Anant Singh: ‘मैं अपनी पार्टी बनाऊंगा…’; JDU से निकाले जाने पर मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह का बड़ा ऐलान

Anant Singh News: जनता दल यूनाइटेड (JDU) से निकाले जाने के बाद बिहार के मोकामा से बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने रविवार (25 अक्टूबर) को पार्टी नेतृत्व पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि JDU खत्म हो चुकी है। सिंह ने कहा कि भविष्य के चुनावों में उसे 10 सीटें भी मिलना मुश्किल होगा। साथ ही, उन्होंने अपनी खुद की राजनीतिक पार्टी बनाने की घोषणा भी कर दी है। पार्टी द्वारा की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई पर विधायक ने मौजूदा पार्टी नेतृत्व के अधिकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह पार्टी मूल रूप से बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की थी। लेकिन जिन नेताओं ने उन्हें पार्टी से बाहर निकाला है, उनके नेतृत्व में पार्टी ने अपना राजनीतिक वजूद खो दिया है।

पटना में पत्रकारों से बात करते हुए सिंह ने कहा कि पार्टी नेतृत्व द्वारा उनके खिलाफ की गई कार्रवाई को लेकर उन्हें कोई मलाल नहीं है। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, पटना में 6 साल के लिए JDU पार्टी से निकाले जाने पर अनंत सिंह ने कहा, “जनता मालिक है। जो कार्रवाई हुई है अच्छी हुई है। मुझे कोई दिक्कत नहीं है। पार्टी नीतीश कुमार की थी वे नहीं हैं तो पार्टी में कौन है? मैं कह रहा हूं कि निकाल दें। अब नीतीश कुमार नहीं हैं तो पार्टी खत्म हो गई। इनको 10 सीट आने में भी आफत होगी…मैं अपनी पार्टी बनाऊंगा…मैं पार्टी के पास टिकट मांगने नहीं गया था पार्टी ने बुलाकर मुझे टिकट दिया। जदयू का भविष्य खत्म है। मेरी नीतीश कुमार से कोई दूरी नहीं है। वे बीमार रहते हैं।”

नीतीश कुमार के प्रति आज भी सम्मान

सिंह ने कहा कि मुझे कोई पछतावा नहीं है। जो भी कार्रवाई की गई है, ठीक है। मुझे इससे कोई दिक्कत नहीं है। विधायक ने दावा किया कि आने वाले चुनाव पार्टी की जमीनी हकीकत सबके सामने ला देंगे। उन्होंने आगे कहा, “JDU खत्म हो चुकी है। जब चुनाव होंगे, तो सब कुछ साफ हो जाएगा।” अपने खिलाफ कार्रवाई करने वाले पार्टी नेताओं की कड़ी आलोचना करने के बावजूद सिंह ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ उनके निजी संबंध अभी भी कायम हैं।

सिंह ने कहा, “नीतीश जी और मेरे बीच कोई दूरी नहीं है। हमारे संबंध अच्छे हैं। मैं कभी उनसे मिलने जाऊंगा। इसमें कोई दिक्कत नहीं है। वे अपनी पार्टी अपने पास रखें। वैसे भी इसका कोई खास मतलब नहीं रह गया है।” इससे पहले, शनिवार को जनता दल (यूनाइटेड) ने मोकामा के विधायक अनंत कुमार सिंह और पूर्व विधायक नीलम देवी (पति-पत्नी) को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में 6 साल के लिए पार्टी से निकाल दिया। पार्टी ने उनकी प्राथमिक सदस्यता भी रद्द कर दी है। इसके अलावा भारत के संविधान की 10वीं अनुसूची के तहत बिहार विधानसभा में अनंत सिंह की सदस्यता रद्द करने की सिफारिश की है।

अनंत सिंह पर क्यों हुई कार्रवाई?

बिहार JDU के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा द्वारा जारी एक आदेश के अनुसार, अनंत सिंह की प्राथमिक सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई है। उन पर पार्टी के निर्देशों की अनदेखी करने, पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ अनुचित और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने, और हाल ही में हुए विधान परिषद चुनावों के दौरान पार्टी उम्मीदवार के खिलाफ काम करने का आरोप है। आदेश में कहा गया है कि चुनावों के दौरान सिंह ने किसी दूसरी पार्टी के उम्मीदवार के लिए प्रचार किया था, जिसके चलते पार्टी ने उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।

पार्टी की बिहार इकाई के अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा की ओर से जारी बयान में कहा गया कि अनंत सिंह की प्राथमिक सदस्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है। इसमें कहा गया है कि पार्टी के निर्देशों की अवहेलना करने, शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने और हाल में हुए विधान परिषद चुनाव में प्रतिद्वंद्वी दल के उम्मीदवार के लिए प्रचार करने के आरोपों में अनंत सिंह के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है।

जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार को किया समर्थन

अनंत सिंह ने बिहार विधान परिषद चुनाव में जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह के लिए प्रचार शुरू करके JDU के खिलाफ कथित तौर पर बगावत का रुख अपना लिया था। उन्होंने अनुज सिंह का समर्थन और उनके पक्ष में प्रचार करके विधान परिषद चुनाव में JDU के विधान परिषद सदस्य नीरज कुमार को हराने का संकल्प लिया था।

JDU ने बिहार विधानसभा अध्यक्ष से संविधान की 10वीं अनुसूची के तहत अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की सिफारिश भी की। बयान में कहा गया कि पार्टी की पूर्व विधायक नीलम देवी (सिंह की पत्नी) की प्राथमिक सदस्यता भी कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के कारण तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है।

इससे पहले दिन में अनंत सिंह ने अनुज सिंह की जीत का भरोसा जताया। यहां उनके आवास पर 27 अक्टूबर को विधान परिषद चुनाव के नतीजे घोषित होने से कुछ दिन पहले ही मिठाइयां और अन्य पकवान तैयार किए जा रहे थे। सिंह के प्रभाव वाला मोकामा विधानसभा क्षेत्र 1990 से उनके परिवार के पास रहा है। हालांकि, इस दौरान कुछ समय के लिए एक प्रतिद्वंद्वी बाहुबली ने इस सीट पर कब्जा कर लिया था।

‘छोटे सरकार’ के नाम से फेमस हैं अनंत सिंह

मोकामा में ‘छोटे सरकार’ के नाम से पहचाने जाने वाले सिंह ने 2022 में अपनी पत्नी नीलम देवी को राजनीतिक विरासत सौंपी थी। उस समय UAPA के एक मामले में दोषी ठहराए जाने के कारण उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई थी। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने 2020 में उन्हें और दो साल बाद हुए उपचुनाव में उनकी पत्नी को टिकट दिया था। हालांकि, नीलम देवी 2024 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल हो गईं। बताया जाता है कि उन्होंने यह कदम कथित तौर पर अपने पति की सहमति से उठाया था।

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JDU ने बाहुबली विधायक अनंत सिंह को पार्टी ने निकाला, पत्नी नीलम देवी पर भी नीतीश कुमार की बड़ी कार्रवाई

Anant Singh News: जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों को लेकर शनिवार (24 अक्टूबर) को मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह और पूर्व विधायक एवं उनकी पत्नी नीलम देवी को छह साल के लिए निष्कासित कर दिया। पार्टी की बिहार इकाई के अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा की ओर से जारी बयान में कहा गया कि अनंत सिंह की प्राथमिक सदस्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है। बयान में कहा गया है कि पार्टी के निर्देशों की अवहेलना करने, शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने और हाल में हुए विधान परिषद चुनाव में प्रतिद्वंद्वी दल के उम्मीदवार के लिए प्रचार करने के आरोपों में अनंत सिंह के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है।

क्यों हुई कार्रवाई?

अनंत सिंह ने बिहार विधान परिषद चुनाव में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह के लिए प्रचार शुरू करके JDU के खिलाफ कथित तौर पर बगावत का रुख अपना लिया था। उन्होंने अनुज सिंह का समर्थन और उनके पक्ष में प्रचार करके विधान परिषद चुनाव में JDU के विधान परिषद सदस्य नीरज कुमार को हराने का संकल्प लिया था।

JDU ने बिहार विधानसभा अध्यक्ष से संविधान की 10वीं अनुसूची के तहत अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की सिफारिश भी की। आधिकारिक बयान में कहा गया कि पार्टी की पूर्व विधायक नीलम देवी की प्राथमिक सदस्यता भी कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के कारण तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है।

बिहार JDU अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा द्वारा जारी एक आदेश में पार्टी ने अनंत सिंह पर आरोप लगाया कि उन्होंने बार-बार पार्टी के निर्देशों की अवहेलना की और शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ अनुचित व अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया। इसमें आगे कहा गया कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार और कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय कुमार झा के संदेशों के बावजूद, अनंत सिंह ने नीरज कुमार के खिलाफ अपना प्रचार जारी रखा।

ललन सिंह ने की थी नीतीश कुमार से मुलाकात

इस निष्कासन की घोषणा से कुछ समय पहले ही केंद्रीय मंत्री एवं सीनियर JDU नेता ललन सिंह ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पार्टी प्रमुख नीतीश कुमार से मुलाकात की थी। अनंत सिंह ने पहले ही कह दिया था कि वे किसी भी कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार हैं। अनंत सिंह ने कहा, “नीरज ने हमेशा नीतीश कुमार के नाम पर चुनाव लड़ा है। उनकी अपनी कोई साख नहीं है। उन्होंने पार्टी के लिए क्या योगदान दिया है? पार्टी अब उनका समर्थन कर रही है, लेकिन जब उन्होंने पिछले चुनावों में मेरा विरोध किया था, तब पार्टी चुप थी। मैं पार्टी की किसी भी कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार हूं।”

नीरज कुमार Vs अनंत सिंह

गुरुवार को नीतीश कुमार की नीरज कुमार से मुलाकात के बाद अनंत सिंह ने कहा कि JDU प्रमुख वहां चले जाते हैं, जहां उन्हें ले जाया जाता है। इस प्रचार अभियान के दौरान एक-दूसरे पर निजी हमले भी किए गए। मतदान से तीन दिन पहले जब नीरज कुमार को अस्पताल में भर्ती कराया गया, तो अनंत सिंह ने इसे नौटंकी करार दिया। 2015 से चली आ रही प्रतिद्वंद्विता यह विवाद 2015 के मोकामा विधानसभा चुनाव से शुरू हुआ था, जब अनंत सिंह ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा। उस समय JDU के उम्मीदवार रहे नीरज कुमार को हरा दिया था।

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तब से उनके बीच मतभेद कई बार सामने आए हैं। बताया जाता है कि परिषद चुनावों से पहले पार्टी नेताओं ने उनके बीच सुलह कराने की कोशिश की थी। लेकिन ये कोशिशें नाकाम रहीं। शुक्रवार को मतदान के दौरान यह विवाद और बढ़ गया, जब मोकामा में अनुज सिंह और नीरज कुमार के समर्थक आपस में भिड़ गए। पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया। अनंत सिंह के करीबी सहयोगी छोटू सिंह को भी पटना में शांति भंग करने के आरोप में हिरासत में लिया गया।