यौन अपराधी एपस्टीन की करोड़ों की संपत्ति किसे मिलेगी:बेलारूस की डेंटिस्ट सबसे बड़ी दावेदार, एपस्टीन ने मरने से पहले आखिरी कॉल उन्हें किया था

दुनिया के सबसे कुख्यात यौन अपराधियों में शामिल जेफ्री एपस्टीन की मौत को सात साल हो चुके हैं, लेकिन उसकी अरबों रुपए की संपत्ति को लेकर विवाद अब भी जारी है। अमेरिकी जांच एजेंसियों के नए दस्तावेजों से पता चला है कि बेलारूस की 37 वर्षीय डेंटिस्ट कारिना शुलियाक उसकी संपत्ति की सबसे बड़ी दावेदार हो सकती हैं। दस्तावेजों के मुताबिक, एपस्टीन ने अपनी वसीयत में कारिना के नाम करीब 959 करोड़ रुपए की संपत्ति और 33 कैरेट की हीरे की अंगूठी छोड़ी थी। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, कारिना शुलियाक एपस्टीन की गर्लफ्रेंड थीं। 10 अगस्त 2019 को न्यूयॉर्क की जेल में आत्महत्या से पहले एपस्टीन ने आखिरी फोन कॉल भी उन्हें ही किया था। दोनों के प्राइवेट ईमेल और तस्वीरें सार्वजनिक हुईं जेफ्री एपस्टीन की 2019 में मौत के बाद डॉ. कारिना शुलियाक लोगों की नजरों से दूर रहकर सामान्य जिंदगी जी रही थीं। हालांकि, यह ज्यादा समय तक नहीं चल सका। जनवरी के आखिर में अमेरिकी न्याय विभाग ने एपस्टीन से जुड़े करीब 30 लाख पन्नों के दस्तावेज, ईमेल और रिकॉर्ड जारी किए। इनमें डॉ. कारिना शुलियाक और एपस्टीन के बीच हुए हजारों निजी ईमेल और दोनों की साथ में ली गई कई तस्वीरें भी शामिल हैं। इन दस्तावेजों से दोनों के करीब 8 साल पुराने रिश्ते का खुलासा हुआ। रिकॉर्ड के मुताबिक, बेलारूस में जन्मीं कारिना शुलियाक ने कभी खुद को एपस्टीन की पीड़िता नहीं बताया। वहीं, एफबीआई ने भी एपस्टीन मामले में उनसे कभी पूछताछ नहीं की। एपस्टीन की सैकड़ों कथित पीड़िताओं की ओर से केस लड़ने वाले वकीलों ने भी उनका बयान कभी दर्ज नहीं कराया। 21 साल की उम्र में एपस्टीन से मिली थीं कारिना जांच रिकॉर्ड के मुताबिक, मार्च 2011 के आखिर में डॉ. कारिना शुलियाक की मुलाकात जेफ्री एपस्टीन से हुई थी। तब वह 21 साल की थीं और न्यूयॉर्क आए उन्हें सिर्फ नौ महीने हुए थे। वह बेलारूस से स्टूडेंट वीजा पर अमेरिका आई थीं, ताकि डेंटिस्ट की पढ़ाई पूरी कर सकें। उस समय एपस्टीन फ्लोरिडा में एक नाबालिग लड़की से वेश्यावृत्ति कराने के मामले में अपना अपराध स्वीकार कर चुका था। उस पर दर्जनों नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के आरोप भी लग चुके थे। एक महिला ने कराई थी मुलाकात द न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, दोनों की मुलाकात एक महिला ने कराई थी। उस महिला ने बताया कि उससे समय-समय पर दूसरी युवा महिलाओं को भी एपस्टीन के पास लाने के लिए कहा जाता था। महंगे तोहफों से प्रभावित करने की कोशिश शुरुआती मुलाकातों में एपस्टीन ने कारिना को महंगे तोहफे और दूसरी सुविधाएं देकर प्रभावित करने की कोशिश की। पहली मुलाकात में ही उसने उनके डेंटिस्ट बनने के सपने को पूरा करने में मदद की पेशकश भी की। शुलियाक पर जमकर खर्च करता था एपस्टीन जांच रिकॉर्ड के मुताबिक, जेफ्री एपस्टीन डॉ. कारिना शुलियाक को अपनी सबसे पसंदीदा बताता था और अक्सर कहता था कि वह उनसे प्यार करता है। उसने उन्हें अपने क्रेडिट कार्ड से मनचाही खरीदारी की पूरी छूट दे रखी थी। दोनों कई देशों की यात्रा भी साथ करते थे। रिकॉर्ड के अनुसार, एपस्टीन ने कई वर्षों में कारिना को करीब 10 लाख डॉलर दिए। उसने बेलारूस में रहने वाले उनके माता-पिता को भी हजारों डॉलर भेजे थे। ईमेल से यह भी पता चलता है कि 2012 में एपस्टीन ने कारिना का कोलंबिया यूनिवर्सिटी के डेंटल स्कूल में दाखिला कराने में मदद की। उसने तीन साल की पढ़ाई की पूरी फीस भरने का भी फैसला किया था। समय के साथ कारिना ने एपस्टीन का इतना भरोसा जीत लिया कि वह उसकी संपत्तियों और कर्मचारियों के प्रबंधन में भी मदद करने लगीं। ग्रीन कार्ड दिलाने के लिए कराई थी समलैंगिक शादी 2012 में डॉ. कारिना शुलियाक ने कोलंबिया यूनिवर्सिटी में दाखिले के लिए आवेदन किया। तब तक उनका स्टूडेंट वीजा खत्म हो चुका था और वह तय समय से ज्यादा अमेरिका में रह रही थीं। अमेरिकी न्याय विभाग के दस्तावेजों के मुताबिक, 2013 की शुरुआत में जेफ्री एपस्टीन ने उन्हें अमेरिका में रखने का रास्ता निकाला। उस समय न्यूयॉर्क में समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता मिल चुकी थी। एपस्टीन का मानना था कि किसी अमेरिकी महिला से शादी होने पर कारिना के लिए ग्रीन कार्ड और बाद में नागरिकता हासिल करना आसान हो जाएगा। इसी योजना के तहत उसने अपनी एक महिला कर्मचारी से कारिना की शादी कराई। एक ईमेल में एपस्टीन ने लिखा था कि ग्रीन कार्ड पाने का सबसे तेज तरीका समलैंगिक विवाह है। बाद में अमेरिकी संसद में डेमोक्रेट सांसदों ने आरोप लगाया कि एपस्टीन ने अमेरिकी इमिग्रेशन सिस्टम का दुरुपयोग किया। उनका कहना था कि यह शादी सिर्फ कागजों पर थी। मई 2018 में डॉ. कारिना शुलियाक अमेरिकी नागरिक बन गईं और करीब एक साल बाद उनका तलाक हो गया। मौत से पहले वसीयत में कारिना का नाम जोड़ा जुलाई 2019 में जेफ्री एपस्टीन को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के करीब एक महीने बाद उसकी डॉ. कारिना शुलियाक से आखिरी बार करीब 20 मिनट फोन पर बात हुई। इस दौरान उसने कहा था कि सेक्स ट्रैफिकिंग का मामला उसकी उम्मीद से ज्यादा लंबा चलेगा। अगले ही दिन, 10 अगस्त 2019 को एपस्टीन न्यूयॉर्क की जेल में मृत मिला। अधिकारियों ने उसकी मौत को आत्महत्या बताया। दस्तावेजों के मुताबिक, मौत से कुछ समय पहले एपस्टीन ने अपनी वसीयत में बदलाव किया था। एक नोट में उसने अपनी उस समय की 60 करोड़ डॉलर की संपत्ति का बड़ा हिस्सा डॉ. कारिना शुलियाक के नाम करने की बात लिखी थी। इसमें शादी के इरादे से दी जाने वाली एक बड़ी हीरे की अंगूठी का भी जिक्र था।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : जुलाई सीरीज की मंथली एक्सपायरी के दिन भारतीय बाजारों के लिए नरम संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी में हल्की कमजोरी है। FIIs की कैश में करीब 1700 करोड़ रुपये की बिकवाली देखने को मिली है। लेकिन फ्यूचर्स में खरीदारी हुई है। FIIs के लॉन्ग शॉर्ट रेश्यो में सुधार हुआ है। ऐसे में करेंसी और इक्विटी बाजारों में आज क्या हो रहा है यह जानने के लिए मनीकंट्रोल के साथ बने रहें। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

27 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में जबरदस्त तेजी दिखी और लगातार पांच दिनों की गिरावट का सिलसिला थम गया। भू-राजनीतिक तनाव कम होने और कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट के बीच सभी सेक्टर में हुई व्यापक खरीदारी से बाजार को सहारा मिला।

अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य हमलों में आई कमी से बाजार की शुरुआत मजबूती के साथ हुई और निफ्टी 23,900 के स्तर के ऊपर पहुंच गया। हालांकि,दिन के ज्यादातर समय बेंचमार्क इंडेक्स सीमित दायरे में ही कारोबार करते रहे,लेकिन आखिरी घंटे में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली,जिससे निफ़्टी 24,000 के स्तर के पार चला गया और बाजारर दिन के उच्चतम स्तर के करीब बंद हुआ।

कारोबार के अंत में सेंसेक्स 776.01 अंक या 1.02 प्रतिशत बढ़कर 76,835.78 पर और निफ्टी 228.50 अंक या 0.96 प्रतिशत बढ़कर 23,995.95 पर बंद हुआ।

GIFT निफ्टी

शुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी मामूली गिरावट के साथ लगभग 23,996.50 पर ट्रेड कर रहा था,जिससे घरेलू इक्विटी मार्केट में कमजोर शुरुआत का संकेत मिल रहा है।

Market cues : निफ्टी के 24000 के ऊपर जाने पर ही आएगी तेजी, तब तक जारी रहेगा कंसोलीडेशन

अमेरिकी बाजार

सोमवार को वॉल स्ट्रीट में मिलाजुला कारोबार देखने को मिला। S&P 500 में 0.02% की मामूली बढ़त हुई और यह 7,413.18 के लेवल पर बंद हुआ। नैस्डैक 0.18% गिरकर 24,932.08 पर आ गया,जबकि डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.51% बढ़कर 52,210.08 अंक पर बंद हुआ।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

27 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार चौथे सेशन में भी बिकवाली जारी रखी और ₹1,688 करोड़ के शेयर बेचे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार तीसरे सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और ₹2,329 करोड़ के शेयर खरीदे।

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी

पश्चिम एशिया में अटैक थमने से कच्चे तेल की कीमतों में नरमी जारी है। ब्रेंट का भाव $88 के नीचे आ गया है। अमेरिका और ईरान के बीच सुलह की उम्मीद बढ़ी है। ट्रंप ने कहा है कि ईरान से अच्छी बातचीत चल रही है।

एशियाई बाजारों से कमजोर संकेत, चिप शेयरों में बिकवाली से कोस्पी 8% टूटा

इधर एशियाई बाजारों से कमजोर संकेत मिल रहे हैं। US में चिप कंपनियों में बिकवाली के चलते कोरिया का बाजार 8 परसेंट के लोअर सर्किट पर है। निक्केई 4 परसेंट टूटा है। अमेरिकी बाजार भी ऊपरी स्तरों से फिसले हैं।

मिले-जुले रहे कोल इंडिया के नतीजे

पहली तिमाही में कोल इंडिया के नतीजे मिले-जुले रहे हैं। कंपनी के मुनाफे में करीब एक परसेंट की बढ़त देखने को मिली है। रेवेन्यू 8% बढ़ा है। मार्जिन पर दबाव दिखा है। वहीं BEL का प्रॉफिट 9% बढ़ा है। कंपनी के रेवेन्यू में 25% से ज्यादा का उछाल आया है। लेकिन मार्जिन में कमी दिखी है।

कोफोर्ज का मुनाफा घटा,हैपिएस्ट माइंड का अच्छा परफॉर्मेंस

कोफोर्ज का पहली तिमाही में मुनाफा 15 परसेंट लुढ़का है। लेकिन डॉलर आय 21 परसेंट बढ़ी है। इधर हैपिएस्ट माइंड का परफॉर्मेंस अच्छा रहा है। पहली तिमाही में इसका मुनाफा 10.5% बढ़ा है। आय में 4 परसेंट की ग्रोथ देखने को मिली है। लेकिन EBIT मार्जिन फ्लैट रहे हैं।

टाटा पावर के अच्छे नतीजे, मुनाफे से घाटे में आई टाटा केमिकल्स

पहली तिमाही में टाटा पावर के नतीजे अनुमान से अच्छे रहे हैं। कंपनी का मुनाफा 11% तो रेवेन्यू करीब 6% बढ़ा है। हालांकि मार्जिन पर दबाव दिखा है।वहीं दूसरी ओर टाटा केमिकल्स मुनाफे से घाटे में आई है। कंपनी को 252 करोड़ के मुनाफे के मुकाबले हुआ 17 करोड़ का घाटा हुआ है। साथ ही मार्जिन में भी कमी आई है।

गॉडफ्रे फिलिप्स के कमजोर नतीजे, फ्लैट रहा इंडस टावर का मुनाफा

पहली तिमाही में Godfrey Phillips के नतीजे कमजोर रहे हैं। कंपनी का मुनाफा 44% तो रेवेन्यू 19% घटा है। मार्जिन पर भी तगड़ी मार पड़ी है। वहीं इंडस टावर का प्रॉफिट फ्लैट रहा है। इसके रेवेन्यू में करीब 5% की बढ़त दिखी है।

HUL और L&T के Q1 नतीजे आज

निफ्टी में आज HUL और L&T के नतीजे आएंगे। HUL का मुनाफा फ्लैट रह सकता है। 6-7% वॉल्यूम ग्रोथ की उम्मीद। वहीं L&T के नंबर्स कमजोर रह सकते हैं। मार्जिन पर दबाव मुमकिन है। आज वायदा में रैडिको खेतान और वरुण बेवरेजेज समेत 7 कंपनियों के रिजल्ट का भी इंतजार रहेगा।

MSRDC रिव्यू में HDFC बैंक में बड़ा एक्शन

HDFC Bank में बड़ा एक्शन देखने को मिला है। MSRDC मामले में MD & CEO शशिधर जगदीशन समेत CFO और रिटेल असेट हेड पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। बैंक ने कहा है कि यह मामला बीजनेस ओवररीच का है। गलत नीयत का नहीं है। RBI को भी इसकी जानकारी दी जाएगी।

Gold Price Today: इस कारण लगातार दूसरे दिन चमका सोना, चेक करें 10 शहरों में 24 से 18 कैरट का गोल्ड का भाव

Gold Rate Today in India: अमेरिका और ईरान ने वीकेंड में एक-दूसरे पर हमले बंद किए तो कच्चे तेल में नरमी आई। इससे महंगाई को लेकर चिंता कुछ कम हुई तो गोल्ड की चमक बढ़ी लेकिन इंडस्ट्रियल डिमांड में नरमी से चांदी पर दबाव भी दिखा। गोल्ड की बात करें तो एक दिन की स्थिरता के बाद आज लगातार दूसरे दिन इसकी चमक बढ़ी है। इन दो दिनों में राजधानी दिल्ली में 24 कैरट वाला 10 ग्राम गोल्ड ₹940 और 22 कैरट वाला ₹860 महंगा हुआ है। आज की बात करें तो राजधानी दिल्ली में 10 ग्राम का 24 कैरट और 22 कैरट वाला गोल्ड फिलहाल ₹10 ऊपर चढ़ा है। चांदी की बात करें तो आज इसकी भी चमक फीकी हुई है। लगातार दो दिनों की स्थिरता के बाद आज इसके भाव नीचे आए हैं। एक किलो चांदी आज ₹100 सस्ती हुई है।

सिटीवाइज गोल्ड के भाव

देश के 10 बड़े शहरों में 18 कैरट, 22 कैरट और 24 कैरट शुद्धता वाले 10 ग्राम सोने की कीमत क्या है, आइए जानते हैं…

शहर 24 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 22 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 18 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव
दिल्ली₹1,46,050₹1,33,860₹1,09,550
मुंबई₹1,45,870₹1,33,710₹1,09,400
कोलकाता₹1,45,900₹1,33,710₹1,09,400
चेन्नई₹1,45,1870₹1,33,710₹1,11,860
बेंगलुरू₹1,45,900₹1,33,710₹1,09,400
हैदराबाद₹1,45,900₹1,33,710₹1,09,400
लखनऊ₹1,46,050₹1,33,860₹1,09,550
पटना₹1,45,950₹1,33,760₹1,09,450
जयपुर₹1,46,050₹1,33,860₹1,09,550
अहमदाबाद₹1,45,950₹1,33,760₹1,09,450

दो दिनों की स्थिरता के बाद फिसली चांदी

चांदी की बात करें तो दो दिनों की स्थिरता के बाद आज इसके भाव कम हुए हैं। इससे पहले दो दिनों की स्थिरता से पहले एक किलो चांदी 25 जून को ₹5 हजार महंगी हुई थी और 24 जुलाई को ₹5 हजार सस्ती हुई । अब आज की बात करें तो दिल्ली में एक किलो चांदी ₹100 सस्ती होकर ₹2,39,900 के भाव में बिक रही है। बाकी अहम महानगरों की बात करें तो मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में भी यह इसी भाव पर बिक रही है।

क्या कहना है एक्सपर्ट का

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी का कहना है कि पश्चिम एशिया में तनाव कम होने से कच्चे तेल के दाम गिरे हैं। इसका फायदा सोने को मिला। इसके अलावा अमेरिकी डॉलर कमजोर हुआ है और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड भी घटी है। इससे भी सोने की कीमतों को सहारा मिला। हालांकि रुपये की मजबूती की वजह से घरेलू बाजार में तेजी कुछ सीमित रही।

अब किस पर रहेगी नजर?

जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट प्रणव मेर के मुताबिक अब मार्केट की नजर पश्चिम एशिया के हालात पर रहेगी। इसके अलावा यूरोजोन, जापान और अमेरिका के महंगाई के आंकड़े भी अहम रहेंगे। उन्होंने बताया कि अमेरिका के जीडीपी के आंकड़े आएंगे। कंज्यूमर कॉन्फिडेंस का डेटा भी जारी होगा। साप्ताहिक जॉबलेस क्लेम्स के आंकड़े भी अहम रहेंगे। इसके अलावा, फेडरल रिजर्व, बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ जापान की ब्याज दरों पर होने वाले फैसले भी सोने-चांदी की दिशा तय कर सकते हैं।

Income Tax भरने के लिए कौन-सा क्रेडिट कार्ड सबसे बेहतर?

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

वर्ल्ड अपडेट्स:कनाडा में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर फायरिंग ,चार महीने में दूसरी बार हुई घटना

कनाडा के टोरंटो में स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर सोमवार सुबह फायरिंग हुई। राहत की बात यह रही कि इस हमले में कोई घायल नहीं हुआ। हालांकि, गोली लगने से दूतावास की इमारत के बाहरी हिस्से को नुकसान पहुंचा है। पुलिस को मौके से एक कारतूस का खोल मिला है। अधिकारियों के मुताबिक, फायरिंग के तुरंत बाद एक सफेद सेडान कार तेज रफ्तार से वहां से निकलती दिखी। पुलिस ने पीछा भी किया, लेकिन कार की रफ्तार ज्यादा होने और लोगों की सुरक्षा को देखते हुए पीछा बीच में ही रोकना पड़ा। अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि वह इस मामले में कनाडा की एजेंसियों के संपर्क में है। वहीं, ओंटारियो के प्रीमियर डग फोर्ड ने कहा कि हमले के पीछे जो भी लोग हैं, उन्हें जल्द पकड़कर सख्त सजा दिलाई जाएगी। यह पहली बार नहीं है। 10 मार्च को भी इसी अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर कई राउंड फायरिंग हुई थी। उस मामले में आरोपियों की तलाश के दौरान एक पुलिस अधिकारी की मौत हो गई थी। टोरंटो पुलिस ने जून में दावा किया था कि कुछ युवाओं को एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के जरिए भर्ती किया जा रहा है। उन्हें अलग-अलग जगहों पर फायरिंग करने और उसका वीडियो बनाकर भेजने के बदले पैसे देने का लालच दिया जाता है। पुलिस के मुताबिक, निशाने पर यहूदी प्रार्थना स्थल (सिनेगॉग), यहूदी स्कूल, एक कचरा प्रबंधन कंपनी और अमेरिकी वाणिज्य दूतावास जैसी जगहें रही हैं।

PAK आतंकी शहजाद भट्‌टी पर NIA का एक्शन:मोहाली कोर्ट ने NBW जारी किया; ब्राजील में छुपा, रेड कॉर्नर नोटिस-प्रत्यर्पण का रास्ता खुला

पाकिस्तानी आतंकी और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शहजाद भट्टी के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जालंधर के इन्फ्लुएंसर नवदीप सिंह उर्फ रॉजर संधू के घर पर ग्रेनेड हमले के मामले में मोहाली स्थित NIA की स्पेशल कोर्ट ने उसके खिलाफ ओपन-डेटेड नॉन-बेलेबल वारंट (NBW) जारी किया है। अदालत ने माना कि आरोपी लगातार फरार है। उसके अपराध की गंभीरता को देखते हुए उसे समन या जमानती वारंट के जरिए अदालत में पेश कराना संभव नहीं है। NIA के इनपुट के मुताबिक, शहजाद भट्टी फिलहाल ब्राजील में छिपा हुआ है और वहीं से भारत विरोधी आतंकी एक्टीविटीज का संचालन कर रहा है। कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक, इस NBW के आधार पर आगे इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने और प्रत्यर्पण (एक्सट्राडिशन) की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। यह वारंट आरोपी की गिरफ्तारी तक प्रभावी रहेगा। यह वारंट कुख्यात पाकिस्तानी आतंकी मौलाना मसूद अजहर के खिलाफ भी जारी हो चुका है। जिस मामले में NBW, उसे 4 पॉइंट में समझिए… 1. सोशल मीडिया से शुरू हुआ विवाद, ग्रेनेड हमले तक पहुंचा
यह मामला 16 मार्च 2025 का है। जालंधर के थाना मकसूदां क्षेत्र में इन्फ्लुएंसर नवदीप सिंह उर्फ रॉजर संधू के घर की बालकनी में एक संदिग्ध धातु की वस्तु मिली, जो जांच में हैंड ग्रेनेड निकली। शुरुआत में मामले की जांच पंजाब पुलिस ने की। जांच में सामने आया कि पाकिस्तान में बैठे शहजाद भट्टी ने टिकटॉक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब के जरिए नवदीप संधू पर लाइव स्ट्रीमिंग और ऑनलाइन गिफ्टिंग के माध्यम से पैसे देने का दबाव बनाया। इनकार करने पर उसने अपने भारतीय नेटवर्क के जरिए ग्रेनेड हमला कराने की साजिश रची। 2. व्हाट्सएप ग्रुप से तैयार हुई हमले की साजिश
NIA की जांच में खुलासा हुआ कि शहजाद भट्टी पाकिस्तानी मोबाइल नंबर से एक व्हाट्सएप ग्रुप चला रहा था, जिसमें कई भारतीय नंबर जुड़े हुए थे। एजेंसी के अनुसार, इसी ग्रुप के जरिए हमले की योजना बनाई गई, आरोपियों के बीच संपर्क कराया गया और पूरी साजिश को अंजाम देने की तैयारी की गई। 3. गृह मंत्रालय के आदेश पर NIA ने संभाली जांच
15 दिसंबर 2025 को केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश के बाद NIA ने मामले को दोबारा दर्ज कर जांच शुरू की। इससे पहले पंजाब पुलिस 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी थी और 9 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी थी। इसके बाद 2 अप्रैल 2026 को NIA ने विशेष अदालत में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की। जिसमें शहजाद भट्टी और दीपेंद्र प्रताप सिंह उर्फ दीपन राणा को आरोपी बनाया। NIA की जांच में यह भी सामने आया कि भट्टी ने भारतीय गुर्गे हार्दिक कंबोज को जालंधर भेजा था, जबकि विदेश में बैठे मोहम्मद जशीर अख्तर उर्फ जस्सी के साथ मिलकर भर्ती और लॉजिस्टिक्स का नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। 4. भट्‌टी ब्राजील में छिपा, अब आगे क्या होगा?
NIA ने अदालत में पंजाब पुलिस की रिपोर्ट भी पेश की है। रिपोर्ट के मुताबिक, शहजाद भट्टी के खिलाफ पंजाब के अलग-अलग थानों में आतंकवाद, आपराधिक साजिश और गैरकानूनी गतिविधियों से जुड़े 15 से अधिक मामले दर्ज हैं। जांच एजेंसी का मानना है कि भट्टी केवल रंगदारी या व्यक्तिगत रंजिश तक सीमित नहीं है, बल्कि विदेशी धरती का इस्तेमाल कर भारत विरोधी गैंगस्टर-टेरर नेटवर्क को संचालित करने वाले बड़े सिंडिकेट का हिस्सा है। NBW जारी होने के बाद अब एजेंसी उसके खिलाफ इंटरनेशनल लेवल पर कानूनी कार्रवाई तेज कर सकती है। ********** ये खबर भी पढ़ें: पाकिस्तानी डॉन ने लॉरेंस को बच्चा कहा: फर्जी गैंगस्टर भी बताया; शहजाद भट्‌टी बोला- मेरी गोली मारकर हत्या की अफवाह फैलाई पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्‌टी ने अपनी मौत के दावे को खारिज किया है। भट्‌टी ने एक ऑडियो जारी कर कहा कि एक पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि लॉरेंस गैंग ने उस पर फायरिंग कराई। जिसमें उसकी मौत हो गई। मगर, मैं कभी पुर्तगाल गया ही नहीं और न ही मुझ पर किसी तरह की कोई फायरिंग हुई है। (पढ़ें पूरी खबर)

Maruti Breeza Facelift के टर्बो पेट्रोल से लेकर CNG तक सभी वेरियंट की फुल प्राइज लिस्ट और खासियतें यहां जानिए

मारुति सुजुकी ने नई मारुति ब्रेजा फेसलिफ्ट के सभी वैरिएंट की कीमतों का ऐलान कर दिया है। पहले लॉन्च के समय कंपनी ने केवल बेस टर्बो बूस्टरजेट वैरिएंट की शुरुआती कीमत बताई थी। अब पूरी कीमतों की सूची जारी कर दी गई है। नई मारुति ब्रेजा की कीमत 7.40 लाख रुपये से लेकर 13.70 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तक रखी गई है। अलग-अलग इंजन और वैरिएंट के अनुसार इसकी कीमत बदलती है। 24 जुलाई को लॉन्च के दौरान कंपनी ने सिर्फ शुरुआती कीमत की जानकारी दी थी। अब सभी मॉडल की कीमतें सामने आ गई हैं।

जानें कितनी है कीमत

टर्बो पेट्रोल मॉडल की कीमत 7.40 लाख रुपये से 11.31 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) के बीच है। वहीं 1.5 लीटर पेट्रोल इंजन वाले मॉडल की कीमत 8.30 लाख रुपये से 13.70 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तक है। इसके अलावा एस-सीएनजी (S-CNG) वैरिएंट की कीमत 9.30 लाख रुपये से 11.65 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) के बीच रखी गई है।

जानिए माइलेज कितना है

नई मारुति सुजुकी ब्रेजा को तीन अलग-अलग इंजन के साथ पेश किया गया है, ताकि ग्राहक अपनी जरूरत के अनुसार मॉडल चुन सकें।

  • पहला ऑप्शन 1.0 लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन का है, जो 110.2 पीएस की पावर और 170 एनएम का टॉर्क देता है। इस इंजन के साथ 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स मिलता है।
  • दूसरा ऑप्शन 1.5 लीटर पेट्रोल इंजन का है, जो 103 पीएस की पावर और 139 एनएम का टॉर्क देता है। इसमें 6-स्पीड मैनुअल और 6-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स का विकल्प मिलता है। ऑटोमैटिक मॉडल में पैडल शिफ्टर की सुविधा भी दी गई है।
  • तीसरा ऑप्शन एस-सीएनजी (S-CNG) मॉडल का है, जो 87.8 पीएस की पावर और 121.5 एनएम का टॉर्क देता है। इसमें 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स मिलता है।

अगर माइलेज की बात करें, तो टर्बो पेट्रोल मॉडल 20.47 किमी प्रति लीटर, 1.5 लीटर पेट्रोल मैनुअल 21.09 किमी प्रति लीटर, 1.5 लीटर पेट्रोल ऑटोमैटिक 20.17 किमी प्रति लीटर और एस-सीएनजी मॉडल 26.90 किमी प्रति किलोग्राम सीएनजी का माइलेज देने का दावा करता है।

नई मारुति ब्रेजा में मिले कई नए फीचर्स

नई मारुति ब्रेजा फेसलिफ्ट में बाहर और अंदर दोनों तरफ कई बड़े बदलाव किए गए हैं। इसके बाहरी डिजाइन को पहले से ज्यादा आकर्षक बनाया गया है। इसमें नई स्मोक क्रोम फ्रंट ग्रिल, नए डिजाइन के अलॉय व्हील, नया डुअल-टोन बॉडी क्लैडिंग और अपडेटेड फ्रंट लुक दिया गया है। केबिन की बात करें तो इसमें 10.1 इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम मिलता है, जो बिल्ट-इन एलेक्सा, वायरलेस एंड्रॉयड ऑटो और एप्पल कारप्ले को सपोर्ट करता है। इसके अलावा इसमें ओटीए (OTA) अपडेट, प्रीमियम साउंड सिस्टम, 64 रंगों वाली एंबिएंट लाइटिंग, वेंटिलेटेड (हवादार) फ्रंट सीटें, कूलिंग फीचर के साथ वायरलेस चार्जर और डुअल-टोन इंटीरियर जैसे कई प्रीमियम फीचर्स भी दिए गए हैं।

सुरक्षा पहले से ज्यादा मजबूत

नई मारुति ब्रेजा फेसलिफ्ट में सुरक्षा को पहले से और बेहतर बनाया गया है। कंपनी ने इसमें कई नए एडवांस सेफ्टी फीचर्स जोड़े हैं। इस एसयूवी को भारत एनकैप (Bharat NCAP) की 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें ब्लाइंड स्पॉट वार्निंग के साथ लेन चेंज अलर्ट, रियर क्रॉस ट्रैफिक अलर्ट, टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS), सेफ एग्जिट वार्निंग, फ्रंट और रियर पार्किंग सेंसर और पहले से बेहतर 360 डिग्री कैमरा दिया गया है। यह कैमरा गाड़ी के चारों ओर का साफ दृश्य दिखाता है, जिससे पार्किंग और ड्राइविंग दोनों आसान और सुरक्षित हो जाती हैं।

Plastic currency notes : 10 और 20 रुपए के प्लास्टिक नोटों पर सरकार की मुहर, ट्रायल के लिए RBI के प्रस्ताव को मिली मंजूरी, क्या बंद हो जाएंगे पुराने नोट

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केंद्र सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के 10 रुपए और 20 रुपए मूल्यवर्ग के पॉलिमर (प्लास्टिक) बैंक नोटों के फील्ड ट्रायल के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा कागज के नोटों को पूरी तरह प्लास्टिक नोटों से बदलने की फिलहाल कोई योजना नहीं है।

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हाल ही में खबर आई थी कि RBI की नोट छापने वाली इकाई भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड (BRBNMPL) ने सुरक्षा फीचर्स वाले पॉलिमर सब्सट्रेट शीट्स की आपूर्ति के लिए वैश्विक कंपनियों से रुचि पत्र (EOI) आमंत्रित किए हैं। हालांकि टेंडर में यह नहीं बताया गया है कि ये नोट किस मूल्यवर्ग में और कब से नियमित रूप से जारी किए जाएंगे।

लोकसभा में सोमवार को एक सवाल के लिखित जवाब में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि RBI के केंद्रीय निदेशक मंडल की सिफारिश पर 10 रुपए और 20 रुपए के एक-एक अरब (100 करोड़) पॉलिमर नोटों को फील्ड ट्रायल के लिए जारी करने का प्रस्ताव दिया गया था। ट्रायल सफल रहने के बाद इन्हें नियमित रूप से जारी करने की योजना है। इस प्रस्ताव को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है।

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मंत्री ने बताया कि RBI के अनुसार अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों से पता चलता है कि पॉलिमर बैंक नोटों की उम्र कागज के नोटों की तुलना में काफी अधिक होती है। ये अधिक टिकाऊ होते हैं और लंबे समय तक उपयोग में रह सकते हैं। डिजिटल भुगतान पर संभावित असर को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में पंकज चौधरी ने कहा कि पॉलिमर नोटों की शुरुआत अभी शुरुआती चरण में है।

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इनके नियमित रूप से जारी होने के बाद ही डिजिटल लेनदेन पर इनके प्रभाव का सही आकलन किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि नकद और डिजिटल भुगतान दोनों आम जनता के लिए एक-दूसरे के पूरक माध्यम हैं। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि पॉलिमर नोट मौजूदा कागज आधारित नोटों के साथ ही चलेंगे। फिलहाल कागज के नोटों को पूरी तरह हटाकर केवल प्लास्टिक नोट जारी करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।

 

Godfrey Phillips Q1 Results: सिगरेट कंपनी का मुनाफा 44% गिरा, डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट का ऐलान

Godfrey Phillips Q1 Results: सिगरेट और तंबाकू प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया ने जून तिमाही के कमजोर नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 44.3% घटकर ₹189.39 करोड़ रह गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹356.31 करोड़ था।

वहीं, कंपनी का रेवेन्यू 18.9% घटकर ₹1,205.5 करोड़ रह गया। एक साल पहले यह ₹1,486.2 करोड़ था।

ऑपरेटिंग प्रदर्शन भी कमजोर

जून तिमाही में कंपनी के ऑपरेटिंग प्रदर्शन पर भी दबाव दिखा। EBITDA 46.3% घटकर ₹181.44 करोड़ रह गया। पिछले साल यह ₹337.6 करोड़ था।

वहीं, EBITDA मार्जिन 22.7% से घटकर 15.1% पर आ गया। इससे साफ है कि कंपनी की प्रॉफिटबिलिटी पर दबाव बढ़ा है।

एक्साइज ड्यूटी खर्च आठ गुना बढ़ा

गॉडफ्रे फिलिप्स भारत में Philip Morris International के लाइसेंस के तहत Marlboro सिगरेट बनाती और बेचती है। जून तिमाही में एक्साइज ड्यूटी से जुड़े खर्च करीब आठ गुना बढ़कर ₹3,600 करोड़ हो गए।

हालांकि, कंपनी के सिगरेट, तंबाकू और इससे जुड़े उत्पादों के कारोबार का रेवेन्यू दोगुने से ज्यादा बढ़कर ₹3,780 करोड़ पहुंच गया। यही कंपनी का सबसे बड़ा कारोबार है और कुल रेवेन्यू में इसकी सबसे ज्यादा हिस्सेदारी है।

सरकार ने 1 फरवरी से सिगरेट पर नई एक्साइज ड्यूटी लागू की थी। सिगरेट की लंबाई के हिसाब से प्रति 1,000 सिगरेट पर ₹2,050 से ₹8,500 तक एक्साइज ड्यूटी लगाई गई। इस टैक्स बढ़ोतरी के बाद देश के करीब 10 करोड़ धूम्रपान करने वाले लोगों के लिए सिगरेट महंगी हो गई।

डिविडेंड की रिकॉर्ड डेट तय

गॉडफ्रे फिलिप्स के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025-26 के फाइनल डिविडेंड के लिए 11 अगस्त 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है।

इस तारीख तक जिन निवेशकों के नाम कंपनी के रिकॉर्ड में होंगे, उन्हें फाइनल डिविडेंड का लाभ मिलेगा।

गॉडफ्रे फिलिप्स का शेयर

कमजोर नतीजों से पहले सोमवार को गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया का शेयर 4.03% की बढ़त के साथ ₹2,215.40 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान शेयर में ₹85.80 की तेजी दर्ज की गई।

गॉडफ्रे फिलिप्स का बिजनेस

गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया सिगरेट और तंबाकू उत्पाद बनाने वाली कंपनी है। कंपनी Four Square, Red & White, Cavanders और Stellar जैसे सिगरेट ब्रांड बेचती है। इसके अलावा, यह पान मसाला, कन्फेक्शनरी और रिटेल कारोबार में भी मौजूद है। भारत के तंबाकू उद्योग की प्रमुख कंपनियों में इसका नाम शामिल है।

Coal India Q1 Results: सरकारी कंपनी को ₹8852 करोड़ का मुनाफा, हर शेयर पर ₹5.50 का डिविडेंड देगी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

योगी सरकार में अब तक अनुसूचित जाति/जनजाति के 1.39 करोड़ से अधिक छात्र-छात्राओं को मिली आर्थिक सहायता

  • बीते नौ साल में पूर्वदशम एवं दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना से छात्र-छात्राओं को किया गया सशक्त 
  • योगी सरकार का लगातार प्रयास, आर्थिक अभाव किसी भी मेधावी विद्यार्थी की शिक्षा में न बने बाधा

 

लखनऊ, 27 जुलाई। शिक्षा को सामाजिक सशक्तीकरण का सबसे प्रभावी माध्यम मानते हुए योगी सरकार ने अनुसूचित जाति/जनजाति के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति व्यवस्था को लगातार मजबूत किया है। पूर्वदशम एवं दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजनाओं के माध्यम से बीते नौ वर्षों में 1.39 करोड़ से अधिक छात्र-छात्राओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है। योगी सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक अभाव किसी भी मेधावी विद्यार्थी की शिक्षा में बाधा न बने और वह विद्यालय से लेकर उच्च शिक्षा तक अपनी पढ़ाई निर्बाध रूप से जारी रख सके।

 

तकनीक से बढ़ी पारदर्शिता, समय पर मिली सहायता 

 

योगी सरकार ने छात्रवृत्ति वितरण को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में कई सुधार किए हैं। ओटीआर, बायोमेट्रिक सत्यापन, एस-कोड वैलिडेशन और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) जैसी व्यवस्थाओं से छात्रवृत्ति सीधे विद्यार्थियों के बैंक खातों में पहुंच रही है। इससे पारदर्शिता बढ़ी है और पात्र विद्यार्थियों तक समय पर सहायता पहुंचाना आसान हुआ है।

 

हर वर्ष बड़ी संख्या में विद्यार्थियों तक पहुंचा लाभ

 

पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजना के तहत वर्ष 2017-18 में 4,16,860 अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को लाभ मिला। इसके बाद 2018-19 में 5,24,426, 2019-20 में 5,41,386, 2020-21 में 3,62,511, 2021-22 में 3,20,390, 2022-23 में 3,86,139, 2023-24 में 3,74,963, 2024-25 में 4,11,797 तथा 2025-26 में 4,39,647 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई। वहीं दशमोत्तर स्तर पर 2017-18 में 12,80,515, 2018-19 में 11,43,804, 2019-20 में 13,60,376, 2020-21 में 8,02,648, 2021-22 में 12,29,471, 2022-23 में 9,42,939, 2023-24 में 10,35,766, 2024-25 में 11,76,281 तथा 2025-26 में 11,54,567 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ मिला है।

 

 

शिक्षा के जरिए सामाजिक बदलाव की पहल

 

योगी सरकार का मानना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन का सबसे मजबूत आधार है। छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है, जिससे वे उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार के बेहतर अवसरों की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। समाज कल्याण विभाग उप निदेशक आनंद कुमार सिंह ने बताया कि, बीते नौ वर्षों में छात्रवृत्ति व्यवस्था में हुए सुधारों ने विद्यार्थियों के बीच शिक्षा के प्रति विश्वास को मजबूत किया है। सरकार की कोशिश है कि पात्र विद्यार्थियों को समय पर आर्थिक सहायता मिले और वे बिना किसी आर्थिक बाधा के अपने सपनों को साकार कर सकें।

Gold Silver Price Today: सोना ₹2440 महंगा हुआ, चांदी का भाव ₹5300 उछला

Gold Silver Price Today: सोने और चांदी की कीमतों में सोमवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, सोना ₹2,440 चढ़कर ₹1,49,640 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं, चांदी ₹5,300 की तेजी के साथ ₹2,30,000 प्रति किलो हो गई।

सोने-चांदी के दाम क्यों बढ़े?

लगातार दो दिन की गिरावट के बाद बाजार में खरीदारी लौटी है। इसकी बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट है। इससे महंगाई को लेकर चिंता कुछ कम हुई। निवेशकों का रुख फिर से सोने और चांदी की तरफ बढ़ा।

HDFC Securities के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी का कहना है कि पश्चिम एशिया में तनाव कम होने से कच्चे तेल के दाम गिरे हैं। इसका फायदा सोने को मिला। इसके अलावा, अमेरिकी डॉलर कमजोर हुआ है और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड भी घटी है। इससे भी सोने की कीमतों को सहारा मिला। हालांकि, रुपये की मजबूती की वजह से घरेलू बाजार में तेजी कुछ सीमित रही।

विदेशी बाजार में भी तेजी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 42.13 डॉलर बढ़कर 4,095.30 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं, स्पॉट सिल्वर 1.47% चढ़कर 59.04 डॉलर प्रति औंस हो गई।

Kotak Securities की एवीपी (कमोडिटी रिसर्च) कायनात चैनवाला ने कहा कि कच्चे तेल के दाम घटने से महंगाई का दबाव कम होने की उम्मीद बढ़ी है। इसी वजह से सोने और चांदी में खरीदारी बढ़ी।

अब किस पर रहेगी नजर?

JM Financial Services के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट प्रणव मेर के मुताबिक, अब बाजार की नजर पश्चिम एशिया के हालात पर रहेगी। इसके अलावा, यूरोजोन, जापान और अमेरिका के महंगाई के आंकड़े भी अहम रहेंगे।

उन्होंने बताया कि अमेरिका के GDP के आंकड़े आएंगे। कंज्यूमर कॉन्फिडेंस का डेटा भी जारी होगा। साप्ताहिक जॉबलेस क्लेम्स के आंकड़े भी अहम रहेंगे। इसके अलावा, फेडरल रिजर्व, बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ जापान की ब्याज दरों पर होने वाले फैसले भी सोने-चांदी की दिशा तय कर सकते हैं।

MCX गोल्ड पर एक्सपर्ट की राय

LKP Securities के वीपी रिसर्च एनालिस्ट (कमोडिटी और करेंसी) जतीन त्रिवेदी ने कहा कि सोमवार को एमसीएक्स पर सोना करीब 0.50% की तेजी के साथ ₹1,43,675 प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा था। वहीं, COMEX Gold करीब 37 डॉलर चढ़कर 4,090 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गया। हालांकि, रुपये की मजबूती की वजह से घरेलू बाजार में सोने की तेजी वैश्विक बाजार के मुकाबले थोड़ी कम रही।

उनका कहना है कि अब बाजार की नजर इस सप्ताह होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक पर है। इस बैठक से ब्याज दरों के संकेत मिल सकते हैं। इसका असर आगे सोने की कीमतों पर भी दिख सकता है। तकनीकी तौर पर एमसीएक्स गोल्ड के ₹1,42,000 से ₹1,45,500 के दायरे में कारोबार करने की उम्मीद है।

*पीटीआई से इनपुट के साथ

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