रंग दे बसंती: युवाओं ने कॉमिक्स के माध्यम से दिखाया नया उत्तर प्रदेश

रंग दे बसंती: युवाओं ने कॉमिक्स के माध्यम से दिखाया नया उत्तर प्रदेश

कला एवं संस्कृति के माध्यम से अपनी भावनाओं को अभिव्यक्ति देने वाले युवाओं का प्रदेशव्यापी अभियान ‘रंग दे बसंती’ दिन-प्रतिदिन नई ऊंचाइयां तय कर रहा है। अभियान के तहत गुरुवार को मुजफ्फरनगर में युवाओं ने समूह ने ‘बदलते उत्तर प्रदेश’ विषय को केंद्र में रखते हुए कॉमिक्स वितरण कार्यक्रम आयोजित किया। इन कॉमिक्स में युवाओं ने अराजकता के स्याह अंधेरे से निकल कर भयमुक्त और विकास उन्मुख उत्तर प्रदेश बनने की यात्रा उकेरने का प्रयास किया है।

 

पलायन से घर वापसी तक

इस कार्यक्रम में सम्मिलित युवाओं ने कॉमिक्स के माध्यम से एक ऐसे काल्पनिक युवक की कहानी को प्रदर्शित किया, जो वर्ष 2013 में मुजफ्फरनगर के सांप्रदायिक दंगों के चलते पलायन कर चुका था। लेकिन, प्रदेश में शासन व्यवस्था में परिवर्तन के बाद कानून-व्यवस्था का राज और सौहार्दपूर्ण वातावरण स्थापित होने पर वह युवक बदलाव का अहसास करता है और फिर घर वापसी भी करता है।

 

कागज पर उकेरी यूपी की स्याह यादें

कई युवाओं ने इस अवसर पर अपनी कल्पनाओं को कागज पर उकेरा। युवा कलाकारों ने उत्तर प्रदेश में वर्ष 2017 से पहले की भयाक्रांत व्यवस्था एवं युवाओं के भविष्य से होते खिलवाड़ को रेखांकित करने के साथ ही इसके बाद की बदली ठोस कानून व्यवस्था, भयमुक्त वातावरण, विकास उन्मुख कार्यक्रमों और युवाओं के लिए बनाई गई रोजगारपरक व्यवस्था को प्रदर्शित किया।

 

कैसे लौट रहे हैं प्रदेश में युवा

रंग दे बसंती के मंच पर युवाओं के इस समूह में शामिल रजत त्यागी ने अपनी कला का परिचय देते हुए प्रदेश में हुए सकारात्मक बदलाव का कॉमिक्स के माध्यम से संदेश दिया। उन्होंने मुजफ्फरनगर दंगों के साथ ही उस समय अन्य स्थानों पर बिगड़ी कानून व्यवस्था को कॉमिक्स में रेखांकित किया। उन्होंने यह भी बताने का प्रयास किया कि पूर्व में पलायन कर चुके युवा किस तरह वर्तमान में फिर से प्रदेश का रुख कर रहे हैं।

 

लोकतांत्रिक तरीके से खोजें भविष्य का मार्ग

युवा नमन त्यागी ने प्रदेश की वर्तमान व्यवस्था को केंद्रित करते हुए युवाओं से अपील की कि लोकतांत्रिक तरीके से अपने उज्जवल भविष्य के लिए सही मार्ग की तलाश करें तथा अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए उचित मंच पर ही अपनी अभिव्यक्ति के अधिकार का उपयोग करें। रचनात्मक माध्यम से अपने विचारों अथवा समस्याओं को रखने से समाधान होता है, साथ ही इससे शांति व्यवस्था और आमजन के लिए सौहार्दपूर्ण माहौल भी स्थापित होता है।

 

विरोध के लिए भी रचनात्मक माध्यम

निकुंज ने अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए संदेश दिया कि दंगा, हिंसा या उपद्रव किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकता। उन्होंने रंग दे बसंती मंच के माध्यम से देश-प्रदेश में यह संदेश देने का प्रयास किया कि विरोध व अभिव्यक्ति के लिए हम रचनात्मक माध्यमों का प्रयोग कर सकते हैं। उन्होंने वर्ष 2017 से पहले की उत्तर प्रदेश की स्थिति को भी प्रदर्शित किया और इसके बाद आए सकारात्मक परिवर्तन को भी अपने कॉमिक्स के माध्यम से पटल पर रखा।

रंग दे बसंती: युवाओं ने कॉमिक्स के माध्यम से दिखाया नया उत्तर प्रदेश

रंग दे बसंती: युवाओं ने कॉमिक्स के माध्यम से दिखाया नया उत्तर प्रदेश

कला एवं संस्कृति के माध्यम से अपनी भावनाओं को अभिव्यक्ति देने वाले युवाओं का प्रदेशव्यापी अभियान ‘रंग दे बसंती’ दिन-प्रतिदिन नई ऊंचाइयां तय कर रहा है। अभियान के तहत गुरुवार को मुजफ्फरनगर में युवाओं ने समूह ने ‘बदलते उत्तर प्रदेश’ विषय को केंद्र में रखते हुए कॉमिक्स वितरण कार्यक्रम आयोजित किया। इन कॉमिक्स में युवाओं ने अराजकता के स्याह अंधेरे से निकल कर भयमुक्त और विकास उन्मुख उत्तर प्रदेश बनने की यात्रा उकेरने का प्रयास किया है।

 

पलायन से घर वापसी तक

इस कार्यक्रम में सम्मिलित युवाओं ने कॉमिक्स के माध्यम से एक ऐसे काल्पनिक युवक की कहानी को प्रदर्शित किया, जो वर्ष 2013 में मुजफ्फरनगर के सांप्रदायिक दंगों के चलते पलायन कर चुका था। लेकिन, प्रदेश में शासन व्यवस्था में परिवर्तन के बाद कानून-व्यवस्था का राज और सौहार्दपूर्ण वातावरण स्थापित होने पर वह युवक बदलाव का अहसास करता है और फिर घर वापसी भी करता है।

 

कागज पर उकेरी यूपी की स्याह यादें

कई युवाओं ने इस अवसर पर अपनी कल्पनाओं को कागज पर उकेरा। युवा कलाकारों ने उत्तर प्रदेश में वर्ष 2017 से पहले की भयाक्रांत व्यवस्था एवं युवाओं के भविष्य से होते खिलवाड़ को रेखांकित करने के साथ ही इसके बाद की बदली ठोस कानून व्यवस्था, भयमुक्त वातावरण, विकास उन्मुख कार्यक्रमों और युवाओं के लिए बनाई गई रोजगारपरक व्यवस्था को प्रदर्शित किया।

 

कैसे लौट रहे हैं प्रदेश में युवा

रंग दे बसंती के मंच पर युवाओं के इस समूह में शामिल रजत त्यागी ने अपनी कला का परिचय देते हुए प्रदेश में हुए सकारात्मक बदलाव का कॉमिक्स के माध्यम से संदेश दिया। उन्होंने मुजफ्फरनगर दंगों के साथ ही उस समय अन्य स्थानों पर बिगड़ी कानून व्यवस्था को कॉमिक्स में रेखांकित किया। उन्होंने यह भी बताने का प्रयास किया कि पूर्व में पलायन कर चुके युवा किस तरह वर्तमान में फिर से प्रदेश का रुख कर रहे हैं।

 

लोकतांत्रिक तरीके से खोजें भविष्य का मार्ग

युवा नमन त्यागी ने प्रदेश की वर्तमान व्यवस्था को केंद्रित करते हुए युवाओं से अपील की कि लोकतांत्रिक तरीके से अपने उज्जवल भविष्य के लिए सही मार्ग की तलाश करें तथा अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए उचित मंच पर ही अपनी अभिव्यक्ति के अधिकार का उपयोग करें। रचनात्मक माध्यम से अपने विचारों अथवा समस्याओं को रखने से समाधान होता है, साथ ही इससे शांति व्यवस्था और आमजन के लिए सौहार्दपूर्ण माहौल भी स्थापित होता है।

 

विरोध के लिए भी रचनात्मक माध्यम

निकुंज ने अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए संदेश दिया कि दंगा, हिंसा या उपद्रव किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकता। उन्होंने रंग दे बसंती मंच के माध्यम से देश-प्रदेश में यह संदेश देने का प्रयास किया कि विरोध व अभिव्यक्ति के लिए हम रचनात्मक माध्यमों का प्रयोग कर सकते हैं। उन्होंने वर्ष 2017 से पहले की उत्तर प्रदेश की स्थिति को भी प्रदर्शित किया और इसके बाद आए सकारात्मक परिवर्तन को भी अपने कॉमिक्स के माध्यम से पटल पर रखा।

VIP Industries की सात तिमाहियों के बाद बढ़ी सेल्स, लेकिन दो मोर्चे पर तगड़ा शॉक

VIP Industries Share Price: लगातार सात तिमाहियों के बाद जून तिमाही में वीआईपी इंडस्ट्रीज की सेल्स ग्रोथ पॉजिटिव रही, जिसका असर आज इसके शेयरों पर दिख सकता है। हालांकि यह भी ध्यान रहे कि कंपनी का घाटा दोनों मोर्च पर बना हुआ है, एक नेट प्रॉफिट और दूसरा ईबीआईटीडीए के ऑपरेटिंग मोर्चे पर। शेयरों की बात करें तो एक कारोबारी दिन पहले यानी 13 अगस्त को रिजल्ट आने के पहले कमजोर मार्केट सेंटिमेंट में इसके शेयरों में बिकवाली का दबाव दिखा था। बीएसई पर इसके शेयर 1.74% की गिरावट के साथ ₹310.75 के भाव पर बंद हुए थे और कंपनी ने शाम में कारोबारी नतीजे पेश किए थे।

VIP Industries Q1 Results: खास बातें

चालू वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2026 में वीआईपी इंडस्ट्रीज का रेवेन्यू सालाना आधार पर ₹561.43 करोड़ से 3% बढ़कर ₹578.36 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी का कहना है कि 80 से अधिक नए प्रोडक्ट्स की लॉन्चिंग के दम पर 50% रेवेन्यू मिला। वहीं ऑपरेटिंग लेवल पर यह इस दौरान ₹24.65 करोड़ के ईबीआईटीडीए गेन से ₹11.12 करोड़ के ईबीआईटीडीए लॉस में आ गई। इस दौरान कंपनी का नेट लॉस भी ₹13.1 करोड़ से तेजी से बढ़कर ₹53.56 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी का कहना है कि कच्चे माल की तेजी के चलते इसकी प्रॉफिटेबिलिटी पर असर पड़ा और कच्चे माल को कच्चे तेल की महंगाई से झटका लगा।

कंपनी के एमडी और सीईओ अतुल जैन का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में कंपनी अपने हर एक ब्रांड्स- वीआईपी (VIP), स्काईबैग्स (Skybags), एरिस्टोक्रेट (Aristocrat), अल्फा (Alpha) और कैपरीस (Caprese) को मजबूत करने पर फोकस बनाए हुए हैं। उन्होंने आगे कहा कि पूरी कंपनी और चैनल नेटवर्क में इन्वेंट्री को ऑप्टिमाइज किया गया है, ब्रांड और प्राइसिंग से जुड़े नियम तय किए गए हैं, एक मजबूत लीडरशिप टीम बनाई गई और चैनल इकोसिस्टम में नई जान फूंकी गई जिसके दम पर पुरानी दिक्कतें काफी हद तक खत्म हो चुकी हैं और वीआईपी अब ग्रोथ के अगले चरण के लिए तेजी पकड़ रही है। बता दें कि कंपनी ने सात तिमाहियों के बाद जून तिमाही में सेल्स में अच्छी ग्रोथ दिखाई है।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

वीआईपी इंडस्ट्रीज के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। पिछले साल 17 अक्टूबर 2025 को बीएसई पर यह ₹473.30 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल पर शेयरों की तेजी थम गई और 7 महीने में यह 41.16% टूटकर 18 मई 2026 को ₹278.50 पर आ गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

गौरव खन्ना से जुड़े सवाल का जवाब नहीं देना चाहती आकांक्षा चमोला? ‘लॉक अप’ को लेकर भी कही ये बात

एक्ट्रेस आकांक्षा चमोला इन दिनों अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी चर्चा में है। हाल ही में एक्ट्रेस ने ‘लॉक अप: सच या सजा’ में खुलासा किया कि वह और उनके पति और टीवी एक्टर गौरव खन्ना ने एक-दूसरे से अगल होने का फैसला किया है। आकांक्षा की ये बात सुनकर फैंस हैरान रह गए थे। वहीं हाल में एक्ट्रेस आकांक्षा चमोला ने एक्टर गौरव खन्ना और ‘लॉक अप’ से जुड़े सवालों पर बात करने से इनकार कर दिया है। एक्ट्रेस ने इस मामले में अपनी निजी जिंदगी को चर्चा से दूर रखने का फैसला किया है।

हाल ही में आकांक्षा चमोला ‘लॉक अप: सच या सजा’ के दूसरे सीजन में बतौर कंटेस्टेंट नजर आईं। शो के दौरान उन्होंने अपनी शादी और निजी जिंदगी से जुड़े कुछ खुलासे किए है।

गौरव और ‘लॉक अप’ पर नहीं करना बात

सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में आकांक्षा चमोला रिपोर्टर्स से बातचीत करती नजर आईं। बातचीत शुरू होने से पहले ही उन्होंने मुस्कुराते हुए साफ कर दिया कि, वह गौरव खन्ना या ‘लॉक अप’ से जुड़े किसी भी सवाल का जवाब नहीं देंगी। अभिनेत्री ने कहा कि अपनी शादी को लेकर कई महीनों तक सार्वजनिक चर्चा होने के बाद अब वह इस मामले को निजी रखना चाहती हैं और इन विषयों पर बात नहीं करना चाहतीं।

 

‘लॉक अप 2’ में किया था खुलासा

आकांक्षा चमोला ने ‘लॉक अप 2’ के प्रीमियर एपिसोड में गौरव खन्ना से अलग होने की जानकारी देकर फैंस को हैरान कर दिया था। उन्होंने बताया था कि, दोनों एक साल से ज्यादा समय से अलग रह रहे थे और अब तलाक की प्रक्रिया की ओर बढ़ रहे हैं। आकांक्षा ने ये भी स्पष्ट किया था कि उनका अलग होना शो की पब्लिसिटी या TRP के लिए नहीं था। शो खत्म होने के बाद उन्होंने कहा था कि इमोशनल रूप से दोनों अपनी शादी से आगे बढ़ चुके हैं और अब सिर्फ तलाक से जुड़े दस्तावेजों पर औपचारिक साइन होना बाकी है।

‘बिग बॉस 19’ गौरव ने की थी रिश्ते पर बात

इस खबर के फैंस हैरान रह गए थे, क्योंकि ‘बिग बॉस 19’ के दौरान गौरव खन्ना ने आकांक्षा चमोला के साथ अपने रिश्ते को लेकर काफी कुछ बताया था। शो में वह अक्सर आकांक्षा और उनके प्रति अपने प्यार का जिक्र करते थे। गौरव ने ये भी बताया था कि वह बच्चे चाहते थे, लेकिन आकांक्षा की इच्छा का सम्मान करते हुए उन्होंने इस फैसले को स्वीकार किया। उन्होंने कहा था कि दोनों की लव मैरिज थी और ऐसे में वह अपनी पत्नी की पसंद और फैसले का सम्मान करना चाहते हैं।

अगर ‘मुसाफिर कैफे’ ने जीता दिल, तो ये 7 वेब सीरीज भी जरूर आएंगी पसंद!

हर किसी को ऐसी कहानियां पसंद आती हैं, जिनमें प्यार के साथ जिंदगी और रिश्तों की सच्चाई भी दिखाई दे। कुछ सीरीज अपनी सरल कहानी और प्यारे किरदारों की वजह से खास बन जाती हैं। आप हल्की-फुल्की, दिल को छूने वाली और जिंदगी से जुड़ी कहानियां देखना पसंद करते हैं, तो ये सीरीज अपनी वॉचलिस्ट में जरूर शामिल करें।

मॉडर्न लव मुंबई – Amazon Prime Video

मुंबई की अलग-अलग जगहों और लोगों की जिंदगी पर बनी यह सीरीज प्यार के अलग-अलग रंग दिखाती है। इसमें छह अलग-अलग कहानियां हैं, जिनमें रोमांस के साथ परिवार, दोस्ती, रिश्ते और अपनी खुशी को समझने की कोशिश दिखाई गई है। सीरीज में अरशद वारसी, चित्रांगदा सिंह, फातिमा सना शेख, भूपेंद्र जदावत, ऋत्विक भौमिक और मसाबा गुप्ता जैसे कलाकार नजर आते हैं। हर कहानी में प्यार को देखने का अलग नजरिया मिलता है। कहीं कोई अपने प्यार की तलाश कर रहा है, तो कहीं परिवार अपने रिश्तों को समझने की कोशिश कर रहा है।

नॉर्मल पीपल – Amazon Prime Video

कहानी कोनेल और मैरिएन की है, जो आयरलैंड के एक छोटे शहर में साथ पढ़ते हैं। दोनों का परिवार और रहन-सहन एक-दूसरे से काफी अलग है, लेकिन स्कूल के दिनों में दोनों के बीच प्यार हो जाता है। उनका रिश्ता आसान नहीं रहता और समय के साथ कई गलतफहमियां और परेशानियां उनके बीच आती हैं। कॉलेज जाने के बाद दोनों की जिंदगी अलग रास्ते पर चलने लगती है, लेकिन वे बार-बार एक-दूसरे के करीब आते हैं। सीरीज़ दिखाती है कि उम्र बढ़ने के साथ रिश्ते और प्यार किस तरह बदलते हैं। ‘मुसाफिर कैफे’ में प्यार और जिंदगी से जुड़े फैसलों की कहानी पसंद आई थी, तो ‘नॉर्मल पीपल’ जरूर पसंद आ सकती है।

स्वीट कारम कॉफी – Amazon Prime Video

यह सीरीज एक साउथ इंडियन परिवार की तीन पीढ़ियों की महिलाओं की कहानी है। इसमें सुंदरी, उनकी बहू कावेरी और कावेरी की बेटी निवेदिता की जिंदगी दिखाई गई है। तीनों की सोच और जिंदगी एक-दूसरे से काफी अलग है। एक दिन वे अपनी रोज की जिंदगी से थोड़ा ब्रेक लेने के लिए रोड ट्रिप पर निकलती हैं। इस सफर में उन्हें नई जगहें देखने और एक-दूसरे को समझने का मौका मिलता है। धीरे-धीरे वे अपने पुराने फैसलों और जिंदगी को लेकर भी सोचने लगती हैं। सीरीज में पहाड़ों और शांत जगहों के खूबसूरत नजारे भी देखने को मिलते हैं।

लिटिल थिंग्स – Netflix

यह कहानी मुंबई में साथ रहने वाले काव्या और ध्रुव की है। दोनों एक युवा कपल हैं और अपनी नौकरी, रिश्ते और रोज की जिंदगी के बीच तालमेल बनाने की कोशिश करते हैं। उनकी कहानी में बड़े ड्रामे के बजाय छोटी-छोटी बातें ज्यादा खास हैं। कभी दोनों छोटी बातों पर बहस करते हैं, तो कभी साथ में शांत शाम बिताते हैं या वीकेंड का प्लान बनाते हैं। फ्यूचर को लेकर उनकी बातचीत भी कहानी का हिस्सा है। धीरे-धीरे दोनों समझते हैं कि रिश्ते में सिर्फ प्यार ही नहीं, बल्कि एक-दूसरे को समझना भी जरूरी है।

व्हेन द वेदर इज फाइन – Netflix

मोक हे-वोन काम और प्राइवेट लाइफ की परेशानियों से थककर सियोल छोड़ देती हैं और अपने पुराने शहर लौट आती हैं। वहां उनकी मुलाकात अपने पुराने क्लासमेट इम यून-सेओब से होती है, जो एक छोटी सी किताबों की दुकान चलाता है। यून-सेओब लंबे समय से हे-वोन को पसंद करता है, लेकिन उसने कभी अपने दिल की बात नहीं कही। गांव की शांत जिंदगी में रहने के दौरान दोनों धीरे-धीरे एक-दूसरे के करीब आते हैं। साथ में समय बिताते हुए वे अपने पुराने दुखों और परेशानियों से बाहर निकलने की कोशिश करते हैं। कॉफी, किताबें और सर्दियों की शांत शामें इस कहानी को और खूबसूरत बनाती हैं।

मीट योरसेल्फ – Netflix

शू होंगडोउ अपनी सबसे अच्छी दोस्त को खोने के बाद शहर की भागदौड़ भरी जिंदगी से ब्रेक लेने का फैसला करती हैं। वह बीजिंग छोड़कर युन्नान के एक छोटे से गांव में चली जाती हैं। वहां उनकी मुलाकात झी झियाओ से होती है, जो पहले शहर में काम करता था, लेकिन अब अपने गांव लौटकर नई जिंदगी शुरू कर रहा है। गांव में रहने के दौरान होंगडोउ नए लोगों से मिलती हैं और धीरे-धीरे शांत जिंदगी का आनंद लेना सीखती हैं। इस सफर में उन्हें खुद को समझने और अपने जीवन के बारे में नए सिरे से सोचने का मौका मिलता है। धीरे-धीरे वह फिर से खुश रहना और प्यार के बारे में सोचना शुरू करती हैं।

समबडी समवेयर – JioHotstar

सैम मिलर अपनी बहन की मौत के बाद अपने पुराने शहर लौटती हैं। यहां वापस आने के बाद उन्हें अपनी जिंदगी पहले जैसी नहीं लगती। तभी उनकी मुलाकात अपने पुराने क्लासमेट जोएल से होती है, जो उन्हें एक खास लोकल ग्रुप से मिलाता है। इस ग्रुप में ऐसे लोग हैं जो खुद को दूसरों से अलग महसूस करते हैं, लेकिन एक-दूसरे के साथ उन्हें अपनापन मिलता है। धीरे-धीरे सैम नए लोगों से जुड़ती हैं और अपने बारे में फिर से जानने लगती हैं। उन्हें समझ आता है कि जिंदगी अपने तरीके से जीना और अपनी पसंद को स्वीकार करना भी जरूरी है। यह सीरीज खुद को समझने, नए लोगों से जुड़ने और जिंदगी में दोबारा शुरुआत करने की खूबसूरत कहानी है।

Weather Alert: अगले सात दिन नहीं थमेगी बारिश! दिल्ली-UP समेत 20+ राज्यों में अलर्ट, इन दो राज्यों में भारी बारिश का खतरा

देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, अगले सात दिनों यानी 10 से 16 अगस्त तक कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रहेगा। इस दौरान कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि कुछ जगहों पर अत्यंत भारी बारिश की भी संभावना जताई गई है। खास तौर पर पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 10 अगस्त को मौसम ज्यादा खराब रहने की आशंका है।

राजस्थान और मध्य प्रदेश में भारी बारिश का खतरा

IMD के मुताबिक, 10 अगस्त को पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश भी हो सकती है। इसके अलावा गुजरात, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। मध्य प्रदेश के कई इलाकों में पहले ही तेज बारिश हो चुकी है। बीते 24 घंटे में पश्चिमी मध्य प्रदेश के श्यामपुर में 21 सेंटीमीटर, भोपाल के नवीबाग में 20 सेंटीमीटर और राजगढ़ के सारंगपुर में 19 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। पूर्वी मध्य प्रदेश के मोहगांव में 19 सेंटीमीटर और सिहोरा में 16 सेंटीमीटर बारिश हुई।

11 अगस्त को भी कई राज्यों में बारिश

11 अगस्त को पूर्वी राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, गुजरात, हरियाणा, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा, पंजाब, उत्तराखंड और पश्चिमी राजस्थान में भारी बारिश का अनुमान है। कई राज्यों में गरज-चमक और तेज हवाओं का भी असर देखने को मिल सकता है।

12 अगस्त से ओडिशा पर ज्यादा असर

12 अगस्त को ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भारी बारिश हो सकती है। 13 और 14 अगस्त को भी ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इस दौरान बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में भारी बारिश हो सकती है।

15 और 16 अगस्त तक बारिश से राहत नहीं

IMD के सात दिन के पूर्वानुमान के मुताबिक, 15 अगस्त को अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय और ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। बिहार, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भी भारी बारिश की संभावना है। 16 अगस्त को भी अरुणाचल प्रदेश और असम-मेघालय में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। बिहार, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, ओडिशा, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भारी बारिश हो सकती है।

दिल्ली-UP समेत इन राज्यों में भी बारिश

दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में 10-11 अगस्त और 13 अगस्त को कई जगहों पर बारिश की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 14 अगस्त को बारिश का दौर बढ़ सकता है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 10 और 14-15 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 13 से 15 अगस्त के बीच भारी बारिश का अनुमान है।

फ्लैश फ्लड का भी खतरा

तेज बारिश के कारण कुछ इलाकों में अचानक बाढ़ का खतरा भी बना हुआ है। 11 अगस्त की सुबह तक पूर्वी राजस्थान के बारां, बूंदी, झालावाड़ और कोटा तथा पश्चिमी मध्य प्रदेश के अगर-मालवा, मंदसौर, नीमच, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी जिलों में कम से मध्यम फ्लैश फ्लड का जोखिम बताया गया है। हिमाचल प्रदेश के मंडी, शिमला, सिरमौर और सोलन तथा उत्तराखंड के कई जिलों में भी कम से मध्यम फ्लैश फ्लड का खतरा है। निचले इलाकों में जलभराव और पानी भरने की स्थिति बन सकती है।

बारिश के साथ तेज हवाएं और बिजली का खतरा

कई राज्यों में बारिश के साथ आंधी, बिजली और तेज हवाएं भी चल सकती हैं। 10 अगस्त को कुछ इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। वहीं अंडमान-निकोबार में कुछ जगहों पर 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाओं के साथ थंडरस्क्वॉल की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है। तेज बारिश और बिजली चमकने के समय खुले इलाकों में जाने से बचें और पेड़ों के नीचे खड़े न हों। भारी बारिश के कारण जलभराव, बाढ़, भूस्खलन, सड़क और रेल यातायात में परेशानी जैसी स्थिति भी बन सकती है।

Amruta Khanvilkar: अमृता खानविलकर ने हिमांशु मल्होत्रा ​​के साथ तलाक की अफवाहों पर लीगल एक्शन लेने की कही बात

Amruta Khanvilkar: एक्ट्रेस अमृता खानविलकर ने एक बयान जारी कर कहा है कि वह अपनी पर्सनल लाइफ और एक्टर हिमांशु मल्होत्रा ​​के साथ अपनी शादी से जुड़ी खबरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगी। एक्ट्रेस की “लीगल टीम” की ओर से एक बयान जारी कर सोशल मीडिया पर डाला गया है, जिसमें सभी को एक्ट्रेस के बारे में “बेबुनियाद” बातें छापने या फैलाने से बचने की चेतावनी दी गई है।

यह बयान तब आया है जब ऐसी खबरें फैलने लगीं कि अमृता और हिमांशु एक साल से ज़्यादा समय से अलग-अलग रह रहे हैं। बयान में कहा गया है- “आधिकारिक कानूनी बयान – 10 अगस्त 2026 से लागू।” हमारे ध्यान में आया है कि कुछ ऑनलाइन, सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म अमृता खानविलकर और उनकी निजी जिंदगी के बारे में ऐसी सामग्री फैला रहे हैं, जो बेबुनियाद और मानहानि करने वाली है, और या उनकी निजता का उल्लंघन करती है।”

एक्ट्रेस ने आगे कहा- “हालांकि अभिव्यक्ति की आजादी का सम्मान किया जाता है, लेकिन अमृता खानविलकर के बारे में मानहानि करने वाले बयान, अफवाहें, बिना पुष्टि वाले आरोप या गुमराह करने वाली जानकारी प्रकाशित करने, फैलाने या शेयर करने के लिए इस आजादी का कोई भी गलत इस्तेमाल गंभीरता से लिया जाएगा।”

“जहां भी उपलब्ध सबूतों से पुष्टि होती है, वहां ऐसे कंटेंट को बनाने, पब्लिश करने, फैलाने या शेयर करने के लिए ज़िम्मेदार व्यक्तियों, संस्थाओं या संगठनों के खिलाफ़ लागू कानून के तहत उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उचित कानूनी कार्रवाई के लिए ऐसे सभी मामलों पर नज़र रखी जा रही है और उनका रिकॉर्ड रखा जा रहा है – लीगल टीम, अमृता खानविलकर।”

अमृता और हिमांशु की बात करें तो, दोनों की पहली मुलाकात 2004 में ‘इंडियाज बेस्ट सिनेस्टार्स की खोज’ के सेट पर हुई थी। कुछ समय तक डेटिंग करने के बाद, उन्होंने जनवरी 2015 में शादी कर ली। उसी साल बाद में, यह कपल ‘नच बलिए 7’ में एक साथ नज़र आया।

अमृता हाल ही में ‘टास्करी द स्मगलर्स वेब’ और ‘तू या मैं’ में नजर आई थीं। हिमांशु ‘फूंक’, ‘हिम्मतवाला’ और ‘राज़ी’ में अपने काम के लिए जाने जाते हैं। टेलीविज़न पर, वह ‘भागोंवाली – बांटें अपनी तकदीर’, ‘लव मैरिज या अरेंज्ड मैरिज’ और ‘चीकू की मम्मी दूर केई’ जैसे शो का हिस्सा रहे हैं।

‘खामोशी द म्यूजिकल’ के 30 साल हुए पूरे, इन 7 वजहों से संजय लीला भंसाली की फिल्म बनीं क्लासिक

रिलीज के तीन दशक बाद भी, खामोशी द म्यूजिकल को इंडियन सिनेमा की सबसे दिल को छूने वाली और इमोशनल फिल्मों में से एक के तौर पर याद किया जाता है। सिर्फ़ एक क्रिटिक्स द्वारा सराही गई ड्रामा से कहीं ज़्यादा, यह संजय लीला भंसाली का डायरेक्टोरियल डेब्यू था, जिसने दर्शकों को एक ऐसे फिल्ममेकर से मिलवाया, जिसका कहानी कहने का पैशन इंडियन सिनेमा को फिर से डिफाइन करेगा। आज भी, यह फिल्म अनगिनत कारणों से पसंदीदा बनी हुई है।

1. इसने दुनिया को संजय लीला भंसाली के सिनेमैटिक विज़न से इंट्रोड्यूस कराया

खामोशी: द म्यूजिकल भंसाली की ज़बरदस्त कहानी कहने की कला की पहली झलक थी। इमोशन, म्यूजिक और शानदार विजुअल्स को मिलाने की उनकी काबिलियत उनकी पहली ही फिल्म से साफ़ थी, जिसने एक ऐसे फिल्ममेकिंग स्टाइल की नींव रखी जो बाद में आइकॉनिक बन गया।

2. एक कहानी जो आज भी टाइमलेस लगती है

असल में, खामोशी परिवार, प्यार, त्याग और हिम्मत के बारे में एक दिल को छू लेने वाली कहानी है। एक सुनने वाली बेटी और उसके बहरे-गूंगे माता-पिता के बीच के रिश्ते को ईमानदारी और दया के साथ दिखाकर, भंसाली ने एक ऐसी फिल्म बनाई जिसके इमोशन पीढ़ियों तक गूंजते रहेंगे।

3. म्यूज़िक जो एक इमोशनल भाषा बन गया

संजय लीला भंसाली के लिए, म्यूज़िक हमेशा मनोरंजन से कहीं ज़्यादा रहा है, यह कहानी कहने का ज़रिया है। खामोशी ने इस सोच को खूबसूरती से दिखाया, हर गाने ने कहानी को बेहतर बनाया और किरदारों के इमोशन को बढ़ाया। तीन दशक बाद भी, इसका साउंडट्रैक यादगार है।

4. भंसाली के सिग्नेचर विज़ुअल स्टाइल का जन्म

दर्शकों के देवदास या बाजीराव मस्तानी की शान देखने से पहले ही, खामोशी ने भंसाली की हर छोटी-बड़ी बात पर नज़र रखने की कला दिखाई। हर फ्रेम, हर रंग और हर कंपोज़िशन में वह विज़ुअल खूबसूरती झलकती थी जो बाद में उनका ट्रेडमार्क बन गई।

5. परफॉर्मेंस जो हमेशा असर छोड़ती हैं

भंसाली की अपनी कास्ट से गहरी इमोशनल परफॉर्मेंस निकलवाने की काबिलियत शुरू से ही साफ़ थी। फिल्म के किरदार अपनी असलियत, कमज़ोरी और इमोशनल गहराई की वजह से यादगार बने रहते हैं, जिससे खामोशी परफॉर्मेंस पर आधारित कहानी कहने के लिए एक बेंचमार्क बन जाती है।

6. अपने समय से आगे की फिल्म

इनक्लूसिविटी के बारे में बातचीत आम होने से बहुत पहले, खामोशी ने दिव्यांग किरदारों को अपनी कहानी के केंद्र में गरिमा, हमदर्दी और संवेदनशीलता के साथ रखा। भंसाली ने इस विषय को परंपरा के बजाय दया के साथ लिया, जिससे यह फिल्म आज भी उतनी ही रेलिवेंट है जितनी तीन दशक पहले थी।

7. एक असाधारण विरासत की शुरुआत

आज पीछे मुड़कर देखें तो, खामोशी: द म्यूजिकल एक शानदार डेब्यू से कहीं ज़्यादा है, यह भारत के सबसे महान फिल्ममेकर्स में से एक के जन्म की निशानी है। इस फ़िल्म ने संजय लीला भंसाली के शानदार सफ़र का रास्ता बनाया, जिसमें उन्होंने हम दिल दे चुके सनम, देवदास, ब्लैक, गोलियों की रासलीला राम-लीला, बाजीराव मस्तानी, पद्मावत, गंगूबाई काठियावाड़ी और हीरामंडी: द डायमंड बाज़ार जैसी फ़िल्में कीं। इन सालों में, भंसाली ने सात नेशनल फ़िल्म अवॉर्ड, कई फ़िल्मफ़ेयर अवॉर्ड, पद्म श्री, एक BAFTA अवॉर्ड नॉमिनेशन जीता है, और रिपब्लिक डे पर एक झांकी, भारत गाथा डिज़ाइन करने वाले पहले फ़िल्ममेकर बने, जो भारतीय सिनेमा के कर्तव्य पथ पर सफ़र का जश्न मनाती है, जिससे भारत के सबसे महान सिनेमाई दूरदर्शी लोगों में से एक के रूप में उनकी जगह और पक्की हो गई।

तीस साल बाद, खामोशी: द म्यूज़िकल सिर्फ़ एक पसंदीदा फ़िल्म नहीं है, बल्कि यह संजय लीला भंसाली की असाधारण विरासत की नींव है। जैसे-जैसे दर्शक उनकी अगली फ़िल्म, लव एंड वॉर का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं, यह इंतज़ार ही उस भरोसे और तारीफ़ का सबूत है जो भंसाली ने तीन दशकों में बनाया है। अगर खामोशी ने एक जीनियस के जन्म को दिखाया, तो लव एंड वॉर एक ऐसे फिल्ममेकर के शानदार सफ़र में एक और मील का पत्थर साबित होगी, जो इंडियन सिनेमा का भविष्य बना रहा है।

Shakeel Noorani: रेप केस में डायरेक्टर शकील नूरानी गिरफ्तार, एक्ट्रेस का आरोप है कि उन्होंने नशीली चीज खिलाकर धमकाया

Shakeel Noorani: ‘जोरू का गुलाम’ और ‘बड़े दिल वाला’ जैसी फ़िल्मों के लिए मशहूर अनुभवी फ़िल्ममेकर शकील नूरानी गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं। एक 33 वर्षीय अभिनेत्री द्वारा बलात्कार और यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराने के बाद मुंबई में इस निर्देशक को गिरफ़्तार कर लिया गया है।

73 वर्षीय नूरानी को मालवानी पुलिस ने 8 अगस्त की सुबह गिरफ़्तार किया। भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 64(2)(M), 123, 351(2) और 88 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक, एक्ट्रेस की नूरानी से पहली मुलाकात 2016 में लोखंडवाला में एक अवॉर्ड इवेंट में हुई थी। ‘मिड-डे’ की रिपोर्ट के अनुसार, एक्ट्रेस का कहना है कि फिल्ममेकर ने उनसे एक आने वाली फिल्म के बारे में बात की और काम के सिलसिले में उनसे संपर्क करने को कहा।

बाद में, वह स्क्रिप्ट पढ़ने के लिए मालवानी में उनके घर गईं। अपनी FIR में एक्ट्रेस ने दावा किया कि नूरानी ने उन्हें एक ड्रिंक दी, जिसके बाद वह बेहोश हो गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब उन्हें होश आया तो नूरानी ने उन्हें अपने फोन पर एक वीडियो दिखाया। उनकी शिकायत के मुताबिक, नूरानी ने धमकी दी कि अगर वह पुलिस के पास गईं या अपने परिवार को बताया, तो वह उस वीडियो को शेयर कर देंगे।

एक्ट्रेस ने आगे आरोप लगाया कि नूरानी ने उस वीडियो का इस्तेमाल करके उसे धमकाया और कई बार उसका यौन शोषण किया। उसने यह भी दावा किया कि कथित यौन संबंधों के बाद नूरानी ने उसे बार-बार गर्भनिरोधक गोलियां दीं। नूरानी के वकील, एडवोकेट विकास सिंह गोअर ने इन आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि फिल्ममेकर को झूठे मामले में फंसाया गया है।

मिड-डे की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा, “एक्ट्रेस के लगाए गए आरोपों को अभी अदालत में साबित किया जाना बाकी है और जांच चल रही है। जब तक दोषी साबित न हो जाए, नूरानी को निर्दोष माना जाएगा। गिरफ्तारी के बाद, नूरानी को बोरीवली हॉलिडे कोर्ट ले जाया गया। पुलिस ने आरोपों की जांच करने वीडियो को बरामद और उसकी जांच करने और यह पता लगाने के लिए कि क्या ऐसी घटनाएं अन्य जगहों पर भी हुई हैं, उनकी कस्टडी की मांग की।

अदालत ने नूरानी को 12 अगस्त तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया। शकील नूरानी ने ‘बड़े दिलवाला’ (1999), ‘जोरू का गुलाम’ (2000) और ‘एसिड ऑफ लव’ (2005) जैसी फिल्मों का निर्देशन किया है। ‘जोरू का गुलाम’ में गोविंदा और ट्विंकल खन्ना ने काम किया था।

Gangs of Wasseypur 2: ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर 2’ के 14 साल पूरे, फैजल खान के किरदार में नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने जीता था दिल

Gangs of Wasseypur 2: चौदह साल पहले गैंग्स ऑफ वासेपुर 2 ने इंडियन सिनेमा का माहौल बदल दिया और दर्शकों को इसके सबसे यादगार किरदारों में से एक फैजल खान से मिलवाया। हालांकि फिल्म ने खुद कल्ट स्टेटस हासिल किया। लेकिन नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी का फैजल का जबरदस्त किरदार उनके करियर का एक अहम मोड़ बन गया, जिसने उन्हें एक शानदार परफॉर्मर से अपनी पीढ़ी के सबसे मशहूर एक्टर में से एक बना दिया।

फैज़ल खान को डायलॉग आइकॉनिक बनाता था। उनकी चुप्पी, पैनी नजर, सधी हुई बॉडी लैंग्वेज और आसान डायलॉग डिलीवरी ने किरदार में एक अनोखी सच्चाई ला दी। हर ठहराव का मतलब था, हर एक्सप्रेशन एक कहानी कहता था, यह साबित करता है कि दमदार एक्टिंग अक्सर उसमें होती है जो अनकहा रह जाता है। चौदह साल बाद भी, फैज़ल खान इंडियन सिनेमा के सबसे पसंदीदा और सबसे ज़्यादा कोट किए जाने वाले किरदारों में से एक हैं।

इस फ़िल्म ने एक शानदार सफ़र की शुरुआत की, जिसमें नवाज़ुद्दीन ने अलग-अलग जॉनर और प्लेटफ़ॉर्म पर बेहतरीन एक्टिंग की नई परिभाषा गढ़ी है। द लंचबॉक्स, बदलापुर और मंटो से लेकर सेक्रेड गेम्स, सीरियस मेन और सिनेमा और स्ट्रीमिंग में कई शानदार परफॉर्मेंस तक, उन्होंने लगातार ऐसी वर्सेटिलिटी दिखाई है जिसका मुकाबला बहुत कम एक्टर कर सकते हैं। कभी भी किसी एक इमेज या जॉनर तक सीमित नहीं रहे, उन्होंने ऐसे काम किए हैं जो बिना डरे पसंद और अपने काम के प्रति अटूट कमिटमेंट को दिखाते हैं।

एक ऐसी इंडस्ट्री में जो अक्सर रिवाज़ों से चलती है, नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी ने अपने टैलेंट, लगन और असलियत से अपना रास्ता बनाया। हर किरदार में घुल जाने की उनकी काबिलियत, चाहे वह किसी भी लेवल या जॉनर का हो, ने उन्हें एक्टिंग की एक पहचान दिलाई है। हर परफॉर्मेंस में इमोशनल गहराई, ईमानदारी और बातचीत का एक अनोखा तरीका होता है जिसने दर्शकों, क्रिटिक्स और उभरते हुए एक्टर्स को समान रूप से प्रेरित किया है।

गैंग्स ऑफ़ वासेपुर 2 के चौदह साल बाद भी, फैज़ल खान इंडियन सिनेमा के सबसे आइकॉनिक किरदारों में से एक हैं, जबकि नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी अपनी आइकॉनिक परफॉर्मेंस और ज़बरदस्त वर्सेटाइल टैलेंट पर बनी लेगेसी को और मज़बूत कर रहे हैं।

आगे एक रोमांचक लाइनअप के साथ, मशहूर एक्टर अगली बार हाउस M.D. रीमेक (टाइटल की घोषणा जल्द) में बनिजय, तुम्बाड 2, ब्लाइंड बाबू, नूरानी चेहरा, संगीन, सेक्शन 108, उनकी अनटाइटल्ड पंजाबी डेब्यू और थामा 2 में नज़र आएंगे।  जैसे-जैसे वह अलग-अलग और चैलेंजिंग रोल अपना रहे हैं, नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी इंडियन सिनेमा के सबसे अच्छे कहानीकारों में से एक बने हुए हैं, यह साबित करते हुए कि सच्चे लेजेंड किसी एक परफॉर्मेंस से नहीं, बल्कि काम के एक ऐसे लंबे समय तक चलने वाले कलेक्शन से पहचाने जाते हैं जो लगातार डेवलप होता रहता है।