Binance biggest Crypto Hack: दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज Binance पर हुए करीब $634 करोड़ (लगभग ₹60,000 करोड़) के साइबर हमले ने पूरी क्रिप्टो इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है। हालांकि कंपनी ने निवेशकों को राहत देते हुए दावा किया है कि चोरी हुए क्रिप्टो एसेट्स में से करीब 90% की भरपाई कर दी गई है। शनिवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए क्रिप्टो कंपनी ने कहा कि चरणबद्ध तरीके से विड्रॉल सर्विसेज फिर से शुरू करने के लिए काम हो रहा है। वहीं अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने इस हमले के लिए उत्तर कोरिया के हैकिंग ग्रुप ट्रेडट्रेटर (TraderTraitor) को जिम्मेदार ठहराया है।
Binance ने अपनी जेब से की भरपाई!
बाईनेंस ने 31 अक्टूबर को जारी अपने दूसरे रिकवरी अपडेट में बताया कि उसने हैकिंग से हुए नुकसान की भरपाई के लिए $634 करोड़ से अधिक की कंपनी पूंजी अलग रखी है। इसमें कंपनी का कॉरपोरेट ट्रेजरी, फ्यूचर्स इंश्योरेंस फंड (Futures Insurance Fund) और SAFU (सिक्योर एसेट फंड फॉर यूजर्स) शामिल हैं। कंपनी के मुताबिक पहले चरण में लगभग 80% नुकसान की भरपाई की गई थी, जो अब बढ़कर 90% हो गई है। बाईनेंस के मुताबिक इस साइबर हमले का पूरा वित्तीय बोझ कंपनी खुद उठाएगी और निवेशकों को किसी तरह का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।
कंपनी ने बिटकॉइन (Bitcoin), एथेरियम (Ethereum), USDT, बीएनबी (BNB), सोलाना (Solana), USDC, एक्सआरपी (XRP) समेत 10 अहम क्रिप्टोकरेंसी के लिए 100% बैकिंग सुनिश्चित करने का दावा किया है। इसके अलावा बाईनेंस का कहना है कि जब तक सभी टोकन के लिए कवरेज 100% तक नहीं पहुंच जाता, तब तक वह मार्केट और ओवर-द-काउंटर (OTC) चैनलों के जरिए बाकी टोकन एसेट्स की खरीदारी जारी रखेगी।
FBI ने उत्तर कोरिया को बताया जिम्मेदार
अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने शनिवार 31 अक्टूबर को आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि उत्तर कोरिया से जुड़े हैकिंग ग्रुप ट्रेडरट्रेटर (TraderTraitor) ने बाईनेंस पर साइबर हमला किया। एफबीआई का कहना है कि हैकर्स ने जो क्रिप्टोकरेंसी चुराई हैं, उसे मुख्य रूप से एथेरियम (Ethereum) में बदल रहे हैं। इसके बाद आशंका जताई जा रही है कि DeFi और Instant Swap सर्विसेज के जरिए इन एसेट्स की मनी लॉन्ड्रिंग की जा सकती है। इससे पहले ब्लॉकचेन जांच कंपनियों टीआरएम लैब्स (TRM Labs) और चेनएनालिसिस (Chainalysis) ने भी इस हमले के पीछे इसी ग्रुप का हाथ होने की आशंका जताई थी।
क्या है पूरा मामला
बाईनेंस के मुताबिक इसके हॉट वॉलेट्स पर 29 अक्टूबर को 20:05 UTC यानी भारतीय समय के हिसाब से अगले दिन रात को 01:35 AM बजे हमला हुआ। इसमें करीब $634 करोड़ के डिजिटल एसेट्स की चोरी हो गई यानी अनाधिकृत तौर पर निकाल लिए गए। रिकवरी की कोशिशों के तहत एक्सचेंज का कहना है कि कानूनी एजेंसियों और ब्लॉकचेन इंटेलिजेंस कंपनियों, एसेट इश्यूअर्स और इंडस्ट्री पार्टनर्स के साथ मिलकर करीब $300 करोड़ के एसेट्स को ब्लॉकचेन नेटवर्क पर फ्रीज करा दिया गया है।
कंपनी ने सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद करीब 34 घंटे के भीतर 1 नवंबर से चरणबद्ध तरीके से विदड्रॉल सर्विसेज बहाल करने का लक्ष्य रखा है। कंपनी का कहना है कि हमले की तकनीकी जांच जारी है। शुरुआती जांच में एक एंप्लॉयी के लैपटॉप के साथ छेड़छाड़ की आशंका सामने आई थी, लेकिन बाद में घुसपैठ के अन्य रास्तों का भी पता चला।
बाईनेंस ने सोमवार 2 नवंबर तक प्रूफ ऑफ रिजर्व (Proof of Reserves) की एक अपडेटेड रिपोर्ट जारी करने की योजना का ऐलान किया है। इससे यूजर्स अपने अकाउंट बैलेंस को सपोर्ट करने वाले डिजिटल एसेट्स को वेरिफाई कर सकेंगे।

