El Nino Impact: अल नीनो का कहर! 2026 बन सकता है अब तक का सबसे गर्म साल, रिकॉर्ड गर्मी से क्या बदलेगा बारिश का पैटर्न?

El Nino & Monsoon update: प्रशांत महासागर में तेजी से मजबूत हो रहे अल नीनोके असर से साल 2026 के इतिहास का सबसे गर्म साल बनने की संभावना बेहद बढ़ गई है। अमेरिका के नॉन प्रॉफिट रिसर्च ग्रुप बर्कले अर्थ के ग्लोबल वेदर के मंथली एनालिसिस के मुताबिक अल नीनो के शक्तिशाली रूप लेने के कारण 2026 के सबसे गर्म साल बनने की संभावना जुलाई में दर्ज 12 फीसदी से बढ़कर अगस्त में सीधे 69 फीसदी पर पहुंच गई है। रिसर्चर्स का मानना है कि इसके अलावा साल 2027 में गर्मी के नए रिकॉर्ड बनने की पूरी उम्मीद है।

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक बर्कले अर्थ के चीफ साइंटिस्ट रॉबर्ट रोडे ने इसे लेकर चेतावनी देते हुए कहा है कि अगले एक साल या उससे थोड़े अधिक समय में हम कुछ बहुत ही नाटकीय बदलाव देख सकते हैं। यह हमें ऐसी मौसमी स्थितियां देगा जिसकी उम्मीद हम आम तौर पर एक दशक या उससे अधिक समय बाद करते हैं। यह एक बहुत बड़ी घटना साबित होने वाली है।

क्या होता है अल नीनो और कैसे बदलेगा बारिश का पैटर्न?

अल नीनो महीनों तक चलने वाला एक रिकरिंग वेदर फेज है। इसके ग्लोबल लेबल पर गंभीर असर होते हैं। अल नीनो के असर से दुनिया के कई हिस्सों में सूखा पड़ता है। इसका सबसे ज्यादा प्रतिकूल असर भारत, पश्चिमी और दक्षिणी अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया जैसे क्षेत्रों में देखने को मिलता है। अल नीनो की वजह से इन इलाकों में बारिश की कमी हो जाती है। वहीं दूसरी ओर अल नीनो की वजह से कुछ दूसरे क्षेत्रों में अत्यधिक बारिश होती है। उदाहरण के लिए इसके असर से दक्षिणी अमेरिका के इलाकों में भारी बारिश की संभावना बढ़ जाती है।

कितना शक्तिशाली है यह अल नीनो?

वैज्ञानिक पूर्वी उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर के एक विशिष्ट क्षेत्र में समुद्र की सतह के तापमान से अल नीनो की ताकत का आकलन करते हैं। अनुमान बताते हैं कि प्रशांत महासागर के उस विशिष्ट हिस्से में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से 4 डिग्री सेल्सियस तक असाधारण रूप से अधिक बढ़ जाएगा। इसकी तुलना में 2015 से 2016 के अल नीनो के दौरान समुद्र का तापमान सामान्य से 2.75 डिग्री सेल्सियस अधिक बढ़ा था। इससे यह साफ पता चल रहा है कि मौजूदा अल नीनो कितना खतरनाक है।

यह अल नीनो इस साल जून में शुरू हुआ था। हालांकि इस साल देर वसंत और शुरुआती गर्मियों में पड़ी भीषण गर्मी के लिए अल नीनो जिम्मेदार नहीं था क्योंकि तब तक इसका असर इतना तेज नहीं हुआ था।

जून-जुलाई में टूटे गर्मी के रिकॉर्ड

बर्कले अर्थ के मुताबिक प्रमुख जलवायु डेटासेट के मुताबिक बीता जुलाई का महीना अब तक दर्ज किया गया सबसे गर्म या दूसरा सबसे गर्म जुलाई रहा। जुलाई के महीने में भीषण गर्मी की वजह से फ्रांस और स्पेन में विनाशकारी जंगलों की आग भड़क उठी जबकि अमेरिका के कई हिस्से हीट डोम की वजह से झुलस गए। अमेरिका के मुख्य भूभाग में जुलाई का औसत अधिकतम तापमान 90 साल पुराने उस रिकॉर्ड को तोड़ गया जो डस्ट बाउल के दौर में बना था। वैज्ञानिक रोडे ने चुटकी लेते हुए कहा कि दुनिया का इतना बड़ा हिस्सा झुलस रहा है कि उन जगहों का नाम लेना आसान है जो गर्म नहीं हैं, अंटार्कटिका में इस बार बहुत ही अत्यधिक ठंड वाली सर्दियां रही हैं।

ग्लोबल इकॉनमी और व्यापार पर अल नीनो की मार

कई देशों विशेष रूप से उभरते बाजारों में अल नीनो द्वारा लाई गई भीषण गर्मी और मूसलाधार बारिश ईरान युद्ध के कारण उपजे आर्थिक संकट को और बढ़ा सकती है। उदाहरण के लिए समुद्र के पानी के गर्म होने की वजह से पेरू में एंकोवी मछली के शिकार/पकड़ने पर पूरी तरह से रोक लग गई है।

ग्रीनहाउस गैसों का स्थायी असर

बर्कले अर्थ के वैज्ञानिक ज़ेक हॉसफादर ने अल नीनो की तुलना एक बड़े हथौड़े से करते हुए कहा कि अल नीनो एक विशाल हथौड़े की तरह है जिससे जलवायु पर प्रहार होता है इसलिए यह बहुत सी अलग-अलग चीजों को अस्त-व्यस्त कर देगा। वैज्ञानिकों का कहना है कि हालांकि अल नीनो किसी एक महीने या साल के तापमान को नाटकीय रूप से प्रभावित कर सकता है लेकिन ग्रीनहाउस गैसों के प्रदूषण से होने वाली ग्लोबल वार्मिंग हमेशा मौजूद रहती है और लगातार बढ़ रही है।

झारखंड में बने डिप्रेशन से यूपी, एमपी, दिल्ली संग इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट! 20 अगस्त तक इन राज्यों में होगी मूसलाधार

IMD Heavy Rain Alert: झारखंड और उससे सटे गांगेय पश्चिम बंगाल के ऊपर बने डिप्रेशन के असर से देश के कई राज्यों में मानसून एक बार फिर बेहद एक्टिव हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी आईएमडी द्वारा 14 अगस्त को जारी मौसम बुलेटिन के मुताबिक इस मौसमी बदलाव की वजह से ओडिशा, झारखंड, पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भारी से अति भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। इसके साथ ही पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में भी 20 अगस्त तक मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया गया है।

मौसम विभाग के मुताबिक बीते 24 घंटों के दौरान देश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश दर्ज की गई है। छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, पूर्वी उत्तर प्रदेश, ओडिशा, झारखंड और बिहार में 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश दर्ज हुई है। वहीं पूर्वी राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, गुजरात क्षेत्र, उत्तराखंड, कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, पश्चिम उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और सिक्किम, असम तथा पूर्वी मध्य प्रदेश में 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है।

झारखंड में बना डिप्रेशन और प्रमुख मौसमी सिस्टम

आईएमडी के अनुसार, मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर है जबकि पूर्वी सिरा दक्षिण में स्थित है। तटीय पश्चिम बंगाल के ऊपर बना डिप्रेशन 14 अगस्त की सुबह झारखंड और उससे सटे गांगेय पश्चिम बंगाल के ऊपर केंद्रित था। यह तंत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ते हुए झारखंड और उत्तरी छत्तीसगढ़ को पार करेगा और अगले 12 घंटों के दौरान कमजोर होकर स्पष्ट निम्न दबाव के क्षेत्र में बदल जाएगा। इसके असर से कुछ इलाकों में भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी, दिल्ली और पहाड़ी राज्यों का हाल

उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में 14 से 20 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश की संभावना है। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख और उत्तराखंड में पूरे सप्ताह हल्की से मध्यम और कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 14 से 15 अगस्त और फिर 17 से 18 अगस्त को काफी बारिश और भारी बौछारों का अनुमान है।

पश्चिम उत्तर प्रदेश में 14 से 16 अगस्त और 18 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है, जबकि 14, 16 और 17 अगस्त को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 14 अगस्त और 16 से 20 अगस्त के दौरान मूसलाधार बारिश होगी, जिसमें 14, 16 और 17 अगस्त को अत्यधिक भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। उत्तराखंड में 14 से 17 अगस्त तक, हिमाचल प्रदेश में 14, 17 और 18 अगस्त को और जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में 17 अगस्त को बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। उत्तराखंड और पश्चिम उत्तर प्रदेश में बिजली चमकने और गरज के साथ बौछारें पड़ने का अलर्ट भी है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में मूसलाधार

मध्य भारत में डिप्रेशन के सीधे असर से बारिश का जोर रहेगा। पश्चिम मध्य प्रदेश में 14 से 16 अगस्त तक अधिकांश स्थानों पर बारिश होग, जबकि 14 से 18 अगस्त के बीच भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके बाद 17 से 20 अगस्त तक छिटपुट बारिश का अनुमान है। छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में 14 से 20 अगस्त तक व्यापक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। इन दोनों राज्यों में 14 और 15 अगस्त को पृथक स्थानों पर बहुत भारी बारिश होगी जबकि 16 से 18 अगस्त के दौरान भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। विदर्भ में 14 से 18 अगस्त तक व्यापक बारिश और भारी बौछारें पड़ने की उम्मीद है। साथ ही छत्तीसगढ़ में 14 से 18 अगस्त के दौरान गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: झारखंड, ओडिशा और बिहार में चेतावनी

पूर्वी भारत के राज्यों में मौसम बेहद खराब रहने का अनुमान है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 14 से 20 अगस्त तक झमाझम बारिश होगी। ओडिशा में 14-15 अगस्त और 17-19 अगस्त के दौरान और बिहार में 16 से 19 अगस्त तक व्यापक बारिश दर्ज की जाएगी।

झारखंड और ओडिशा में 14 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जिसके बाद 15 से 18 अगस्त तक भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 16 और 17 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है। बिहार में 14 से 19 अगस्त के दौरान भारी बारिश होगी। इसके साथ ही अंडमान और निकोबार, बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के इलाकों में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है।

पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 14 से 20 अगस्त के दौरान अधिकांश स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश होगी। अरुणाचल प्रदेश में 16 से 18 अगस्त तक और असम-मेघालय में 16 अगस्त को बहुत भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।

पश्चिम और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत का मौसम

पश्चिम भारत के तटीय क्षेत्रों में मानसून मेहरबान रहेगा। कोंकण और गोवा में 14 से 20 अगस्त तक व्यापक बारिश जारी रहेगी, जिसमें 14 और 16 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। गुजरात क्षेत्र में 14 और 15 अगस्त को भारी बारिश का अनुमान है, जबकि मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में 14 से 18 अगस्त तक भारी वर्षा होने की संभावना है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में तटीय कर्नाटक में 14 से 20 अगस्त तक लगातार बारिश होगी। केरल और माहे तथा लक्षद्वीप में 14 से 16 अगस्त और 19 से 20 अगस्त के दौरान बारिश का जोर रहेगा। तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराइकल और केरल में 14 अगस्त को भारी वर्षा दर्ज हो सकती है। तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, कर्नाटक और तेलंगाना में 14 से 18 अगस्त के दौरान तेज सतही हवाएं चलने और तेज गरज-चमक के साथ बारिश होने का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है।

मानसून में बालों का परमानेंट इलाज, बिना पार्लर जाए फ्रिजी बालों को ऐसे बनाएं शाइनी!

बारिश के मौसम में हवा में मौजूद नमी बालों की ऊपरी परत पर असर डालती है, जिससे बाल फूले हुए और बेजान दिखने लगते हैं। ऐसे में यहां बताए गए कुछ आसान उपाय मानसून के दौरान बालों का फ्रिज कम करने और उन्हें मुलायम, चमकदार व हेल्दी बनाए रखने में मदद कर सकते हैं:

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बारिश से बचाव

बारिश का पानी, धूल और नमी बालों को चिपचिपा और बेजान बना सकते हैं। इसलिए बाहर निकलते समय छाता, स्कार्फ या हुड का इस्तेमाल करें। अगर बाल बारिश में भीग जाएं, तो घर आकर उन्हें साफ पानी से धो लें ताकि गंदगी स्कैल्प पर जमा न हो।

 

टॉवल का सही इस्तेमाल

बाल धोने के बाद उन्हें टॉवल से जोर-जोर से रगड़ने की बजाय हल्के हाथों से थपथपाकर सुखाएं। इससे बाल कम टूटते हैं और फ्रिज की प्रॉब्लम भी कम होती है। हो सके तो बालों को नेचुरल तरीके से सूखने दें।

 

स्कैल्प की सफाई

मानसून में पसीना और एक्स्ट्रा तेल स्कैल्प पर जल्दी जमा हो जाता है। इसलिए अपने हेयर टाइप के अनुसार माइल्ड शैम्पू का इस्तेमाल करें और स्कैल्प को अच्छी तरह साफ रखें। इससे खुजली, डैंड्रफ और चिपचिपापन कम हो सकता है।

गीले बाल न बांधें

गीले बाल सबसे ज्यादा कमजोर होते हैं। इन्हें तुरंत टाइट पोनीटेल या जूड़े में बांधने से बाल टूट सकते हैं। पहले बालों को थोड़ा सूखने दें, फिर ढीले हेयरस्टाइल अपनाएं।

 

धीरे-धीरे सुलझाएं

बालों की उलझन हमेशा नीचे के सिरों से सुलझाना शुरू करें और धीरे-धीरे ऊपर की ओर बढ़ें। चौड़े दांतों वाली कंघी का इस्तेमाल करें और गांठों को खींचने की बजाय धीरे-धीरे खोलें।

 

 

बालों को कंडीशन करें

शैम्पू के बाद कंडीशनर लगाने से बाल मुलायम रहते हैं और उलझते नहीं हैं। कंडीशनर को केवल बालों की लंबाई और सिरों पर लगाएं, स्कैल्प पर नहीं।

 

 

लीव-इन कंडीशनर

अगर आपके बाल बहुत ज्यादा फ्रिजी या रूखे हो जाते हैं, तो हल्का-सा लीव-इन कंडीशनर बालों की लंबाई पर लगाएं। इससे बाल लंबे समय तक स्मूद रहते हैं और नमी का असर कम होता है।

 

वीकली हेयर मास्क

मानसून में बालों को एक्स्ट्रा पोषण की जरूरत होती है। सप्ताह में एक बार मॉइस्चराइजिंग हेयर मास्क लगाने से बालों में नमी बनी रहती है और वे ज्यादा मुलायम महसूस होते हैं।

 

हीट स्टाइलिंग कम करें

बार-बार स्ट्रेटनर, कर्लर या ब्लो ड्रायर का इस्तेमाल करने से बाल और ज्यादा ड्राई हो सकते हैं। जरूरत पड़ने पर ही हीट टूल्स का इस्तेमाल करें और पहले हीट प्रोटेक्टेंट जरूर लगाएं।

 

रेगुलर ट्रिमिंग

दोमुंहे और खराब बाल पूरे हेयर लुक को खराब कर देते हैं। हर 6–8 हफ्ते में हल्की ट्रिमिंग कराने से बाल स्वस्थ दिखते हैं और उलझने की समस्या भी कम होती है।

नमी और फ्रिज

हवा में मौजूद नमी बालों के अंदर पहुंच जाती है। अगर बाल पहले से रूखे, डैमेज या ज्यादा पोर्स हों, तो वे नमी को जल्दी सोख लेते हैं। इससे बाल फूल जाते हैं, बिखरे हुए दिखते हैं और फ्रिज बढ़ जाता है। रेगुलर कंडीशनिंग और सही हेयर केयर रूटीन इस प्रॉब्लम को काफी हद तक कम कर सकता है।

 

कर्ली बालों की देखभाल

कर्ली और वेवी बाल मानसून में जल्दी फ्रिजी हो सकते हैं। इन्हें सूखे में ब्रश करने की बजाय हल्के गीले बालों पर कंडीशनर या लीव-इन प्रोडक्ट लगाकर चौड़े दांतों वाली कंघी से सुलझाएं। बाल सूखने तक उन्हें बार-बार हाथ लगाने से बचें, ताकि कर्ल्स अपनी शेप बनाए रखें।

इस तरह सही और रेगुलर हेयर केयर रूटीन अपनाकर आप पूरे मानसून में बालों को मुलायम, चमकदार, कम फ्रिजी और आसानी से मैनेज होने वाला बनाए रख सकते हैं।

बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन हुआ मजबूत, दिल्ली-NCR समेत इन 15 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी, जानें अपने राज्य का हाल

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rain update 8 july

Weather update 14 August 2026: स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून पूरी तरह मेहरबान और आक्रामक नजर आ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज (14 अगस्त 2026, शुक्रवार) उत्तर, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में व्यापक से काफी व्यापक बारिश की चेतावनी जारी की है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र (Depression) के कारण मध्य और पूर्वी भारत में मानसून की रफ्तार बेहद तेज हो गई है। कई इलाकों में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, बिजली गिरने और भीषण आंधी-तूफान की आशंका जताई गई है।

दिल्ली-NCR में झमाझम, राजस्थान में आफत

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद) में आज बादल छाए रहेंगे और कई दौर की तेज बारिश हो सकती है। दिल्ली में अधिकतम तापमान 34°C और न्यूनतम 26-27°C के आसपास रहने का अनुमान है। 
 

पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में व्यापक और भारी बारिश की संभावना है, जबकि पश्चिमी यूपी में मानसून सक्रिय रहेगा। पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में भारी बारिश को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

पहाड़ी राज्यों में लैंडस्लाइड का खतरा, रेड/ऑरेंज अलर्ट

जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कुछ स्थानों पर बहुत भारी से अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। प्रशासन ने पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन (Landslide) और नदियों में उफान की चेतावनी जारी की है। पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

छत्तीसगढ़ में हो सकती है भारी बारिश

बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम का सीधा असर मध्य भारत पर देखने को मिल रहा है। छत्तीसगढ़ में मौसम का सबसे भीषण रूप देखने को मिल सकता है। राज्य में अति-भारी बारिश (Extremely Heavy Rainfall) की आशंका को देखते हुए हाई अलर्ट जारी किया गया है। मध्य प्रदेश में भोपाल समेत राज्य के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश जारी रहेगी, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है।

पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में ओलावृष्टि 

बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल (गंगा के तटीय क्षेत्रों) और ओडिशा में अगले 24 घंटों के दौरान मूसलाधार बारिश का अनुमान है। इन क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ-साथ कुछ जगहों पर ओलावृष्टि (Hailstorm) की भी संभावना है। पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भी मानसून के पूरी तरह सक्रिय रहने से भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

 

कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र और विदर्भ में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। मुंबई में तापमान 30°C के आसपास रहेगा। तटीय कर्नाटक और केरल के कई जिलों में भारी बारिश को देखते हुए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है। तमिलनाडु में छिटपुट बारिश के आसार हैं।

WTC Final की जंग के लिए नॉक आउट मुकाबले की तरह होगी INDvsSL सीरीज

INDvsSL 15 अगस्त से शुरु होने वाले पहले टेस्ट के लिए श्रीलंका ने 3 दिन पहले अपने टेस्ट दल की घोषणा की।श्रीलंका हाल ही में  वेस्टइंडीज के खिलाफ एक टेस्ट मैच हारकर आई थी। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में श्रीलंका भारत के ठीक नीचे छठवें स्थान पर है और उसका जीत प्रतिशत 41 है, वहीं भारत का जीत प्रतिशत 48 है। अंकतालिका के यह पायदान बताने के लिए काफी है कि दोनों टीमों के लिए यह सीरीज कितनी महत्वपूर्ण है। जो टीम यह सीरीज 2-0 से जीतती है उसके लिए फाइनल की दरवाजे भले ही पूरी तरह ना खुले लेकिन उम्मीद की एक किरण जरूर जगेगी।

विश्व टेस्ट चैंपियनशित चक्र 2025-27 को देखते हुए अब भारत की टीम ज्यादा जोखिम नहीं ले सकती। टीम इंडिया के लिए बचे हुए 9 मैचों में से 7 जीतने आवश्यक है। ऐसा ही कुछ हाल श्रीलंका का है।श्रीलंका के लिए घरेलू धरती पर यह दो मुकाबले जीतना बेहद जरूरी है। हालांकि अभी टीम ने इस चक्र में सिर्फ 4 ही मुकाबले खेले हैं जिसमें एक जीत एक हार और एक मुकाबला  ड्रॉ रहा है।

गॉल पर मिलेगी स्पिन के मुफीद पिच

कभी भारत की ताकत मानी जाने वाली स्पिन गेंदबाजी टेस्ट क्रिकेट में भारत की कमजोरी बनकर उभरी है। भारत ने अपने घर में पहले न्यूजीलैंड और फिर दक्षिण अफ्रीका से बिना कोई टेस्ट जीते सीरीज गंवानी पड़ी थी। इस सीरीज में 85 प्रतिशत विकेट स्पिन गेंदबाजों के थे।

श्रीलंका में भी भारत को स्पिन के मुफीद पिचें पेश की जाएंगी। हालांकि यह हो सकता है कि पहले ही दिन से पिच टर्न ना ले जैसा भारत में देखते हैं लेकिन भारत इस सीरीज को 2-0 से जीतने के लिए कितना गंभीर है इसका अंदाजा इस ही बात से लगाया जा सकता है कि भारत के सभी नेट गेंदबाज स्पिनर हैं और अलग विविधता के हैं।

टीम में 4 स्पिनरों को जगह दी है और शीर्ष तेज गेंदबाजी क्रम अनुभवी है।टीम में कुलदीप यादव, रविंद्र जड़ेजा, अफगानिस्तान के खिलाफ ड्रीम डेब्यू करने वाले मानव सुथार और इस सीरीज में डेब्यू करने वाले स्पिन ऑलराउंडर सारांश जैन को मौका मिला है।

श्रीलंका के पास प्रभात जयसूर्या

श्रीलंका के पास 3 से 4 स्पिन विकल्प है। गॉल पर ज्यादातर मौकों पर बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले प्रभात जयसूर्या टीम में शामिल है। टीम के कप्तान धननजय डिसिल्वा ऑफ स्पिन गेंदबाज है। वहीं रमेश मेंडिस टीम के दूसरे स्पिनर है। इसके अलावा बल्लेबाज कमिंडू मेंडिस बाएं और दाएं दोनों हाथ से स्पिन गेंदबाज करने का कौशल रखते हैं।

मौसम का हाल

गॉल में टेस्ट के पहले कुछ दिन बारिश हुई है और पिच कवर्स से ढकी हुई है लेकिन टेस्ट के पांचो दिन बारिश का कोई अनुमान नहीं है। पहले दो दिन आसमान में बादल छाए रहेंगे जिससे तेज गेंदबाजों को मदद मिल सकेगी।

भारत: शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उपकप्तान), यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), सरफराज खान, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर),रविंद्र जडेजा , कुलदीप यादव, मानव सुथार, आकिब नबी, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, देवदत्त पडिक्कल, सारांश जैन।

श्रीलंका:धनंजय डी सिल्वा (कप्तान), लाहिरू उदाना, निशान मदुश्का, कामिंदु मेंडिस (उपकप्तान), दिनेश चांदीमल, पसिंदू सूरियाबंदारा, सोनल दिनुशा, निरोशन डिकवेला (विकेटकीपर), रमेश मेंडिस, प्रभात जयसूर्या, केशारा नुवांथा, मिलान रत्नायके, असिथा फर्नांडो, लाहिरू कुमारा, विश्वा फर्नांडो और दिलशान मदुशंका।

मैच शुरु– सुबह 10 बजे भारतीय समयानुसार

कहां देखें– सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क या सोनी लिव पर


जापान में एक घंटे में पूरे महीने की बारिश:4 की मौत, एयरपोर्ट पर 7 हजार लोग फंसे; पहली बार खतरे की सबसे ऊंची चेतावनी जारी

जापान की राजधानी टोक्यो से सटे चिबा प्रांत में गुरुवार रात महज एक घंटे में 115 मिमी बारिश हुई। यह सामान्य तौर पर पूरे अगस्त महीने में होने वाली बारिश के बराबर है। मूसलाधार बारिश के बाद कई इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति बन गई, जिसमें अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 5 घायल भी हुए हैं। भारी बारिश के कारण नारिता एयरपोर्ट पर 7 हजार यात्री रातभर फंसे रहे, जबकि 4 लाख से ज्यादा लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने का आदेश देना पड़ा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने पहली बार इस इलाके के लिए लेवल-5 की सबसे ऊंची चेतावनी जारी की है। यह सबसे ऊंचा अलर्ट होता है, जिसे जान पर तत्काल खतरा होने की स्थिति में जारी किया जाता है। 45 हजार घरों की बिजली गई, सेना राहत काम में जुटी मौसम विज्ञान एजेंसी के मुताबिक, गर्म और नमी वाली हवा जब ऊपर मौजूद ठंडी हवा से मिली, तो वातावरण बेहद खराब हो गया। इसी वजह से बहुत तेज बारिश हुई। विभाग ने बताया कि शुक्रवार देर रात तक बारिश जारी रहने की आशंका है। लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन से हालात बिगड़ गए। करीब 45 हजार घरों की बिजली गुल हो गई, जबकि राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए जापान की सेना भी तैनात की गई है। कारों में फंसे लोगों की जान गई इचिकावा शहर में बाढ़ से भरी सड़क पर 60 से 70 साल उम्र के एक व्यक्ति का शव मिला। वहीं, सकुरा शहर में 66 साल की एक महिला की मौत हो गई। उनकी कार बाढ़ के पानी में फंस गई थी। इसके अलावा दो और लोगों की भी मौत हुई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, वे भी बाढ़ के दौरान अपनी कारों से बाहर नहीं निकल सके। गवर्नर बोले- ऐसा पहले कभी नहीं देखा चिबा के गवर्नर तोशिहितो कुमागाई ने शुक्रवार सुबह पत्रकारों से कहा कि जापान के पुराने मौसम रिकॉर्ड को देखते हुए भी यह बेहद खराब स्थिति है। उन्होंने कहा- बेहद खतरनाक हालात हैं। मैंने जीवन में पहले भी कई प्राकृतिक आपदाओं का सामना किया है, लेकिन इस तरह की स्थिति पहले कभी नहीं देखी। कुमागाई ने कहा कि प्रशासन की पहली प्राथमिकता लोगों की जान बचाना है और बचाव अभियान जारी रखा जाएगा। बारिश थमी, लेकिन खतरा अभी बरकरार शुक्रवार को बारिश कम हो गई, लेकिन प्रशासन ने अभी भी बाढ़ के खतरे को लेकर लोगों को सावधान किया है। जापान के भूमि, बुनियादी ढांचा, परिवहन और पर्यटन मंत्रालय के अधिकारी कज़ुहितो शिमामोटो ने लोगों से कहा कि जिन इलाकों में बाढ़ का खतरा ज्यादा है, वहां अपनी सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएं। उन्होंने लोगों से स्थानीय प्रशासन के निकासी आदेशों पर ध्यान देने और खतरा बढ़ने से पहले सुरक्षित जगह जाने की अपील की। जापान में 15 दिन में 3 तूफान आए मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन की वजह से जापान में बहुत ज्यादा बारिश और दूसरी खतरनाक मौसम की घटनाएं बढ़ रही हैं। बीते 15 दिनों के भीतर जापान ने एक-एक कर 3 बड़े तूफानों- ‘डॉल्फिन’, ‘चैन-होम’ और ‘पीलोउ’ का सामना किया है। इस वजह से कई शहरों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश, भूस्खलन और भीषण बाढ़ जैसे हालात हैं। ओकिनावा से लेकर टोक्यो तक जनजीवन ठप हो गया है, उड़ानें रद्द हैं और हजारों घरों में अंधेरा छाया हुआ है। —————————– जापान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… जापान में 200kmph की रफ्तार से बढ़ रहा डॉल्फिन तूफान:2.6 लाख लोगों को घर छोड़ने का आदेश; टोयोटा ने 9 फैक्ट्रियों में काम रोका

जापान की ओर करीब 200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से डॉल्फिन तूफान बढ़ रहा है। इसकी वजह से 2.6 लाख लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने के आदेश दिए गए हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…

मानसून में मेकअप रहेगा घंटों फ्रेश, मेकअप आर्टिस्ट के ये टिप्स आएंगे काम!

 बारिश और उमस के मौसम में मेकअप करना जितना आसान लगता है, उसे लंबे समय तक फ्रेश और सही रखना उतना ही मुश्किल होता है। इस मौसम में हवा में नमी ज्यादा होने के कारण चेहरे पर पसीना जल्दी आने लगता है और बारिश की बूंदें भी मेकअप को खराब कर सकती हैं। बेस, फाउंडेशन और आई मेकअप कुछ ही समय में फैलने या पैची दिखने लगते हैं।

मानसून में मेकअप को लंबे समय तक फ्रेश रखने के लिए बहुत ज्यादा प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं है। बस मेकअप करने के तरीके में थोड़ा बदलाव करें और कुछ आसान टिप्स अपनाएं।

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स्टेप 1: स्किन क्लीनिंग

सबसे पहले माइल्ड फेसवॉश से चेहरा साफ करें, ताकि धूल, पसीना और अतिरिक्त तेल निकल जाए। इसके बाद गुलाब जल या कूलिंग टोनर लगाएं और ऑयल-फ्री मॉइस्चराइजर से स्किन को हल्का हाइड्रेट करें। बर्फ को सीधे चेहरे पर न लगाएं, बल्कि कपड़े में लपेटकर 3 से 5 मिनट तक हल्के हाथों से चेहरे पर घुमाएं। इसके बाद प्राइमर लगाएं, खासकर माथे, नाक और ठोड़ी यानी टी-जोन पर।

स्टेप 2: लाइट बेस 

मानसून में फाउंडेशन की मोटी परत लगाने से बचें। पसीने और उमस में ज्यादा मेकअप जल्दी पैची दिख सकता है। बीबी क्रीम, स्किन टिंट या टिंटेड मॉइस्चराइजर जैसे हल्के बेस का इस्तेमाल करें। इसे ब्यूटी ब्लेंडर से अच्छी तरह ब्लेंड करें। कंसीलर को सिर्फ जरूरत वाली जगह पर लगाएं और हल्के ट्रांसलूसेंट पाउडर से बेस को सेट कर दें।

स्टेप 3: वाटरप्रूफ प्रोडक्ट 

बारिश में काजल, मस्कारा और आईलाइनर जल्दी फैल सकते हैं। इसलिए वाटरप्रूफ और स्मज-प्रूफ प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें। होंठों के लिए ट्रांसफर-प्रूफ लिपस्टिक या लिप टिंट चुनें। लिप लाइनर लगाने के बाद लिपस्टिक लगाने से रंग ज्यादा देर तक टिका रह सकता है। बहुत ज्यादा ग्लॉस लगाने से बचें।

स्टेप 4: मेकअप सेट 

मेकअप पूरा होने के बाद सेटिंग स्प्रे लगाएं, ताकि सभी लेयर्स अच्छी तरह सेट रहें। बाहर जाते समय बैग में कॉम्पैक्ट पाउडर, ब्लॉटिंग पेपर और मिनी सेटिंग स्प्रे रखें। चेहरा ऑयली होने पर पहले ब्लॉटिंग पेपर से तेल हटाएं और फिर हल्का टच-अप करें। चेहरे को बार-बार छूने और बारिश में मेकअप को रगड़ने से बचें।

बारिश और उमस में मेकअप को लंबे समय तक फ्रेश रखना मुश्किल जरूर है, लेकिन सही तरीके से किया जाए तो यह आसानी से टिक सकता है। हल्का मेकअप करें, चेहरे को बार-बार न छुएं और बारिश में भीगने पर मेकअप को रगड़ने से बचें। इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर मानसून में भी आपका लुक साफ-सुथरा और खूबसूरत बना रहेगा।

अहमदाबाद में जलभराव से परेशान नागरिकों के लिए राहत: अमित शाह के पत्र के बाद AMC एक्शन में, मास्टर प्लान तैयार

अहमदाबाद में जलभराव से परेशान नागरिकों के लिए राहत: अमित शाह के पत्र के बाद AMC एक्शन में, मास्टर प्लान तैयार

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अहमदाबाद शहर के कुछ क्षेत्रों में हर मानसून में पैदा होने वाली जलभराव की गंभीर समस्या को ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा इसके स्थायी समाधान के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। आंबली, बोपल, घुमा और शेला जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में बारिश के पानी के भराव से होने वाली परेशानियों का केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने गंभीर संज्ञान लिया है। उन्होंने इस मुद्दे पर गुजरात के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर नागरिकों को राहत दिलाने और स्थायी समाधान के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।

 

 AMC द्वारा हाइड्रोलॉजिकल सर्वे और मास्टर प्लान की तैयारी

केंद्रीय गृहमंत्री के निर्देश मिलते ही अहमदाबाद नगर निगम (AMC) तुरंत एक्शन मोड में आ गया है। निगम द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक हाइड्रोलॉजिकल सर्वे कराया गया है। इस सर्वे के निष्कर्षों के आधार पर बारिश के पानी की त्वरित और उचित निकासी के लिए एक विशेष 'स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज मास्टर प्लान' तैयार किया गया है, जिसे भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है।

 

ड्रेनेज नेटवर्क का सुदृढ़ीकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास

इस मास्टर प्लान के तहत वर्तमान ड्रेनेज नेटवर्क की क्षमता और कनेक्टिविटी का मूल्यांकन किया गया है। इसके अनुसार नया ड्रेनेज नेटवर्क तैयार करने के साथ-साथ अलग-अलग क्षेत्रों की लाइनों को आपस में जोड़ने (इंटर-कनेक्शन) की योजना बनाई गई है। इसके अलावा, बार-बार पानी भरने वाले 'वाटर-लॉगिंग स्पॉट्स' की पहचान कर उन्हें दूर करने की कार्यवाही शुरू कर दी गई है। निचले इलाकों में लंबे समय तक पानी जमा न रहे और पानी का बहाव सुचारू रूप से बना रहे, इसके लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा (इंफ्रास्ट्रक्चर) विकसित किया जाएगा।
 

गोता-गोधावी नहर, साबरमती नदी और स्थायी समाधान की उम्मीद

योजना के मुख्य भाग के रूप में बारिश के पानी को गोता-गोधावी नहर तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी, जबकि अन्य आवश्यक स्थानों से पानी के बहाव को साबरमती नदी तक पहुंचाने की योजना है। इन कदमों के लागू होने के बाद आंबली, बोपल, घुमा और शेला के निवासियों को मानसून के दौरान जलभराव की समस्या से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। अब मास्टर प्लान के चरणबद्ध कार्यान्वयन पर नजर रखी जाएगी ताकि हर साल आने वाली इस मुसीबत का स्थायी समाधान हो सके।

Heavy Rain Alert 14 Aug: आज यूपी संग इन 6 राज्यों में आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश! दिल्ली-NCR में भी मौसम बदलेगा, ऑरेंज अलर्ट जारी

देश के बड़े हिस्से में मानसूनी गतिविधियां एक बार फिर बेहद उग्र रूप धारण करने वाली हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 14 अगस्त के लिए ताजा बुलेटिन जारी करते हुए उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की गंभीर चेतावनी जारी की है। इन राज्यों के अलग-अलग इलाकों में बादलों की गड़गड़ाहट और तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने कई इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए आम लोगों और प्रशासन को सजग रहने की सलाह दी है।

दिल्ली-NCR, पंजाब और हरियाणा में भी बदलेगा मौसम

राजधानी दिल्ली और उससे सटे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में आज मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा और पंजाब के छिटपुट इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ भारी बारिश के आसार बने हुए हैं। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और पूर्वी राजस्थान के इलाकों में भी तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मैदानी इलाकों में बारिश के कारण तापमान में गिरावट आएगी, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से काफी राहत मिलेगी, हालांकि निचले इलाकों में जलभराव की समस्या बढ़ सकती है।

उत्तर-पूर्व और मध्य भारत में उग्र मानसूनी हलचल

मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार देश के पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्यों में भी मानसून जमकर बरसेगा। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, बिहार, ओडिशा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश का दौर जारी रहने वाला है। इसके साथ ही मध्य भारत के पश्चिमी मध्य प्रदेश और विदर्भ क्षेत्रों में भी मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पहाड़ी और संवेदनशील क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी का खतरा मंडरा रहा है।

दक्षिण भारत और तटीय इलाकों में तेज हवाओं का प्रकोप

दक्षिण और पश्चिमी भारत के तटीय इलाकों में भी मौसम काफी अशांत बना रहेगा। कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र, केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल के छिटपुट जगहों पर भारी बारिश का अनुमान है। इसके अलावा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने और बिजली चमकने की चेतावनी जारी की गई है। तटीय कर्नाटक, ओडिशा, राजस्थान, तेलंगाना और लक्षद्वीप के क्षेत्रों में भी 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और वज्रपात की संभावना बनी हुई है। तटीय आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल और तेलंगाना के मैदानी इलाकों में दिन के समय भी काफी तेज सतह हवाएं चल सकती हैं।

अरब सागर में उथल-पुथल, मछुआरों के लिए अलर्ट

मौसम प्रणाली में हो रहे बदलावों का सीधा असर समुद्री इलाकों पर भी पड़ रहा है। अरब सागर के मध्य और पश्चिम-मध्य भागों में, खास तौर पर सोमालिया और ओमान तट के आसपास 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की संभावना है, जिनकी रफ्तार बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। समुद्र में उठने वाली ऊंची लहरों और प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए मौसम विज्ञान विभाग ने मछुआरों को सलाह दी है कि वे गहरे समुद्र में जाने से बचें और तटीय दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें।

Delhi Weather Today: राजधानी में आज और कल होगी बारिश! तापमान रहेगा 35°C से नीचे, जानें मौसम का पूरा अपडेट

Delhi Weather Today: दिल्ली में शुक्रवार, 14 अगस्त को मौसम सुहावना और बादलों से घिरा रह सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, दिनभर आसमान में बादल छाए रहने के साथ कुछ इलाकों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। इस दौरान अधिकतम तापमान 33°C से 35°C के बीच रहने की उम्मीद है, जबकि न्यूनतम तापमान 26°C से 28°C के बीच रह सकता है। IMD के अनुसार, दिन में उत्तर-पश्चिम दिशा से लगभग 5-15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।

यह मौसम अपडेट ऐसे समय आया है जब गुरुवार को दिल्ली के कई हिस्सों में बारिश हुई। बारिश के चलते पीक ऑवर्स में लोगों को ट्रैफिक जाम और जलभराव की परेशानी झेलनी पड़ी। कई प्रमुख सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी रही और लंबा जाम देखने को मिला।

वहीं, सेंट्रल दिल्ली में बारिश ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दीं, जहां पहले से ही लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस की फुल ड्रेस रिहर्सल को लेकर ट्रैफिक प्रतिबंध और कई जगह रूट डायवर्जन लागू थे।

सुबह और शाम को बारिश की संभावना

IMD के अनुमान के मुताबिक, सुबह से दोपहर के बीच कुछ जगहों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है, जबकि शाम से रात के बीच कई इलाकों में बारिश का एक और दौर देखने के मिल सकता है। वहीं, 24 घंटे में कुल बारिश बहुत हल्की से हल्की श्रेणी में रहने की उम्मीद है।

बता दें कि यह अनुमान तब आया है जब गुरुवार को दिल्ली में अधिकतम तापमान 35.2°C और न्यूनतम तापमान 28°C दर्ज किया गया, और दिन के दौरान कोई बारिश नहीं हुई।

मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार, अगस्त की शुरुआत में हुई भारी बारिश की तुलना में बारिश की गतिविधि अपेक्षाकृत कम रहेगी। हालांकि, छिटपुट बारिश से गर्मी और उमस से कुछ समय के लिए राहत मिल सकती है।

इस बीच, कई दिनों तक AQI संतोषजनक रहने के बाद गुरुवार को दिल्ली की हवा की गुणवत्ता ‘मध्यम’ श्रेणी में आ गई। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के अनुसार, 24 घंटे का औसत AQI 105 रहा, जो 12 से अधिक दिनों में शहर का पहला ‘मध्यम’ AQI वाला दिन था।

स्वतंत्रता दिवस पर भी बारिश के आसार

IMD ने शनिवार, 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस के लिए भी दिल्ली में बारिश का अनुमान जताया है। इस दौरान अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।

मौसम विभाग के मुताबिक, बहुत हल्की से हल्की बारिश होने की संभावना है। सुबह 4 बजे से 6 बजे के बीच लगभग 5mm बारिश हो सकती है, जिसकी संभावना 70% है। इसके अलावा, सुबह 6 बजे से 9 बजे के बीच भी लगभग 5 mm बारिश की उम्मीद है, जिसकी संभावना 60% है।

वहीं, दोपहर से शाम के बीच लगभग 3 mm बहुत हल्की बारिश भी हो सकती है, जिसकी संभावना भी 60% है।

राजधानी में वीकेंड के दौरान आम तौर पर बादल छाए रहने और कभी-कभार बहुत हल्की बारिश होने की संभावना है। 16 और 17 अगस्त को अधिकतम तापमान 33°C-35°C के आसपास रहने और न्यूनतम तापमान 23°C से 25°C के बीच रहने की उम्मीद है।

18 और 19 अगस्त के लिए, अधिकतम तापमान 32°C से 35°C के बीच रहने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान 22°C-24°C के आसपास रह सकता है।

मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली और उत्तर-पश्चिम भारत में मॉनसून का पैटर्न सक्रिय रहने की उम्मीद है, और 14-15 अगस्त के आसपास दिल्ली और आसपास के इलाकों में व्यापक बारिश का अनुमान है।

इसलिए यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अचानक होने वाली बारिश के लिए सतर्क रहें, खासकर यात्रा के व्यस्त समय के दौरान, क्योंकि थोड़ी सी बारिश से भी निचले इलाकों में जल-जमाव और ट्रैफिक में रुकावट आ सकती है।

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