SIP Returns: एक जैसा SIP इन्वेस्टमेंट, फिर भी ₹2.85 करोड़ का अंतर! जानिए म्यूचुअल फंड में ‘रिटर्न की टाइमिंग’ का पूरा खेल

Same SIP Different Returns: म्यूचुअल फंड में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) शुरू करने वाले नए निवेशकों के मन में अक्सर एक सवाल आता है कि ‘क्या मेरी SIP वाकई काम कर रही है?’ निवेश के शुरुआती दो-तीन सालों में जब बाजार में उतार-चढ़ाव होता है, तो पोर्टफोलियो में कोई जादुई ग्रोथ नहीं दिखती। ऐसे में लोग मान लेते हैं कि कंपाउंडिंग की बातें सिर्फ कागजी हैं।

अगर आप भी ऐसा सोचते हैं, तो आप गलत हैं। SIP के शुरुआती साल दौलत बनाने के नहीं, बल्कि एक बड़ा बेस तैयार करने के होते हैं। आइए एडेलवाइस एसेट मैनेजमेंट के हेड निरंजन अवस्थी के इनपुट्स के साथ एक दिलचस्प उदाहरण से समझते हैं कि कैसे एक ही रकम की SIP करने के बावजूद दो लोगों के रिटर्न में ₹2.85 करोड़ का भारी अंतर आ सकता है।

एक जैसा निवेश, फिर भी रिटर्न में जमीन-आसमान का अंतर

मान लेते हैं कि दो अलग-अलग निवेशक A और B हैं। दोनों ही हर महीने ₹50,000 की SIP पूरे 20 साल के लिए करते हैं। दोनों का कुल निवेश बराबर है, लेकिन उन्हें मिलने वाले मार्केट रिटर्न की टाइमिंग अलग-अलग है:

निवेशक A (शुरुआत में बंपर रिटर्न): इसे शुरुआती 5 सालों में 24% का सालाना रिटर्न मिलता है, और आखिरी के 15 सालों में 12% का सालाना रिटर्न मिलता है।

निवेशक B (आखिरी सालों में बंपर रिटर्न): इसके साथ स्थिति बिल्कुल उल्टी है। इसे पहले 15 सालों तक 12% का सालाना रिटर्न मिलता है, लेकिन आखिरी के 5 सालों में 24% का तगड़ा सालाना रिटर्न मिलता है।

हैरान करने वाला नतीजा

20 साल पूरे होने पर निवेशक B का कुल फंड ₹8.77 करोड़ हो जाता है, जबकि निवेशक A का फंड सिर्फ ₹5.92 करोड़ ही रह जाता है। दोनों ने हर महीने एक बराबर पैसा जमा किया, लेकिन रिटर्न की टाइमिंग के फेर के कारण दोनों के बीच ₹2.85 करोड़ का बड़ा फासला आ गया।

अगर यही SIP छोटी रकम यानी ₹10,000 महीना की भी होती, तब भी आखिरी सालों में बड़ा रिटर्न पाने वाला निवेशक करीब ₹57 लाख ज्यादा कमा लेता।

आखिर ऐसा क्यों होता है?

आम तौर पर लोग सोचते हैं कि शुरुआत में ज्यादा रिटर्न मिलने पर पैसा बढ़ने के लिए ज्यादा समय मिलेगा, इसलिए फंड बड़ा होना चाहिए। एकमुश्त निवेश में यह बात सही हो सकती है, लेकिन SIP का नियम अलग है।

जब आप SIP शुरू करते हैं, तो पहले कुछ सालों में आपका कुल जमा फंड बहुत छोटा होता है। अगर उस समय बाजार 24% की रफ्तार से भागता भी है, तो वह छोटी रकम पर ही काम करेगा।

15 साल तक लगातार निवेश करने के बाद आपका फंड बहुत बड़ा हो जाता है। अब इस बड़े फंड पर जब आखिरी सालों में 24% का रिटर्न मिलता है, तो रुपयों के मामले में होने वाला मुनाफा बहुत विशाल होता है।

इस पर निरंजन अवस्थी ने कहा कि, ‘शुरुआती साल अमीर बनने के लिए नहीं, बल्कि अलग-अलग कीमतों पर म्यूचुअल फंड यूनिट्स इकट्ठा करने और एक मजबूत बेस बनाने के लिए होते हैं। असली वेल्थ क्रिएशन बाद में होती है। निवेश में धैर्य रखना कोई मजबूरी नहीं, बल्कि इसकी सबसे बड़ी खूबी है।’

लॉन्ग टर्म SIP में निवेशक कहां करते हैं गलती?

सबसे बड़ी गलती यह होती है कि लोग अपनी लॉन्ग टर्म SIP का मूल्यांकन बहुत जल्दी यानी 2-3 साल में ही करने लगते हैं। शुरुआत में आपकी अधिकांश किस्तें हाल ही में बाजार में गई होती हैं, इसलिए कंपाउंडिंग का जादू तुरंत स्क्रीन पर रिफ्लेक्ट नहीं होता। जैसे-जैसे समय बीतता है, वैसे-वैसे आपकी पुरानी यूनिट्स पर मिलने वाला ब्याज आपके फंड को रॉकेट की तरह आगे बढ़ाता है।

क्या हमें शुरुआत में खराब रिटर्न की दुआ करनी चाहिए?

बिल्कुल नहीं, इस उदाहरण का मकसद यह समझाना नहीं है कि शुरुआत में बाजार खराब चले तो अच्छा है। बाजार कब ऊपर जाएगा और कब नीचे, यह किसी के हाथ में नहीं है। मुख्य सीख यह है कि शुरुआती 2-3 साल का धीमा सफर यह तय नहीं करता कि आपकी इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजी फेल हो गई है।

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कुल मिलाकर अगर आपकी SIP को अभी सिर्फ 2 या 3 साल ही हुए हैं और रिटर्न मामूली दिख रहा है, तो भरोसा मत खोइए। यह फेज सिर्फ अनुशासन के साथ बाजार में टिके रहने और ज्यादा से ज्यादा यूनिट्स बटोरने का है। कंपाउंडिंग पहले दिन से काम करती है, लेकिन उसका असली और बड़ा असर तभी दिखाई देता है जब आपके पास एक बड़ा इन्वेस्टमेंट बेस तैयार हो जाता है।

Renault Duster 1.0 vs 1.3 MT real-world fuel efficiency compared 

Renault Duster side tracking

Earlier this year, Renault revived the Duster to mark its re-entry into the mid-size SUV space. Powering the SUV is a pair of turbo-petrol engines of either 1.0-litre or 1.3-litre in capacity. We’ve extensively tested and compared the real-world mileage figures of both turbo-petrol engines in manual transmission guise to determine how much of a gap there is in their efficiency.

Renault Duster 1.0 vs 1.3 MT: Specifications

Renault Duster 1.0 vs 1.3 MT: Specifications

 

Duster 1.0

Duster 1.3

Engine

3 cyls, turbo-petrol

4 cyls, turbo-petrol 

Displacement (cc)

999

1333

Power (hp)

100

163

Torque (Nm)

166

280

Gearbox

6MT

6MT

Kerb weight (kg)

1316

1372

Fuel tank (litres)

50

50

The Duster’s 1.0-litre turbo-petrol engine is essentially the same unit that’s utilised in the Kiger. It develops an identical 100hp, but torque is slightly bumped to 166Nm (from 160Nm). This engine is the least powerful turbo-petrol unit in the segment. In contrast, the 163hp, 280Nm 1.3-litre turbo-petrol engine is the most powerful in the segment. A 6-speed manual gearbox is standard on both engines, while a 6-speed DCT is offered on the 1.3-litre mill as well. The smaller 1.0-litre engine translates into a 56kg lighter kerb weight. Both versions get an identical 50-litre fuel tank. 

Renault Duster 1.0 vs 1.3 MT: Real-world fuel efficiency

In the city, it was the 1.3-litre mill that was more frugal by a mere 0.48kpl. This is because of its ability to shift less frequently, due to its taller gearing. Both engines come with an Eco driving mode along with an auto start/stop function. But during the 1.0-litre units testing, high temperatures forced the AC to work harder, and auto start/stop only worked briefly, affecting city fuel efficiency. On the highway, however, the 1.0-litre unit was more efficient by 0.74kpl. Overall, the Duster 1.0’s average fuel efficiency was slightly higher at 10.98kpl in comparison to the 1.3’s 10.64kpl. The 0.34kpl gap in real-world average figures is much less in contrast to the 1.66kpl difference considering their respective ARAI-claimed figures 

Renault Duster 1.0 vs 1.3 MT: Price

Renault Duster 1.0 vs 1.3 MT: Prices

 

Duster 1.0

Duster 1,3

Price (Rs lakh) 

10.49 – 13.49

12.99 – 16.99

The Duster with the 1.0-litre engine has a more affordable price range as it’s offered from the base to the mid-level trims. Meanwhile, the 1.3-litre’s availability from the one above the base trim and exclusively on the top-end trim makes it comparatively pricier. Going for the 1.3 over the 1.0 within the same trim will set you back by up to Rs 1.3 lakh. 

Autocar India’s fuel-efficiency testing

Before our real-world fuel-efficiency tests, we fill our test cars’ tanks to the brim and maintain tyre pressures based on the manufacturer’s recommendations. These cars are driven in fixed city and highway loops in and around Navi Mumbai, and we maintain certain average speeds. Throughout the tests, there is only one person in each car, operating the air conditioner and other electricals, such as the audio system, indicators and wipers, when required, just like a regular user would. Periodic driver swaps further neutralise variations in driver patterns. At the end of each cycle, we calculate efficiency by filling the tanks to full again.

All prices are ex-showroom, India.

Video: हार्ट अटैक के बाद एम्बुलेंस वालों ने मांगे 15 हजार रुपये, फिर Blinkit ने किया ऐसा काम

मेडिकल इमरजेंसी में सबसे बड़ी जरूरत होती है समय पर इलाज और अस्पताल तक जल्दी पहुंचना। लेकिन कई बार एम्बुलेंस की उपलब्धता और उसका भारी किराया मरीज के परिवार के लिए नई परेशानी खड़ी कर देता है। हाल ही में गुरुग्राम की एक महिला ने सोशल मीडिया पर अपना ऐसा अनुभव साझा किया, जिसने हजारों लोगों का ध्यान खींचा। उन्होंने बताया कि एक आपात स्थिति के दौरान उन्हें ऐसी सेवा मिली, जिसने न सिर्फ समय बचाया बल्कि आर्थिक बोझ भी कम कर दिया। उनका वीडियो देखते ही देखते वायरल हो गया और लोग इस पहल की जमकर तारीफ करने लगे।

कई यूजर्स ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि समय पर मिली मदद ने मुश्किल घड़ी में बड़ी राहत दी। इस घटना ने एक बार फिर इमरजेंसी सेवाओं की अहमियत और उनकी पहुंच को लेकर नई चर्चा छेड़ दी।

एम्बुलेंस के लिए मांगे गए 10 से 15 हजार रुपये

कंटेंट क्रिएटर कोमल खंडेलवाल के मुताबिक, बुजुर्ग महिला को तुरंत अस्पताल पहुंचाना जरूरी था। लेकिन जब उन्होंने अलग-अलग एम्बुलेंस सेवाओं से संपर्क किया तो 10 हजार से 15 हजार रुपये तक का किराया बताया गया।

ऐसे मुश्किल समय में परिवार के सामने इलाज के साथ-साथ एम्बुलेंस का खर्च भी बड़ी चिंता बन गया।

तभी सामने आया Blinkit का फ्री एम्बुलेंस विकल्प

इसी दौरान किसी ने सुझाव दिया कि Blinkit के जरिए एम्बुलेंस बुक की जा सकती है। परिवार ने तुरंत इस सेवा का इस्तेमाल किया और कुछ ही समय में एम्बुलेंस मौके पर पहुंच गई।

कोमल ने बताया कि इस सेवा के लिए उनसे कोई शुल्क नहीं लिया गया, जिससे समय पर मरीज को अस्पताल पहुंचाने में मदद मिली।

यह किसी फाइव स्टार एम्बुलेंस से कम नहीं थी’

वीडियो में कोमल ने एम्बुलेंस की सुविधाओं की भी तारीफ की। उनके मुताबिक इसमें मरीज को ले जाने के लिए स्ट्रेचर, व्हीलचेयर, जरूरी मेडिकल उपकरण, दवाइयां और प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ मौजूद था।

उन्होंने मजाकिया अंदाज में इसे “फाइव स्टार एम्बुलेंस” तक कह दिया।

Blinkit से की खास अपील

कोमल ने वीडियो में Blinkit का धन्यवाद करते हुए कहा कि कंपनी को यह सेवा हमेशा मुफ्त रखनी चाहिए।

उनका कहना था कि हर व्यक्ति के पास अचानक मेडिकल इमरजेंसी में हजारों रुपये खर्च करने की क्षमता नहीं होती। अगर किसी के पास पैसे न हों, तो सिर्फ इसी वजह से उसकी जान खतरे में नहीं पड़नी चाहिए।

सोशल मीडिया पर लोगों ने की जमकर तारीफ

वीडियो वायरल होने के बाद कई लोगों ने अपने अनुभव भी साझा किए।

एक यूजर ने लिखा कि Blinkit की यह पहल शानदार है और जरूरतमंद लोगों के लिए बड़ी मदद साबित हो सकती है।

एक अन्य यूजर ने बताया कि उन्होंने सड़क हादसे में घायल एक व्यक्ति के लिए Blinkit से एम्बुलेंस बुक की थी, जो बिना किसी शुल्क के बहुत जल्दी पहुंच गई।

वहीं एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि सुबह 5 बजे दवा ऑर्डर करने के बाद Blinkit की ओर से डॉक्टर का कॉल आया, जिसने उनकी तबीयत के बारे में जानकारी ली। इस पहल को भी लोगों ने काफी सराहा।

कुछ लोगों ने सरकार से भी उठाए सवाल

जहां बड़ी संख्या में लोगों ने Blinkit की तारीफ की, वहीं कुछ यूजर्स ने सवाल उठाया कि ऐसी बुनियादी सुविधाएं निजी कंपनियों के बजाय सरकार की ओर से आसानी से उपलब्ध होनी चाहिए।

उनका कहना था कि इमरजेंसी एम्बुलेंस जैसी सेवाएं हर नागरिक तक सुलभ और किफायती होना जरूरी है।

Blinkit ने भी दिया जवाब

वीडियो पर मिली तारीफ के बाद Blinkit ने भी कमेंट सेक्शन में प्रतिक्रिया दी और दिल वाले इमोजी के साथ यूजर्स का आभार जताया।

इस घटना ने एक बार फिर दिखाया कि सही समय पर मिली मदद किसी की जिंदगी बचाने में कितनी अहम भूमिका निभा सकती है।

13 हजार डॉलर में ‘बॉडी काउंट रीसेट’? वायरल दावे की सच्चाई जानकर रह जाएंगे हैरान

Stock Market Crash: डे-हाई से Sensex में 350 अंकों की गिरावट, 4 वजहों से Nifty आया 24450 के नीचे

Stock Market Crash: निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन आज मार्केट में शुरुआती कारोबार में अच्छी रौनक दिखी। घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज उछल पड़े। सेंसेक्स 350 प्वाइंट्स से अधिक उछल पड़ा था तो निफ्टी भी 24500 के पार चला गया लेकिन फिर इंट्रा-डे हाई से सेंसेक्स 350 प्वाइंट्स टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 24450 के नीचे तक आ गया। हालांकि ब्रोडर लेवल पर मार्केट में आज शुरुआती कारोबार से ही दबाव बना रहा। निफ्टी मिडकैप 100 में आधे फीसदी के करीब गिरावट है तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे फीसदी से अधिक गिरावट है। अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो 01:39 PM पर सेंसेक्स 31.33 यानी 0.04% की गिरावट के साथ 78,253.74 और निफ्टी 8.70 यानी 0.04% की फिसलन के साथ 24,421.65 पर है।

Stock Market Crash: ये है वजह

मुनाफावसूली

निवेशकों ने लगातार पांचवे दिन मार्केट में रौनक का फायदा उठाया और ऊपरी स्तर पर मुनाफावसूली की जिससे मार्केट नीचे आया। चार दिनों में सेंसेक्स और निफ्टी 2.4% मजबूत हुआ और यह करीब 10 हफ्ते के हाई लेवल पर बंद हुआ था।

Nifty की वीकली एक्सपायरी

आज निफ्टी के डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की वीकली एक्सपायरी है तो इसका भी असर आज मार्केट पर दिखा।

मेटल और रियल्टी शेयरों में गिरावट

मार्केट पर आज मेटल और रियल्टी शेयरों ने काफी दबाव बनाया। मेटल शेयरों के निफ्टी इंडेक्स निफ्टी में 1% से अधिक तो निफ्टी रियल्टी में डेढ़ फीसदी से अधिक की गिरावट आई। इसके अलावा हल्की ही सही लेकिन सरकारी और प्राइवेट बैंकों के शेयरों ने भी मार्केट पर दबाव बनाया है जिनके निफ्टी इंडेक्स लाल हैं। हालांकि आईटी सेक्टर मार्केट को ऊपर लाने की पूरी कोशिश कर रहा जिससे मार्केट की गिरावट सीमित हो जा रही है। निफ्टी आईटी में ढाई फीसदी से अधिक तेजी है।

अमेरिका-ईरान तनाव

होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ओमान के तट पर एक तेल टैंकर पर मिसाइल हमला हुआ। इसे लेकर ईरानी स्टेट मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक यह टैंकर अमेरिकी नौसेना के सपोर्ट से ओमान के समुद्री रास्ते से गुजरने की कोशिश कर रहा था, जिसने ईरानी अधिकारियों की बार-बार दी गई चेतावनियों को नजरअंदाज किया था जिसके बाद इसे निशाना बनाया गया।

टेक्निकल आउटलुक

जियोजीत इंवेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स का कहना है कि एक कारोबारी दिन पहले 24400 के ऊपर निफ्टी के क्लोज होने से 24800-25250 की तरफ इसके बढ़ने का माहौल और सुधरा। हालांकि उन्होंने इस बात को लेकर भी सतर्क किया है कि 24600 के लेवल पर मार्केट को कुछ रिजेक्शन भी झेलना पड़ सकता है। आनंद के मुताबिक 24360 के सपोर्ट पर मार्केट 24600 की तरफ बढ़ सकता है।

Iran-US Tension: ‘बात नहीं मानी तो भुगतना होगा अंजाम’, ईरान ने बताया ओमान तट के पास तेल टैंकर पर क्यों दागी मिसाइल!

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Maruti slashes Victoris prices by up to Rs 39,000

Maruti Suzuki Victoris front quarter static

Prices of select variants of the Victoris SUV have been reduced by Rs 39,000. This comes after the Maruti Victoris crossed the 1 lakh sales milestone in June, a feat the manufacturer said was achieved in just 8 months, faster than the Grand Vitara. In fact, the Victoris has been clocking over 10,000 sales per month in 2026, and a price reduction is expected to boost sales.

  1. MT and AT variants of ZXi (O) and ZXi+ (O) trims witness price cuts
  2. Prices of the Victoris’ CNG and strong hybrid variants are unchanged
  3. Variant-wise features of the Victoris are unaffected by the price rejig

Maruti Suzuki Victoris: Old vs new prices

A panoramic sunroof on the Victoris has become more affordable now

Maruti Suzuki Victoris July 2026 prices for mild hybrid petrol variants (Rs, lakh)

Variant

New price

Old price

Price difference

LXi MT 

10.50

10.50

None

VXi MT 

11.80

11.80

None

VXi AT 

13.36

13.36

None

ZXi MT 

13.57

13.57

None

ZXi (O) MT 

13.69

14.08

– Rs 39,000

ZXi AT 

15.13

15.13

None

ZXi+ MT 

15.24

15.24

None

ZXi (O) AT

15.25

15.64 

– Rs 39,000

ZXi+ (O) MT 

15.43

15.82

– Rs 39,000

ZXI+ AT 

17.19

17.19

None

ZXi+ (O) AT 

17.38

17.77

– Rs 39,000

ZXi+ AT AWD

18.64

18.64

None

ZXi+ (O) AT AWD

19.22

19.22

None

As the table suggests, prices of the ZXi (O) MT, ZXi (O) AT, ZXi+ (O) MT, and ZXi+ (O) AT have been reduced by Rs 39,000. Since these (O) variants add a panoramic sunroof over their standard counterparts, buyers can now get a Victoris with a panoramic sunroof at a more affordable price. The price range of Victoris variants with a naturally aspirated petrol engine, however, is unchanged.  

CNG prices are the same and range from Rs 11.50 lakh to Rs 14.57 lakh

Maruti Suzuki Victoris July 2026 prices for CNG variants (Rs, lakh)

Variant

New price

Old price

Price difference

LXi CNG MT

11.50

11.50

None

VXi CNG MT

12.80

12.80

None

ZXi CNG MT

14.57

14.57

None

Unlike the naturally aspirated petrol variants, the CNG variants come at the same price as before. These range from Rs 11.50 lakh to Rs 14.57 lakh.

Strong hybrid prices are also unchanged

Maruti Suzuki Victoris July 2026 prices for strong hybrid petrol variants (Rs, lakh)

Variant

New price

Old price

Price difference

VXi eCVT

16.38

16.38

None

ZXi eCVT

17.80

17.80

None

ZXi (O) eCVT

18.39

18.39

None

ZXi+ eCVT

19.47

19.47

None

ZXi+ (O) eCVT

19.99

19.99

None

Like CNG, the strong hybrid petrol variants have seen no price rejig and continue to range from Rs 16.38 lakh to Rs 19.99 lakh.

The Maruti Victoris rivals midsize SUVs like the Hyundai Creta, Kia Seltos, Tata Sierra, Renault Duster, Skoda Kushaq, Volkswagen Taigun, Honda Elevate, Toyota Hyryder, Citroen Aircross and MG Astor

Prices are ex-showroom, India. 

Electric scooter and bike sales cross 1 million units in 2026 so far

TVS iQube Bajaj Chetak Ather Rizta

The Indian electric two-wheeler industry has surpassed 1 million unit sales as of July 6 this year. As per the latest data on the Vahan portal, a record 10,05,279 e-scooters, motorcycles and mopeds have been sold between January 1 and July 6 this year. This marks a handsome YoY increase of 54 percent (January 1-July 6, 2025: 6,54,592 units) and daily sales of 5,375 units. 

Month

Units sold

January

1,29,265

February

1,18,408

March

1,99,393

April

1,57,619

May

1,72,530

June

1,94,186

July (till 6 July, 2026)

33,878

As the six-month retail sales data table above depicts, 2026 opened with 1,29,265 units in January, dropping 8 percent MoM in February (1,18,408 units). March saw retails jump 68 percent MoM to 1,99,393 units, which remains the highest monthly total yet for the industry. As a result, Q1 2026 (4,47,066 units) registered YoY growth of 39 percent (Q1 2025: 3,21,520 units). Sales rose higher in Q2 2026 (5,24,335 units) which was a 17 percent increase over Q1 and a 68 percent jump YoY (Q1 2025: 3,12,070 units) due to the sharp spike in sales in April (1,57,619 units, up 63 percent), May (194,196 units, up 64 percent) and June (1,94,186 units, up 75 percent).

Retail sales in May 2026, particularly from the second half, got a boost from the sharp increase in the price of petrol and a market dynamic that saw a fair number of two-wheeler buyers go electric to save money on costly petrol. Starting May 15, oil marketing companies implemented four hikes in petrol price in a span of 10 days. So far, fuel prices remain unchanged (as of July 7) and are enabling a higher level of transition to electric mobility across passenger and commercial vehicle segments.

Top brands on track to clock highest-ever annual sales

TVS, Bajaj Auto, Ather Energy and Vida have already achieved more than 80 percent of their record annual sales in 2025 already in 2026 so far.

The e-2W segment’s stellar growth this year is being driven by its Top 10 movers and shakers, with the bulk of them set to register their highest calendar year retail sales in CY2026. Combined sales of these 10 OEMs, at 9,39,894 units, gives them a 93 percent share of the 1-million retails to date, leaving the remaining 7 percent to be fought out by the other 16 players in the segment. 

Rank

Company

Sales till date

% Market share

1

TVS

2,60,938

26

2

Bajaj

2,25,960

22

3

Ather

1,74,677

17

4

Vida (Hero)

1,09,306

11

5

Ola Electric

68,148

7

6

Greaves

45,240

5

7

River

22,490

2

8

BGauss

20,276

2

9

Simple

7,391

1

10

Revolt

5,468

1

 

Total

9,39,894

 

Market leader TVS Motor Co has sold 2,60,938 iQube and Orbiter scooters till July 6 and accounts for a 26 percent share of the 1 million sales. This total is already 83 percent of its 2025 sales of 3,15,085 units which means TVS is well set to surpass the 5 lakh units annual sales milestone for the first time in 2026.

Bajaj Auto, with 2,25,960 units and 22 percent share, is the closest challenger to TVS. The manufacturer of the Chetak has achieved 81 percent of its 2025 sales (2,79,687 units). It should cross the 3 lakh units annual sales mark by mid-August and then go on to surpass 4 lakh unit sales by the end of the year. It will be achieving both these milestones for the first time in a calendar year.

Ather Energy, the firm No. 3, is also on a roll this year. The company has delivered 1,74,677 units between January 1-July 6, which gives it a 17 percent share of the million units and constitute 81 percent of its 2025 sales (2,14,984 units). Given the strong growth momentum for its products, particularly the Rizta and the potential of its upcoming more affordable EL-platform based products, Ather should likely go on to surpass 3.50 lakh units this year.

Hero MotoCorp (Vida) will, for the first time, achieve the 2 lakh unit annual sales milestone for its EVs. The 1,09,306 e-scooters sold till date are 97 percent of its 2025 total (1,13,024 units) and give the company an 11 percent share of all e-2Ws sold in the year to date.

Ola Electric has delivered 68,148 e-scooters and e-motorcycles in the first 187 days of this year. This gives it a 7 percent share of the million units albeit this total is just 33 percent of its sales in 2025 (2,04,526 units). While annual sales will surely cross the 1.25 lakh units mark this year, only a massive resurgence in demand for products from the former market leader will see it hit 1.50 lakh units, far fewer than the top three OEMs – TVS, Bajaj and Ather.

IPO-bound Greaves Electric Mobility, the manufacturer of Ampere e-scooters, has clocked retail sales of 45,240 units in the year to date. This gives it a 5 percent share of the million-unit sales and is 78 percent of its 2025 sales (57,700 units). GEM’s highest annual sales were in 2022 (80,000-plus including Ampere Vehicles).

Bengaluru-based River Mobility, which is witnessing growing demand for its sole product – the River Indie – has already hit a new annual sales high of 22,490 units. This is 5,470 units more than in 2025 (17,020 units) and should see the startup close in on the 50,000 mark in 2026. The company also manufactures the Yamaha EC-06, which is based on the Indie platform.

Eighth-ranked BGauss Auto sold 20,276 units between January and July 6, which gives it a 2 percent share of all-India e-2W sales to date and 80 percent of its 2025 sales (25,131 units).

Scooter maker Simple Energy has sold 7,391 units in the year to date, 763 units more than the 6,628 e-scooters it sold in 2025. Electric motorcycle manufacturer Revolt Motors, with 5,468 units, has achieved 50 percent of its 2025 sales of 11,018 units.

Given that the surging demand for electric scooters and motorcycles continues in H2 this year, the industry is racing towards breaching the 2-million annual sales milestone for the first time. And, considering that e-2Ws constitute the largest volume, they will also help the domestic EV industry to achieve a record 3 million sales this year.

ब्रह्मोस डील, सबांग पोर्ट और IIM कैंपस… PM Modi की इंडोनेशिया यात्रा की 20 बड़ी उपलब्धियां ये रहीं

PM Modi Indonesia visit 20 outcomes list: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया की राजकीय यात्रा दोनों देशों के रणनीतिक और आर्थिक संबंधों के लिहाज से बेहद ऐतिहासिक साबित हुई है। जकार्ता में पीएम मोदी का भव्य स्वागत किया गया। इसके बाद उन्होंने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ एक उच्च स्तरीय द्विपक्षीय वार्ता की। इस दौरान दोनों देशों ने आपसी द्विपक्षीय सहयोग को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए करीब एक दर्जन समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इनमें क्रिटिकल मिनरल्स, टेक्नोलॉजी, खाद्य सुरक्षा, दवाएं और समुद्री सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं।

वार्ता के बाद पीएम मोदी ने अपने बयान में कहा कि साल 2018 में हमने जो व्यापक रणनीतिक साझेदारी बनाई थी वह आज एक नई उड़ान भर रही है। हम विकास, सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, संस्कृति और शिक्षा जैसे हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने पूरे भरोसे के साथ कहा कि आज से भारत-इंडोनेशिया साझेदारी का एक स्वर्ण अध्याय शुरू हो रहा है।

रक्षा, डिजिटल पेमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े मील के पत्थर

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल द्वारा साझा किए गए आधिकारिक विवरण और पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक इस यात्रा के दौरान कई बड़े और रणनीतिक ऐलान किए गए हैं।

सबांग पोर्ट का संयुक्त विकास: दोनों देश रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण साबांग पोर्ट का संयुक्त रूप से विकास करने पर सहमत हुए हैं। ये स्ट्रेट ऑफ मक्का के ठीक सामने स्थित है और भारत के ग्रेट निकोबार पोर्ट प्रोजेक्ट से महज 100 मील की दूरी पर है।

UPI और डिजिटल पेमेंट इंटीग्रेशन: भारत का डिजिटल पेमेंट सिस्टम UPI अब इंडोनेशिया के भुगतान सिस्टम के साथ इंटिग्रेट होने के लिए पूरी तरह तैयार है। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार और यात्रा दोनों को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

ब्लू इकोनॉमी और समुद्री व्यापार: दोनों पक्षों ने ब्लू इकोनॉमी, समुद्री व्यापार और बंदरगाह विकास के क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने का निर्णय लिया है।

वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा: दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की स्थिति सहित विभिन्न वैश्विक चुनौतियों पर भी चर्चा की, जहां पीएम मोदी ने फिलिस्तीन के मुद्दे पर भारत के पुराने रुख को दोहराते हुए टू-स्टेट सॉल्यूशन और दीर्घकालिक शांति का समर्थन किया।

पीएम मोदी की यात्रा के 20 टॉप आउटकम

यहां दोनों देशों के बीच हुए उन 20 महत्वपूर्ण समझौतों और निर्णयों की पूरी सूची दी गई है, जो इस यात्रा की सबसे बड़ी उपलब्धियां बनकर सामने आई हैं:

1- स्टील सप्लाई चेन और मिनरल्स सहयोग

समझौता: स्टील सप्लाई चेन के मिनरल्स और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सहयोग के लिए दोनों देशों के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) हुआ है।

मायने: यह खनिज और खनन क्षेत्र में आपसी निवेश को बढ़ावा देगा। इसके साथ ही एडवांस्ड एक्सट्रैक्शन और प्रोसेसिंग तकनीकों तक पहुंच में सुधार होगा, संयुक्त अध्ययनों व परियोजनाओं को प्रोत्साहन मिलेगा और क्रिटिकल मिनरल सप्लाई चेन मजबूत होगी।

2- समुद्री सुरक्षा सहयोग का विस्तार

समझौता: मैरीटाइम सेफ्टी एंड सिक्योरिटी कोऑपरेशन पर MoU और इम्प्लीमेंटेशन अरेंजमेंट का विस्तार किया गया है।

मायने: इससे दोनों देशों के तटरक्षक बलों के बीच सहयोग और मजबूत होगा। मैरीटाइम डोमेन अवेयरनेस, सर्च एंड रेस्क्यू और क्षमता निर्माण में तालमेल बढ़ेगा जिससे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता को बढ़ावा मिलेगा।

3- रेयर अर्थ मैग्नेट्स का विकास

समझौता: भारत के NFTDC, मिडवेस्ट लिमिटेड और इंडोनेशिया के PT PERMINAS के बीच रेयर अर्थ मैग्नेट्स के विकास को लेकर MoU पर हस्ताक्षर हुए हैं।

मायने: यह कदम रेयर अर्थ्स (दुर्लभ तत्वों) और क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में आपसी सहयोग को आगे बढ़ाएगा। इससे इस क्षेत्र की वैश्विक सप्लाय चेन में विविधता आएगी और अन्य देशों पर निर्भरता कम होगी।

4- ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम पर सहयोग

समझौता: इंडोनेशियाई सेना को ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम की आपूर्ति और इस पर सहयोग को लेकर दोनों देशों के बीच आधिकारिक सहमति बनी है।

मायने: यह रक्षा समझौता भारतीय रक्षा उद्योग की क्षमताओं को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करता है। इससे आत्मनिर्भर भारत अभियान को बल मिलेगा और स्वदेशी रक्षा विनिर्माण के साथ-साथ नवाचार, वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।

5- एयर-टू-एयर मिसाइल सहयोग

समझौता: हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल सहयोग को लेकर दोनों देशों के बीच समझौता हुआ है। इसके तहत इंडोनेशिया भारत की अस्त्र मिसाइलों का आयात करेगा।

मायने: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस भारतीय मिसाइल की अचूक सफलता को देखते हुए इंडोनेशियाई सेना ने इसे खरीदने का फैसला लिया है। यह समझौता भारत के रक्षा निर्यात और मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड के संकल्प को गति देगा, जिससे भारत के स्वदेशी मिसाइल विकास इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी।

6- स्टेनलेस-स्टील स्लैब विनिर्माण के लिए संयुक्त उद्यम

समझौता: स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया और इंडोनेशिया की पीटी क्रकाटाऊ स्टील के बीच इंडोनेशिया में स्टेनलेस-स्टील स्लैब विनिर्माण सुविधा स्थापित करने के लिए एक रणनीतिक संयुक्त उद्यम का गठन किया गया है।

मायने: यह साझा उत्पादन और आधुनिक तकनीक तक पहुंच को आगे बढ़ाएगा, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और यह ‘विकसित भारत’ के औद्योगिक लक्ष्यों में योगदान देगा।

7- अंतरिक्ष सहयोग समझौते का विस्तार

समझौता: शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए बाहरी अंतरिक्ष के अन्वेषण और उपयोग में सहयोग पर चल रहे फ्रेमवर्क समझौते का विस्तार किया गया है।

मायने: यह कदम दोनों देशों के बीच संयुक्त अनुसंधान, प्रौद्योगिकी साझाकरण और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देता है, जिससे भारत और इंडोनेशिया की तीन दशक पुरानी अंतरिक्ष साझेदारी और अधिक मजबूत होगी।

8- प्रंबानन मंदिर परिसर का संरक्षण और जीर्णोद्धार

समझौता: ऐतिहासिक प्रंबानन मंदिर परिसर के संरक्षण और जीर्णोद्धार के लिए भारत की तरफ से सहायता प्रदान की जाएगी।

मायने: विकास भी, विरासत भी के दृष्टिकोण के तहत, यह दोनों देशों के बीच साझा सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को आगे बढ़ाता है और हेरिटेज कंजर्वेशन में भारत की वैश्विक विशेषज्ञता को प्रदर्शित करता है।

9- कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में सहयोग

समझौता: कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में व्यापक सहयोग के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

मायने: यह टिकाऊ कृषि, फसलों और कृषि मशीनरी के क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाएगा, जिससे किसानों को सीधा लाभ पहुंचाने वाले संयुक्त अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

10- चिकित्सा उत्पाद विनियमन में सहयोग

समझौता: भारत के CDSCO और इंडोनेशिया के BPOM के बीच चिकित्सा उत्पाद विनियमन के क्षेत्र में सहयोग के लिए MoU हुआ है।

मायने: यह वैश्विक नियामक मानकों और सर्वोत्तम प्रथाओं पर ज्ञान के आदान-प्रदान को सक्षम बनाएगा, जिससे भारतीय चिकित्सा उत्पादों पर भरोसा बढ़ेगा और इंडोनेशियाई बाजार में भारतीय दवाओं व उत्पादों की पहुंच आसान होगी।

11- आपदा प्रबंधन में आपसी सहयोग

समझौता: भारत के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और इंडोनेशिया की नेशनल एजेंसी फॉर डिजास्टर मैनेजमेंट के बीच MoU हुआ है।

मायने: इससे रक्षा एक्सचेंजों, आपदा प्रबंधन और औद्योगिक सहयोग में आपसी समन्वय बेहतर होगा। यह समझौता आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान, शुरुआती चेतावनी और जोखिम मूल्यांकन के लिए तकनीक-आधारित ऐप्लिकेशंस के उपयोग को बढ़ावा देगा।

12- दूरसंचार प्रौद्योगिकियों और सेवाओं में साझेदारी

समझौता: दूरसंचार प्रौद्योगिकियों और सेवाओं के क्षेत्र में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन हुआ है।

मायने: यह कदम वायरलेस और क्वांटम सिस्टम सहित उन्नत टेलीकॉम तकनीकों तक पहुंच में सुधार करेगा और दोनों देशों के बीच संयुक्त नवाचार और प्रौद्योगिकी के आदान-प्रदान को भी मजबूती प्रदान करेगा।

13- अनुसंधान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सहयोग

समझौता: रिसर्च, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन कोऑपरेशन पर दोनों देशों के बीच MoU हुआ है।

मायने: यह प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को सक्षम बनाकर भारत के इनोवेशन इकोसिस्टम को सुदृढ़ करेगा, जिससे ‘स्टार्टअप इंडिया मिशन’ सहित दोनों देशों के स्टार्टअप और नवाचार इकोसिस्टम को गति मिलेगी।

14- स्वास्थ्य कार्यबल सहयोग

समझौता: हेल्थ कार्यबल सहयोग पर कार्यान्वयन व्यवस्था लागू की गई है।

मायने: यह स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए फेलोशिप कार्यक्रमों की सुविधा देगा और योग्य भारतीय स्वास्थ्य पेशेवरों को इंडोनेशिया में काम करने के अवसर व विशिष्ट चिकित्सा क्षेत्रों में व्यावहारिक नैदानिक प्रशिक्षण प्रदान करेगा।

15- समुद्री सुरक्षा के लिए इन्फोसेंटर में तैनाती

समझौता: भारत के IFC-IOR में एक इंडोनेशियाई संपर्क अधिकारी की तैनाती की जाएगी।

मायने: यह रणनीतिक कदम वास्तविक समय में समुद्री सूचनाओं के साझाकरण को बढ़ाएगा, जिससे हिंद महासागर क्षेत्र में द्विपक्षीय समुद्री सुरक्षा सहयोग को और अधिक मजबूती मिलेगी।

16- इंडोनेशिया को उच्च गुणवत्ता वाले गेहूं के बीजों की आपूर्ति

समझौता: भारत द्वारा इंडोनेशिया को 100 टन उच्च गुणवत्ता वाले ‘DWR 162’ गेहूं के बीजों की आपूर्ति की जाएगी।

मायने: यह कदम इंडोनेशिया और पूरे ग्लोबल साउथ की खाद्य सुरक्षा का मजबूती से समर्थन करता है और कृषि क्षेत्र में दोनों देशों के व्यापक जुड़ाव को दर्शाता है।

17- टैगोर-देवान्तारा सांस्कृतिक और शैक्षिक कूटनीति वर्ष

समझौता: ‘टैगोर-देवान्तारा सांस्कृतिक और शैक्षिक कूटनीति वर्ष’ के आयोजन की आधिकारिक घोषणा की गई है।

मायने: यह गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर और इंडोनेशिया के की हजार देवान्तारा के साझा शैक्षिक दृष्टिकोण का उत्सव मनाता है। रवींद्रनाथ टैगोर की 1927 की इंडोनेशिया यात्रा के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में साल भर चलने वाले संयुक्त सांस्कृतिक, शैक्षिक और जन-दर-जन संपर्क कार्यक्रमों की शुरुआत की जाएगी।

18- इंडोनेशिया में IIM बैंगलोर का नया कैंपस

समझौता: इंडोनेशिया के सिंघासारी SEZ में भारतीय प्रबंधन संस्थान, बैंगलोर के एक ब्रांच कैंपस की स्थापना की जाएगी।

मायने: यह वैश्विक स्तर पर भारत की शैक्षणिक उत्कृष्टता को प्रदर्शित करता है और दुनिया भर में एक ‘नॉलेज हब’ के रूप में भारत की प्रतिष्ठा को और मजबूत करेगा।

19- डिजिटल कॉमर्स और पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर में सहयोग

समझौता: भारत के ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) और इंडोनेशिया ओपन नेटवर्क (ION) के बीच सहयोग पर सहमति बनी है।

मायने: यह डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर (DPI) के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देगा, जिससे भारत के ONDC आर्किटेक्चर पर आधारित यह मॉडल आम लोगों के लिए डिजिटल सेवाओं को अधिक सुलभ, कुशल और समावेशी बनाएगा।

20- निर्वाचन आयोगों के बीच ऐतिहासिक समझौता

समझौता: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) और इंडोनेशिया के सामान्य चुनाव आयोग (KPU) के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

मायने: यह दोनों बड़े लोकतांत्रिक देशों के चुनाव निकायों के बीच ज्ञान, अनुभवों और सर्वोत्तम चुनावी प्रथाओं को साझा करने की सुविधा प्रदान करेगा, जिससे मानव संसाधन विकास और कुशल प्रशासनिक प्रथाओं के लिए तकनीक के उपयोग को आगे बढ़ाया जाएगा।

इंडोनेशिया में रक्षा, शिक्षा और आर्थिक सहयोग के इन तमाम ऐतिहासिक मील के पत्थरों को स्थापित करने के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व्यापार और सुरक्षा सहयोग को और आगे बढ़ाने के लिए अपने तीन देशों के इस दौरे के अगले चरणों के तहत ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के लिए रवाना होंगे।

Maruti Victoris hybrid gets offers of up to Rs 90,000 in July 2026

Maruti Victoris

Just like last month, eight Maruti Suzuki Arena models are available with offers in July. These include cash discount, exchange bonus, loyalty offer, scrappage benefit and more, depending on the car and variant. For a detailed breakdown of these offers, it is recommended to check with your nearest dealer. The Maruti Dzire and Ertiga are on sale without these offers.

Disclaimer: Offers may vary by city and they are subject to stock availability.

Maruti Victoris discounts in July 2026

Up to Rs 90,000

The Maruti Victoris gets the highest offers in the brand’s lineup this month, with benefits of up to Rs 90,000 on the strong hybrid variants. The CNG variants are available with benefits of up to Rs 80,000, while petrol models get discounts of up to Rs 60,000. The Victoris price range is Rs 10.50 lakh to Rs 19.99 lakh.

Maruti Brezza discounts in July 2026

Up to Rs 55,000

Maruti Brezza

Next, the Maruti Brezza is on sale with benefits going up to Rs 55,000. Rivalling the likes of the Hyundai Venue, Kia Sonet, Skoda Kylaq and Tata Nexon, the Brezza starts at Rs 8.26 lakh and tops out at Rs 12.86 lakh.

Maruti Alto K10 discounts in July 2026

Up to Rs 52,500

The Maruti Alto K10 receives offers of up to Rs 52,500 this month. Its base-spec LXi petrol variant attracts the highest benefits of up to Rs 52,500, while all other variants are available with offers of up to Rs 42,500. The Alto K10 continues to be one of the most affordable entry-level hatchbacks in the market, and it’s priced between Rs 3.70 lakh and Rs 5.45 lakh.

Maruti Wagon R discounts in July 2026

Up to Rs 52,500

Maruti Wagon R

Like the Alto K10, maximum benefits go up to Rs 52,500 on the Maruti Wagon R. These offers include consumer discounts, exchange bonus, scrappage benefit and institutional offers. The Wagon R is priced from Rs 4.99 lakh to Rs 6.84 lakh.

Maruti Swift discounts in July 2026

Up to Rs 45,000

Compared to the Wagon R and Alto K10 hatchbacks, the Maruti Swift gets slightly lesser benefits of up to Rs 45,000. The AMT variants attract offers of up to Rs 45,000, while manual variants are available with benefits going up to Rs 40,000. Prices for the Swift start at Rs 5.79 lakh and extend to Rs 8.69 lakh.

Maruti S-Presso discounts in July 2026

Up to Rs 37,500

Maruti S-Presso

The Maruti S-Presso is the carmaker’s entry-level offering, and it is on sale with benefits of up to Rs 37,500 this month. The S-Presso starts at Rs 3.5 lakh, making it the most affordable car in India, and tops out at Rs 5.25 lakh.

Maruti Celerio discounts in July 2026

Up to Rs 37,500

Maximum benefits of up to Rs 37,500, similar to the S-Presso, are on offer with the Maruti Celerio. The Celerio is priced between Rs 4.70 lakh and Rs 6.73 lakh.

Maruti Eeco discounts in July 2026

Up to Rs 37,500

Maruti Eeco

This month, the carmaker is offering benefits of up to Rs 37,500 on the Maruti Eeco van. The Eeco is priced starts at Rs 5.23 lakh to Rs 6.41 lakh.

All prices are ex-showroom, India.

CBSE Class 10 Result 2026 Second Board: दूसरी बोर्ड परीक्षा रिजल्ट में देरी ने बढ़ाई छात्रों की टेंशन, जानें नतीजों पर क्या है ताजा अपडेट

CBSE Class 10 Result 2026 Second Board: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद (CBSE) से शैक्षिक सत्र 2025-26 में 10वीं कक्षा की परीक्षा दे चुके छात्रों की चिंता अब बढ़ने लगी है। बोर्ड ने इस शैक्षिक सत्र से 10वीं कक्षा में दो बोर्ड परीक्षा व्यवस्था की शुरुआत की थी। मुख्य परीक्षा और दूसरी बोर्ड परीक्षा दोनों अपने निर्धारित समय से संपन्न हो चुकी हैं। लेकिन दूसरी बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट का अभी तक कोई पता नहीं है। रिजल्ट में देरी की वजह से ये छात्र 11वीं कक्षा में प्रवेश नहीं ले पा रहे हैं।

बोर्ड की ओर से रिजल्ट जारी करने की तारीख पर कोई अपडेट नहीं है। मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक, 10वीं कक्षा दूसरी बोर्ड परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन 31 मई तक पूरा किया जा चुका है। इस परीक्षा में कुल 6.68 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया था। दूसरी बोर्ड परीक्षा में शामिल छात्रों ने अपने जिस विषय में नंबर बेहतर पाने के लिए दोबारा परीक्षा दी थी, अब रिजलट में देरी की वजह से वे 11वीं कक्षा में अपने लिए सही विषयों का चुनाव नहीं कर पा रहे हैं।

परीक्षार्थी सीबीएसई बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर रिजल्ट के अपडेट के लिए लगाता नजर रख रहे हैं। लेकिन बोर्ड ने न तो अभी तक रिजल्ट घोषित करने की आधिकारिक तारीख बताई है और परिणाम का लिंक एक्टिवेट किया है। सोशल मीडिया पर सीबीएसई बोर्ड 10वीं कक्षा दूसरी बोर्ड परीक्षा से जुड़ी कुछ पोस्ट में कहा जा रहा है कि बोर्ड का पूरा फोकस इस समय 12वीं कक्षा के रिजल्ट पर है। इसलिए 10वीं कक्षा के दूसरी बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट को नजरअंदाज किया जा रहा है।

दूसरी बोर्ड परीक्षा में शामिल सभी छात्रों को अपने स्कोरकार्ड डाउनलोड करने के लिए अपना बोर्ड रोल नंबर, रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि तैयार रखनी चाहिए। बोर्ड का रिजल्ट सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट के अलावा एसएमएस सेवा के जरिए, उमंग एप और डिजिलॉकर एप के जरिए प्राप्त किया जा सकता है।

ऑफिशियल वेबसाइट से अपना स्कोर चेक करने के पांच आसान स्टेप्स

सीबीएसई बोर्ड के रिजल्ट लिंक एक्टिवेट करने के बाद स्टूडेंट्स अपना प्रोविजनल रिजल्ट ऑनलाइन देख सकते हैं।

  • बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in, cbseresults.nic.in या result.cbse.nic.in पर जाएं।
  • 10वीं कक्षा सेकंड बोर्ड या फेज 2 रिजल्ट लिंक खोलें।
  • अपना बोर्ड रोल नंबर, रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि डालें।
  • जरूरी जानकारी सबमिट करें।
  • प्रोविजनल स्कोरकार्ड डाउनलोड करें और भविष्य के लिए एक प्रिंटेड या डिजिटल कॉपी रखें।

ICAI CA Final Registration 2026: सीए फाइनल नवंबर परीक्षा के लिए icai.org पर रजिस्ट्रेशन शुरू, ऐसे करें अप्लाई

कनाडा में डूबने से 2 पंजाबी युवकों की मौत:एक का पैर फिसला, बचाने कूदा दूसरा भी डूबा; बरनाला-अमृतसर के रहने वाले थे

कनाडा के मॉन्ट्रियल शहर की लाशीन नहर में डूबने से दो पंजाबी युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में बरनाला जिले के तपा मंडी निवासी लवप्रीत सिंह (26 साल) और अमृतसर के गांव बुटाला (नौरंगपुर) निवासी एक अन्य युवक शामिल हैं। लवप्रीत सिंह के माता-पिता ने केंद्र सरकार, पंजाब सरकार, विदेशों में रह रहे समाजसेवियों और एनआरआई समुदाय से मदद की अपील की है। उन्होंने मांग की है कि उनके इकलौते बेटे के पार्थिव शरीर को कनाडा से पंजाब लाने के लिए प्रशासनिक और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे उसका अंतिम संस्कार धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार कर सकें। गहरे पानी के कारण दोनों की डूबने से मौत यह हादसा उस समय हुआ, जब दोनों दोस्त मॉन्ट्रियल की लाशीन नहर के किनारे मौजूद थे। बताया जा रहा है कि अचानक अमृतसर निवासी युवक का पैर फिसल गया और वह नहर में गिर गया। उसे बचाने के प्रयास में लवप्रीत सिंह भी पानी में कूद गया, लेकिन तेज बहाव और गहरे पानी के कारण दोनों की डूबने से मौत हो गई। कई घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन घटना की सूचना मिलते ही मॉन्ट्रियल फायर डिपार्टमेंट व पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। कई घंटे की मशक्कत के बाद दोनों युवकों को पानी से बाहर निकाला गया। उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां बाद में उनकी मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। ढाई साल पहले वर्क परमिट पर गया था इस घटना से तपा मंडी निवासी पूर्व सैनिक बलवीर सिंह का परिवार गहरे सदमे में है। मृतक लवप्रीत सिंह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। वह करीब ढाई साल पहले वर्क परमिट पर कनाडा गया था और वहां एक कंपनी में ट्राला चालक के रूप में काम कर रहा था। बेटे को विदेश भेजने के लिए बेची जमीन 12वीं कक्षा पास करने के बाद बेटे के बेहतर भविष्य के लिए सीआरपीएफ के पूर्व जवान बलवीर सिंह ने अपनी दो एकड़ जमीन बेचकर उसे कनाडा भेजा था। परिवार ने कभी नहीं सोचा था कि जिस बेटे को उज्ज्वल भविष्य के लिए विदेश भेजा है, उसकी पार्थिव देह वापस आएगी। लवप्रीत ने करीब 10 दिन पहले ही परिवार से फोन पर बातचीत की थी।