175.70 पर बंद हुआ था।

इन प्रमुख वजहों से तेजी

अमेरिका में नौकरियों का डेटा उम्मीद से कमजोर रहने से फेडरल रिजर्व द्वारा निकट अवधि में बेंचमार्क ब्याज दरें बढ़ाए जाने को लेकर चिंता कम हुई। इससे उभरते बाजारों में जोखिम लेने की इच्छा बढ़ी। इसके अलावा एशियाई बाजारों में तेजी का भी घरेलू बाजार में सेंटिमेंट बे​हतर होने में हाथ रहा। निक्केई-225 में 1.3 प्रतिशत और सेट कंपोजिट में 1.1 प्रतिशत की तेजी है। जकार्ता कंपोजिट 2 प्रतिशत से ज्यादा उछला है। KOSPI 5.4 प्रतिशत चढ़ा है। हेंगसेंग में भी लगभग 1 प्रतिशत की तेजी है। एक वजह यह भी है कि मार्केट के उतार-चढ़ाव को दर्शाने वाले India VIX में लगभग 4 प्रतिशत की गिरावट आई है। यह दर्शाता है कि बाजार में अनिश्चितता और जोखिम की आशंका कम हुई है, जो आमतौर पर इक्विटी बाजार के लिए अच्छा माना जाता है।

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रुपये की चाल

रुपया शुक्रवार को 14 पैसे मजबूत होकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.21 (अस्थायी) पर रहा। डॉलर सूचकांक के पिछले 15 महीनों के उच्च स्तर से नीचे आने से घरेलू मुद्रा को बल मिला। रुपया गुरुवार को 19 पैसे की गिरावट के साथ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.35 पर बंद हुआ था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Totapuri Mango Price Crash: तोतापरी आम के दामों में भारी गिरावट की टेंशन! अब इसके लिए हाई लेवल कमेटी का ऐलान

आंध्र प्रदेश में तोतापरी आम की कीमतों में आई भारी गिरावट और इसके कारण किसानों के बीच पैदा हुए संकट को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्र सरकार ने इस समस्या के अध्ययन के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के तहत एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हाल ही में आंध्र प्रदेश का दौरा किया था। इस दौरे के दौरान किसानों ने उनके सामने पिछले कुछ महीनों में तोतापरी आम की कीमतों में आई भारी गिरावट का मुद्दा उठाया था। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक किसानों ने बताया कि मुख्य रूप से प्रोसेसिंग इंडस्ट्री के लिए उगाए जाने वाले इस आम के दाम गिरने से उनकी इनकम पर बहुत बुरा असर पड़ा है। किसानों की इसी चिंता को देखते हुए कृषि मंत्री ने कमेटी गठन करने का आदेश जारी किया।

वैल्यू चेन की पूरी समीक्षा करेगी वैज्ञानिकों की कमेटी

कृषि मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक वैज्ञानिकों और संबंधित संस्थानों के प्रतिनिधियों को मिलाकर बनाई गई यह कमेटी तोतापरी आम की पूरी वैल्यू चेन की विस्तृत समीक्षा करेगी। इस समीक्षा के दायरे में नीचे दिए गए विषय शामिल होंगे-

तोतापरी आम की खेती

  • प्रोसेसिंग
  • मार्केटिंग
  • घरेलू व्यापार
  • निर्यात

इसके साथ ही यह पैनल किसानों की कमाई में सुधार करने और इस पूरे सेक्टर को एक टिकाऊ व मजबूत स्थिति में लाने के लिए जरूरी उपायों के सुझाव भी देगा।

डॉ टी दामोदरन संभालेंगे कमेटी की कमान

लखनऊ स्थित ICAR-केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान से जारी आदेश के मुताबिक इस उच्च स्तरीय समिति की कमान डॉ टी दामोदरन (निदेशक, ICAR-CISH) को सौंपी गई है। वही इसके अध्यक्ष होंगे। कमेटी में इनके अलावा डॉ. एम शंकरण, प्रमुख, फल फसल प्रभाग, ICAR-IIHR, बेंगलुरु, डॉ. एच एस सिंह, प्रधान वैज्ञानिक, ICAR-CISH, डॉ. डी श्रीनिवास रेड्डी, प्रोफेसर, कॉलेज ऑफ हॉर्टिकल्चर (अनंतराजुपेटा), डॉ. वाईएसआर हॉर्टिकल्चरल यूनिवर्सिटी, आंध्र प्रदेश के बागवानी निदेशक या उनके द्वारा नामित प्रतिनिधि शामिल होंगे।

10 दिनों के भीतर ग्राउंड जीरो पर जाएगी कमेटी

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कमेटी को निर्देश दिया है कि वे अगले 10 दिनों के भीतर आंध्र प्रदेश के प्रमुख तोतापरी उत्पादक क्षेत्रों का दौरा करें। ग्राउंड लेवल की वास्तविक स्थिति को समझने के लिए कमेटी को किसानों, प्रोसेसर्स, निर्यातकों, राज्य के बागवानी अधिकारियों और किसान उत्पादक संगठनों के साथ सीधा परामर्श करने के लिए कहा गया है।

सरकार को सौंपी जाएगी विस्तृत रिपोर्ट

अपने फील्ड स्टडी और सभी पक्षों के साथ किए गए विचार-विमर्श के आधार पर यह कमेटी कृषि मंत्रालय को एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी। इस रिपोर्ट में कीमतों को स्थिर करने, वैल्यू एडिशन को बढ़ावा देने, प्रोसेसिंग व एक्सपोर्ट क्षमता को मजबूत करने के लिए अहम सिफारिशें शामिल होंगी। इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकार द्वारा मिलकर की जाने वाली संयुक्त कार्रवाई के लिए FPOs, प्रोसेसर्स और निर्यातकों के बीच बेहतर तालमेल बिठाने का रोडमैप भी सुझाया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री चौहान ने साफ तौर पर कहा है कि तोतापरी उत्पादकों की आय और उनकी आजीविका की रक्षा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कमेटी की रिपोर्ट और निष्कर्षों के आधार पर किसानों की मदद करने, वैल्यू एडिशन को बढ़ाने और इस सेक्टर में निर्यात व निवेश के अवसरों का विस्तार करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। आपको बता दें कि आंध्र प्रदेश में इस समय तेलुगु देशम पार्टी (TDP) की सरकार है। टीडीपी केंद्र और राज्य दोनों ही जगहों पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की एक बेहद महत्वपूर्ण सहयोगी पार्टी है।