लोकसभा में विपक्ष का हंगामा, लगातार आठवें दिन नहीं चल सका प्रश्नकाल

लोकसभा में बृहस्पतिवार को विभिन्न मुद्दों पर कांग्रेस समेत विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण प्रश्नकाल लगातार आठवें दिन नहीं चल सका और कार्यवाही शुरू होने के कुछ मिनट के भीतर दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी गई।

कांग्रेस सदस्यों को बुधवार को सदन में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भाषण के दौरान पैदा हुई गतिरोध की स्थिति का मुद्दा उठाते देखा गया। वह दिल्ली में पिछले सप्ताह प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग भी दोहराते सुने गए।

बैठक शुरू होने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 23वें राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय खिलाड़ियों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्हें बधाई दी। बिरला ने पैरा एथलीट दिलीप गावित के स्वर्ण पदक प्राप्त करने और मोहम्मद बासिल मोर्सिंगनकाथ के रजत पदक जीतने का उल्लेख किया।

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उन्होंने रजत पदक विजेता मुरली श्रीशंकर का भी उल्लेख किया जो राष्ट्रमंडल खेलों में लंबी कूद स्पर्धा में रजत पदक के साथ लगातार दो पदक जीतने वाले पहले खिलाड़ी बन गए। इसके बाद अध्यक्ष ने प्रश्नकाल शुरू कराना चाहा, लेकिन विपक्षी सदस्य अपनी मांगें उठाने लगे।

वह बुधवार को सदन में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भाषण के दौरान पैदा हुई गतिरोध की स्थिति का मुद्दा उठा रहे थे और दिल्ली में पिछले सप्ताह प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग दोहरा रहे थे।

बिरला ने विपक्षी सदस्यों से प्रश्नकाल बाधित नहीं करने का अपना आग्रह दोहराया। शोर-शराबा नहीं थमने पर उन्होंने कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी।

संसद के मानसून सत्र की शुरुआत 20 जुलाई को हुई थी और तब से सदन में विभिन्न मुद्दों पर हंगामे की स्थिति के कारण प्रश्नकाल नहीं चल सका है।

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दिलीप ट्रॉफी में भी शिरकत करेंगें वैभव सूर्यवंशी, खेलेंगे ईशान किशन की कप्तानी में

कम उम्र में ही अपनी बल्लेबाज़ी से धूम मचाने वाले वैभव सूर्यवंशी को आने वाली दिलीप ट्रॉफी के लिए ईस्ट ज़ोन टीम का उप-कप्तान बनाया गया है। यह उनकी तेज़ी से आगे बढ़ने की कहानी का एक और अहम पड़ाव है, क्योंकि हाल के महीनों में ही उन्होंने सीनियर भारतीय टीम में जगह बनाई है।विकेटकीपर-बल्लेबाज़ ईशान किशन इस प्रतिष्ठित इंटर-ज़ोनल रेड-बॉल टूर्नामेंट में 15 सदस्यों वाली टीम की कप्तानी करेंगे। यह टूर्नामेंट 23 अगस्त को बेंगलुरु में शुरू होगा।

15 साल के इस खिलाड़ी के लिए यह सीज़न शानदार रहा है। इंग्लैंड दौरे पर भारत के लिए अपने डेब्यू में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन न कर पाने के बाद, सूर्यवंशी ने ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ टी20 सीरीज़ में प्रभावित किया। वहाँ उन्होंने कई मैचों में जीत दिलाने वाला प्रदर्शन किया और ‘Player of the series’ चुने गए।

ईस्ट ज़ोन ने एक मज़बूत टीम चुनी है जिसमें कई अनुभवी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी शामिल हैं। चुने गए प्रमुख खिलाड़ियों में भारत के अनुभवी तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद शमी, बंगाल के कप्तान अभिमन्यु ईश्वरन, तेज़ गेंदबाज़ मुकेश कुमार, ऑलराउंडर शाहबाज़ अहमद और विकेटकीपर-बल्लेबाज़ कुमार कुशाग्र शामिल हैं।

शमी के शामिल होने से टीम को बहुत अनुभव मिलेगा। 35 साल के यह तेज़ गेंदबाज़ 2025 चैंपियंस ट्रॉफ़ी फ़ाइनल के बाद से भारत के लिए नहीं खेले हैं, लेकिन घरेलू क्रिकेट में लगातार खेलते रहे हैं। उन्होंने 2025-26 घरेलू सीज़न में बंगाल का प्रतिनिधित्व किया और आईपीएल 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स के 14 में से 13 मैचों में भी खेले।

दिलीप ट्रॉफी 2026 के लिए ईस्ट ज़ोन की टीम: अभिमन्यु ईश्वरन (बंगाल), सुदीप कुमार घरामी (बंगाल), शाहबाज़ अहमद (बंगाल), सूरज सिंधु जायसवाल (बंगाल), मोहम्मद शमी (बंगाल), मुकेश कुमार (बंगाल), ईशान किशन (कप्तान, झारखंड), कुमार कुशाग्र (झारखंड ), शिखर मोहन (झारखंड ), अनुकूल रॉय (झारखंड), विराट सिंह (झारखंड), सुभ्रांशु सेनापति (ओडिशा), वैभव सूर्यवंशी (उप-कप्तान, बिहार), डेनिश दास (असम) और अभिजीत सरकार (त्रिपुरा)। स्टैंडबाय: आयुष लोहारूका (बिहार), श्रीदाम पॉल (त्रिपुरा), संबित एस बराल (ओडिशा), शरणदीप सिंह (झारखंड) और स्वास्तिक सामल (ओडिशा)।

अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को कहा अलविदा 

आस्ट्रेलिया में 2020-21 दौरे पर सिताराहीन भारतीय टीम को टेस्ट श्रृंखला में अपनी कप्तानी में ऐतिहासिक जीत दिलाने वाले भारत के सीनियर बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने बृहस्पतिवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को यह कहकर अलविदा कह दिया कि आगे बढने का सही समय आ गया है।

भारत के लिये 2013 में पदार्पण करने वाले 38 वर्ष के रहाणे ने 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी20 खेले हैं। वह 2023 में वेस्टइंडीज में टेस्ट श्रृंखला के बाद भारत के लिये नहीं खेले हैं। उन्होंने इस साल आईपीएल के दौरान भी हालांकि कहा था कि उन्होंने वापसी की उम्मीद छोड़ी नहीं है।

उन्होंने इंस्टाग्राम पर वीडियो संदेश में कहा जीवन का सत्य यही है कि हर शुरूआत का एक अंक होता है। जब समय आ जाये तो आपको उसका सम्मान करके आगे बढ जाना चाहिये। मैने बल्लेबाजी में हमेशा टाइमिंग पर भरोसा किया है और मुझे इसका महत्व पता है।

उन्होंने कहा ,‘‘मुझे आज लग रहा है कि आगे बढने का सही समय है इसलिये मैं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और सभी प्रारूपों से विदा ले रहा हूं।

रहाणे ने टेस्ट क्रिकेट में 12 शतक और 26 अर्धशतक के साथ 38 . 46 की औसत से 5077 रन बनाये। इसके अलावा 90 वनडे में 35 . 26 की औसत से तीन शतक और 24 अर्धशतक के साथ 2962 रन जोड़े। टी20 में उन्होंने 375 रन बनाये हैं।

रहाणे के लिये सबसे बड़ी उपलब्धि 2021 का आस्ट्रेलिया दौरा थी जब नियमित कप्तान विराट कोहली की गैर मौजूदगी में उन्होंने सितारों के बिना खेल रही भारतीय टीम की अगुवाई की और तमाम कयासों को धता बताते हुए आस्ट्रेलिया को उसकी धरती पर बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में 2 . 1 से हराया।

एडीलेड में पहला टेस्ट बुरी तरह हारने के बाद कोहली पितृत्व अवकाश पर भारत लौट आये थे। एडीलेड में भारतीय टीम दूसरी पारी में 36 रन पर आउट हो गई थी।

उसके बाद रहाणे ने कप्तानी की और जसप्रीत बुमराह तथा रविंद्र जडेजा जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की गैर मौजूदगी में भी श्रृंखला जीती। दूसरे टेस्ट में रहाणे ने आस्ट्रेलियाई तेज आक्रमण का डटकर सामना करते हुए 223 गेंद में 112 रन बनाये। भारत ने ब्रिसबेन में चौथा और आखिरी टेस्ट तीन विकेट से जीता। वहीं मेलबर्न टेस्ट आठ विकेट से जीतकर श्रृंखला में बराबरी की थी।

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रहाणे ने अपने संदेश में कहा शुरूआत में अभ्यास के लिये डोम्बिवली से ट्रेन से सफर करने के दिनों से आज तक मैने खेल को सब कुछ दिया। हर दिन, हर पारी और बल्लेबाजी के हर मौके पर मेरा सपना हमेशा से भारत के लिये खेलने का था।

दुनिया भर में विभिन्न भाषाओं में क्रिकेट कमेंट्री करने वाले रहाणे ने कहा कि वह खेल से जुड़े रहेंगे।

उन्होंने कहा मैने हमेशा से एक ही नियम माना है कि अपने से पहले टीम और देश को रखना है। मैने पूरी ईमानदारी से क्रिकेट खेला है। प्रथम श्रेणी क्रिकेटर के तौर पर मेरे पदार्पण से आज तक भारतीय क्रिकेट ने काफी प्रगति की है। मुझे गर्व है कि मैं पिछले 20 साल से इसका हिस्सा रहा हूं।

रहाणे ने कहा भारतीय क्रिकेट के साथ मेरा अध्याय खत्म हो रहा है लेकिन खेल के साथ नहीं। मैं अगली पीढी की मदद करना चाहता हूं और उन मूल्यों को साझा करना चाहता हूं जो क्रिकेट ने मुझे सिखाये हैं।

रहाणे ने आईपीएल में मुंबई इंडियंस, राजस्थान रॉयल्स, राइजिंग पुणे सुपरजाइंट, दिल्ली कैपिटल्स, चेन्नई सुपर किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के लिये खेला है। केकेआर ने उन्हें कप्तानी से फारिग कर दिया है।

रहाणे ने कहा कि उनके नाम का आशय होता है ‘जिसे हराया नहीं जा सके’ लेकिन क्रिकेट ने उन्हें सिखाया कि हार से बचा नहीं जा सकता। उन्होंने कहा इस सफर में कई बार हारे और कई बार जीते लेकिन क्रिकेट खेलने का आनंद, जीवनभर की यादें मेरे कैरियर का सबसे बड़ा संतोष रहा।

उन्होंने अपने प्रशंसकों से कहा अजिंक्य मतलब जिसे हराया नहीं जा सके लेकिन क्रिकेट ने कई बार हार का अनुभव कराया। क्रिकेटर के तौर पर हम कामयाबी से ज्यादा नाकामी देखते हैं। मेरी टीम मैच हारी। मैने गलतियां की लेकिन एक जगह है जहां मैं कभी नहीं हारा और वह है आपके दिल में।

आपने मुझे अपनों सा समझा। आपके प्यार, भरोसे और सहयोग के लिये धन्यवाद। कैप नंबर 278 अब विदा लेता है। रहाणे ने 2024 . 25 सत्र में मुंबई की कप्तानी की। उनकी कप्तानी में मुंबई ने 2023 . 24 में रणजी ट्रॉफी जीती थी।

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स्टीफन फ्लेमिंग इंग्लैंड की टेस्ट टीम के अगले मुख्य कोच बनने से बहुत करीब

Stephen Fleming

न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान स्टीफन फ्लेमिंग इंग्लैंड की टेस्ट टीम के अगले मुख्य कोच बनने के लिए इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ECB) की पहली पसंद हैं। फ्लेमिंग ने इसी महीने चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के मुख्य कोच पद से इस्तीफा दिया था, इसके कुछ समय बाद ही ब्रैंडन मक्कलम को इंग्लैंड की टेस्ट टीम के मुख्य कोच पद से हटा दिया गया था।

अब ईसीबी के प्रबंध निदेशक रॉब की के साथ बातचीत के बाद फ्लेमिंग अपने हमवतन मक्कलम की जगह लेने के लिए सबसे मजबूत दावेदार नजर आ रहे हैं। उन्होंने CSK को पांच आईपीएल खिताब जिताए हैं और एसए20 व एमएलसी में भी सीएसके की सहयोगी टीमों के मुख्य कोच रह चुके हैं।

वह समय-समय पर अल्पकालिक आधार पर न्यूजीलैंड टीम के सलाहकार कोच की भूमिका भी निभा चुके हैं। इसके अलावा मिडिलसेक्स, यॉर्कशायर और नॉटिंघमशायर के लिए खिलाड़ी और सदर्न ब्रेव के कोच के रूप में काम करने के कारण उन्हें इंग्लैंड क्रिकेट का भी लंबा अनुभव भी है। मक्कलम अभी अगले साल के आखिर तक अपने अनुबंध की अवधि पूरी होने तक इंग्लैंड की सीमित ओवर टीम के मुख्य कोच बने रहेंगे। ऐसे में अपने पूर्व कीवी साथी के साथ फ्लेमिंग के संबंध भी अहम पहलू होंगे।

 
फ्लेमिंग और मक्कलम करीबी दोस्त हैं और दोनों ने साथ में कारोबारी साझेदारी भी की है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि फ्लेमिंग 19 अगस्त से हेडिंग्ली में पाकिस्तान के खिलाफ शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज से पहले टीम की कमान संभाल पाएंगे या नहीं। ईसीबी की सबसे बड़ी प्राथमिकता सही उम्मीदवार को नियुक्त करना है, जो अगले साल होने वाली ऐशेज सीरीज में इंग्लैंड को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत दिलाने में मदद कर सके। जरूरत पड़ने पर बोर्ड इंतजार करने के लिए भी तैयार है।

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फ्लेमिंग के सामने सबसे महत्वपूर्ण फैसलों में से एक नया टेस्ट कप्तान चुनना होगा। बेन स्टोक्स ने पिछले महीने अपने अचानक संन्यास के बाद अपने उपकप्तान हैरी ब्रूक का समर्थन किया था। हालांकि ब्रूक पहले से ही इंग्लैंड की सीमित ओवर टीमों के कप्तान हैं और ईसीबी अंतरिम आधार पर यह जिम्मेदारी फिर से जो रूट को सौंपने पर भी विचार कर रहा है।

Ajinkya Rahane: लॉर्ड्स से गाबा तक… अजिंक्य रहाणे की वो यादगार पारियां, जिन्हें क्रिकेट फैंस कभी नहीं भूलेंगे

Ajinkya Rahane: अजिंक्य रहाणे ने 12 साल लंबे अपने इंटरनेशनल क्रिकेट करियर को अलविदा कह दिया है। भारत के सबसे भरोसेमंद मिडिल ऑर्डर बल्लेबाजों में गिने जाने वाले रहाणे विदेशी जमीन पर शानदार बल्लेबाजी, स्लिप में बेहतरीन फील्डिंग और मुश्किल समय में टीम की जिम्मेदारी संभालने के लिए जाने जाते थे।

रहाणे ने अपने करियर में भारतीय क्रिकेट को कई यादगार पल दिए। उन्होंने 28 साल बाद लॉर्ड्स में भारत को टेस्ट जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। वहीं, एडिलेड टेस्ट में मिली शर्मनाक हार के बाद चोटों से जूझ रही भारतीय टीम की मेलबर्न टेस्ट में कप्तानी करते हुए ऐतिहासिक जीत दर्ज की दिलाई, जिसे उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिना जाता है।

रहाणे ने अपने करियर में भारतीय क्रिकेट को कई यादगार पल दिए। उन्होंने लॉर्ड्स में 28 साल बाद भारत की टेस्ट जीत में अहम योगदान दिया। वहीं, एडिलेड टेस्ट में हार के बाद जब टीम मुश्किल दौर से गुजर रही थी, तब मेलबर्न टेस्ट में कप्तानी करते हुए भारत को शानदार जीत दिलाई। जिसे उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिना जाता है।

इसके अलावा, विदेशी दौरों पर लगाए गए उनके शानदार शतक, गॉल टेस्ट में स्लिप में रिकॉर्ड कैच, और वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) फाइनल में खेली गई यादगार पारी भी उनके इंटरनेशनल करियर के सबसे खास पलों में शामिल हैं।

टीम इंडिया के लिए अजिंक्य रहाणे के आंकड़ों पर एक नजर:

हालांकि रहाणे ने भारत के लिए तीनों फ़ॉर्मेट में खेला, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने अपनी सबसे बड़ी छाप छोड़ी। उन्होंने 85 टेस्ट मैचों में 12 शतकों के साथ 5,077 रन बनाए, जिनमें से कई बेहतरीन पारियां मुश्किल विदेशी हालात में खेली गईं। 2013 और 2016 के बीच, उन्होंने न्यूजीलैंड, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में शतक लगाकर खुद को भारत के प्रमुख विदेशी दौरे वाले बल्लेबाज के तौर पर स्थापित किया। बाद में उन्होंने विराट कोहली के उप-कप्तान और जरूरत पड़ने पर कप्तान के तौर पर भी भूमिका निभाई।

भारत के लिए अजिंक्य रहाणे के यादगार पल

  1. लॉर्ड्स में शतक (इंग्लैंड के खिलाफ 103 रन, 2014)

साल 2014 में लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर खेले गए टेस्ट मैच में अजिंक्य रहाणे ने अपने करियर की सबसे यादगार पारियों में से एक खेली। मुश्किल पिच पर जब भारतीय टीम 145 रन पर 7 विकेट गंवा चुकी थी, तब रहाणे ने शानदार 103 रन बनाकर टीम को संकट से बाहर निकाला था। भुवनेश्वर कुमार के साथ उनकी साझेदारी ने पहली पारी में भारत का स्कोर 295 तक पहुँचाया और टीम को मुकाबले में बनाए रखा। हालाँकि भारत की दूसरी पारी में रहाणे ‘गोल्डन डक’ (पहली ही गेंद पर आउट) का शिकार हुए, लेकिन उनका शतक बहुत अहम साबित हुआ। इसके बाद इशांत शर्मा ने सात विकेट लिए और भारत को 95 रनों से जीत दिलाई, जिससे इस मशहूर मैदान पर टेस्ट जीत का भारत का 28 साल का इंतजार खत्म हुआ।

  1. MCG में कप्तान का शतक (ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 112 रन, 2020)

2020-21 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर एडिलेड टेस्ट में भारत सिर्फ 36 रन पर ऑलआउट हो गया था, जिसके बाद टीम को कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा। इसी बीच विराट कोहली पितृत्व अवकाश पर घर लौट गए और कई खिलाड़ी भी चोट के कारण टीम से बाहर हो गए। ऐसे मुश्किल समय में अजिंक्य रहाणे ने कप्तानी की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) में खेले गए दूसरे टेस्ट में रहाणे ने दबाव के बीच 223 गेंदों पर शानदार 112 रन की कप्तानी पारी खेली। उनकी इस पारी और बेहतरीन कप्तानी की बदौलत भारत ने 8 विकेट से जीत हासिल की और बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में सीरीज 1-1 से बराबर कर दी।

दौरे के बाकी मैचों में रहाणे की शांत कप्तानी निर्णायक साबित हुई, क्योंकि उन्होंने कई प्रमुख गेंदबाजों के बिना चोटिल टीम का नेतृत्व करते हुए ऑस्ट्रेलिया के गढ़ गाबा में एक यादगार जीत दर्ज की और सीरीज को 2-1 से अपने नाम कर लिया। बता दें कि एडिलेड में शर्मनाक हार के बाद की गई यह शानदार वापसी भारतीय क्रिकेट के इतिहास की सबसे यादगार विदेशी टेस्ट जीतों में गिनी जाती है, जिसमें रहाणे की शांत का नेतृत्व सबे अहम रहा।

  1. मेलबर्न (2014) में शानदार जवाबी हमला करते हुए 147 रन

साल 2014 में मेलबर्न टेस्ट के दौरान ऑस्ट्रेलिया के मजबूत तेज गेंदबाजी आक्रमण का सामना करते हुए, रहाणे ने 171 गेंदों पर शानदार 147 रन बनाए और चौथे विकेट के लिए विराट कोहली के साथ 262 रनों की साझेदारी की। इस साझेदारी ने भारत को फॉलो-ऑन से बचाया और सीरीज के सबसे बेहतरीन बल्लेबाजी प्रदर्शनों में से एक में कड़े संघर्ष के बाद मैच ड्रॉ कराया।

  1. न्यूजीलैंड के खिलाफ़ करियर का सर्वश्रेष्ठ 188 रन (2016)

साल 2016 में इंदौर टेस्ट में रहाणे ने अपना अब तक का सबसे बड़ा टेस्ट स्कोर 188 रन बनाया। उन्होंने कोहली के साथ चौथे विकेट के लिए 365 रनों की विशाल पार्टनरशिप की, जिसकी बदौलत भारत ने पहली पारी में 5 विकेट पर 557 रन घोषित किए। बता दें कि भारत ने यह मुकाबला 321 रन के बड़े अंतर से जीता था और 3-0 से सीरीज अपने नाम की थी। रहाणे की यह पारी उनके टेस्ट करियर की सबसे बेहतरीन पारियों में गिनी जाती है।

  1. गाले में वर्ल्ड-रिकॉर्ड कैचिंग का प्रदर्शन (2015)

अपनी बैटिंग के अलावा, रहाणे ने स्लिप में भी शानदार खेल दिखाया। गाले में श्रीलंका के खिलाफ उन्होंने एक मैच में आठ कैच लिए, जो उस समय किसी नॉन-विकेटकीपर द्वारा टेस्ट मैच में लिए गए सबसे ज्यादा कैच थे। इससे उनके बेहतरीन रिफ्लेक्स और सुरक्षित हाथों का पता चला। बाद में 10 साल बाद एडेन मार्करम ने यह रिकॉर्ड तोड़ा, जब उन्होंने नवंबर 2025 में गुवाहाटी में भारत के खिलाफ नौ कैच लिए।

  1. WTC फाइनल में वापसी (ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 89 और 46 रन, 2023)

टेस्ट टीम से लगभग 18 महीने बाहर रहने के बाद, मुंबई के लिए घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन और चेन्नई सुपर किंग्स के साथ IPL में जबरदस्त वापसी के दम पर रहाणे को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के लिए अचानक टीम में वापस बुलाया गया। श्रेयस अय्यर के चोटिल होने के बाद उन्हें प्लेइंग XI में शामिल किया गया और रहाणे ने ‘द ओवल’ पर भारत के सबसे अच्छे बल्लेबाज के तौर पर खेलकर चयनकर्ताओं के भरोसे को सही साबित किया।

जब भारत का स्कोर 71/4 हो गया था, तब उन्होंने पहली पारी में संघर्षपूर्ण 89 रन बनाए और दूसरी पारी में 46 रन जोड़े। साथ ही, इस मैच के दौरान उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 5,000 रन पूरे करने का मील का पत्थर भी हासिल किया। भले ही भारत फाइनल हार गया, लेकिन रहाणे की वापसी वाली पारियों ने सबसे बड़े मंच पर एक भरोसेमंद खिलाड़ी के तौर पर उनकी अहमियत को साबित कर दिया।

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कैसे BGT 19-20 के बाद अजिंक्य रहाणे की टेस्ट कप्तानी खा गए थे रोहित शर्मा

Ajinkya Rahane

अजिंक्य रहाणे ने बतौर कप्तान भारत को ऑस्ट्रेलिया की धरती पर 2019-20 में एतिहासिक 2-1 से सीरीज जीत दिलवाई लेकिन इसके बाद उन्हें कप्तानी से तो क्या धीरे धीरे टीम से अलग कर दिया गया। यह बात सही है कि उनका फॉर्म बॉर्डर गावस्कर टेस्ट सीरीज के बाद लगातार ढलान की ओर गया लेकिन अगर बतौर कप्तान ही उनको टीम की बागडोर थमा दी जाती तो शायद भारतीय टेस्ट टीम को नई ऊंचाइया मिलती।

साल 2020 में एडिलेड टेस्ट में जब भारत 36 रनों पर ऑलआउट हुआ था तो कप्तान विराट कोहली पितृत्व अवकाश के लिए भारत लौट गए थे। इसके बाद सबका यह मानना था कि यह दौरा भारत के लिए बहुत कठिन होने वाला है लेकिन जब दौरा खत्म हुआ तो भारत 2-1 से विजयी रहा था।इसका काफी कुछ श्रेय अजिंक्य रहाणे की कप्तानी को मिला जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया की धरती पर युवाओं पर विश्वास दिखाया।

विराट कोहली के कप्तानी के इस्तीफे के बाद अजिंक्य रहाणे की जगह रोहित शर्मा को टेस्ट की कप्तानी दी गई जिसकी सजा भारतीय टेस्ट क्रिकेट आज तक भुगत रहा है। लेकिन समय का फेर कुछ ऐसा रहा कि रणजी ट्रॉफी में रोहित शर्मा को करियर के अंतिम पड़ाव पर अजिंक्य रहाणे की कप्तानी में खेलना पड़ा।

खराब फॉर्म के बाद अजिंक्य रहाणे ने बल्ले से 2023 में कमाल की वापसी की।अजिंक्य रहाणे ने 18 महीने बाद विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2023 फाइनल में टेस्ट टीम में जगह बनाई थी। उन्होंने पहली पारी में 89 और दूसरी पारी में 46 रन बनाए थे और कुल 165 रन बनाकर उन्होंने एक बार फिर अपनी जगह पक्की की। कैरिबियाई दौरे पर अजिंक्य रहाणे पुनः टेस्ट टीम के उपकप्तान बने। उपकप्तान बनाने के पीछे टीम ने एक बार फिर इशारा किया कि शायद वह फिर कप्तान बन जाए लेकिन ऐसा हो ना सका और वह टेस्ट टीम से किनारे कर दिए गए।

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इससे पहले अजिंक्य रहाणे अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू धरती पर टेस्ट मैच में भारत की अगुवाई कर चुके हैं जिसमें भारत महज 3 दिनों में यह मैच जीत चुका था।

टेस्ट टीम से बाहर होकर भी बतौर कप्तान मुंबई को दिलाई रणजी ट्रॉफी

अजिंक्य रहाणे के लिए बल्ले से रणजी ट्रॉफी का 2024 सत्र बेहद ही खराब रहा था लेकिन वह वानखेड़े स्टेडियम में वह ‘सबसे खुश खिलाड़ी’ थे, जिनकी कप्तानी में टीम 42वीं बार शीर्ष घरेलू टूर्नामेंट की चैम्पियन बनीं। मुंबई ने विदर्भ को 169 रनों से हराकर खिताब अपने नाम किया था।Ajinkya Rahane ने इस दौरान सत्र में महज 214 रन बनाये।


Ajinkya Rahane Retirement: 11 मैचों में टीम इंडिया के कप्तान रहे अजिंक्य रहाणे, कितने जीते कितने हारे? कप्तानी का रिकॉर्ड चौंकाएगा

Ajinkya Rahane Retirement: करीब एक दशक से ज्यादा समय तक भारतीय क्रिकेट के सभी फॉर्मेट में प्रतिनिधित्व करने के बाद अजिंक्य रहाणे ने इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। गुरुवार को संन्यास का ऐलान करते हुए रहाणे ने अपने लंबे क्रिकेट सफर को यादगार अंदाज में खत्म किया। रहाण ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर करते हुए कहा, “जिंदगी की सच्चाई यही है कि हर चीज की शुरुआत होती है और हर चीज का अंत भी। जब सही समय आता है, तो आपको बस उसे स्वीकार करना होता है और आगे बढ़ना होता है।

बता दें कि 2011 में इंग्लैंड में अपना इंटरनेशनल डेब्यू करने वाले रहाणे ने भारत के लिए 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 T20I मैच खेले और कुल 8414 रन बनाए हैं।

मुंबई के इस बल्लेबाज ने इंटरनेशनल क्रिकेट में 15 शतक भी लगाए हैं- 12 टेस्ट में और तीन वनडे में। उन्होंने 11 मैचों (छह टेस्ट, तीन वनडे और दो T20I) में भारत की कप्तानी भी की है, जिनमें से वे सिर्फ एक मैच हारे हैं। बता दें कि रहाणे ने अपना आखिरी मैच 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट मुकाबले में खेला था।

इंटरनेशनल क्रिकेट में अजिंक्य रहाणे के बैटिंग रिकॉर्ड्स

फॉर्मेटमैचपारियांरनसर्वाधिक स्कोरऔसतस्ट्राइक रेटशतकअर्धशतक
टेस्ट85144507718838.4649.501226
वनडे (ODI)9087296211135.2678.63324
टी20 इंटरनेशनल (T20I)20203756120.83113.2901

अजिंक्य रहाणे की कप्तानी में भारत के मैचों की पूरी लिस्ट

तारीखटीमफॉर्मेटनतीजा
10 जुलाई 2015जिम्बाब्वेवनडेभारत 4 रन से जीता
12 जुलाई 2015जिम्बाब्वेवनडेभारत 62 रन से जीता
14 जुलाई 2015जिम्बाब्वेवनडेभारत 83 रन से जीता
17 जुलाई 2015जिम्बाब्वेटी20 इंटरनेशनलभारत 54 रन से जीता
19 जुलाई 2015जिम्बाब्वेटी20 इंटरनेशनलभारत 10 रन से हारा
25 मार्च 2017ऑस्ट्रेलियाटेस्टभारत 8 विकेट से जीता
14 जून 2018अफगानिस्तानटेस्टभारत पारी और 262 रन से जीता
26 दिसंबर 2020ऑस्ट्रेलियाटेस्टभारत 8 विकेट से जीता
7 जनवरी 2021ऑस्ट्रेलियाटेस्टमैच ड्रॉ रहा
15 जनवरी 2021ऑस्ट्रेलियाटेस्टभारत 3 विकेट से जीता
25 नवंबर 2021न्यूजीलैंडटेस्टमैच ड्रॉ रहा

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Ajinkya Rahane Retirement: अजिंक्य रहाणे ने भावुक संदेश के साथ किया संन्यास का ऐलान! भारतीय क्रिकेट का एक और सुनहरा अध्याय खत्म

Ajinkya Rahane Retirement: भारतीय क्रिकेट टीम के भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल रहे अजिंक्य रहाणे ने अपने इंटरनेशनल क्रिकेट करियर को अलविदा कह दिया है। उन्होंने एक वीडियो शेयर कर अपने फैंस को संन्यास की जानकारी दी, जिसके बाद रहाणे काफी भावुक हो गए। बता दें कि वह अब इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में भी नहीं खलेंगे।

रहाण ने इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए वीडियो में कहा, “जिंदगी की सच्चाई यही है कि हर चीज की शुरुआत होती है और हर चीज का अंत भी। जब सही समय आता है, तो आपको बस उसे स्वीकार करना होता है और आगे बढ़ना होता है। मैंने अपनी बैटिंग में हमेशा टाइमिंग पर भरोसा किया है और इसके महत्व को समझा है। आज मुझे लगता है कि आगे बढ़ने और इंटरनेशनल क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से रिटायरमेंट की घोषणा करने का सही समय आ गया है।”

उन्होंने आगे कहा, “डोंबिवली से प्रैक्टिस के लिए आने-जाने वाले उन शुरुआती दिनों से लेकर अब तक, मैंने इस खेल को अपना सब कुछ दिया है। हर दिन, हर पारी, बैटिंग का हर मौका—सब कुछ। सपना हमेशा इंडिया की कैप पहनने का था। मैंने हमेशा एक ही नियम माना: अपने देश और अपनी टीम को हमेशा खुद से ऊपर रखा। मैंने पूरी ईमानदारी से यह खेल खेला है और मेरा हमेशा से यह मानना ​​रहा है कि अगर आपकी नीयत साफ है, तो खेल हमेशा आपका ख्याल रखेगा। जब से मैंने फर्स्ट-क्लास क्रिकेटर के तौर पर डेब्यू किया, तब से इंडियन क्रिकेट ने बहुत तरक्की की है और मुझे गर्व है कि पिछले 20 सालों में मैं इसका हिस्सा रहा हूं।”

मिडिल-ऑर्डर बल्लेबाज रहाणे ने अपने टेस्ट करियर में 38.46 की औसत से कुल 5077 रन बनाए हैं। उनके नाम 12 शतक और 26 अर्धशतक दर्ज हैं।

वनडे क्रिकेट में भी रहाणे ने भारत के लिए अहम योगदान दिया। उन्होंने 90 वनडे मैचों में 2962 रन बनाए, जिसमें 3 शतक और 24 अर्धशतक शामिल हैं।

इसके अलावा, रहाणे ने भारत के लिए 20 टी20 इंटरनेशनल मैच भी खेले। इस फॉर्मेट में उन्होंने 375 रन बनाए, जिसमें एक अर्धशतक शामिल है।

रहाणे ने रिटायरमेंट के बाद के प्लान बताए

मुंबई के दिग्गज खिलाड़ी का कहना है कि भले ही उनका इंटरनेशनल करियर खत्म हो गया हो, लेकिन वे खेल से जुड़े रहेंगे और क्रिकेटरों की अगली पीढ़ी को तैयार करना चाहते हैं।

उन्होंने कहा, “एक भारतीय क्रिकेटर के तौर पर मेरा सफर भले ही खत्म हो रहा हो, लेकिन इस खेल के साथ मेरा सफर जारी रहेगा। मैं अगली पीढ़ी की मदद करने, इस खेल से सीखी गई सीखों को साझा करने और उस खेल को कुछ वापस देने के लिए उत्सुक हूं जिसने मुझे मुंबई में एक युवा खिलाड़ी के तौर पर शुरुआत करने से लेकर भारत के लिए खेलने तक सब कुछ दिया है। यह मेरे लिए बहुत सम्मान की बात रही है। क्रिकेट खेलने की खुशी, अलग-अलग टीमों का हिस्सा बनने और जीवन भर याद रहने वाली यादें बनाने के सफ़र में कई जीत और हार मिलीं। यही मेरे करियर की सबसे बड़ी संतुष्टि रही है।”

उन्होंने अंतिम में कहा कि “BCCI, MCA, मेरे साथियों, मेरे कोचों, हर IPL फ्रैंचाइजी, राधिका, मेरे पूरे परिवार, मेरे दोस्तों और उन सभी लोगों का शुक्रिया जिन्होंने मेरा साथ दिया। और उन सभी क्रिकेट फैंस का खास शुक्रिया जिन्होंने हर उतार-चढ़ाव में मेरा समर्थन किया। अजिंक्य का मतलब है जिसे हराया न जा सके। लेकिन क्रिकेट ने मुझे कई बार हार का स्वाद चखाया है। क्रिकेटर के तौर पर, हम सफल होने से ज्याद बार असफल होते हैं। मेरी टीम मैच हारी है, मैंने गलतियां की हैं, लेकिन एक जगह ऐसी है जहां मैं कभी नहीं हारा। और वह है आपके दिलों में। आपके प्यार, भरोसे और समर्थन के लिए धन्यवाद। कैप #278 अब विदा ले रहा है।”

अजिंक्य रहाणे का इंटरनेशनल क्रिकेट करियर

बता दें कि रहाणे ने अपना आखिरी इंटरनेशनल मुकाबला 2023 में वेस्टइंडीज दौरे पर खेला था। करीब एक दशक लंबे करियर में उन्होंने भारतीय टीम के लिए कई यादगार पारियां खेलीं और मुश्किल समय में टीम के लिए अहम भूमिका निभाई। 38 साल के रहाणे ने 2013 में इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखा था और तब से अब तक भारत के लिए 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले।

नेशनल सेलेक्टर की नजर से दूर होने के बावजूद, रहाणे घरेलू क्रिकेट में एक्टिव रहे हैं और 2024-25 सीजन तक मुंबई टीम की कप्तानी भी की है।

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अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को कहा अलविदा (Video)

भारतीय मध्यक्रम बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। अजिंक्य रहाणे लंबे समय से भारतीय टेस्ट टीम से बाहर थे ऐसे में वह कई बार कमेट्री बॉक्स में दिखते थे। वहीं फ्रैंचाइजी क्रिकेट में वह कोलकाता नाईट राइडर्स के कप्तान थे।38 वर्षीय अजिंक्य रहाणे ने पिछले 3 वर्षों से कोई टेस्ट मैच नहीं खेला है।रहाणे ने आखिरी बार भारत के लिये 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ पोर्ट आफ स्पेन में खेला था।

टेस्ट टीम से बाहर होने के बाद से, रहाणे ने लगातार दो रणजी ट्रॉफ़ी सीजन में मुंबई का नेतृत्व किया है, जिसमें टीम ने 2023-24 में अपना 42वां खिताब जीता, जबकि 2024-25 में उपविजेता रही। वह सैयद मुश्ताक अली (टी20) खिताब जीतने वाली मुंबई टीम का भी हिस्सा थे।

रहाणे ने 2024-25 के रणजी सीज़न में 14 पारियों में 35.92 की औसत से एक अर्धशतक और एक शतक सहित 467 रन बनाए। वह निराशाजनक आईपीएल 2025 के दौरान कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी थे, जहां उनकी टीम 10 टीमों में से आठवें स्थान पर रही। रहाणे ने 14 पारियों में 147.27 के स्ट्राइक रेट से 390 रन बनाए।

अजिंक्य रहाणे ने अपना टेस्ट पदार्पण साल 2013 में किया था। अभी तक वह कुल 85 टेस्ट खेल चुके हैं। इस दौरान उन्होंने 38.5 की औसत के साथ 5077 रन बनाए हैं, जिसमें 12 शतक और 26 अर्धशतक शामिल है।साल 2011 में अपने सफेद गेंद करियर का आगाज करने वाले अजिंक्य रहाणे अपना आखिरी टी-20 मैच साल 2016 के टी-20 विश्वकप सेमीफाइनल में खेल चुके थे जहां उनकी धीमी पारी ने टीम इंडिया का वेस्टइँडीज के खिलाफ खासा नुकसान किया था।इसके अलावा उन्होंने आखिरी वनडे 2018 में खेला था।

Rohit Sharma: रोहित शर्मा के वर्ल्ड कप प्लान पर सस्पेंस, शुभमन गिल पर अब टिकी सबकी निगाहें…जानें क्यों

टेस्ट और टी20 से संन्यास लेने के बाद भारत के दिग्गज खिलाड़ी रोहित शर्मा केवल एक ही फॉर्मेट में खेलते हैं। पिछले काफी समय से रोहित शर्मा के वनडे क्रिकेट से रिटायरमेंट को लेकर खबरें आती रहती है। वहीं इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज में रोहित ने शानदार प्रदर्शन कर आलोचकों को शांत कर दिया है। अगले साल वनडे वर्ल्ड कप दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाएगा। रिटायरमेंट की चर्चाओं के बीच रोहित शर्मा ने साफ कर दिया कि उनका अभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट छोड़ने का कोई इरादा नहीं है। वह अगले साल दक्षिण अफ्रीका में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप में भारत के लिए खेलना चाहते हैं। इसी बीच पूर्व भारतीय बल्लेबाज मोहम्मद कैफ ने कहा कि, टीम का माहौल और दिशा तय करने में कप्तान की अहम भूमिका होती है।

मोहम्मद कैफ ने कहा कि अगर रोहित शर्मा को वनडे वर्ल्ड कप तक टीम बनाए रखना है, तो शुभमन गिल को खुलकर उनका समर्थन करना चाहिए। उनके मुताबिक, गिल को सार्वजनिक रूप से भी रोहित पर भरोसा जताना चाहिए।

शुभमन गिल की राय हमेशा अहम होती है

मोहम्मद कैफ ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, “मुझे लगता है कि अभी इस मामले में इंतजार करना होगा। काफी असमंजस की स्थिति है, लेकिन जल्द ही तस्वीर साफ होनी चाहिए। शुभमन गिल को सामने आकर प्रेस में ये कहना चाहिए कि वह वर्ल्ड कप के लिए रोहित शर्मा को टीम में देखना चाहते हैं।” कैफ ने कहा, “जब टीम बनाई जाती है, तो कप्तान की राय हमेशा अहम होती है। कई बार खिलाड़ियों को एक-दूसरे के खेल की जितनी समझ होती है, उतनी चयनकर्ताओं को नहीं होती। ऐसे में कप्तान को कोच और चयनकर्ताओं से बात करनी चाहिए, उन्हें अपनी बात समझानी चाहिए और टीम से जुड़े अहम फैसलों में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।”

रोहित का करना चाहिए समर्थन

कैफ ने आगे कहा, “जब वीरेंद्र सहवाग और युवराज सिंह रन नहीं बना पा रहे थे, तब सौरव गांगुली हमेशा उनके समर्थन में खड़े रहे और कहते थे कि वे वापसी करेंगे। महेंद्र सिंह धोनी ने भी अपने खिलाड़ियों का हर मुश्किल समय में साथ दिया। रोहित शर्मा ने भी हमेशा अपनी टीम के खिलाड़ियों पर भरोसा जताया है।” अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कैफ ने कहा कि अगर शुभमन गिल सार्वजनिक रूप से रोहित शर्मा का समर्थन करते हैं, तो इससे पूरे मामले में स्पष्टता आएगी और कप्तान के तौर पर उनकी भूमिका और नेतृत्व भी मजबूत होगा।