Market Insight : बाजार में अब नया शॉर्ट करना थोड़ा रिस्की, अगर पहले से शॉर्ट हैं तो अब ट्रेलिंग स्टॉप-लॉस लगाएं

Market Insight : चौतरफा बिकवाली के बीच भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में शुरुआती गिरावट और बढ़ गई है। निफ्टी 23600 के आसपास आ गया है। सुबह 10:50 बजे के आसपास सेंसेक्स 795.76 अंक या 1.04 प्रतिशत गिरकर 75,595.63 पर और निफ्टी 227.50 अंक या 0.95 प्रतिशत गिरकर 23,642.10 पर दिख रहा था। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 1% से ज्यादा की गिरावट आई थी।

बाजार: क्या आज बनेगा बॉटम?

बाजार की आगे की चाल और रणनीति पर अपनी राय साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि अगर गिफ्ट निफ्टी सही हुआ तो आज हम रेंज का ब्रेकडाउन करेंगे। लेकिन याद है ना,पिछले शुक्रवार हमने रेंज का ब्रेकआउट देखा था। बुधवार से हमारा नजरिया था कि 23,800 टूटेगा। मगर ये भी संभव है कि ब्रेकडाउन भी टिके नहीं। US की 10 साल की बॉन्ड यील्ड अब मेक ऑर ब्रेक लेवल पर है। 4.7% की बॉन्ड यील्ड के ऊपर अमेरिका में पैनिक होता है। हो सकता है वीकेंड पर डॉनल्ड ट्रंप कुछ कदम पीछे लें। उन्होंने धमकी दी है कि कुछ बड़ा करेंगे। हो सकता है वीकेंड पर वो कहें कि ईरान मान गया है।

कच्चा तेल $102 तक गया लेकिन अब $100 के करीब है। आज शायद IT सबसे पहले रिकवरी दिखाए। इंफोसिस के नतीजे कमजोर हैं लेकिन बहुत ज्यादा कमजोर नहीं हैं। एक नजर मार्केट ब्रेड्थ पर भी रखें जो 2 दिन से काफी कमजोर है।

 

निफ्टी: अब क्या हैं अहम स्तर?

अनुज सिंघल का कहना है कि 23,800 का लेवल तो तो आज निर्णायक तौर पर टूटने वाला है। इस रैली की शुरुआत हुई थी 23,123 से। 23,123 से हम 24,430 तक गए, यानी 1307 अंकों की रैली हुई। उसमें से अब हम रैली का 43% गिर चुके हैं। 50% रिट्रेसमेंट 23,776 पर है और 61.8% रिट्रेसमेंट 23,622 पर है और अब 23,622 निफ्टी की आखिरी लक्ष्मण रेखा है। इसके नीचे बंद हुए तो पूरी रैली खत्म होने का रिस्क होगा।

बाजार: क्या हो अब रणनीति?

बाजार में अब नया शॉर्ट करना थोड़ा रिस्की है। अगर पहले से शॉर्ट हैं तो अब आप ट्रेलिंग SL लगाएं। वीकेंड पर शॉर्ट्स बिल्कुल ना लेकर जाएं, क्योंकि अब बाजार काफी हद तक पैनिक फैक्टर को पचा चुका है और अगर वीकेंड पर कुछ पॉजिटिव हुआ तो बड़ी कवरिंग होगी। मगर दिक्कत ये है कि बाजार का टेक्सचर काफी कमजोर है। पैसा पूरे हफ्ते सिर्फ बेचकर बना है। ऐसे में जोखिम लेकर लॉन्ग करने की रणनीति भी थोड़ी रिस्की है।

ये बाजार थकाने वाला है,इसमें कोई शक नहीं है। इस बाजार में रिवेंज ट्रेडिंग ना करें। जरूरी नहीं है कि इस हफ्ते का नुकसान आप आज ही पूरा भरें। कई बार आपको स्वीकार करना पड़ता है कि ये बाजार अलग है। बाजार में चुनिंदा शेयरों में मौके अब भी हैं,हालांकि बहुत सीमित हैं। पिछले 2-3 दिनों से बड़ा पैसा 2-व्हीलर शेयरों में बना है। अगर शॉर्ट करना नहीं आता तो इस बाजार में काफी दिक्कत है। बाजार में अंदाजे को नहीं बल्कि प्राइस एक्शन को फॉलो कीजिए।

निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 23,700-23,750 (ऑप्शंस जोन) पर और सबसे अहम सपोर्ट 23,600-23,650 (Fibonacci लेवल्स) पर है। वहीं, इसके लिए पहला रजिस्टेंस 23,850-23,900 पर और बड़ा रजिस्टेंस 23,950-24,050 पर है। गैपडाउन के बाद वेट एंड वॉच की रणनीति रखें। अगर पहले से शॉर्ट हैं तो आधी पोजिशन बुक करें।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

इसके लिए अगला बड़ा सपोर्ट 55,200 पर है। उसके पहले बीच-बीच में शॉर्ट कवरिंग आ सकती है। लेकिन अगर 57,000 जल्दी वापस नहीं आया तो बड़ी गिरावट का खतरा है। बैंक निफ्टी में अब इन लेवल्स पर नया ट्रेड करना लगभग नामुमकिन है। पहले के शॉर्ट्स हैं तो ट्रेलिंग SL के साथ रहें।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Insight :अगर शॉर्ट नहीं कर सकते तो ये बाजार आपके लिए नहीं, दोनों तरफ बनेंगे पैसे

Market Insight : खराब ओपनिंग के बाद बाजार में रिकवरी की कोशिश हो रही है। निफ्टी निचले स्तरों से 100 अंकों से ज्यादा सुधरकर 23980 के करीब आ गया है। बैंक निफ्टी भी नीचे से करीब 250 अंक सुधरा है। लेकिन मिड और स्मॉलकैप में दबाव देखने को मिल रहा है। उधर वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX में भी गिरावट आई है। अब सवाल ये है कि क्या हम ब्रेकडाउन के करीब हैं? इस पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि निफ्टी पिछले 2 हफ्तों से एक रेंज में रहा है। 8 जुलाई की कैंडल को तोड़ने में 10 दिन से ज्यादा लगे। लेकिन पिछले शुक्रवार का वो ब्रेकआउट नकली निकला।

हमने बात की थी कि अब रेंज के निचले स्तरों पर जाने का रिस्क है। ये भी संभव है कि हम अब एक रेंज का ब्रेकडाउन दिखा दें। मगर जैसे ब्रेकआउट फेल हुआ था,क्या पता ब्रेकडाउन भी फेल हो। मगर इसमें कोई शक नहीं है कि बाजार में डर लौटा है। डर है कि US-ईरान लड़ाई फिर से लंबा न खींच जाए। यह भी डर है कि वापस कच्चे तेल की कीमत और सप्लाई पर असर न पड़े। कच्चा तेल अब वापस $100 पार करने की तैयारी कर रहा है। India VIX पर भी नजर रखें, 14.5 का मेक ऑर ब्रेक जोन है।

अच्छी बात यह है कि इस बार मार्च जैसी पेनिक सेलिंग नहीं है और कच्चे तेल से जुड़े शेयर भी टूट नहीं रहे हैं। उम्मीद होगी कि US चुनाव से पहले ये लड़ाई जल्दी खत्म हो, क्योंकि इस समय बाजार बाकी फैक्टर्स को नजरअंदाज कर रहा है।

बाजार: आखिर क्यों गिर रहे हैं हम?

कल भी हमने समझाया था कि बाजार क्यों गिरेगा। बाजार के सभी बड़े सेक्टर्स ने थकान दिखाई थी। एक-एक कर आज बड़े सेक्टर्स की दिक्कत दिखती है। बैंक सबसे बड़ा फैक्टर है। यह सबसे बड़ा सेक्टर है और सबसे ज्यादा दिक्कत भी यहीं है। HDFC बैंक खराब नतीजों के बाद 52-हफ्ते के निचले स्तर पर जाने को तैयार दिख रहा है। ICICI बैंक में अच्छे नतीजों पर भी बड़ा पॉजिटिव रिएक्शन नहीं देखने को मिला है। SBI में नतीजों से पहले का डर और SBI फंड्स की फीकी लिस्टिंग का असर दिख रहा है। इसके अलावा डॉलर-रुपया,बॉन्ड यील्ड और कच्चा तेल सब मैक्रो निगेटिव हैं।

IT की रैली फिर हुई फेल 

IT की रैली फिर फेल हो गई है। यह दूसरा सबसे बड़ा सेक्टर है जहां रैली फिर फेल होती दिख रही है। IT में रैली कोस्पी और चिप शेयरों में गिरावट से हुई थी। 2-3 दिनों से फिर AI रैली शुरू हुई है। मंगलवार को गैपअप पर हमने IT में मुनाफावसूली का नजरिया लिया था। फार्मा पर ट्रंप की नजर लग गई है।

यह बड़ा सेक्टर नहीं है लेकिन कम से कम चल तो रहा था। यहां डॉनल्ड ट्रंप की नजर लग गई और कल एक्सीडेंट हो गया। कल बहुत लोगों ने कहा ये न्यूट्रल है,इसका कोई असर नहीं होगा। सिर्फ CNBC-आवाज़ ने नजरिया लिया कि एक बार तो शेयर गिरेंगे। आज डॉ रेड्डीज के खराब नतीजों का भी असर दिखेगा। अब सिर्फ ऑटो,FMCG जैसे कुछ सेक्टर्स हैं जहां लोग चुप रहे हैं।

बाजार: आज के घरेलू संकेत

आज सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी का दिन है। आमतौर पर वीकली एक्सपायरी ऑप्शन राइटर्स की रेंज में होती हैं। इसके अलावा आज नतीजों के लिहाज से काफी बड़ा दिन है। इनमें से इंफोसिस के नतीजे सबसे अहम होंगे। अगर इंफोसिस की कमेंट्री खराब हुई तो IT फिर टूटेगा। लेकिन अगर इंफोसिस ने पॉजिटिव बोला तो शायद रैली फिर शुरू हो जाए।

बाजार: क्या हो रणनीति?

अगर शॉर्ट नहीं कर सकते तो ये बाजार आपके लिए नहीं है। इस बाजार में परमा बुल (Perma Bull)पैसा नहीं बना पाएगा। बाजार में दोनों तरफ के मौके हैं। लेकिन रेंज के सिरे में जब खड़े हों तो सावधान होना होगा, जैसे अब आज शायद शॉर्ट करना थोड़ा रिस्की हो। मोटा-मोटी हम 23,800-24,300 की रेंज में रहे हैं। अभी कुछ समय हमें शायद इसी रेंज में ऑपरेट करना हो। लेकिन स्टॉक स्पेसिफिक मौके अभी भी हैं और ये बाजार अच्छे नतीजों को रिवॉर्ड कर रहा है। सबसे बड़ा उदाहरण था बजाज ऑटो। अगर आपने मंगलवार को टॉप पर भी लिया,तब भी कल बड़ा पैसा बना। मगर बाजार में निराश करने की जगह नहीं है। कल इसका सबसे बड़ा उदाहरण था बंधन बैंक। बाजार में नतीजों पर रिएक्शन बड़े खतरनाक आ रहे हैं। आज का सबसे मजेदार शेयर होगा OFSS। कल शेयर औंधे मुंह गिरा लेकिन नतीजे शानदार हैं। मगर साथ ही OFSS के MD & CEO का इस्तीफा निगेटिव भी है।

निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए सबसे अहम सपोर्ट जोन 23,800-23,850 है। स्क्रीन बता रही है कि एक ना एक बार तो ये सपोर्ट जोन टेस्ट होगा। अगर ये लेवल बचा तो रिकवरी आ सकती है। मगर ये टूटा तो 23,600-23,700 का रिस्क होगा। पहला रजिस्टेंस 24,000-24,050 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24,150-24,250 पर है।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी के लिए अब 56,600-56,800 मेक ऑर ब्रेक जोन है। 56,800 पर 50 DEMA और 56,600 पर 100 DEMA है। अगर ये लेवल्स टूटे तो 56,000 भी टूटने का रिस्क रहेगा। बैंक निफ्टी में किसी भी रैली में भरोसा नहीं है क्योंकि सबसे बड़े शेयर चलने को तैयार नहीं हैं। ICICI बैंक,HDFC बैंक या SBI में से किसी को बड़ी लीडरशिप लेनी पड़ेगी। बैंक निफ्टी में जहां रिकवरी फेल हो,वहां बेचने पर पैसा बन रहा है।

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trump Tariffs: जेनेरिक्स पर ट्रंप का एक ऐलान, फार्मा सेक्टर में कोहराम, भारतीय कंपनियों पर पड़ेगा इतना गहरा असर

Trump Tariffs: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार 22 जुलाई को 1 अगस्त 2026 से अमेरिका में आयात होने वाली जेनेरिक दवाओं पर टैरिफ लगाने की नई टाइमलाइन का ऐलान किया है। इस ऐलान के बाद अब सन फार्मा (Sun Pharma), ल्यूपिन (Lupin), सिप्ला (Cipla) समेत देश की कई दवा कंपनियां निवेशकों के रडार पर आ गई हैं। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा कि अमेरिका में आयात होने वाली दवाईयों पर सभी जेनेरेकि दवाओं पर अब दो साल तक कोई टैरिफ नहीं लगाया जाएगा। ट्रंप के ऐलान के मुताबिक इसके बाद 1 अगस्त 2028 से इन पर 100% टैरिफ लगाया जाएगा और 1 अगस्त 2029 से इसे बढ़ाकर 200% कर दिया जाएगा।

Trump Tariffs: अमेरिका के लिए कितना अहम है जेनेरिक्स?

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के मुकाबिक जेनेरिक दवाओं का उत्पादन अमेरिका में करने के लिए टैरिफ पॉलिसी बनाई गई है। उन्होंने कहा कि जो कंपनियां तय समय के भीतर अमेरिका में अपने प्लांट और इक्विपमेंट नहीं लगाएंगी, उन्हें टैरिफ झेलना पड़ेगा। इससे पहले ट्रंप ने जो टैरिफ लगाए थे, उसके दायरे में ब्रांडेड और पेटेंट वाली दवाईयां थीं, जिसमें अभी भी कोई बदलाव नहीं किया गया है। पहले वाली पॉलिसी में जेनेरिक्स दवाईयां शामिल नहीं थीं क्योंकि अमेरिका में डॉक्टर्स करीब 90% जेनेरिक्स दवाईयां ही लिखते हैं। ट्रंप सरकार ने ट्रेड एक्सपेंशन एक्ट के सेक्शन 232 के तहत राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर फार्मा इंडस्ट्री की जांच भी शुरू की थी। इसके अलावा आम लोगों सीधे सस्ती दवाओं की बिक्री के लिए Trump RX नाम से एक प्लेटफॉर्म भी लॉन्च किया।

भारतीय फार्मा कंपनियों पर क्या असर?

जेनेरिक्स पर अमेरिकी टैरिफ का भारतीय कंपनियों पर बहुत असर पड़ सकता है। इसकी वजह ये है कि भारतीय दवा कंपनियों का अमेरिका में जितना सेल्स वॉल्यूम है, उसका करीब 90% तो जेनेरिक्स दवाईयों का है तो अमेरिका जितना जेनेरिक्स आयात करता है, उसमें 40% भारत से है। भारत से अमेरिका को करीब $1 हजार करोड़ का फार्मा एक्सपोर्ट है। इसके अलावा भारत के बाहर अमेरिकी दवा नियामक एफडीए से मंजूरी मिली हुई मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स में सबसे अधिक भारतीय कंपनियों की ही हैं, जिनकी संख्या लगभग 670 है।

अमेरिका की तुलना में भारत में क्यों बनती हैं अधिक दवाईयां

भारत में दवा बनाने की लागत अमेरिका की तुलना में 30-50% तक सस्ती पड़ती है। सीएनबीसी-टीवी18 की रिपोर्ट के मुताबिक इंडस्ट्री के कई जानकारों का मानना है कि अभी यह देखना बाकी है कि इस नीति को वास्तव में कैसे लागू किया जाएगा और ट्रंप के कार्यकाल के बाद इस पर क्या होगा। एक्सपर्ट्स के मुताबिक लगातार कीमतों में गिरावट, तगड़े कॉम्पटीशन , अलग-अलग प्रकार की डोजेज और सख्त मैन्युफैक्चरिंग क्वालिटी के चलते अमेरिका में बड़े पैमाने पर जेनेरिक दवाओं का उत्पादन आसान नहीं है। एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि अमेरिका में बड़े वॉल्यूम में प्रोडक्शन कैपेसिटी डेवलप करने में कई दशक लग सकते हैं, क्योंकि कम लागत वाली जेनेरिक दवाइयां बनाने को लेकर अमेरिका की क्षमता काफी हद तक कम हो चुकी है।

अमेरिका में किन भारतीय कंपनियों की है मौजूदगी

कई भारतीय कंपनियों की अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हैं। अरबिंदो फार्मा की अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग में अच्छी मौजूदगी है तो डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज, ल्यूपिन, सिप्ला और जाइडस लाइफ जैसी कंपनियों का भी अमेरिका में कारोबार फैला हुआ है। वहीं एल्केम लैब्स और टोरेंट फार्मा जैसी कंपनियां पूरी तरह से भारत में मौजूद मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स पर निर्भर हैं और अमेरिका से उनकी कमाई बहुत अधिक नहीं होती है। बायोकॉन जैसी कंपनियां बायोसिमिलर और जेनेरिक दवाओं के प्रोडक्शन के लिए भारत और मलेशिया की यूनिट्स पर निर्भर हैं, जबकि सेनोरेस फार्मा की अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग मौजूदगी है।

Market Insight : IT की रैली पर फिर मंडरा रहा खतरा, ट्रंप ने फार्मा सेक्टर को  दिया झटका, जानिए इनमें अब क्या हो रणनीति

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Karur Vysya Bank Share : नतीजों के बाद 10% से ज्यादा की तेजी के साथ स्टॉक बना आज का हीरो, जानिए आगे का आउटलुक

Karur Vysya Bank Share : नतीजों के बाद करूर वैश्य बैंक (Karur Vysya Bank) में जोरदार तेजी देखने को मिल रही है। आज यह शेयर हीरो ऑफ द डे बना हुआ है। फिलहाल यह शेयर 12 बजे के आसपास 31.85 रुपए यानी 10.58 फीसदी की बढ़त के साथ 332 रुपए के ऊपर दिख रहा था। आज का इसका दिन का हाई 335.85 रुपए है। इसका 52 वीक हाई 343.45 रुपए पर है। करूर वैश्य बैंक के आउटपरफॉर्मेंस की बात करें तो जनवरी से अब तक इस शेयर में 20 फीसदी की तेजी आई है। वहीं, 1 साल में इसमें 44 फीसदी रिटर्न दिया है। जबकि, बैंक निफ्टी ने जनवरी से अब तक 3 फीसदी निगेटिव रिटर्न दिया है। वहीं, 1 साल में इस इंडेक्स ने सिर्फ फीसदी रिटर्न दिया है।

करूर वैश्य बैंक में तेजी क्यों?

करूर वैश्य बैंक के मजबूत नतीजों ने इसमें जोश भर दिया है। पहली तिमाही में बैंक के नतीजे मजबूत रहे हैं। इस अवधि में इसका RoA 2.1% और कोर NIM 4.26% पर स्थिर रहा है। लोन ग्रोथ 17% और डिपॉजिट 15% बढ़ा है। प्रोविजन 24% घटा है। एसेट क्वालिटी भी मजबूत हुई है। तिमाही आधार पर बैंक की GNPA 0.74% और NNPA 0.19% रहा है। सालाना आधार पर CASA ग्रोथ 15% रहा है। वहीं, तिमाही आधार पर इसमें 9% इजाफा हुआ है।

30 जून, 2026 को खत्म हुई तिमाही में बैंक का नेट प्रॉफ़िट सालाना आधार पर लगभग 45% बढ़कर 756 करोड़ रुपये हो गया। यह पिछले 11 तिमाहियों में सबसे ज़्यादा प्रतिशत बढ़ोतरी है। इस तिमाही में बैंक ने 3,049 करोड़ रुपये की ब्याज आय दर्ज की है। जो सालाना आधार पर लगभग 19% ज्यादा है। कुल आय में इसका अहम योगदान रहा। पिछली तिमाही के मुकाबले इसमें 5% से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है।

हालांकि,जून तिमाही में अन्य आय में मामूली गिरावट का असर कुल आय पर पड़ा और इससे नेट प्रॉफ़िट में होने वाली बढ़ोतरी सीमित रही। जून तिमाही में बैंक की अन्य आय 442 करोड़ रुपये रही, जो सालाना आधार पर 1% से ज़्यादा और तिमाही आधार पर 28% से ज़्यादा की भारी गिरावट दिखाती है।

करूर वैश्य बैंक: गाइडेंस

बैंक का कहना है कि उसके तिमाही दर तिमाही यील्ड में 10 बेसिस प्वाइंट की गिरावट का अनुमान है। वहीं, कॉस्ट ऑफ डिपॉजिट में 10 बेसिस प्वाइंट बढ़ोतरी संभव है। NIM गाइडेंस करीब 3.8% पर बरकरार है। अगले क्वार्टर में NIM 4% से ऊपर रहने की उम्मीद है। वहीं, स्लिपेज 1% से नीचे रहने का अनुमान है। लोन ग्रोथ के इंडस्ट्री से करीब 2% ज्यादा का अनुमान है। GNPA 1.5% से नीचे रखने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, NNPA 1% से नीचे बनाए रखने का लक्ष्य है।

करूर वैश्य बैंक: वैल्युएशन

यह स्टॉक FY28 के प्राइस-टू-बुक (P/B) के 1.8 गुना मल्टीपल पर ट्रेड कर रहा है। यह इसको आकर्षक बनाता है।

शेयर प्राइस हिस्ट्री

पिछले 1 हफ्ते में यह शेयर 11.02 फीसदी भागा है। वहीं, 1 महीने में इसमें 14.14 फीसदी और तीन महीने में 14.53 फीसदी की तेजी आई है। इस साल अब तक यह शेयर 26.26 फीसदी भागा है। वहीं, 1 साल में इसमें 47.98 फीसदी की और तीन साल में 209.28 फीसदी की तेजी देखने को मिली है।

 

Market Insight : आज इंडेक्स पर रखनी होगी लेवल बेस्ड रणनीति, चुनिंदा शेयरों में शानदार मौके,वहीं करें फोकस

Market Insight : आज इंडेक्स पर रखनी होगी लेवल बेस्ड रणनीति, चुनिंदा शेयरों में शानदार मौके,वहीं करें फोकस

Market Insight :आज निफ्टी की वीकली एक्सपायरी का दिन है। कल निफ्टी और बैंक निफ्टी ने अहम स्तरों को डिफेंड किया। निफ्टी पर 24,150-24,180 का जोन सबसे अहम है। वहीं, बैंक निफ्टी में 57,500 का ऑल इम्पॉर्टेंट लेवल है। ऐसे में अगर गिफ्ट निफ्टी सही हुआ तो वो लेवल्स वापस टेस्ट होंगे। हालांकि ऐसा कोई कारण नहीं दिख रहा जिससे ये टूटें। ये कहना है सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल का।

उन्होंने आगे कहा कि कच्चा तेल वहीं है जहां हम कल छोड़कर गए थे और एशियाई बाजारों में भी कोई गिरावट नहीं है। कल HDFC बैंक ने बैंक निफ्टी का सेंटीमेंट खराब किया। आज शायद IT शेयरों में थोड़ी मुनाफावसूली आ जाए। US में सेमिकंडक्टर शेयर भागे हैं। कोरिया भी ऊपर है। आज MNC पावर से जुड़े शेयर जैसे GE Vernova और Hitachi फोकस में होंगे।

बाजार: आज के संकेत

आज का सबसे बड़ा संकेत है निफ्टी की वीकली एक्सपायरी। ऑप्शन राइटर्स की बेसिक रेंज 24,050-24,350 है। आज इसी रेंज को स्मार्ट तरीके से ट्रेड करने की जरूरत है। FIIs की कल कैश और इंडेक्स फ्यूचर्स में छोटी बिकवाली रही। कच्चा तेल अभी भी $88-89 के बीच बना हुआ है। डॉलर इंडेक्स 101 के आसपास बना हुआ है। कुल मिलाकर संकेत वहीं हैं जहां हम कल छोड़ कर गए थे। ऐसे में आज इंडेक्स पर लेवल बेस्ड रणनीति रखनी होगी। चुनिंदा शेयरों में शानदार मौके हैं,वहीं फोकस करें।

आज SBI फंड्स मैनेजमेंट की लिस्टिंग भी है। अगर अच्छे प्रीमियम पर लिस्ट हो तो मुनाफावसूली करें। RBI स्वाप विंडो के तहत भारत में $17.4 Bn के FCNR(B) डिपॉजिट आए हैं। डिपॉजिट उम्मीद से ज्यादा रहा है,कुल राशि $50-55 Bn से भी ज्यादा हो सकती है। डॉलर-रुपया पर नजर रखें,रिकॉर्ड निचले स्तर के हम काफी करीब हैं।

ट्रंप की टैरिफ धमकियां फिर लौटीं

ट्रंप की कनाडा को टैरिफ लगाने की चेतावनी आई है। कनाडा के कुछ सामानों पर 50% तक टैरिफ लगाने की धमकी आई है। US अल्कोहल,गाड़ियों,डेयरी प्रोडक्ट्स के साथ कनाडा के भेदभाव के जवाब में यह कदम उठाने की बात कही गई है। 50% टैरिफ की लिस्ट में दूध,क्रीम,ऑटो इक्विपमेंट और हॉकी के उपकरण शामिल हैं। एनर्जी,पोटाश,मछली और क्रिटिकल मिनरल्स लिस्ट से बाहर हैं। US-कनाडा-मेक्सिको समझौते के तहत आने वाले प्रोडक्ट्स पर छूट नहीं होगी।

1930 के टैरिफ अधिनियम की धारा 338 के तहत टैरिफ लगेंगे। धारा 338 US प्रेसिडेंट को 50% तक ड्यूटी लगाने का अधिकार देता है। इसके तहत अमेरिकी प्रोडक्ट्स के साथ भेदभाव करने वाले देशों पर टैरिफ का अधिकार है। कनाडा के ऊर्जा मंत्री के बयान में कहा गया है “कोई प्रतिक्रिया नहीं देने जा रहे हैं,हम यह सब पहले भी देख चुके हैं”।

US-ईरान युद्ध: ताजा हालात

US ने ईरान पर हमलों का एक और दिन शुरू किया। सोमवार को 4 PM ET से हमलों का 10वां दिन शुरू हुआ। अमेरिका की तरफ से कहा गया है कि हर बार जब ईरान किसी US सैनिक को मारेगा,उसे उसकी कई गुना कीमत चुकानी होगी

कल दोपहर को ईरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि US के साथ युद्ध को लेकर मध्यस्थों की तरफ से प्रस्ताव मिले हैं। MoU तभी मायने रखता है जब सभी पक्ष उसके लिए प्रतिबद्ध हों। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज पर ईरान के संप्रभु अधिकारों पर कोई समझौता नहीं होगा। ईरान के गृह मंत्री इस्कंदर मौमनी (Eskandar Momeni) सोमवार को पाकिस्तान का दौरा करेंगे। दोरे या किसी प्रस्ताव को लेकर अब तक कोई नई जानकारी नहीं मिली है।

10 दिन का सीजफायर?

रॉयटर्स के मुताबिक कतर और अन्य मध्यस्थों ने 10 दिन के सीजफायर का प्रस्ताव दिया था। एक यूएस अधिकारी ने कहा है कि ट्रंप इस समय जहाजों पर हमले के लिए ईरान को सजा देने पर फोकस कर रहे हैं। US हमले तब तक जारी रहेंगे जब तक राष्ट्रपति कोई दूसरा रास्ता नहीं चुनते। युद्ध खत्म करने के लिए कूटनीतिक कोशिशें जारी हैं।

सऊदी अरब की समुद्री नाकेबंदी

ईरान समर्थित हूती ने सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी का ऐलान किया है। ये नाकेबंदी यमन की राजधानी सना पर सऊदी हमलों के जवाब में की गई है। हूती प्रवक्ता याह्या सारी (Yahya Saree) ने कहा है कि सऊदी जहाजों पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लागू है। सऊदी अरब फिलहाल अपने तेल एक्सपोर्ट के बड़े हिस्से के लिए इसी रेड सी रूट का इस्तेमाल करता है। पिछले महीने सऊदी अरब ने 4.19 Mn बैरल प्रतिदिन कच्चे तेल का एक्सपोर्ट किया। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने Bab el-Mandeb स्ट्रेट में जहाजों की सुरक्षा के लिए कदम उठाने शुरू किए हैं। सऊदी विदेश मंत्रालय ने कहा कि 1982 UN Convention on Law of Sea के तहत कदम उठाएंगे।

बैंक: प्राइवेट Vs PSU बैंक

कल निफ्टी PSU बैंक ने 200 DMA से शानदार ब्रेकआउट दिया और निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स कल 200 DMA के नीचे आया। निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स अपने हाई से 13% नीचे है। कल HDFC बैंक में 2800 करोड़ रुपए की डिलिवरी सेलिंग हुई है। SBI में कल करीब 900-1000 करोड़ रुपए की डिलिवरी उठी है। ICICI बैंक भी कल शानदार नंबरों पर नहीं चल पाया। ऐसे में बाजार में एक रिस्क ओपन हुआ है। बैंक निफ्टी में एक डबल टॉप का रिस्क ओपन हुआ है। अब शुक्रवार का हाई पार करना बैंक निफ्टी के लिए बहुत मुश्किल है। SBI में मजबूती है मगर इस बार के नतीजे अहम होंगे।

बाजार: क्या हो रणनीति?

एक बात साफ है बाजार अभी भी रेंज में है। शुक्रवार को लगा कि रेंज टूट गई लेकिन वो रिजेक्ट हुआ और अब एक रिस्क रहेगा वापस रेंज में फंसने का है। अगर ब्रेकआउट फेल हो तो लोअर रेंज टेस्ट होने का रिस्क होता है। अगर निफ्टी 24,150 के नीचे सेटल हुआ तो ब्रेकआउट फेल कन्फर्म होगा। ऐसे में वापस 23,800-23,850 जाने का रिस्क रहेगा। लेकिन अगर निफ्टी ने 24,350 फिर पार किया तो ये बड़ा पॉजिटिव होगा। इंडेक्स से बेहतर है इस समय स्टॉक स्पेसिफिक रहना। फार्मा अभी भी बाजार की सबसे मजबूत कड़ी है। IT काफी चल चुका है और अब इस रैली का टेस्ट है। IT में पिछली दो रैलियां इतनी रिकवरी के बाद ही फेल हुई थीं। FMCG में धीरे-धीरे Accumulation हो रहा है। ऑटो और ऑटो एंसिलरी शेयरों में भी निचले स्तरों पर खरीदारी है।

निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 24,100-24,150 (कल का low, 10 DEMA) पर है। इसके लिए अगला बड़ा सपोर्ट 24,000-24,050 (20 DEMA,ऑप्शंस जोन) पर है। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 24,250-24,300 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24,350-24,400 पर है। खरीदारी का सबसे अच्छा जोन 24,100-24,150 है। इसके लिए स्टॉप लॉस 24,025 पर रखें। बिकवाली का सबसे अच्छा जोन 24,300-24,350 है। इसके लिए स्टॉप लॉस 24,425 पर होना चाहिए।

बैंक निफ्टी पर स्ट्रैटेजी

बैंक निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट जोन 57,750-57,850 (10 DEMA)है। वहीं, अगला बड़ा सपोर्ट 57,500-57,600 (20 DEMA, कल का low) पर है। अगर 57,500 टूटा तो बड़ी गिरावट के लिए तैयार रहें। अगर बैंक निफ्टी 57,500 होल्ड करे तो 57,400 के स्टॉपलॉस के साथ खरीदें। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 58,100-58,200 पर और बड़ा रजिस्टेंस 58,300-58,500 पर है।

 

Trading Plan : 24000 के ऊपर टिके रहने तक शॉर्ट-टर्म का रुझान पॉजिटिव, निफ्टी में जल्द ही 24500 का टारगेट मुमकिन

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Nuvoco Vistas share Price :  Q1 नतीजों के बाद आई तेजी में 8 महीने के हाई पर पहुंचा शेयर, जानिए ब्रोकरेज ने क्या कहा

Nuvoco Vistas Share Price : बुधवार को नुवोको विस्टास (Nuvoco Vistas Corp) के शेयरों में 17% तक की बढ़त देखने को मिली है। NSE पर आज यह शेयर 398 रुपये प्रति शेयर के आठ महीने से ज्यादा के हाई लेवल पर जाता दिखा है। कंपनी ने जून तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। इसके बाद र ब्रोकरेज फर्मों ने कंपनी की कमाई का अनुमान बढ़ा दिया है।

जून तिमाही के नतीजे घोषित होने के बाद,पिछले दो ट्रेडिंग सेशन में इस स्टॉक में लगभग 25 प्रतिशत की बढ़त हुई है। नतीजों के बाद ब्रोकरेज फर्म इस स्टॉक को लेकर पॉजिटिव हो गए हैं। कंपनी के मैनेजमेंट ने नतीजों के बाद हुई कॉन्फ्रेंस कॉल में एनालिस्ट्स को बताया कि वित्त वर्ष 2027 की बाकी अवधि में सीमेंट की बिक्री में 7-8 प्रतिशत की बढ़ोतरी की उम्मीद है।

नुवोको विस्टास के मैनेजिंग डायरेक्टर जयकुमार कृष्णस्वामी ने कहा कि कंपनी ने साल की मजबूत शुरुआत की है। जियोपॉलिटिकल तनाव जैसी बड़ी चुनौतियों के बावजूद कंपनी ने बेहतर कारोबारी प्रदर्शन किया है। कंपनी ने EBITDA और PAT दोनों में सालाना आधार पर मजबूत ग्रोथ हासिल की है।

भविष्य की योजनाओं के बारे में बात करते हुए कृष्णस्वामी ने कहा कि कंपनी समझदारी से खरीद करने,लागत कम करने और सप्लाई चेन की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने पर फोकस करना जारी रखेगी,साथ ही बदलती भू-राजनीतिक स्थितियों पर भी नजर रखेगी।

नोमुरा की राय

नोमुरा का कहना है कि कंपनी के कॉस्ट मैनेजमेंट में और सुधार होने की उम्मीद है। ब्रोकरेज ने FY27 के लिए कंपनी का EBITDA अनुमान 5 प्रतिशत बढ़ाकर 2,000 करोड़ रुपये कर दिया है। हालांकि,ब्रोकरेज का अनुमान है कि बिजली की लागत बढ़ने के कारण सितंबर तिमाही में EBITDA घटकर 890 रुपये प्रति टन रह सकता है। उसे उम्मीद है कि इस तिमाही में सीमेंट की बिक्री सालाना आधार पर लगभग 5 प्रतिशत बढ़कर 4.5 मिलियन टन हो जाएगी,जबकि कीमतों में पिछली तिमाही के मुकाबले 3 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है। नोमुरा ने स्टॉक पर अपनी’बाय’रेटिंग बनाए रखी है और इसका टारगेट प्राइस भी 400 रुपये पर ही बरकरार रखा है।

HSBC की राय

HSBC ने भी नुवोको विस्टास पर अपनी’Buy’रेटिंग बनाए रखी है और टारगेट प्राइस को बढ़ाकर ₹475 कर दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी ने जून तिमाही में उम्मीद से बेहतर नतीजे हासिल किए, जिसकी वजह ज्यादा रियलाइज़ेशन रहा। ब्रोकरेज का कहना है कि सितंबर तिमाही में मौसमी तौर पर कम मांग के बावजूद, FY27 की दूसरी छमाही में मांग,कीमत और लागत की स्थिति बेहतर रहने की उम्मीद है। उसने FY27-FY29 के लिए EPS अनुमान को भी 6-11 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है।

जेफरीज की राय

जेफरीज ने भी 430 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ स्टॉक पर अपनी’बाय’रेटिंग बनाए रखी है। इसके पीछे बेहतर प्राइसिंग और पेटकोक का कम इस्तेमाल व बेहतर खरीद के ज़रिए लागत को असरदार ढंग से मैनेज करने जैसे कारण बताए गए हैं।

ब्रोकरेज का कहना है कि मुश्किल ऑपरेटिंग माहौल के बावजूद कंपनी का कामकाज मज़बूत रहा है,हालांकि सितंबर तिमाही में कुछ मौसमी सुस्ती और ज्यादा लागत का असर देखने को मिल सकता है। ब्रोकरेज ने कहा कि खरीदी गई वदराज एसेट की शुरुआत और उसके कामकाज को बढ़ाना एक अहम बात होगी जिस पर नजर रखनी होगी।

कंपनी को प्रदर्शन पर एक नजर

निरमा ग्रुप की बिल्डिंग मटीरियल बनाने वाली कंपनी,नुवोको विस्टास कॉर्प ने सोमवार को जून तिमाही के नतीजे पेश किए थे। इस अवधि में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 19.87 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 159.63 करोड़ रुपये पर रहा। कंपनी ने पिछले फाइनेंशियल ईयर की इसी तिमाही में 133.16 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया था।

जून तिमाही में कंपनी की कामकाजी आय 8.9 प्रतिशत बढ़कर 3,128.71 करोड़ रुपये पर रही, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 2,872.70 करोड़ रुपये रही थी। इस तिमाही के दौरान सीमेंट की कुल बिक्री सालाना आधार पर 5 प्रतिशत बढ़कर 53 लाख टन हो गई।

 

Market Insight : पश्चिम एशिया संकट से नर्वस नहीं बाजार, न्यू एज,स्मॉल और मिडकैप शेयरों में है दम-समीर अरोड़ा

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Insight: इसी हफ्ते निफ्टी छू सकता है 24500 का लेवल, शानदार रिटर्न के लिए बेहतरीन टेक्निकल सेटअप वाले इन शेयरों पर लगाएं दांव

Market Insight: सोमवार को दोपहर के कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में बढ़त देखने को मिल रही है। IT शेयरों में आई जबरदस्त तेजी ने बेंचमार्क इंडेक्स को शुरुआती नुकसान से उबरने में मदद की है। दोपहर 2:30 बजे के आसपास सेंसेक्स 99.38 अंक या 0.13 प्रतिशत बढ़कर 77,668.77 पर और निफ्टी 17.15 अंक या 0.07 प्रतिशत बढ़कर 24,224.05 पर पहुंच गया। मार्केट ब्रेथ भी पॉजिटिव दिख रहा है। 2,034 शेयरों में बढ़त देखने को मिल रही है। जबकि 1,953 शेयरों में गिरावट दिख रही है। IT शेयरों ने इस तेजी को लीड किया है। मीडिया और कंज्यूमर ड्यूरेबल शेयरों में भी अच्छी बढ़त नजर आ रही है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में कोई खास बदलाव नहीं हुआ,जबकि इंडिया VIX दिन के उच्चतम स्तर से नीचे आने के बावजूद ऊंचे स्तर पर बना हुआ है।

ऐसे में बाजार की आगे की संभावनाओं पर बात करते हुए जेएम फाइनेंशियल्स के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और हेड ऑफ रिसर्च राहुल शर्मा ने कहा कि पिछले सोमवार को उन्होंने सतर्क रहने के साथ 24,500 के आसपास प्रॉफिट बुकिंग की राय दी थी। उसके बाद ट्रंप के बयान बाद पिछले हफ्ते शार्प करेक्शन देखने को मिला। लेकिन एक वोलेटाइल वीक होने के बावजूद निफ्टी ने 24131 के 200 DMA पर सपोर्ट लिया। निफ्टी की पिछले हफ्ते की क्लोजिंग भी रिलेटिवली अच्छी रही। अब इस वीक की बात करें तो निफ्टी जब तक 24,000 के ऊपर है मार्केट का सेंटीमेंट बाय ऑन डिप का रहेगा। लॉन्ग पोजीशंस के लिए यहां से 23,950 का स्टॉप लॉस लगा सकते हैं। अगर इंट्राडे में 24,000 के आसपास कोई भी डिप आती है तो खरीदारी करने की राय रहेगी। निफ्टी के लिए 24,500 पर एक रेजिस्टेंस है। इसको निकालना थोड़ा सा मुश्किल जरूर रहेगा। कल की एक्सपायरी में काफी डाटा भी चेंज होता हुआ दिखेगा। निफ्टी में क्लियरली बाय ऑन डिप का ट्रेंड है।

दूसरी सबसे इंटरेस्टिंग बात यह हो रही है कि बैंक निफ्टी ने लास्ट वीक थोड़ा विराम लिया। बैंक निफ्टी में तीन-चार वीक की आउटपरफॉर्मस थी और उसके बाद यह लास्ट वीक में कंसोलिडेट करता हुआ दिखा। लेकिन इस कंसोलिडेशन में पीएसयू बैंक्स का डेटा बहुत ही बेहतरीन निकल कर आया। अगर आप फ्यूचर्स का डेटा देखें तो कनरा बैंक का ओपन इंटरेस्ट तीन साल के हाईएस्ट लेवल पर है। आप अगर ओवरऑल पीएसयू बैंक्स को देखें तो बैंक ऑफ बड़ौदा और इंडियन बैंक के रिजल्ट्स बढ़िया रहे। इन स्टॉक्स ने काफी बेहतरीन मूव दिए। काफी सारे स्टॉक्स में ओपन इंटरेस्ट बढ़ा है। यह 1 साल और 3 साल के हाई पर है।

ऐसा लगता है कि हालिया करेक्शन के बाद पीएसयू बैंक्स में फिर से तेजी आने की उम्मीद है। इसको ध्यान में रखते हुए पोजीशनल बेसिस पर यूनियन बैंक का सेटअप बहुत प्रॉमिसिंग लगता है। यूनियन बैंक में इन लेवल्स पर खरीदारी की जा सकती है। इसमें 162 रुपए का स्टॉप लॉस रहेगा। अगले 5-10 दिनों में यह शेयर 180 रुपए तक के टारगेट्स हासिल कर सकता है। पीएसयू बैंक्स में यूनियन बैंक सबसे बेहतरीन पिक है।

इसके अलावा डेली चार्ट्स पर यूटीआई एएमसी में भी एक बहुत ही बेहतरीन राउंडिंग बॉटम देखने को मिला है। डिलीवरी बेसिस पर एक महीने के व्यू के हिसाब से यूटीआई एएमसी में 1086 रुपए के आसपास खरीदारी की जा सकती है। इसका पहला लक्ष्य 1100 रुपए का होगा। इस स्टॉक में तकरीबन 1 महीने में 20% तक की तेजी देखने को मिल सकती है।

आईटी शेयरों पर बात करते हुए राहुल शर्मा ने कहा कि आईटी सेक्टर में हमें बाउंस बैक देखने को मिल रहा है। पिछले वीक भी इस सेक्टर में काफी बेहतरीन बाउंस बैक देखने को मिला था। फ्राइडे को TCS के रिजल्ट्स आ जाने के बाद आईटी शेयरों में जोश भर गया। अब Tech Mahindra का सेटअप काफी अच्छा दिख रहा। स्टॉक अपने शॉर्ट टर्म मूविंग एवरेजेज के आसपास कंसोलिडेट कर रहा है। खरीदारी के लिए इसका रिस्क रिवॉर्ड फेवरेबल है। इस स्टॉक में 1540-1550 रुपए तक के टारगेट मिल सकते हैं। Tech Mahindra में इन लेवल्स पर खरीदारी की जा सकती है। लॉन्ग्स के लिए 1430 रुपए का स्टॉप लॉस रखे।

इसके अलावा पीएसयू बैंक स्पेस से ही केनरा बैंक का शेयर भी अच्छा लग रहा है। इसका ओपन इंटरेस्ट 3 साल के हाईएस्ट लेवल पर ट्रेड कर रहा है। इस शेयर में 125 रुपए के स्टॉप लॉस की साथ खरीदारी करने की सलाह हो। अगले 5-10 दिनों में इस शेयर में 140 रुपए तक के टारगेट्स मिल सकते हैं।

राहुल शर्मा को भी एम्बर एंटरप्राइजेज का सेटअप भी काफी अच्छा दिख रहा है। पिछले तीन कारोबारी सत्रों में इस शेयर में काफी अच्छी खरीदारी देखने को मिली है। 8200 रुपए के टारगेट्स के लिए इस शेयर को खरीदा जा सकता है। लॉन्ग पोजीशंस के लिए 7800 रुपए का स्टॉप लॉस रखें। इस स्टॉक का टेक्निकल सेटअप काफी बेहतरीन दिख रहा है। यहां पर मोमेंटम कैच अप होता हुआ दिखेगा।

Trading Plan : बाजार में अब बड़ा ट्रेंड “Buy on dips” का, ऐसे में बने रहें और गिरावट में और सौदे जोड़ें

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।