2 घंटे में ही 2500 से ज्यादा फ्लैट बुक! दशहरा पर DDA का 15 लाख वाला फ्लैट का ऑफर मचा रहा धूम, 25% डिस्काउंट संग सारी डिटेल जानिए

DDA Awas Nivesh Scheme: दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की आवास निवेश योजना 2026 को लोगों का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा। दिल्ली के उपराज्यपाल और डीडीए अध्यक्ष सरदार तरनजीत सिंह संधू के मार्गदर्शन में इस योजना की शुरुआत हुई है। योजना के तहत 20 अक्टूबर 2026 को ऑनलाइन बुकिंग शुरू होने के केवल दो घंटे के अंदर ही निम्न आय वर्ग (एलआईजी) के 2,500 से ज्यादा फ्लैट बुक हो गए। इतने कम समय में बड़ी संख्या में फ्लैट बुक होने से पता चलता है कि दिल्ली में किफायती और अच्छी सुविधाओं वाले घरों की मांग बनी हुई है। डीडीए की इस योजना को मिली प्रतिक्रिया से आम लोगों को सस्ते आवास उपलब्ध कराने की उसकी कोशिशों को भी मजबूती मिली है।

कहां पर मिल रहे कितने फ्लैट

दिल्ली के नरेला इलाके में घर खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए डीडीए ने किफायती आवास का मौका दिया। योजना के तहत सेक्टर जी2 से जी6 के पॉकेट 3 और पॉकेट 6 में कुल 2,516 एलआईजी फ्लैट उपलब्ध कराए गए। इन फ्लैटों की ऑनलाइन बुकिंग 20 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12 बजे से ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर शुरू हुई। खास बात यह है कि फ्लैटों की कीमत पर 25 प्रतिशत की छूट दी जा रही है और इनकी शुरुआती कीमत करीब 14.95 लाख रुपये रखी गई है। उपलब्ध फ्लैटों में से 1,020 पॉकेट 3 और 1,496 पॉकेट 6 में हैं।

डीडीए आवास में को मिल रही अच्छी प्रतिक्रिया

डीडीए आवास निवेश योजना 2026 को मिली अच्छी प्रतिक्रिया को दिल्ली में लोगों को घर उपलब्ध कराने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। दिल्ली का नरेला इलाका तेजी से विकसित हो रहा है। डीडीए यहां सड़क, परिवहन और अन्य जरूरी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर काम कर रहा है। आने वाले समय में नरेला आवास, शिक्षा और खेल सुविधाओं के लिहाज से एक अहम केंद्र बन सकता है। डीडीए के मुताबिक, वह राजधानी में लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कम कीमत पर अच्छे घर उपलब्ध कराने और शहर को बेहतर तरीके से विकसित करने के लिए लगातार काम कर रहा है।

DDA Awas Nivesh scheme: डीडीए के 2516 फ्लैटों पर 25% का बंपर डिस्काउंट, 20 अक्टूबर से बुकिंग शुरू, जानें कीमत और बाकी डिटेल्स

DDA Awas Nivesh scheme: अगर आप घर खरीदने की योजना बना रहे हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है। दशहरे के मौके पर दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने आवास निवेश योजना 2026 की शुरुआत की है। इस योजना के तहत नरेला में लो इनकम ग्रुप (LIG) लोगों के लिए 2,516 फ्लैट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इन फ्लैटों की कीमत पर 25 फीसदी की छूट दी जाएगी। इन फ्लैट की शुरुआती कीमत 14.95 लाख रुपये रखी गई है। इस योजना का मकसद लोगों को कम कीमत पर दिल्ली में अपना घर खरीदने का मौका देना है। दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू के मार्गदर्शन में इस योजना को शुरू किया गया है। इस योजना का मकसद लोगों को सस्ते घर उपलब्ध कराना है। आइए जानते है इस योजना के बारे में सबकुछ

कब से शुरू होगी ऑनलाइन बुकिंग

दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) की आवास निवेश योजना 2026 के तहत फ्लैट खरीदने की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। इस योजना की शुरुआत 8 अक्टूबर 2026 को हुई थी और इसके लिए रजिस्ट्रेशन 14 अक्टूबर से शुरू हो चुका है। फ्लैटों की बुकिंग 20 अक्टूबर 2026 को दशहरे के दिन दोपहर 12 बजे से शुरू होगी। DDA की इस योजना के तहत फ्लैटों की बुकिंग ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर की जाएगी। इस योजना का लाभ लेने के इच्छुक लोग 31 जनवरी 2027 तक आवेदन और बुकिंग की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

नरेला में कहां मिलेंगे फ्लैट

DDA की इस योजना में सभी फ्लैट दिल्ली के नरेला इलाके के सेक्टर G2 से G6 के बीच पॉकेट 3 और पॉकेट 6 में स्थित हैं। कुल 2,516 फ्लैटों में से 1,020 पॉकेट 3 में और 1,496 पॉकेट 6 में उपलब्ध हैं। प्रत्येक फ्लैट का प्लिंथ एरिया करीब 49.90 वर्ग मीटर है, जिसमें साझा इस्तेमाल वाले हिस्से भी शामिल हैं। 25 फीसदी छूट के बाद पॉकेट 3 के फ्लैट की अनुमानित कीमत 15.01 लाख रुपये और पॉकेट 6 के फ्लैट की कीमत करीब 14.95 लाख रुपये रखी गई है।

कितना लगेगा रजिस्ट्रेशन फीस

DDA आवास निवेश योजना 2026 के लिए इच्छुक लोग डीडीए की आधिकारिक वेबसाइट https://eservices.dda.org.in पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और फ्लैट बुक कर सकते हैं। इस प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन रखा गया है, ताकि आवेदकों को आसानी हो और काम में पारदर्शिता बनी रहे। योजना के तहत एक फ्लैट बुक करने के लिए 1 लाख रुपये जमा करने होंगे। वहीं, पोर्टल पर पहली बार रजिस्ट्रेशन कराने वाले आवेदकों को 2,500 रुपये की फीस देनी होगी, जो वापस नहीं की जाएगी। जिन लोगों ने पहले ही DDA के आवास पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन करा लिया है, उन्हें दोबारा पंजीकरण करने की जरूरत नहीं है।

DDA आवास निवेश योजना 2026 के तहत फ्लैट बुक करने से पहले आवेदक DDA की वेबसाइट पर उपलब्ध ब्रोशर में जरूरी नियम और शर्तें पढ़ सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए टोल-फ्री नंबर 1800 110 332 पर संपर्क किया जा सकता है। इस योजना का उद्देश्य लोगों को सस्ते घर उपलब्ध कराना और नरेला के विकास को बढ़ावा देना है।

DDA का मास्टरप्लान: दिल्ली में बनेंगे 12 लाख नए घर, 600 किमी नई सड़कों के साथ UER-2 पर लगेगा विकास का पंख

Delhi Master Plan: दिल्ली में घरों की बढ़ती मांग को पूरा करने और राजधानी के इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक स्वरूप देने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने अपनी बहुप्रतीक्षित लैंड पूलिंग पॉलिसी पर काम तेज कर दिया है। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के मार्गदर्शन में डीडीए ने दिल्ली के देहाती इलाकों और गांवों में महीनेभर का विशेष जागरूकता और संवाद अभियान शुरू किया है।

इस अभियान के तहत किसानों, स्थानीय जमीन मालिकों और हितधारकों को लैंड पूलिंग के विकास मॉडल, वित्तीय फायदों और इसमें शामिल होने की आसान प्रक्रिया से अवगत कराया जा रहा है।

200 वर्ग किमी में फैलेगा नया शहर, बनेंगे 12 लाख घर

डीडीए के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, लैंड पूलिंग नीति के तहत राजधानी के बाहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 200 वर्ग किलोमीटर का बड़ा भूखंड विकसित किया जाएगा।

इस नीति के जरिए लगभग 12 लाख नए सुनियोजित घर तैयार करने की योजना है। इससे न केवल मध्यम और निम्न आय वर्ग को किफायती मकान मिलेंगे, बल्कि अवैध कॉलोनियों के बनने पर भी स्थायी रोक लगेगी।

मुख्य बिंदु विस्तृत जानकारी
कुल विकास क्षेत्रलगभग 200 वर्ग किलोमीटर
प्रस्तावित नए घरकरीब 12 लाख रेजिडेंशियल यूनिट्स
सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर600 किमी से अधिक का नया रोड नेटवर्क
प्रमुख कॉरिडोरअर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (UER-II) के दोनों तरफ हाई डेंसिटी कॉरिडोर
विकास मॉडलटाउन प्लानिंग स्कीम्स (TPS) व पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप

इन्फ्रास्ट्रक्चर-फर्स्ट अप्रोच: 600 किमी से चौड़ी सड़कों का जाल

दिल्ली के मास्टर प्लान-2047 के तहत ‘इन्फ्रास्ट्रक्चर-फर्स्ट’ नीति अपनाई जा रही है। यानी पहले सड़कों, सीवर, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं का विकास होगा, उसके बाद ही आवासीय और व्यावसायिक सोसाइटियों का निर्माण शुरू किया जाएगा।

इस योजना में 600 किलोमीटर से अधिक अतिरिक्त सड़क नेटवर्क विकसित किया जाएगा। मुख्य फीडर और मुख्य सड़कों की राइट ऑफ वे (RoW) चौड़ाई 30 मीटर या उससे अधिक रखी जाएगी। कम से कम 20 हेक्टेयर जमीन एकत्र होने पर टाउन प्लानिंग स्कीम लागू कर निर्माण प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

UER-2 के किनारे बनेगा 250 मीटर चौड़ा हाई डेंसिटी कॉरिडोर

अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (UER-II) दिल्ली की तीसरी रिंग रोड के रूप में जानी जाती है। मास्टर प्लान-2047 के तहत UER-2 के दोनों तरफ 250 मीटर चौड़ा हाई डेंसिटी कॉरिडोर विकसित करने का प्रावधान किया गया है।

Delhi Paster Plan: UER-2 के किनारे बनेगा 250 मीटर चौड़ा हाई डेंसिटी कॉरिडोर अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (UER-II) का रूट मैप

400 तक FAR: इस कॉरिडोर के तहत उच्च फ्लोर एरिया रेशियो (FAR 400 तक) दिया जाएगा, जिससे गगनचुंबी इमारतें बनाई जा सकेंगी।

मल्टी-पर्पज यूज: यहां किफायती और प्रीमियम आवासों के साथ-साथ कमर्शियल सेंटर, लॉजिस्टिक्स हब, वेयरहाउसिंग और रोजगार सृजन वाले उद्योग स्थापित होंगे।

पहला नोटिफाइड सेक्टर: जोन P-II के अंतर्गत गढ़ी खसरो और इब्राहिमपुर गांव में स्थित सेक्टर 8B को इस मॉडल के कार्यान्वयन के लिए पहला तैयार सेक्टर अधिसूचित कर दिया गया है।

जमीन मालिकों को क्या होगा फायदा?

लैंड पूलिंग नीति में जमीन अधिग्रहण के बजाय साझेदारी मॉडल काम करता है। किसान या जमीन मालिक अपनी जमीन डीडीए को पूलिंग के लिए सौंपते हैं। डीडीए पूरी जमीन का टाउन प्लान तैयार कर सड़कों, पार्क और सार्वजनिक सुविधाओं का निर्माण करता है और कुल विकसित जमीन का एक बड़ा तय हिस्सा (लगभग 60%) विकसित प्लॉट के रूप में वापस मालिक को सौंप देता है।

इससे जमीन मालिकों की संपत्ति की बाजार कीमत कई गुना बढ़ जाती है और वे खुद बिल्डर या डेवलपर के साथ साझेदारी कर प्रोजेक्ट बना सकते हैं।

DDA Plans: डीडीए ने दिल्ली के 45 जेजे क्लस्टर्स के इन-सिटू पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू की, 1 लाख लोगों को मिलेगा फायदा

DDA Plans: राष्ट्रीय राजधानी में झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों में रहने वाले लोगों को बेहतर और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने की दिशा में दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने बड़ा कदम उठाया है। ‘दिल्ली मास्टर प्लान-2047’ के तहत DDA ने 45 JJ क्लस्टरों के इन-सिटू रिहैबिलिटेशन (उसी जगह पुनर्वास) की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए 15 परियोजनाओं की व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार करने के लिए तीन ट्रांजैक्शन एडवाइजर नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस पहल से करीब 21,229 परिवारों और एक लाख से अधिक लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

क्या है DDA की योजना?

दिल्ली के उपराज्यपाल (Delhi LG) सरदार तरनजीत सिंह संधू के मार्गदर्शन में DDA ने दिल्ली मास्टर प्लान-2047 में परिकल्पित In-Situ Rehabilitation (ISR) योजना को आगे बढ़ाने की शुरुआत की है। इसका उद्देश्य झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोगों को उनकी मौजूदा जगह या उसके आसपास ही बेहतर और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है। DDA ने इसके लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) जारी किया है। इसके तहत तीन ट्रांजेक्शन एडवाइजर्स(TA) नियुक्त किए जाएंगे। ये सलाहकार दिल्ली के 15 प्रोजेक्ट्स से जुड़े 45 JJ क्लस्टरों के लिए विस्तृत व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार करेंगे।

45 JJ क्लस्टरों में कितने परिवार?

DDA के मुताबिक, इन 15 परियोजनाओं में शामिल 45 JJ क्लस्टर करीब 135.74 एकड़ जमीन पर फैले हुए हैं। इनमें लगभग 21,229 परिवार रहते हैं। प्रस्तावित पुनर्वास योजना से एक लाख से ज्यादा लोगों को बेहतर आवास, नागरिक सुविधाएं और रहने की बेहतर परिस्थितियां मिलने की संभावना है।

ट्रांजेक्शन एडवाइजर्स क्या करेंगे?

नियुक्त किए जाने वाले ट्रांजेक्शन एडवाइजर्स सिर्फ जमीन और मकानों का आकलन नहीं करेंगे। बल्कि प्रत्येक परियोजना की पूरी व्यवहार्यता जांचेंगे। इसमें मुख्य रूप से:-

– कितने लोगों और परिवारों के पुनर्वास की जरूरत है

– जमीन पर विकास की कितनी संभावनाएं हैं

– सड़क, पानी, सीवर और अन्य बुनियादी ढांचे की जरूरत

– परियोजना की वित्तीय व्यवहार्यता

– पुनर्वास के लिए उपयुक्त मॉडल

– परियोजना को व्यवस्थित और टिकाऊ तरीके से लागू करने की योजना जैसे पहलुओं का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा।

17 लाख लोगों के पुनर्वास का लक्ष्य

दिल्ली मास्टर प्लान-2047 में दिल्ली के 650 से अधिक JJ क्लस्टरों में रहने वाले करीब 17 लाख लोगों के लिए सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। मौजूदा पहल को इसी बड़े लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। DDA के अनुसार, यह योजना प्रधानमंत्री के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के विजन के अनुरूप समावेशी शहरी विकास को बढ़ावा देने की दिशा में काम करेगी।

सिर्फ पुनर्वास नहीं, जमीन का भी बेहतर इस्तेमाल

इस योजना का उद्देश्य केवल झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोगों का पुनर्वास करना नहीं है। DDA के मुताबिक, इन-सिटू स्लम रिहैबिलिटेशन के जरिए झुग्गी बस्तियों की जमीन का योजनाबद्ध और बेहतर इस्तेमाल भी किया जा सकेगा। इससे एक तरफ मौजूदा निवासियों को बेहतर आवास और नागरिक सुविधाएं मिलेंगी, वहीं दूसरी तरफ बड़ी मात्रा में आवासीय और व्यावसायिक स्थान विकसित किया जा सकेगा। इससे दिल्ली की बढ़ती आबादी के लिए अतिरिक्त हाउसिंग स्टॉक और कमर्शियल स्पेस उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।

अब आगे क्या होगा?

पहले ट्रांजेक्शन एडवाइजर्स इन 15 परियोजनाओं की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेंगे। इन रिपोर्टों में तकनीकी और वित्तीय पहलुओं का अध्ययन किया जाएगा। इसके आधार पर आगे परियोजनाओं की संरचना और क्रियान्वयन का मॉडल तैयार किया जाएगा। DDA का कहना है कि यह प्रक्रिया व्यवस्थित, पारदर्शी और टिकाऊ तरीके से JJ क्लस्टरों के पुनर्विकास का आधार तैयार करेगी। यह पहल दिल्ली में झुग्गी बस्तियों के पुनर्वास और समावेशी शहरी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है।

ये भी पढ़ें- PM Modi 25 years in office: 25 साल की सरकारी सेवा पर इस खास मंदिर में क्यों गए PM मोदी? खुद बताया प्रार्थना में क्या मांगा

DDA Housing Scheme: दिल्ली में सिर्फ ₹35 लाख में घर खरीदने का मौका! DDA ने निकाली 209 EWS फ्लैटों की स्कीम, जानिए कौन कर सकता है आवेदन

DDA Housing Scheme in Delhi: दिल्ली विकास प्राधिकरण यानी DDA ने राष्ट्रीय राजधानी में घर खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए एक नई स्कीम शुरू की है। ‘जनता आवास योजना फेज-2’ के तहत 209 EWS फ़्लैट्स के लिए आवेदन शुरू हो गए हैं। इन फ़्लैट्स की कीमत लगभग ₹34.86 लाख से 35.50 लाख रुपये के बीच है। हालांकि, बेस प्राइस के अलावा GST और दूसरे लागू होने वाले चार्ज भी लग सकते हैं। इसलिए, आवेदन करने से पहले कुल लागत और स्कीम की शर्तों को समझना जरूरी है। आइए जानते हैं कि यह योजना क्या है और इसकी शर्तें क्या हैं।

कहां मिलेंगे ये फ्लैट

DDA की यह योजना दिल्ली के रोहतक रोड इलाके में झाखिरा फ्लाईओवर के पास स्थित प्रगति-1 ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट से जुड़ी है। इस योजना के तहत EWS कैटेगरी के कुल 209 फ्लैट्स उपलब्ध कराए जा रहे हैं। फ्लैट लेने के इच्छुक लोगों को आवेदन करने से पहले लोकेशन और प्रोजेक्ट से जुड़ी जानकारी भी देख लेनी चाहिए।

फ्लैट की कीमत क्या है?

इन फ्लैट्स की कीमत लगभग ₹34.86 लाख से 35.50 लाख रुपये के बीच बताई जा रही है। यह कीमत फ्लैट के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है। इसके अलावा, GST और दूसरे लागू होने वाले चार्ज भी देने पड़ सकते हैं। इसलिए, खरीदारों को सिर्फ बेस प्राइस के आधार पर अपना बजट तय नहीं करना चाहिए कुल लागत का हिसाब लगाना जरूरी है।

कौन कर सकता है आवेदन

इस योजना में आवेदन के लिए आवेदक की उम्र कम से कम 18 साल होनी चाहिए। आवेदक का भारतीय नागरिक होना जरूरी है। योजना EWS कैटेगरी के लिए है, इसलिए परिवार की सालाना आय 10 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।आवेदन के लिए PAN कार्ड और अपने नाम का बैंक अकाउंट होना भी जरूरी है। इसके अलावा पात्रता से जुड़े जरूरी दस्तावेज और आय प्रमाण से संबंधित शर्तों को पूरा करना होगा।

आवेदन शुल्क कितना है?

इस DDA स्कीम के लिए आवेदन करने हेतु ₹2,500 का रजिस्ट्रेशन शुल्क आवश्यक है। यह शुल्क वापस नहीं किया जाएगा। इसलिए, आवेदन करने से पहले अपनी पात्रता और दस्तावेजों की जांच करना आवश्यक है।

कैसे होगा फ्लैट का आवंटन?

इन फ्लैट्स का आवंटन ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर नहीं होगा। योग्य आवेदकों के बीच कंप्यूटराइज्ड ड्रॉ के जरिए फ्लैट का आवंटन किया जाएगा। इसका मतलब है कि आवेदन करने मात्र से फ्लैट मिलना तय नहीं है। पात्र आवेदकों में से ड्रॉ के जरिए चयन किया जाएगा।

आय प्रमाणपत्र की तारीख भी जरूरी

आवेदकों को आय और EWS स्टेटस से जुड़े दस्तावेजों की तारीखों पर भी ध्यान देना चाहिए। इस स्कीम के तहत, आय या EWS सर्टिफिकेट 7 दिसंबर, 2026 को या उससे पहले जारी किया गया होना चाहिए। इसलिए, पुराने या गलत तारीख वाले दस्तावेज़ों के साथ आवेदन करने से पहले स्कीम की शर्तों और नियमों को ध्यान से पढ़ना जरूरी है।

आवेदन से पहले इन बातों का रखें ध्यान

अगर आप इस स्कीम के तहत अप्लाई करने के बारे में सोच रहे हैं, तो सिर्फ फ्लैट की कीमत के आधार पर ही फैसला न करें। सबसे पहले GST और दूसरे लागू होने वाले चार्ज समेत कुल लागत को समझें। इसके अलावा, सालाना पारिवारिक आय, उम्र, PAN, बैंक अकाउंट की जानकारी और EWS कैटेगरी से जुड़े डॉक्युमेंट्स के मामले में अपनी पात्रता (eligibility) की जांच कर लें।

ये भी पढ़ें- Who is Dhanraj Nathwani: कौन हैं धनराज परिमल नाथवानी? सपा ने राज्यसभा के लिए बनाया उम्मीदवार, पिता भी हैं सांसद

DDA ने अप्लाई करने की प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया है। इच्छुक आवेदक DDA की ऑफिशियल वेबसाइट और संबंधित ई-सर्विसेज के जरिए स्कीम के बारे में पूरी जानकारी पा सकते हैं और अपना एप्लीकेशन जमा कर सकते हैं। अप्लाई करने से पहले नियम और शर्तें पढ़ना जरूरी है, क्योंकि पात्रता की शर्तों को पूरा न करने या जरूरी डॉक्युमेंट्स न होने पर आपके एप्लीकेशन पर बुरा असर पड़ सकता है।

(दिल्ली से शुभांगी तिवारी की रिपोर्ट)

अब घर बैठे चेक करें अपनी जमीन और मकान का लैंड यूज! DDA ने लॉन्च किया GIS-आधारित डिजिटल मैप

Land use of House in Delhi: राजधानी दिल्ली के लोगों के लिए जमीन और प्रॉपर्टी से जुड़ी जानकारी हासिल करना अब पहले के मुकाबले काफी आसान हो गया है। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने ‘मास्टर प्लान फॉर दिल्ली-2047 (MPD-2047)’ के तहत तैयार लैंड यूज प्लान (Land Use Plan) को GIS आधारित इंटरएक्टिव डिजिटल मैप के रूप में उपलब्ध कराया है। इसके जरिए लोग घर बैठे किसी इलाके, जमीन या प्रॉपर्टी का निर्धारित लैंड यूज ऑनलाइन देख सकेंगे।

यह पहल दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू के निर्देश पर सेवाओं को अधिक नागरिक-केंद्रित बनाने के उद्देश्य से की गई है। अब सामान्य लैंड यूज संबंधी जानकारी के लिए लोगों को संबंधित सरकारी या स्थानीय निकाय कार्यालयों के चक्कर लगाने अथवा किसी तीसरे पक्ष पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होगी।

प्लॉट लेवल तक देख सकेंगे जमीन का Land Use

DDA की ओर से उपलब्ध कराए गए इस डिजिटल मैप में यूजर किसी खास इलाके, लोकेशन या प्रॉपर्टी को सर्च कर सकता है। मैप पर धीरे-धीरे Zoom करते हुए प्लॉट लेवल तक पहुंचा जा सकता है। इसके बाद संबंधित जमीन का निर्धारित Land Use देखा जा सकता है। पारंपरिक 2D नक्शों के मुकाबले यह डिजिटल मैप अधिक डिटेल्स और लोकेशन-स्पेसिफिक जानकारी उपलब्ध कराता है। इससे किसी प्रॉपर्टी के आसपास की जमीन का Land Use भी समझने में मदद मिलेगी।

9 प्रमुख Land Use कैटेगरी

DDA के इस लैंड यूज प्लान में दिल्ली की जमीन को नौ प्रमुख कैटेगरी में दिखाया गया है। इनमें शामिल हैं:-

  • Residential (आवासीय)
  • Commercial (व्यावसायिक)
  • Industrial (औद्योगिक)
  • Recreation (मनोरंजन)
  • Transport (परिवहन)
  • Utility (उपयोगिता सेवाएं)
  • Government (सरकारी)
  • Public and Semi-Public Facilities (सार्वजनिक एवं अर्ध-सार्वजनिक सुविधाएं)

    Agriculture & Water Body (कृषि एवं जल निकाय)

इन सभी कैटेगरी के लिए अलग-अलग कलर कोडिंग की गई है। इससे नक्शे पर किसी जमीन का निर्धारित उपयोग आसानी से पहचाना जा सकता है।

लैंड पूलिंग और TOD Zone की भी मिलेगी जानकारी

इस इंटरएक्टिव मैप में सिर्फ लैंड यूज की जानकारी ही नहीं, बल्कि कई अन्य महत्वपूर्ण प्लानिंग लेयर्स भी जोड़ी गई हैं। इनमें लैंड पूलिंग एरिया (Land Pooling Areas) और ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) जोन प्रमुख हैं। इसके अलावा डिजिटल मैप पर द्वारका सब-सिटी, रोहिणी प्रोजेक्ट लेआउट, PM-UDAY कॉलोनियां, DDA के पार्क और अन्य महत्वपूर्ण थीमैटिक लेयर्स भी उपलब्ध हैं।

MPD-2047 लेयर के जरिए दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में प्रस्तावित लैंड यूज को देखा जा सकता है। जबकि लैंड पूलिंग और TOD लेयर से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि कौन से इलाके इन प्लानिंग फ्रेमवर्क के अंतर्गत आते हैं या प्रस्तावित हैं।

मैप पर जमीन की लंबाई-चौड़ाई भी माप सकेंगे

डिजिटल मैप में यूजर्स के लिए मेजरमेंट (Measurement) और ड्राइंग/स्केचिंग टूल्स भी उपलब्ध कराए गए हैं। इनके जरिए किसी सड़क या प्लॉट की लंबाई, चौड़ाई अथवा दो स्थानों के बीच की दूरी को मैप पर मापा जा सकता है। यूजर अपनी जरूरत के अनुसार मैप पर मार्किंग या स्केच भी कर सकता है। यह सुविधा व्यक्तिगत संदर्भ, प्रारंभिक विश्लेषण और प्लानिंग के लिए उपयोगी हो सकती है।

लैंड यूज प्लान में समय के साथ किया जाएगा अपडेट

DDA के मुताबिक GIS आधारित लैंड यूज प्लान को इस तरह तैयार किया गया है कि नए डेटा उपलब्ध होने के साथ इसमें लगातार अपडेट किया जा सके। इससे दिल्ली में जमीन के इस्तेमाल और शहरी नियोजन से जुड़ी जानकारी को अधिक अपडेटेड और प्रासंगिक बनाए रखने में मदद मिलेगी। इससे दिल्ली के बदलते शहरी स्वरूप के अनुसार प्लानिंग व्यवस्था को अधिक प्रभावी तरीके से अपडेट करने में भी सहायता मिलेगी।

सरकारी एजेंसियों को भी फायदा

एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लैंड प्लान यूज से सिर्फ आम नागरिक ही नहीं, बल्कि शहरी योजनाकारों, आर्किटेक्ट्स, इंफ्रास्ट्रक्चर विशेषज्ञों, सरकारी विभागों और अन्य हितधारकों को भी फायदा होगा। इस जानकारी का इस्तेमाल शुरुआती प्लानिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और विकास से जुड़े आकलन में किया जा सकेगा। DDA का मानना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, योजना संबंधी जानकारी तक पहुंच आसान होगी।

कैसे देख सकेंगे Land Use Plan?

DDA का GIS आधारित इंटरएक्टिव लैंड यूज प्लान उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर ‘Master Plan for Delhi-2047’ सेक्शन में उपलब्ध है। यहां जाकर यूजर किसी इलाके, लोकेशन या प्रॉपर्टी को सर्च कर सकता है और डिजिटल मैप पर उसका निर्धारित Land Use देख सकता है।

ये भी पढ़ें- UP के रेस्टोरेंट, होटल और कैफे में हुक्का पर बैन, इलाहाबाद हाई कोर्ट बोला- ‘स्मोकिंग एरिया में भी Hookah Bars नहीं चल सकते’

DDA के मुताबिक इस पहल से दिल्ली के लोगों को जमीन के इस्तेमाल से जुड़ी बुनियादी जानकारी आसानी से उपलब्ध होगी, नियमित जानकारी के लिए सरकारी कार्यालयों के भौतिक दौरे की जरूरत कम होगी और दिल्ली में अधिक पारदर्शी, सूचित और तकनीक आधारित शहरी नियोजन व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।

DDA का रक्षाबंधन पर बड़ा तोहफा! नरेला में 1,287 HIG और MIG फ्लैट्स पर 25% डिस्काउंट, 28 अगस्त से बुकिंग शुरू

दिल्ली में घर खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने एक बड़ी खुशखबरी दी है। रक्षाबंधन के मौके पर DDA ने नागरिक आवास योजना 2026 में बदलाव करते हुए नरेला में 1,287 और नए फ्लैट जोड़े हैं। इन घरों की कीमत पर 25 फीसदी की छूट दी जाएगी। रक्षा बंधन से पहले की गई इस घोषणा से कम कीमत में घर खरीदने की योजना बना रहे लोगों को फायदा मिल सकता है। फ्लैट खरीदने के इच्छुक लोग 28 अगस्त 2026 से बुकिंग कर सकेंगे। आइए जानते है डीडीए की इस योजना के बारे में

डीडीए ने जोड़े 1,287 फ्लैट

DDA ने 18 अगस्त 2026 को एक सर्कुलर जारी कर ये जानकारी दी है। इस सर्कुलर में नरेला के सेक्टर A1-A4 के पॉकेट 3 और 4 में 1,287 फ्लैट जोड़ने की बात कही गई है। अथॉरिटी ने इन फ्लैटों की पूरी जानकारी के साथ उनकी छूट वाली कीमतों की लिस्ट भी जारी कर दी है। DDA की इस नई सूची में नरेला के सेक्टर A1-A4 के पॉकेट 3 और 4 के फ्लैट शामिल किए गए हैं। इनमें कुल 1,287 घर हैं, जिनमें 790 फ्लैट मिडिल इनकम ग्रुप (MIG) के लिए और 497 फ्लैट हाई इनकम ग्रुप (HIG) के लिए रखे गए हैं। इससे अलग-अलग आय वर्ग के लोगों को घर खरीदने का ऑप्शन मिलेगा।

कब से कर सकेंगे बुकिंग

DDA के नए फ्लैटों की बुकिंग 28 अगस्त को दोपहर 12 बजे से शुरू होगी। इन फ्लैटों का आवंटन ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर किया जाएगा। यानी जो पात्र लोग बुकिंग प्रक्रिया सबसे पहले पूरी करेंगे, उन्हें फ्लैट मिलने में प्राथमिकता दी जाएगी। ऐसे में घर खरीदने के इच्छुक लोगों के लिए बुकिंग शुरू होते ही आवेदन करना फायदेमंद रहेगा।

25% की मिलेगी छूट

DDA ने नए फ्लैटों की पूरी जानकारी जारी कर दी है। इसमें फ्लैट की मंजिल, उसका आकार और 25 फीसदी छूट के बाद की कीमत बताई गई है। कई MIG फ्लैट 126 से 140 वर्ग मीटर के हैं, जिनकी छूट के बाद कीमत करीब 73.7 लाख से 81.8 लाख रुपये तक है। अथॉरिटी की जारी सूची में हर फ्लैट की छूट के बाद वाली कीमत अलग-अलग बताई गई है। इन फ्लैटों पर नागरिक आवास योजना 2026 के सभी नियम और शर्तें लागू होंगी।

8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग पर ये है 5 बड़े अपडेट! जानें कितनी बढ़ेगी सैलरी और कब लागू होगी नई पे-मैट्रिक्स

ऐतिहासिक रोशनआरा क्लब की लाइफटाइम मेंबरशिप खोलने जा रहा DDA, जानिए कितनी है इसकी फीस और कौन-कैसे कर सकता है अप्लाई

DDA Roshanara Club Lifetime Membership: दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के निर्देशों पर दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ऐतिहासिक डीडीए रोशनआरा क्लब की लाइफटाइम मेंबरशिप खोलने जा रहा है। कुल 750 सीटों के लिए यह मेंबरशिप स्कीम शुरू की जा रही है, जिसके जरिए दिल्लीवासियों को इस ऐतिहासिक क्लब की वर्ल्ड क्लास स्पोर्ट्स, फिटनेस और रिक्रिएशनल सुविधाओं का फायदा उठाने का मौका मिलेगा।

अगर आप भी 100 साल से ज्यादा पुराने और भारतीय क्रिकेट के इतिहास से जुड़े इस क्लब का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो जानिए फीस, योग्यता और ऑनलाइन आवेदन की पूरी प्रक्रिया।

मेंबरशिप कैटेगरी और फीस स्ट्रक्चर

डीडीए की ओर से कुल 750 लाइफटाइम मेंबरशिप दो अलग-अलग श्रेणियों में दी जा रही हैं:

नॉन-गवर्नमेंट कैटेगरी: आम नागरिकों और प्राइवेट सेक्टर के लोगों के लिए कुल 400 सीटें रखी गई हैं। इसके लिए मेंबरशिप चार्ज ₹12.50 लाख + GST तय किया गया है।

गवर्नमेंट / पीएसयू कैटेगरी: सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए 350 सीटें रिजर्व हैं। इसकी फीस ₹4 लाख + GST है।

कब से शुरू होंगे आवेदन और कैसे करें अप्लाई?

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 28 अगस्त 2026 की रात 12:00 बजे से शुरू होगी।आवेदक 27 अक्टूबर 2026 (रात 11:59 बजे) तक अपना फॉर्म और फीस जमा कर सकते हैं। इच्छुक लोग केवल डीडीए के आधिकारिक पोर्टल के जरिए ही अप्लाई कर सकते हैं।

आधिकारिक लिंक: [https://online.dda.org.in/golfcourse/RoshanaraClub/RoshanaraClubHome.aspx](https://online.dda.org.in/golfcourse/RoshanaraClub/RoshanaraClubHome.aspx)

क्लब में मिलेंगी कौन-कौन सी स्पोर्ट्स सुविधाएं?

22 एकड़ में फैले हरे-भरे रोशनआरा क्लब में सदस्यों को इन खेलों और फिटनेस गतिविधियों की सुविधा मिलेगी:

आउटडोर व इनडोर गेम्स: मेन क्रिकेट पिच और प्रैक्टिस पिच, टेनिस, स्क्वॉश, बास्केटबॉल, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, पिकलबॉल, बिलियर्ड्स और कार्ड रूम।

फिटनेस व स्विमिंग: स्विमिंग पूल, बच्चों के लिए टॉडलर पूल, मल्टी-जिम, फिटनेस सेंटर और योग क्लासेस।

कोचिंग फैसिलिटी: उभरते खिलाड़ियों के लिए योग्य कोचों द्वारा कोचिंग की सुविधा भी दी जाएगी। साथ ही क्रिकेट ग्राउंड को टूर्नामेंट्स और कॉरपोरेट इवेंट्स के लिए भी बुक किया जा सकेगा।

सोशल और क्लब हाउस सुविधाएं

स्पोर्ट्स के अलावा क्लब हाउस में सदस्यों के मनोरंजन और सोशल गैदरिंग के लिए ये सुविधाएं होंगी:

  • लाउंज, रेस्टोरेंट, कैफे और डाइनिंग एरिया
  • बार और बैंक्वेट सुविधाएं
  • किड्स जोन

क्या है रोशनआरा क्लब का इतिहास?

22 एकड़ का ऐतिहासिक परिसर और 100 साल से भी पुराना यह क्लब भारतीय क्रिकेट के शुरुआती इतिहास से जुड़ा हुआ है। इस क्लब को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के जन्मस्थान के रूप में जाना जाता है। डीडीए ने 29 सितंबर 2023 को इस ऐतिहासिक क्लब का आधिकारिक रूप से अधिग्रहण कर लिया था।

DDA रोशनआरा क्लब मेंबरशिप डिटेल्स

कुल उपलब्ध मेंबरशिप: 750

आम नागरिक फीस: ₹12.50 लाख + GST (400 सीटें)

सरकारी कर्मचारी फीस: ₹4.00 लाख + GST (350 सीटें)

रजिस्ट्रेशन शुरू होने की तिथि: 28 अगस्त 2026

रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि: 27 अक्टूबर 2026

क्लब का कुल क्षेत्रफल: 22 एकड़

दिल्ली के उपराज्यपाल के ‘ईज ऑफ लिविंग’ और एक्टिव लाइफस्टाइल को बढ़ावा देने के विजन के तहत यह कदम उठाया गया है। दिल्ली के 18 स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और 3 गोल्फ कोर्स चलाने वाला DDA अब खेल प्रेमियों को देश के सबसे पुराने और ऐतिहासिक क्लबों में से एक का हिस्सा बनने का यह सुनहरा मौका दे रहा है।

Delhi Master Plan 2047: दिल्ली के इन इलाकों में बदल जाएगी तस्वीर, 200 वर्ग किमी में नया शहर बसाने की तैयारी

दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) मास्टर प्लान दिल्ली-2047 (MPD-2047) के तहत राजधानी के बाहरी इलाकों के विकास को लेकर बड़ा प्लान तैयार किया गया है। MPD-2047 के तहत दिल्ली के बाहरी इलाकों में करीब 200 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को विकसित करने की योजना है। लैंड पूलिंग के जरिए यहां व्यवस्थित तरीके से विकास किया जाएगा। इस इलाके में करीब 600 किलोमीटर लंबी नई सड़कें बनाने की योजना है। 30 मीटर या उससे ज्यादा चौड़ी सड़कों को दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) विकसित करेगा। यह योजना विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है।

जानें इस विकास मॉडल के बारे में

अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (UER-II) के आसपास घने और मिश्रित तरीके से विकास को बढ़ावा देने की योजना है। यहां सस्ते घरों के साथ दुकानों, दफ्तरों, संस्थानों, लॉजिस्टिक्स और गोदामों जैसी सुविधाओं को विकसित किया जा सकेगा। MPD-2047 में अलग-अलग विकास मॉडल रखे गए हैं, जिससे जरूरत के अनुसार इलाकों को विकसित किया जा सकेगा।

MPD-2047 के जरिए होगा विकास

दिल्ली-2047 मास्टर प्लान के तहत राजधानी के बाहरी इलाकों में विकास को गति देने की तैयारी है। इसके लिए करीब 200 वर्ग किलोमीटर के अर्बन एक्सटेंशन क्षेत्र में लैंड पूलिंग व्यवस्था को मजबूत किया गया है। योजना का उद्देश्य इन क्षेत्रों में सड़क और दूसरी जरूरी सुविधाओं के साथ व्यवस्थित विकास करना है। इसके तहत करीब 600 किलोमीटर का नया सड़क नेटवर्क तैयार करने की योजना है, जिससे लैंड पूलिंग वाले इलाकों में बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी। MPD-2047 में जमीन मालिकों की सुविधा के लिए अलग-अलग विकास मॉडल हैं। इससे जमीन के मालिक अपनी सुविधा के अनुसार योजना में शामिल हो सकेंगे और इलाकों में जरूरी सुविधाएं समय पर तैयार करने में मदद मिलेगी। वहीं, DDA सड़क, परिवहन और अन्य जरूरी सुविधाएं विकसित करेगा।

बेहतर आवास के साथ मिलेगी अच्छी सुविधा

MPD-2047 में शहर के विकास को पहले से ज्यादा व्यवस्थित और सुविधाओं पर आधारित बनाने पर जोर दिया गया है। 30 मीटर या उससे ज्यादा चौड़ी सड़कों को DDA की ओर से विकसित किया जाएगा। नए शहरी क्षेत्रों में सिर्फ घर ही नहीं बनाए जाएंगे, बल्कि स्कूल, अस्पताल, पार्क, हरित क्षेत्र, बाजार और दूसरी जरूरी सार्वजनिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इसका उद्देश्य लोगों को बेहतर आवास के साथ अच्छी और सुविधाजनक जीवनशैली देना है।

20 हेक्टेयर जमीन की जरूरत

दिल्ली के बाहरी इलाकों में निजी जमीन को योजनाबद्ध तरीके से विकसित करने के लिए 2018 में लैंड पूलिंग पॉलिसी शुरू की गई थी। इसमें जमीन मालिक अपनी इच्छा से योजना में शामिल हो सकते हैं और DDA की भूमिका एक मददगार संस्था के तौर पर रहती है। अब MPD-2047 के तहत इस व्यवस्था को और आसान बनाने की तैयारी है। जमीन मालिक कंसोर्टियम के जरिए जमीन को एक साथ लाकर विकास कर सकते हैं। इसके अलावा टाउन प्लानिंग जैसे विकल्प भी दिए गए हैं, जिसमें कम से कम 20 हेक्टेयर जमीन की जरूरत होगी।

नए इलाकों में घरों को किया जाएगा विकसित

MPD-2047 के तहत नए इलाकों में घरों के साथ लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने वाली सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। सड़क की चौड़ाई के अनुसार रिहायशी क्षेत्रों में दुकान, छोटे कारोबार और दूसरी सेवाओं की अनुमति दी जा सकेगी। वहीं, UER-II के आसपास सस्ते घरों के साथ बाजार, संस्थान, लॉजिस्टिक्स और गोदाम बनाने की योजना है। इससे इन क्षेत्रों में रोजगार और कारोबार के नए अवसर मिलने की उम्मीद है।

जुलाई 2026 तक मिले इतने आवेदन

लैंड पूलिंग पॉलिसी को तेजी से लागू करने के लिए दिल्ली डेवलपमेंट एक्ट, 1957 में जरूरी बदलाव किए जाएंगे। यह योजना छह प्लानिंग जोन K-I, L, N, P-II, P-I का हिस्सा और J के 105 गांवों में लागू है, जिन्हें 138 सेक्टर में बांटा गया है। जुलाई 2026 तक इस योजना के तहत 7,615 से ज्यादा आवेदन मिल चुके थे और 7,885 हेक्टेयर से अधिक जमीन पूल की जा चुकी थी। 16 सेक्टर में तय लक्ष्य के 70 फीसदी से ज्यादा जमीन इकट्ठा हो चुकी है, जिसके बाद DDA ने वहां कंसोर्टियम बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

प्लानिंग जोन P-II का सेक्टर 8B लैंड पूलिंग योजना में आगे बढ़ने वाला पहला सेक्टर बन गया है। गाड़ी खसरो और इब्राहिम पुर गांवों में आने वाले इस सेक्टर में 70 फीसदी से ज्यादा जमीन एक साथ पूल हो चुकी है, इसलिए अब यहां विकास कार्य शुरू किए जा सकते हैं। इसके अलावा आठ अन्य सेक्टरों के जमीन मालिकों ने भी DDA को कंसोर्टियम बनाने की जानकारी दी है, जिससे योजना को जमीन पर लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।

MPD-2047 के तहत लैंड पूलिंग के जरिए दिल्ली के बाहरी इलाकों को बेहतर तरीके से विकसित करने की योजना है। इन क्षेत्रों में सड़क और दूसरी जरूरी सुविधाओं के साथ घर, रोजगार के अवसर, सार्वजनिक सुविधाएं और हरित क्षेत्र भी तैयार किए जाएंगे।

द्वारका में बनेगा दिल्ली का सबसे भव्य 5-Star होटल! 1000 करोड़ के इस प्रोजेक्ट से मिलेंगी 800 नौकरियां

DDA Plan: दिल्ली के द्वारका सब-सिटी को एक इकॉनमिक, कॉर्मर्शियल और इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन बनाने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने एक बड़ा कदम उठाया है। डीडीए और जुनिपर होटल्स लिमिटेड ने द्वारका के सेक्टर-23 में एक भव्य 5-स्टार होटल बनाने के लिए MoU किया है। इस प्रोजेक्ट में 1000 करोड़ रुपये से अधिक का कैपिटल इन्वेस्टमेंट होगा। होटल बनने और इसके चलने करीब 800 लोगों के लिए डायरेक्ट एंप्लॉयमेंट के मौके तैयार होंगे। यह होटल दिल्ली-एनसीआर में गुणवत्तापूर्ण 5-स्टार आवास की उपलब्धता को काफी मजबूत करेगा।

यह प्रोजेक्ट जुनिपर द्वारा लाइसेंस शुल्क के आधार पर क्रियान्वित की जाएगी। इसके लिए जल्द ही जमीन जुनिपर होटल्स लिमिटेड को सौंप दी जाएगी। इस होटल को 2030 तक ऑपरेशनल करने का टारगेट बनाया गया है। 55 वर्षों की लाइसेंस अवधि के दौरान इस होटल से डीडीए के लिए 6000 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व आने का अनुमान है।

गोल्फ कोर्स और यशोभूमि के पास प्राइम लोकेशन

जुनिपर होटल्स लिमिटेड, सराफ होटल्स और अंतरराष्ट्रीय हॉस्पिटैलिटी ब्रांड हयात के बीच एक रणनीतिक साझेदारी है। अभी यह भारत के प्रमुख स्थलों पर 245 सर्विस अपार्टमेंट्स सहित 1895 कमरों वाले सात होटलों का प्रबंधन करता है। कंपनी द्वारका में प्रस्तावित इस 5-स्टार होटल को हयात के साथ साझेदारी में अपने प्रीमियम ग्रैंड हयात ब्रांड के तहत विकसित और संचालित करेगी।

यह होटल देश के सबसे लंबे 18-होल वाले डीडीए द्वारका गोल्फ कोर्स के ठीक सामने स्थित होगा। इससे गोल्फ खिलाड़ियों और मेहमानों की विशेष जरूरतों को पूरा किया जा सकेगा। यह जगह क्षेत्रफल के हिसाब से भारत और एशिया के सबसे बड़े कन्वेंशन सेंटर यशोभूमि के बेहद करीब है। ये द्वारका स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स से भी नजदीकी दूरी पर होगा। इसके अलावा यह होटल ठीक सामने प्रस्तावित डिप्लोमैटिक एन्क्लेव के मेहमानों की जरूरतों को भी पूरा करेगा।

यह भी पढ़ें: Sukhbir Singh Badal Attacked: पंजाब के पूर्व डिप्टी CM सुखबीर सिंह बादल पर जानलेवा हमला, नांदेड़ गुरुद्वारे के पास निहंग ने किया अटैक