‘हॉर्मुज स्ट्रेट कब्जे में लेगा अमेरिका’, ट्रंप बोले- जहाजों से वसूलेंगे पेट्रोलिंग चार्ज; ईरान पर समझौता तोड़ने का आरोप लगाया

Trump Iran Conflict: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि अमेरिका स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Strait of Hormuz) का नियंत्रण अपने हाथ में लेगा। उन्होंने ईरान पर दोनों देशों के बीच हुए अंतरिम समझौते को तोड़ने का आरोप भी लगाया। यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका और ईरान लगातार दूसरे दिन एक-दूसरे पर मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहे हैं।

ट्रंप ने ईरान पर क्या कहा?

Fox News से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका हॉर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा करेगा। उन्होंने कहा, “हम हॉर्मुज का नियंत्रण अपने हाथ में ले रहे हैं। हम इसकी रक्षा करेंगे। हो सकता है कि भविष्य में यहां से गुजरने वाले जहाजों से सुरक्षा के बदले शुल्क भी लिया जाए।”

ट्रंप ने यह भी आरोप लगाया कि हालिया समझौते को ईरान ने तोड़ा। उनके मुताबिक, समझौता होने के बेहद करीब था, लेकिन ईरान ने बाद में ड्रोन हमला कर दिया।

दोनों देशों के बीच फिर हमले

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया। ईरान ने ओमान में रडार सिस्टम और जॉर्डन के प्रिंस हसन एयर बेस के ईंधन भंडार और गोला-बारूद डिपो को भी निशाना बनाने का दावा किया। वहीं, बहरीन, कुवैत और जॉर्डन ने कहा कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही मार गिराया।

दूसरी ओर, अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, तटीय रडार, मिसाइल और ड्रोन ठिकानों के साथ-साथ छोटी नौकाओं को भी निशाना बनाया। इन हमलों में लड़ाकू विमान, नौसैनिक जहाज और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।

हॉर्मुज स्ट्रेट पर तनाव बढ़ा

दुनिया के करीब 20% कच्चे तेल की सप्लाई हॉर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरती है। ऐसे में यहां बढ़ा तनाव पूरी दुनिया के ऊर्जा बाजार के लिए चिंता का विषय बन गया है।

ईरान के सरकारी मीडिया का दावा है कि उसकी नौसेना ने हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे दो जहाजों पर चेतावनी के तौर पर फायरिंग की और उन्हें रोक दिया। वहीं, अमेरिका का कहना है कि उसकी सुरक्षा में इस रास्ते से व्यापारिक जहाजों की आवाजाही जारी है।

तेल की कीमतों में उछाल

तनाव बढ़ने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया। ब्रेंट क्रूड एक समय 5% तक चढ़ गया, जबकि बाद में इसकी बढ़त करीब 3.5% रह गई। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड में भी अच्छी तेजी देखने को मिली। निवेशकों को डर है कि अगर हॉर्मुज में संकट और गहराया, तो वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित हो सकती है।

बातचीत के दरवाजे अभी खुले

सैन्य तनाव के बीच ईरान ने कहा है कि वह कतर, पाकिस्तान और ओमान के मध्यस्थों के संपर्क में है और संघर्ष को और बढ़ने से रोकने की कोशिश जारी है। हालांकि, ईरान ने अमेरिका पर कूटनीतिक प्रयासों को कमजोर करने का आरोप लगाया है। वहीं, ट्रंप अब भी दावा कर रहे हैं कि समझौता लगभग हो चुका था, लेकिन ईरान ने उसे तोड़ दिया।

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“हजारों मिसाइलें तैयार, पूरे इलाकों को तबाह कर देंगे”, Donald Trump ने फिर दी ईरान को धमकी

ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई (Ali Khamenei) के अंतिम संस्कार के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की खुलेआम मांग की गई। इसके बाद ट्रंप ने ईरान को गंभीर चेतावनी दी है। इससे मध्य पूर्व में पहले से ही बढ़े तनाव और बढ़ गए हैं।  अमेरिकी राष्ट्रपति डो

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Diljit Dosanjh: दिलजीत दोसांझ ने ग्रीन कार्ड वाले जोक की आड़ में US सिटिजनशिप के सवाल को किया इग्नोर, बोले- ‘मैं कुछ नहीं कह रहा’

Diljit Dosanjh: हाल ही में एक इंस्टाग्राम लाइव सेशन के दौरान, जब एक फैन ने दिलजीत दोसांझ को US ग्रीन कार्ड के लिए अप्लाई करने का सुझाव दिया, तो उन्होंने मजाकिया अंदाज में प्रतिक्रिया दी। यह कमेंट उस रिपोर्ट के कुछ महीनों बाद आया जिसमें दावा किया गया था कि एक्टर-सिंगर 2022 से US के नागरिक हैं – एक ऐसा दावा जिसकी न तो दिलजीत ने सार्वजनिक रूप से पुष्टि की है और न ही इसका खंडन किया है।

लाइव सेशन के दौरान, दिलजीत मुख्य रूप से अपनी फिल्म ‘सतलुज’ से जुड़े विवाद पर बात कर रहे थे, जिसे रिलीज़ होने के 48 घंटों के भीतर ही Zee5 इंडिया से हटा दिया गया था। हालांकि, जब एक फैन ने उन्हें US ग्रीन कार्ड के लिए अप्लाई करने को कहा, तो दिलजीत ने नागरिकता से जुड़ी अटकलों का सीधे जवाब देने के बजाय उस पल को मजाक में बदल दिया।

प्रशंसक के सवाल का जवाब देते हुए दिलजीत ने कहा, “मैं एक कार्ड लूंगा और उसे हरे रंग से रंग दूंगा।”उन्होंने आगे कहा, “मैं कुछ नहीं कह रहा। सब छोड़कर ये खबर बन जाएगी। ऐसा नहीं होता। दुनिया का नाटक कभी खत्म नहीं होगा। लेकिन मेरा मानना ​​है कि हर किसी को बिना वीजा के किसी भी देश की यात्रा करने की अनुमति होनी चाहिए। पूरी दुनिया को एक हो जाना चाहिए। मैं ठीक हूं, लेकिन ऐसा संभव नहीं है, है ना?”

यह बात इसलिए खास थी क्योंकि यह दिलजीत की नागरिकता के स्टेटस को लेकर चल रही अटकलों के बीच कही गई थी। इस साल की शुरुआत में, ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ ने रिपोर्ट किया था कि दिलजीत ने 2022 में अमेरिकी नागरिकता ले ली थी और 1 सितंबर 2022 से अमेरिकी पासपोर्ट पर यात्रा कर रहे हैं। एक्टर-सिंगर ने इस रिपोर्ट पर सार्वजनिक रूप से कोई बात नहीं की है।

फैन ने दिलजीत से डोनाल्ड ट्रंप से बात करने को कहा। एक और लाइव सेशन में, एक फैन ने मजाक में दिलजीत से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात करने और सभी को अमेरिकी नागरिकता दिलाने में मदद करने को कहा। इस सुझाव पर हंसते हुए दिलजीत ने जवाब दिया, “आप लोग मेरे बारे में क्या सोचते हैं? मैं तो बस एक आर्टिस्ट हूं। मैं उनसे नागरिकता के मुद्दों को हल करने के लिए कैसे कह सकता हूं? उनकी बेटी मुझे फोलो करती है, लेकिन मैंने कभी उनसे भी बात नहीं की है। मैं कभी किसी से कोई फेवर नहीं मांगता। अगर कुछ होना होता है, तो वह होता है। अगर नहीं होना होता, तो नहीं होता।”

दिलजीत के हल्के-फुल्के जवाब ने एक बार फिर नागरिकता की अफवाहों पर सीधे बात करने से बचा लिया, साथ ही यह भी साफ कर दिया कि वह नहीं चाहते थे कि यह बातचीत कोई और हेडलाइन बने। मई में, ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ ने रिपोर्ट किया कि दिलजीत दोसांझ 2022 में अमेरिकी नागरिक बन गए थे। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि उनका आखिरी भारतीय पासपोर्ट 2018 में मुंबई में जारी किया गया था और वे 1 सितंबर, 2022 से अमेरिकी पासपोर्ट का इस्तेमाल कर रहे हैं।

रिपोर्ट में आगे बताया गया कि दिलजीत की पत्नी, संदीप कौर, अमेरिकी नागरिक हैं। अमेरिकी नागरिकता लेने के समय, दिलजीत ने कैलिफ़ोर्निया के एक पॉश इलाके में स्थित पांच बेडरूम वाले बंगले को लिया था। अमेरिकी ग्रीन कार्ड किसी व्यक्ति को ‘कानूनी तौर पर स्थायी निवासी’ का दर्जा देता है, जिससे वे बिना किसी अस्थायी वीजा या नियोक्ता (employer) की स्पॉन्सरशिप के, अमेरिका में कहीं भी अनिश्चित काल तक रह सकते हैं, काम कर सकते हैं और पढ़ाई कर सकते हैं। पात्रता की शर्तें पूरी करने के बाद, यह अमेरिकी नागरिकता पाने का एक जरिया भी बन सकता है।

हालांकि, जो व्यक्ति पहले से ही अमेरिकी नागरिक है, उसे ग्रीन कार्ड की जरूरत नहीं होती। इसी वजह से, चल रही अटकलों के बीच फैन का सुझाव और दिलजीत का मजाकिया जवाब चर्चा का विषय बन गया। दिलजीत मुख्य रूप से अपनी फिल्म ‘सतलुज’ के बारे में बात करने के लिए लाइव आए थे।

OTT पर रिलीज होने से पहले, सेंसर की आपत्तियों के कारण यह फिल्म अटकी हुई थी। दिलजीत ने लोगों से यह फिल्म देखने की अपील की और इसे पंजाब और भारत के इतिहास की एक अहम कहानी बताया। ‘सतलुज’ जसवंत सिंह खालरा की कहानी है। उन्होंने उस दौर में अमृतसर और उसके आस-पास हजारों शवों के कथित तौर पर गैर-कानूनी ढंग से अंतिम संस्कार किए जाने का दस्तावेजीकरण किया था, जब पंजाब में उग्रवाद चरम पर था। बाद में खालरा का अपहरण कर उनकी हत्या कर दी गई।

Zee5 से फ़िल्म को अचानक हटाए जाने के बाद सेंसरशिप, इतिहास और इस बात पर बड़ी बहस छिड़ गई है कि क्या मानवाधिकारों से जुड़े दस्तावेज़ी मुद्दों पर आधारित कहानियों को भारतीय दर्शकों तक पहुंचने दिया जा रहा है।

Stock Market Crash: ट्रंप के बयान से तबाही! सिर्फ 40 मिनट में सेंसेक्स 1000 अंक टूटा; अब तीन फैक्टर पर मार्केट की नजर

Stock Market Crash: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान ने बुधवार को दुनिया भर के बाजारों में भारी गिरावट (why market is down today) ला दी। ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ हुआ सीजफायर अब खत्म हो चुका है। इसके बाद भारतीय शेयर बाजार में भी जोरदार बिकवाली शुरू हो गई। महज 40 मिनट में सेंसेक्स 1,000 अंक से ज्यादा टूट गया। वहीं, बाजार में डर का पैमाना माने जाने वाला India VIX 27% उछल गया।

दोपहर 1:40 बजे सेंसेक्स 77,603.90 पर कारोबार कर रहा था। अगले 40 मिनट में यह करीब 1,076 अंक लुढ़ककर 76,527.81 पर आ गया। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1,677.12 अंक यानी 2.15% टूटकर 76,503.60 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 516.65 अंक यानी 2.12% गिरकर 23,882.05 पर बंद हुआ। बाजार में चौतरफा बिकवाली रही। करीब 3,095 शेयर गिरे, जबकि सिर्फ 1,000 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए।

ट्रंप ने ईरान सीजफायर पर क्या कहा?

ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ अंतरिम शांति समझौता अब खत्म हो चुका है। उन्होंने साफ कहा कि अब वह ईरान के साथ कोई समझौता नहीं करना चाहते। उन्होंने ईरानी नेताओं पर भी तीखा हमला बोला। ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान के पास परमाणु हथियार हुए, तो वह उनका इस्तेमाल करने से नहीं हिचकेगा।

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उनके प्रतिनिधि ईरान से बातचीत जारी रखेंगे। लेकिन उन्हें नहीं लगता कि उससे कोई नतीजा निकलेगा।

तनाव अचानक क्यों बढ़ गया?

ट्रंप का बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका ने ईरान पर फिर से हवाई हमले किए हैं। साथ ही अमेरिका ने वह छूट भी खत्म कर दी है, जिसके तहत ईरान वैश्विक बाजार में तेल बेच रहा था।

इसके जवाब में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरान ने एक अमेरिकी MQ-9 Reaper ड्रोन मार गिराने का भी दावा किया है।

इसके बाद बहरीन और कुवैत में एयर रेड सायरन बजने लगे। कुवैत की सेना ने कहा कि उसकी एयर डिफेंस सिस्टम दुश्मन के हमलों का जवाब दे रही है। हालांकि, अमेरिकी सेना की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

बाजार गिरने के अन्य 6 बड़े वजह

कच्चे तेल में तेज उछाल: अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने के बाद ब्रेंट क्रूड 6% उछलकर 76 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए महंगा तेल बाजार के लिए चिंता की बात है।

FII निवेश पर अनिश्चितता: Geojit Investments के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ. वी.के. विजयकुमार के मुताबिक, हाल में FII की खरीदारी से बाजार मजबूत हो रहा था। लेकिन अमेरिका-ईरान तनाव ने इस सकारात्मक माहौल पर फिलहाल सवाल खड़े कर दिए हैं।

FII खरीदारी बनी हुई है: पिछले तीन कारोबारी सत्र में FIIs ने करीब 1,991 करोड़ रुपये की खरीदारी की है। हालांकि रकम बड़ी नहीं है, लेकिन लगातार खरीदारी को बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

टेक्निकल संकेत अभी कमजोर: SBI Securities के सुदीप शाह के मुताबिक, निफ्टी के लिए 24,120-24,140 का स्तर अहम सपोर्ट है। अगर यह टूटता है, तो अगला सपोर्ट 23,970-23,990 के बीच होगा। वहीं 24,370-24,390 के ऊपर निकलने पर तेजी फिर लौट सकती है।

ज्यादातर सेक्टरों में बिकवाली: फाइनेंशियल सर्विसेज, FMCG, ऑटो और हेल्थकेयर सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। इससे बाजार की गिरावट और बढ़ गई।

बड़े शेयरों में भारी कमजोरी: मारुति सुजुकी में 3% से ज्यादा गिरावट आई। इसके अलावा IndiGo, Hindustan Unilever, UltraTech Cement और Bharat Electronics जैसे हैवीवेट शेयर भी दबाव में रहे।

India VIX में तेज उछाल: बाजार में डर का पैमाना माने जाने वाला India VIX इंट्राडे कारोबार में 23% से ज्यादा उछलकर 14.33 पर पहुंच गया। VIX में तेज बढ़त आमतौर पर आने वाले दिनों में ज्यादा उतार-चढ़ाव का संकेत देती है।

बाजार में गिरावट पर एक्सपर्ट की राय

Geojit Investments के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि पश्चिम एशिया में फिर बढ़े तनाव ने भारतीय शेयर बाजार का माहौल पूरी तरह बदल दिया। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आने से महंगाई की चिंता फिर बढ़ गई है। इसका असर भारत और अमेरिका दोनों देशों के बॉन्ड यील्ड पर भी देखने को मिला।

उनके मुताबिक, India VIX में तेज उछाल यह दिखाता है कि निवेशकों के बीच डर बढ़ गया है। यही वजह रही कि लगभग सभी सेक्टरों में बिकवाली देखने को मिली। इसके साथ ही पहली तिमाही (Q1) के कमजोर नतीजों की आशंका ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया।

तीन फैक्टर तय करेंगे बाजार की चाल

विनोद नायर का कहना है कि सिर्फ कंपनियों के नतीजे ही बाजार की दिशा तय नहीं करेंगे। निवेशकों की नजर मैनेजमेंट की कमेंट्री और भविष्य ग्रोथके आउटलुक पर भी रहेगी। इससे पता चलेगा कि कमाई में कमजोरी दूसरी तिमाही (Q2) तक बनी रहती है या नहीं।

उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में बाजार की चाल तीन बड़े फैक्टर्स पर निर्भर करेगी। पहला, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की जुलाई की मौद्रिक नीति। दूसरा, अमेरिका के रेसिप्रोकल टैरिफ ट्रूस की अवधि खत्म होने का असर। और तीसरा, पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ता है या कम होता है, क्योंकि यही आगे बाजार की दिशा तय करेगा।

ट्रंप ने खत्म किया सीजफायर! अब तेल, सोना और चांदी पर क्या होगा असर; जानिए एक्सपर्ट्स से

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ट्रंप के सीजफायर खत्म होने के ऐलान से शेयर बाजार धड़ाम, 1600 फिसला सेंसेक्स

भारतीय शेयर बाजारों में दोपहर बाद अचानक बड़ी गिरावट आई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ सीजफायर खत्म हो चुका है। इससे बाजार के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी क्रैश कर गए। 2 बजे निफ्टी 1.84 फीसदी यानी 434 अंक गिरकर 23,971 पर आ गया। सेंसेक्स 1.84 यानी 1500 अंक गिरकर 76,740 पर आ गया। बैंक शेयरों में भी बड़ी गिरावट दिखी, जिससे बैंक निफ्टी 1.96 फीसदी क्रैश कर गया।

US-Iran Tension: ‘ईरान के साथ सीजफायर खत्म…’ ट्रंप का बड़ा ऐलान, मिडिल ईस्ट में फिर से भयंकर तबाही की आहट

Donald Trump on Iran Ceasefire: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा सैन्य टकराव अब पूरी तरह से कूटनीतिक युद्ध में बदल चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आज एक बेहद चौंकाने वाला ऐलान करते हुए कहा है कि ईरान के साथ हुआ समझौता और सीजफायर अब पूरी तरह से ‘खत्म’ हो चुका है।

अंकारा में आयोजित नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान नाटो के महासचिव मार्क रुटे के साथ मौजूद ट्रंप ने ईरानी नेतृत्व पर जमकर गुस्सा निकाला। उन्होंने साफ कहा कि अब ईरान के साथ किसी भी तरह की बातचीत करना सिर्फ और सिर्फ समय की बर्बादी है।

‘मेरे लिए अब समझौता खत्म’: डोनाल्ड ट्रंप

मिडिल ईस्ट में दोनों देशों के बीच जारी मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच राष्ट्रपति ट्रंप का यह बयान आग में घी का काम कर रहा है। ट्रंप ने दोटूक शब्दों में कहा, ‘जहां तक मेरा सवाल है, ईरान के साथ हुआ समझौता और सीजफायर अब खत्म हो चुका है।’ ट्रंप ने अपने आक्रामक अंदाज में ईरानी लीडरशिप को आड़े हाथों लिया। उन्होंने ईरानी नेताओं को ‘झूठा’, ‘नीच’ और ‘सनकी/बीमार लोग’ तक कह डाला।

बातचीत के सारे रास्ते बंद?

डोनाल्ड ट्रंप के इस कड़े रुख से यह साफ हो गया है कि अमेरिका अब ईरान के साथ किसी भी तरह के समझौते के मूड में नहीं है। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि इन लोगों (ईरानी नेताओं) के साथ डील करने का अब कोई मतलब नहीं रह गया है, यह सिर्फ वक्त जाया करना है। उन्होंने संकेत दिए कि अमेरिका अब ईरान के खिलाफ और ज्यादा सख्त और सीधी सैन्य कार्रवाई का रुख अपना सकता है।

क्यों बढ़ा अचानक इतना तनाव?

यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में अमेरिका और ईरान ने एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों पर भीषण बमबारी की है। इसके पहले ईरान ने दावा किया था कि उसने बहरीन और कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य सुविधाओं से जुड़े 85 ठिकानों पर जवाबी हमला किया है। यह हमला अमेरिका द्वारा ईरान के भीतर घुसकर 80 से ज्यादा ठिकानों को तबाह करने के विरोध में किया गया था।

Donald Trump ने शेयर की फर्जी गैस स्टेशन की तस्वीर, पेट्रोल की कीमतें कम होने के किया दावा

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया। इसमें उन्होंने दावा किया कि पेट्रोल की कीमतें कम हो रही हैं। उन्होंने ‘फ्रीडम फ्यूल नेटवर्क’ नाम की एक नई गैस स्टेशन चेन की तस्वीर भी साझा की। लेकिन इसके साथ ट्रंप ने फर्जी गैस स्टेशन की तस्वीर पोस्ट करदी।ट

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मसाज चेयर्स और सोने की नक्काशी… कतर ने डोनाल्ड ट्रंप को गिफ्ट किया बेहद आलीशान विमान, देखें अंदर की तस्वीरें

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को एक नए बोइंग 747-8 एयरोप्लेन में अपनी पहली यात्रा पूरी की। ये विमान कतर ने डोनाल्ड ट्रंप को गिफ्ट किया है। फिलहाल ये बेहद आलीशान जहाज अस्थायी रूप से एयर फोर्स वन के रूप में अपनी सेवाएं देगा। इसे उड़ता हुआ महल या पैलेस इन द व्हील्स भी कहा जा रहा है। खास बात ये है कि इसे ट्रंप की जरूरतों और पसंद के मुताबिक कस्टमाइज भी किया गया है।

इसमें हैं इन-बिल्ट मसाज चेयर्स और सोने की कलाकृति

न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक इस 400 मिलियन डॉलर (40 करोड़ डॉलर) के बोइंग 747-8 विमान के अंदर लग्जरी और मॉडर्न टेक्नोलॉजी का अद्भुत तालमेल है। इस जहाज के अंदर रीक्लाइनिंग सीटें लगाई गई हैं। ये सीटें इन-बिल्ट मसाज फंक्शन से लैस हैं। विमान के इंटीरियर में जगह-जगह सोने की नक्काशी और सुनहरे रंग का इस्तेमाल किया गया है। इसके साथ ही लाइट फिक्सचर्स भी सुनहरे रंग के हैं। जहाज के अंदर का हिस्सा बेज, क्रीम और भूरे रंगों से सजाया गया है। इसमें लेगरूम को काफी बड़ा किया गया है और हर सीट के लिए पर्सनल एंटरटेनमेंट स्क्रीन के साथ चार्जिंग पोर्ट दिए गए हैं। वाइट हाउस के स्टाफ द्वारा साझा की गई तस्वीरों में विमान के भीतर एक कॉन्फ्रेंस रूम, सोफा सीटिंग और अमेरिकी स्मारकों की तस्वीरों से सजी दीवारें दिखाई दी हैं।

36 साल पुराने विमानों से काफी बड़ा और आधुनिक

यह नया विमान उन पुराने बोइंग विमानों की तुलना में एक बहुत बड़ा अपग्रेड है जो पिछले 36 वर्षों से एयर फोर्स वन के रूप में सेवाएं दे रहे थे। नया बोइंग 747-8 विमान पिछले 747 विमान की तुलना में लगभग 20 फीट अधिक लंबा है और इसका विंगस्पैन भी करीब 30 फीट अधिक चौड़ा है। इस विमान के बाहरी हिस्से पर नीले, लाल, सुनहरे और सफेद रंग का पेंट स्कीम किया गया है। रिपोर्ट का दावा है कि इस कलर कंबिनेशन का चयन खुद डोनाल्ड ट्रंप ने किया था।

नॉर्थ डकोटा के लिए भरी पहली उड़ान, परिवार भी रहा साथ

इस नए जहाज ने डोनाल्ड ट्रंप को व्हाइट हाउस से नॉर्थ डकोटा पहुंचाया। ट्रंप यहां थियोडोर रूजवेल्ट प्रेसिडेंशियल लाइब्रेरी के उद्घाटन के लिए गए थे। अपनी इस पहली यात्रा पर निकलने से पहले ट्रंप ने विमान की जमकर तारीफ की और इसे अब तक का सबसे शानदार कमर्शियल प्लेन तक बता दिया। ट्रंप ने कहा कि देश को इस पर बहुत गर्व होना चाहिए, यह बेहद खूबसूरत है। इस यात्रा में ट्रंप के साथ उनके बेटे एरिक और डोनाल्ड ट्रंप जूनियर के साथ-साथ उनकी बहू बेटिना भी मौजूद थीं।

कतर के गिफ्ट पर उठे सवाल, ट्रंप ने दिया जवाब

डोनाल्ड ट्रंप द्वारा कतर से इस विमान को उपहार के रूप में स्वीकार किए जाने के बाद से ही यह विमान लगातार जांच और विवादों के घेरे में है। आलोचकों ने इस पूरे समझौते की नैतिकता और विमान की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। यात्रा पर रवाना होने से पहले डोनाल्ड ट्रंप ने इन सभी चिंताओं को खारिज कर दिया। ट्रंप ने आलोचकों को जवाब देते हुए कहा कि यह विमान एक ऐसे देश (कतर) से आया है जिसने हमारे साथ बहुत अच्छा व्यवहार किया है।

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Trump Crypto Income: डोनाल्ड ट्रंप ने क्रिप्टो से कितनी कमाई की? फाइलिंग के बाद सामने आया एक साल का ये आंकड़ा होश उड़ा देगा

Donald Trump Income news: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सालाना वित्तीय जानकारी सामने आई है। आंकड़े ऐसे हैं जो आपको चौंकने पर मजबूर कर सकते हैं। बतौर अमेरिकी राष्ट्रपति अपने दूसरे कार्यकाल के पहले ही साल में ट्रंप ने क्रिप्टो और मीमकॉइन से जुड़े बिजनेस के जरिए कम से कम $1.4 बिलियन (1.4 अरब डॉलर) की बंपर कमाई की है। ‘ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स’ के अनुसार, क्रिप्टो से हुई यह कमाई राष्ट्रपति ट्रंप की आय का अब तक का सबसे बड़ा जरिया बनकर उभरी है। इसके बाद उनकी कुल नेटवर्थ बढ़कर $7.6 बिलियन (7.6 अरब डॉलर) पर पहुंच गई है।

927 पन्नों के दस्तावेज में क्रिप्टो से बंपर कमाई का खुलासा

हमारी सहयोगी वेबसाइट ‘सीएनबीसी टीवी 18’ की एक रिपोर्ट में एजेंसियों के इनपुट के हवाले से बताया गया है कि ट्रंप की वित्तीय जानकारी के 927 पन्नों के आधिकारिक दस्तावेज सामने आए हैं। इससे पता चलता है कि डॉनल्ड ट्रंप की इस अरबों डॉलर की कमाई के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े क्रिप्टो सोर्स रहे हैं।

1- वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल: इस क्रिप्टो फर्म की सेल्स से ट्रंप ने $594 मिलियन (59.4 करोड़ डॉलर) से अधिक की कमाई की है। इस फर्म के को-फाउंडर्स में ट्रंप के बेटे और उनके विशेष दूत स्टीव विटकॉफ शामिल हैं। विटकॉफ के बेटे जैक इस फर्म के सीईओ हैं।

2- मीमकॉइन बिजनेस और रॉयल्टी: ट्रंप के मीमकॉइन बिजनेस सीआईसी डिजिटल एलएलसी (CIC Digital LLC) ने $636 मिलियन (63.6 करोड़ डॉलर) की भारी इनकम की है। यह पूरी कमाई सेलिब्रेशन कॉइन्स के साथ हुए एक लाइसेंस समझौते से मिली रॉयल्टी के जरिए हुई है। सीआईसी ने डिजिटल वॉलेट में कम से कम $60 मिलियन (6 करोड़ डॉलर) मूल्य की विभिन्न क्रिप्टोकरेंसी रखने का भी खुलासा किया है।

3- स्टेबलकॉइन होल्डको: इस कंपनी की हिस्सेदारी बेचने से अमेरिकी राष्ट्रपति को $197 मिलियन (19.7 करोड़ डॉलर) की मोटी रकम हासिल हुई है।

गोल्फ क्लब और मार-ए-लागो रिसॉर्ट से भी करोड़ों की आय

क्रिप्टो के अलावा डोनाल्ड ट्रंप के पारंपरिक बिजनेस और संपत्तियों से भी अच्छी खासी कमाई हुई है। ट्रंप के प्रसिद्ध ‘मार-ए-लागो’ रिसॉर्ट से उन्हें $77 मिलियन (7.7 करोड़ डॉलर) की आय हुई है। उनके नॉर्दर्न वर्जीनिया गोल्फ क्लब से $25 मिलियन (2.5 करोड़ डॉलर) की कमाई दर्ज की गई है।

एक साल में दोगुने हुए व्यक्तिगत निवेश, आलोचकों ने उठाए सवाल

वित्तीय फाइलिंग के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2025 के अंत तक ट्रंप द्वारा किए गए व्यक्तिगत निवेशों की संख्या बढ़कर 6181 हो गई है। साल 2024 के अंत में यह संख्या 3314 थी। यानी निवेश की संख्या करीब दोगुनी हो चुकी है। निवेशों में आए इस भारी उछाल के बाद आलोचकों और विरोधियों ने एक बार फिर चिंता जताना शुरू कर दिया है। आलोचकों का आरोप है कि ट्रंप राष्ट्रपति पद का फायदा उठाकर मुनाफा कमा रहे हैं और अपने राष्ट्रपति पद के दायित्वों तथा वित्तीय हितों को आपस में मिला रहे हैं।

ट्रंप ऑर्गेनाइजेशन की सफाई: थर्ड-पार्टी संभाल रही है सारा काम

आलोचनाओं के बीच ट्रंप ऑर्गेनाइजेशन की तरफ से इस पर सफाई दी गई है। कंपनी का कहना है कि ट्रंप की होल्डिंग्स और निवेश का प्रबंधन अब पूरी तरह से स्वतंत्र रूप से थर्ड-पार्टी वित्तीय संस्थानों द्वारा किया जा रहा है। सभी निवेश संबंधी फैसले उन्हीं संस्थानों के पास सुरक्षित हैं। ट्रेडिंग पूरी तरह से एक ऑटोमेटेड प्रक्रिया के तहत की जा रही है। ट्रंप ऑर्गेनाइजेशन ने दावा किया है कि इन लेन-देन में न तो खुद डॉनल्ड ट्रंप न उनके परिवार का कोई सदस्य और न ही उनकी कंपनी की कोई भूमिका है।

ट्रंप पर करोड़ों डॉलर का कर्ज और अदालती हर्जाना भी बकाया

इस बंपर कमाई और अरबों की नेटवर्थ के बीच ट्रंप की फाइलिंग में कई बड़े बकाए कर्ज भी सूचीबद्ध किए गए हैं। इसमें लेखिका ई जीन कैरोल द्वारा उनके खिलाफ जीते गए यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़े दो अदालती फैसले शामिल हैं। इनका भुगतान होना बाकी है।

ट्रंप पर रियल एस्टेट से जुड़े तीन बड़े लोन भी बकाया हैं। इनमें ट्रंप टॉवर और ट्रंप नेशनल डोरल पर $50 मिलियन (5 करोड़ डॉलर) से अधिक की रकम के मॉर्टगेज शामिल हैं। ट्रंप ने साल 2025 में ऐसे तीन मॉर्टगेज लोन पूरी तरह चुका दिए हैं, जिनकी वैल्यू कभी $50 मिलियन (5 करोड़ डॉलर) से अधिक हुआ करती थी।

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जल्द भारत आने वाले है ट्रंप! अमेरिकी विदेश मंत्री का बड़ा ऐलान, फाइनल स्टेज में है ‘ट्रेड डील’

India-US Relations: भारत और अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों को लेकर एक बड़ा पॉजिटिव अपडेट आया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संकेत दिए हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले साल की शुरुआत में भारत का दौरा कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच लंबे समय से लंबित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर भी बातचीत अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।

समाचार एजेंसी ‘आईएएनएस’ से बातचीत के दौरान मार्को रुबियो ने कहा कि भारत और अमेरिका के रिश्ते बेहद शानदार चल रहे हैं। ट्रंप के संभावित भारत दौरे पर उन्होंने कहा, ‘हम इसी दिशा में काम कर रहे हैं कि अगले साल की शुरुआत में राष्ट्रपति ट्रंप भारत आएं। भारत और अमेरिका बेहद करीबी पार्टनर और सहयोगी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच के रिश्ते इससे बेहतर नहीं हो सकते, जो कूटनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हैं।’

राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रंप का पहला भारत दौरा!

अगर यह दौरा तय समय पर होता है, तो व्हाइट हाउस में दूसरी बार सत्ता संभालने के बाद डोनाल्ड ट्रंप की यह पहली भारत यात्रा होगी। इससे पहले ट्रंप फरवरी 2020 में भारत आए थे। हाल ही में पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच फ्रांस के एवियन में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के इतर एक द्विपक्षीय बैठक हुई थी, जो पिछले 16 महीनों में दोनों नेताओं की पहली आमने-सामने की मुलाकात थी।

इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने 12-13 फरवरी 2025 को राष्ट्रपति ट्रंप के निमंत्रण पर अमेरिका का दौरा किया था। ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के उद्घाटन के बाद पीएम मोदी की वह पहली अमेरिकी यात्रा थी, जिसमें व्यापार, रक्षा, तकनीक, ऊर्जा और रणनीतिक सहयोग पर व्यापक चर्चा हुई थी।

ट्रेड डील पर कहां फंसा है पेंच?

दोनों देशों के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर बातचीत अंतिम दौर में है, लेकिन भारतीय वार्ताकार कुछ शर्तों पर पूरी स्पष्टता चाहते हैं:

धारा 301 टैरिफ: भारत ने अमेरिकी व्यापार अधिनियम 1974 की धारा 301 के तहत लगाए जाने वाले टैरिफ पर अधिक स्पष्टता मांगी है। भारतीय पक्ष का तर्क है कि डील फाइनल होने से पहले भारत को अन्य व्यापारिक साझेदारों के मुकाबले प्रतिस्पर्धी बढ़त मिलनी चाहिए।

अमेरिकी ट्रेजरी का रुख: अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने स्पष्ट किया है कि ये टैरिफ धारा 301 के तहत पिछले स्तरों पर वापस आ जाएंगे।

हाल के महीनों में क्यों बढ़ा था तनाव?

पिछले कुछ महीनों में दोनों देशों के व्यापारिक और कूटनीतिक रिश्तों में कुछ खटास देखी गई थी, जिसे सुधारने के लिए विदेश मंत्री मार्को रुबियो क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के सिलसिले में भारत आए हुए हैं:

रूसी तेल और भारी टैरिफ: राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल में भारतीय आयातों पर कुल 50% का भारी टैरिफ लगा दिया था। इसमें 25% का पारस्परिक टैरिफ और भारत द्वारा रूस से लगातार तेल खरीदने के कारण लगाया गया 25% का अतिरिक्त जुर्माना शामिल था, जो 27 अगस्त 2025 से लागू हुआ था।

सुप्रीम कोर्ट का फैसला: हालांकि, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रंप के पारस्परिक टैरिफ को खारिज किए जाने के बाद, वर्तमान में भारतीय निर्यातों पर केवल 10% का बेसलाइन टैरिफ लग रहा है, जबकि वाशिंगटन अपनी व्यापार नीतियों की समीक्षा कर रहा है।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर भी हैं वैचारिक मतभेद

व्यापार के अलावा दोनों देशों के बीच एक अन्य कूटनीतिक मतभेद भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सीजफायर को लेकर भी है। राष्ट्रपति ट्रंप ने बार-बार दावा किया है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान उन्होंने ही भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम कराया था।

हालांकि, भारत ने ट्रंप के इस दावे को हमेशा सिरे से खारिज किया है। भारत का स्पष्ट स्टैंड है कि यह सीजफायर दोनों देशों के बीच बिना किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता के, सीधे डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) स्तर की बातचीत के जरिए हुआ था।