iPhone 18 Pro की कीमत लीक! मिलेगा 48MP कैमरा और A20 Pro चिप, जानें फीचर्स की पूरी डिटेल

Apple इस साल सितंबर में iPhone 18 Pro को लॉन्च करने की तैयारी में है। इसके साथ कंपनी iPhone 18 Pro Max और अपना पहला फोल्डेबल फोन iPhone Ultra भी पेश कर सकती है। इस फोन को लेकर पिछले काफी समय से इंटरनेट पर कई लीक सामने आ रहे हैं। अब एक नई रिपोर्ट में iPhone 18 Pro और Pro Max की संभावित कीमत का खुलासा हुआ है।

MacRumors की एक रिपोर्ट के अनुसार, GF Securities के एनालिस्ट जेफ पु का कहना है कि iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max की कीमत उनके पिछले मॉडल की तुलना में लगभग 250 डॉलर और 300 डॉलर तक ज्यादा हो सकती है।

अगर इस हिसाब से देखें, तो iPhone 18 Pro भारत में ₹1,58,900 से ₹1,63,900 की कीमत रेंज में आ सकता है। वहीं, iPhone 18 Pro Max भारत में ₹1,73,700 से ₹1,78,900 के बीच मिल सकता है। हालांकि, Apple ने अभी तक आधिकारिक तौर पर कुछ भी कन्फर्म नहीं किया है, इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे फोन की कीमत और अन्य जानकारी पर पूरी तरह भरोसा न करें।

iPhone 18 Pro के स्पेसिफिकेशन्स और कैमरा

Apple iPhone 18 Pro में 6.3-इंच का OLED डिस्प्ले हो सकता है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट के साथ आएगा। फोन में 2nm प्रोसेस पर बना Apple A20 Pro चिपसेट दिया जा सकता है। लीक से पता चलता है कि यह चिपसेट परफॉर्मेंस में 15% तेज होगा और लगभग 30% बेहतर एनर्जी एफिशिएंसी देगा। इसके अलावा, इस हैंडसेट में MagSafe वायरलेस चार्जिंग सपोर्ट के साथ 5100mAh की बैटरी भी मिल सकती है।

रिपोर्ट के मुताबिक, iPhone 18 Pro का डिजाइन शायद इसके पिछले मॉडल जैसा ही होगा। कई अफवाहों से पता चला है कि यह फोन एक नए darker Cherry tone में भी आएगा, जो Cosmic Orange iPhone 17 की लोकप्रियता को दोहराने की कोशिश करेगा।

कैमरे की बात करें तो, Apple iPhone 18 Pro में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप हो सकता है, जिसमें 48MP का प्राइमरी शूटर, 48MP का अल्ट्रा-वाइड-एंगल सेंसर और 48MP का टेलीफोटो सेंसर शामिल होगा। वहीं, इसके फ्रंट में सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए 18MP का कैमरा हो सकता है।

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Apple के शौकीनों को बड़ा झटका! मैकबुक समेत इन प्रोडक्ट्स के बढ़े दाम, कंपनी ने AI को बताया वजह

अमेरिकी टेक्नोलॉजी दिग्गज Apple ने भारत में अपने कई प्रोडक्ट्स की कीमतें बढ़ा दी हैं। इनमें Mac डेस्कटॉप, MacBook, Apple TV और HomePod समेत कई डिवाइस शामिल हैं। Apple का कहना है कि AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की वजह से मेमोरी और स्टोरेज चिप्स की कीमतें दुनिया भर में तेजी से बढ़ी हैं। अब कंपनी बढ़ी लागत का कुछ हिस्सा ग्राहकों से वसूल रही है।

Mac Mini की कीमत में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी

  • सबसे बड़ी बढ़ोतरी Mac Mini M4 (256GB) की कीमत में हुई है। इसकी कीमत ₹59,900 से बढ़कर ₹82,900 हो गई है, यानी करीब 38% का इजाफा।
  • इसके अलावा Mac Mini M4 Pro अब ₹1,99,900 में मिलेगा। पहले इसकी कीमत ₹1,49,900 थी।
  • वहीं MacBook Air M5 की कीमत में ₹29,000 की बढ़ोतरी हुई है। अब यह ₹1,49,900 में मिलेगा।

Apple TV और HomePod भी हुए महंगे

  • Apple ने अपने स्मार्ट होम डिवाइस भी महंगे कर दिए हैं।
  • Apple TV 4K (64GB) की कीमत ₹14,900 से बढ़कर ₹25,900 हो गई है।
  • Apple TV 4K (128GB) अब ₹31,900 का हो गया है। पहले इसकी कीमत ₹16,900 थी।
  • HomePod की कीमत ₹32,900 से बढ़कर ₹44,900 हो गई है।
  • HomePod Mini अब ₹15,900 में मिलेगा, जबकि पहले इसकी कीमत ₹10,900 थी।
  • हाल ही में लॉन्च हुआ MacBook Neo भी ₹69,900 से बढ़कर ₹79,900 का हो गया है।

आखिर कीमतें बढ़ाने की नौबत क्यों आई?

Apple का कहना है कि इस समय पूरी कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री एक बड़ी चुनौती का सामना कर रही है। दरअसल, दुनिया भर में AI डेटा सेंटर तेजी से बन रहे हैं। इन डेटा सेंटरों को बड़ी मात्रा में मेमोरी और स्टोरेज चिप्स की जरूरत पड़ती है। मांग इतनी तेज हो गई है कि इन चिप्स की कीमतें रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई हैं।

कंपनी का कहना है कि उसने अब तक बढ़ी लागत का बोझ ग्राहकों पर नहीं डाला था। लेकिन अब हालात ऐसे हो गए हैं कि कुछ प्रोडक्ट्स की कीमतें बढ़ाना जरूरी हो गया है। Apple ने अपने बयान में कहा, ‘हमें पता है कि यह ग्राहकों के लिए अच्छी खबर नहीं है। लेकिन हम लगातार ऐसे तरीके खोजने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे कीमतों पर दबाव कम किया जा सके।’

Tim Cook पहले ही दे चुके थे संकेत

Apple के निवर्तमान CEO टिम कुक ने हाल ही में The Wall Street Journal को दिए इंटरव्यू में कहा था कि मेमोरी चिप्स की लगातार बढ़ती कीमतों के कारण प्रोडक्ट्स महंगे होना अब लगभग तय है।

उन्होंने कहा था कि Apple अब तक बढ़ी लागत का बोझ खुद उठा रही थी। लेकिन कंपोनेंट्स की कीमतों में जिस रफ्तार से बढ़ोतरी हुई है, उसके बाद ऐसा लंबे समय तक करना मुमकिन नहीं है।

AI की वजह से क्यों बढ़ रही हैं कीमतें?

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि मेमोरी चिप बनाने वाली कंपनियां अब अपने प्रोडक्शन का बड़ा हिस्सा AI डेटा सेंटरों के लिए दे रही हैं। इसकी वजह से लैपटॉप, स्मार्टफोन और दूसरे कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट्स के लिए चिप्स की सप्लाई कम हो गई है।

जब सप्लाई घटती है और मांग बढ़ती है तो कीमतें भी बढ़ने लगती हैं। यही वजह है कि पूरी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री पर लागत का दबाव बढ़ गया है। Deutsche Bank ने इसे ग्राहकों पर पड़ने वाला संभावित ‘मेमोरी इन्फ्लेशन टैक्स’ बताया है। यानी AI की बढ़ती मांग का खर्च आखिरकार ग्राहकों की जेब पर पड़ सकता है।

मेमोरी कंपनियां रिकॉर्ड कमाई कर रही हैं

मेमोरी चिप बनाने वाली कंपनी Micron ने हाल ही में 86% ग्रॉस मार्जिन दर्ज किया है। एक साल पहले यह सिर्फ 15% था। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि मेमोरी चिप्स की कीमतों में कितनी बड़ी तेजी आई है।

वहीं Morgan Stanley ने अपनी ‘Chipflation’ रिपोर्ट में कहा है कि सेमीकंडक्टर की बढ़ती लागत का असर आने वाले समय में लगभग सभी इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स की कीमतों पर दिखाई देगा।

क्या iPhone भी महंगा हो सकता है?

फिलहाल Apple ने भारत या दूसरे देशों में iPhone की कीमत बढ़ाने का ऐलान नहीं किया है।

हालांकि, इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर DRAM और NAND मेमोरी की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं और AI डेटा सेंटरों की मांग ऊंची बनी रही, तो आने वाले समय में iPhone की कीमतें बढ़ने की भी पूरी संभावना है। ऐसे में स्मार्टफोन खरीदने वाले ग्राहकों को भी जल्द महंगे iPhone का सामना करना पड़ सकता है।

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