Asian Games में अय्यर, बुमराह, अक्षर का क्या काम जब वनडे विश्वकप है सामने

भारतीय क्रिकेट टीम के चयन मापदंड एक बार फिर कटघरे में खड़े हो गए हैं। भारतीय टीम एक ओर वेस्टइंडीज के खिलाफ एकदिवसीय विश्वकप की तैयारी के लिए एकदिवसीय सीरीज खेल रही है वहीं एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल का बचाव करने के लिए जापान पहुंची हुई है।

ऐसे में क्रिकेट विशेषज्ञों ने बोर्ड की रक्षात्मक रवैये की आलोचना की है।  भारत ने जसप्रीत बुमराह, श्रेयस अय्यर, ईशान किशन, अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन समेत कई विश्वविजेता खिलाड़ी शामिल किए हैं। जबकि अफगानिस्तान समेत अन्य एशियाई देशों ने अपनी दूसरे कतार की टीम जापान भेजी है।  अगर एशियाई खेलों के लिए भी टीम को शीर्ष खिलाड़ियों की जरुरत है तो अगले साल होने वाले एकदिवसीय विश्वकप की तैयारियों को ताक पर क्यों रखा गया।

 

चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने की बजाए एशियाड में कप्तानी कर रहे श्रेयस अय्यर

श्रेयस अय्यर टी-20 के कप्तान है लेकिन वनडे टीम में नंबर 4 पर बल्लेबाजी करने के लिए उतरते हैं। उनकी जगह वनडे टीम में ऋतुराज गायकवाड़ को लिया गया है। श्रेयस अय्यर का हालिया फॉर्म नासाज है और इंग्लैंड दौरे पर वह 3 मैचों में से सिर्फ एक मैच में अर्धशतक बना पाए थे वहीं न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू एकदिवसीय सीरीज में भी वह फ्लॉप रहे थे।

ऐसे में उनको एकदिवसीय टीम के साथ मैच खेलने की जरुरत है ना कि कमजोर टीम के खिलाफ स्वर्ण पदक जीतने की।

अक्षर पटेल की जगह रविंद्र जड़ेजा एकदिवसीय टीम में

ऐसा माना जा रहा था कि अक्षर पटेल रविंद्र जड़ेजा की जगह एकदिवसीय टीम में ले चुके हैं लेकिन चयनकर्ताओं ने एक बार फिर बैक गियर डाल दिया। 7 मैच और 300 गेंदों से विकेट के लिए तरस रहे रविंद्र जड़ेजा इंडीज के खिलाफ एक भी विकेट नहीं ले पाए और 6 की औसत से रन दिए। अक्षर पटेल जापान में ना होते तो भारत जापान के खिलाफ टी-20 मैच हार जाता लेकिन अक्षर पटेल की वनडे टीम को ज्यादा जरुरत है ना कि जापान में।

गौरतलब है कि ऑलराउंडर रविंद्र जड़ेजा न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में बल्ले और गेंद दोनों से फ्लॉप रहे। 3 मैचों में उन्होंने 14 की औसत से 43 रन बनाए। पूरी सीरीज में वह सिर्फ एक बार ही गेंद को सीमा पार भेज पाए।

वहीं गेंद से तो वह एक विकेट के लिए तरसते रह गए। पहले मैच में उन्होंने 9 ओवर में 56 रन दिए। दूसरे मैच में उन्होंने 8 ओवर में 44 रन दिए और अंतिम मैच में उन्होंने 6 ओवर में 41 रन दिए। कुल मिलाकर वह 21 ओवर में 141 रन देकर भी एक विकेट नहीं ले सके। रविंद्र जड़ेजा 37 साल के हो चुके हैं और अक्षर पटेल की जगह ले रहे हैं जो टीम को कई अहम मौकों पर गेंद और बल्ले से मैच जितवा चुके हैं।

जसप्रीत बुमराह को वनडे की फिटनेस सिद्ध करने की जरुरत

सबसे हैरान करने वाला निर्णय जसप्रीत बुमराह को एशियाड के लिए भेजने वाला रहा। इंडीज के खिलाफ वह लगातार 10 ओवर डालकर अपनी फिटनेस सिद्ध कर सकते थे लेकिन चयनकर्ताओं ने उन्हें 4 ओवर डालने को ही कहा और जापान भेज दिया।

जसप्रीत बुमराह के लिए भारतीय टीम प्रबंधन ने 2027 विश्वकप के लिए दीर्घकालिक योजना बनाई है। उनको सिर्फ टेस्ट और एकदिवसीय मैचों पर ध्यान देने के लिए कहा गया है। इंग्लैंड दौरे के बाद उनका कार्यभार प्रबंधन  धीरे धीरे बढ़ाया जा रहा है। ऐसे में इंडीज के खिलाफ उनके 5 से 7 ओवर के स्पैल ज्यादा महत्वपूर्ण होते।

7 गोलों से सिंगापुर को रौंदकर Asian Games सेमीफाइनल में पहुंची चक दे गर्ल्स

रविवार को गिफू प्रीफ़ेक्चरल ग्रीन स्टेडियम में एशियन गेम्स 2026 के ग्रुप स्टेज में, भारतीय महिला हॉकी टीम ने सिंगापुर के मज़बूत डिफेंस को पार करते हुए 7-0 से आसान जीत दर्ज की और लगातार पांचवीं जीत हासिल की। कप्तान सलीमा टेटे (17′) ने स्कोरिंग की शुरुआत की, जिसके बाद सुनीलिता टोप्पो (22′, 24′) ने पेनल्टी कॉर्नर से दो गोल किए। लालरेम्सियामी हमारज़ोटे (26′), रुतुजा पिसल (29′), निक्की प्रधान (35′) और दीपिका सहरावत (55′) ने बाकी गोल किए।

एशियन गेम्स 2026 हॉकी पूल बी में टॉप पर रहने के बाद, भारत – जो हांगझोउ 2023 में ब्रॉन्ज़ मेडल विजेता था – अब बुधवार को सेमीफ़ाइनल में रिपब्लिक ऑफ़ कोरिया का सामना करेगा। कोरियाई टीम ने दिन में पहले मलेशिया को 2-1 से हराकर पूल ए में दूसरा स्थान हासिल किया। दूसरा सेमीफ़ाइनल पीपल्स रिपब्लिक ऑफ़ चाइना और जापान के बीच खेला जाएगा।

पूल स्टेज में भारत का दबदबा रहा और उन्होंने उज़्बेकिस्तान, इंडोनेशिया, जापान, थाईलैंड और सिंगापुर के खिलाफ़ जीत के साथ 63 का शानदार गोल अंतर हासिल किया। उनका सबसे कड़ा पूल मैच मेज़बान जापान के खिलाफ़ था, जो कड़े मुकाबले के बाद 3-1 की जीत के साथ समाप्त हुआ।

भारत ने शुरुआत से ही बॉल पर कब्ज़ा और मैदान पर दबदबा बनाए रखा और पहले ही मिनट में अपने 27 पेनल्टी कॉर्नर में से पहला हासिल किया, जब लालरेम्सियामी की हिट सिंगापुर के एक डिफेंडर के पैर से टकराई। हालांकि, दीपिका का ड्रैग-फ़्लिक डिफ़्लेक्ट होकर दूर चला गया। भारत ने दबाव बनाना जारी रखा और सफल वीडियो रेफरल के बाद दूसरे मिनट में एक और पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया, लेकिन सिंगापुर का डिफेंस मज़बूती से डटा रहा।

सिंगापुर की टीम ने बड़ी संख्या में खिलाड़ियों के साथ डिफेंस किया और गोलकीपर फेलिसा लाई को हराना मुश्किल साबित हुआ। भारत मौके बनाता रहा; आठवें मिनट में इशिका चौधरी ने कप्तान सलीमा टेटे के साथ अच्छा तालमेल बिठाया, लेकिन समय पर हुए इंटरसेप्शन ने भारतीय कप्तान को गोल करने से रोक दिया।

आखिरकार दूसरे क्वार्टर के दूसरे मिनट में दबाव का असर दिखा। क्रॉस पर नवनीत कौर के पहले प्रयास को रोक दिया गया, लेकिन रिबाउंड सलीमा टेटे के पास आया, जिन्होंने गैप ढूंढकर 17वें मिनट में भारत को 1-0 से आगे कर दिया। भारत ने तेज़ी से मोमेंटम बनाया। 22वें मिनट में मिले पेनल्टी कॉर्नर पर गोल के सामने अफरा-तफरी मची, जिसमें सुनेलिता ने करीब से फिनिशिंग टच देकर बढ़त को दोगुना कर दिया।

दो मिनट बाद, सुनेलिता ने फिर गोल किया; उन्होंने नियर पोस्ट की ओर तेज़ी से दौड़ते हुए दीपिका के पेनल्टी कॉर्नर फ्लिक को डिफ्लेक्ट किया। इसके बाद भारत ने 26वें मिनट में स्कोर 4-0 कर दिया, जब दीपिका के फ्लिक ने लालरेम्सियामी की स्टिक से डिफ्लेक्ट होकर नेट में जगह बनाई। तीन मिनट बाद, डिफेंस की चूक से रुतुजा को मौका मिला और उन्होंने शांति से गोलकीपर के ऊपर से गेंद को उछालकर स्कोर 5-0 कर दिया। बिना किसी गोल वाले शुरुआती क्वार्टर के बाद, भारत ने दूसरे क्वार्टर में पांच गोल किए और हाफ-टाइम तक मज़बूत बढ़त बना ली।

भारत ने 35वें मिनट में छठा गोल किया। लगातार मिले पेनल्टी कॉर्नर को ठीक से नहीं रोका जा सका, लेकिन बलजीत ने दूसरे प्रयास में गेंद को संभाला और हमले को जारी रखा।

इसके बाद गोल के सामने हुई अफरा-तफरी का अंत निक्की प्रधान द्वारा गेंद को लाइन के पार धकेलने के साथ हुआ।

सिंगापुर ने अपना डिफेंस मज़बूत बनाए रखा और तीसरे क्वार्टर में भी भारत को परेशान करना जारी रखा। लालरेम्सियामी 40वें और 42वें मिनट में गोल के करीब पहुंचीं, लेकिन गोलकीपर ने दोनों प्रयासों को नाकाम कर दिया।

आखिरी क्वार्टर में भी सिंगापुर का डिफेंस मज़बूती से डटा रहा और शुरुआती 10 मिनट तक भारत को कोई गोल नहीं करने दिया। दीपिका को एक और पेनल्टी कॉर्नर से गोल करने का मौका मिला, लेकिन हवा में किए गए उनके शॉट को गोलकीपर ने रोक दिया।

आखिरकार, 55वें मिनट में भारत को अपना सातवां गोल मिला। दीपिका ने पेनल्टी कॉर्नर पर कोई गलती नहीं की और सटीक फ़्लिक से गोल के कोने में गेंद पहुंचाकर स्कोर 7-0 कर दिया। एक मिनट बाद दीपिका को पेनल्टी कॉर्नर से एक और मौका मिला, लेकिन वह अपना स्कोर नहीं बढ़ा सकीं।

इसके बाद सिंगापुर को मैच का सबसे अच्छा मौका मिला, जब बॉल मिलने के बाद कियान शियाओ क्वेक भारत की गोलकीपर बिचू देवी के आमने-सामने थीं, लेकिन उनका शॉट गोल पोस्ट से बाहर चला गया। आइची-नागोया 2026 में हॉकी टूर्नामेंट 2028 ओलंपिक के लिए क्वालिफ़ायर का काम भी करेगा, जिसमें गोल्ड मेडल जीतने वाली टीमों को आगामी समर गेम्स में सीधे जगह मिलेगी।

कबड्डी में भारत ने दो गोल्ड जीते

नई दिल्ली। जापान में चल रहे एशियाई खेलों में पदक तालिका में भारत ने तीन स्थानों की छलांग लगाई है। शनिवार को खेल के सातवें दिन भारत को कबड्डी में दो गोल्ड मिले, जिसके बाद भारत के कुल गोल्ड मेडल की संख्या चार हो गई। भारत कुल 30 पदकों के साथ पदक तालिका में 10वें स्थान पर है। भारत को चार गोल्ड के अलावा 12 सिल्वर और 14 ब्रॉन्ज मेडल मिले हैं।

बहरहाल, शनिवार का दिन भारत की कबड्डी टीम के नाम रहा। एशियाई खेलों में भारत ने कबड्डी के दोनों गोल्ड जीत लिए। महिला टीम ने ईरान को 37-34 और पुरुष टीम ने भी ईरान को 40-34 से हराकर खिताब अपने नाम किया। पुरुष टीम ने लगातार 10वीं बार और महिला टीम ने लगातार पांचवें एशियाड में मेडल जीता। एथलेटिक्स में तजिंदरपाल सिंह तूर ने शॉटपुट में 20.64 मीटर के थ्रो के साथ सिल्वर जीता। प्राची चौधरी ने चार सौ मीटर में 53.21 सेकंड के समय के साथ ब्रॉन्ज अपने नाम किया। भारत को मैराथन और शूटिंग में भी सिल्वर मिले।

शनिवार को स्क्वॉश में अनाहत सिंह और अभय सिंह फाइनल में पहुंचे। भारत के लिए स्क्वॉश में भी ऐतिहासिक दिन रहा। 18 साल की अनाहत सिंह और अभय सिंह ने सिंगल्स के फाइनल में जगह बनाई। एशियन गेम्स में पहली बार भारत के दो खिलाड़ी पुरुष और महिला सिंगल्स के फाइनल तक पहुंचे हैं। एथलेटिक्स में सावन बरवाल ने पुरुष मैराथन में सिल्वर मेडल जीता। उन्होंने दो घंटे 11 मिनट 37 सेकंड में रेस पूरी की और राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया। एशियन गेम्स की पुरुष मैराथन में भारत को 44 साल बाद मेडल मिला है। साथ ही पुरुष हॉकी टीम ने सेमीफाइनल में जगह बनाई।

Asian Games 2026: कबड्डी में भारत को मिला दूसरा गोल्ड मेडल, महिलाओं के बाद पुरुष कबड्डी टीम ने किया कमाल

एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। 26 सितंबर, शनिवार को भारत को कबड्डी में दूसरा गोल्ड मिला है। पवन सेहरावत की कप्तानी में भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। फाइनल में भारत ने ईरान को 40-34 से हराया। वहीं इससे पहले विमेंस कबड्डी टीम ने फाइनल में ईरान को 37-34 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया है।

फाइनल में भारत और ईरान के बीच मुकाबला काफी कड़ा रहा, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने आखिर तक बढ़त बनाए रखी और जीत दर्ज की। इस जीत के साथ भारत ने एशियन गेम्स के पुरुष कबड्डी इतिहास में अपना नौवां स्वर्ण पदक हासिल किया।

भारत ने अबतक जीते 4 गोल्ड मेडल

भारत ने एशियन गेम्स 2026 में अब तक चार गोल्ड मेडल जीत लिए हैं। एशियन गेम्स में भारत के लिए पहला गोल्ड महिला क्रिकेट टीम ने जीता था। वहीं इसके बाद शूटिंग मिक्स्ड टीम और कबड्डी की महिला व पुरुष टीमों ने गोल्ड जीता। इसके साथ ही भारत के कुल पदकों की संख्या 28 हो गई है, जिसमें 4 गोल्ड, 11 सिल्वर और 13 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। पदक तालिका में भारत फिलहाल संयुक्त रूप से 10वें स्थान पर है। वहीं चीन सबसे ऊपर है, जबकि जापान दूसरे और दक्षिण कोरिया तीसरे स्थान पर है।

एशियन गेंम्स में भारत का प्रदर्शन

एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने शुरुआत से ही शानदार खेल दिखाया। ग्रुप ए के पहले मुकाबले में भारत ने 21 सितंबर को जापान को 49-24 से हराया। इसके बाद टीम ने दक्षिण कोरिया के खिलाफ 63-31 से बड़ी जीत दर्ज की। भारत का शानदार प्रदर्शन आगे भी जारी रहा और उसने बांग्लादेश को 48-25 तथा चीनी ताइपे को 37-21 से हराकर ग्रुप चरण में अपना दबदबा बनाए रखा। एशियन गेम्स 2026 के पुरुष कबड्डी में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल का टिकट पक्का किया। शुक्रवार को खेले गए सेमीफाइनल में भारतीय टीम ने थाईलैंड को 66-28 के बड़े अंतर से हराया। वहीं, दूसरे सेमीफाइनल में ईरान ने चीनी ताइपे को 59-21 से मात देकर फाइनल में जगह बनाई।

कबड्डी में भारत का इतिहास

एशियन गेम्स में पुरुष कबड्डी की शुरुआत 1990 में हुई थी और तब से भारत का इस खेल में दबदबा रहा है। भारत ने 2018 को छोड़कर हर बार पुरुष कबड्डी में गोल्ड मेडल जीता है। 2018 के एशियन गेम्स में भारतीय टीम फाइनल तक नहीं पहुंच सकी थी और उसे चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा था। इसके बाद टीम ने फिर से मजबूत वापसी की और अब 2026 में एक बार फिर गोल्ड मेडल अपने नाम किया।

 महिला कबड्डी टीम ने ईरान को दी मात

इससे पहले भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक बार फिर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। फाइनल में भारत ने ईरान को 37-34 से हराकर खिताब जीत लिया। मुकाबला काफी रोमांचक रहा और आखिरी समय तक दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। इस जीत के साथ भारत ने महिला कबड्डी में अपना चौथा एशियन गेम्स गोल्ड मेडल हासिल किया।

Asian Games में भारतीय पुरुष और महिला कबड्डी टीम ने ईरान को हराकर जीता गोल्ड मेडल

भारतीय पुरुष और महिला कबड्डी टीम ने शनिवार को यह साबित कर दिया कि ईरान भले ही इस खेल में विश्व की दूसरी बेहतरीन टीम हो लेकिन भारत को वह सिर्फ टक्कर ही दे सकती है। एशियाई खेलों में पहले कड़े मुकाबले में जबरदस्त वापसी करते हुए महिलाओं ने दिल थाम देने वाले मुकाबले में ईरान को 37-34 से हराकर गोल्ड मेडल जीता। वहीं भारतीय पुरुष टीम ने 40-34 के अंतर से ईरान पर खिताबी जीत पाई।

भारतीय पुरुष टीम और ईरान पुरुष टीम के बीच में पहले हाफ में कांटे का मुकाबला चला। पहले हाफ के अंत में बढ़त ईरान के पास थी लेकिन भारतीय टीम ने जबरदस्त आक्रमण और रक्षात्मक खेल दिखाकर ईरान को पीछे ढकेल दिया। अंतिम 3 मिनट में मैच औपचारिकता बचा हुआ था लेकिन कई बार रिव्यू लिए गए क्योंकि ईरान बहुत सशक्त टीम है।

पुरुषों का फाइनल तनावपूर्ण रहा जिसमें एक समय स्कोर 20-20 से बराबर था, लेकिन भारत ने बढ़त हासिल करने में सफलता पाई और एक और स्वर्ण सुरक्षित किया।

भारतीय पुरुषों ने 2018 जकार्ता खेलों में अपना दबदबा खत्म होने से पहले लगातार सात स्वर्ण पदक जीते थे जिसमें ईरान चैंपियन बना था और भारत चौथे स्थान पर रहा था। भारत ने 2023 हांग्झोउ खेलों में वापसी करते हुए खिताब फिर हासिल किया।एशियाई खेलों में कबड्डी में यह भारत का कुल मिलाकर नौवां स्वर्ण पदक था।

वहीं महिला टीम ने ईरान को शनिवार को फाइनल में 37-34 से हराकर स्वर्ण पदक जीत लिया।भारत ने हाफ टाइम तक 22-16 से बढत बना ली थी लेकिन दूसरे हाफ में ईरान ने 18-15 से जीत दर्ज की लेकिन भारत ने कुल स्कोर के आधार पर पीला तमगा हासिल किया।

इस जीत के बाद भारतीय टीम ने मैदान का चक्कर लगाते हुए ‘वंदे मातरम’ गीत गाया।भारत की महिला कबड्डी टीम ने जकार्ता में 2018 में हुए खेलों के अलावा हर एशियाई खेल में स्वर्ण पदक जीता है। जकार्ता में उसे फाइनल में ईरान ने हराया था।

भारत का कबड्डी में ‘गोल्डन डबल’, पुरुष और महिला टीमों ने फ़ाइनल में ईरान को हराया

भारत ने एशियाई खेलों में पुरुष और महिला वर्ग में कबड्डी फ़ाइनल में शनिवार को ईरान को हराकर दोहरी स्वर्णिम सफलता हासिल की। पुरुषों के रोमांचक मुकाबले में भारत ने ईरान को 40-34 से हराकर गोल्ड मेडल जीता और एशियाई खेलों में अपना ख़िताब सफलतापूर्वक बचाया। महिला कबड्डी टीम ने ईरान को 37-34 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम बरकरार रखा।

पुरुष फ़ाइनल में हाफ़-टाइम तक भारत 18-17 से पीछे था, लेकिन ब्रेक के बाद चुनौती का सामना करते हुए ईरान को ‘ऑल-आउट’ किया और मुक़ाबले पर पकड़ बनाते हुए कबड्डी में एशियाई खेलों का रिकॉर्ड नौवां गोल्ड मेडल हासिल किया। भारत ने दूसरे हाफ़ में मैच का पासा पलट दिया है और ईरान को ‘ऑल-आउट’ करने के बाद बढ़त बना ली।

मज़बूत डिफ़ेंस और स्मार्ट रेडिंग की मदद से भारत ने पिछड़ने के बाद वापसी की है और मैच के अंतिम चरणों में पाँच अंकों की बढ़त बना ली । कड़े मुक़ाबले वाले शुरुआती दौर के बाद, हाफ़-टाइम तक ईरान की टीम भारत से 18-17 से मामूली बढ़त बनाए हुए थी। ईरान ने इस दौरान मैच का एकमात्र ‘ऑल-आउट’ किया, लेकिन भारत ने हाफ़ का समापन मज़बूती से किया और अंतर को घटाकर एक अंक कर दिया, जिससे वे मुक़ाबले में बने रहे।

टोकाई सिटिजन्स जिम्नेजियम में हुए फाइनल मुकाबले में भारत की महिला कबड्डी टीम ने ईरान को 37-34 से हराकर अपना एशियाई खेलों का चौथा स्वर्ण पदक जीता। अब तक हुए पांच एशियाई खेलों में ईरान ने जकार्ता 2018 में फ़ाइनल में भारत को हराकर यह खिताब जीता था। दिलचस्प बात यह है कि ईरान ने फाइनल मैच की शुरुआत अपनी स्टार रेडर और कप्तान ज़हरा करीमी को बेंच पर बिठाकर की।

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डिफेंडिंग चैंपियन ने शानदार शुरुआत की। रेडर पूजा, संजू देवी और निकिता हथवाला ने शुरुआती पॉइंट हासिल किए और टीम को 5-2 की बढ़त दिला दी। हालांकि, ईरान ने सुपर टैकल के ज़रिए स्कोर बराबर किया और 7-5 की बढ़त बना ली। लेकिन भारत ने तुरंत वापसी की और मैच का पहला ‘ऑल आउट’ करके ईरान पर 13-10 की बढ़त बना ली। इसके तुरंत बाद निकिता हथवाला ने दो पॉइंट की रेड की और स्कोर 15-10 कर दिया।

मैट पर वापस लौटीं करीमी ने अतेना मादेदी की मदद से मैच का रुख पलटने की कोशिश की। हालांकि, भारतीय डिफेंस ने ईरान की स्टार रेडर सानिया नईमी को कोई मौका नहीं दिया और उन पर पूरी तरह काबू बनाए रखा। संजू देवी ने एक और मल्टी-पॉइंट रेड की – जिसमें बोनस और दो टच पॉइंट शामिल थे – जबकि डिफेंस ने लगातार सफल टैकल किए। इससे हाफ़-टाइम से दो मिनट पहले ही भारत की बढ़त दहाई के अंक (डबल डिजिट) तक पहुँच गई।

हाफ-टाइम की सीटी बजने से पहले के आखिरी दो मिनट ईरान के नाम रहे। एक सुपर टैकल, उसके बाद बोनस और मादेदी के शानदार एंकल होल्ड की बदौलत जकार्ता 2018 की चैंपियन टीम ने ब्रेक तक अंतर को कम करके 22-16 कर दिया।

दूसरे हाफ में ईरान पूरी तरह जोश में नजर आया। डिफेंस के मजबूत खेल और सानिया नईमी के अचानक लय में आने से, उन्होंने स्कोर का अंतर कम करके 23-20 कर दिया। दबाव के बीच, जब मैट पर भारत की सिर्फ़ दो खिलाड़ी बची थीं, रितु नेगी ने सानिया को ‘थाई होल्ड’ करके शानदार सुपर टैकल किया।

पूजा ने भी अहम पॉइंट हासिल किए ताकि भारत ‘ऑल आउट’ न हो जाए। लेकिन आखिरकार मदादी ने एक ही रेड में दो टच पॉइंट हासिल करके भारत को ‘ऑल आउट’ कर दिया और खेल खत्म होने में आठ मिनट बाकी रहते हुए स्कोर को सिर्फ़ एक पॉइंट (27-26) के अंतर पर ला दिया।

मैच का रुख बदलने के लिए भारत ने रेडर्स पर भरोसा जताया और उन्होंने उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन किया। पूजा ने पूरे मैच की तरह टच पॉइंट हासिल करना जारी रखा और संजू देवी ने भी कुछ बड़ी रेड्स के ज़रिए योगदान दिया। खेल खत्म होने में चार मिनट से कुछ ज़्यादा समय बचा था और भारत ने 34-28 की बढ़त बना ली थी। जैसे-जैसे समय बीतता गया, ईरान के खेल में गलतियाँ होती गईं, जबकि भारत ने रेड्स के दौरान समय बिताने की कोशिश की। आखिरकार भारत ने 37-34 से जीत हासिल की और अपना खिताब बचाए रखा।

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भारत ने ईरान को हराकर कबड्डी का स्वर्ण बरकरार रखा

भारत ने पुरुषों के रोमांचक कबड्डी फ़ाइनल में ईरान को 40-34 से हराकर गोल्ड मेडल जीता और एशियाई खेलों में अपना ख़िताब सफलतापूर्वक बचाया।

हाफ़-टाइम तक भारत 18-17 से पीछे था, लेकिन ब्रेक के बाद चुनौती का सामना करते हुए ईरान को ‘ऑल-आउट’ किया और मुक़ाबले पर पकड़ बनाते हुए कबड्डी में एशियाई खेलों का रिकॉर्ड नौवां गोल्ड मेडल हासिल किया।

भारत ने दूसरे हाफ़ में मैच का पासा पलट दिया है और ईरान को ‘ऑल-आउट’ करने के बाद बढ़त बना ली। मज़बूत डिफ़ेंस और स्मार्ट रेडिंग की मदद से भारत ने पिछड़ने के बाद वापसी की है और मैच के अंतिम चरणों में पाँच अंकों की बढ़त बना ली।

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कबड्डी फ़ाइनल में कड़े मुक़ाबले वाले शुरुआती दौर के बाद, हाफ़-टाइम तक ईरान की टीम भारत से 18-17 से मामूली बढ़त बनाए हुए थी। ईरान ने अब तक मैच का एकमात्र ‘ऑल-आउट’ किया, लेकिन भारत ने हाफ़ का समापन मज़बूती से किया और अंतर को घटाकर एक अंक कर दिया, जिससे वे मुक़ाबले में बने हुए हैं।

12-9 से पिछड़ने के बाद ईरान ने मुक़ाबले का पासा पलट दिया। अमीरमोहम्मद ज़फ़रदानेश ने भारत के अंतिम दो डिफ़ेंडरों को अपनी रेड में फँसाकर ‘ऑल-आउट’ कर दिया। अब भारत ईरान से 14-13 से पीछे है। पुरुषों के फ़ाइनल की शुरुआत में शुरुआती आठ मिनट के बाद भारत और ईरान 5-5 से बराबरी पर हैं।

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Asian Games 2026: 44 साल बाद आया मेडल…सावन बारवाल ने रचा इतिहास! जानिए कौन हैं ये

Asian Games 2026 Sawan Barwal Silver Medal: एशियन गेम्स 2026 में भारतीय धावक सावन बारवाल ने इतिहास रच दिया है। सावन ने पुरुषों की मैराथन स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। इसके साथ ही भारत का एशियन गेम्स की मैराथन स्पर्धा में मेडल का 44 साल का लंबा इंतजार खत्म हो गया है।

सावन ने ना सिर्फ सिल्वर मेडल जीता, बल्कि 2:11:37 का समय निकालकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया और नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी कायम किया। रेस का स्वर्ण पदक जापान के यामाशिता ने जीता।

रेस में सावन बारवाल का शानदार प्रदर्शन (स्टेप-बाय-स्टेप)

शुरुआती बढ़त (10 किमी से 21 किमी): सावन शुरुआती 10 किलोमीटर के बाद से ही रेस के फ्रंट रनर्स में बने रहे। 21 किलोमीटर का हाफ-मैराथन मार्क पूरा करते ही (1:05:54 का समय) वह रेस में पहले स्थान पर आ गए।

टॉप-3 में मुकाबला (30 किमी से 35 किमी): रेस जैसे-जैसे आगे बढ़ी, जापान के यामाशिता, चीन के हान और भारत के सावन बारवाल के बीच मुख्य मुकाबला देखने को मिला।

36 किमी पर निर्णायक मोड़: 36 किलोमीटर के मार्क पर जापान के यामाशिता ने 20 से 30 मीटर की बढ़त बना ली। हालांकि, सावन ने धैर्य बनाए रखा और मजबूती से दूसरे स्थान पर टिके रहे।

फिनिश लाइन: सावन ने अपनी गति बरकरार रखी और दूसरा स्थान हासिल करते हुए भारत के लिए ऐतिहासिक सिल्वर मेडल पक्का किया।

इस स्पर्धा में हिस्सा ले रहे दूसरे भारतीय धावक कार्तिक करकरा शुरुआती चरण में आगे रहने के बाद पिछड़ गए और 19 धावकों के बीच 17वें स्थान पर रहे।

कौन है सावन बारवाल?

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के रहने वाले सावन बारवाल भारतीय सेना के एथलीट हैं। एशियन गेम्स 2026 में 2:11:37 का समय निकालकर रजत पदक जीतने वाले सावन ने इससे पहले इसी साल अप्रैल में रोटरडैम की प्रतिष्ठित NN मैराथन में 48 साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़कर सनसनी मचा दी थी। साल 2023 में आयोजित ‘एशियन क्रॉस कंट्री चैंपियनशिप’ में भारत को कांस्य पदक दिलाने वाले सावन अब लंबी दूरी की दौड़ में देश के सबसे भरोसेमंद एथलीट बनकर उभरे हैं।

एशियन गेम्स 2026 में आज ये है भारत के बड़े मुकाबले

कबड्डी में गोल्ड मेडल का मुकाबला: भारत की पुरुष और महिला दोनों टीमें गोल्ड मेडल मैच में ईरान से भिड़ेंगी। भारतीय पुरुष टीम अपने 9वें गोल्ड और महिला टीम चौथे खिताब की तलाश में मैदान में उतरेगी।

बैडमिंटन में पीवी सिंधु की शुरुआत: दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु बैडमिंटन महिला सिंगल्स में अपने अभियान की शुरुआत करेंगी, जहां उनसे भारत की अगुवाई करने और मेडल दिलाने की बड़ी उम्मीदें हैं।

Asian Games 2026: भारतीय महिला शूटर्स का शानदार प्रदर्शन, 50m राइफल में सिल्वर पर कब्जा, तिलोत्तमा और विदर्सा ने फाइनल में बनाई जगह

छठे दिन भारत को छह मेडल मिले

नई दिल्ली। जापान में चल रहे एशियाई खेलों में भारत ने शुक्रवार को छह मेडल जीते, जिसमें एक गोल्ड मेडल भी है। इस तरह भारत के दो गोल्ड मेडल सहित 23 मेडल हो गए हैं। पदक तालिका में भारत 12वें नंबर है। चीन पहले दिन से पहले नंबर पर बना हुआ है। शुक्रवार को भारत ने एशियाई खेलों के पोल वॉल्ट में पहली बार मेडल जीता। बरानिका एलांगोवन ने महिलाओं की पोल वॉल्ट में 4.15 मीटर की ऊंचाई पार कर ब्रॉन्ज जीता।

शुक्रवार को एथलेटिक्स में गुलवीर सिंह ने 10 हजार मीटर रेस में रजत पदक जीता। उन्होंने 28 मिनट 29.38 सेकेंड में रेस पूरी की। मनप्रीत कौर ने महिलाओं की शॉटपुट में भारत को कांस्य पदक दिलाया। छठे दिन भारत ने एक गोल्ड, दो सिल्वर और तीन ब्रॉन्ज समेत कुल 6 मेडल जीते। इसके साथ भारत के खाते में 23 मेडल हो गए हैं। चीन 157 मेडल के साथ टॉप पर है।

भारत की सुरुचि इंदर सिंह और कमलजीत ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम में गोल्ड जीता। भारतीय जोड़ी ने फाइनल में 484.6 अंक हासिल किए। दक्षिण कोरिया 478.0 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रहा। 50 मीटर राइफल तीन पोजिशन टीम इवेंट में ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, रुद्रांक्ष पाटिल और नीरज कुमार की टीम ने सिल्वर जीता। भारत ने 1762 अंक बनाए। चीन 1766 अंक के साथ गोल्ड और दक्षिण कोरिया 1751 अंक के साथ ब्रॉन्ज जीतने में सफल रहा।

Asian Games 2026: शूटिंग से एथलेटिक्स तक खिलाड़ियों ने मचाया धमाल, भारत ने 6वें दिन जीते 6 मेडल

एशियन गेम्स 2026 भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है। एशियन गेम्स के 6वें दिन भारत के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए छह मेडल अपने नाम किए। 25 सितंबर यानी शुक्रवार को आइची-नागोया में भारत को शूटिंग में दो, ट्रैक एंड फील्ड में तीन और टेबल टेनिस के मिक्स्ड डबल्स में एक ब्रॉन्ज मेडल मिला। एशियन गेम्स 2026 में 6वें दिन के मुकाबलों के बाद भारत के खाते में कुल 23 मेडल हो गए हैं। इनमें 2 गोल्ड, 9 सिल्वर और 12 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। पदक तालिका में भारत 12वें स्थान पर है।

वहीं सातवें दिन के मुकाबलों के बाद चीन मेडल टेबल में सबसे आगे रहा और उसके खाते में अब तक 98 गोल्ड मेडल दर्ज हो चुके हैं। आइए जानते हैं आज किस-किस खिलाड़ी ने भारत के लिए मेडल

एयर पिस्टल मिक्स्ड में मिला गोल्ड

सुरुचि सिंह और कमलजीत ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम मुकाबले में शानदार खेल दिखाते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। भारतीय जोड़ी ने फाइनल में 484.6 अंक हासिल किए। वहीं, दक्षिण कोरिया की सुह्योन होंग और गेउन चू की जोड़ी 478.0 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रही। वहीं ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, रुद्रांक्श पाटिल और नीरज कुमार की भारतीय टीम ने पुरुषों की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन टीम स्पर्धा में 1762 अंक हासिल कर सिल्वर मेडल जीता। इस मुकाबले में चीन की टीम 1766 अंक के साथ पहले स्थान पर रही और गोल्ड अपने नाम किया। वहीं, दक्षिण कोरिया ने 1751 अंक के साथ ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया।

टेबल टेनिस मिक्स्ड डबल्स में मिला ब्रॉन्ज

मानुष शाह और दिया चितले की भारतीय जोड़ी को एशियन गेम्स के टेबल टेनिस मिक्स्ड डबल्स में ब्रॉन्ज मेडल मिला। सेमीफाइनल में उन्हें चीन की वांग चुकिन और सुन यिंगशा की जोड़ी से 0-4 से हार का सामना करना पड़ा। वहीं, महिलाओं की शॉट पुट स्पर्धा में भारत की मनप्रीत कौर ने 17.17 मीटर का थ्रो करके ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। वहीं भारत के लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में 28:29.38 मिनट का समय दर्ज किया और सिल्वर मेडल अपने नाम किया। इस पदक के साथ उन्होंने एशियन गेम्स में अपने पिछले ब्रॉन्ज मेडल को सिल्वर में बदल दिया और एक और बड़ा अंतरराष्ट्रीय पदक अपनी उपलब्धियों में जोड़ लिया।

एशियन गेम्स 2026 में बारानिका एलंगोवन ने महिलाओं के पोल वॉल्ट में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारत के लिए खास उपलब्धि हासिल की। 25 सितंबर को जीता ये पदक उनके करियर के साथ-साथ भारतीय एथलेटिक्स के लिए भी महत्वपूर्ण रहा।