UP Election 2027: ‘हमें जनता का राज बनाना है’; पूर्व IAS दिव्या मित्तल की पार्टी यूपी की सभी 403 सीटों पर उतारेगी कैंड‍िडेट

UP Elections 2027: उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। हाल ही में नौकरी से इस्तीफा देने वालीं पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने अपनी पार्टी ‘जन नीति भारत’ के यूपी के चुनावी मैदान में उतरने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा है कि उनकी पार्टी 2027 में उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। यूपी के कई जिलों में जिलाधिकारी रह चुकीं दिव्या ने कहा कि पार्टी उन सीटों पर मजबूत उम्मीदवार उतारेगी, जहां उसे योग्य प्रत्याशी मिलेंगे।

दिव्या मित्तल ने मिर्जापुर के चुनार में शनिवार (24 अक्टूबर) को जनता से संवाद के दौरान यह घोषणा की। उन्होंने स्थानीय लोगों से पार्टी के उम्मीदवार का समर्थन करने की अपील की। उत्तर प्रदेश कैडर की भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी और देवरिया की पूर्व DM दिव्या मित्तल ने 13 साल की सेवा के बाद अगस्त महीने में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

इसके बाद मित्तल ने इसी महीने की शुरुआत में अपनी नई राजनीतिक पार्टी ‘जन नीति भारत’ (Jan Neeti Bharat) के गठन की घोषणा की थी। न्यूज एजेंसी पीटीआई (PTI) के अनुसार, उन्होंने अगस्त 2026 में प्रशासनिक सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ली थी।

‘राजनीती नहीं, जन नीती लानी होगी’

चुनार में भारी भीड़ के बीच दिव्या मित्तल ने कहा, “आप लोग हमारे साथ जुड़िए… देखिए मेरी एक आवाज से कुछ नहीं होगा। आप मेरे साथ इसलिए जुड़े क्योंकि मेरे साथ साथ में हजारों आवाजें जुड़ी, हजारों लोग जुड़े, वही शक्ति है और मुझे दूसरी कोई शक्ति चाहिए भी नहीं…वो तो शक्ति छोड़ के मैं केवल जनता के बीच आई हूं ताकि जनता का राज हम बना सके।”

उन्होंने आगे कहा, “इसलिए राजनीती नहीं, जन नीती लानी होगी। जनता का राज बनाना होगा। हमारी पार्टी जननीति भारत विधानसभा चुनाव लड़ेगी। हम 403 सीटों पर जहां-जहां मजबूत प्रत्यासी मिलेंगे वहाँ चुनाव लड़ेंगे। चुनार में भी उम्मीदवार उतारेंगे। जहां-जहां मजबूत प्रत्याशी मिलेंगे, वहां सभी 403 सीटों पर उम्मीदवार उतार सकते हैं।”

चुनार में दिव्या मित्तल ने किया जनसंवाद

दिव्या मित्तल शनिवार को मिर्जापुर के चुनार पहुंचीं, जहां उन्होंने जनता से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने गुहरज निषाद पार्क में निषादराज की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने अपनी नई पार्टी की चुनावी रणनीति और राजनीति में आने के उद्देश्य को लेकर अपनी बात रखी।

‘जनता का शासन स्थापित करना है’

पूर्व IAS अधिकारी ने राजनीति में आने के अपने फैसले पर कहा कि उनका उद्देश्य केवल राजनीति करना नहीं, बल्कि जनता का शासन स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश में ऐसी व्यवस्था की जरूरत है, जिसमें लोगों की भागीदारी और उनके हितों को प्राथमिकता दी जाए। दिव्या मित्तल के मुताबिक, उनकी पार्टी जननीति यानी जन-केंद्रित शासन व्यवस्था को आगे बढ़ाना चाहती है। इसी उद्देश्य के साथ वह जनता के बीच आई हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

दिव्या मित्तल के इस ऐलान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उनकी नई नवेली पार्टी की घोषणा को उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नई चुनावी पहल के तौर पर देखा जा रहा है। अब यह देखना अहम होगा कि ‘जननीति भारत’ आगामी चुनाव में कितनी मजबूती से अपनी राजनीतिक मौजूदगी दर्ज करा पाती है।

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JDU ने बाहुबली विधायक अनंत सिंह को पार्टी ने निकाला, पत्नी नीलम देवी पर भी नीतीश कुमार की बड़ी कार्रवाई

Anant Singh News: जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों को लेकर शनिवार (24 अक्टूबर) को मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह और पूर्व विधायक एवं उनकी पत्नी नीलम देवी को छह साल के लिए निष्कासित कर दिया। पार्टी की बिहार इकाई के अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा की ओर से जारी बयान में कहा गया कि अनंत सिंह की प्राथमिक सदस्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है। बयान में कहा गया है कि पार्टी के निर्देशों की अवहेलना करने, शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने और हाल में हुए विधान परिषद चुनाव में प्रतिद्वंद्वी दल के उम्मीदवार के लिए प्रचार करने के आरोपों में अनंत सिंह के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है।

क्यों हुई कार्रवाई?

अनंत सिंह ने बिहार विधान परिषद चुनाव में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह के लिए प्रचार शुरू करके JDU के खिलाफ कथित तौर पर बगावत का रुख अपना लिया था। उन्होंने अनुज सिंह का समर्थन और उनके पक्ष में प्रचार करके विधान परिषद चुनाव में JDU के विधान परिषद सदस्य नीरज कुमार को हराने का संकल्प लिया था।

JDU ने बिहार विधानसभा अध्यक्ष से संविधान की 10वीं अनुसूची के तहत अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की सिफारिश भी की। आधिकारिक बयान में कहा गया कि पार्टी की पूर्व विधायक नीलम देवी की प्राथमिक सदस्यता भी कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के कारण तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है।

बिहार JDU अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा द्वारा जारी एक आदेश में पार्टी ने अनंत सिंह पर आरोप लगाया कि उन्होंने बार-बार पार्टी के निर्देशों की अवहेलना की और शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ अनुचित व अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया। इसमें आगे कहा गया कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार और कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय कुमार झा के संदेशों के बावजूद, अनंत सिंह ने नीरज कुमार के खिलाफ अपना प्रचार जारी रखा।

ललन सिंह ने की थी नीतीश कुमार से मुलाकात

इस निष्कासन की घोषणा से कुछ समय पहले ही केंद्रीय मंत्री एवं सीनियर JDU नेता ललन सिंह ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पार्टी प्रमुख नीतीश कुमार से मुलाकात की थी। अनंत सिंह ने पहले ही कह दिया था कि वे किसी भी कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार हैं। अनंत सिंह ने कहा, “नीरज ने हमेशा नीतीश कुमार के नाम पर चुनाव लड़ा है। उनकी अपनी कोई साख नहीं है। उन्होंने पार्टी के लिए क्या योगदान दिया है? पार्टी अब उनका समर्थन कर रही है, लेकिन जब उन्होंने पिछले चुनावों में मेरा विरोध किया था, तब पार्टी चुप थी। मैं पार्टी की किसी भी कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार हूं।”

नीरज कुमार Vs अनंत सिंह

गुरुवार को नीतीश कुमार की नीरज कुमार से मुलाकात के बाद अनंत सिंह ने कहा कि JDU प्रमुख वहां चले जाते हैं, जहां उन्हें ले जाया जाता है। इस प्रचार अभियान के दौरान एक-दूसरे पर निजी हमले भी किए गए। मतदान से तीन दिन पहले जब नीरज कुमार को अस्पताल में भर्ती कराया गया, तो अनंत सिंह ने इसे नौटंकी करार दिया। 2015 से चली आ रही प्रतिद्वंद्विता यह विवाद 2015 के मोकामा विधानसभा चुनाव से शुरू हुआ था, जब अनंत सिंह ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा। उस समय JDU के उम्मीदवार रहे नीरज कुमार को हरा दिया था।

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तब से उनके बीच मतभेद कई बार सामने आए हैं। बताया जाता है कि परिषद चुनावों से पहले पार्टी नेताओं ने उनके बीच सुलह कराने की कोशिश की थी। लेकिन ये कोशिशें नाकाम रहीं। शुक्रवार को मतदान के दौरान यह विवाद और बढ़ गया, जब मोकामा में अनुज सिंह और नीरज कुमार के समर्थक आपस में भिड़ गए। पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया। अनंत सिंह के करीबी सहयोगी छोटू सिंह को भी पटना में शांति भंग करने के आरोप में हिरासत में लिया गया।

Farooq Abdullah: ‘पाकिस्तान कश्मीरियों की रक्षा कर रहा है, वरना भारत के इरादे ठीक नहीं’; फारुक अब्दुल्ला के विवादित बयान पर बवाल, BJP भड़की

Farooq Abdullah: नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने पाकिस्तान की तारीफ करते हुए एक विवादास्पद बयान दिया है। शनिवार (24 अक्टूबर) को बारामूला में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए फारुक अब्दुल्ला ने पाकिस्तान के अंतरराष्ट्रीय अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि पड़ोसी मुल्क कई जगहों पर जाकर कश्मीरियों के बारे में बात कर रहा है। इसी वजह से जम्मू-कश्मीर के लोग बचे हुए हैं। वरना, कश्मीरियों के प्रति भारत के इरादे ठीक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान हमारी रक्षा कर रहा है। उनके इस विवादित बयान पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

न्यूज एजेंसी IANS के मुताबिक, जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम फारुक अब्दुल्ला ने बारामूला ने कहा, “वह बिल्कुल खुदमुख्तार (स्वतंत्र) हैं। जब मैंने वह कागज देखे… उनसे (दिल्ली) आप क्या उम्मीद करेंगे? क्या आप यह उम्मीद करेंगे कि वह आपके (कश्मीरियों) लिए इंसाफ करेंगे? अरे हिम्मत रखो उनका मुकाबला करने के लिए… हिम्मत नहीं रखोगे तो मिट जाओगे… तुम्हारा नाम और निशान मिट जाएगा। यह आज चुप हैं क्योंकि दुनिया में जोर है। हमारा पड़ोसी (पाकिस्तान) इनके पीछे लगा हुआ है। वह हर जगह पहुंच जाता है कि कश्मीर का फैसला नहीं हुआ है। वह (PAKISTAN) हमें बचा रहा है, नहीं तो इनके (भारत के) इरादे (कश्मीरियों के प्रति) नेक (ठीक) नहीं है।”

ANI के मुताबिक इस दौरान पूर्व सीएम ने यह भी कहा, “जम्मू-कश्मीर के बाहर से MBBS, MD या MS कोर्स करने आने वाले डॉक्टरों, और यहाँ मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्रों को, इस पूरे क्षेत्र के गांवों, अस्पतालों और अन्य जगहों पर दो साल तक सेवा देनी होती है। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो उन्हें प्रशासन को 50 लाख रुपये देने होंगे। यहां हालात ऐसे हैं कि एक फाइल पिछले एक साल से उपराज्यपाल के पास अटकी पड़ी है, लेकिन उसे अभी तक मंजूरी नहीं मिली है। यहां के हालात यही हैं। आप दिल्ली से क्या उम्मीद कर सकते हैं? क्या आप सच में उनसे न्याय मिलने की उम्मीद कर सकते हैं?”

बीजेपी की तीखी प्रतिक्रिया

पाकिस्तान को लेकर दिए गए बयानों से पैदा हुए राजनीतिक विवाद के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला पर तीखा हमला बोला है। जम्मू-कश्मीर BJP के प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने अब्दुल्ला की विवादित टिप्पणियों को ‘देशद्रोही और राष्ट्र-विरोधी’ करार दिया। साथ ही उनके खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की। अब्दुल्ला ने बारामूला में पार्टी कार्यकर्ताओं के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। कश्मीर पर पाकिस्तान के अंतरराष्ट्रीय अभियान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “पाकिस्तान कई जगहों पर जाकर कश्मीरियों के बारे में बात कर रहा है। इसी वजह से जम्मू-कश्मीर के लोग बचे हुए हैं। वरना, कश्मीरियों के प्रति भारत के इरादे ठीक नहीं हैं।”

उनके विवादास्पद बयानों पर ठाकुर ने पूर्व सीएम पर आरोप लगाया कि वे कश्मीर पर पाकिस्तान के रुख को सही ठहरा रहे हैं। वहीं, अपने ही नागरिकों के प्रति भारत के इरादों पर सवाल उठा रहे हैं। ठाकुर ने कहा, “फारूक अब्दुल्ला का पाकिस्तान-समर्थक बयान देशद्रोही और राष्ट्र-विरोधी है। ऐसी बातें कहने के लिए उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जाना चाहिए।” उन्होंने तर्क दिया कि एक वरिष्ठ राजनीतिक नेता, जिसने भारतीय संविधान के तहत शपथ ली है, उसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों पर बोलते समय सावधानी बरतनी चाहिए।

‘पाकिस्तान चलें जाएं…’

ठाकुर ने कहा कि अगर नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख को पड़ोसी देश पर इतना ही भरोसा है, तो उन्हें वहीं चले जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में रहने वाले लोग वहां के शासन से नाखुश हैं। वे भारत में शामिल होना चाहते हैं। BJP नेता ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि वह आतंकवाद को समर्थन देकर दशकों से जम्मू-कश्मीर में हिंसा फैला रहा है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र ने सालों तक खून-खराबा, टारगेटेड किलिंग और निर्दोष लोगों की जान जाते देखी है।

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वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और बीजेपी नेता सुरेश खन्ना ने फारूक अब्दुल्ला के विवादास्पद बयान पर कहा, “फारूक अब्दुल्ला जैसे लोगों ने ही जिंदगी भर कश्मीर का शोषण किया। कश्मीर के लोगों को दूसरे दर्जे के नागरिक बनाने की जिम्मेदारी फारूक अब्दुल्ला जैसे लोगों की है। उन्हें इस तरह का बयान नहीं देना चाहिए। यह भारत की विविधता का ही परिणाम है कि आज कश्मीर देश की मुख्य धारा में जुड़ा है और कश्मीर के हर नागरिक को वो अधिकार मिले हैं जो शेष भारत को मिले हैं। वहां के लोग देश की मुख्य धारा से जुड़े हैं। जब तक इनकी हुकूमत रही तब तक कश्मीरियों को एक तरीके से दूसरे दर्जे का नागरिक बनाने में सबसे बड़ी भूमिका इन्हीं की रही। उन्होंने केवल खुद को चर्चा में लाने के लिए ये बयान दिया है।”