Honda UC3 patented in India

Honda UC3 patented in India
Honda UC3 patented in India

While Honda unveiled the QC3 for our market, the Japanese marque has also patented a ‘UC3’ in our country. It is a more spacious, cruiser-esque electric scooter that also debuts an LFP chemistry battery for the overseas market.

  1. Honda UC3 debuts an LFP battery overseas
  2. It has a peak output of 6kW and a top-speed of 120kph
  3. Runs on 12-inch wheels at both ends

Honda UC3: What to expect?

Honda unveiled the QC3 for our market. 

The biggest headlining point of the UC3 is the battery chemistry that it packs in. While the QC1 and Activa E: come with an Li-ion NMC (Nickel Manganese Cobalt) chemistry battery, the UC3 debuts a Li-ion LFP (Lithium Iron Phosphate) chemistry battery. Honda claims a maximum range of 122km per charge. It has a claimed 20-80 percent charging time of 5 hours using the slower 450W charger and 2 hours using the faster 1200W charger.

It produces a peak output of 6kW and has a top-speed of 120kph. It rides on 12-inch wheels at both ends. It comes with svelte bodywork with flowing lines. Underneath the seemingly spacious seat is a 26 litre storage capacity.

It comes with three riding modes – Standard, Sport and Econ – to suit riding conditions, along with a reverse mode that can be configured via the 5-inch TFT dash. It has a kerb weight of 129kg and a seat height of 779mm. 

It comes with two colours – black and white – with rose gold accents for the black colour. A colourway similar to the brand’s first electric motorcycle – The WN7 – that was unveiled overseas. 

Is the UC3 coming to India

A patent filing from Honda does not directly point to an imminent launch, as this could simply be an IPR (Intellectual Property Rights) safeguard, something the brand routinely exercises. 

Gold Silver Prices Today: सोने में लगातार चौथे सत्र गिरावट, चांदी की कीमतों में बदलाव नहीं

दिल्ली सर्राफा बाजार में 31 अगस्त को सोने में लगातार चौथे सत्र गिरावट देखने को मिली। यह 1,500 रुपये गिरकर 1,60,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में गिरावट का असर घरेलू बाजार में इसकी कीमतों पर पड़ा। चांदी की कीमतों में बदलाव नहीं हुआ।

बीते हफ्तों में अच्छी तेजी के बाद मुनाफावसूली

ट्रेडर्स ने बताया कि बीते कुछ हफ्तों में सोने की कीमतों में अच्छी तेजी दिखी थी। अब लगातार मुनाफावसूली हो रही है, जिसका असर कीमतों पर पड़ रहा है। ट्रेडर्स सोने में इस लिए भी पोजीशन घटा रहे हैं, क्योंकि सोने में तेजी का ट्रेंड लंबे समय तक जारी रहने में नाकाम रहा। चांदी की कीमतें 31 अगस्त को 2,45,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर अपरिवर्तित रही।

केविन वॉर्श की स्पीच के बाद सोने पर दबाव

लेमन मार्केट डेस्क में रिसर्च हेड गौरव गर्ग ने कहा, “फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श की स्पीच के बाद सोने की कीमतों पर दबाव दिख रहा है। उन्होंने 28 अगस्त को जैक्सन होल में अपनी स्पीच में सख्त मॉनेटरी पॉलिसी के संकेत दिए। इससे सितंबर में फेडरल रिजर्व की अगली बैठक में इंटरेस्ट रेट बढ़ने की उम्मीद बढ़ गई है।”

बॉन्ड यील्ड में उछाल और डॉलर इंडेक्स में मजबूती का भी असर

उन्होंने कहा कि अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल और डॉलर इंडेक्स में मजबूती का भी निगेटिव असर सोने की कीमतों पर पड़ा। डॉलर में मजबूती का सोने की कीमतों पर खराब असर पड़ता है, क्योंकि इससे दूसरी करेंसी में सोना खरीदना महंगा हो जाता है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने में कमजोरी 

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने में कमजोरी दिखी। यह 0.35 फीसदी गिरकर 4,436 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। हालांकि, चांदी हल्की मजबूती के साथ 66.97 डॉलर प्रति औंस पर चल रही थी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि बुलियन मार्केट्स पर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने का भी असर पड़ा, क्योंकि इससे क्रूड की कीमतें एक बार फिर 90 डॉलर प्रति बैरल के पार चल रही हैं।

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क्रूड ऑयल की कीमतें ऊंची बने रहने पर बढ़ सकती है महंगाई

ब्रेंट क्रूड का भाव अगर 90 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना रहता है तो इससे अमेरिकी सहित दुनियाभर में महंगाई बढ़ेगी। महंगाई को काबू में करने के लिए केंद्रीय बैंकों पर इंटरेस्ट रेट बढ़ाने का दबाव बढ़ जाएगा। फेडरल रिजर्व सितंबर में इंटरेस्ट रेट बढ़ाकर इसकी शुरुआत कर सकता है। इंटरेस्ट रेट बढ़ने वाले माहौल में सोने की चमक फीकी पड़ जाती है।

Gold-Silver Price: सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट, भारतीय वायदा कारोबार में टूटा भाव, चेक करिए नए रेट्स

Gold-Silver Price Drop Today: भारतीय वायदा बाजार से लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजारों में हफ्ते के पहले दिन सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। हाजिर मांग में सुस्ती और निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली के चलते सोने के भाव में ₹2000 से ज्यादा और चांदी में लगभग ₹1950 की बड़ी नरमी दर्ज की गई है।

अगर आप भी सोने या चांदी की खरीदारी या इसमें निवेश की योजना बना रहे हैं, तो जानिए MCX और ग्लोबल मार्केट में आज क्या हैं नए रेट्स।

सोने के रेट में ₹2000 से ज्यादा की गिरावट

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर आज सोने के वायदा भाव में तगड़ी गिरावट दर्ज की गई। MCX पर अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना ₹2,045 या 1.31% टूटकर ₹1,54,236 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। इस दौरान कुल 2,680 लॉट के लिए कारोबार हुआ। बाजार जानकारों के मुताबिक, लोकल मार्केट में हाजिर मांग कमजोर पड़ने से बिकवाली का दबाव बढ़ा है जो गिरावट की बड़ी वजह है।

₹1955 घटकर ₹2.40 लाख के करीब पहुंची चांदी

सोने के साथ-साथ चांदी की चमक भी फीकी पड़ी है। निवेशकों द्वारा अपनी पोजीशन काटने से चांदी के वायदा भाव में भारी गिरावट आई। MCX पर दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी ₹1,955 या 0.81% गिरकर ₹2,40,489 प्रति किलोग्राम पर आ गई। इस दौरान कुल 2,004 लॉट का ट्रेड हुआ। जानकारों के मुताबिक, हालिया मुनाफावसूली का सीधा असर चांदी की कीमतों पर पड़ा।

निवेशकों के लिए क्या है सलाह?

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुस्ती और घरेलू बाजारों में हाजिर मांग कमजोर रहने से शॉर्ट टर्म में कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। हालांकि, लंबे समय के निवेशकों के लिए यह गिरावट खरीदारी का एक नया मौका भी बन सकती है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Nifty से ज्यादा Gold ETF में गिरावट, दो वजहों से 4 % तक आया नीचे

Gold ETF Big Fall: गोल्ड और सिल्वर के ईटीएफ (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स) में आज बिकवाली का तेज दबाव दिखा और यह 4% तक टूट गया। इसमें अमेरिकी फेडरल रिजर्व के प्रमुख केविन वार्श (Kevin Warsh) की हॉकिश यानी सख्त कमेंट्स से झटका लगा, जिससे ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें बढ़ीं तो सोने-चांदी के ईटीएफ की चमक फीकी पड़ी। यह बिकवाली वैश्विक मार्केट में सोने-चांदी की कीमतों में आई तेजी के मुताबिक ही है। इंटरनेशनल मार्केट में सोने की कीमतों में सोमवार को भी गिरावट जारी रही।

शुक्रवार को सोने में 3% से अधिक की गिरावट आई, जो जून की शुरुआत के बाद इसकी सबसे बड़ी गिरावट थी। सिंगापुर में कारोबार के दौरान स्पॉट गोल्ड 0.7% गिरकर प्रति औंस $4,422.75 प्रति औंस तो सिल्लर भी 0.4% गिरकर $66.12 प्रति औंस पर आ गया। इसका असर घरेलू बूलियन मार्केट में भी दिखा और MCX Gold प्रति 10 ग्राम 1.14% गिरकर ₹1,54,496 और MCX Silver Futures करीब 1.28% गिरकर ₹2,39,341 प्रति किग्रा पर आ गया।

Gold ETF की तुलना में Silver ETF में अधिक गिरावट

आज 31 अगस्त तो गोल्ड ईटीएफ की तुलना में सिल्वर ईटीएफ में अधिक गिरावट रही। एसबीआई सिल्वर ईटीएफ (SBI Silver ETF) 4.05% गिरकर ₹226.55 पर आ गया, तो निप्पॉन इंडिया सिल्वर ईटीएफ (Nippon India Silver ETF- Silver BeES) 4.06% गिरकर ₹221.07 पर आ गया। टाटा सिल्वर ईटीएफ (Tata Silver ETF) भी 3.98% गिरकर ₹22.44 और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल सिल्वर ईटीएफ (ICICI Prudential Silver ETF) भी 3.87% गिरकर ₹231.21 पर आ गया।

गोल्ड ईटीएफ में भी भारी गिरावट रही। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल गोल्ड ईटीएफ (ICICI Prudential Gold ETF) 3.59% गिरकर ₹130.75, एसबीआई गोल्ड ईटीएफ (SBI Gold ETF) 3.50% टूटकर ₹130.30 और निप्पॉन इंडिया ईटीएफ गोल्ड बीईएसएस (Nippon India ETF Gold BeES) 3.48% गिरकर ₹126.30 पर आ गया। वहीं टाटा गोल्ड ईटीएफ (Tata Gold ETF) 3.19% गिरकर ₹14.87 पर आ गया।

क्या है US Fed का रुझान

फेडरल रिजर्व की सालाना जैक्सन होल कॉन्फ्रेंस में केविन वॉर्श ने कहा कि वह महंगाई को केंद्रीय बैंक के 2% के लक्ष्य पर वापस लाने के लिए प्रतिबंध है। इसके बाद सोना-चांदी धड़ाम हो गया क्योंकि इससे अमेरिकी मौद्रिक नीतियों के सख्त होने की उम्मीदें बढ़ गई। ट्रेडर्स का मानना है कि सितंबर में नीतिगत बैठक में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना 50% से अधिक है। आमतौर पर ऊंची ब्याज दरों और बॉन्ड यील्ड का असर सोने और चांदी जैसी बिना यील्ड वाली एसेट्स पर पड़ता है।

सोने-चांदी की चमक पर अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई गहहाने से तेल की कीमतों में उबाल ने और दबाव बनाया। अमेरिकी सेना ने रविवार को ईरान के रॉकेट लॉन्चरों पर हमला किया जोकि एक महीने से अधिक समय में ईरान के खिलाफ अमेरिका की पहली सैन्य कार्रवाई थी। कच्चे तेल की कीमतों में इस बढ़ोतरी ने महंगाई की चिंताओं को और बढ़ा दिया, जबकि बाजार पहले से ही आने वाले समय में अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर कैलकुलेशन कर रहा था।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Silver Price 31 August: चांदी हुई महंगी या सस्ती? जानें आज का ताजा भाव और शहरवार रेट

सोमवार, 31 अगस्त 2026 को सुबह करीब 6:30 बजे Bullion.co.in के अनुसार चांदी की कीमत ₹2,42,190 प्रति किलोग्राम रही। वहीं, 925 स्टर्लिंग सिल्वर का भाव ₹2,24,026 प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया। निवेशकों और चांदी खरीदने वालों के लिए आज के रेट खास हैं, क्योंकि पिछले कुछ दिनों में कीमती धातु की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।

एक महीने में चांदी करीब 11% चढ़ी

ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 999 फाइन चांदी की कीमत में पिछले एक महीने के दौरान 11 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, एक साल की अवधि में चांदी का भाव करीब 100 फीसदी तक बढ़ चुका है। यानी लंबी अवधि में चांदी ने निवेशकों को मजबूत रिटर्न दिया है।

बड़े शहरों में चांदी के दाम

देश के अलग-अलग शहरों में चांदी की कीमत में थोड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। प्रमुख शहरों में 999 फाइन चांदी के रेट इस प्रकार हैं:

मुंबई: ₹2,41,760 प्रति किलो

दिल्ली: ₹2,41,340 प्रति किलो

चेन्नई: ₹2,42,460 प्रति किलो

कोलकाता: ₹2,41,440 प्रति किलो

बेंगलुरु: ₹2,41,950 प्रति किलो

हैदराबाद: ₹2,42,140 प्रति किलो

इन आंकड़ों के अनुसार, दिए गए प्रमुख शहरों में चेन्नई में चांदी सबसे महंगी और दिल्ली में सबसे सस्ती रही।

रविवार को नहीं हुआ था कारोबार

30 अगस्त, रविवार को घरेलू बुलियन मार्केट में नियमित कारोबार नहीं हुआ था। इसलिए उस दिन चांदी के कोई नए क्लोजिंग रेट जारी नहीं किए गए। इससे पहले 28 अगस्त को आखिरी कारोबारी सत्र में चांदी की कीमत में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी।

दिल्ली के सर्राफा बाजार में 999 शुद्धता वाली चांदी ₹5,000 की गिरावट के साथ ₹2,45,500 प्रति किलोग्राम पर आ गई थी। इससे पहले इसका भाव ₹2,50,500 प्रति किलो था।

खरीदारी से पहले चेक करें ताजा रेट

चांदी की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार, मांग-सप्लाई और बाजार की स्थिति के आधार पर लगातार बदल सकती है। इसके अलावा अलग-अलग शहरों में टैक्स, स्थानीय शुल्क और अन्य लागत के कारण कीमत में थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए चांदी खरीदने से पहले अपने शहर का ताजा भाव जरूर जांच लें।

Gold Price Today: सप्ताह के पहले दिन सोना कमजोर, दिल्ली से लेकर चेन्नई तक गिरा भाव

Gold Price Today: सप्ताह के पहले दिन सोना कमजोर, दिल्ली से लेकर चेन्नई तक गिरा भाव

सप्ताह के पहले दिन सोमवार को देश में सोने की कीमत में गिरावट है। 31 अगस्त की सुबह राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत फिसलकर 158380 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई है। मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में भाव 158230 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है। बीते सप्ताह 24 कैरेट गोल्ड 4850 रुपये और 22 कैरेट गोल्ड 4450 रुपये नीचे आया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,599.70 डॉलर प्रति औंस पर है।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमतदिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 163890 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 145190 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 145040 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 158230 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 158230 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 145040 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 158230 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 145040 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली145190158380
मुंबई145040158230
अहमदाबाद145090158280
चेन्नई145040158230
कोलकाता145040158230
हैदराबाद145040158230
जयपुर145190158380
भोपाल145090158280
लखनऊ145190158380
चंडीगढ़145190158380

SIP Calculator: ₹500 की SIP से ₹2 लाख का फंड कैसे बनेगा? पूरा कैलकुलेशन समझिए

चांदी की कीमत

दूसरी कीमती धातु चांदी में भी गिरावट दिख रही है। 31 अगस्त की सुबह चांदी 254900 रुपये प्रति किलोग्राम पर है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 70.31 डॉलर प्रति औंस है। सोने और चांदी की देश के अंदर कीमतें डोमेस्टिक फैक्टर्स के साथ-साथ ग्लोबल फैक्टर्स से भी प्रभावित होती हैं।

PPF Calculator: PPF में मंथली निवेश करें या साल में एकमुश्त, किसमें ज्यादा फायदा है? समझिए पूरा कैलकुलेशन

PPF Calculator: पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) में निवेश करने वालों के सामने अक्सर यह सवाल आता है कि हर महीने पैसा जमा करना बेहतर है या पूरे साल का पैसा एक साथ जमा कर देना चाहिए। दोनों तरीकों में निवेश की रकम समान हो सकती है, लेकिन ब्याज में बड़ा अंतर आ सकता है।

मान लीजिए आप हर वित्त वर्ष PPF में ₹1.5 लाख निवेश करते हैं। आप चाहें तो ₹12,500 हर महीने जमा करें। दूसरा तरीका है कि पूरे ₹1.5 लाख साल की शुरुआत में ही PPF में डाल दें। लेकिन, दोनों का कैलकुलेशन आखिर में दिलचस्प तस्वीर दिखाता है।

₹1.5 लाख एकमुश्त या ₹12,500 मंथली?

यहां 15 साल का एक उदाहरण देखते हैं। कैलकुलेशन 7.1% सालाना ब्याज दर के आधार पर किया गया है। माना गया है कि PPF की ब्याज दर पूरे 15 साल इसी स्तर पर रहती है। साथ ही मंथली निवेश हर महीने की 5 तारीख से पहले किया गया है।

सालाना अनुमानित रिटर्न

₹2 लाख तक पहुंचने में समयकुल SIP निवेशअनुमानित फंड
12.00%13 साल 5 महीने₹80,500₹2,00,130
15.00%12 साल₹72,000₹2,01,792
18.00%10 साल 10 महीने₹65,000₹2,00,552

इस हिसाब से दोनों तरीकों में कुल निवेश ₹22.50 लाख ही है। लेकिन साल की शुरुआत में एकमुश्त ₹1.5 लाख जमा करने पर मैच्योरिटी पर करीब ₹1.24 लाख ज्यादा मिल सकते हैं।

एकमुश्त निवेश पर ज्यादा फायदा क्यों?

PPF में ब्याज का हिसाब हर महीने किया जाता है। किसी महीने में 5 तारीख के बाद से लेकर महीने के आखिर तक खाते में मौजूद सबसे कम बैलेंस को ब्याज के लिए माना जाता है।

अगर आप 1 अप्रैल से 5 अप्रैल के बीच पूरे ₹1.5 लाख जमा कर देते हैं, तो पूरी रकम को उस वित्त वर्ष के सभी 12 महीनों का ब्याज मिल सकता है। वहीं मंथली निवेश में पैसा धीरे-धीरे खाते में आता है।

इसका सीधा असर ब्याज पर पड़ता है। ₹1.5 लाख को अप्रैल की शुरुआत में जमा करने पर पहले साल करीब ₹10,650 का ब्याज मिल सकता है। वहीं हर महीने ₹12,500 जमा करने पर पहले साल ब्याज करीब ₹5,769 होगा। यानी सिर्फ पहले साल में ही करीब ₹4,881 का अंतर आ सकता है।

15 साल में कैसे बढ़ता जाता है अंतर?

पहले साल एकमुश्त निवेश पर जो अतिरिक्त ब्याज मिलता है, वह अगले साल से खुद भी ब्याज कमाने लगता है। यही कंपाउंडिंग का फायदा है।

हर साल अगर आप शुरुआत में एकमुश्त निवेश करते हैं, तो आपके पैसे को ज्यादा समय तक ब्याज मिलता है। 15 साल तक यही अंतर जुड़ता जाता है। इसलिए मैच्योरिटी पर करीब ₹1.24 लाख का फासला बन सकता है।

अगर एकमुश्त ₹1.5 लाख नहीं है तो?

हर किसी के पास वित्त वर्ष की शुरुआत में ₹1.5 लाख जमा करने के लिए बड़ी रकम नहीं होती। ऐसी स्थिति में मंथली निवेश बेहतर विकल्प हो सकता है। आप हर महीने ₹12,500 जमा कर सकते हैं और पूरे साल में ₹1.5 लाख का निवेश पूरा कर सकते हैं।

बस कोशिश करें कि PPF में जमा करने वाला पैसा हर महीने की 5 तारीख से पहले खाते में पहुंच जाए। 5 तारीख के बाद जमा करने पर उस महीने का पूरा ब्याज नहीं मिलेगा। इसलिए 1 से 5 तारीख के बीच निवेश करना बेहतर माना जाता है।

साल में एक बार पैसा कब जमा करें?

अगर आपके पास पूरे साल का निवेश पहले से तैयार है, तो नया वित्त वर्ष शुरू होते ही 1 अप्रैल से 5 अप्रैल के बीच पैसा जमा करना फायदेमंद हो सकता है। इससे रकम को पूरे साल ब्याज कमाने का मौका मिलता है।

लेकिन सिर्फ ज्यादा ब्याज के लिए अपनी इमरजेंसी सेविंग या जरूरी पैसा PPF में नहीं डालना चाहिए। PPF लंबी अवधि का निवेश है और इसमें पैसे निकालने के नियम भी लागू होते हैं।

PPF में कौन सा तरीका चुनें?

अगर आपके पास साल की शुरुआत में पूरी रकम है, तो एकमुश्त निवेश से ज्यादा ब्याज मिलने की संभावना होती है। वहीं सैलरी या नियमित आमदनी से निवेश करने वालों के लिए मंथली निवेश आसान है।

मंथली निवेश में एक और फायदा है। आपको एक बार में ₹1.5 लाख की व्यवस्था नहीं करनी पड़ती। हर महीने थोड़ा-थोड़ा पैसा जमा होता रहता है। इसलिए सबसे अच्छा तरीका वही है, जिसे आप लंबे समय तक आसानी से जारी रख सकें।

Gold Price: 2026 के अंत तक कहां पहुंच सकता है सोना? Goldman Sachs ने $4900 का टारगेट दिया

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Gold Price: 2026 के अंत तक कहां पहुंच सकता है सोना? Goldman Sachs ने $4900 का टारगेट दिया

Gold Price: सोने की कीमत में हाल के दिनों में काफी उतार-चढ़ाव आया है। इस हफ्ते की शुरुआत में गोल्ड तीन महीने के ऊपरी स्तर पर पहुंच गया था। लेकिन इसके बाद तेज बिकवाली हुई। शुक्रवार को कीमत 3% से ज्यादा टूट गई।

अब सवाल है कि आगे सोना किस दिशा में जाएगा। Goldman Sachs का अनुमान है कि 2026 के अंत तक सोने की कीमत 4,900 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस तक पहुंच सकती है। यह मौजूदा करीब 4,550 डॉलर के स्तर से लगभग 8% ज्यादा है।

भारत में कितना महंगा हो सकता है सोना

भारत में सोने की मौजूदा कीमत ₹1.56 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास है। अंतरराष्ट्रीय कीमत में Goldman Sachs के अनुमान के मुताबिक करीब 8% बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में घरेलू कीमत भी मोटे तौर पर ₹1.69 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती है।

हालांकि, भारत में सोने की कीमत सिर्फ अंतरराष्ट्रीय बाजार से तय नहीं होती। डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल, आयात शुल्क और टैक्स भी भाव को प्रभावित करेंगे।

केंद्रीय बैंकों की खरीद बड़ा सपोर्ट

Goldman Sachs को सोने की कीमत में आगे भी मजबूती की उम्मीद है। इसकी सबसे बड़ी वजह केंद्रीय बैंकों की खरीदारी है। कई देश अपने विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं। Goldman Sachs Research के मुताबिक, केंद्रीय बैंक इस साल हर महीने औसतन 50 टन सोना खरीद सकते हैं। 2022 से पहले यह औसत सिर्फ 17 टन प्रति माह था।

जून 2026 में खरीदारी और तेज हुई। तीन महीने के सीजनली एडजस्टेड आधार पर यह आंकड़ा 100 टन प्रति माह तक पहुंच गया। इससे पहले यह 66 टन था। जून में चीन का केंद्रीय बैंक सबसे बड़ा पहचाना जा सकने वाला खरीदार रहा।

2026 में काफी उतार-चढ़ाव आया

इस साल सोने की चाल काफी उतार-चढ़ाव वाली रही है। 29 जनवरी को गोल्ड 5,600 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया था। जुलाई के मध्य में यह 4,000 डॉलर से नीचे फिसल गया।

हालांकि, जुलाई के निचले स्तर से सोना करीब 15% चढ़ चुका है। Goldman Sachs को बाकी बचे साल में भी तेजी की उम्मीद है।

ब्याज दरें तय करेंगी आगे की चाल

सोने की कीमत पर ब्याज दरों का बड़ा असर पड़ता है। ब्याज दरें बढ़ने की आशंका से सोने पर दबाव बनता है। यही वजह है कि अमेरिकी फेड प्रमुख केविन वॉर्श के बयान के बाद गोल्ड में तेज गिरावट आई।

Goldman Sachs का मानना है कि आगे फेड से जुड़ा दबाव कम हो सकता है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि महंगाई में नरमी आने पर फेड इस साल ब्याज दरों को स्थिर रख सकता है। ऐसा हुआ तो सोने को सपोर्ट मिल सकता है।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stocks to Buy: ये 5 स्टॉक्स 55% तक रिटर्न दे सकते हैं, एक्सपर्ट्स ने खरीदने की सलाह दी

Stocks to Buy: शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच ब्रोकरेज फर्मों ने 5 कंपनियों पर खरीदारी की सलाह दी है। इनमें पावर, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर, रिटेल और क्विक कॉमर्स जैसे तेजी से बढ़ते सेक्टर शामिल हैं। ब्रोकरेज के हिसाब से इन शेयरों में 55% तक रिटर्न मिल सकता है। आइए जानते हैं इन 5 स्टॉक्स में ब्रोकरेज को क्या संभावनाएं दिख रही हैं।

  1. Cummins India

ब्रोकरेज फर्म Macquarie ने Cummins India पर ‘आउटपरफॉर्म’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने ₹6,150 का टारगेट प्राइस दिया है। मौजूदा स्तर से इसमें करीब 18.43% का रिटर्न मिल सकता है।

पावर जनरेशन कंपनी के लिए बड़ा बिजनेस बना हुआ है। डेटा सेंटर की बढ़ती मांग भी कंपनी की ग्रोथ में अहम भूमिका निभा रही है। साथ ही CPCB IV+ इंजन वारंटी अवधि से बाहर आने पर आफ्टरमार्केट बिजनेस से अतिरिक्त अवसर मिलने की उम्मीद है।

2. Adani Enterprises

मोतीलाल ओसवाल ने अदाणी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी Adani Enterprises पर ‘Buy’ रेटिंग के साथ ₹3,880 का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज के मुताबिक, इसमें करीब 25% तक का उछाल देखने को मिल सकता है।

कंपनी एयरपोर्ट, सड़क, रिन्यूएबल एनर्जी, डेटा सेंटर, कॉपर और स्ट्रैटेजिक मैन्युफैक्चरिंग जैसे कारोबार में मौजूद है। ब्रोकरेज को इन लॉन्ग टर्म बिजनेस से ग्रोथ की उम्मीद है।

3. NTPC

Bernstein ने सरकारी पावर कंपनी NTPC पर ‘Buy’ रेटिंग के साथ ₹450 का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज के मुताबिक शेयर में करीब 32% तक बढ़ोतरी की गुंजाइश है।

ब्रोकरेज के मुताबिक, भारत में बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम की भूमिका उम्मीद से बड़ी हो सकती है। रिन्यूएबल एनर्जी के साथ स्टोरेज बिजनेस NTPC के लिए बड़ा अवसर बन सकता है।

4. Avenue Supermarts

CLSA ने Avenue Supermarts पर ‘हाई-कन्विक्शन आउटपरफॉर्म’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने ₹5,723 का टारगेट प्राइस रखा है। इससे शेयर में करीब 49% का रिटर्न मिलने की संभावना है।

ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी का कम ऑपरेटिंग कॉस्ट मॉडल और कम कीमत पर सामान बेचने की रणनीति इसकी बड़ी ताकत है। प्राइवेट लेबल कारोबार और नए स्टोर्स का विस्तार भी ग्रोथ को सहारा दे सकता है।

5. Eternal 327

CLSA ने जोमैटो और ब्लिंकिट की पैरेंट कंपनी Eternal को खरीदने की सलाह के साथ ₹506 का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज के मुताबिक इसमें करीब 55% तक की तेजी देखने को मिल सकती है।

Blinkit का विस्तार इस निवेश की बड़ी वजहों में शामिल है। कंपनी नए शहरों में पहुंच बढ़ा रही है और डार्क स्टोर्स की संख्या भी बढ़ा रही है। Zomato Gold के जरिए ऑर्डर की बढ़ती संख्या और फूड डिलीवरी बिजनेस में सुधार से भी ग्रोथ की उम्मीद है।

Stocks to Watch: 31 अगस्त को ये 14 स्टॉक्स फोकस में रहेंगे, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Silver Weekly Report: सोने और चांदी में हफ्ते के आखिर में तेज गिरावट, सोना 3% फिसला

Gold Silver Weekly Report: सोने के लिए यह हफ्ता अच्छा नहीं रहा। चांदी में भी इस हफ्ते गिरावट आई। इसकी वजह अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श की स्पीच है। 28 अगस्त को फेड चेयरमैन ने साफ कर दिया कि फिलहाल उनका फोकस इनफ्लेशन को कंट्रोल करने पर होगा। इसका असर बुलियन की कीमतों पर पड़ा।

24 अगस्त को सोना 4700 डॉलर के करीब पहुंच गया था

सोना इस हफ्ते मंगलवार यानी 24 अगस्त को तीन महीने के सबसे ऊंचे लेवल 4,696 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया था। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी 28 अगस्त को स्पॉट गोल्ड 3.18 फीसदी गिरकर 4,454 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। चांदी भी 27 अगस्त को करीब 69 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई थी। 28 अगस्त को यह 4.48 फीसदी गिरकर 66 डॉलर पर आ गई।

फेड चेयरमैन की स्पीच से सोने और चांदी में तेज गिरावट 

शुक्रवार की गिरावट से पहले इस हफ्ते सोने और चांदी में अच्छी तेजी आई थी। इसकी वजह अमेरिका में बॉन्ड यील्ड को बढ़ने से रोकने के लिए सरकार की तरफ से उपाय का ऐलान डिबेसमेंट ट्रेड था। लेकिन, फेड चेयरमैन की स्पीच से सोने और चांदी की कीमतों में तेजी पर ब्रेक लग गया। अमेरिका में जुलाई में पर्सनल कंजमप्शन एक्सपेंडिचर इनफ्लेशन 3.7 फीसदी पर रहा।

दिल्ली सर्राफा बाजार में भी फिसला सोना 

दिल्ली सर्राफा बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में 28 अगस्त को गिरावट आई। सोना 3,300 रुपये गिरकर 1,62,400 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। यह दिल्ली में सोने की कीमतों में गिरावट का लगातार तीसरा दिन था। इस हफ्ते दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने की कीमतेंत 4,700 रुपये प्रति 10 ग्राम गिरी हैं। 25 अगस्त को दिल्ली में सोना 1,67,100 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया था।

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सोने की कीमतों पर मुनाफा वसूली का भी असर 

कमोडिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस हफ्ते कीमतों में तेजी के बाद सोने में मुनाफावसूली देखने को मिली। अमेरिकी डॉलर में मजबूती का असर भी सोने पर पड़ा। डॉलर मजबूत होने से दूसरी करेंसी में सोना खरीदना सस्ता हो जाता है। इसका असर सोने की कीमतों पर पड़ता है। घरेलू बाजार में बुलियन की कीमतों पर सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी कम होने की चर्चा का भी असर पड़ा।