Asian Games में कब टकराएंगी भारत पाक की पुरुष महिला क्रिकेट टीमें?

मौजूदा चैंपियन भारत और पाकिस्तान की पुरुष और महिला क्रिकेट टीम को जापान में होने वाले एशियाई खेलों में सीधे क्वार्टर फाइनल में जगह दी गई है।भारतीय महिला टीम जापान के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी, जबकि पुरुष टीम का मुकाबला प्रारंभिक चरण के मैच के बाद तय होगा। सेमीफाइनल में भारतीय महिला टीम का सामना बांग्लादेश या चीन में से किसी एक टीम से होगा।

भारतीय पुरुष टीम सेमीफाइनल में पाकिस्तान का सामना कर सकती है। एशियाई खेलों में पुरुषों की क्रिकेट प्रतियोगिता 24 सितंबर को शुरू होगी और उसका फाइनल मैच एक अक्टूबर को खेला जाएगा।

महिलाओं की प्रतियोगिता 17 से 22 सितंबर तक होगी। भारतीय महिला टीम फाइनल में पाकिस्तान से भिड़ सकती है। पुरुषों की प्रतियोगिता में 10 टीमें भाग ले रही हैं। प्रारंभिक चरण में ग्रुप ए में अफगानिस्तान, जापान और नेपाल तथा ग्रुप बी में हांगकांग, चीन, मलेशिया और ओमान शामिल होंगे।

दोनों प्रतियोगिताएं आइची प्रांत के कोरोजी एथलेटिक पार्क में टी20 प्रारूप में खेली जाएंगी।श्रेयस अय्यर भारतीय पुरुष टीम की, जबकि हरमनप्रीत कौर भारतीय महिला टीम की कप्तानी करेंगी।क्रिकेट चौथी बार एशियाई खेलों के कार्यक्रम का हिस्सा है। इससे पहले यह 2010 में ग्वांगझू, 2014 में इंचियोन और 2023 में हांगझोऊ खेलों का हिस्सा था।

Vaibhav Sooryavanshi: वैभव सूर्यवंशी का धमाकेदार कमबैक…टूटा सचिन का रिकॉर्ड, यहां जानें हर गेंद का हाल

भारत ने पहले टी-20 में जिम्बाब्वे को 7 विकेट से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली। हरारे में जिम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट पर 125 रन बनाए। जवाब में भारत ने 13.2वें ओवर में 3 विकेट खोकर टारगेट हासिल कर लिया। भारत के इस जीत के हीरो वैभव सूर्यवंशी रहे। उन्होंने 15 साल 118 दिन की उम्र में अर्धशतक जड़कर इतिहास रच दिया। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारत की पहली जीत भी रही।

वैभव ने इंटरनेशल क्रिकेट में बनाया ये रिकॉर्ड

भारत के धाकड़ बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने महज 15 साल 118 दिन की उम्र में टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने का नया रिकॉर्ड बना दिया। उन्होंने नेपाल के कुशल मल्ला का रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे पहले कुशल मल्ला ने 15 साल 340 दिन की उम्र में 8 फरवरी 2020 को अमेरिका के खिलाफ वनडे मैच में 50 रन बनाकर यह उपलब्धि हासिल की थी।

ज़िम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में वैभव ने भारत की ओर से पारी की शुरुआत की। हरारे स्पोर्ट्स क्लब में 126 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए उन्होंने सिर्फ 19 गेंदों में 50 रन की शानदार पारी खेली। इस दौरान उन्होंने केवल 18 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। वैभव ने अपनी विस्फोटक पारी में 4 चौके और 4 छक्के लगाए। साथ ही उन्होंने ईशान किशन के साथ दूसरे विकेट के लिए 21 गेंदों में 45 रन की तेज साझेदारी भी की।

263 के स्ट्राइक रेट से बनाए रन

जिम्बाब्वे के गेंदबाजों को वैभव ने पहले ही ओवर से आड़े हाथ लेना शुरू कर दिया। वैभव सूर्यवंशी ने 18 गेंदों में ताबड़तोड़ अंदाज में अर्धशतक जड़ने का काम किया। वैभव सूर्यवंशी ने 4 चौके और 4 छक्के की मदद से 18 गेंदों में 50 रनों की पारी खेली। उनकी इस धुआंधार पारी का स्ट्राइक रेट 263.16 का रहा।

सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड भी टूटा

इस उपलब्धि के साथ वैभव ने इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। इससे पहले यह रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम था। सचिन ने 16 साल 213 दिन की उम्र में नवंबर 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ फैसलाबाद टेस्ट में 59 रन बनाए थे। टी20 क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने वाले खिलाड़ियों की सूची में अब वैभव पहले स्थान पर हैं। उनके बाद जिब्राल्टर के लुइस ब्रूस का नाम आता है, जिन्होंने 16 साल 56 दिन की उम्र में 20 अगस्त 2021 को माल्टा के खिलाफ 60 रन की पारी खेली थी।

छात्र प्रदर्शन पर पाक स्पिनर ने लगाई भारतीय पत्रकार की क्लास

पाकिस्तान के पूर्व स्पिनर दानिश कनेरिया ने  प्रदर्शन में लग रहे हिंदू और भारत विरोधी नारों पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए ट्वीट लिखा। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि हर प्रदर्शन में या तो हिंदू विरोधी या फिर भारत विरोधी नारे लगते हैं।

इस ट्वीट के प्रति उत्तर में द वायर की पत्रकार आरफा शेरवानी ने कहा कि यह पाकिस्तानी हमारे अंदरूनी मामले में दखल क्यों दे रहा है। इस को रीटिविट करते हुए पाकिस्तानी स्पिनर ने लिखा कि आप तो ऑपरेशन सिंदुर के वक्त पाकिस्तान की तरफ थी। एकतरफा पत्रकारिकता अच्छी बात नहीं है।

कनेरिया पाकिस्तान की तरफ से खेलने वाले केवल दूसरे हिंदू खिलाड़ी हैं। उनसे पहले उनके मामा अनिल दलपत ने भी पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व किया था।

कनेरिया ने 61 टेस्ट में 34.79 की औसत से 261 विकेट लिए है। दलपत दानिश कनेरिया के मामा थे। कनेरिया को हालाँकि साल 2000 से 2010 के बीच सिर्फ 18 एकदिवसीय मैच खेलने का मौका मिला।

ऐसा रहा करियर

राइट आर्म लेगब्रेक गेंदबाज दानिश कनेरिया ने टेस्ट क्रिकेट में 261 विकेट झटके जो अब्दुल कादिर से 25 विकेट ज्यादा हैं। वसीम अकरम, वकार यूनिस और इमरान खान के बाद वे पाकिस्तान की ओर से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले चौथे टेस्ट गेंदबाज हैं।

दानिश कनेरिया ने 61 टेस्ट मैच खेले जबकि 19 वनडे मैच। उन्होंने पहला टेस्ट 29 नवम्बर 2000 को इंग्लैंड के खिलाफ खेला और आखिरी टेस्ट भी इसी देश के खिलाफ 29 जुलाई 2010 में खेला।

शिखर धवन ने कहा छात्रों को संस्थान और सरकार पर बनाए रहना चाहिए भरोसा

shikhar dhawan

युवराज सिंह के बाद शिखर धवन ऐसे दूसरे क्रिकेटर हो गए हैं जिन्होंने छात्र आंदोलन से जुड़ी खबरों पर अपनी राय रखी है लेकिन उनका ट्वीट छात्रों को समझाइश देने की ओर इशारा ज्यादा करता है।हाल ही में दूसरी बार विवाह करने वाले शिखर धवन ने ट्विटर पर लिखा है कि हमारे युवा हमारा भविष्य है। उनके सपनों को समझना जरूरी है पर साथ ही मुश्किल वक्तम में धैर्य रखना और देश की सरकार और संस्थाओं पर भरोसा बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।मेरा मानना है कि हर चुनौती का समाधान धैर्य से निकलता है। भारत हमेशा आगे बढ़ता है और आगे बढ़ता रहेगा।

भारत के लिए 2013 से 2022 के बीच 34 टेस्ट, 167 एकदिवसीय और 68 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेलने के बाद शिखर धवन ने 2 साल पहले अगस्त में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया।

टेस्ट डेब्यू के दौरान उनका प्रदर्शन यादगार रहा लेकिन धवन ने वनडे अंतरराष्ट्रीय में भी अपनी पहचान बनाई जिसमें उन्होंने 44.11 के औसत से 6793 रन बनाए। इसमें 17 शतक और 39 अर्द्धशतक शामिल हैं।उन्होंने टेस्ट में 40.61 के औसत से 2315 रन बनाए जिसमें सात शतक शामिल हैं।

धवन 2021 में श्रीलंका के खिलाफ एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय में भारत के 25वें एकदिवसीय कप्तान बने जब उन्होंने रोहित की जगह कप्तानी की जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने 12 मैच में टीम की अगुआई की जिसमें भारत ने 7 मैच जीते जबकि तीन में उसे हार का सामना करना पड़ा।

उन्होंने आईपीएल में 222 मैचों में दो शतक और 51 अर्धशतक सहित 6769 रन बनाए। टूर्नामेंट में उनके 768 चौके किसी भी बल्लेबाज द्वारा लगाए गए सबसे अधिक चौके हैं और उन्होंने आईपीएल में लगातार शतक लगाने वाला पहला बल्लेबाजी बनने की उपलब्धि भी हासिल की।

रोहित को बाहर निकालने में नाकामयाब, गौतम गंभीर दे सकते हैं इस्तीफा

भारतीय सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा को निकालने में नाकाम कोच गौतम गंभीर पर अब दबाव बढ़ता नजर आ रहा है। भारतीय टी-20 टीम के साथ वीवीएस लक्ष्मण जिम्बाब्वे रवाना हो गए हैं। अगली एकदिवसीय सीरीज अब अक्टूबर में हो रही है और मुख्य चयनकर्ता अजीत आगरकर का कार्यकाल सितंबर में खत्म हो रहा है।

ऐसे में गौतम गंभीर के दोस्त अजीत आगरकर की जगह अगर कोई ऐसा व्यक्ति टीम का चयनकर्ता बनता है जिसके संबंध रोहित शर्मा से अच्छे हैं तो फिर गौतम गंभीर को उन्हें हर मैच में मौका देना होगा भले ही रोहित कितना भी गंदा खेलें। ऐसे में रोहित शर्मा से आगे बढ़ने की बात पर सहमति जता चुके गौतम गंभीर खुद अपना 2027 विश्वकप का कार्यकाल पूरा होने से पहले ही इस्तीफा दे सकते हैं।

गौरतलब है कि रोहित शर्मा ने लॉर्ड्स में खेले अंतिम एकदिवसीय मैच में शतक (138 रन) मारकर अपने आलोचकों का मुंह बंद कर दिया था। हालांकि यह दूसरी बार हुआ है जब रोहित शर्मा का करियर एक महीन धागे से बंधा था तब उन्होंने एक अर्धशतकीय पारी खेल दी थी।

रोहित के संन्यास की खबरें हुई लीक फिर बोर्ड ने कहा नहीं जा रहे


रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले एकदविसीय मैच में 21 गेंदो में 11 रन बनाए थे। आज दूसरे एकदिवसीय मैच में 47 गेंद में 1 चौका और छक्का मारने के बाद 26 रन बनाकर आउट हुए। उनका 5 रनों पर गस एटिंकसन ने कैच छोड़ा था। इन दो मैचों के बाद मीडिया सूत्रों में चल रही खबरों के मुताबिक चयनकर्ताओं ने उनको बता दिया है कि वह एकदिवसीय विश्वकप 2027 के लिए टीम की योजनाओं में नहीं है।

लेकिन रोहित शर्मा ने ना केवल खुद के लिए जनसंपर्क की बिसात बिछाई बल्कि लॉर्ड्स में बड़ा शतक भी आ गया। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सचिव देवजीत सैकैया ने लॉर्ड्स वनडे से पहले कहा था कि यह सब अफवाह है। वह जब तक चाहे क्रिकेट खेल सकते हैं। लॉर्ड्स उनका अंतिम एकदिवसीय मैच नहीं है और वह अभी तक टीम की योजनाओं में है।

लंबे समय से लड़खड़ा रहे थे रोहित

अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मैच को छोड़ दे तो इस साल रोहित का प्रदर्शन औसत से नीचे रहा है।पहले मैच में वह 16 रन बनाकर रनआउट हो गए और दूसरे मैच में वह 39 गेंदों में 48 रन बनाकर बोल्ड हो गए।

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इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में रोहित शर्मा फ्लॉप रहे और टीम को शुरुआत में बड़ा स्कोर नहीं दे सके। रोहित शर्मा 3 मैचों में 20 की औसत से 61 रन बना पाए। पूरी सीरीज में उन्होंने 9 चौके और 2 छक्के लगाए।पहले मैच में उन्होंने 29 गेंदो पर 26 रन, दूसरे मैच में उन्होंने 38 गेंदो में 24 रन और तीसरे मैच में 13 गेंदो में 11 रन बनाए।

टीम से बाहर बैठे कुलदीप अब इंग्लैंड काउंटी की इस टीम से जुड़े

भारतीय एकदिवसीय टीम की अंतिम ग्यारह से बाहर बैठे चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव अभी भी इंग्लैंड में है और जल्द ही काउंटी क्रिकेट में यॉर्कशायर की ओर से शिरकत करते हुए नजर आएंगे। हाल ही में वह भारत के इंग्लैंड दौरे पर एकदिवसीय टीम का हिस्सा थे लेकिन उनको तीन एकदिवसीय मैचों में से 1 में भी अंतिम ग्यारह का हिस्सा नहीं बनाया गया था। नतीजा यह हुआ कि भारत को 3 मैचों की सीरीज1-2 से गंवानी पड़ी उनको मैदान पर ना उतारने पर कई फैंस खफा थे।

कुलदीप को काउंटी में दो बार खेलना होगा।  वह पहले एकदिवसीय प्रारुप खेलेंगे। वह संभवत भारत के श्रीलंका दौरे दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए भारतीय टीम का हिस्सा होंगे। इसके बाद सितंबर में उनको फिर इस टूर्नामेंट का हिस्सा बनना पड़ेगा।अब तक कुलदीप तीन बार इंग्लैंड का दौरा कर चुके हैं, लेकिन वहां उन्होंने केवल एक ही टेस्ट मैच खेला है। 2018 में उन्हें लॉर्ड्स टेस्ट में खेलने का मौक़ा मिला था, जहां उन्होंने सिर्फ़ नौ ओवर की गेंदबाजी की थी।

कुलदीप ने एक बयान में कहा, “मुझे हमेशा इंग्लैंड की परिस्थितियों में खेलने की चुनौती पसंद रही है। टीम प्रबंधन से बातचीत के बाद मैं यॉर्कशायर से जुड़ने को लेकर बेहद उत्साहित हूं। मैं हेडिंग्ली में टीम के लिए सकारात्मक योगदान देने का इंतज़ार कर रहा हूं।”

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काउंटी  में खेलने वाले दूसरे सक्रिय भारतीय स्पिनर

इस सीजन काउंटी चैंपियनशिप में खेलने वाले कुलदीप दूसरे सक्रिय भारतीय स्पिनर होंगे। बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार फिलहाल वॉरिकशायर की ओर से खेल रहे हैं। शुक्रवार को ग्लैमॉर्गन के खिलाफ पर्दापण करते ही कुलदीप यॉर्कशायर का प्रतिनिधित्व करने वाले पांचवें भारतीय खिलाड़ी बन जाएंगे। उनसे पहले सचिन तेंदुलकर, युवराज सिंह, चेतेश्वर पुजारा और मयंक अग्रवाल इस क्लब के लिए खेल चुके हैं। ऋतुराज गायकवाड़ ने 2025 में यॉर्कशायर से अनुबंध किया था, लेकिन बाद में व्यक्तिगत कारणों से उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया था।


युवराज सिंह ने किया छात्रों का समर्थन पर दी यह हिदायत, इंस्टा पर डाली पोस्ट

भारत को दो विश्वकप जिता चुके युवराज सिंह ने नीट पेपर लीक के विवाद से उत्पन्न हुए छात्र आंदोलन पर अपनी राय रखी। उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा कि हर स्त्री पुरुष और विद्यार्थी को अपना सपना पूरा करने के लिए एक शांतिपूर्ण वातावरण में समय व्यत्तीत करने का हक है। आपकी भलाई भारत की बुनियाद है। इस कारण हर मसले को बैठकर शांति से सुलझाया जा सकता है।

पिता भी थे क्रिकेटर

युवराज भारत के लिए 40 टेस्ट, 304 वनडे और 58 ट्वंटी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच खेल चुके हैं, जिनमें उन्होंने क्रमश: 1900, 8701 और 1177 रन बनाए हैं। युवराज ने अपना आखिरी ट्वंटी-20 मैच फरवरी 2017 में इंग्लैंड के खिलाफ और वनडे जून 2017 में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला था।

उम्दा बल्लेबाज युवराज ने गेंदबाजी में हाथ आजमाए। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 9, वनडे मैचों में 111, टी-20 में 28 और आईपीएल में 36 विकेट लिए। संन्यास के बाद कैंसर के खिलाफ जंग लड़ने वाले युवराज कैंसर पीड़ितों समय समय पर मदद भी करते हैं।

12 दिसंबर 1981 को चंडीगढ़ शहर में जन्‍मे युवराज सिंह के पिता योगराज भी भारतीय टीम के लिए खेल चुके हैं। बचपन में स्केटिंग का शौक रखने वाले युवराज को क्रिकेट खेलने की प्रेरणा अपने पिता से ही मिली। उन्‍होंने बेहद कड़ाई से युवराज को इस खेल में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने युवराज के लिए घर में ही पिच बनवा दी थी। युवराज ने बचपन में एक पंजाबी फिल्‍म 'मेहंदी शगणा दी' में भी काम किया था।

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उनके करियर का मुख्य आकर्षण केंद्र स्टुअर्ट ब्रॉड के एक ओवर में 6 छक्के लगाना और एकदिवसीय विश्वकप 2011 का मैन ऑफ द टूर्नामेंट पाना रहा। इसके अलावा वह अभी टीम में मौजूद अभिषेक शर्मा और शुभमन गिल की कोचिंग कर रहे हैं।

‘टैलेंट में विराट के बराबर हैं राहुल, लेकिन…’ वसीम जाफर ने बताया दोनों के बीच सबसे बड़ा फर्क

भारत के पूर्व बल्लेबाज वसीम जाफर लंबे समय तक आईपीएल में पंजाब किंग्स के साथ जुड़े रहे। टीम के मेंटर रहते हुए उन्होंने केएल राहुल और क्रिस गेल जैसे स्टार खिलाड़ियों के साथ काम किया। इस दौरान उन्हें इन खिलाड़ियों के खेल और उनकी बल्लेबाजी को करीब से देखने का मौका मिला। पूर्व भारतीय बल्लेबाज वसीम जाफर ने हाल ही में एक कार्यक्रम में केएल राहुल के साथ काम करने का अपना अनुभव शेयर किया है। उन्होंने कहा कि राहुल के पास बेहतरीन तकनीक और शानदार बल्लेबाजी क्षमता है। जाफर ने कहा केएल राहुल बेहद प्रतिभाशाली बल्लेबाज हैं और तीनों फॉर्मेट में खुद को साबित कर चुके हैं।

क्या है दोनों के बीच फर्क

जाफर के अनुसार, राहुल अपनी क्षमता के हिसाब से अभी उतने रन नहीं बना पाए हैं, जितने उनसे उम्मीद की जाती है। जाफर ने कहा कि राहुल के पास विराट कोहली जैसी बल्लेबाजी करने की काबिलियत है, लेकिन दोनों के बीच सबसे बड़ा फर्क उनकी सोच और बड़े मौके पर लगातार बेहतर प्रदर्शन करने की मानसिकता का है।

राहुल को लेकर क्या कहा

जाफर ने कहा, “केएल राहुल बेहतरीन खिलाड़ी हैं और तीनों फॉर्मेट में शानदार क्रिकेट खेलते हैं। उनकी तकनीक मजबूत है और वह मैदान पर काफी शांत रहते हैं। हालांकि, मुझे लगता है कि उनकी प्रतिभा को देखते हुए वह अभी तक अपनी पूरी क्षमता के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। वह भारत और अपनी आईपीएल टीम, दोनों के लिए इससे भी ज्यादा रन बना सकते हैं। मेरे हिसाब से टैलेंट और क्वालिटी के मामले में वह विराट कोहली के बराबर हैं, लेकिन विराट की मजबूत मानसिकता ही दोनों खिलाड़ियों के बीच सबसे बड़ा अंतर पैदा करती है।”

इंग्लैंड सीरीज में राहुल का प्रदर्शन

केएल राहुल ने साल 2014 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न टेस्ट से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था। इसके बाद उन्होंने भारत के लिए टेस्ट, वनडे और टी20—तीनों फॉर्मेट में अपनी जगह बनाई। राहुल उन चुनिंदा भारतीय खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्होंने तीनों फॉर्मेट में टीम की कप्तानी की है और हर फॉर्मेट में शतक भी लगाया है। फिलहाल केएल राहुल टेस्ट टीम में भारत के प्रमुख ओपनर हैं, जबकि वनडे में विकेटकीपर-बल्लेबाज की भूमिका निभा रहे हैं। इंग्लैंड के खिलाफ हाल ही में खेली गई वनडे सीरीज में उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। उन्होंने पहले और तीसरे मुकाबले में बल्लेबाजी की, लेकिन सिर्फ 1 और 12 रन ही बना सके।

16 साल बाद भारत लौटेंगे ललित मोदी! IPL FEMA केस में राहत के बाद किया वापसी का ऐलान

IPL के फाउंडर और पूर्व चेयरमैन ललित मोदी ने कहा है कि वे 16 साल बाद भारत लौटने की योजना बना रहे हैं। 2010 में देश छोड़ने के बाद यह उनकी पहली यात्रा होगी। बता दें कि ललित मोदी पिछले एक दशक से ज्यादा समय से विदेश में रह रहे हैं और कई जांचों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में 2009 IPL साउथ अफ्रीका FEMA मामले में ट्रिब्यूनल का फैसला उनके पक्ष में आने के बाद अब वह इस साल के अंत या अगले साल की शुरुआत में भारत लौटने का मन बना रहे हैं।

ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि उनकी प्रस्तावित वापसी से पिछले कई वर्षों से उनसे जुड़े कानूनी मामलों और विवादों को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो सकती है।

ललित मोदी ने क्या कहा?

फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए मोदी ने कहा कि वह नतीजे से खुश हैं और इसे 16 साल लंबी कानूनी लड़ाई का नतीजा बताया।

उन्होंने कहा, “मैं कल आए फैसले से वाकई खुश हूं। यह वाकई मेरे लिए एक शानदार दिन रहा। मैंने 16 साल तक लड़ाई लड़ी है और मीडिया व बाकी सभी लोगों से मैंने जो कुछ भी कहा था, आखिरकार वही सच साबित हुआ है।”

उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने हमेशा इंडियन प्रीमियर लीग के हित में काम किया है।

ललित मोदी ने कहा, “मुझे सिर्फ IPL की भलाई की चिंता थी और किसी चीज की नहीं। यह मेरे लिए सबसे ज्यादा मायने रखता है। अब वह अध्याय पीछे छूट चुका है, मैं अपनी जिंदगी में आगे बढ़ रहा हूं और भारत लौटने का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं।”

अपनी वापसी के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, “मैं शायद इस साल के आखिर में या अगले साल की शुरुआत में वापस आऊंगा। अक्टूबर में मेरी बेटी को बेटा होने वाला है और उम्मीद है कि सब ठीक रहेगा और मैं भारत वापस आ जाऊंगा।”

FEMA मामले में ट्रिब्यूनल से राहत

‘स्मगलर्स एंड फॉरेन एक्सचेंज मैनिपुलेटर्स (जब्ती संपत्ति) एक्ट’ (SAFEMA) के तहत अपीलेट ट्रिब्यूनल ने ललित मोदी और अन्य अपीलकर्ताओं को बड़ी राहत दी है। ट्रिब्यूनल ने 2009 के IPL साउथ अफ्रीका FEMA मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के ज्यादातर निष्कर्षों और जुर्माने को रद्द कर दिया है।

खबरों के मुताबिक, हालिया फैसले में ट्रिब्यूनल ने कहा कि मामले में ललित मोदी की जिम्मेदारी साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं मिले।

कौन हैं ललित मोदी?

ललित मोदी ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के फाउंडर और पूर्व चेयरमैन रहे हैं। उन्होंने इस टूर्नामेंट को दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीगों में से एक बनाने में अहम भूमिका निभाई। हालांकि, उनका कार्यकाल विवादों से भी घिरा रहा। 2013 में, गलत व्यवहार से जुड़े अनुशासनात्मक मामलों के कारण BCCI (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) ने उन पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया था।

बता दें कि उनका नाम IPL की शुरुआती सफलता और इसके कामकाज से जुड़े विवादों, दोनों से जुड़ा रहा है। भ्रष्टाचार, हितों के टकराव और वित्तीय गड़बड़ी के आरोपों के कारण मोदी को अपने पद से हटना पड़ा। इन आरोपों में फ्रेंचाइजी की बोली और प्रसारण अधिकारों से जुड़े विवाद भी शामिल थे।

बाद में BCCI ने उन्हें बाहर कर दिया और आजीवन किसी भी क्रिकेट प्रशासनिक पद पर रहने से रोक दिया।

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Rohit Sharma: ‘बिना आग के धुआं नहीं उठता’ रोहित शर्मा के रिटायरमेंट की अफवाहों पर पूर्व साथी खिलाड़ी का बड़ा बयान

Rohit Sharma: भारत और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की सीरीज में टीम इंडिया को 2-1 से हार मिली है। वहीं कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि,लॉर्डस में होने वाले सीरीज के आखिरी मुकाबले के बाद रोहित शर्मा की रिटायरमेंट ले लेंगे। रोहित ने इस मुकाबले में शतक लगा कर इन खबरों को खारिज कर दिया है। इसी बीच रोहित शर्मा के साथी क्रिकेटर और पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि रोहित शर्मा के संन्यास को लेकर उठी चर्चाएं पूरी तरह बेबुनियाद नहीं थीं। उन्होंने कहा कि, भले ही इन्हें बाहरी अफवाह बताया गया हो, लेकिन अक्सर ऐसी बातों के पीछे कुछ न कुछ वजह होती है।

बीसीसीआई ने रोहित शर्मा के संन्यास की खबरों को खारिज कर दिया था। लेकिन रविचंद्रन अश्विन के मुतबिक, इन चर्चाओं के पीछे कुछ न कुछ सच्चाई जरूर रही होगी। रोहित शर्मा ने लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे वनडे में 138 रनों की शानदार पारी खेलकर सभी अटकलों और आलोचनाओं का करारा जवाब दे दिया।

अफवाह नहीं था रिटायरमेंट 

अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर रोहित शर्मा के संन्यास की अटकलों पर भी बात की। उन्होंने कहा, “जब रोहित शर्मा के संभावित रिटायरमेंट की खबर सामने आई, तो कई लोगों ने इसे बाहरी शोर बताया। लेकिन मैं इसे सिर्फ अफवाह नहीं मानता। तमिल में एक कहावत है, ‘बिना आग के धुआं नहीं उठता।'” अश्विन ने आगे कहा, “आग तो थी, लेकिन रोहित ने अपने बल्ले से जवाब दिया। उन्होंने दिखा दिया कि वह अब भी ऐसा प्रदर्शन कर सकते हैं। मुझे नहीं लगता कि उनके मन में कोई संदेह है। मेरा मानना है कि वह 2027 वनडे विश्व कप तक खेल सकते हैं।”

रोहित-विराट करें फैसला

अश्विन ने कहा, “मुझे लगता है कि ये चोट के बाद रोहित शर्मा की शानदार वापसी की शुरुआत है। अगर वह थोड़ी और बेहतर लय में होते या उनका आत्मविश्वास थोड़ा और ऊंचा होता, तो वह 180 रन तक भी पहुंच सकते थे और टीम को जीत दिला सकते थे।” उन्होंने आगे कहा, “मुझे लगा कि रोहित शानदार फॉर्म में हैं। अगर रोहित और विराट खेलना चाहते हैं, तो उनके रिकॉर्ड और अनुभव के सामने कोई सवाल नहीं उठाया जा सकता। रोहित ने लगभग 12 हजार वनडे रन बनाए हैं, इसलिए उनके योगदान पर कोई उंगली नहीं उठा सकता।”

रोहित ने आलोचकों को दिया जवाब

रोहित के रिटायरमेंट की चर्चा उस रिपोर्ट के बाद शुरू हुई थी, जिसमें दावा किया गया था कि इंग्लैंड के खिलाफ तीसरा वनडे रोहित शर्मा का आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच हो सकता है। रिपोर्ट्स में ये भी कहा गया था कि टी20 और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद रोहित की योजना 2027 वनडे विश्व कप तक खेलकर अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को अलविदा कहने की थी। रोहित शर्मा ने अपने प्रदर्शन से सभी चर्चाओं का जवाब दिया।