Asian Games 2026: खत्म हुआ 44 साल का इंतजार! हॉकी में चीन को हरा भारत की बेटियों ने जीता गोल्ड, ओलंपिक टिकट भी पक्का

भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया है। शुक्रवार, 2 अक्टूबर को खेले गए फाइनल में भारत ने चीन को 1-0 से हराकर खिताब जीता। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने महिला हॉकी में एशियन गेम्स के गोल्ड के लिए करीब चार दशक का इंतजार भी खत्म कर दिया। भारत ने इससे पहले 1982 में महिला हॉकी का गोल्ड मेडल जीता था। भारत ने 44 साल के पदक के सूखे को खत्म किया है। वहीं एशियन गेम्स में भारत के कुल पदकों की संख्या 76 हो गई है। इसमें 16 गोल्ड 25 सिल्वर और 35 ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए है।

फाइनल में भारत से हारकर पेरिस ओलंपिक्स की सिल्वर मेडलिस्ट चीन को सिल्वर मेडल से ही संतोष करना पड़ा। वहीं, ब्रॉन्ज मेडल के मुकाबले में जापान ने दक्षिण कोरिया को शूटआउट में 4-2 से हराकर तीसरा स्थान हासिल किया।

एशियन गेम्स में भारत का प्रदर्शन

एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीतने के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम ने 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक्स के लिए भी अपनी जगह पक्की कर ली है। एशियन गेम्स में महिला हॉकी के इतिहास में भारत का ये दूसरा गोल्ड है। इससे पहले टीम ने 1982 में खिताब जीता था। इसके बाद भारत 1998 और 2018 में फाइनल तक पहुंचा, लेकिन दोनों मौकों पर उसे हार का सामना करना पड़ा था। 1998 में साउथ कोरिया और 2018 में जापान ने भारत को हराकर गोल्ड जीता था।

भारत की ओर से लालरेम्सियामी हमारजोटे ने पहले क्वार्टर में गोल करके टीम को बढ़त दिलाई। इसके बाद चीन ने बराबरी की कई कोशिशें कीं, लेकिन भारतीय डिफेंस ने हर हमले को रोक दिया।

देर से शुरू हुआ मुकाबला

भारत और चीन के बीच फाइनल मुकाबला तय समय से करीब एक घंटे देर से शुरू हुआ। दोनों टीमों की बसें रास्ते में हुए एक हादसे के कारण लगे ट्रैफिक जाम में फंस गई थीं, हालांकि इस घटना का दोनों टीमों से कोई संबंध नहीं था। मैच शुरू होते ही भारतीय खिलाड़ियों ने आक्रामक खेल दिखाया और चीन के दबाव का भी डटकर सामना किया। भारत को पहली बड़ी सफलता तब मिली, जब साक्षी राणा ने सर्कल के अंदर शानदार पास दिया और गेंद लालरेमसियामी हमारजोटे तक पहुंची, जिन्होंने मौके का फायदा उठाते हुए गोल कर दिया।

भारत ने चीन को दी मात

लालरेमसियामी ने मिले मौके को पूरी तरह भुनाया और दौड़ते हुए शानदार रिवर्स-स्टिक शॉट लगाकर गेंद को सीधे गोल के ऊपरी हिस्से में पहुंचा दिया। चीनी गोलकीपर के पास इस तेज शॉट को रोकने का कोई मौका नहीं था। शुरुआती समय में चीन के पास गेंद कुछ ज्यादा रही, लेकिन भारतीय टीम ने अपनी डिफेंस लाइन को मजबूत रखा और चीनी खिलाड़ियों को आसानी से गोल करने का मौका नहीं दिया। दूसरे क्वार्टर में गोलकीपर सविता पुनिया ने पेनल्टी स्ट्रोक बचाकर चीन को गोल करने से रोक दिया। मैच के बाकी समय में भी भारतीय खिलाड़ियों ने मजबूत डिफेंस दिखाया और अपनी बढ़त को कायम रखते हुए टीम को गोल्ड मेडल दिलाया।

IND vs PAK Final: कहीं बारिश ना बिगाड़ दें भारत-पाकिस्तान मुकाबले का खेल, मौसम को लेकर आया ये बड़ा अपडेट

ND vs PAK: एशियन गेम्स 2026 के क्रिकेट में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाला गोल्ड मेडल मुकाबला काफी रोमांचक होने वाला है। भारत और पाकिस्तान की टीम एशियन गेम्स का फाइनल मुकाबला शनिवार, 3 अक्टूबर को खेला जाएगा। दोनों टीमों के बीच ये हाईवोल्टेज मुकबाला निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में सुबह 10 बजे से शुरू होगा। डिफेंडिंग चैंपियन भारत ने सेमीफाइनल में श्रीलंका को 124 रन से हराकर फाइनल में जगह बनाई है। वहीं, पाकिस्तान ने बारिश से प्रभावित सेमीफाइनल में बांग्लादेश को 13-13 ओवर के मुकाबले में 6 विकेट से मात दी और फाइनल का टिकट हासिल किया।

अब दोनों टीमें गोल्ड मेडल के लिए आमने-सामने होंगी। आइए जानते हैं कब और कहां पर देंखे ये मुकाबला और क्या बारिश मुकाबले में खलल डाल सकती है।

दोनों टीमों के बीच होगा कांटे का मुकाबला

भारत-पाकिस्तान के बीच होने वाले गोल्ड मेडल मुकाबले में दोनों टीमों के कुछ खिलाड़ियों पर खास नजर रहेगी। भारत के लिए ईशान किशन अहम साबित हो सकते हैं, जिन्होंने सेमीफाइनल में पांचवें नंबर पर उतरकर 80 रन बनाए थे। उनके साथ वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन से भी अच्छी बल्लेबाजी की उम्मीद रहेगी।

दूसरी तरफ पाकिस्तान की बल्लेबाजी में कप्तान साहिबजादा फरहान की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। निशिन की धीमी पिच को देखते हुए सुफियान मुकीम और अबरार अहमद की गेंदबाजी भी पाकिस्तान के लिए काफी मायने रखेगी, क्योंकि दोनों भारतीय बल्लेबाजों को रन बनाने से रोकने की कोशिश करेंगे। इस मैच में जीतने वाली टीम को गोल्ड मेडल मिलेगा, जबकि हारने वाली टीम सिल्वर मेडल अपने नाम करेगी।

कब खेला जाएगा मुकाबला

एशियन गेम्स 2026 के पुरुष क्रिकेट का गोल्ड मेडल मुकाबला भारत और पाकिस्तान के बीच शनिवार, 3 अक्टूबर को खेला जाएगा। दोनों टीमें निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में आमने-सामने होंगी। मैच भारतीय समय के अनुसार सुबह 10 बजे शुरू होगा, जबकि टॉस मुकाबला शुरू होने से आधे घंटे पहले यानी सुबह 9:30 बजे होगा।

कहां पर देंखे लाइव मुकाबला

भारत और पाकिस्तान के बीच एशियन गेम्स 2026 के पुरुष क्रिकेट फाइनल को भारत में टीवी पर लाइव देखा जा सकेगा। इस गोल्ड मेडल मुकाबले का सीधा प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क के चैनलों पर किया जाएगा। यानी क्रिकेट फैंस शनिवार को होने वाले इस बड़े मुकाबले को अपने टीवी पर लाइव देख पाएंगे।

ऑनलाइन कहां पर देंखे ये मुकाबला

भारत-पाकिस्तान के बीच एशियन गेम्स 2026 का फाइनल 3 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से सोनी लिव ऐप और वेबसाइट पर लाइव स्ट्रीम होगा। फैंस मोबाइल या लैपटॉप पर मैच देख सकेंगे।

क्या बारिश डालेगी मुकाबले में खलल?

भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबले में निसशिन में मौसम साफ रहने की उम्मीद है। दिन की शुरुआत हल्की धूप हो सकती है, लेकिन बाद में आसमान में बादल छाने का अनुमान है। इस दौरान तापमान 17 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है। वहीं, बारिश की संभावना सिर्फ 1 फीसदी है, इसलिए मैच में बारिश से रुकावट की आशंका कम है।

भारत और पाकिस्तान की पूरी टीम

भारत की पूरी टीम: श्रेयस अय्यर (C), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (WK), ईशान किशन, अक्षर पटेल, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, वाशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, यश ठाकुर, विप्रज निगम

पाकिस्तान की पूरी टीम: साहिबज़ादा फरहान (C), माज़ सदाकत, उस्मान खान (WK), सैम अयूब, हसन नवाज़, अब्दुल समद, अराफात मिन्हास, अहमद दानियाल, मोहम्मद वसीम जूनियर, अबरार अहमद, सुफ़यान मोकिम, साद मसूद, अली रजा, आकिफ जावेद, हैदर अली

बुधवार को भारत का गोल्डन डे रहा

नई दिल्ली। जापान में चल रह एशियाई खेलों में बुधवार का दिन भारत के लिए गोल्डेन डे रहा। भारतीय खिलाड़ियों ने चार गोल्ड मेडल जीते। बुधवार को तीरंदाजी के तीनों गोल्ड भारत ने जीते। इसके अलावा एक गोल्ड शूटिंग का है। बुधवार के प्रदर्शन के बाद भारत के 10 गोल्ड हो गए हैं, जिसकी मदद से भारत पदक तालिका में सातवें स्थान पर पहुंच गया है। भारत के कुल पदकों की संख्या 60 पहुंच गई है।

बहरहाल, बुधवार को पहला गोल्ड महिलाओं की कंपाउंड आर्चरी टीम ने जीता। इसके बाद चिकिता तनिपार्थी और साहिल जाधव की जोड़ी ने मिक्स्ड कंपाउंड आर्चरी में गोल्ड जीता। बुधवार का तीसरा गोल्ड नीरू ढांडा और किनान चेनाई की जोड़ी ने शूटिंग में जीता। दिन का चौथा गोल्ड कंपाउंड आर्चरी के पुरुष टीम इवेंट में साहिल, गणेश और कुशल ने जीता। इस तरह भारत ने कंपाउंड आर्चरी के तीनों इवेंट में गोल्ड जीते।

शूटिंग में गोल्ड दिलाने वाली जोड़ी में से एक नीरू ढांढा का यह इन गेम्स में दूसरा गोल्ड है। इससे एक दिन पहले उन्होंने विमेंस ट्रैप इंडिविजुअल इवेंट में गोल्ड जीता था। इस बीच भारतीय महिला हॉकी टीम ने दक्षिण कोरिया को 2-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। भारत के लिए इशिका ने पेनल्टी कॉर्नर की वैरिएशन पर गोल किया, जबकि कप्तान सलिमा ने दूसरे हाफ में बढ़त दोगुनी की। अब भारत का गोल्ड मेडल मैच चीन से होगा। यह मुकाबला दो अक्टूबर को खेला जाएगा।

चीन कोरिया जैसे दिग्गजों को हराकर भारतीय पुरुष तीरंदाजों ने जीता गोल्ड मेडल

Archers

चीन और दक्षिण कोरियाई तीरंदाज विश्व के सर्वश्रेष्ठ तीरंदाजों की फहरिस्त में आते हैं। लेकिन बुधवार को भारतीय पुरुष तीरंदाजों के खिलाफ सेमीफाइनल में ना दक्षिण कोरिया के तीरंदाज चल पाए और फाइनल में चीन के खिलाफ भारतीय पुरुष तिकड़ी ने लगभग हारा हुआ मैच जीत लिया और भारत को इस एशियाड का दसवां स्वर्ण पदक दिलवा दिया।

कुशल दलाल, साहिल राजेश जाधव और गणेश मणिरत्नम थिरुमुरु ने दक्षिण कोरिया को 5 अंको के बड़े अंतर से सेमीफाइनल में हराया। कुल स्कोर 236-229 का रहा। वहीं चीन के खिलाफ मुकाबला करीबी था। अंतिम सेट में चीन सिर्फ एक शुरुआती गलती जिसमें तीरंदाज ने 8 अंक तक बाण भेजा, इससे यह स्पष्ट हो गया था कि भारत को सिर्फ बढ़त बनाए रखनी है और भारत ने ऐसा ही किया। तीरंदाजों का हर बाण 10 अंक पर गिरा और भारत स्वर्ण पदक जीत गया। चीन ने शुरुआती गलती के बाद सभी बाण 10 अंको के गोलार्ध पर गिराए लेकिन यह जीत के लिए काफी ना था।

भारतीय पुरुष टीम फाइनल में दो अंक से पीछे थी लेकिन उसने अंतिम चरण में शानदार वापसी करते हुए चीन को 238-237 से हराकर रोमांचक जीत दर्ज की। चीन की टीम में जियाहाओ लियाओ, जिनयी लियू और जिंग्यू शी शामिल थे। चीन को रजत पदक मिला।

सेमीफाइनल में भारत ने चोई यून ग्यू, चोई योंगही और किम जोंघो की दक्षिण कोरियाई टीम को 236-229 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।पुरुष फाइनल में भारत नौ अंक के दो निशानों के कारण पहले चरण के बाद 58-60 से पीछे था। हालांकि अगले चरण में भारतीय टीम ने छह परफेक्ट 10 के निशाने लगाए जिससे दूसरे चरण के बाद टीम 118-120 से पीछे थी।

तीसरे चरण के बाद भारत ने अंतर घटाकर एक अंक कर दिया और स्कोर 178-179 हो गया। इसके बाद चीन के जियाहाओ लियाओ ने आठ अंक का निशाना लगाया जबकि भारत ने अंतिम छह शॉट में शानदार प्रदर्शन करते हुए रोमांचक जीत दर्ज की।भारतीय टीम के लिए यह जीत इस कारण भी खास रही क्योंकि स्वर्ण के साथ साथ ओलंपिक कोटा भी टीम ने हासिल कर लिया।

नीरु ने दुबारा गोल्ड किया ट्रैप, पुरुष साथी काईनन के साथ जीता खिताब

TraP Shooting

हरियाणवी शहर जिंद से पहलवान और कुश्ती के खिलाड़ी तो बहुत निकलते हैं लेकिन ट्रैप निशानेबाज नीरू हांडा ने निशानेबाजी जैसा धैर्य और एकाग्रता रखने वाले खेल में भारत को दो स्वर्ण पदक दिलाए। एकल प्रतियोगिता में उन्होंने कल ट्रैप शूटिंग में भारत को स्वर्ण पदक दिलाया था इसके बाद आज काइनन चेनाई के साथ मिलकर ट्रैप मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। यही नहीं नीरू ढांडा, आशीमा अहलावत और मनीषा कीर ने महिलाओं के ट्रैप टीम स्पर्धा में 328 अंकों के साथ रजत पदक जीता।

इसके साथ ही वह गुलवीर सिंह समेत कुछ चुनिंदा भारतीय एथलीटों में शामिल हो गई जिन्होंने अब तक तीन पदक जीते। हालांकि इसमें से 2 स्वर्ण पदक है तो नीरू इस एशियाड की सबसे सफल एथलीट कही जा सकती है। ट्रैप शूटिंग इवेंट में स्वर्ण पदक जीतने वाली इतिहास की पहली भारतीय महिला नीरू ने कल एकल प्रतियोगिता में बारिश के बीच गजब का संयम बनाकर कुल 30 अंको में से 28 अंक अर्जित किए थे।

आज भी उन्होंने वहीं से शुरुआत की जहां से उन्होंने कल खेल छोड़ा था।नीरू हांडा और काइनन चेनाई  ने चौथे स्थान पर रहकर फाइनल के लिए क्वालीफाई किया था। उन्होंने फाइनल में 34 का स्कोर बनाया। कतर के मोहम्मद अल रुमैही और रे बासिल ने 32 के स्कोर के साथ रजत पदक जीता।

भारतीय जोड़ी ने पहले दो राउंड में 46 और 46 का स्कोर बनाया और कुल मिलाकर 46, 46, 44 अंक बनाकर 136 का कुल स्कोर हासिल किया।
दोनों भारतीयों में काइनन ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए कुल 73 अंक हासिल किए।इसमें से नीरु के अकेले 63 अंक थे।

प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई

रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एशियाई खेलों में ट्रैप इवेंट में व्यक्तिगत और मिश्रित गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनने पर नीरू ढांडा को बधाई दी है। प्रधानमंत्री ने उनके बेहतरीन निशाने और संयम की सराहना की और कहा कि उनकी इस उपलब्धि से देश को बहुत गर्व हुआ है।श्री मोदी ने भरोसा जताया कि यह ऐतिहासिक उपलब्धि और भी कई युवा खिलाड़ियों को शूटिंग (निशानेबाजी) अपनाने और सर्वोच्च सम्मान हासिल करने की कोशिश करने के लिए प्रेरित करेगी।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक्स पर लिखा, “नीरू ढांडा ने भारत को जश्न मनाने का एक ऐतिहासिक पल दिया है! एशियाई खेलों में ट्रैप इवेंट में व्यक्तिगत और मिश्रित गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनने पर उन्हें बधाई। उनके बेहतरीन निशाने और संयम ने देश को बहुत गर्व दिलाया है। यह उपलब्धि और भी कई युवा खिलाड़ियों को शूटिंग अपनाने और सर्वोच्च सम्मान हासिल करने का लक्ष्य रखने के लिए प्रोत्साहित करेगी। ”

भोपाल के तालाब पर टिन के डिब्बे पर लगाती थीं निशाना, उधार की बंदूक से शुरू की प्रैक्टिस! गोल्ड जीतने वाली नीरू ढांडा की कहानी

नागोया। हरियाणा के जींद की रहने वाली नीरू ढांडा ने एशियन गेम्स में महिलाओं के ट्रैप इवेंट में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। वह इंडिविजुअल शॉटगन में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। लेकिन उनकी इस कामयाबी की शुरुआत काफी साधारण तरीके से हुई थी।

नीरू ने अपने चचेरे भाई लक्ष्य शेरॉन की कामयाबी से इंस्पायर होकर शूटिंग शुरू की। 2019 में भोपाल आने के बाद उनकी किस्मत बदली। उन्हें मध्य प्रदेश स्टेट शूटिंग एकेडमी से मुफ्त बंदूक और गोलियां मिलीं। नीरू के पिता किसान हैं, इसलिए परिवार के लिए महंगे शॉटगन खेल का खर्च उठाना आसान नहीं था। एकेडमी की मदद से ही वह इस खेल में टिक पाईं। इस साल उन्होंने लोनाटो, इटली में वर्ल्ड कप मेडल भी जीता था।

चुनौतियों के बीच खुद को ऐसे किया तैयार

एशियन गेम्स से करीब 10 दिन पहले नीरू की तबीयत खराब हो गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। वह पूरा ट्रेनिंग कैंप भी नहीं कर पाईं और पांच दिनों तक कुछ नहीं खाया। इस दौरान कोच मनशेर सिंह उनके कांटेक्ट में रहे और उन्हें फोकस बनाए रखने के लिए मोटिवेट करते रहे। नागोया में बारिश और ठंड के कारण बंदूक की ग्रिप पर भी असर पड़ा, लेकिन नीरू ने खुद से बात करके अपना कंसंट्रेशन बनाए रखा।

मुकाबले से पहले नीरू ने अपनी तैयारी का रूटीन नहीं बदला। क्वालिफिकेशन में 95 स्कोर के साथ टॉप करने के बाद उन्होंने खाने और नींद का खास ध्यान रखा। नागोया में उन्हें दाल और रोटी पसंद थी, जिसे वह एक बांग्लादेशी रेस्टोरेंट से मंगाती थीं।

गोल्ड जीतकर जवानों को किया याद

गोल्ड जीतने के बाद नीरू ने अपना मेडल भारतीय सेना के जवानों को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि सैनिक देश की रक्षा के लिए अपनी जान देते हैं। उन्होंने यह मेडल पूर्व एशियन गेम्स चैंपियन राजा रंजीत सिंह को भी समर्पित किया, जिनका इस साल निधन हो गया।

नीरू को उम्मीद है कि उनकी इस जीत से भारत के युवा शॉटगन शूटर्स को बड़े सपने देखने की हिम्मत मिलेगी।

स्वर्णिम तीरंदाज! भारत की महिला और मिश्रित जोड़ी ने जीते एशियाड गोल्ड मेडल

एशियाई खेल 2026 में बुधवार को भारत के खाते में दो स्वर्ण पदक झोली में गिरे। पहले महिला तो फिर मिश्रित जोड़ी ने कंपाउंड तीरंदाजी में गोल्ड मेडल जीतकर भारत की अंक तालिका सुधारी।

पहले भारतीय महिला कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने विश्व रिकॉर्ड की बराबरी करते हुए स्वर्ण पदक जीता।आज भारत की ज्योति सुरेखा वेन्नम, पृथिका प्रदीप और चिकिता तनिपार्थी ने महिला कंपाउंड टीम फ़ाइनल में चीन को 238-234 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया और अपना एशियाई खेल का खिताब बरकरार रखा।

भारतीय टीम ने आधे समय तक 119-116 की बढ़त बना रखी थी और दूसरे हाफ में चीन की चुनौती का सामना करते हुए जीत पक्की की। 238 अंक का स्कोर दक्षिण कोरिया द्वारा इंचियोन में एशियाई खेल 2014 में बनाए गए महिला कंपाउंड टीम वर्ल्ड रिकॉर्ड के बराबर भी था।आइची-नागोया 2026 एशियाई खेलों में यह भारत का सातवां स्वर्ण पदक था।भारतीय महिला कंपाउंड टीम ने 2023 में हांगझोउ एशियाई खेलों में भी स्वर्ण पदक जीता था। पिछले सत्र में भारत ने तीरंदाजी में पांच स्वर्ण पदक जीते थे।

इसके बाद चिकिता तनीपार्थी और साहिल जाधव की भारत की कंपाउंड मिश्रित तीरंदाजी जोड़ी ने रोमांचक शूट ऑफ में दक्षिण कोरिया को हराकर स्वर्ण पदक जीता और 2028 ओलंपिक कोटा स्थान हासिल किया।

चिकिता और साहिल ने शानदार संयम का परिचय देते हुए रोमांचक फाइनल में दक्षिण कोरिया की जंगयून पार्क और चोई यून ग्यू को शूट ऑफ के बाद 158-157 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।भारतीय मिश्रित टीम ने सेमीफाइनल में थाईलैंड को 156-155 से हराकर स्वर्ण पदक के मुकाबले में प्रवेश किया था।

चीन को चटाई धूल, वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी! भारतीय महिला कंपाउंड तीरंदाजी टीम के एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने की पूरी कहानी

Asian Games 2026: आइची-नागोया में एशियाई खेलों के दौरान भारत की महिला कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। फाइनल मुकाबले में भारतीय तीरंदाजों का सामना चीन की मजबूत टीम से था। मुकाबले की शुरुआत में दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली, लेकिन भारतीय तीरंदाजों ने शुरू से ही अच्छा निशाना साधा।

https://x.com/ANI/status/2105121323186029024

भारत की ओर से ज्योति सुरेखा वेन्नम, चिकिता तनिपर्थी और पृथिका प्रदीप मैदान में उतरीं। तीनों ने पहले राउंड से ही लगातार अच्छे स्कोर किए। पहले राउंड में भारत ने 60-58 से बढ़त हासिल की। इसके बाद दूसरे राउंड में भी भारतीय टीम ने 60-58 से बाजी मारी। दो राउंड के बाद भारत 178-176 से आगे था। आखिरी राउंड में चीन को वापसी के लिए अच्छा स्कोर करना था। लेकिन भारतीय तीरंदाजों ने अपनी बढ़त बनाए रखी। चीन की टीम ने दो बार 9 का स्कोर किया, जबकि भारत ने कई बार परफेक्ट 10 लगाए।

आखिरी राउंड में भारतीय टीम ने छह परफेक्ट 10 लगाए। इसके साथ ही कुल स्कोर 238 तक पहुंच गया और भारत ने चीन को 238-234 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। पहले यह रिकॉर्ड दक्षिण कोरिया के नाम था।

ये स्ट्रेटेजी रही फाइनल तक पहुंचने के लिए

गोल्ड मेडल के मुकाबले से पहले भारत को सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया की चुनौती का सामना करना पड़ा था। यहां मुकाबला बेहद करीबी रहा और भारतीय टीम ने सिर्फ एक अंक के अंतर से 234-233 से जीत दर्ज कर फाइनल में जगह बनाई।

फाइनल में भारतीय टीम ने चीन के खिलाफ भी अच्छा खेल जारी रखा। दो राउंड में बढ़त बनाने के बाद टीम ने आखिरी राउंड में भी शानदार निशाना लगाया और गोल्ड मेडल जीत लिया।

लगातार दूसरी बार जीता गोल्ड

भारतीय महिला कंपाउंड टीम ने 2023 के हांगझोऊ एशियाई खेलों में भी गोल्ड मेडल जीता था। इन खेलों में यह भारत का सातवां गोल्ड मेडल रहा।

फाइनल में चीन को सिल्वर मेडल मिला। वहीं दक्षिण कोरिया ने चीनी ताइपे को हराकर ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। भारत के लिए यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि टीम ने गोल्ड बचाने के साथ वर्ल्ड रिकॉर्ड स्कोर की बराबरी भी की।

BPL कार्ड लेकर राशन दुकान जा रही मां को फोन पर मिली बेटी के गोल्ड जीतने की खबर, गोल्ड जीतने वाली निशानेबाज नीरू ढांडा की कहानी

हरियाणा के जींद के संगतपुरा गांव में मंगलवार सुबह एक मां रोजमर्रा के काम से घर से निकली थी, लेकिन कुछ ही देर में उसे ऐसी खबर मिली जिसने पूरा दिन यादगार बना दिया। 48 वर्षीय सुदेश देवी राशन लेने जा रही थीं, तभी उनके पुराने कीपैड फोन पर एक अनजान कॉल आई। दूसरी तरफ से बताया गया कि उनकी बेटी नीरू ने एशियन गेम्स में गोल्ड जीत लिया है। घर में टीवी या स्मार्टफोन नहीं होने के कारण सुदेश देवी बेटी का मुकाबला देख नहीं पाई थीं। इसलिए फोन पर मिली इस खबर ने उन्हें खुशी के साथ हैरानी में भी डाल दिया।

उन्हें पहले इस बात पर भरोसा नहीं हुआ कि नीरू ने सच में इतिहास रच दिया है। आखिरकार जब खबर की पुष्टि हुई, तो बेटी की कामयाबी की खुशी मां के चेहरे पर साफ नजर आई। एक छोटे से गांव से निकली बेटी की यह उपलब्धि पूरे परिवार के लिए गर्व का पल बन गई।

खबर सुनकर भी मां को नहीं हुआ यकीन

TOI की रिपोर्ट के अनुसार, सुदेश देवी को पिछली रात इतना पता था कि नीरू एशियन गेम्स में मुकाबला करने वाली हैं, लेकिन नतीजे की जानकारी नहीं थी। अनजान शख्स से गोल्ड की खबर मिलने के बाद भी उन्हें तुरंत यकीन नहीं हुआ। वह किसी ऐसे व्यक्ति से इसकी पुष्टि करना चाहती थीं, जो उन्हें सही खबर बता सके। राशन लेने के बाद वह जल्दी घर लौटीं और बेटी की जीत की खबर को लेकर बेहद भावुक नजर आईं।

नागोया में नीरू ने रच दिया इतिहास

उधर जापान के नागोया में खराब मौसम के बीच नीरू धांडा ने ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने भारतीय शूटिंग के इतिहास में उनका नाम दर्ज कर दिया। 26 वर्षीय नीरू महिलाओं की व्यक्तिगत ट्रैप स्पर्धा में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। बारिश और कम तापमान के कारण शूटिंग रेंज पर परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण थीं। इसके बावजूद नीरू ने फाइनल में 30 में से 28 निशाने साधे। चीन की सुन युनोंग ने 26 और कुवैत की अब्दुलमलिक हाजर ने 21 निशाने लगाए।

बीमारी से जूझकर पहुंचीं पोडियम तक

नीरू की यह कामयाबी इसलिए भी खास है क्योंकि एशियन गेम्स से करीब 10 दिन पहले वह गंभीर फ्लू की चपेट में आ गई थीं। उन्हें भोपाल के अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था और कई दिनों तक वह ठीक से खाना भी नहीं खा सकीं। इसके बावजूद कोच मंशेर सिंह ने उन्हें बीमारी को पीछे छोड़कर सिर्फ निशाने पर ध्यान देने की सलाह दी। नीरू ने वही किया और आखिरकार गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया।

नीरू ने किसे समर्पित किया गोल्ड?

गोल्ड जीतने के बाद नीरू ने अपनी उपलब्धि देश की सीमाओं पर तैनात जवानों को समर्पित की। उन्होंने 1978 में एशियन गेम्स में व्यक्तिगत ट्रैप गोल्ड जीतने वाले रणधीर सिंह को भी याद किया।

अब नीरू की नजर अगली बड़ी मंजिल पर है। उनका कहना है कि हर खिलाड़ी का सपना ओलंपिक में देश के लिए पदक जीतना होता है और एशियन गेम्स के ये पदक उसी लक्ष्य की ओर बढ़ने वाले कदम हैं।

चीनी महिला ने रोते हुए 4 महीने के अपने बेटे को सुनाया हनुमान चालीसा, 5 सेकंड में शांत हुआ बच्चा! वीडियो वायरल

Asian Games 2026: भारत को मिला एक और गोल्ड मेडल, एशियन गेम्स में नीरू ढांडा ने बनाया इतिहास

Asian Games 2026: एशियन गेम्स 2026 में भारत की नीरू ढांडा ने कमाल का प्रदर्शन किया है। नीरू ढांडा ने ट्रैप शूटिंग में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। इस जीत के साथ वह मौजूदा एशियन गेम्स में व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत के लिए गोल्ड जीतने वाली पहली खिलाड़ी बन गईं। उन्होंने 30 में से 28 निशाने सटीक लगाए और नया एशियन रिकॉर्ड बनाया। इस जीत के साथ उन्होंने ट्रैप इवेंट में भारत के 36 साल के लंबे पदक इंतजार को खत्म किया और भारत के लिए पहला व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीता। इससे पहले कोई भारतीय महिला ट्रैप या स्कीट निशानेबाज एशियाई खेलों में व्यक्तिगत पदक नहीं जीत सकी थी। एशियन गेम्स 2026 में भारत का ये 5वां गोल्ड है।

बनाए ये रिकॉर्ड

हरियाणा की 26 साल की शूटर नीरू ढांडा ने एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए महिला ट्रैप स्पर्धा में भारत का नाम रोशन किया। इससे पहले वह ट्रैप टीम इवेंट में भी भारत के लिए सिल्वर मेडल जीत चुकी हैं। नीरू ने जुलाई में इटली में हुए शॉटगन वर्ल्ड कप में ट्रैप स्पर्धा का गोल्ड जीतकर पहली भारतीय महिला होने का रिकॉर्ड बनाया था। एशियन गेम्स के फाइनल में उन्होंने 28 अंक हासिल किए, जो 24 अंक के पुराने एशियाई रिकॉर्ड से बेहतर रहा। इससे पहले भारत के लिए 1978 में रणधीर सिंह ने पुरुष ट्रैप में और 2010 में रोंजन सोढ़ी ने पुरुष डबल ट्रैप में व्यक्तिगत गोल्ड मेडल जीता था।

क्वालीफिकेशन राउंड में किया शानदार प्रदर्शन

नीरू ढांडा ने क्वालीफिकेशन राउंड में शानदार प्रदर्शन करते हुए 118 अंक बनाए और कतर की रे बेसिल के साथ संयुक्त रूप से पहले स्थान पर रहते हुए फाइनल में जगह बनाई। उनके 118 अंक इस प्रतियोगिता का नया गेम्स रिकॉर्ड भी बन गए। महिला ट्रैप टीम इवेंट में नीरू, आशीमा अहलावत और मनीषा कीर की भारतीय टीम ने कुल 328 अंक हासिल कर सिल्वर मेडल जीता, जबकि चीन ने 346 अंक के साथ गोल्ड और कुवैत ने 325 अंक के साथ ब्रॉन्ज अपने नाम किया। हालांकि, आशीमा और मनीषा व्यक्तिगत क्वालीफिकेशन में आगे नहीं बढ़ सकीं और क्रमशः 16वें और 23वें स्थान पर रहीं।

नीरू ढांडा ने क्वालीफिकेशन में 118 अंक हासिल कर शानदार प्रदर्शन किया और कतर की रे बेसिल के साथ बराबरी पर रहते हुए फाइनल का टिकट कटाया। उनका स्कोर इस चरण में नया गेम्स रिकॉर्ड भी बना। टीम इवेंट में नीरू के साथ आशीमा अहलावत और मनीषा कीर ने भारत को 328 अंकों के साथ सिल्वर मेडल दिलाया। इस स्पर्धा में चीन की टीम 346 अंक के साथ पहले स्थान पर रही, जबकि कुवैत ने 325 अंक लेकर ब्रॉन्ज जीता। वहीं, व्यक्तिगत मुकाबले में आशीमा 16वें और मनीषा 23वें स्थान पर रहीं, जिसके चलते दोनों फाइनल में नहीं पहुंच सकीं।