Stock Market Today: Bull या Bear बाजार पर आज किसकी होगी पकड़, जानें Gift Nifty से क्या मिल रहा संकेत

Stock Market Today: हफ्ते के पहले दिन सोमवार 13 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स-निफ्टी के गिरावट के साथ खुलने की संभावना है। GIFT निफ्टी लगभग 208.50 पॉइंट्स की गिरावट के साथ 24,024 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है जो बड़े गैप -डाउन के संकेत दे रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच फिर से मिलिट्री तनाव बढ़ने से ग्लोबल एनर्जी सप्लाई को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ गई हैं, जिससे कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ गई हैं और ग्लोबल मार्केट में रिस्क लेने की क्षमता कम हो गई है।

गिफ्ट निफ्टी लाइव चार्ट क्या संकेत देता है?

गिफ्ट निफ्टी सुबह करीब 8.20 बजे 24,024 पर ट्रेड कर रहा था, जो 210.50 पॉइंट्स या 0.88 प्रतिशत नीचे था, जिससे संकेत मिलता है कि निफ्टी 50 शुक्रवार के 24,206.90 के बंद होने से काफी नीचे खुल सकता है। यह कमज़ोर संकेत तब आया है जब पिछले हफ़्ते भारतीय इक्विटीज मजबूती के साथ बंद हुए थे। सेंसेक्स 827.6 पॉइंट्स या 1.08 प्रतिशत बढ़कर 77,569.4 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 244.1 पॉइंट्स या 1.02 प्रतिशत चढ़कर 24,206.9 पर पहुंच गया।

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि भारतीय इक्विटी मार्केट सावधानी से खुलने की उम्मीद है क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच नए मिलिट्री हमलों के बाद जियोपॉलिटिकल टेंशन फिर से बढ़ गई है, जिससे ग्लोबल एनर्जी सप्लाई को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं और फाइनेंशियल मार्केट में रिस्क से बचने की सोच बढ़ गई है। इस बढ़ोतरी से कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ी से उछाल आया है, जिससे कुल मिलाकर इन्वेस्टर सेंटिमेंट पर असर पड़ा है। गिफ्ट निफ्टी अभी 24,100 के आसपास ट्रेड कर रहा है, जो शुक्रवार के निफ्टी क्लोजिंग 24,206.90 से नीचे है, जो घरेलू इक्विटी के लिए गैप-डाउन शुरुआत का संकेत देता है।

निफ्टी के लिए क्या लेवल होंगे अहम

आज निफ्टी 50 के आउटलुक पर बात करते हुए, रेलिगेयर ब्रोकिंग के रिसर्च के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, अजीत मिश्रा ने कहा कि निफ्टी 50 ने 23,800 सपोर्ट ज़ोन को बचाने के बाद तेजी से वापसी की है और एक बार फिर 24150 के आसपास 100 DEMA मार्क को वापस पा लिया है, जो निचले लेवल पर खरीदारी में नई दिलचस्पी का संकेत देता है। 24,150 जोन से ऊपर लगातार मूव करने से 24,400–24,600 रीजन की ओर बढ़ने का रास्ता बन सकता है। नीचे की तरफ, 24,000 मार्क से तुरंत सपोर्ट मिलने की उम्मीद है, इसके बाद 23,800 ज़ोन मिलेगा।

58,200–58,300 के ऊपर बैंक निफ्टी देगा मजबूती

आज बैंक निफ्टी के आउटलुक पर, एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का मानना ​​है कि 58,000 के साइकोलॉजिकल लेवल को वापस पाने के बाद बैंक निफ्टी एक कंस्ट्रक्टिव टेक्निकल स्ट्रक्चर दिखाना जारी रखेगा। टेक्निकल नजरिए से, 58,200–58,300 ज़ोन अभी भी तुरंत रेजिस्टेंस बना हुआ है। इस रीजन से ऊपर लगातार मूव करने से बुलिश मोमेंटम मजबूत होगा और रिकवरी 58,600–58,700 ज़ोन की ओर बढ़ सकती है, इसके बाद 59,000 का साइकोलॉजिकल मार्क मिलेगा।

नीचे की तरफ, 58,000 लेवल से तुरंत सपोर्ट मिलने की उम्मीद है, इसके बाद 57,800–57,700 जोन मिलेगा। मौजूदा रिकवरी स्ट्रक्चर को बनाए रखने के लिए इन लेवल से ऊपर बने रहना जरूरी होगा। हालांकि, 57,700 से नीचे एक बड़ा ब्रेक प्रॉफिट बुकिंग को ट्रिगर कर सकता है और इंडेक्स को 57,500–57,300 सपोर्ट रीजन की ओर खींच सकता है।

मिडिल ईस्ट में तनाव फिर से बढ़ने से क्रूड ऑयल में उछाल

वीकेंड में यूनाइटेड स्टेट्स और ईरान के बीच नए दुश्मनी के बाद इन्वेस्टर्स का सेंटिमेंट तेज़ी से सतर्क हो गया, जिससे पिछले महीने हुए नाजुक शांति समझौते को खतरा पैदा हो गया। ईरान ने कहा कि उसने US सेना के साथ भारी मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद होर्मुज स्ट्रेट को फिर से बंद कर दिया है, जिससे दुनिया के सबसे ज़रूरी ऑयल शिपिंग रूट्स में से एक में संभावित रुकावटों को लेकर चिंता बढ़ गई है, जिसके ज़रिए ग्लोबल पेट्रोलियम का लगभग पांचवां हिस्सा…

ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 4 परसेंट से ज़्यादा बढ़कर लगभग $79 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड $74 प्रति बैरल से ऊपर चढ़ गया, जिससे महंगाई और ग्लोबल इंटरेस्ट-रेट आउटलुक को लेकर चिंताएँ फिर से बढ़ गईं।

रिस्क लेने की क्षमता कम होने से एशियाई मार्केट में गिरावट

सोमवार को एशियाई इक्विटी में गिरावट आई क्योंकि क्रूड की कीमतों में उछाल और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता के नए दौर ने इन्वेस्टर्स को रिस्क एसेट्स में अपना एक्सपोजर कम करने के लिए मजबूर किया। जापान का निक्केई 1.6 परसेंट गिरा, जबकि जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स 0.9 परसेंट गिरा।

US इक्विटी फ्यूचर्स भी कमजोर हुए, S&P 500 फ्यूचर्स 0.4 परसेंट और नैस्डैक फ्यूचर्स 0.9 परसेंट नीचे गिरे। यूरोपियन फ्यूचर्स ने नरम ओपनिंग का संकेत दिया, जिसमें यूरो स्टॉक्स 50 और DAX फ्यूचर्स दोनों 0.6 परसेंट नीचे थे।

 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : 13 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स की शुरुआत खराब रहने की संभावना है। शुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी 0.79 फीसदी कमजोरी के साथ 24,045 के आसपास ट्रेड कर रह है। यह एक निगेटिव संकेत है। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

10 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में लगातार दूसरे दिन भी रिकवरी जारी रही। अलग-अलग सेक्टर में हुई जबरदस्त खरीदारी के दम पर सेंसेक्स और निफ्टी,दोनों में लगभग 1 प्रतिशत की बढ़त देखी गई। ग्लोबल मार्केट से मिले अच्छे संकेतों के बीच बाजार मजबूती के साथ खुला और पूरे सेशन के दौरान बढ़त बनाए रखी। निफ्टी 50 ने इंट्राडे में 24,228.45 का हाई लेवल छुआ। इस तेज़ी में IT शेयरों का अहम योगदान रहा। वहीं,रियल्टी,मेटल और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी ने सेंटीमेंट को और मजबूत किया। कारोबार के अंत में,सेंसेक्स 827.57 अंक या 1.08 प्रतिशत बढ़कर 77,569.39 पर और निफ्टी 244.10 अंक या 1.02 प्रतिशत बढ़कर 24,206.90 पर बंद हुआ।

ब्रेंट क्रूड 4% बढ़कर $79 प्रति बैरल के पार

हॉर्मुज स्ट्रेट में टेंशन से ब्रेंट क्रूड 4% बढ़कर $79 प्रति बैरल के पार चला गया है। डॉलर इंडेक्स भी 101 के ऊपर है। इधर ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका से सोना $4,100 के नीचे फिसल गया है।

LTM के उम्मीद से बेहतर नतीजे, L&T फाइनेंस का मुनाफा 28% बढ़ा

LTM ने पहली तिमाही में उम्मीद से बेहतर नतीजे पेश किए हैं। कंपनी की constant currency यानी CC रेवेन्यू ग्रोथ 0.3% रही है। कंपनी के मुनाफे में 9% से ज्यादा की बढ़त रही है। वहीं मार्जिन में भी सुधार दिखा है। ऑर्डर बुक भी मजबूत रही है। दूसरी ओर L&T Finance की प्रॉफिट और ब्याज से होने वाली कमाई यानी NII 28% से ज्यादा बढ़ी है। रिटेल लोन बुक गाइडेंस से कहीं बेहतर रही है।

डीमार्ट: Q1 मुनाफे में 11.3% का उछाल

पहली तिमाही में एवेन्यू सुपरमाट्स के नतीजे अनुमान के मुताबिक रहे हैं। कंपनी के मुनाफे में 11 परसेंट और रेवेन्यू में 15 परसेंट की ग्रोथ रही है। हालांकि मार्जिन बिल्कुल फ्लैट रहे हैं। मेट्रो शहरों के स्टोर्स की ग्रोथ में दबाव दिखा है।

आज आएंगे HCL TECH के नतीजे

निफ्टी में आज HCL TECH के नतीजे आएंगे। इसकी कॉन्सटेंट करेंसी में 1.1 परसेंट और डॉलर आय में 1.3% गिरावट का अनुमान है। हालांकि मार्जिन 30 Bps बढ़ने की उम्मीद है।

SBI फंड्स मैनेजमेंट का IPO का साइज घटा

SBI फंड्स मैनेजमेंट के IPO का साइज घटा है। इश्यू का साइज 11700 करोड़ रुपए से घटकर 9813 करोड़ रुपए हुआ है। इधर दिग्गजों को प्री-IPO स्टेक बेचकर SBI ने 1655 करोड़ रुपए जुटाए हैं। SBI के OFS का हिस्सा घटकर 6.30% से 4.89% पर आ गया है।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 07:50 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 195 अंक यानी 0.80 फीसदी की गिरावट के साथ 24,040.50 के आसपास कारोबार कर रहा था। ये सेंसेक्स-निफ्टी के लिए निगेटिव संकेत है।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में मिलाजुला कारोबार देखने को मिल रहा है। जापान के निक्केई में 1.20 फीसदी की कमजोरी देखने को मिल रही है। स्ट्रेट टाइम्स भी 0.20 फीसदी की गिरावट दिखा रहा है। हैंग सेंग में 0.85 फीसदी की तेजी दिख रही है। ताइवान के बाजार में भी 0.82 फीसदी की बढ़त नजर आ रही है। वहीं, कोस्पी करीब 4.75 फीसदी नीचे है। वहीं,शांघाई कंपोजिट में 0.71 फीसदी की कमजोरी नजर आ रही है।

अमेरिकी बाजार

शुक्रवार को S&P 500 में 0.42% की बढ़त हुई और यह 7,575.39 के लेवल पर बंद हुआ। यह 2 जून को बने रिकॉर्ड हाई क्लोज़ से अभी भी 0.45% नीचे है। Nasdaq भी 0.29% की बढ़त के साथ यह 26,281.61 के लेवल पर पहुंच गया। जबकि डाओ जोन्स में 0.29% की बढ़त हुई और यह 52,637.01 के स्तर पर बंद हुआ।

डॉलर इंडेक्स

मिडिल ईस्ट में फिर से शुरू हुए टकराव से महंगाई का डर बढ़ गया और सेंट्रल बैंकों द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना भी बढ़ गई है। जिसके चलते डॉलर अपनी ज़्यादातर प्रतिस्पर्धी मुद्राओं के मुकाबले मजबूत हुआ है। फिलहाल US डॉलर इंडेक्स 101.17 पर दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

अमेरिका में 10-साल और 2-साल के ट्रेजरी बॉन्ड पर यील्ड में 2 बेसिस पॉइंट से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई है, जिससे ये क्रमशः 4.58% और 4.23% पर पहुंच गए हैं।

एशियन करेंसी

सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई मुद्राओं में मिला-जुला कारोबार हुआ,रीजनल बाजारों में सतर्कता का माहौल दिखा। इंडोनेशियाई रुपया सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली मुद्रा है। जिसमें 0.35% की बढ़त हुई। इसके बाद चीनी रेनमिनबी (+0.22%) और ताइवान डॉलर (+0.19%) का स्थान रहा। दूसरी तरफ,साउथ कोरियन वॉन इस इलाके की सबसे कमजोर करेंसी है,जिसमें 0.34% की गिरावट आई,जबकि जापानी येन 0.25% फिसला है जिससे पता चलता है कि नॉर्थ एशिया की मुख्य करेंसी के मुकाबले डॉलर में हल्की मज़बूती आई है। थाई बात(-0.21%),सिंगापुर डॉलर (-0.17%),मलेशियन रिंगिट (-0.17%) और फिलीपीन पेसो (-0.16%) भी नीचे ट्रेड कर रहे हैं।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

10 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs)ने बिकवाली के एक दिन बाद ₹2,603 ​​करोड़ के शेयर खरीदे और वे नेट खरीदार बन गए। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी लगातार तीसरे सेशन में खरीदारी जारी रखी और ₹2,019 करोड़ का निवेश किया।

Market Outlook : बाजार में लगातार दूसरे दिन दिखी तेजी, जानिए 13 जुलाई को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

Market Outlook : 10 जुलाई को भारतीय इक्विटी इंडेक्स लगातार दूसरे दिन बढ़त के साथ बंद हुए और निफ्टी 24,200 के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहा। निफ्टी में सबसे ज़्यादा बढ़त दिखाने वाले शेयरों में जियो फाइनेंशियल,HDFC लाइफ,अदाणी एंटरप्राइजेज,SBI लाइफ इंश्योरेंस और रिलायंस इंडस्ट्रीज शामिल रहे। जबकि गिरने वाले शेयरों में डॉ.रेड्डीज़ लैब्स,एटरनल,भारती एयरटेल,नेस्ले और सिप्ला शामिल रहे।

सेक्टर के हिसाब से परफॉर्मेंस काफी हद तक पॉजिटिव रहा और सभी बड़े इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। रियल्टी शेयरों ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में 3.5 प्रतिशत की बढ़त हुई। इसके बाद निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स में 3 प्रतिशत की तेजी आई। जून तिमाही के नतीजों के बाद TCS में बढ़त की वजह से निफ्टी IT इंडेक्स में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।

अन्य सेक्टरों में,निफ्टी मेटल इंडेक्स 1.5 प्रतिशत और निफ्टी बैंक 1.4 प्रतिशत ऊपर चढ़े। जबकि ऑयल एंड गैस,प्राइवेट बैंक,एनर्जी,इंफ्रास्ट्रक्चर और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स में 1 प्रतिशत से 1.3 प्रतिशत के बीच बढ़त हुई। ऑटो इंडेक्स में 0.72 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। निफ्टी स्मॉलकैप 100 और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 1.59 प्रतिशत और 1.41 प्रतिशत की बढ़त हुई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि थोड़े समय के करेक्शन के बाद,मार्केट में जबरदस्त रिकवरी के संकेत दिख रहे हैं। बैंकों के पॉजिटिव बिजनेस अपडेट,IT सेक्टर के उम्मीद के मुताबिक गाइडेंस और AI से जुड़े मौकों के साथ-साथ ग्लोबल खर्च में बढ़त की उम्मीद ने पहली तिमाही के अर्निंग्स सीजन की अच्छी शुरुआत के लिए माहौल तैयार कर रहे है। उम्मीद से बेहतर Q1 नतीजों का सिलसिला अर्निंग में बढ़ोतरी को लेकर बनी चिंताओं को कम करने में मदद करेगा। इससे मौजूदा तेजी को और सपोर्ट मिल सकता है।

ग्लोबल स्तर पर तेल की कीमतों में नरमी और टेक्नोलॉजी सेक्टर में रिकवरी ने भारत के प्रति सेंटीमेंट को और बेहतर बनाया है,जिससे FII निवेश में रिकवरी को सपोर्ट मिला है। अहम बात यह है कि FOMC मीटिंग के सख़्त रुख का ग्लोबल मार्केट पर कोई बुरा असर नहीं पड़ा है,क्योंकि हालिया डेटा से पता चलता है कि महंगाई का दबाव कम होने की संभावना है। साथ ही,US, EU और चीन से आ रहे सुस्त आर्थिक आंकड़ो से संकेत मिल रहा है कि सेंट्रल बैंक आगे चलकर कम सख्त रुख अपना सकते हैं।

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल?

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च हेड सुदीप शाह ने कहा कि निफ्टी गैप-अप के साथ खुला,लेकिन पूरे सेशन के दौरान एक सीमित दायरे में कारोबार करता दिख। कारोबार के अंत में यह 1.02% की बढ़त के साथ 24,207 पर बंद हुआ। इंडेक्स ने स्मॉल अपर विक (wick) वाली एक स्मॉल बॉडी बुलिश कैंडल बनाई,जो इंट्राडे में अनिश्चितता को दिखाती है। इसने सफलतापूर्वक अपना 100-दिन का EMA वापस हासिल कर लिया है और बुधवार को आई 516 अंको की भारी गिरावट का एक बड़ा हिस्सा रिकवर कर लिया है। RSI थोड़ा ऊपर गया है,जो धीरे-धीरे बुलिश मोमेंटम के बढ़ने का संकेत है।

आगे निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 24350-24400 के जोन में है। अगर निफ्टी इस जोन के ऊपर टिकता है तो यह शॉर्ट टर्म में 24550 और उसके बाद 24700 तक बढ़ सकता है। दूसरी ओर निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 24050-24000 के जोन में है।

बोनान्जा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि आगे बाजार की दिशा तय करने में पहली तिमाही के नतीजों की अहम भूमिका होगी। अच्छी अर्निंग, घरेलू निवेशकों की तरफ से हो रहा मजबूत निवेश और अच्छे मॉनसून से बाजार को सहारा मिल रहा है। हालांकि,मिडिल ईस्ट में भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में कोई भी बड़ी बढ़ोतरी बाजार के लिए बड़े जोखिम बने हुए हैं।

बैंक निफ्टी व्यू

सुदीप शाह ने कहा कि बैंक निफ्टी भी गैप-अप के साथ खुला और पहले हाफ में एक रेंज में ट्रेड किया। फिर दूसरे हाफ की शुरुआत में ब्रेकआउट दिया और ऊपर बंद हुआ। आखिर में इंडेक्स 1.39% की बढ़त के साथ 58,046 पर बंद हुआ।

बैंक निफ्टी ने सफलतापूर्वक अपना 20-दिन का EMA वापस हासिल कर लिया है,जबकि RSI 60 के लेवल के करीब पहुंच रहा है। इससे पता चलता है कि इस हफ्ते की शुरुआत में दिखे सेलिंग प्रेशर को झेलने के बाद बुल्स ने फिर से कंट्रोल हासिल कर लिया है। इसके अलावा,ADX इंडिकेटर पर DI+ ने DI− को पार कर लिया है,जो बुलिश ट्रेंड को और मजबूत करता है।

आगे बैंक निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 58500-58600 के जोन में है। अगर यह इस जोन के ऊपर टिकता है तो बैंक निफ्टी का पुलबैक 59000 और उसके बाद शॉर्ट टर्म में 59500 तक जा सकता है। नीचे की तरफ,बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 57600-57500 के जोन में है।

 

 

Investment Mantra: जानिए 25% टूटने के बाद क्या अब है सोने में खरीदारी का मौका,अच्छे रिटर्न के लिए ग्लोबल इन्वेस्टिंग कितनी है जरूरी

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Investment Mantra: जानिए 25% टूटने के बाद क्या अब है सोने में खरीदारी का मौका,अच्छे रिटर्न के लिए ग्लोबल इन्वेस्टिंग कितनी है जरूरी

Investment Mantra: अमेरिका-ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ गया है। दोनों के बीच लड़ाई जैसे ही बढ़ती है सोने की कीमतों में तेज गिरावट आती है। ऐसे में सोना रिकॉर्ड हाई से करीब 25% टूट चुका है। ऐसे में इतनी भारी गिरावट के बाद क्या सोने में निवेश का सही समय आ गया है? क्या आगे गोल्ड में फिर चमक लौटेगी? सिर्फ इतना ही नहीं पोर्टफोलियो की चमक बढ़ाने के लिए ग्लोबल इन्वेस्टिंग एक बड़ी थीम बनकर उभरी है। 2 साल की लगातार रैली के बाद क्या अब भी एक आम निवेशक ग्लोबल इन्वेस्टिंग की तरफ फोकस कर सकता है? इस सब सवालों के जबाव देनें के लिए हमारे साथ हैं ट्रुवांटा वेल्थ (Truvanta Wealth) के फाउंडर और CEO कीर्तन शाह

सोने में गिरावट के कारण

मार्च में कई सेंट्रल बैंकों ने करीब $30 bn का सोना बेचा है। तुर्की और रूस ने आगे बढ़कर सोना बेचा है। तुर्की ने अपनी गिरती करेंसी लीरा को संभालने के लिए सोना बेचा है। रूस ने यूक्रेन युद्ध खर्चों को पूरा करने के लिए सोना बेचा है। मार्च में कच्चा तेल महंगा होने से बॉन्ड यील्ड बढ़ीं हैं। यील्ड बढ़ने से फिक्स्ड इनकम निवेश की तरफ रुझान बढ़ा है। डॉलर इंडेक्स में मजबूती ने भी दबाव बनाया है। सोने की कीमत डॉलर में तय होती है,मजबूत डॉलर से इसकी मांग घटती है।

अब सोने पर नजरिया?

कीर्तन शाह ने कहा कि अब धीरे-धीरे सोने में निवेश बढ़ाने का समय है। ग्लोबल स्तर पर युद्धों में कमी आई है। करेंसी मैनेजमेंट और फंडिंग की जरूरतें घटेंगी। सेंट्रल बैंक फिर से अपने गोल्ड रिजर्व बढ़ाने पर ध्यान देंगे। डी-डॉलराइजेशन का ट्रेंड भी सोने के पक्ष में है। सेंट्रल बैंकों की बैलेंस शीट में सोने की हिस्सेदारी 20% से बढ़कर 27% हो गई है। डॉलर रिजर्व की हिस्सेदारी 25% से घटकर 23% हो गई है। अप्रैल से सेंट्रल बैंकों ने फिर से सोने की खरीद शुरू की है। चीन ने पिछले महीने 19 महीनों में सबसे ज्यादा सोना खरीदा है। वह लगातार 19 महीनों से सोने की खरीद कर रहा है। US में दरें उतनी नहीं बढ़ेंगी,जितनी बाजार को आशंका थी। जिन कारणों से सोना गिरा था वही अब आगे सोने की कीमतों को सहारा देंगे।

ग्लोबल इन्वेस्टिंग जरूरी है, क्या पोर्टफोलियो में हिस्सा होना चाहिए?

इस पर बात करते हुए कीर्तन शाह ने कहा कि पिछले दो सालों ने साफ किया है कि डायवर्सिफिकेशन के लिए ग्लोबल इन्वेस्टिंग बहुत जरूरी है। कई ऐसे निवेश थीम और अवसर हैं जो भारत में मौजूद नहीं हैं। इसलिए ग्लोबल इन्वेस्टिंग जरूरी हो जाती है। रुपये की सालाना लगभग 4% गिरावट भी इसका एक बड़ा कारण है।

ग्लोबल इन्वेस्टिंग जरूरी, क्या इस समय करें निवेश?

कीर्तन शाह ने कहा कि फिलहाल अभी हम ऐसा नहीं करेंगे। ग्लोबल बाजारों में पहले ही अच्छी तेजी आ चुकी है,सब भाव में है। ग्लोबल स्तर पर AI थीम की तेजी अब चुनिंदा शेयरों में ही है। अगर LLMs ( Large Language Models) शेयर देखें तो उनके सामने अब प्राइसिंग का दबाव है। टोकन प्राइस इंडेक्स 2.5 डॉलर प्रति मिलियम टोकन से घटकर 1.8 डॉलर पर आ गया है। चीन के ओपन-सोर्स मॉडल US कंपनियों पर भी दबाव बना रहे हैं।

तो अभी कहां करें निवेश?

कीर्तन शाह की राय है कि AI थीम में करेक्शन आया तो निवेशकों का रुख फिर से भारत की ओर होगा। भारतीय बाजारों में 2 साल से टाइम और वैल्यूएशन करेक्शन देखने को मिल रहा है। कई सेक्टर अब आकर्षक वैल्यूएशन पर दिखाई दे रहे हैं।

 

 

Trading Plan : बने रहें और गिरावट में खरीदारी के सौदे बढ़ाएं, दिन के हाई पर हो सकती है आज की क्लोजिंग

 

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ONGC का महा-प्लान: मंगलुरु में जमा होगा 17.5 लाख टन कच्चा तेल, दुनिया में संकट आने पर भी नहीं रुकेगा भारत

ONGC Strategic Petroleum Reserve: मिडिल ईस्ट में एक बार फिर से तनाव बढ़ गया है। समुद्री रास्तों पर ब्लॉकबेड के खतरों के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक बेहद बड़ा फैसला लिया है। देश की सबसे बड़ी तेल और गैस खोजकर्ता कंपनी ओएनजीसी (ONGC) दक्षिण भारत के मंगलुरु में 17.5 लाख टन क्षमता का एक नया ‘नेशनल स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व’ (SPR) यानी रणनीतिक कच्चा तेल भंडार बनाएगी।

कंपनी ने शेयर बाजारों को दी गई एक रेगुलेटरी फाइलिंग में इस महत्वाकांक्षी योजना की जानकारी दी है। आइए समझते हैं कि स्ट्रैटेजिक ऑयल रिजर्व क्या होता है और संकट के समय यह भारत के लिए कितना जरूरी साबित होगा।

क्यों पड़ी नए ऑयल रिजर्व की जरूरत?

दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक और उपभोक्ता देश होने के कारण भारत अपनी जरूरतों का करीब 85% कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है। हाल ही में ईरान पर इजरायल-अमेरिकी हमलों के बाद जब ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के समुद्री रास्ते को ब्लॉक कर दिया गया, तो भारत को कच्चे तेल की सप्लाई में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था।

दुनिया की कुल ऊर्जा सप्लाई का लगभग पांचवां हिस्सा होर्मुज के सकरे समुद्री रास्ते से होकर गुजरता है। युद्ध या किसी भी बड़ी अंतरराष्ट्रीय मुसीबत के समय जब विदेशों से तेल आना बंद हो जाए, तब देश के कामकाज को बिना रुकावट चलाने के लिए इन ‘स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व’ में जमा तेल का इस्तेमाल किया जाता है।

कमर्शियल इस्तेमाल के लिए सरकार से मांगी जाएगी मंजूरी

ONGC ने अपनी फाइलिंग में स्पष्ट किया है कि वह ‘राष्ट्रहित’ में बनाए जाने वाले इस विशालकाय स्टोरेज का एक हिस्सा व्यावसायिक यानी कमर्शियल इस्तेमाल के लिए उपयोग करने की खातिर केंद्र सरकार से अनुमति मांगेगी।

मौजूदा समय में केंद्र सरकार पहले से ही दक्षिण भारत के तीन स्थानों मंगलुरु, पादुर और विशाखापट्टनम में बने रणनीतिक भंडारों के एक हिस्से को व्यावसायिक उपयोग के लिए मंजूरी देती है। इन तीनों जगहों पर कुल मिलाकर 5.33 मिलियन मीट्रिक टन कच्चा तेल स्टोर करने की क्षमता है, जिसका प्रबंधन सरकारी कंपनी ‘इंडियन स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व्स लिमिटेड’ (ISPRL) करती है।

UAE और जापान के साथ बढ़ रहा है सहयोग

भारत एमर्जेंसी स्टॉक को मजबूत करने के लिए संयुक्त अरब अमीरात और जापान जैसे मित्र देशों के साथ लगातार अपनी एनर्जी पार्टनरशिप बढ़ा रहा है। मंगलुरु में ओएनजीसी की सहायक कंपनी ‘मंगलुरु रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड’ (MRPL) 3 लाख बैरल प्रतिदिन की क्षमता वाली रिफाइनरी चलाती है। यहां पहले से मौजूद 1.5 मिलियन टन के स्टोरेज का आधा हिस्सा MRPL और बाकी आधा हिस्सा यूएई की सरकारी तेल कंपनी ADNOC ने लीज पर ले रखा है।

इस साल की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यूएई दौरे के समय, ADNOC ने भारत में अपने कच्चे तेल के स्टोरेज को बढ़ाकर 3 करोड़ बैरल करने की घोषणा की थी। इसके साथ ही यूएई भारत के रणनीतिक रिजर्व के हिस्से के रूप में फुजैराह में भी तेल भंडारण की संभावनाएं तलाश रहा है।

ओडिशा और पादुर में भी बनेंगे रिजर्व

मंगलुरु में ओएनजीसी के इस नए प्रोजेक्ट के अलावा, भारत सरकार देश के अन्य हिस्सों में भी तेल भंडारण क्षमता को कई गुना बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है:

ओडिशा (पूर्वी भारत): चंडीखोल में 4 मिलियन मीट्रिक टन की क्षमता वाला एक नया रणनीतिक तेल भंडार बनाया जाएगा।

पादुर (दक्षिण भारत): कर्नाटक के पादुर में 2.5 मिलियन मीट्रिक टन क्षमता वाली एक नई अतिरिक्त फैसिलिटी तैयार की जाएगी।

कुल मिलाकर ओएनजीसी का यह कदम वैश्विक तनाव के बीच भारत की तेल आत्मनिर्भरता और संकट प्रबंधन क्षमता को एक नए स्तर पर ले जाएगा, ताकि ग्लोबल मार्केट में मंदी या युद्ध होने पर भी देश के भीतर पेट्रोल-डीजल की किल्लत न हो।

Silver Price Today: आज चांदी की कीमतों में बड़ा उलटफेर! खरीदारी से पहले जानें 10 जुलाई का रेट

Silver Price Today: देशभर में आज 10 जुलाई 2026 को चांदी की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिला। राष्ट्रीय स्तर पर 999 शुद्धता वाली चांदी का भाव करीब ₹234.90 से ₹235 प्रति ग्राम और ₹2,34,900 से ₹2,35,000 प्रति किलोग्राम के आसपास बना हुआ है। पिछले कुछ दिनों में आई गिरावट के बाद आज बाजार में कीमतें लगभग स्थिर रहीं। स्पॉट चांदी 0.8% बढ़कर $60.46 प्रति औंस हो गई है।

रिकवरी के बावजूद, मेटल हफ्ते में गिरावट के रास्ते पर बना रहा क्योंकि निवेशक बढ़ती ब्याज दर की उम्मीदों के असर का अंदाजा लगाते रहे। चांदी खरीदने से पहले अपने नजदीकी ज्वेलर या बुलियन डीलर से ताजा रेट की पुष्टि जरूर कर लें, क्योंकि मेकिंग चार्ज और जीएसटी के कारण अंतिम कीमत अलग हो सकती है।

आज के राष्ट्रीय चांदी के रेट

1 ग्राम: ₹234.90–₹235

10 ग्राम: ₹2,349–₹2,350

100 ग्राम: ₹23,490–₹23,500

1 किलोग्राम: ₹2,34,900–₹2,35,000

बाजार का रुख

बुलियन बाजार के जानकारों के अनुसार, हाल के दिनों में मुनाफावसूली (Profit Booking) और घरेलू बाजार में मांग में नरमी के कारण चांदी की कीमतों में गिरावट आई थी। हालांकि, आज कीमतों में स्थिरता देखने को मिली। ग्लोबल मार्केट के संकेत और एमसीएक्स (MCX) में होने वाली गतिविधियां आगे कीमतों की दिशा तय करेंगी।

विशेषज्ञों के अनुसार, घरेलू बाजार में मांग में बदलाव और भारतीय रुपये की मजबूती के कारण चांदी की कीमतों में हाल के दिनों में हल्की नरमी देखने को मिली है। वहीं, वैश्विक बाजार में सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की मांग से कीमतों को कुछ समर्थन मिला है। थोक बाजार और वायदा कारोबार (MCX) में चांदी की कीमतों पर निवेशकों की लगातार नजर बनी हुई है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय संकेतों और घरेलू मांग के आधार पर आगे कीमतों में उतार-चढ़ाव संभव है।

खरीदारों के लिए सलाह

अगर आप चांदी के आभूषण, सिक्के या बार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो खरीदारी से पहले अपने शहर के सर्राफा बाजार या अधिकृत ज्वेलर से ताजा रेट की पुष्टि जरूर कर लें। स्थानीय टैक्स, GST और मेकिंग चार्ज के कारण अंतिम कीमत में अंतर हो सकता है।

इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच फिर से शुरू हुई सैन्य झड़पों से महंगाई की चिंताएं बढ़ गई हैं। इस बात की आशंका भी बढ़ गई है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रख सकता है, इसलिए सोने की ट्रेडिंग सावधानी के साथ हो रही है।

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हालांकि, इंटरनेशनल राजनीतिक तनाव आमतौर पर सुरक्षित निवेश (सेफ-हेवन एसेट्स) को बढ़ावा देते हैं। लेकिन सख्त मौद्रिक नीति और मजबूत अमेरिकी डॉलर की संभावनाओं ने सोने-चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी को सीमित रखा है।

Trading Plan: कल की बड़ी गिरावट के बाद आज निफ्टी में दिख रही रिकवरी, इन अहम लेवल्स पर रहे नजर

Trading Plan : कल के सेशन में जबरदस्त बिकवाली के बाद,निफ्टी के 24,000-24,100 के जोन की तरफ वापसी करने की कोशिश करने की उम्मीद है,लेकिन यह तेजी कितनी टिकाऊ होगी, इस पर नजर रखनी होगी। नीचे की तरफ 23800 का लेवल (बुधवार का निचला स्तर और हालिया तेजी का 50 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट) तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है। अगर निफ्टी इस लेवल से नीचे जाता है,तो गिरावट 23,600-23,500 की तरफ बढ़ सकती है। वहीं,जून के हाई लेवल तक वापस पहुंचने के लिए बैंक निफ्टी को 57,300 के ऊपर वापस आना होगा और वहां टिके रहना होगा। तब तक,इंडेक्स के कंसोलिडेशन फेज में रहने की संभावना है, जिसमें 56,300 का लेवल तत्काल सपोर्ट का काम करेगा। जानकारों के मुताबिक,अगर यह लेवल टूटता है तो इंडेक्स 55,700 तक गिर सकता है।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

SBI सिक्योरिटीज के हेड -टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च सुदीप शाह का कहना है कि बुधवार के ट्रेडिंग सेशन के दूसरे हिस्से में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण निफ्टी बड़ी बिकवाली देखने को मिली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के चलते ग्लोबल मार्केट में जोखिम से बचने का रुझान बढ़ गया है। डेली चार्ट पर,निफ्टी ने एक बड़ी’बेयरिश कैंडल’बनाई,जो बिकवाली के भारी दबाव और कमजोर मार्केट सेंटीमेंट का संकेत है।

कल पूरे मार्केट में कमजोरी दिखी और सभी सेक्टर के इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। इससे पता चलता है कि निवेशकों के बीच जोखिम से बचने का माहौल है। खास बात यह है कि इंडिया VIX में 26 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई,जो हाल के महीनों में एक दिन में हुई सबसे बड़ी बढ़त है। यह मार्केट में अनिश्चितता और डर के तेज से बढ़ने का संकेत है।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो भारी गिरावट ने निफ्टी को उसके सभी अहम शॉर्ट और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे धकेल दिया है। यह मौजूदा ट्रेंड में कमजोरी का संकेत है। डेली RSI अपने 9-दिन के एवरेज से नीचे आ गया है और नीचे की ओर जा रहा है,जिससे मोमेंटम में कमजोरी का पता चलता है। इसके अलावा,फास्ट स्टोकेस्टिक अभी भी स्लो स्टोकेस्टिक लाइन से नीचे ट्रेड कर रहा है,जो नेगेटिव ट्रेंड को और मजबूत करता है।

आगे चलकर,23,800-23,750 का जोन निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट एरिया का काम कर सकता है,क्योंकि इस रेंज में पहले के कई स्विंग लो (swing lows) बने हैं। अगर इंडेक्स लगातार 23,750 के नीचे बना रहता है तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और इंडेक्स 23,600 और उसके बाद 23,450 के लेवल तक गिर सकता है।

ऊपर की तरफ,24,000-24,050 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस एरिया का काम कर सकता है। इस जोन के ऊपर की चाल,मौजूदा मंदी के दबाव को कम करने और शॉर्ट-टर्म मार्केट सेंटीमेंट को बेहतर बनाने के लिए बहुत जरूरी होगी। तब तक,ट्रेडर्स को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है,क्योंकि उतार-चढ़ाव के ज्यादा बने रहने की उम्मीद है।

अहम रेजिस्टेंस: 24,000, 24,050

अहम सपोर्ट: 23,800, 23,750, 23,600

स्ट्रैटेजी: निफ्टी फ्यूचर्स को 23,900 के नीचे बेचें,स्टॉप-लॉस 24,090 और टारगेट 23,600 रखें।

Market cues : 23800 का सपोर्ट टूटने पर निफ्टी में बढ़ सकती है गिरावट, ऊपर की तरफ 24000 पर होगा पहला रेजिस्टेंस

बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति

सुदीप शाह का कहना है कि बैंकिंग बेंचमार्क इंडेक्स बैंक निफ्टी ने डेली चार्ट पर एक बड़ी बेयरिश कैंडल बनाई,जो जबरदस्त प्रॉफिट बुकिंग और मार्केट सेंटीमेंट में तेजी से आई गिरावट को दिखाती है।

तकनीकी तौर पर देखें तो तेजी से आई गिरावट ने इंडेक्स के शॉर्ट-टर्म स्ट्रक्चर को कमजोर कर दिया है। बैंक निफ्टी 8 जून,2026 के बाद पहली बार अपने 20-डे EMA से नीचे आ गया है,जो शॉर्ट-टर्म में तेजी के मोमेंटम के कम होने का संकेत है। डेली RSI अपने 9-दिन के औसत से नीचे आ गया है और नीचे की ओर जा रहा है,जिससे पता चलता है कि मोमेंटम नेगेटिव हो गया है। मोमेंटम इंडिकेटर्स में यह बदलाव संकेत देता है कि आने वाले समय में और कंसोलिडेशन या गिरावट हो सकती है।

आगे बैंक निफ्टी के लिए 56,400-56,300 का 200-डे EMA जोन तत्काल सपोर्ट एरिया का काम करेगा। अगर यह 56,300 के नीचे टूटता है,तो नई बिकवाली का दबाव बन सकता है,जिससे 55,700 तक और गिरावट आ सकती है और उसके बाद शॉर्ट टर्म में 55,000 का साइकोलॉजिकल लेवल भी देखने को मिल सकता है।

ऊपर की तरफ,57,200-57,300 का 20-डे EMA जोन तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। मौजूदा कमजोरी को खत्म करने और शॉर्ट-टर्म सेंटीमेंट को बेहतर बनाने के लिए इंडेक्स को इस रुकावट को पार करना होगा और वहां टिके रहना होगा। तब तक,कुल मिलाकर बाजार का रुख सतर्क रहने की संभावना है और जारी ग्लोबल अनिश्चितताओं के बीच उतार-चढ़ाव के भी ज्यादा रहने की उम्मीद है।

अहम रेजिस्टेंस: 57,200, 57,300

अहम सपोर्ट: 56,400, 56,300, 55,700

स्ट्रैटेजी: 56,900 के नीचे बैंक निफ्टी फ्यूचर्स बेचें,57,400 पर स्टॉप-लॉस और 55,700 का टारगेट रखें।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

GIFT Nifty Today: क्रैश के बाद 9 जुलाई को मार्केट में होगी रिकवरी? GIFT Nifty ने दिए तेजी के संकेत

GIFT Nifty Today: बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में तीन महीने की सबसे बड़ी गिरावट के बाद गुरुवार के लिए राहत के संकेत मिल रहे हैं। GIFT Nifty शाम 6:30 बजे 119 अंक यानी 0.48% की बढ़त के साथ 23,992 पर कारोबार कर रहा था। इससे संकेत मिलता है कि 9 जुलाई को घरेलू बाजार की शुरुआत बढ़त के साथ हो सकती है।

बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान के साथ हुआ शांति समझौता अब खत्म हो चुका है। इसके बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया और दुनिया भर के शेयर बाजारों में बिकवाली देखने को मिली।

इसी दबाव में निफ्टी 50 2.12% टूटकर 23,882.05 पर बंद हुआ। वहीं सेंसेक्स 2.15% गिरकर 76,503.60 पर आ गया। यह दोनों इंडेक्स का तीन महीने में सबसे खराब कारोबारी सत्र रहा।

ग्लोबल मार्केट पर भी दिखा असर

ट्रंप के बयान के बाद अमेरिकी शेयर बाजार के फ्यूचर्स भी दबाव में आ गए। S&P 500 Futures करीब 0.8% गिर गए। वहीं ब्रेंट क्रूड करीब 5% उछलकर 78 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। हालांकि, सोने की कीमतों में गिरावट आई और डॉलर में उतार-चढ़ाव देखने को मिला।

निफ्टी के लिए अहम स्तर कौन से?

Religare Broking के एसवीपी (रिसर्च) अजीत मिश्रा के मुताबिक, निफ्टी अब 24,000-24,150 के अहम सपोर्ट जोन के नीचे फिसल चुका है। इससे निकट अवधि की तकनीकी तस्वीर कमजोर हुई है।

उन्होंने कहा कि अब 23,650-23,800 का स्तर अगला मजबूत सपोर्ट होगा। वहीं, अगर बाजार में रिकवरी आती है तो 24,150-24,300 के बीच मजबूत रेजिस्टेंस देखने को मिल सकता है।

उनका कहना है कि India VIX में तेज उछाल यह दिखाता है कि अगले कुछ दिनों तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। ऐसे में फिलहाल सतर्क रहने, चुनिंदा शेयरों में निवेश करने और सख्त जोखिम प्रबंधन अपनाने की जरूरत है।

Bajaj Broking ने क्या कहा?

Bajaj Broking के मुताबिक, निफ्टी ने बुधवार को बड़ा बेयरिश कैंडल बनाया। साथ ही हाल की पूरी तेजी भी गंवा दी। कारोबार के दौरान इंडेक्स 24,250 के सपोर्ट के नीचे फिसल गया और दिन में 23,800 तक पहुंच गया।

ब्रोकरेज का कहना है कि अगर निफ्टी 23,800 के नीचे बंद होता है, तो अगले कुछ सत्रों में यह 23,500-23,600 तक फिसल सकता है। हालांकि, अगर 23,800 का स्तर बचा रहता है, तो निफ्टी 23,800 से 24,350 के दायरे में कुछ समय तक कारोबार कर सकता है। फिलहाल 24,350 के नीचे बाजार का रुख कमजोर बना हुआ है।

Stock Market Crash: ट्रंप के बयान से तबाही! सिर्फ 40 मिनट में सेंसेक्स 1000 अंक टूटा; अब तीन फैक्टर पर मार्केट की नजर

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Trend : पश्चिम एशिया में टेंशन बढ़ने से दबाव में बाजार, कमजोर मार्केट में भी इन दो शेयरों में होगी बंपर कमाई

Market Trend : पश्चिम एशिया में टेंशन फिर बढ़ गया है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज में ईरान की ओर से तीन टैंकरों पर हमले के बाद अमेरिका ने भी जवाबी हवाई हमले किए हैं। US ने ईरान के ग्लोबल मार्केट में तेल बेचने पर दी गई छूट भी वापस ले ली है। कच्चा तेल 4% उछलकर 76 डॉलर के करीब पहुंच गया है। पश्चिम एशिया के तनाव और कच्चे तेल में उछाल से ग्लोबल बाजारों का मूड खराब हो गया है। गिफ्ट निफ्टी में 200 प्वाइंट से ज्यादा की गिरावट है। वहीं FIIs की कैश में लगातार तीसरे दिन खरीदारी हुई है। FIIs ने थोड़े शॉर्ट्स भी कवर किए हैं।

एशिया में मिला-जुला कारोबार हो रहा है। कल की भारी गिरावट के बाद KOSPI में हल्की रिकवरी है। US इंडेक्सों में भी ऊपरी स्तरों से मुनाफावसूली दिखी है। डॉलर इंडेक्स 101 के पार निकल गया है। US बॉन्ड यील्ड में भी तेज उछाल दिखा है। इधर FOMC मिनट्स से पहले सोने और चांदी में भी गिरावट है। चांदी 3 फीसदी फिसली है।

निफ्टी पर रणनीति

ऐसे में आज क्या हो ट्रेडिंग रणनीति, इस पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के वीरेंद्र कुमार ने कहा कि निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24424-24477/531 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24571-24589/623 पर है। इसके लिए पहला बेस 24261-24193 पर और बड़ा बेस 24139-24088/24011 पर है। एक्सपायरी पर आखिरी घंटे में हल्की बिकवाली दिखी। निफ्टी 200 DMA के अहम लेवल से लौटा। FIIs की कैश खरीदारी हुई। निफ्टी में खरीदारी और शॉर्ट कवरिंग भी हुई। जियोपॉलिटिकल टेशंन से कच्चा तेल 76 डॉलर के पार चला गया है। AI थीम में अब भी दबाव जारी है। 24,400-24,600 जोन में भारी कॉल राइटिंग हुई। सपोर्ट पर नजर बनाए रखें। फिलहाल निफ्टी की चाल को समझने में समय लगेगा।

बेस-1 टूटने पर पोजिशनल लॉन्ग से निकलने की सलाह होगी। बेस-1 के नीचे टिकने पर बेस-2 की संभावना बढ़ेगी। गिरावट पर खरीदारी के लिए बेस-1 का होल्ड होना जरूरी है। AI थीम में कमजोरी के बीच निफ्टी IT सबसे अहम है।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी के लिए के लिए पहला रजिस्टेंस 58512-58640 पर और बड़ा रजिस्टेंस 58891-59067/59273 पर है। इसके लिए पहला बेस 58010-57810 पर और बड़ा बेस 57531-57410/338 पर है। 58,500 जोन पर कॉल राइटिंग से रेजिस्टेंस मजबूत है। PSU बैंकों के दबाव से बैंक निफ्टी पर असर है। पिछले 10-12 सत्रों से 10 DMA मजबूत सपोर्ट बना है। 58,000 जोन में पुट राइटर्स का मजबूत सपोर्ट है। बेस -1 के ऊपर बैंक निफ्टी में मजबूती बरकरार है। 57,810 के नीचे टिकने पर बेस-2 की संभावना बढ़ेगी।

Market cues : निफ्टी के 24500 के नीचे बने रहने तक बाजार में कंसोलीडेशन जारी रहने की उम्मीद

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं Prakashgaba.com के प्रकाश गाबा। इनकी आज HDFC Life में 567 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ 580 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। वहीं, Jubliant food में 450 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ 470 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : कमजोर ग्लोबल संकेतों के बीच 8 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में’गैप-डाउन’ओपनिंग होने की संभावना है। GIFT निफ्टी भी सुस्त शुरुआत का संकेत दे रहा है। शुरुआती कारोबार में यह इंडेक्स 24,251.50 के आसपास ट्रेड कर रहा था,जो घरेलू बाजार के लिए निगेटिव शुरुआत का संकेत है।यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

7 जुलाई को उतार-चढ़ाव भरे ट्रेडिंग सेशन में बेंचमार्क इंडेक्स अपनी शुरुआती बढ़त को बनाए नहीं रख पाए और लगातार चार सेशन से चली आ रही तेजी का सिलसिला टूट गया। कारोबार के अंत में ये मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। ग्लोबल मार्केट से मिले-जुले संकेतों के बीच कल बाजार मजबूत शुरुआत के साथ खुला और सेशन के पहले हिस्से में बढ़त बनाए रखी। हालांकि,सेशन के दूसरे हिस्से में प्रॉफिट बुकिंग के कारण दिन भर की सारी बढ़त खत्म हो गई और बाजार बंद होने तक बेंचमार्क इंडेक्स नेगेटिव दायरे में आ गए। कारोबार के अंत में,सेंसेक्स 104.35 अंक या 0.13 प्रतिशत गिरकर 78,180.72 पर और निफ्टी 31.65 अंक या 0.13 प्रतिशत गिरकर 24,398.70 पर बंद हुआ।

गिफ्ट निफ्टी

शुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी लगभग 24,251.50 के निचले स्तर पर ट्रेड कर रहा था,जो घरेलू इक्विटी बाजार में कमजोर शुरुआत का संकेत है।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजार मिले-जुले रुख के साथ कारोबार कर रहे हैं। जापान के निक्केई में 0.43 फीसदी की कमजोरी देखने को मिल रही है। वहीं,स्ट्रेट टाइम्स 0.65 फीसदी की तेजी दिखा रहा है। हैंगसेंग भी 1.44 फीसदी की बढ़त दिखा रहा है। ताइवान के बाजार में 0.35 फीसदी की गिरावट नजर आ रही है। कोस्पी 2 फीसदी नीचे दिख रहा है। वहीं,शांघाई कंपोजिट में 0.09 फीसदी की गिरावट नजर आ रही है।

Asian Market today: टेक स्टॉक्स में बिकवाली और US-ईरान युद्ध बढ़ने से निक्केई, कोस्पी गिरे

अमेरिकी बाजार

मंगलवार को वॉल स्ट्रीट की AI के दम पर आई तेजी के बने रहने को लेकर बढ़ते शक के कारण माइक्रोन टेक्नोलॉजी और दूसरी चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई,जिससे नैस्डैक में भारी गिरावट दर्ज की गई। S&P 500 में 0.45% की गिरावट आई और यह 7,503.85 अंक पर बंद हुआ। नैस्डैक 1.16% गिरकर 25,818.69 अंक पर आ गया,जबकि डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.25% गिरकर 52,925.15 अंक पर बंद हुआ। गिरावट से पहले,डॉव ने सेशन के दौरान कुछ समय के लिए रिकॉर्ड ऊंचाई भी छुई थी।

डॉलर इंडेक्स

बुधवार को एशिया में ट्रेडिंग की शुरुआत में डॉलर अधिकांश दूसरी करेंसी के मुकाबले इस हफ्ते के अपने सबसे ऊंचे स्तर पर बना रहा। अमेरिका ने ईरान पर फिर से हमले किए,जिससे जियोपॉलिटिकल तनाव बढ़ गया और तेल की कीमतें ऊपर चली गईं हैं। फिलहाल डॉलर इंडेक्स 101.13 के स्तर पर नजर आ रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

10-साल और 2-साल के ट्रेजरी बॉन्ड पर यील्ड में बहुत कम बदलाव हुआ है। ये क्रमशः 4.55% और 4.18% पर हैं।

एशियन करेंसी

US डॉलर के मुकाबले ज्यादातर एशियाई करेंसी कमजोर हुईं हैं। डॉलर की नई मांग का असर क्षेत्र की दूसरी करेंसी पर पड़ा हैं। मलेशियन रिंगित सबसे कमजोर दिख रही है और इसमें 0.27 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसके बाद फिलीपीन पेसो,जापानी येन और थाई बहत का नंबर है। वहीं,इंडोनेशियाई रुपिया ने डॉलर के मुकाबले 0.08 प्रतिशत की बढ़त हासिल की है।

कच्चे तेल में तेजी

अमेरिका द्वारा ईरान में नए हवाई हमले करने और होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमलों के बाद ईरान को वैश्विक स्तर पर तेल बेचने की अनुमति देने वाली छूट को रद्द करने के बाद,ब्रेंट क्रूड 2% बढ़कर $76 प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है।

गोल्ड

सोने की कीमतों में गिरावट बनी हुई है। ईरान पर अमेरिका के नए हवाई हमलों ने उस अंतरिम समझौते को खतरे में डाल दिया है जिसका मकसद युद्ध खत्म करना था। इस युद्ध ने महंगाई बढ़ाई है और ब्याज दरें बढ़ने की संभावना पैदा की है। कोमेक्स पर गोल्ड में 0.08 फीसदी की मामूली तेजी आई है। वहीं,चांदी में 0.16 फीसदी की हल्की बढ़त है।

विदेशी और घरेलू निवेश के आंकड़ों पर एक नजर

7 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार तीसरे सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और 393 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। इसके उलट,घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) नेट सेलर बन गए और उन्होंने 383 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।