Gift Nifty Indicator: ग्लोबल बाजारों में गिरावट के बीच क्या हरे निशान में खुलेंगे भारतीय बाजार, जानें गिफ्ट निफ्टी से क्या मिल रहा है संकेत

Gift Nifty Indicator:  कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, US-ईरान शांति समझौते की दिशा में प्रगति की उम्मीदें और घरेलू कंपनियों की अच्छी कमाई का माहौल भारतीय इक्विटी को सहारा दे सकता है। हालांकि एशियाई टेक्नोलॉजी शेयरों में कमजोरी का असर क्षेत्रीय बाजारों पर पड़ रहा है। यहीं कारण है कि 6 अगस्त को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के बढ़त के साथ खुलने की उम्मीद है। ग्लोबल संकेतों के मिले-जुले होने के बावजूद GIFT निफ्टी पॉजिटिव शुरुआत का संकेत दे रहा है।

सुबह लगभग 7:45 बजे GIFT निफ्टी 58.5 अंक या 0.24 फीसदी बढ़कर 24,693 पर ट्रेड कर रहा था, जो संकेत देता है कि निफ्टी 50 बुधवार के 24,624.65 के क्लोजिंग लेवल से ऊपर खुल सकता है। यह पॉजिटिव संकेत भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स के बुधवार के सेशन में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की मॉनेटरी पॉलिसी की घोषणा के बाद मजबूती के साथ बंद होने के बाद आया है। सेंसेक्स 152.05 अंक या 0.19 फीसदी बढ़कर 78,581.00 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 9.75 अंक या 0.04 फीसदी बढ़कर 24,624.65 पर पहुंचा और क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के बाद 24,600 के स्तर से ऊपर बंद होने में कामयाब रहा।

एशियाई बाजारों में गिरावट

बुधवार की जोरदार तेजी के बाद एशियाई इक्विटी में सुस्ती देखी गई, जिसमें वॉल स्ट्रीट में रात भर की कमजोरी के बाद टेक्नोलॉजी शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट आई। जापान को छोड़कर एशिया-पैसिफिक शेयरों के MSCI के सबसे बड़े इंडेक्स में 0.69 प्रतिशत की गिरावट आई। जापान का निक्केई 225 1.57 प्रतिशत गिरा, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी 3.64 फीसदी नीचे आया क्योंकि बड़ी चिप बनाने वाली कंपनियों पर दबाव था। सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स में 2.44 फीसदी की गिरावट आई, जबकि SK हाइनिक्स लगभग 7 फीसदी लुढ़क गया।

US बाजार रात भर मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए, जिसमें डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज एक और रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। ईरान के साथ संभावित शांति समझौते की दिशा में प्रगति को लेकर उम्मीद टेक्नोलॉजी शेयरों में कमजोरी पर भारी पड़ी। डाउ में 0.49 फीसदी की बढ़त हुई, जबकि S&P 500 में 0.17 फीसदी और नैस्डैक कंपोजिट में 0.83 प्रतिशत की गिरावट आई, क्योंकि तिमाही नतीजों के बाद स्पेसएक्स और एडवांस्ड माइक्रो डिवाइसेस के शेयरों में कमजोरी देखी गई।

तेल की कीमतों में नरमी

कच्चे तेल की कीमतों में थोड़ी गिरावट आई क्योंकि निवेशक यह आकलन कर रहे थे कि क्या ईरान-ओमान बातचीत में हुई प्रगति से अंततः अमेरिका-ईरान के बीच व्यापक शांति समझौते और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के फिर से खुलने का रास्ता साफ हो सकता है। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.18 प्रतिशत गिरकर 79.31 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 0.35 प्रतिशत गिरकर 74.96 डॉलर पर आ गया।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के पॉलिसी फैसले के बाद, अब निवेशकों का ध्यान अप्रैल-जून तिमाही के जारी अर्निंग्स सीजन (कंपनियों के नतीजों के दौर) पर लौटने की उम्मीद है। कंपनियों के नतीजे और मैनेजमेंट की कमेंट्री स्टॉक-स्पेसिफिक हलचल के मुख्य कारण बने रहेंगे, जबकि मध्य पूर्व से जुड़ी वैश्विक घटनाएं और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव व्यापक बाजार धारणा को प्रभावित करते रहेंगे।

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने बुधवार को लगातार छह सत्रों से जारी खरीदारी का सिलसिला तोड़ दिया और वे नेट सेलर (शुद्ध विक्रेता) बन गए, तथा 943 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर बेचे। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 2,883 करोड़ रुपये के शेयर खरीदकर बाजार को सहारा दिया, जिससे विदेशी बिकवाली के असर को कम करने में मदद मिली।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, फ्लैट हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gift Nifty Indicator: क्रूड में नरमी क्या बाजार में भरेगी जोश, जानें गिफ्ट निफ्टी क्या दे रहा हैं संकेत, RBI की पॉलिसी पर नजर

Gift Nifty Indicator: बुधवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के बढ़त के साथ खुलने की उम्मीद है। वॉल स्ट्रीट के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने और जियोपॉलिटिकल तनाव कम होने , कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट के कारण एशियाई बाजारों में तेजी के बाद GIFT निफ्टी मजबूत शुरुआत का संकेत दे रहा है। आज सबकी नजरें RBI के पॉलिसी फ़ैसले पर होंगी, जिससे बैंकों, NBFCs, ऑटो और रियल्टी जैसे ब्याज दरों से असर पड़ने वाले सेक्टर के शेयरों पर ध्यान रहेगा।

सुबह करीब 8 बजे GIFT निफ्टी 165 अंक या 0.67 फीसदी की बढ़त के साथ 24,745 पर ट्रेड कर रहा था, जो यह संकेत देता है कि निफ्टी 50 मंगलवार के 24,614.90 के क्लोजिंग स्तर से काफी ऊपर खुल सकता है। बाजार के सकारात्मक शुरुआत के संकेत तब आए हैं जब भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स ने मंगलवार को लगातार चार सत्रों की बढ़त का सिलसिला तोड़ दिया था। सेंसेक्स 210.08 अंक या 0.27 प्रतिशत गिरकर 78,428.95 पर आ गया, जबकि निफ्टी 159.40 अंक या 0.64 प्रतिशत गिरकर 24,614.90 पर बंद हुआ। RBI के पॉलिसी फैसले और साप्ताहिक डेरिवेटिव्स एक्सपायरी से पहले निवेशकों ने मुनाफावसूली की।

एशियाई बाजारों में तेजी, वॉल स्ट्रीट रिकॉर्ड ऊंचाई पर

बुधवार को एशियाई इक्विटी में वैश्विक तेजी जारी रही, क्योंकि टेक्नोलॉजी कंपनियों की अच्छी कमाई और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने की दिशा में प्रगति की उम्मीदों ने निवेशकों का उत्साह बढ़ाया। जापान का निक्केई 225 3 फीसदी बढ़ा, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी 3.4 फीसदी चढ़ा। जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे व्यापक इंडेक्स 1.5 फीसदी ऊपर चढ़ा।

शुरुआती एशियाई कारोबार में अमेरिकी फ्यूचर्स मिले-जुले रहे, जिसमें बेंचमार्क के नए ऑल-टाइम हाई पर पहुंचने के बाद S&P 500 फ्यूचर्स 0.2 फीसदी ऊपर चढ़े।

अमेरिकी इक्विटी में रात भर आई तेजी के बाद वैश्विक धारणा में काफी सुधार हुआ। अच्छी कॉर्पोरेट कमाई और जियोपॉलिटिकल चिंताओं में कमी के कारण डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज और S&P 500 रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुए। डॉव 1.71 प्रतिशत चढ़ा, जबकि S&P 500 में 1.79 फीसदी और नैस्डैक कंपोजिट में 2.59 फीसदी की बढ़त हुई। पैलांटिर टेक्नोलॉजीज और कैटरपिलर जैसी AI से जुड़ी कंपनियों के शानदार तिमाही नतीजों और सालाना अनुमानों में बढ़ोतरी के बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ा। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने भी जोखिम लेने की क्षमता को बढ़ावा दिया।

तेल की कीमतों में गिरावट जारी

पिछले सेशन में 5 प्रतिशत से ज़्यादा गिरने के बाद कच्चे तेल की कीमतें दबाव में रहीं, क्योंकि US-ईरान विवाद को खत्म करने के लिए बातचीत में प्रगति की उम्मीदों ने लंबे समय तक सप्लाई में रुकावट के डर को कम कर दिया। ब्रेंट क्रूड 0.4 फीसदी गिरकर $79.02 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 0.5 फीसदी गिरकर $75.35 पर आ गया।

RBI के पॉलिसी फैसले पर नज़र

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि US-ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर उम्मीद और उसके कारण कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने बाजार के निकट-अवधि के नजरिए को मजबूत किया है, जबकि विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों की लगातार खरीदारी से भी बाजार की धारणा को मजबूती मिल रही है।

पोनमुडी ने कहा कि निवेशकों का ध्यान अब पूरी तरह से बुधवार को आने वाले RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी के फैसले पर है। बाजार के प्रतिभागी महंगाई, लिक्विडिटी, ग्रोथ और व्यापक पॉलिसी आउटलुक पर केंद्रीय बैंक की टिप्पणी पर बारीकी से नज़र रखेंगे।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा बाजार के मजबूत खुलने की शुरुआत, RBI पॉलिसी पर होगी बाजार की नजर

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gift Nifty Indicator: बाजार के लिए क्या आज मंगल होगा दिन, जानें गिफ्ट निफ्टी से क्या मिल रहे है संकेत

Gift Nifty Indicator: मंगलवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में बहुत कम बदलाव के साथ शुरुआत होने की संभावना है। सोमवार को Nifty के ऑफिशियल क्लोजिंग लेवल में CAS (क्लोजिंग ऑक्शन सेशन) की वजह से आई तेजी के बाद GIFT Nifty सुस्त शुरुआत का संकेत दे रहा है। नए शुरू किए गए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के पहले दिन बेंचमार्क इंडेक्स में ज़बरदस्त तेजी देखी गई थी, लेकिन GIFT Nifty से मिल रहे संकेत बताते हैं कि ग्लोबल मार्केट से सपोर्ट मिलने के बावजूद, मार्केट की शुरुआत उस ऑक्शन से तय क्लोजिंग लेवल से नीचे हो सकती है। निवेशक इस हफ़्ते के आखिर में आने वाले रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के मॉनेटरी पॉलिसी फ़ैसले और जून तिमाही के जारी नतीजों (अर्निंग्स सीज़न) पर भी कड़ी नज़र रखेंगे।

सुबह करीब 8:10 बजे GIFT Nifty, NSE IFSC पर पिछले सेशन की क्लोजिंग से लगभग 10 अंक नीचे 24,655 पर ट्रेड कर रहा था। इससे सोमवार की जबरदस्त रैली के बाद Nifty 50 की शुरुआत के ज़्यादातर फ़्लैट रहने का संकेत मिलता है। यह शुरुआती स्तर Nifty के 24,774.30 के ऑफिशियल क्लोजिंग लेवल से भी नीचे था, जो क्लोजिंग ऑक्शन सेशन के पहले दिन से प्रभावित था।

सोमवार को भारतीय इक्विटी मार्केट में लगातार चौथे सेशन में तेज़ी जारी रही। अलग-अलग सेक्टर में बड़े पैमाने पर हुई खरीदारी के सपोर्ट से Sensex 544.39 अंक या 0.70 प्रतिशत बढ़कर 78,639.03 पर पहुंच गया, जबकि Nifty 390.70 अंक या 1.60 प्रतिशत बढ़कर 24,774.30 पर बंद हुआ।

Wall Street में तेजी, एशियाई बाजारों में गिरावट

मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल तनाव कम होने से ऑयल की कीमतें तेज़ी से गिरीं और रिस्क लेने की क्षमता में सुधार हुआ, जिससे US इक्विटी मार्केट ने अगस्त की शुरुआत मज़बूती के साथ की और ग्लोबल संकेत सपोर्टिव बने रहे। Dow Jones Industrial Average 1.32 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड क्लोजिंग हाई पर पहुंच गया, जबकि S&P 500 में 1.48 प्रतिशत और Nasdaq Composite में 2.13 प्रतिशत की बढ़त हुई।

यह रैली US-Iran संघर्ष में तनाव कम होने के संकेतों के बाद आई। इससे ट्रेज़री यील्ड में भी गिरावट आई और अर्निंग्स व इकोनॉमिक डेटा के लिहाज़ से व्यस्त हफ़्ते से पहले निवेशकों का भरोसा बढ़ा। मंगलवार को ग्लोबल रैली के बाद एशियाई बाज़ारों में पॉज़िटिव लेकिन सतर्क रुख देखा गया। जापान को छोड़कर एशिया-पैसिफिक शेयरों के MSCI के सबसे बड़े इंडेक्स में 0.1 प्रतिशत की मामूली बढ़त हुई, जिसमें दक्षिण कोरिया में 2.1 प्रतिशत तक की तेज़ी का अहम योगदान रहा। जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 0.3 प्रतिशत गिर गया, जबकि S&P 500 फ्यूचर्स में मामूली बढ़त देखी गई।

तेज गिरावट के बाद तेल की कीमतों में सुधार

पिछले सेशन में भारी गिरावट के बाद कच्चे तेल की कीमतों में मामूली सुधार हुआ। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.7 प्रतिशत बढ़कर 84.39 डॉलर प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 0.7 प्रतिशत बढ़कर 80.95 डॉलर पर पहुंच गया। यह सुधार सोमवार को ब्रेंट क्रूड में 7 प्रतिशत की गिरावट के बाद आया है, क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच डिप्लोमैटिक प्रोग्रेस की उम्मीदों ने लंबे समय तक सप्लाई में रुकावट की चिंताओं को कम कर दिया है। हालांकि कीमतों में थोड़ी रिकवरी हुई है, लेकिन ये अभी भी पिछले हफ़्ते के हाई लेवल से काफी नीचे हैं।

इंडेक्स पर क्या होनी चाहिए रणनीति 

आज निफ्टी 50 के आउटलुक पर बात करते हुए, रेलिगेयर ब्रोकिंग में रिसर्च के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अजीत मिश्रा ने कहा कि निफ्टी 50 ने 24,400 के अहम रेजिस्टेंस ज़ोन (जो 200-दिन के DEMA के बराबर है) को साफ़ तौर पर पार करके अपने तेज़ी वाले स्ट्रक्चर को मज़बूत किया है। यह ब्रेकआउट जारी रिकवरी को और मज़बूत करता है और जल्द ही 25,000–25,200 ज़ोन की ओर बढ़ने का रास्ता खोलता है। नीचे की तरफ़, अगर प्रॉफ़िट-बुकिंग होती है, तो 24,350–24,500 का इलाका तुरंत सपोर्ट का काम कर सकता है।

आज बैंक निफ्टी के आउटलुक पर, एनरिच मनी के CEO पोनमुडी R का मानना ​​है कि बैंक निफ्टी अपनी रिकवरी को आगे बढ़ा रहा है और अपने 20, 50, 100 और 200-दिन के EMA से ऊपर आराम से ट्रेड कर रहा है, जो बैंकिंग सेक्टर में लगातार मज़बूती दिखाता है। टेक्निकली, 58,000 ज़ोन से ऊपर लगातार बने रहने से खरीदारी की रफ़्तार बढ़ सकती है और इंडेक्स 58,300–58,500 के इलाके की ओर बढ़ सकता है।

नीचे की तरफ़, 57,300–57,400 का स्तर शॉर्ट-टर्म सपोर्ट का काम करता है, जिसे ठीक नीचे 57,000 के राउंड नंबर का सहारा मिलता है। इंडेक्स को इस दायरे से ऊपर बनाए रखने से तेज़ी का मौजूदा ट्रेंड बना रहता है, जबकि 57,000 से नीचे जाने पर शॉर्ट-टर्म में प्रॉफ़िट-बुकिंग हो सकती है। कुल मिलाकर, शॉर्ट-टर्म टेक्निकल आउटलुक पॉज़िटिव बना हुआ है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, फ्लैट हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market cues : हालिया रैली के बाद अब निफ्टी में हल्का कंसोलिडेशन मुमकिन, 24774 के ऊपर जाने पर ही बढ़ेगी तेजी

Trade setup for today : कल 3 अगस्त को निफ्टी में 1.6 फीसदी की बढ़त देखने को मिली। जिससे नए हफ्ते की शुरुआत मज़बूती के साथ। लगातार चौथे सेशन में बाजार में तेजी आगे बढ़ती नजर आई। निफ्टी ने 24,600 पर स्थित अप्रैल के स्विंग हाई को पार कर लिया और 23.6 फीसदी फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल से ऊपर बंद हुआ। मोमेंटम इंडिकेटर्स में भी बुलिश क्रॉसओवर दिखे। तेल की गिरती कीमतों और इंडिया VIX में नरमी ने भी इस तेजी में अच्छा रोल निभाया। हालिया तेजी के बाद अब निफ्टी में कुछ कंसोलिडेशन देखने को मिल सकता है। निफ्टी के लिए 24,600-24,500 के जोन में तत्काल सपोर्ट है। हालांकि,आगे 24,774 के लेवल से ऊपर की टिकाऊ तेजी नफ्टी के लिए 24,850 का दरवाज़ा खोल सकती है,जिसके बाद 25,000-25,150 के जोन में अगला रेजिस्टेंस होगा।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,589, 24,528, और 24,429

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,787, 24,848 और 24,947

निफ्टी ने कल डेली चार्ट पर एक लॉन्ग बुलिश कैंडल बनाई और फरवरी के हाई से अप्रैल के लो तक के करेक्शन के 23.6 फीसदी फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल से काफी ऊपर बंद हुआ। यह एक मजबूत बुलिश ट्रेंड का संकेत है। इंडेक्स आसानी से अप्रैल और जुलाई के पिछले स्विंग हाई को जोड़ने वाली डाउनवर्ड स्लोपिंग ट्रेंडलाइन से भी ऊपर चला गया,जिससे आगे सपोर्ट मिलने की उम्मीद है। निफ्टी अपने सभी अहम एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) से ऊपर बने रहने में कामयाब रहा और शॉर्ट-टर्म और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज का ट्रेंड भी ऊपर की ओर बना रहा। RSI पॉजिटिव क्रॉसओवर के साथ 66.87 पर पहुंच गया, जबकि MACD ने बुलिश क्रॉसओवर बनाए रखा,जिसमें फैलते हुए हरे हिस्टोग्राम बार मज़बूत बुलिश मोमेंटम का संकेत देते नजर आए।

बैंक निफ्टी

पिवट प्वांइट के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,286, 58,471 और 58,769

पिवट प्वांइट के आधार पर सपोर्ट: 57,689, 57,504 और 57,205

फिबोनाची रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,247, 61,787

फिबोनाची रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,305, 56,441

बैंक निफ्टी 1.72 फीसदी चढ़ा और गैप-अप ओपनिंग के बाद डेली टाइमफ्रेम पर एक लॉन्ग बुलिश कैंडल बनाया। यह अपने सभी अहम मूविंग एवरेज से काफी ऊपर बना रहा। इससे पता चलता है कि बुल्स मजबूत हो रहे हैं,हालांकि मोमेंटम इंडिकेटर्स में अभी और मजबूती दिखनी बाकी है। पिछले पांच सेशन में कंसोलिडेट होने के बाद इंडेक्स मई के लो से जून के हाई तक की रैली के 23.6 फीसदी फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल से भी ऊपर चला गया। RSI पॉजिटिव क्रॉसओवर के साथ 58.63 पर पहुंच गया,जबकि MACD बुलिश क्रॉसओवर की कगार पर है,जिसमें फीके पड़ते लाल हिस्टोग्राम बार कमजोर होते बेयरिश मोमेंटम को दिखा रहे हैं।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

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इंडिया VIX

मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX सोमवार को 1.45 फीसदी बढ़कर 11.925 पर पहुंचने के बावजूद निचले जोन में ही रहा। इंडेक्स अपने सभी अहम मूविंग एवरेज से भी काफी नीचे रहा। यह तेजड़ियों के लिए अच्छा संकेत है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 3 अगस्त को पिछले सेशन के 1.39 से बढ़कर 1.4 हो गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Nifty Outlook: 3 अगस्त को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, कौन से लेवल अहम रहेंगे? एक्सपर्ट्स से जानिए

Nifty Outlook: शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार तीसरे कारोबारी दिन तेजी देखने को मिली। निफ्टी 66 अंक चढ़कर 24,383 पर बंद हुआ। कारोबार की शुरुआत 44 अंकों की बढ़त के साथ हुई और पहले हाफ में निफ्टी 24,429 के इंट्राडे हाई तक पहुंच गया। हालांकि, दिन के आखिर में मुनाफावसूली से कुछ बढ़त कम हो गई।

पिछले सप्ताह के पांच में से चार कारोबारी सत्रों में बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ। इसके चलते निफ्टी ने पूरे हफ्ते में 2.59% की मजबूती दर्ज की।

अब सोमवार, 3 अगस्त से शुरू हो रहे कारोबारी हफ्ते में निफ्टी की चाल कैसी रहेगी। कौन कौन से लेवल अहम रहेंगे, इसे एक्सपर्ट्स से समझेंगे। लेकिन, उससे पहले जान लेते हैं कि पिछले कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन यानी शुक्रवार को क्या हुआ था।

इन शेयरों ने दिखाई सबसे ज्यादा तेजी

निफ्टी 50 में Bajaj Finance, Bajaj Finserv और Jio Financial Services सबसे ज्यादा चढ़ने वाले शेयर रहे। वहीं TCS, Eternal और Infosys ने सबसे कमजोर प्रदर्शन किया।

आईटी, FMCG और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स को छोड़कर लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। सबसे ज्यादा तेजी मीडिया, ऑटो और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में रही। ब्रॉडर मार्केट भी मजबूत रहा। Nifty Midcap 100 और Nifty Smallcap 100 दोनों में 0.44% की बढ़त दर्ज की गई।

इस हफ्ते किन बातों पर रहेगी नजर?

इस सप्ताह बाजार की नजर कई अहम घटनाओं पर रहेगी। इनमें RBI की मौद्रिक नीति (MPC) बैठक, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज PMI के आंकड़े, कच्चे तेल की कीमतें और पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति शामिल हैं।

इसके अलावा जून तिमाही के नतीजों का सीजन भी जारी रहेगा। Divi’s Laboratories, APL Apollo Tubes, CDSL, AU Small Finance Bank और Persistent Systems जैसी कंपनियों के नतीजों पर निवेशकों की नजर रहेगी।

FCNR जमा से बाजार को मिल सकता है सहारा

8 जून से 31 जुलाई के बीच बैंकों ने RBI की विशेष स्वैप सुविधा के तहत FCNR(B) डिपॉजिट्स के जरिए 36.7 अरब डॉलर जुटाए हैं। बेहतर ब्याज दरों और एनआरआई निवेशकों की दिलचस्पी से मिले इन फंड्स से बाजार में लिक्विडिटी बढ़ने की उम्मीद है।

निफ्टी पर एक्सपर्ट्स की राय

HDFC Securities के नागराज शेट्टी का कहना है कि निफ्टी का ट्रेंड अभी भी मजबूत बना हुआ है। अगर इंडेक्स 24,400 के ऊपर टिकता है, तो यह 24,600-24,700 तक जा सकता है। वहीं 24,200 पर मजबूत सपोर्ट है।

HDFC Securities के ही नंदीश शाह के मुताबिक निफ्टी ने 200-Day DEMA और अहम रेजिस्टेंस लेवल के ऊपर वापसी की है। उनके अनुसार 24,530 और 24,778 पर रेजिस्टेंस है, जबकि 24,100 पर सपोर्ट है।

LKP Securities के रूपक डे का कहना है कि निफ्टी अभी भी सकारात्मक रुख बनाए हुए है। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों और पश्चिम एशिया के तनाव की वजह से बाजार में कुछ सतर्कता बनी हुई है। उनके मुताबिक 24,200 सपोर्ट और 24,500 रेजिस्टेंस का स्तर रहेगा।

Angel One के हितेश राठी का मानना है कि निफ्टी में मजबूत तेजी तभी आएगी, जब यह 24,550-24,600 के ऊपर टिकेगा। अगर इंडेक्स 24,650-24,700 के ऊपर निकलता है, तो बाजार में बड़ी तेजी देखने को मिल सकती है। नीचे की तरफ 24,250-24,200 पहला सपोर्ट और 23,980-23,950 मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है।

बैंक निफ्टी का क्या रहा हाल?

बैंक निफ्टी का प्रदर्शन निफ्टी से कमजोर रहा। इंडेक्स 0.10% की मामूली गिरावट के साथ 57,148 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 56,769 तक फिसला था, लेकिन निचले स्तरों पर खरीदारी से इसमें रिकवरी आई।

पिछले चार सत्रों से बैंक निफ्टी 56,672 से 57,330 के दायरे में कारोबार कर रहा है, जिससे साफ है कि फिलहाल इसमें सीमित दायरे में कारोबार हो रहा है।

SBI Securities के सुदीप शाह के मुताबिक बैंक निफ्टी के लिए 57,500-57,600 का स्तर अहम रेजिस्टेंस है। अगर यह इसके ऊपर निकलता है, तो 58,000 और फिर 58,400 तक तेजी आ सकती है। वहीं 56,700-56,600 का दायरा मजबूत सपोर्ट बना हुआ है।

Stocks to Buy: ये 7 शेयर दे सकते हैं 60% तक रिटर्न, एक्सपर्ट्स ने खरीदने की सलाह दी

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market cues : निफ्टी 24500-24600 पर स्थित अगले रेजिस्टेंस की और बढ़ने को तैयार, आज इन अहम लेवल्स पर रहे नजर

Trade setup for today : 30 जुलाई को सीमित दायरे में कारोबार करने के बावजूद निफ्टी मे 0.3 फीसदी की बढ़त देखने को मिली। मोमेंटम इंडिकेटर्स में सुधार,इंडेक्स का शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से काफी ऊपर बने रहना, साथ ही अच्छे ट्रेडिंग वॉल्यूम के साथ’हायर हाई-हायर लो’पैटर्न का बनना, कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता और इंडिया VIX में नरमी जैसी बातों देखते हुए उम्मीद है कि इंडेक्स 24,400 (200 डे EMA) के अपने अगले रेजिस्टेंस लेवल की ओर बढ़ता नजर आएगा। मार्केट दिग्गजों का कहना है कि निफ्टी अब 24,400 (200 डे EMA) के आसपास स्थित अगले रेजिस्टेंस की ओर बढ़ता नजर आ सकता है। अगर यह 24,100 पर स्थित सपोर्ट को बचाए रख पाता है तो इसके लिए 24,500-24,600 के जोन (पिछले स्विंग हाई) की ओर बढ़ने का रास्ता खुल सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,223, 24,186 और 24,127

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,342, 24,379 और 24,438

निफ्टी ने पिछले हफ्ते हुए नुकसान की भरपाई करते हुए अपनी बढ़त बनाए रखी है। इसने डेली टाइमफ़्रेम पर स्मॉल अपर और लोअर विक्स (wicks) के साथ एक बुलिश कैंडलस्टिक बनाई है। यह 200-डे EMA और पिछले स्विंग हाई जैसे ओवरहेड रेजिस्टेंस लेवल के पास कंसोलिडेशन का संकेत है। वहीं,’हायर हाई-हायर लो’का पैटर्न भी बना हुआ है। निफ्टी अपने 20, 50 और 100 डे EMA के ऊपर बना हुआ है। यह तेजी बने रहने का संकेत है। RSI बढ़कर 57.66 पर पहुंच गया है और रेफरेंस लाइन के ऊपर टिका हुआ है। वहीं,MACD भी बुलिश क्रॉसओवर के करीब है। ये सभी इंडिकेटर तेजी के मोमेंटम के मजबूत होने और आगे और बढ़त की संभावना की ओर इशारा कर रहे हैं,बशर्ते अहम सपोर्ट लेवल बचे रहें।

बैंक निफ्टी

पिवट प्वाइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,230, 57,340 और 57,519

पिवट प्वाइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 56,872, 56,762 और 56,583

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,253, 59,247

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,441, 55,742

लगातार चौथे ट्रेडिंग सेशन में बैंक निफ्टी 20 डे, 50 डे और 100 डे EMA के बीच और मई के लो से जून के हाई तक की रैली के 23.6% और 38.2% फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल के दायरे में ट्रेड करता रहा। इससे बाजार की दिशा साफ न होने का संकेत मिलता है। इसने डेली चार्ट पर’डोजि'(Doji)जैसा कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया,जो एक और सेशन में मार्केट में दुविधा या अनिश्चितता बने रहने का संकेत है। RSI 49.44 पर स्थिर रहा और रेफरेंस लाइन के नीचे बना रहा। इससे पता चलता है कि इसमें कोई मजबूत तेजी या मंदी का मोमेंटम नहीं है। वहीं, MACD धीरे-धीरे जीरो लाइन की ओर नीचे आता रहा। हालांकि रेड हिस्टोग्राम बार्स में गिरावट में कमी दिखी। ये सभी संकेत बताते हैं कि बैंक निफ्टी के तब तक एक दायरे में ही घूमता रह सकता है, जब तक कि कोई निर्णायक ब्रेकआउट या ब्रेकडाउन नहीं होता।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो (करोड़ रुपए में)

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इंडिया VIX

मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX गुरुवार को 1.23 प्रतिशत बढ़कर 12.15 पर पहुंचने के बावजूद निचले स्तरों के आसपास बना रहा और अपने सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड करता रहा। यह मार्केट में स्थिरता के साथ तेजड़ियों के लिए अनुकूल माहौल का संकेत है। अगर यह लगातार 12 के स्तर से नीचे बना रहता है,तो इससे तेजड़ियों को और राहत मिल सकती है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 30 जुलाई को बढ़कर 1.26 पर पहुंच गया,जबकि पिछले सेशन में यह 1.18 के लेवल पर था। PCR का बढ़ना या 0.7 से ज़्यादा होना या इसका 1 से ऊपर निकल जाना,यह बताता है कि ट्रेडर्स कॉल ऑप्शन के मुकाबले पुट ऑप्शन ज्यादा बेच रहे हैं। आम तौर पर,यह बाजार में तेजी का संकेत होता है। अगर यह रेश्यो 0.7 से नीचे गिरता है या 0.5 की तरफ जाता है,तो इसका मतलब है कि पुट के मुकाबले कॉल की बिक्री ज्यादा हो रही है,जो बाजार में मंदी का संकेत है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market cues : बाजार में बुलिश मोमेंटम मजबूत रहने के संकेत, हल्के ठहराव में बाद इंडेक्स फिर पकड़ेंगे रफ्तार

Trade setup for today : निफ्टी में इस हफ्ते दूसरी बार गैप-अप ओपनिंग देखने को मिली। इसने पिछले शुक्रवार के निचले स्तर से 2.75 प्रतिशत की बढ़त हासिल की है। ​​29 जुलाई को 1.1 प्रतिशत ऊपर बंद होकर निफ्टी ने अगस्त सीरीज़ की मज़बूत शुरुआत की है। शॉर्ट से मीडियम टर्म मूविंग एवरेज और 100 डे EMA के ऊपर बढ़त,साथ ही डाउनवर्ड स्लोपिंग रेजिस्टेंस ट्रेंडलाइन के ऊपर ब्रेकआउट और मोमेंटम इंडिकेटर्स में और सुधार से मार्केट के सेंटीमेंट में सुधार आया है। कच्चे तेल में नरमी से बाजार को बड़ा सपोर्ट मिला है। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि एक अच्छी रैली के बाद भले ही निफ्टी में कुछ समय के लिए ठहराव आए,लेकिन कुल मिलाकर इसका ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है। अगर निफ्टी 24,100-24,000 के अहम सपोर्ट जोन के ऊपर टिका रहता है,तो इसमें और तेजी आ सकती है और यह 24,400-24,500 के जोन तक जा सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,167, 24,133 और 24,077

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,280, 24,314 और 24,370

पिछले दो सेशन में 24,000 के लेवल के पास कंसोलिडेशन देखने को मिला। इसके बाद मज़बूत गैप-अप ओपनिंग के साथ निफ्टी 50 ने कल डेली टाइमफ्रेम पर एक बुलिश कैंडल बनाई। यह बाजार में अच्छी खरीदारी आने का संकेत है। निफ्टी 200 डे EMA को छोड़कर सभी अहम मूविंग एवरेज के ऊपर वापस आ गया। 200 डे EMA अगले रेजिस्टेंस जोन के तौर पर काम कर सकता है। यह जून के निचले स्तर से जुलाई के ऊंचे स्तर तक की रैली के 23.6 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल के ऊपर भी चला गया। बुल्लिश क्रॉसओवर के साथ RSI बढ़कर 56.11 हो गया,जबकि MACD रेफरेंस लाइन के नीचे रहने के बावजूद ऊपर की ओर बढ़ता रहा। इसके साथ ही हिस्टोग्राम की लाल बार्स कमजोरी कम होने का संकेत दे रही हैं। ये सभी बातें बुल्लिश मोमेंटम के मजबूत होने और आगे और बढ़त की संभावना का संकेत दे रही हैं।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,298, 57,386 और 57,530

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,010, 56,921 और 56,777

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,253, 59,247

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,441, 55,742

बैंक निफ्टी में कल 0.8 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली। इसने एक छोटी बॉडी वाली बुलिश कैंडल बनाई,जिसमें नीचे की तरफ एक साफ विक (wick) और ऊपर की तरफ एक छोटी विक थी। यह निचले स्तरों पर आई खरीदारी का संकेत है। इंडेक्स ने 20 डे EMA को टेस्ट किया लेकिन उसके ऊपर बंद होने में नाकाम रहा। इसके साथ ही,यह मई के निचले स्तर से जून के ऊंचे स्तर तक की रैली के 23.6 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल के ऊपर भी बंद नहीं हो पाया। हालांकि,यह अपने मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज के ऊपर बना रहा। RSI बढ़कर 49.95 हो गया,लेकिन रेफरेंस लाइन से नीचे ही रहा। MACD सिग्नल लाइन के नीचे बना रहा,हालांकि हिस्टोग्राम की लाल बार्स हल्की पड़ती दिखीं। इससे पता चलता है कि मंदी का मोमेंटम कम हो रहा है। ये सभी बातें मोमेंटम में सुधार का संकेत देती हैं,लेकिन मज़बूत तेजी के ट्रेंड की पुष्टि के लिए तत्काल रेजिस्टेंस लेवल के ऊपर एक टिकाऊ चाल की जरूरत होगी।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 29 जुलाई को भी खरीदारी जारी रखी और ₹2,981 करोड़ के भारतीय शेयर खरीदे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी नेट खरीदार के तौर पर लगभग ₹1,000 करोड़ का निवेश किया।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

इंडिया VIX

मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाले India VIX में बुधवार को लगातार तीसरे सेशन में गिरावट जारी रही। यह 4.42% गिरकर 12 के जोन (7 जुलाई के बाद का सबसे निचला क्लोजिंग लेवल)पर आ गया और सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा। यह तेजड़ियों के लिए अच्छा संकेत है। अगर इसमें और गिरावट आती है और यह 12 के जोन से नीचे बना रहता है,तो बुल्स को और भी ज्यादा राहत मिल सकती है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 29 जुलाई को पिछले सेशन के 1.05 से बढ़कर 1.18 हो गया। PCR का बढ़ना या 0.7 से ज़्यादा होना या इसका 1 से ऊपर निकल जाना,यह बताता है कि ट्रेडर्स कॉल ऑप्शन के मुकाबले पुट ऑप्शन ज्यादा बेच रहे हैं। आम तौर पर,यह बाजार में तेजी का संकेत होता है। अगर यह रेश्यो 0.7 से नीचे गिरता है या 0.5 की तरफ जाता है,तो इसका मतलब है कि पुट के मुकाबले कॉल की बिक्री ज्यादा हो रही है,जो बाजार में मंदी का संकेत है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: सम्मान कैपिटल

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Gift Nifty Indicator: क्रूड में उबाल से क्या लाल होगा बाजार या बुल्स भरेगा आज नई उड़ान, जानें गिफ्ट निफ्टी क्या दे रहा है संकेत

Gift Nifty Indicator: बुधवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के तेजी के साथ खुलने की उम्मीद है। GIFT निफ्टी गैप-अप शुरुआत का संकेत दे रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि एशियाई बाज़ार मंगलवार की भारी बिकवाली से उबर गए हैं। US फेडरल रिज़र्व के पॉलिसी फैसले और बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों की कमाई की रिपोर्ट से पहले आई उम्मीद ने ग्लोबल रिस्क सेंटीमेंट को बेहतर बनाया है।

सुबह 8:15 बजे GIFT निफ्टी 245 अंक या 1.02 फीसदी बढ़कर 24,230 पर ट्रेड कर रहा था, जिससे संकेत मिलता है कि निफ्टी 50 मंगलवार की क्लोजिंग 23,985.35 से काफी ऊपर खुल सकता है। यह सकारात्मक संकेत तब आया है जब मंगलवार को भारतीय शेयर बाज़ार में ज़्यादातर सपाट कारोबार हुआ था। सेंसेक्स 69.86 अंक या 0.09 प्रतिशत गिरकर 76,765.92 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 10.60 अंक या 0.04 प्रतिशत गिरकर 23,985.35 पर बंद हुआ। IT, ऑटो और रियल्टी शेयरों में बढ़त के बावजूद एनर्जी, FMCG, मेटल और बैंकिंग शेयरों में कमजोरी के कारण बाज़ार में गिरावट रही।

भारी बिकवाली के बाद एशियाई बाजारों में रिकवरी

पिछले सेशन में भारी नुकसान के बाद बुधवार को एशियाई शेयरों में रिकवरी हुई, क्योंकि निवेशक US फेडरल रिज़र्व के पॉलिसी फ़ैसले और बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों की कमाई का इंतज़ार कर रहे थे।

मंगलवार को 3.6 प्रतिशत गिरने के बाद MSCI का एशिया-पैसिफिक शेयरों (जापान को छोड़कर) का सबसे बड़ा इंडेक्स 0.8 प्रतिशत बढ़ा। दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 1 प्रतिशत से ज़्यादा की बढ़त हुई, जबकि जापान के निक्केई में लगभग 1 प्रतिशत की तेज़ी आई। नैस्डैक फ्यूचर्स 0.5 प्रतिशत बढ़े और यूरोपीय फ्यूचर्स ने भी मज़बूत शुरुआत का संकेत दिया।

यह रिकवरी AI से जुड़े खर्च, चिप-सेक्टर के वैल्यूएशन और बढ़ती प्रतिस्पर्धा को लेकर बनी चिंताओं के बावजूद हुई, जिनकी वजह से इस हफ़्ते की शुरुआत में टेक्नोलॉजी शेयरों में भारी बिकवाली हुई थी।

मिडिल ईस्ट में नए तनाव के कारण क्रूड में उछाल

मिडिल ईस्ट में नए तनाव के कारण हाल के दिनों में देखी गई शांति खत्म हो गई और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 3 प्रतिशत बढ़कर $86.80 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 3 प्रतिशत से ज़्यादा बढ़कर $81.95 पर पहुंच गया। यह बढ़त तब हुई जब US सेना ने कहा कि ईरान ने कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं जिन्हें सफलतापूर्वक रोक दिया गया। मंगलवार को अमेरिकी बाज़ार मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए। एप्पल और दूसरी बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों के नतीजे आने से पहले, सेमीकंडक्टर शेयरों में आई गिरावट की भरपाई डिफेंसिव हैवीवेट शेयरों में हुई बढ़त से हो गई।

S&P 500 में 0.21 प्रतिशत की बढ़त हुई, जबकि डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 1.03 प्रतिशत चढ़ा। नैस्डैक कंपोजिट 0.22 प्रतिशत गिरा क्योंकि निवेशक टेक्नोलॉजी शेयरों को लेकर सतर्क रहे।

उम्मीद है कि फेडरल रिजर्व बुधवार को बाद में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा; बाज़ार में दरों में कोई बदलाव न होने की संभावना 71 प्रतिशत और 25-बेसिस-पॉइंट की बढ़ोतरी की संभावना 29 प्रतिशत मानी जा रही है।

निफ्टी- बैंक निफ्टी पर क्या बनाए रणनीति

HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी ने कहा कि सोमवार को आई ज़बरदस्त तेज़ी के बाद, कमज़ोर ग्लोबल मार्केट संकेतों के बीच मंगलवार को निफ्टी 50 कंसोलिडेशन के दौर में चला गया। उन्होंने बताया कि डेली चार्ट पर इंडेक्स ने एक छोटी बुलिश कैंडलस्टिक बनाई है, जिसमें ऊपर की तरफ़ एक छोटी शैडो (upper shadow) है। यह 24,000–24,100 के अहम रेजिस्टेंस ज़ोन के पास उतार-चढ़ाव वाली चाल (choppy price action) का संकेत देता है, जो ‘पोलैरिटी में बदलाव’ (change in polarity) के कॉन्सेप्ट के अनुरूप है।

शेट्टी के अनुसार, जारी कंसोलिडेशन के बावजूद निफ्टी का शॉर्ट-टर्म ट्रेंड पॉज़िटिव बना हुआ है। हालांकि, इंडेक्स के एक अहम ओवरहेड रेजिस्टेंस के पास होने की वजह से, उन्हें उम्मीद है कि 24,100 के लेवल के ऊपर निर्णायक ब्रेकआउट की कोशिश करने से पहले, मार्केट में निकट भविष्य में और कंसोलिडेशन या मामूली पुलबैक देखने को मिल सकता है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, मजबूत हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gift Nifty Indicator: क्रूड में नरमी क्या बाजार में भरेगी आज जोश, जानें गिफ्ट निफ्टी से क्या मिल रहे संकेत

Gift Nifty Indicator: मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल तनाव कम होने और कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट से ग्लोबल रिस्क लेने की क्षमता में सुधार हुआ है। निवेशक सेंट्रल बैंक की मीटिंग, कॉर्पोरेट अर्निंग और गल्फ में डेवलपमेंट से भरे इस हफ्ते पर भी नजर रखेंगे। यहीं वजह है कि सोमवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के ऊपर खुलने की संभावना है, GIFT निफ्टी के साथ एक मजबूत शुरुआत का संकेत है।

गिफ्ट निफ्टी 23,947 के लेवल पर ट्रेड कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले क्लोज से लगभग 140.5 पॉइंट्स का प्रीमियम है। शुक्रवार को, भारतीय शेयर बाज़ार लगातार पांचवें सेशन में गिरावट के साथ बंद हुए थे। बेंचमार्क निफ्टी 50 23,800 के लेवल से नीचे चला गया। सेंसेक्स 331.62 पॉइंट्स या 0.43% गिरकर 76,059.77 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 102.15 पॉइंट्स या 0.43% गिरकर 23,767.45 पर बंद हुआ।

एशियाई बाजारों में बढ़त

US और ईरान के बीच दुश्मनी में ठहराव के बाद सोमवार को एशियाई इक्विटी में तेजी आई, जिससे संघर्ष के डिप्लोमैटिक समाधान की उम्मीदें बढ़ीं, जिससे कच्चे तेल की कीमतें तेजी से नीचे आईं और महंगाई को लेकर चिंताएं कम हुईं। बाजारों ने उन रिपोर्टों का स्वागत किया कि जब तक अमेरिका आगे हमले नहीं करता, ईरान हमले रोक देगा।

जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स 0.3 परसेंट बढ़ा, जबकि जापान का निक्केई 0.4 परसेंट और साउथ कोरिया का कोस्पी 0.6 परसेंट बढ़ा। US फ्यूचर्स ने भी मज़बूत शुरुआत की, S&P 500 फ्यूचर्स 0.8 परसेंट और नैस्डैक फ्यूचर्स 1.3 परसेंट बढ़े। यूरोपियन फ्यूचर्स भी ज़्यादा थे।

क्रूड 5% गिरा

लड़ाई में साफ रुकावट के बाद सप्लाई में लंबे समय तक रुकावट की आशंका कम होने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से गिरावट आई। ब्रेंट क्रूड 5.2 परसेंट गिरकर $91.73 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 5.4 परसेंट गिरकर $84.45 पर आ गया। हाल ही में लड़ाई बढ़ने के दौरान ब्रेंट के कुछ समय के लिए $100 प्रति बैरल से ऊपर जाने के बाद दोनों बेंचमार्क लगभग एक हफ़्ते में अपने सबसे निचले लेवल पर आ गए।

फेड और बिग टेक की कमाई से पहले वॉल स्ट्रीट में मिला-जुला रुख रहा। शुक्रवार को US मार्केट मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए, क्योंकि इन्वेस्टर्स इस हफ़्ते की फेडरल रिज़र्व पॉलिसी मीटिंग और बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों की कमाई पर नज़र रखे हुए थे। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.46 परसेंट बढ़ा, जबकि S&P 500 0.05 परसेंट बढ़ा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े भारी खर्च की चिंताओं के बीच सेमीकंडक्टर स्टॉक दबाव में रहने से नैस्डैक कंपोजिट 0.64 परसेंट गिर गया।

निफ्टी- बैंक निफ्टी के लिए अहम लेवल

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि तेल की कीमतों में गिरावट से महंगाई की चिंताओं को कम करने और सेंट्रल बैंकों पर मॉनेटरी पॉलिसी को और सख्त करने का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, मिडिल ईस्ट में हो रहे डेवलपमेंट मार्केट सेंटिमेंट और कमोडिटी की कीमतों के मुख्य ड्राइवर बने रहेंगे।

पोनमुडी ने कहा कि निफ्टी में शॉर्ट-टर्म में मंदी का रुझान बना हुआ है। 23,800-24,000 ज़ोन अभी भी तुरंत रेजिस्टेंस बना हुआ है, और इसके ऊपर लगातार मूव करने से सेंटिमेंट में सुधार होगा और 24,200 की ओर रास्ता खुलेगा। नीचे की तरफ, 23,700-23,600 मुख्य सपोर्ट एरिया है, और 23,600 से नीचे जाने पर गिरावट 23,500-23,300 ज़ोन तक बढ़ सकती है।

HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी के अनुसार, निफ्टी 50 इंडेक्स ने निचले लेवल के पास एक मजबूत बुलिश कैंडलस्टिक बनाया, जो निचले लेवल पर खरीदारी की दिलचस्पी बढ़ने का संकेत है। उन्होंने बताया कि निफ्टी 50 अभी 23,600 के आसपास एक ज़रूरी सपोर्ट ज़ोन के पास है, जो 15 जून के अपसाइड गैप और एक बढ़ती हुई ट्रेंडलाइन के साथ मेल खाता है, जिससे शॉर्ट-टर्म पुलबैक की संभावना बढ़ जाती है।

हालांकि शॉर्ट-टर्म ट्रेंड नेगेटिव हो गया है, शेट्टी का मानना ​​है कि मीडियम से लॉन्ग-टर्म अपट्रेंड बना हुआ है। उन्हें उम्मीद है कि मौजूदा कमजोरी के फिर से शुरू होने से पहले, आने वाले हफ्ते में इंडेक्स 24,200 पर तुरंत रेजिस्टेंस की ओर थोड़ा उछाल देखेगा। उन्होंने आगे कहा कि 23,600 का लेवल देखने के लिए मुख्य सपोर्ट बना हुआ है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, मजबूत हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market cues : बाजार में घबराहट तो बढ़ी लेकिन अभी तक पैनिक की स्थिति नहीं, 23800 का सपोर्ट टूटने पर बढ़ सकती है गिरावट

Trade setup for today : मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल के पार चली गईं,जिससे निफ्टी लगातार चौथे सेशन में दबाव में रहा। 23 जुलाई को इसमें 0.53% की गिरावट आई और यह अपने सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे आ गया। मोमेंटम इंडिकेटर्स भी मंदी के रुझान के मजबूत होने का संकेत दे रहे हैं। हालिया कमजोरी ने इंडेक्स को अहम 23,800 के सपोर्ट लेवल के करीब पहुंचा दिया है।

बाजार जानकारों का कहना है कि अगर निफ्टी 23,800 के सपोर्ट लेवल से नीचे गिरता है तो यह गिरावट 23,650-23,600 के जोन तक बढ़ सकती। अगर यह इस जोन से भी नीचे जाता है तो इंडेक्स 23,500 के लेवल तक गिर सकता है,जो अगला अहम सपोर्ट लेवल बन सकता है। वहीं, ऊपर की तरफ 24,000-24,100 का जोन एक अहम रेजिस्टेंस एरिया बना रह सकता है

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,819, 23,776 और 23,706

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 23,959, 24,003 और 24,073

डेली चार्ट पर,निफ्टी ने दोनों तरफ शैडो वाली एक छोटी बॉडी वाली बेयरिश कैंडल बनाई,जो’हाई वेव’कैंडलस्टिक पैटर्न जैसी दिखती है। यह अपने सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे आ गया,जिससे पता चलता है कि मार्केट पर मंदड़ियों का कंट्रोल बढ़ रहा है। इंडेक्स जून के निचले स्तर से जुलाई के ऊंचे स्तर तक की हालिया रैली के 50 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के करीब भी पहुंच गया। इस लेवल को आम तौर पर एक मजबूत सपोर्ट माना जाता है।

रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स(RSI)गिरकर 45.36 पर आ गया,जबकि मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (MACD) जीरो लाइन के नीचे और गिर गया और रेड हिस्टोग्राम बार और बढ़ गया। कुल मिलाकर,ये इंडिकेटर बताते हैं कि मंदी का रुझान मजबूत हो रहा है।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 56,844, 56,975 और 57,188

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 56,420, 56,289 और 56,077

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,253, 59,247

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,441, 55,742

बैंक निफ्टी गैप-डाउन ओपनिंग के बाद 0.94 प्रतिशत गिर गया और दोनों तरफ विक्स (wicks) वाली एक बेयरिश कैंडलस्टिक बनाई। यह ज्यादा उतार-चढ़ाव के बीच कमजोरी का संकेत है। बैंकिंग इंडेक्स अपने 20-दिन, 50-दिन और 100-दिन के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज(EMA)से नीचे गिर गया। हालांकि इंट्राडे में यह 200-दिन के EMA से नीचे चला गया था,लेकिन यह उस लेवल से ऊपर बंद होने में कामयाब रहा।

शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज में गिरावट का ट्रेंड जारी रहा। मोमेंटम इंडिकेटर भी और कमज़ोर हुए और RSI गिरकर 44.2 पर आ गया। MACD में भी गिरावट का रुख बना रहा और रेड हिस्टोग्राम बार और बढ़ गया। कुल मिलाकर,ये इंडिकेटर बताते हैं कि बेयरिश मोमेंटम मज़बूत हो रहा है,हालांकि 200-दिन का EMA अभी भी एक अहम सपोर्ट लेवल बना हुआ है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

23 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार दूसरे सेशन में भी बिकवाली जारी रखी और लगभग 3,000 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार दो सेशन तक बिकवाली करने के बाद खरीदारी की और 2,947 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव का अनुमान लगाने वाला इंडिया VIX कल ऊपर की ओर बढ़ा। यह 1.37 प्रतिशत बढ़कर 13.47 पर पहुंच गया,जो,तेजड़ियों के लिए परेशानी का संकेत है। हालांकि,जब तक यह 15 के स्तर से नीचे है,तब तक यह इंडेक्स चिंताजनक स्तर पर नहीं माना जाएगा। अगर यह लगातार 15 के ऊपर बना रहता है,तो बुल्स की बेचैनी बढ़ सकती है। कुल मिलाकर,इससे पता चलता है कि बाजार में घबराहट तो बढ़ रही है,लेकिन अभी तक पैनिक की स्थिति नहीं बनी है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 23 जुलाई को पिछले सेशन के 0.84 से घटकर 0.80 हो गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया

 

 

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