Gold Price Today: रक्षाबंधन पर फिसला गोल्ड, लगातार दूसरे दिन चमक फीकी, 6 दिनों बाद चांदी भी सस्ती

Gold Rate Today in India: अमेरिकी डॉलर में मजबूती और बॉन्ड यील्ड बढ़ने के चलते सोने-चांदी की चमक आज फीकी पड़ी है। गोल्ड की बात करें तो एक दिन की स्थिरता के बाद लगातार दो दिनों में 10 ग्राम 24 कैरट वाला गोल्ड ₹780 और 22 कैरट वाला ₹710 सस्ता हुआ है। आज की बात करें तो राजधानी दिल्ली में आज 24 कैरट और 22 कैरट वाला 10 ग्राम गोल्ड ₹10 नीचे आया है। चांदी की बात करें तो लगातार छह दिनों की स्थिरता के बाद आज इसके भाव नीचे आए हैं। एक किलो चांदी आज ₹100 सस्ती हुई है।

सिटीवाइज गोल्ड के भाव

देश के 10 बड़े शहरों में 18 कैरट, 22 कैरट और 24 कैरट शुद्धता वाले 10 ग्राम सोने की कीमत क्या है, आइए जानते हैं…

शहर 24 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 22 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 18 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव
दिल्ली₹1,63,120 ं₹1,49,540 ₹1,22,380
मुंबई₹1,62,970₹1,49,390₹1,22,230
कोलकाता₹1,62,970₹1,49,390₹1,22,230
चेन्नई₹1,62,970₹1,49,390₹1,27,090
बेंगलुरू₹1,62,970₹1,49,390₹1,22,230
हैदराबाद₹1,62,970₹1,49,390₹1,22,230
लखनऊ₹1,63,120₹1,49,540₹1,22,380
पटना₹1,63,020₹1,49,440₹1,22,280
जयपुर₹1,63,120₹1,49,540₹1,22,380
अहमदाबाद₹1,63,020₹1,49,440₹1,22,280

छह दिनों की स्थिरता के बाद फिसली चांदी

चांदी की बात करें तो लगातार छह दिनों की स्थिरता के बाद आज इसके भाव कम हुए हैं। इन छह दिनों की स्थिरता से पहले लगातार दो दिनों में एक किलो चांदी ₹10,500 ऊपर चढ़ी थी तो उससे भी एक दिन पहले 19 अगस्त को एक किलो चांदी ₹5000 नीचे आई थी। अब आज की बात करें तो दिल्ली में एक किलो चांदी ₹100 सस्ती होकर ₹2,59,900 के भाव में बिक रही है। बाकी अहम महानगरों की बात करें तो मुंबई और कोलकाता में भी यह इसी भाव पर बिक रही है। हालांकि चेन्नई में एक किलो चांदी का भाव ₹2,64,900 है यानी कि चारों बड़े महानगरों में सबसे महंगी चांदी चेन्नई में बिक रही है।

मार्केट की नजर अब फेड चेयरमैन की स्पीच पर

बुलियन मार्केट की नजरें अब अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श की स्पीच पर लगी हैं। वह जैक्सन होल में 28 अगस्त को यह स्पीच देने वाले हैं। इससे फेड की मॉनेटरी पॉलिसी के बारे में कुछ संकेत मिल सकते हैं। एनालिस्ट्स का कहना है कि इनफ्लेशन और इंटरेस्ट रेट्स को लेकर फेड की पॉलिसी का असर पहले डॉलर और बॉन्ड यील्ड पर पड़ेगा। फिर इसका असर सोने की कीमतों पर पड़ेगा।

सोना सस्ता होने वाला है!

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Silver Price: विदेश में $4,600 पर स्थिर सोना, आज होने वाले इस अहम इवेंट्स पर टिकी है बाजार की नजर

Gold Silver Price: इंटरनेशनल मार्केट में सोने की कीमत $4,600 प्रति औंस के आसपास स्थिर रही। फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के एक अहम भाषण की उम्मीद में, जब निवेशक अमेरिकी ब्याज दरों के भविष्य का आकलन कर रहे थे।

इस खबर को लिखते समय, COMEX गोल्ड $4,650.60 पर ट्रेड कर रहा था, जो पिछली क्लोजिंग $4,656 से कम थी। COMEX पिछले दिन के 69.350 से बढ़कर 69.400 पर पहुंच गया।

पिछले सेशन में 0.2% की बढ़त के बाद इसमें बहुत कम हलचल हुई, लेकिन यह 1999 के बाद से अपनी सबसे बड़ी मासिक बढ़त के लिए तैयार है। बॉन्ड मार्केट में अमेरिकी ट्रेजरी के अप्रत्याशित दखल से इस मेटल को नई गति मिली। इससे ‘डिबेसमेंट ट्रेड’ (मुद्रा के मूल्य में गिरावट से लाभ कमाने की रणनीति) में फिर से दिलचस्पी जगी, जिसने पिछले साल सोने की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल को बढ़ावा दिया था।

निवेशक इस बात पर नजर रखे हुए हैं कि शुक्रवार को चेयरमैन के तौर पर अपना पहला बड़ा भाषण देते समय वॉर्श महंगाई पर फेड का क्या रुख बताते हैं। सेंट्रल बैंक के सालाना जैक्सन होल सिम्पोजियम में होने वाला यह बहुप्रतीक्षित भाषण वॉर्श को अपने आर्थिक विचारों के बारे में पारदर्शिता की कमी को लेकर हो रही आलोचनाओं का जवाब देने का मौका देगा।

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले महीनों में ब्याज दरें बढ़ाने की जरूरत को लेकर अर्थशास्त्री और नीति-निर्माता बंटे हुए हैं, जो बिना रिटर्न (यील्ड) देने वाले सोने के लिए एक चुनौती बन सकता है। हालांकि फेड अधिकारियों ने जुलाई में उधार लेने की लागत (ब्याज दरें) को स्थिर रखा, लेकिन तीन सदस्यों ने असहमति जताई और क्वार्टर-पॉइंट (0.25%) की बढ़ोतरी की वकालत की।

सोने की कीमतों में आई जबरदस्त रिकवरी ( जिसमें यह मेटल अगस्त में लगभग 14% बढ़ने की राह पर है) को निवेशकों की विविध भागीदारी से बल मिला है।

हालांकि सितंबर में अमेरिकी ब्याज दरें बढ़ने की संभावना घटकर सिर्फ़ 34% रह गई है, लेकिन CME फेडवॉच टूल के अनुसार, दिसंबर तक बढ़ोतरी की संभावना 74% बनी हुई है।

आमतौर पर, ऊंची ब्याज दरें सोने के आकर्षण को कम कर देती हैं, क्योंकि इस मेटल से खुद कोई रिटर्न (यील्ड) नहीं मिलता है।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Silver Prices Today: दिल्ली में लगातार दूसरे दिन गिरा सोना, चांदी की कीमतों में बदलाव नहीं

Gold Silver Prices Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने में लगातार दूसरे गिरावट आई। इसकी कीमत 800 रुपये गिरकर 1,65,700 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई। चांदी की कीमतों में बदलाव नहीं हुआ। इसकी कीमत 2,50,500 रुपये प्रति किलग्राम पर बनी रही। हालांकि, 28 अगस्त को रक्षाबंधन का त्योहार है। इस मौके पर गोल्ड और सिल्वर ज्वेलरी की खरीदारी बढ़ती है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेतों का पड़ा असर

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेतों का असर घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ा। अमेरिकी डॉलर में मजबूती और बॉन्ड यील्ड बढ़ने का असर भी सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ा। बीते दो दिनों में सोने की कीमतें 1,400 रुपये गिर चुकी है। 25 अगस्त को सोने का भाव 1,67,100 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया था।

बुलियन मार्केट की नजरें फेड चेयरमैन की स्पीच पर

बुलियन मार्केट की नजरें अब अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श की स्पीच पर लगी हैं। वह जैक्सन होल में 28 अगस्त को यह स्पीच देने वाले हैं। इससे फेड की मॉनेटरी पॉलिसी के बारे में कुछ संकेत मिल सकते हैं। एनालिस्ट्स का कहना है कि इनफ्लेशन और इंटरेस्ट रेट्स को लेकर फेड की पॉलिसी का असर पहले डॉलर और बॉन्ड यील्ड पर पड़ेगा। फिर सोने कीमतों पर पड़ेगा।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में गिरावट 

27 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड और स्पॉट सिल्वर में गिरावट दिखी। स्पॉट गोल्ड 0.12 फीसदी गिरकर 4,588 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। सिल्वर 0.11 फीसदी की कमजोरी के साथ 67 डॉलर प्रति औंस पर था। हालांकि, क्रूड ऑयल की कीमतें अब भी 87 डॉलर प्रति बैरल पर बनी हुई हैं। ईरान और ओमान के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने को लेकर बातचीत के बावजूद ब्रेंट क्रूड में ज्यादा गिरावट नहीं आई है।

यह भी पढ़ें: Gold Price Today: रक्षाबंधन से एक दिन पहले सोना फिसला, दिल्ली में ₹150090 पर आया 22 कैरेट

इस हफ्ते की शुरुआत में तीन महीने की ऊंचाई पर पहुंचा था सोना

इस हफ्ते की शुरुआत में सोने की कीमतें तीन महीने के सबसे लेवल पर पहुंच गई थीं। इस तेजी में डॉलर डिबेसमेंट ट्रेड का हाथ था। पिछले हफ्ते अमेरिकी सरकार ने बॉन्ड बायबैक प्रोग्राम का ऐलान किया था। लेकिन, इससे बॉन्ड यील्ड में तेजी पर थोड़े समय के लिए लगाम लगा। एक्सपर्ट्स का कहना है कि फेड चेयरमैन वॉर्श शुक्रवार को अपने भाषण में फिर से इनफ्लेशन कंट्रोल पर फोकस बढ़ा सकते हैं।

MG Hector Tomahawk PHEV colours gallery

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MG Hector Tomahawk PHEV all colours

The MG Hector Tomahawk PHEV was launched recently in India as the first mass-market car with a plug-in-hybrid (PHEV) powertrain. It gets a 1.5-litre naturally aspirated engine and a 20.5kWh battery pack powering an electric motor. This PHEV system has a total output of 198hp and 230Nm. The Hector Tomahawk PHEV is offered in two variants: Exclusive and Essence. It gets six monotone colour options, including Celadon Blue, Turquoise Green, Pearl White, Shadow Gold, Aurora Silver, and Starry Black, among which Celadon Blue and Turquoise Green are also available with a white roof.

सोना सस्ता होने वाला है! 15% से घटकर 6% हो सकती है इंपोर्ट ड्यूटी, जानिए कितनी गिरेंगी कीमतें

Gold Import Duty Cut Impact: भारतीय सर्राफा बाजार और सोना खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर है। सरकार सोने पर लगने वाली कस्टम इंपोर्ट ड्यूटी को 15% से घटाकर 6% करने पर विचार कर रही है। अगर यह फैसला लागू होता है, तो देश में सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है।

गौरतलब है कि मई 2026 में सरकार ने विदेशी मुद्रा भंडार पर बढ़ते दबाव को देखते हुए सोने पर आयात शुल्क बढ़ाकर 15% कर दिया था। स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट के विश्लेषकों के अनुसार, इस ड्यूटी में कटौती का सीधा असर घरेलू बाजार में सोने के भाव, तस्करी और आगामी त्योहारी-शादियों के सीजन में ज्वेलरी की मांग पर पड़ेगा।

15% से 6% ड्यूटी हुई तो कितनी गिरेंगी कीमतें?

भारत अपनी सोने की जरूरतों को पूरा करने के लिए सालाना 700 से 800 टन सोना विदेशों से आयात करता है। जब इंपोर्ट ड्यूटी 15% होती है, तो यह घरेलू बाजार में सोने के लिए एक न्यूनतम मूल्य तय कर देती है।

अगर ड्यूटी 9% घटकर 6% पर आती है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार और भारतीय बाजार के बीच का अंतर काफी कम हो जाएगा। इससे स्थानीय सर्राफा बाजारों में सोने के लैंडेड कॉस्ट में सीधी कमी आएगी, जिसका फायदा सीधे रिटेल खरीदारों को मिलेगा।

दिल्ली में 24 कैरेट सोने की मौजूदा कीमत ₹1,63,890 प्रति 10 ग्राम पर अगर इंपोर्ट ड्यूटी 15% से घटकर 6% यानी 9% की सीधी कटौती होती है, तो इसके भाव में सीधे ₹14,750 की बड़ी गिरावट आएगी और यह घटकर लगभग ₹1,49,140 प्रति 10 ग्राम पर आ जाएगा। वहीं 22 कैरेट सोने का भाव ₹1,50,240 प्रति 10 ग्राम से ₹13,522 सस्ता होकर करीब ₹1,36,718 प्रति 10 ग्राम हो जाएगा।

(नोट: यह कटौती केवल सोने की बेस कीमत पर आधारित है, ज्वैलरी के कुल बिल में 3% जीएसटी और मेकिंग चार्ज के हिसाब से अतिरिक्त राहत भी मिलेगी।)

तस्करी पर लगेगी लगाम, वैध मार्केट को बढ़ावा

स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट की रिपोर्ट के अनुसार, हाई इंपोर्ट ड्यूटी (15%) का सबसे बड़ा नुकसान यह होता है कि इससे सोने की तस्करी और अवैध रास्तों से आने वाले सोने को बढ़ावा मिलता है। ड्यूटी 6% होने से वैध तरीके से आयात किए गए सोने और अवैध सोने के बीच का रेट गैप खत्म हो जाएगा। इससे बुलियन ट्रेडर्स और ज्वेलर्स औपचारिक चैनलों के जरिए सोना खरीदने के लिए प्रोत्साहित होंगे, जिससे सरकार के राजस्व संग्रह में भी सुधार होगा।

शादियों के सीजन में ज्वेलरी डिमांड में आएगा उछाल

भारतीय संस्कृति में शादी-ब्याह और त्योहारों के दौरान सोने की खरीदारी सबसे ज्यादा होती है। सोने के दाम घटने से मध्यम वर्गीय परिवारों और रिटेल खरीदारों का बजट सुधरेगा, जिससे ज्वेलरी की मांग में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।

सर्राफा कारोबारी और रिटेल ज्वेलर्स नई आयात लागत के हिसाब से अपने मेकिंग चार्जेस और फाइनल रिटेल प्राइस में तेजी से बदलाव करेंगे। विशेषकर टियर-2 और टियर-3 शहरों में इसका असर सबसे तेज दिखेगा।

निवेशकों के लिए क्या है सलाह?

स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट के अनुसार, सोने में निवेश करने वाले रिटेल निवेशकों और ट्रेडर्स को इस नीतिगत बदलाव पर नजर रखनी चाहिए:

फिजिकल गोल्ड बनाम Gold ETF: ड्यूटी घटने से फिजिकल गोल्ड के प्रीमियम में कमी आएगी, जिससे Gold ETFs और गोल्ड फंड्स में निवेश करना अधिक फायदेमंद और सुरक्षित विकल्प बन सकता है।

ज्वेलरी और माइंडिंग स्टॉक्स: सोने के दाम घटने और बिक्री बढ़ने से प्रमुख ज्वेलरी कंपनियों और गोल्ड-लिंक्ड शेयरों के मार्जिन और प्रदर्शन में सुधार हो सकता है।

सरकार की ओर से आधिकारिक ऐलान होते ही सर्राफा बाजार में सोने की नई दरें लागू हो जाएंगी। अगर आप त्योहारी सीजन या शादियों के लिए सोने की खरीदारी या गोल्ड ETF में निवेश की योजना बना रहे हैं, तो ड्यूटी में संभावित कटौती के इस फैसले पर करीबी नजर बनाए रखना समझदारी होगी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Gold Price Today: रक्षाबंधन से एक दिन पहले सोना फिसला, दिल्ली में ₹150090 पर आया 22 कैरेट

शुक्रवार, 28 अगस्त को रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाने वाला है। इससे एक दिन पहले गुरुवार को देश में सोने की कीमत में गिरावट है। 27 अगस्त की सुबह राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत फिसलकर 163890 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई है। मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में भाव 150090 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है। कहा जा रहा है कि कई सप्ताह की जबरदस्त तेजी के बाद अब मुनाफावसूली के चलते सोना नीचे आया है। इसके अलावा डॉलर की मजबूती भी एक वजह है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,619.21 डॉलर प्रति औंस पर है।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमतदिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 163890 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 150240 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 150090 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 163740 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 163740 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 150090 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 163740 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 150090 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली150240163890
मुंबई150090163740
अहमदाबाद150140163790
चेन्नई150090163740
कोलकाता150090163740
हैदराबाद150090163740
जयपुर150240163890
भोपाल150140163790
लखनऊ150240163890
चंडीगढ़150240163890

चांदी की कीमत

दूसरी कीमती धातु चांदी में भी गिरावट दिख रही है। 27 अगस्त की सुबह चांदी 259900 रुपये प्रति किलोग्राम पर है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 68.50 डॉलर प्रति औंस है। सोने और चांदी की देश के अंदर कीमतें डोमेस्टिक फैक्टर्स के साथ-साथ ग्लोबल फैक्टर्स से भी प्रभावित होती हैं।

 

Gold Silver Prices Today: दिल्ली में सोने में चार सत्रों से जारी तेजी पर ब्रेक, चांदी ₹500 उछली

Gold Silver Prices Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में लगातार चार सत्रों से सोने में जारी तेजी पर 26 अगस्त को ब्रेक लग गया। सोना 600 रुपये गिरकर 1,65,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। चांदी में तेजी देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में कमजोरी का असर घरेलू बाजार में इसकी कीमतों पर पड़ा।

चांदी की कीमतों में 500 रुपये का उछाल

चांदी में 500 रुपये का उछाल आया। इससे इसकी कीमतें 2,50,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। इनवेस्टमेंट प्लेटफॉर्म मडरेक्स में लीड क्वांट एनालिस्ट अक्षत सिद्धांत ने कहा कि लगातार तेजी के बाद सोने में प्रॉफिट बुकिंग हुई, जिससे इसकी कीमतों में गिरावट आई। उन्होंने कहा कि हालिया तेजी के गोल्ड का भाव बीते कई महीनों की उंचाई पर पहुंच गया है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरे सोना और चांदी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी दोनों में गिरावट देखने को मिली। स्पॉट गोल्ड 0.66 फीसदी गिरकर 4,627 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। चांदी 0.27 फीसदी की कमजोरी के साथ 68.39 प्रति औंस पर चल रही थी। ब्रेंट क्रूड की कीमतों में भी गिरावट दिखी। इसका भाव 1.22 फीसदी गिरकर 87.51 डॉलर प्रति बैरल पर चल रहा था।

क्रूड ऑयल की कीमतों में भी गिरावट 

मिरै एसेट शेयरखान में कमोडिटीज के हेड प्रवीण सिंह ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में गिरावट दिखी। इसकी वजह लगातार पांच सत्रों की तेजी के बाद कंसॉलिडेशन है। उन्होंने कहा कि क्रूड ऑयल में भी गिरावट आई है। इसकी वजह इसकी सप्लाई को लेकर चिंता में कमी है। ईरान और ओमान अस्थायी रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को ओपन करने के तरीकों पर बातचीत कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें: सोने और चांदी पर घट सकती है इंपोर्ट ड्यूटी, सरकार प्रस्ताव पर कर रही विचार

फेड चेयरमैन की स्पीच पर इनवेस्टर्स की नजरें 

एचडीएफसी सिक्योरिटीज में सीनियर कमोडिटीज एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि इनवेस्टर्स की नजरें अमेरिकी केंद्रीय बैंक के चेयरमैन केविन वॉर्श की स्पीच पर लगी हैं। वह 28 अगस्त यानी शुक्रवार को जैक्सन होल में स्पीच देने वाले हैं। उनकी स्पीच से फेड की पॉलिसी के संकेत मिलेंगे। सितंबर में फेड के इंटरेस्ट रेट बढ़ाने की उम्मीद कम है। अगर वह इंटरेस्ट रेट को अपरिवर्तित रखता है तो यह सोने की कीमतों के लिए पॉजिटिव होगा।

सोने और चांदी पर घट सकती है इंपोर्ट ड्यूटी, सरकार प्रस्ताव पर कर रही विचार

सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी जल्द घट सकती है। सरकार इस बारे में विचार कर रही है। सरकार को ऐसा लग रहा है अनऑफिशियल चैनल से सोने और चांदी के इंपोर्ट की वजह ज्यादा इंपोर्ट ड्यूटी हो सकती है। हालांकि, अभी इस बारे में अंतिम फैसला होना बाकी है। तीन सूत्रों ने मनीकंट्रोल को यह जानकारी दी है।

इंपोर्ट ड्यूटी घटाने से सोने की स्मगलिंग में आ सकती है कमी

सरकार से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि सरकार में एक वर्ग इस पर विचार कर रहा है कि क्या इंपोर्ट ड्यूटी घटाने से सोने की स्मगलिंग पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी और फॉर्मल चैनल से सोने के आयात को बढ़ावा मिलेगा। बुलियन ट्रेडर्स के प्रतिनिधियों और ज्वेलर्स पहले से इंपोर्ट ड्यूटी को 15 फीसदी से घटाकर 6 फीसदी करने की मांग कर रहे हैं।

सरकार ने इस साल मई में इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने का ऐलान किया था

सरकार ने 13 मई, 2026 को इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने का ऐलान किया था। सरकार का मानना था कि ड्यूटी बढ़ाने से सोने और चांदी के इंपोर्ट में कमी आएगी। इससे विदेश मुद्रा भंडार पर दबाव कम होगा। दरअसल, भारत सोने की अपनी जरूरत का ज्यादातर हिस्सा आयात से पूरी करता है। इस पर सरकार को डॉलर खर्च करने पड़ते हैं।

इंडस्ट्री के प्रतिनिधि इंपोर्ट ड्यूटी घटाने की कर रहे हैं मांग

इस बारे में कमेंट के लिए फाइनेंस मिनिस्ट्री को भेजे गए ईमेल का जवाब नहीं मिला। इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों का कहना है कि इंपोर्ट ड्यूटी घटाने से कानूनी तरीके से आयातित गोल्ड और स्मगलिंग से लाए गए गोल्ड की कॉस्ट के बीच का फर्क कम हो सकता है। इससे स्मगलिंग में दिलचस्पी कम हो सकती है।

भारत सालाना 700-800 टन सोने का आयात करता है

भारत दुनिया में सोने का सबसे ज्यादा इंपोर्ट करने वाले देशों में शामिल है। हर साल भारत करीब 700-800 टन सोने का इंपोर्ट करता है। भारत यूएई, थाइलैंड और सिंगापुर जैसे देशों को गोल्ड ज्वेलरी का एक्सपोर्ट भी करता है। इस साल इंपोर्ट ड्यूटी से पहले अप्रैल में गोल्ड का आयात साल दर साल आधार पर करीब 82 फीसदी बढ़ा था।

सोने के ज्यादा आयात से विदेशी मुद्रा भंडार पर बढ़ता है दबाव

सोने का आयात बढ़ने से देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ता है। साथ ही करेंट अकाउंट डेफिसिट (CAD) में भी इजाफा होता है। इसका सीधा असर डॉलर के मुकाबले रुपये के एक्सचेंज रेट पर पड़ता है। इस साल मई के मध्य तक डॉलर के मुकाबले रुपया 6 फीसदी कमजोर हो चुका था।

यह भी पढ़ें: Silver Rate Today: 12 जुलाई को चांदी के भाव में हलचल, जानें देश के प्रमुख शहरों में ताजा रेट और कीमतों का गणित

इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने के बाद देश में बढ़ी है सोने की स्मगलिंग 

इस साल मई में सोने का आयात करीब 34 फीसदी बढ़ा। इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने के पहले दो महीनों में इंपोर्ट पर देखने को मिला। जून और जुलाई में यह सिर्फ 5.5 फीसदी बढ़कर 6.13 अरब डॉलर रहा। लेकिन, इंडस्ट्री के एक सूत्र ने बताया कि ड्यूटी बढ़ने से सोने की स्मगलिंग काफी बढ़ी है।

Gold Price Today: दिल्ली से पटना तक और सस्ता हुआ सोना, चेक करें 10 शहरों में भाव

Gold Rate Today in India: डॉलर की मजबूती और ऊपरी स्तर पर मुनाफावसूली के चलते गोल्ड की चमक आज लगातार दूसरे दिन फीकी हुई है तो इंडस्ट्रियल डिमांड में नरमी से चांदी पर भी दबाव दिखा।  डॉलर में मजबूती पर दूसरी करेंसी में सोना खरीदना महंगा हो जाता है। गोल्ड के भाव की बात करें तो एक दिन की मजबूती के बाद लगातार दो दिनों में 10 ग्राम 24 कैरट वाला गोल्ड ₹230 और 22 कैरट वाला ₹210 सस्ता हुआ है। आज की बात करें तो राजधानी दिल्ली में आज 24 कैरट और 22 कैरट वाला 10 ग्राम गोल्ड ₹10 सस्ता हुआ है। इससे पहले 24 अगस्त को 24 कैरट वाला 10 ग्राम गोल्ड ₹880 और 22 कैरट वाला ₹800 महंगा हुआ था। अब चांदी की बात करें तो आज इसकी चमक फीकी हुई है। लगातार चार दिनों की स्थिरता के बाद आज इसके भाव नीचे आए हैं। एक किलो चांदी आज ₹100 सस्ती हुई है।

सिटीवाइज गोल्ड के भाव

देश के 10 बड़े शहरों में 18 कैरट, 22 कैरट और 24 कैरट शुद्धता वाले 10 ग्राम सोने की कीमत क्या है, आइए जानते हैं…

शहर 24 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 22 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 18 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव
दिल्ली ₹1,63,890 ₹1,50,240 ₹1,22,950
मुंबई  ₹1,63,740 ₹1,50,090 ₹1,22,800
कोलकाता ₹1,63,740 ₹1,50,090 ₹1,22,800
चेन्नई ₹1,63,740 ₹1,50,090 ₹1,27,790
बेंगलुरू ₹1,63,740 ₹1,50,090 ₹1,22,800
हैदराबाद ₹1,63,740 ₹1,50,090 ₹1,22,800
लखनऊ ₹1,63,890 ₹1,50,240 ₹1,22,950
पटना ₹1,63,790 ₹1,50,140 ₹1,22,850
जयपुर ₹1,63,890 ₹1,50,240₹1,22,950
अहमदाबाद  ₹1,63,790 ₹1,50,140 ₹1,22,850

चार दिनों की स्थिरता के बाद फिसली चांदी

चांदी की बात करें तो लगातार चार दिनों की स्थिरता के बाद आज इसके भाव कम हुए हैं। इन चार दिनों की स्थिरता से पहले लगातार दो दिनों में एक किलो चांदी ₹10,500 ऊपर चढ़ी थी तो उससे भी एक दिन पहले 19 अगस्त को एक किलो चांदी ₹5000 नीचे आई थी। अब आज की बात करें तो दिल्ली में एक किलो चांदी ₹100 सस्ती होकर ₹2,59,900 के भाव में बिक रही है। बाकी अहम महानगरों की बात करें तो मुंबई और कोलकाता में भी यह इसी भाव पर बिक रही है। हालांकि चेन्नई में एक किलो चांदी का भाव ₹2,64,900 है यानी कि चारों बड़े महानगरों में सबसे महंगी चांदी चेन्नई में बिक रही है।

Delhi Lakshmi Yojana First Installment: कंफर्म हो गया, 26 अगस्त को लक्ष्मी योजना की जारी होगी पहली किस्त, ऐसे चेक करें स्टेटस

Delhi Lakshmi Yojana First Installment: दिल्ली की महिलाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। दिल्ली सरकार की महत्वाकांक्षी दिल्ली लक्ष्मी योजना की पहली किस्त 26 अगस्त को जारी होने जा रही है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता बुधवार को एक भव्य कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों के खातों में 2500 रुपये की पहली किस्त ट्रांसफर करेंगी। इस योजना की शुरुआत दिल्ली में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त, आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से की गई है।

तालकटोरा स्टेडियम में भव्य कार्यक्रम, 2500 महिलाओं को मिलेगी किस्त

इस योजना की पहली किस्त जारी करने के लिए दिल्ली सरकार द्वारा तालकटोरा स्टेडियम में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 26 अगस्त की सुबह 11 बजे शुरू होगा। इस विशेष समारोह में लगभग 2500 महिलाओं को सांकेतिक रूप से पहली किस्त दी जाएगी। आपको बता दें कि दिल्ली लक्ष्मी योजना 1 अगस्त से प्रभावी हुई थी और अब तक इस योजना के तहत 6 लाख से अधिक महिलाओं ने अपना पंजीकरण कराया है।

2500 रुपये का पूरा गणित: बैंक खाते और एफडी/आरडी का नियम

दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जानी है। ये मदद 1 सितंबर से लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा होना शुरू हो जाएगी। हालांकि इस 2500 रुपये की राशि को पूरा का पूरा अकाउंट में नहीं भेजा जाएगा। बाय डिफॉल्ट 2500 रुपये में से 1500 रुपये लाभार्थी महिला के RD या फिक्स्ड डिपॉजिट (खाते में जमा किए जाएंगे। बाकी 1000 रुपये लाभार्थी के उस बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाएंगे जो सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी वॉलेट से जुड़ा होगा। आरडी या एफडी में जमा की गई राशि पर 31 जुलाई 2029 तक लॉक-इन पीरियड लागू रहेगा।

अगर कोई लाभार्थी महिला चाहे तो वह पूरी 2500 रुपये की राशि को भी एफडी या आरडी में जमा करने का विकल्प चुन सकती है, जिस पर भी समान समय तक लॉक-इन पीरियड लागू रहेगा।

ऐसे चेक करें अपनी एप्लीकेशन का स्टेटस

अगर आपने दिल्ली लक्ष्मी योजना के लिए आवेदन किया है और अपने आवेदन की स्थिति देखना चाहते हैं, तो इन आसान स्टेप्स का पालन कर सकते हैं:

  • सबसे पहले दिल्ली लक्ष्मी योजना के आधिकारिक पोर्टल dly.delhi.gov.in पर जाएं।
  • होमपेज पर दिखाई दे रहे Track Application विकल्प पर क्लिक करें।
  • इसके बाद आपके सामने एक नया पेज खुलेगा, जहां आपको अपना पंजीकृत मोबाइल नंबर, जन्म तिथि और स्क्रीन पर दिखाई दे रहा कैप्चा डालना करना होगा।
  • सभी जानकारी भरने के बाद Sign In बटन पर क्लिक करें। इसके बाद आपके आवेदन का स्टेटस स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाएगा।

क्या अभी भी किया जा सकता है आवेदन?

जो महिलाएं अभी तक इस योजना में आवेदन नहीं कर सकी हैं, वे पोर्टल पर जाकर कभी भी आवेदन कर सकती हैं। दिल्ली लक्ष्मी योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरे साल खुली रहेगी। इसके लिए महिलाएं dly.delhi.gov.in/Account/Login पर जाकर आवेदन कर सकती हैं। हर महीने की अंतिम तारीख को उस महीने मिलने वाले आवेदनों के लिए कट-ऑफ तारीख माना जाएगा। इसके बाद स्वीकृत होने वाले पात्र आवेदनों को अगले महीने से योजना का लाभ दिया जाएगा।

कौन कर सकता है आवेदन? पात्रता और शर्तें

दिल्ली लक्ष्मी योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार ने कुछ जरूरी पात्रता मापदंड तय किए हैं-

  • आवेदन जमा करने की तिथि पर महिला की आयु 21 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए और वह अपने परिवार की सबसे बड़ी महिला सदस्य होनी चाहिए।
  • परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
  • महिला दिल्ली की पंजीकृत मतदाता होनी चाहिए। इसके अलावा आवेदक, उसके पति या उसके माता-पिता में से कोई भी आवेदन की तिथि पर कम से कम 10 वर्षों से दिल्ली का निवासी होना चाहिए।
  • पिछले 12 महीनों के दौरान परिवार की बिजली की खपत 2400 यूनिट से अधिक नहीं होनी चाहिए।

कौन नहीं होगा पात्र?

  • सरकारी पेंशन या नियमित वित्तीय सहायता प्राप्त करने वाली महिलाएं इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं।
  • आयकरदाता, जीएसटी भरने वाले, सरकारी कर्मचारी और जन प्रतिनिधि इस योजना से बाहर रखे गए हैं।
  • अगर आवेदक या उसके परिवार का कोई सदस्य चार पहिया वाहन का मालिक है या सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, बोर्ड या स्थानीय निकाय में काम करता है तो लाभ नहीं मिलेगा।
  • जिन आवेदकों के 3 से अधिक बच्चे हैं या जिनका आपराधिक रिकॉर्ड है, वे भी इस योजना की शर्तों के तहत अपात्र हैं।

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