India vs Ireland: टीम इंडिया का फ्लॉप शो…आयरलैंड से पहली बार हारा भारत, शर्मनाक हार का विलेन कौन?

टी20 वर्ल्ड कप चैंपियन टीम इंडिया को आयरलैंड की टीम ने करारी शिकस्त दे दी है। बेलफास्ट में खेले गए पहले टी20 मैच में आयरलैंड ने इंटरनेशनल क्रिकेट में भारत को पहली बार हराया है। पहले टी20 मुकाबले में आयरलैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को 34 रन से मात दी है । मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए आयरलैंड ने 182 रन बनाए। जवाब में भारतीय टीम 18.5 ओवर में 148 रन पर सिमट गई। आयरलैंड की ओर से हम्फ्रीज और होलार्ड ने तीन-तीन विकेट लिए, जबकि भारतीय मूल के जय मूंद्रा ने दो विकेट झटके।

आयरलैंड से पहली बार हारा भारत

मुकाबले में खास बात यह रही कि जय मूंद्रा ने अपने टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर की पहली ही गेंद पर संजू सैमसन को आउट कर दिया। इससे पहले आयरलैंड के कप्तान लोर्कान टकर ने 52 और गैरेथ डेलेनी ने 49 रन की अहम पारियां खेलीं। भारत की ओर से हर्षित राणा ने तीन विकेट लिए, जबकि अर्शदीप सिंह और अक्षर पटेल को दो-दो विकेट मिले। शिवम दुबे ने भी एक विकेट हासिल किया। वहीं, 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को इस मैच में डेब्यू का मौका नहीं मिला। ऐसे में उन्हें भारतीय टीम के लिए पहला मैच खेलने के लिए अभी और इंतजार करना होगा।

शर्मनाक हार का विलेन कौन?

बता दें कि, भारतीय टीम की ओर से संजू सैमसन, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर जैसे बल्लेबाज फेल साबित हुए। तिलक वर्मा भी बेहद खराब शॉट खेलकर आउट हुए। वहीं भारत की गेंदबाजी बेहद ही खराब रही। खासतौर पर प्रसिद्ध कृष्णा ने ने 4 ओवर में 57 रन लुटा दिए। वॉशिंगटन सुंदर ने एक ही ओवर में 19 रन दे दिए। मुकाबले में भारत की फील्डिंग भी बेहद खराब रही। टीम इंडिया ने कुल 3 कैच छोड़े।

Monsoon Tracker: दिल्ली में फिर लेट होगा मानसून, IMD ने बताया कब होगी बारिश की एंट्री

देशभर में धीमी रफ्तार से आगे बढ़ रहा दक्षिण-पश्चिम मानसून अब दिल्ली में भी तय समय पर नहीं पहुंच पाएगा। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में मानसून की एंट्री अगले हफ्ते होने की संभावना है। आमतौर पर दिल्ली में मानसून 27 जून के आसपास पहुंच जाता है। हालांकि, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने हाल ही में 1961 से 2019 के औसत आंकड़ों के आधार पर मानसून के पहुंचने की तारीखों में बदलाव किया है।

मौसम विभाग का कहना है कि भले ही मानसून केरल में समय पर पहुंच जाता है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों तक पहुंचने में पहले की तुलना में ज्यादा समय लग रहा है। इसी वजह से दिल्ली समेत कई इलाकों में मानसून की दस्तक देर से होने की संभावना जताई गई है।

अभी कई राज्यों को करना होगा इंतजार

मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून 26 जून तक चंडीगढ़, 27 जून तक दिल्ली, 28 जून तक जम्मू, 1 जुलाई तक जयपुर और 8 जुलाई तक पूरे देश में पहुंचने की उम्मीद है। लेकिन इस साल मानसून की रफ्तार धीमी बनी हुई है। प्रायद्वीपीय और मध्य भारत के कई हिस्सों में यह अभी भी सामान्य समय से पीछे चल रहा है। शुक्रवार तक मानसून की उत्तरी सीमा सूरत, इंदौर, डाल्टनगंज और मोतिहारी तक पहुंची थी। अभी यह उत्तर प्रदेश में नहीं पहुंचा है, जहां किसान खरीफ फसलों की बुवाई के लिए बारिश का इंतजार कर रहे हैं। कमजोर मानसून के कारण जून महीने में देशभर में सामान्य से करीब 41 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने 2 जुलाई तक भी सामान्य से कम बारिश होने की संभावना जताई है।

मौसम विभाग ने दिया नया अपडेट

आईएमडी के अनुसार, अगले 3 से 4 दिनों में मानसून उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के बाकी हिस्सों में आगे बढ़ सकता है। वहीं 2 जुलाई के बाद इसके धीरे-धीरे मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और राजस्थान के कुछ हिस्सों तक पहुंचने की संभावना है। मानसून में देरी के कारण उत्तर-पश्चिम भारत में गर्मी और बढ़ गई है। उत्तर प्रदेश और बिहार के कई इलाकों में लू चल रही है। प्रयागराज में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि कई जगहों पर तापमान सामान्य से 4 से 5 डिग्री ज्यादा दर्ज किया जा रहा है।

दिल्ली में भी दिन और रात दोनों समय गर्मी बनी हुई है। दिन का तापमान 37 से 40 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान 27 से 29 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। हालांकि, बीच-बीच में चलने वाली तेज हवाओं और हल्की आंधी से लोगों को थोड़ी राहत मिल रही है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक दिल्ली में आसमान में बादल छाए रहेंगे और तेज हवाएं चलने की संभावना है।

अल नीनो का असर बढ़ा

मौसम वैज्ञानिकों ने पुष्टि की है कि प्रशांत महासागर के भूमध्यरेखीय क्षेत्र में अल नीनो की स्थिति बन चुकी है। इसका असर इस साल के दक्षिण-पश्चिम मानसून पर पड़ सकता है। आईएमडी के अनुसार, समुद्र की सतह का तापमान बढ़ने से मौसम में बदलाव हो रहा है। अनुमान है कि जून से सितंबर तक चलने वाले मानसून के दौरान अल नीनो का प्रभाव और मजबूत हो सकता है। आईएमडी ने पहले ही अनुमान जताया था कि इस साल देश में सामान्य से कम बारिश हो सकती है। ऐसे में कई राज्यों में मानसून कमजोर रहने की आशंका बनी हुई है।

Jyeshtha Month Vat Purnima 2026: 29 जून को वट पूर्णिमा को मिलेगा स्ट्रॉबेरी मून का साथ, जानें ज्येष्ठ पूर्णिमा में स्नान-दान और पूजा का मुहूर्त

Jyeshtha Month Vat Purnima 2026: ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा हिंदू विवाहित महिलाओं के लिए विशेष स्थान रखती है। देश के कुछ हिस्सों में इस दिन महिलाएं अखंड सौभाग्य और सुखी दांपत्य के लिए वट सावित्री व्रत करती हैं। इसलिए ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा को कुछ जगहों पर वट पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि इस दिन महिला वट वृक्ष की पूजा करती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वट वृक्ष की शाखाओं में ब्रह्मा, तने में भगवान विष्णु और जड़ों में भगवान शिव का वास होता है।

ज्येष्ठ पूर्णिमा तिथि और समय

पूर्णिमा तिथि प्रारंभ : 29 जून 2026 को सुबह 03:06 बजे से

पूर्णिमा तिथि समाप्त : 30 जून 2026 को सुबह 05:26 बजे तक

उदयातिथि के अनुसार, पूर्णिमा का व्रत, स्नान-दान और पूजा 29 जून को ही की जाएगी।

स्नान-दान और पूजा के शुभ मुहूर्त

स्नान और दान के लिए सर्वोत्तम ब्रह्म मुहूर्त : सुबह 04:06 बजे से सुबह 04:46 बजे तक।

इस समय पवित्र नदी या घर पर ही गंगाजल मिलाकर स्नान करना और उसके बाद दान देना अत्यंत कल्याणकारी माना जाता है)

सुबह की पूजा का उत्तम मुहूर्त : सुबह 06:00 बजे से सुबह 08:30 बजे तक।

अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 11:57 बजे से दोपहर 12:52 बजे तक।

गोधूलि मुहूर्त : शाम 07:22 बजे से शाम 07:42 बजे तक।

ज्येष्ठ पूर्णिमा पर बन रहे 2 शुभ योग

इस साल वट पूर्णिमा पर शुक्ल योग और ब्रह्म योग का अद्भुत संयोग बन रहा है:

शुक्ल योग : सुबह से लेकर दोपहर 02:36 बजे तक रहेगा।

ब्रह्म योग : दोपहर 02:36 बजे के बाद शुरू होगा।

इन दोनों ही योगों में की गई पूजा और धार्मिक कार्य अखंड फल देने वाले माने जाते हैं। आप अपनी सुविधा के अनुसार सुबह या दोपहर के शुभ मुहूर्त में वट पूर्णिमा और बरगद के पेड़ की पूजा के साथ ही सावित्री-सत्यवान की कथा का श्रवण कर सकती हैं।

जून पूर्णिमा और स्ट्रॉबेरी मून का कनेक्शन

ज्येष्ठ माह में आने वाली पूर्णिमा सिर्फ भारत में ही विशेष स्थान नहीं रखती है। उत्तरी अमेरिका में भी इसका खास स्थान है। इस माह की पूर्णिमा के चांद को स्ट्रॉबेरी मून कहा जाता है। हालांकि, इस चांद का रंग गुलाबी नहीं होता है। दरअसल, इस समय उत्तर अमेरिका में स्ट्रॉबेरी का कम अवधि का मौसम होता है और के स्थानीय लोग स्ट्रॉबेरी फसल की कटाई करते हैं। इसलिए जून की पूर्णिमा के चांद को यहां के साथ-साथ कई पश्चिमी देशों में स्ट्रॉबेरी मून कहा जाता है।

29 जून को दिखेगा स्ट्रॉबेरी मून

स्ट्रॉबेरी मून का नाम उसके रंग की वजह से नहीं रखा गया है। यह शब्द उत्तर-पूर्वी उत्तरी अमेरिका के मूल निवासी एल्गोंक्वियन लोगों से आया है। नॉटिंघम यूनिवर्सिटी के अनुसार, यह नाम एक मौसमी निशान के तौर पर काम करता था, जो जंगली स्ट्रॉबेरी के पकने और इकट्ठा करने के लिए तैयार होने का संकेत देता था। वहीं, पूरे यूरोप में, जून के पूरे चांद को हनी मून, मीड मून और रोज मून के नाम से भी जाना जाता है, जो मौसमी रीति-रिवाजों और खेती के चक्र को दिखाता है।

स्ट्रॉबेरी मून के साथ माइक्रो मून भी होगा जून की पूर्णिमा को

भारत में, स्ट्रॉबेरी मून और माइक्रोमून का सबसे खूबसूरत नजारा सुबह 5:26 बजे दिखेगा। इसे 28 और 29 जून की रात को देखा जा सकता है। यह पूरा चांद एक माइक्रोमून भी है। इसका मतलब है कि यह चांद अपनी ऑर्बिट में पृथ्वी से सबसे दूर होगा। इसलिए यह आम पूर्णिमा के चंद्रमा से थोड़ा छोटा और धुंधला दिखाई देगा।

Sawan 2026: अभी से कर लें नोट भगवान शिव का प्रिय माह सावन इस दिन से होगा शुरू, इस माह में आएंगे सावन के 4 सोमवार

Ketan Murder Case: ‘सिया को पहले से थी सारी जानकारी…’, केतन हत्याकांड में पिता ने तोड़ी चुप्पी, किया ये बड़ा दावा

Ketan Murder Case: पूरे देश को झकझोर कर रख देने वाले पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। केतन अग्रवाल हत्याकांड में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है,उसमें नई बातें सामने आ रही हैं। अब इस पूरे मामले पर मृतक केतन के पिता विशाल अग्रवाल का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने पुलिस जांच में सामने आ रही उस थ्योरी को सिरे से खारिज कर दिया है कि केतन के लुक और उनके ‘हेयर विग’ के कारण उनकी मंगेतर इस शादी से नाखुश थी और इसी वजह से हत्या की गई।

विग की वजह से की गई हत्या?

पुणे के पास स्थित लोहागढ़ किले में 18 जून को मारे गए 25 वर्षीय कारोबारी केतन अग्रवाल के पिता ने उन खबरों को पूरी तरह गलत बताया है। केतन के पिता विशाल अग्रवाल का दावा है कि शादी से पहले ही उन्होंने सिया गोयल के परिवार को बेटे के विग पैच की जानकारी दे दी थी। विशाल अग्रवाल ने कहा कि उनके बेटे को एक मेडिकल समस्या के कारण बाल झड़ने की परेशानी थी। इसी वजह से वह हेयर विग का इस्तेमाल करता था। उन्होंने बताया कि इस बात की जानकारी सगाई तय होने से काफी पहले ही सिया गोयल और उसके परिवार को दे दी गई थी। इसलिए हत्या की वजह विग को बताना पूरी तरह गलत और भ्रामक है।

सगाई से पहले दी गई थी ये जानकारी

केतन अग्रवाल के पिता विशाल अग्रवाल ने बताया कि उनके बेटे को एक मेडिकल समस्या के कारण सिर के एक हिस्से के बाल झड़ गए थे। उन्होंने कहा कि सगाई तय होने से काफी पहले ही इस बारे में सिया गोयल और उसके परिवार को पूरी जानकारी दे दी गई थी। उन्होंने कहा, “अगर उन्हें इस बात से कोई आपत्ति होती, तो वे शादी से इनकार कर सकते थे।” वहीं, पुलिस का मानना है कि केतन की मौत एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी। जांच के मुताबिक, इस मामले में उसकी मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी की भूमिका सामने आई है। शुरुआत में इस घटना को हादसा माना गया था, लेकिन बाद में जांच के दौरान मिले सबूतों ने इसे हत्या के मामले में बदल दिया।

पुलिस हत्या की साजिश के एंगल से कर रही है जांच

पुलिस के अनुसार, घटना से पहले सिया गोयल कई बार केतन अग्रवाल को लोहागढ़ किले लेकर गई थी। जांच में दावा किया गया है कि 14 जून को सिया ने कथित तौर पर केतन को एक चट्टान से धक्का देने की कोशिश की थी, लेकिन वह झाड़ी पकड़ लेने की वजह से बच गया। पुलिस का कहना है कि 18 जून को सिया फिर केतन को लोहागढ़ किले ले गई। इस दौरान उसका कथित प्रेमी चेतन चौधरी भी पीछे-पीछे पहुंचा। आरोप है कि दोनों ने मिलकर केतन को खाई में धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

जांच में सामने आए कॉल रिकॉर्ड के मुताबिक, सिया और चेतन के बीच हजारों बार बातचीत हुई थी। इनमें कई कॉल कई घंटों तक चली थीं। पूछताछ में चेतन ने कथित तौर पर बताया कि सिया सगाई तोड़ना नहीं चाहती थी, क्योंकि उसे परिवार की बदनामी का डर था। फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उन पर हत्या और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है।

Sawan 2026: अभी से कर लें नोट भगवान शिव का प्रिय माह सावन इस दिन से होगा शुरू, इस माह में आएंगे सावन के 4 सोमवार

Sawan 2026: हिंदी कैलेंडर का पांचवा महीना सावन का होता है। मानसून जब पीक पर पहुंचता है, तब इस मौसम की शुरुआत होती है। चारों तरफ हरियाली और बोल बम के नारों की गूंज होती है। हिंदू धर्म में सावन का महीना आध्यात्मिक और धार्मिक रूप से बहुत अहम माना जाता है। माना जाता है कि यह महीना भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। इस माह में माता पार्वती के साथ भगवान शिव की पूजा विशेष रूप से फलदायी मानी जाती है।

सावन महीने के सोमवार विशेष महत्व रखते हैं। यूं तो पूरा सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित है, लेकिन सोमवार के दिन शिवालयों में भक्तों का उत्साह देखते ही बनता है। भोलेनाथ की भक्ति में लीन श्रद्धालु पूरे माह व्रत, जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और कांवड़ यात्रा जैसी धार्मिक गतिविधियां आयोजित करते हैं। ऐसे में सावन 2026 का इंतजार कर रहे शिव भक्तों के लिए अच्छी खबर है कि अब ये पवित्र महीना बहुत दूर नहीं है। आइए जानें ये कब से शुरू होगा और इसमें कितने सोमवार आएंगे।

कब से शुरू होगा सावन 2026

लोकल 18 के साथ बातचीत के दौरान पुजारी शुभम तिवारी ने बताया कि उत्तर भारतीय पंचांग के अनुसार सावन माह की शुरुआत 30 जुलाई 2026, गुरुवार से होगी और इसका समापन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को होगा। मान्यता है कि इस पूरे महीने भगवान शिव की सच्चे मन से की गई भक्ति भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करती है और जीवन में सुख-समृद्धि लाती है।

4 सोमवार और 4 मंगला गौरी व्रत

सावन 2026 में चार सोमवार और चार मंगला गौरी व्रत पड़ रहे हैं, जिससे भक्तों को भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना के कई विशेष अवसर मिलेंगे। यदि आप भी सावन में व्रत, पूजा या जलाभिषेक करने की योजना बना रहे हैं, तो अभी से इसकी तैयारी शुरू कर सकते हैं।

सावन 2026 के 4 सोमवार

सावन के दौरान सोमवार का विशेष महत्व होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवार भगवान शिव को समर्पित दिन माना जाता है। इस दिन व्रत रखने और शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र तथा धतूरा अर्पित करने से विशेष फल प्राप्त होता है। साल 2026 में सावन के कुल चार सोमवार पड़ेंगे।

पहला सावन सोमवार : 3 अगस्त

दूसरा सावन सोमवार : 10 अगस्त

तीसरा सावन सोमवार : 17 अगस्त

चौथा सावन सोमवार : 24 अगस्त

4 मंगला गौरी व्रत

महिलाओं के लिए सावन में मंगला गौरी व्रत का भी विशेष महत्व बताया गया है। यह व्रत माता पार्वती को समर्पित होता है और विशेष रूप से विवाहित महिलाएं अपने वैवाहिक जीवन की सुख-समृद्धि और पति की लंबी आयु के लिए इसे रखती हैं। अविवाहित कन्याएं यह व्रत मनचाहा जीवनसाथी पाने की कामना से करती हैं। सावन 2026 में मंगला गौरी व्रत 4 अगस्त, 11 अगस्त, 18 अगस्त और 25 अगस्त को रखा जाएगा। इन दिनों माता गौरी की पूजा का विशेष विधान रहेगा।

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Video: 4-5 मीटर लंबे विशाल फन फैलाए इस किंग कोबरा को कैसे नंगे हाथ सिर्फ पाइप और बैग से पकड़ लिया, Pipe में क्यों घुस जाते हैं Snake?

सोशल मीडिया पर वन्यजीवों और सांपों के रेस्क्यू के कई वीडियो वायरल होते हैं, लेकिन हाल ही में एक्स (पहले ट्विटर) पर सामने आया एक वीडियो लोगों के होश उड़ा रहा है। इस वीडियो में एक जांबाज रेस्क्यूअर महज एक साधारण पाइप और बैग की मदद से 4 से 5 मीटर लंबे विशालकाय किंग कोबरा को बेहद आसानी से पकड़ते हुए नजर आ रहा है। इस हैरान कर देने वाले रेस्क्यू वीडियो पर भारतीय वन सेवा (IFS) के अधिकारी हिमांशु त्यागी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है और वैज्ञानिक नजरिए से समझाया है कि आखिर खुले में आक्रामक दिखने वाला सांप खुद ब खुद पाइप के अंदर क्यों घुस जाता है।

वायरल वीडियो में क्या है?

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किए गए इस वीडियो में देखा जा सकता है कि एक कंक्रीट की संकरी गली में एक विशालकाय किंग कोबरा फन फैलाए बैठा है। सांप की लंबाई करीब 4-5 मीटर है। इतने बड़े और खतरनाक सांप को पकड़ने के लिए रेस्क्यूअर ने किसी भारी-भरकम उपकरण या बल का प्रयोग नहीं किया, बल्कि उसने बेहद सूझबूझ के साथ सांप के आगे एक पाइप और उससे जुड़ा बैग रख दिया। कुछ ही पलों में वह खतरनाक किंग कोबरा बिना किसी आक्रामकता के बेहद शांति से खुद उस पाइप के रास्ते बैग के अंदर चला गया।

इस वीडियो को यहां नीचे देखिए

Pipe में क्यों घुस जाते हैं सांप? IFS अफसर ने समझाया विज्ञान

IFS अधिकारी हिमांशु त्यागी ने इस वायरल वीडियो का विश्लेषण करते हुए बताया कि सांप का इस तरह खुद पाइप में चले जाना कोई जादू नहीं बल्कि जीव विज्ञान है। उन्होंने इसके पीछे थिग्मोटैक्सिस (Thigmotaxis) नाम के एक विशेष व्यवहार को जिम्मेदार ठहराया है।

सुरक्षा की तलाश (Thigmotaxis): आईएफएस त्यागी के मुताबिक जब किंग कोबरा जैसी प्रजाति का सांप किसी कंक्रीट की गली जैसी खुली जगह पर खुद को असुरक्षित या खतरे में महसूस करता है तो उसकी जन्मजात प्रवृत्ति उसे किसी तंग, अंधेरी और बंद जगह की तलाश करने के लिए प्रेरित करती है। रेस्क्यू के दौरान जब सांप के सामने पाइप लाया गया तो उसने उस बंद और अंधेरी जगह को अपने छिपने और सुरक्षित रहने का ठिकाना मान लिया और वह खुद-ब-खुद उसमें दाखिल हो गया।

क्यों कारगर और सुरक्षित है पाइप और बैग का यह तरीका?

आमतौर पर सांपों को पकड़ने के लिए स्टिक का इस्तेमाल किया जाता है या उन्हें बलपूर्वक दबोचा जाता है। इससे सांप और रेस्क्यूअर दोनों के लिए खतरा बढ़ जाता है। लेकिन पाइप और बैग की यह तकनीक सबसे सुरक्षित मानी जाती है क्योंकि इसमें सांप को जबरन पकड़ने या उस पर दबाव बनाने के बजाय उसे खुद अपनी मर्जी से आगे बढ़ने का मौका दिया जाता है। इस तरीके से रेस्क्यू करने पर सांप बहुत कम तनाव में आता है और इंसानों को काटने या रेस्क्यू के दौरान होने वाले जोखिम का खतरा भी काफी हद तक कम हो जाता है।

शिकारी स्वभाव पर भारी पड़ता है आत्मरक्षा का भाव

किंग कोबरा सांपों के साम्राज्य का एपेक्स प्रेडेटर यानी शीर्ष शिकारी माना जाता है। ये दूसरे सांपों का भी शिकार करता है। वे शिकार की तलाश करने के लिए अपने जैकोब्सन्स ऑर्गन के माध्यम से रासायनिक संकेतों का उपयोग करते हैं। आईएफएस त्यागी ने स्पष्ट किया कि जब किंग कोबरा खुद को किसी विपरीत परिस्थिति या रेस्क्यू के माहौल में पाता है तो उसका यह शिकारी स्वभाव पीछे छूट जाता है। ऐसे समय में अपनी जान बचाने और सुरक्षित आश्रय खोजने का उसका जन्मजात रक्षात्मक व्यवहार सबसे पहले सक्रिय हो जाता है और जैसे ही उसे भागने या छिपने का विकल्प (पाइप के रूप में) मिलता है वह उसकी तरफ बढ़ जाता है।

Ketan Murder case: मंगेतर सिया गोयल का चैट लग गया पुलिस के हाथ! पर इस डिटेल ने तो केस को और फंसा दिया

पुणे के बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की मौत के मामले में पुलिसिया जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, यह केस सुलझने के बजाय और उलझता जा रहा है। पुलिस के हाथ अब आरोपी मंगेतर सिया गोयल का मोबाइल चैट लगा है लेकिन इस नए डिजिटल सबूत ने पूरे मामले को और ज्यादा फंसा दिया है। पुलिस का दावा है कि आरोपी सिया गोयल के मोबाइल फोन से बरामद किए गए मैसेजेस और पूछताछ के दौरान दिए गए उसके बयानों में भारी अंतर है, जिससे पुलिस के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।

मोबाइल चैट और बयानों में भारी विरोधाभास (Inconsistencies)

लोनावला पुलिस के मुताबिक जांच के दौरान सिया के मोबाइल फोन से जो चैट्स बरामद हुए हैं, वे उसके उन बयानों से बिल्कुल मेल नहीं खा रहे हैं जो उसने पूछताछ के दौरान पुलिस को दिए थे। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह डिजिटल सबूत घटनाक्रम को स्थापित करने में एक बेहद महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकता है। फिलहाल पुलिस अधिकारी बरामद की गई बातचीत, कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स, सीसीटीवी फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की बारीकी से जांच कर रहे हैं ताकि मौत से जुड़ी कड़ियों को जोड़ा जा सके।

एक-दूसरे पर दोष मढ़ रहे हैं दोनों आरोपी प्रेमी

इस मामले ने तब और पेचीदा मोड़ ले लिया जब पुलिस की पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अलग-अलग कहानियां सुनाना शुरू कर दिया। पुलिस के मुताबिक। आरोपी मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने पूछताछ के दौरान अलग-अलग बयान दिए हैं। दोनों ही आरोपी इस खौफनाक अपराध की साजिश रचने की जिम्मेदारी एक-दूसरे पर मढ़ रहे हैं। दोनों का कहना है कि प्लानिंग दूसरे ने की थी। अब पुलिस को उम्मीद है कि यह डिजिटल ट्रेल यह तय करने में मदद करेगी कि इस साजिश में किस आरोपी की कितनी भूमिका थी और इस कथित साजिश के पीछे का असल सच क्या है।

नवंबर में होनी थी शादी, पर रास्ते से हटा दिया

यह पूरा मामला एक सोची-समझी साजिश का परिणाम नजर आता है। पुलिस के मुताबिक 25 वर्षीय केतन अग्रवाल और सिया गोयल की शादी इसी साल नवंबर में होने वाली थी। लेकिन सिया, केतन से शादी नहीं करना चाहती थी। इसके बाद सिया और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर केतन को रास्ते से हटाने की साजिश रची और उसे अंजाम दे दिया। आरोप है कि 18 जून को पुणे जिले के मावल तालुका में स्थित लोहागढ़ किले में घूमने के दौरान सिया और चेतन ने केतन को पहाड़ी से नीचे खाई में धक्का दे दिया था। इससे उसकी मौत हो गई।

हादसे से मर्डर मिस्ट्री तक पहुंची जांच

शुरुआत में इस मामले को महज एक दुर्घटना यानी पैर फिसलने से हुआ हादसा माना जा रहा था। लेकिन जब पुलिस ने गहराई से जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड्स व फॉरेंसिक सबूतों को खंगाला तो यह मामला पूरी तरह से हत्या में तब्दील हो गया। इस मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस अंतिम चार्जशीट दाखिल करने से पहले सभी उपलब्ध डिजिटल और फॉरेंसिक सबूतों को गहनता से जांच रही है।

Retirement Planning: आप रिटायरमेंट के लिए निवेश शुरू करना चाहते हैं? तो ये बातें जरूर जान लें

क्या रिटायरमेंट बाद के खर्च के लिए आपने पैसे जुटाने शुरू कर दिए हैं? अगर नहीं तो इसमें आपको देर नहीं करना चाहिए। लेकिन, इससे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि आपका रिटायरमेंट फंड कितना बड़ा होना चाहिए। यह सुनने में आसान लगता है लेकिन यह सवाल मुश्किल है। इसकी वजह यह है कि आज आपको अपने लिए जितना फंड पर्याप्त लगता है, उसकी वैल्यू 10-15 साल बाद काफी कम रह जाएगी।

रिटायरमेंट बाद के खर्च का अंदाजा

कई लोग रिटायरमेंट बाद के खर्चों का सही अंदाजा नहीं लगा पाते। आज आप हर महीने जितना खर्च करते हैं, उतना रिटायरमेंट के बाद आपको खर्च करने की जरूरत नहीं रह जाएगी। कुछ खर्च आपके बजट से निकल जाएंगे तो कुछ नए खर्च आपके बजट में शामिल हो जाएंगे। उदाहरण के लिए घर की EMI चुकाने की जरूरत आपको नहीं रह जाएगी। लेकिन मेडिकल केयर पर होने वाला खर्च बढ़ जाएगा।

इनफ्लेशन से पैसे की वैल्यू घटती रहती है

इनफ्लेशन के असर से पैसे की वैल्यू लगातार घटती रहती है। इसे हम एक उदाहरण की मदद से समझ सकते हैं। मान लीजिए आज आपके परिवार का मंथली खर्च 45,000 रुपये है। 20 साल बाद आपको सेम लाइफ स्टाइल के लिए 1 लाख रुपये से ज्यादा मंथली खर्च करना पड़ेगा। इसकी वजह है कि हर साल इनफ्लेशन की वजह से पैसे की वैल्यू 6 फीसदी तक घटती जाती है।

कम से कम 25 साल के खर्च का इंतजाम जरूरी

दूसरा, लोगों को यह पता नहीं होता कि रिटायरमेंट बाद उन्हें कितने सालों तक खर्च करने की जरूरत पड़ेगी। व्यक्ति जितने लंबे समय तक जीवित रहेगा, उसे उतने लंबे समय तक पैसे खर्च करने की जरूरत पड़ेगी। अगर कोई व्यक्ति 60 साल में रिटायर करता है तो उसे कम से कम अगले 25 सालों तक के खर्च के बारे में सोचना चाहिए।

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निवेश के कई विकल्पों का कर सकते हैं इस्तेमाल 

एक्सपर्ट्स का कहना है कि रिटायरमेंट के लिए फंड तैयार करने के लिए निवेश के कई विकल्पों का इस्तेमाल किया जा सकता है। इनमें पीपीएफ, एनपीएस, म्यूचुअल फंड की स्कीम आदि शामिल हैं। अगर आप नौकरी करते हैं तो आपके रिटायरमेंट प्लानिंग में ईपीएफ भी शामिल होगा। आप जितना जल्द रिटारमेंट के लिए निवेश शुरू करेंगे, आपके लिए उतना बड़ा फंड तैयार करने की गुंजाइश होगी। साथ ही लंबी अवधि में आपके पैसे पर कंपाउंडिंग का भी फायदा मिलेगा।

Vaibhav Sooryavanshi: वैभव सूर्यवंशी को क्यों नहीं मिली प्लेइंग 11 में जगह? कप्तान श्रेयस अय्यर ने बताई बड़ी वजह

Vaibhav Sooryavanshi: युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को आयरलैंड के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली। टीम के नए कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। जब उन्होंने टीम का ऐलान किया तो उसमें वैभव का नाम शामिल नहीं था। वैभव पहली बार भारतीय टी20 टीम का हिस्सा बने हैं। ऐसे में फैंस को उम्मीद थी कि उन्हें पहले ही मैच में डेब्यू करने का मौका मिलेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

कप्तान ने बताई बड़ी वजह

टीम इंडिया के टी20 कप्तान श्रेयस अय्यर ने वैभव को टीम में जगह नहीं मिलने पर बड़ी जानकारी की। उन्होंने कहा, “वैभव बेहद प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं, लेकिन फिलहाल उन्हें प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं मिल पाया है।” श्रेयस ने कहा कि टीम में इस समय कई अनुभवी खिलाड़ी मौजूद हैं, जिन्होंने हाल की सीरीज में भारत के लिए शानदार प्रदर्शन किया है। इसी वजह से टीम प्रबंधन उन्हीं खिलाड़ियों पर भरोसा जता रहा है, जिन्होंने पूरे सीजन में लगातार अच्छा खेल दिखाया है। उन्होंने भरोसा जताया कि सही समय आने पर वैभव को भी मौका जरूर मिलेगा। फिलहाल टीम तीन तेज गेंदबाज, एक ऑलराउंडर और दो स्पिन गेंदबाजों के संयोजन के साथ मैदान में उतर रही है।

बल्ले से धमाल मचा रहे हैं वैभव

कुछ दिन पहले ही सूर्यवंशी ने ट्राई-नेशन सीरीज के फाइनल में श्रीलंका ए के खिलाफ सिर्फ 11 गेंदों में अर्धशतक जड़कर लिस्ट-ए क्रिकेट का सबसे तेज अर्धशतक बनाया था। फाइनल में वैभव ने 29 गेंदों में 94 रनों की तूफानी पारी खेली, जिसमें 10 चौके और 8 छक्के शामिल थे। उनकी इस शानदार बल्लेबाजी की बदौलत तिलक वर्मा की कप्तानी वाली इंडिया ए टीम ने जीत हासिल की। वहीं इससे पहले वैभव आईपीएल में धमाल मचा चुके हैं। आईपीएल में सूर्यवंशी ने राजस्थान रॉयल्स के लिए पूरे सीजन में 776 रन बनाए और सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। इस दौरान उन्होंने एक शतक और पांच अर्धशतक लगाए। बेहतरीन प्रदर्शन के लिए उन्हें ऑरेंज कैप भी मिली।

पहले मैच में टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन

अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन, श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा

Varanasi: एस.एस.राजामौली की ‘वाराणसी’ की पहली झलक ने इंटरनेशनल लेवल पर मचाया तहलका, एनेसी में गूंजी दहाड़!

Varanasi: ‘वाराणसी’ इस समय बन रही सबसे बड़ी और सबसे बेसब्री से इंतज़ार की जाने वाली भारतीय फिल्मों में से एक है। विज़नरी फिल्ममेकर एस. एस. राजामौली द्वारा डायरेक्ट की जा रही यह एक्शन-एडवेंचर फिल्म अगले साल सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है, जिनके ब्लॉकबस्टर्स ने भारतीय सिनेमा को ग्लोबल लेवल पर एक नई पहचान दिलाई है। महेश बाबू, प्रियंका चोपड़ा जोनास और पृथ्वीराज सुकुमारन जैसे लीड स्टार्स से सजी इस फिल्म से राजामौली के सिग्नेचर स्केल, शानदार विजुअल्स और बांधकर रखने वाली स्टोरीटेलिंग की उम्मीद की जा रही है।

​इस बढ़ते एक्साइटमेंट के बीच ‘वाराणसी: टू द वर्ल्ड’ की पहली झलक का एनेसी इंटरनेशनल एनिमेशन फिल्म फेस्टिवल में अनावरण किया गया, जहां इसे दर्शकों से बेहद पॉजिटिव रिस्पॉन्स मिला। पूरी प्रेजेंटेशन के दौरान थिएटर उत्साह से भरा हुआ था और लोग लगातार चीयर व तालियां बजा रहे थे। हालांकि यह फिल्म अभी सिनेमाघरों में आना बाकी है, लेकिन इसने अभी से ही पूरी दुनिया में तहलका मचाना शुरू कर दिया है।

एनेसी इंटरनेशनल एनिमेशन फिल्म फेस्टिवल हर साल जून के आखिरी हफ्ते में फ्रांस के एनेसी शहर में आयोजित किया जाता है। यह अलग-अलग तकनीकों (जैसे ट्रेडिशनल, कट-आउट्स, क्लेमेशन, CGI आदि) से बनी एनिमेटेड फिल्मों के बीच की एक प्रतियोगिता है, जिन्हें कई कैटेगरीज में बांटा जाता है।

इस फेस्टिवल के दौरान, शहर के अलग-अलग सिनेमाघरों में दिखाई जाने वाली कॉम्पिटिटिव फिल्मों के साथ-साथ, शहर के बीचों-बीच स्थित पाक्वियर (Pâquier) में, झील और पहाड़ों के खूबसूरत नजारों के बीच खुले आसमान के नीचे नाइट प्रोजेक्शन (ओपन-एयर स्क्रीनिंग) का आयोजन भी किया जाता है। फेस्टिवल के थीम के हिसाब से इस विशाल स्क्रीन पर क्लासिक या हालिया फिल्में दिखाई जाती हैं। शनिवार की शाम को सभी अवॉर्ड विनर्स (पुरस्कार विजेताओं) की घोषणा की जाती है और उन्हें पेश किया जाता है।

सोशल मीडिया पर सच में बवाल मचा हुआ है! महेश बाबू का ‘रुद्र’ वाला पावरफुल लुक, पृथ्वीराज सुकुमारन का ‘कुंभ’ के रूप में इंटेंस फर्स्ट लुक, और प्रियंका चोपड़ा जोनास का ‘मंदाकिनी’ वाला कमांडिंग अवतार पहले ही रिवील हो चुका है, जिसने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है और पूरे देश में फिल्म को लेकर एक्साइटमेंट बढ़ा दी है। इन शानदार झलकियों ने उम्मीदों को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है, और दर्शकों का इंतजार अब बिल्कुल पीक पर है। हर कोई इस ग्रैंड सिनेमाटिक स्पेक्टेकल को देखने के लिए बेताब है, जो 7 अप्रैल, 2027 को थिएटर्स में एक बड़े लेवल पर रिलीज होने के लिए तैयार है।