देश में इस समय भले ही लोग मानसून का इंतजार कर रहे हो पर झमाझम बारिश के पहले आम का सीजन अपने चरम पर पहुंच गया है। मार्केट में अलग-अलग वैरायटी और अलग-अलग नाम के आम देखने को मिल रहे हैं। वहीं बाजर में मिल रहे इन आमों में तोतापरी आम अपनी अलग ही जगह बना कर रखी हुई है। आम के सीजन में इस आम की भी अच्छी खासी डिमांड देखने को मिलती है।
इस आम की मिठास हर किसी को पसंद आती है, लेकिन इन्हीं आमों को उगाने वाले किसान आज भारी संकट से जूझ रहे हैं। तमिलनाडु के मदुरै जिले में तोतापरी आम की फसल का ऐसा हाल है कि किसानों को सिर्फ 3 रुपये प्रति किलो का दाम मिल रहा है।
सिर्फ 3 रुपये किलो मिल रहा आम
तमिलनाडु के मदुरै जिले के मेलूर तालुक में एक हजार एकड़ से अधिक क्षेत्र में आम की खेती होती है। यहां उगने वाले ‘किली मूकु’ (तोतापरी) आम की सप्लाई देश के कई राज्यों के साथ-साथ विदेशों में भी की जाती है। लेकिन इस साल किसानों को अपनी फसल का उचित दाम नहीं मिल रहा है। उनका कहना है कि उन्हें आम के सिर्फ 3 रुपये प्रति किलो मिल रहे हैं, जबकि यही आम खुदरा बाजार में 40 रुपये प्रति किलो या उससे अधिक कीमत पर बिक रहा है।
#WATCH | Tamil Nadu: In Melur Taluk of Madurai district, mangoes have been cultivated on more than a thousand acres of farmland. The Kili Mooku mango (Totapuri) produced in this region have traditionally been exported to various states across India as well as to international… pic.twitter.com/9ZhfTWjXnS
— ANI (@ANI) June 25, 2026
कीमत में भारी अंतर से किसान आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। कई किसानों का कहना है कि उन्हें फल तोड़ने और मजदूरों का खर्च तक नहीं निकल पा रहा है। इसी वजह से कई किसानों ने आम की तुड़ाई नहीं कराने का फैसला किया है और फल पेड़ों पर ही छोड़ दिए हैं, जहां वे धीरे-धीरे खराब हो रहे हैं।
क्यों खास हैं तोतापरी आम
तोतापरी आम का जो आकार होता है, वह तोते की चोंच की तरह होता है। इसके साथ ही इस आम का लाल कलर होता है। इसलिए इस आम का नाम तोता परी आम रखा गया है। इसका स्वाद थोड़ा खट्टा मीठा होता है। इसके साथ ही यह कर्नाटक और आंध्र प्रदेश इन क्षेत्रों में ज्यादा पाया जाता है। इस आम का साइज बहुत बड़ा होता है।

