SIP Calculator: अगर आप हर महीने 3000 रुपये का निवेश सिप से म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम में करते हैं तो बड़ा फंड तैयार हो सकता है। यह पैसा आपके बच्चों के हायर एजुकेशन या उनकी शादी-विवाह के काम में आ सकता है। आप चाहें तो इस पैसे का इस्तेमाल रिटायरमेंट बाद के अपने खर्च के लिए भी कर सकते हैं।
निवेश में बरतना होगा अनुशासन
एक्सपर्ट्स का कहना है कि निवेश में सबसे जरूरी अनुशासन है। अगर आप 3000 रुपये से निवेश शुरू करते हैं और करीब 15 साल तक हर महीने निवेश करना जारी रखते हैं तो आप आसानी से 15 लाख रुपये का फंड तैयार कर सकते हैं। म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम में निवेश करने पर सालाना कम से कम 12 फीसदी का रिटर्न आराम से मिल जाता है। कई बार इससे ज्यादा यानी 14 फीसदी या 16 फीसदी तक रिटर्न मिल जाता है। लंबी अवधि के निवेश में सबसे बड़ा फायदा कंपाउंडिंग का मिलता है।
लंबी अवधि में कंपाउंडिंग का ज्यादा फायदा
कंपाउंडिंग का मतलब यह है कि निवेश के रिटर्न पर भी आपको रिटर्न मिलता है। इससे आपका पैसा तेजी से बढ़ता है। कंपाउंडिंग की वजह से छोटे अमाउंट के निवेश से भी लंबी अवधि में आसानी से बड़ा फंड तैयार हो जाता है। जो इनवेस्टर कंपाउंडिंग के मैजिक को समझ जाते हैं वे निवेश में अनुशासन बनाए रखते हैं। इससे 10-15 साल में उनके लिए आसानी से बड़ा फंड तैयार हो जाता है।
आइए एक टेबल की मदद से समझते हैं कि हर महीने 3000 रुपये के SIP निवेश से 15 लाख रुपये का फंड तैयार होने में कितना समय लगेगा।
अनुमानित सालाना रिटर्न
15 लाख का फंड तैयार होने में अनुमानित समय
12%
15 साल कुछ महीने
14%
14 साल कुछ महीने
16%
13 साल कुछ महीने
अगर आप कम समय में बड़ा फंड तैयार करना चाहते हैं तो आप स्टेट-अप स्ट्रेटेजी का इस्तेमाल कर सकते हैं। स्टेप-अप स्ट्रेटेजी में हर साल सिप का अमाउंट बढ़ा दिया जाता है। इसे एक उदाहरण की मदद से समझ सकते हैं। मान लीजिए आप निवेश की शुरुआत मंथली 3000 रुपये के निवेश से करते हैं। दूसरे साल आप निवेश का अमाउंट 10 फीसदी बढ़ा देते हैं। तीसरे साल भी आप SIP का अमाउंट 10 फीसदी बढ़ा देते हैं। इस स्ट्रेटेजी से कम समय में आपके लिए काफी बड़ा फंड आसानी से तैयार हो जाता है।
आइए समझते हैं कि स्टेप-अप सिप से 15 लाख रुपये का SIP तैयार करने में कितना समय लगेगा।
सामान्य SIP से 15 लाख
10% स्टेप-अप SIP से 15 लाख
समय की बचत
अनुमानित सालाना रिटर्न
15 साल कुछ महीने
12 साल कुछ महीने
3 साल
12%
14 साल कुछ महीने
11 साल कुछ महीने
3 साल
14%
13 साल कुछ महीने
11 साल कुछ महीने
2 साल
16%
स्टेप-अप सिप के फायदे
स्टेप-अप सिप में हम देखते हैं कि हर महीने 3000 रुपये के SIP निवेश से 15 लाख रुपये का फंड तैयार होने में कम समय लगता है। चूंकि, आप SIP अमाउंट हर साल सिर्फ 10 फीसदी बढ़ाते हैं, जिससे आपको किसी तरह की दिक्कत नहीं आती है। लेकिन, आपके निवेश की अवधि काफी कम हो जाती है। इसकी वजह कंपाउंडिंग का मैजिक है।
यहां टेबल में 12 फीसदी, 14 फीसदी और 16 फीसदी रिटर्न का अनुमान लगाया गया है। इसका मतलब है कि हम तीन तरह के रिटर्न का अनुमान लगाते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि म्यूचुअल फंड के रिटर्न के बारे में पहले से कुछ कहना मुश्किल है। लेकिन, आम तौर पर यह देखा गया है कि लंबी अवधि तक निवेश करने पर कम से कम 12 फीसदी का रिटर्न मिल जाता है। ऊपर टेबल में दी गई जानकारी सिर्फ कैलकुलेशन के लिए है।
SIP Investment Plan: नौकरीपेशा लोगों और युवाओं के बीच म्यूचुअल फंड में SIP के जरिए निवेश करने का ट्रेड चल रहा है। अगर आपका लक्ष्य भी आने वाले कुछ सालों में ₹10 लाख का फंड तैयार करना है, तो इसके लिए एक सही प्लानिंग और अनुशासन की जरूरत होती है।
एसआईपी की सबसे बड़ी खूबी यह है कि आपको एक साथ मोटी रकम लगाने की जरूरत नहीं पड़ती, बल्कि आप हर महीने एक निश्चित राशि से शुरुआत कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि अलग-अलग समय सीमा के हिसाब से ₹10 लाख का फंड बनाने के लिए आपको हर महीने कितनी एसआईपी करनी होगी।
रिटर्न का अनुमान: 12% का औसत फॉर्मूला
लॉन्ग टर्म में इक्विटी म्यूचुअल फंड्स का औसत सालाना रिटर्न करीब 12% मानकर चला जाता है। हालांकि, बाजार के जोखिमों के कारण यह कम या ज्यादा भी हो सकता है। इसी 12% के अनुमानित रिटर्न के आधार पर जानते हैं ₹10 लाख का फंड बनाने का गणित।
1. 3 साल में ₹10 लाख का फंड
अगर आप बहुत कम समय यानी अगले 3 साल में ही यह लक्ष्य हासिल करना चाहते हैं, तो आपको भारी-भरकम निवेश करना होगा।
जरूरी मासिक SIP: करीब ₹23,218 महीना
3 साल में कुल निवेश: ₹8.35 लाख
अनुमानित रिटर्न/ब्याज: ₹1.64 लाख
2. 5 साल में ₹10 लाख का फंड
मध्यम अवधि यानी 5 साल के लक्ष्य के लिए निवेश की राशि काफी कम हो जाती है, क्योंकि यहाँ कंपाउंडिंग को थोड़ा और समय मिलता है।
जरूरी मासिक SIP: करीब ₹12,244 महीना
5 साल में कुल निवेश: ₹7.34 लाख
अनुमानित रिटर्न/ब्याज: ₹2.65 लाख
3. 7 साल में ₹10 लाख का फंड
अगर आपके पास 7 साल का समय है, तो आप हर महीने एक सामान्य रकम बचाकर भी इस टारगेट को छू सकते हैं।
जरूरी मासिक SIP: करीब ₹7,500 महीना
7 साल में कुल निवेश: ₹6.30 लाख
अनुमानित रिटर्न/ब्याज: ₹3.70 लाख
4. 10 साल में ₹10 लाख का फंड
लॉन्ग टर्म यानी 10 साल की प्लानिंग करने वालों के लिए यह राह बेहद आसान है। यहाँ आपका ब्याज आपके मूलधन पर भारी पड़ने लगता है।
जरूरी मासिक SIP: करीब ₹4,347 महीना
10 साल में कुल निवेश: ₹5.21 लाख
अनुमानित रिटर्न/ब्याज: ₹4.78 लाख
‘स्टेप-अप SIP’ से काम होगा और आसान
अगर शुरुआत में आपके पास ₹12,000 या ₹7,000 की बड़ी एसआईपी करने का बजट नहीं है, तो निराश होने की जरूरत नहीं है। आप स्टेप-अप एसआईपी का विकल्प चुन सकते हैं। इसमें आप हर साल अपनी सैलरी बढ़ने के साथ-साथ एसआईपी की रकम को भी 5% या 10% बढ़ा देते हैं।
मान लीजिए आप आज ₹3,000 से शुरुआत करते हैं और हर साल इसमें सिर्फ 10% की बढ़ोतरी करते हैं, तो आप सामान्य एसआईपी के मुकाबले बहुत पहले ही ₹10 लाख का फंड बना लेंगे।
म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय इन बातों का रखें ध्यान
1- एसआईपी के शुरुआती 2-3 सालों में फंड छोटा होने के कारण कंपाउंडिंग का जादू स्क्रीन पर तुरंत नहीं दिखता। असली वेल्थ क्रिएशन आखिरी के सालों में होती है जब आपका बेस बड़ा हो जाता है।
2- बाजार में गिरावट आने पर भी अपनी एसआईपी को कभी बंद न करें। मंदी के समय आपको सस्ती NAV पर ज्यादा म्यूचुअल फंड यूनिट्स अलॉट होती हैं, जो बाद में बाजार चढ़ने पर बंपर मुनाफा देती हैं।
3- अपने वित्तीय सलाहकार से बात करके लार्ज-कैप, फ्लेक्सी-कैप या मिड-कैप फंड्स का एक सही पोर्टफोलियो चुनें।
नोट: यह गणना 12% के अनुमानित सालाना रिटर्न पर आधारित है। म्यूचुअल फंड में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है, निवेश से पहले स्कीम के दस्तावेज जरूर पढ़ें।
Mercedes-Benz India has announced it achieved its best H1 (January to July) sales ever in 2026, with total sales of 9,768 units, marking a 9 percent increase over H1 2025. The manufacturer has also revealed it recorded its best-ever Q2 (April to June) sales of 4,238 units, a 10 percent growth over Q2 2025.
Mercedes-AMG sales grew by 50 percent in H1 2026
The top-end luxury portfolio grew by 20 percent
EVs contributed to 25 percent of Mercedes’ top-end car sales
Mercedes-Benz H1 2026 performance breakdown
‘Top-end Luxury’ segment saw a robust 20 percent growth
The EQS SUV was the best-selling Mercedes-Benz BEC in H1 2026.
Mercedes-Benz has stated that its ‘Top-end Luxury’ segment, comprising models like the V-Class, Mercedes-Maybach cars, EQS SUV and the AMG range, grew by over 20 percent. In fact, 28 percent of total Mercedes-Benz sales in H1 2026 were from this ‘Top-end Luxury’ segment. Among total sales in this segment in H1 2026, 25 percent were from EVs. These top-end BEV sales were driven by the EQS SUV, which was also the brand’s bestselling EV. In the more affordable ‘luxury entry segment’, however, the CLA Electric drove sales. Notably, the Mercedes-AMG sales surged by 50 percent in H1 2026.
Mercedes also revealed that the waiting period for cars in this segment ranges from 4 months to up to a year for models like the AMG G63 SUV.
Mercedes-Benz’s ‘Core’ segment saw steady demand
CLA Electric, launched in April 2026, drove entry-level luxury segment growth.
The ‘Core’ segment, comprising models like the C-Class, E-Class LWB, GLC and GLE, “significantly contributed to the sales performance in H1 2026 and in Q2 2026.” The manufacturer did not reveal sales numbers for this segment. Mercedes-Benz, however, claimed that “the Long Wheelbase E-Class continues to remain the highest-selling luxury car in India” and that they witnessed “a strong demand for the top-end E 450 variant.”
The ‘Entry Luxury’ segment witnessed 29 percent growth in Q2 2026, driven by the CLA Electric and the GLA.
A Rs 450 crore expansion plan over the next two years was underlined too
Mercedes-Benz has also underlined an investment of Rs 450 crores over the next two years as part of an expansion plan. Under this plan, the company plans to debut in new markets like Varanasi, while “strengthening its footprint in established markets of Mumbai, Pune, Delhi NCR, and Hyderabad during H2 2026.” Mercedes has added six new touchpoints in H1 2026 across Bengaluru, Bhopal, Raipur, Goa and Visakhapatnam.
With traffic on our roads getting denser by the day, driving a manual car in the city can often feel like a chore. That is where automatic gearboxes help, and among the top 10 most affordable cars, AMT is the most popular, though some offer a CVT option too. Petrol is the dominant fuel type in this list, with some cars even pairing an automatic transmission with a CNG powertrain. Read on to find out which models made the cut.
10. Renault Kiger
Rs 6.99 lakh-10.35 lakh
Starting this list is the Renault Kiger, which offers an AMT option with its 72hp, 96Nm 1-litre naturally aspirated petrol engine. A turbo-petrol mill with CVT is also on offer, an engine-and-gearbox combination no other vehicle here provides apart from the Nissan Magnite. Also, this powertrain’s peak output figures are 100hp and 152Nm are the highest here. The Renault Kiger’s NA petrol-AMT option is available in the Evolution, Evolution+ and Techno Energy trims, while the turbo-petrol CVT is offered in the Techno Turbo and Emotion Turbo trims.
During our time with the turbo-petrol CVT, we experienced very little of that ‘rubberband’ effect, and it’s virtually absent at city speeds. It even does a good job of staying in the power band.
9. Hyundai Exter
Rs 6.95 lakh-9.61 lakh
Moving down the price ladder, we have the Hyundai Exter at the ninth place and its 1.2-litre NA petrol mill paired with an AMT makes 83hp and 114Nm. AMT is offered in the HX 3, HX 4+, HX 6, HX 8 and HX 10 trims. The sub-compact SUV received a facelift in March 2026, which brought cosmetic updates and a few feature upgrades but no mechanical changes. As a result, the Exter AMT should feel fairly smooth in regular driving. It also gets paddle shifters.
8. Tata Tigor
Rs 6.8 lakh-8.84 lakh
The Tata Tigor stands apart as the only sedan on this list. An AMT option with a CNG powertrain is also something only the Tigor and the Tiago offer. The Tigor petrol-AMT uses a 1.2-litre NA engine, generating 86hp and 113Nm, whereas in CNG mode, it makes 76hp and 97Nm. The AMT is offered in the XTA, XZA, XZA+ petrol trims and XZA CNG and XZA+ CNG trims.
Speaking of the engine, it feels adequate for everyday city driving and does a decent job of keeping up with the flow of traffic on the highway. It’s a capable commuter, although throttle responses could be sharper. Notably, in the Tigor CNG, the sedan starts in CNG mode by default, saving that extra bit of petrol, and the CNG-AMT version comes with the carmaker’s space-efficient dual-cylinder tank setup that limits the impact on boot space.
7. Nissan Magnite
Rs 6.24 lakh-10.96 lakh
The Nissan Magnite is a badge-engineered sibling of the Renault Kiger, offering the same 72hp 1-litre NA-AMT and 100hp turbo-petrol CVT powertrains. The AMT is available with the Visia, Acenta, N-Connecta, Tekna and Tekna+ trims, while the CVT is offered with turbo-petrol versions of these variants, save for Visia. We have sampled the turbo-petrol engine, which has a strong mid-range punch and works well with the smooth CVT to mask any lag at lower revs.
6. Tata Tiago
Rs 6 lakh-8.55 lakh
Like the Tigor, the Tata Tiago is available with 86hp petrol and 76hp petrol-CNG (dual-cylinder tank setup) options, both paired with an AMT. The AMT is offered with the Pure, Pure+, Pure+ A and Creative petrol and CNG trims. The Creative+ also offers an AMT choice, but only with the petrol engine. Tata gave the Tiago a major update in May 2026, although the changes were largely limited to styling revisions and feature additions. While reviewing the hatchback, we found that the engine is not particularly refined. For everyday commuting in heavy city traffic, performance is adequate.
5. Maruti Wagon R
Rs 5.97 lakh-6.84 lakh
One of India’s bestselling cars, the Maruti Wagon R offers an AMT with two naturally aspirated petrol engines: a 69hp, 91Nm 1-litre unit and a 91hp, 114Nm 1.2-litre unit. The Wagon R offers an AMT with the 1.0 VXI, 1.2 ZXI and 1.2 ZXI+. Both engines have been around for years and have proven to be both reliable and efficient. On this list alone, the 69hp NA petrol-AMT combination is offered in three other Maruti cars, including the Celerio, Alto K10 and S-Presso. While real-world performance varies by engine, the Wagon R comes with Maruti Suzuki’s reputation for hassle-free ownership and low running costs.
4. Maruti Celerio
Rs 5.61 lakh-6.73 lakh
Compared to the Wagon R’s tall-boy hatchback design, the Maruti Celerio opts for a more traditional look. The AMT is available with the VXI, ZXI and ZXI+ trims. For those unaware, the first-generation Celerio debuted AMT in India in 2014. The Celerio AMT is a good option for buyers who want the convenience of an automatic without spending too much. Gearshifts are generally timely, and the typical AMT pause or head-nod between shifts is well controlled, making it easy to drive in everyday conditions.
3. Maruti Alto K10
Rs 4.95 lakh-5.45 lakh
Like the Wagon R, the Maruti Alto K10 is another long-running nameplate from the carmaker. The AMT is offered with the VXI (O) and VXI+ (O) trims. Compared with the manual, the AMT-equipped Alto K10 feels a bit slower. Even so, it is smooth for a single-clutch automated manual and shows how much Maruti has improved this technology over the years. It responds well to kickdown, but overtaking on the highway needs a bit more planning. In city traffic, though, the AMT works very well.
2. Renault Kwid
Rs 4.90 lakh-5.61 lakh
The Renault Kwid is the French carmaker’s second model to feature on this list. Under the hood, the Kwid gets a 1-litre NA petrol engine that makes 69hp and 93Nm. The AMT is available on both Evolution and Climber trims. The engine has been tuned to deliver good power delivery, and it ambles along smoothly with just a light tap on the accelerator. But it does get gruff as the revs rise.
1. Maruti S-Presso
Rs 4.75 lakh-5.25 lakh
At number one is the Maruti S-Presso, currently the most affordable car in India to offer an automatic gearbox. The AMT is offered with the VXI (O) and VXI+ (O) trims. It is aimed at buyers looking for a budget-friendly automatic with low running and maintenance costs. However, even in its top-spec form, it misses out on several features, particularly on the safety front. Hence, spending a little more and getting the Alto K10 will be the more sensible and practical choice.
Ex-showroom prices mentioned above are as of July 7, 2026.
The recently launched Tata Sierra EV is positioned right below its larger sibling, the Harrier EV. However, there’s quite a lot of pricing overlap between the two Tata electric SUVs. To that end, we’ve compared the top-spec Sierra EV Empowered A 75 to the mid-spec Harrier EV Fearless+ 75 to find out which variant delivers better value on paper.
Tata Sierra EV top-spec vs Harrier EV mid-spec: Dimensions
Harrier EV is longer and wider, but Sierra EV is taller and offers greater boot space
Tata Sierra EV Empowered A 75 vs Harrier EV Fearless+ 75 dimensions
Sierra EV
Harrier EV
Length (mm)
4,340
4,607
Width (mm)
1,841
1,922
Height (mm)
1,750
1,740
Wheelbase (mm)
2,730
2,741
Boot space (litres)
622
502
Frunk space (litres)
55 (RWD) / 35 (AWD)
67 (RWD) / 35 (AWD)
Wheel size (inches)
19
19
Expectedly, the Harrier EV is 267mm longer than the Sierra EV, but there’s only an 11mm difference between their wheelbases, suggesting that the smaller SUV doesn’t lose out on much interior space. While the Harrier EV is 81mm wider than the Sierra EV, the latter is 10mm taller. Wheel sizes are matched at 19 inches for both electric SUVs.
Interestingly, the Sierra EV offers 120 litres of additional boot space over the Harrier EV – it’s worth nothing that both SUVs’ boot capacity is measured up until the roof, as opposed to the conventional method, which is up to the parcel tray. In terms of frunk capacity, the RWD Harrier EV offers the bigger one, while their AWD versions are matched in this regard.
Tata Sierra EV top-spec vs Harrier EV mid-spec: Battery and range
Harrier EV offers more power, Sierra EV is quicker and claims higher range figures
Tata Sierra EV Empowered A 75 vs Harrier EV Fearless+ 75 powertrains
Sierra EV
Harrier EV
Battery size (kWh)
75
75
Motor setup
Single, rear / Dual, front and rear
Single, rear / Dual, front and rear
Power (hp)
209 / 306
238 / 313
Torque (Nm)
315 / 504
315 / 504
Drive layout
RWD / AWD
RWD / AWD
Claimed 0-100kph time (seconds)
5.8 (AWD)
6.3 (AWD)
MIDC range (km)
665 / 624
627 / 622
Both the Sierra EV and Harrier EV get 75kWh battery packs, along with single-motor (RWD) and dual-motor (AWD) options. The Harrier EV edges ahead in terms of powertrain output, though the RWD versions of both SUVs feature identical torque figures. Despite the Sierra EV’s slightly lower output, its AWD variant is half a second quicker in the 0-100kph run compared to that of the Harrier EV – this is on account of the Sierra EV being smaller and lighter.
Similarly, MIDC-claimed range is a total victory for the Sierra EV as well. The Sierra EV AWD’s claimed range is 2km higher than that of the Harrier EV AWD, while the RWD version can travel 38km more on a single charge.
Tata Sierra EV top-spec vs Harrier EV mid-spec: Charging times
Both electric SUVs trade punches here
Tata Sierra EV Empowered A 75 vs Harrier EV Fearless+ 75 charging times and warranty details
Sierra EV
Harrier EV
AC charging time (10-100 percent)
10.5hrs (7.2kW)
10.7hrs (7.2kW)
DC charging time (20-80 percent)
26mins (120kW)
25mins (120kW)
Battery warranty
Lifetime warranty and unlimited kilometres
Lifetime warranty and unlimited kilometres
Motor warranty
8 years/1,60,000km (whichever is earlier)
8 years/1,60,000km (whichever is earlier)
Vehicle warranty
3 years/1,25,000km (whichever is earlier)
3 years/1,25,000km (whichever is earlier)
Despite battery capacities being identical for both electric SUVs, the Harrier EV takes slightly longer to charge from 10-100 percent via a 7.2kW AC outlet. On the other hand, the Harrier EV is marginally quicker in a 20-80 percent top-up from a 120kW DC fast charger. Tata offers the same battery, motor, and vehicle warranties for the Harrier EV and Sierra EV, so buyers can rest easy on this front.
Tata Sierra EV top-spec vs Harrier EV mid-spec: Exterior features
Harrier EV additionally offers side step and charging indicator function for the front light bar
Tata Sierra EV Empowered A 75 vs Harrier EV Fearless+ 75 exterior features
Sierra EV
Harrier EV
Headlamps
Automatic LED
Automatic LED
Front light bar
LED
LED
Welcome/goodbye sequence
Yes
Yes
Charging indicator in light bar
No
Yes
Front fog lamps
LED
LED
Cornering lamps
Yes
Yes
Tail-lamps
LED
LED
Rear fog lamps
Yes
Yes
Sequential indicators
Yes
Yes
Side step
No
Yes
Electrically adjustable ORVMs with auto-fold
Yes
Yes
Rear spoiler
Yes
Yes
Rear wiper and washer
Yes
Yes
Shark-fin antenna
Yes
Yes
Roof rails
Yes
Yes
Puddle lamps
Yes
Yes
Coming to exterior features, the Sierra EV and Harrier EV are near-identical. However, the Sierra EV does miss out on a charging indicator in the front light bar, with it instead being situated on the charging port. The Harrier EV additionally offers a side step too, which makes ingress and egress a tad easier.
Tata Sierra EV top-spec vs Harrier EV mid-spec: Interior features
Sierra EV is the only Tata electric car to offer a triple-screen setup
Tata Sierra EV Empowered A 75 vs Harrier EV Fearless+ 75 interior features
Sierra EV
Harrier EV
Touchscreen
12.3 inches
12.3 inches
Digital driver’s display
10.25 inches
10.25 inches
Passenger display
12.3 inches
No
Heads-up display
Yes
No
Automatic climate control
Dual-zone
Dual-zone
Steering-mounted controls
Yes
Yes
Ambient lights
Yes
Yes
Panoramic sunroof
Yes
Yes
Powered driver seat
6-way adjustment
6-way adjustment
Driver seat functions
Memory and welcome
Memory and welcome
Powered co-driver seat
4-way adjustment
4-way adjustment
Ventilated front seats
Yes
Yes
Boss mode
Yes
No
Sound system
12-speaker JBL Black
10-speaker JBL Black
Wireless charging pad
Yes
Yes
Cabin air purifier
Yes
Yes
Powered windows
Front and rear
Front and rear
Rear sunshade
Yes
Yes
Rear AC vents
Yes
Yes
Rear centre armrest
Yes
Yes
Connected car tech
Yes
Yes
V2L, V2V functionality
Yes
Yes
Despite its lower positioning, the Sierra EV pulls a clear lead over the Harrier EV in terms of cabin equipment. Features like a 12.3-inch passenger display, a 12-speaker JBL sound system, and a heads-up display are not offered even on the top-spec Harrier variant. In fact, the Sierra EV is the only electric Tata to come with a triple-screen setup at the moment.
Tata Sierra EV top-spec vs Harrier EV mid-spec: Driving features
Sierra EV comes with extra terrain mode and adaptive cruise control
Tata Sierra EV Empowered A 75 vs Harrier EV Fearless+ 75 driving features
Sierra EV
Harrier EV
Drive modes
Eco, City, Sport
Eco, City, Sport
Battery regen modes
Yes
Yes
Terrain modes
Normal, Wet, Rough, Custom
Normal, Wet, Rough
Cruise control
Adaptive with stop/go functions
Yes
Drift mode
Yes
Yes
Boost mode
AWD only
AWD only
Low-speed cruise control
AWD only
AWD only
Extra terrain modes (AWD only)
Yes
Yes
Both the top-spec Sierra EV and mid-spec Harrier EV are very similar on the driving features front. However, the Sierra EV gets an additional ‘Custom’ terrain mode in the RWD version, as well as adaptive cruise control with stop and go functionality. The latter is much more convenient than the Harrier EV’s standard cruise control, as it can automatically adjust the speed based on proximity to nearby vehicles, and even come to a standstill and set off by itself. AWD versions of both SUVs get additional terrain modes too, namely Snow/Grass, Mud-Ruts, Sand, Rock Crawl, and Custom.
Tata Sierra EV top-spec vs Harrier EV mid-spec: Safety features
Harrier EV has 7 airbags and 5-star BNCAP rating, Sierra EV gets Level 2 ADAS and better camera setup
Tata Sierra EV Empowered A 75 vs Harrier EV Fearless+ 75 safety features
Sierra EV
Harrier EV
Bharat NCAP rating
Yet to be tested
5 stars
Airbags
6
7
Level 2 ADAS
Yes
No
Camera setup
540-degree
Rear only
Parking sensors
Front and rear
Front and rear
Disc brakes
Front and rear
Front and rear
ABS with EBD
Yes
Yes
Electronic stability program (ESP)
Yes
Yes
TPMS
Yes
Yes
Electronic parking brake with auto-hold
Yes
Yes
Auto-dimming IRVM
Yes
Yes
Rain-sensing wipers
Yes
Yes
Rear defogger
Yes
Yes
Driver drowsiness detection
No
Yes
Acoustic vehicle alarm system (AVAS)
Yes
Yes
In the safety department, the Harrier EV holds some notable advantages, specifically a 5-star Bharat NCAP rating (the Sierra EV is yet to be tested, but will likely perform well too), 7 airbags, and driver drowsiness detection. The Sierra EV, though, trades punches with the Harrier EV thanks to safety features like Level 2 ADAS and a 540-degree camera (360-degree with underfloor view).
Tata Sierra EV top-spec vs Harrier EV mid-spec: Prices and verdict
Sierra EV is up to Rs 70,000 cheaper
Tata Sierra EV Empowered A 75 vs Harrier EV Fearless+ 75 price* (Rs, lakh)
Sierra EV
Harrier EV
Difference
RWD
Rs 24.79 lakh
Rs 25.19 lakh
Rs 40,000
AWD
Rs 25.99 lakh
Rs 26.69 lakh
Rs 70,000
*Exclusive of home charger and installation, which costs Rs 49,000 extra.
The Sierra EV Empowered A 75 clearly emerges as the better option over the Harrier EV Fearless+ 75, as the smaller SUV offers considerably more comfort and convenience features, a larger boot, higher claimed range figures, similar powertrain outputs and charging speeds, and greater performance – all while being Rs 40,000-70,000 more affordable.
दिल्ली में आकृति की मौत के मामले में नया खुलासा हुआ है। आकृति की गूगल सर्च हिस्ट्री से हैरान कर देने वाली बातों का खुलासा हुआ है। बता दें कि, दिल्ली की 28 वर्षीय आकृति सुतार की शादी के करीब दो महीनों के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने दहेज प्रताड़ना के आरोप में उनके पति को एक दिन पहले गिरफ्तार कर लिया। आकृति सुतार ने करीब दो साल तक रिश्ते में रहने के बाद 24 अप्रैल को अरास्तु सिक्का से शादी की थी।
आकृति सुतार ने करीब दो साल तक रिश्ते में रहने के बाद 24 अप्रैल को अरास्तु सिक्का से शादी की थी। शादी के कारण कुछ समय की छुट्टी लेने के बाद वह 1 जुलाई को छतरपुर स्थित एक निजी कंपनी में सेल्स एग्जीक्यूटिव के पद पर फिर से काम पर लौट गई थीं। लेकिन नौकरी शुरू करने के सिर्फ चार दिन बाद ही दिल्ली की लोधी कॉलोनी स्थित एनडीएमसी के आवासीय परिसर की तीसरी मंजिल से गिरने से उनकी मौत हो गई।
पुलिस ने पति को किया गिरफ्तार
पुलिस ने आकृति के पति को दहेज के लिए प्रताड़ित करने और दहेज से जुड़ी मौत के मामले में गिरफ्तार किया है। अधिकारियों का कहना है कि मौत की असली वजह जानने के लिए सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड, मोबाइल फोन का डेटा और दूसरे डिजिटल सबूतों की जांच की जा रही है। साथ ही परिवार के अन्य सदस्यों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में आकृति के छोटे भाई अमाय सुतार ने बताया कि उनकी बहन का मानना था कि अगर वह आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर रहेंगी तो ससुराल वालों की प्रताड़ना का सामना बेहतर तरीके से कर सकेंगी और परिवार पर बोझ भी नहीं बनेंगी। अमाय ने बताया कि शादी के बाद आकृति को घर का जरूरी सामान नहीं लाने को लेकर बार-बार ताने दिए जाते थे। उन्हें उम्मीद थी कि नौकरी करके अपनी कमाई से वह धीरे-धीरे ये सभी सामान खरीद लेंगी, जिससे ससुराल वालों की शिकायतें भी खत्म हो जाएंगी।
इशारों में की जाती थी दहेज की मांग
आकृति के भाई अमाय सुतार ने आरोप लगाया कि ससुराल वाले अक्सर कहते थे कि वह शादी में बिस्तर, सोफा, अलमारी, फ्रिज और एसी जैसी जरूरी चीजें लेकर नहीं आई हैं। उनका कहना है कि इन बातों के जरिए परिवार पर अप्रत्यक्ष रूप से 10 से 20 लाख रुपये की मांग का दबाव बनाया जा रहा था। अमाय ने बताया कि आकृति अपने मायके से पैसे नहीं मांगना चाहती थीं। वह अपनी मेहनत की कमाई से धीरे-धीरे सभी चीजें खरीदकर यह विवाद खत्म करना चाहती थीं।
अमाय ने बहन की बात याद करते हुए कहा, “उसने मुझसे कहा था, ‘तुम अभी-अभी आर्थिक रूप से मजबूत हुए हो। अपने ऊपर बोझ मत लो। मैं नौकरी करती रहूंगी और धीरे-धीरे सब कुछ खुद खरीद लूंगी। शायद उसके बाद वे मुझे ताने देना बंद कर दें।'”
अमाय सुतार ने बताया कि परिवार की आर्थिक परेशानियों का उनकी बहन आकृति के फैसलों पर गहरा असर पड़ा था। साल 2019 में उनके पिता का कैंसर से निधन हो गया था। लंबे समय तक इलाज चलने की वजह से परिवार पर काफी कर्ज भी हो गया था।
अमाय ने कहा, “पिताजी के जाने के बाद मेरी बहन ने हमेशा मेरा साथ दिया। उसका सबसे बड़ा सपना था कि मैं अपने पैरों पर खड़ा हो जाऊं और जिंदगी में आगे बढ़ूं।” परिवार का कहना है कि शादी से पहले अरास्तु सिक्का का परिवार इस बात पर राजी था कि आकृति शादी के बाद भी नौकरी करती रहेंगी। लेकिन शादी के बाद उन्होंने अपना रुख बदल लिया और कहने लगे कि ऐसी कोई बात कभी तय ही नहीं हुई थी। अमाय ने आरोप लगाया कि उनकी बहन ने ससुराल में होने वाली कई परेशानियां और प्रताड़ना परिवार से छिपाकर रखीं। उन्हें उम्मीद थी कि समय के साथ सब कुछ ठीक हो जाएगा। शुरुआत में परिवार को भी लगा कि यह पति-पत्नी के बीच होने वाले सामान्य मतभेद हैं।
‘एक बार थप्पड़ मारने की भी शिकायत की थी’
अमाय सुतार ने बताया कि एक बार आकृति ने उन्हें बताया था कि उसके पति ने उसे थप्पड़ मारा है। इसके बाद दोनों परिवारों ने मिलकर मामला सुलझाने की कोशिश की। सभी को उम्मीद थी कि बातचीत के बाद हालात सुधर जाएंगे। अमाय के अनुसार, अपनी मौत से एक दिन पहले यानी 3 जुलाई को आकृति ने शादी के बाद से झेली गई परेशानियों के बारे में खुलकर बताया। उसने कहा था कि उसके साथ मारपीट की गई, धमकियां दी गईं और उसे बार-बार प्रताड़ित किया जाता था।
अमाय ने कहा कि अब पीछे मुड़कर देखने पर उन्हें लगता है कि कई ऐसे संकेत थे, जिन्हें परिवार उस समय समझ नहीं पाया। उन्होंने बताया, “शादी के बाद आकृति पहले से ज्यादा चुप रहने लगी थी। हमें लगा कि वह नए माहौल में खुद को ढाल रही है और इसलिए शांत रहती है। जब भी हम उससे पूछते थे, वह हमेशा यही कहती थी कि सब ठीक है।”
पति मोबाइल पर भी रखता था पूरी नजर’
अमाय सुतार ने आरोप लगाया कि अरास्तु सिक्का आकृति के मोबाइल फोन पर पूरी नजर रखता था। वह अक्सर उसके कॉल, मैसेज और दूसरी गतिविधियों की जांच करता रहता था। अमाय के अनुसार, “अगर गलती से भी फोन का पासवर्ड बदल जाता, तो वह आकृति पर किसी और से संबंध होने का आरोप लगाता था। इसके बाद उसे गालियां देता और मारपीट भी करता था।” उन्होंने बताया कि अरास्तु को यह भी पसंद नहीं था कि आकृति अपनी मां या भाई से फोन पर बात करे। वह उसके मोबाइल में होने वाले छोटे-छोटे बदलावों पर भी सवाल उठाता था।
अमाय ने कहा कि उन्हें काफी समय से अपने जीजा के व्यवहार पर शक था। उन्होंने बताया, “अगर मैं कभी उन्हें नमस्ते करना भूल जाता, तो वह मेरी बहन से इसकी शिकायत करते और उसे बड़ा मुद्दा बना देते थे। तभी मुझे लगता था कि जो व्यक्ति इतनी छोटी बात पर नाराज हो सकता है, वह घर के अंदर कैसा व्यवहार करता होगा।”
अमाय ने यह भी आरोप लगाया कि जब आकृति ने अपने परिवार को ससुराल में हो रही प्रताड़ना के बारे में बताया, तो उसके पति ने उसे धमकी दी। उसने कहा कि अगर वह अपने मायके वालों से अपनी शादीशुदा जिंदगी की बातें करती रही, तो वह उसकी पिटाई करवाएगा और उसकी नौकरी भी छुड़वा देगा।
महिला ने गूगल पर सर्च किया था- ‘आसानी से कैसे मरें’
जांच के दौरान पुलिस को आकृति के मोबाइल फोन की सर्च हिस्ट्री में “आसानी से कैसे मरें” लिखा हुआ मिला। अब जांच अधिकारी इस सर्च की भी गहराई से जांच कर रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि उसने यह सर्च किन परिस्थितियों में किया था। परिजनों के मुताबिक, 4 जुलाई को आकृति रोज की तरह ऑफिस से निकली थीं, लेकिन देर तक घर नहीं पहुंचीं। परिवार ने उन्हें कई बार फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद परिजन उनकी तलाश में जुट गए। उसी रात एक पुलिस अधिकारी ने परिवार को फोन कर बताया कि लोधी कॉलोनी स्थित एनडीएमसी के एक आवासीय परिसर की तीसरी मंजिल से गिरने के बाद आकृति को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
Gold Silver Rates Today: देश और विदेश में 7 जुलाई को सोने और चांदी में गिरावट आई। सोना लगातार दूसरे दिन फिसला। विदेश में स्पॉट गोल्ड 0.8 फीसदी गिरकर 4,129.90 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। चांदी में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली। स्पॉट सिल्वर 1.9 फीसदी गिरकर 60.93 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। पिछले हफ्ते सोने में अच्छी तेजी दिखी थी। यह 2 फीसदी से ज्यादा चढ़ा था। लेकिन, यह हफ्ता सोने के लिए अब तक कमजोर रहा है।
गोल्ड फ्यूचर्स और सिल्वर फ्यूचर्स में गिरावट
भारत में भी गोल्ड फ्यूचर्स और सिल्वर फ्यूचर्स में कमजोरी दिखी। कमोडिटी एक्सचेंज MCX में गोल्ड फ्यूचर्स 1.07 फीसदी यानी 1,567 रुपये गिरकर 1,45,350 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। सिल्वर फ्यूचर्स 2.16 फीसदी यानी 5,096 रुपये गिरकर 2,30,979 रुपये प्रति किलो पर आ गया। सोने ने 2025 में 70 फीसदी रिटर्न दिया था।
डॉलर इंडेक्स में मजबूती का सोने पर असर
सोने में गिरावट की वजह डॉलर में मजबूती है। डॉलर इंडेक्स 0.10 फीसदी चढ़ा। डॉलर मजबूत होने से दूसरी करेंसी में सोना खरीदना महंगा हो जाता है, जिसका असर सोने पर पड़ता है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि 7 जुलाई को आई गिरावट की वजह पिछले हफ्ते की तेजी के बाद कंसॉलिडेशन है।
इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर घटेगी गोल्ड की चमक
ट्रेडर्स को अमेरिकी केंद्रीय बैंक की बैठक के मिनट्स का इंतजार है। यह 8 जुलाई को आएगा। इससे पता चलेगा कि इनफ्लेशन के बारे में फेडरल रिजर्व की क्या सोच है। निवेशकों को अब सितंबर में इंटरेस्ट रेट बढ़ने का 56 फीसदी अनुमान है। अगर फेड इंटरेस्ट रेट बढ़ाता है तो इसका निगेटिव असर सोने की कीमतों पर पड़ेगा। इंटरेस्ट रेट में कमी आने पर सोने की चमक बढ़ती है। इसके उलट इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर सोने की चमक घटती है।
इस साल की शुरुआत में सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थी। उसके बाद उनमें तेज गिरावट देखने को मिली। 28 फरवरी को अमेरिका-ईरान के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद सोने और चांदी पर दबाव बढ़ गया। सोना अपने पीस से करीब 30 फीसदी गिर चुका है। जून में सोने में करीब 14 फीसदी की गिरावट आई थी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सोने में तेजी टिक नहीं पा रही है। यही हाल चांदी का है। कुछ समय तक बुलियन कंसॉलिडेशन फेज में रह सकते हैं।
CM Yogi Adityanath Pratapgarh: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों विभिन्न योजनाओं का लाभ पाकर लाभार्थियों के चेहरे खिल उठे। सीएम के हाथों इन्हें मिली सौगात…
श्रद्धा पांडेय- बिहार लोकसेवा आयोग की बीपीएससी परीक्षा की टॉपर को आईपैड
शिवम यादव- मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत स्वीकृति पत्र
मीनू कुमारी- मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत स्वीकृति पत्र
हेमलता सरोज- मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का स्वीकृति पत्र
रीना देवी -मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का स्वीकृति पत्र
पूजा मिश्रा- रुक्मिणी सिंह को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 26.53 करोड़ से अधिक का चेक
बिंदु सिंह- कस्टम हायरिंग केंद्र की चाबी
देवेश सिंह- फॉर्म मशीनरी बैंक के तहत कृषि यंत्र की चाबी
बालकृष्ण तिवारी- पीएम कुसुम योजना के लाभार्थी को प्रमाण पत्र
पंकज भान सिंह- आयुष्मान कार्ड
मीना देवी- आयुष्मान कार्ड
मंजू देवी- राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना का स्वीकृति पत्र
सुमित्रा देवी- राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना का स्वीकृति पत्र
इंद्रावती देवी- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 5 लाख का चेक
राजेश कुमार- ओडीओपी ऋण योजना के तहत 10 लाख का चेक
अंशिका सिंह- विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत सिलाई मशीन
आशा देवी- प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत चाबी
राजेश कुमार- पीएम स्वनिधि योजना के तहत स्वीकृति पत्र
सावित्री मिश्रा- मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत 5.90 लाख का चेक व स्वीकृति पत्र।
Mahindra Thar Goa Ban: गोवा सरकार ‘रेंट-ए-कार’ सेगमेंट में महिंद्रा थार गाड़ियों के लिए नए लाइसेंस जारी करने पर रोक लगाने पर विचार कर रही है, ऐसा इसलिए क्योंकि इन SUV से जुड़े सड़क हादसों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। राज्य के परिवहन मंत्री मॉविन गोडिन्हो ने कहा कि यह प्रस्ताव स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (STA) के सामने रखा जाएगा, जो इस पर अंतिम निर्णय लेगा।
मंत्री ने कहा, “हम दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या को लेकर चिंतित हैं और हमने इसके कारणों और इन्हें रोकने के तरीकों पर चर्चा की है। जहां तक थार गाड़ियों की बात है, हम किराए पर चलने वाली थार गाड़ियों के ऑपरेटरों को नए लाइसेंस जारी करने पर रोक लगाने जा रहे हैं… यह मामला अगली STA बैठक में उठाया जाएगा और वे तय करेंगे कि क्या कार्रवाई की जानी है।”
गोडिन्हो ने कहा कि अगर कानूनी रूप से संभव होता तो सरकार किराए पर चलने वाली गाड़ियों के बेड़े से थार गाड़ियों पर पूरी तरह से रोक लगा देती। उन्होंने कहा कि इस कदम का मकसद लोगों की सुरक्षा को बेहतर बनाना है। उन्होंने बताया कि यह फैसला सड़क दुर्घटनाओं में किराए की थार गाड़ियों के बढ़ते इस्तेमाल और खासकर पर्यटकों द्वारा चलाई जा रही गाड़ियों से जुड़ी कई दुर्घटनाओं के बाद उठाया गया है।
दो महीने में दो हादसे
बता दें कि मई में, उत्तरी गोवा में किराए की एक थार गाड़ी ने कथित तौर पर एक स्कूटर को टक्कर मार दी थी। इस हादसे में 32 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और एक नाबालिग गंभीर रूप से घायल हो गया था। वहीं जांच में पुलिस को पता चला कि गाड़ी चलाने वाला पर्यटक कथित तौर पर शराब के नशे में था।
दूसरी घटना फरवरी में नॉर्थ गोवा में हुई। यहां पर भी किराए की एक ‘थार’ गाड़ी के कथित तौर पर टक्कर मारने से मध्य प्रदेश के एक 65 वर्षीय पर्यटक की मौत हो गई थी।
ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट रेंट पर कार देने वाली कंपनी की जांच करेगा
गोडिन्हो ने कहा कि ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ‘रेंट-ए-कार’ ऑपरेटरों का ऑडिट भी करेगा ताकि यह पक्का किया जा सके कि वे लाइसेंसिंग नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं। इसमें गाड़ियों की पार्किंग की सुविधा भी शामिल होगी। इसके अलावा, अधिकारी किराए की गाड़ियों में लगे व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) और स्पीड गवर्नर की जांच और तेज करेंगे।
मंत्री ने शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का भी ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि शराब के नशे में गाड़ी चलाते हुए पाए जाने वाले और जानलेवा सड़क हादसों में शामिल ड्राइवरों को तुरंत गिरफ्तार किया जाएगा। साथ ही, जरूरत पड़ने पर वाहन देने वाली कंपनियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन विभाग ने यह भी पाया है कि किराए पर चलने वाली कई गाड़ियों में अनिवार्य स्पीड गवर्नर के साथ छेड़छाड़ की जा रही है। जून से अब तक 200 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें आरोप है कि ऑपरेटरों ने स्पीड लिमिट से बचने के लिए या तो डिवाइस को डिस्कनेक्ट कर दिया या फिर छिपे हुए स्विच लगा दिए।
लगेगा 10 हजार का जुर्माना
विभाग ने कहा कि, नियम तोड़ने वालों पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं, बार-बार नियम तोड़ने वाले ऑपरेटरों के परमिट निलंबित कर दिए जाएंगे।
रोड सेफ्टी से जुड़ी एक और पहल में, गोडिन्हो ने कहा कि पूरे गोवा में 26 जगहों पर लगाए गए AI-पावर्ड ट्रैफिक कैमरे 15 जुलाई से ई-चालान जारी करना शुरू कर देंगे। तब तक, ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों को जुर्माने के बजाय जागरूकता संदेश भेजे जाएंगे, ताकि वे नए लागू सिस्टम से परिचित हो सकें।
India Weather Update: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश में मॉनसून के तेजी से आगे बढ़ने के साथ ही भारी बारिश और आंधी-तूफान को लेकर एक बड़ा और विस्तृत अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 7 जुलाई गुजरात के बचे हुए हिस्सों और राजस्थान व हरियाणा के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ चुका है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 2 से 3 दिनों के भीतर मॉनसून के उत्तरी अरब सागर, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के बाकी हिस्सों को कवर करते हुए पूरे देश में दस्तक देने के लिए परिस्थितियां बेहद अनुकूल बनी हुई हैं। इस बीच उत्तर छत्तीसगढ़ और उसके आसपास सक्रिय रहा डिप्रेशन अब कमजोर होकर पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर एक वेल-मार्कड लो प्रेशर एरिया के रूप में बना हुआ है। यह सिस्टम धीरे-धीरे पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ेगा, जिससे देश के बड़े हिस्से में 13 जुलाई तक मूसलाधार बारिश, आकाशीय बिजली गिरने और आंधी-तूफान का दौर जारी रहेगा।
इन राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार कुछ राज्यों में आज आफत की बारिश हो सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 8 जुलाई को जबकि कोंकण, मध्य महाराष्ट्र और गुजरात राज्य में आज अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है। इसके साथ ही दक्षिण भारत के केरल और कर्नाटक में भी आज अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
देश भर के राज्यों का विस्तृत और क्षेत्रीय पूर्वानुमान
उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी, दिल्ली-NCR और पंजाब-हरियाणा का हाल
उत्तर प्रदेश: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 7 से 10 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी और कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 11 से 13 जुलाई के बीच बारिश की गतिविधि तेजी से बढ़ेगी जहां 11 और 12 जुलाई को बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा 7 जुलाई को पश्चिमी यूपी में 40-50 किमी प्रति घंटे और पूर्वी यूपी में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने का अलर्ट है।
दिल्ली, हरियाणा और पंजाब: दिल्ली-NCR, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 7 से 9 जुलाई के बीच व्यापक रूप से बारिश होगी। इन क्षेत्रों में 7-9 जुलाई और फिर 11-12 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। 10 से 13 जुलाई के बीच यहां छिटपुट बारिश दर्ज की जा सकती है।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख: जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद में 7 से 12 जुलाई के बीच व्यापक बारिश होगी जबकि 13 जुलाई को छिटपुट बारिश के आसार हैं। यहां 7 और 8 जुलाई को भारी बारिश और आकाशीय बिजली कड़कने के साथ ही 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड: दोनों पहाड़ी राज्यों में 7 से 13 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश का दौर जारी रहेगा। हिमाचल और उत्तराखंड में 7 जुलाई को बहुत भारी बारिश, जबकि 8 से 13 जुलाई के दौरान अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना है।
राजस्थान: पूर्वी राजस्थान में 8-9 जुलाई को व्यापक और बहुत भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी राजस्थान में 7 से 13 जुलाई तक छिटपुट से लेकर भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। इस दौरान राजस्थान के दोनों हिस्सों में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी है।
मध्य भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की चेतावनी
मध्य प्रदेश: पश्चिमी मध्य प्रदेश में 7 से 9 जुलाई तक और पूर्वी मध्य प्रदेश में 7 से 11 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी। दोनों हिस्सों में 7 से 9 जुलाई के बीच अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। इसके बाद 10 से 12 जुलाई को भी पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश जारी रहेगी।
छत्तीसगढ़ और विदर्भ: छत्तीसगढ़ में 7 और 13 जुलाई को व्यापक बारिश होगी और 7 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है। विदर्भ में 7 से 9 जुलाई और फिर 13 जुलाई को व्यापक बारिश होगी जहां 7 जुलाई को बहुत भारी और 8 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है। इन सभी क्षेत्रों में 7 जुलाई को बिजली चमकने की आशंका है।
पूर्वी भारत: बिहार और झारखंड में आंधी-तूफान के साथ मूसलाधार बरसात
बिहार: बिहार में 7 और 10 जुलाई को व्यापक रूप से बारिश होने की संभावना है जबकि 10 जुलाई को राज्य के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 7, 8 और 11 जुलाई को भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 8 से 13 जुलाई के दौरान बिहार में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी और बिजली गिरने की भी चेतावनी है।
झारखंड: झारखंड में 7-8 जुलाई और 10-13 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होने का अनुमान है। 7 जुलाई को यहां भारी बारिश की संभावना है। इसके साथ ही 7 से 11 जुलाई तक राज्य में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और वज्रपात का येलो अलर्ट रहेगा।
पश्चिम बंगाल और ओडिशा: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 7 से 13 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश का दौर लगातार जारी रहेगा जिसमें 8 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है। गांगेय पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी 13 जुलाई तक गरज-चमक और 30-50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।
अंडमान और निकोबार: यहां 11 से 13 जुलाई के बीच भारी बारिश होगी, जबकि 7 से 9 जुलाई के दौरान तेज सतही हवाएं (30-40 किमी प्रति घंटे) चलेंगी।
पूर्वोत्तर भारत: असम और अरुणाचल में आफत बनेगी बारिश
अरुणाचल प्रदेश: यहां 7 से 11 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी जिसमें 7 से 10 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश और 11 जुलाई को भारी बारिश होने का अनुमान है।
असम और मेघालय: इन राज्यों में 7 से 12 जुलाई तक व्यापक बारिश जारी रहेगी। मौसम विभाग ने 7 से 9 जुलाई के बीच बहुत भारी बारिश और 10 से 13 जुलाई के बीच भारी बारिश की आशंका जताई है।
नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: इन चारों राज्यों में 7 से 13 जुलाई तक व्यापक बारिश होने और 7 से 10 जुलाई के बीच अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया गया है।
पश्चिमी भारत: कोंकण और गुजरात में 70 किमी की रफ्तार से तूफानी हवाएं
कोंकण और गोवा: यहां 7 से 13 जुलाई तक लगातार व्यापक से बहुत व्यापक बारिश होगी। 7 जुलाई को अत्यंत भारी और 8 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। साथ ही 7 जुलाई को 50-60 किमी प्रति घंटे (झोंके 70 किमी प्रति घंटे) की रफ्तार से भयानक आंधी-तूफान आ सकता है।
गुजरात क्षेत्र: गुजरात में 7 से 9 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी जिसमें 7 जुलाई को अत्यंत भारी और 8 जुलाई को बहुत भारी बारिश की संभावना है। गुजरात क्षेत्र में 7 से 9 जुलाई के बीच 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से थंडरस्कॉल चलने की चेतावनी है।
मध्य महाराष्ट्र और मारथवाड़ा: मध्य महाराष्ट्र में 7-8 जुलाई को भारी से अत्यंत भारी बारिश और आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट है।
दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: केरल और कर्नाटक में मूसलाधार बारिश का कहर
कर्नाटक: तटीय कर्नाटक में 7 से 13 जुलाई तक भारी बारिश होगी जिसमें 7 जुलाई को अत्यंत भारी और 8 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। तटीय और आंतरिक कर्नाटक में 7-8 जुलाई को 50-60 किमी प्रति घंटे (झोंके 70 किमी प्रति घंटे) की रफ्तार से तूफानी आंधी चलने और 7 से 13 जुलाई तक बेहद मजबूत सतही हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।
केरल और लक्षद्वीप: केरल में 7 से 11 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी जिसमें आज (7 जुलाई) अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है। केरल, लक्षद्वीप और तटीय आंध्र प्रदेश में 7 से 9 जुलाई के दौरान 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी और बिजली चमकने के साथ मजबूत सतही हवाएं चलने का अनुमान है।
तेलंगाना और तमिल नाडु: तेलंगाना में 7-8 जुलाई को 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से थंडरस्कॉल और 7 से 10 जुलाई तक तेज सतही हवाएं चलने का अलर्ट है। तमिल नाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 8-9 जुलाई को तेज आंधी-तूफान आने की आशंका व्यक्त की गई है।
मौसम विभाग की सलाह: भारी बारिश, वज्रपात (आकाशीय बिजली) और 70 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने, कमजोर संरचनाओं के पास न जाने और यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।