कल का मौसम: 23 अगस्त को 15 राज्यों में तूफानी हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश की चेतावनी, यूपी से ओडिशा तक IMD ने दिया ये अलर्ट

Weather Update: देश भर में मानसूनी गतिविधियों के चलते मौसम का मिजाज बदला हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 23 अगस्त के लिए मौसम का ताजा पूर्वानुमान जारी करते हुए देश के अलग अलग हिस्सों में मूसलाधार बारिश, बिजली कड़कने और तेज आंधी-तूफान को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर प्रदेश से लेकर ओडिशा तक और मध्य भारत से लेकर दक्षिणी राज्यों तक मौसम का असर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने नागरिकों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और आवश्यक एहतियात बरतने की सलाह दी है।

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छत्तीसगढ़ और ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 23 अगस्त को छत्तीसगढ़ और ओडिशा में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। इन राज्यों के प्रभावित इलाकों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में अचानक से बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

इन 15 राज्यों और क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट

देश के 15 से अधिक राज्यों और क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इनमें उत्तर भारत का उत्तराखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश शामिल हैं। इसके अलावा मध्य भारत के मध्य प्रदेश और विदर्भ क्षेत्र में भारी बारिश का अनुमान है। पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के साथ-साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी बारिश की गतिविधियां तेज रहेंगी। पूर्वी भारत के गांगेय पश्चिम बंगाल और झारखंड में बारिश का अलर्ट है। दक्षिण भारत के तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल और माहे तथा तेलंगाना में भी भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं

बारिश के साथ-साथ कई इलाकों में आकाशीय बिजली चमकने और तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, बिहार और तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

अन्य राज्यों में बिजली गिरने और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की हवाओं की चेतावनी

पूर्वी राजस्थान, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, कर्नाटक, केरल और माहे, लक्षद्वीप, ओडिशा, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल और सिक्किम के दूर-दराज के इलाकों में गरज और बिजली चमकने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और उत्तराखंड के कई स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। इसके अतिरिक्त आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के अलग-अलग हिस्सों में सतह पर तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है।

अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के लिए समुद्री चेतावनी

समुद्र में खराब मौसम के कारण मछुआरों और तटीय क्षेत्रों को विशेष रूप से अलर्ट पर रखा गया है। अरब सागर में सोमालिया तट के साथ और उससे सटे इलाकों, मध्य-पश्चिम और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जिनकी स्पीड बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप क्षेत्र और उससे सटे समुद्री क्षेत्रों में 35 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जो बढ़कर 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती हैं।

बंगाल की खाड़ी की बात करें तो मन्नार की खाड़ी, कॉमोरिन क्षेत्र, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और दक्षिण श्रीलंका तट के आसपास के इलाकों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने का अनुमान है, जो 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार छू सकती हैं। इसके अलावा पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों, मध्य-पश्चिम और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों तथा अंडमान सागर में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने की उम्मीद है, जो बढ़कर 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।

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SIP Calculator: हर महीने SIP से ₹5 हजार इनवेस्ट कर सकता हूं, 10 साल में कितना बड़ा फंड बन जाएगा?

पिछले कुछ सालों में सेविंग्स और निवेश को लेकर लोगों की सोच बदली है। खासकर युवा निवेश के पुराने तरीकों का इस्तेमाल नहीं करना चाहते। वे म्यूचुअल फंड जैसे निवेश के विकल्पों में ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इसमें सिप का बड़ा हाथ है। सिप के जरिए कोई व्यक्ति हर महीने अपनी क्षमता के हिसाब से म्यूचुअल फंड की स्कीम में निवेश कर सकता है। जरूरत पड़ने पर वह अपना पैसा निकाल सकता है।

अच्छे रिटर्न की वजह से सिप में बढ़ रही दिलचस्पी

सिप से निवेश में दिलचस्पी बढ़ने का सबसे बड़ा कारण इसका रिटर्न है। सिप से लंबी अवधि तक निवेश कर लोगों ने बड़े फंड बनाए हैं। अब तो लोग रिटायरमेंट बाद के खर्च के लिए भी सिप से म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम में निवेश के बारे में सोचने लगे हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि म्यूचुअल फंड्स की स्कीम में सिप या एकमुश्त निवेश पर तभी अच्छा रिटर्न मिलता है, जब निवेश लंबी अवधि के लिए किया जाए।

हर महीने 5000 रुपये के सिप से तैयार हो सकता है बड़ा फंड

गाजियाबाद के रहने वाले मनोहर लाल एक जूता फैक्ट्री में काम करते हैं। उन्होंने बताया है कि वह हर महीने म्यूचुअल फंड में सिप के जरिए 5000 रुपये का निवेश कर सकते हैं। उनका सवाल है कि अगर वह यह निवेश लगातार 10 साल तक करते हैं तो इससे कितना बड़ा फंड वह बना सकते हैं?

लंबी अवधि में म्यूचुअल फंड का सालान रिटर्न कम से कम 12%

मनीकंट्रोल ने यह सवाल एक्सपर्ट से पूछा। एक्सपर्ट ने बताया कि सिप से 10 साल तक लगातार निवेश करने पर काफी बड़ा फंड तैयार हो सकता है। उन्होंने कहा कि म्यूचुअल फंड की स्कीम का सालाना रिटर्न लंबी अवधि में कम से कम 12 फीसदी रहता है। म्यूचुअल फंड की स्कीम के पिछले रिटर्न को देख यह अनुमान लगाया गया है।

5000 रुपये के मंथली सिप से 10 साल में तैयार होगा 11 लाख का फंड

अगर लाल हर महीने 5000 का निवेश सिप से करते हैं तो इसका मतलब है कि वह 10 साल में कुल 6,00,000 रुपये का निवेश करेंगे। अगर इस पर सालाना 12 फीसदी का रिटर्न मान लिया जाए तो उनका पैसा 10 साल में बढ़कर 11,20,179 रुपये हो जाएगा। इसका मतलब है कि उनके कुल 6 लाख रुपये के निवेश पर 5,20,179 रुपये का रिटर्न मिलेगा।

सिप अमाउंट हर साल 10 फीसदी बढ़ाने पर तैयार होगा 16 लाख का फंड

अगर वह हर साल निवेश के अमाउंट में 10 फीसदी इजाफा करते हैं तो उनके लिए और बड़ा फंड तैयार हो जाएगा। चूंकि लाल नौकरी करते हैं, जिससे हर साल उनकी सैलरी कुछ-न-कुछ बढ़ती रहेगी। इसलिए हर साल सिप के अमाउंट को 10 फीसदी बढ़ाने में उन्हें किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी। अगर वह हर साल 10-10 फीसदी सिप अमाउंट बढ़ाते हैं तो 10 साल में उनके लिए 16,34,449 रुपये का फंड तैयार हो जाएगा।

# यह कैलकुलेशन ऑनलाइन उपलब्ध सिप कैलकुलेटर पर आधारित है।

Hyderabad Building Collapse: 7 मंजिला इमारत भरभराकर गिरी, 2 की मौत; नाले के पास हो रहा था निर्माण

Hyderabad Building Collapse: हैदराबाद के अंजैया नगर में शनिवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक निर्माणाधीन सात मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर पड़ी। हादसे में कम से कम दो लोगों की जान चली गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। बता दें कि जिस इलाके में यह घटना हुई, वह माधापुर पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आता है।

वहीं, घटना की जानकारी मिलते ही राहत और बचाव टीमें मौके पर पहुंचीं और मलबे में फंसे लोगों की तलाश शुरू कर दी है।

हैदराबाद में गिरी इमारत: वीडियो में दिखा नुकसान का मंजर

खबरों के मुताबिक, गिरी हुई इमारत लगभग 50 वर्ग गज के प्लॉट पर बन रही थी और एक नाले के पास स्थित थी। निर्माण से जुड़ी परिस्थितियों ने बिल्डिंग और सुरक्षा नियमों के संभावित उल्लंघन को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। अब अधिकारी यह जांच करेंगे कि इमारत के निर्माण के लिए जरूरी मंजूरी ली गई थी या नहीं और निर्माण के दौरान नियमों का पालन किया गया था या नहीं।

हैदराबाद में गिरी इमारत: नाले के पास बनी थी गिरी हुई इमारत

इस घटना में आस-पास की इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है। बताया जा रहा है कि व्हाइटफील्ड में पास के एक अपार्टमेंट पर गिरे इमारत के मलबे से उसे काफी नुकसान हुआ। एहतियात के तौर पर पास के एक हॉस्टल को भी खाली कराया गया।

फिलहाल, अधिकारी अभी तक इमारत गिरने की सही वजह का पता नहीं लगा पाए हैं। वहीं, हादसे में नुकसान कितना हुआ है और घटना के समय इमारत के अंदर कितने लोग हो सकते थे, इसका भी पता लगाया जा रहा है।

एक विस्तृत जांच से यह भी पता चलने की उम्मीद है कि क्या इमारत के ढांचे में कमी, निर्माण से जुड़े नियमों का उल्लंघन या अन्य कारणों से यह हादसा हुआ।

बता दें कि हैदराबाद में निर्माण से जुड़ा यह हादसा कोई पहली घटना नहीं है। मार्च 2026 में टोलिचौकी इलाके में एक निर्माणाधीन इमारत की स्कैफोल्डिंग (बांस-बल्लियों/लोहे के सहारे की संरचना) गिरने से दो मजदूरों की मौत हो गई थी। डेक्कन क्रॉनिकल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने पाया था कि इमारत को सिर्फ दो मंजिल बनाने की अनुमति मिली थी, लेकिन कथित तौर पर चार अतिरिक्त मंजिल और एक पेंटहाउस अवैध तरीके से बना दिया गया था। हादसे के वक्त मजदूर छठी मंजिल पर काम कर रहे थे।

हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2025 की एक और घटना में तेलंगाना के भद्राचलम में बन रही छह मंजिला इमारत की ऊपरी चार मंजिला ढह गईं। पुलिस ने बताया कि ये मंजिले गैर-कानूनी तरीके से बनाई गई थीं और इमारत ढहने के बाद कम से कम दो मजदूरों की मौत की आशंका जताई गई।

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Bonus Share: मोल्ड-टेक ग्रुप की दो कंपनियां देने जा रही हैं बोनस शेयर, डिविडेंड देने का भी प्लान

Bonus Share: मोल्ड-टेक ग्रुप की दो कंपनियां बोनस शेयर और डिविडेंड देने जा रही हैं। इनमें मोल्ड-टेक पैकेजिंग और मोल्ड-टेक टेक्नोलॉजीज शामिल हैं। दोनों कंपनियों ने 21 अगस्त को इसका ऐलान किया। इसके बाद दोनों कंपनियों के शेयरों में तेजी दिखी। मोल्ड-टेक के शेयर कारोबार के अंत में शेयर 3.60 फीसदी चढ़कर बंद हुए। मोल्ड-टेक टेक्नोलॉजीज के शेयर 1.21 फीसदी चढ़कर 191.35 रुपये पर बंद हुए।

FY26 के लिए होगा डिविडेंड का ऐलान 

Mold-Tek Packaging और Mold-Tech Technologies के बोर्ड की बैठक 26 अगस्त यानी बुधवार को होगी। इस मीटिंग में फाइनल डिविडेंड देने के बारे में भी फैसला होगा। यह डिविडेंड 31 मार्च, 2026 को खत्म फाइनेंशियल ईयर के लिए होगा। दोनों कंपनियों ने स्टॉक एक्सचेंजों को इस बारे में 21 अगस्त को बता दिया।

बोर्ड की बैठक में एजीएम की तारीख का फैसला

मोल्ड-टेक पैकेजिंग का बोर्ड अगर बोनस इश्यू के प्रस्ताव को मंजूरी देता है तो कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग के बाद यह पहला बोनस इश्यू होगा। इससे पहले कंपनी ने फरवरी 2016 में अपने शेयरों को स्प्लिट किया था। दोनों कंपनियों को स्टॉक एक्सचेंजों को अलग जानकारी में यह भी बताया है कि उनके बोर्ड की बैठक में एनुअल जनरल मीटिंग की तारीख और समय के बारे में भी फैसला होगा। इसके अलाव रिकॉर्ड डेट पर भी विचार होगा।

मोल्ड-टेक पैकेजिंग का जून तिमाही में अच्छा प्रदर्शन

मोल्ड-टेक पैकेजिंग का प्रदर्शन जून तिमाही में अच्छा रहा। ऑपरेशंस से रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 24.9 फीसदी बढ़कर 300.45 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA 19.1 फीसदी बढ़कर 56.43 करोड़ रुपये रहा। कंपनी का टैक्स से पहले प्रॉफिट 13.9 फीसदी बढ़कर 34.17 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 30.01 करोड़ रुपये था।

मोल्ड-टेक टेक्नोलॉजीज का प्रॉफिट बढ़कर 10 करोड़ हुआ

मोल्ड-टेक टेक्नोलॉजीज का प्रदर्शन भी जून तिमाही में अच्छा रहा। इस दौरान कंपनी की नेट सेल्स 45.52 फीसदी बढ़ी। नेट प्रॉफिट बढ़कर 10.03 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 0.59 करोड़ रुपये था। EBITDA 14.92 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 2.34 करोड़ रुपये था।

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बीते छह महीने में दोनों शेयरों में अच्छी तेजी 

मोल्ड-टेक टेक्नोलॉजीज का शेयर बीते 6 महीनों में 44 फीसदी बढ़ा है। इस दौरान मोल्ड-टेक पैकेजिंग का शेयर 22 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। 21 अगस्त को इन दोनों कंपनियों के शेयरों में तब अच्छी तेजी आई, जब शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक में कोई खास बदलाव नहीं दिखा।

Shaan: शान और उनकी पत्नी राधिका मुंबई के बांद्रा में 3 लग्जरी फ्लैट के बने मालिक, 47.64 करोड़ में हुई डील

Shaan: शान के नाम से मशहूर शांतनु मुखर्जी और उनकी पत्नी राधिका मुखर्जी ने बांद्रा वेस्ट में तीन अपार्टमेंट खरीदे हैं। CRE Matrix के हाथ लगे प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक, ये प्रॉपर्टीज़ टर्नर रोड पर ‘पामेरा डेवलपमेंट’ का हिस्सा हैं और इन्हें डेवलपर NVK रियल्टी LLP से खरीदा गया है।

ये तीनों घर इस लग्ज़री प्रोजेक्ट की ऊपरी मंजिलों पर हैं और इनका कुल एरिया 6,267.87 स्क्वेयर फ़ीट है। रजिस्ट्रेशन डॉक्यूमेंट्स से पता चलता है कि इस खरीद के लिए कपल ने ₹47.64 करोड़ चुकाए, जिसमें हर अपार्टमेंट की कीमत लगभग ₹15.88 करोड़ थी।

यह डील आधिकारिक तौर पर 20 अगस्त, 2026 को रजिस्टर हुई थी और इसमें ₹2.70 करोड़ की स्टाम्प ड्यूटी का भुगतान किया गया था। इस खरीद के साथ नौ कार पार्किंग की जगहें भी मिली हैं। तीन अलग-अलग घरों के बजाय, इन अपार्टमेंट्स को मिलाकर एक बड़ा घर बना दिया गया है। अब यह घर उस कपल की प्रॉपर्टी का हिस्सा बन गया है।

पामेरा प्रोजेक्ट का बॉलीवुड के इतिहास से भी कनेक्शन है। डेवलपर की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, टर्नर रोड वाली इस प्रॉपर्टी में पहले मशहूर एक्ट्रेस माला सिन्हा रहती थीं। स्क्वायर यार्ड्स द्वारा देखे गए प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन डॉक्यूमेंट्स के अनुसार, 2025 में शान और उनकी पत्नी ने पुणे के प्रभाचीवाड़ी में ₹10 करोड़ में एक लग्ज़री बंगला खरीदा था।

इस डील में प्लॉट और बंगला दोनों शामिल थे। प्लॉट का साइज लगभग 0.4 हेक्टेयर या करीब 4,787.92 वर्ग गज है, जबकि बना हुआ एरिया (बिल्ट-अप एरिया) लगभग 5,500 वर्ग फुट है, जो करीब 511.04 वर्ग मीटर के बराबर है। इस खरीद पर ₹50 लाख की स्टाम्प ड्यूटी और ₹30,000 की रजिस्ट्रेशन फीस लगी। शान ‘कल हो ना हो’, ‘तनु वेड्स मनु’ और ‘दस’ जैसी फिल्मों के गानों समेत कई पॉपुलर बॉलीवुड गानों के लिए जाने जाते हैं।

इससे पहले 2026 में, सिंगर श्रेया घोषाल ने अपने माता-पिता शमीष्ठा घोषाल और बिस्वजीत घोषाल के साथ मिलकर वर्ली में ₹29.70 करोड़ में एक अपार्टमेंट खरीदा था। जैपकी.कॉम (Zapkey.com) द्वारा देखे गए रजिस्ट्रेशन डॉक्यूमेंट्स के अनुसार, जुबिन नौटियाल ने भी मध आइलैंड इलाके में ₹4.94 करोड़ में 4 BHK अपार्टमेंट खरीदा था।

स्क्वायर यार्ड्स को मिले डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक, सिंगर स्टेबिन बेन ने अपने परिवार के सदस्यों बेन अलेक्जेंडर और ज्योत्सना बेन के साथ मिलकर पिछले साल बांद्रा में ₹6.67 करोड़ में एक डुप्लेक्स अपार्टमेंट खरीदा था। वहीं, स्क्वायर यार्ड्स को मिले प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन डॉक्यूमेंट्स के अनुसार, कंपोजर और सिंगर अनु मलिक और उनकी पत्नी अंजू मलिक ने सांताक्रूज वेस्ट में लगभग ₹14.49 करोड़ में दो अपार्टमेंट बेचे।

ICSI CS Professional, Executive Result: 25 अगस्त को जारी होगा जून 2026 सत्र का रिजल्ट, दिसंबर सत्र की एग्जाम डेट भी हुई जारी

ICSI CS Professional, Executive Result: इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया (ICSI) जून 2026 सत्र के लिए सीएस प्रोफेशनल और एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम के रिजल्ट मंगलवार, 25 अगस्त, 2026 को घोषित करेगा। दोनों प्रोग्राम के रिजल्ट सुबह 11 बजे और दोपहर 2 बजे घोषित किए जाएंगे। उम्मीदवारों को अपने रिजल्ट, सब्जेक्ट के हिसाब से मार्क्स का ब्रेक-अप, ऑफिशियल वेबसाइट icsi.edu पर ऑनलाइन चेक करने होंगे।

सीएस प्रोफेशनल प्रोग्राम (सिलेबस 2022) और एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम (सिलेबस 2022) एग्जामिनेशन, जून, 2026 सेशन का रिजल्ट मंगलवार, 25 अगस्त, 2026 को नीचे दिए गए शेड्यूल के अनुसार घोषित किया जाएगा:

एग्जीबिशन का स्टेज टाइम

प्रोफेशनल प्रोग्राम (सिलेबस 2022): सुबह 11 बजे

एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम (सिलेबस 2022): दोपहर 2 बजे

एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम परीक्षा (सिलेबस 2022) का फॉर्मल ई-रिजल्ट-कम-मार्क्स स्टेटमेंट कैंडिडेट्स को उनके रेफरेंस, इस्तेमाल और रिकॉर्ड के लिए डाउनलोड करने के लिए उपलब्ध होगा। रिजल्ट-कम-मार्क्स स्टेटमेंट की कोई फिजिकल कॉपी जारी नहीं की जाएगी।

प्रोफेशनल प्रोग्राम (सिलेबस 2022) एग्जामिनेशन का रिजल्ट-कम-मार्क्स स्टेटमेंट रिजल्ट घोषित होने के तुरंत बाद उम्मीदवारों को उनके रजिस्टर्ड पते पर भेज दिया जाएगा। अगर किसी उम्मीदवार को रिजल्ट की घोषणा के 30 दिनों के अंदर रिजल्ट-कम-मार्क्स स्टेटमेंट की फिजिकल कॉपी नहीं मिलती है, तो वे अपनी जानकारी के साथ इंस्टीट्यूट से exam@icsi.edu पर संपर्क कर सकते हैं।

आईसीएसआई सीएस प्रोफेशनल और एग्जीक्यूटिव दिसंबर सत्र 2026 परीक्षा की तारीख

आईसीएसआई के इसी नोटिस में, अगले सीएस प्रोफेशनल और एग्जीक्यूटिव दिसंबर सत्र 2026 परीक्षा की तारीख घोषित की गई है। नोटिस के अनुसार, कंपनी सेक्रेटरीज प्रोफेशनल प्रोग्राम (सिलेबस 2022) और एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम (सिलेबस 2022) के एग्जाम सोमवार, 21 दिसंबर, 2026 से सोमवार, 28 दिसंबर, 2026 तक दोपहर के सत्र में होंगे। ऑनलाइन एनरोलमेंट एप्लीकेशन 26 अगस्त, 2026 से शुरू होंगे।

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तमिलनाडु के सरकारी अस्पताल में पैदा हुए बच्चों को मिलेगी सोने की अंगूठी, 1.28 लाख रिंग का वर्क ऑर्डर जारी

तमिलनाडु सरकार ने नवजात बच्चों के लिए शुरू की जाने वाली ‘मामा गोल्ड रिंग योजना’ के तहत करीब 1.28 लाख सोने की अंगूठियां बनवाने का ऑर्डर दिया है। इन अंगूठियों पर करीब 220 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सरकार ने इसके लिए दो बड़ी ज्वेलरी रिटेल चेन को काम सौंपा है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।

इस योजना के तहत चार महीने के दौरान एक लाख से ज्यादा नवजात बच्चों को सोने की अंगूठी दी जाएगी। सरकार इस कल्याणकारी योजना की शुरुआत 15 सितंबर से करने जा रही है। इसी दिन द्रविड़ आंदोलन के प्रमुख नेता सीएन अन्नादुरई की जयंती भी है।

बता दें कि नवजात बच्चों को सोने की अंगूठी देने का यह वादा टीवीके (TVK) के चुनावी घोषणापत्र में शामिल था।

22 जून से अस्पताल में पैदा हुए बच्चों को मिलेगा योजना का लाभ

इस स्कीम का फायदा उन नवजात बच्चों को मिलेगा जो 22 जून को सरकारी अस्पतालों में पैदा हुए हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि इसी दिन मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय का जन्मदिन भी है।

एक मोटे अनुमान के मुताबिक, लगभग 128.5 किलोग्राम वजन वाली 1,28,499 अंगूठियों (22-कैरेट) की लागत 220 करोड़ रुपये होगी और तमिलनाडु सरकार ने कुल 4,41,667 अंगूठियों (एक साल के लिए) की सप्लाई के लिए 755.83 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है।

हालांकि, अंगूठियों के शुरुआती बैच की अंतिम लागत में बदलाव हो सकता है, लेकिन राज्य सरकार ने मौजूदा बाजार दरों पर सोने का भुगतान करने का जिम्मा लिया है।

गोल्ड रिंग सप्लाई का जिम्मा दो कंपनियों को मिला

अंगूठियां बनाने और सप्लाई करने में जॉयअलुक्कास (Joyalukkas) को 70 फीसदी और कल्याण ज्वेलर्स (Kalyan Jewellers) को 30 फीसदी हिस्सा मिला है। इसके तहत जॉयअलुक्कास करीब 89,949 अंगूठियां, जबकि कल्याण ज्वेलर्स 38,550 अंगूठियां तैयार करेगा।

सूत्रों के अनुसार, तमिलनाडु में आज की बाजार दर के हिसाब से, इस स्कीम के तहत एक सोने की अंगूठी की लागत सरकार को लगभग 14,850 रुपये प्रति ग्राम पड़ेगी।

सरकार ने शुक्रवार देर रात बताया कि तमिलनाडु मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन (TNMSC) ने जून से सितंबर तक लाभार्थियों के लिए जरूरी 1,28,499 सोने की अंगूठियां सप्लाई करने के लिए जोयालुक्कास और कल्याण ज्वैलर्स को 70:30 के अनुपात में वर्क ऑर्डर जारी किए हैं।

सीएम विजय ने विधानसभा चुनाव से पहले इस योजना का किया था ऐलान

बता दें कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने अप्रैल में हुए विधानसभा चुनाव से पहले इस योजना का ऐलान किया था, जिसका लाभ सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले बच्चों को मिलेगा। इस योजना का मकसद सरकारी अस्पतालों में प्रसव को बढ़ावा देना है।

सरकार की एक प्रेस रिलीज के मुताबिक, “एक-एक ग्राम वजन वाली 4,41,667 सोने की अंगूठियां सप्लाई करने के सरकारी आदेश के बाद, 11 कंपनियों ने 14 जुलाई को तमिलनाडु मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन के टेंडर में हिस्सा लिया और TN टेंडर्स पोर्टल के जरिए अपनी कीमत की जानकारी जमा की।”

जॉयअलुक्कास ने एक ग्राम सोने की कीमत को छोड़कर सिर्फ 0.01 रुपये की सबसे कम बोली लगाई। इसमें प्रोसेसिंग फीस, इंश्योरेंस, ट्रांसपोर्टेशन और BIS हॉलमार्किंग जैसे सभी अतिरिक्त खर्च शामिल थे।

सरकार ने बताया कि जब संबंधित कानूनों के तहत 10 अन्य बोलीदाताओं को जीतने वाली कीमत के बारे में बताया गया, तो कल्याण ज्वैलर्स ने भी उसी कीमत की बोली लगाई।

सरकार ने कहा, “थाईमामन गोल्ड रिंग स्कीम को तमिलनाडु सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं में लोगों का भरोसा बढ़ाने, सरकारी अस्पतालों में जन्मे बच्चे के जन्म को यादगार बनाने और मातृत्व की खुशी व महत्व का जश्न मनाने के लिए लागू किया जा रहा है।”

1 पैसे की बोली पर विधानसभा में हंगामा

इस हफ्ते विधानसभा में इस स्कीम के टेंडर को लेकर जोरदार बहस हुई। विपक्षी पार्टियों DMK और AIADMK ने खरीद की प्रक्रिया पर सवाल उठाए और “टेंडर के बहुत ही अजीब नतीजे” के बारे में पूछा, क्योंकि सफल बोली लगाने वाले ने अतिरिक्त शुल्क के तौर पर ₹0.01 (एक पैसा) की बोली लगाई थी।

विपक्षी पार्टियों के अनुसार, दूसरी प्रतिस्पर्धी कंपनियों ने अतिरिक्त शुल्क के तौर पर ₹410.97 से लेकर ₹15,000 से ज्यादा तक की बोली लगाई थी।

जॉयलुक्कास ने एक बयान में कहा: “इस टेंडर की कीमत लगभग 755 करोड़ रुपये है, जिसमें सोने की कीमत कुल खरीद मूल्य का मुख्य हिस्सा है।” कंपनी ने कहा कि उसने “मौजूदा सोने की कीमत से सिर्फ 1 पैसा ज्यादा का सांकेतिक सर्विस चार्ज” कोट किया था।

वहीं, विपक्ष ने सवाल उठाया कि यह खरीद तमिलनाडु मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन के जरिए क्यों की गई और तर्क दिया कि TNMSC को सिर्फ दवाइयां, मेडिकल उपकरण खरीदने और हेल्थकेयर बिल्डिंग बनाने के लिए बनाया गया था।

इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री अरुणराज ने इस कदम का बचाव करते हुए कहा कि यह योजना राज्य की हेल्थकेयर सेवाओं में जनता का भरोसा मजबूत करने के लिए बहुत जरूरी है।

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Awarapan 2 Budget vs Collection: 45 करोड़ के बजट में बनी ‘आवारापन 2’, इमरान हाशमी की फिल्म ने 3 गुना कमाया मुनाफा

Awarapan 2 Budget vs Collection: ‘आवारापन 2’ ठीक वही कर रही है, जिसकी उम्मीद इसके मेकर्स ने की थी – यानी लोगों को सिनेमाघरों तक वापस लाना। जबकि आपको जानकर हैरानी होगी कि रिलीज से पहले डिस्ट्रीब्यूटर्स ने इस फिल्म में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई थी। इमरान हाशमी के लीड रोल वाली इस सीक्वल फिल्म ने शुरुआती दो दिनों में ही 50 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया था, जबकि प्रोड्यूसर विशेष भट्ट का कहना है कि टीम को इस प्रोजेक्ट में अपना पैसा लगाना पड़ा था।

कितना है फिल्म का बजट

जानकारी के मुताबिक फिल्म का बजट 30 से 45 करोड़ के बीच बताया जा रहा है। हालांकि ये आंकड़े ऑफिशियल नहीं हैं। फिल्म प्रोड्यूसर विशेष भट्ट ने बताया थी कि उनकी फिल्म पर कोई भरोसा नहीं कर रहा था। हर किसी को फिल्म के फ्लॉप हो जाने का डर सता रहा था। टीम को इस प्रोजेक्ट में अपना पैसा लगाना पड़ा था।

फिल्म ने कितनी कमाई की

2007 की फिल्म ‘आवारापन’ बेशक बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हुई थी, लेकिन इसका म्यूजिक और कहानी आज भी लोगों के जुबान पर चढ़े हैं। इसी का फायदा ‘आवारापन 2’ को पूरी तरह से मिला है। सैकनिल्क की अर्ली ट्रेंड रिपोर्ट के मुताबिक ‘आवारापन 2’ ने 21.50 करोड़ के नेट कलेक्शन के साथ ओपनिंग की थी। भारत में ग्रॉस कलेक्शन 25.80 करोड़ रुपये रहा था। जबकि वर्ल्डवाइड इस फिल्म ने 27.80 करोड़ से ओपनिंग की थी।

वहीं 8वें दिन फिल्म ने भारत में आठवें दिन 5.50 करोड़ रुपये (नेट) की कमाई की। इसके साथ ही, फिल्म का घरेलू नेट कलेक्शन 119 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। भारत में इसका ग्रॉस कलेक्शन अभी 141.87 करोड़ रुपये है। फ़िल्म विदेशों में भी अच्छा प्रदर्शन कर रही है। आठवें दिन, ‘आवारापन 2’ ने विदेशी बाजार में 1 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन किया, जिससे इसका इंटरनेशनल कलेक्शन 27.30 करोड़ रुपये हो गया। फ़िल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन अब 169.17 करोड़ रुपये है, जो इसे 170 करोड़ रुपये के आंकड़े के करीब ले आया है।

पहले दिन का कलेक्शन-22 करोड़

दूसरे दिन का कलेक्शन-33.75 करोड़

तीसरे दिन का कलेक्शन-26 करोड़

चौथे दिन का कलेक्शन-9.25 करोड़

पांचवें दिन का कलेक्शन-9.75 करोड़

छठवें दिन का कलेक्शन-6.75 करोड़

सातवें दिन का कलेक्शन-6 करोड़

आठवें दिन का कलेक्शन-5.75 करोड़

India Net (Sacnilk): 119.00 crore

India Gross (Sacnilk): 142.21 cr

Worldwide Gross: 169.17 crore

कितना कमाया मुनाफा

‘आवारापन 2’ ने 45 करोड़ के बजट के मुकाबले 74 करोड़ से 78.87 करोड़ का नेट प्रॉफिट (164% से 175% रिटर्न) कमाया है, जो अपने एक बड़ा आंकड़ा है। फिल्म साल की तीसरी बिग ओपनर बनकर उभरी है। इससे पहले यशराज की ‘सैयारा’ और ‘धुरंधर 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर तूफान लाया था।

यह फ़िल्म 14 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई और सनी देओल की ‘बंटवारा 1947’ से टक्कर के बावजूद अपनी जगह बनाए रखने में कामयाब रही। लेकिन रिलीज़ से पहले कहानी कुछ और ही थी। ‘ज़ूम’ के साथ एक इंटरव्यू में, विशेष भट्ट – जिन्होंने बिलाल सिद्दीकी के साथ मिलकर इस फ़िल्म की कहानी भी लिखी है – ने बताया कि डिस्ट्रीब्यूटर इस फ़िल्म को खरीदने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे थे। उनके मुताबिक, दिलचस्पी न दिखाने की वजह से ही उन्हें नहीं लगता कि ‘आवारापन 2’ सिर्फ़ जल्दी पैसे कमाने के मकसद से बनाई गई फ़िल्म है।

उन्होंने कहा, “अगर आप ‘आवारापन’ जैसी फ़िल्में देखना चाहते हैं, तो आपको सिनेमाघरों में जाकर उन्हें सपोर्ट करना होगा। वरना मुझे कैसे पता चलेगा कि आपको इसमें दिलचस्पी है? अगर मुझे पता होगा, तो मैं भी अपनी मेहनत की कमाई लगाकर फ़िल्म बनाऊंगा ताकि पैसे कमा सकूं। मैं आपको बता दूं, ‘आवारापन 2’ सिर्फ़ पैसे कमाने के लिए बनाई गई फ़िल्म नहीं है।”

इस म्यूचुअल फंड ने ₹1 लाख के निवेश को ₹46 लाख बना दिया, जानिए इस स्कीम के बारे में

म्यूचुअल फंड में निवेश से जोरदार रिटर्न में फंड सेलेक्शन का बड़ा हाथ है। अगर निवेश के लिए सही फंड का चुनाव हो जाए तो फिर पैसे बढ़ना तय है। आईसीआईसीआई एएमसी के फंड ने निवेशकों को मालामाल किया है। इस फंड का नाम आईसीआआईसीआई वैल्यू प्रूडेंशियल फंड है। इस फंड ने सिर्फ 1 लाख रुपये के निवेश को 22 साल में 46.6 लाख रुपये बना दिया है।

इस फंड ने एकमुश्त और सिप दोनों निवेशकों को किया मालामाल

ICICI Prudential Asset Management Company ने अपने इस फंड के बारे में बताया है। ICICI Prudential Value Fund की शुरुआत 22 साल पहले हुई थी। इस फंड ने शुरुआत में पैसे लगाने वाले एकमुश्त और सिप दोनों निवेशकों को मालामाल किया है। इसका कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) 19.11 फीसदी है। इसने Nifty Total Return Index (TRI) के मुकाबले काफी ज्यादा रिटर्न दिया है। इस अवधि में निफ्टी 50 टीआरआई का सीएजीआर 14.63 फीसदी है।

वैल्यू इनवेस्टिंग की स्ट्रेटेजी का करता है इस्तेमाल 

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल वैल्यू फंड की शुरुआत 16 अगस्त, 2004 को हुई थी। इस फंड ने हाल ही में 22 साल पूरे किए हैं। यह फंड वैल्यू ओरिएंटेड इक्विटी इनवेस्टमेंट स्ट्रेटेजी का इस्तेमाल करता है। इस फंड का फोकस उन कंपनियों के शेयरों में निवेश करने पर होता है, जिनमें उनके इंटिनसिक वैल्यू से कम पर ट्रेडिंग हो रही होती है। ऐसी कंपनी छोटी या बड़ी हो सकती है।

तीन साल और पांच साल के टाइम फ्रेम में भी अच्छा रिटर्न 

इस फंड का रिटर्न तीन साल और पांच साल के टाइम फ्रेम में भी बहुत अच्छा है। यह क्रमश: 13.44 फीसदी और 16.05 फीसदी है। अगर किसी निवेशक ने इस फंड की शुरुआत के समय इसमें हर महीने 10,000 रुपये का सिप शुरू किया होता तो उसका पैसा बढ़कर 2.37 करोड़ रुपये हो गया होता। यह 17.04 फीसदी का सीएजीआर रिटर्न है। 31 जुलाई को इस फंड का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 61,102.29 करोड़ रुपये था।

93 फीसदी पैसे का निवेश शेयरों में, फाइनेंशियल कंपनियों में ज्यादा निवेश 

इस फंड ने अपना 93.31 पैसा शेयरों में निवेश किया है। सबसे ज्यादा 38.10 फीसदी निवेश फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनियों के शेयरों में है। इसके बाद 9.08 फीसदी का निवेश हेल्थकेयर सर्विसेज कंपनियों के शेयरों में है। उसके बाद 9 फीसदी का निवेश एफएमसीजी कंपनियों के शेयरों में है। इस फंड ने 2022 में अपने बेंचमार्क को निफ्टी 500 वैल्यू 50 टीआरआई से बदलकर निफ्टी 500 टीआरआई कर दिया था।

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निवेश से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर की राय जरूर लें

अगर आप इस फंड में निवेश करना चाहते हैं तो आपको पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर की सलाह लेनी चाहिए। एक्सपर्ट्स का कहना है कि किसी फंड के पिछले रिटर्न को देख भविष्य में उसके रिटर्न का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। निवेशक को रिस्क लेने की अपनी क्षमता, निवेश की अवधि और निवेश के लक्ष्य को ध्यान में रख निवेश का फैसला करना चाहिए।

दुबई में पानीपुरी का ऐसा क्रेज, राजस्थानी शख्स के पास रोज पहुंचते हैं 500 से 1000 ग्राहक

भारत से बड़ी संख्या में लोग बेहतर नौकरी, कमाई और भविष्य की तलाश में विदेश का रुख करते हैं। लेकिन कुछ लोगों की कहानी सिर्फ नौकरी तक सीमित नहीं रहती। वे नए देश में अपनी मेहनत और हुनर के दम पर ऐसा काम शुरू कर देते हैं, जिसमें उनकी जड़ों की झलक भी दिखाई देती है। दुबई में रहने वाले राजस्थान के एक शख्स की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। उसने विदेश में अपना कारोबार शुरू किया, लेकिन इसके लिए किसी विदेशी खाने को नहीं चुना, बल्कि भारत की मशहूर स्ट्रीट फूड पानीपुरी को अपना जरिया बनाया।

जिस पानीपुरी को भारत में लोग सड़क किनारे ठेलों और दुकानों पर बड़े चाव से खाते हैं, वही अब दुबई में इस शख्स की पहचान बन गई है। खास बात यह है कि उसके यहां रोजाना बड़ी संख्या में ग्राहक पहुंचते हैं। उसकी कहानी सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोग उसकी मेहनत और परिवार के लिए किए जा रहे प्रयासों की तारीफ कर रहे हैं।

रोज 500 से 1000 लोग पहुंचते हैं

इस शख्स की कहानी का एक वीडियो इंस्टाग्राम पर @emirateslovesindia ने शेयर किया है। वीडियो में उसने बताया कि वह पिछले करीब दो साल से दुबई में रह रहा है और वहां पानीपुरी का कारोबार कर रहा है। जब उससे ग्राहकों की संख्या के बारे में पूछा गया तो उसने बताया कि रोजाना करीब 500 से 600 ग्राहक आते हैं और कई बार यह आंकड़ा 1,000 तक पहुंच जाता है। हालांकि, वीडियो में कारोबार की सटीक जगह और उसकी कमाई का खुलासा नहीं किया गया।

एक नहीं, कई फ्लेवर की पानीपुरी

दुबई में ग्राहकों को सिर्फ आम पानीपुरी का स्वाद नहीं मिलता। शख्स ने बताया कि उनके यहां कई अलग-अलग फ्लेवर उपलब्ध हैं। इनमें जीरा, लहसुन, खट्टा-मीठा, हाजमोला, नींबू और सामान्य फ्लेवर शामिल हैं। यानी देसी पानीपुरी को दुबई में थोड़ा अलग अंदाज देकर लोगों के सामने पेश किया जा रहा है।

कमाई का आधा हिस्सा भेजता है घर

इस शख्स की कहानी का सबसे दिलचस्प हिस्सा उसकी कमाई को लेकर है। उसने बताया कि वह अपनी कमाई का 50 फीसदी हिस्सा घर भेजता है, जबकि बाकी 50 फीसदी रकम दुबई में अपने खर्चों के लिए रखता है। उसकी यह बात सोशल मीडिया यूजर्स को खास तौर पर पसंद आई, क्योंकि विदेश में रहते हुए भी वह अपने परिवार की आर्थिक मदद करना जारी रख रहा है।

दुबई की जिंदगी भी है पसंद

सिर्फ कारोबार ही नहीं, शख्स ने दुबई में अपनी जिंदगी के बारे में भी बात की। उसने बताया कि उसे वहां का खाना, रहन-सहन और घूमना काफी पसंद है। उसके मुताबिक, दुबई की अच्छी सड़कें और बेहतर सेवाएं भी उसे पसंद आती हैं। यानी राजस्थान से हजारों किलोमीटर दूर रहने के बावजूद उसने वहां अपनी मेहनत से कमाई का रास्ता बना लिया है।

सोशल मीडिया पर लोगों ने की तारीफ

वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने शख्स की मेहनत और उसके कारोबार की तारीफ की। कई लोगों को यह बात खास लगी कि वह विदेश में रहकर भी भारतीय स्ट्रीट फूड को लोगों तक पहुंचा रहा है और अपनी कमाई का एक हिस्सा परिवार को भेजता है।

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