Raja Shivaji OTT Release Date: रितेश देशमुख की ‘राजा शिवाजी’ ने ओटीटी पर दी दस्तक, जानें कहां देख सकेंगे फिल्म

Raja Shivaji OTT Release Date: रितेश देशमुख की ऐतिहासिक ड्रामा फ़िल्म ‘राजा शिवाजी’ 1 मई को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई और बॉक्स ऑफ़िस पर सफल रही। फ़िल्म को दर्शकों और क्रिटिक्स, दोनों से ही तारीफ़ मिली; इसकी वजह थी फ़िल्म का भव्य स्केल, ज़बरदस्त एक्टिंग और महान मराठा योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज का चित्रण। सिनेमाघरों में मिली सफलता के बाद, यह बहुप्रतीक्षित ऐतिहासिक फ़िल्म अब OTT पर आ गई है।

आज, 26 जून को ‘राजा शिवाजी’ नेटफ़्लिक्स पर रिलीज़ हुई। OTT प्लेटफ़ॉर्म ने सोशल मीडिया पर फ़ैन्स के साथ यह रोमांचक जानकारी शेयर की। फ़िल्म के आने की घोषणा करते हुए एक दिलचस्प पोस्टर शेयर किया गया और कैप्शन में लिखा गया, “विद्रोह करने आ रहे हैं राजे। नेटफ़्लिक्स पर मराठी और हिंदी में ‘राजा शिवाजी’ देखें, जो अब उपलब्ध है।”

आधिकारिक घोषणा के तुरंत बाद, फैंस इसे लेकर बहुत उत्साहित दिखे। एक फैन ने कमेंट किया, “आखिरकार! मराठी में, वाह।” एक और फैन ने लिखा, “आखिरकार… अब मैं इसे देख सकता हूँ।” एक कमेंट में यह भी लिखा था, “तेलुगु डबिंग की गुज़ारिश है।” वहीं, कुछ लोग फायर इमोजी भी पोस्ट करते दिखे।

रितेश देशमुख ने इस फ़िल्म का निर्देशन किया है और इसमें अभिनय भी किया है। उनके अलावा, फ़िल्म में अभिषेक बच्चन, भाग्यश्री, जेनेलिया देशमुख, संजय दत्त, फरदीन खान और विद्या बालन जैसे कलाकार अहम भूमिकाओं में हैं। फ़िल्म में सुपरस्टार सलमान खान भी एक खास भूमिका में नज़र आएंगे।

News18 ने फ़िल्म को 3.5 स्टार दिए हैं। रिव्यू के एक हिस्से में लिखा है, “रितेश देशमुख के निर्देशन और मुख्य भूमिका वाली यह फ़िल्म काफी हद तक उनके अभिनय पर टिकी है और उन्होंने इसे बहुत सधे हुए अंदाज़ में निभाया है। बहुत ज़्यादा शोर-शराबे या नाटकीयता के बजाय, उन्होंने अपने किरदार को संयमित रखा है और शांति व आंतरिक तीव्रता पर ज़ोर दिया है। यह तरीका बहुत असरदार रहा है, खासकर उन शांत पलों में, जहाँ बिना किसी बढ़ा-चढ़ाकर दिखाए किरदार का पक्का इरादा साफ़ झलकता है। एक निर्देशक के तौर पर भी उन्होंने परिपक्वता दिखाई है और बिना ज़बरदस्ती ड्रामा पैदा किए दृश्यों को स्वाभाविक रूप से आगे बढ़ने दिया है।”

₹250 वाला काम अब सिर्फ ₹13 में… विदेशी बाजारों में अब तहलका मचाएंगे भारतीय आम, पाकिस्तान को लगेगा बड़ा झटका!

Mango Export: कुछ दिनों पहले ऐसी कई रिपोर्ट्स सामने जिसमें अमेरिका के बाजारों में भारतीय आमों के लिए खूब डिमांड का जिक्र था। हालांकि, भारत में ₹50-₹100 किलो मिलने वाले आम US में करीब ₹1900 के चार पीस बिक रहे थे। इतने मंहगे प्राइस को लेकर खूब बहस हो रही थी। इन्हीं सब के बीच भारतीय आम के शौकीनों के साथ-साथ विदेशी बाजारों के लिए भी एक बड़ी खबर सामने आई है। भारत से विदेशों में आम भेजने का खर्च, जो अब तक ₹250 प्रति किलोग्राम तक पहुंच जाता था, वह अब घटकर महज ₹13 से ₹20 प्रति किलोग्राम रह गया है।

भारत ने समुद्र के रास्ते सिंगापुर को आमों की एक बड़ी खेप सफलतापूर्वक भेजकर लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। इस क्रांतिकारी बदलाव से न सिर्फ भारतीय आमों का निर्यात कई गुना बढ़ जाएगा, बल्कि विदेशी बाजारों में पाकिस्तान और अन्य देशों के आमों के मुकाबले भारतीय आम बेहद प्रतिस्पर्धी और सस्ते हो जाएंगे।

अब तक क्यों महंगा था आम का एक्सपोर्ट?

अब तक भारत से प्रीमियम क्वालिटी के आमों जैसे- हापुस, दशहरी, लंगड़ा, चौंसा का निर्यात मुख्य रूप से हवाई जहाज के जरिए होता था। हवाई सफर के कारण केवल ट्रांसपोर्टेशन की लागत ही ₹150 से ₹250 प्रति किलोग्राम तक आ जाती थी। इसके चलते विदेशों में भारतीय आम काफी महंगे बिकते थे और आम निवेशक या निर्यातक ज्यादा मात्रा में ट्रेडिंग नहीं कर पाते थे।

लेकिन, समुद्र के रास्ते किए गए इस सफल ट्रायल ने गेम ही बदल दिया है। अब यह खर्च सीधे ₹13 से ₹20 प्रति किलो पर सिमट गया है, जो कि पहले के मुकाबले लगभग 90% से भी ज्यादा सस्ता है।

कैसे मुमकिन हुआ यह कारनामा?

समुद्र के रास्ते आम भेजने में सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि कई दिनों के सफर में आम सड़ या गल न जाएं। इस चुनौती को पार करने के लिए लखनऊ स्थित ICAR-सेंट्रल इंस्टीट्यूट फॉर सबट्रॉपिकल हॉर्टिकल्चर ने ‘एपीडा’ (APEDA) के साथ मिलकर एक खास वैज्ञानिक ‘सी-शिपमेंट प्रोटोकॉल’ तैयार किया।

इस स्पेशल प्रयोग के तहत आंध्र प्रदेश से 4.3 टन बंगनपल्ली आमों को एक खास रीफर कंटेनर (रेफ्रिजरेटेड कंटेनर) में रखकर समुद्र के रास्ते सिंगापुर भेजा गया। वैज्ञानिकों ने इन तकनीकों का इस्तेमाल किया:

FUSICONT बायो-कंट्रोल तकनीक: वैज्ञानिकों ने बागों में फल लगने से लेकर कटाई तक अपनी खास तकनीक से निगरानी की ताकि आम पूरी तरह से केमिकल और पेस्टिसाइड रेजिड्यू-फ्री रहें।

हॉट वाटर और CISH-Met Wash ट्रीटमेंट: कटाई के बाद आमों को CISH द्वारा विकसित खास वॉश तकनीक और हॉट वाटर ट्रीटमेंट से गुजारा गया। इससे आमों की ‘शेल्फ लाइफ’ यानी खराब न होने की अवधि बढ़ गई और उनमें कोई बीमारी नहीं लगी।

30 दिनों तक नहीं खराब होंगे आम: इस तकनीक की मदद से समुद्र के ठंडे तापमान में भी आमों की लाइफ को 30 दिनों तक बढ़ाया जा सकता है। सिंगापुर पहुंचने में इस कंसाइनमेंट को 16 दिन लगे और जब वहां कंटेनर खुला, तो आम बिल्कुल ताजा और बेहतरीन कंडीशन में मिले।

क्यों बेहद महत्वपूर्ण है यह सफलता?

नए और बड़े बाजारों पर कब्जा: अब तक भारतीय आम सिर्फ कुछ प्रीमियम विदेशी स्टोर्स तक ही सीमित थे। लेकिन अब लागत कम होने से भारतीय एक्सपोर्टर्स सिंगापुर, मलेशिया, हॉन्गकॉन्ग जैसे बाजारों में अपनी धाक जमा सकते हैं, जहां आम का आयात करीब $4-5 मिलियन का है। इसके अलावा, भारत संयुक्त अरब अमीरात जैसे बड़े मार्केट को भी टारगेट कर सकता है, जिसका बाजार $20-25 मिलियन का है।

किसानों की बढ़ेगी आमदनी: लॉजिस्टिक्स कॉस्ट में इतनी बड़ी कटौती का सीधा फायदा आम उत्पादक किसानों और एक्सपोर्टर्स को मिलेगा। वे अब बिना किसी नुकसान के डर के भारी मात्रा में आम विदेशों में मुनाफे के साथ बेच सकेंगे।

यहां सिर्फ 3 रुपये किलो मिल रहा किसानों को आम का दाम, तोतापरी की हजारों एकड़ की खेती पेड़ पर ही सड़ने को छोड़ी!

अब गोवा में भी चलेगी वॉटर मेट्रो, 2000 करोड़ का मेगा प्लान, बदलेगा टूरिज्म का अंदाज और मिलेगा मैरीटाइम प्रोजेक्ट्स का तोहफा

पणजी: गोवा के पर्यटन और बुनियादी ढांचे को एक नया आयाम मिलने जा रहा है। केंद्र सरकार ने गोवा के मैरीटाइम सेक्टर (समुद्री क्षेत्र) को बढ़ावा देने और वहां एक अत्याधुनिक वॉटर मेट्रो सिस्टम शुरू करने के लिए 2000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की योजना तैयार की है। केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने शुक्रवार को गोवा में इस बड़े मेगा प्लान का ऐलान किया है।

केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने क्या बड़े ऐलान किए?

न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत की उपस्थिति में नए कैप्टन ऑफ पोर्ट्स भवन का उद्घाटन किया। इस उद्घाटन समारोह के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने इस बड़े प्रोजेक्ट की जानकारी साझा की। केंद्रीय मंत्री सोनोवाल ने कहा कि ‘मैं विशेष रूप से गोवा सरकार को धन्यवाद देना चाहता हूं। हमारे मंत्रालय की तरफ से हमने आने वाले दिनों में गोवा में मैरीटाइम सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए 2000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं लाने का फैसला किया है।’

गोवा में वॉटर मेट्रो को लेकर क्या है तैयारी?

गोवा आने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों के सफर को और अधिक सुगम व आधुनिक बनाने के लिए सरकार की योजना राज्य में वॉटर मेट्रो सिस्टम शुरू करने की है। सोनोवाल ने बताया कि सरकार लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए गोवा में वॉटर मेट्रो सिस्टम शुरू करने की योजना पर काम कर रही है। इसके अलावा उद्घाटन किए गए नए कैप्टन ऑफ पोर्ट्स भवन को केंद्रीय मंत्री ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। इस भवन के डिजाइन को बेहद सोच-समझकर जहाजों से प्रेरित होकर तैयार किया गया है। यह नया भवन गोवा के समृद्ध इतिहास और उसकी समुद्री विरासत को दर्शाता है।

विकास भी, विरासत भी के दृष्टिकोण पर काम

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस पहल के जरिए सरकार ने गोवा की समुद्री विरासत को संरक्षित करने और उसे बढ़ावा देने की दिशा में एक मजबूत कदम उठाया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस दृष्टिकोण के अनुरूप है जिसमें वो हमेशा कहते हैं कि विकास भी, विरासत भी यानी विकास के साथ-साथ विरासत का भी संरक्षण।

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Kangana Ranaut: ‘माता-पिता को दोषी नहीं ठहराया जा सकता क्योंकि…’, पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस पर कंगना रनौत ने कही ये बड़ी बात

Kangana Ranaut: पुणे के रहने वाले 26 साल के केतन अग्रवाल की मौत के मामले ने एक चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है और सोशल मीडिया पर इस पर काफी चर्चा हो रही है। शुरुआत में इसे एक दुखद हादसा माना जा रहा था क्योंकि खबर थी कि 18 जून को लोहगढ़ किले पर ट्रेकिंग के दौरान वे गिर गए थे, लेकिन अब इस मामले की जांच कथित हत्या के तौर पर की जा रही है।

खबरों के मुताबिक, केतन की मंगेतर सिया गोयल और उनके कथित साथी चेतन चौधरी पर केतन की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। आगे की जांच के लिए दोनों अभी पुलिस की हिरासत में हैं। जैसे-जैसे इस मामले से जुड़ी जानकारियां सामने आ रही हैं, एक्ट्रेस और नेता कंगना रनौत ने इस चौंकाने वाली घटना पर प्रतिक्रिया दी है।

कुछ समय पहले, कंगना रनौत ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज़ पर अपनी बात रखते हुए कहा कि बच्चों के कामों के लिए माता-पिता को दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और किसी व्यक्ति के सोशल सर्कल के बढ़ते असर पर भी ज़ोर दिया और कहा कि ये चीज़ें लोगों की सोच, पसंद और व्यवहार को आकार देने में अहम भूमिका निभाती हैं।

सिया गोयल के पिता का बयान शेयर करते हुए कंगना ने लिखा, “आजकल सिर्फ़ परिवारों, घरों या माता-पिता को देखकर आप बच्चों के संस्कारों के बारे में पक्का नहीं कह सकते; ज़्यादा ज़रूरी यह है कि उन्हें कौन ‘प्रोग्राम’ कर रहा है? वे किसके साथ समय बिताते हैं, और सोशल मीडिया, AI या असल ज़िंदगी में उन पर किन चीज़ों का असर है। माता-पिता को दोषी नहीं ठहराया जा सकता क्योंकि लोग एक साथ कई तरह की ज़िंदगी जी रहे हैं।

वे बहुत सोच-समझकर अपनी एक अच्छी छवि बनाते हैं क्योंकि असल बात यह है कि वे कैसे दिखते हैं, न कि वे कैसा महसूस करते हैं या असल में कैसे हैं। इसलिए, बच्चों के कामों के लिए परिवारों को गलत नहीं ठहराया जा सकता।”

इस बीच, सिया गोयल के माता-पिता ने हाल ही में चल रही जांच पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उनकी मां ने बताया कि केतन के साथ सिया की शादी तय करने से पहले उन्होंने सिया से पूछा था। उन्होंने इंडिया टुडे को बताया, “सिया की शादी तय करने से पहले हमने उससे बार-बार, कम से कम दस बार पूछा था। हमने उससे कहा, ‘सिया, हम तुम्हारी शादी की योजना बना रहे हैं। क्या तुम्हें केतन पसंद है? क्या तुम इस शादी के लिए आगे बढ़ना चाहती हो?’ हर बार उसने हमसे कहा, ‘हां, मुझे केतन पसंद है’।” हालांकि, उनके माता-पिता ने यह भी कहा कि अगर सिया दोषी पाई जाती है, तो अदालत को न्याय में देरी नहीं करनी चाहिए। उसे वही सज़ा मिलनी चाहिए।

UP Weather Alert: प्रयागराज-कानपुर समेत कई जिलों में 70kmph स्पीड तक आंधी की चेतावनी, कुछ घंटों में इन 41 जिलों में बिगड़ेगा मौसम

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के लखनऊ आंचलिक केंद्र ने उत्तर प्रदेश के लिए ताजा जिला स्तरीय नाउकास्ट अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक राज्य के कुल 41 जिलों में अगले कुछ घंटों के दौरान आंधी, बिजली और बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। कुछ जिलों में 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है।

मौसम विभाग ने दो श्रेणियों में चेतावनी जारी की है। सबसे गंभीर स्थिति प्रयागराज, हमीरपुर, जालौन, कानपुर नगर, कानपुर देहात, उन्नाव और औरैया में रहने वाली है। इन जिलों में मध्यम तीव्रता के गरज-चमक वाले तूफान, बिजली गिरने और 40-60 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ झोंके 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। यहां हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है।

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वहीं दूसरी श्रेणी में 34 जिलों को येलो अलर्ट पर रखा गया है। इनमें सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, जौनपुर, प्रतापगढ़, चित्रकूट, महोबा, बांदा, कौशांबी, रायबरेली, कानपुर नगर, हरदोई, सीतापुर, बहराइच, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, बरेली, अलीगढ़, बुलंदशहर, संभल समेत कई जिले शामिल हैं। इन इलाकों में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं, बिजली चमकने और हल्की बारिश की संभावना है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और निचले स्तर पर सक्रिय मौसमी सिस्टम के कारण उत्तर प्रदेश में मौसम तेजी से बदल रहा है। पूर्वी और मध्य यूपी में नमी बढ़ने लगी है, जिससे गरज-चमक वाली गतिविधियां तेज हुई हैं।

लोगों के लिए सलाह

  • खराब मौसम के दौरान खुले मैदान और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें
  • बिजली चमकने के समय सुरक्षित भवनों के भीतर रहें
  • वाहन चलाते समय तेज हवा और कम विजिबिलिटी से सावधानी बरतें
  • किसानों को फसल कटाई और खुले में रखी उपज को सुरक्षित करने की सलाह दी गई है।

Ashoka Buildcon को गुयाना में मिला ₹338 करोड़ का हाइवे प्रोजेक्ट, शेयर में आ सकती है अच्छी तेजी

कंस्ट्रक्शन सेक्टर की कंपनी अशोका बिल्डकॉन के शेयरों में सोमवार, 29 जून को अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है। इसकी वजह है कंपनी को दक्षिण अमेरिकी देश गुयाना में एक प्रोजेक्ट मिलना। कंपनी ने शेयर बाजारों को बताया है कि उसने गुयाना की सेंट्रल हाउसिंग एंड प्लानिंग अथॉरिटी को एक प्रोजेक्ट के​ लिए बोली जमा की थी। यह प्रोजेक्ट वर्सेल्स, वेस्ट बैंक डेमेरारा से पारिका, ईस्ट बैंक एस्सेक्विबो, रीजन नंबर 3- लॉट 8 तक 4 लेन वाले हाइवे का निर्माण करने के लिए है।

कंपनी को इस प्रोजेक्ट के लिए लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस मिल गया है, यानि कि कंपनी ने यह प्रोजेक्ट हासिल कर लिया है। प्रोजेक्ट की एक्सेप्टेड वैल्यू 7,455,455,867 गुयानीज डॉलर या लगभग 3.54 करोड़ अमेरिकी डॉलर है। भारतीय करेंसी में यह वैल्यू 337.81 करोड़ रुपये से ज्यादा होती है।

प्रोजेक्ट को 20 महीनों के अंदर एग्जीक्यूट किया जाना है। एक्सचेंज फाइलिंग में अशोका बिल्डकॉन ने कहा है कि यह कॉन्ट्रैक्ट रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन के तहत नहीं आता है।

Ashoka Buildcon का शेयर एक साल में लगभग 40 प्रतिशत कमजोर

अशोका बिल्डकॉन का शेयर BSE 1000 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर की कीमत गुरुवार, 25 जून को बीएसई पर 130.80 रुपये पर बंद हुई। शुक्रवार को मुहर्रम के चलते शेयर बाजार बंद हैं। कंपनी का मार्केट कैप 3600 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर एक साल में लगभग 40 प्रतिशत गिरा है। कंपनी में मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 54.48 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

हाल ही में कंपनी को छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन से एक कॉन्ट्रैक्ट के लिए LoA (लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस) मिला था। यह कॉन्ट्रैक्ट रायपुर में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क बनाने के लिए है। यह पार्क 38,922 वर्ग मीटर में बनेगा। कंपनी ने इस प्रोजेक्ट के लिए 51 प्रतिशत हिस्सेदारी वाले एक जॉइंट वेंचर के जरिए बोली लगाई थी। कंस्ट्रक्शन पीरियड 5 साल है। कॉन्ट्रैक्ट रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन के तहत नहीं आता है।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

अशोका बिल्डकॉन का जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 1,771.88 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध मुनाफा 48.86 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान रेवेन्यू 5,811.66 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 320.44 करोड़ रुपये रहा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

प्रॉपर्टी या म्यूचुअल फंड, लंबे समय में कौन आपको बनाएगा ज्यादा अमीर? 4 पॉइंट्स में समझिए कहां मिलेगा बंपर रिटर्न

Real Estate vs Mutual Funds: लॉंग टर्म के लिए निवेश कैसे करें? जमीन खरीदे या फिर म्यूचुअल फंड में पैसे लगाए। भारत के निवेशकों के बीच लंबी अवधि में वेल्थ क्रिएशन के लिए सालों से यह बहस चली आ रही है। वैसे दशकों तक हमारे देश में प्रॉपर्टी यानी जमीन या मकान खरीदना ही अमीर बनने और सुरक्षित भविष्य का सबसे भरोसेमंद जरिया माना जाता था। लेकिन पिछले कुछ सालों में म्यूचुअल फंड्स एक बेहद जबरदस्त ऑप्शन के तौर पर उभरे हैं।

प्रॉपर्टी और म्यूचुअल फंड, दोनों ने ही निवेशकों को अमीर बनाया है। लेकिन जब बात लंबे समय के लिए निवेश की हो, तो आपके लिए कौन सा विकल्प सबसे बेहतर रहेगा? आइए समझते हैं दोनों का पूरा नफा-नुकसान।

1- रियल एस्टेट: क्यों आज भी प्रॉपर्टी पर फिदा हैं लोग?

रियल एस्टेट का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह एक ‘टैंजिबल एसेट’ है, यानी इसे आप देख सकते हैं, छू सकते हैं और खुद इस्तेमाल भी कर सकते हैं। इसके अन्य बड़े फायदे इस प्रकार हैं:

किराए से रेगुलर इनकम: प्रॉपर्टी से आपको हर महीने रेंटल इनकम मिल सकती है, जो महंगाई के साथ बढ़ती जाती है।

बड़ी ग्रोथ की संभावना: अगर किसी इलाके में नया हाईवे, मेट्रो या कोई बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट आ रहा है, तो वहां की जमीन के दाम रातों-रात आसमान छू सकते हैं।

छिपी हुई लागत: प्रॉपर्टी खरीदते समय लोग अक्सर इसके अतिरिक्त खर्चों को भूल जाते हैं। स्टैंप ड्यूटी, रजिस्ट्रेशन चार्ज, सालाना प्रॉपर्टी टैक्स और मेंटेनेंस का खर्च आपके कुल मुनाफे को काफी कम कर देता है। इसके अलावा, अगर होम लोन लिया है, तो ब्याज का भारी बोझ भी जोड़ना पड़ता है।

2- लिक्विडिटी: सबसे बड़ा और मुख्य अंतर

रियल एस्टेट और म्यूचुअल फंड के बीच सबसे बड़ा फर्क पैसे की जरूरत पड़ने पर दिखता है। प्रॉपर्टी को तुरंत बेचना नामुमकिन होता है। एक सही खरीदार ढूंढने, डील पक्की करने और कागजी कार्रवाई पूरी करने में हफ्तों या महीनों का समय लग जाता है। मंदी के दौर में तो यह इंतजार और लंबा हो सकता है।

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म्यूचुअल फंड्स में लिक्विडिटी का कोई झंझट नहीं होता। आप जब चाहें अपने फंड्स को ऑनलाइन रिडीम कर सकते हैं और कुछ ही दिनों में पैसा सीधे आपके बैंक खाते में आ जाता है।

3- म्यूचुअल फंड्स क्यों बन रहे हैं आम लोगों की पहली पसंद?

म्यूचुअल फंड्स ने निवेश की पूरी प्रक्रिया को बहुत आसान और सुलभ बना दिया है। जहां प्रॉपर्टी खरीदने के लिए आपको एक साथ लाखों-करोड़ों रुपयों का इंतजाम करना पड़ता है या बड़ा लोन लेना पड़ता है, वहीं म्यूचुअल फंड में आप SIP के जरिए हर महीने महज ₹500 जैसी छोटी रकम से भी शुरुआत कर सकते हैं।

प्रॉपर्टी में निवेश करते समय आपका पूरा पैसा एक ही जगह ब्लॉक हो जाता है। इसके विपरीत, म्यूचुअल फंड आपका पैसा अलग-अलग कंपनियों और सेक्टर्स में लगाते हैं। इस डायवर्सिफिकेशन से रिस्क काफी कम हो जाता है।

4- वेल्थ क्रिएशन का ट्रैक रिकॉर्ड: कहां हुई ज्यादा कमाई?

इसका कोई एक तय जवाब नहीं है क्योंकि यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपने क्या और कब खरीदा है।

रियल एस्टेट का गणित: एक बेहतरीन लोकेशन पर ली गई प्रॉपर्टी आपको रेंटल और कैपिटल एप्रिसिएशन यानी कीमत बढ़ना दोनों से तगड़ा रिटर्न दे सकती है। लेकिन कई बार ऐसा भी होता है कि भारी उम्मीदों के बावजूद किसी इलाके में प्रॉपर्टी के दाम सालों तक एक ही जगह थमे रहते हैं।

म्यूचुअल फंड का गणित: शेयर बाजार में आने वाले उतार-चढ़ाव का असर म्यूचुअल फंड पर जरूर पड़ता है। लेकिन जो निवेशक बाजार के उतार-चढ़ाव की परवाह किए बिना अपनी एसआईपी जारी रखते हैं, उन्हें लंबे समय में कंपाउंडिंग यानी ब्याज पर ब्याज का जबरदस्त फायदा मिलता है, जो वेल्थ को कई गुना बढ़ा देता है।

आपके लिए क्या हो सकता है बेस्ट?

अक्सर लोग सोचते हैं कि रियल एस्टेट या म्यूचुअल फंड में से किसी एक को ही चुनना होगा। लेकिन असलियत में कई सफल निवेशक दोनों में पैसा लगाते हैं। प्रॉपर्टी जहां आपके पोर्टफोलियो को स्थिरता और रेंटल इनकम देती है, वहीं म्यूचुअल फंड आपको लिक्विडिटी, डायवर्सिफिकेशन और तेजी से बढ़ने का मौका देते हैं।

निवेश करने से पहले यह न पूछें कि कौन सा एसेट क्लास बेहतर है, बल्कि यह देखें कि आपके वित्तीय लक्ष्य, आपकी जेब और आपकी जरूरत के हिसाब से आपके लिए कौन सा विकल्प सही बैठता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

यहां सिर्फ 3 रुपये किलो मिल रहा किसानों को आम का दाम, तोतापरी की हजारों एकड़ की खेती पेड़ पर ही सड़ने को छोड़ी!

देश में इस समय भले ही लोग मानसून का इंतजार कर रहे हो पर झमाझम बारिश के पहले आम का सीजन अपने चरम पर पहुंच गया है। मार्केट में अलग-अलग वैरायटी और अलग-अलग नाम के आम देखने को मिल रहे हैं। वहीं बाजर में मिल रहे इन आमों में तोतापरी आम अपनी अलग ही जगह बना कर रखी हुई है। आम के सीजन में इस आम की भी अच्छी खासी डिमांड देखने को मिलती है।

इस आम की मिठास हर किसी को पसंद आती है, लेकिन इन्हीं आमों को उगाने वाले किसान आज भारी संकट से जूझ रहे हैं। तमिलनाडु के मदुरै जिले में तोतापरी आम की फसल का ऐसा हाल है कि किसानों को सिर्फ 3 रुपये प्रति किलो का दाम मिल रहा है।

सिर्फ 3 रुपये किलो मिल रहा आम

तमिलनाडु के मदुरै जिले के मेलूर तालुक में एक हजार एकड़ से अधिक क्षेत्र में आम की खेती होती है। यहां उगने वाले ‘किली मूकु’ (तोतापरी) आम की सप्लाई देश के कई राज्यों के साथ-साथ विदेशों में भी की जाती है। लेकिन इस साल किसानों को अपनी फसल का उचित दाम नहीं मिल रहा है। उनका कहना है कि उन्हें आम के सिर्फ 3 रुपये प्रति किलो मिल रहे हैं, जबकि यही आम खुदरा बाजार में 40 रुपये प्रति किलो या उससे अधिक कीमत पर बिक रहा है।

कीमत में भारी अंतर से किसान आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। कई किसानों का कहना है कि उन्हें फल तोड़ने और मजदूरों का खर्च तक नहीं निकल पा रहा है। इसी वजह से कई किसानों ने आम की तुड़ाई नहीं कराने का फैसला किया है और फल पेड़ों पर ही छोड़ दिए हैं, जहां वे धीरे-धीरे खराब हो रहे हैं।

क्यों खास हैं तोतापरी आम

तोतापरी आम का जो आकार होता है, वह तोते की चोंच की तरह होता है। इसके साथ ही इस आम का लाल कलर होता है। इसलिए इस आम का नाम तोता परी आम रखा गया है। इसका स्वाद थोड़ा खट्टा मीठा होता है। इसके साथ ही यह कर्नाटक और आंध्र प्रदेश इन क्षेत्रों में ज्यादा पाया जाता है। इस आम का साइज बहुत बड़ा होता है।

Akshay Kumar: ‘वेलकम टू द जंगल’ में अनिल कपूर-नाना पाटेकर के न होने पर अक्षय कुमार ने किया रिएक्ट, बोले-‘अगर कभी ‘वेलकम 4′ बनी तो…’

Akshay Kumar: 2007 में रिलीज़ हुई पहली फिल्म ‘वेलकम’ एक कल्ट क्लासिक है। अक्षय कुमार, नाना पाटेकर और अनिल कपूर की केमिस्ट्री ने फ़ैन्स को बहुत प्रभावित किया था और आज भी यह लोगों को याद है। जब अक्षय इसके सीक्वल ‘वेलकम बैक’ में नज़र नहीं आए, तो कई लोगों को उनकी कमी खली। ‘वेलकम टू द जंगल’ में अक्षय की वापसी हो रही है, लेकिन इस बार अनिल और नाना इसमें शामिल नहीं हैं। हाल ही में अक्षय ने उनके फ़िल्म न करने के बारे में बात की।

एक बातचीत में, एक्टर ने कहा कि अनिल कपूर और नाना पाटेकर परिवार की तरह हैं और जब भी ‘वेलकम 4’ बनेगी, तो वे ज़रूर लौटेंगे। अनिल और नाना ने 2007 में आई फ़िल्म ‘वेलकम’ में उदय शेट्टी और मजनू भाई नाम के गैंगस्टर का रोल निभाया था, जो फ़ैन्स को बहुत पसंद आए थे। इस फ़िल्म में उनके साथ अक्षय, कटरीना कैफ़ और परेश रावल भी थे। बाद में ये दोनों 2015 में फ़िल्म के दूसरे पार्ट ‘वेलकम अगेन’ में भी नज़र आए, जिसमें जॉन अब्राहम और श्रुति हासन मुख्य भूमिकाओं में थे।

अब अक्षय फ़िल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। अक्षय के अलावा, इस फ़िल्म में कई और कलाकार भी हैं, जिनमें रावल, सुनील शेट्टी, अरशद वारसी, दिशा पाटनी, लारा दत्ता और रवीना टंडन शामिल हैं। अक्षय ने PTI से कहा, “‘वेलकम’ एक पूरा परिवार है। इसमें नाना, मिस्टर अनिल, मैं और बाकी सभी लोग शामिल हैं। यह परिवार जैसा है। अगर कभी ‘वेलकम 4’ बनती है, तो आप उन सभी को उसमें देखेंगे।”

‘वेलकम टू द जंगल’ को कोरियोग्राफर से डायरेक्टर बने अहमद खान ने डायरेक्ट किया है। डायरेक्टर ने बताया कि फिल्म बनने के दौरान वे नाना और अनिल, दोनों के संपर्क में थे।

फिल्ममेकर ने कहा, “हम लगातार बात करते रहते थे। हम फिल्म की शूटिंग के दौरान भी फोन करते थे। नाना ने अभी फोन करके पूछा, ‘कैसा चल रहा है? तुम मुझे (फिल्म) कब दिखाओगे? अक्षय से कह देना कि मैं अवेलेबल नहीं हूं।’ वे फोन करते रहते हैं और बात करते हैं। अनिल सर ने फोन करके कहा, ‘कैसा चल रहा है? और अगली बार हम कुछ प्लान करेंगे’।”

हालांकि ‘वेलकम टू द जंगल’ में वे दोनों किरदार नहीं हैं, लेकिन फिल्म दर्शकों को उनके भाई-बहनों — येडा अन्ना और रोमियो — से मिलवाती है, जिनका रोल क्रमशः सुनील शेट्टी और अरशद वारसी ने निभाया है। ‘वेलकम टू द जंगल’ गैंगस्टर्स, अपराधियों और अजीब किरदारों के एक ग्रुप की कहानी है, जो बॉर्डर के पास एक जंगल में एक-दूसरे से टकराते हैं। जो चीज़ फ़िल्म की शूटिंग जैसे ऑपरेशन के तौर पर शुरू होती है, वह बाद में अपराध, कन्फ़्यूज़न और एक्शन से भरपूर अजीबोगरीब घटनाओं के सिलसिले में बदल जाती है। इस फ़िल्म को A A नाडियाडवाला, केप ऑफ़ गुड फ़िल्म्स और स्टार स्टूडियो18 ने सीता फ़िल्म्स और राकेश डांग के साथ मिलकर पेश किया है।

29 जून पर रखें नजर, उजाला बनाने वाली Jyothy Labs और Nerolac समेत 4 कंपनियां बांटेंगी डिविडेंड

सोमवार, 29 जून 4 कंपनियों के डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट है। इसी तारीख पर ये शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करने वाले हैं। ये 4 कंपनियां 11 रुपये प्रति शेयर तक का डिविडेंड बांटने वाली हैं। रिकॉर्ड डेट तक जिन शेयरधारकों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में होंगे, वे डिविडेंड पाने के हकदार होंगे। आइए जानते हैं किस कंपनी ने कितना डिविडेंड देने का फैसला किया है..

Kalpataru Projects International

कंपनी वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 11 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने वाली है। इस पर 15 जुलाई को कंपनी की सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। मंजूरी मिलने पर पेमेंट 13 अगस्त को या उससे पहले कर दिया जाएगा। डिविडेंड की घोषणा मई में की गई थी। शेयर की फेस वैल्यू 2 रुपये है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 के लिए 9 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड दिया था। शेयर की कीमत वर्तमान में बीएसई पर 1382 रुपये है।

Kansai Nerolac Paints

कंपनी वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 2.50 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने वाली है। इस पर 9 जुलाई को कंपनी की सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। मंजूरी मिलने पर पेमेंट 14 जुलाई को या उसके बाद किया जाएगा। डिविडेंड की घोषणा मई में की गई थी। शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 के लिए 1.25 रुपये का अंतरिम और 2.50 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड दिया था। शेयर की कीमत वर्तमान में बीएसई पर 212.30 रुपये है।

Jyothy Labs

कंपनी वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 3.50 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने वाली है। इस पर 14 जुलाई को कंपनी की सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। मंजूरी मिलने पर पेमेंट 14 जुलाई को या उसके बाद किया जाएगा। डिविडेंड की घोषणा मई में की गई थी। शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 के लिए भी इतने ही रुपये का फाइनल डिविडेंड दिया था। शेयर की कीमत वर्तमान में बीएसई पर 200.60 रुपये है।

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Raymond Lifestyle

कंपनी वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 1 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने वाली है। इस पर 14 जुलाई को कंपनी की सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। उसके बाद पेमेंट किया जाएगा। डिविडेंड की घोषणा मई में की गई थी। शेयर की फेस वैल्यू 2 रुपये है। शेयर की कीमत वर्तमान में बीएसई पर 795.95 रुपये है।

Raymond Lifestyle का पुराना नाम रेमंड कंज्यूमर केयर लिमिटेड था। रेमंड लाइफस्टाइल के पोर्टफोलियो में रेमंड, पार्क एवेन्यू, कलरप्लस, पार्क्स, और एथनिक्स बाय रेमंड जैसे ब्रांड शामिल हैं। रेमंड समूह ने लाइफस्टाइल और फैशन कारोबार को अलग करके रेमंड लाइफस्टाइल लिमिटेड नामक एक अलग एंटिटी बनाई। यह सितंबर 2024 में शेयर बाजारों में लिस्ट हुई।