चीन जीता 80 गोल्ड भारत 2, प्रशंसकों ने कहा क्यों बर्बाद किए 702 करोड़ रुपए

एशियाई खेलों में जहां चीन 80 पदक जीत चुका है और लग रहा है कि सिर्फ 2-3 खेलों में ही स्वर्ण पदक नहीं जीतेगा वहां ऐसा प्रतीत होता है कि भारत सिर्फ 2-3 खेलों में ही  स्वर्ण पदक जीतेगा। हांगजाऊ में हुए एशियाई खेलों में जहां भारत इस वक्त तक 28 गोल्ड मेडल जीत चुका था इस बार अब तक  सिर्फ 2 गोल्ड मेडल आए हैं। पहला महिला क्रिकेट में और दूसरा निशानेबाजी में ऐसे में भारत का हांगजाऊ के 107 पदक तालिका से बेहतर प्रदर्शन करना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन लग रहा है।

भारत को सबसे ज्यादा नुकसान निशानेबाजी और रोइंग में हुआ जहां पिछली बार भारत ने रोइंग में 5 पदक जीते थे अभी सिर्फ एक ही है। वहीं निशानेबाजी में भी पिछली बार के मुकाबले पदक आधे ही हैं।

ऐसे में खेल प्रेमी इस बात पर नाराज हो रहे हैं कि खेल मंत्रालय ने भारतीय खिलाड़ियों पर इतना पैसा बहाया ही क्यों। गौरतलब है कि जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होने वाले एशियाई खेलों में भारत का 503 सदस्यीय दल हिस्सा ले रहा है।

केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने जानकारी दी कि मंत्रालय ने एशियाड दल और उनके कोच तथा इक्विपमेंट के लिए 702 करोड़ रुपए खर्च किए हैं।503 सदस्यों वाले इस दल में एथलीट और सपोर्ट स्टाफ़ शामिल हैं, जिनमें से 300 से ज़्यादा एथलीट पहली बार एशियन गेम्स में हिस्सा लेंले रहे हैं।

स्वर्ण विजेता महिला क्रिकेट टीम का स्वदेश वापसी पर भव्य स्वागत

एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के बाद स्वदेश लौटी भारतीय महिला क्रिकेट टीम का भव्य स्वागत किया गया है।

भारत की महिला क्रिकेट टीम एशियन गेम्स 2026 में देश के लिए अब तक का एकमात्र गोल्ड मेडल जीतने के बाद घर लौट आई है। साई ने एयरपोर्ट पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम का स्वागत किया और कहा, ”एशियन गेम्स 2026 में ऐतिहासिक जीत हासिल करने के बाद हमारा गर्व घर लौट आया है।” महिला क्रिकेट टीम ने 20वें एशियन गेम्स आइची -नागोया जापान 2026 में गोल्ड मेडल जीता है।

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स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, पेसर रेणुका ठाकुर, भारती फुलमाली और नंदनी शर्मा उन खिलाड़ियों में शामिल थीं जिन्हें चैंपियंस के घर पहुंचने पर इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर देखा गया।

भारत ने फाइनल में शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन किया, 20 ओवर में 216/3 का स्कोर बनाया और श्रीलंका को 15.4 ओवर में मात्र 69 रन पर ढेर कर दिया। दीप्ति शर्मा ने छह रन देकर तीन विकेट लिए।

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IND vs SL: एशियन गेम्स में भारत ने जीता पहला गोल्ड, श्रीलंका को 147 रन से दी करारी शिकस्त

IND vs SL: भारतीय विमेंस टीम ने एशियन गेम्स में श्रीलंका को हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया है। एशियन गेम्स 2026 में भारत का ये पहला गोल्ड मेडल है। भारत ने श्रीलंका को 147 रन से मात दी है। भारत का लगातार ये दूसरा गोल्ड मेडल है। एशियन गेम्स के गोल्ड मैच में भारत ने 20 ओवर में 3 विकेट पर 216 रन बनाए। भारतीय विमेंस टीम ने श्रीलंका को 217 रन का टारगेट दिया है। जवाब में श्रीलंका ने 15.4 ओवर में 69 रन पर ही  सिमट गई। श्रीलंका को इस मुकाबले में रजत पदक से संतोष करना पड़ा। वहीं, पाकिस्तान ने बांग्लादेश को 31 रन से हराकर कांस्य पदक अपने नाम किया। आपको बता दें भारत ने इसी महीने श्रीलंका को एशिया कप के फाइनल में हराया था।

भारतीय गेंदबाज का प्रदर्शन

भारत से मिले 217 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और महज 69 रन पर ऑलआउट हो गई। श्रीलंका ने 15.4 ओवर में ही अपने सभी विकेट गंवा दिए। दीप्ति शर्मा ने 3 विकेट, जबकि शेफाली वर्मा, श्रेयंका पाटिल और श्री चरणी ने 2-2 विकेट लेकर श्रीलंका की पारी समेट दी। कप्तान चामरी अटापट्टू ने 29 रन बनाए, वहीं कौशिनी नुथ्यांगना ने 14 और कविशा दिलहारी ने 11 रन का योगदान दिया।

श्रीलंका की खराब शुरुआत

लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की टीम शुरुआत से ही दबाव में नजर आई। पावरप्ले में दो विकेट गंवाने के बाद उसकी रन गति भी धीमी रही। शेफाली वर्मा ने इमेशा दुलानी और हसिनी परेरा को आउट कर टीम को शुरुआती सफलता दिलाई। इसके बाद भारतीय स्पिनरों ने लगातार विकेट निकालकर श्रीलंका की पारी को पूरी तरह बिखेर दिया। दीप्ति शर्मा, श्रेयंका पाटिल और श्री चरणी ने अहम विकेट झटके, जिससे श्रीलंका ने 49 रन तक पहुंचते-पहुंचते पांच विकेट गंवा दिए। आगे भी विकेट गिरने का सिलसिला जारी रहा और भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंका को बड़े लक्ष्य तक पहुंचने का कोई मौका नहीं दिया।

भारत की बल्लेबाजी

पहले बल्लेबाजी करते हुए स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने टीम को तेज शुरुआत दिलाई और दोनों ने मिलकर 99 रन की साझेदारी की। भारत की ओर से स्मृति मंधाना ने 79 रन की शानदार पारी खेली, जबकि ऋचा घोष ने नाबाद 49 और शेफाली वर्मा ने 48 रन बनाए। अंत में ऋचा घोष ने तेजी से रन जुटाए और भारत का स्कोर 200 रन के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

 

महिला क्रिकेट टीम ने भारत को एशियाई खेलों में दिलाया पहला स्वर्ण पदक

महिला क्रिकेट टीम ने मंगलवार को आइची के निशिन में कारोजी एथलेटिक पार्क में खेले गए फाइनल में श्रीलंका को हराकर भारत को एशियन गेम्स 2026 में पहला स्वर्ण पदक दिलाया। हांगझोउ 2023 के गोल्ड मेडल मैच की तरह ही इस मुकाबले में भी भारतीय महिलाओं ने 147 रनों से जीत हासिल की और एशियन गेम्स क्रिकेट चैंपियन के तौर पर अपना दबदबा बनाए रखा।

स्मृति मंधाना ने 45 गेंदों में 79 रन बनाए, जिससे भारत ने 216/3 का स्कोर खड़ा किया। यह एशियन गेम्स में महिला टी 20 क्रिकेट का सबसे बड़ा स्कोर है। दीप्ति शर्मा ने छह रन देकर तीन विकेट लिए। एशियन गेम्स 2026 में यह भारत का पहला गोल्ड मेडल है। श्रीलंका की टीम को लगातार दूसरे संस्करण में सिल्वर मेडल से ही संतोष करना पड़ा, जबकि पाकिस्तान ने बंगलादेश को तीसरे स्थान के लिए हुए प्लेऑफ़ में हराकर ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने का फैसला किया।

स्मृति मंधाना की 45 गेंदों में 79 रनों की तूफानी पारी की बदौलत भारत ने 216/3 का स्कोर बनाया, जो इस महाद्वीपीय टूर्नामेंट का एक रिकॉर्ड है। शेफाली वर्मा और ऋचा घोष दोनों ही दुर्भाग्यशाली रहीं और अर्धशतक बनाने से चूक गईं। इसके बाद भारतीय गेंदबाज़ों ने श्रीलंका को 69 रनों पर समेट दिया और आसानी से जीत हासिल की। भारतीय ओपनर स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने शुरुआत से ही श्रीलंकाई गेंदबाज़ों का डटकर सामना किया और पावरप्ले में 66 रन जोड़े। शेफाली, जिन्होंने बंगलादेश के खिलाफ़ सेमीफ़ाइनल में शतक लगाया था, ने श्रीलंका की कप्तान और स्टार ऑलराउंडर चामरी अथापथु के पांचवें ओवर में तीन छक्के जड़े।

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मंधाना ने 30 गेंदों में अपनी 37वीं टी 20 फिफ्टी पूरी की, जबकि शेफाली (48) हाफ-सेंचुरी से दो रन दूर रह गईं; 10वें ओवर में 17 साल की स्पिनर चमुडी प्रबोदा ने उन्हें आउट किया, तब भारत का स्कोर 98 रन था। इसके बाद हरमनप्रीत ने स्मृति के साथ 42 रनों की शानदार साझेदारी की, लेकिन 15वें ओवर में कविशा दिलहारी ने भारतीय कप्तान को कैच आउट करा दिया। स्मृति भी पूरी पारी नहीं खेल पाईं; स्कोरिंग रेट बढ़ाने की कोशिश में सुगंदिका कुमारी के 17वें ओवर में वह आउट हो गईं। हालांकि, ऋचा घोष की तूफानी पारी (22 गेंदों में नाबाद 49 रन) और श्रीलंकाई गेंदबाजों की खराब गेंदबाजी की बदौलत भारत ने 216/3 का स्कोर बनाया – जो एशियाई खेलों में महिला क्रिकेट का अब तक का सबसे बड़ा टीम स्कोर है। इससे पहले यह रिकॉर्ड हांगकांग चीन के नाम था, जिसने हांगझोऊ 2023 में क्वार्टर-फाइनल क्वालीफायर में मंगोलिया के खिलाफ 202/4 रन बनाए थे।

श्रीलंका की ओर से चामरी अथापथु ने रन बनाने की कोशिश में टीम की कमान संभाली, लेकिन भारत को शेफाली ने शुरुआती सफलताएं दिलाईं; उन्होंने तीसरे और पांचवें ओवर में क्रमशः इमेशा दुलानी और हसिनी परेरा को आउट किया। दीप्ति शर्मा ने सबसे अहम विकेट लिया और पावरप्ले के ठीक बाद अथापथु (21 गेंदों में 29 रन) को आउट किया। इस विकेट ने श्रीलंकाई टीम की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया। लगातार अंतराल पर विकेट गिरते रहे और श्रीलंकाई पारी 15.4 ओवर में सिमट गई।

दीप्ति भारतीय गेंदबाजों में सबसे सफल रहीं और उन्होंने 3/6 के आंकड़े दर्ज किए। शेफाली वर्मा, श्री चरानी और श्रेयंका पाटिल ने भी दो-दो विकेट लिए। संक्षिप्त स्कोर: भारत महिला टीम ने 20 ओवर में 216/3 (स्मृति मंधाना 79, ऋचा घोष 49 नाबाद; चमुडी प्रबोदा 1/34) बनाए और श्रीलंका को 15.4 ओवर में 69/10 (चमारी अथापथु 29; दीप्ति शर्मा 3/6) पर समेटकर 147 रनों से जीत हासिल की।

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Asian Games 2026: सुचिका तारियाल ने रचा इतिहास, मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) में भारत को दिलाया पहला मेडल!

एशियन गेम्स में सुचिका तारियाल ने भारत के लिए एक बड़ी जीत हासिल की है। 36 साल की सुचिका ने महिलाओं के ट्रेडिशनल MMA 60 किलो वर्ग में कांस्य पदक जीता है। इसके साथ ही वह एशियन गेम्स में MMA में भारत के लिए मेडल जीतने वाली पहली खिलाड़ी बन गई हैं। MMA से पहले वह जूडो और जिउ-जित्सु में भी भारत को रिप्रेजेंट कर चुकी हैं।

क्वार्टर फाइनल में मिली शानदार जीत

सोमवार, 21 सितंबर को आइची-नागोया में हुए मैच में सुचिका ने क्वार्टर फाइनल में मंगोलिया की अल्तानचिमेग बैगलमा को 2-0 से हराया। इस जीत के बाद उन्होंने सेमीफाइनल में जगह बनाई। यहां उनका मुकाबला सिंगापुर की टेओ हुई हून से हुआ, जिसमें सुचिका को 3-0 से हार मिली। लेकिन सेमीफाइनल में हारने वाले दोनों खिलाड़ियों को कांस्य पदक दिया जाता है।

जूडो से शुरू हुआ खेल का सफर

सुचिका ने सिर्फ 12 साल की उम्र में जूडो खेलना शुरू कर दिया था। उन्होंने इस खेल में खूब मेहनत की और आठ बार नेशनल चैंपियन बनीं। इसके अलावा 2019 कॉमनवेल्थ जूडो चैंपियनशिप और 2019 साउथ एशियन गेम्स में उन्होंने गोल्ड मेडल जीता। इसके बाद 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने महिलाओं के 57 किलो वर्ग में भारत को रिप्रेजेंट किया।

इस तरह कॉम्बैट स्पोर्ट्स में बनाया अपना नाम

  • जिउ-जित्सु में मिली सफलता: जूडो के बाद सुचिका ने जिउ-जित्सु में भी हाथ आजमाया। 2024 जिउ-जित्सु वर्ल्ड चैंपियनशिप में उन्होंने महिलाओं की 63 किलो कॉन्टैक्ट कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीता।
  • MMA में शुरुआत: सुचिका ने 2017 में पहली बार MMA में कदम रखा था। लेकिन इसके बाद वह करीब सात साल तक इस खेल से दूर रहीं।
  • 2024 में फिर की वापसी: लंबे ब्रेक के बाद उन्होंने 2024 में MMA में वापसी की। बहरीन में वापसी में उन्होंने मैच जीतकर अच्छी शुरुआत की।
  • BRAVE से जुड़ीं: MMA में वापसी के बाद सुचिका ने BRAVE Combat Federation के साथ कॉन्ट्रैक्ट भी साइन किया।

पहले भी खेल चुकी हैं एशियन गेम्स

  • 2023 में पार्टिसिपेट किया: सुचिका ने 2023 के हांग्जो एशियन गेम्स में भारत को रिप्रेजेंट किया था। उस समय उन्होंने कुराश में हिस्सा लिया था।
  • टारगेट ग्रुप से जुड़ी: आइची-नागोया एशियन गेम्स की तैयारी के लिए उन्हें खेल मंत्रालय के टारगेट एशियन गेम्स ग्रुप में शामिल किया गया।
  • 2026 में भी जीता मेडल: एशियन गेम्स से पहले 2026 की शुरुआत में सुचिका ने एशियन मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था।
  • टीवी शो में भी आईं नजर: खेल के अलावा सुचिका MTV Roadies और India’s Ultimate Warrior जैसे टीवी रियलिटी शो में काम कर चुकी हैं।

सुचिका तारियाल की जीत भारतीय खेलों में नया मुकाम बनाती है। जिस तरह कॉम्बैट स्पोर्ट्स में महिला खिलाड़ी लगातार अपनी जगह बना रही हैं, उससे आने वाली जनरेशन को भी इससे आगे बढ़ने की प्रेरणा मिल सकती है। सुचिका की जीत इसी बदलती तस्वीर की एक खास मिसाल है।

10 मीटर एयर राइफल में हिमांशु ढिल्लों ने रजत पदक जीता, रुद्राक्ष पाटिल ने जीता कांस्य

भारत के हिमांशु ढिल्लों ने सोमवार को एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में रजत पदक जीता, जबकि रुद्राक्ष पाटिल ने कांस्य पदक जीतकर पोडियम पर उनके साथ जगह बनाई।

इससे पहले आज यहां दिन में, हिमांशु और रुद्राक्ष ने पार्थ माने के साथ मिलकर आइची प्रीफेक्चरल जनरल शूटिंग गैलरी में पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल टीम इवेंट में भी रजत पदक जीता था। आज मिले इस तीन पदकों के साथ, एशियाई खेल 2026 में निशानेबाजी में भारत के कुल पदक की संख्या बढ़कर पांच हो गई।

निशानेबाजी प्रतियोगिता के पहले दिन एलावेनिल वलारिवन और भारतीय महिला 10 मीटर एयर राइफल टीम ने रजत पदक जीते थे। पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत फ़ाइनल में, हिमांशु ने एक कड़े मुकाबले में रुद्राक्ष को 0.1 पॉइंट से पीछे छोड़ दिया। हिमांशु ने 252.4 का स्कोर किया, जबकि मौजूदा ओलंपिक चैंपियन और दुनिया के नंबर 1 खिलाड़ी, चीन के शेंग लिहाओ ने 233.0 के स्कोर के साथ गोल्ड मेडल जीता और सफलतापूर्वक अपना एशियाई खेलों का खिताब बरकरार रखा।

व्यक्तिगत फ़ाइनल में कई उतार-चढ़ाव देखने को मिले। रुद्राक्ष शुरुआत में आगे चल रहे थे और 14 शॉट्स के बाद 148.2 के स्कोर के साथ बढ़त बनाए हुए थे, जबकि शेंग लिहाओ 147.7 और हिमांशु 147.4 के स्कोर के साथ उनके ठीक पीछे थे। इसके बाद हिमांशु ढिल्लों ने 10.9 का स्कोर करके रुद्राक्ष पाटिल से अंतर को 0.1 पॉइंट तक कम कर दिया, लेकिन 16 शॉट्स के बाद शेंग लिहाओ आगे निकल गए।

तीनों निशानेबाज धीरे-धीरे बाकी प्रतिस्पर्धियों से आगे निकल गए और 20 शॉट्स के बाद शेंग लिहाओ 211.6 के स्कोर के साथ सबसे आगे थे। रुद्राक्ष पाटिल 210.6 के स्कोर के साथ दूसरे स्थान पर थे, जबकि हिमांशु ढिल्लों उनसे 0.6 पॉइंट पीछे थे।

रुद्राक्ष के 21वें प्रयास में 9.7 का स्कोर महंगा साबित हुआ और इससे रैंकिंग बदल गई, जिससे हिमांशु दूसरे स्थान पर आ गए। आखिरकार रुद्राक्ष 230.9 के स्कोर के साथ बाहर हो गए, जो उनके साथी खिलाड़ी के स्कोर से सिर्फ़ 0.1 पॉइंट कम था। इसके बाद हिमांशु ढिल्लों ने आखिरी शॉट्स में शेंग लिहाओ को पीछे छोड़ने की कोशिश की, लेकिन चीनी शूटर ने अपनी बढ़त बनाए रखी और भारतीय खिलाड़ी को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।

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यह नतीजा हिमांशु के लिए एक शानदार साल का समापन था, जिन्होंने 2026 की शुरुआत में नई दिल्ली में जूनियर पुरुष 10 मीटर एयर राइफल एशियन खिताब जीता था। वहीं, रुद्राक्ष ने उसी चैंपियनशिप में सीनियर कॉन्टिनेंटल खिताब जीता।

रुद्राक्ष पूर्व वर्ल्ड चैंपियन भी हैं। उन्होंने काहिरा में 2022 वर्ल्ड चैंपियनशिप में पुरुषों का 10 मीटर एयर राइफल खिताब जीता था। वह हांगझोऊ 2023 में भारत की स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा थे, जब उस तिकड़ी ने 1893.7 का तत्कालीन वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था।

दिन की शुरुआत में, हिमांशु, रुद्राक्ष और पार्थ ने कुल 1890.1 का स्कोर करके पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल टीम इवेंट में रजत पदक जीता। हिमांशु 630.0 के स्कोर के साथ सोमवार के फाइनल के लिए सातवें स्थान पर क्वालीफाई हुए थे, जबकि रुद्राक्ष 631.8 के स्कोर के साथ तीसरे सबसे अच्छे क्वालीफायर के तौर पर फाइनल में पहुंचे थे। पार्थ 628.3 के स्कोर के साथ 11वें स्थान पर रहे और व्यक्तिगत फाइनल की दौड़ से बाहर हो गए।

चीन ने 1899.0 के वर्ल्ड रिकॉर्ड के साथ टीम स्वर्ण पदक जीता, जबकि दक्षिण कोरिया ने 1884.2 के स्कोर के साथ कांस्य पदक हासिल किया।

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पहली बार एशियन गेम्स में दिख रहा इन खिलाड़ियों का दम, पहले ही बना चुके हैं खास पहचान!

जापान के आइची-नगोया में 19 सितंबर से शुरू हुए 2026 एशियन गेम्स में भारत कई खिलाड़ी हिस्सा ले रहे है। इस बार कई अनुभवी खिलाड़ियों के साथ ऐसे युवा चेहरे भी मैदान में उतर चुके हैं, जो पहली बार एशियन गेम्स में अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। जिसमे कई दिग्गज खिलाडियों के नाम शामिल हैं। जिनने अपने-अपने खेल में पहले ही कई अहम मुकाबलों में पहचान बनाई है और अब एशियन गेम्स में उनका प्रदर्शन देखने लायक होगा।

1. साक्षी चौधरी पर रहेंगी नजरें

  • उम्र: साक्षी चौधरी 26 साल की हैं और एशियन गेम्स में पहली बार हिस्सा लेंगी।
  • अचीवमेंट: उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिलाओं के 51 किग्रा वर्ग में गोल्ड मेडल जीता है।
  • वर्ल्ड बॉक्सिंग कप: उन्होंने 54 किग्रा वर्ग में गोल्ड मेडल अपने नाम किया है।
  • एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप: 2021 में उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल जीता था। एशियन गेम्स में उनका डेब्यू उनके करियर का अहम पड़ाव माना जा रहा है।

2. सुरुचि फोगाट का शूटिंग में जलवा

  • उम्र: सुरुचि फोगाट सिर्फ 20 साल की हैं और कम उम्र में शूटिंग में पहचान बना चुकी हैं।
  • इवेंट: वह 10 मीटर एयर पिस्टल में हिस्सा लेती हैं।
  • वर्ल्ड कप: उन्होंने वर्ल्ड कप में कई गोल्ड मेडल जीते हैं और वर्ल्ड कप फाइनल का खिताब भी अपने नाम किया है।
  • बड़ी जीत: पिछले साल लीमा में उन्होंने ओलंपिक मेडलिस्ट मनु भाकर को हराकर गोल्ड मेडल जीता था। एशियन गेम्स में यह उनका पहला मौका होगा।

3. सुजीत कलकल की कुश्ती पर नजर

  • उम्र: हरियाणा के 23 साल के फ्रीस्टाइल पहलवान सुजीत कलकल एशियन गेम्स में डेब्यू करेंगे।
  • वेट कैटेगरी: वह 65 किग्रा वर्ग में मुकाबला करते हैं।
  • एशियन चैंपियनशिप: उन्होंने इस वर्ग में गोल्ड मेडल जीता है।
  • अंडर-23 अचीवमेंट: अंडर-23 लेवल पर भी उनके नाम गोल्ड मेडल रहा है। लगातार अच्छे प्रदर्शन के बाद अब उन्हें सीनियर लेवल पर बड़े स्टेज का एक्सपीरियंस मिलेगा।

4. आयुष शेट्टी का बैडमिंटन मुकाबला

  • उम्र: आयुष शेट्टी 21 साल के हैं और एशियन गेम्स में पहली बार खेलेंगे।
  • थॉमस कप: उन्होंने यहां ब्रॉन्ज मेडल जीता है।
  • एशियन चैंपियनशिप: उनके नाम सिल्वर मेडल भी रहा है।
  • बड़ी जीत: वर्ल्ड चैंपियनशिप में उन्होंने उस समय के वर्ल्ड नंबर-1 शी युकी को हराया था। एशियन चैंपियनशिप में उन्होंने कुनलावुत वितिदसर्न और जोनाथन क्रिस्टी के खिलाफ भी जीत दर्ज की है।

5. रोहित यादव की जैवलिन में चुनौती

  • टीम: रोहित यादव नीरज चोपड़ा के साथ भारतीय जैवलिन टीम में शामिल हैं।
  • एशियन गेम्स: जापान में होने वाले एशियन गेम्स में वह पहली बार हिस्सा लेंगे।
  • सीजन परफॉरमेंस: इस सीजन में वह 87 मीटर से ज्यादा के दो थ्रो कर चुके हैं।
  • मेजर अचीवमेंट: अगस्त में भुवनेश्वर में हुए वर्ल्ड एथलेटिक्स कॉन्टिनेंटल टूर सिल्वर लेवल मीट में उन्होंने 87.68 मीटर का थ्रो करके गोल्ड मेडल जीता था। अब उनका मुकाबला एशिया के मजबूत जैवलिन खिलाड़ियों से होगा।

एशियन गेम्स इन युवा खिलाड़ियों के लिए सिर्फ एक नई प्रतियोगिता नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय करियर में आगे बढ़ने का बड़ा मंच भी है। अब उनके डेब्यू को लेकर खेल प्रेमियों की नजरें इन पांचों खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर रहेंगी।

Asian Games: सिल्वर को गोल्ड में बदलने उतरेगी हरमनप्रीत की सेना, उधर बदला लेने को बेताब श्रीलंका

IND vs SL: हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारतीय टीम लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स के महिला टी20 फाइनल में पहुंच गई है। भारत ने सेमीफाइनल में बांग्लादेश को 114 रन से हराकर फाइनल में अपनी जगह बनाई है। अब गोल्ड मेडल के लिए भारत का मुकाबला 22 सितंबर को श्रीलंका से होगा। जो भी टीम ये मुकाबला हारेगी उससे सिल्वर मेडल दिया जाएगा। इससे पहले 13 सितंबर को एशिया कप 2026 के फाइनल में दोनों टीमों का आमना-सामना हुआ था। इस मैच में भारत ने श्रीलंका को 72 रनों से मात दी थी। अब श्रीलंका की टीम भारत से इस हार का बदला लेने के इरादे से उतरेगी।

वहीं दूसरी ओर सेमीफाइनल में पाकिस्तान और बांग्लादेश को हार का सामना करना पड़ा है। अब इन दोनों टीमों के बीच ब्रॉन्ज मेडल के लिए मुकाबला खेला जाएगा। आइए जानते हैं कब और कितने बजे से शुरू होगा मुकाबला

कब-कब होंगे मुकाबले

एशियन गेम्स में महिला क्रिकेट के गोल्ड और ब्रॉन्ज मेडल के दोनों मुकाबले एक ही दिन खेले जाएंगे। एशियन गेम्स में महिला क्रिकेट के मेडल मुकाबले 22 सितंबर को खेले जाएंगे। ब्रॉन्ज मेडल के मैच में पाकिस्तान और बांग्लादेश की टीमें सुबह 5:30 बजे आमने-सामने होंगी। इसके बाद गोल्ड मेडल के लिए भारत और श्रीलंका के बीच मुकाबला सुबह 10:30 बजे से खेला जाएगा। भारतीय टीम की नजर अब गोल्ड मेडल जीतने पर होगी।

कैसा था भारत-बांग्लादेश का मुकाबला

शैफाली वर्मा ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 49 गेंदों में नाबाद 100 रन बनाए और अपना पहला टी20 इंटरनेशनल शतक पूरा किया। उनकी इस पारी की बदौलत भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 4 विकेट पर 195 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी बांग्लादेश की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और लगातार अंतराल पर उसके विकेट गिरते रहे। पूरी टीम 15.4 ओवर में सिर्फ 81 रन पर ऑलआउट हो गई। इस तरह भारत ने बांग्लादेश को 114 रन से हराया, जो रनों के हिसाब से बांग्लादेश के खिलाफ भारत की दूसरी सबसे बड़ी जीत है। वहीं, श्रीलंका ने रविवार को पहले सेमीफाइनल में पाकिस्तान को 8 विकेट से हराकर फाइनल में जगह बनाई।

Asian Games 2026: एशियाई खेलों में भारत को दूसरा मेडल, शूटिंग क्वीन इलावेनिल वलारिवन ने जीता सिल्वर

Asian Games 2026: एशियाई खेलों में भारत को दूसरा मेडल, शूटिंग क्वीन इलावेनिल वलारिवान ने जीता सिल्वर

Asian Games 2026: एशियाई खेलों में भारत के खाते में दूसरा मेडल आ गया है। 2019 वर्ल्ड कप में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारत की इलावेनिल वलारिवान (252.4) ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीत लिया है। इससे पहले दिन में उन्होंने टीम इवेंट में भी सिल्वर मेडल जीता था। एशियाई खेलों में भारत का यह दूसरा मेडल है। इलावेनिल वलारिवान ने एशियाई खेलों में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता है। 2025 वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली एलावेनिल ने फ़ाइनल में 252.4 पॉइंट हासिल किए।

जापान की हिनाता ने जीता गोल्ड

जापान की हिनाता ताइची (253.0) ने गोल्ड मेडल हासिल किया। जबकि दक्षिण कोरिया की ह्योजिन बान (230.4) ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। वहीं, सोनम उत्तम मस्कर (167.0) फाइनल में छठे स्थान पर रहीं।इससे पहले, भारत की सोनम उत्तम मस्कर, एलावेनिल वलारिवन और विदरसा विनोद ने रविवार को महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में रजत पदक जीतकर निशानेबाजी में देश के अभियान की शानदार शुरुआत की।

भारतीय तिकड़ी का शानदार प्रदर्शन

भारतीय तिकड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 1898.0 के कुल स्कोर के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। चीन की टीम ने 1904.2 अंकों के साथ क्वालीफाइंग में नया विश्व रिकॉर्ड बनाया। चीन ने पिछले साल अगस्त में शिमकेंट में एशियाई चैंपियनशिप में बनाए गए अपने ही 1902.0 के पिछले रिकॉर्ड को बेहतर किया।

भारत और जापान के बीच रजत पदक के लिए कड़ा मुकाबला हुआ। लेकिन आखिर में भारतीय खिलाड़ियों ने संयम बनाए रखते हुए दूसरा स्थान हासिल किया। जापान 1897.1 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा, जो भारत से केवल 0.9 अंक कम रहा। टीम पदक तीनों निशानेबाजों के क्वालीफाइंग स्कोर के आधार पर तय किए जाते हैं और कुल स्कोर अंतिम रैंकिंग निर्धारित करता है।

क्वालीफाइंग राउंड में तीसरे स्थान पर रहीं सोनम ने 634.1 के प्रभावशाली स्कोर के साथ भारत की तरफ से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। अपने तीसरे एशियाई खेलों में भाग ले रही ओलंपियन एलावेनिल ने 633.5 का स्कोर बनाकर सातवां, जबकि एशियाई खेलों में पदार्पण कर रही विदरसा ने 630.4 का स्कोर बनाकर 12वां स्थान हासिल किया।

विदरसा गोल्ड से चुकीं

विदरसा व्यक्तिगत फाइनल में जगह बनाने से चूक गईं। लेकिन भारत को रजत पदक दिलाने में उनका योगदान महत्वपूर्ण साबित हुआ। विदरसा ने कहा, ‘‘यह एक बड़ी उपलब्धि है। यह निराशाजनक है कि मैं फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकी, लेकिन टीम स्पर्धा के रजत पदक ने हमें अच्छी शुरुआत दी है।’’

विदरसा का प्रदर्शन इसलिए भी अधिक सराहनीय है क्योंकि उन्होंने केवल दो महीने पहले ही 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में भाग लेना शुरू किया था। उनकी मुख्य स्पर्धा 50 मीटर राइफल 3-पोजिशन स्पर्धा है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पूरा भरोसा है कि मैं 50 मीटर 3-पोजिशन स्पर्धा में मैं बेहतर प्रदर्शन करूंगी। यह मेरी मुख्य स्पर्धा है।‘‘ सोनम और एलावेनिल ने व्यक्तिगत फाइनल में जगह बनाई। वह दिन में बाद में होने वाले आठ महिलाओं के व्यक्तिगत फाइनल में दोहरी सफलता हासिल करने की कोशिश करेंगी।

चीन का ऐतिहासिक प्रदर्शन

इस बीच चीन ने इस खेल में अपनी मजबूती का परिचय दिया। जूनियर विश्व चैंपियन वांग जिफेई ने शानदार 638.8 अंकों के साथ क्वालीफाइंग राउंड में शीर्ष स्थान हासिल करके नया एशियाई रिकॉर्ड बनाया। हान जियान ने भी 633.8 अंकों के साथ पांचवें स्थान पर रहकर फाइनल में जगह बनाई।

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चीन के तीन निशानेबाज फाइनल के लिए क्वालीफाई करने की स्थिति में थे। लेकिन प्रत्येक देश से केवल दो खिलाड़ी ही व्यक्तिगत पदक दौर में जगह बना सकते हैं। भारतीय महिला तिकड़ी का रजत पदक 20वें एशियाई खेलों में भारत का पहला पुष्ट पदक है।

एमएमए फाइटर सुचिका तारियाल महिलाओं के पारंपरिक एमएमए 60 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में पहुंचकर पदक पक्का करने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनी थी। भारत के निशानेबाजों ने हांगझोउ एशियाई खेलों में रिकॉर्ड 22 पदक (सात स्वर्ण, नौ रजत और छह कांस्य) जीते थे और अब यह रजत पदक भारत के निशानेबाजी अभियान के लिए एक उत्साहजनक शुरुआत है।

Asian Games के लिए भारत ने 503 खिलाड़ियों पर खर्चे 702 करोड़ रुपए

जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होने वाले एशियाई खेलों में भारत का 503 सदस्यीय दल हिस्सा लेगा। केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने जानकारी दी कि मंत्रालय ने एशियाड दल और उनके कोच तथा इक्विपमेंट के लिए 702 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। उन्होंने खिलाड़ियों के लिए आयोजित विदाई समारोह में दबाव को अच्छे प्रदर्शन में बदलने, प्रतिद्वंद्वियों को अवसर के रूप में देखने और अवसरों को उपलब्धियों में बदलने का खिलाड़ियों से आग्रह किया।

एशियन गेम्स 2026 में भारतीय दल जापान में कई तरह के खेलों में हिस्सा लेगा। 503 सदस्यों वाले इस दल में एथलीट और सपोर्ट स्टाफ़ शामिल हैं, जिनमें से 300 से ज़्यादा एथलीट पहली बार एशियन गेम्स में हिस्सा लेंगे, जो भारतीय खेलों की बढ़ती गहराई और बेंच स्ट्रेंथ को दिखाता है।

उन्होंने कहा, “503 सदस्यों वाला हमारा दल एशियाई खेलों के लिए जा रहा है, और मुझे विश्वास है कि हम अच्छा प्रदर्शन करेंगे। हमारे 503 खिलाड़ियों में से 300 से अधिक खिलाड़ी पहली बार हिस्सा ले रहे हैं, इसलिए बहुत सारी नई प्रतिभाएं सामने आ रही हैं।” ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के प्रदर्शन की सराहना करते हुए केंद्रीय खेल मंत्री ने कहा, “हमने ओपन ट्रायल के ज़रिए पारदर्शी और योग्यता-आधारित चयन सुनिश्चित किया है, जिसमें स्वतंत्र ऑब्ज़र्वर और कैमरे से निगरानी की व्यवस्था है। पिछले कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने 13 गोल्ड मेडल जीते थे; इस बार हमारा प्रदर्शन 35 प्रतिशत से ज़्यादा बेहतर हुआ है। मैं हमारे सभी एथलीटों और सपोर्ट स्टाफ़ को बहुत-बहुत शुभकामनाएँ देता हूँ।”

उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य 2036 है – जब हम ओलंपिक्स की मेज़बानी करेंगे, तब तक हमें ग्लोबल स्टेज पर मज़बूती से स्थापित होना होगा। यह 10 साल का प्लान है, जिसमें स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए 36,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा की राशि आवंटित की गई है।”