Gold Investment: क्या अभी सोना खरीदना चाहिए? मोतीलाल ओसवाल ने निवेशकों को दी खास सलाह

Gold Investment: हाल के वर्षों में सोने ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। लेकिन अब निवेश की रणनीति बदलने की जरूरत हो सकती है। ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal Financial Services (MOFSL) का कहना है कि तेजी के दौरान एकमुश्त निवेश करने के बजाय धीरे-धीरे निवेश करना बेहतर रहेगा।

ब्रोकरेज के मुताबिक, अब सोने की कीमतों पर सिर्फ भू-राजनीतिक तनाव का असर नहीं पड़ता। अमेरिकी महंगाई, ब्याज दरें और रियल यील्ड जैसे फैक्टर्स भी बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।

क्या अभी सोना खरीदना चाहिए?

MOFSL का कहना है कि लंबी अवधि के निवेशकों को एक बार में बड़ी रकम लगाने से बचना चाहिए। इसके बजाय अलग-अलग स्तर पर धीरे-धीरे निवेश करना बेहतर रणनीति हो सकती है।

ब्रोकरेज का अनुमान है कि मौजूदा स्तर से सोने में 6% से 8% तक की गिरावट आ सकती है। इसके बाद अगले 12 से 15 महीनों में कीमतों में फिर तेजी देखने को मिल सकती है।

भारतीय निवेशकों के लिए ब्रोकरेज ने ₹1.30 लाख से ₹1.33 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर को खरीदारी के लिए वाजिब माना है। वहीं, मीडियम टर्म में ₹1.68 लाख और उसके बाद ₹1.93 लाख प्रति 10 ग्राम का लक्ष्य दिया है।

ब्याज दरों पर क्यों रखें नजर?

सोना नियमित आय नहीं देता, जैसे फिक्स्ड डिपॉजिट या बॉन्ड देते हैं। इसलिए ब्याज दरों का सोने की कीमतों पर बड़ा असर पड़ता है।

जब रियल यील्ड बढ़ती है, तो निवेशक ब्याज देने वाले निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं। इससे सोने पर दबाव आ सकता है। वहीं, ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद सोने की मांग बढ़ा सकती है।

ब्रोकरेज का कहना है कि आने वाले महीनों में अमेरिकी महंगाई, फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों पर फैसले, ग्लोबल लिक्विडिटी, केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और ETF निवेश पर नजर रखनी चाहिए।

चांदी को लेकर क्या राय है?

मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि चांदी की चाल सोने से अलग होती है। इसकी वजह यह है कि चांदी का इस्तेमाल निवेश के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक्स, रिन्यूएबल एनर्जी और इलेक्ट्रिक सेक्टर में भी होता है।

इसी कारण चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव ज्यादा हो सकता है। इस पर औद्योगिक मांग, वैश्विक आर्थिक स्थिति, निवेशकों की खरीदारी और ब्याज दरों का असर पड़ता है।

निवेशकों के लिए क्या है सलाह?

ब्रोकरेज का मानना है कि सोना और चांदी लंबी अवधि में पोर्टफोलियो में विविधता लाने का अच्छा विकल्प बने रहेंगे। हालांकि, निवेशकों को छोटी अवधि की तेजी या गिरावट के पीछे भागने के बजाय अनुशासित तरीके से निवेश करना चाहिए। महंगाई, ब्याज दरों और केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर नजर रखना ज्यादा अहम होगा।

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सोना ₹2,000 से ज्यादा चढ़ा, चांदी 4 हफ्ते के हाई पर पहुंची, इंडियन कंज्यूमर के लिए इस तेजी का क्या है मतलब!

Gold Silver Price Outlook: देश और दुनिया में सोने और चांदी की कीमतों में 5 अगस्त को बढ़त देखने को मिली। मजबूत ग्लोबल संकेतों, जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता और सुरक्षित निवेश के तौर पर इन कीमती धातुओं की मांग के कारण घरेलू वायदा बाजार (फ्यूचर्स मार्केट) में दोनों में तेजी देखी गई।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का सबसे ज्यादा ट्रेड होने वाला सितंबर कॉन्ट्रैक्ट 4,545 रुपये या 2.05 फीसदी बढ़कर 2,26,160 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया। इस साल 9 जुलाई को भी चांदी इसी स्तर के आसपास ट्रेड कर रही थी, जब कमोडिटी एक्सचेंज पर इसकी कीमत 2,26,377 रुपये प्रति किलोग्राम थी। वहीं अक्टूबर कॉन्ट्रैक्ट के लिए सोने के वायदा भाव ₹2,165 या 1.5% बढ़कर ₹1.46 लाख प्रति 10 ग्राम हो गए।

ग्लोबल बाज़ार में, दिसंबर डिलीवरी के लिए कॉमेक्स (Comex) गोल्ड फ्यूचर्स लगभग 2% बढ़कर $4,226.50 प्रति औंस हो गए, जबकि चांदी के वायदा भाव 3.21% बढ़कर $61.46 प्रति औंस हो गए।

सोने और चांदी की कीमतों में क्यों आ रही है तेजी?

जानकारों का कहना है कि यह तेजी जियोपॉलिटिकल हालात, कमज़ोर अमेरिकी डॉलर और ग्लोबल मॉनेटरी पॉलिसी को लेकर बदलती उम्मीदों के बीच कीमती धातुओं की बढ़ती मांग की वजह से आई है।

लेमन मार्केट्स डेस्क के रिसर्च हेड गौरव गर्ग ने कहा, “सोने की कीमतों में लगातार दूसरे सेशन में भी बढ़त देखी गई, क्योंकि जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता और कमज़ोर अमेरिकी डॉलर के कारण निवेशकों ने ‘सेफ-हेवन’ (सुरक्षित निवेश) के तौर पर सोना खरीदना बढ़ाया है।”

जानकारों के मुताबिक, मार्केट में नए सौदे होने से चांदी की कीमतों को भी फायदा हुआ।

चॉइस ब्रोकिंग की कमोडिटी फंडामेंटल एनालिस्ट पिंकी यादव के अनुसार, होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने की बातचीत में प्रगति की खबरों से एनर्जी सप्लाई में रुकावट की चिंता कम हुई और कच्चे तेल की कीमतें गिरीं, जिसके बाद बुलियन की कीमतों में बढ़त हुई।

कच्चे तेल की कम कीमतें महंगाई के दबाव को कम कर सकती हैं, जिससे ब्याज दरों को लेकर निवेशकों की उम्मीदों पर असर पड़ता है और कीमती धातुओं की मांग को बढ़ावा मिलता है।

RBI का पॉलिसी फ़ैसला और उसका असर

यह तेज़ी ऐसे समय में आई है जब रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) ने लगातार चौथी पॉलिसी मीटिंग में बेंचमार्क रेपो रेट को 5.25% पर ही बनाए रखने का फैसला किया है।

कैपिटलXB के को-फ़ाउंडर और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अजिताभ भारती ने कहा कि RBI का यथास्थिति बनाए रखने का फैसला आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और महंगाई के जोखिमों पर नजर रखने के बीच संतुलन को दिखाता है। “हालांकि अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव ग्लोबल महंगाई के आउटलुक पर असर डाल रहा है, लेकिन RBI का ध्यान विकास को बढ़ावा देने और साथ ही महंगाई पर बारीकी से नजर रखने पर बना रहेगा।”

इंडियन कंज्यूमर के लिए इस बढ़ोतरी का क्या है मतलब?

सोने-चांदी की कीमतों में यह बढ़ोतरी त्योहारी सीजन से ठीक पहले हुई है, जब भारत में आमतौर पर सोने की मांग बढ़ जाती है। ऊंची कीमतें गहने खरीदने के फैसलों पर असर डाल सकती हैं, खासकर उन ग्राहकों के लिए जो अपनी मर्जी से या गैर-जरूरी चीजों के लिए खरीदारी करते हैं।

कामा ज्वैलरी के मैनेजिंग डायरेक्टर कॉलिन शाह ने कहा कि दुनिया भर में अनिश्चितता और बदलती आर्थिक स्थितियों की वजह से ग्राहक ज़्यादा सतर्क हो सकते हैं।शाह ने कहा, “आर्थिक हालात के अनिश्चित होने की वजह से लोग सतर्क हो रहे हैं। जैसे-जैसे हम त्योहारी सीजन की ओर बढ़ रहे हैं, इसका असर घरेलू मांग पर थोड़ा दिखेगा, खासकर सोना खरीदने के मामले में।”हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सोने की पारंपरिक भूमिका यानी मूल्य को सुरक्षित रखने का जरिया – लंबे समय तक इसकी मांग को बनाए रख सकती है।

आगे कहां तक जाएंगे भाव

रिद्धि-सिद्धि बुलियंस के मैनेजिंग डायरेक्टर और इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट पृथ्वीराज कोठारी ने कहा कि अगर सोने की कीमत $4,200 प्रति औंस से ऊपर बनी रहती है, तो इसके $4,500 प्रति औंस तक पहुंचने की संभावना बन सकती है।

उन्होंने कहा कि घरेलू स्तर पर, इससे सोने की कीमतें लगभग ₹1.55 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती हैं।

वहीं चांदी के आउटलुक पर अगर कीमत लगातार $63 प्रति औंस से ऊपर बनी रहती है, तो यह $70-$71 प्रति औंस की रेंज तक जा सकती है, जो लगभग ₹2.50-2.55 लाख प्रति किलोग्राम के बराबर है।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Silver Gold Price Today: भारत में सोना ₹1.42 के पार निकला, चांदी ₹2600 चढ़ी,तेजी की क्या है वजह

Silver Gold Price Today: भारत में सोने चांदी की कीमतों में बढ़त देखने को मिल रही है। MCX पर सोने का भाव 904 रुपये यानी 0.64 फीसदी की बढ़त के साथ 1, 42, 059 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंचा। वहीं चांदी 2600 रुपये यानी 1.2 फीसदी की बढ़त के साथ 2,19,448 रुपये किलोग्राम पर पहुंचा।

वहीं इंटरनेशनल मार्केट में कॉमेक्स (Comex) पर,स्पॉट गोल्ड 0.47 प्रतिशत बढ़कर $4,109.90 प्रति औंस हो गया, जबकि चांदी 1.84 प्रतिशत बढ़कर $58.92 प्रति औंस हो गई।

बाजारों की नजर अब इस हफ्ते आने वाली अमेरिकी लेबर मार्केट की कई रिपोर्टों पर है, जिनमें मंगलवार को बाद में आने वाला JOLTS जॉब ओपनिंग्स डेटा, बुधवार को ADP प्राइवेट एम्प्लॉयमेंट रिपोर्ट और शुक्रवार को नॉन-फार्म पेरोल्स रिपोर्ट शामिल हैं। उम्मीद है कि यह डेटा फेडरल रिजर्व की ब्याज दर की चाल के बारे में नए संकेत देगा।

इस बीच, भू-राजनीतिक घटनाक्रम भी चर्चा में रहे, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत चल रही है और इसे तेहरान के लिए किसी समझौते पर सहमत होने का “आखिरी मौका” बताया। हालांकि, ईरान ने इस बात से इनकार किया कि कोई बातचीत हो रही है या इसकी कोई योजना है।

अमेरिका-ईरान तनाव कम होने से कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव पड़ा और रिस्क एसेट्स (जोखिम वाली संपत्तियों) को बढ़ावा मिला। मंगलवार को शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 3 पैसे बढ़कर 95.34 पर पहुंच गया, और ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 5.06 प्रतिशत गिरकर $83.48 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जिससे महंगाई की चिंताएं कम हुईं और ट्रेजरी यील्ड में गिरावट आई। ट्रेडर्स अभी सितंबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की 65 प्रतिशत संभावना मानकर चल रहे हैं।

अब क्या करें निवेश

ऑगमोंट (Augmont) की चीफ रिसर्च ऑफिसर रेनिषा चैनानी ने कहा कि जब तक लेबर मार्केट का आगामी डेटा अमेरिकी मॉनेटरी पॉलिसी के बारे में स्पष्ट संकेत नहीं देता, तब तक सोने की कीमतें एक निश्चित दायरे में रहने की संभावना है। “हमारी राय में, आज कीमती धातुओं में आई तेज़ी मुख्य रूप से जियोपॉलिटिकल तनाव और ग्लोबल इकोनॉमिक आउटलुक को लेकर अनिश्चितता के बीच ‘सेफ-हेवन’ (सुरक्षित निवेश) की बढ़ती मांग के कारण है। मिडिल ईस्ट में हालिया घटनाक्रम के बाद निवेशक सतर्क हो गए हैं, जिससे सोना, चांदी, प्लेटिनम और पैलेडियम की खरीदारी बढ़ी है। एक और अहम वजह आने वाला US इकोनॉमिक डेटा है, खासकर लेबर मार्केट की रिपोर्ट, जो फेडरल रिजर्व के अगले ब्याज दर के फैसले से जुड़ी उम्मीदों पर असर डालेगी।

हमारा मानना ​​है कि निवेशकों को US मैक्रो-इकोनॉमिक डेटा, ट्रेजरी यील्ड, डॉलर इंडेक्स, कच्चे तेल की कीमतों और जियोपॉलिटिकल घटनाक्रम पर बारीकी से नज़र रखनी चाहिए, क्योंकि ये कारक तय करेंगे कि मौजूदा तेज़ी में आगे बढ़ने की ताकत है या नहीं,” तिवारी ने कहा।

ऑगमॉन्ट बुलियन की रिपोर्ट (4 अगस्त) का अनुमान है कि अगर सोने की कीमत $4,000 (₹1,41,000) से नीचे गिरती है, तो यह और गिरकर $3,900 (₹1,38,000) तक जा सकती है। लेकिन अगर यह $4,200 (₹1,46,000) से ऊपर बनी रहती है, तो एक नई तेज़ी इसे $4,500 (₹1,55,000) की ओर ले जा सकती है। चांदी के लिए, $63 (₹2,35,000) से ऊपर की मज़बूत चाल कीमतों को $70–71 की ओर धकेल सकती है। दूसरी ओर, $55 (₹2,14,000) से नीचे की गिरावट इसे $50 (₹2,00,000) तक नीचे ला सकती है।

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Gold Silver price: सोने-चांदी की कीमतों में तेजी, जानें बढ़त की क्या है वजह और क्या करें निवेशक

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Silver Price Today: सोना ₹900 सस्ता हुआ, चांदी का ₹1800 बढ़ा भाव

Gold Silver Price Today: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार को सोने की कीमत में ₹900 प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज की गई। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, 24 कैरेट शुद्धता वाला सोना अब ₹1,47,400 प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। पिछले कारोबारी सत्र में इसका भाव ₹1,48,300 प्रति 10 ग्राम था।

सोना क्यों हुआ सस्ता?

HDFC Securities के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की चाल सुस्त रही। वहीं, रुपये की मजबूती का भी घरेलू कीमतों पर असर पड़ा। इसी वजह से सोना सीमित दायरे में कारोबार करता रहा और कीमतों में गिरावट आई।

चांदी में लौटी तेजी

सोने के उलट चांदी की कीमत में ₹1,800 प्रति किलो की तेजी आई। अब चांदी ₹2,26,500 प्रति किलो पर पहुंच गई है। पिछले कारोबारी सत्र में इसका भाव ₹2,24,700 प्रति किलो था।

Lemonn Markets Desk के रिसर्च हेड गौरव गर्ग के अनुसार, अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बाद निवेशकों ने चांदी में खरीदारी बढ़ाई। इससे चांदी के दाम मजबूत हुए।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्या रहा हाल?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड मामूली बढ़त के साथ 4,048.89 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। वहीं, चांदी भी हल्की तेजी के साथ 57.97 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

Kotak Securities की कमोडिटी रिसर्च AVP कायनात चैनवाला के मुताबिक, ईरान पर नए हमले की योजना रद्द होने के बाद भू-राजनीतिक तनाव कुछ कम हुआ है। इससे कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई और कीमती धातुओं को थोड़ा सहारा मिला। साथ ही, डॉलर में कमजोरी ने भी सोना और चांदी को सपोर्ट दिया।

इस हफ्ते इन आंकड़ों पर रहेगी नजर

Mirae Asset Sharekhan के हेड ऑफ कमोडिटीज प्रवीण सिंह का कहना है कि तेल की कीमतों में 5% से ज्यादा गिरावट के बावजूद सोने में बड़ी तेजी नहीं दिख रही है। इसकी वजह यह है कि इस हफ्ते अमेरिका के कई अहम आर्थिक आंकड़े जारी होने वाले हैं। निवेशकों की नजर फिलहाल इन्हीं आंकड़ों पर टिकी है।

MCX गोल्ड पर एक्सपर्ट की राय

LKP Securities के वाइस प्रेसिडेंट (कमोडिटी और करेंसी रिसर्च) जतीन त्रिवेदी का कहना है कि फिलहाल MCX पर सोने की कीमतें सीमित दायरे में कारोबार कर रही हैं। इसकी वजह अमेरिका-ईरान के बीच फिलहाल कोई नया तनाव नहीं होना, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और डॉलर का कमजोर होना है।

अब आगे सोने की चाल कैसी रहेगी

जतीन त्रिवेदी के मुताबिक, अब सोने की चाल फेडरल रिजर्व के रेट संकेत और अमेरिका के रोजगार से जुड़े अहम आंकड़ों के हिसाब से चलेंगी। उनका मानना है कि तकनीकी रूप से निकट भविष्य में MCX Gold ₹1,42,000 से ₹1,45,000 प्रति 10 ग्राम के दायरे में कारोबार कर सकता है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Gold Silver Price Today: सोना ₹1000 उछलकर ₹1.48 लाख के पार, चांदी ₹600 सस्ती हुई

Gold Silver Price Today: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गुरुवार को सोने की कीमत ₹1,000 बढ़कर ₹1.48 लाख प्रति 10 ग्राम पहुंच गई। ज्वेलर्स और रिटेल खरीदारों की ताजा खरीदारी के साथ-साथ वैश्विक बाजार में मजबूती से सोने को सहारा मिला। इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में 99.9% शुद्धता वाला सोना ₹1,47,000 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।

वहीं, चांदी ₹600 टूटकर ₹2,24,700 प्रति किलोग्राम पर आ गई। एक दिन पहले इसका भाव ₹2,25,300 प्रति किलोग्राम था। यह जानकारी ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन ने दी।

क्यों बढ़ी सोने की कीमत?

कारोबारियों के मुताबिक, ज्वैलर्स और स्टॉकिस्ट की बढ़ी खरीदारी से घरेलू बाजार में सोने की कीमतों को सहारा मिला। हालांकि, रुपये में मजबूती की वजह से तेजी सीमित रही।

HDFC Securities के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति के बाद डॉलर में कमजोरी आई है। इससे सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने की मांग बढ़ी। उन्होंने बताया कि डॉलर इंडेक्स पिछले सत्र में करीब 1% गिरने के बाद 101 के आसपास कारोबार कर रहा था।

अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड मामूली बढ़त के साथ 4,071.55 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। वहीं, स्पॉट सिल्वर 1% चढ़कर 58.25 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।

Kotak Neo की एवीपी कमोडिटी रिसर्च कायनात चैनवाला के मुताबिक, फिलहाल बाजार की नजर अमेरिका के PCE महंगाई आंकड़ों और जॉबलेस क्लेम्स के डेटा पर है। आने वाले दिनों में यही तय करेगा कि सितंबर में फेड ब्याज दरों में बदलाव की संभावना कितनी मजबूत होती है। साथ ही, निवेशक अमेरिका-ईरान तनाव पर भी नजर बनाए हुए हैं।

भारत में घटी सोने की मांग

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल-जून तिमाही में भारत में सोने की मांग 6% घटकर 131.4 टन रह गई। पिछले साल इसी अवधि में यह 139.7 टन थी। मौसमी सुस्ती, ऊंची कस्टम ड्यूटी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोने की खरीद कम करने की अपील का असर मांग पर देखने को मिला।

वैश्विक स्तर पर अप्रैल-जून तिमाही में सोने की कुल मांग लगभग स्थिर रही। यह 1,269 टन रही, जबकि पिछले साल समान तिमाही में यह 1,268.6 टन थी।

MCX गोल्ड प्राइस का हाल

LKP Securities के वीपी रिसर्च एनालिस्ट (कमोडिटी एवं करेंसी) जतीन त्रिवेदी ने कहा कि COMEX Gold 4,030 से 4,080 डॉलर प्रति औंस के दायरे में कारोबार करता रहा। वहीं, MCX Gold करीब ₹1,42,500 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया और इसमें करीब ₹700 की तेजी आई।

आगे कैसी रहेगी चाल

जतीन त्रिवेदी का कहना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया, लेकिन उसके बयान का रुख अब भी सख्त (Hawkish) रहा। तीन FOMC सदस्यों ने दरें बढ़ाने के पक्ष में वोट दिया। हालांकि, फेड ने आगे ब्याज दरों में बदलाव के समय को लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया। ऐसे में निवेशक फिलहाल सोने में सतर्क रुख अपना रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अब बाजार की नजर अमेरिका के Core PCE Price Index पर रहेगी। यह फेड का पसंदीदा महंगाई संकेतक है और इससे ब्याज दरों की आगे की दिशा तय होने के संकेत मिल सकते हैं। इसके आधार पर सोने की कीमतों में अगली बड़ी चाल देखने को मिल सकती है।

*पीटीआई से इनपुट के साथ

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Silver price Today: फेड फैसले से पहले सोने-चांदी में उठा-पटक, चांदी ‌₹2200 हुई महंगी, अब क्या करें निवेशक

Gold Silver price Today: सोने-चांदी की कीमतों में आज 29 जुलाई को उठा- पटक देखने को मिल रही है। बुधवार को स्पॉट मार्केट में मांग घटने की वजह से फ्यूचर्स ट्रेड में सोने की कीमतें 158 रुपये गिरकर 1,41,465 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई है। उसके विपरीत, चांदी की कीमतें 0.69 फीसदी बढ़कर 2.17 लाख रुपये प्रति किलोग्राम हो गई।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर अगस्त डिलीवरी के लिए सोने के कॉन्ट्रैक्ट्स 158 रुपये या 0.11 प्रतिशत गिरकर 1,41,465 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड हुए, जिसमें 375 लॉट का कारोबार हुआ। सितंबर डिलीवरी के लिए चांदी की कीमतें 2250 रुपये या 1.04 फीसदी बढ़कर 2,18,649 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई।

बाजार जानकारों का कहना है कि सोने की कीमतों में यह गिरावट स्पॉट मार्केट में कमजोर मांग के कारण आई है। ग्लोबल स्तर पर, न्यूयॉर्क में गोल्ड फ्यूचर्स 4,031.22 डॉलर प्रति औंस पर स्थिर ट्रेड कर रहे थे। मार्केट में नई पोजीशन बनने से चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी हुई।

आज रात US फेड पॉलिसी को होगा ऐलान

US फेड का पॉलिसी फ़ैसला आज रात 11:30 बजे (IST) आएगा, जबकि फेड चेयर केविन वॉर्श की टिप्पणी रात 12:00 बजे (IST) होनी है।

जून में महंगाई के आंकड़े उम्मीद से कम रहने के बाद, ऐसी पूरी उम्मीद है कि US सेंट्रल बैंक आज ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा। हालांकि, मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण महंगाई बढ़ने की नई चिंताओं की वजह से फेड सितंबर और दिसंबर में ब्याज दरें बढ़ा सकता है।

न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, FedWatch टूल बताता है कि बाज़ार को सितंबर में ब्याज दरें बढ़ने की 76% संभावना और 29 जुलाई को 25-बेसिस-पॉइंट की बढ़ोतरी की 30% संभावना दिख रही है।

क्या कहते है बाजार जानकार

मास्टर कैपिटल सर्विसेज़ के चीफ़ रिसर्च ऑफ़िसर रवि सिंह ने कहा, “बाज़ार अभी ब्याज दरें बढ़ने की लगभग एक-तिहाई संभावना मानकर चल रहा है। सख़्त मॉनेटरी पॉलिसी की उम्मीदों ने US डॉलर इंडेक्स को 14 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंचा दिया है, जिससे बुलियन (सोने-चांदी) पर दबाव पड़ा है।” US फेड के अलावा, बैंक ऑफ़ इंग्लैंड (BoE) और बैंक ऑफ़ जापान (BoJ) भी क्रमशः गुरुवार और शुक्रवार को ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं कर सकते हैं।

बढ़ी हुई ब्याज दरें सोने की कीमतों के लिए नकारात्मक होती हैं, क्योंकि ऊंची दरों से इस पीली धातु (जो कोई रिटर्न नहीं देती) को अपने पास रखने की ‘अपॉर्चुनिटी कॉस्ट’ बढ़ जाती है।

इस बीच, डॉलर इंडेक्स 0.10% गिरकर 101.30 पर आ गया, जबकि US 10-साल के बॉन्ड का यील्ड पिछले सेशन के 4.60% से बढ़कर 4.61% हो गया।

अब क्या हो रणनीति

पृथ्वीफिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च के मनोज कुमार जैन के अनुसार, आज के सेशन में सोने के लिए $4,010 और $3,974 पर सपोर्ट और $4,070 और $4,110 प्रति ट्रॉय औंस पर रेजिस्टेंस है, जबकि चांदी के लिए $56.80 और $56 पर सपोर्ट और $58.40 और $59.10 प्रति ट्रॉय औंस पर रेजिस्टेंस है।

MCX पर, जैन ने बताया कि सोने के लिए सपोर्ट ₹1,40,800 और ₹1,40,000 पर है और रेजिस्टेंस ₹1,42,200 और ₹1,43,100 पर है, जबकि चांदी के लिए सपोर्ट ₹2,14,000 और ₹2,12,200 पर है और रेजिस्टेंस ₹2,17,700 और ₹2,20,000 पर है।जैन ने कहा, “हम लंबे समय के निवेशकों को सलाह देते हैं कि वे बाजार में आई इस गिरावट के दौरान SIP मोड में सोना और चांदी खरीदें, और ट्रेडर्स FOMC मीटिंग के नतीजों से पहले इससे दूर रहें।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Silver Price Today: सोना ₹2440 महंगा हुआ, चांदी का भाव ₹5300 उछला

Gold Silver Price Today: सोने और चांदी की कीमतों में सोमवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, सोना ₹2,440 चढ़कर ₹1,49,640 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं, चांदी ₹5,300 की तेजी के साथ ₹2,30,000 प्रति किलो हो गई।

सोने-चांदी के दाम क्यों बढ़े?

लगातार दो दिन की गिरावट के बाद बाजार में खरीदारी लौटी है। इसकी बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट है। इससे महंगाई को लेकर चिंता कुछ कम हुई। निवेशकों का रुख फिर से सोने और चांदी की तरफ बढ़ा।

HDFC Securities के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी का कहना है कि पश्चिम एशिया में तनाव कम होने से कच्चे तेल के दाम गिरे हैं। इसका फायदा सोने को मिला। इसके अलावा, अमेरिकी डॉलर कमजोर हुआ है और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड भी घटी है। इससे भी सोने की कीमतों को सहारा मिला। हालांकि, रुपये की मजबूती की वजह से घरेलू बाजार में तेजी कुछ सीमित रही।

विदेशी बाजार में भी तेजी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 42.13 डॉलर बढ़कर 4,095.30 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं, स्पॉट सिल्वर 1.47% चढ़कर 59.04 डॉलर प्रति औंस हो गई।

Kotak Securities की एवीपी (कमोडिटी रिसर्च) कायनात चैनवाला ने कहा कि कच्चे तेल के दाम घटने से महंगाई का दबाव कम होने की उम्मीद बढ़ी है। इसी वजह से सोने और चांदी में खरीदारी बढ़ी।

अब किस पर रहेगी नजर?

JM Financial Services के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट प्रणव मेर के मुताबिक, अब बाजार की नजर पश्चिम एशिया के हालात पर रहेगी। इसके अलावा, यूरोजोन, जापान और अमेरिका के महंगाई के आंकड़े भी अहम रहेंगे।

उन्होंने बताया कि अमेरिका के GDP के आंकड़े आएंगे। कंज्यूमर कॉन्फिडेंस का डेटा भी जारी होगा। साप्ताहिक जॉबलेस क्लेम्स के आंकड़े भी अहम रहेंगे। इसके अलावा, फेडरल रिजर्व, बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ जापान की ब्याज दरों पर होने वाले फैसले भी सोने-चांदी की दिशा तय कर सकते हैं।

MCX गोल्ड पर एक्सपर्ट की राय

LKP Securities के वीपी रिसर्च एनालिस्ट (कमोडिटी और करेंसी) जतीन त्रिवेदी ने कहा कि सोमवार को एमसीएक्स पर सोना करीब 0.50% की तेजी के साथ ₹1,43,675 प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा था। वहीं, COMEX Gold करीब 37 डॉलर चढ़कर 4,090 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गया। हालांकि, रुपये की मजबूती की वजह से घरेलू बाजार में सोने की तेजी वैश्विक बाजार के मुकाबले थोड़ी कम रही।

उनका कहना है कि अब बाजार की नजर इस सप्ताह होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक पर है। इस बैठक से ब्याज दरों के संकेत मिल सकते हैं। इसका असर आगे सोने की कीमतों पर भी दिख सकता है। तकनीकी तौर पर एमसीएक्स गोल्ड के ₹1,42,000 से ₹1,45,500 के दायरे में कारोबार करने की उम्मीद है।

*पीटीआई से इनपुट के साथ

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Silver Price Today: सोना ₹800 उछला, ₹1.47 लाख के पार पहुंचा दाम; चांदी सपाट रही

Gold Silver Price Today: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मंगलवार को सोने की कीमत ₹800 बढ़कर ₹1,47,700 प्रति 10 ग्राम पहुंच गई। मजबूत घरेलू मांग और वैश्विक बाजार में तेजी की वजह से सोने में यह उछाल देखने को मिला। इससे पहले सोमवार को सोना ₹1,46,900 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।

वहीं, चांदी की कीमत ₹2,21,500 प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही। कारोबारियों के मुताबिक हालिया गिरावट के बाद चांदी में खरीदारी सीमित रही। वहीं, सोने में लगातार अच्छी मांग बनी हुई है।

सोने की कीमत क्यों बढ़ी?

HDFC Securities के कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बातचीत शुरू होने की उम्मीद से भू-राजनीतिक तनाव कुछ कम हुआ है। इससे कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई और निवेशकों का रुझान फिर से सोने की ओर बढ़ा।

उन्होंने कहा कि चीन में मजबूत फिजिकल डिमांड और दुनिया के कई केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी भी सोने की कीमतों को सहारा दे रही है।

ग्लोबल मार्केट में भी तेजी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 1.25% बढ़कर 4,057.89 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान यह 4,082 डॉलर प्रति औंस के इंट्राडे हाई तक भी गया।

Kotak Securities की कमोडिटी रिसर्च की कायनात चैनवाला ने कहा कि पिछले हफ्ते 4,000 डॉलर से नीचे फिसलने के बाद सोने ने अब फिर से तेजी पकड़ ली है।

चांदी ने भी दिखाई मजबूती

वैश्विक बाजार में स्पॉट सिल्वर 4% से ज्यादा बढ़कर 58.80 डॉलर प्रति औंस पहुंच गई।

Mirae Asset ShareKhan के कमोडिटी प्रमुख प्रवीण सिंह का कहना है कि अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत की उम्मीद से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। वहीं, चीन की ओर से टेक सेक्टर को समर्थन देने के लिए किए जा रहे बड़े निवेश से इंडस्ट्रियल मेटल्स, खासकर चांदी, को भी मजबूती मिली है।

MCX गोल्ड पर एक्सपर्ट की राय

LKP Securities के वीपी (रिसर्च- कमोडिटी और करेंसी) जतीन त्रिवेदी ने कहा कि हालिया गिरावट के बाद सोने में फिर से मजबूत रिकवरी देखने को मिली है। MCX पर सोना करीब ₹1,500 यानी 1% चढ़कर ₹1,42,800 के आसपास पहुंच गया। वहीं, COMEX Gold भी 4,070 डॉलर प्रति औंस के करीब कारोबार कर रहा है और 4,000 डॉलर के अहम स्तर से ऊपर बना हुआ है।

उनके मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच जारी भू-राजनीतिक तनाव की वजह से सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की मांग फिर बढ़ी है। इसी का फायदा सोने को मिल रहा है। हाल की गिरावट के बाद बिकवाली का दबाव भी काफी हद तक कम हो गया है।

जतीन त्रिवेदी का कहना है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और फेडरल रिजर्व के सतर्क रुख के बावजूद भू-राजनीतिक अनिश्चितता निवेशकों को फिर से सोने की ओर खींच रही है। उनका अनुमान है कि अगले कुछ कारोबारी सत्रों में MCX Gold ₹1,41,000 से ₹1,45,000 प्रति 10 ग्राम के दायरे में कारोबार कर सकता है।

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Gold Silver Price Today: चांदी 6 दिन में ₹15500 सस्ती हुई, सोने का बढ़ा दाम

Gold Silver Price Today: पिछले हफ्ते की तेज गिरावट के बाद सोमवार को सोने की कीमतों में जोरदार वापसी देखने को मिली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोना ₹1,400 चढ़कर करीब ₹1.47 लाख प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं, चांदी की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। सोमवार को चांदी ₹1,000 सस्ती हो गई और यह लगातार छठे कारोबारी सत्र में कमजोर रही।

सोने का ताजा भाव

ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, 24 कैरेट वाला सोना सोमवार को ₹1,46,900 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। शुक्रवार को इसका भाव ₹1,45,500 प्रति 10 ग्राम था। यानी एक दिन में सोने की कीमत ₹1,400 बढ़ गई।

चांदी में लगातार छठे दिन गिरावट

दूसरी ओर, चांदी की कीमत ₹1,000 घटकर ₹2,21,500 प्रति किलोग्राम रह गई। पिछले कारोबारी सत्र में इसका भाव ₹2,22,500 प्रति किलो था।

अगर 10 जुलाई से अब तक की बात करें, तो चांदी की कीमत में कुल ₹15,500 यानी करीब 6.5% की गिरावट आ चुकी है।

क्यों बढ़ा सोने का भाव?

बाजार के जानकारों का कहना है कि पिछले हफ्ते की बड़ी गिरावट के बाद निवेशकों ने सस्ते भाव पर सोने की खरीदारी शुरू की। इसी वजह से कीमतों में रिकवरी देखने को मिली।

HDFC Securities के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिले सकारात्मक संकेत और डॉलर में नरमी की वजह से सोने को समर्थन मिला। डॉलर कमजोर होने पर विदेशी निवेशकों के लिए सोना खरीदना कुछ सस्ता हो जाता है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्या हुआ?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड करीब 4,020 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। वहीं, स्पॉट सिल्वर करीब 2% की बढ़त के साथ 57 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गई।

Kotak Securities की AVP कमोडिटी रिसर्च कायनात चैनवाला के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अभी भी बना हुआ है। हालांकि, दोनों देशों के बीच मध्यस्थों के जरिए बातचीत की कोशिशें भी जारी हैं। इसी वजह से निवेशकों का रुख लगातार बदल रहा है।

कच्चे तेल ने बढ़ाई बाजार की चिंता

भूराजनीतिक तनाव के चलते ब्रेंट क्रूड कुछ समय के लिए 91 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया। WTI क्रूड भी 85 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया।

हालांकि बाद में ईरान की ओर से बातचीत के संकेत मिलने के बाद तेल की कीमतों में कुछ नरमी आई। जानकारों का कहना है कि अगर तनाव फिर बढ़ता है, तो ब्रेंट क्रूड दोबारा 90 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर जा सकता है।

आगे क्या रह सकता है रुख?

Mirae Asset ShareKhan के हेड ऑफ कमोडिटीज प्रवीण सिंह का मानना है कि फिलहाल सोने की कीमतें सीमित दायरे में रह सकती हैं। आने वाले दिनों में अमेरिका की ब्याज दरों और पश्चिम एशिया से जुड़ी खबरें सोने और चांदी की कीमतों की दिशा तय करेंगी।

MCX गोल्ड पर एक्सपर्ट की राय

वहीं, LKP Securities के वीपी (रिसर्च एनालिस्ट- कमोडिटी एंड करेंसी) जतीन त्रिवेदी का कहना है कि MCX पर सोने में करीब ₹900 की तेजी आई है और यह ₹1,41,850 के आसपास कारोबार कर रहा है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में COMEX गोल्ड 3,975 डॉलर के सपोर्ट से उछलकर करीब 4,020 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया है।

उनके मुताबिक, जून के नरम अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों से सोने को शुरुआती समर्थन मिला। हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों की वजह से आने वाले महीनों में महंगाई फिर बढ़ सकती है। अगर ऐसा होता है, तो अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व सितंबर या दिसंबर में एक बार फिर ब्याज दरें बढ़ाने पर विचार कर सकता है।

गोल्ड के लिए अहम लेवल

जतीन त्रिवेदी का कहना है कि ऊंची ब्याज दरों की आशंका, मजबूत अमेरिकी डॉलर और महंगे कच्चे तेल की वजह से फिलहाल सोने की तेजी सीमित रह सकती है। तकनीकी स्तर पर MCX गोल्ड के लिए ₹1,40,000 मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है। वहीं, ₹1,42,500 निकट अवधि का अहम रेजिस्टेंस स्तर हो सकता है।

Gold Price : मिडिल ईस्ट तनाव और फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की आशंका के बीच सोने की चाल सपाट,जानिए क्या हो निवेश रणनीति

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Gold-Silver Price : MCX पर सोने-चांदी ने फिर पकड़ी रफ्तार, जानिए आगे कैसी रह सकती है इनकी चाल

Gold-Silver Price : सोमवार,20 जुलाई को वायदा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। इसकी वजह हाजिर बाजार में मजबूत मांग और चांदी के लिए ग्लोबल स्तर पर पॉजिटिव रुझान के बीच ट्रेडर्स का नई पोजीशन बनाना रहा। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर,अगस्त डिलीवरी वाले फ्यूचर्स में ₹294 या 0.21% की बढ़ोतरी हुई है और यह ₹1.41 लाख प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। इस कॉन्ट्रैक्ट में 720 लॉट का कारोबार हुआ। एनालिस्ट्स ने इस बढ़ोतरी की वजह मार्केट में नई खरीदारी को बताया है।

सिल्वर फ्यूचर्स में भी तेजी आई है। MCX पर सितंबर का सिल्वर कॉन्ट्रैक्ट ₹1,618 या 0.75% बढ़कर ₹2.18 लाख प्रति किलोग्राम पर आ गया है, जिसमें 1,371 लॉट का कारोबार हुआ।

ग्लोबल स्तर पर चांदी की कीमतें मजबूत बनी रहीं। Comex सिल्वर फ्यूचर्स 1.21% बढ़कर $56.59 प्रति औंस पर आ गया है। हालांकि,न्यूयॉर्क में गोल्ड फ्यूचर्स में थोड़ी गिरावट देखी गई और ये 0.17% गिरकर $4,011 प्रति औंस पर ट्रेड करता दिखा।

सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव की क्या है वजह ?

भू-राजनीतिक तनाव,महंगाई की चिंता और अमेरिकी ब्याज दरों के फैसलों से जुड़ी उम्मीदे जैसे ग्लोबल संकेतों के कारण हाल के दिनों में प्रेशियस मेटल्स की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।

रिद्धि-सिद्धि बुलियंस के मैनेजिंग डायरेक्टर,इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन लिमिटेड के प्रेसिडेंट और जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइज़ेशन के चेयरमैन पृथ्वीराज कोठारी का कहना है कि पिछले हफ्ते सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट आई। इसमें भी चांदी में ज्यादा गिरावट आई।

उन्होंने आगे कहा कि एक अजीब ट्रेंड देखने को मिल रहा है,जिसमें वेस्ट एशिया में तनाव ने कीमती धातुओं को पुश करने के बजाय उन पर दबाव बनाया है। US-ईरान के बीच टकराव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को लेकर बन चिंताओं के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं हैं,जिससे महंगाई की चिंताएं बढ़ गईं और सितंबर में US फ़ेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने की संभावना और मजबूत हो गई है।

आगे कैसी रह सकती है सोने-चांदी की चाल

पृथ्वीराज कोठारी की राय है कि सेंट्रल बैंक की खरीदारी(खासकर चीन की तरफ से) सोने की कीमतों को सपोर्ट देती रही है,जबकि वेस्टर्न एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETFs) और भारतीय रिटेल निवेशकों की तरफ से मांग में कमी के कारण बाजार का मूड सतर्क बना हुआ है। इस समय सोने की फेयर वैल्यू 4,100 डॉलर प्रति औंस के आस-पास है। अगर सोना 4,000 डॉलर प्रति औंस से नीचे जाता है तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और इसके भाव 3,900 डॉलर प्रति औंस की ओर गिर सकते हैं। वहीं,अगर यह 4,200 डॉलर प्रति औंस से ऊपर बना रहता है,तो इसके 4,500 डॉलर तक पहुंचने की संभावना बढ़ सकती है।

 

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।