अभिषेक शर्मा की तोडफोड़ पारी पर भी गुरु युवराज सिंह ने खींचे चेले के कान, सिंगल भी ले लिए? [VIDEO]

टीम इंडिया के विस्फोटक बल्लेबाज अभिषेक शर्मा का बल्ला इन दिनों रुकने का नाम नहीं ले रहा है। न्यूजीलैंड के खिलाफ वेलिंग्टन में खेले गए तीसरे टी20 मुकाबले में उन्होंने महज 35 गेंदों में शतक जड़कर क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी। अभिषेक की तूफानी पारी और वैभव सूर्यवंशी के साथ उनकी आक्रामक ओपनिंग ने न्यूजीलैंड के गेंदबाजों को संभलने का मौका तक नहीं दिया। इस जीत के साथ भारत ने पांच मैचों की सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बना ली।


अभिषेक शर्मा के मेंटर युवराज सिंह ने भी उनकी तूफानी पारी की जमकर तारीफ की। मजाकिया अंदाज में युवराज ने लिखा कि वह खुद 30 या 34 गेंदों में शतक नहीं लगा सकते। साथ ही, उन्होंने अभिषेक की पारी की सराहना करते हुए वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी को भी शानदार बताया। युवराज ने संजू सैमसन के टीम के लिए तीसरे नंबर पर खेलने के फैसले की तारीफ की और गेंदबाजों को स्कोर 200 से कम रखने का श्रेय देते हुए टीम इंडिया को सीरीज जीत की बधाई दी।

35 गेंदों में सेंचुरी, रोहित शर्मा के रिकॉर्ड की बराबरी

 

199 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी ने ऐसी शुरुआत दिलाई कि मुकाबला जल्द ही एकतरफा नजर आने लगा। अभिषेक ने केवल 35 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। इस पारी में उन्होंने 9 चौके और 11 छक्के लगाए। वह 38 गेंदों पर 113 रन बनाकर आउट हुए।

 

टी20 इंटरनेशनल में भारत की ओर से सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड अब भी अभिषेक के नाम है। उन्होंने सितंबर 2026 में दिल्ली में अफगानिस्तान के खिलाफ महज 30 गेंदों में सेंचुरी जड़ी थी। वहीं, न्यूजीलैंड के खिलाफ 35 गेंदों में शतक लगाकर उन्होंने रोहित शर्मा के सबसे तेज भारतीय टी20 इंटरनेशनल शतकों में से एक की बराबरी की।

 

 विराट कोहली को पीछे छोड़ बने भारतीयों में नंबर-1

 

अभिषेक शर्मा ने इस शतक के साथ एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली। यह उनके करियर का सभी टी20 फॉर्मेट में 11वां शतक था। इस मामले में उन्होंने विराट कोहली को पीछे छोड़ दिया, जिनके नाम 10 टी20 शतक हैं।

भारतीय बल्लेबाजों के सबसे ज्यादा टी20 शतक

 

– 11 – अभिषेक शर्मा

– 10 – विराट कोहली

– 8 – केएल राहुल

– 8 – संजू सैमसन

– 8 – रोहित शर्मा

– 7 – ईशान किशन

– 7 – शुभमन गिल

– 6 – ऋतुराज गायकवाड़

– 6 – सूर्यकुमार यादव

 

दुनियाभर में सभी टी20 मुकाबलों को मिलाकर सबसे ज्यादा शतक लगाने का रिकॉर्ड क्रिस गेल के नाम है। गेल ने 22 शतक लगाए हैं, जबकि बाबर आजम 13 शतकों के साथ दूसरे स्थान पर हैं। अभिषेक 11 शतकों के साथ इस सूची में तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं।

 

 टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा शतक लगाने वालों में शामिल

 

अभिषेक शर्मा ने केवल 70 टी20 इंटरनेशनल मुकाबलों में चार शतक पूरे कर लिए हैं। इस उपलब्धि के साथ वह इस फॉर्मेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची में शामिल हैं।

 

पुरुष टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा शतक

 

– 5 – ग्लेन मैक्सवेल

– 5 – रोहित शर्मा

– 4 – करणबीर सिंह

– 4 – फिल सॉल्ट

– 4 – सूर्यकुमार यादव

– 4 – अभिषेक शर्मा

 

अभिषेक ने अपना पहला टी20 इंटरनेशनल शतक जुलाई 2024 में हरारे में जड़ा था। इसके बाद जनवरी 2025 में इंग्लैंड के खिलाफ 37 गेंदों में सेंचुरी लगाई। सितंबर 2026 में अफगानिस्तान के खिलाफ 30 गेंदों में शतक जड़कर उन्होंने फुल मेंबर टीमों के बीच सबसे तेज टी20 इंटरनेशनल शतक का रिकॉर्ड बनाया।

 

सबसे तेज टी20 इंटरनेशनल शतकों की लिस्ट

 

अभिषेक शर्मा के नाम फुल मेंबर टीमों के बीच टी20 इंटरनेशनल का सबसे तेज शतक दर्ज है। इस सूची में सिकंदर रजा और फिन एलन भी शामिल हैं।

फुल मेंबर टीमों के बीच सबसे तेज टी20 इंटरनेशनल शतक

 

– 30 गेंदें – अभिषेक शर्मा (भारत), अफगानिस्तान के खिलाफ, दिल्ली, 2026

– 33 गेंदें – सिकंदर रजा (जिम्बाब्वे), गाम्बिया के खिलाफ, नैरोबी (रुआराका), 2024

– 33 गेंदें – फिन एलन (न्यूजीलैंड), दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ, कोलकाता, 2026

– 35 गेंदें – डेविड मिलर (दक्षिण अफ्रीका), बांग्लादेश के खिलाफ, पोटचेफस्ट्रूम, 2017

– 35 गेंदें – रोहित शर्मा (भारत), श्रीलंका के खिलाफ, इंदौर, 2017

– 35 गेंदें – अभिषेक शर्मा (भारत), न्यूजीलैंड के खिलाफ, वेलिंग्टन, 2026

 

 छक्कों की बरसात, इस रिकॉर्ड में भी अभिषेक का जलवा

 

अभिषेक शर्मा की पहचान उनकी आक्रामक बल्लेबाजी से है और न्यूजीलैंड के खिलाफ भी उन्होंने इसका शानदार नमूना पेश किया। वेलिंग्टन में उनकी पारी में 11 छक्के शामिल रहे। भारत की ओर से एक टी20 इंटरनेशनल मैच में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड भी अभिषेक के नाम है।

 

भारत के लिए एक टी20 इंटरनेशनल मैच में सबसे ज्यादा छक्के

 

– 13 – अभिषेक शर्मा, इंग्लैंड के खिलाफ, वानखेड़े

– 11 – अभिषेक शर्मा, न्यूजीलैंड के खिलाफ, वेलिंग्टन

– 11 – अभिषेक शर्मा, अफगानिस्तान के खिलाफ, दिल्ली

– 10 – रोहित शर्मा, श्रीलंका के खिलाफ, इंदौर

– 10 – संजू सैमसन, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ, डरबन

– 10 – तिलक वर्मा, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ, जोहान्सबर्ग

– 10 – ईशान किशन, न्यूजीलैंड के खिलाफ, तिरुवनंतपुरम

– 9 – सूर्यकुमार यादव, श्रीलंका के खिलाफ, राजकोट

– 9 – संजू सैमसन, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ, जोहान्सबर्ग

 

वैभव सूर्यवंशी के साथ रिकॉर्डतोड़ ओपनिंग

 

इस मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी को अभिषेक शर्मा के साथ ओपनिंग करने का मौका मिला और दोनों ने मैदान पर आते ही आक्रामक अंदाज अपना लिया। दोनों ने पहले विकेट के लिए 43 गेंदों में 133 रन जोड़ दिए। पावरप्ले के छह ओवरों में भारत ने बिना विकेट गंवाए 118 रन बना डाले, जो फुल मेंबर टीमों के बीच टी20 इंटरनेशनल में पावरप्ले का रिकॉर्ड स्कोर था।

 

भारत ने शुरुआती छह ओवरों में ही मैच का रुख बदल दिया। अभिषेक ने 15 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया, जबकि वैभव 45 रन बनाकर आउट हुए। भारत ने 199 रनों का लक्ष्य महज 13.2 ओवर में चार विकेट खोकर हासिल कर लिया।

 

न्यूजीलैंड ने बनाए 198 रन

 

इससे पहले न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए तीन विकेट पर 198 रन बनाए थे। डेरिल मिशेल ने 52 गेंदों पर नाबाद 89 रन की शानदार पारी खेली, जबकि फिन एलन ने 25 गेंदों पर 40 रन बनाए। बेवन जैकब्स 23 गेंदों पर नाबाद 39 रन बनाकर लौटे।

 

भारत की ओर से अर्शदीप सिंह, अक्षर पटेल और नीतीश कुमार रेड्डी ने एक-एक विकेट लिया। हालांकि, न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों की मेहनत पर अभिषेक और वैभव की विस्फोटक शुरुआत भारी पड़ गई। अभिषेक शर्मा को उनकी शानदार पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

IND vs NZ: वापसी के बाद फिर टीम से बाहर होंगे भुवनेश्वर…ओपनिंग करेंगे वैभव सूर्यवंशी? जानें तीसरे मैच में कैसी होगी भारत की प्लेइंग 11

IND vs NZ Pitch Report: भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की सीरीज का तीसरा मैच मंगलवार, 27 अक्टूबर को खेला जाएगा। दोनों टीमों के बीच ये मुकाबला वेलिंगटन के हेनरी स्टेडियम में खेला जाएगा। इससे पहले क्राइस्टचर्च में खेले गए दोनों मुकाबलों में भारत ने जीत दर्ज की है। भारत ने दोनों मैचों में शानदार प्रदर्शन करते हुए न्यूजीलैंड को हराया। सीरीज में भारतीय टीम 2-0 से आगे हैं। भारतीय टीम तीसरे मुकाबले को जीकर सीरीज में कब्जा करना चाहेगी। वहीं दूसरी ओर न्यूजीलैंड की टीम मैच में वापसी करने को बेताब होगी। इस मैच में भारतीय टीम अपने प्लेइंग 11 में कुछ बदलाव कर सकती है। आइए जानते हैं कैसी होगी भारत की प्लेइंग 11

तीसरे मैच से बाहर हुए ईशान

पिछले मैच में ईशान किशन की जगह वैभव सूर्यवंशी कौ मौका मिला था। पहले मैच में लगे चोट की वजह से ईशान तीसरे मुकाबले से भी बाहर हो गए हैं। ऐसे में उनकी जगह वैभव को मौका मिल सकता है। पिछले मैच में उन्हें ओपनिंग के बजाय तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने भेजा गया था। लेकिन वह अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए और आठ गेंदों में सिर्फ चार रन बना सके। इस दौरान उनकी बल्लेबाजी में आत्मविश्वास की कमी दिखी। अब देखना होगा कि अगले मैच में टीम उन्हें फिर से ओपनिंग करने भेजती है या उनकी बल्लेबाजी की जगह में कोई बदलाव करती है।

क्या भुवी होंगे बाहर?

ऑलराउंडर अक्षर पटेल, तिलक वर्मा, नमन धीर और नीतीश कुमार रेड्डी ने अब तक अच्छा प्रदर्शन किया है, इसलिए टीम में उनकी जगह बदलने की जरूरत नहीं दिख रही है। हालांकि, गेंदबाजी में भुवनेश्वर कुमार की वापसी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही है। वह अब तक दो मैचों में 99 रन दे चुके हैं। ऐसे में टीम प्रबंधन उनके प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए उन्हें आराम देने पर विचार कर सकता है। लेकिन चार साल के लंबे अंतराल के बाद टीम में लौटे भुवनेश्वर को लगातार तीसरे मैच में खेलने का मौका मिल सकता है, ताकि वह अपनी लय हासिल कर सकें और खुद को साबित कर सकें।

बारिश बिगाड़ेगा खेल?

क्राइस्टचर्च में मैच के दौरान बारिश की कोई संभावना नहीं है और पूरे दिन आसमान साफ रहने का अनुमान है। दिन में तापमान करीब 24 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है, जबकि शाम होते-होते यह गिरकर 10 डिग्री तक पहुंच सकता है। बारिश नहीं होने के बावजूद शाम के समय नमी बढ़कर 77 फीसदी तक पहुंचने की उम्मीद है। ऐसे में मैदान पर ओस गिर सकती है, जिससे गेंदबाजों को परेशानी हो सकती है। इसलिए टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी करने और बाद में लक्ष्य का पीछा करने का फैसला कर सकती है।

कैसी होगी पिच

क्राइस्टचर्च की पिच पर मैच की शुरुआत में तेज गेंदबाजों को स्विंग और गेंद में उछाल का फायदा मिल सकता है। हालांकि, जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ेगा, बल्लेबाजों के लिए रन बनाना आसान हो सकता है। पिछले दो मैचों में 180 से ज्यादा रन के लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिए गए थे, लेकिन इस बार पिच पर गेंदबाजों और बल्लेबाजों के बीच बराबरी का मुकाबला देखने को मिल सकता है। मैदान के पिछले रिकॉर्ड पर नजर डालें तो यहां खेले गए पिछले मैच में 164 रन का लक्ष्य सफलतापूर्वक बचाया गया था, जबकि इस मैदान पर सबसे बड़ा सफल रन चेज 216 रन का रहा है।

भारत की संभावित प्लेइंग 11: वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (WK), श्रेयस अय्यर (C), अक्षर पटेल, तिलक वर्मा, नमन धीर, नीतीश कुमार रेड्डी, भुवनेश्वर कुमार, अर्शदीप सिंह और प्रिंस यादव

INDvsNZ तीसरे टी-20 में अजेय बढ़त लक्ष्य, न्यूजीलैंड को वापसी की आस कम

INDvsNZ जब कोई टीम हारा हुआ मैच जीत जाती है जैसा कि पिछले टी-20 अंतरराष्ट्रीय में न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत ने किया तो सामने वाली टीम, यानि कि हारने वाली टीम के हौंसले पस्ते हो जाते हैं। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा क्या भारत वेलिंगटन की तेज हवाओं के बीच न्यूजीलैंड से तीसरा टी-30 अंतरराष्ट्रीय मैच जीतकर अजेय बढ़त हासिल कर पाता है या नहीं।

भारत कल ही सीरीज में अजेय बढ़त लेना चाहेगा ताकि अंतिम दो टी-20 के लिए कुछ अहम खिलाड़ियों को आराम दिया जा सके जो एकदिवसीय सीरीज का हिस्सा भी हैं। अगर ऐसा नहीं हो पाया तो भारत को थोड़ा और रुकना पड़ सकता है। न्यूजीलैंड ने अभी से अपनी खिलाड़ियों का कार्यभार प्रबंधन शुरु कर दिया है।  मेजबान को लग चुका है कि तीनों मैच जीतना अब बहुत मुश्किल है इस कारण एकदिवसीय सीरीज पर ध्यान लगाया जाए।

टीम की एकमात्र कमजोर कड़ी भुवनेश्वर कुमार लगते हैं जिन्होंने  पहले दो मैचों में 49 और 50 रन लुटाए।भुवनेश्वर को हालांकि बेसिन रिजर्व की परिस्थितियां रास आ सकती हैं। उन्हें अर्शदीप के रूप में एक भरोसेमंद साथी मिलेगा, जो दोनों तरफ स्विंग करने की अपनी क्षमता से न्यूजीलैंड के शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों  के लिए परेशानी खड़ी कर सकते हैं।

यह देखना दिलचस्प होगा कि अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी और संजू सैमसन हवा और ठंड के उतार-चढ़ाव से कैसे निपटते हैं। 15 वर्षीय सूर्यवंशी के लिए इस तरह की परिस्थितियां निश्चित रूप से उन्हें एक बेहतर खिलाड़ी बनाने में बहुत मददगार साबित होंगी।मुख्य कोच गौतम गंभीर की तिलक वर्मा, नमन धीर और नीतीश कुमार रेड्डी को मध्य क्रम में इस्तेमाल करने की रणनीति पहले दो मैचों में कारगर साबित हुई है।

मेजबान टीम न्यूजीलैंड के शीर्ष क्रम ने निराश किया है। फिन एलन, टिम सीफर्ट और डैरिल मिचेल ने कोई अर्धशतक नहीं जड़ा है।इन तीनों बल्लेबाजों ने अभी तक अपेक्षित प्रदर्शन नहीं किया है और जैसे-जैसे श्रृंखला आगे बढ़ रही है उन पर भी दबाव बढ़ता जा रहा है।न्यूजीलैंड की तरफ से मध्य क्रम में ग्लेन फिलिप्स ने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई है। उन्होंने पहले दोनों मैच में अर्धशतक बनाया। पिछले मैच में बेवन जैकब्स ने भी अच्छी बल्लेबाजी की।

तेज गेंदबाजी के हाल न्यूजीलैंड के लिए उससे भी बुरे हैं। पहले मैच में टीम ने 225 रन लुटवा दिए दूसरे में अंतिम 9 ओवर में 110 रन पड़वा कर 180 रनों का स्कोर ना बचा पाए। मैट हैनरी और लॉकी फर्ग्यूसन चोटिल होकर बाहर हैं। न्यूजीलैंड ने इन दोनों की जगह पर मैट फिशर और ब्लेयर टिकनर को टीम में शामिल किया है। न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर ही अकेले दम पर विकेट लेने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

टीम इस प्रकार हैं:

भारत: श्रेयस अय्यर (कप्तान), संजू सैमसन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, नमन धीर, तिलक वर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, प्रिंस यादव, अर्शदीप सिंह, भुवनेश्वर कुमार, मयंक यादव, कुमार कुशाग्र, वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव।

न्यूजीलैंड: फिन एलन, टिम सीफर्ट (विकेटकीपर), बेवन जैकब्स, डैरिल मिचेल, ग्लेन फिलिप्स, डेवोन कॉनवे, मिचेल सैंटनर (कप्तान), माइकल ब्रैसवेल, नाथन स्मिथ, ब्लेयर टिकनर, मैट फिशर, काइल जैमीसन, जैकब डफी, एडम मिल्ने, जोश क्लार्कसन।

 समय:  दोपहर 12:30 बजे

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Tilak Varma: मैच से पहले तिलक ने कोच गंभीर से किया था बड़ा वादा, मैच खत्म होते ही किया खुलासा

भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेला गए दूसरे टी20 मुकाबले में टीम इंडिया के तिलक वर्मा ने शानदार बैटिंग की। तिलक जब बैटिंग करने आए थे तो टीम इंडिया काफी मुश्किल में थी। तिलक ने पहले नमन धीर और फिर नीतीश कुमार रेड्डी के साथ शानदार साझेदारी की। रन चेज के दौरान तिलक वर्मा ने गेंदों में 6 चौके और 1 छक्का लगाकर नाबाद 51 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली। उनकी इस पारी की बदौलत भारत ने न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हराया। वहीं मैच के बाद भारतीय क्रिकेटर तिलक वर्मा ने बताया कि न्यूजीलैंड के खिलाफ क्राइस्टचर्च में खेले गए मैच में बड़े शॉट लगाना आसान नहीं था।

तिलक के मुताबिक, मैदान बड़ा था और पिच धीमी होने के कारण छक्के लगाना मुश्किल था। वह बड़े शॉट खेलना चाहते थे, लेकिन उन्होंने कोच से वादा किया था कि वह आखिर तक टिककर खेलेंगे। इसलिए उन्होंने जल्दबाजी करने और जोखिम लेने के बजाय संभलकर बल्लेबाजी की।

तिलक वर्मा ने क्या कहा

BCCI की ओर से जारी नीतीश कुमार रेड्डी के साथ बातचीत में तिलक वर्मा ने कहा कि, ‘इस मैच में पिच काफी मुश्किल थी और मैदान भी बड़ा था। पिच धीमी होने के कारण बड़े शॉट लगाना आसान नहीं था। उन्होंने बताया कि गेंदबाजों के बाउंसर भी काफी तेजी से आ रहे थे, जिससे छक्के मारने में परेशानी हो रही थी।’ तिलक के मुताबिक, ‘पहले मैच में बड़े शॉट लगाना आसान था, लेकिन इस मुकाबले में उन्होंने फिटनेस का इस्तेमाल करते हुए तेजी से दौड़कर रन बनाने और एक-दो रन लेने पर ज्यादा ध्यान दिया।’

 

हेड कोच से किया था वादा

तिलक वर्मा ने आगे कहा कि, ‘जब नमन बल्लेबाजी कर रहे थे, तब उनका मन भी बड़े शॉट खेलने का था। लेकिन, उन्होंने गौतम गंभीर और कोटक सर से वादा किया था कि वह अगले मैचों में अपनी पारी को अंत तक ले जाने और टीम को बेहतर स्थिति में पहुंचाने की कोशिश करेंगे।’ इसी वादे को ध्यान में रखते हुए उन्होंने संभलकर बल्लेबाजी की और गैरजरूरी जोखिम लेने से बचते रहे।

तिलक वर्मा ने खेली शानदार पारी

181 रन के टारगेट का पीछा करते समय तिलक वर्मा जब बल्लेबाजी करने उतरे, तब भारतीय टीम की स्थिति काफी खराब थी। 11वें ओवर में भारत का स्कोर 4 विकेट पर 69 रन था, लेकिन कुछ ही देर बाद टीम ने 70 रन पर अपना पांचवां विकेट भी गंवा दिया। 11वें ओवर के अंत में नमन धीर और तिलक वर्मा दोनों के खाते में एक-एक रन था। हालांकि, अगले तीन ओवर में नमन ने तेजी से बल्लेबाजी करते हुए 15 गेंदों पर 30 रन बना लिए, जबकि तिलक ने इतनी ही गेंदों का सामना करके केवल छह रन बनाए।ऐसे मुश्किल समय में तिलक ने शुरुआत में संभलकर बल्लेबाजी की और पहली 9 गेंदों पर सिर्फ 10 रन बनाए। इसके बाद उन्होंने अपनी बल्लेबाजी की रफ्तार बढ़ाई और तेजी से रन बनाकर टीम को संभालने की कोशिश की।

Anant Singh: ‘मैं अपनी पार्टी बनाऊंगा…’; JDU से निकाले जाने पर मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह का बड़ा ऐलान

Anant Singh News: जनता दल यूनाइटेड (JDU) से निकाले जाने के बाद बिहार के मोकामा से बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने रविवार (25 अक्टूबर) को पार्टी नेतृत्व पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि JDU खत्म हो चुकी है। सिंह ने कहा कि भविष्य के चुनावों में उसे 10 सीटें भी मिलना मुश्किल होगा। साथ ही, उन्होंने अपनी खुद की राजनीतिक पार्टी बनाने की घोषणा भी कर दी है। पार्टी द्वारा की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई पर विधायक ने मौजूदा पार्टी नेतृत्व के अधिकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह पार्टी मूल रूप से बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की थी। लेकिन जिन नेताओं ने उन्हें पार्टी से बाहर निकाला है, उनके नेतृत्व में पार्टी ने अपना राजनीतिक वजूद खो दिया है।

पटना में पत्रकारों से बात करते हुए सिंह ने कहा कि पार्टी नेतृत्व द्वारा उनके खिलाफ की गई कार्रवाई को लेकर उन्हें कोई मलाल नहीं है। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, पटना में 6 साल के लिए JDU पार्टी से निकाले जाने पर अनंत सिंह ने कहा, “जनता मालिक है। जो कार्रवाई हुई है अच्छी हुई है। मुझे कोई दिक्कत नहीं है। पार्टी नीतीश कुमार की थी वे नहीं हैं तो पार्टी में कौन है? मैं कह रहा हूं कि निकाल दें। अब नीतीश कुमार नहीं हैं तो पार्टी खत्म हो गई। इनको 10 सीट आने में भी आफत होगी…मैं अपनी पार्टी बनाऊंगा…मैं पार्टी के पास टिकट मांगने नहीं गया था पार्टी ने बुलाकर मुझे टिकट दिया। जदयू का भविष्य खत्म है। मेरी नीतीश कुमार से कोई दूरी नहीं है। वे बीमार रहते हैं।”

नीतीश कुमार के प्रति आज भी सम्मान

सिंह ने कहा कि मुझे कोई पछतावा नहीं है। जो भी कार्रवाई की गई है, ठीक है। मुझे इससे कोई दिक्कत नहीं है। विधायक ने दावा किया कि आने वाले चुनाव पार्टी की जमीनी हकीकत सबके सामने ला देंगे। उन्होंने आगे कहा, “JDU खत्म हो चुकी है। जब चुनाव होंगे, तो सब कुछ साफ हो जाएगा।” अपने खिलाफ कार्रवाई करने वाले पार्टी नेताओं की कड़ी आलोचना करने के बावजूद सिंह ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ उनके निजी संबंध अभी भी कायम हैं।

सिंह ने कहा, “नीतीश जी और मेरे बीच कोई दूरी नहीं है। हमारे संबंध अच्छे हैं। मैं कभी उनसे मिलने जाऊंगा। इसमें कोई दिक्कत नहीं है। वे अपनी पार्टी अपने पास रखें। वैसे भी इसका कोई खास मतलब नहीं रह गया है।” इससे पहले, शनिवार को जनता दल (यूनाइटेड) ने मोकामा के विधायक अनंत कुमार सिंह और पूर्व विधायक नीलम देवी (पति-पत्नी) को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में 6 साल के लिए पार्टी से निकाल दिया। पार्टी ने उनकी प्राथमिक सदस्यता भी रद्द कर दी है। इसके अलावा भारत के संविधान की 10वीं अनुसूची के तहत बिहार विधानसभा में अनंत सिंह की सदस्यता रद्द करने की सिफारिश की है।

अनंत सिंह पर क्यों हुई कार्रवाई?

बिहार JDU के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा द्वारा जारी एक आदेश के अनुसार, अनंत सिंह की प्राथमिक सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई है। उन पर पार्टी के निर्देशों की अनदेखी करने, पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ अनुचित और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने, और हाल ही में हुए विधान परिषद चुनावों के दौरान पार्टी उम्मीदवार के खिलाफ काम करने का आरोप है। आदेश में कहा गया है कि चुनावों के दौरान सिंह ने किसी दूसरी पार्टी के उम्मीदवार के लिए प्रचार किया था, जिसके चलते पार्टी ने उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।

पार्टी की बिहार इकाई के अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा की ओर से जारी बयान में कहा गया कि अनंत सिंह की प्राथमिक सदस्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है। इसमें कहा गया है कि पार्टी के निर्देशों की अवहेलना करने, शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने और हाल में हुए विधान परिषद चुनाव में प्रतिद्वंद्वी दल के उम्मीदवार के लिए प्रचार करने के आरोपों में अनंत सिंह के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है।

जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार को किया समर्थन

अनंत सिंह ने बिहार विधान परिषद चुनाव में जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह के लिए प्रचार शुरू करके JDU के खिलाफ कथित तौर पर बगावत का रुख अपना लिया था। उन्होंने अनुज सिंह का समर्थन और उनके पक्ष में प्रचार करके विधान परिषद चुनाव में JDU के विधान परिषद सदस्य नीरज कुमार को हराने का संकल्प लिया था।

JDU ने बिहार विधानसभा अध्यक्ष से संविधान की 10वीं अनुसूची के तहत अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की सिफारिश भी की। बयान में कहा गया कि पार्टी की पूर्व विधायक नीलम देवी (सिंह की पत्नी) की प्राथमिक सदस्यता भी कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के कारण तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है।

इससे पहले दिन में अनंत सिंह ने अनुज सिंह की जीत का भरोसा जताया। यहां उनके आवास पर 27 अक्टूबर को विधान परिषद चुनाव के नतीजे घोषित होने से कुछ दिन पहले ही मिठाइयां और अन्य पकवान तैयार किए जा रहे थे। सिंह के प्रभाव वाला मोकामा विधानसभा क्षेत्र 1990 से उनके परिवार के पास रहा है। हालांकि, इस दौरान कुछ समय के लिए एक प्रतिद्वंद्वी बाहुबली ने इस सीट पर कब्जा कर लिया था।

‘छोटे सरकार’ के नाम से फेमस हैं अनंत सिंह

मोकामा में ‘छोटे सरकार’ के नाम से पहचाने जाने वाले सिंह ने 2022 में अपनी पत्नी नीलम देवी को राजनीतिक विरासत सौंपी थी। उस समय UAPA के एक मामले में दोषी ठहराए जाने के कारण उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई थी। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने 2020 में उन्हें और दो साल बाद हुए उपचुनाव में उनकी पत्नी को टिकट दिया था। हालांकि, नीलम देवी 2024 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल हो गईं। बताया जाता है कि उन्होंने यह कदम कथित तौर पर अपने पति की सहमति से उठाया था।

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JDU ने बाहुबली विधायक अनंत सिंह को पार्टी ने निकाला, पत्नी नीलम देवी पर भी नीतीश कुमार की बड़ी कार्रवाई

Anant Singh News: जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों को लेकर शनिवार (24 अक्टूबर) को मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह और पूर्व विधायक एवं उनकी पत्नी नीलम देवी को छह साल के लिए निष्कासित कर दिया। पार्टी की बिहार इकाई के अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा की ओर से जारी बयान में कहा गया कि अनंत सिंह की प्राथमिक सदस्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है। बयान में कहा गया है कि पार्टी के निर्देशों की अवहेलना करने, शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने और हाल में हुए विधान परिषद चुनाव में प्रतिद्वंद्वी दल के उम्मीदवार के लिए प्रचार करने के आरोपों में अनंत सिंह के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है।

क्यों हुई कार्रवाई?

अनंत सिंह ने बिहार विधान परिषद चुनाव में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह के लिए प्रचार शुरू करके JDU के खिलाफ कथित तौर पर बगावत का रुख अपना लिया था। उन्होंने अनुज सिंह का समर्थन और उनके पक्ष में प्रचार करके विधान परिषद चुनाव में JDU के विधान परिषद सदस्य नीरज कुमार को हराने का संकल्प लिया था।

JDU ने बिहार विधानसभा अध्यक्ष से संविधान की 10वीं अनुसूची के तहत अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की सिफारिश भी की। आधिकारिक बयान में कहा गया कि पार्टी की पूर्व विधायक नीलम देवी की प्राथमिक सदस्यता भी कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के कारण तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है।

बिहार JDU अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा द्वारा जारी एक आदेश में पार्टी ने अनंत सिंह पर आरोप लगाया कि उन्होंने बार-बार पार्टी के निर्देशों की अवहेलना की और शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ अनुचित व अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया। इसमें आगे कहा गया कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार और कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय कुमार झा के संदेशों के बावजूद, अनंत सिंह ने नीरज कुमार के खिलाफ अपना प्रचार जारी रखा।

ललन सिंह ने की थी नीतीश कुमार से मुलाकात

इस निष्कासन की घोषणा से कुछ समय पहले ही केंद्रीय मंत्री एवं सीनियर JDU नेता ललन सिंह ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पार्टी प्रमुख नीतीश कुमार से मुलाकात की थी। अनंत सिंह ने पहले ही कह दिया था कि वे किसी भी कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार हैं। अनंत सिंह ने कहा, “नीरज ने हमेशा नीतीश कुमार के नाम पर चुनाव लड़ा है। उनकी अपनी कोई साख नहीं है। उन्होंने पार्टी के लिए क्या योगदान दिया है? पार्टी अब उनका समर्थन कर रही है, लेकिन जब उन्होंने पिछले चुनावों में मेरा विरोध किया था, तब पार्टी चुप थी। मैं पार्टी की किसी भी कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार हूं।”

नीरज कुमार Vs अनंत सिंह

गुरुवार को नीतीश कुमार की नीरज कुमार से मुलाकात के बाद अनंत सिंह ने कहा कि JDU प्रमुख वहां चले जाते हैं, जहां उन्हें ले जाया जाता है। इस प्रचार अभियान के दौरान एक-दूसरे पर निजी हमले भी किए गए। मतदान से तीन दिन पहले जब नीरज कुमार को अस्पताल में भर्ती कराया गया, तो अनंत सिंह ने इसे नौटंकी करार दिया। 2015 से चली आ रही प्रतिद्वंद्विता यह विवाद 2015 के मोकामा विधानसभा चुनाव से शुरू हुआ था, जब अनंत सिंह ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा। उस समय JDU के उम्मीदवार रहे नीरज कुमार को हरा दिया था।

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तब से उनके बीच मतभेद कई बार सामने आए हैं। बताया जाता है कि परिषद चुनावों से पहले पार्टी नेताओं ने उनके बीच सुलह कराने की कोशिश की थी। लेकिन ये कोशिशें नाकाम रहीं। शुक्रवार को मतदान के दौरान यह विवाद और बढ़ गया, जब मोकामा में अनुज सिंह और नीरज कुमार के समर्थक आपस में भिड़ गए। पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया। अनंत सिंह के करीबी सहयोगी छोटू सिंह को भी पटना में शांति भंग करने के आरोप में हिरासत में लिया गया।