आज का मौसम: 7 चक्रवाती सिस्टम हुए एक्टिव, IMD ने बिहार-यूपी समेत इन 16+ राज्यों में धुंआधार बारिश का अलर्ट दिया, 2 जगहों पर रेड वॉर्निंग

India Weather Update: देश भर में मानसून का सबसे रौद्र और व्यापक रूप देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज 18 जुलाई के लिए देश के बड़े हिस्से में भारी से अत्यंत भारी बारिश और आंधी-तूफान का हाई अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक इस समय देश के वायुमंडल में 7 बड़े चक्रवाती सिस्टम और ट्रफ प्रणालियां एक साथ एक्टिव हैं। इन प्रणालियों के आपस में जुड़ने के कारण देश के 16 से अधिक राज्यों में धुंआधार बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने 2 विशिष्ट क्षेत्रों के लिए रेड वॉर्निंग यानी अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। आइए जानते हैं मौसम विभाग के मुताबिक आज आपके राज्य में मौसम का हाल कैसा रहने वाला है।

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आसमान में सक्रिय हैं ये 7 बड़े सिस्टम

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक वायुमंडल में एक साथ सात बड़ी मौसमी प्रणालियां मानसून को अत्यधिक तीव्र और खतरनाक बना रही हैं। गांगेय पश्चिम बंगाल के पश्चिमी हिस्सों और उसके पड़ोस पर बना कम दबाव का क्षेत्र आज सुबह पश्चिमी गांगेय पश्चिम बंगाल और उससे सटे उत्तरी झारखंड के ऊपर स्थित है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर तक फैला हुआ है और ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका हुआ है। अगले 24 घंटों में इसके धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना है।

मानसून की अक्षीय रेखा इस समय अमृतसर, करनाल, बरेली, लखनऊ, पटना, उत्तरी झारखंड व पश्चिमी गांगेय पश्चिम बंगाल के ऊपर बने लो प्रेशर एरिया के केंद्र और डायमंड हार्बर से होते हुए दक्षिण-पूर्व की ओर उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक गुजर रही है।

उत्तरी हरियाणा के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण: निचले क्षोभमंडल में उत्तरी हरियाणा और उसके आस-पास के इलाके पर समुद्र तल से 1.5 किमी ऊपर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश पर चक्रवाती सिस्टम: पूर्वी यूपी के ऊपर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 1.5 और 3.1 किमी की ऊंचाई के बीच लगातार बना हुआ है।

दक्षिण-पश्चिम राजस्थान पर सिस्टम: दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और उसके आस-पास के इलाकों पर समुद्र तल से 3.1 किमी की ऊंचाई पर एक और चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।

मन्नार की खाड़ी (तमिलनाडु) पर चक्रवाती परिसंचरण: दक्षिण तमिलनाडु से सटे मन्नार की खाड़ी के ऊपर समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती सिस्टम बना हुआ है।

उत्तरी केरल पर चक्रवाती सिस्टम: उत्तरी केरल और उसके आस-पास के इलाके पर समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।

उत्तरी लक्षद्वीप क्षेत्र से दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक उत्तरी केरल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और उत्तरी तमिलनाडु से होकर गुजरने वाली ट्रफ लाइन समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर बनी हुई है। उत्तर-पाकिस्तान के ऊपर बना पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर-पूर्वी असम का सिस्टम अब कमजोर पड़ चुका है, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ की ट्रफ लाइन अभी भी सक्रिय है।

इन 2 जगहों पर अत्यंत भारी बारिश की ‘रेड वॉर्निंग’

मौसम विभाग ने आज कुछ इलाकों में अत्यधिक मूसलाधार बारिश के चलते बाढ़ और जलभराव की चेतावनी दी है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में आज का दिन सबसे भारी रहने वाला है। यहां अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने के साथ-साथ कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश होने का रेड अलर्ट जारी किया गया है।

इन 4 राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

आईएमडी (IMD) के मुताबिक, आज देश के चार प्रमुख राज्यों में मूसलाधार बारिश का ऑरेंज अलर्ट रहेगा। पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में आज अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। मध्य भारत के छत्तीसगढ़ में मानसून पूरी तरह सक्रिय है, यहां बहुत भारी वर्षा का अनुमान है। असम और मेघालय में कई जगहों पर मूसलाधार से बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी। अरुणाचल प्रदेश में आज भारी से बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है।

बिहार-यूपी और एमपी समेत इन 11 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

देश के मैदानी और तटीय इलाकों के कुल 11 राज्यों में आज भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। लो प्रेशर एरिया के प्रभाव से बिहार और झारखंड के अलग-अलग जिलों में आज भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा। उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में आज कई जगहों पर भारी वर्षा का अनुमान है। मध्य प्रदेश के पूर्वी अंचलों में आज बादल जमकर बरसेंगे। हिमाचल प्रदेश में मानसून की सक्रियता से आज कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। तटीय राज्य ओडिशा में आज भारी बारिश का अलर्ट रहेगा। दक्षिण भारत के केरल और माहे में आज भारी बारिश की संभावना है। कर्नाटक राज्य के विभिन्न हिस्सों में आज भारी वर्षा होने की उम्मीद है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, पूर्वोत्तर के इन चारों राज्यों में आज मानसून की छिटपुट से लेकर व्यापक भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

तेलंगाना में थंडरस्क्वाल; कई राज्यों में आंधी-तूफान और बिजली का अलर्ट

बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने हवाओं की रफ्तार और आकाशीय बिजली को लेकर भी सख्त चेतावनी जारी की है। तेलंगाना के अलग-अलग इलाकों में आज गरज-चमक के साथ थंडरस्क्वाल आने की बहुत संभावना है, जहां हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश, तटीय आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में आज गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और बिजली गिरने की आशंका है। बिहार, गांगेय पश्चिम बंगाल, विदर्भ, तटीय कर्नाटक, केरल व माहे, रायलसीमा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, असम व मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में आज गरज-चमक के साथ तीव्र आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। कर्नाटक, रायलसीमा और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में आज दिन भर काफी तेज सतही हवाएं चलने का भी पूर्वानुमान है।

दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में आज जारी रहेगा उमस का कहर

मौसम के इस अनोखे पैटर्न के बीच देश का एक हिस्सा ऐसा भी होगा जहाँ बारिश न होने से लोग परेशान रहेंगे। मौसम विभाग के मुताबिक आज हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली और पंजाब के अलग-अलग जगहों पर मौसम बेहद गर्म और उमस भरा रहने वाला है।

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Delhi Weather Today: दिल्ली में आज पूरे दिन बादल छाए रहे सकते हैं, साथ ही शहर के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश, आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की भी उम्मीद है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राष्ट्रीय राजधानी में पिछले पांच सालों में जुलाई की सबसे गर्म रात दर्ज किए जाने के बाद शनिवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें आंधी-तूफान, तेज हवाओं और थोड़ी देर बारिश की चेतावनी दी गई है।

IMD के अनुसार, शनिवार को अधिकतम तापमान 36°C से 38°C और न्यूनतम तापमान 28°C से 30°C के बीच रहने की संभावना है। सुबह के समय 20–25 किमी/घंटा की रफ्तार से दक्षिण-पश्चिमी हवाएं चलने की उम्मीद है, जो बाद में धीमी होकर 10–15 किमी/घंटा रह जाएंगी।

आंधी-तूफान के लिए येलो अलर्ट

IMD ने अनुमान लगाया है कि कुछ जगहों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश, आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की संभावना है। साथ ही, 20-30 किमी/घंटा की गति तेज जमीनी हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 40 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है। ऐसा खासकर सुबह और दोपहर से पहले के समय में होगा। हालांकि, पूरे शहर में बड़े पैमाने पर बारिश की उम्मीद नहीं है, लेकिन कुछ जगहों पर होने वाली बारिश से मौजूदा गर्मी और उमस से थोड़ी राहत मिल सकती है।

शहर में पिछले पांच सालों में जुलाई की सबसे गर्म रात रही

यह अनुमान दिल्ली में पिछले पांच सालों में जुलाई की सबसे गर्म रात दर्ज किए जाने के एक दिन बाद आया है। बता दें कि सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 31°C तक पहुंच गया, जो सामान्य से लगभग चार डिग्री ज्यादा था। वहीं, शुक्रवार को अधिकतम तापमान भी 38.8°C तक पहुंच गया, जो सामान्य से लगभग 3.6 डिग्री ज्यादा था। बीच-बीच में बादल छाए रहने के बावजूद गर्मी और उमस बनी रही।

यात्रियों के लिए सलाह

मौसम को देखते हुए IMD ने एडवाइजरी करते हुए लिखा, कुछ इलाकों में थोड़ी देर की बारिश और तेज हवाओं के कारण सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं और ट्रैफिक में थोड़ी रुकावट आ सकती है। ऐसे में लोगों को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा करते समय छाता साथ रखें और तूफान के दौरान पेड़ों या कमजोर ढांचों के नीचे शरण लेने से बचें।

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India Weather Update: देश भर में मानसून की रफ्तार अब बेहद आक्रामक हो चुकी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 18 जुलाई के लिए देश के कई हिस्सों में भारी से अत्यंत भारी बारिश, आंधी-तूफान और तेज बिजली गिरने का बड़ा अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस समय देश के आसमान पर 5 एक्टिव मौसमी सिस्टम (एक लो प्रेशर एरिया, एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस, दो अपर एयर साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक ट्रफ) सक्रिय हैं। ये देश के मौसम को पूरी तरह से नियंत्रित कर रहे हैं। इनके चलते देश के 17 राज्यों में मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा।

आइए जानते हैं मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार 18 जुलाई को आपके राज्य में मौसम का मिजाज कैसा रहेगा:-

सिक्किम और उप-हिमालयी बंगाल में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक 18 जुलाई को देश के पूर्वोत्तर और हिमालयी इलाकों में बारिश सबसे घातक रूप ले सकती है। सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश होने की गंभीर आशंका जताई गई है।

इन 4 राज्यों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

IMD ने नीचे दिए गए 5 राज्यों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है:-

उत्तराखंड: देवभूमि में पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश के बीच 18 जुलाई को कुछ हिस्सों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा।

छत्तीसगढ़: मध्य भारत के इस राज्य में मानसून की सक्रियता के चलते कई जगहों पर बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है।

असम और मेघालय: पूर्वोत्तर के इन दोनों राज्यों में मौसम विभाग ने भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

अरुणाचल प्रदेश: यहां के पर्वतीय और तलहटी इलाकों में भी भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

यूपी, बिहार और एमपी समेत इन 11 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

18 जुलाई को देश के कुल 11 राज्यों और क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है:-

उत्तर प्रदेश (पूर्वी): पूर्वी यूपी के इलाकों में मानसून सक्रिय रहेगा और यहां भारी बारिश होने की संभावना है।

बिहार और झारखंड: इन दोनों पड़ोसी राज्यों में बादल जमकर बरसेंगे और कई हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

पूर्वी मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

हिमाचल प्रदेश: पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी बारिश होने का अनुमान है।

ओडिशा: यहां भी मानसून की सक्रियता के चलते अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।

केरल और माहे: दक्षिण भारत के केरल और माहे क्षेत्र में भारी बारिश हो सकती है।

कर्नाटक: कर्नाटक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: पूर्वोत्तर के इन चारों राज्यों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

थंडरस्क्वाल और आंधी-तूफान की चेतावनी

बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने कई राज्यों में तेज रफ्तार हवाओं और बिजली कड़कने का भी पूर्वानुमान व्यक्त किया है। तेलंगाना के अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ थंडरस्क्वाल आने की आशंका है। हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, तटीय आंध्र प्रदेश और आंतरिक कर्नाटक के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और बिजली गिरने की प्रबल आशंका है। बिहार, विदर्भ, गांगेय पश्चिम बंगाल, तटीय कर्नाटक, केरल व माहे, रायलसीमा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।

कपकतर

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, असम व मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा के विभिन्न हिस्सों में कल गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। कर्नाटक, रायलसीमा और तेलंगाना के कुछ इलाकों में कल काफी तेज सतही हवाएं भी चल सकती हैं।

पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में उमस का कहर जारी रहेगा

एक तरफ जहां देश का एक बड़ा हिस्सा बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति से जूझेगा, वहीं उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में लोगों को उमस का सामना करना पड़ेगा। मौसम विभाग के मुताबिक हरियाणा, चंडीगढ़ एवं दिल्ली और पंजाब के अलग-अलग स्थानों पर मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहेगा।

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5 चक्रवाती सिस्टम एक्टिव होने से अगले 7 दिन भारी! IMD ने यूपी-बिहार, उत्तराखंड समेत इन राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट दिया

India Weather Alert: देश भर में मानसून ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के मुताबिक इस समय देश के अलग-अलग हिस्सों में 5 बड़े चक्रवाती सिस्टम और वेदर प्रणालियां सक्रिय हैं। इनके संयुक्त प्रभाव के कारण अगले 7 दिन देश के कई राज्यों के लिए बेहद भारी रहने वाले हैं। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में अगले 7 दिनों के दौरान मूसलाधार से लेकर अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। आइए जानते हैं मौसम विभाग के वैज्ञानिक विश्लेषण के अनुसार, आने वाले दिनों में आपके राज्य में मौसम का हाल कैसा रहेगा।

क्यों एक्टिव हैं 5 चक्रवाती सिस्टम?

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक वायुमंडल में एक साथ कई शक्तिशाली वेदर सिस्टम सक्रिय हैं, जो मानसून को अत्यधिक तीव्र बना रहे हैं। उत्तरी ओडिशा और उससे सटे झारखंड व गांगेय पश्चिम बंगाल पर बना ‘वेल-मार्कड लो-प्रेशर एरिया’ कमजोर होकर अब कम दबाव के क्षेत्र में बदल गया है। यह उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए 17 जुलाई को गांगेय पश्चिम बंगाल और उससे सटे झारखंड व उत्तरी ओडिशा के ऊपर है, जो अगले 24 घंटों में धीरे-धीरे और कमजोर होगा।

एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के रूप में मध्य क्षोभमंडल स्तर पर उत्तरी पाकिस्तान और उसके पड़ोसी क्षेत्रों के ऊपर सक्रिय है। इसके अलावा हरियाणा, असम के ऊपर भी चक्रवाती सिस्टम एक्टिव हैं। उत्तरी लक्षद्वीप क्षेत्र से लेकर दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक एक ट्रफ लाइन गुजर रही है। इसके अलावा मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर है और पूर्वी सिरा निचले क्षोभमंडल स्तर में अपनी सामान्य स्थिति के करीब बना हुआ है।

अत्यंत भारी और मूसलाधार बारिश की चेतावनी (17-19 जुलाई)

इन मौसमी प्रणालियों के चलते देश के कुछ हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो सकते हैं। 17 जुलाई को छत्तीसगढ़ के अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। राज्य में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 17 जुलाई और 20 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके बाद 18 और 19 जुलाई को कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश होने का रेड अलर्ट है। ओडिशा के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके बाद 18 से 20 जुलाई के बीच भी कुछ हिस्सों में भारी बारिश जारी रहेगी।

अगले 7 दिनों का राज्यवार विस्तृत पूर्वानुमान

उत्तर-पश्चिम भारत (उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल)

पश्चिमी यूपी में 17-18 जुलाई और पूर्वी यूपी में 17 जुलाई को छिटपुट बारिश होगी। इसके बाद 19 से 23 जुलाई के दौरान पश्चिमी यूपी में और 18 से 23 जुलाई के दौरान पूर्वी यूपी में अधिकांश स्थानों पर व्यापक बारिश होगी। 19 से 21 जुलाई के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में और 20 से 22 जुलाई के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की चेतावनी है। 18 जुलाई, 22 और 23 जुलाई को पूर्वी यूपी में और 19 व 23 जुलाई को पश्चिमी यूपी में भारी बारिश की संभावना है।

उत्तराखंड में 17 से 23 जुलाई तक और हिमाचल प्रदेश में 18 से 23 जुलाई तक व्यापक बारिश का दौर चलेगा। उत्तराखंड में 18 से 21 जुलाई के बीच और हिमाचल प्रदेश में 19 से 22-जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। इसके अलावा उत्तराखंड में 17 जुलाई, 22 और 23 जुलाई को तथा हिमाचल में 18 व 23 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

जम्मू-कश्मीर में 19 से 23 जुलाई के बीच व्यापक बारिश होगी, जिसमें 20 से 22 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। 19 और 23 जुलाई को भारी बारिश भी हो सकती है। दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में 17-19 जुलाई के दौरान छिटपुट बारिश और फिर 20 से 22 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। पूर्वी राजस्थान में 17-23 जुलाई और पश्चिमी राजस्थान में 18-23 जुलाई के बीच छिटपुट से लेकर व्यापक बारिश का अनुमान है।

पूर्वी भारत (बिहार, झारखंड और बंगाल)

बिहार में आज 17 जुलाई और 22-23 जुलाई को छिटपुट बारिश होगी जबकि 18 से 21 जुलाई के दौरान राज्य में व्यापक बारिश का दौर रहेगा। 19 और 20 जुलाई को बिहार में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा 17-18 जुलाई और 21-23 जुलाई को भारी बारिश की भी संभावना है। इन दोनों क्षेत्रों में 17 से 23 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश होगी। झारखंड में 17 से 20 जुलाई तक और गांगेय पश्चिम बंगाल में आज भारी बारिश की संभावना है।

पूर्वोत्तर भारत (असम, मेघालय और अरुणाचल)

अरुणाचल प्रदेश और असम व मेघालय में 17 से 20 जुलाई के बीच व्यापक बारिश होगी। इस दौरान 17-18 जुलाई को अरुणाचल प्रदेश में और 17-19 जुलाई के दौरान असम व मेघालय में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की आशंका है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 17 से 22 जुलाई के बीच व्यापक रूप से भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

मध्य और पश्चिम भारत (एमपी, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र)

पूर्वी मध्य प्रदेश में 17 से 21 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 21 से 23 जुलाई के बीच व्यापक बारिश होगी। विदर्भ में आज भारी बारिश हो सकती है। कोंकण और गोवा में 17 से 23 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश का दौर जारी रहेगा। मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में आज भारी बारिश होने की उम्मीद है।

दक्षिण भारत (कर्नाटक, केरल और तेलंगाना)

तटीय कर्नाटक में 17 से 23 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी, जबकि केरल, माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में आज (17 जुलाई) बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। तेलंगाना और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में आज भारी बारिश की संभावना है।

आंधी-तूफान, बिजली और कड़कड़ाती हवाओं की चेतावनी

बारिश के साथ ही मौसम विभाग ने कई राज्यों में आंधी-बवंडर का भी अलर्ट दिया है। जम्मू-कश्मीर (17-23 जुलाई), मध्य प्रदेश (17-21 जुलाई), झारखंड (17-21 जुलाई), मध्य महाराष्ट्र व मराठवाड़ा (17-19 जुलाई), उत्तरी आंतरिक कर्नाटक (17-19 जुलाई), तटीय आंध्र प्रदेश व यानम (17-21 जुलाई), रायलसीमा (17 जुलाई), गोवा (17 जुलाई) और तेलंगाना (19-23 जुलाई) में तेज आंधी के साथ बिजली गिरने की आशंका है। गांगेय पश्चिम बंगाल में भी आज ऐसी ही स्थिति रहेगी। तेलंगाना में 17 और 18 जुलाई को अत्यंत तीव्र थंडरस्क्वाल आने की चेतावनी है।

बिहार, अंडमान और निकोबार, तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 17 से 21 जुलाई के बीच और केरल व माहे में 17-19 जुलाई के बीच तेज हवाएं चलेंगी। तटीय कर्नाटक, रायलसीमा, उत्तरी व दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में आने वाले दिनों में तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है।

उमस और गर्म मौसम

एक तरफ जहां देश का बड़ा हिस्सा मूसलाधार बारिश से सराबोर रहेगा, वहीं कुछ इलाकों में बारिश की कमी के कारण उमस परेशान करेगी। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 7 दिनों के दौरान पश्चिम-मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधियां काफी कम रहेंगी। इसके अलावा उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में भी अगले 3 दिनों तक बारिश की रफ्तार धीमी रहेगी।

इसके प्रभाव से आज 17 जुलाई को दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, पूर्वी व पश्चिमी उत्तर प्रदेश, तटीय आंध्र प्रदेश व यानम, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में मौसम बेहद गर्म और उमस भरा रहने वाला है। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब के लोगों को 18 जुलाई को भी इस उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ेगा।

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India Weather Today 17 July: देश भर में मानसून की रफ्तार बेहद तेज हो गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज 17 जुलाई उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल समेत देश के 17 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस समय देश के अलग-अलग हिस्सों में 4 चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulations / चक्रवाती सिस्टम) सक्रिय हैं, जिसके चलते मौसम ने विकराल रूप ले लिया है।

इसके साथ ही तेज आंधी-तूफान, बिजली गिरने और कुछ मैदानी इलाकों में अत्यधिक उमस व गर्मी का भी पूर्वानुमान है। आइए जानते हैं मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक आज आपके राज्य में मौसम का हाल कैसा रहेगा।

क्यों एक्टिव हैं 4 चक्रवाती सिस्टम?

मौसम विभाग के विश्लेषण के मुताबिक, वायुमंडल में एक साथ कई प्रणालियां काम कर रही हैं। उत्तरी ओडिशा और उससे सटे झारखंड व गांगेय पश्चिम बंगाल के ऊपर बना एक ‘वेल-मार्कड लो-प्रेशर एरिया’ अब कमजोर होकर कम दबाव के क्षेत्र में बदल गया है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला है। इसी सिस्टम से लेकर छत्तीसगढ़, विदर्भ, मध्य महाराष्ट्र और दक्षिणी गुजरात राज्य होते हुए पूर्व-मध्य अरब सागर तक एक ट्रफ लाइन गुजर रही है।

4 सक्रिय चक्रवाती सिस्टम: पहला सिस्टम जम्मू संभाग और उसके आस-पास के इलाके में सक्रिय है। दूसरा सिस्टम उत्तरी हरियाणा और उसके पड़ोसी क्षेत्रों के ऊपर बना हुआ है। तीसरा चक्रवाती सिस्टम पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार के ऊपर सक्रिय है। चौथा चक्रवाती सिस्टम दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और उसके आस-पास के क्षेत्र में बना हुआ है। इन प्रणालियों के बीच 19 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने के लिए एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ भी तैयार हो रहा है।

इन राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने तीन राज्यों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है। उत्तरी ओडिशा और झारखंड से सटे इलाकों में बने सिस्टम के कारण यहाँ के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। असम और मेघालय में मानसून पूरी तरह मेहरबान है, यहांआज बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। अरुणाचल प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में आज कुछ जगहों पर मूसलाधार और बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

यूपी, बिहार, झारखंड समेत इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

देश के 11 राज्यों व क्षेत्रों में आज अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है। पूर्वी यूपी और बिहार से सटे इलाकों में चक्रवाती सिस्टम की मौजूदगी के चलते आज पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश होने की उम्मीद है।

बिहार और झारखंड दोनों पड़ोसी राज्यों के अलग-अलग हिस्सों में आज झमाझम भारी बारिश का दौर चलेगा। गांगेय पश्चिम बंगाल के साथ-साथ उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के क्षेत्रों में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान है। पहाड़ी राज्य उत्तराखंड के विभिन्न इलाकों में आज भारी बारिश आफत बन सकती है।

छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश (पूर्वी) में आज कुछ जगहों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में भी आज गरज-चमक के साथ भारी बारिश का अलर्ट है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा पूर्वोत्तर के इन चारों राज्यों में भी आज भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है।

आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं (40-50 kmph) का खतरा

बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में आंधी-बवंडर और बिजली गिरने का भी अलर्ट है। गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश के रायलसीमा और तेलंगाना में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका है। इन राज्यों में बिजली गिरने का भी खतरा है। बिहार, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

पूर्वी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, केरल व माहे, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कुछ हिस्सों में आज बिजली कड़कने और गरज-चमक का अलर्ट है। रायलसीमा और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में आज काफी तेज सतही हवाएं भी चलेंगी।

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कुछ इलाकों में लू और उमस भरी गर्मी का टॉर्चर

मौसम में आए इस बड़े बदलाव के बीच कुछ राज्यों के लोग भीषण गर्मी और उमस से परेशान रहेंगे। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल के कुछ अलग-अलग हिस्सों में आज लू जैसी स्थिति बनी रहेगी। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, आंध्र प्रदेश, तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल के कुछ हिस्सों में आज मौसम बेहद गर्म और अत्यधिक उमस भरा रहने वाला है।

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IMD की चेतावनी: 7 दिन यूपी समेत इन राज्यों में भारी बारिश, 3 चक्रवाती सिस्टम एक्टिव और 72 घंटों में नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस भी बढ़ाएगा आफत!

India Weather Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के मौसम को लेकर एक बड़ा और व्यापक साप्ताहिक पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बने एक बेहद मजबूत वेल-मार्कड लो-प्रेशर एरिया (कम दबाव का क्षेत्र) और देश के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय 3 चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulations) की वजह से अगले 7 दिनों के दौरान उत्तर-पूर्वी भारत, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है।

इसके अलावा अगले 72 घंटों के भीतर (19 जुलाई से) उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) दस्तक देने जा रहा है। ये बारिश की रफ्तार को और तेज कर देगा। मौसम विभाग ने ये भी बताया है कि अगले 3 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों और अगले 7 दिनों तक पश्चिम-मध्य व दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधियों में थोड़ी कमी देखी जा सकती है।

मौसम विभाग के वेदर बुलेटिन के आधार पर आइए जानते हैं पूरे हफ्ते (16 से 22 जुलाई तक) आपके राज्य के मौसम का पूरा हाल।

एक्टिव वेदर सिस्टम्स का विश्लेषण

मौसम विभाग के मुताबिक इस समय वायुमंडल में कई ताकतवर वेदर सिस्टम एक साथ काम कर रहे हैं:-

वेल-मार्कड लो-प्रेशर एरिया: उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा व पश्चिम बंगाल के तटों पर एक मजबूत कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। यह अगले 2 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए उत्तरी ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल को पार करेगा। इसी सिस्टम से लेकर पूर्व-मध्य अरब सागर तक मध्य क्षोभमंडल स्तर में एक ट्रफ लाइन भी गुजर रही है।

इसके अलावा अभी 3 चक्रवाती परिसंचरण एक्टिव हैं। पहला चक्रवाती सिस्टम जम्मू संभाग और उसके आस-पास के क्षेत्र में मध्य क्षोभमंडल स्तर पर सक्रिय है। दूसरा चक्रवाती सिस्टम पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार के ऊपर निचले क्षोभमंडल स्तर पर बना हुआ है। तीसरा चक्रवाती सिस्टम दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और उसके आस-पास के इलाके में मौजूद है। इसके अलावा उत्तर हरियाणा के ऊपर भी एक लोअर ट्रॉपोस्फेरिक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। 19 जुलाई से एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करना शुरू करेगा। इससे पहाड़ों से लेकर मैदानों तक मौसम बदलेगा।

पूरे हफ्ते का राज्यवार वेदर फोरकास्ट और अलर्ट (16-22 जुलाई)

उत्तर-पश्चिम भारत (यूपी, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और पहाड़ी राज्य)

पूर्वी उत्तर प्रदेश में 16-17 जुलाई को छिटपुट बारिश होगी लेकिन 18 से 22 जुलाई के बीच यहां व्यापक बारिश का दौर चलेगा। 17-18 जुलाई और 22 जुलाई को पूर्वी यूपी में भारी बारिश जबकि 19 से 21 जुलाई के बीच बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 16-18 जुलाई तक छिटपुट बारिश के बाद 19 से 22 जुलाई तक व्यापक बारिश और भारी बारिश होने की संभावना है।

दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में 16 से 19 जुलाई तक छिटपुट बारिश की संभावना है। इसके बाद 20 से 22 जुलाई के बीच मौसम करवट लेगा और व्यापक बारिश के साथ कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। उत्तराखंड में पूरे हफ्ते (16-22 जुलाई) व्यापक बारिश होगी। यहां 16-17 जुलाई व 22 जुलाई को भारी बारिश और 18 से 21 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश की चेतावनी है। हिमाचल में 18-22 जुलाई को व्यापक बारिश होगी जिसमें 19-22 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश का अलर्ट शामिल है।

जम्मू-कश्मीर में 18-22 जुलाई को भारी बारिश होगी। यहां 21 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश की आशंका है। पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में 16 से 22 जुलाई तक छिटपुट से लेकर बिखरी हुई बारिश का दौर जारी रहेगा।

पूर्वी भारत (बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल)

ओडिशा में आज (16 जुलाई) कुछ स्थानों पर बहुत भारी से लेकर अत्यंत भारी मूसलाधार बारिश होने की चेतावनी है। इसके बाद 16-18 जुलाई को व्यापक बारिश होगी और 18-20 जुलाई को फिर से भारी बारिश का दौर लौटेगा। 17 जुलाई को यहां बहुत भारी बारिश की संभावना है। बिहार में 17 से 21 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। 16-17 जुलाई और 21-22 जुलाई को भारी बारिश जबकि 18 से 20 जुलाई के दौरान बिहार में बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। झारखंड में 16 से 22 जुलाई तक व्यापक बारिश का अनुमान है जिसमें 16-18 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

गांगेय पश्चिम बंगाल और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 16 से 22 जुलाई तक पूरे हफ्ते भारी और व्यापक बारिश की गतिविधि जारी रहेगी। उप-हिमालयी क्षेत्र में 18-20 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है।

मध्य भारत (मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ)

छत्तीसगढ़ में 16 से 22 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश होगी। 16 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 17-21 ⁠जुलाई के दौरान भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 17-22 जुलाई और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 21-22 जुलाई को व्यापक बारिश होगी। पूर्वी मध्य प्रदेश में 17-21 जुलाई के दौरान भारी बारिश का अलर्ट है। विदर्भ में 20-22 जुलाई को व्यापक बारिश और 17-18 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

पूर्वोत्तर भारत (असम, मेघालय और अन्य राज्य)

असम और मेघालय में पूरे हफ्ते (16-22 जुलाई) व्यापक बारिश जारी रहेगी जिसमें 16 से 19 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी पूरे हफ्ते व्यापक बारिश के साथ भारी बारिश की चेतावनी है। अरुणाचल प्रदेश में 17-19 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

पश्चिम और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत

कोंकण और गोवा में 16 से 22 जुलाई तक पूरे हफ्ते व्यापक से बहुत व्यापक बारिश का दौर जारी रहेगा जिसमें 16 जुलाई को भारी बारिश शामिल है। गुजरात और मध्य महाराष्ट्र में छिटपुट बारिश होगी। तटीय कर्नाटक में 17 से 22 जुलाई तक और केरल में 17 से 21 जुलाई तक व्यापक बारिश होने का अनुमान है। दक्षिण के अन्य राज्यों (तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिल नाडु) में पूरे हफ्ते केवल छिटपुट या बिखरी हुई बारिश ही देखने को मिलेगी।

आंधी-तूफान, बिजली और उमस भरी गर्मी का डबल अटैक

जम्मू-कश्मीर में 16-22 जुलाई तक 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलेंगी। राजस्थान में 20-22 जुलाई को धूलभरी आंधी और बिजली चमकने की संभावना है। झारखंड, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश में भी 16-20 जुलाई के दौरान तेज हवाओं (40-50 किमी/घंटा) के साथ बिजली गिरने का अलर्ट है।

तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा में 16 जुलाई को और तमिलनाडु, पुडुचेरी में 16-17 जुलाई को लू जैसी स्थिति रहेगी। इसके अलावा दिल्ली, हरियाणा, पंजाब में 16-18 जुलाई तक तथा उत्तर प्रदेश (पूर्वी और पश्चिमी) व तेलंगाना में 16 जुलाई को अत्यधिक उमस और पसीने वाली गर्म हवाएं लोगों को परेशान करेंगी।

मछुआरों के लिए समंदर में नो-एंट्री की सलाह

खराब मौसम और तूफानी हवाओं के मद्देनजर मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी है। 16 से 21 जुलाई के दौरान सोमालिया, ओमान के तटों और पश्चिम-मध्य व दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में जाने पर रोक है। गुजरात तट पर 18-21 जुलाई और उत्तरी महाराष्ट्र तट पर 19-20 जुलाई तक मछुआरों को न जाने की हिदायत है।

16 से 18 जुलाई के दौरान गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा तट और उत्तर व मध्य बंगाल की खाड़ी में जाने से बचें। अंडमान सागर में भी 16-17 जुलाई तक समंदर में उतरने पर पूरी तरह पाबंदी लगाई गई है।

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हैवी रेन की रेड वॉर्निंग: IMD ने इन 16 राज्यों में भयंकर बारिश का अलर्ट दिया पर दिल्ली-यूपी को राहत नहीं! ये 6 चक्रवाती सिस्टम एक्टिव

India Weather Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के मौसम को लेकर अपना वेदर बुलेटिन जारी किया है। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक देश के अलग-अलग हिस्सों में 1 कम दबाव का क्षेत्र और 6 बड़े चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulations) एक्टिव हैं। इन खतरनाक वेदर सिस्टम्स की वजह से ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश की रेड वॉर्निंग जारी की गई है। इसके साथ देश के 16 राज्यों में मूसलाधार बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी दी गई है। इस भारी वेदर सिस्टम के बीच दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों को फिलहाल बारिश से कोई खास राहत मिलती नहीं दिख रही है और यहां के निवासियों को पसीने छुड़ाने वाली उमस और गर्मी का सामना करना पड़ेगा।

देखें वेदर रिपोर्ट

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6 चक्रवाती सिस्टम और लो प्रेशर एरिया लाएंगे तबाही

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय वायुमंडल में एक साथ कई प्रणालियां काम कर रही हैं:

लो प्रेशर एरिया (कम दबाव का क्षेत्र): उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा व पश्चिम बंगाल के तटों पर बना कम दबाव का क्षेत्र उसी क्षेत्र में मजबूती से टिका हुआ है। इससे जुड़ा चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र समुद्र तल से 716 किमी ऊपर तक फैला हुआ है। इसके अगले 12 घंटों के दौरान और अधिक मजबूत होकर उत्तर-पश्चिम दिशा में उत्तरी ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल की तरफ बढ़ने की संभावना है।

6 एक्टिव चक्रवाती परिसंचरण

उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे जम्मू के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है।

उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उसके आस-पास के इलाके में 0.9 किमी की ऊंचाई पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार के ऊपर बना चक्रवाती सिस्टम अब 1.5 किमी की ऊंचाई तक फैल गया है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर ही 5.8 किमी की ऊंचाई पर एक और उच्च वायु चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है।

उत्तरी बिहार और उसके आस-पास के इलाके में 3.1 किमी की ऊंचाई पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है।

इसके अलावा पूर्वी असम (1.5 किमी) और उत्तरी गुजरात व दक्षिण-पश्चिम राजस्थान (3.1 किमी) के ऊपर भी चक्रवाती सिस्टम सक्रिय हैं।

मानसून ट्रफ और नया विक्षोभ: मानसून की ट्रफ लाइन इस समय अमृतसर, देहरादून, बरेली, गोरखपुर, पटना, बांकुरा और बंगाल की खाड़ी के लो प्रेशर एरिया के केंद्र से होकर गुजर रही है। 19 जुलाई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत में दस्तक देने वाला है।

इन 16 राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने बारिश की तीव्रता के आधार पर राज्यों को अलग-अलग श्रेणियों में रखा है। ओडिशा के अलग-अलग हिस्सों में मूसलाधार से भी ज्यादा यानी अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। प्रशासन को अलर्ट पर रहने को कहा गया है।

इन राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश

  • गांगेय पश्चिम बंगाल
  • छत्तीसगढ़
  • अरुणाचल प्रदेश

भारी बारिश का अलर्ट

देश के इन 12 राज्यों/क्षेत्रों में भी गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है-

  • बिहार और झारखंड
  • उत्तराखंड
  • असम और मेघालय
  • उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम
  • तटीय आंध्र प्रदेश
  • नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश और विदर्भ में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट है। बिहार, कर्नाटक और तेलंगाना में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ बिजली कड़कने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और उत्तराखंड में आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है। कर्नाटक, रायलसीमा और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में काफी तेज सतही हवाएं चलेंगी।

दिल्ली-यूपी को राहत नहीं: उमस भरी गर्मी और लू का प्रकोप

इतने राज्यों में हो रही भारी बारिश के बावजूद दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के बड़े हिस्से को फिलहाल राहत नहीं मिलने वाली है। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, तेलंगाना और तटीय कर्नाटक के अलग-अलग हिस्सों में 16 जुलाई को अत्यधिक गर्म और उमस भरा मौसम परेशान करेगा। आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराईकल के कुछ इलाकों में भीषण गर्मी के साथ लू चलने की स्थिति बनी रहेगी।

समुद्र में हाई अलर्ट: मछुआरों के लिए चेतावनी

बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर सिस्टम के कारण समुद्र के भीतर हालात बेहद खराब हैं। ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल के तटों के पास, उत्तर और मध्य बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में 40-50 किमी/घंटे से लेकर 60 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा दक्षिण श्रीलंका, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और मन्नार की खाड़ी में हवा की रफ्तार 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकती है।

पश्चिम-मध्य, उत्तर, पूर्व-मध्य और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के अधिकांश हिस्सों के साथ सोमालिया और ओमान के तटों पर 45-55 किमी/घंटे (झोंके 65 किमी/घंटे) की रफ्तार से खतरनाक हवाएं चलने की आशंका है। आईएमडी ने मछुआरों को समुद्र में न उतरने की सख्त हिदायत दी है।

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‘सलवार उतारना, सीने को दबाना ‘रेप अटेम्प्ट’ नहीं’, पटना HC के इस फैसले से सुप्रीम कोर्ट नाराज

Supreme Court: पटना हाई कोर्ट ने अपने एक फैसले में माना था कि किसी महिला की सलवार उतारने की कोशिश करना और उसकी छाती दबाकर छेड़छाड़ करना ‘रेप की कोशिश’ (attempt to rape) नहीं माना जाएगा। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने अब हाई कोर्ट के इस हालिया फैसले पर गंभीर चिंता जताई है। मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना की बेंच ने बुधवार को इस मामले की सुनवाई की और संकेत दिया कि अदालत पटना हाई कोर्ट के आदेश पर समीक्षा करके एक विस्तृत आदेश जारी करेगी।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट को मंगलवार को सुनवाई के दौरान एक वकील ने पटना हाईकोर्ट के इस फैसले की जानकारी दी। यह सुनवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक फैसले को लेकर शुरू किए गए स्वतः संज्ञान (सुओ मोटो) मामले में हो रही थी।

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि नाबालिग लड़की के स्तन पकड़ना, उसके पजामे का नाड़ा खोलना और उसे पुलिया के नीचे खींचने की कोशिश करना ‘रेप की कोशिश’ के अपराध के दायरे में नहीं आता है।

सुनवाई के दौरान, बेंच ने नेशनल ज्यूडिशियल एकेडमी की एक्सपर्ट कमिटी की उस रिपोर्ट को मंजूरी दी, जिसमें यौन अपराधों के मामलों में न्यायिक संवेदनशीलता से जुड़ी गाइडलाइंस दी गई थीं।

इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने देश की सभी अदालतों को भी निर्देश दिया कि वे उसके द्वारा मंज़ूर की गई हैंडबुक/गाइडलाइंस में इस्तेमाल की गई बातों का सख्ती से पालन करें।

जानकारी के मुताबिक, इस साल की शुरुआत में, सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल ज्यूडिशियल एकेडमी को निर्देश दिया था कि वह यौन अपराधों के मामलों में न्यायिक कार्यवाही के दौरान संवेदनशीलता और सहानुभूति लाने के लिए व्यापक गाइडलाइंस का ड्राफ्ट तैयार करे।

कोर्ट ने कहा था कि ऐसे नियम भारत के सामाजिक परिस्थितियों के अनुरूप होने चाहिए, न कि विदेशी कानूनों से लिए गए हों।

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कल का मौसम 16 जुलाई: 5 एक्टिव चक्रवाती सिस्टम और लो प्रेशर एरिया लाएंगे भारी बारिश, आंधी-तूफान! IMD ने बंगाल से बिहार तक ये अलर्ट दिया

Mausam Update: देश भर में मानसून ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 16 जुलाई के मौसम को लेकर एक बेहद गंभीर चेतावनी जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस समय एक कम दबाव का क्षेत्र और 5 से अधिक सक्रिय चक्रवाती सिस्टम एक साथ काम कर रहे हैं। इन मजबूत वेदर सिस्टम्स के चलते 16 जुलाई को पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों में मूसलाधार बारिश के साथ-साथ तेज आंधी-तूफान चलने का हाई अलर्ट जारी किया गया है।

आइए विस्तार से समझते हैं कि मौसम में इस बड़े बदलाव के पीछे कौन से वैज्ञानिक कारण हैं और आपके राज्य में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज…

देश में ये वेदर सिस्टम एक्टिव

आईएमडी के बुलेटिन के मुताबिक इस समय देश में कई मौसमी प्रणालियां सक्रिय हैं। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा व पश्चिम बंगाल के तटों पर बना कम दबाव का क्षेत्र लगातार बना हुआ है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक इसके अगले 2 दिनों के दौरान और अधिक मजबूत होने के साथ उत्तरी ओडिशा व गांगेय पश्चिम बंगाल से होते हुए उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की पूरी संभावना है।

ये हैं 5 एक्टिव चक्रवाती परिसंचरण

उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे इलाकों के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है।

उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उसके आस-पास के इलाके में समुद्र तल से 0.9 किमी ऊपर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार के ऊपर 0.9 किमी की ऊंचाई पर एक और चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश के ही ऊपर 5.8 किमी की ऊंचाई पर एक अन्य उच्च वायु चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है।

पूर्वी असम और उसके पड़ोस में 1.5 किमी की ऊंचाई पर और उत्तरी गुजरात व दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर 3.1 से 5.8 किमी की ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं।

मानसून ट्रफ और नया विक्षोभ

मानसून की ट्रफ लाइन इस समय जम्मू, देहरादून, शाहजहाँपुर, बस्ती, पटना, बांकुरा और बंगाल की खाड़ी के लो प्रेशर एरिया के केंद्र से होते हुए दक्षिण-पूर्व की ओर पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। इसके साथ ही 19 जुलाई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने वाला है।

16 जुलाई को कहां होगी सबसे भारी बारिश?

16 जुलाई को देश के तीन राज्यों में मूसलाधार से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। इससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है:

गांगेय पश्चिम बंगाल

ओडिशा

अरुणाचल प्रदेश

इन इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी

इसके अलावा देश के कई अन्य राज्यों में भी बादलों की भारी गर्जना के साथ तेज बारिश होने का अनुमान है:-

बिहार और झारखंड

उत्तराखंड

छत्तीसगढ़

असम और मेघालय

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अलर्ट

मौसम विभाग ने भारी बारिश के साथ-साथ देश के कई हिस्सों में तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने की दोहरी चेतावनी जारी की है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड और मध्य प्रदेश में 40 से 50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से धूलभरी आंधी चलने और बिजली गिरने की संभावना है। बिहार, कर्नाटक और तेलंगाना में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और गरज-चमक के साथ बिजली गिर सकती है।

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अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और उत्तराखंड में 16 जुलाई को तेज बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है।

कुछ राज्यों में हीटवेव और उमस भरी गर्मी का सितम

एक तरफ जहां देश का आधा हिस्सा बारिश से सराबोर रहेगा, वहीं कुछ राज्यों को कल भीषण गर्मी और उमस का सामना करना पड़ेगा। आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराईकल के अलग-अलग हिस्सों में 16 जुलाई को लू चलने की स्थिति बनी रहेगी। उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, तेलंगाना और तटीय कर्नाटक के इलाकों में कल मौसम काफी गर्म और उमस भरा रहने वाला है।

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Mausam Update 15 July: बिहार, बंगाल और ओडिशा में मूसलाधार बारिश की चेतावनी, ये 3 चक्रवाती सिस्टम एक्टिव! IMD ने इन 14 राज्यों के लिए जारी किया अलर्ट

Mausam Update 15 July: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर पूरी रफ्तार पकड़ चुका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 15 जुलाई के लिए एक नया वेदर बुलेटिन जारी कर बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा समेत देश के 14 राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में एक नया कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। इसके साथ ही तीन बड़े चक्रवाती सिस्टम और सक्रिय हो गए हैं। इनके प्रभाव से मूसलाधार बारिश के साथ-साथ तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने का भी गंभीर खतरा बना हुआ है।

आइए जानते हैं 15 जुलाई को लेकर मौसम विभाग का विस्तृत पूर्वानुमान और इसके पीछे काम कर रहे एक्टिव चक्रवाती सिस्टम।

देश में अभी एक्टिव वेदर सिस्टम: बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र

मौसम विभाग के मुताबिक इस समय देश में कई मजबूत चक्रवाती प्रणालियां सक्रिय हैं। ये मानसून को रफ्तार दे रही हैं।

लो प्रेशर एरिया और चक्रवाती परिसंचरण: उत्तर बंगाल की खाड़ी और उससे सटे दक्षिण बांग्लादेश के ऊपर सक्रिय वेदर सिस्टम के प्रभाव से आज उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, उत्तरी ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों के पास एक कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। इससे संबद्ध चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला हुआ है और ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका हुआ है। इसके अगले 2 दिनों के दौरान उत्तरी ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल से होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की प्रबल संभावना है।

गुजरात और राजस्थान में सिस्टम: उत्तरी गुजरात और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बना हुआ है।

उत्तर प्रदेश में चक्रवाती प्रणाली: पूर्वी उत्तर प्रदेश और उसके आस-पास के इलाके में भी समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।

पश्चिमी विक्षोभ: उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे जम्मू के ऊपर समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण के रूप में एक पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है।

मानसून ट्रफ: समुद्र तल पर मानसून ट्रफ वर्तमान में जम्मू, देहरादून, बरेली, गोरखपुर, पटना, बांकुरा और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी (उत्तरी ओडिशा-पश्चिम बंगाल तटों के पास) में बने कम दबाव के क्षेत्र के केंद्र से होते हुए दक्षिण-पूर्व दिशा में पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी की ओर गुजर रही है।

ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश की रेड वॉर्निंग, बिहार और गांगेय बंगाल में ऑरेंज वॉर्निंग

मौसम विभाग ने ओडिशा के अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ हिस्सों में अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका जताई है। बिहार और गांगेय पश्चिम बंगाल के अलग-अलग हिस्सों में 15 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

इन 11 राज्यों में होगी भारी बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक 15 जुलाई को देश के नीचे दिए राज्यों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की पूरी संभावना है:-

उत्तराखंड

झारखंड

छत्तीसगढ़

तटीय आंध्र प्रदेश

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम

अरुणाचल प्रदेश

असम और मेघालय

नागालैंड

मणिपुर

मिजोरम

त्रिपुरा

आंधी-तूफान, बिजली चमकने और तेज हवाओं की चेतावनी

सक्रिय चक्रवाती सिस्टम के कारण देश के बड़े हिस्से में तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख और झारखंड में अलग-अलग जगहों पर बिजली चमकने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं (झोंकों) के साथ आंधी चलने की संभावना है।

आंध्र प्रदेश, बिहार, कर्नाटक, केरल और माहे तथा तेलंगाना में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं का अलर्ट है। इसके साथ ही कर्नाटक, केरल और माहे, रायलसीमा तथा तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर तेज सतही हवाएं भी चलेंगी।

अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मरठवाड़ा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम संग उत्तराखंड में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।

इन राज्यों में दिखेगा हीट वेव और उमस का डबल अटैक

एक तरफ जहां देश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश हो रही है वहीं कुछ राज्यों में गर्मी और उमस का प्रकोप भी जारी रहेगा। तटीय आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अलग-अलग जगहों पर लू की स्थिति बनी रहने की संभावना है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, तटीय कर्नाटक, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा, तेलंगाना और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराईकल में मौसम काफी गर्म और उमस भरा रहने की संभावना है।

समुद्र में मौसम का हाल: मछुआरों के लिए अलर्ट

पश्चिम-मध्य अरब सागर के अधिकांश हिस्सों, उससे सटे पूर्व-मध्य, उत्तर और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों, सोमालिया व ओमान तटों के साथ-साथ उत्तरी गुजरात और उससे सटे दक्षिणी गुजरात तटों पर 45-55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं (जो बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं) चलने की संभावना है। मन्नार की खाड़ी, दक्षिण श्रीलंका और उससे सटे दक्षिण व पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में 45-55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार (झोंके 65 किमी प्रति घंटे) से तेज हवाएं चल सकती हैं।

ओडिशा, गांगेय पश्चिम बंगाल के तटों के पास और अंडमान सागर में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) से चलने वाली तूफानी हवाओं के साथ प्रतिकूल मौसम रहने का अनुमान है। मछुआरों को इन क्षेत्रों में समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

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