योगी सरकार ने स्मार्ट मीटर पर फैला भ्रम किया दूर, यूपीपीसीएल ने दी पूरी जानकारी

  • स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ा नया आर्थिक बोझ
  • सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक खबरों का यूपीपीसीएल ने किया खंडन
  • प्रीपेड से पोस्टपेड व्यवस्था में लौटने के बाद नियमानुसार जमा हो रही सिक्योरिटी राशि
  • यूपीपीसीएल स्मार्ट एप, एसएमएस एवं व्हाट्सएप पर मिल रही बिजली बिल की सुविधा

 

लखनऊ, 28 जुलाई। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार ने बिजली व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, डिजिटल और उपभोक्ता हितैषी बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इसी बीच स्मार्ट मीटर को लेकर फैलाई जा रही भ्रामक जानकारियों पर उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। यूपीपीसीएल ने स्पष्ट किया कि पोस्टपेड व्यवस्था लागू होने के बाद पहले समायोजित या वापस की गई सिक्योरिटी राशि ही नियमानुसार दोबारा जमा कराई जा रही है। इसे नया शुल्क या स्मार्ट मीटर का अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताना पूरी तरह भ्रामक है।

 

यूपीपीसीएल की ओर से बताया गया कि हाल के दिनों में कुछ समाचार माध्यमों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं पर नया आर्थिक बोझ डालने और उसने पुनः सिक्योरिटी धनराशि वसूलने संबंधी खबरें प्रसारित की जा रही है, जो कि तथ्यों के अनुरूप नहीं है और अधूरी जानकारी के आधार पर प्रस्तुत की गई है। 

 

यूपीपीसीएल के अनुसार, प्रदेश में स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को पूर्व में प्रीपेड प्रणाली पर संचालित किया गया था। उस समय उपभोक्ताओं द्वारा पूर्व में जमा की गई सिक्योरिटी धनराशि को नियमानुसार उनके बकाया विद्युत देयकों के विरुद्ध समायोजित कर दिया गया था तथा जिन उपभोक्ताओं पर कोई बकाया नहीं था, उनकी जमा सिक्योरिटी राशि उनके प्रीपेड खाते में रिचार्ज के रूप में क्रेडिट कर दी गई थी। तत्पश्चात उपभोक्ताओं की सुविधा एवं जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के सभी स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को पुनः पोस्टपेड प्रणाली में परिवर्तित कर दिया गया। वर्तमान में सभी उपभोक्ताओं को प्रत्येक माह पूर्व की भांति नियमित मासिक विद्युत बिल उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस संबंध में आवश्यक आदेश पूर्व में ही निर्गत किए जा चुके हैं।

 

यूपीपीसीएल ने स्पष्ट किया कि पोस्टपेड व्यवस्था लागू होने के फलस्वरूप अब वही सिक्योरिटी धनराशि, जो पूर्व में उपभोक्ताओं को समायोजित अथवा वापस कर दी गई थी, नियमानुसार पुनः जमा कराई जा रही है। इसे किसी प्रकार का नया शुल्क अथवा स्मार्ट मीटर लगाए जाने के कारण उपभोक्ताओं पर डाला गया अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताया जाना पूर्णतः भ्रामक एवं तथ्यों से परे है। उपभोक्ताओं पर किसी प्रकार का एकमुश्त वित्तीय भार न पड़े, इसे ध्यान में रखते हुए इस धनराशि को चार समान मासिक किस्तों में वसूल किए जाने का निर्णय लिया गया है। 

 

प्रथम किस्त जून-2026 की ऊर्जा खपत के बिल, जो जुलाई-2026 में जारी हुआ था, उसमें शामिल थी। बाकि तीन किस्तें आगामी तीन मासिक बिलों में स्वतः सम्मिलित होकर आएंगी। यह संपूर्ण प्रक्रिया बिलिंग प्रणाली द्वारा स्वतः संपादित की जाएगी। इसके लिए उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की अतिरिक्त औपचारिकता पूर्ण करने की आवश्यकता नहीं होगी।

 

यूपीपीसीएल ने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान में प्रदेश के सभी स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को नियमित पोस्टपेड मासिक बिल जारी किए जा रहे हैं। भविष्य में दिए जाने वाले नए विद्युत संयोजन भी पूर्व की भांति पोस्टपेड स्वरूप में ही प्रदान किए जा रहे हैं। स्मार्ट मीटर, प्रीपेड व्यवस्था तथा सिक्योरिटी धनराशि को परस्पर जोड़कर प्रस्तुत किए जा रहे समाचार तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं और इनसे केवल उपभोक्ताओं में अनावश्यक भ्रम उत्पन्न हो रहा है।

 

सभी उपभोक्ताओं को उनका मासिक विद्युत बिल यूपीपीसीएल स्मार्ट एप, विभागीय वेबसाइट, पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजे जाने वाले एसएमएस एवं व्हाट्सएप संदेशों के माध्यम से नियमित रूप से उपलब्ध कराया जा रहा है। जिन उपभोक्ताओं का मोबाइल नंबर अभी तक पंजीकृत नहीं है अथवा किसी कारणवश गलत दर्ज है, वे संबंधित वितरण निगम के अधिकृत व्हाट्सएप Chatbot, निकटतम विद्युत कार्यालय अथवा 1912 हेल्पलाइन के माध्यम से अपना बिल प्राप्त कर सकते हैं। इसी प्रकार विद्युत बिल का भुगतान भी यूपीपीसीएल स्मार्ट एप, विभागीय वेबसाइट, विभागीय काउंटर, जन सुविधा केंद्र (सीएससी), विद्युत सखी तथा अन्य अधिकृत डिजिटल एवं फिनटेक के माध्यमों से अत्यंत सरलता से किया जा सकता है।

 

उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने सभी विद्युत उपभोक्ताओं से अनुरोध किया कि वे सोशल मीडिया अथवा अन्य माध्यमों पर प्रसारित अपुष्ट एवं भ्रामक समाचारों पर विश्वास न करें। केवल यूपीपीसीएल एवं संबंधित वितरण निगमों द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं को ही प्रमाणिक मानें। सभी उपभोक्ताओं से यह भी अपेक्षा की जाती है कि वे प्रत्येक माह अपना विद्युत बिल समय से डाउनलोड कर निर्धारित तिथि तक उसका भुगतान करें, जिससे किसी प्रकार की असुविधा अथवा विलंब अधिभार से बचा जा सके।

यूपी के इन जिलों में घर खरीदने का सुनहरा मौका! UPSIDA ने मेगा ई-ऑक्शन के जरिए निकाली प्लॉट योजना, जानें- कीमत समेत सबकुछ

UP Housing Scheme: उत्तर प्रदेश में अपना सपनों का घर बनाने और व्यावसायिक निवेश करने की चाहत रखने वालों के लिए गुड न्यूज है। उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPSIDA) ने यूपी के विभिन्न शहरों में आवासीय और कमर्शियल प्लॉटों की बिक्री के लिए मेगा ई-ऑक्शन की प्रक्रिया शुरू की है। इच्छुक खरीदार अब पारदर्शी और पूरी तरह ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से अपनी पसंद का प्लॉट खरीद सकेंगे। प्राधिकरण ने ई-ऑक्शन की तिथियों को भी बढ़ा दिया है ताकि अधिक से अधिक लोग इसमें भाग ले सकें।

UPSIDA की इस योजना के तहत प्रयागराज के सरस्वती हाईटेक सिटी, उन्नाव के ट्रांसगंगा सिटी, बाराबंकी और हरदोई में आवासीय प्लॉट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वहीं, गौतमबुद्ध नगर में बैंक्वेट हॉल के लिए व्यावसायिक प्लॉट भी ई-नीलामी के जरिए आवंटित किए जाएंगे। प्राधिकरण का कहना है कि ई-ऑक्शन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष, आसान और ऑनलाइन होगी। इससे खरीदार बिना किसी बिचौलिए के सीधे बोली लगा सकेंगे।

महत्वपूर्ण तारीख

  • रजिस्ट्रेशन एवं दस्तावेज डाउनलोड शुरू: 9 जुलाई 2026, सुबह 10:00 बजे
  • कैटलॉग, प्रोसेसिंग फीस एवं EMD जमा करने की आखिरी तारीख: 4 अगस्त 2026, शाम 6:00 बजे
  • ऑनलाइन दस्तावेज जमा करने की आखिरी तारीख: 5 अगस्त 2026, शाम 6:00 बजे
  • ऑनलाइन ई-बिडिंग: 7 अगस्त 2026, सुबह 10:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक

कैसे होगा प्लाटों का आवंटन?

UPSIDA ने बताया है कि औद्योगिक प्लॉटों का आवंटन ‘निवेश मित्र पोर्टल’ के माध्यम से भी किया जा रहा है। इच्छुक निवेशक और खरीदार ई-ऑक्शन पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। यहीं आपको इस स्कीम के बारे में पूरी डिटेल्स मिल जाएगी।

प्राधिकरण का उद्देश्य पारदर्शी प्रणाली के जरिए लोगों को सुरक्षित निवेश का अवसर उपलब्ध कराना और प्रदेश में नियोजित शहरी एवं औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना है। इस योजना से घर बनाने का सपना देखने वाले लोगों के साथ-साथ निवेशकों और व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े लोगों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।

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आवेदन कैसे करें?

  • रजिस्ट्रेशन और अन्य सभी डिटेल्स के लिए आवेदक आधिकारिक ऑक्शन पोर्टल https://upsida.project247.in/ पर जा सकते हैं।
  • हेल्पलाइन: यदि किसी आवेदक को रजिस्ट्रेशन या ई-ऑक्शन की प्रक्रिया से संबंधित कोई सवाल या समस्या हो, तो वे निम्नलिखित माध्यमों से संपर्क कर सकते हैं:-

फोन नंबर: वासु पटेल – 9510974587

(सोमवार से शुक्रवार: सुबह 10:00 से शाम 7:00 बजे तक | 1st और 3rd शनिवार: सुबह 10:00 से शाम 6:00 बजे तक)

ईमेल ID: eauction@upsida.co.in / vasu.patel@procure247.com

प्राधिकरण का एड्रेस: UPSIDA कॉम्प्लेक्स, A-1/4, लखनपुर, कानपुर – 208024

Guru Purnima 2026 Shubh Sanyog: आज गुरु पूर्णिमा पर 5 राशियों की नैया पार लगाएंगे बृहस्पति, शश, बुधादित्य और हंस राजयोग के प्रभाव से मिलेगा लाभ

Guru Purnima 2026 Shubh Sanyog: आज आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, आज के दिन महर्षि वेद व्यास का जन्म भी हुआ था। इसलिए आज के दिन व्यास जयंति के साथ ही अपने गुरु के प्रति आभार जताने का यानि आज गुरु पूर्णिमा भी है। आज का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के साथ ही ज्योतिषीय कारणों से भी अहम माना जा रहा है।

वैदिक ज्योतिष के अनुसार, इस बार गुरु पूर्णिमा पर प्रीति योग, आयुष्मान योग बन रहा है। साथ ही गुरु के उच्च राशि में होने से हंस महापुरुष जैसे दुर्लभ योग का संयोग भी बन रहा है, जो सिंह समेत 5 राशियों के लिए बेहद कल्याणकारी रहने वाला है। इन राशियों को गुरु कृपा से सौभाग्य की प्राप्ति होगी और जीवन में चल रही परेशानियों से मुक्ति भी मिलेगी।

मेष राशि : इस दुर्लभ संयोग का सबसे सकारात्मक प्रभाव मेष राशि वालों पर देखने को मिल सकता है। इनके लंबे समय से रुके हुए कार्यों में गति आएगी और आत्मविश्वास पहले से अधिक मजबूत रहेगा। नौकरी करने वालों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा, जिससे नई जिम्मेदारियां के अवसर बन सकते हैं।

सिंह राशि : सिंह राशि वालों के लिए यह दुर्लभ संयोग कई शुभ अवसर लेकर आ सकता है। इन्हें करियर में नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के अवसर प्राप्त होंगे और लंबे समय से किए गए प्रयासों का सकारात्मक परिणाम मिल सकता है। नौकरी बदलने की सोच रहे लोगों को मनचाहा प्रस्ताव मिलने की संभावना है।

कन्या राशि : कन्या राशि वालों के लिए यह समय उन्नति और सफलता का संकेत दे सकता है। इस राशि के नौकरी पेशा जातकों की ऑफिस में मेहनत की सराहना होगी और नई जिम्मेदारियां मिलने से भविष्य में लाभ के रास्ते खुल सकते हैं। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा, जिससे रिश्तों में मधुरता बढ़ेगी।

मकर राशि : मकर राशि वालों के लिए गुरु पूर्णिमा का यह विशेष संयोग भाग्य का साथ दिलाने वाला माना जा सकता है। मकर राशि वालों को करियर में आगे बढ़ने के नए अवसर मिलेंगे और मेहनत का पूरा फल प्राप्त होने की संभावना है। परिवार में आपसी प्रेम और सहयोग बढ़ेगा तथा जीवनसाथी का पूरा साथ मिलेगा।

कुंभ राशि : कुंभ राशि वालों के लिए आज बना दुर्लभ संयोग जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति के संकेत दे सकता है। कुंभ राशि वालों के करियर में नई उपलब्धियां हासिल करेंगे और कार्यस्थल पर आपकी सराहना होगी। आर्थिक मामलों में स्थिरता आएगी और लंबे समय से रुकी हुई योजनाएं पूरी होने की संभावना बनेगी।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सामग्री जानकारी मात्र है। हम इसकी सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता का दावा नहीं करते। कृपया किसी भी कार्रवाई से पहले विशेषज्ञ से संपर्क करें

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Petrol Diesel Price Today: पेट्रोल-डीजल के नए रेट लागू, देखें आपके शहर में क्या है भाव

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 29 जुलाई 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

Guru Purnima 2026: आज गुरु पूर्णिमा के साथ मनाया जाएगा व्यास जयंति और शिव शयनोत्सव का पर्व, जानें आज मनाए जा रहे त्योहारों का महासंगम

Guru Purnima 2026: आज आषाढ़ माह की पूर्णिमा तिथि है। धार्मिक मान्यतओं के अनुसार, आज के दिन गुरु पूर्णिमा मनाई जाती है, जो जीवन में मार्ग दर्शन करने वाले सभी गुरुओं को समर्पित है। साथ ही, पौराणिक मान्यताओं के अनुसार महाभारत के रचयिता महर्षि वेद वयास का जन्म भी आषाढ़ पूर्णिमा के दिन हुआ था। इसलिए आज व्यास जयंति भी मनाते हैं। इसके अलावा, आज के दिन भागवान शिव का शयनोत्सव भी मनाया जाता है। आषाढ़ पूर्णिमा के दिन आषाढ़ी पूर्णिमा, सत्यनारायण व्रत और बुधवार व्रत का पावन संयोग भी बन रहा है। ज्योतिष और धर्मशास्त्र के अनुसार एक ही दिन इन सभी पर्वों का संगम साधना, ज्ञान, भक्ति और पुण्य प्राप्ति के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। श्रद्धालुओं को इस दिन गुरु पूजन, भगवान विष्णु और भगवान शिव की आराधना के साथ व्रत एवं दान-पुण्य करने का अवसर मिल रहा है। आइए जानें आज कौन-कौन से पर्व मनाए जाएंगे

गुरु पूर्णिमा : गुरु पूर्णिमा भारतीय संस्कृति में गुरु के प्रति श्रद्धा और सम्मान का सबसे बड़ा पर्व माना जाता है। इस दिन अपने गुरु का पूजन, आशीर्वाद प्राप्त करना तथा शिक्षा और आध्यात्मिक उन्नति का संकल्प लेना विशेष फलदायी माना जाता है।

आषाढ़ी पूर्णिमा : आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि को आषाढ़ी पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है। यह दिन स्नान, जप, तप, दान और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। साथ ही पितरों के नाम का भोजन और दान करने का भी विशेष महत्व बताया गया है।

व्यास पूजा : गुरु पूर्णिमा को महर्षि वेदव्यास की जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। उन्होंने वेदों का विभाजन, महाभारत और अनेक पुराणों की रचना कर सनातन ज्ञान को जन-जन तक पहुंचाया। इसलिए इस दिन व्यास पूजा कर उन्हें आदिगुरु के रूप में स्मरण किया जाता है।

सत्यनारायण व्रत : पूर्णिमा तिथि भगवान विष्णु के सत्यनारायण स्वरूप की पूजा के लिए सर्वोत्तम मानी जाती है। इस दिन सत्यनारायण व्रत और कथा का सुनने के बाद श्रद्धालु पंचामृत, फल और प्रसाद अर्पित करते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से श्रीहरि और माता लक्ष्मी की कृपा रहती है।

शिव शयनोत्सव : धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आषाढ़ पूर्णिमा पर भगवान शिव का शयनोत्सव भी मनाया जाता है। जैसे देवशयनी एकादशी पर भगवान विष्णु योग निद्रा में जाते हैं, उसी तरह भगवान शिव भी शयन के लिए चले जाते हैं और सृष्टि का कार्यभार रूद्र संभालते हैं। इस दिन शिव मंदिरों में विशेष श्रृंगार, रुद्राभिषेक और शयन आरती की जाती है।

बुधवार व्रत : इस बार पूर्णिमा तिथि बुधवार के दिन पड़ रही है। बुधवार का दिन प्रथम पूज्य भगवान गणेश और ग्रहों के राजकुमार बुधदेव को समर्पित है। मान्यत है कि इस दिन गणपति की पूजा करने से बुद्धि, विवेक, व्यापार, शिक्षा और वाणी से जुड़े कार्यों में सफलता प्राप्त होती है और कुंडली में बुध ग्रह की स्थिति मजबूत होती है।

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2026 Ducati Monster design patented in India

Updated Ducati Monster

Ducati has filed a design patent in India for the updated Monster. The motorcycle was unveiled globally last October, and we had reported that an India launch was likely in 2026. The latest patent filing suggests Ducati is moving closer to introducing the updated Monster in our market.

  1. 890cc V2 engine shared with the Panigale V2, Streetfighter V2 and Multistrada V2
  2. Current Monster priced at Rs 13.84 lakh (ex-showroom, India)

2026 Ducati Monster details

The updated Monster brings back the muscular fuel tank that defined earlier generations

The 2026 Monster marks a significant departure from its predecessor, particularly in terms of design. The previous model drew criticism for moving away from the Monster’s signature muscular fuel tank, and Ducati has addressed that by restoring the bike’s iconic proportions. The redesigned tank also incorporates vents reminiscent of the second-generation Monster. Elsewhere, the headlight has been revised with a circular daytime running lamp (DRL), while dynamic turn indicators are offered at both the front and rear.

Powering the updated Monster is Ducati’s new 890cc V2 engine, shared with the Panigale V2, Streetfighter V2 and Multistrada V2. In the Monster, it produces 111hp at 9,000rpm and 91.1Nm at 7,250rpm. The engine features a variable intake valve timing system for a broader torque spread and is paired with a 6-speed gearbox equipped with a bidirectional quickshifter. Another notable change is the switch away from Desmodromic valve actuation, allowing valve clearance inspection intervals to be extended to 45,000km.

The motorcycle continues with Ducati’s aluminium monocoque chassis, featuring a lightweight aluminium frame bolted directly to the cylinder heads and a technopolymer trellis-style subframe. Suspension duties are handled by a Showa USD fork and a preload-adjustable rear monoshock, while braking is managed by twin Brembo calipers gripping 320mm front discs. A new 5-inch TFT display also replaces the previous 4.2-inch unit.

Ducati already offers most of its global line-up in India, including the recently launched Multistrada V2, Streetfighter V2 S and Panigale V2 S. This latest patent filing suggests the updated Monster could be the next model to join the brand’s Indian portfolio.

Audi debuts Q9 as its new flagship SUV

Audi debuts Q9 as its new flagship SUV

Audi has unveiled the Q9, its new flagship and largest SUV yet, marking the first use of the ‘9’ designation. Positioned above the Q7 as the brand’s second three-row SUV, the Q9 is set to launch in India in the second quarter of 2027 and will be locally assembled in the country. Globally, it is manufactured at Audi’s Bratislava plant in Slovakia. It will compete with the likes of the BMW X7 and Mercedes-Benz GLS.

  1. Offered in three trims globally: Advanced, S Line and SQ9 
  2. Gets Digital Matrix LED headlights, automatic doors, curved digital OLED taillights
  3. Features 7 seats as standard, while a 6-seater option is also offered at extra cost

The Audi Q9 is priced at 108,400 euros (around Rs 1.18 crore before taxes and duties), with international deliveries to commence in November 2026.

Audi Q9 SUV exterior design

Gets a plethora of exterior lighting features for improved safety

Up front, the Audi Q9 features a split-headlight setup with slim LED DRLs and Digital Matrix LED headlights. These incorporate micro-LED modules capable of projecting warning symbols onto the road surface, while the advanced turn signals project directional indicators onto the ground at night to improve visibility for other road users. The front fascia is dominated by a massive grille with illuminated vertical slats, giving it a distinct look compared to other Audi models. It also features an illuminated 2D Audi logo, while the bumper houses large air intakes and a centrally mounted radar sensor for the advanced driver assistance system (ADAS) suite.

In profile, the Audi Q9 adopts a clean and elegant design, with wheel sizes ranging from 20 to 23 inches. The 22- and 23-inch alloys come standard with acoustic foam inserts to reduce tyre noise, while black cladding around the wheel arches adds a rugged touch. The Q9 also features soft-closing automatic doors with collision-detection sensors. Grey brake callipers are standard, while red callipers are available as an option.

Audi is offering the Q9 with curved digital OLED taillights connected by a lighting strip featuring an illuminated Audi logo. The rear bumper’s black centre section and gloss-black surrounds create a bold contrast with the bodywork, while sharp creases and twin exhaust tips add to the SUV’s sporty character.

Here are the dimensions of the Audi Q9 SUV:

New Audi Q9 SUV dimensions

Length

5.31 metres

Width

2.21 metres

Height

1.81 metres

Wheelbase

3.14 metres

In the international market, Audi is selling the Q9 in standard ‘Advanced’, ‘S-Line’ and ‘SQ9’ avatars. 

SQ9 gets a different design for the grille, bumpers and alloy wheels

Compared to the standard Q9, the SQ9 gets a sportier front-end design with a revised grille featuring silver L-shaped inserts that give it a more elegant appearance. The front bumper also features a honeycomb mesh pattern for the air intakes. It rides on a new set of alloy wheels and gets silver trim around the window line and rear quarter glass. At the rear, the overall design remains largely unchanged, but the SQ9 stands out with a silver-accented bumper and quad exhaust tips, with two outlets on either side.

Audi Q9 SUV interior design and features

The SUV offers 7 seats and a triple-screen setup on the dashboard as standard

While the debut offers the first look at the Q9’s exterior, Audi had already revealed the interior in May. The Q9 is a three-row SUV offered as a seven-seater as standard, with an optional six-seat layout featuring captain’s chairs in the second row. Sport seats come standard in the front, and all three rows feature power-adjustable seats. The front seats also offer ventilation and massage functions, while the third row can be folded electronically via the infotainment system or controls in the boot.

To enhance the cabin’s luxurious appeal, Audi has incorporated extensive wooden trim across the dashboard and centre console. The dashboard features a three-screen layout, comprising a 12.3-inch digital driver’s display, a 14.5-inch driver-oriented infotainment touchscreen, and a 12.3-inch passenger display with a dedicated privacy mode. A new four-spoke steering wheel with a 2D Audi logo sits ahead of the driver, while the infotainment system runs on Android Automotive OS, allowing access to built-in apps without requiring a connected smartphone.

Gets a panoramic sunroof, 22-speaker sound system and Level-2 ADAS

The Q9 also comes equipped with Audi’s largest panoramic sunroof to date, a 22-speaker Bang & Olufsen 4D sound system with front-seat headrest speakers and actuators, dual wireless phone chargers, and USB Type-C charging ports for all three rows. Optional features include heated door and centre armrests, along with a panoramic sunroof that offers switchable transparency and illuminated elements that sync with the ambient lighting.

On the safety front, the Q9 is equipped with a Level 2 advanced driver assistance system (ADAS), a 360-degree camera, automated parking assist, and front and rear parking sensors. It also features Adaptive Driving Assistant Plus, which enables partial automated driving on approved highways and Autobahn sections at speeds of up to 130kph. Audi says this is a first for any model in its lineup.

The SQ9 is offered with a different cabin theme and carbonfibre trims

Compared to the standard Q9’s beige and black interior theme, the SQ9 gets a sportier black-and-white cabin theme along with a three-spoke steering wheel featuring an ‘S’ badge. The wood trim is replaced with carbon fibre elements, further enhancing its performance-oriented character.

Audi Q9 SUV powertrain options

Offered with a 3L V6 diesel engine with standard Quattro system

While manufacturers are shying away from diesel engines, Audi is offering the Q9 in the German market with a 3.0-litre V6 diesel engine that produces 299hp and 630Nm. It is offered with an 8-speed Tiptronic automatic transmission and ‘Quattro’ all-wheel-drive (AWD) setup. This engine is paired with a mild-hybrid system, offering 24hp of additional power for “powerful starts and highly efficient driving”.

A detuned version producing 245hp and 500Nm, mated to the same Tiptronic transmission, ‘Quattro’ AWD and mild-hybrid system, will be offered in the European market.

Audi is offering the Q9 SUV with adaptive air suspension as standard. While this suspension system automatically adjusts based on the speed, load and driving conditions, it can be manually adjusted by up to 90mm via the drive select menu. The Q9 also features all-wheel steering to increase manoeuvrability at low speeds and improve stability as the speeds increase. For optimal stopping power, it gets lightweight composite disc brakes at both ends, with 400mm discs at the front and 350mm units at the rear.

NEET-UG Paper Leak : CBI ने 13 आरोपियों के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट, आज फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई

NEET-UG पेपर लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए 13 आरोपियों के खिलाफ दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। CBI के मुताबिक, सभी 13 आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। यह चार्जशीट CBI की आर्थिक अपराध शाखा (Economic Offences Wing) ने दाखिल की है। यह मामला बुधवार को पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए गठित विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट के समक्ष पेश किया जाएगा।

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इन धाराओं के तहत दर्ज है मामला

CBI के अनुसार, मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 315(5), 318(4), 61(2), 238 और 303(2) के तहत दर्ज किया गया है। इसके अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) सहपठित 13(1)(a) तथा लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 की धारा 3, 4, 5, 10 और 11 भी आरोपियों पर लगाई गई हैं।

 देशभर में मचा था बवाल

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NEET-UG पेपर लीक मामले के सामने आने के बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए थे और मेडिकल प्रवेश परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर कई स्तरों पर जांच शुरू की गई थी। इसी विवाद के बीच 25 जुलाई को तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद Cockroach Janta Party (CJP) ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और NEET पेपर लीक के विरोध में चल रहा अपना 36 दिन का आंदोलन वापस लेने की घोषणा की थी।

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लोकसभा में पेपर लीक बिल पर चर्चा 

लोकसभा में पेपर लीक से जुड़े 'पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 मंगलवार को पास नहीं हो सका। दोपहर 2 बजे से रात 11 बजे तक लगातार 9 घंटे बिल पर चर्चा हुई। विधेयक में 2024 में बने कानून में बदलाव का प्रस्ताव है। केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि इससे पेपर लीक रोकने में मदद मिलेगी। चर्चा में अभी भी कई सांसदों का बोलना बाकी है। रात 11 बजे स्पीकर ने लोकसभा बुधवार 11 बजे तक स्थगित कर दी। अब बिल पर बुधवार को लोकसभा में फिर चर्चा और वोटिंग होगी। वहीं बिल राज्यसभा में भी पेश किया जाएगा।

किसानों की मांगों पर कृषि मंत्री कंषाना का बड़ा आश्वासन, केंद्र से मूंग खरीद लक्ष्य बढ़ाने की मांग

मध्यप्रदेश में मूंग खरीदी सहित किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना ने किसान प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। कृषि मंत्री ने किसानों को आश्वस्त किया कि सरकार उनकी जायज़ मांगों के प्रति संवेदनशील है और सभी मुद्दों का शीघ्र एवं सकारात्मक समाधान करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

 

कृषि मंत्री श्री कंषाना ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाए तथा मूंग खरीदी सहित अन्य विषयों पर आवश्यक कदम उठाए जाएँ।

 

 कृषि मंत्री  श्री कंषाना ने किसानों से शांति बनाए रखने और संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की अपील करते हुए कहा कि सरकार और किसान एक-दूसरे के सहयोगी हैं। सरकार का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना तथा उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाना है। मंत्रालय में हुई बैठक के दौरान किसान प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों और समस्याओं को विस्तार से रखा, जिस पर कृषि मंत्री श्री कंषाना ने सभी बिंदुओं पर गंभीरता से विचार करने तथा संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर शीघ्र निर्णय लेने का भरोसा दिलाया।

 

कृषि मंत्री श्री कंषाना ने विश्वास व्यक्त किया कि आपसी संवाद और सकारात्मक प्रयासों से किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान होगा तथा प्रदेश में खरीदी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं सुचारु बनाया जाएगा। इस दौरान सचिव कृषि श्री निशांत बरबड़े एवं कृषि विभाग के अधिकारी, किसान संगठन के प्रतिनिधि मण्डल उपस्थित रहे।

 

केंद्र से मूंग उपार्जन का लक्ष्य बढ़ाने के लिये किया अनुरोध

किसानों से चर्चा के बाद कृषि मंत्री श्री कंषाना ने केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर ग्रीष्मकालीन मूंग के उपार्जन का लक्ष्य बढ़ाने का अनुरोध किया है। उन्होंने पत्र में कहा है कि प्रदेश में ग्रीष्मकालीन मूंग का क्षेत्रफल लगभग 14.30 लाख हेक्टेयर है। गत वर्ष के अंतिम अनुमान/ इस वर्ष के तृतीय अग्रिम अनुमान अनुसार प्रदेश में ग्रीष्मकालीन मूंग की उत्पादकता 1410 कि. ग्राम प्रति हेक्टेयर है। इस प्रकार प्रदेश का कुल उत्पादन 20.16 लाख मेट्रिक टन संभावित है। केन्द्र सरकार द्वारा गत वर्ष 4.19 लाख मे. टन का लक्ष्य प्रदान किया गया था, जिसके विरूद्ध प्रदेश में ग्रीष्मकालीन मूंग का कुल 7.72 लाख मे. टन का उपार्जन किया गया।
 

किसानों को बेहतर मूल्य मिले और किसान भविष्य में भी दलहन उत्पादन के प्रति इच्छुक रहे इसे सुनिश्चित करने के लिये न्यूनतम समर्थन मूल्य का अधिकाधिक लाभ उन्हें दिया जाना आवश्यक है, जो केन्द्र सरकार द्वारा प्रदत्त लक्ष्य सीमा से संभव नहीं हो सकेगा। अत: विपणन वर्ष 2026-27 में भारत सरकार की प्राईस सर्पोट स्कीम अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर पर तय किये हुए लक्ष्य में से अन्य ग्रीष्मकालीन मूंग उत्पादन करने वाले राज्यों के बचत के प्रतिशत को प्रदेश को प्रदाय करते हुए प्रेषित संशोधित प्रस्ताव अनुसार लक्ष्य सीमा को बढ़ाकर प्रदेश के कुल उत्पादन का 40 प्रतिशत मात्रा, 8.06 लाख मेट्रिक टन का लक्ष्य प्रदाय किया जाये।

टूट रही है गंभीर की कोचिंग टीम! भारत को चैंपियन बनाने वाले अब इस धुरंधर ने तोड़ा नाता

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने भारतीय टीम के सपोर्ट स्टाफ में बदलाव करने का फैसला किया है। बोर्ड सचिव देवजीत सैकिया ने बताया कि, फील्डिंग कोच टी दिलीप का कॉन्ट्रैक्ट आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। दिलीप के साथ असिस्टेंट कोच रयान टेन डोएशेट भी अब टीम के साथ नहीं रहेंगे। बीसीसीआई इन दोनों पदों के लिए नए नामों पर विचार कर रहा है और श्रीलंका के खिलाफ अगले महीने शुरू होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज से पहले नए कोचिंग स्टाफ की घोषणा की जा सकती है।

कब खत्म हुआ कॉन्ट्रैक्ट

इंग्लैंड दौरे के बाद रयान टेन डोएशेट और टी दिलीप का कार्यकाल समाप्त हो गया। इस दौरे पर भारतीय टीम को आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ व्हाइट-बॉल सीरीज में निराशाजनक प्रदर्शन का सामना करना पड़ा। न्यूज एजेंसी PTI रिपोर्ट्स के मुताबिक, हेड कोच गौतम गंभीर के करीबी माने जाने वाले टेन डोएशेट को बीसीसीआई ने नया कॉन्ट्रैक्ट देने की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया। डोएशेट आईपीएल फ्रेंचाइजी केकेआर के साथ दोबारा जुड़ने का फैसला किया।

डोएशेट की गंभीर के साथ कर चुके हैं काम

रयान टेन डोएशेट के टीम इंडिया के सपोर्ट स्टाफ में आने के बाद उनकी भूमिका काफी अहम हो गई थी। वह पहले गौतम गंभीर, अभिषेक नायर और मोर्ने मोर्कल के साथ केकेआर में काम कर चुके थे। लेकिन टीम में पहले से टी दिलीप फील्डिंग कोच थे, फिर भी टेन डोएशेट कई अहम जिम्मेदारियां निभाते नजर आए। मीडिया से बातचीत और टीम की रणनीति से जुड़े कई मुद्दों पर अक्सर वही टीम प्रबंधन का पक्ष रखते थे।

केकेआर में हुई वापसी

रयान टेन डोएशेट के लिए कोलकाता नाइट राइडर्स में वापसी किसी नए सफर की तरह नहीं होगी। वह 2012 और 2014 में खिलाड़ी के रूप में टीम की आईपीएल खिताबी जीत का हिस्सा रह चुके हैं। इसके बाद 2024 के विजेता अभियान में उन्होंने फील्डिंग कोच की भूमिका निभाई थी। अब केकेआर में उनकी फिर से वापसी होने पर वह मुख्य कोच अभिषेक नायर के साथ दोबारा काम करते नजर आ सकते हैं।

कोचिंग में जीता था वर्ल्ड कप

टी दिलीप के अगले कदम को लेकर अभी कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। टेन डोशेट और टी दिलीप के कार्यकाल में भारत ने 2025 एशिया कप और 2026 टी-20 वर्ल्ड कप जीता। वहीं टी दिलीप के कार्यकाल में भारत ने 2024 टी-20 वर्ल्ड कप भी जीता था। वहीं, भारतीय टीम को जल्द ही मजबूत कोचिंग संयोजन तैयार करने की जरूरत होगी, क्योंकि 2027 विश्व कप में अब ज्यादा समय नहीं बचा है। नए कोचिंग स्टाफ के कार्यकाल में टीम का प्रदर्शन आयरलैंड, इंग्लैंड और हाल ही में जिम्बाब्वे के खिलाफ सीमित ओवरों की सीरीज में उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, जिससे टीम प्रबंधन पर बेहतर नतीजे देने का दबाव बढ़ गया है।