अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बेटों एरिक ट्रम्प और डोनाल्ड ट्रम्प जूनियर से जुड़े पॉवरस कंपनी पाकिस्तान में ड्रोन प्रोडक्शन यूनिट लगाने जा रही है। कंपनी ने आर्मी चीफ आसिम मुनीर के साथ मर्री में सीक्रेट मीटिंग की है। ड्रोन प्रोडक्शन के लिए हरीपुर, रावलपिंडी और तक्षशिला में तीन संभावित मिलिट्री साइट्स चुनी गई हैं। यहां आत्मघाती ड्रोन बनाए जाएंगे। 16 सितंबर को मुनीर और पॉवरस के बीच ड्रोन आयात का एमओयू हुआ था। सूत्रों के मुताबिक, प्रोडक्शन में पाक आर्मी की इंडस्ट्रियल यूनिट भी शामिल होगी। यूनिट की साइट फाइनल करने के लिए पाक टीम 15 अक्टूबर के बाद अमेरिका जाएगी। इसके बाद करार की बाकी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। पाकिस्तान आर्मी फिलहाल चीन और तुर्किये से ड्रोन सप्लाई ले रही है। तुर्किये ने भी पाकिस्तान में ड्रोन प्रोडक्शन का करार किया है। ट्रम्प के बेटों की निवेश कंपनी की 9.9% हिस्सेदारी अलजजीरा के मुताबिक, ट्रम्प जूनियर और एरिक ट्रम्प पॉवरस कंपनी में अमेरिकन वेंचर्स के जरिए निवेशक हैं। अमेरिकी रेगुलेटरी फाइलिंग के अनुसार, पॉवरस के प्रस्तावित मर्जर के बाद अमेरिकन वेंचर्स की कंपनी में 9.9% बेनिफिशियल हिस्सेदारी होने की उम्मीद है। ट्रम्प जूनियर के प्रवक्ता के मुताबिक, वह सिर्फ पैसिव निवेशक हैं और कंपनी के कामकाज या कॉन्ट्रैक्ट में उनकी कोई भूमिका नहीं है। पाकिस्तान से पहले भारत से भी पॉवरस का करार पॉवरस का पाकिस्तान से पहले भारत में भी करार हुआ था। 30 जून की फाइलिंग में पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीज ने बताया कि पॉवरस ने उसे भारत में गार्डियन-1 ड्रोन इंटरसेप्टर बनाने और बेचने का एक्सक्लूसिव लाइसेंस दिया है। यानी पॉवरस की ड्रोन तकनीक से भारत और पाकिस्तान दोनों जुड़े हैं। पाकिस्तान ने क्या समझौता किया है? पॉवरस के मुताबिक, पाकिस्तान के साथ हुआ एमओयू अंतिम समझौता नहीं है। इससे खरीदारी की बाध्यता नहीं बनती और यह अमेरिकी कानूनों और सरकार की मंजूरी के अधीन है। कंपनी ने पाकिस्तान में अपनी तकनीक बनाने के तरीकों पर काम करने की बात भी कही है। 16 सितंबर की बैठक में रक्षा खरीद, प्रोडक्शन और क्षमता बढ़ाने पर चर्चा हुई थी। एक्सपर्ट बोले- भारत के लिए खतरा, 4 सवालों में समझिए कैसे पाकिस्तान स्थित भारतीय दूतावास में काम कर चुके डिफेंस एक्सपर्ट अविनाश मोहनानी के मुताबिक पाकिस्तान में बनने वाले ये ड्रोन भारत की अंदरूनी सुरक्षा के लिए चुनौती हो सकते हैं। 1. ड्रोन यूनिट से हमें क्या खतरा? पाक को अमेरिका से मिलने वाले कई हथियार आईएसआई से होकर आतंकियों के पास जाते हैं। कश्मीर में ऐसे कई केस हैं जब यूएस मेड हथियार आतंकियों के कब्जे से बरामद हुए हैं। ये ड्रोन हमारी अंदरूनी सुरक्षा को चुनौती होंगे। 2. पाक में प्रोडक्शन क्यों? पहले पाक को अमेरिका से ड्रोन आयात करने थे, लेकिन अब प्रोडक्शन इसलिए क्योंकि ट्रम्प के बेटों की कंपनी इन्हें पाक के जरिए एशिया और अफ्रीका के उन देशों को भी बेच सकेगी जिन्हें अमेरिका सीधे हथियार नहीं देता है। 3. चीन की पाक को मंजूरी क्यों? चीन का पाक में सीपैक के रूप में बड़ा निवेश है। सीपैक सबसे अहम है, पर इसका फायदा नहीं मिल रहा है। बलूचिस्तान-खैबर में चीन खनन नहीं कर पा रहा है। ऐसे में मुनीर के कहने पर चीन ने पाक को इस डील की मंजूरी दी। 4. क्या पाक का रोल बढ़ेगा? ट्रम्प के दौर में अमेरिका का पाक के साथ कई क्षेत्रों में करार बढ़ा है। ईरान युद्ध में भी अमेरिका ने पाक को मध्यस्थ का रोल दिया था। ट्रम्प परिवार का पाक के क्रिप्टो करंसी बिजनेस में हाथ है। अमेरिका पाक के रोल को और बढ़ाने वाला है। ————————————- यह खबर भी पढ़ें… पाकिस्तानी PM की धमकी- पानी रोकना जंग जैसा:UN में शहबाज बोले- कश्मीर गले की नस; भारत का जवाब- अवैध कब्जे वाले कश्मीर की हालत देखें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने UN में भारत को जंग की धमकी दी। उन्होंने कहा कि भारत सिंधु नदी का पानी न रोके। पानी रोकने की कोशिश को पाकिस्तान युद्ध की कार्रवाई मानेगा। शहबाज शरीफ ने UN में कश्मीर का मुद्दा भी उठाया। शहबाज ने कहा कि कश्मीर हमारे लिए गर्दन की नस है। पूरी खबर पढ़ें…
World Cup 2027 Schedule: क्रिकेट फैंस के लिए बड़ी खबर है। ICC ने 1 अक्टूबर को 2027 पुरुष वनडे वर्ल्ड कप का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया गया है। इस टूर्नामेंट में कुल 14 टीमें हिस्सा लेंगी। इनमें से 12 टीमें पहले राउंड में खेलेंगी, जबकि इसके बाद 7 टीमें सुपर-7 स्टेज में पहुंचेंगी। वहीं, वर्ल्ड कप का पहला मुकाबला भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला जाएगा।
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच होगा पहला मुकाबला
2023 वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंचने वाली दोनों टीमें भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पहला मैच 7 अक्टूबर 2027 को केप टाउन के न्यूलैंड्स मैदान पर खेला जाएगा।
इसके अगले दिन यानी 8 अक्टूबर को पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच मुकाबला होगा। यह मैच त्श्वाने में खेला जाएगा। इसी दिन इंग्लैंड और बांग्लादेश भी आमने-सामने होंगे। इन दोनों टीमों के बीच मुकाबला विंडहोक में होगा।
वहीं, भारत और पाकिस्तान के बीच रोमांचक मुकाबला 10 अक्टूबर को जोहान्सबर्ग में खेला जाएगा, जबकि सह-मेजबान दक्षिण अफ्रीका का मुकाबला 9 अक्टूबर को केप टाउन में 2019 की उपविजेता टीम न्यूजीलैंड से होगा।
टूर्नामेंट के दोनों सेमीफाइनल 17 और 18 नवंबर को खेले जाएंगे। पहला सेमीफाइनल केप टाउन और दूसरा त्श्वाने में होगा। वहीं, वर्ल्ड कप का फाइनल 21 नवंबर को जोहान्सबर्ग के द वांडरर्स मैदान पर खेला जाएगा।
ODI वर्ल्ड कप 2027 के पहले राउंड में 12 टीमों को छह-छह टीमों वाले दो ग्रुप में बांटा जाएगा। भारत, पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, अफगानिस्तान और सह-मेजबान जिम्बाब्वे के साथ ग्रुप A में है, जबकि ग्रुप B में सह-मेजबान दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड, इंग्लैंड, श्रीलंका और बांग्लादेश शामिल है। क्वालिफायर के बाद ग्रुप A और B में एक-एक टीम और जोड़ी जाएगी।
ODI वर्ल्ड कप 2027 ग्रुप
| ग्रुप A | ग्रुप B |
|---|---|
| अफगानिस्तान | बांग्लादेश |
| ऑस्ट्रेलिया | इंग्लैंड |
| भारत | दक्षिण अफ्रीका |
| पाकिस्तान | श्रीलंका |
| जिम्बाब्वे | न्यूजीलैंड |
| क्वालिफायर A | क्वालिफायर B |
दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया के कुल 12 वेन्यू पर 2027 का ODI वर्ल्ड कप खेला जाएगा। टूर्नामेंट में कुल 57 मैच होंगे, जो 2 अक्टूबर से 21 नवंबर तक आयोजित किए जाएंगे।
ODI वर्ल्ड कप 2027 का पूरा शेड्यूल
| तारीख | दिन | मुकाबला | वेन्यू |
|---|---|---|---|
| 2 अक्टूबर | शनिवार | क्वालिफायर 1 बनाम क्वालिफायर 3 | विंडहोक |
| 4 अक्टूबर | सोमवार | क्वालिफायर 1 बनाम क्वालिफायर 2 | विंडहोक |
| 6 अक्टूबर | बुधवार | क्वालिफायर 2 बनाम क्वालिफायर 3 | विंडहोक |
| 7 अक्टूबर | गुरुवार | भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया | केपटाउन |
| 8 अक्टूबर | शुक्रवार | पाकिस्तान बनाम अफगानिस्तान | त्श्वाने |
| 8 अक्टूबर | शुक्रवार | इंग्लैंड बनाम बांग्लादेश | विंडहोक |
| 9 अक्टूबर | शनिवार | जिम्बाब्वे बनाम क्वालिफायर A | बुलावायो |
| 9 अक्टूबर | शनिवार | दक्षिण अफ्रीका बनाम न्यूजीलैंड | केपटाउन |
| 10 अक्टूबर | रविवार | भारत बनाम पाकिस्तान | जोहान्सबर्ग |
| 10 अक्टूबर | रविवार | श्रीलंका बनाम क्वालिफायर B | विंडहोक |
| 11 अक्टूबर | सोमवार | जिम्बाब्वे बनाम अफगानिस्तान | बुलावायो |
| 12 अक्टूबर | मंगलवार | ऑस्ट्रेलिया बनाम क्वालिफायर A | पार्ल |
| 12 अक्टूबर | मंगलवार | न्यूजीलैंड बनाम बांग्लादेश | कुगोम्पो सिटी |
| 13 अक्टूबर | बुधवार | इंग्लैंड बनाम श्रीलंका | विंडहोक |
| 13 अक्टूबर | बुधवार | दक्षिण अफ्रीका बनाम क्वालिफायर B | पार्ल |
| 14 अक्टूबर | गुरुवार | भारत बनाम अफगानिस्तान | त्श्वाने |
| 15 अक्टूबर | शुक्रवार | पाकिस्तान बनाम क्वालिफायर A | ब्लोमफोंटेन |
| 15 अक्टूबर | शुक्रवार | जिम्बाब्वे बनाम ऑस्ट्रेलिया | हरारे |
| 16 अक्टूबर | शनिवार | श्रीलंका बनाम बांग्लादेश | डरबन |
| 16 अक्टूबर | शनिवार | दक्षिण अफ्रीका बनाम इंग्लैंड | गक्बेरहा |
| 17 अक्टूबर | रविवार | भारत बनाम क्वालिफायर A | ब्लोमफोंटेन |
| 17 अक्टूबर | रविवार | न्यूजीलैंड बनाम क्वालिफायर B | हरारे |
| 18 अक्टूबर | सोमवार | ऑस्ट्रेलिया बनाम अफगानिस्तान | कुगोम्पो सिटी |
| 19 अक्टूबर | मंगलवार | जिम्बाब्वे बनाम पाकिस्तान | हरारे |
| 19 अक्टूबर | मंगलवार | दक्षिण अफ्रीका बनाम बांग्लादेश | डरबन |
| 20 अक्टूबर | बुधवार | न्यूजीलैंड बनाम श्रीलंका | जोहान्सबर्ग |
| 20 अक्टूबर | बुधवार | इंग्लैंड बनाम क्वालिफायर B | हरारे |
| 21 अक्टूबर | गुरुवार | अफगानिस्तान बनाम क्वालिफायर A | कुगोम्पो सिटी |
| 22 अक्टूबर | शुक्रवार | ऑस्ट्रेलिया बनाम पाकिस्तान | पार्ल |
| 22 अक्टूबर | शुक्रवार | दक्षिण अफ्रीका बनाम श्रीलंका | जोहान्सबर्ग |
| 23 अक्टूबर | शनिवार | इंग्लैंड बनाम न्यूजीलैंड | गक्बेरहा |
| 23 अक्टूबर | शनिवार | बांग्लादेश बनाम क्वालिफायर B | त्श्वाने |
| 24 अक्टूबर | रविवार | जिम्बाब्वे बनाम भारत | विक्टोरिया फॉल्स |
| 25 अक्टूबर | सोमवार | A2 बनाम B3 | जोहान्सबर्ग |
| 26 अक्टूबर | मंगलवार | B1 बनाम A3 | गक्बेरहा |
| 27 अक्टूबर | बुधवार | B2 बनाम AB4 | त्श्वाने |
| 28 अक्टूबर | गुरुवार | A1 बनाम A2 | विक्टोरिया फॉल्स |
| 29 अक्टूबर | शुक्रवार | B1 बनाम B3 | कुगोम्पो सिटी |
| 30 अक्टूबर | शनिवार | A3 बनाम AB4 | विक्टोरिया फॉल्स |
| 31 अक्टूबर | रविवार | B2 बनाम A1 | जोहान्सबर्ग |
| 1 नवंबर | सोमवार | A2 बनाम B1 | विक्टोरिया फॉल्स |
| 2 नवंबर | मंगलवार | B3 बनाम AB4 | केपटाउन |
| 3 नवंबर | बुधवार | B2 बनाम A3 | डरबन |
| 4 नवंबर | गुरुवार | A1 बनाम B1 | पार्ल |
| 5 नवंबर | शुक्रवार | A2 बनाम AB4 | डरबन |
| 6 नवंबर | शनिवार | B2 बनाम B3 | ब्लोमफोंटेन |
| 7 नवंबर | रविवार | A1 बनाम A3 | केपटाउन |
| 8 नवंबर | सोमवार | B1 बनाम AB4 | डरबन |
| 9 नवंबर | मंगलवार | B2 बनाम A2 | गक्बेरहा |
| 10 नवंबर | बुधवार | A3 बनाम B3 | ब्लोमफोंटेन |
| 11 नवंबर | गुरुवार | A1 बनाम AB4 | गक्बेरहा |
| 12 नवंबर | शुक्रवार | B2 बनाम B1 | केपटाउन |
| 13 नवंबर | शनिवार | A2 बनाम A3 | ब्लोमफोंटेन |
| 14 नवंबर | रविवार | A1 बनाम B3 | डरबन |
| 17 नवंबर | बुधवार | सेमीफाइनल-1 | केपटाउन |
| 18 नवंबर | गुरुवार | सेमीफाइनल-2 | त्श्वाने |
| 21 नवंबर | रविवार | फाइनल | जोहान्सबर्ग |
दक्षिण अफ्रीका ने इससे पहले 2003 में ODI वर्ल्ड कप की मेजबानी की थी। उस टूर्नामेंट में भी फाइनल मुकाबला जोहान्सबर्ग के द वांडरर्स स्टेडियम में खेला गया था।
भारत का ODI वर्ल्ड कप 2027 का शेड्यूल
| तारीख | दिन | प्रतिद्वंद्वी | वेन्यू |
|---|---|---|---|
| 7 अक्टूबर | गुरुवार | ऑस्ट्रेलिया | केपटाउन |
| 10 अक्टूबर | रविवार | पाकिस्तान | जोहान्सबर्ग |
| 14 अक्टूबर | गुरुवार | अफगानिस्तान | त्श्वाने |
| 17 अक्टूबर | रविवार | क्वालिफायर A | ब्लोमफोंटेन |
| 24 अक्टूबर | रविवार | जिम्बाब्वे | विक्टोरिया फॉल्स |
ऑस्ट्रेलिया के ODI वर्ल्ड कप 2027 के मैचों का शेड्यूल
| तारीख | दिन | प्रतिद्वंद्वी | वेन्यू |
|---|---|---|---|
| 7 अक्टूबर | गुरुवार | भारत | केपटाउन |
| 12 अक्टूबर | मंगलवार | क्वालिफायर A | पार्ल |
| 15 अक्टूबर | शुक्रवार | जिम्बाब्वे | हरारे |
| 18 अक्टूबर | सोमवार | अफगानिस्तान | कुगोम्पो सिटी |
| 22 अक्टूबर | शुक्रवार | पाकिस्तान | पार्ल |
पाकिस्तान के ODI वर्ल्ड कप 2027 के मैचों का शेड्यूल
| तारीख | दिन | प्रतिद्वंद्वी | वेन्यू |
|---|---|---|---|
| 8 अक्टूबर | शुक्रवार | अफगानिस्तान | त्श्वाने |
| 10 अक्टूबर | रविवार | भारत | जोहान्सबर्ग |
| 15 अक्टूबर | शुक्रवार | क्वालिफायर A | ब्लोमफोंटेन |
| 19 अक्टूबर | मंगलवार | जिम्बाब्वे | हरारे |
| 22 अक्टूबर | शुक्रवार | ऑस्ट्रेलिया | पार्ल |
अफगानिस्तान का ODI वर्ल्ड कप 2027 का शेड्यूल
| तारीख | दिन | प्रतिद्वंद्वी | वेन्यू |
|---|---|---|---|
| 8 अक्टूबर | शुक्रवार | पाकिस्तान | त्श्वाने |
| 11 अक्टूबर | सोमवार | जिम्बाब्वे | बुलावायो |
| 14 अक्टूबर | गुरुवार | भारत | त्श्वाने |
| 18 अक्टूबर | सोमवार | ऑस्ट्रेलिया | कुगोम्पो सिटी |
| 21 अक्टूबर | गुरुवार | क्वालिफायर A | कुगोम्प |
जिम्बाब्वे के ODI वर्ल्ड कप 2027 के मैचों का शेड्यूल
| तारीख | दिन | प्रतिद्वंद्वी | वेन्यू |
|---|---|---|---|
| 9 अक्टूबर | शनिवार | क्वालिफायर A | बुलावायो |
| 11 अक्टूबर | सोमवार | अफगानिस्तान | बुलावायो |
| 15 अक्टूबर | शुक्रवार | ऑस्ट्रेलिया | हरारे |
| 19 अक्टूबर | मंगलवार | पाकिस्तान | हरारे |
| 24 अक्टूबर | रविवार | भारत | विक्टोरिया फॉल्स |
श्रीलंका के ODI वर्ल्ड कप 2027 के मैचों का शेड्यूल
| तारीख | दिन | प्रतिद्वंद्वी | वेन्यू |
|---|---|---|---|
| 10 अक्टूबर | रविवार | क्वालिफायर B | विंडहोक |
| 13 अक्टूबर | बुधवार | इंग्लैंड | विंडहोक |
| 16 अक्टूबर | शनिवार | बांग्लादेश | डरबन |
| 20 अक्टूबर | बुधवार | न्यूजीलैंड | जोहान्सबर्ग |
| 22 अक्टूबर | शुक्रवार | दक्षिण अफ्रीका | जोहान्सबर्ग |
इंग्लैंड के ODI वर्ल्ड कप 2027 के मैचों का शेड्यूल
| तारीख | दिन | प्रतिद्वंद्वी | वेन्यू |
|---|---|---|---|
| 8 अक्टूबर | शुक्रवार | बांग्लादेश | विंडहोक |
| 13 अक्टूबर | बुधवार | श्रीलंका | विंडहोक |
| 16 अक्टूबर | शनिवार | दक्षिण अफ्रीका | गक्बेरहा |
| 20 अक्टूबर | बुधवार | क्वालिफायर B | हरारे |
| 23 अक्टूबर | शनिवार | न्यूजीलैंड | गक्बेरहा |
दक्षिण अफ्रीका के ODI वर्ल्ड कप 2027 के मैचों का शेड्यूल
| तारीख | दिन | प्रतिद्वंद्वी | वेन्यू |
|---|---|---|---|
| 9 अक्टूबर | शनिवार | न्यूजीलैंड | केपटाउन |
| 13 अक्टूबर | बुधवार | क्वालिफायर B | पार्ल |
| 16 अक्टूबर | शनिवार | इंग्लैंड | गक्बेरहा |
| 19 अक्टूबर | मंगलवार | बांग्लादेश | डरबन |
| 22 अक्टूबर | शुक्रवार | श्रीलंका | जोहान्सबर्ग |
न्यूजीलैंड के ODI वर्ल्ड कप 2027 के मैचों का शेड्यूल
| तारीख | दिन | प्रतिद्वंद्वी | वेन्यू |
|---|---|---|---|
| 9 अक्टूबर | शनिवार | दक्षिण अफ्रीका | केपटाउन |
| 12 अक्टूबर | मंगलवार | बांग्लादेश | कुगोम्पो सिटी |
| 17 अक्टूबर | रविवार | क्वालिफायर B | हरारे |
| 20 अक्टूबर | बुधवार | श्रीलंका | जोहान्सबर्ग |
| 23 अक्टूबर | शनिवार | इंग्लैंड | गक्बेरहा |
बांग्लादेश के ODI वर्ल्ड कप 2027 के मैचों का शेड्यूल
| तारीख | दिन | प्रतिद्वंद्वी | वेन्यू |
|---|---|---|---|
| 8 अक्टूबर | शुक्रवार | इंग्लैंड | विंडहोक |
| 12 अक्टूबर | मंगलवार | न्यूजीलैंड | कुगोम्पो सिटी |
| 16 अक्टूबर | शनिवार | श्रीलंका | डरबन |
| 19 अक्टूबर | मंगलवार | दक्षिण अफ्रीका | डरबन |
| 23 अक्टूबर | शनिवार | क्वालिफायर B | त्श्वाने |
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अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने 2027 में अफ्रीकी महाद्वीप में होने वाले पुरुष वनडे विश्व कप का पूरा कार्यक्रम जारी कर दिया है। भारतीय टीम अपने विश्व कप अभियान की शुरुआत 7 अक्टूबर 2027 को मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ करेगी। यह मुकाबला दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन स्थित न्यूलैंड्स स्टेडियम में खेला जाएगा।
10 अक्टूबर को पाकिस्तान से महामुकाबला
India national cricket team के लिए टूर्नामेंट का सबसे चर्चित मुकाबला 10 अक्टूबर को होगा। शुभमन गिल की कप्तानी वाली भारतीय टीम जोहानिसबर्ग के वांडरर्स स्टेडियम में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान का सामना करेगी।
इसके बाद भारत 14 अक्टूबर को सेंचुरियन में एक क्वालीफायर टीम के खिलाफ खेलेगा। भारतीय टीम का अगला मुकाबला 24 अक्टूबर को सह-मेजबान जिम्बाब्वे से होगा। यह मैच नवनिर्मित विक्टोरिया फॉल्स स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा।
सेमीफाइनल और फाइनल की तारीख भी तय
विश्व कप के दोनों सेमीफाइनल क्रमशः 17 और 18 नवंबर 2027 को खेले जाएंगे। पहला सेमीफाइनल केपटाउन और दूसरा सेंचुरियन में होगा। टूर्नामेंट का सबसे बड़ा मुकाबला यानी फाइनल 21 नवंबर 2027 को जोहानिसबर्ग के वांडरर्स स्टेडियम में खेला जाएगा।
The ICC Men’s #CWC27 fixtures have been unveiled
Access the ticket ballot https://t.co/MSLEQzcObb pic.twitter.com/dpTE4TEjO7
— ICC (@ICC) October 1, 2026
भारत के मैचों पर एक नजर
तारीख मुकाबला स्थान
- 7 अक्टूबर 2027 भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया केपटाउन
- 10 अक्टूबर 2027 भारत बनाम पाकिस्तान जोहानिसबर्ग
- 14 अक्टूबर 2027 भारत बनाम क्वालीफायर सेंचुरियन
- 24 अक्टूबर 2027 भारत बनाम जिम्बाब्वे विक्टोरिया फॉल्स
क्यों खास है शेड्यूल : भारत और पाकिस्तान का मुकाबला विश्व कप के शुरुआती चरण में ही होने से क्रिकेट प्रशंसकों की नजर इस मैच पर रहेगी। भारतीय टीम की कप्तानी शुभमन गिल के हाथों में होगी और उसका पहला मुकाबला मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया से होगा।
SCO Meeting In Pakistan: इस्लामाबाद में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की नेशनल कोऑर्डिनेटर्स काउंसिल की बैठक में भारत भी हिस्सा ले रहा है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई नेशनल कोऑर्डिनेटर आलोक डिमरी कर रहे हैं। 28 सितंबर को शुरू हुई यह तीन दिन की बैठक पाकिस्तान की 2026-27 की अध्यक्षता में हो रही है। यह 30 सितंबर तक चलेगी। SCO के राष्ट्राध्यक्ष परिषद के अगले साल होने वाले शिखर सम्मेलन की तैयारी के लिए यह बैठक इस्लामाबाद में हो रही है। तीन दिवसीय बैठक में भारत भी भाग ले रहा है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के करीब डेढ़ साल बाद भारत ने SCO की बैठक में शामिल होने के लिए अपना एक सीनियर अधिकारी पाकिस्तान भेजा है।
आलोक डिमरी कर रहे हैं अगुवाई
एससीओ के सदस्य देशों में रूस, भारत, ईरान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, बेलारूस और चीन शामिल हैं। एससीओ के अहम सदस्य भारत के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व इसके नेशनल कोऑर्डिनेटर आलोक डिमरी कर रहे हैं। पाकिस्तान के नेशनल कोऑर्डिनेटर मोहम्मद फैसल बैठक में चर्चा सत्र की अध्यक्षता कर रहे हैं। इसका मकसद अगस्त 2027 में इस्लामाबाद में होने वाले एससीओ राष्ट्राध्यक्षों के शिखर सम्मेलन के लिए सहयोग, तालमेल और तैयारियों को सुदृढ़ करना है।
भारत-पाक झड़प के बाद पहला दौरा
भारतीय प्रतिनिधिमंडल बैठक के लिए इस्लामाबाद गया है। पिछले साल दोनों देशों के बीच हुई संक्षिप्त झड़प के बाद यह इस तरह की पहली यात्रा है। पूर्व में पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने एक बयान में कहा था कि 28 से 30 सितंबर तक होने वाली बैठक में एससीओ सहयोग और तालमेल से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा होगी। इसमें पाकिस्तान की अध्यक्षता में होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा एससीओ की आगामी बैठकों और कार्यक्रमों की तैयारी और संगठन के एजेंडे में शामिल अन्य मुद्दे शामिल होंगे।
विदेश कार्यालय के अनुसार, पाकिस्तान के पास 2026-27 के लिए एससीओ के राष्ट्राध्यक्षों की परिषद की अध्यक्षता है। बयान के अनुसार, यह बैठक पाकिस्तान की अध्यक्षता के दौरान होने वाली विभिन्न उच्च-स्तरीय बैठकों की तैयारियों में योगदान देगी। इसमें अगस्त 2027 में होने वाली एससीओ राष्ट्राध्यक्ष परिषद की बैठक भी शामिल है। खबरों की मानें तो पाकिस्तान में होने वाले SCO समिट के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी न्योता दिए जाने की संभावना है।
इस्लामाबाद में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ऐसे समय पहुंचा है जब भारत और पाकिस्तान के रिश्ते तनावपूर्ण हैं। पिछले साल दोनों देशों के बीच हुई सैन्य झड़प के बाद से यह भारत की पाकिस्तान की पहली ऐसी यात्रा है। इससे पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर अक्टूबर 2024 में SCO काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ़ गवर्नमेंट की बैठक के लिए इस्लामाबाद गए थे।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के अधिकारी भारत को क्या समझते हैं, यह धीरे धीरे और स्पष्ट होता जा रहा है। ट्रंप ने खुद जिस तरह से चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का स्वागत किया है और विवाद के मुद्दों को किनारे करके उनके साथ दोस्ती बढ़ाई है वह भारत के लिए अलग चिंता का विषय है। अमेरिका अब एशिया का शक्ति संतुलन साधने की पुरानी नीति से पीछे हट गया है। वह भारत को चीन के काउंटरवेट के तौर पर तैयार नहीं करेगा, बल्कि चीन की ही ताकत बढ़ा कर उसके साथ दोस्ती करेगा।
इसका संकेत इस साल नई दिल्ली में रायसीना डायलॉग के समय अमेरिकी विदेश उप मंत्री ने दिया था, जब उन्होंने कहा था कि अमेरिकी किसी हाल में भारत को इतना बड़ा नहीं होने देगा कि वह एक चुनौती बन जाए। यह बात उन्होंने भारत में भारत के अधिकारियों, विदेश नीति के जानकारों और रणनीतिक विशेषज्ञों के सामने कही थी। हालांकि बीच बीच में ट्रंप प्रशासन के अधिकारी भारत को खुश करने वाली बातें भी कर देते हैं। जैसे भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर जम्मू कश्मीर गए तो उन्होंने कह दिया कि कश्मीर भारत का अहम हिस्सा है। इस पर भारत में खूब तालियां बजीं।
लेकिन अब कश्मीर को लेकर अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने जो बयान दिया है उस पर चौतरफा सन्नाटा खींच गया है। कोई कुछ नहीं बोल रहा है। एकाध सामरिक जानकारों ने इस पर सवाल उठाए लेकिन सरकारी स्तर पर इसे दबा दिया गया। मार्को रूबियो ने पिछले दिनों एक कार्यक्रम में कहा कि, ‘एक अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था बननी चाहिए, जो भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित संघर्ष को हैंडल कर सके या सूडान और रवांडा में जो हो रहा है उसे संभाल सके’।
सोचें, अमेरिका के विदेश मंत्री और वहां के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने भारत और पाकिस्तान के संभावित संघर्ष की बात कही, उसे संभालने के लिए अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था बनाने की जरुरत बताई और दोनों देशों की तुलना सूडान और रवांडा से की। सवाल है कि क्या अमेरिका कुछ ऐसा देख रहा है, जिससे उसको लग रहा है कि भारत की स्थिति सूडान और रवांडा जैसी हो सकती है? पाकिस्तान की स्थिति तो उस तरफ बढ़ रही है लेकिन भारत!
मार्को रूबियो का बयान इस नाते भी बहुत आपत्तिजनक है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के मामले को हैंडल करने के लिए किसी ‘इंटरनेशनल सिस्टम’ की जरुरत बताई। ध्यान रहे भारत का स्टैंड हमेशा यह रहा है कि भारत और पाकिस्तान के मुद्दे दोपक्षीय हैं और इनमें भारत किसी भी तीसरे पक्ष की भूमिका स्वीकार नहीं करेगा। सारा विवाद ही इसी बात का है कि पाकिस्तान हमेशा आपसी दोपक्षीय मुद्दों का अंतरराष्ट्रीयकरण करना चाहता है और भारत इसका विरोध करता है।
सोचें, मार्को रूबियो ने इतने स्पष्ट शब्दों में भारत की पोजिशन को चैलेंज किया और भारत व पाकिस्तान के दोपक्षीय मामले में अंतरराष्ट्रीय दखल की जरुरत बताई, साथ ही भारत की तुलना सूडान और रवांडा जैसे देशों से ही लेकिन भारत की ओर से एक शब्द नहीं कहा गया। हैरानी की बात यह है कि जिस समय रूबियो ने यह बात कही उसके तुरंत बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर अमेरिका गए और वहां उनकी रूबियो से मुलाकात भी हुई। दोनों के बीच दोपक्षीय वार्ता हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रस्तावित अमेरिका यात्रा की तैयारियों पर भी चर्चा हुई होने की खबर है। लेकिन रूबियो ने जो कहा उस बारे में कोई बात होने की खबर नही है।
India-Pakistan Dispute: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार (26 सितंबर) को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र को संबोधित करते हुए पाकिस्तान पर जमकर तीखा हमला बोला। उन्होंने पाकिस्तान का नाम लिए बिना उसे ‘आतंकवाद का सीरियल प्रैक्टिशनर’ करार दिया। जयशंकर ने कहा कि आतंकवाद को सामान्य बनाने या उसके लिए किसी तरह की छूट मांगने की कोशिश स्वीकार नहीं की जाएगी। जयशंकर ने कहा कि आतंकवाद लंबे समय से वैश्विक शांति के लिए खतरा बना हुआ है। उन्होंने विशेष रूप से राज्य प्रायोजित आतंकवाद को अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के लिए सीधी चुनौती बताया।
उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में विश्व नेताओं से कहा, “ऐसी गतिविधियों में शामिल सरकारों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। आतंकवाद के प्रति हमारी जीरो टॉलरेंस की नीति में किसी तरह की ढील नहीं होनी चाहिए। खास तौर पर आतंकवाद के वित्तीय पहलुओं को उजागर किया जाना चाहिए और उनका मुकाबला किया जाना चाहिए।”
शहबाज पर जयशंकर का सीधा निशाना
पाकिस्तान का नाम लिए बिना जयशंकर ने कहा, “कल आतंकवाद का एक सीरियल प्रैक्टिशनर इस महासभा के सामने तथ्यों को गलत तरीके से पेश कर रहा था। आतंकवाद को सामान्य बनाने और उसके परिणामों से बचने के लिए तर्क दिए गए। ऐसा नहीं चल सकता।”
विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत को आतंकवादी हमलों से अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है। वह इसका इस्तेमाल करेगा। उन्होंने कहा कि दोस्ती और सद्भावना आतंकवाद के साथ सह-अस्तित्व में नहीं रह सकते। जयशंकर ने कहा, “आतंकवाद को अंजाम देने वाले को ही अपना रास्ता सुधारना होगा।”
पाक PM के नापाक बयान के बाद आया पलटवार
जयशंकर की यह प्रतिक्रिया पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के शुक्रवार को UNGA में दिए भाषण के एक दिन बाद आई। शरीफ ने अपने संबोधन में सिंधु जल संधि का मुद्दा उठाते हुए कहा था कि पाकिस्तान के हिस्से के पानी को रोकने, बाधित करने या मोड़ने की किसी भी कोशिश को युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा। शहबाज शरीफ ने UNGA में एक बार फिर कश्मीर का मुद्दा भी उठाया।
भारत ने ‘राइट टू रिप्लाई’ में भी दिया जवाब
भारत की ओर से राइट टू रिप्लाई का इस्तेमाल करते हुए भारतीय राजनयिक पेटल गहलोत ने शरीफ के बयानों को अजीब करार दिया। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा का ध्यान पाकिस्तान पर लगे उन आरोपों की ओर दिलाया, जिनमें उस पर हाई-प्रोफाइल आतंकवादियों को पनाह देने का आरोप लगाया जाता रहा है।
गहलोत ने विशेष रूप से 9/11 हमलों के मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन का जिक्र किया और कहा कि वह पाकिस्तान में रह रहा था। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच केंद्रीय मुद्दा पाकिस्तान की सीमा पार आतंकवाद की लंबे समय से चली आ रही नीति है। गहलोत ने कहा कि भारत ने पिछले वर्ष यह स्पष्ट कर दिया था कि आतंकवादियों के लिए न तो कोई सुरक्षित ठिकाना होगा और न ही छिपने की कोई जगह।
‘अंतहीन युद्ध का अब अंत होना चाहिए’
भारत ने खाड़ी क्षेत्र में अशांति पर चिंता जताने के साथ यूक्रेन में संघर्ष को भी समान रूप से चिंताजनक बताते हुए कहा कि अंतहीन युद्ध का अब अंत होना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्चस्तरीय सत्र की आम चर्चा को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, “इस साल हम खाड़ी क्षेत्र में संघर्ष देख रहे हैं, जिससे पहले से ही मुश्किल हालात और बिगड़ रहे हैं। जारी तनाव को लेकर हम बेहद चिंतित हैं।” उन्होंने अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों और नाविकों को निशाना बनाए जाने को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया।
जयशंकर ने कहा, “भारत सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव कम करने, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और ऊर्जा तथा व्यापार के निर्बाध प्रवाह को बनाए रखने का आह्वान करता है।” उन्होंने कहा कि यूक्रेन में संघर्ष समान रूप से चिंताजनक है। जयशंकर ने अगस्त में बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी का उल्लेख करते हुए कहा, “अंतहीन युद्ध का अब अंत होना चाहिए।”
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उन्होंने पश्चिम एशिया में जारी हिंसा पर भी चिंता जताई। जयशंकर ने इजराइल-फलस्तीन संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा, “पश्चिम एशिया या मध्य पूर्व में भी तनाव और हिंसा दुर्भाग्य से जारी है। हमारा दृढ़ विश्वास है कि स्थायी और दीर्घकालिक शांति के लिए दो-राष्ट्र समाधान जरूरी है।” जयशंकर ने कहा, “इस बीच, भारत फलस्तीनी लोगों के लिए मानवीय सहायता और राहत प्रयासों में योगदान दे रहा है।”

नई दिल्ली। भारतीय युद्धपोत से पाकिस्तानी नौसेना का एक पोत टकराने की घटना पर पाकिस्तान की ओर से दी गई सफाई से भारत संतुष्ट नहीं है। पाकिस्तान की सफाई के बाद भी भारत ने दोहराया कि पाकिस्तान को दोनों देशों के बीच हुए समझौतों का सम्मान करना चाहिए। भारत ने यह भी कहा है कि पाकिस्तान अपनी सभी सैन्य इकाइयों को सावधान रहने की सलाह दे।
गौरतलब है कि पश्चिमी अरब सागर में भारतीय नौसेना के युद्धपोत को पाकिस्तानी नौसेना के एक पोत ने टक्कर मार दी थी। इस मामले में विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान की सफाई को पूरी तरह खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा है, ‘हमने अपने द्वारा दर्ज कराए गए विरोध पर पाकिस्तान का जवाब देखा है। यह वही हमेशा की तरह की टालमटोल है, जिसकी हमें उम्मीद थी। हम इसमें लगाए गए आरोपों और आक्षेपों को सिरे से खारिज करते हैं’।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, ‘हम इस मामले के तथ्यों को फिर से दोहराना चाहेंगे कि आईएनएस कोलकाता पश्चिमी अरब सागर में एक नियमित तैनाती पर था, तभी पाकिस्तानी नौसेना के जहाज पीएनएस हुनैन ने समुद्र में अस्वीकार्य और गैर पेशेवर तरीके से बरताव किया, जिसकी वजह से यह टक्कर हुई’। बयान में आगे कहा गया, “पीएनएस हुनैन द्वारा खतरनाक तरीके से ओवरटेक करने की पैंतरेबाज़ी अप्रैल 1991 के ‘सैन्य अभ्यासों, पैंतरेबाजी और सैनिकों की आवाजाही पर पूर्व सूचना को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच समझौते’ के अनुच्छेद 10 का घोर उल्लंघन था”।
असल में भारत और पाकिस्तान ने यह समझौता किया है कि समुद्र में नौसेना इकाइयां एक दूसरे से तीन नौटिकल माइल्स यानी 5.6 किलोमीटर के दायरे में नहीं आनी चाहिए। प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तानी जहाज ने ‘समुद्र में टक्कर रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय नियमों’ का भी उल्लंघन किया है। बहरहाल, इस घटना से आईएनएस कोलकाता को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है और वह अभी भी समुद्र में है’। इससे पहले इसी मामले में भारत ने पाकिस्तान उच्चायोग के प्रभारी को बुधवार को तलब किया था।

पाकिस्तान ने बुधवार को एशियाई हॉकी महासंघ (AHF) से अपने एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी (एसीटी) के मुकाबलों को मेजबान भारत से किसी तटस्थ स्थल पर स्थानांतरित करने का अनुरोध किया। पाकिस्तान ने इसके लिए दोनों देशों के बीच ‘संवेदनशील द्विपक्षीय स्थिति’ का हवाला दिया है। पाकिस्तान हॉकी महासंघ (पीएचएफ) ने कहा कि वह पुरुष एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में देश की निर्बाध और पूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए तटस्थ स्थल चाहता है।
पीएचएफ के अध्यक्ष मोहिउद्दीन अहमद वानी ने एक बयान में कहा कि उन्होंने पूरे टूर्नामेंट या पाकिस्तान के सभी मुकाबलों को तटस्थ स्थल पर स्थानांतरित करने का अनुरोध किया है।वानी ने बयान में कहा, ‘‘यह फैसला पाकिस्तान और भारत के बीच मौजूदा संवेदनशील द्विपक्षीय स्थिति और मौजूदा सुरक्षा परिस्थितियों को देखते हुए लिया गया है। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए सुरक्षित, गरिमापूर्ण और अनुकूल माहौल सुनिश्चित करना है।’’
गौरतलब है कि अगले महीने हॉकी की एशियाई चैंपियन्स ट्रॉफी खेली जाने वाली है जिसमें पाकिस्तान समेत आधा दर्जन टीमें शामिल है। भारत और पाकिस्तान का मुक़ाबला 1 नवंबर को जालंधर में होना है, और यह मैच पंजाब दिवस के दिन ही होगा।
केंद्र सरकार की खेल नीति के अनुसार भारत पाकिस्तान के खिलाफ द्विपक्षीय श्रृंखला नहीं खेलेगा। भारत ने पिछले साल पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ संक्षिप्त सैन्य अभियान चलाया था।खेल मंत्रालय ने हालांकि ओलंपिक चार्टर का पालन करते हुए कहा है कि दोनों देश बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंट में एक दूसरे का सामना कर सकते हैं और भारत इस तरह की प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए पाकिस्तान के खिलाड़ियों को अपने देश में खेलने से नहीं रोकेगा।
इस टूर्नामेंट में भारत, पाकिस्तान, चीन, जापान, मलेशिया और कोरिया हिस्सा लेंगे, जबकि ओमान और बांग्लादेश को रिज़र्व टीमों के तौर पर रखा गया है।लीग चरण जालंधर में 27 अक्टूबर से 2 नवंबर तक खेला जाएगा, इसके बाद 4 नवंबर को सेमीफ़ाइनल और 5 नवंबर को फ़ाइनल होगा।://x.com/yourhardik/status/2100242808624054613?s=20

नई दिल्ली। उत्तरी अरब सागर में भारतीय नौसेना के युद्धपोत और पाकिस्तान नौसेना के पोत पीएनएस ‘हुनैन’ के बीच टक्कर के बाद भारत ने बुधवार को पाकिस्तान उच्चायोग के प्रभारी को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया। विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तानी नौसैनिक इकाई के आचरण को ‘अस्वीकार्य और गैर-पेशेवर’ बताया है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार पाकिस्तान उच्चायोग के प्रभारी साद वराइच को मंत्रालय में बुलाया गया और 15 सितंबर को समुद्र में हुई घटना पर भारत की आपत्ति से अवगत कराया गया।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक 15 सितंबर की शाम उत्तरी अरब सागर में नियमित निगरानी अभियान पर तैनात भारतीय नौसेना के एक अग्रिम पंक्ति के युद्धपोत के पास पाकिस्तान नौसेना का पोत तेज गति से आया। भारतीय पक्ष का कहना है कि पाकिस्तानी पोत ने असुरक्षित और गैर-पेशेवर तरीके से संचालन किया, जिसके कारण दोनों पोत टकरा गए।
घटना में शामिल पाकिस्तानी पोत पीएनएस ‘हुनैन’ एक अपतटीय गश्ती पोत है। शुरुआती रिपोर्टों में पाकिस्तानी पोत को नुकसान पहुंचने की बात कही गई, जबकि भारतीय पोत संचालन योग्य रहा। विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक रूप से कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में हुई घटना में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
पाकिस्तानी राजनयिक से कहा गया कि वह संबंधित अधिकारियों तक भारत की आपत्ति पहुंचाएं और भविष्य में ऐसी घटना रोकने के लिए पाकिस्तानी सैन्य इकाइयां आवश्यक सावधानी बरतें तथा दोनों देशों के बीच लागू समझौतों का पालन करें।
भारत ने इस्लामाबाद स्थित अपने उच्चायोग के प्रभारी को भी पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के सामने औपचारिक विरोध दर्ज कराने का निर्देश दिया है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार पाकिस्तानी नौसैनिक पोत का आचरण अप्रैल 1991 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए ‘सैन्य अभ्यासों, युद्धाभ्यासों और सैन्य टुकड़ियों की आवाजाही की अग्रिम सूचना’ संबंधी समझौते के अनुच्छेद 10 के प्रावधानों के विपरीत था।
इस समझौते के तहत अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में दोनों देशों के नौसैनिक पोतों को ऐसी दूरी और सावधानी बनाए रखने की व्यवस्था है जिससे दुर्घटना या गलतफहमी की स्थिति पैदा न हो।
अरब सागर में भारतीय और पाकिस्तानी नौसेना के जहाजों की टक्कर हुई। घटना उत्तर अरब सागर में अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में हुई। भारत के मुताबिक, नियमित निगरानी मिशन पर तैनात भारतीय युद्धपोत के पास पाकिस्तानी जहाज तेज रफ्तार में आया और असुरक्षित तरीके से दिशा बदली। इसी दौरान दोनों जहाज टकरा गए। घटना में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। इसके बाद भारत ने नई दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमीशन के चार्ज डी’अफेयर्स को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया। भारत ने पाकिस्तानी नौसैनिक जहाज के व्यवहार को अस्वीकार्य और गैर-पेशेवर बताया। दिशा बदलने के दौरान दोनों की टक्कर हुई ANI के मुताबिक, भारतीय नौसेना का एक युद्धपोत उत्तर अरब सागर में नियमित निगरानी मिशन पर था। इसी दौरान पाकिस्तानी नौसेना का एक जहाज तेज रफ्तार से भारतीय जहाज के करीब आ गया। पाकिस्तानी जहाज ने जिस तरह अपनी दिशा बदली, उसे असुरक्षित और गैर-पेशेवर बताया गया है। इसके बाद दोनों जहाजों के बीच दूरी लगातार कम होती गई और आखिर में वे आपस में टकरा गए। टक्कर में किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है। हालांकि, अभी दोनों जहाजों के नाम और टक्कर की सही जगह की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। 35 साल पुराने समझौते का उल्लंघन बताया भारत ने कहा कि पाकिस्तानी जहाज का यह कदम अप्रैल 1991 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए समझौते के आर्टिकल 10 के खिलाफ है। दरअसल, दोनों देशों ने पहले से तय कर रखा है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्र में उनके सैन्य जहाज और पनडुब्बियां एक-दूसरे के बहुत करीब नहीं आएंगे। इसका मकसद समुद्र में जहाजों की टक्कर और किसी दूसरी दुर्घटना से बचना है। इस समझौते में दोनों देशों की सेनाओं की गतिविधियों को लेकर कई नियम हैं। इनमें सैन्य अभ्यास और सैनिकों की आवाजाही की जानकारी पहले देने के नियम भी शामिल हैं। साथ ही, समुद्र में युद्धपोतों और पनडुब्बियों के बीच दूरी को लेकर भी नियम तय किए गए हैं। आर्टिकल 10 के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय समुद्र में भारत और पाकिस्तान के युद्धपोत और पनडुब्बियां एक-दूसरे से 3 नॉटिकल मील यानी करीब 5.56 किलोमीटर से कम दूरी पर नहीं आ सकते। भारत ने पाकिस्तान से क्या कहा? विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तानी चार्ज डी’अफेयर्स से कहा कि वह भारत की आपत्ति पाकिस्तान के संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाएं। भारत ने कहा कि समुद्र में सभी सैन्य जहाजों को सावधानी से काम करना चाहिए और दोनों देशों के बीच हुए समझौतों का पालन करना चाहिए। भारत ने यह भी कहा कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए। वहीं, इस्लामाबाद में मौजूद भारतीय चार्ज डी’अफेयर्स को भी पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के सामने भारत की ओर से विरोध दर्ज कराने को कहा गया है। क्या पहले भी हुई है ऐसी घटना? भारत और पाकिस्तान की नौसेनाओं के बीच समुद्र में इस तरह की घटना पहले भी हो चुकी है। 2011 में भारतीय नौसेना के INS दोगावरी और पाकिस्तानी नौसेना के पीएनएस बाबर के बीच भी टक्कर की स्थिति बनी थी। उस समय दोनों देशों ने एक-दूसरे के जहाज पर खतरनाक तरीके से चलने का आरोप लगाया था। भारत ने तब भी 1991 के समझौते के आर्टिकल 10 का हवाला देते हुए पाकिस्तान के सामने विरोध दर्ज कराया था। मौजूदा मामले में भी भारत ने समुद्र में तय नियमों और दोनों देशों के जहाजों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखने को लेकर आपत्ति जताई है।
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