Blood Donation Day : देश में आज मनाया जा रहा है रक्तदान दिवस? क्‍या है इसका उद्देश्‍य? रक्‍तदाता को होते हैं ये फायदे

Blood Donation Day : देश में आज मनाया जा रहा है रक्तदान दिवस? क्‍या है इसका उद्देश्‍य? रक्‍तदाता को होते हैं ये फायदे

When is Blood Donation Day observed, What is its objective

National Voluntary Blood Donation Day : भारत में हर साल 1 अक्टूबर को राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस मनाया जाता है ताकि व्यक्ति के जीवन में रक्त की आवश्यकता और महत्व को साझा किया जा सके। इसकी शुरुआत सबसे पहले 1 अक्टूबर, 1975 को इंडियन सोसाइटी ऑफ ब्लड ट्रांसफ्यूजन एंड इम्यूनोहेमेटोलॉजी द्वारा की गई थी, जिसकी स्थापना 22 अक्टूबर, 1971 को के. स्वरूप कृष्ण और डॉ. जे.जी. जॉली के नेतृत्व में हुई थी। बिना किसी अपेक्षा के रक्तदान करना मानवता का महान कार्य है और जीवन रक्षक प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। 

 

रक्तदान दिवस का उद्देश्य

स्वेच्छा से रक्त देने वाले दाताओं का आभार जताना और जीवन बचाने के लिए सुरक्षित रक्त की निरंतर जरूरत को समझाना है। जो लोग बिना किसी पैसे या स्वार्थ के, स्वैच्छिक रूप से (voluntarily) अपना खून दान करते हैं, उन्हें धन्यवाद कहना और उनके इस जीवनदायी योगदान की सराहना करना।

 

रक्तदाताओं के लिए महत्‍वपूर्ण बात

बहुत से लोग सोचते हैं कि रक्तदान करने से शरीर में कमजोरी आती है, जबकि सच यह है कि एक स्वस्थ व्यक्ति द्वारा दान किया गया खून शरीर में महज 24 से 48 घंटों के भीतर फिर से बन जाता है। आपका किया हुआ एक (1) यूनिट रक्तदान, तीन (3) अलग-अलग लोगों की जान बचा सकता है। 

 

रक्तदान के प्रमुख फायदे

यह सबसे महत्वपूर्ण और प्रत्यक्ष लाभ है। आपका दिया हुआ रक्त किसी दुर्घटना के शिकार, कैंसर के रोगी, सर्जरी वाले व्यक्ति या प्रसव के दौरान रक्त की कमी से जूझ रही महिला की जान बचा सकता है। नियमित रक्तदान शरीर में आयरन के स्तर को संतुलित रखने में मदद करता है। शरीर में अत्यधिक आयरन हृदय रोगों, जैसे हार्ट अटैक और स्ट्रोक के जोखिम को बढ़ा सकता है। रक्तदान इस अतिरिक्त आयरन को कम करके हृदय को स्वस्थ रखने में मदद करता है।

 

शरीर में आयरन का उच्च स्तर कैंसर के कुछ प्रकारों, जैसे लिवर, फेफड़े, बड़ी आंत और गले के कैंसर, के बढ़ते जोखिम से जुड़ा हो सकता है। रक्तदान से आयरन का स्तर कम होकर कैंसर के खतरे को कम करने में मदद मिल सकती है। रक्तदान के बाद शरीर रक्त की कमी को पूरा करने के लिए तेजी से नए रक्त कोशिकाओं (विशेषकर लाल रक्त कोशिकाओं) का उत्पादन शुरू कर देता है।

 

रक्तदान एक बार में लगभग 650 कैलोरी तक बर्न करने में मदद कर सकता है। यह वजन प्रबंधन में प्रत्यक्ष रूप से सहायक नहीं है, लेकिन यह शरीर को सक्रिय रखने में एक छोटी भूमिका निभा सकता है। रक्तदान करने से पहले, रक्तदाता का शारीरिक परीक्षण, जैसे- ब्लड प्रेशर, हीमोग्लोबिन स्तर, नब्ज और शरीर का तापमान आदि किया जाता है। साथ ही, रक्त की एचआईवी, हेपेटाइटिस बी और सी, सिफलिस और मलेरिया जैसे गंभीर संक्रमणों के लिए जांच की जाती है।

 

अत्यधिक आयरन लिवर को नुकसान पहुंचा सकता है और हेमोक्रोमैटोसिस जैसी बीमारियों का कारण बन सकता है। रक्तदान आयरन के स्तर को कम करके लिवर को स्वस्थ रखने में मदद करता है। नियमित रक्तदान उच्च रक्तचाप/ हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में सहायक हो सकता है, जिससे हृदय रोगों का जोखिम कम होता है।

 

देश में जागरूकता फैलाना

लोगों को यह समझाना कि सुरक्षित रक्त और रक्त उत्पादों- जैसे प्लाज्मा, प्लेटलेट्स की आवश्यकता हर समय बनी रहती है, चाहे वह सर्जरी हो, प्रसव/ चाइल्ड बर्थ हो के दौरान होने वाला रक्तस्राव हो या कोई बड़ा हादसा। जरूरतमंद व्यक्ति को रक्त या उसके घटकों का आधान या दान करना आधुनिक स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में मानवता का एक बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है।

 

नियमित रक्तदान के लिए प्रेरित करना

समाज में खासकर युवाओं में नियमित रूप से रक्तदान करने की आदत को बढ़ावा देना ताकि अस्पतालों में खून की कमी से किसी की जान न जाए।

 

बिना किसी अपेक्षा के रक्तदान करना मानवता का महान कार्य है और जीवन रक्षक प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। केवल अपने रिश्तेदारों या दोस्तों को ही रक्तदान न करें, बल्कि स्वेच्छा से किसी भी व्यक्ति को रक्तदान करें। इससे कई जानें बच सकती हैं। रक्त से फैलने वाली बीमारियों को रोकने के लिए भी यह आवश्यक है।

सत्य निकेतन PG हादसा: 18 साल के अर्पित ने गंवाई जान, परिवार ने दान की आंखें | Satya Niketan PG

सत्य निकेतन PG हादसा: 18 साल के अर्पित ने गंवाई जान, परिवार ने दान की आंखें | Satya Niketan PG

Satya Niketan PG, Delhi हादसे में मध्य प्रदेश के 18 वर्षीय अर्पित की जान चली गई! किसी भी माता-पिता के लिए अपने जवान बेटे को खो देने से शायद कोई दुख नहीं होता!
पर इस असहनीय पीड़ा के बीच भी, इस परिवार ने जो किया वह अतुलनीय है!

(18 Year Old Arpit Who Lost His Life In Delhi Satya Niketan PG Building Collapse Donates His Eyes)

सत्य निकेतन PG हादसा: 18 साल के अर्पित ने गंवाई जान, परिवार ने दान की आंखें | Satya Niketan PG Collapse | 18-Year-Old Arpit Lost His Life | Eye Donation।

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हर रविवार 100+ लोगों का पेट भरता है ये कपल | Mumbai couple serving free breakfast every Sunday |

हर रविवार 100+ लोगों का पेट भरता है ये कपल | Mumbai couple serving free breakfast every Sunday |

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जब दीपेश का जन्म हुआ तब उनकी हालत गंभीर थी। उन्हें तुरंत Blood की जरूरत थी। एक अनजान शख्स ने अपना Blood देकर उनकी जान बचाई। दीपेश उस इंसान को कभी ढूंढ नहीं पाए।लेकिन उसका एहसान नहीं भूले।

आज, करीब 3 साल से हर Sunday सुबह 4 बजे, दीपेश और उनकी पत्नी पूजा 100 से ज्यादा लोगों के लिए नाश्ता बनाते हैं। बिना किसी Helper के, बिना एक भी Sunday Miss किए आज तक 15,000+ Meals Serve किए जा चुके हैं।

शायद यही अच्छाई की सबसे खूबसूरत बात है—जो किसी ने आप
के लिए किया, उसे किसी और के लिए करते रहना। अगर आप भी इस Chain का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो Matoshree Foundation के साथ एक Sunday Sponsor कर सकते हैं या Bhandup के Sai Mandir में जाकर उनके साथ Food serve कर सकते हैं।

किसी ने आपकी भी मदद की होगी, अब शायद आपकी बारी है।

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100 बच्चों को मुफ्त पढ़ा रहे 23 साल के कृष्णा | Aapka Krishna | Free Education | Rajasthan

100 बच्चों को मुफ्त पढ़ा रहे 23 साल के कृष्णा | Aapka Krishna | Free Education | Rajasthan

कृष्णा ने बचपन से ही एयरफोर्स में जाकर देश की सेवा का सपना देखा था, लेकिन एक्सीडेंट के बाद ऐसा हो ना सका। लेकिन 23 की उम्र में उन्होंने हार मानने के बजाय देश सेवा का एक नया रास्ता चुन लिया।

आज राजस्थान का ये लड़का अपने गाँव के 100 बच्चों को मुफ्त पढ़ा रहा है, ताकि जिन हाथों में कभी मजबूरी ने काम थमाया था, उनमें कल किताबें हों और अपने सपने चुनने की आज़ादी हो।

कृष्णा का सफर याद दिलाता है कि देश सेवा सिर्फ वर्दी पहनकर नहीं होती। कभी-कभी एक बच्चे को पढ़ने का मौका देना भी देश का भविष्य संवारना होता है। :heart:

आप भी कृष्णा से पढ़ने वाले एक बच्चे की मदद करें: ₹130 = 1 Stationery Kit & 1 Meal
Donation Now! UPI ID- 917300369081@cnrb
Bank Details:
Account Holder Name: Kanheya Lal
Account Number: 4331119000551
Bank Name: Canara Bank
IFSC Code: CNRB0004331

@aapka_krishnaaa

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संसद में आर-पार, सपा सांसदों का दानपेटी प्रदर्शन, प्रियंका बोलीं मैंने कुछ गलत नहीं कहा

Parliament

लोकसभा में बुधवार सुबह 11 बजे कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा शुरू हो गया। विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी की, जिसके बाद स्पीकर ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी। राज्यसभा में 20 मिनट कार्यवाही चली। 12 बजे से सदन दोबारा शुरू होगा। संसद के बाहर समाजवादी पार्टी के सांसदों ने दानपेटी लेकर प्रदर्शन किया और राम मंदिर में चंदा चोरी को लेकर भाजपा पर हमला बोला।

प्रदर्शन में शामिल सपा चीफ अखिलेश यादव ने कहा- जो सरकार दानपेटी की रक्षा नहीं कर सकी, वह युवाओं का भविष्य भी सुरक्षित नहीं रख सकती। वहीं संसद परिसर में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी पर दिए अपने बयान का बचाव किया। उन्होंने कहा- मैंने सिर्फ सच कहा है और अगर सच बोलने की सजा मिलेगी तो सच बोलूंगी। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा- राहुल गांधी सदन में अपमानजनक और गाली-गलौज वाली भाषा इस्तेमाल करते हैं। यह लोकतंत्र और देश, दोनों के लिए ठीक नहीं है।


राज्यसभा में विपक्ष के भारी हंगामे के बाद कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। इस बीच एनएसए अजीत डोभाल संसद भवन पहुंचे हैं

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा, 'परीक्षा पर चर्चा हो रही है और प्रधानमंत्री या गृह मंत्री सदन में नहीं हैं। ये किस प्रकार की चर्चा है जिसमें प्रधानमंत्री गायब हैं और गृह मंत्री अनुपस्थित हैं? इसलिए विरोधी दलों ने प्रश्नकाल में ये मांग उठाई। केंद्रीय गृह मंत्री और प्रधानमंत्री शिक्षा को लेकर जवाब नहीं देना चाहते, जो अन्याय हुआ, उसके खिलाफ आज विरोध दलों ने प्रश्नकाल में आवाज उठाई'

कांग्रेस बोली, ये कैसी चर्चा है : कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा, “परीक्षा पर चर्चा हो रही है और प्रधानमंत्री या गृह मंत्री सदन में नहीं हैं। ये किस प्रकार की चर्चा है, जिसमें प्रधानमंत्री गायब हैं और गृह मंत्री अनुपस्थित हैं? इसलिए विरोधी दलों ने प्रश्नकाल में ये मांग उठाई। हमारी मूल मांग है कि केंद्रीय गृह मंत्री जवाब दें, लेकिन वे तो उपस्थित ही नहीं हैं तो जवाब कहां से देंगे? मुझे लगता है कि केंद्रीय गृह मंत्री और प्रधानमंत्री शिक्षा को लेकर जवाब नहीं देना चाहते। जो अन्याय हुआ, उसके खिलाफ आज विरोध दलों ने प्रश्नकाल में आवाज उठाई।

राज्यसभा 12 बजे तक के लिए स्थगित : राज्यसभा में विपक्ष के भारी हंगामे के बाद कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। इस बीच एनएसए अजीत डोभाल संसद भवन पहुंचे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्य सभा में आइशी घोष की गिरफ्तारी के मामले पर कहा कि शर्मनाक है। जो लोग गए थे, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

अयोध्या राम मंदिर में बड़ा बदलाव, ऑनलाइन दान करते ही तुरंत मिलेगी डिजिटल रसीद

ayodhya ram mandir trust meeting

Ram Mandir online donation: ​अयोध्या में श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी के हालिया मामले के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। अब राम भक्तों के लिए ऑनलाइन दान करने की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और हाई-टेक बना दिया गया है।

 

​ऑनलाइन दान करने वाले श्रद्धालुओं को अब दान की पुष्टि के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। ट्रस्ट ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट के 'डोनेशन सेक्शन' को अपडेट कर यह नई सुविधा शुरू की है। ​दान प्रक्रिया पूरी होते ही रसीद तुरंत स्क्रीन पर आ जाएगी, जिसे डाउनलोड करके सुरक्षित रखा जा सकता है। रसीद पाने के लिए श्रद्धालु को नाम, दान का उद्देश्य, पैन (PAN) नंबर, तिथि, दान राशि, पूरा पता, ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। किसी भी सहायता या पूछताछ के लिए ट्रस्ट ने अपनी वेबसाइट पर हेल्पलाइन नंबर और ईमेल आईडी भी जारी कर दिए हैं। ALSO READ: अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में 5 बड़े फैसले, संतों को बड़ी जिम्मेदारी

ऑफलाइन दान के लिए भी सख्त नियम लागू

​चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद कई श्रद्धालुओं ने रसीद में देरी की शिकायत की थी। इसी को देखते हुए अब मंदिर परिसर में ऑफलाइन (नकद) दान करने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को भी मौके पर ही अनिवार्य रूप से रसीद देने की व्यवस्था लागू कर दी गई है। नई डिजिटल व्यवस्था से श्रद्धालुओं का विश्वास और अधिक मजबूत होगा और भविष्य में दान के रिकॉर्ड का सत्यापन बेहद आसान रहेगा। ALSO READ: अयोध्या आहत है… रामलला के घर 'लूट' ने आस्था को घायल किया, सरयू किनारे गूंज रहा एक ही सवाल— 'अब न्याय कब?'

रोज आ रहा है 8 से 10 लाख रुपये का चढ़ावा

​चढ़ावा चोरी की घटना के बाद शुरुआत में दान की रफ्तार थोड़ी धीमी जरूर हुई थी, लेकिन राम भक्तों की अटूट आस्था को कोई रोक नहीं सका। श्रद्धालुओं का भरोसा एक बार फिर पूरी तरह लौट आया है। ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों को मिलाकर राम लला के चरणों में प्रतिदिन 8 से 10 लाख रुपए का चढ़ावा आ रहा है। मंदिर परिसर में रखे दान पात्रों में भक्त दिल खोलकर चढ़ावा अर्पित कर रहे हैं, वहीं ऑनलाइन दान में भी तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।

45 बार Egg Donation भारत का सबसे बड़ा IVF Scam | 45 Egg Donations | One Shocking IVF Scam

मजबूर महिलाओं की बेबसी को धंधा बनाने वाले एक अवैध Egg Donation रैकेट का आखिरकार पर्दाफाश हो गया।
फर्जी दस्तावेज़ों के सहारे महिलाओं से बार-बार Egg Donation करवाया जाता था। एक महिला से तो 45 बार Eggs Donate करवाए गए।
लेकिन कुछ बहादुर पुलिस अधिकारियों की सतर्कता ने इस पूरे रैकेट का भंडाफोड़ कर दिया और कई महिलाओं को शोषण से बचा लिया।
इंसाफ तभी ज़िंदा रहता है, जब कोई अन्याय के खिलाफ खड़े होने की हिम्मत करता है।

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Badrinath temple donation case: बद्रीनाथ दान घोटाला मामले में पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान गिरफ्तार, CCTV फुटेज में जेब में कैश रखते दिखने का दावा

Badrinath temple donation case: उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के दान में कथित गड़बड़ी के मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मंदिर के पूर्व अधिकारी राजेंद्र चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। एसआईटी ने करीब चार घंटे तक पूछताछ करने के बाद उन्हें हिरासत में लिया। अधिकारियों के अनुसार, अब उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा। यह कार्रवाई मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और गबन की जांच के बीच हुई है।

जांच एजेंसियां मंदिर प्रशासन से जुड़े कई लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं। राजेंद्र चौहान इस मामले के प्रमुख संदिग्धों में शामिल हैं। जांच के दौरान जुटाए गए CCTV फुटेज के आधार पर एसआईटी ने चौहान से पूछताछ की। जांचकर्ताओं का दावा है कि 22 जून, 25 जून और 29 जून की रिकॉर्डिंग में चौहान कथित तौर पर कैश के बंडल उठाकर अपनी जेब में रखते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसी फुटेज के आधार पर उनसे विस्तृत पूछताछ की गई और बाद में गिरफ्तार कर लिया गया।

CCTV फुटेज से खुलासा

पुलिस ने बताया कि 25 जून और 29 जून के सीसीटीवी फुटेज की जांच के दौरान कुछ और लोगों की गतिविधियां संदिग्ध पाई गई हैं। इन फुटेज के आधार पर एसआईटी ने अतिरिक्त संदिग्धों की पहचान की है और जल्द ही उनसे भी पूछताछ की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान के कथित दुरुपयोग से जुड़े इस मामले की जांच अभी जारी है।

एसआईटी सभी उपलब्ध साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है ताकि पूरे मामले में शामिल सभी लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सके। फिलहाल, जांच एजेंसी ने किसी अन्य आरोपी के खिलाफ औपचारिक कार्रवाई की घोषणा नहीं की है, लेकिन नए साक्ष्यों के सामने आने के बाद आने वाले दिनों में जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना है।

SIT ने सौंपी रिपोर्ट

बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की पड़ताल के लिए श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) की ओर से गठित जांच दल ने गुरुवार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी। बीकेटीसी के मुख्य कार्य अधिकारी (सीईओ) सोहन सिंह रांगड़ ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि चार-सदस्यीय दल ने 18 पन्नों की अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी है।

मंदिर समिति के सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट में चढ़ावे की चोरी को रोकने के लिए कई सुझाव दिए गए हैं। इनमें गणना के दौरान ड्रेस कोड लागू करना, मंदिर परिसर तथा गणना केंद्र के अछूते स्थानों को चिन्हित कर वहां नये सीसीटीवी कैमरे लगाना, निगरानी व्यवस्था को बेहतर एवं जवाबदेह बनाना और श्रद्धालुओं को गणना कार्य से जोड़ने की निश्चित प्रक्रिया तय करना शामिल है।

दो जुलाई को हेराफेरी का हुआ खुलासा

दो जुलाई को सोशल मीडिया पर मंदिर में चढ़ावे में कथित हेराफेरी के आरोप सामने आने के बाद बीकेटीसी ने इस समिति का गठन किया था, जिसकी प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर अध्यक्ष कार्यालय में वैयक्तिक सहायक के तौर पर तैनात प्रमोद नौटियाल को निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद पुलिस में नौटियाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया, जिसकी जांच में साक्ष्य मिलने के बाद उन्हें गिरफतार कर लिया गया।

मंदिर के चढ़ावे के रिकॉर्ड वाले रजिस्टर में ओवरराइटिंग पाए जाने के बाद इस काम में लगे खजांची संदेश मेहता को भी वहां से हटाकर अन्यत्र तबादला किया जा चुका है। इस बीच, मामले की पड़ताल कर रहा पुलिस का विशेष जांच दल (एसआईटी) बीकेटीसी के निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल के साथ ही अन्य लोगों के भी इसमें शामिल होने की आशंका का बारीकी से पता लगा रहा है।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि चमोली के पुलिस उपाधीक्षक मदन सिंह की अध्यक्षता में गठित एसआईटी सीसीटीवी कैमरों में दर्ज नौटियाल की पूर्व की संदिग्ध गतिविधियों का विश्लेषण कर रही है। इसके अलावा, आरोपी के साथ ही इस मामले में अन्य लोगों के शामिल होने के पहलू की भी जांच की जा रही है, जिसके लिए पुराने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही हैं।

सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी ने सीसीटीवी कैमरों के पूर्व में डिलीट हो चुके रिकॉर्ड को रिकवर करने की दिशा में भी प्रयास शुरू कर दिए हैं। इसके लिए विशेषज्ञों की मदद लेने का प्रयास किया जा रहा है। उधर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर गढ़वाल के कमिश्नर आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति की जांच भी जारी है।

ये भी पढ़ें- Viral News: राजस्थान का यह मंदिर क्यों कहलाता है कारोबारियों का ‘बिजनेस पार्टनर’? हर महीने चढ़ते हैं 30-40 करोड़ रुपये दान

कुवैत ने अपना पहला 15 साल का गोल्डन वीजा भारतीय अरबपति एमए यूसुफ अली को सौंपा! जानिए लुलु ग्रुप के चेयरमैन की पूरी कहानी

MA Yusuff Ali news: खाड़ी देशों में अपने बिजनेस का लोहा मनवाने वाले भारतीय मूल के दिग्गज कारोबारी और लुलु ग्रुप के चेयरमैन एमए यूसुफ अली के नाम एक और बड़ी ऐतिहासिक उपलब्धि जुड़ गई है। कुवैत सरकार ने अपने नए लॉन्च किए गए 15 साल के गोल्डन रेजिडेंसी (गोल्डन वीजा) का पहला रिसीपिंट भारतीय अरबपति एमए यूसुफ अली को चुना है। यह सम्मान कुवैत द्वारा निवेशकों, बिजनेस लीडर्स और वैश्विक प्रतिभाओं को आकर्षित करने के उद्देश्य से शुरू किए गए लॉन्ग-टर्म वीजा कार्यक्रम के औपचारिक रोलआउट के क्रम में किया गया है।

हमारे सहयोगी ‘न्यूज 18’ की रिपोर्ट के मुताबिक कुवैत सिटी में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान कुवैत के प्रथम उप प्रधानमंत्री और आंतरिक मंत्री शेख फहद यूसुफ सऊद अल-सबा ने लुलु ग्रुप इंटरनेशनल के चेयरमैन और एमडी यूसुफ अली को यह सम्मान सौंपा।

कौन हैं एमए यूसुफ अली?

एमए यूसुफ अली खाड़ी क्षेत्र के सबसे प्रसिद्ध और प्रभावशाली भारतीय मूल के व्यवसायियों में से एक हैं। यूसुफ अली रिटेल क्षेत्र की दिग्गज कंपनी ‘लुलु ग्रुप इंटरनेशनल’ के संस्थापक हैं। केरल में जन्मे यूसुफ अली ने अपनी कड़ी मेहनत के दम पर लुलु को मिडिल ईस्ट की सबसे बड़ी रिटेल चेन में से एक बना दिया है। लुलु ग्रुप का बिजनेस आज खाड़ी देशों, एशिया और उससे आगे कई देशों में फैला हुआ है।

यह ग्रुप मुख्य रूप से हाइपरमार्केट्स, सुपरमार्केट्स, शॉपिंग मॉल्स और लॉजिस्टिक्स के कारोबार चलाता है। यूसुफ अली का यह बिजनेस नेटवर्क दुनिया भर में हजारों लोगों को रोजगार देता है। रिटेल के अलावा खाड़ी क्षेत्र के हॉस्पिटैलिटी और रियल एस्टेट क्षेत्रों में भी उनका भारी निवेश है।

कुवैत ने एमए यूसुफ अली को ही क्यों चुना?

कुवैती अधिकारियों के मुताबिक, यह ऐतिहासिक फैसला देश की अर्थव्यवस्था में यूसुफ अली के लंबे समय से चले आ रहे योगदान को ध्यान में रखकर लिया गया है। लुलु ग्रुप ने कुवैत के रिटेल सेक्टर में अपनी एक बेहद मजबूत उपस्थिति स्थापित की है। इसके साथ ही इस ग्रुप ने कुवैत में फूड सप्लाई चेन को मजबूत करने, कंज्यूमर मार्केट का विस्तार करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा करने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

क्या है कुवैत का नया गोल्डन रेजिडेंसी प्रोग्राम?

यह गोल्डन रेजिडेंसी कार्यक्रम कुवैत की अर्थव्यवस्था को सिर्फ तेल पर निर्भर न रखकर उसका डाइवर्सिफाई करने की कोशिश से जुड़ा एक इनिशिएटिव है। इसके जरिए देश में बड़े निवेश और कुशल प्रतिभाओं को आकर्षित करने की योजना है। पारंपरिक निवास परमिट अक्सर एंप्लॉयर स्पॉन्सरशिप से जुड़े होते हैं और उन्हें बार-बार रिन्यू कराना पड़ता है। इनके उलट कुवैत का यह नया कार्यक्रम निवेशकों को लंबे समय की स्थिरता और अधिक फ्लेक्सिबिलिटी देता है।

कुवैती अधिकारियों के मुताबिक इस पहल को इंटीरियर मिनिस्ट्री, कुवैत प्रत्यक्ष निवेश संवर्धन प्राधिकरण और नागरिक सूचना के लिए सार्वजनिक प्राधिकरण (PACI) के बीच आपसी समन्वय के जरिए तैयार किया गया है।

इस गोल्डन वीजा की खासियतें जान लीजिए

कुवैत का यह नया वीजा कार्यक्रम प्रमुख रूप से बड़े निवेशकों, उद्यमियों, वरिष्ठ अधिकारियों और अत्यधिक कुशल पेशेवरों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

15 साल का परमिट: इसके तहत योग्य लोगों को 15 साल का रिन्यूएबल (नवीकरणीय) रेजिडेंसी परमिट दिया जाता है।

लॉन्ग-टर्म स्थिरता: बार-बार वीजा रिन्यू कराने की झंझटों से मुक्ति मिलती है।

एंप्लॉयर पर निर्भरता नहीं: यह वीजा एंप्लॉयर स्पॉन्सर्ड वीजा पर निर्भरता को काफी कम करता है।

परिवार को भी लाभ: इस योजना के तहत मिलने वाले रेजिडेंसी के लाभ मुख्य लाभार्थी के साथ-साथ उसके करीबी परिवार के सदस्यों को भी मिल सकते हैं।

ये भी पढ़ें- Ram Mandir Donation Case: राम मंदिर दान चोरी मामले में ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष बोले- ‘इस्तीफा नहीं दूंगा, SBI कर्मचारियों को रहना चाहिए था सतर्क’

Badrinath Dham Donation Case: राम मंदिर के बाद अब बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की हेराफेरी का आरोप, SIT ने दान अधिकारी प्रमोद नौटियाल को किया गिरफ्तार

Badrinath Dham Donation Case: अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले के बाद अब बद्रीनाथ धाम से भी ऐसा ही घटना सामने आई है। दरअसल, सोमवार को स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने बद्रीनाथ धाम में चढ़ावा और दान से जुड़े अधिकारी प्रमोद नौटियाल को कथित दान फंड में गड़बड़ी के मामले में गिरफ्तार किया है।

नौटियाल को बीती रात करीब 8 बजे देहरादून से गिरफ्तार किया गया और बाद में चल रही जांच के सिलसिले में बद्रीनाथ लाया गया।

SIT ने कहा कि नौटियाल पर इस मामले में गंभीर आरोप हैं और संकेत दिया कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, कई अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

बता दें कि यह गिरफ्तारी देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों में शामिल बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की कथित हेराफेरी के मामले की जांच में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

मंदिर में दान की गिनती में गड़बड़ी

रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक आंतरिक जांच में 2 जुलाई, 2026 को ‘थाली’ में चढ़ाए गए दान की गिनती के दौरान गड़बड़ी पाई गई। जिसके आधार पर FIR दर्ज की गई और इसके बाद जांच का दायरा बढ़ा दिया गया।

अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि मंदिर के दान-गणना क्षेत्र से नकदी और चढ़ावे की वस्तुएं चोरी हो गईं। शुरुआती रिपोर्टों में इस मामले को श्रद्धालुओं के दान और कीमती सामान की कथित चोरी या गबन के रूप में बताया गया है।

इस मामले में शिकायत के बाद पहले विभागीय जांच हुई, जिसके बाद पुलिस ने आपराधिक कार्यवाही शुरू की।

मंदिर की जांच से आगे बढ़ा मामला

अब यह जांच मंदिर प्रशासन की आंतरिक जांच से आगे बढ़ चुकी है और पुलिस तथा स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) इसे संभाल रही हैं। गिरफ्तारी से पहले, नौटियाल ने कथित तौर पर FIR और अपने सस्पेंशन, दोनों को ही हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।

बता दें कि SIT द्वारा उन्हें हिरासत में लिए जाने के बाद, जांच अधिकारी कथित गड़बड़ियों से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं।

SIT ने यह भी संकेत दिया है कि जांच जारी है और अगर सबूतों से अन्य लोगों की संलिप्तता साबित होती है, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

मामले का बड़ा महत्व

यह मामला इसलिए भी ज्यादा चर्चा में है, क्योंकि बद्रीनाथ धाम देश के सबसे पवित्र हिंदू तीर्थ स्थलों में से एक है। नतीजतन, भक्तों के चढ़ावे के कथित दुरुपयोग को न केवल एक वित्तीय मामला, बल्कि जन-विश्वास का मुद्दा भी माना जा रहा है। इस विवाद के बाद कई धार्मिक नेताओं और जन-प्रतिनिधियों ने कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

उत्तराखंड सरकार के अधिकारियों ने भी कहा है कि जांच के दौरान जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

जांच जारी है

डोनेशन फंड में कथित गड़बड़ी की चल रही जांच में SIT द्वारा प्रमोद नौटियाल की गिरफ्तारी सबसे नया कदम है। जांच करने वाले अधिकारी मंदिर में चढ़ावे के लेन-देन, डोनेशन गिनने की प्रक्रिया और इस मामले से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रहे हैं।

SIT का कहना है कि जांच जारी है और संकेत दिया है कि जैसे-जैसे और सबूत मिलेंगे, आगे और कार्रवाई की जा सकती है।

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