US-Iran War: ईरान ने अमेरिका को दिया बड़ा झटका! मार गिराया 40 लाख डॉलर की कीमत वाला ये ड्रोन

Iran-US War: पश्चिम एशिया में तनाव फिर बढ़ गया है। कुछ दिनों से शांत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फिर से हाहाकार मच गया है। ईरान और अमेरिका में एक बार फिर तन गई है। अमेरिका ने सोमवार रात को फिर से ईरान पर सैन्य कार्रवाई की। वहीं अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने भी बड़ा एक्शन लिया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) ने सोमवार को दावा किया कि उसने होर्मुज स्ट्रेट के ऊपर उड़ रहे अमेरिका के एमक्यू-1 ड्रोन को मार गिराया है।

ईरान ने अमेरिका को दिया बड़ा झटका 

ईरान के सरकारी टीवी नेटवर्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, “कुछ मिनट पहले ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट के ऊपर एक अमेरिकी एमक्यू-1 ड्रोन को मार गिराया है।” ईरान के कई सरकारी मीडिया संस्थानों ने भी इस खबर की जानकारी दी है। हालांकि, इस घटना से जुड़ी ज्यादा जानकारी अभी सामने नहीं आई है। वहीं, अमेरिका की सेना और व्हाइट हाउस की ओर से भी इस दावे पर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

होर्मुज में लगातार बढ़ रहा है तनाव

अमेरिकी ड्रोन गिराए जाने का यह दावा ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिका ने लगातार तीसरी रात ईरान के ठिकानों पर हमला किया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, इन हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य ताकत को कमजोर करना और होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों के लिए पैदा हो रहे खतरे को कम करना है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी दोबारा लागू करने का ऐलान किया है, जो मंगलवार से शुरू होगी। इसके अलावा, उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर 20 प्रतिशत फीस लगाने का प्लान बना रही है। इन फैसलों के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। इसका असर दुनिया भर के तेल बाजार पर भी पड़ा है और कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है।

ईरानी हमले में एक भारतीय की मौत

होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने मंगलवार को बताया कि ओमान के समुद्री क्षेत्र के पास ईरानी क्रूज़ मिसाइलों के हमले में यूएई के दो टैंकर क्षतिग्रस्त हो गए। इस हमले में एक भारतीय चालक दल (क्रू) के सदस्य की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य लोग घायल हुए हैं। वहीं, एमक्यू-1 प्रीडेटर अमेरिका का एक मानवरहित विमान (ड्रोन) है। इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से खुफिया जानकारी जुटाने, निगरानी करने और सैन्य गतिविधियों पर नजर रखने के लिए किया जाता है। यह एजीएम-114 हेलफायर मिसाइलें दागने में भी सक्षम है। एक एमक्यू-1 ड्रोन की कीमत करीब 40 लाख डॉलर (लगभग 4 मिलियन डॉलर) बताई जाती है, जबकि इसके पूरे ऑपरेशनल सिस्टम की लागत करीब 2 करोड़ डॉलर (लगभग 20 मिलियन डॉलर) होती है।

Asian Market Today: एशिया बाजारों में गिरावट, नैस्डैक 1.55% फिसला, यूएस बॉन्ड यील्ड बढ़ी

Asian Market Today: US-ईरान युद्ध के बीच तेल की बढ़ती कीमतों से सेंटिमेंट पर असर पड़ने से मंगलवार को एशियाई बाज़ारों में गिरावट के साथ कारोबार हुआ। नैस्डैक 1.5 फीसदी से ज्यादा फिसला, डाओ और S&P में भी दबाव दिखा। जापान का निक्केई 225 0.58% गिरा, जबकि टॉपिक्स 0.30% बढ़ा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.46% और हांगकांग के हैंग सेंग इंडेक्स 1.11 फीसदी की गिरावट के साथ ट्रेड करता नजर आया। ताइवान का बाजार 2.24 फीसदी  गिरकर 44,338.19 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। जबकि  शंघाई कम्पोजिट 0.07 फीसदी की बढ़त के साथ फ्लैट कामकाज कर रहा है।

गिफ्ट निफ्टी 24,050 के लेवल के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले क्लोज से लगभग 168 पॉइंट्स का डिस्काउंट था, जो भारतीय स्टॉक मार्केट इंडेक्स के लिए नेगेटिव शुरुआत का संकेत देता है।

वॉल स्ट्रीट

US स्टॉक मार्केट सोमवार को नीचे बंद हुआ क्योंकि मिडिल ईस्ट युद्ध के हालिया बढ़ने से तेल की कीमतें बढ़ गईं और रिस्क लेने की क्षमता कम हो गई।

डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 138.31 पॉइंट्स या 0.26% गिरकर 52,498.70 पर आ गया, जबकि S&P 500 59.92 पॉइंट्स या 0.79% गिरकर 7,515.47 पर आ गया। नैस्डैक कंपोजिट 408.43 पॉइंट्स या 1.55% गिरकर 25,873.18 पर बंद हुआ।

एनवीडिया के शेयर की कीमत 3.52% गिरी, AMD के शेयर 4.21% गिरे, ब्रॉडकॉम के शेयर 3.98% गिरे, इंटेल के शेयर 6.12% फिसले, माइक्रोन टेक्नोलॉजी के शेयर 4.32% गिरे, माइक्रोसॉफ्ट के शेयर 1.53% बढ़े, मेटा के शेयर 1.86% गिरे, अल्फाबेट के शेयर 1.23% गिरे, टेस्ला के शेयर 3.19% टूटे, और स्पेसएक्स के शेयर 4.24% फिसले।

US-ईरान युद्ध

US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने ऑफिशियली सांसदों को बताया है कि देश एक बार फिर ईरान के साथ युद्ध में है, और अपने एडमिनिस्ट्रेशन को कांग्रेस की मंज़ूरी के बिना इस इलाके में मिलिट्री इस्तेमाल करने के लिए 60 दिन का समय दिया है। इस बीच, यमन में ईरान सपोर्टेड हूथियों ने कहा कि उन्होंने सऊदी अरब के आभा एयरपोर्ट को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।

बॉन्ड यील्ड

US ट्रेजरी यील्ड रातों-रात तेज़ी से बढ़ी क्योंकि तेल की बढ़ती कीमतों ने US-ईरान के बीच नए तनाव के बाद इन्फ्लेशन की आशंका बढ़ा दी। बेंचमार्क US 10-साल के ट्रेजरी नोट पर यील्ड 4.9 bps बढ़कर 4.618% हो गई, जबकि 30-साल के बॉन्ड पर यील्ड 3.3 bps बढ़कर 5.104% हो गई। दो-साल के US ट्रेजरी यील्ड 6.5 bps बढ़कर 4.273% हो गई।

बेंचमार्क जापानी सरकारी बॉन्ड (JGB) की यील्ड दूसरे दिन भी बढ़ी। 10-साल के JGB की यील्ड 1 bp बढ़कर 2.795% हो गई। दो-साल की यील्ड और पांच-साल की यील्ड दोनों स्थिर रहीं।

कच्चे तेल की कीमतें

US-ईरान युद्ध में नए सिरे से बढ़ोतरी के बाद होर्मुज स्ट्रेट से एनर्जी फ्लो को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के बीच कच्चे तेल की कीमतें 2% बढ़कर चार हफ्तों में अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गईं। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 2% बढ़कर $84.98 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 2.1% बढ़कर $79.79 प्रति बैरल हो गया। पिछले सेशन में ब्रेंट क्रूड 9.6% बढ़ा, जो मई 2020 के बाद से इसकी सबसे बड़ी डेली बढ़त है।

आज सोने का रेट

महंगाई को कंट्रोल करने के लिए इंटरेस्ट रेट बढ़ने की बढ़ती संभावना के कारण सोने की कीमतों में गिरावट जारी रही। स्पॉट गोल्ड की कीमतें 0.1% गिरकर $3,996.63 प्रति औंस हो गईं, जबकि चांदी की कीमत 0.3% गिरकर $57.50 प्रति औंस हो गई।

डॉलर

US महंगाई के डेटा से पहले डॉलर स्थिर हुआ। डॉलर इंडेक्स, जो येन और यूरो सहित कई करेंसी के मुकाबले डॉलर को मापता है, 101.27 पर फ्लैट था। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, यूरो डॉलर के मुकाबले $1.1383 पर और स्टर्लिंग $1.3347 पर ट्रेड कर रहा था। जापानी येन डॉलर के मुकाबले लगभग फ्लैट 162.40 प्रति डॉलर पर था।

Crude Oil Price Surge: ट्रंप के बयान ने फिर लगाई क्रूड में आग, कल के निचले स्तर से 10% उछला भाव, $85 के करीब पहुंचा

Global Market Today: वेस्ट एशिया तनाव से बिगड़ा ग्लोबल बाजार का मूड़, एशिया में दबाव, कोस्पी 5% से ज्यादा टूटा, निक्केई भी 2% नीचे

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

होर्मुज में टैंकर पर हमले में एक भारतीय की मौत:अमेरिका ने लगातार तीसरी रात ईरान पर हमले किए; ईरानी बंदरगाहों की फिर नाकेबंदी करेगा

होर्मुज स्ट्रेट में हालिया हमलों में एक भारतीय क्रू मेंबर की मौत हो गई है। UAE के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक होर्मुज में ओमान के समुद्री क्षेत्र के पास उसके दो तेल टैंकरों पर ईरान की दो क्रूज मिसाइलों से हमला किया गया है। मोंबासा और अल बहिया नाम के टैंकरों पर हुए इस हमले में 8 लोग भी घायल हुए हैं। वहीं, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि सोमवार को ईरान पर लगातार तीसरी रात हवाई हमले किए गए। इन हमलों का उद्देश्य ईरानी सैन्य क्षमताओं को भारी नुकसान पहुंचाना और होर्मुज स्ट्रेट में आम नागरिकों और कॉमर्शियल जहाजों पर हमले करने की उसकी क्षमता को कमजोर करना है। साथ ही, CENTCOM ने कहा है कि मंगलवार से अमेरिकी नौसेना ईरानी बंदरगाहों में आने-जाने वाले समुद्री यातायात की नाकाबंदी फिर शुरू करेगा। जो जहाज इस नाकाबंदी का उल्लंघन नहीं करेंगे, उनके लिए क्षेत्रीय समुद्री मार्गों पर आवाजाही जारी रहेगी। CENTCOM ने अमेरिकी नाकेबंदी का यह फाइल फुटेज भी जारी किया… पिछले 24 घंटे के 4 बड़े अपडेट्स: ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

अमेरिका बन गया होर्मुज का चौधरी? ट्रंप के एक ऐलान ने ईरान नहीं पूरी दुनिया की बढ़ा दी टेंशन, पेट्रोल-गैस के लिए फिर मच जाएगा कोहराम!

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को एक ऐसा ऐलान किया, जिसकी गूंज खाड़ी देशों से लेकर भारत के हर उस घर तक पहुंचेगी, जहां रसोई गैस सिलेंडर जलता है।ट्रंप ने खुद को “होर्मुज स्ट्रेट का गार्जियन” घोषित करते हुए कहा कि अब इस जलमार्ग से गुजरने वाले हर कमर्शियल कार्गो और तेल टै

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‘हम होर्मुज स्ट्रेट पर कब्जा करने जा रहे हैं’, ईरान पर तबाही बरसाने के बाद डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा; बोले- फीस भी लेंगे

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि अमेरिका रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज स्ट्रेट का ऑपरेशनल कंट्रोल अपने हाथ में लेने की दिशा में बढ़ रहा है।एक फोन इंटरव्यू के दौरान, ट्रंप ने ग्लोबल ऑयल शिपिंग रूट को सुरक्षित करने के लिए वहां अमेरिकी मौजूदगी बनाए रखने और उसके लिए फीस लेने

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US-Iran War: अमेरिका-ईरान जंग के बीच रूस ने क्यों भेजा ‘तबाही वाला प्लेन’? जानिए इसके पीछे की बड़ी वजह

अमेरिका और ईरान के बीच हुआ सीजफायर ज्यादा समय तक नहीं टिक सका। एक बार फिर दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है और लगातार सैन्य हमले किए जा रहे हैं। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि पूरे पश्चिम एशिया में संघर्ष और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। इसी बीच रूस की गतिविधियों ने भी दुनिया का ध्यान खींचा है। रूस ने अपना स्पेशल कमांड प्लेन ईरान भेजा है।

रूस ने भेजा ये खतरनाक विमान

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, रूस ने अपना स्पेशल कमांड प्लेन टीयू-214पीयू (Tu-214PU) ईरान की सीमा के पास भेजा है। यह विमान किसी भी बड़े संकट या युद्ध जैसी स्थिति में सरकार के शीर्ष नेतृत्व के लिए कमांड और नियंत्रण केंद्र के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। टीयू-214पीयू को अक्सर अमेरिका के उन स्पेशल प्लेन जैसा माना जाता है, जिनका इस्तेमाल आपातकालीन हालात में सरकार और सेना के संचालन के लिए किया जाता है। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका, ईरान और इजराइल के बीच जारी तनाव के दौरान यह विमान तेहरान पहुंचा।

रिपोर्ट के मुताबिक, जून में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीजफायर के ऐलान के बाद भी अमेरिका ने ईरान से जुड़े कुछ ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई जारी रखी। वहीं, होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर हुए हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव एक बार फिर बढ़ गया। बताया जा रहा है कि युद्धविराम ज्यादा समय तक नहीं टिक सका और पिछले सप्ताह इस अहम समुद्री मार्ग पर हुए हमलों के बाद हालात फिर बिगड़ गए। रक्षा मामलों के जानकारों का मानना है कि रूसी कमांड विमान की यह तैनाती रूस और ईरान के बीच मजबूत रणनीतिक संबंधों का संकेत है। उनके अनुसार, ईरान में इस विमान की मौजूदगी दिखाती है कि क्षेत्र में तनावपूर्ण हालात के बावजूद दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग जारी है।

Tu-214PU की खासियतें

टीयू-214पीयू (Tu-214PU) रूस के टुपोलेव Tu-214 यात्री विमान का विशेष सैन्य और कमांड संस्करण है। इसे अनौपचारिक तौर पर “डूम्सडे प्लेन” यानी संकट या युद्ध जैसी आपात स्थिति में इस्तेमाल होने वाला विमान भी कहा जाता है। यह विमान रूस के राष्ट्रपति और देश के शीर्ष अधिकारियों के लिए तैयार किया गया है। इसमें अत्याधुनिक संचार (कम्युनिकेशन) और कमांड सिस्टम लगाए गए हैं, जिनकी मदद से बड़े अधिकारी हवा में रहते हुए भी सरकारी और सैन्य कामकाज का संचालन कर सकते हैं।

इस विमान के नाम में “पीयू (PU)” का मतलब रूसी भाषा में उड़ता हुआ कमांड पोस्ट होता है। दिखने में यह सामान्य यात्री विमान जैसा लगता है, लेकिन इसके अंदर पूरी तरह अलग और सुरक्षित कमांड सेंटर बनाया गया है। इसमें आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम और विशेष उपकरण लगाए गए हैं, जिससे किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षित तरीके से कमांड और नियंत्रण किया जा सके।

आसमान में उड़ता कमांड सेंटर

इस विमान को रूस के शीर्ष नेतृत्व के लिए एक चलता-फिरता कमांड सेंटर बनाया गया है। इसमें ऐसे आधुनिक रेडियो और कम्युनिकेशन सिस्टम लगे हैं, जिनकी मदद से राष्ट्रपति और वरिष्ठ अधिकारी यात्रा के दौरान भी सरकारी और सैन्य कामकाज संभाल सकते हैं। रिपोर्टों के अनुसार, इस विमान की अधिकतम क्रूज़िंग स्पीड करीब 850 किलोमीटर प्रति घंटा है। इसकी उड़ान क्षमता लगभग 6,500 किलोमीटर तक बताई जाती है, जिससे यह बिना रुके लंबी दूरी तय कर सकता है। इसी वजह से इसे दुनिया के दूसरे वीआईपी कमांड विमानों की श्रेणी में रखा जाता है। इसका एक और उन्नत सैन्य संस्करण Tu-214PU-SBUS भी है, जिसमें और बेहतर तथा सुरक्षित संचार प्रणाली लगी होने की बात कही जाती है।

पश्चिम एशिया में फिर बढ़ा तनाव

रूस के इस विशेष विमान के पहुंचने के बीच पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने सोमवार, 13 जुलाई को दावा किया कि उसने कुवैत में मौजूद अली अल-सलेम एयर बेस पर ईंधन भंडारण टैंक और पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया। इसके अलावा अहमद अल-जाबेर एयर बेस पर लगे एक रडार सिस्टम पर भी हमला करने का दावा किया गया। कुवैत को अमेरिका का करीबी सहयोगी देश माना जाता है।

अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, आईआरजीसी ने कहा कि ये हमले अमेरिका के खिलाफ चलाए जा रहे उसके “आंख के बदले आंख” अभियान के तीसरे चरण का हिस्सा हैं। ईरान का कहना है कि यह कार्रवाई अमेरिका की पिछली सैन्य कार्रवाई के जवाब में की गई है। साथ ही उसने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर आगे भी ऐसे अभियान जारी रह सकते हैं।

Stock Market Today: Bull या Bear बाजार पर आज किसकी होगी पकड़, जानें Gift Nifty से क्या मिल रहा संकेत

Stock Market Today: हफ्ते के पहले दिन सोमवार 13 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स-निफ्टी के गिरावट के साथ खुलने की संभावना है। GIFT निफ्टी लगभग 208.50 पॉइंट्स की गिरावट के साथ 24,024 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है जो बड़े गैप -डाउन के संकेत दे रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच फिर से मिलिट्री तनाव बढ़ने से ग्लोबल एनर्जी सप्लाई को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ गई हैं, जिससे कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ गई हैं और ग्लोबल मार्केट में रिस्क लेने की क्षमता कम हो गई है।

गिफ्ट निफ्टी लाइव चार्ट क्या संकेत देता है?

गिफ्ट निफ्टी सुबह करीब 8.20 बजे 24,024 पर ट्रेड कर रहा था, जो 210.50 पॉइंट्स या 0.88 प्रतिशत नीचे था, जिससे संकेत मिलता है कि निफ्टी 50 शुक्रवार के 24,206.90 के बंद होने से काफी नीचे खुल सकता है। यह कमज़ोर संकेत तब आया है जब पिछले हफ़्ते भारतीय इक्विटीज मजबूती के साथ बंद हुए थे। सेंसेक्स 827.6 पॉइंट्स या 1.08 प्रतिशत बढ़कर 77,569.4 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 244.1 पॉइंट्स या 1.02 प्रतिशत चढ़कर 24,206.9 पर पहुंच गया।

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि भारतीय इक्विटी मार्केट सावधानी से खुलने की उम्मीद है क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच नए मिलिट्री हमलों के बाद जियोपॉलिटिकल टेंशन फिर से बढ़ गई है, जिससे ग्लोबल एनर्जी सप्लाई को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं और फाइनेंशियल मार्केट में रिस्क से बचने की सोच बढ़ गई है। इस बढ़ोतरी से कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ी से उछाल आया है, जिससे कुल मिलाकर इन्वेस्टर सेंटिमेंट पर असर पड़ा है। गिफ्ट निफ्टी अभी 24,100 के आसपास ट्रेड कर रहा है, जो शुक्रवार के निफ्टी क्लोजिंग 24,206.90 से नीचे है, जो घरेलू इक्विटी के लिए गैप-डाउन शुरुआत का संकेत देता है।

निफ्टी के लिए क्या लेवल होंगे अहम

आज निफ्टी 50 के आउटलुक पर बात करते हुए, रेलिगेयर ब्रोकिंग के रिसर्च के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, अजीत मिश्रा ने कहा कि निफ्टी 50 ने 23,800 सपोर्ट ज़ोन को बचाने के बाद तेजी से वापसी की है और एक बार फिर 24150 के आसपास 100 DEMA मार्क को वापस पा लिया है, जो निचले लेवल पर खरीदारी में नई दिलचस्पी का संकेत देता है। 24,150 जोन से ऊपर लगातार मूव करने से 24,400–24,600 रीजन की ओर बढ़ने का रास्ता बन सकता है। नीचे की तरफ, 24,000 मार्क से तुरंत सपोर्ट मिलने की उम्मीद है, इसके बाद 23,800 ज़ोन मिलेगा।

58,200–58,300 के ऊपर बैंक निफ्टी देगा मजबूती

आज बैंक निफ्टी के आउटलुक पर, एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का मानना ​​है कि 58,000 के साइकोलॉजिकल लेवल को वापस पाने के बाद बैंक निफ्टी एक कंस्ट्रक्टिव टेक्निकल स्ट्रक्चर दिखाना जारी रखेगा। टेक्निकल नजरिए से, 58,200–58,300 ज़ोन अभी भी तुरंत रेजिस्टेंस बना हुआ है। इस रीजन से ऊपर लगातार मूव करने से बुलिश मोमेंटम मजबूत होगा और रिकवरी 58,600–58,700 ज़ोन की ओर बढ़ सकती है, इसके बाद 59,000 का साइकोलॉजिकल मार्क मिलेगा।

नीचे की तरफ, 58,000 लेवल से तुरंत सपोर्ट मिलने की उम्मीद है, इसके बाद 57,800–57,700 जोन मिलेगा। मौजूदा रिकवरी स्ट्रक्चर को बनाए रखने के लिए इन लेवल से ऊपर बने रहना जरूरी होगा। हालांकि, 57,700 से नीचे एक बड़ा ब्रेक प्रॉफिट बुकिंग को ट्रिगर कर सकता है और इंडेक्स को 57,500–57,300 सपोर्ट रीजन की ओर खींच सकता है।

मिडिल ईस्ट में तनाव फिर से बढ़ने से क्रूड ऑयल में उछाल

वीकेंड में यूनाइटेड स्टेट्स और ईरान के बीच नए दुश्मनी के बाद इन्वेस्टर्स का सेंटिमेंट तेज़ी से सतर्क हो गया, जिससे पिछले महीने हुए नाजुक शांति समझौते को खतरा पैदा हो गया। ईरान ने कहा कि उसने US सेना के साथ भारी मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद होर्मुज स्ट्रेट को फिर से बंद कर दिया है, जिससे दुनिया के सबसे ज़रूरी ऑयल शिपिंग रूट्स में से एक में संभावित रुकावटों को लेकर चिंता बढ़ गई है, जिसके ज़रिए ग्लोबल पेट्रोलियम का लगभग पांचवां हिस्सा…

ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 4 परसेंट से ज़्यादा बढ़कर लगभग $79 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड $74 प्रति बैरल से ऊपर चढ़ गया, जिससे महंगाई और ग्लोबल इंटरेस्ट-रेट आउटलुक को लेकर चिंताएँ फिर से बढ़ गईं।

रिस्क लेने की क्षमता कम होने से एशियाई मार्केट में गिरावट

सोमवार को एशियाई इक्विटी में गिरावट आई क्योंकि क्रूड की कीमतों में उछाल और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता के नए दौर ने इन्वेस्टर्स को रिस्क एसेट्स में अपना एक्सपोजर कम करने के लिए मजबूर किया। जापान का निक्केई 1.6 परसेंट गिरा, जबकि जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स 0.9 परसेंट गिरा।

US इक्विटी फ्यूचर्स भी कमजोर हुए, S&P 500 फ्यूचर्स 0.4 परसेंट और नैस्डैक फ्यूचर्स 0.9 परसेंट नीचे गिरे। यूरोपियन फ्यूचर्स ने नरम ओपनिंग का संकेत दिया, जिसमें यूरो स्टॉक्स 50 और DAX फ्यूचर्स दोनों 0.6 परसेंट नीचे थे।

 

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Crude Oil Price: अमेरिका-ईरान के बीच फिर बढ़ा तनाव, ब्रेंट क्रूड 4% बढ़कर $79 प्रति बैरल के पार

Crude Oil Price: आज हफ्ते के पहले दिन सोमवार 13 जुलाई को कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार उछाल देखने को मिला है। क्रूड की कीमतें 4% बढ़कर $79 प्रति बैरल के पार निकल गई है। क्रूड ऑयल में यह तेजी स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर कंट्रोल को लेकर पश्चिम एशिया में एक फिर तनाव बढ़ने के बाद देखने को मिली है।

बता दें कि साइप्रस के कमर्शियल जहाज पर हमले के बाद अमेरिका फिर भड़का। ईरान के करीब 140 ठिकानों पर अटैक किया। इधर ईरान ने भी खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर हमला किया है। ईरान ने हॉर्मुज को बंद करने का एलान किया। वहीं ट्रंप का दावा अभी भी स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज खुला है।

ब्रेंट क्रूड अब सितंबर में एक्सपायर होने वाले कॉन्ट्रैक्ट के लिए $79 प्रति बैरल के निशान से ऊपर ट्रेड कर रहा है। 4% से ज़्यादा की बढ़त तब हुई जब पिछले हफ्ते कॉन्ट्रैक्ट में 5.5% की बढ़त हुई थी, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) या US क्रूड वेरिएंट भी $74 प्रति बैरल के निशान से ऊपर ट्रेड कर रहा था। वीकेंड ब्रेक के बाद यूरोपियन नेचुरल गैस फ्यूचर्स में भी 2.5% की बढ़त हुई।

होर्मुज स्ट्रेट खुला है या बंद?

हालांकि ईरान ने घोषणा की है कि स्ट्रेट, जो एक मुख्य जलमार्ग है, जो ग्लोबल एनर्जी सप्लाई का 20% कंट्रोल करता है, “अगली सूचना तक” बंद रहेगा, US सेंट्रल कमांड ने इस तरह के दावे से इनकार किया है, और कहा है कि सेना नेविगेशन की आज़ादी सुनिश्चित करने के लिए तैयार है।

सेंट्रल कमांड ने “X” पर लिखा, “होर्मुज स्ट्रेट उन सभी जहाजों के लिए खुला है जो कानूनी तौर पर इंटरनेशनल वॉटरवे से गुज़रना चाहते हैं।”

US सेंट्रल कमांड ने यह भी कहा कि उसने स्ट्रेट में कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों के लिए ईरान को ज़िम्मेदार ठहराने के लिए रविवार को शाम 5 PM ईस्टर्न टाइम पर हमलों का एक नया दौर शुरू किया है।

ईरान युद्ध के दौरान हुए सारे फ़ायदे गंवाने के बाद, कच्चे तेल की कीमतें फिर से बढ़ रही हैं। पिछले महीने फ्रांस में G7 समिट के दौरान US और ईरान दोनों ने एक MoU पर साइन किए थे। इसमें युद्ध खत्म करने और स्ट्रेट से कमर्शियल जहाजों का सुरक्षित रास्ता पक्का करने के पॉइंट शामिल थे।

हाल ही में हुए हमलों से पहले, शुक्रवार को इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के बयान के मुताबिक, इस हालिया भड़कने से इस साल के आखिर में खत्म हुए तेल के भंडार को फिर से बनाने की कोशिशों पर असर पड़ने का खतरा है।

जॉइंट मैरीटाइम इन्फॉर्मेशन सेंटर के मुताबिक, रविवार को स्ट्रेट से लगभग कोई ट्रैफिक नहीं था, सिर्फ़ दो तेल प्रोडक्ट टैंकर चोकपॉइंट के पास आते देखे गए। हालांकि, JMIC ने आगे कहा कि ओमान द्वारा कोऑर्डिनेट किया गया दक्षिणी रूट अभी भी उपलब्ध है।

ईरान के पार्लियामेंट स्पीकर और टॉप नेगोशिएटर मोहम्मद बाघेर ग़ालिबफ़ ने ऐलान किया है कि “एकतरफ़ा डील” का ज़माना खत्म हो गया है, और ज़ोर देकर कहा है कि बातचीत फिर से शुरू होने से पहले वॉशिंगटन को होर्मुज़ ट्रांज़िट पर पहले किए गए कमिटमेंट को प्राथमिकता देनी चाहिए और ईरान से तेल एक्सपोर्ट को नॉर्मल करना चाहिए।

भारत ने जून में रूस से खरीदा रिकॉर्ड 4.5 अरब यूरो का कच्चा तेल, बना हुआ है फॉसिल फ्यूल का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार

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अमेरिका ने ईरान में 140 ठिकानों पर हमले किए:ईरान बोला- होर्मुज दर्जनों परमाणु बमों से भी ज्यादा अहम, हर हाल में इसकी हिफाजत करेंगे

अमेरिका ने रविवार को ईरान में 140 ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक सेंटकॉम के मुताबिक हमलों की इस तीसरी कड़ी में ईरान को काफी नुकसान हुआ है। ये हमले किश्म, सीरिक, बंदर अब्बास, जास्क, बुशेहर, खोंदाब, बंदर महशहर, बेहबहान, अंदीमेश्क, देजफुल, अहवाज, अबादान और खुर्रमशहर जैसे इलाकों में किए गए। वहीं, ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई के सलाहकार मोहसिन रेजाई ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट ईरान के लिए दर्जनों परमाणु बमों से भी ज्यादा अहम है। ISNA न्यूज एजेंसी के मुताबिक, रेजाई ने कहा कि ईरान होर्मुज की हर हाल में रक्षा करेगा। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स 1. ओमान के पास जहाज पर हमला,1 भारतीय लापता: ‘GFS गैलेक्सी’ जहाज पर हुए हमले में 11 भारतीय सवार थे। 10 को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि एक भारतीय अब भी लापता है। भारत ने हमले की निंदा करते हुए नागरिक जहाजों पर हमले तुरंत रोकने की अपील की। 2. अमेरिका बोला- ईरान के 300 ठिकानों पर हमला किया: अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक अमेरिका ने इस सप्ताह 3 दिनों में ईरान के 300 से ज्यादा सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। 3. लेबनान पर इजराइल ने फिर हमले किए: इजराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान के नबातियेह जिले के कफर तेबनित कस्बे पर गोलीबारी की। फिलहाल इन हमलों में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। 4. कुवैत के सीमा चौकियों को नुकसान: कुवैत की सेना ने रविवार को बताया कि हाल के हमलों में देश के उत्तरी हिस्से में स्थित तीन सीमा चौकियों को नुकसान पहुंचा है। 5. खुजेस्तान में वाटर प्रोजेक्ट पर हमला: ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, दक्षिणी ईरान के महशहर शहर में एक वाटर प्रोजेक्ट पर प्रोजेक्टाइल गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए। मिडिल ईस्ट के हालात से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

Nifty Outlook: 13 जुलाई को कैसी रहेगी निफ्टी की चाल, किन लेवल्स पर रहेगी नजर? जानिए एक्सपर्ट्स से

Nifty Outlook: पिछला कारोबारी हफ्ता उतार-चढ़ाव भरा रहा, लेकिन आखिर में निफ्टी 50 ने शानदार वापसी की। बुधवार की तेज गिरावट के बाद शुक्रवार को खरीदार फिर लौटे और बाजार मजबूती के साथ बंद हुआ।

शुक्रवार को निफ्टी 244 अंक चढ़कर 24,206 पर बंद हुआ। इंडेक्स 162 अंकों की बढ़त के साथ खुला और पूरे सत्र में बढ़त बनाए रखी। दिन के ऊपरी स्तर के करीब बंद होने से बाजार में फिर से खरीदारी लौटने के संकेत मिले।

किन शेयरों में हलचल दिखी

निफ्टी 50 में Jio Financial Services, HDFC Life Insurance और Adani Enterprises सबसे ज्यादा चढ़ने वाले शेयर रहे। वहीं Dr. Reddy’s Laboratories, Eternal और Bharti Airtel सबसे ज्यादा गिरने वालों में शामिल रहे।

रियल्टी, PSU बैंक और आईटी सेक्टर ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। वहीं FMCG इकलौता प्रमुख सेक्टर रहा, जो मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ।

मिडकैप और स्मॉलकैप में रही तेजी

ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन बड़े शेयरों से बेहतर रहा। Nifty Midcap 100 1.4% चढ़कर रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। वहीं Nifty Smallcap 100 1.55% की बढ़त के साथ नए 52 हफ्ते के उच्च स्तर पर बंद हुआ। इससे साफ है कि निवेशकों की दिलचस्पी सिर्फ लार्जकैप तक सीमित नहीं है।

इस हफ्ते किन बातों पर रहेगी नजर?

अमेरिका ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई की है। ईरान ने फिर से होर्मुज स्ट्रेट बंद करने का दावा किया है। इससे वैश्विक बाजारों में तनाव बढ़ सकता है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आता है, तो उसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिल सकता है।

निफ्टी पर एक्सपर्ट्स की राय

नागराज शेट्टी (HDFC Securities) : शेट्टी का मानना है कि उतार-चढ़ाव के बावजूद निफ्टी का शॉर्ट टर्म ट्रेंड अब भी सकारात्मक है। उनके मुताबिक आने वाले दिनों में निफ्टी 24,500 से 24,600 के स्तर तक जा सकता है। वहीं 24,000 का स्तर मजबूत सपोर्ट बना हुआ है।

रूपक डे (LKP Securities) : रूपक डे के अनुसार बाजार में तेजी का रुख अभी कायम है। उनके मुताबिक 24,500 पर पहला बड़ा रेजिस्टेंस है, जबकि 24,000 का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट रहेगा।

हितेश राठी (Angel One) : हितेश राठी के मुताबिक 24,000 से 23,930 का दायरा पहला सपोर्ट जोन है। इसके नीचे 23,850 से 23,800 का स्तर मजबूत सहारा देगा। वहीं ऊपर की ओर 24,280 से 24,320 पहला रेजिस्टेंस है। इसके बाद 24,480 से 24,540 का स्तर अहम रहेगा।

नंदीश शाह (HDFC Securities) : शाह का कहना है कि पूरे हफ्ते निफ्टी अपने 50-डे सिंपल मूविंग एवरेज यानी 23,829 के ऊपर बना रहा। यह निचले स्तरों पर लगातार खरीदारी का संकेत है। उनके मुताबिक 23,805 का स्तर अहम सपोर्ट और 24,530 का स्तर बड़ा रेजिस्टेंस रहेगा।

Bank Nifty Outlook

बैंक निफ्टी ने भी हफ्ते का अंत मजबूती के साथ किया। इंडेक्स गैप-अप खुला और दिन के दूसरे हिस्से में खरीदारी बढ़ने से 1.39% की तेजी के साथ 58,046 पर बंद हुआ।

SBI Securities के सुदीप शाह के मुताबिक बैंक निफ्टी के लिए 58,500 से 58,600 का दायरा पहला बड़ा रेजिस्टेंस है। अगर इंडेक्स इसके ऊपर टिकता है तो 59,000 और फिर 59,500 तक जाने की संभावना बन सकती है। वहीं नीचे की ओर 57,600 से 57,500 का दायरा अहम सपोर्ट रहेगा।

Stocks to Watch: सोमवार 13 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 16 स्टॉक्स, दिख सकती है बड़ी हलचल

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