80th Independence Day: कॉम्पिटीटिव एग्जाम्स की तैयारी करने वाले छात्रों को मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग, PM मोदी ने किया ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को घोषणा की कि कॉम्पिटीटिव एग्जाम्स (प्रतियोगी परीक्षा) की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था की जाएगी। ऐसा छात्रों के परिवारों पर आर्थिक बोझ कम करने के लिए किया जा रहा है। 15 अगस्त 2026 को देश अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस मौके पर दिल्ली में ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “कोचिंग क्लास से गरीब और मध्यम वर्ग पर बोझ पड़ता है। हम अलग-अलग परीक्षाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराएंगे।”

पीएम ने कहा कि हर माता-पिता को लगता है कि अगर वे अपने बच्चे को कोचिंग क्लास नहीं भेजेंगे तो वे प्रतिष्ठित परिवार नहीं कहलाएंगे। प्रधानमंत्री ने इन परिवारों को भरोसा दिलाया कि वे कोचिंग पर खर्च होने वाले हजारों करोड़ रुपये बचा सकते हैं, अपने बच्चों के करीब रह सकते हैं और उनकी देखभाल कर सकते हैं।

पीएम मोदी ने कहा, “इसलिए, हमने युवाओं के लिए अलग-अलग परीक्षाओं की मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने का फैसला किया है। हमारे पास डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर है, हमारे पास बेहतरीन टैलेंट और शिक्षक हैं। इन संसाधनों को एक साथ लाकर, हम देश के युवाओं को मुफ्त कोचिंग देने के लिए एक पूरा नेटवर्क बनाने जा रहे हैं।”

एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI की ट्रेनिंग

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि हमने तय किया है कि अगले एक वर्ष में एक करोड़ युवाओं को आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस (AI) कौशल की ट्रेनिंग दी जाएगी। यह भी कहा कि युवाओं की क्षमताओं का इस्तेमाल राष्ट्र निर्माण में किया जाएगा। इसके साथ ही पीएम मोदी ने युवाओं से अपील की कि वे देश में जारी जनगणना प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लें। साथ ही जनगणना को त्रुटिरहित (जिसमें कोई गलती न हो) बनाने के लिए अपने परिवार की सही डिजिटल जानकारी उपलब्ध कराने में सहयोग करें।

इस वर्ष का समारोह ‘वंदे मातरम्’ के 150 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय गीत को विशेष रूप से समर्पित है। लाल किले के स्वतंत्रता दिवस समारोह में आज, शनिवार को पहली बार ‘वंदे मातरम्’ गाया गया।

80th Independence Day: देश में 3 सेमीकंडक्टर प्लांट्स में उत्पादन शुरू, अगले 7-8 वर्षों में 5 से 8 और प्लांट शुरू होने की उम्मीद- PM मोदी

5,000 विशेष अतिथियों ने लिया हिस्सा

लाल किले पर शनिवार को आयोजित 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में लगभग 5,000 विशेष अतिथियों ने हिस्सा लिया। इनमें महिला उद्यमी, युवा इनोवेटर्स, किसान और विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों सहित समाज के कई क्षेत्रों से जुड़े लोग शामिल रहे। समारोह में सांस्कृतिक रंग भरने के लिए विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से पारंपरिक वेशभूषा में सजे 1,500 से अधिक लोग भी उपस्थित रहे।

80th Independence Day: देश में 3 सेमीकंडक्टर प्लांट्स में उत्पादन शुरू, अगले 7-8 वर्षों में 5 से 8 और प्लांट शुरू होने की उम्मीद- PM मोदी

भारत ने 3 सेमीकंडक्टर प्लांट्स में उत्पादन शुरू कर दिया है और आने वाले वर्षों में 5 से 8 और प्लांट लगने की उम्मीद है। यह बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कही है। 15 अगस्त 2026 को देश अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस मौके पर दिल्ली में ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा उसकी बढ़ती तकनीकी आत्मनिर्भरता को दर्शाती है। सेमीकंडक्टर चिप्स इलेक्ट्रॉनिक्स, हेल्थकेयर, ट्रांसपोर्ट और हर आधुनिक तकनीक के लिए आवश्यक हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्षों तक देश में सेमीकंडक्टर पर चर्चा तो हुई, लेकिन बड़े पैमाने पर सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स का अभाव रहा। इन चिप्स के रणनीतिक महत्व को स्वीकार करते हुए, पीएम ने कहा कि भारत ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में निर्णायक कदम उठाए हैं। 3 सेमीकंडक्टर प्लांट्स में उत्पादन पहले ही शुरू हो चुका है और निर्यात भी जारी है।

प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि अगले 7-8 वर्षों में 5 से 8 और प्लांट शुरू होने की उम्मीद है, जिससे ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत’ की दिशा में देश की यात्रा और मजबूत होगी।

परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में 200 गीगावाट का लक्ष्य, लग रहे हैं 5 नए रिएक्टर

पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारत ने परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ाया है। तमिलनाडु के कलपक्कम में प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (पीएफबीआर) ने इस वर्ष ‘क्रिटिकैलिटी’ हासिल कर ली है। ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने में परमाणु ऊर्जा महत्वपूर्ण साधन है। पीएम ने कहा कि देश ने 200 गीगावाट परमाणु ऊर्जा का लक्ष्य रखा है और 5 नए परमाणु रिएक्टर लगाए जा रहे हैं।

पीएम मोदी के मुताबिक, ‘‘ऊर्जा सुरक्षा आज की जरूरत है और इसलिए हमने इस दिशा में पहले ही कदम उठाए हैं। हमने संसद में ‘शांति’ अधिनियम पारित किया है और 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा हासिल करने का लक्ष्य रखा है।

Independence Day 2026: ‘बड़े सपने देखने’ से लेकर ‘विकसित भारत’ के संकल्प तक, PM मोदी के भाषण की बड़ी बातें

PM Modi Independence Day Speech: ‘Fortune 500 में भारत की 50 कंपनियां क्यों नहीं?’ PM मोदी ने कॉरपोरेट सेक्टर के सामने रखा बड़ा लक्ष्य

PM Modi Independence Day Speech: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देश के कारोबार जगत के सामने एक बड़ा और महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा। उन्होंने कहा कि आने वाले 10 साल में Fortune 500 की 50 कंपनियां भारत की क्यों नहीं हो सकतीं? पीएम मोदी ने भारतीय कंपनियों से बैंकिंग, फार्मास्यूटिकल्स, कंसल्टिंग, टेक्नोलॉजी समेत कई क्षेत्रों में दुनिया की अग्रणी कंपनियां बनने का आह्वान किया।

स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत को छोटी-छोटी उपलब्धियों से संतुष्ट नहीं होना चाहिए, बल्कि दुनिया में नेतृत्व करने का लक्ष्य रखना चाहिए।

‘Fortune 500 में शामिल हो भारत की 50 कंपनियां’

उन्होंने कहा, “हम अक्सर Fortune 500 कंपनियों के बारे में सुनते हैं। आने वाले दशक में Fortune 500 की 50 कंपनियां भारत की क्यों नहीं हो सकतीं? क्या यह हमारा लक्ष्य नहीं होना चाहिए?”

प्रधानमंत्री ने कहा कि बैंकिंग सेक्टर फल-फूल रहा है और सवाल किया कि कोई भारतीय बैंक दुनिया के टॉप पांच बैंकों में क्यों शामिल नहीं हो सकता। उन्होंने कहा, “भारत का कोई एक बैंक दुनिया के टॉप पांच बैंकों में शामिल होना चाहिए।”

फार्मास्युटिकल और बैंकिग सेक्टर भी आगे बढ़ें 

पीएम मोदी ने फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री के लिए भी एक बड़ा लक्ष्य तय किया और कहा कि भारत को अपनी मौजूदा खूबियों को ग्लोबल लीडरशिप में बदलना होगा। उन्होंने कहा, “भारत ने फार्मास्युटिकल सेक्टर में बहुत काम किया है। लेकिन अभी जरूरत इस बात की है कि भारत की कोई फार्मास्युटिकल कंपनी दुनिया की पांच सबसे बड़ी फार्मास्युटिकल कंपनियों में शामिल हो। भारत को वहां अपनी जगह बनानी होगी।”

प्रधानमंत्री का ग्लोबल लीडर बनने का विजन सिर्फ बैंकिंग और फार्मा तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने कहा कि भारतीय लॉ फर्म, रेटिंग एजेंसियां, कंसल्टिंग कंपनियां और अकाउंटिंग फर्म भी दुनिया में अपनी पहचान बनाएं। उन्होंने भारतीय टेक्नोलॉजी कंपनियों को भी वैश्विक स्तर पर नंबर-1 बनने का लक्ष्य रखने की बात कही।

उन्होंने कहा, “हमारी कंसल्टिंग या अकाउंटिंग फर्मों में से कोई एक दुनिया की टॉप फर्मों में शामिल होनी चाहिए। भारतीय टेक्नोलॉजी कंपनियों को दुनिया में लीडर बनना चाहिए। यही हमारा लक्ष्य होना चाहिए।”

ऐसे ब्रांड बनाएं जो दुनिया में भारत की पहचान बनें

उन्होंने भारतीय कंपनियों से ऐसे ब्रांड बनाने का भी आह्वान किया जो दुनिया भर में देश की पहचान बन सकें। उन्होंने कहा, “हमें ऐसे ब्रांड बनाने चाहिए जो दुनिया को आकर्षित करें। हमारे ब्रांड हमारे देश की पहचान बनें और भारत को दुनिया के लिए एक खास डेस्टिनेशन बनाएं।”

प्रधानमंत्री मोदी ने इस चुनौती को 2047 तक भारत को एक विकसित देश बनाने के बड़े लक्ष्य से जोड़ा। उन्होंने कहा कि इसे हासिल करने के लिए तेजी से सुधार करने और केंद्र, राज्यों, स्थानीय सरकारों और इंडस्ट्री के बीच बेहतर सहयोग की जरूरत होगी। उन्होंने कहा, “हमें अपने सुधारों की रफ्तार बढ़ानी होगी। हमें 2047 के लक्ष्य के हिसाब से अपने सिस्टम को विकसित करना होगा।” उन्होंने यह भी कहा कि भारत अब “पुरानी नीतियों और नियमों” के आधार पर नहीं चल सकता।

प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि सुधार मजबूरी के बजाय महत्वाकांक्षा से प्रेरित होने चाहिए। उन्होंने कहा, “हम सुधार मजबूरी में नहीं, बल्कि पूरे विश्वास के साथ कर रहे हैं। हम अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए ये सुधार कर रहे हैं।”

पीएम मोदी ने इस चुनौती को एक सामूहिक राष्ट्रीय परियोजना के तौर पर भी पेश किया और कहा कि भारत की तरक्की सिर्फ सरकार के दम पर नहीं हो सकती। उन्होंने कहा, “राष्ट्र का मतलब सिर्फ सरकार नहीं है। राष्ट्र में हर नागरिक शामिल होता है।”

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Independence Day 2026: बड़े सपने देखने’ से लेकर ‘विकसित भारत’ के संकल्प तक, PM मोदी के भाषण की बड़ी बातें

Independence Day 2026: देश आज आजादी के 80वें साल का जश्न मना रहा है। इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली स्थित ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराया। जैसे ही राष्ट्रीय ध्वज आसमान में लहराया, भारतीय वायुसेना के दो Mi-17 हेलीकॉप्टरों ने लाल किले के ऊपर से फूलों की बारिश कर माहौल को और खास बना दिया। ध्वजारोहण के साथ 21 तोपों की सलामी भी दी गई। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया।

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए अपनी सरकार के संकल्प को दोहराया। इसके बाद उन्होंने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी और 1947 में देश की आजादी के लिए लड़ने वालों को श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पहली बार ‘वंदे मातरम’ के गायन का भी जश्न मनाया।

बता दें कि लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान पहली बार ‘वंदे मातरम’ का पूरा संस्करण बजाया गया, जो देश के आधिकारिक राष्ट्रीय समारोहों में एक ऐतिहासिक क्षण था।

प्रधानमंत्री के भाषण की मुख्य बातें देखें

  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर शनिवार को देश को 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश ने नई रफ्तार पकड़ी है और अब 140 करोड़ देशवासियों के संकल्प और सामर्थ्य को रोकना नामुमकिन है।
  • लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन मोदी ने कहा कि भारत को अब छोटे सपनों के साथ आगे बढ़ने के बजाय बड़े सपने देखने और ऊंचे संकल्प लेने होंगे।
  • उन्होंने कहा कि बड़े सपने सोच का विस्तार करते हैं और दृढ़ संकल्प होने पर कठिनाइयों तथा आपदाओं के बीच से रास्ते निकालने का सामर्थ्य अपने आप सामने आता है।
  • प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘भारत ने 2047 में, जब देश की आजादी के 100 वर्ष पूरे होंगे, विकसित राष्ट्र बनने का बड़ा सपना देखा है और 140 करोड़ देशवासियों के पुरुषार्थ से इस लक्ष्य को हासिल किया जाएगा।’’
  • उन्होंने कहा, ‘‘जब दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश विकसित होने का संकल्प लेता है, तो यह दुनिया की नजरों में हमारे साहस का परिचय बन जाता है। दुनिया हमारी तरफ देखने का नजरिया बदलने के लिए मजबूर हो जाती है।’’
  • मोदी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश के करोड़ों नागरिकों ने, चाहे वे दलित, पीड़ित, वंचित, आदिवासी, गांव या शहर में रहने वाले, गरीब या मध्यम वर्ग के हों और देश के किसी भी हिस्से से आते हों, एक संकल्प और समर्पण के साथ देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए योगदान दिया है।
  • उन्होंने कहा, ‘‘इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि इतनी कम समय में 25 करोड़ देशवासी गरीबी से बाहर निकले हैं।’’
  • प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि भारत पहले ‘फ्रैजाइल फाइव’ देशों में गिना जाता था, लेकिन पिछले 12 वर्षों में देश दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ है।
  • मोदी ने कहा कि आजादी के समय देश ने बहुत से सपने देखे थे, लेकिन अपेक्षित रफ्तार नहीं पकड़ पाया।
  • उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश ने रफ्तार पकड़ी है और तेज गति से आगे बढ़ रहा है।
  • प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत के संकल्प पर जोर देते हुए कहा कि भारत को दूसरे देशों पर निर्भर रहकर नहीं जीना है।
  • उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया में बहुत कुछ सस्ता और जल्दी मिल सकता है, लेकिन इससे देश की अपनी क्षमता विकसित नहीं होती।’’
  • उन्होंने कहा कि अपने हितों की सुरक्षा भारत को खुद करनी होगी और इसी उद्देश्य से ‘आत्मनिर्भर भारत’, ‘मेक इन इंडिया’ तथा ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसे अभियानों को आगे बढ़ाया जा रहा है।
  • सेमीकंडक्टर क्षेत्र का उदाहरण देते हुए मोदी ने कहा कि आजादी के बाद लंबे समय तक भारत में इसका कोई बड़ा संयंत्र नहीं बन पाया, लेकिन अब देश में तीन सेमीकंडक्टर संयंत्र शुरू हो चुके हैं और उनमें उत्पादित सेमीकंडक्टर का निर्यात भी शुरू हो गया है।
  • उन्होंने कहा कि आने वाले सात-आठ वर्षों में कई और सेमीकंडक्टर संयंत्र शुरू होने वाले हैं और यह विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण मार्ग है।
  • मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए महात्मा गांधी समेत सभी स्वतंत्रता सेनानियों और महान क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
  • उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार 15 अगस्त को लाल किले पर ‘वंदे मातरम्’ गूंज रहा है और इसके 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर यह ऐतिहासिक पल है।

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LIVE: पीएम मोदी ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी, थोड़ी देर में लाल किले पर तिरंगा फहराएंगे

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lal kila

Latest News Today Live Updates in Hindi : देश आज अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुछ ही देर में लाल किले की प्राचीर पर झंडा फहराएंगे और देश को संबोधित करेंगे। पल पल की जानकारी…

Independence Day: 21 तोपों की सलामी और ‘वंदे मातरम्’ की गूंज… इस बार लाल किले पर दिखेगा नया अंदाज

Independence Day: अब से कुछ ही घंटों बाद देश अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अगस्त 2026 को दिल्ली के लाल किले से 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह की अगुवाई करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और लगातार 13वीं बार देश को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर संबोधित करेंगे। इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह की थीम ‘विकसित भारत@2047 के लिए युवा शक्ति’ रखी गई है। इसके साथ ही ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने के मौके पर भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

समारोह में भारत में बनी 105 मिमी हल्की फील्ड गन से स्वदेशी 21 तोपों की सलामी दी जाएगी। इसके बाद एमआई-17 हेलीकॉप्टरों से फूलों की बारिश भी की जाएगी। प्रधानमंत्री के भाषण का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से 22 भारतीय भाषाओं में तुरंत अनुवाद भी किया जाएगा। स्वतंत्रता दिवस समारोह का सीधा प्रसारण सुबह 6:30 बजे से शुरू होगा। इसे डीडी नेशनल के साथ कई डिजिटल मंचों पर भी लाइव देखा जा सकेगा।

स्वतंत्रता दिवस 2026: पहली बार होंगी ये खास बातें

  • लाल किले पर पहली बार गूंजेगा ‘वंदे मातरम’: ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने के मौके पर इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह में इसे पहली बार लाइव गाया जाएगा। आजादी के बाद लाल किले पर होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोहों के इतिहास में यह पहली बार होगा।
  • स्वदेशी तोपों से 21 तोपों की सलामी: इस बार 21 तोपों की सलामी में इस्तेमाल होने वाले सभी प्रमुख उपकरण भारत में बने होंगे। समारोह में स्वदेशी 105 मिमी हल्की फील्ड गन से पारंपरिक 21 तोपों की सलामी दी जाएगी। इसके लिए औपचारिक 1721 फील्ड बैटरी का इस्तेमाल किया जाएगा।
  • प्रधानमंत्री की मदद करेंगी कैप्टन सोनिया सिंह चौहान: ध्वजारोहण के दौरान कैप्टन सोनिया सिंह चौहान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मदद करेंगी। वह लाल किले की प्राचीर पर प्रधानमंत्री के साथ रहेंगी।
  • हेलिकॉप्टर से होगी फूलों की बारिश: तिरंगा फहराने के तुरंत बाद दो एमआई-17 हेलीकॉप्टर लाल किले के ऊपर से फूलों की पंखुड़ियों की बारिश करेंगे।
  • 5,000 विशेष अतिथि होंगे शामिल: स्वतंत्रता दिवस समारोह में करीब 5,000 विशेष अतिथियों के साथ 2,500 राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) कैडेट भी शामिल होंगे।
  • 22 भाषाओं में होगा भाषण का लाइव अनुवाद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से 22 भारतीय भाषाओं में तुरंत अनुवाद किया जाएगा। इसके लिए ‘डिजिटल इंडिया भाषिणी’ ऐप का इस्तेमाल किया जाएगा। इसका मकसद प्रधानमंत्री का संदेश देश के ज्यादा से ज्यादा लोगों तक उनकी अपनी भाषा में पहुंचाना है।

स्वतंत्रता दिवस 2026: मुख्य विषय

इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह में देश के इतिहास और भविष्य, दोनों पर खास जोर दिया गया है। समारोह के दो मुख्य विषय रखे गए हैं।

  • ‘वंदे मातरम’ के 150 साल: इस साल राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने के मौके पर इसकी विरासत को खास सम्मान दिया जाएगा। पहली बार प्रधानमंत्री के भाषण के तुरंत बाद लाल किले पर राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के कैडेट और ‘मेरा भारत’ के स्वयंसेवक मिलकर औपचारिक रूप से ‘वंदे मातरम’ का गायन करेंगे।
  • 2047 तक विकसित भारत के लिए युवा शक्ति: इस विषय के तहत 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने में युवाओं की भूमिका पर जोर दिया जाएगा। इसमें खास तौर पर जेन-जी युवाओं और युवा उद्यमियों की प्रतिभा, मेहनत और नए विचारों को देश के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया गया है।

15 अगस्त विशेष: शहीदों के सपनों का भारत नारों से नहीं, हमारे चरित्र और कर्म से बनेगा

15 अगस्त विशेष: शहीदों के सपनों का भारत नारों से नहीं, हमारे चरित्र और कर्म से बनेगा

15 अगस्त केवल एक तिथि नहीं, बल्कि देश के गौरवशाली इतिहास, अमर बलिदानों और राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक है। हर साल जब लाल किले की प्राचीर पर तिरंगा लहराता है, तो वह केवल स्वतंत्रता का उत्सव मनाने का क्षण नहीं होता, बल्कि एक राष्ट्र के रूप में आत्ममंथन करने का अवसर भी होता है। अमर शहीदों के सपनों का भारत केवल नारों से नहीं, बल्कि नागरिकों के चरित्र, कर्तव्यनिष्ठा और आचरण से निर्मित होता है। आइए जानते हैं कि इस स्वतंत्रता दिवस पर हमें अधिकार मांगने के साथ-साथ किन नागरिक कर्तव्यों का संकल्प लेने की आवश्यकता है।

 

1. आत्ममंथन और अतीत का स्मरण:

15 अगस्त केवल तिरंगा फहराने, राष्ट्रगान गाने और देशभक्ति के नारों का दिन नहीं है। यह वह अवसर है जब राष्ट्र को अपने अतीत के बलिदानों को स्मरण करते हुए वर्तमान का आत्ममंथन और भविष्य का संकल्प करना चाहिए। स्वतंत्रता हमें संघर्ष, त्याग और असंख्य बलिदानों के बाद मिली है। इसलिए यह सवाल आज भी प्रासंगिक है कि जिस भारत का सपना हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने देखा था, क्या हम उसके निर्माण की दिशा में उतनी ही ईमानदारी से आगे बढ़ रहे हैं?

 

2. अमर सेनानियों का आदर्श और राष्ट्रीय चरित्र

भगत सिंह का साहस, चंद्रशेखर आजाद का आत्मविश्वास, नेताजी सुभाष चंद्र बोस का राष्ट्र-समर्पण, महात्मा गांधी का सत्य-अहिंसा का मार्ग और सरदार पटेल की राष्ट्रीय एकता के प्रति प्रतिबद्धता- केवल इतिहास के अध्याय नहीं हैं। वे स्वतंत्र भारत के राष्ट्रीय चरित्र की आधारशिलाएँ हैं। उनका सपना एक ऐसा भारत था जो:- 

  • राजनीतिक रूप से स्वतंत्र हो।
  • सामाजिक रूप से न्यायपूर्ण हो।
  • आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो।
  • नैतिक रूप से मजबूत और नागरिक चेतना से संपन्न हो।

 

3. अधिकार, कर्तव्य और नागरिक आचरण

आजादी का अर्थ केवल अधिकार प्राप्त करना नहीं है; लोकतंत्र अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों की भी मांग करता है।

सरकारें नीतियाँ बना सकती हैं, योजनाएँ लागू कर सकती हैं और संस्थाएँ खड़ी कर सकती हैं, लेकिन राष्ट्र का वास्तविक चरित्र उसके नागरिकों के आचरण से तय होता है।

  • कानून का सम्मान
  • सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा
  • करों का ईमानदार भुगतान
  • स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सद्भाव
  • ये केवल मामूली बातें नहीं, बल्कि राष्ट्र-निर्माण की बुनियादी शर्तें हैं।

 

4. युवा शक्ति और आधुनिक चुनौतियाँ

आज भारत परिवर्तन के एक महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है। ऐसे समय में देश की युवा शक्ति निर्णायक भूमिका

A young person saluting the Indian flag in the picture.

निभा सकती है। तकनीक, शिक्षा, कौशल, विज्ञान, अनुसंधान, उद्यमिता और नवाचार के क्षेत्र में युवाओं के लिए अभूतपूर्व अवसर हैं। हालाँकि, डिजिटल दुनिया के साथ कुछ चुनौतियाँ भी बढ़ी हैं:-

  • भ्रामक सूचनाएँ (Misinformation)
  • नशा और निराशा
  • सामाजिक विभाजन
  • इसलिए युवा ऊर्जा को केवल रोजगार की तलाश तक सीमित रखने के बजाय, उसे राष्ट्र-निर्माण की सकारात्मक शक्ति बनाना होगा।

5. स्वच्छता, आत्मनिर्भरता और विविधता में एकता

स्वच्छता और आत्मनिर्भरता को केवल सरकारी अभियानों के रूप में देखना उचित नहीं है। सड़क पर कचरा न डालना, जल-स्रोतों को प्रदूषण से बचाना, स्थानीय उत्पादों एवं उद्यमियों को प्रोत्साहित करना तथा संसाधनों के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाना प्रत्येक नागरिक की भूमिका है। आत्मनिर्भरता का अर्थ दुनिया से अलग होना नहीं, बल्कि अपनी प्रतिभा, श्रम और क्षमता पर विश्वास करना है।

 

भारत की सबसे बड़ी शक्ति उसकी विविधता और एकता है। भाषा, धर्म, जाति और क्षेत्र की भिन्नताओं के बावजूद एक राष्ट्र के रूप में साथ खड़े रहना हमारी असाधारण उपलब्धि है। मतभेद लोकतंत्र का स्वाभाविक हिस्सा हैं, लेकिन वैमनस्य लोकतंत्र को कमजोर करता है। इसलिए संवाद, सहिष्णुता और परस्पर सम्मान को राष्ट्रीय जीवन का आधार बनाना होगा।

 

6. हर नागरिक की देशभक्ति

सीमा पर सैनिक देश की रक्षा करता है, लेकिन राष्ट्र-निर्माण की जिम्मेदारी सीमा के भीतर रहने वाले हर नागरिक की है। किसान, शिक्षक, वैज्ञानिक, श्रमिक, उद्यमी और कर्मचारी- हर व्यक्ति अपने कर्म से देश को मजबूत करता है। देशभक्ति केवल सीमा पर दिखाई देने वाली वीरता नहीं है, बल्कि अपने दायित्वों को ईमानदारी से निभाना भी देशभक्ति ही है।

 

7. निष्कर्ष और नागरिक संकल्प

इस स्वतंत्रता दिवस पर हमें यह पूछने की जरूरत है कि “देश ने हमें क्या दिया?” से अधिक महत्वपूर्ण यह प्रश्न है कि “हमने देश को क्या दिया?”

स्वतंत्रता की सबसे बड़ी सार्थकता यही है कि हम अपने अधिकारों का उपयोग जिम्मेदारी के साथ करें। शहीदों के बलिदान का सच्चा सम्मान केवल स्मारकों पर पुष्प अर्पित करने से आगे बढ़कर उनके आदर्शों को जीवन में उतारने में है।

 

आइए, इस 15 अगस्त को केवल उत्सव न मनाएँ, बल्कि एक नागरिक संकल्प लें:

  • ईमानदार बनें और जिम्मेदार बनें।
  • स्वच्छ और संवेदनशील समाज बनाएँ।
  • भारत की एकता और गरिमा को सर्वोपरि रखें।

 

क्योंकि शहीदों के सपनों का भारत नारों से नहीं, हमारे चरित्र, परिश्रम और कर्तव्यनिष्ठा से बनेगा। यही स्वतंत्रता का सम्मान है, यही सच्ची देशभक्ति है और यही नए भारत की ओर हमारा वास्तविक कदम है।

जय हिंद!

Independence Day 2026: स्वतंत्रता दिवस पर सबसे पहले किसने लाल किले पर फहराया था तिरंगा? जानें इतिहास में दर्ज इस घटना के बारे में

Independence Day 2026: हमारा देश 15 अगस्त 1947 को अंग्रेजी हुकूमत से आजाद हुआ था। लंबे संघर्ष के बाद मिली आजादी से सभी उत्साहित थे। यह उत्साह आजादी के 79 साल पूरे होने के बाद आज भी कायम है। इस साल 15 अगस्त 2026 को भारत अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। इस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराकर आजादी के जश्न की शुरुआत करेंगे। नई दिल्ली स्थित लाल किले पर झंडा फहराना एक ऐसी परंपरा है, जो 1947 के पहले से चली आ रही है। आइए आज जानें कि लाल किले पर पहली पर किसने 15 अगस्त को तिरंगा फहराया था।

इतिहास के पन्नों से

आजाद भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 16 अगस्त, 1947 को पहली बार लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया था। तब से लाल किले पर तिरंगा फहराना भारतीय स्वतंत्रता और हमारे गौरव का प्रतीक बन गया है। भारत को 15 अगस्त, 1947 को आधी रात को आजादी मिली थी, लेकिन लाल किले पर झंडा 16 अगस्त, 1947 को सुबह 8:30 बजे फहराया गया था। 15 अगस्त, 1947 को आधिकारिक स्वतंत्रता दिवस पर, मुख्य झंडा फहराने की रस्म आधी रात को कॉन्स्टिट्यूएंट असेंबली (बाद में संसद भवन) में हुई थी। इसके बाद शाम को इंडिया गेट के पास एक और रस्म हुई। लाहौरी गेट की प्राचीर से नेहरू के भाषण ने भारत के सालाना स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए एक मिसाल कायम की, जहां प्रधानमंत्री हर 15 अगस्त को राष्ट्रीय झंडा फहराते हैं और देश को संबोधित करते हैं।

सबसे ज्यादा बार पंडित नेहरू ने फहराया तिरंगा

पंडित नेहरू ने 1947 से 17 बार लाल किले पर झंडा फहराया है, जो हमारी स्वतंत्रता के 79 सालों में किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा सबसे ज्यादा बार फहराया गया है। इस मामले में उनकी बेटी इंदिरा गांधी दूसरे नंबर पर हैं, जिन्होंने 16 बार तिरंगा फहराया है। इसके बाद, श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने छह बार लाल किले पर झंडा फहराया है, उनके बाद राजीव गांधी और पीवी नरसिम्हा राव – पांच-पांच बार, लाल बहादुर शास्त्री ने 1964 और ’65 में, मोरारजी देसाई ने 1977 और ’78 में, चरण सिंह ने 1979 में, श्री वीपी सिंह – 1990 में, श्री एचडी देवेगौड़ा – 1996 में और श्री इंद्र कुमार गुजराल – 1997 में।

चंद्रशेखर ने कभी नहीं फहराया लाला किले पर झंडा

दिलचस्प बात यह है कि गुलजारी लाल नंदा ने, अंतरिम प्रधानमंत्री के तौर पर अपने दो छोटे कार्यकाल में, चंद्रशेखर के अलावा कभी झंडा नहीं फहराया। प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह 15 अगस्त, 2007 को 10 बार लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इसके बाद वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से अब तक 12 बार तिरंगा फहरा चुके हैं। इस साल देश के स्वाधीनता दिवस की 80वीं वर्षगांठ पर वह 13वीं बार ध्वजारोहण करेंगे।

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15 अगस्त पर लाल किले में दिखेगा नया इतिहास! जश्न में पहली बार दो ऐतिहासिक पल

15 अगस्त से पहले दिल्ली में स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियां तेज हो गई हैं। लाल किले के पास दंगल पार्क में भारतीय सेना के जवानों ने पारंपरिक 21 तोपों की सलामी रिहर्सल की जा रही है। इस बार समारोह में ‘युवा शक्ति’, ‘विकसित भारत 2047’ और ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने को खास जगह दी जाएगी।

युवा शक्ति और Gen-Z

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इस बार लाल किले पर होने वाला स्वतंत्रता दिवस समारोह देश की युवा शक्ति और Gen-Z पर फोकस रहेगा। इसमें युवाओं की अचीवमेंट, उनकी नई सोच और देश के डेवलपमेंट में उनके योगदान को सामने रखा जाएगा। साथ ही 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने के लक्ष्य में युवाओं की भूमिका को भी खास तरीके से दिखाया जाएगा। सेरेमनी में युवा अचीवर्स को स्पेशल गेस्ट के तौर पर बुलाया गया है।

स्वतंत्रता दिवस समारोह

इस साल ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे हो रहे हैं, इसलिए स्वतंत्रता दिवस समारोह में इसे खास जगह दी जाएगी। पहली बार लाल किले की प्राचीर से ‘वंदे मातरम’ गाया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले से तिरंगा फहराएंगे और देश को संबोधित करेंगे।

टेक्नोलॉजी और साइंस

स्वतंत्रता दिवस समारोह में भारत की तकनीकी और वैज्ञानिक अचीवमेंट को भी दिखाया जाएगा। न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी, स्पेस और मॉडर्न टेक्निक सेक्टर में देश ने जो प्रगति की है, उसकी झलक विजुअल्स के जरिए दिखाई जाएगी। इन्विटेशन कार्ड में ‘सेवा तीर्थ’ को प्रायोरिटी दी गई है, जो पब्लिक सर्विस और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को दिखाती है।

इंटर्नशिप और डेवलपमेंट स्कीम

इस बार समारोह में देश के युवा प्रतिभाओं को खास सम्मान दिया जाएगा। इंटरनेशनल फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और मैथमैटिक्स ओलंपियाड 2026 में मेडल जीतने वाले 19 स्टूडेंट्स को सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा युवा इनोवेटर्स, स्टार्टअप फाउंडर्स, प्रधानमंत्री इंटर्नशिप स्कीम के इंटर्न, स्किल डेवलपमेंट स्कीम का लाभ लेने वाले और MY भारत के वॉलंटियर्स जैसे युवा अचीवर्स भी समारोह में शामिल होंगे।

जल संरक्षण

इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह में बैठने की जगहों के नाम भारत की प्रमुख झीलों के नाम पर रखे जाएंगे। इसका मकसद लोगों का ध्यान जल संरक्षण और पानी बचाने की जरूरत की ओर अट्रैक्ट करना है।

इस बार का स्वतंत्रता दिवस समारोह देश की परंपरा, युवाओं की ताकत और भारत की तरक्की की झलक एक साथ दिखाएगा। ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने से यह मौका और खास बन गया है। युवा प्रतिभाओं के सम्मान और देश की वैज्ञानिक उपलब्धियों के साथ समारोह में विकसित भारत 2047 का संदेश भी मिलेगा।