Love And War: ‘लव एंड वॉर’ के सेट से फिर लीक हुई आलिया भट्ट की फोटो, इस बार विक्की कौशल भी कैमरे में हुए कैद

Love And War: संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘लव एंड वॉर’ अब अपना लास्ट शेड्यूल जल्द ही पूरा करने वाली है। कई सालों तक काम करने के बाद, अब यह फिल्म पूरी होने वाली है। खबरों के मुताबिक, आलिया भट्ट, रणबीर कपूर और विक्की कौशल मुंबई में बने एक खास सेट पर फिल्म के आखिरी गाने की शूटिंग कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह गाना बहुत बड़े पैमाने पर शूट किया जा रहा है और इसके लिए भंसाली का विजन बहुत भव्य और शानदार है। शूटिंग के दौरान, जूम के कैमरे ने ‘लव एंड वॉर’ के सेट पर आलिया और विक्की को खास तौर पर देखा। उन्हें अपनी वैनिटी वैन की ओर जाते हुए देखा गया।

तस्वीरों में आलिया सुनहरे रंग की सीक्विन्ड मिनी स्कर्ट पहने नजर आईं। उन्होंने खुद को लाल स्कार्फ से लपेटा हुआ था। लाल रंग के बूट्स ने उनके रेट्रो लुक को पूरा किया। विक्की ने ग्रे कोट के साथ काली शर्ट और ट्राउजर पहनी थी। रणबीर सेट पर नजर नहीं आए।

View this post on Instagram

A post shared by Zoom TV (@zoomtv)

मिड-डे की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘लव एंड वॉर’ के गाने के सीक्वेंस में आलिया, रणबीर और विक्की के साथ लगभग 200 डांसर नजर आ सकते हैं। बताया जा रहा है कि इसकी शूटिंग मुंबई के रॉयल पंप स्टूडियो में होगी। गाने की शूटिंग शुरू करने से पहले संजय ने हफ्तों तक इसकी कोरियोग्राफी, कॉस्ट्यूम और प्रोडक्शन डिजाइन पर काम किया।

गाने के सीन की शूटिंग के दौरान, सेट पर काम कर रहे 42 साल के कारपेंटर चंद्रधारी सिंह यादव की कथित तौर पर बिजली का झटका लगने से मौत हो गई। कई अन्य लोग भी घायल हो गए। इस दुखद घटना के बाद, फेडरेशन ऑफ़ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉईज (FWICE) और FSSAMU द्वारा परिवार के लिए आर्थिक मदद की मांग किए जाने पर, भंसाली प्रोडक्शंस ने कथित तौर पर 40 लाख रुपये का मुआवजा देने की पेशकश की।

संजय के ख़िलाफ़ FIR दर्ज कराने की मांग करते हुए, AICWA के प्रेसिडेंट सुरेश श्यामलाल गुप्ता ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को एक पत्र लिखा। उन्होंने तुरंत दखल देने की मांग की और कहा कि फ़िल्ममेकर, प्रोडक्शन हाउस और जांच में दोषी पाए जाने वाले सभी लोगों के ख़िलाफ़ FIR दर्ज की जाए। एसोसिएशन ने लापरवाही, गैर-इरादतन हत्या और जांच के दौरान सामने आने वाली दूसरी कानूनी धाराओं के तहत आरोप लगाने की मांग की है।

सिने संस्था ने भंसाली की फ़िल्मों के सेट पर पहले हुए हादसों का भी ज़िक्र किया। AICWA का दावा है कि ‘देवदास’ के प्रोडक्शन के दौरान वर्कर दीनदयाल यादव की मौत हो गई थी, जबकि उसी दौरान एक और वर्कर की मौत सेट पर हुई थी। ‘पद्मावत’ के बनने के दौरान वर्कर मुकेश डकिया की मौत हो गई थी। भंसाली और उनकी कानूनी टीम ने इस हादसे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है और न ही इस दुखद घटना के बारे में कोई जानकारी दी है। ‘लव एंड वॉर’ आखिरकार 21 जनवरी, 2027 को रिलीज़ हो रही है।

Gold Price Crash: रिकॉर्ड हाई से 29% टूटा सोना, अभी खरीदना सही या फिर करें और इंतजार? एक्सपर्ट ने ये बताया

Gold Price Fall: ग्लोबल मार्केट में सोने की कीमतों में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी के संकेतों और मजबूत होते डॉलर के कारण शुक्रवार, 26 जून को सोने की कीमतें लगातार चौथे हफ्ते गिरावट की राह पर रहीं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना इस समय $4000 प्रति औंस के लेवल के आस पास संघर्ष कर रहा है। बुधवार को यह नवंबर 2025 के बाद पहली बार $4000 के स्तर से नीचे भी फिसल गया था। अगर आप भी सोने या चांदी में निवेश करते हैं, तो ग्लोबल मार्केट का यह पूरा गणित आपके लिए समझना बेहद जरूरी है।

लगातार चौथे हफ्ते टूटा सोना

शुक्रवार को हाजिर सोना 0.6% गिरकर $4002.77 प्रति औंस पर आ गया। वहीं, अगस्त डिलीवरी वाला अमेरिकी सोना वायदा भी 0.7% की गिरावट के साथ $4017.30 पर ट्रेड कर रहा था। इस पूरे हफ्ते की बात करें तो सोने ने करीब 3.8% की भारी गिरावट दर्ज की है।

रिकॉर्ड हाई से 29% की भारी गिरावट

इस साल 29 जनवरी को अमेरिका-इरान युद्ध के कारण बढ़ी वैश्विक महंगाई के चलते सोने ने $5594.82 प्रति औंस का ऑल-टाइम हाई रिकॉर्ड बनाया था। लेकिन उसके बाद से अब तक सोने की कीमतों में करीब 29% की बड़ी करेक्शन आ चुकी है।

OANDA के सीनियर मार्केट एनालिस्ट केल्विन वोंग का मानना है कि सोने में चल रहा यह गिरावट का दौर अभी और लंबा खिंच सकता है और लंबी अवधि में सोना फिसलकर $3400 के स्तर तक भी जा सकता है। यानी मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, आने वाले दिनों में सोने की कीमतों में और गिरावट देखने को मिल सकती है।

क्यों आ रही है सोने की कीमतों में गिरावट?

सोने के दाम गिरने के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े कारण काम कर रहे हैं:

1. मजबूत अमेरिकी डॉलर: फेडरल रिजर्व के सख्त रुख के कारण अमेरिकी डॉलर इंडेक्स मई 2025 के बाद से अपने सबसे मजबूत स्तर के करीब बना हुआ है। डॉलर लगातार दूसरे हफ्ते बढ़त की ओर है। जब डॉलर मजबूत होता है, तो अन्य मुद्राओं जैसे- भारतीय रुपया में सोना खरीदना काफी महंगा हो जाता है, जिससे इसकी मांग घटती है।

2. अमेरिका में बढ़ती महंगाई और ब्याज दरें: गुरुवार को आए आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका में खुदरा महंगाई मई महीने में 4% के पार निकल गई है, जो पिछले तीन सालों में सबसे ज्यादा है। आमतौर पर सोने को महंगाई के खिलाफ एक सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन जब महंगाई पर काबू पाने के लिए ब्याज दरें बढ़ाई जाती हैं, तो सोने की चमक फीकी पड़ जाती है। ऐसा इसलिए क्योंकि सोने पर कोई ब्याज या यील्ड नहीं मिलता।

ट्रेडर्स को उम्मीद है कि अमेरिकी फेड इस साल तीन बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है, जिसमें सितंबर में रेट हाईक होने की संभावना 64% तक जताई जा रही है।

चांदी, प्लेटिनम और पैलेडियम का भी बुरा हाल

सोने के साथ-साथ अन्य कीमती धातुओं के लिए भी यह हफ्ता बेहद निराशाजनक रहा:

हाजिर चांदी: 2.6% टूटकर $56.39 प्रति औंस पर आ गई।

प्लेटिनम: 2% की गिरावट के साथ $1568.55 पर आ गया।

पैलेडियम: 0.6% फिसलकर $1177.12 पर ट्रेड कर रहा था।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल पर विशेषज्ञों द्वारा व्यक्त किए गए विचार और निवेश टिप्स उनके अपने हैं, वेबसाइट या उसके प्रबंधन के नहीं। मनीकंट्रोल यूजर्स को सलाह देता है कि वे कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट्स से जांच कर लें।

छतों पर सोलर पैनल लगाने की मची होड़, UP में 3 महीनों में 50000 से अधिक लगे रुफटॉप सिस्टम, जानें आपको कैसे मिलेगी भारी सब्सिडी

PM Surya Ghar Yojana: उत्तर प्रदेश ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के तहत यूपी ने मार्च, अप्रैल और मई में लगातार तीन महीनों तक हर महीने 50000 से अधिक घरों पर सोलर पैनल स्थापित कर देश में एक नया रिकॉर्ड कायम किया है।

मुख्य सचिव एसपी गोयल ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी मंडलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को बधाई देते हुए निर्देश दिया कि उत्तर प्रदेश को कुल सोलर इंस्टॉलेशन में भी देश में नंबर-1 बनाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। इसके साथ ही उन्होंने सोलर लोन के आवेदनों को समय पर मंजूरी देने और सब्सिडी व लोन डिस्बर्सल के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

अगर आप भी इस योजना का लाभ उठाकर हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली और भारी सब्सिडी पाना चाहते हैं, तो जानिए इससे जुड़ी पूरी डिटेल।

PM Surya Ghar Yojana: किसको और कितनी मिलती है सब्सिडी?

पीएम सूर्य घर योजना के तहत केंद्र सरकार आम उपभोक्ताओं को अपने घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने के लिए बंपर सब्सिडी दे रही है। यह सब्सिडी सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है:

1 किलोवाट (kW) सिस्टम के लिए: केंद्र सरकार की तरफ से ₹30000 की सब्सिडी मिलती है। यह छोटे परिवारों के लिए उपयुक्त है।

2 किलोवाट (kW) सिस्टम के लिए: इस पर ₹60000 की भारी सब्सिडी दी जाती है, जो मध्यम वर्गीय परिवारों की बिजली जरूरतों को पूरा कर सकता है।

3 किलोवाट (kW) या उससे अधिक के लिए: 3 किलोवाट या उससे ऊपर के सिस्टम पर अधिकतम ₹78000 की फिक्स्ड सब्सिडी मिलती है।

केंद्र सरकार की इस सब्सिडी के अलावा, कई राज्यों में राज्य सरकारों की तरफ से भी एक्स्ट्रा सब्सिडी दी जाती है, जिससे उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ने वाला बोझ और कम हो जाता है। यूपी में ₹30000 की एक्स्ट्रा सब्सिडी मिलती है जिससे कुल सब्सिडी ₹108000 हो जाती है।

आसान लोन और बिजली बिल में भारी बचत

मुख्य सचिव ने बैठक में बैंक अधिकारियों और जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि सोलर पैनल लगाने के लिए आने वाले लोन आवेदनों को समय सीमा के भीतर मंजूर किया जाए। लोन की राशि जारी करने में किसी भी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा, जो वेंडर्स फिलहाल निष्क्रिय हैं, उन्हें एक्टिव किया जाए और नए वेंडर्स को इस मुहिम से जोड़ा जाए।

बैठक में मुख्य सचिव ने यह भी निर्देश दिया कि जिन घरों में सोलर पैनल लग चुके हैं, उनके बिजली बिलों में कितनी बचत हो रही है, इसका पूरा डेटा तैयार किया जाए और इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि अन्य लोग भी प्रेरित हो सकें। इस योजना से उपभोक्ताओं को हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलती है और बची हुई बिजली को वे ग्रिड को बेचकर कमाई भी कर सकते हैं।

Vande Bharat Express Best Routes: भारत के ये 5 वंदे भारत रूट्स जिन्होंने बदल दिया रेलवे सफर का अंदाज, देखें पूरी लिस्ट

Vande Bharat Express Update: एक समय था जब हवाई जहाज के टिकट सस्ते होने और एयरलाइंस की पहुंच बढ़ने से हवाई सफर अब कुछ गिने-चुने लोगों का लग्जरी नहीं रह गया था। जैसे-जैसे भारतीय यात्रियों ने हवाई सफर का रुख किया, ऐसा लगने लगा कि कहीं भारतीय रेलवे का आकर्षण कम न हो जाए। यात्रा के लंबे घंटे, साफ-सफाई की चिंताएं और पुराने होते कोच के चलते लोग सफर के दूसरे विकल्प तलाशने लगे। वैसे देखें तो भारत में रेल यात्रा हमेशा से सिर्फ एक शहर से दूसरे शहर जाने मात्र से कहीं बढ़कर रही है। यह खिड़की से बाहर के खूबसूरत नजारों को देखने, अजनबियों से बातचीत शुरू करने और एक सुकून भरी रफ्तार से यात्रा के अनुभव के सुख से भरी बात रही। अब आज के दौर की बात करें तो वंदे भारत ट्रेनें आधुनिक सुविधाओं के साथ नई पीढ़ी के लिए उसी पुराने आकर्षण को वापस लेकर आई हैं। कश्मीर के पहाड़ों से लेकर पश्चिमी भारत के व्यस्त कॉरिडोर तक, वंदे भारत ट्रेनें यात्रियों की उम्मीदों को पूरी तरह बदल रही हैं। आइए जानते हैं भारत के उन 5 चुनिंदा वंदे भारत रूट्स के बारे में, जिन्होंने रेलवे सफर का पूरा अंदाज ही बदल दिया है-

1. मुंबई-बेंगलुरु (Mumbai–Bengaluru)

वंदे भारत परिवार में सबसे उत्सुकता से इंतजार की जाने वाली ट्रेनों में प्रस्तावित मुंबई-बेंगलुरु स्लीपर सेवा शामिल है। भारत के दो सबसे बड़े बिजनेस हब को जोड़ने वाली यह ट्रेन रात भर के सफर को अधिक आरामदायक और कुशल बनाने का वादा करती है। इस ट्रेन के हाल ही में सामने आए फर्स्ट एसी कोच ने अपने प्रीमियम इंटीरियर और होटल जैसे फिनिश के कारण रेलवे प्रेमियों के बीच पहले ही काफी उत्सुकता पैदा कर दी है।

2. नई दिल्ली-वाराणसी (New Delhi–Varanasi)

यह वह ऐतिहासिक रूट है जिसने भारत में वंदे भारत के सफर की शुरुआत की थी। देश की राष्ट्रीय राजधानी को भारत के सबसे प्रतिष्ठित आध्यात्मिक गंतव्यों में से एक वाराणसी से जोड़कर इस सेवा ने यह साबित कर दिया कि भारत में सेमी-हाई-स्पीड रेल पूरी तरह सफल हो सकती है। यात्रा के समय में आई कमी और यात्रियों को मिलने वाले बेहतर आराम ने इसे बहुत जल्द ही मुसाफिरों के बीच बेहद लोकप्रिय बना दिया।

3. कटरा-श्रीनगर (Katra–Srinagar)

सभी वंदे भारत रूटों में से शायद यह सबसे नाटकीय और रोमांचक रूट है। यह सेवा भारत के कुछ सबसे लुभावने और खूबसूरत लैंडस्कैप के बीच से होकर गुजरती है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसने कश्मीर के लिए कनेक्टिविटी को काफी मजबूत किया है, जिससे स्थानीय निवासियों और पर्यटकों दोनों के लिए यात्रा अधिक तेज, सुरक्षित और आरामदायक हो गई है।

4. मुंबई-गांधीनगर (Mumbai–Gandhinagar)

बिजनेस यात्रा करने वाले लोगों ने इस रूट को बड़े पैमाने पर अपनाया है। फाइनेंशियल कैपिटल कही जाने वाली मुंबई को गुजरात के प्रशासनिक केंद्र गांधीनगर से जोड़ने वाली यह ट्रेन आधुनिक इंटरसिटी कनेक्टिविटी का एक बड़ा प्रतीक बन चुकी है। इसकी लोकप्रियता इतनी शानदार रही है कि यह बढ़ी हुई कोच कॉन्फ़िगरेशन प्राप्त करने वाली देश की शुरुआती वंदे भारत सेवाओं में से एक बन गई।

5. हावड़ा-कामाख्या (Howrah–Kamakhya)

इस रूट ने पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर भारत के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए आराम के स्तर को एक नए मुकाम पर पहुंचा दिया है। यह ट्रेन अधिक कार्यकुशलता के साथ लंबी दूरी को तय करती है। इसके साथ ही यह रूट इस बात को भी बताता है कि कैसे प्रीमियम रेल सेवाएं अलग-अलग क्षेत्रों के बीच की कनेक्टिविटी को मजबूत और सुदृढ़ कर सकती हैं।

यह भी पढ़ें: Passport fees hiked: जुलाई से पासपोर्ट बनवाना होगा महंगा! सरकार ने बढ़ाई फीस, जानिए नए रेट और नियम

14 साल की उम्र में बुर्ज खलीफा के 141वें फ्लोर पर ऑफिस! AI स्टार्टअप Mengo Engine बनाकर इस लड़के ने कर दिया कमाल

भारत के एक 14 साल के एंटरप्रेन्योर ने बहुत कम उम्र में AI स्टार्टअप शुरू करके सबका ध्यान अपनी ओर खींचा है। जहां उनकी उम्र के ज़्यादातर टीनएजर्स स्कूल, शौक या मनोरंजन पर ध्यान देते हैं, वहीं उन्होंने बिजनेस और टेक्नोलॉजी की दुनिया में कदम रख दिया है।

जैनम जैन ने ‘मेंगो इंजन’ (Mengo Engine) नाम की एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी शुरू की और दुबई के बुर्ज खलीफा में अपना ऑफिस भी खोला, जो दुनिया की सबसे ऊंची इमारतों में से एक है। उनका स्टार्टअप ऐसे AI टूल्स पर काम करता है जो बिज़नेस को मार्केटिंग बेहतर करने, ज़्यादा ग्राहकों तक पहुँचने और आगे बढ़ने में मदद करते हैं।

जैनम का कहना है कि बिज़नेस में उनकी दिलचस्पी बहुत कम उम्र में ही शुरू हो गई थी। उन्होंने बताया कि जब वे सिर्फ़ छह साल के थे, तभी उन्हें असली बिज़नेस मीटिंग्स में शामिल होने का मौका मिला, जिससे उन्हें यह समझने में मदद मिली कि कंपनियाँ कैसे काम करती हैं।

‘कर्ली टेल्स मिडिल ईस्ट’ के साथ एक इंटरव्यू में, उन्होंने अपने सफ़र के बारे में बात की और बताया कि कैसे उन्होंने असल ज़िंदगी के अनुभवों से धीरे-धीरे एंटरप्रेन्योरशिप की समझ बनाई। उन्होंने कहा, “मैं सिर्फ़ छह साल का था जब मेरे पिता मुझे अपनी पहली बिज़नेस मीटिंग में ले गए थे। हाल ही में, मैंने 13 साल की उम्र में 105 दिनों में 10वीं की परीक्षा पास करने की चुनौती ली।”

उन्होंने कहा कि क्लासरूम के बाहर सीखने से उनकी सोच को आकार देने में बड़ी भूमिका निभाई और उन्हें अपना कुछ बनाने में ज़्यादा दिलचस्पी लेने में मदद की। बाद में जैनम ने ‘मेंगो इंजन’ (Mengo Engine) की शुरुआत की, जिसका मकसद व्यवसायों को आसान और उपयोगी तरीकों से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करने में मदद करना था। उनकी कंपनी ऐसे टूल्स पर ध्यान देती है जो AI-बेस्ड सॉल्यूशंस का इस्तेमाल करके मार्केटिंग रणनीतियों, कस्टमर तक पहुंच और बिज़नेस की ग्रोथ को बेहतर बनाते हैं।

समय के साथ, उन्होंने सिर्फ़ एक प्रोजेक्ट से आगे बढ़कर अपनी सीख को बढ़ाने पर भी काम किया। अपने स्टार्टअप को विकसित करते हुए उन्होंने टेक्नोलॉजी और बिज़नेस के अलग-अलग क्षेत्रों को भी समझा।

स्टार्टअप चलाने के साथ-साथ, जैनम ने कई उपलब्धियां भी हासिल की हैं। उनके नाम दो पेटेंट हैं और कुछ और पर काम चल रहा है। उन्होंने TEDx इवेंट्स में भी बात की है, एक किताब लिखी है और एक YouTube चैनल भी चलाते हैं जिसके 145,000 से ज़्यादा सब्सक्राइबर हैं।

उन्होंने कम उम्र से ही कई सेल्फ-चैलेंज (खुद को चुनौती देने वाले काम) भी पूरे किए हैं। 10 साल की उम्र से ही वे 50-दिन के लक्ष्य पूरे करते आ रहे हैं, जैसे किताबें पढ़ना, नेटवर्किंग इवेंट्स में शामिल होना और लोगों से मिलने और उनसे सीखने के लिए पूरे भारत की यात्रा करना।

Baahubali 3: फिर महेन्द्र बाहुबली और भल्लाल देव का होगा आमना-सामना? प्रभास, राणा दग्गुबाती और अनुष्का शेट्टी ने दी बड़ी हिंट

Baahubali 3: जब एसएस राजामौली की ‘बाहुबली’ रिलीज़ हुई, तो इसने न सिर्फ़ बॉक्स ऑफ़िस का इतिहास रचा, बल्कि भारतीय सिनेमा की तस्वीर भी बदल दी। इस फ़्रैंचाइज़ी ने कहानी कहने के अंदाज़, एक्शन और विज़ुअल अनुभव के स्तर को बहुत ऊँचा कर दिया। इसने प्रभास, राणा दग्गुबाती और अनुष्का शेट्टी को पैन-इंडिया स्टार बना दिया और साथ ही फ़ैन्स के मन में बरसों से एक सवाल छोड़ दिया: क्या कभी ‘बाहुबली 3’ आएगी? अब, शायद यह इंतज़ार खत्म होने वाला है।

इस तिकड़ी ने संकेत दिए हैं कि ब्लॉकबस्टर सागा का तीसरा चैप्टर आ सकता है, जिससे फैंस में उत्साह बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर डॉक्यूमेंट्री ‘बाहुबली: द टॉर्चबियरर’ का एक क्लिप वायरल होने के बाद बाहुबली 3 को लेकर अटकलें तेज़ हो गई हैं। वीडियो में प्रभास, राणा और अनुष्का राजामौली की ब्लॉकबस्टर फ़्रैंचाइज़ी के एक और हिस्से की संभावना की ओर इशारा करते दिख रहे हैं, जिससे फैंस को यकीन हो गया है कि शायद तीसरे चैप्टर पर काम चल रहा है।

अब वायरल हो चुके क्लिप में राणा को यह कहते हुए सुना जा सकता है, “मुझे नहीं पता कि मुझे यह सबके सामने कहना चाहिए या नहीं, लेकिन चूंकि राजामौली और शोबू गारू यहां नहीं हैं, इसलिए मैं बस वही कहूंगा जो मेरे मन में है। हो सकता है कि दुनिया अभी इसके लिए तैयार न हो, लेकिन बाहुबली ज़रूर आएगी…” इसके बाद वे अपनी बात अधूरी छोड़ देते हैं। कुछ ही पलों बाद, प्रभास मुस्कुराते हुए तीन उंगलियां दिखाते हैं, जिससे अनुष्का समेत सोफे पर बैठे सभी लोग हंसने लगते हैं। इस चर्चा को और बढ़ाते हुए, क्लिप इन शब्दों के साथ खत्म होती है, “और यह विरासत जारी रहेगी!”

इस बातचीत ने फ़ैन्स में ज़बरदस्त उत्साह पैदा कर दिया है; कई लोग इसे ‘बाहुबली 3’ के लिए एक इशारे के तौर पर देख रहे हैं। सोशल मीडिया पर कई यूज़र्स इसे इस बात की पुष्टि मान रहे हैं कि फ़िल्म का तीसरा पार्ट जल्द ही आने वाला है।

एक सोशल मीडिया यूज़र ने लिखा, “अब तक की सबसे बेहतरीन भारतीय फ़िल्म के तीसरे पार्ट, ‘बाहुबली 3’ की आधिकारिक घोषणा हो गई है।” वहीं, एक और यूज़र ने कहा, “रोंगटे खड़े कर देने वाला पल और उसके बाद खुद बाहुबली की तरफ़ से #Baahubali3 का ऐलान।”

एक ने लिखा, “बाहुबली 3 सच में बन रही है! इंतज़ार अब खत्म होने वाला है। एस.एस. राजामौली ने प्रभास, राणा दग्गुबाती और अनुष्का शेट्टी के साथ मिलकर कन्फर्म किया है कि बाहुबली 3 की ऑफिशियल अनाउंसमेंट जल्द ही होने वाली है।”

एक कमेंट में लिखा था, “अब बाहुबली 3 से उम्मीदें पहले से कहीं ज़्यादा हैं। अगर राजामौली एक और शानदार फ़िल्म बनाते हैं, तो इस फ़िल्म के अब तक की सबसे बड़ी भारतीय फ़िल्म बनने और बॉक्स ऑफ़िस पर नया रिकॉर्ड बनाने का पूरा चांस है। यह सिर्फ़ एक सीक्वल नहीं है – यह एक ऐसा सिनेमैटिक इवेंट है जिसका लाखों फ़ैन्स इंतज़ार कर रहे हैं। राजा वापसी के लिए तैयार हैं।”

हालांकि, अभी तक इस बारे में कोई ऑफिशियल जानकारी नहीं है कि राजामौली इस प्रोजेक्ट पर कब काम शुरू करेंगे, कहानी किस दिशा में आगे बढ़ेगी, इसे फ़ीचर फ़िल्म, सीरीज़ या किसी और फ़ॉर्मेट में बनाया जाएगा, या फ़ैन्स कब तक ऑफिशियल अनाउंसमेंट की उम्मीद कर सकते हैं।

बाहुबली फ़्रैंचाइज़ी की शुरुआत 2015 में ‘बाहुबली: द बिगिनिंग’ से हुई थी। इस शानदार फ़ैंटेसी फ़िल्म में प्रभास ने डबल रोल निभाया था और उनके साथ राणा दग्गुबाती, अनुष्का शेट्टी, तमन्ना भाटिया, राम्या कृष्णन, सत्यराज और नासर भी थे। फ़िल्म को इसके विज़ुअल इफ़ेक्ट्स, एक्टिंग और राजामौली के डायरेक्शन के लिए देश और विदेश में काफ़ी तारीफ़ मिली और यह उस समय की सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली तेलुगु फ़िल्म बन गई।

इसका सीक्वल, ‘बाहुबली: द कन्क्लूज़न’, और भी बड़ी हिट साबित हुई और दुनिया भर में लगभग ₹1,788 करोड़ की कमाई के साथ अब तक की सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली भारतीय फ़िल्मों में से एक बनी हुई है। पिछले साल, एसएस राजामौली की इन शानदार फ़िल्मों को एक ही फ़िल्म, ‘बाहुबली: द एपिक’ के तौर पर रिलीज़ किया गया था। ‘बाहुबली: द एपिक’ तेलुगु, तमिल, मलयालम और हिंदी भाषाओं में रिलीज़ होगी।

बढ़ सकती हैं पेट्रोल-डीजल की कीमतें! आम आदमी को लग सकता है बड़ा झटका, वेनेजुएला में भयंकर तबाही से मंडराया बड़ा खतरा

Venezuela Earthquake: बीते दिन वेनेजुएला में एक के बाद एक दो भीषण भूकंप आए जिससे पूरे देश में भयंकर तबाही मची है। अब इन दोनों भूकंपों ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। मलबे में दबे लोगों को बचाने के लिए अभी भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है, लेकिन इस आपदा ने ग्लोबल एनर्जी मार्केट में भी हलचल पैदा कर दी है। दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक देशों में से एक होने के कारण अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या वेनेजुएला के संकट से भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं?

हालांकि, अभी तक तेल की सप्लाई रुकने का कोई बड़ा सबूत नहीं मिला है, लेकिन कच्चे तेल के लिए वेनेजुएला पर भारत की बढ़ती निर्भरता को देखते हुए अगले कुछ दिन बेहद अहम होने वाले हैं।

भारत के लिए क्यों इतना महत्वपूर्ण है वेनेजुएला?

इस संकट की टाइमिंग भारत के लिए थोड़ी चिंताजनक है। पिछले दो महीनों में मिडिल ईस्ट और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण भारत ने वेनेजुएला से कच्चे तेल का आयात तेजी से बढ़ाया था। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल और मई 2026 में वेनेजुएला भारत के सबसे बड़े क्रूड सप्लायर्स में से एक बनकर उभरा है।

वित्त वर्ष 2025-26 में जहां वेनेजुएला से हर महीने औसतन 64000 मीट्रिक टन क्रूड आता था, वहीं अप्रैल-मई 2026 में यह आंकड़ा उछलकर 10 लाख मीट्रिक टन प्रति माह के पार पहुंच गया है। भारतीय रिफाइनरियां वेनेजुएला के हैवी क्रूड ऑयल को प्रोसेस करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, इसलिए सरकार इसे अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद अहम मानती है।

क्या भूकंप से तेल रिफाइनरियों को पहुंचा है नुकसान?

शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, राहत की बात यह है कि वेनेजुएला का ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर इस भयानक भूकंप के बाद भी बड़े नुकसान से बच गया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, तेल उत्पादन और निर्यात से जुड़े ऑपरेशन्स में अभी तक किसी बड़े व्यवधान की खबर नहीं है।

भूकंप का सबसे ज्यादा असर राजधानी काराकास और उसके आस-पास के रिहायशी इलाकों, ट्रांसपोर्ट और पब्लिक सुविधाओं पर पड़ा है। हालांकि, इंडस्ट्रियल इलाकों, बड़ी पाइपलाइनों, स्टोरेज टैंकों और एक्सपोर्ट टर्मिनल्स का बारीकी से निरीक्षण अभी भी जारी है। अगर बाद में किसी बड़े स्ट्रक्चरल डैमेज का पता चलता है, तो आने वाले दिनों में सप्लाई पर असर पड़ सकता है।

क्या भारत में पैदा हो सकता है तेल का संकट?

इसकी उम्मीद बेहद कम है। भारत अपनी जरूरत का क्रूड ऑयल किसी एक देश से नहीं बल्कि 35 से ज्यादा देशों से खरीदता है। इस समय रूस भारत का सबसे बड़ा तेल सप्लायर बना हुआ है। इसके अलावा इराक, सऊदी अरब, यूएई, अमेरिका, ब्राजील और कई अफ्रीकी देशों से भी भारत तेल मंगाता है।

एनर्जी एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर वेनेजुएला से तेल की सप्लाई कुछ समय के लिए धीमी भी होती है, तो भारत के पास दूसरे विकल्प मौजूद हैं। साथ ही, भारतीय तेल कंपनियां हमेशा बैकअप इन्वेंट्री बनाकर रखती हैं।

सप्लाई नहीं रुकी, तो फिर क्यों डर रहा है बाजार?

बाजार की चिंता की बड़ी वजह यह है कि मिडिल ईस्ट के समुद्री रास्तों में जारी तनाव के बीच भारत ने जानबूझकर वेनेजुएला से खरीदारी बढ़ाई थी ताकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर निर्भरता कम की जा सके।

अब अगर एक तरफ मिडिल ईस्ट का रास्ता असुरक्षित रहता है और दूसरी तरफ भूकंप के चलते वेनेजुएला का एक्सपोर्ट भी प्रभावित होता है, तो ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कमी हो जाएगी। भारत अपनी जरूरत का 85 से 90 फीसदी कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड की कीमतों में थोड़ी सी भी बढ़ोतरी भारत का इम्पोर्ट बिल बढ़ा देती है, जिससे देश का चालू खाता घाटा और महंगाई दोनों बढ़ने का खतरा रहता है।

क्या आपकी जेब पर पड़ेगा असर?

इसका जवाब है- फिलहाल नहीं। भारत में पेट्रोल और डीजल की रिटेल कीमतें केवल क्रूड ऑयल पर निर्भर नहीं करतीं। इनमें डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल, केंद्र और राज्य सरकारों के टैक्स और सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) के फैसले शामिल होते हैं। इसलिए, वेनेजुएला में आए इस भूकंप का तुरंत भारतीय पेट्रोल पंपों पर कोई असर नहीं दिखेगा।

लेकिन, अगर आने वाले दिनों में वेनेजुएला के ऑयल फील्ड्स में लंबा नुकसान सामने आता है और ग्लोबल मार्केट में क्रूड के दाम लंबे समय तक ऊंचे बने रहते हैं, तो आगे चलकर भारतीय उपभोक्ताओं को महंगे ईंधन का सामना करना पड़ सकता है।

Petrol Diesel Price Today: आज पेट्रोल डीजल के दाम घटे या बढ़े? जानिए अपने शहर का ताजा रेट

Petrol Diesel Price Today: इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में नमी आई है। ऐसा इसिलए है क्योंकि होर्मुज में फंसे मालवाहक जहाजों के निकलने से सप्लाई की चिंताएं कम हुई हैं, जिससे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतें इस हफ्ते भारी गिरावट की ओर बढ़ रही हैं। इसके बावजूद देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सरकारी तेल कंपनियों IOCL, BPCL और HPCL ने आज भी दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई समेत प्रमुख शहरों में ईंधन के दाम स्थिर रखे हैं।

इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल की कीमतें

शुक्रवार, 26 जून को ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखी गई। जिसके चलते ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.56% गिरकर $74.84 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 0.50% गिरकर $71.56 प्रति बैरल पर आ गया। मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, इस हफ्ते ब्रेंट और WTI क्रूड दोनों में लगभग 7% की गिरावट आने वाली है।

आज आपके शहर में क्या है पेट्रोल-डीजल का रेट?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद देश में पेट्रोल और डीजल के दाम फिलहाल स्थिर बने हुए हैं। हालांकि, अलग-अलग राज्यों में वैट (VAT), स्थानीय टैक्स और माल ढुलाई (फ्रेट) शुल्क अलग होने की वजह से ईंधन की कीमतों में अंतर देखने को मिलता है। अब चलिए जानतें हैं आपके शहर में आज पेट्रोल-डीजल का क्या है भाव?

जानें अपने शहर का रेट

शहर का नामपेट्रोल (₹/लीटर)डीजल (₹/लीटर)
नई दिल्ली102.1295.20
कोलकाता113.5199.82
मुंबई111.2197.83
चेन्नई107.7699.55
गुरुग्राम102.9795.64
नोएडा101.9695.44
बेंगलुरु111.6899.56
भुवनेश्वर108.97100.68
चंडीगढ़101.5489.47
हैदराबाद115.69103.82
जयपुर113.1998.25
लखनऊ101.8695.36
पटना113.3799.36
तिरुवनंतपुरम115.49104.40

यह भी पढ़ें: Crude Oil Price: होर्मुज स्ट्रेट से शिपमेंट फिर से शुरू होने से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, ब्रेंट क्रू़ड $75 के नीचे फिसला

SRF पर क्यों आया मोतीलाल ओसवाल का दिल? खरीद की सलाह के साथ 23% तक उछाल की उम्मीद

केमिकल सेक्टर की कंपनी SRF Ltd के शेयरों में आगे लगभग 23 प्रतिशत तक का उछाल देखने को​​ मिल सकता है। ऐसी उम्मीद ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल के टारगेट प्राइस से मिली है। ब्रोकरेज ने शेयर के लिए ‘बाय’ रेटिंग दोहराई है और टारगेट प्राइस 3350 रुपये प्रति शेयर दिया है। यह शेयर के मौजूदा भाव से 22.6 प्रतिशत ज्यादा है। शेयर बीएसई पर गुरुवार, 25 जून को 2731.90 रुपये पर बंद हुआ। शुक्रवार को मुहर्रम के चलते शेयर बाजार बंद हैं।

मोतीलाल ओसवाल ने अपने रिसर्च नोट में कहा कि वित्त वर्ष 2026 में ग्लोबल माहौल में उतार-चढ़ाव और अनिश्चितता रही। मिडिल ईस्ट में भूराजनीतिक तनाव के कारण ट्रेड फ्लो और सप्लाई चेन में रुकावटें आईं। इन चुनौतियों का असर SRF के लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, सप्लाई चेन ऑपरेशंस और मुख्य मार्केट तक पहुंच पर पड़ा। मैक्रो-इकोनॉमिक मुश्किलों के बावजूद, कंपनी ने अनुशासित तरीके से काम करके, ऑपरेशनल एक्सीलेंस और अपने सभी बिजनेस में लगातार स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टमेंट के जरिए इस माहौल का सफलतापूर्वक सामना किया।

मजबूत डिमांड, बेहतर रियलाइजेशन और हाई-कैपेसिटी यूटिलाइजेशन की वजह से फ्लोरोकेमिकल सेगमेंट ने FY26 में रिकॉर्ड परफॉर्मेंस दी। SRF ने अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और इंटीग्रेशन को मजबूत करने के लिए नेक्स्ट-जेनरेशन रेफ्रिजरेंट्स, कैपेसिटी बढ़ाने और स्पेशलिटी पॉलिमर्स में निवेश जारी रखा। AC की बढ़ती डिमांड, PTFE के प्रोडक्शन में बढ़ोतरी, ज्यादा HFC कैपेसिटी और स्पेशलिटी पॉलीमर प्लांट के चालू होने से ग्रोथ को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

ब्रोकरेज को उम्मीद है कि FY26-28 के दौरान SRF का रेवेन्यू 14%, EBITDA 20% और एडजस्टेड शुद्ध मुनाफा 22% (कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट) CAGR से बढ़ेगा। इन सब फैक्टर्स के बेसिस पर मोतीलाल ओसवाल ने 3,350 रुपये के टारगेट के साथ स्टॉक पर अपनी ‘बाय’ रेटिंग को दोहराई है।

Welcome to the Jungle Movie Review: कॉमेडी, एक्शन और रोमांच का मजेदार मिक्सचर है अक्षय कुमार की मल्टीस्टारर फिल्म

फिल्म- वेलकम टू द जंगल

निर्देशक- अहमद खान

स्टारकास्ट- अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, अरशद वारसी, परेश रावल, रवीना टंडन, दिशा पटानी, जैकलीन फर्नांडीस, जॉनी लीवर, श्रेयस तलपड़े, राजपाल यादव, फरीदा जलाल

निर्माता- फिरोज ए नाडियाडवाला, स्टार स्टूडियोज 18

रेटिंग- 3.5/5

Welcome to the Jungle Movie Review: भागदौड़ और तनाव से भरी आज की जिंदगी में अगर आप थिएटर में बैठकर बिना किसी दिमागी कसरत के ठहाके लगाना चाहते हैं, तो ‘वेलकम टू द जंगल’ आपके लिए एक बेहतरीन सौगात है। निर्देशक अहमद खान इस बार रुपहले पर्दे पर मनोरंजन का एक ऐसा बवंडर लेकर आए हैं, जो दर्शकों को शुरू से अंत तक बांधकर रखता है। यह फिल्म एक ऐसी हाई-एनर्जी कॉमिक राइड है, जो सिनेमाघर में कदम रखते ही आपके चेहरे पर मुस्कान बिखेर देती है और साबित करती है कि शुद्ध पारिवारिक मनोरंजन का जादू आज भी बरकरार है।

कहानी

फिल्म की कहानी जितनी अजीब है, उतनी ही मजेदार भी। केंद्र में है एक बेहद रईस पॉलिटिशियन, जिस पर इनकम टैक्स का शिकंजा कसने वाला है। अपनी अघोषित संपत्ति (ब्लैक मनी) को जब्त होने से बचाने के लिए वह एक शातिर तरकीब निकालता है। वह अपने सबसे भरोसेमंद सिपहसालार और अपनी मॉडर्न बेटी के जरिए इंडस्ट्री की सबसे खर्चीली और फ्लॉप होने की गारंटी वाली फिल्म बनाने का प्लान करता है, ताकि कागजों पर ₹2,000 करोड़ का भारी-भरकम नुकसान दिखाया जा सके। इसके लिए दुनिया भर के फ्लॉप एक्टर्स, भूले-बिसरे गैंगस्टर्स और नौसिखिए डायरेक्टर्स की एक फौज इकट्ठी की जाती है। कहानी में असली भूचाल तब आता है जब सचमुच आईटी की रेड पड़ जाती है और नेताजी कंगाल हो जाते हैं। अब पासा पूरी तरह पलट चुका है, इस अतरंगी टोली को महज 24 घंटे में इस अधूरी और बेतुकी फिल्म को पूरा करके बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर बनाना है। इस नकली शूटिंग के बीच जब असली आतंकवादियों और जमीनी मुसीबतों की एंट्री होती है, तो सिचुएशनल कॉमेडी का ऐसा ब्लास्ट होता है कि दर्शक हंसते-हंसते थक जाते हैं।

सिनेमाई कायदे-कानून दरकिनार, सिर्फ एंटरटेनमेंट की गारंटी ‘वेलकम टू द जंगल’ की सबसे बड़ी खूबी इसका बेपरवाह मिजाज है। फिल्म खुद को बहुत गंभीर दिखाने की कोशिश नहीं करती। अहमद खान ने इंडस्ट्री के भीतर की खींचतान, गॉसिप्स और खुद पर बने चुटकुलों का इतना सटीक तड़का लगाया है जो इस पागलपन को एक अलग स्तर पर ले जाता है।

एक्टिंग

फिल्म की यूएसपी इसकी विशाल स्टारकास्ट है, जहां हर कलाकार को अपनी कॉमिक टाइमिंग दिखाने का पूरा मौका मिला है। खिलाड़ी अक्षय कुमार अपने चिर-परिचित अंदाज में इस पूरी अराजक फौज की कप्तानी करते नजर आते हैं और उनकी कॉमिक टाइमिंग लाजवाब है। लेकिन इस बार महफिल लूटने का काम किया है विंटेज कलाकार किरण कुमार और फरीदा जलाल ने। इन दोनों के बीच के रनिंग गैग्स (बार-बार आने वाले फनी सीन्स) फिल्म के सबसे बड़े हाई-पॉइंट्स हैं। इसके अलावा जॉनी लीवर, राजपाल यादव और श्रेयस तलपड़े की तिकड़ी ने अपनी अजीबोगरीब हरकतों से कॉमेडी के ग्राफ को नीचे नहीं गिरने दिया।

क्यों देखें फिल्म

इतने सारे बड़े सितारों को एक ही फ्रेम में संभालना और स्क्रीनप्ले की रफ्तार को बनाए रखना बेहद मुश्किल काम था, जिसे अहमद खान ने बखूबी अंजाम दिया है। फिल्म का उत्तरार्ध (सेकेंड हाफ) इतनी तेज गति से आगे बढ़ता है कि पलक झपकने की फुर्सत नहीं मिलती। कबीर लाल की भव्य सिनेमैटोग्राफी और आलीशान सेट्स फिल्म को स्क्रीन पर बेहद भव्य और ‘लार्जर दैन लाइफ’ लुक देते हैं। ‘वेलकम टू द जंगल’ को केवल बिना दिमाग वाली कॉमेडी कहना गलत होगा, बल्कि यह एक बेहद चतुराई से तैयार की गई ऐसी एंटरटेनर है, जिसका एकमात्र मकसद दर्शकों का मनोरंजन करना है। अहमद खान का यह मजेदार प्रयोग बॉक्स ऑफिस पर पूरी तरह सफल नजर आता है। अगर आप इस वीकेंड अपने परिवार, बच्चों और दोस्तों के साथ बिना किसी तर्क (लॉजिक) की परवाह किए सिर्फ खुलकर हंसना चाहते हैं, तो अक्षय कुमार की इस फिल्म का टिकट तुरंत बुक कर लीजिए। यह एक कम्पलीट ‘पैसा वसूल’ सिनेमा है।