छात्रों को दया नहीं, पीएम मोदी की माफी चाहिए… पेपर लीक मुद्दे पर राहुल गांधी का PM पर तीखा हमला

Rahul Gandhi attacks PM Modi: देश में पेपर लीक और परीक्षाओं में धांधली के मुद्दों को लेकर विपक्ष के नेता और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है। राहुल गांधी ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म

Rahul Gandhi attacks PM Modi: देश में पेपर लीक और परीक्षाओं में धांधली के मुद्दों को लेकर विपक्ष के नेता और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है। राहुल गांधी ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर एक भावुक और तीखी पोस्ट साझा करते हुए कहा कि देश के लाखों मेहनती छात्रों को प्रधानमंत्री की किसी 'क्षमा' या दया की जरूरत नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री को खुद देश के छात्रों और उनके परिवारों से माफी मांगनी चाहिए।

 

विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने हाल के समय में देश की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में हुए पेपर लीक प्रकरणों को लेकर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि लाखों युवाओं का भविष्य दांव पर लगा है और कई परिवार इस अव्यवस्था के कारण पूरी तरह बर्बाद हो चुके हैं।

क्या कहा राहुल गांधी ने?

राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में कहा कि अपने बच्चों को खोने वाले माता-पिता के आंसू, उनका बिलखना – इससे बड़ा कोई दुःख नहीं होता। ये एक ग़म उनके साथ हमेशा जिंदा रहेगा और साथ ही रह जाते हैं इस टूटी और भ्रष्ट शिक्षा व्यवस्था के बारे में कई सवाल। पेपर लीक, रद्द परीक्षाएं। सालों की तैयारी एक पल में बर्बाद – हमारे छात्रों को उस सिस्टम में ईमानदारी से मेहनत करने के लिए कहा जाता है जो खुद बेईमान है। और उसके बाद भी प्रधानमंत्री की ये हिम्मत है कि वो छात्रों को माफ़ करने की बात करते हैं। ALSO READ: 'Gen Z को डराकर चुप नहीं करा सकते': FIR पर राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर हमला, दिल्ली पुलिस के एक्शन पर उठाए सवाल

 

क्या वो एक भी शोकाकुल परिवार से मिले जिन्होंने अपने बच्चे को खोया है या उन लोगों से जिनकी जमा पूंजी, ज़िंदगी, वक्त और सपने सब पेपर लीक से छीन लिए गए? जवाब है नहीं! भारत के छात्रों को प्रधानमंत्री की क्षमा की ज़रूरत नहीं – मोदी जी को उनसे माफ़ी मांगनी चाहिए। ALSO READ: अमित शाह को जाना होगा, छात्रों पर चलवाईं गोलियां, गृह मंत्री को हटाए सरकार, प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोले राहुल गांधी

पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना

राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में उन लाचार माता-पिता के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं, जिन्होंने पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने से उपजे मानसिक तनाव के कारण अपने बच्चों को खो दिया है। राहुल ने कहा कि यह सिर्फ एक प्रशासनिक नाकामी नहीं है, बल्कि लाखों युवाओं के सपनों और उनके संघर्ष के साथ खिलवाड़ है। इसमे कोई संदेह नहीं कि देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा कराने वाली एजेंसियों की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

आंदोलन के बाद छत्रपति संभाजीनगर लौटे CJP प्रमुख अभिजीत दीपके की तबीयत बिगड़ी, डॉक्टरों ने दी आराम की सलाह

Abhijit Dipke Cockroach Janata Party

Abhijit Deepke health news: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में आंदोलन का झंडा बुलंद करने वाले 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके अचानक अस्वस्थ हो गए हैं। शनिवार को अपने गृह जिले छत्रपति संभाजीनगर स्थित आवास पर समर्थकों और लोगों से मुलाकात के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद डॉक्टरों ने उनकी जांच कर उन्हें पूरी तरह से आराम करने की सख्त सलाह दी है।

क्या हुआ था उस वक्त?

शनिवार सुबह करीब 11:45 बजे अभिजीत दीपके अपने घर के पार्किंग एरिया में उनसे मिलने पहुंचे लोगों और कार्यकर्ताओं से बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें तेज बेचैनी महसूस हुई और वे अचानक बातचीत छोड़कर घर के पिछले हिस्से में चले गए, जहां उन्हें उल्टी हुई। इसके बाद वे मीडियाकर्मियों से बिना बातचीत किए सीधे अपने कमरे में चले गए। दीपके के पिता भगवान दीपके ने स्थिति को देखते हुए तुरंत डॉक्टरों की टीम को बुलाया। ALSO READ: बड़ा धमाका! अब यूपी के भाजपा नेता की बेटी ने किया CJP का समर्थन, जानिए कौन हैं यशस्विनी राजे सिंह?

 

डॉ. विशाल लहाने ने दीपके के आवास पर जाकर उनका मेडिकल चेकअप किया। जांच के बाद डॉ. लहाने ने बताया कि उनका रक्तचाप (BP) सामान्य से थोड़ा कम (100/60) पाया गया है। दरअसल, अत्यधिक तनाव और घबराहट की वजह से उन्हें जी मिचलाने, बार-बार उल्टी और दस्त की समस्या हुई है।  डॉक्टरों ने उन्हें ड्रिप (ग्लूकोज) चढ़ाई है। फिलहाल उन्हें बुखार नहीं है और उन्हें पूरी तरह से आराम करने को कहा गया है। यदि सेहत में सुधार नहीं होता है, तो ब्लड टेस्ट कराए जाएंगे। ALSO READ: धमकी के बाद छिपकर रहे थे दीपके के माता-पिता, CJP नए आंदोलन की तैयारी में

कौन हैं अभिजीत दीपके?

अभिजीत दीपके महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर के रहने वाले एक चर्चित सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता और 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक एवं प्रमुख हैं। अपने अनोखे और लीक से हटकर विरोध प्रदर्शनों के कारण वे सोशल मीडिया और स्थानीय राजनीति में काफी चर्चा में रहते हैं।

 

जुलाई के आखिरी हफ्ते में (25 जुलाई के आसपास) दीपके दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन और आंदोलन कर रहे थे। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान भी उन्होंने बताया था कि वे टाइफाइड से पीड़ित हैं और उनका इलाज चल रहा है। दिल्ली के उग्र आंदोलन, लगातार भागदौड़ और टाइफाइड के बावजूद आराम न करने की वजह से उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई।

ड्रिंक एंड ड्राइव पर ये कैसी सख्‍ती, पीने वालों पर पीकर कार्रवाई कर रही पुलिस, इंदौर- राऊ मार्ग पर पुलिस के खिलाफ कई शिकायतें

drink and drive

  • कार्रवाई के दौरान बैज नहीं लगाते पुलिसकर्मी, धमकी देते, वीडियो बनाते है
  • शुक्रवार रात परिवार के साथ जा रहे वाहन चालकों को किया परेशान
  • पहले भी मिलती रही हैं शिकायतें, आला अधिकारी क्‍यों नहीं लेते संज्ञान?

पुलिस का काम है कि रात को पीकर वाहन चलाने वालों को रोके, उनकी जांच करे और जांच में नशा मिले तो नियमानुसार कार्रवाई करे। लेकिन ड्रिंक एंड ड्राइव के कुछ मामलों में तो उल्‍टी ही बात सामने आ रही है। राऊ से इंदौर और इंदौर से राऊ की तरफ जाने वाले कुछ वाहन चालकों ने पुलिस पर ही आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि इस रूट पर वाहन चालकों पर कार्रवाई करने वाली पुलिस खुद ही पी हुई प्रतीत हो रही है।

इसके साथ ही पुलिसकर्मियों पर लोग धमकी देकर ऑन द स्‍पॉट सैटिंग करने के भी आरोप लगा रहे हैं। बता दें कि यह पहली बार नहीं है, पहले भी ड्रिंक एंड ड्राइव कार्रवाई के दौरान पुलिस पर इस तरह के आरोप लगते रहे हैं। इस बारे में चर्चा करने के लिए राऊ थाना टीआई राजपाल सिंह राठौर को दो बार फोन किया गया, उन्‍होंने कॉल नहीं उठाया और मैसेज में मीटिंग में होने की बात कहकर बाद में बात करने के लिए कहा, हालांकि उन्‍होंने कॉल बैक नहीं किया और न ही दोबारा कॉल उठाया।

पुलिस खुद पीए हुए लगती है : शुक्रवार की रात को ही इस रूट पर पुलिस को लेकर कुछ ऐसी ही बातें सामने आई हैं। लोगों का कहना है कि रात करीब 11: 30 से लेकर 12 बजे की बीच पुलिस ने कई वाहन चालकों को रोका। उन्‍होंने बताया कि कुछ पुलिसकर्मियों ने धमकी दी। उन्‍होंने बताया कि पुलिसकर्मी खुद ही पीए हुए लग रहे थे, ऐसे में उन्‍हें वाहन चालक भी पीए हुए लग रहे थे, जबकि उन्‍होंने किसी तरह का नशा नहीं किया था। उन्‍होंने बताया कि नहीं पीने वालों को और परिवार के साथ सैर सपाटे पर निकले या डिनर कर के आ रहे परिवारों को भी परेशान किया जा रहा है।

धमकीभरे लहजे में कार्रवाई : एक परिचित ने वेबदुनिया को बताया कि वे इंदौर से राऊ जा रहे थे, रास्‍ते में पुलिस ड्रिंक एंड ड्राइव के खिलाफ चेकिंग कर रही थी, उन्‍हें भी रोका गया, जब वे नीचे उतरकर जांच के लिए पहुंचे तो पुलिसकर्मी खुद नशे में प्रतीत हो रहा था। उनके बात करने के तरीके और धमकीभरे लहजे से मुझे तो वे पिए हुए लग रहे थे, उन्‍होंने बताया कि कई लोग मेरे पहचान के यहां से गुजरे थे, जिन्‍हें रोका गया और जबरन धमकी और चेतावनी वाले लहजे में बात की गई।

बैज नहीं लगाते, वीडियो बनाते हैं : कार्रवाई करने के दौरान प्रत्‍यक्षदर्शियों ने बताया कि ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मी बैज भी नहीं लगाते हैं, इससे पता ही नहीं चलता कि उनका नाम और पद क्‍या और उनका बैच नंबर क्‍या है। इसके साथ ही ज्‍यादातर पुलिसकर्मी कार्रवाई के दौरान मोबाइल से वीडियो बनाते हैं और कार्रवाई की बात करते हैं।

ऑन-स्पॉट “सेटिंग” के आरोप : इंदौर पुलिस द्वारा ड्रिंक एंड ड्राइव (नशे में गाड़ी चलाना) चेकिंग के दौरान अवैध वसूली के आरोपों की घटनाएं और शिकायतें समय-समय पर सोशल मीडिया और स्थानीय समाचारों के माध्यम से सामने आती रही हैं। ऐसे मामलों में वाहन चालकों और पुलिसकर्मियों के बीच विवाद के वीडियो भी अक्सर वायरल होते हैं, जिनमें ऑन-स्पॉट “सेटिंग” या पैसे के लेनदेन के आरोप लगाए जाते हैं। हालांकि, आधिकारिक तौर पर पुलिस इन अभियानों को सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की गई “वैधानिक चालानी कार्रवाई” बताती है। लेकिन इसकी आड में कई ऐसे लोग भी परेशान हो रहे हैं, जिनका नशे से कोई लेना-देना नहीं है।

मीटिंग में हूं, बाद में कॉल करता हूं : बता दें कि इंदौर- राऊ मार्ग पर कुछ स्‍थानों पर कुछ पुलिसकर्मी आए दिन ड्रिंक एंड ड्राइव के नाम पर वसूली करते हैं। पहले भी कई लोगों ने इसे लेकर शिकायतें की थी। इस बारे में चर्चा करने के लिए वेबदुनिया ने राऊ टीआई राजपाल सिंह राठौर को दो बार कॉल किया, उन्‍होंने मीटिंग में होने की बात कहकर बाद में बात करने के लिए कहा। इसके बाद उन्‍होंने हमसे संपर्क नहीं किया।

कैसा रहेगा रविवार को मौसम का मिजाज? कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, गुजरात में बढ़ सकती है मुश्किल

Weather update for Sunday (August 2, 2026): भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगस्त महीने की शुरुआत के साथ ही देश भर में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मध्य भारत में बने कम दबाव के क्षेत्र और पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से 2 अगस्त को देश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश होने की संभावना है। पश्चिमी तटों, उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों और उत्तर-पूर्व (नॉर्थ-ईस्ट) के इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है।

 

तटीय कर्नाटक, केरल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में 2 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। समुद्र में ऊंची लहरें और तेज हवाएं (40-50 किमी/घंटा) चलने के कारण मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

इन स्थानों पर हो सकती है मूसलाधार बारिश

गुजरात (सौराष्ट्र एवं कच्छ क्षेत्र सहित) में पिछले दिनों हुई अतिवृष्टि के बाद 2 अगस्त को भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। मुंबई, ठाणे और तटीय महाराष्ट्र के इलाकों में ऑरेंज-येलो अलर्ट के बीच रुक-रुक कर मूसलाधार बारिश का अनुमान है। पूर्वोत्तर भारत के नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में में मूसलाधार बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट रहेगा। पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर में रुक-रुक कर भारी बारिश और भूस्खलन की चेतावनी जारी की गई है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, असम व मेघालय में भारी बारिश की चेतावनी के कारण सतर्कता बरतने को कहा गया है।

इन इलाकों में रहेगी बाढ़ की आशंका

गुजरात, सौराष्ट्र, कच्छ और कोंकण क्षेत्र के निचले इलाकों में पिछले दिनों हुई अत्यधिक बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं। 2 अगस्त को भी इन इलाकों में फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) और शहरी जलभराव का जोखिम बना रहेगा। असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम के पहाड़ी और निचले इलाकों में भूस्खलन और नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण अचानक बाढ़ आने की आशंका है। 

प्रमुख शहरों में कैसा रहेगा मौसम?

दिल्ली, नोएडा, गाज़ियाबाद और गुरुग्राम में आसमान में बादल छाए रहेंगे। कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और आंधी की संभावना है। अधिकतम तापमान 33°-35°C के आसपास रहेगा और हवा में नमी होने से उमस महसूस हो सकती है। जबकि कोंकण तटबंध के कारण मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश जारी रहने का अनुमान है। लोकल ट्रेन सेवा और ट्रैफिक पर हल्का असर पड़ सकता है।

 

पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा और बिहार के कई जिलों में 2 अगस्त से मानसून का नया स्पेल शुरू हो रहा है। कोलकाता, पटना और रांची में गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश की संभावना है। पूर्वी राजस्थान (जैसे कोटा, जयपुर, उदयपुर) और पश्चिमी राजस्थान में तेज हवाओं (30-40 किमी/घंटा) के साथ भारी बारिश का अलर्ट है। बेंगलुरु में रुक-रुक कर झमाझम बारिश की पूरी संभावना है। चेन्नई में बादल छाए रहेंगे और कुछ हिस्सों में हल्की वर्षा दर्ज हो सकती है।

 

मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि तटीय और पहाड़ी इलाकों में यात्रा से बचें। यदि बहुत जरूरी न हो, तो पहाड़ी क्षेत्रों में लैंडस्लाइड संभावित रास्तों और तटीय इलाकों की यात्रा टालें। 

 

भगवा पहन ‘चोरी’ का ड्रामा पड़ा भारी! राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश पर बनारस में FIR दर्ज

Congress Ayodhya Drama

FIR against Rahul and Pappu Yadav: संसद परिसर में किया गया एक 'प्रतीकात्मक ड्रामा' अब सियासी और कानूनी गले की फांस बनता नजर आ रहा है। अयोध्या राम मंदिर के 'चढ़ावा चोरी' के विरोध में भगवा वस्त्र पहनकर दानपात्र के साथ प्रदर्शन करना निर्दलीय सांसद पप्पू यादव, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सपा सांसद अवधेश प्रसाद को भारी पड़ गया है। धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में धर्मनगरी वाराणसी के कोतवाली थाने में संतों की शिकायत पर इन तीनों दिग्गज नेताओं के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, पूरा विवाद संसद भवन परिसर में हुए एक अनोखे विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। आरोप है कि सांसद पप्पू यादव भगवा वेश धारण कर हाथ में एक सांकेतिक 'दानपात्र' लेकर बैठे थे। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने उस दानपात्र में कुछ पैसे डाले, जिसके तुरंत बाद पप्पू यादव दानपात्र लेकर भागते हुए दिखाई दिए। इस पूरे ड्रामे के जरिए विपक्षी नेताओं का मकसद अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मुद्दे को उठाना था, लेकिन विरोध जताने का यह अंदाज अब एक नए विवाद की वजह बन गया है।  ALSO READ: अयोध्या की आड़ में देश की अस्मिता और आस्था पर हो रहा प्रहार : योगी आदित्यनाथ

संतों का गुस्सा और दर्ज हुई FIR

भगवा कपड़ों में 'चोरी' का सीन फिल्माने पर हिंदू संगठनों और साधु-संतों का गुस्सा भड़क उठा है। बनारस के संतों का कहना है कि पवित्र भगवा वस्त्रों को चोरी जैसे कृत्य से जोड़कर पूरे हिंदू समाज और सनातन धर्म का अपमान किया गया है। संतों की इसी नाराजगी के बाद वाराणसी के कोतवाली पुलिस स्टेशन में राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

बीजेपी और VHP आक्रामक

इस घटना के बाद से भाजपा (BJP) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने मोर्चा खोल दिया है। भाजपा के पूर्व प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने हमला बोलते हुए पूछा कि क्या विपक्षी नेता किसी अन्य धर्म के प्रतीकात्मक कपड़ों में चोरी का ऐसा कोई नाटक करने की हिम्मत कर सकते थे? वीएचपी नेता आलोक कुमार ने भी इस पर कड़ा एतराज जताया है। दूसरी ओर, लखनऊ में विभिन्न संगठनों ने सड़कों पर उतरकर अखिलेश यादव और पप्पू यादव के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनके पुतले भी फूंके। ALSO READ: अयोध्या में आस्था बरकरार, रामलला दरबार में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़

इस ड्रामे के सियासी मायने

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संसद परिसर में किया गया यह विरोध प्रदर्शन 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन पर ही भारी पड़ सकता है। इसे भाजपा और हिंदू संगठन 'हिंदुत्व और सनातन के अपमान' के तौर पर भुनाने में जुट गए हैं। ऐसे में रक्षात्मक मुद्रा में आई कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के लिए इस विवाद से पार पाना एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।

जुलाई में 1616 अंक बढ़ा सेंसेक्स, निवेशकों ने कमाए 11.86 लाख करोड़, कैसा रहेगा अगस्त का पहला हफ्ता?

market ki baat

Share Market Weekly Review : पश्चिम एशिया संकट और महंगाई के खतरे के बीच भारतीय शेयर बाजार के लिए जुलाई माह जबरदस्त रहा। सेंसेक्स 1616 अंक बढ़ा तो निफ्टी में 518 अंकों की बढ़त दिखाई दी। इस हफ्ते FPI ने 20 हजार करोड़ का निवेश किया। जून में 49340 करोड़ की निकासी हुई थी। इस हफ्ते निवेशकों को 11.86 लाख करोड़ की बढ़ोतरी हुई। जुलाई के आखिरी कारोबारी हफ्ते में 4 दिन बाजार हरे निशान में बंद हुआ तो 1 दिन बाजार फ्लैट रहा। जानिए मार्केट ट्रेड और निवेशकों के लिए कैसा रहेगा अगस्त का पहला सप्ताह।

 

कैसी रही सेंसेक्स और निफ्टी की चाल

भारतीय शेयर बाजार में पिछले पांच कारोबारी सत्रों से जारी गिरावट का सिलसिला सोमवार को आखिरकार थम गया। सेंसेक्स 776 अंक चढ़कर बंद हुआ, जबकि NSE निफ्टी 228 अंक की मजबूत बढ़त के साथ समाप्त हुआ। मंगलवार को सेंसेक्स 70 अंक गिरकर 76766 पर था तो निफ्टी 11 अंक की गिरावट के साथ 23,985 पर बंद हुआ। बुधवार को सेंसेक्स 889 अंकों की तेजी के साथ 77654 पर था तो निफ्टी 265 अंक बढ़कर 24250 पर बंद हुआ।


गुरुवार को सेंसेक्स 273 अंकों की बढ़त के साथ 77928 पर था तो निफ्टी 67 अंक बढ़कर 24317 पर जा पहुंचा। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन भी सेंसेक्स 167 अंक बढ़कर 78,000 के पार बंद हुआ। निफ्टी में भी 66 अंकों की बढ़त दिखाई दी और यह 24,384 पर जा पहुंचा। इस कारोबारी हफ्ते में सेंसेक्स में 2034 और निफ्टी में 617 अंकों का उछाल दिखाई दिया।

 

इन फैक्टर्स से तय हुई बाजार की चाल

पिछले पांच सत्रों से लगातार जारी गिरावट के बाद, बाजार ने सोमवार को निचले स्तरों पर 'शॉर्ट कवरिंग' और वैल्यू बाइंग देखी। विदेशी निवेशकों की खरीदारी ने भी बाजार को मजबूती दी। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव घटने के संकेतों से कच्चे तेल की कीमतों में कमी आई। इससे भारत जैसे तेल आयातक देश को बड़ी राहत मिली, जिससे बाजार का सेंटिमेंट मजबूत हुआ। 

 

AI कंपनियों की वजह से पिछले हफ्तों में गाइडेंस कट और बिकवाली के दबाव से जूझ रहे आईटी शेयरों में इस हफ्ते जोरदार लिवाली देखी गई। इंफोसिस और TCS जैसे दिग्गज शेयरों में संस्थागत निवेशकों की खरीदारी लौटने से 'निफ्टी आईटी' इस हफ्ते का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा।

 

कैसा रहेगा अगला हफ्ता?

कारोबारी हफ्ते के खत्म होते ही अमेरिकी सीनेट में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उस समय राहत मिली जब ईरान पर हमले रोकने का बिल एक वोट से गिर गया। इससे अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका है। पिछले कारोबारी हफ्ते में हुई भारी खरीदी के बाद अगले हफ्ते बाजार में एक बार फिर मुनाफा वसूली दिखाई दे सकती है।  

 

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

बाजार विशेषज्ञ मनीष उपाध्याय ने कहा, ईरान इजराइल युद्ध की वजह से शेयर बाजार में अभी भी डरा सहमा है। इस हफ्ते मुनाफा वसूली हो सकती है। गिरावट की स्थिति में नए मौके मिलेंगे। हालांकि बाजार अभी भी रेंज बाउंड ही रहेगी। 

 

शेयर बाजार में बढ़ा Gen-G का दबदबा

एनएसई की ताजा रिपोर्ट बताती है कि नए निवेशकों में जेन जी का दबदबा लगातार बढ़ रहा है। इस साल अप्रैल से जून के बीच यानी तीन माह में शेयर बाजार में आए नए निवेशकों में जेन जी की हिस्सेदारी 59% रही। भारतीय शेयर बाजार में कुल निवेशकों की संख्या बढ़कर 13.24 करोड़ हो गई। इनमें 4.40 करोड़ सक्रिय निवेशक हैं, जिन्होंने एक साल में कम से कम एक बार ट्रेडिंग की। 3.55 करोड़ कैश मार्केट में सक्रिय रहे, जबकि 85 लाख निवेशकों ने फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (एफएंडओ) में कारोबार किया। देश के कुल पंजीकृत निवेशकों में महिलाओं की हिस्सेदारी 24.9 फीसदी है।

 

शेयर बाजार की टाइमिंग में बदलाव

3 अगस्त 2026 से भारतीय शेयर बाजार में F&O ट्रेडर्स के लिए बड़ा बदलाव लागू होगा। अब F&O ट्रेडिंग शाम 3:40 बजे तक चलेगी,  F&O वाले शेयरों की कैश मार्केट में सामान्य ट्रेडिंग 3:15 बजे तक ही होगी और नॉन-F&O शेयरों की ट्रेडिंग पहले की तरह 3:30 बजे तक जारी रहेगी। F&O शेयरों का क्लोजिंग प्राइस पुराने VWAP सिस्टम की बजाय क्लोजिंग ऑक्शन सेशन के जरिए तय होगा। यह बदलाव बाजार में ट्रांसपरेंसी बढ़ाने और क्लोजिंग प्राइस को ज्यादा सटीक बनाने के लिए हुआ है। 

 

अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।

शादी के सिर्फ 7 दिन बाद हो गया तलाक, नई दुल्‍हन बोली- मैं किसी और से प्यार करती हूं, कोर्ट ने दिया ये फैसला

Divorce

इंदौर में एक गांव से शादी करके आई पत्नी ने पति के साथ रहने से इनकार कर दिया। पत्‍नी का आरोप है कि यह शादी मेरी मर्जी के खिलाफ हुई है, मैं शादी नहीं करना चाहती थी। घरवालों के दबाव में मेरी जबरदस्ती शादी करवाई गई। अब मैं पति के साथ नहीं रहना चाहती। मैं किसी और से प्यार करती हूं।

यह मामला इंदौर कोर्ट में सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक जबरन कराई गई ये शादी सिर्फ सात दिन ही चल सकी। पत्नी द्वारा शादी को अपनी मर्जी के खिलाफ बताते हुए पति के साथ रहने से इनकार कर दिया। इसके बाद दोनों ने आपसी सहमति से फैमिली कोर्ट का रुख किया। कोर्ट ने भी हालातों को देखते हुए तलाक की मंजूरी दे दी।

बता दें कि इंदौर जिला कोर्ट में यह सवाल भी उठा कि क्या हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13-बी के तहत एक वर्ष तक अलग-अलग रहने की शर्त पूरी नहीं होने के कारण तलाक की याचिका सुनवाई योग्य है या नहीं? लेकिन वकील ने हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 14(2) के तहत आवेदन प्रस्तुत करते हुए कहा कि उच्चतम न्यायालय ने अपने निर्णयों में स्पष्ट किया है कि जिस विवाह का वास्तविक अस्तित्व ही न हो, उसमें दोनों पक्षों को जबरदस्ती साथ रहने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। दोनों पक्षों का समय और जीवन प्रभावित न हो, इसलिए उन्हें आपसी सहमति से अलग कर देना ही उचित होगा।

कोर्ट ने भी पति और पत्नी की सहमति के आधार पर तलाक मंजूर कर लिया। अधिवक्ता वर्षा गुप्ता ने बताया कि दोनों ही एक-दूसरे के साथ नहीं रहना चाहते थे। तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए परिवार न्यायालय ने विवाह के मात्र सात दिनों के भीतर ही तलाक की प्रक्रिया पूरी कर दी।

क्‍या है पूरा मामला : गांव से जबरदस्ती शादी करके आई पत्नी ने पति के साथ रहने से इनकार कर दिया। उसने कहा, “यह शादी मेरी मर्जी से नहीं हुई थी। घरवालों के दबाव में जबरदस्ती मेरी शादी कराई गई। अब मैं पति के साथ नहीं रहना चाहती। मैं किसी और से प्यार करती हूं”। पत्नी की बातें सुनने के बाद पति ने तलाक लेने का फैसला किया। पत्नी भी इसके लिए तैयार थी। दोनों ने फैमिली कोर्ट में आपसी सहमति से तलाक के लिए आवेदन प्रस्तुत किया और सात दिनों के भीतर ही उनका तलाक हो गया।

चढ़ावा चोरी के बाद बदली राम मंदिर की पूरी व्यवस्था, कैश गिनती, सुरक्षा व पास के लिए सख्त दिशानिर्देश

ayodhya ram mandir trust meeting

Ayodhya Ram Mandir security: ​अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि मंदिर हमेशा ही विश्व में सुर्खियों में रहा है—चाहे वह राम मंदिर आंदोलन हो, भव्य मंदिर का निर्माण हो, या फिर सम्पूर्ण विश्व को साक्षी बनाने वाला राम लला का प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव। ​हाल ही में राम लला के चरणों में अर्पित चढ़ावे की चोरी की घटना के बाद, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था, चढ़ावा व गिनती की निगरानी, संपूर्ण सुरक्षा और VIP/VVIP दर्शन पास से जुड़े नियमों को पूरी तरह बदल दिया है और बेहद सख्त दिशानिर्देश लागू किए हैं।

​चढ़ावा और गिनती की 360-डिग्री निगरानी

​पारदर्शिता और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए चढ़ावे की पूरी प्रक्रिया को अब हाई-टेक निगरानी के दायरे में लाया गया है। दानपात्र खोलने से लेकर चढ़ावा गिनने तक की हर पल की रिकॉर्डिंग 360-डिग्री कैमरों और पेशेवर वीडियोग्राफरों (SLR और 360 डिग्री कैमरों से लैस) द्वारा की जाएगी। दानपात्र से जुड़ी पुरानी टीम को बदल दिया गया है। निगरानी के लिए 8 सदस्यीय विशेष टीम बनाई गई है, जिसमें ​2 बैंक कर्मी (भारतीय स्टेट बैंक), ​2 ट्रस्ट प्रतिनिधि, ​2 SIS सुरक्षा कर्मी, ​2 पेशेवर वीडियोग्राफर शामिल हैं। 

​चरणबद्ध तरीके से खाली होंगे दानपात्र

परिसर में स्थित लगभग 40 दानपात्रों को अब एक साथ खाली करने के बजाय अलग-अलग दिनों में खाली किया जाएगा। सीलबंद बक्सों को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारियों द्वारा विधिवत सील व हैंडल किया जाएगा। कोष प्रबंधन समिति के सदस्य जगदीश आफले ने स्पष्ट किया कि ट्रस्ट और भारतीय स्टेट बैंक के बीच किसी भी प्रकार का कोई गतिरोध नहीं है। ALSO READ: अयोध्या राम मंदिर में बड़ा बदलाव, ऑनलाइन दान करते ही तुरंत मिलेगी डिजिटल रसीद

​दर्शन पास के लिए नई व्यवस्था

​पूर्व महासचिव चंपत राय, पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र एवं गोपाल राव की ID बंद होने के बाद श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ट्रस्ट ने अपने तीन चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) की ID को दर्शन पास जारी करने के लिए अधिकृत किया है। ​वर्तमान में अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन की देखरेख में श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन के प्रबंध किए जा रहे हैं।

​प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव

मंदिर के इतिहास में पहली बार सचिव पद पर जगदीश आफले को नियुक्त किया गया है (जिसकी आधिकारिक घोषणा 2 सितंबर को ट्रस्ट की बैठक में होगी)। आफले को SBI में अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता (Signatory) भी बनाया गया है। दूसरी ओर, ​मंदिर के आधिकारिक प्रवक्ता के लिए चयन प्रक्रिया अंतिम चरण में है। ​CEO पद के लिए 5200 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनकी स्क्रीनिंग और लिस्टिंग सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रमोद कोहली की अध्यक्षता वाली कमेटी कर रही है। ALSO READ: अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में 5 बड़े फैसले, संतों को बड़ी जिम्मेदारी

​त्रि-स्तरीय (Three-Layer) अत्याधुनिक सुरक्षा चक्र

​श्रीराम जन्मभूमि परिसर की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए त्रि-स्तरीय सुरक्षा प्रणाली लागू की गई है। CRPF (केंद्रीय सुरक्षा बल), PAC (प्रांतीय सशस्त्र बल) और SSF (विशेष सुरक्षा बल) के सैकड़ों जवानों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही AI-आधारित अत्याधुनिक CCTV कैमरे और स्मार्ट निगरानी प्रणाली लागू की गई है। परिसर की सुरक्षा के लिए 4 किलोमीटर लंबी परिधि दीवार (Boundary Wall) और उच्च क्षमता वाले वॉच टावर स्थापित किए गए हैं।

बारिश ने बढ़ाया संक्रमण, अस्पतालों में मरीजों की भीड़, कई कॉलोनियों में आ रहा दूषित पानी भी एक वजह

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इंदौर में मानसून कई तरह के संक्रमण भी लेकर आ रहा है। शहर में पिछले कुछ दिनों से उल्टी-दस्त और डिहाइड्रेशन के मरीज बढ़ रहे हैं। इसके साथ ही वायरल, डेंगू और मलेरिया भी फैल रहा है।

बारिश और नमी के कारण बैक्टीरिया और वायरस संक्रमण बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं। शासकीय सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में हर दिन 40 से 50 मरीज किडनी संक्रमण और उससे जुड़ी समस्याओं के इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। दूषित पानी, दस्त और डिहाइड्रेशन के कारण शहर के अन्य अस्पतालों में भी किडनी इन्फेक्शन के मामलों में भारी बढ़ोतरी देखी जा रही है।

डॉक्‍टरों के मुताबिक दूषित पानी के सेवन से शरीर में संक्रमण, उल्टी-दस्त और डिहाइड्रेशन हो रहा है। इसकी वजह से शहर के जलस्त्रोतों की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। अभी भी शहर के कई हिस्सों में लगातार गंदा पानी आ रहा है। लोग पानी उबालकर या फिर उसमें दवाइयां डालकर पीने में उपयोग कर रहे हैं।

किडनी रोग विशेषज्ञ डॉ. शिवशंकर वर्मा के अनुसार इन दिनों अस्पताल की ओपीडी में हर दिन 40 से 50 मरीज किडनी संक्रमण और उससे जुड़ी समस्याओं के इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें से अधिकतर मरीज पहले यूरिन इन्फेक्शन, उल्टी या दस्त से पीड़ित रहे हैं। समय पर सही इलाज न मिलने और बिना डॉक्टर की सलाह के मेडिकल स्टोर से मनमर्जी से दवाइयां लेने के कारण लोग खुद ही किडनी की गंभीर बीमारियों को न्योता दे रहे हैं। साधारण इन्फेक्शन को सही इलाज न मिलने के कारण मरीज गंभीर बना लेते हैं, जिससे यह संक्रमण किडनी तक पहुंच जाता है।

कई दिनों से आ रहा गंदा पानी : स्कीम नंबर 54 में रहने वाले नवीन बत्रा ने बताया कि हमारे यहां नलों में रोज गंदा पानी आ रहा है। कई बार नगर निगम के एप 311 और सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत कर चुके हैं। इसके बावजूद सुधार नहीं हो रहा है। नवीन ने बताया कि बारिश में पहले ही बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है और इस समय नगर निगम की लापरवाही जनता पर भारी पड़ सकती है।

कई कॉलोनियों में आ रहा गंदा पानी : बता दें कि इंदौर में अब भी गंदे पानी की समस्‍या हल नहीं हो सकी है। अब भी कई कॉलोनियों में दूषित पानी सप्‍लाय हो रहा है। बारिश की वजह से ये दिक्‍कत ज्‍यादा बढ गई है। स्‍कीम नंबर 78, गौरी नगर, लसुडिया, विजयनगर, नगीन नगर, भमोरी आदि इलाकों में कई गलियों में नलों से मटमेला पानी आ रहा है। लोग एप पर इसकी शिकायत भी कर रहे हैं। लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।

‘प्रधानमंत्री को विक्टिम कार्ड खेलना बेहद पसंद’, जयराम रमेश का मोदी पर हमला, बोले- देश से माफी मांगें

jairam ramesh attacks pm modi over students forgiveness statement

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के छात्रों को माफ करने वाले बयान पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने तीखा हमला करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को विक्टिम कार्ड खेलना बेहद पसंद है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को युवाओं, पेपर लीक, नोटबंदी और अन्य मुद्दों पर देश से माफी मांगनी चाहिए। ALSO READ: PM मोदी ने गाली देने वाले छात्रों को किया माफ, बोले- ये भटके हुए बच्चे हैं, सजा नहीं सही राह दिखाने की जरूरत

 

वरिष्‍ठ कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, कांग्रेस खुद को नॉन-बायोलॉजिकल बताने वाले प्रधानमंत्री को विक्टिम कार्ड खेलना बेहद पसंद है। वह अपने पूर्ववर्तियों और राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक और कटु भाषा का इस्तेमाल करते हैं। उन्हें बदनाम करने के लिए वे न केवल अपनी सार्वजनिक सभाओं में, बल्कि संसद के भीतर भी बार-बार झूठ फैलाते हैं। संसद के भीतर और बाहर गाली-गलौज करने वालों की पूरी फौज को खुली छूट देते हैं और उन्हें पूरा संरक्षण भी प्रदान करते हैं।

 

कब माफी मांगेंगे पीएम मोदी?

उन्होंने कहा कि आज पूरा देश इस बात का इंतजार कर रहा है कि प्रधानमंत्री NTA की पेपर लीक से ग्रस्त व्यवस्था के कारण लाखों युवाओं को हुई पीड़ा और छात्र आंदोलनों पर गृह मंत्रालय के संरक्षण में हुई बर्बर कार्रवाई के लिए माफी मांगें। पूरा देश राम मंदिर ट्रस्ट द्वारा किए गए चंदा चोरी, आस्था धोखा प्रकरण पर भी प्रधानमंत्री से माफी की अपेक्षा कर रहा है, जिसकी स्थापना की घोषणा उन्होंने स्वयं 5 फरवरी 2020 को लोकसभा में बड़े जोर-शोर से की थी।

जयराम रमेश ने कहा कि पूरा देश आज भी 8 नवंबर 2016 को लिए गए उनके तुगलकी फैसले के लिए उनकी माफी का इंतजार कर रहा है, जिसने करोड़ों लोगों की रोजी-रोटी छीन ली और लाखों MSME बंद होने की कगार पर पहुंच गए। ऐसे मामलों की सूची बहुत लंबी है। ALSO READ: PM मोदी के खिलाफ मॉर्फ्ड पोस्ट पर बड़ा एक्शन! Meta India प्रमुख समेत कई सोशल मीडिया अकाउंट्स पर FIR

आत्ममुग्धता की पराकाष्ठा

जयराम रमेश ने कहा कि लेकिन बीती रात प्रधानमंत्री ने आत्ममुग्धता की पराकाष्ठा दिखाते हुए कहा कि उन्होंने हमारे युवाओं को माफ कर दिया है। यह देश और उन युवाओं का अपमान है, जिन्होंने उनकी सरकार के दौरान पीड़ा झेली है और जो पूरी तरह न्यायोचित रूप से उनसे माफी की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की इंस्टाग्राम सभाएं अब किसी को बेवकूफ नहीं बना सकतीं।

 

क्या है मामला?

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्हें और उनकी दिवंगत मां को कथित तौर पर गाली देने वाले छात्रों को माफ करने की बात कही। पीएम मोदी ने कहा कि कुछ शरारती बच्चों ने बहुत गंदी गालियां दीं… गालियां मुझे दी गईं और मेरी दिवंगत मां को भी दी गईं। इस तरह की भाषा को लेकर समाज का गुस्सा स्वाभाविक है, खासकर जब कथित तौर पर कुछ युवा महिलाओं द्वारा भी ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया गया हो। लेकिन अब जरूरत इस बात की है कि इन युवाओं को सही दिशा दिखाई जाए, न कि उन्हें कानूनी लड़ाई में उलझाया जाए।

 

उन्होंने कहा कि ये भटके हुए बच्चे हैं और उन्हें सही रास्ता दिखाना समाज का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि बच्चों को सजा देकर, अदालतों के चक्कर लगवाकर या समाज में परेशान करके परिस्थितियों को नहीं बदला जा सकता।