PM मोदी इंडोनेशिया रवाना, सबसे बड़े हिंदू मंदिर जाएंगे:राष्ट्रपति सुबियांतो से ₹2,500 करोड़ की ब्रह्मोस डील पर करार संभव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को इंडोनेशिया दौरे पर रवाना हो गए हैं। इस दौरान वह राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो से मुलाकात करेंगे और प्रम्बानन मंदिर भी जाएंगे,जो इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर परिसर है। साथ ही राष्ट्रपति सुबियांतो के साथ द्विपक्षीय बैठक में करीब ₹2,500 करोड़ की ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल डील पर मुहर लगने की संभावना है। इसके अलावा रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, व्यापार, निवेश, डिजिटल सहयोग और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में साझेदारी जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। दोनों नेता कई द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर भी कर सकते हैं। दोनों देशों के बीच पिछले कुछ वर्षों में रक्षा, व्यापार, कनेक्टिविटी और समुद्री सुरक्षा में सहयोग लगातार बढ़ा है। इस यात्रा का उद्देश्य रणनीतिक साझेदारी को नई गति देना माना जा रहा है। मोदी का इंडोनेशिया का यह तीसरा दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इससे पहले दो बार इंडोनेशिया का दौरा कर चुके हैं। पहला दौरा मई 2018 में हुआ था। इस दौरान दोनों देशों ने संबंधों को कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का दर्जा दिया। रक्षा, समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी सहयोग, व्यापार, डिजिटल अर्थव्यवस्था, विज्ञान-प्रौद्योगिकी और कनेक्टिविटी समेत 15 से अधिक समझौतों पर सहमति बनी। इसी यात्रा में दोनों देशों ने साझा समुद्री दृष्टिकोण को भी आगे बढ़ाने पर जोर दिया। इसके बाद मोदी सितंबर 2023 में जकार्ता में आयोजित 20वें आसियान (ASEAN)-भारत और 18वें ईस्ट एशिया समिट में शामिल होने इंडोनेशिया पहुंचे थे। इंडोनेशिया भारत से ब्रह्मोस खरीदने वाला दूसरा देश बन सकता है भारत और इंडोनेशिया के बीच करीब ₹2,500 करोड़ की ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सिस्टम की संभावित डील इस यात्रा का सबसे अहम एजेंडा मानी जा रही है। अगर समझौते पर मुहर लगती है तो फिलीपींस के बाद इंडोनेशिया ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने वाला दूसरा विदेशी ग्राहक बन सकता है। यह सौदा भारत के रक्षा निर्यात को बढ़ावा देने के साथ इंडोनेशिया की तटीय और समुद्री सुरक्षा क्षमता को भी मजबूत करेगा। ब्रह्मोस मिसाइल का विकास भारत के DRDO और रूस की ‘एनपीओ मशिनोस्ट्रोयेनिया’ के संयुक्त उपक्रम ब्रह्मोस एयरोस्पेस ने किया है। यह दुनिया की सबसे तेज ऑपरेशनल सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में गिनी जाती है। इंडोनेशिया का साबंग पोर्ट भारत के लिए अहम इंडोनेशिया का साबंग पोर्ट अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के बेहद करीब स्थित है। यह मलक्का स्ट्रेट के प्रवेश द्वार के पास होने के कारण रणनीतिक रूप से जरूरी माना जाता है। दुनिया के बड़े हिस्से का समुद्री व्यापार इसी मार्ग से गुजरता है। भारत और इंडोनेशिया ने 2018 में प्रधानमंत्री मोदी की जकार्ता यात्रा के दौरान साबंग पोर्ट और आसपास समुद्री सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई थी। इसके तहत पोर्ट के विकास, समुद्री संपर्क, लॉजिस्टिक सहयोग और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने पर जोर दिया गया। साबंग पोर्ट भारतीय नौसैनिक जहाजों के लिए ईंधन, मरम्मत और लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध कराने की क्षमता रखता है। इससे हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री पहुंच और निगरानी क्षमता मजबूत हो सकती है। इंडोनेशिया का सबसे बड़ा मंदिर भगवान शिव, विष्णु, ब्रह्मा को समर्पित राजधानी जकार्ता से करीब 400 किमी दूर मध्य जावा प्रांत में स्थित प्रम्बानन मंदिर भगवान शिव, विष्णु और ब्रह्मा को समर्पित हैं। यह भारत और इंडोनेशिया के साझा सांस्कृतिक संबंधों का महत्वपूर्ण प्रतीक भी माना जाता है। प्रम्बानन परिसर में कुल 240 मंदिर हैं। इनमें सबसे ऊंचा और प्रमुख मंदिर भगवान शिव को समर्पित है, जिसकी ऊंचाई करीब 47 मीटर (154 फीट) है। इंडोनेशिया दुनिया का सबसे अधिक मुस्लिम आबादी वाला देश है, लेकिन उसकी सांस्कृतिक विरासत पर हिंदू-बौद्ध सभ्यता की गहरी छाप आज भी दिखाई देती है। प्रम्बानन मंदिर उसी साझा विरासत का प्रमुख प्रतीक माना जाता है।

PM मोदी इंडोनेशिया रवाना, सबसे बड़े हिंदू मंदिर जाएंगे:राष्ट्रपति सुबियांतो से ₹2,500 करोड़ की ब्रह्मोस डील पर करार संभव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को इंडोनेशिया दौरे पर रवाना हो गए हैं। इस दौरान वह राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो से मुलाकात करेंगे और प्रम्बानन मंदिर भी जाएंगे,जो इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर परिसर है। साथ ही राष्ट्रपति सुबियांतो के साथ द्विपक्षीय बैठक में करीब ₹2,500 करोड़ की ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल डील पर मुहर लगने की संभावना है। इसके अलावा रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, व्यापार, निवेश, डिजिटल सहयोग और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में साझेदारी जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। दोनों नेता कई द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर भी कर सकते हैं। दोनों देशों के बीच पिछले कुछ वर्षों में रक्षा, व्यापार, कनेक्टिविटी और समुद्री सुरक्षा में सहयोग लगातार बढ़ा है। इस यात्रा का उद्देश्य रणनीतिक साझेदारी को नई गति देना माना जा रहा है। मोदी का इंडोनेशिया का यह तीसरा दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इससे पहले दो बार इंडोनेशिया का दौरा कर चुके हैं। पहला दौरा मई 2018 में हुआ था। इस दौरान दोनों देशों ने संबंधों को कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का दर्जा दिया। रक्षा, समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी सहयोग, व्यापार, डिजिटल अर्थव्यवस्था, विज्ञान-प्रौद्योगिकी और कनेक्टिविटी समेत 15 से अधिक समझौतों पर सहमति बनी। इसी यात्रा में दोनों देशों ने साझा समुद्री दृष्टिकोण को भी आगे बढ़ाने पर जोर दिया। इसके बाद मोदी सितंबर 2023 में जकार्ता में आयोजित 20वें आसियान (ASEAN)-भारत और 18वें ईस्ट एशिया समिट में शामिल होने इंडोनेशिया पहुंचे थे। इंडोनेशिया भारत से ब्रह्मोस खरीदने वाला दूसरा देश बन सकता है भारत और इंडोनेशिया के बीच करीब ₹2,500 करोड़ की ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सिस्टम की संभावित डील इस यात्रा का सबसे अहम एजेंडा मानी जा रही है। अगर समझौते पर मुहर लगती है तो फिलीपींस के बाद इंडोनेशिया ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने वाला दूसरा विदेशी ग्राहक बन सकता है। यह सौदा भारत के रक्षा निर्यात को बढ़ावा देने के साथ इंडोनेशिया की तटीय और समुद्री सुरक्षा क्षमता को भी मजबूत करेगा। ब्रह्मोस मिसाइल का विकास भारत के DRDO और रूस की ‘एनपीओ मशिनोस्ट्रोयेनिया’ के संयुक्त उपक्रम ब्रह्मोस एयरोस्पेस ने किया है। यह दुनिया की सबसे तेज ऑपरेशनल सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में गिनी जाती है। इंडोनेशिया का साबंग पोर्ट भारत के लिए अहम इंडोनेशिया का साबंग पोर्ट अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के बेहद करीब स्थित है। यह मलक्का स्ट्रेट के प्रवेश द्वार के पास होने के कारण रणनीतिक रूप से जरूरी माना जाता है। दुनिया के बड़े हिस्से का समुद्री व्यापार इसी मार्ग से गुजरता है। भारत और इंडोनेशिया ने 2018 में प्रधानमंत्री मोदी की जकार्ता यात्रा के दौरान साबंग पोर्ट और आसपास समुद्री सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई थी। इसके तहत पोर्ट के विकास, समुद्री संपर्क, लॉजिस्टिक सहयोग और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने पर जोर दिया गया। साबंग पोर्ट भारतीय नौसैनिक जहाजों के लिए ईंधन, मरम्मत और लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध कराने की क्षमता रखता है। इससे हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री पहुंच और निगरानी क्षमता मजबूत हो सकती है। इंडोनेशिया का सबसे बड़ा मंदिर भगवान शिव, विष्णु, ब्रह्मा को समर्पित राजधानी जकार्ता से करीब 400 किमी दूर मध्य जावा प्रांत में स्थित प्रम्बानन मंदिर भगवान शिव, विष्णु और ब्रह्मा को समर्पित हैं। यह भारत और इंडोनेशिया के साझा सांस्कृतिक संबंधों का महत्वपूर्ण प्रतीक भी माना जाता है। प्रम्बानन परिसर में कुल 240 मंदिर हैं। इनमें सबसे ऊंचा और प्रमुख मंदिर भगवान शिव को समर्पित है, जिसकी ऊंचाई करीब 47 मीटर (154 फीट) है। इंडोनेशिया दुनिया का सबसे अधिक मुस्लिम आबादी वाला देश है, लेकिन उसकी सांस्कृतिक विरासत पर हिंदू-बौद्ध सभ्यता की गहरी छाप आज भी दिखाई देती है। प्रम्बानन मंदिर उसी साझा विरासत का प्रमुख प्रतीक माना जाता है।

Crude Oil Price: क्रूड को लेकर आई बड़ी खबर, उत्पादन बढ़ाएगा OPEC+, $71 के पास आया ब्रेंट का भाव

Crude Oil Price:  OPEC+ के अगस्त से अपने प्रोडक्शन टारगेट को और बढ़ाने पर सहमत होने के बाद सोमवार को तेल की कीमतों में थोड़ी गिरावट आई। होर्मुज स्ट्रेट के ज़रिए बड़े प्रोड्यूसर्स से क्रूड एक्सपोर्ट में रिकवरी से भी ग्लोबल सप्लाई में बढ़ोतरी का इशारा मिला, जिससे कीमतों पर असर पड़ा।

ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स शुक्रवार को 0.45% बढ़कर बंद होने के बाद 24 सेंट या 0.33% गिरकर $71.88 प्रति बैरल पर आ गया। इस बीच, US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 11 सेंट या 0.16% गिरकर $68.58 प्रति बैरल पर आ गया। WTI शुक्रवार को सेटल नहीं हुआ क्योंकि शनिवार को इंडिपेंडेंस डे की छुट्टी से पहले US मार्केट बंद रहे।

क्रूड ऑयल की कीमतों पर क्या असर पड़ रहा है?

पिछले कुछ हफ़्तों में गिरावट देखने के बाद पिछले हफ़्ते दोनों बेंचमार्क क्रूड कॉन्ट्रैक्ट में ज़्यादा बदलाव नहीं हुआ, क्योंकि इन्वेस्टर्स होर्मुज स्ट्रेट से शिपिंग के भविष्य पर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत पर करीब से नज़र रख रहे थे, साथ ही गल्फ़ ऑयल एक्सपोर्ट में रिकवरी पर भी नज़र रख रहे थे।

इस बीच, पेट्रोलियम एक्सपोर्ट करने वाले देशों के संगठन (OPEC) और रूस समेत उसके सहयोगी, रविवार को अगस्त से प्रोडक्शन टारगेट को और 188,000 बैरल प्रति दिन बढ़ाने पर सहमत हुए, जून और जुलाई के लिए इसी तरह की बढ़ोतरी की घोषणा के बाद।

हालांकि, प्लान की गई प्रोडक्शन बढ़ोतरी का ज़्यादातर हिस्सा कागज़ों पर ही रहा है। ईरान से जुड़े US-इज़राइली झगड़े ने होर्मुज स्ट्रेट से टैंकर ट्रैफिक में रुकावट डाली, जिससे सऊदी अरब, कुवैत और इराक जैसे OPEC के मुख्य प्रोड्यूसर प्रभावित हुए, और उनकी प्रोडक्शन बढ़ाने की क्षमता सीमित हो गई।

रॉयटर्स के एक सर्वे के मुताबिक, जून में OPEC का तेल प्रोडक्शन पिछले महीने की तुलना में 3.3 मिलियन बैरल प्रति दिन बढ़कर 19.43 मिलियन बैरल प्रति दिन हो गया, जो दो दशकों से ज़्यादा समय में अपने सबसे निचले लेवल से उबर रहा है।

इस बीच, डेटा से पता चला कि गल्फ़ ऑयल एक्सपोर्ट मई से 3 मिलियन बैरल से ज़्यादा बढ़कर जून में 10 मिलियन bpd से ज़्यादा हो गया, हालांकि वॉल्यूम युद्ध से पहले के लेवल से लगभग 40% कम रहा।

अलग से, रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से बताया कि रूस के पश्चिमी पोर्ट से क्रूड शिपमेंट जून में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया और जुलाई में भी इसी लेवल पर रहने की उम्मीद है। यह बढ़ोतरी यूक्रेन के ड्रोन हमलों के बाद हुई है, जिसमें रूसी रिफाइनरियों को नुकसान पहुंचा था, जिससे मॉस्को को क्रूड एक्सपोर्ट बढ़ाना पड़ा।

Commodity Cornor: इंटरनेशनल मार्केट में चढ़े चीनी के दाम, सोने-चांदी की कीमतों में रिकवरी, क्रूड फिसला

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

GIFT Nifty दे रहा सेंसेक्स-निफ्टी के फ्लैट शुरुआत के संकेत, एशिया बाजार में मिलाजुला कारोबार

GIFT Nifty ने सोमवार को इंडियन बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के लिए धीमी शुरुआत का संकेत दिया, भले ही ग्लोबल संकेत काफी पॉजिटिव थे, क्योंकि इन्वेस्टर्स ने घरेलू इक्विटी में हालिया रैली के मुकाबले क्रूड ऑयल की घटती कीमतों, रिस्क सेंटिमेंट में सुधार और ग्लोबल अर्निंग्स सीजन की उम्मीद के बीच बैलेंस बनाया। OPEC+ के प्रोडक्शन बढ़ाने के फैसले और मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल टेंशन कम होने के बाद ऑयल की कम कीमतों ने मार्केट के लिए सपोर्टिव बैकग्राउंड बनाए रखा।

GIFT Nifty सुबह करीब 8.30 बजे 24,327.50 पर ट्रेड कर रहा था, जो पिछले निफ्टी क्लोज से 27.00 पॉइंट या 0.11 परसेंट नीचे था, जिससे पता चलता है कि शुक्रवार को लगातार तीसरे सेशन में बढ़त के बाद सेंसेक्स और निफ्टी थोड़ी कम खुल सकते हैं।

IT, फार्मा, मेटल और रियल्टी स्टॉक्स में बड़े पैमाने पर खरीदारी से सपोर्टेड, इंडियन बेंचमार्क इंडेक्स ने शुक्रवार को अपनी जीत का सिलसिला जारी रखा। सेंसेक्स 261.79 पॉइंट्स या 0.34 परसेंट बढ़कर 77,763.91 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 95.15 पॉइंट्स या 0.39 परसेंट बढ़कर 24,270.85 पर बंद हुआ।

एशियाई मार्केट में मजबूती, कमाई की उम्मीद से माहौल बेहतर हुआ

सोमवार को एशियाई इक्विटीज़ में ज़्यादातर बढ़त रही क्योंकि इन्वेस्टर्स ग्लोबल कमाई के सीज़न की शुरुआत पर ध्यान दे रहे थे, जबकि US लेबर मार्केट के नरम डेटा ने जल्द ही फेडरल रिजर्व रेट में बढ़ोतरी को लेकर चिंताओं को कम किया।

जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स 0.4 परसेंट बढ़ा। सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स की तिमाही कमाई से पहले साउथ कोरिया के कोस्पी में 2 परसेंट से ज़्यादा की बढ़त हुई, एनालिस्ट्स को AI से जुड़ी मेमोरी चिप की मज़बूत डिमांड से मुनाफ़े में तेज़ उछाल की उम्मीद थी। पिछले हफ़्ते की मज़बूत बढ़त के बाद जापान का निक्केई थोड़ा गिरा।

स्वतंत्रता दिवस की छुट्टी के कारण शुक्रवार को US मार्केट बंद रहे। हालांकि, एशियाई घंटों में US फ्यूचर्स में बढ़त हुई, जिसमें S&P 500 फ्यूचर्स 0.5 परसेंट और नैस्डैक फ्यूचर्स 1.4 परसेंट बढ़े, जो कॉर्पोरेट अर्निंग्स और टेक्नोलॉजी स्टॉक्स को लेकर उम्मीद दिखाता है।

OPEC+ के आउटपुट में बढ़ोतरी से क्रूड पर दबाव बना हुआ है

OPEC+ के अगस्त से प्रोडक्शन टारगेट फिर से बढ़ाने पर सहमत होने के बाद तेल की कीमतें कम हुईं, जिससे ग्लोबल सप्लाई में सुधार की उम्मीदें बढ़ गईं। ब्रेंट क्रूड लगभग 0.6 परसेंट गिरकर $71.7 प्रति बैरल के करीब आ गया, जो चार महीने के सबसे निचले स्तर के करीब है, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड लगभग $68.4 प्रति बैरल के करीब ट्रेड कर रहा था। होर्मुज स्ट्रेट के ज़रिए शिपमेंट में रिकवरी और जियोपॉलिटिकल तनाव कम होने से भी एनर्जी की कीमतों को कम रखने में मदद मिली है।

इस बीच, उम्मीद से कम US पेरोल डेटा ने US फेडरल रिजर्व द्वारा रेट में बढ़ोतरी की उम्मीदों को कम कर दिया, जिसके बाद सोना दो हफ़्ते के हाई के पास बना रहा।

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि US-ईरान के सुधरते हालात और होर्मुज स्ट्रेट से बिना रुकावट शिपिंग से एनर्जी सप्लाई में रुकावट की चिंता कम हुई है, जबकि OPEC+ के प्रोडक्शन बढ़ाने के फैसले से तेल की कम कीमतों को और सपोर्ट मिला है। निवेशक AI से चलने वाले सेमीकंडक्टर की मांग पर नए संकेतों के लिए सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स की कमाई पर भी करीब से नज़र रखेंगे, जो ग्लोबल टेक्नोलॉजी सेंटिमेंट पर असर डाल सकता है।

टेक्निकल नज़रिए से, पोनमुडी ने कहा कि निफ्टी एक कंस्ट्रक्टिव स्ट्रक्चर बनाए हुए है, जिसमें 24,400 का लेवल तुरंत रेजिस्टेंस का काम कर रहा है। इस ज़ोन से ऊपर लगातार मूव करने से 24,500-24,600 की ओर बढ़ने का रास्ता बन सकता है। नीचे की तरफ, 24,200 पहला ज़रूरी सपोर्ट बना हुआ है, इसके बाद 24,000 का साइकोलॉजिकल लेवल है।

पिछले सेशन में इंस्टीट्यूशनल फ्लो मिला-जुला रहा। विदेशी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर 3 जुलाई को चार सेशन की बिकवाली के बाद नेट बायर बन गए, और उन्होंने 1,355 करोड़ रुपये की इक्विटी खरीदी। इस बीच, घरेलू इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स ने आठ सेशन की खरीदारी का सिलसिला तोड़ा और नेट सेलर बन गए, और 1,953 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए।

Share Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, फ्लैट हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Rashifal Today: आज के दिन सोच-समझकर लें कोई भी फैसला, जानें क्या कहते हैं आपके सितारे

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार, हर इंसान की जन्मतिथि का अपना खास महत्व होता है। ये न सिर्फ उनके स्वभाव और व्यक्तित्व को बताता है, बल्कि उनके भविष्य के बारे में भी संकेत देती है। आज के दिन आर्थिक मामलों में संतुलन और धैर्य बनाए रखना जरूरी है। नए अवसर जरूर मिल सकते हैं, लेकिन बिना पूरी जानकारी के कोई फैसला न लें। अपने वित्तीय लक्ष्यों की समीक्षा करें और जरूरत के अनुसार बदलाव करें। आइए जानते हैं कैसा होगा मूलांक 1 से 9 तक के लोगों का दिन

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज धन से जुड़े मामलों में समझदारी से काम लेने की जरूरत है। बिना सोचे-समझे खर्च करने या जल्दबाजी में कोई आर्थिक फैसला लेने से बचें। अगर आप अपने भविष्य को सुरक्षित बनाना चाहते हैं तो लंबी अवधि की योजना पर ध्यान दें। अपनी आय और खर्च का सही हिसाब रखें और केवल जरूरी चीजों पर ही पैसा खर्च करें। अनुशासित बजट अपनाने से आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और आगे चलकर अच्छे परिणाम मिलेंगे।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज आपको अपने पैसों की योजना विस्तार से बनाने की जरूरत है। बाजार में होने वाले बदलावों पर नजर रखें और सही अवसर मिलने पर ही निवेश करें। बजट को थोड़ा लचीला रखें ताकि अचानक आने वाले खर्चों को आसानी से संभाल सकें। धैर्य और समझदारी से लिए गए फैसले आपकी आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाएंगे और आपको आत्मविश्वास भी देंगे।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज घर और परिवार से जुड़े खर्च बढ़ सकते हैं। ऐसे में भावनाओं में बहकर पैसा खर्च करने से बचें। अपनी जरूरतों को प्राथमिकता दें और बजट के अनुसार ही खर्च करें। अगर किसी बड़े खर्च की योजना बना रहे हैं तो पहले अच्छी तरह सोच लें। आर्थिक अनुशासन बनाए रखने से भविष्य में लाभ मिलेगा।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों को व्यवस्थित करने के लिए अच्छा है। अपने खर्चों पर नियंत्रण रखें और केवल जरूरी जरूरतों पर ही धन खर्च करें। अगर निवेश करने का विचार है तो पूरी जानकारी लेकर ही कदम उठाएं। छोटी-छोटी बचत भविष्य में बड़ा सहारा बन सकती है। सोच-समझकर लिए गए फैसले आपकी आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करेंगे।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 14 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक प्रबंधन के लिए अनुकूल है। अपनी आमदनी और खर्च के बीच संतुलन बनाए रखें। लालच में आकर या अचानक किसी चीज पर पैसा खर्च करने से बचें। यदि निवेश करना चाहते हैं तो सभी विकल्पों को ध्यान से समझें। धैर्य और सही योजना के साथ किए गए प्रयास आपको भविष्य में अच्छे नतीजे देंगे।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 24 तारीख को हुआ है, तो आज आपकी आर्थिक स्थिति सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ सकती है। अपने बजट को व्यवस्थित करें और केवल जरूरी खर्चों पर ध्यान दें। बेवजह खरीदारी करने से बचें। अगर आप योजनाबद्ध तरीके से धन का उपयोग करेंगे तो आने वाले समय में आर्थिक रूप से मजबूत बने रहेंगे। सही वित्तीय योजना आपके लिए फायदेमंद साबित होगी।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज आपका ध्यान आर्थिक स्थिरता पर रहेगा। फिजूलखर्ची से बचें, खासकर महंगी और लग्जरी चीजों पर खर्च करने से पहले अच्छी तरह सोचें। अगर निवेश करना चाहते हैं तो जल्दबाजी न करें। अपने लंबे समय के आर्थिक लक्ष्यों के अनुसार ही फैसले लें। सकारात्मक सोच और सही योजना आपको सफलता दिला सकती है।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज भविष्य को ध्यान में रखकर आर्थिक योजना बनाने का समय है। अपने निवेश और बजट की समीक्षा करें और देखें कि कहीं अनावश्यक खर्च तो नहीं हो रहा। जल्दबाजी में कोई वित्तीय निर्णय लेने से बचें। अगर आप अपने खर्चों पर नियंत्रण रखेंगे तो भविष्य में आर्थिक मजबूती हासिल कर पाएंगे।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में संतुलन और धैर्य बनाए रखना जरूरी है। नए अवसर जरूर मिल सकते हैं, लेकिन बिना पूरी जानकारी के कोई फैसला न लें। अपने वित्तीय लक्ष्यों की समीक्षा करें और जरूरत के अनुसार बदलाव करें। बचत बढ़ाने और खर्चों को नियंत्रित रखने पर ध्यान दें। समझदारी से किया गया निवेश आने वाले समय में आपकी आर्थिक स्थिति को मजबूत बना सकता है।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

Mutual Fund SIF: म्यूचुअल फंड बेचने वालों के लिए आएगी नई परीक्षा, SEBI और NISM कर रहे तैयारी

Mutual Fund SIF: सेबी (SEBI) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सिक्योरिटीज मार्केट्स (NISM) मिलकर नई परीक्षा लाने की तैयारी कर रहे हैं। यह परीक्षा म्यूचुअल फंड और स्पेशलाइज्ड इनवेस्टमेंट फंड (SIF) बेचने वाले डिस्ट्रीब्यूटर्स के लिए होगी।

यह जानकारी सेबी के होल टाइम मेंबर अमरजीत सिंह ने नई दिल्ली में ASSOCHAM के 17वें म्यूचुअल फंड समिट में दी।

नई परीक्षा क्यों लाई जा रही है?

अमरजीत सिंह ने कहा कि इस परीक्षा का मकसद डिस्ट्रीब्यूटर्स की समझ को और बेहतर बनाना है।

उनका कहना है कि जो लोग म्यूचुअल फंड और SIF बेचते हैं, उन्हें इन प्रोडक्ट्स की पूरी जानकारी होनी चाहिए। नई परीक्षा इसी बात को सुनिश्चित करेगी।

SIF को मिला अच्छा रिस्पॉन्स

अमरजीत सिंह ने बताया कि पिछले साल शुरू स्पेशलाइज्ड इनवेस्टमेंट फंड (SIF) को निवेशकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला है।

31 मई 2026 तक SIF का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 13,500 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया। इस दौरान 56,000 से ज्यादा फोलियो खुले।

21 नई इनवेस्टमेंट स्ट्रैटेजी लॉन्च

SIF के तहत अब तक 21 इनवेस्टमेंट स्ट्रैटेजी लॉन्च की जा चुकी हैं।

इनमें Hybrid Long Short Strategy में सबसे ज्यादा निवेश आया है। इससे पता चलता है कि निवेशकों की दिलचस्पी नए तरह के निवेश विकल्पों में बढ़ रही है।

Life Cycle Fund पर भी जोर

अमरजीत सिंह ने सेबी के नए Life Cycle Fund फ्रेमवर्क का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन फंड्स में समय के साथ निवेश का बंटवारा अपने-आप बदलता रहता है। जैसे-जैसे आपका लक्ष्य करीब आता है, वैसे-वैसे जोखिम कम होता जाता है।

उनका कहना है कि ऐसे फंड लोगों को लंबे समय तक लक्ष्य के हिसाब से निवेश करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।

सोशल मीडिया देखकर निवेश न करें

अमरजीत सिंह ने कहा कि सिर्फ सोशल मीडिया पर चल रहे ट्रेंड देखकर निवेश नहीं करना चाहिए।

उन्होंने सलाह दी कि निवेश हमेशा अपने वित्तीय लक्ष्य, जोखिम उठाने की क्षमता और कितने समय के लिए निवेश करना है, इन बातों को ध्यान में रखकर ही करना चाहिए।

Kusumgar IPO: 8 जुलाई से खुलेगा ₹650 करोड़ का आईपीओ, 40% के पार पहुंचा GMP

Kusumgar IPO: 8 जुलाई से खुलेगा ₹650 करोड़ का आईपीओ, 40% के पार पहुंचा GMP

Kusumgar IPO : मुंबई की इंजीनियर्ड फैब्रिक बनाने वाली कंपनी Kusumgar ने अपना 650 करोड़ रुपये का IPO ला रही है। यह IPO 8 जुलाई को खुलेगा और 10 जुलाई को बंद होगा। इसका प्राइस बैंड 398-419 रुपये प्रति शेयर तय किया है। ऊपरी प्राइस बैंड के हिसाब से कंपनी की वैल्यू करीब 4,399.1 करोड़ रुपये बैठती है।

पूरा IPO OFS होगा

यह IPO पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) है। यानी कंपनी को इस इश्यू से कोई पैसा नहीं मिलेगा। IPO से आने वाली पूरी रकम प्रमोटर शेयरधारकों के पास जाएगी।

शेयर बेचने वालों में सिद्धार्थ योगेश कुसुमगर, सपना सिद्धार्थ कुसुमगर और सिद्धार्थ योगेश कुसुमगर HUF शामिल हैं।

कम से कम 14665 रुपये लगाने होंगे

निवेशक कम से कम 35 शेयर के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद 35-35 शेयर के मल्टीपल में बोली लगानी होगी।

अगर IPO ऊपरी प्राइस बैंड पर आता है, तो रिटेल निवेशकों को कम से कम 14,665 रुपये लगाने होंगे। वहीं, अधिकतम 1,90,645 रुपये तक निवेश किया जा सकता है।

किसके लिए कितना हिस्सा रिजर्व?

कुसुमगर ने IPO का 50% हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए रखा है। 15% हिस्सा नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) के लिए रिजर्व है। बाकी 35% हिस्सा रिटेल निवेशकों के लिए रखा गया है।

कंपनी ने कर्मचारियों के लिए 3.5 करोड़ रुपये के शेयर रिजर्व रखे हैं। कर्मचारियों को अंतिम इश्यू प्राइस पर 39 रुपये प्रति शेयर की छूट मिलेगी।

Kusumgar IPO का GMP

कुसुमगर के आईपीओ को ग्रे मार्केट में काफी तगड़ा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इनवेस्टरगेन के मुताबिक, इसका GMP 40.81% तक पहुंच गया है। इसका मतलब कि आईपीओ में अलॉटमेंट पाने वाले निवेशकों को एक लॉट पर लगभग 5,985 रुपये का मुनाफा हो सकता है। हालांकि, GMP सिर्फ एक अंदाजा होता है और यह लगातार बदलता रहता है।

Kusumgar क्या करती है?

कुसुमगर बुने हुए, कोटेड और लैमिनेटेड सिंथेटिक फैब्रिक बनाती है। कंपनी के पास 1,000 से ज्यादा तरह के फैब्रिक हैं।

इनका इस्तेमाल एयरोस्पेस और डिफेंस, इंडस्ट्रियल और ऑटोमोबाइल के साथ आउटडोर और लाइफस्टाइल सेक्टर में होता है। शेयर बाजार में कंपनी का मुकाबला Garware Technical Fibres, Arvind और SRF जैसी कंपनियों से है।

Kusumgar की कमाई कैसी रही?

मार्च 2026 में खत्म हुए वित्त वर्ष में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 12.3% घटकर 98.2 करोड़ रुपये रह गया। एक साल पहले यह 112 करोड़ रुपये था। इसी दौरान कंपनी का रेवेन्यू 11.2% घटकर 692 करोड़ रुपये रहा। पिछले वित्त वर्ष में यह 779 करोड़ रुपये था।

Axis Capital, IIFL Capital Services और Motilal Oswal Investment Advisors इस IPO के बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Adani Defence: ₹2500 करोड़ का डिफेंस प्लांट लगाएगा अदाणी ग्रुप, 5000 लोगों को मिलेगा रोजगार

Adani Defence: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने रविवार को शिवपुरी में 2,500 करोड़ रुपये के डिफेंस प्लांट की नींव रखी। यह प्लांट अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस लगाएगी, जो अदाणी ग्रुप की कंपनी है।

इस प्लांट में मिसाइल कॉम्प्लेक्स, कॉम्पोजिट प्रोपेलेंट यूनिट और TNT प्लांट बनाया जाएगा। सरकार का कहना है कि इससे मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत मिशन को मजबूती मिलेगी।

आसपास के लोगों को भी मिलेगा फायदा

इस प्रोजेक्ट से हजारों लोगों के लिए रोजगार के मौके बनेंगे। स्थानीय लोगों को भी नौकरियां मिल सकती हैं। इसके अलावा, इलाके के छोटे कारोबार और MSME भी डिफेंस सेक्टर की सप्लाई चेन से जुड़ सकेंगे। इस कार्यक्रम में करण अदाणी और जीत अदाणी भी मौजूद रहे।

जीत अदाणी ने क्या कहा?

Adani Airport Holdings Limited (AAHL) के डायरेक्टर जीत अदाणी ने कहा कि कंपनी भारत में ही रक्षा उपकरण बनाने पर जोर दे रही है। इसके लिए DRDO और तीनों सेनाओं के साथ मिलकर काम किया जा रहा है। कोशिश है कि रक्षा सामान के लिए विदेशों पर निर्भरता कम हो।

उन्होंने कहा कि ग्वालियर में कंपनी पहले से लाइट मशीन गन (LMG), असॉल्ट राइफल और कार्बाइन बना रही है। जीत अदाणी ने बताया कि कंपनी अब तक भारतीय सेनाओं को 2,000 लाइट मशीन गन दे चुकी है। खास बात यह है कि यह सप्लाई तय समय से 11 महीने पहले पूरी कर ली गई।

शिवपुरी प्लांट में क्या बनेगा?

जीत अदाणी ने कहा कि शिवपुरी में छोटी, मध्यम और लंबी दूरी की मिसाइलों से जुड़ा पूरा इकोसिस्टम तैयार किया जाएगा। इससे विदेशों से मिसाइल सिस्टम मंगाने की जरूरत कम होगी। भारत में ही इनका निर्माण होगा।

उन्होंने कहा कि यहां सिर्फ मिसाइल जोड़ने का काम नहीं होगा। कॉम्पोजिट प्रोपेलेंट, TNT और विस्फोटक बनाने में इस्तेमाल होने वाला खास सामान भी यहीं तैयार किया जाएगा।

3 साल में तैयार होगा प्लांट

जीत अदाणी ने कहा कि अगले तीन साल में 2,500 करोड़ रुपये की लागत से यह प्लांट तैयार हो जाएगा। इससे करीब 5,000 लोगों को सीधे रोजगार मिलेगा।

उन्होंने बताया कि 50 से ज्यादा MSME भी इस प्रोजेक्ट से जुड़ेंगे। ग्वालियर और शिवपुरी मिलकर मध्य प्रदेश में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के बड़े हब बनेंगे। यहां बनने वाले रक्षा उपकरण पूरी तरह भारत में तैयार होंगे।

इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 211.29 करोड़ रुपये की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और भूमिपूजन भी किया।

*एजेंसी इनपुट के साथ

Nifty Outlook for 6 July: 24600 तक जाएगा निफ्टी? एक्सपर्ट्स से जानिए अहम लेवल्स

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

India Passport Ranking: भारत इस लिस्‍ट में 100 के बाहर, पिछले साल के मुकाबले गिरी रैंकिंग…देखें टॉप-10 की लिस्ट

India Passport Ranking:  ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स 2026 में भारत का पासपोर्ट पिछले साल की तुलना में एक स्थान नीचे खिसककर 125वें नंबर पर पहुंच गया है। वहीं, दुनिया के सबसे ताकतवर पासपोर्ट की सूची में यूरोपीय देशों का दबदबा बना हुआ है। नई रैंकिंग के अनुसार, भारतीय पासपोर्ट रखने वाले लोगों को विदेश यात्रा के दौरान कई दूसरे देशों के नागरिकों की तुलना में ज्यादा नियमों और वीजा संबंधी पाबंदियों का सामना करना पड़ता है। दुनिया के टॉप 10 सबसे मजबूत पासपोर्ट में से नौ यूरोपीय देशों के हैं।

दूसरी पासपोर्ट रैंकिंग की तरह यह इंडेक्स सिर्फ वीजा-फ्री यात्रा के आधार पर नहीं बनाया जाता। ‘ग्लोबल सिटिज़न सॉल्यूशंस’ का ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स पासपोर्ट का आकलन तीन बड़े पैमानों पर करता है। इनमें दुनिया में आसानी से यात्रा करने की सुविधा, निवेश के अवसर और जीवन की गुणवत्ता शामिल हैं। यह रैंकिंग विश्व बैंक और वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम समेत कई संस्थाओं के 14 अलग-अलग मानकों के आधार पर तैयार की जाती है।

पिछले साल के मुकाबले गिरी रैंकिंग

साल 2026 की रैंकिंग में 197 देशों के बीच भारत को 125वां स्थान मिला। भारत से एक स्थान ऊपर नामीबिया 124वें नंबर पर है, जबकि अजरबैजान 126वें स्थान पर रहा। हालांकि रैंकिंग में एक पायदान की गिरावट आई है, फिर भी भारत का कुल स्कोर 45.1 पहुंच गया है, जो पिछले पांच वर्षों का सबसे बेहतर स्तर है। भारतीय पासपोर्ट रखने वाले लोगों को कई देशों में वीजा-फ्री, वीजा-ऑन-अराइवल और ई-वीजा की सुविधा मिलती है। लेकिन कई विकसित देशों की यात्रा के लिए आज भी लंबी वीजा प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। इससे यात्रियों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को ज्यादा खर्च, अधिक दस्तावेज और लंबा इंतजार करना पड़ता है।

देखें टॉप-10 की लिस्ट

साल 2026 की ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स रैंकिंग में स्वीडन का पासपोर्ट दुनिया का सबसे मजबूत पासपोर्ट रहा। इसके बाद स्विट्जरलैंड, फिनलैंड और जर्मनी का स्थान रहा। नीदरलैंड और डेनमार्क संयुक्त रूप से पांचवें नंबर पर रहे। वहीं, आयरलैंड, यूनाइटेड किंगडम, नॉर्वे और सिंगापुर भी टॉप 10 में शामिल रहे। सिंगापुर इस सूची में जगह बनाने वाला एकमात्र गैर-यूरोपीय देश है।रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के सबसे मजबूत पासपोर्ट रखने वाले लोग बिना पहले से वीजा लिए कई देशों की यात्रा कर सकते हैं। इससे विदेश जाना काफी आसान हो जाता है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मजबूत पासपोर्ट होने से लोगों को नौकरी के बेहतर अवसर मिलते हैं, निवेश करना आसान होता है और जरूरत पड़ने पर दूसरे देश में बसने में भी कम परेशानी होती है।

Nifty Outlook for 6 July: 24600 तक जाएगा निफ्टी? एक्सपर्ट्स से जानिए अहम लेवल्स

Nifty Outlook: पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को निफ्टी ने बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआत की। बाजार गैप-अप खुला, लेकिन पूरे दिन 24,370-24,380 के दायरे में फंसा रहा। इसी स्तर पर बिकवाली हावी रही और बाजार आगे नहीं बढ़ सका। निफ्टी 95 अंक यानी 0.39% की बढ़त के साथ 24,271 पर बंद हुआ।

पूरे हफ्ते कैसा रहा बाजार?

शुक्रवार की तेजी के साथ निफ्टी ने लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में बढ़त दर्ज की। इस वजह से इंडेक्स पिछले 10 हफ्तों के सबसे ऊंचे वीकली क्लोजिंग पर बंद हुआ।

हफ्ते की शुरुआत कमजोर रही थी। शुरुआती दिनों में बाजार पर बिकवाली का दबाव था। लेकिन अहम सपोर्ट लेवल से शानदार वापसी हुई। इसके बाद लगातार तीन दिन तेजी देखने को मिली। पूरे हफ्ते में निफ्टी करीब 0.90% चढ़ा।

सेक्टर का हाल कैसा रहा

इस हफ्ते निफ्टी रियल्टी सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा। इसके बाद निफ्टी हेल्थकेयर में अच्छी तेजी देखने को मिली। वहीं, निफ्टी पीएसयू बैंक सबसे कमजोर सेक्टर रहा। निफ्टी एनर्जी इंडेक्स भी लाल निशान में बंद हुआ।

मिडकैप और स्मॉलकैप में क्या हुआ?

हालिया तेजी के बाद मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मुनाफावसूली देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स ने ‘बेयरिश एंगल्फिंग’ कैंडल बनाई। इसे निकट अवधि की कमजोरी का संकेत माना जाता है। वहीं, निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स ने शुरुआती बढ़त का बड़ा हिस्सा गंवा दिया और लगभग सपाट बंद हुआ।

हालांकि, अच्छी बात यह है कि दोनों इंडेक्स अब भी अपने अहम मूविंग एवरेज के ऊपर कारोबार कर रहे हैं। इससे संकेत मिलता है कि लंबी अवधि का तेजी का ट्रेंड अभी कायम है।

अगले हफ्ते के अहम फैक्टर

अगले हफ्ते बाजार की नजर कई अहम फैक्टर्स पर रहेगी। वैश्विक संकेत अगर सकारात्मक रहे तो तेजी बनी रह सकती है। इसके अलावा कंपनियों के जून तिमाही के बिजनेस अपडेट भी शेयरों में हलचल बढ़ा सकते हैं।

निवेशक मानसून की प्रगति पर भी नजर रखेंगे। जून में बारिश सामान्य से 40% कम रही थी। हालांकि, भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने जुलाई में सामान्य का 94% बारिश होने का अनुमान जताया है। वहीं, पूरे 2026 के मानसून का अनुमान घटाकर 90% कर दिया गया है। इसकी वजह एल नीनो को बताया गया है।

निफ्टी पर एक्सपर्ट की राय

HDFC Securities के नागराज शेट्टी का मानना है कि बाजार में चल रही कंसोलिडेशन जल्द खत्म हो सकती है। इसके बाद निफ्टी में नई तेजी देखने को मिल सकती है। उनके मुताबिक, अगले हफ्ते निफ्टी 24,600 तक पहुंच सकता है। वहीं, 24,050 का स्तर अहम सपोर्ट रहेगा।

Centrum Finverse के निलेश जैन का कहना है कि निफ्टी 24,100 के स्तर के ऊपर मजबूती से टिक गया है। यही इसका 100-डे मूविंग एवरेज भी है। अगर इंडेक्स इस स्तर के ऊपर बना रहता है, तो यह धीरे-धीरे 24,550 तक जा सकता है।

LKP Securities के रूपक डे भी बाजार को लेकर सकारात्मक हैं। उनका मानना है कि निफ्टी पहले 24,500 तक जा सकता है और उसके बाद इससे ऊपर भी निकल सकता है। उन्होंने 24,200 को पहला और 24,000 को मजबूत सपोर्ट बताया है।

बैंक निफ्टी पर राय

बैंक निफ्टी पूरे हफ्ते सीमित दायरे में कारोबार करता रहा। जून में आई तेज तेजी के बाद अब इंडेक्स में कंसोलिडेशन देखने को मिल रहा है। बुधवार को अच्छी तेजी आई थी, लेकिन बाकी दिनों में कारोबार सुस्त रहा। पूरे हफ्ते में बैंक निफ्टी 0.41% गिरकर 58,000 के नीचे बंद हुआ।

Angel One के राजेश भोसले का कहना है कि बैंक निफ्टी फिलहाल समय के हिसाब से करेक्शन के दौर में है। हालांकि, बड़ी तस्वीर अब भी सकारात्मक है क्योंकि इंडेक्स अप्रैल के ब्रेकआउट लेवल 57,500 के ऊपर बना हुआ है।

उनका मानना है कि 57,000-56,500 का दायरा मजबूत सपोर्ट देगा। वहीं, अगर बैंक निफ्टी 58,500-58,800 के ऊपर टिकता है, तो तेजी का अगला चरण शुरू हो सकता है।

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