CJP आंदोलन पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा कदम, पुलिस बलप्रयोग की जांच के लिए हाईलेवल कमेटी, उधर सरकारी स्कूल में बदली तस्वीर

CJP आंदोलन पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा कदम, पुलिस बलप्रयोग की जांच के लिए हाईलेवल कमेटी, उधर सरकारी स्कूल में बदली तस्वीर

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कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से 20 जुलाई को दिल्ली में आयोजित 'संसद चलो मार्च' के दौरान प्रदर्शनकारियों पर कथित पुलिस बलप्रयोग का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस की कथित ज्यादती के आरोपों की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित करने की बात कही है। हालांकि, CJP ने समिति के गठन को लेकर अपनी कुछ शर्तें रखी हैं। पार्टी का कहना है कि यदि सुप्रीम कोर्ट समिति गठित करता है तो उसके सभी सदस्य पूरी तरह स्वतंत्र और निष्पक्ष होने चाहिए।

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सुप्रीम कोर्ट बनाएगा हाई लेवल कमेटी

 

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस की कथित ज्यादती की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया जाएगा। इसमें रिटायर्ड जज, पूर्व डीजीपी, सीबीआई के पूर्व निदेशक समेत अन्य सदस्य शामिल हो सकते हैं। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची तथा वी. मोहना की पीठ ने कहा कि समिति में शामिल किए जाने वाले अन्य सदस्यों को लेकर अलग-अलग पक्षों से सुझाव लिए जाएंगे। इसके बाद समिति के गठन का आदेश बुधवार को जारी किया जाएगा।

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CJP ने कहा- समिति स्वतंत्र होनी चाहिए

 

सुप्रीम कोर्ट के बाहर CJP के सह संयोजक सौरभ दास ने कहा कि यदि अदालत को लगता है कि प्रदर्शनकारियों को न्याय दिलाने के लिए उच्चस्तरीय समिति जरूरी है तो पार्टी अदालत के फैसले का सम्मान करेगी। हालांकि, उन्होंने समिति के सदस्यों के चयन को लेकर स्पष्ट शर्त रखी। दास के मुताबिक, समिति के सदस्य ऐसे होने चाहिए जिनकी निष्पक्षता और स्वतंत्रता पर कोई सवाल न उठे। उन्होंने कहा कि समिति में ऐसे लोगों को शामिल नहीं किया जाना चाहिए जिनका पिछला रिकॉर्ड पहले से सवालों के घेरे में रहा हो। उन्होंने कहा कि यह सरकार की समिति नहीं बल्कि सुप्रीम कोर्ट की समिति होगी और देश के युवा इस पूरी प्रक्रिया पर नजर रख रहे हैं।

 

CJP ने अपने सदस्यों को समिति में शामिल करने की मांग की

 

CJP की लीगल मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने कहा कि सरकार की ओर से उन्हें भरोसा दिया गया था कि प्रदर्शन से जुड़े सभी एफआईआर रद्द किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी प्रदर्शन खत्म होने के एक सप्ताह के भीतर इस आश्वासन पर कार्रवाई चाहती थी। रत्ना सिंह ने कहा कि अगर जांच समिति बनाई जा रही है तो वह पूरी तरह स्वतंत्र होनी चाहिए और उसके सभी सदस्यों के नाम सार्वजनिक किए जाने चाहिए।

 

उन्होंने यह भी मांग की कि CJP के सदस्यों को समिति में शामिल किया जाए, ताकि समिति के सामने रखी जाने वाली सूचनाओं का सत्यापन किया जा सके। उनका कहना है कि व्यक्तिगत रूप से पार्टी उच्चस्तरीय समिति नहीं चाहती, बल्कि वह सरकार की ओर से दिए गए आश्वासन को पूरा किए जाने की मांग कर रही है। 

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क्या है पूरा मामला?

20 जुलाई : दिल्ली में 'संसद चलो मार्च' के दौरान पुलिस बलप्रयोग के आरोप।

सुप्रीम कोर्ट : प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित पुलिस ज्यादती की जांच के लिए हाई लेवल कमेटी बनाने की घोषणा।

प्रस्तावित समिति : रिटायर्ड जज, पूर्व डीजीपी, पूर्व सीबीआई निदेशक समेत अन्य सदस्य।

CJP की मांग : समिति पूरी तरह स्वतंत्र और निष्पक्ष हो।

दूसरी मांग : समिति के सदस्यों के नाम सार्वजनिक किए जाएं।

CJP की अतिरिक्त मांग : पार्टी के सदस्यों को भी समिति में शामिल किया जाए।


 जंतर-मंतर आंदोलन के बाद 'स्कूल ठीक करो' अभियान

संसद मार्च और सुप्रीम कोर्ट में जांच समिति की मांग के बीच CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके अब सरकारी स्कूलों की बदहाल व्यवस्था को लेकर अभियान चला रहे हैं। उनके अभियान का असर उनके पैतृक गांव महाराष्ट्र के हिंगोली जिले के संतुक पिंपरी में भी दिखाई देने लगा है।

 

दीपके ने 15 अगस्त को अपने पैतृक गांव के जिला परिषद स्कूल का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने स्कूल में बुनियादी सुविधाओं की कमी और टूटी खिड़कियों समेत कई समस्याओं को सामने रखा था। इसके बाद स्थानीय प्रशासन ने स्कूल में मरम्मत कार्य शुरू करा दिया।

मिलीं नई बेंच-डेस्क और कंप्यूटर

अभिजीत दीपके ने मंगलवार, 18 अगस्त को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर स्कूल की तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने बताया कि उनके गांव के स्कूल के बच्चों को अब नई बेंच-डेस्क मिल गई हैं। उन्होंने गांव के लोगों और स्कूल स्टाफ का आभार जताते हुए इसे अपने जीवन के सबसे खुशी भरे पलों में से एक बताया। एक अन्य वीडियो में उन्होंने बताया कि स्कूल में अब कंप्यूटर भी लगाए गए हैं। दीपके ने कहा कि जब सरकारें विफल होती हैं तो आम लोग मदद के लिए आगे आते हैं।

'अब रुकना नहीं है, स्कूल ठीक करके ही रहेंगे'

 

दीपके ने इससे पहले एक वीडियो में कहा था कि हिंगोली जिले के लिंबाला गांव के लोगों की यह पहली बड़ी जीत है। उन्होंने बताया कि स्कूल के प्रिंसिपल को निलंबित किया गया है। उन्होंने इस जीत को अब्दुल और उसके पिता को समर्पित करते हुए कहा कि अब स्कूल सुधार का अभियान रुकना नहीं चाहिए।

 

15 अगस्त से शुरू किया 'स्कूल ठीक करो' अभियान

 

अभिजीत दीपके ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर 'स्कूल ठीक करो' अभियान की शुरुआत अपने पैतृक गांव के स्कूल से की थी। ध्वजारोहण समारोह में शामिल होने के बाद उन्होंने स्कूल परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कक्षाओं की टूटी खिड़कियों, खराब सीसीटीवी कैमरों और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी को उजागर किया। दीपके के दौरे के बाद स्थानीय ग्राम पंचायत ने स्कूल की समस्याओं को दूर करने के लिए काम शुरू कराया।

 

खिड़कियां बदली जा रहीं, नए CCTV कैमरे लगाए जा रहे

 

संतुक पिंपरी के सरपंच विजय पुरी ने बताया कि दीपके ने स्कूल में उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया था और जिन कमियों की ओर ध्यान दिलाया गया, उन्हें दूर करने का काम शुरू कर दिया गया है। स्कूल की क्षतिग्रस्त खिड़कियों को बदला जा रहा है और खराब सीसीटीवी कैमरों की जगह नए कैमरे लगाए जा रहे हैं।

इसके अलावा शौचालयों में पानी की समस्या को भी दूर किया गया है और चौबीसों घंटे पानी की आपूर्ति की व्यवस्था की गई है। राज्य के शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी स्कूल प्रबंधन को बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मरम्मत कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

सरकारी स्कूलों को लेकर दीपके का बड़ा सवाल

अभिजीत दीपके ने सरकारी स्कूलों की व्यवस्था को लेकर सरकार और शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि अगर मंत्री, शिक्षा विभाग के अधिकारी, प्रिंसिपल, शिक्षक और दूसरे कर्मचारी अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाएं तो इन स्कूलों की स्थिति में तेजी से सुधार हो सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकारी अधिकारी अपने बच्चों को निजी स्कूलों में क्यों पढ़ाते हैं? क्या उन्हें अपने ही सरकारी स्कूलों की व्यवस्था पर भरोसा नहीं है? दीपके का कहना है कि सरकारी स्कूलों की वास्तविक स्थिति में सुधार के लिए केवल घोषणाओं की नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और जवाबदेही की जरूरत है।

PM E-DRIVE Scheme : इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स पर बढ़ी सब्सिडी की अवधि, जानें किसे मिलेगा कितना फायदा

PM E-DRIVE Scheme : इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स पर बढ़ी सब्सिडी की अवधि, जानें किसे मिलेगा कितना फायदा

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केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने वाली PM E-DRIVE Scheme की अवधि दो साल के लिए बढ़ा दी है। सरकार ने योजना को अब 31 मार्च 2028 तक जारी रखने का फैसला किया है। साथ ही योजना का कुल बजट भी 1,000 करोड़ रुपये बढ़ाकर 11,900 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

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सरकार ने इस योजना को सितंबर 2024 में 10,900 करोड़ रुपये के बजट के साथ अधिसूचित किया था। उस समय योजना की अवधि 31 मार्च 2026 तक तय की गई थी। अब इसे दो साल और बढ़ाने से इलेक्ट्रिक वाहनों को मिलने वाला सरकारी प्रोत्साहन जारी रहेगा।

 

इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स पर खास फोकस

 

नई अधिसूचना में Electric Two-Wheelers (e-2Ws) के लिए प्रोत्साहन की अवधि को विशेष रूप से स्पष्ट किया गया है। पंजीकृत इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स के लिए यह सहायता 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2028 तक जारी रहेगी। हालांकि, सब्सिडी पाने के लिए इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की कीमत और प्रोत्साहन की अधिकतम सीमा तय की गई है।

1.5 लाख रुपये तक की एक्स-फैक्ट्री कीमत जरूरी

 

संशोधित PM E-DRIVE योजना के तहत केवल वे पंजीकृत इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स प्रोत्साहन के लिए पात्र होंगे, जिनकी अधिकतम एक्स-फैक्ट्री कीमत 1.5 लाख रुपये है। यानी इससे अधिक एक्स-फैक्ट्री कीमत वाले इलेक्ट्रिक दोपहिया इस प्रोत्साहन के दायरे में नहीं आएंगे। सरकार ने इस योजना के तहत अधिकतम 45,79,120 पंजीकृत इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स को सहायता देने का लक्ष्य रखा है।

 

प्रति kWh 2,500 रुपये का इंसेंटिव

 

योजना के तहत इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर के लिए 2,500 रुपये प्रति kWh की दर से इंसेंटिव दिया जाएगा। हालांकि, प्रति वाहन अधिकतम प्रोत्साहन राशि 5,000 रुपये निर्धारित की गई है। लेकिन यहां एक और महत्वपूर्ण सीमा लागू होगी। मिलने वाला इंसेंटिव वाहन की एक्स-फैक्ट्री कीमत के 15 फीसदी से अधिक नहीं हो सकता। उदाहरण के तौर पर, अगर बैटरी क्षमता के हिसाब से किसी वाहन का इंसेंटिव 5,000 रुपये बनता है, लेकिन वाहन की एक्स-फैक्ट्री कीमत का 15 फीसदी इससे कम है, तो कम राशि ही इंसेंटिव के रूप में मिलेगी।

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हर इलेक्ट्रिक स्कूटर को 5,000 रुपये की सब्सिडी नहीं

 

इसका मतलब यह है कि पात्र इलेक्ट्रिक स्कूटर या इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल खरीदने पर हर ग्राहक को अपने आप 5,000 रुपये का इंसेंटिव नहीं मिलेगा। वास्तविक प्रोत्साहन राशि बैटरी की क्षमता और वाहन की एक्स-फैक्ट्री कीमत, दोनों के आधार पर तय होगी। इस तरह PM E-DRIVE योजना के संशोधित नियमों के तहत इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीदारों को राहत मिलती रहेगी, लेकिन इंसेंटिव पाने के लिए वाहन को तय कीमत सीमा और अन्य पात्रता शर्तों को पूरा करना जरूरी होगा।

iPhone 18 Pro का नया अवतार हुआ लीक! इन रंगों में लॉन्च हो सकता है Apple का फोन

एप्पल के नए सीरीज iPhone 18 का लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। वहीं एप्पल के iPhone 18 Pro सीरीज को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं। Apple इस बार iPhone 18 Pro सीरीज के डिजाइन में रंगों में बदलाव कर सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max के लिए कुछ नए रंगों पर काम कर रही है। Macworld की रिपोर्ट के मुताबिक, इन फोन में डार्क चेरी, लाइट ब्लू और डार्क ग्रे रंग देखने को मिल सकता है। लेकिन, Apple की ओर से अभी इन कलर ऑप्शंस को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।

वहीं ऐसे कयास हैं कि कंपनी सितंबर में नई iPhone 18 Pro सीरीज पेश कर सकती है। ऐसे में फोन के फाइनल डिजाइन और रंगों की सही जानकारी लॉन्च के समय ही सामने आएगी। अभी तक कंपनी ने लॉन्च डेट के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है।

लाइट ब्लू

iPhone 18 Pro सीरीज में Apple हल्के नीले रंग का ऑप्शन भी दे सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, इस रंग की फिनिश iPhone 17 के मिस्ट ब्लू शेड से मिलती-जुलती हो सकती है। अगर ये कलर लॉन्च होता है, तो यूजर्स को गहरे रंगों के अलावा एक हल्का और अलग ऑप्शन भी मिल सकता है। इससे iPhone 18 Pro और Pro Max का लुक पहले के Pro मॉडल्स की तुलना में थोड़ा ज्यादा फ्रेश और आकर्षक नजर आ सकता है।

डार्क ग्रे

Apple iPhone 18 Pro सीरीज के लिए डार्क ग्रे रंग पर भी काम कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस शेड को Pantone 426C से जोड़ा गया है। ये रंग डार्क चेरी और लाइट ब्लू जैसे नए ऑप्शन के मुकाबले ज्यादा सादा और क्लासिक लुक देगा। माना जा रहा है कि ये उन लोगों को पसंद आ सकता है, जो फोन में बहुत ज्यादा चमकीले या अलग रंगों की बजाय शांत और प्रोफेशनल फिनिश पसंद करते हैं।

डार्क चेरी

iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max में Apple एक नया डार्क चेरी रंग पेश कर सकता है। यह शेड नॉर्मल ब्राइट लाल रंग से अलग होगा और गहरे वाइन कलर जैसा नजर आ सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस रंग को Pantone 6076 से जोड़ा जा रहा है। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि डार्क चेरी रंग से जुड़े कुछ वास्तविक नमूने सामने आए हैं, जिससे इसके फोन में आने की संभावना और बढ़ गई है।

आधिकारिक घोषणा का इंतजार

रिपोर्ट में कहा गया कि, Apple iPhone 18 Pro सीरीज के लिए सिल्वर रंग के एक विकल्प पर भी विचार कर रहा है, जिसे Pantone 427C से जोड़ा जा रहा है। लेकिन, अभी इन सभी रंगों को लेकर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। Apple फोन का बड़े स्तर पर उत्पादन शुरू करने से पहले किसी एक रंग को अपनी लिस्ट से हटा भी सकता है। इसलिए फिलहाल इन नए कलर ऑप्शंस को लेकर पक्की जानकारी के लिए कंपनी की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा। अगर ये शेड्स लॉन्च होते हैं, तो नए iPhone मॉडल पुराने Pro सीरीज फोन से लुक के मामले में काफी अलग नजर आ सकते हैं।

Vivo X500 Pro के लॉन्च से पहले लीक हुए फीचर्स, मिलेगा 144Hz डिस्प्ले और 2nm प्रोसेसर

Vivo X500 Pro इन दिनों अपने लीक और अफवाहों को लेकर काफी चर्चा में है। उम्मीद की जा रही है कि कंपनी इस स्मार्टफोन को अक्टूबर 2026 के आसपास चीन और अन्य ग्लोबल मार्केट्स में लॉन्च कर सकती है। लीक्स की मानें तो Vivo X500 Pro परफॉर्मेंस, कैमरा क्वालिटी और टेक्नोलॉजी के मामले में एक बेहद दमदार स्मार्टफोन साबित हो सकता है। हालांकि, कंपनी ने अभी तक इसकी आधिकारिक जानकारी शेयर नहीं की है।

अब आइए अलग-अलग अनऑफिशियल रिपोर्ट्स और लीक के आधार पर हम आपको इस अपकमिंग स्मार्टफोन से जुड़ी संभावित फीचर्स और स्पेसिफिकेशन की जानकारी देते हैं।

Vivo X500 Pro के लीक हुए स्पेसिफिकेशन्स और फीचर्स

जाने-माने टिप्सटर ‘डिजिटल चैट स्टेशन’ ने पहले ही इस बात का संकेत दे दिया है कि इस फोन में डिस्प्ले और प्रोसेसर कैसा होगा। Vivo X500 Pro में 6.37-इंच की फ्लैट LTPO डिस्प्ले हो सकती है, जिसका रिजोल्यूशन 1.5K और रिफ्रेश रेट 144Hz होगा।

इसके अलावा, यह भी कहा जा रहा है कि Vivo एक BOE OLED डिस्प्ले की टेस्टिंग कर रहा है, जिसमें नेक्स्ट-जेनरेशन लाइट-एमिटिंग मटीरियल का इस्तेमाल होगा। इतना ही नहीं, अफवाहें हैं कि Vivo X500 Pro में LIPO डिस्प्ले पैकेजिंग होगी, जिससे चारों तरफ पतले बेजल मिल सकेंगे। लीक से पता चलता है कि इस फोन में Vivo का सिग्नेचर सेंटर में स्थित गोल रियर कैमरा आइलैंड होगा।

उसी टिपस्टर ने यह भी बताया है कि यह फोन 2nm प्रोसेसर पर आधारित MediaTek Dimensity 9600 Pro चिपसेट से चलेगा। उम्मीद है कि फोन के बेस मॉडल में 12GB RAM और 256GB इंटरनल स्टोरेज होगी। इस बात की भी काफी संभावना जताई जा रही है कि Vivo X500 Pro में मेटल फ्रेम होगा। डिवाइस से जुड़ी बाकी सभी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। माना जा रहा है कि Vivo की तरफ से आधिकारिक घोषणा होते ही इसके बारे में और जानकारी मिल जाएगी।

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Apple इस साल सितंबर में iPhone 18 Pro को लॉन्च करने की तैयारी में है। इसके साथ कंपनी iPhone 18 Pro Max और अपना पहला फोल्डेबल फोन iPhone Ultra भी पेश कर सकती है। इस फोन को लेकर पिछले काफी समय से इंटरनेट पर कई लीक सामने आ रहे हैं। अब एक नई रिपोर्ट में iPhone 18 Pro और Pro Max की संभावित कीमत का खुलासा हुआ है।

MacRumors की एक रिपोर्ट के अनुसार, GF Securities के एनालिस्ट जेफ पु का कहना है कि iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max की कीमत उनके पिछले मॉडल की तुलना में लगभग 250 डॉलर और 300 डॉलर तक ज्यादा हो सकती है।

अगर इस हिसाब से देखें, तो iPhone 18 Pro भारत में ₹1,58,900 से ₹1,63,900 की कीमत रेंज में आ सकता है। वहीं, iPhone 18 Pro Max भारत में ₹1,73,700 से ₹1,78,900 के बीच मिल सकता है। हालांकि, Apple ने अभी तक आधिकारिक तौर पर कुछ भी कन्फर्म नहीं किया है, इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे फोन की कीमत और अन्य जानकारी पर पूरी तरह भरोसा न करें।

iPhone 18 Pro के स्पेसिफिकेशन्स और कैमरा

Apple iPhone 18 Pro में 6.3-इंच का OLED डिस्प्ले हो सकता है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट के साथ आएगा। फोन में 2nm प्रोसेस पर बना Apple A20 Pro चिपसेट दिया जा सकता है। लीक से पता चलता है कि यह चिपसेट परफॉर्मेंस में 15% तेज होगा और लगभग 30% बेहतर एनर्जी एफिशिएंसी देगा। इसके अलावा, इस हैंडसेट में MagSafe वायरलेस चार्जिंग सपोर्ट के साथ 5100mAh की बैटरी भी मिल सकती है।

रिपोर्ट के मुताबिक, iPhone 18 Pro का डिजाइन शायद इसके पिछले मॉडल जैसा ही होगा। कई अफवाहों से पता चला है कि यह फोन एक नए darker Cherry tone में भी आएगा, जो Cosmic Orange iPhone 17 की लोकप्रियता को दोहराने की कोशिश करेगा।

कैमरे की बात करें तो, Apple iPhone 18 Pro में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप हो सकता है, जिसमें 48MP का प्राइमरी शूटर, 48MP का अल्ट्रा-वाइड-एंगल सेंसर और 48MP का टेलीफोटो सेंसर शामिल होगा। वहीं, इसके फ्रंट में सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए 18MP का कैमरा हो सकता है।

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Samsung Galaxy F70 Pro 5G की एंट्री जल्द! 6000mAh बैटरी, 50MP कैमरा और Snapdragon चिप से होगा लैस

Samsung Galaxy F70 Pro 5G: अब आखिरकार यह आधिकारिक तौर पर कन्फर्म हो गया है कि Samsung Galaxy F70 Pro भारतीय बाजार में लॉन्च किया जाएगा। Samsung ने इस फोन को टीज करना शुरू कर दिया है और Flipkart पर इसके लिए एक खास माइक्रोसाइट भी लाइव हो चुकी है, जिससे फोन के डिजाइन और उपलब्धता के बारे में संकेत मिलते हैं। Flipkart माइक्रोसाइट से पता चलता है कि इसे जल्द ही भारतीय बाजार में पेश किया जाएगा। इसके अलावा, यह भी कहा गया है कि फोन से जुड़ी और जानकारी 31 जुलाई, 2026 को सामने आएगी। साथ ही, यह भी कहा जा रहा है कि इस स्मार्टफोन की कीमत लगभग 30,000 रुपये होगी।

माइक्रोसाइट पर Galaxy F70 Pro 5G को ग्रीन कलर ऑप्शन में दिखाया गया है, और उम्मीद की जा रही है कि लॉन्च के समय और भी कलर ऑप्शन देखने को मिल सकते हैं। डिजाइन की बात करें तो, फोन में पीछे की तरफ एक फ्लैट पैनल दिया जा सकता है और ऊपर-बाएं कोने में एक पिल-शेप का कैमरा आइलैंड मिलेगा। इस आइलैंड में तीन सेंसर होंगे और कैमरा आइलैंड के बगल में LED फ्लैश लगा होगा। वहीं, फोन के दाईं तरफ वॉल्यूम रॉकर और पावर बटन दिए गए हैं।

Samsung Galaxy F70 Pro: कैमरा और स्पेसिफिकेशन्स

Samsung Galaxy F70 Pro में 6.7-इंच का Super AMOLED डिस्प्ले हो सकता है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट के साथ आएगा। परफॉर्मेंस के लिए फोन में Qualcomm Snapdragon 6 Gen 3 प्रोसेसर दिया जा सकता है। इसके अलावा, यह डिवाइस बेस वेरिएंट में 6GB RAM और 128GB इंटरनल स्टोरेज के साथ आ सकता है। सॉफ्टवेयर की बात करें तो यह फोन Android 16 ऑपरेटिंग सिस्टम पर बेस्ड होगा, जिसके ऊपर कंपनी का Samsung One UI 8.5 स्किन मिल सकता है।

बैटरी के मामले में यह फोन काफी दमदार हो सकता है। इसमें 6000mAh की बड़ी बैटरी दी जा सकती है, जो 45W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ आएगी। इसके अलावा, फोन में IP64 रेटिंग मिलने की भी उम्मीद है, जो इसे धूल और पानी से कुछ हद तक सुरक्षित बनाएगी।

कैमरे की बात करें तो, Samsung Galaxy F70 Pro में डुअल रियर कैमरा सेटअप हो सकता है, जिसमें ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइजेशन (OIS) वाला 50MP का प्राइमरी कैमरा और लगभग 5MP का सेकेंडरी कैमरा शामिल हो सकता है। वहीं, सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए, इस स्मार्टफोन में 12MP का फ्रंट कैमरा भी दिया जा सकता है।

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iPhone 18 Pro Max Leak: Apple की अपकमिंग iPhone 18 सीरीज को लेकर लगातार नए लीक सामने आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस सीरीज का सबसे महंगा और प्रीमियम मॉडल iPhone 18 Pro Max हो सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी इसमें कई बड़े बदलाव कर सकती है, जिसमें नया 2nm प्रोसेसर, बेहतर कैमरा सिस्टम और शानदार डिस्प्ले शामिल हो सकते हैं। अब आइए जानते हैं कि Apple के इस आने वाले फ्लैगशिप फोन में हमें क्या-क्या देखने को मिल सकता है।

iPhone 18 Pro Max: अनुमानित स्पेसिफिकेशन्स और कैमरे

iPhone 18 Pro Max में 6.9-इंच की Super Retina XDR OLED डिस्प्ले हो सकती है, जिसमें 120Hz रिफ्रेश रेट और 3000 निट्स की पीक ब्राइटनेस मिलेगी। इस डिवाइस से जुड़ी हालिया अफवाहों के अनुसार, Apple इसमें कुछ FaceID कंपोनेंट्स को डिस्प्ले के नीचे लगा सकता है।

लीक्स के मुताबिक, इस फोन में Apple के सिक्स-कोर ग्राफ़िक्स प्रोसेसिंग यूनिट (GPU) के साथ 2nm प्रोसेस पर आधारित Apple A20 Pro चिपसेट हो सकता है। इसके अलावा, फोन में 5400mAh की बैटरी और 25W वायरलेस MagSafe चार्जिंग सपोर्ट भी मिल सकता है।

इस फोन के बारे में कई रिपोर्ट्स से यह भी पता चला है कि यह TSMC की वेफर-लेवल मल्टी-चिप मॉड्यूल (WMCM) पैकेजिंग टेक्नोलॉजी पर आधारित होगा, जिससे RAM और प्रोसेसर एक-दूसरे के ज्यादा करीब होंगे और परफॉर्मेंस और स्पीड बेहतर होगी।

कैमरे की बात करें तो, Apple iPhone 18 Pro Max में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप हो सकता है, जिसमें 48MP का प्राइमरी कैमरा, 48MP का अल्ट्रा-वाइड-एंगल कैमरा और 48MP का पेरिस्कोप टेलीफोटो कैमरा शामिल होगा। वहीं, सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए फोन के फ्रंट में 24MP का कैमरा हो सकता है।

भारत में Apple iPhone 18 Pro Max की कीमत और लॉन्च डेट

Apple iPhone 18 को सितंबर 2026 में iPhone Fold और iPhone 18 Pro के साथ लॉन्च किया जाएगा। अफवाहों के अनुसार, यह लॉन्च 8 सितंबर से 14 सितंबर के बीच हो सकता है। अब अगर कीमत की बात करें तो, लीक से पता चलता है कि, 12GB RAM और 256GB इंटरनल स्टोरेज वाला वेरिएंट बाजार में ₹1,48,900 की कीमत पर उपलब्ध होगा।

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Anti Paper Leak Bill 2026 : पेपर लीक विरोधी बिल पास होने पर इंस्टाग्राम पर PM मोदी का संदेश, पेपर लीक गैंग पर होगी सख्त कार्रवाई

pm modi paper leak

संसद में पेपर लीक विरोधी विधेयक पारित होने का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि सरकार देश की परीक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाएगी। उन्होंने दोहराया कि पेपर लीक गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट्स पर जारी एक वीडियो संदेश में कहा कि पेपर लीक विरोधी विधेयक का संसद से पारित होना भारत के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है।

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उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली को और मजबूत करने के लिए आने वाले समय में कई और कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने देशवासियों से विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए मिलकर आगे बढ़ने का आह्वान किया। पीएम मोदी ने कहा कि दशकों से केंद्र और राज्य की अलग-अलग सरकारें पेपर लीक की घटनाओं से निपटती रही हैं। ऐसे में परीक्षा व्यवस्था में सुधार करना जरूरी हो गया था। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं से निपटने के लिए सख्त कानून की आवश्यकता थी।

 

प्रधानमंत्री ने अपने करीब 2 मिनट 26 सेकंड के वीडियो में कहा कि सरकार ने संसद में विधेयक पेश किया था और उनके वादे के मुताबिक दोनों सदनों में बड़ी संख्या में सांसदों ने इस पर विस्तार से चर्चा की। अब दोनों सदनों ने सख्त प्रावधानों वाले इस विधेयक को पारित कर दिया है।

 

पीएम मोदी ने कहा कि विश्वसनीय परीक्षा व्यवस्था की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है और यह काम आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी स्थिति को लंबे समय तक बने नहीं रहने देगी। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ने की अपील की।

राज्यसभा में ध्वनिमत से पास हुआ बिल

'Public Examination (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026' को गुरुवार को राज्यसभा में ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। इस दौरान कई विपक्षी दलों ने सदन से वॉकआउट किया। इससे पहले बुधवार को लोकसभा ने इस विधेयक को मंजूरी दी थी। अब विधेयक को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

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पेपर लीक पर 5 से 10 साल तक की सजा

 

संशोधन विधेयक में पेपर लीक या परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल में शामिल लोगों के लिए कड़े प्रावधान किए गए हैं। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर कम से कम 5 साल और अधिकतम 10 साल तक की जेल और 50 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं, संगठित अपराध के मामलों में कम से कम 7 साल की सजा का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा ऐसे मामलों में कम से कम 10 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया जा सकता है।

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यह विधेयक ऐसे समय में पारित हुआ है जब देश में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। सरकार का दावा है कि नए कड़े प्रावधान परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

पीएम मोदी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से की मुलाकात, किन मुद्दों पर हुई चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति भवन पहुंचकर राष्ट्रपति से भेंट की। राष्ट्रपति कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर मुलाकात की तस्वीरें शेयर कीं।

राष्ट्रपति कार्यालय ने पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की। 

प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू एक सप्ताह के सफल विदेश दौरे के बाद रविवार को भारत लौटी हैं। इस दौरान उन्होंने मोल्दोवा, नॉर्थ मैसेडोनिया और रोमानिया का दौरा किया था।  राष्ट्रपति के इस दौरे को भारत के इन यूरोपीय देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना गया।

Priyanka Gandhi Remark : प्रियंका गांधी की ‘गौमूत्र एक्सपर्ट’ टिप्पणी पर 214 शिक्षाविदों का खुला पत्र, IIT मद्रास निदेशक के समर्थन में उठी आवाज

priyanka gandhi

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi) की IIT मद्रास के निदेशक प्रोफेसर वी. कामकोटि को लेकर की गई कथित ‘गौमूत्र एक्सपर्ट’ टिप्पणी पर 200 से अधिक शिक्षाविदों ने कड़ी आपत्ति जताई है। 214 शिक्षाविदों के हस्ताक्षर वाले एक खुले पत्र में प्रियंका गांधी की टिप्पणी की आलोचना करते हुए इसे एक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक और शिक्षाविद के प्रति अनुचित बताया गया है।

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यह विवाद उस समय सामने आया जब वायनाड से कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से परीक्षा सुधारों के लिए गठित टास्क फोर्स में IIT मद्रास के निदेशक वी. कामकोटि को शामिल किए जाने पर सवाल उठाए थे।

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परीक्षा सुधारों के लिए गठित टास्क फोर्स में शामिल हैं वी. कामकोटि

 

परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए गठित टास्क फोर्स की अध्यक्षता Infosys के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि कर रहे हैं। इसमें पूर्व ISRO चेयरमैन एस. सोमनाथ, पूर्व IB निदेशक तपन डेका, IIT मद्रास के निदेशक वी. कामकोटि, पूर्व शिक्षा सचिव अनिता करवाल और लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ अमृत लाल मीणा शामिल हैं। यह टास्क फोर्स NEET-UG पेपर लीक और अन्य परीक्षा अनियमितताओं को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शनों के बाद सरकार की ओर से घोषित कई उपायों में से एक है। इन घटनाक्रमों के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दिया था।

 

214 शिक्षाविदों ने खुले पत्र में क्या कहा?

 

214 शिक्षाविदों द्वारा हस्ताक्षरित खुले पत्र में प्रियंका गांधी की टिप्पणी पर निराशा जताई गई है। पत्र में कहा गया है कि IIT मद्रास के निदेशक प्रोफेसर वी. कामकोटि को ‘गौमूत्र एक्सपर्ट’ बताना, चाहे व्यंग्य के तौर पर कहा गया हो या राजनीतिक बयानबाजी के रूप में, गंभीर सवाल खड़े करता है।

 

पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले शिक्षाविदों ने प्रोफेसर कामकोटि को देश के प्रमुख तकनीकी विशेषज्ञों में से एक बताया है। पत्र में कहा गया कि इतिहास बताता है कि कई ऐसे विचार जिन्हें कभी असंभव माना गया था, बाद में वैज्ञानिक रूप से सही साबित हुए, जबकि कई व्यापक रूप से स्वीकार की गई धारणाओं को बाद में खारिज कर दिया गया।

 

खुले पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में National Informatics Centre (NIC) के पूर्व महानिदेशक डॉ. सीएसआर प्रभु, हैदराबाद विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. अप्पा राव पोडिले, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. शांतिश्री धुलिपुड़ी पंडित, मुंबई विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आरडी कुलकर्णी और IIT धारवाड़ के निदेशक डॉ. वीआर देसाई समेत कई शिक्षाविद शामिल हैं।

 

लोकसभा में प्रियंका गांधी ने क्या कहा था?

लोकसभा में एंटी-पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान प्रियंका गांधी ने परीक्षा सुधार टास्क फोर्स में प्रोफेसर वी. कामकोटि की भूमिका पर सवाल उठाया था। उन्होंने सदन में टास्क फोर्स के सदस्यों का उल्लेख करते हुए कहा था कि इसमें एक पूर्व IB प्रमुख, एक IT कंपनी के मालिक और एक ‘गौमूत्र एक्सपर्ट’ हैं।

 

उनकी इस टिप्पणी के बाद भारतीय जनता पार्टी की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। बीजेपी नेता अनुराग ठाकुर ने प्रियंका गांधी की टिप्पणी पर दुख जताते हुए कहा कि उन्होंने देश के प्रमुख वैज्ञानिकों और प्रोफेसरों में से एक को निशाना बनाया है। ठाकुर ने प्रियंका गांधी की सदन में बोलने की शैली पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि वह गंभीर मुद्दों पर बात करते समय मुस्कुराकर और मासूम चेहरा बनाकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश करती हैं।

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बयान को लेकर राजनीतिक विवाद तेज

प्रियंका गांधी की टिप्पणी के बाद अब 214 शिक्षाविदों के खुले पत्र ने इस मुद्दे को नया मोड़ दे दिया है। शिक्षाविदों ने प्रोफेसर कामकोटि के वैज्ञानिक और तकनीकी योगदान का उल्लेख करते हुए सार्वजनिक बहस में व्यक्तियों के प्रति सम्मानजनक भाषा के इस्तेमाल की आवश्यकता पर जोर दिया है। वहीं, इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। परीक्षा सुधारों और NEET-UG से जुड़े विवाद के बीच टास्क फोर्स में शामिल विशेषज्ञों को लेकर राजनीतिक बहस आगे भी जारी रहने की संभावना है।

PM Modi के खिलाफ अभद्र टिप्पणी मामले में नोएडा में मुकदमा दर्ज, युवती और परिजन फरार, केस दिल्ली ट्रांसफर

cjp jantar mantar protest

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ सार्वजनिक प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में नोएडा के एक्सप्रेसवे थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, यह टिप्पणी 23 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन के दौरान की गई थी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज करने के बाद केस को दिल्ली ट्रांसफर कर दिया है। अब मामले की जांच दिल्ली पुलिस करेगी।

 

शिकायतकर्ता स्मृति सिंह ने पुलिस को बताया कि वह गाजियाबाद के वसुंधरा की रहने वाली हैं और सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता हैं। उनके मुताबिक, 23 जुलाई को उनके संज्ञान में आया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन के दौरान एक युवती ने देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ सार्वजनिक रूप से कथित तौर पर अभद्र और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया।

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शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि युवती की टिप्पणी से संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंची और जानबूझकर लोक शांति भंग करने का प्रयास किया गया।

 

नोएडा की सोसाइटी में रहती है युवती

शिकायतकर्ता के मुताबिक, कथित टिप्पणी करने वाली युवती की पहचान नोएडा के सेक्टर-168 स्थित लोट्स जिंग सोसाइटी निवासी रुचिका सिंह के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, वह मूल रूप से फरीदाबाद के ऊंचागांव की रहने वाली बताई गई है। जानकारी के मुताबिक, युवती ब्यूटी पार्लर संचालित करती है और इसी साल जनवरी में उसने नोएडा में फ्लैट खरीदा था।

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घटना के बाद से युवती और परिजन घर पर नहीं मिले

पुलिस के अनुसार, घटना के बाद से युवती और उसके परिजन कथित तौर पर अपने आवास पर नहीं मिले हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है और मामले से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है।

BNS की इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला

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पुलिस ने बताया कि शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 352, 353(1) और 356(1) के तहत शून्य अपराध संख्या (Zero FIR) दर्ज की गई है। इसके बाद केस को दिल्ली ट्रांसफर कर दिया गया है, क्योंकि कथित घटना दिल्ली के जंतर-मंतर से संबंधित है। अब मामले की आगे की विवेचना दिल्ली पुलिस द्वारा की जाएगी। फिलहाल पुलिस युवती की तलाश के साथ-साथ वायरल वीडियो और शिकायत में लगाए गए आरोपों से जुड़े तथ्यों की भी जांच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।