बांग्लादेश में जो हुआ वो भारत के लिए वॉर्निंग, लेखिका तस्लीमा नसरीन क्‍या मैसेज देना चाहती हैं सरकार को?

tasleema nasreen

बांग्लादेश की निर्वासित लेखिका तसलीमा नसरीन करीब 19 साल बाद कोलकाता पहुंचीं। उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रोटेस्ट पर सरकार को एक मैसेज देने की कोशिश की है। उन्होंने इस विरोध प्रदर्शन को 2024 के बांग्लादेश छात्र आंदोलन से जोड़ा।

तसलीमा नसरीन ने कहा कि CJP प्रोटेस्ट और स्टूडेंट्स की अगुवाई वाला बांग्लादेश आंदोलन एक जैसे हैं। उन्होंने सलाह दी कि भारतीयों को उनके देश बांग्लादेश में जो हुआ, उससे सीखना चाहिए।

वॉर्निंग की तरह लेना चाहिए : कोलकाता में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए तसलीमा नसरीन ने कहा कि बांग्लादेश को एक वॉर्निंग की तरह लेना चाहिए। 2024 में बांग्लादेश का छात्र आंदोलन सत्ता विरोधी प्रदर्शन में तब्दील हो गया। तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को बांग्लादेश छोड़कर भारत में शरण लेनी पड़ी। इसके बाद बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार का गठन हुआ।

तसलीमा नसरीन ने क्या कहा : इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक रविवार को तसलीमा नसरीन ने भारत के छात्र आंदोलन और बांग्लादेश का जिक्र करते हुए कहा, “मुझे लगा कि यहां जो (CJP प्रोटेस्ट) हुआ है, वह जुलाई 2024 में बांग्लादेश में हुए स्टूडेंट मूवमेंट जैसा ही है। लोगों को बेवकूफ बनाया गया। बांग्लादेश में इसका नतीजा अच्छा नहीं रहा है। जिहादियों ने वहां सत्ता पर कब्जा कर लिया है”

शेख हसीना पर क्‍या कहा : तसलीमा नसरीन पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी बांग्लादेश अवामी लीग की आलोचक हैं। इसके बावजूद उन्होंने माना कि आज के बांग्लादेश में जमात-ए-इस्लामी के बजाय अवामी लीग को ही मुख्य विपक्षी पार्टी होना चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि भारत में निर्वासन झेल रहीं शेख हसीना को सुरक्षित रूप से बांग्लादेश लौटने की इजाजत दी जाए।

हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार बड़े पैमाने पर बढ़ा : तसलीमा ने कहा कि शेख हसीना के समय भी बांग्लादेश में हिंदुओं को टॉर्चर किया जाता था। लेकिन उनका दावा है कि मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार में हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार बड़े पैमाने पर बढ़ा। उन्होंने इसके लिए शिक्षा की कमी और धार्मिक संस्थानों के बढ़ते असर को जिम्मेदार ठहराया। बांग्लादेशी लेखिका ने सामाजिक बदलाव पर जोर दिया। उन्होंने सरकार को धर्म से अलग रखने की पैरवी की। इसके अलावा उन्होंने मदरसा एजुकेशन की आलोचना की। आरोप लगाया कि इससे सांप्रदायिक सोच को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने बांग्लादेश को सेक्युलर एजुकेशन पर फोकस करने के लिए कहा।

विदेश में पढ़ाई के खर्चे पर अभिजीत दीपके ने बताया सच, कहा अब लोन चुकाना है

Abhijeet Deepke

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपनी अमेरिका में पढ़ाई के खर्चे को लेकर उठे सवालों का जवाब देते हुए स्पष्ट किया है कि उनकी बोस्टन यूनिवर्सिटी में एमएस (पब्लिक रिलेशंस) की डिग्री स्कॉलरशिप और एजुकेशन लोन से पूरी हुई। उन्होंने स्कॉलरशिप दस्तावेज भी सार्वजनिक रूप से दिखाने की पेशकश की है।

अभिजीत दीपके ने पत्रकार बरखा दत्त को दिए इंटरव्यू में कहा, “मैं बोस्टन यूनिवर्सिटी से स्कॉलरशिप प्राप्त की थी और बाकी खर्च के लिए एजुकेशन लोन लिया था, जिसे मुझे अभी चुकाना है।” उन्होंने डीन स्कॉलरशिप का दस्तावेज साझा करते हुए बताया कि यूनिवर्सिटी ने उन्हें प्रति सेमेस्टर 12,500 डॉलर की स्कॉलरशिप दी, जो तीन सेमेस्टर के लिए कुल 37,500 डॉलर (लगभग 30 लाख रुपये से अधिक) बनी।
 
विवाद की शुरुआत : विवाद तब शुरू हुआ जब सूरत के आरटीआई कार्यकर्ता अमित तिवारी ने अभिजीत दीपके के पिता भगवानराव दीपके (महाराष्ट्र सरकार के रिटायर्ड जूनियर इंजीनियर) की वित्तीय स्थिति की जांच की मांग की। तिवारी ने सवाल उठाया कि मासिक वेतन लगभग 60-65 हजार रुपए वाले रिटायर्ड कर्मचारी ने अमेरिका जैसी महंगी पढ़ाई का खर्च कैसे उठाया। उन्होंने चुनाव आयोग, इनकम टैक्स विभाग और महाराष्ट्र सरकार को पत्र लिखकर जांच की अपील की थी।

अभिजीत ने इस पर पलटवार करते हुए कहा कि वे अपना स्कॉलरशिप लेटर और एजुकेशन लोन दस्तावेज दिखाने को तैयार हैं। उन्होंने X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर चुनौती दी, “मैं अपना स्कॉलरशिप लेटर और एजुकेशन लोन लेटर दिखाने को तैयार हूं। क्या सम्राट अपना डिग्री दिखाएंगे?” कितना खर्च आया पढ़ाई पर? अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशंस के मास्टर कोर्स पर ट्यूशन फीस, रहन-सहन, स्वास्थ्य बीमा आदि मिलाकर कुल खर्च 30 लाख से 1 करोड़ रुपये तक हो सकता है। अभिजीत की स्कॉलरशिप ने काफी हिस्सा कवर किया, जबकि बाकी लोन से पूरा हुआ। उनके पिता ने पहले भी लोन लेकर बेटे को पढ़ाने की बात कही थी।

CJP की फंडिंग को लेकर भी सवाल : अभिजीत दीपके ने पुणे से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद वे अमेरिका गए और हाल ही में जून 2026 में भारत लौटकर बड़े प्रदर्शन आंदोलन का नेतृत्व किया। CJP की फंडिंग को लेकर भी सवाल उठे हैं, जिस पर उन्होंने क्राउडफंडिंग और पूर्ण पारदर्शिता का वादा किया है।यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जहां लोग दीपके के जवाब और RTI कार्यकर्ता के सवालों पर अपनी राय रख रहे हैं। अभिजीत दीपके की स्पष्टता ने कई सवालों के जवाब दिए हैं, लेकिन राजनीतिक और सामाजिक बहस जारी है। अभिजीत दीपके ने बयान दिया है कि पढ़ाई का खर्च स्कॉलरशिप और लोन से हुआ। अब लोन चुकाना है।

बता दें कि अभिजीत दीपके कॉकरोच पार्टी बनाकर चर्चा में आए थे। पार्टी बनाने के बाद उन्‍होंने दिल्‍ली के जंतर मंतर में प्रोटेस्‍ट किया। बाद में ये प्रोटेस्‍ट जेंनजी प्रोटेस्‍ट बन गया। जिसका असर यह हुआ कि नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्‍तीफा देना पडा। 

बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर की ऐतिहासिक जीत, बोले- मेरे विधायक बनने से बांकीपुर बेंगलुरू नहीं बन जाएगा

Bankipur by-election result

Bankipur by-election result: Bankipur by-election result: बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के 'घर' में भारी मतों से जीत दर्ज की है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की पारंपरिक सीट पर उनकी जीत को राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशांत ने बांकीपुर में 18 हजार 953 वोटों से जीत दर्ज की। मतगणना के दौरान प्रशांत किशोर ने लगातार बढ़त बनाए रखी। 

 

मीडिया से बातचीत में प्रशांत किशोर ने कहा कि मेरे विधायक बनने पर बांकीपुर बेंगलुरू नहीं बन जाएगा… लेकिन आप अगले दो-तीन महीनों में यहां कुछ सुधार जरूर देखेंगे। उन्होंने बांकीपुर की जनता को धन्यवाद देते हुए कहा कि जिन्होंने वोट दिया और जिन्होंने नहीं दिया, दोनों के लिए वे समान रूप से काम करेंगे। 

 

प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि बांकीपुर की जनता ने भाजपा नेतृत्व को स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने बिहार में बेहतर शासन के लिए एक योग्य व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाने की अपील भी की। इस जीत को उन्होंने बिहार में परिवर्तन की राजनीति की दिशा बदलने वाला कदम बताया। 

उपचुनाव का परिणाम

मतगणना के विभिन्न राउंड में प्रशांत किशोर ने भाजपा उम्मीदवार नीरज सिन्हा के खिलाफ मजबूत बढ़त बनाए रखी। प्रशांत ने बांकीपुर में 18 हजार 953 वोटों से जीत दर्ज की। उन्हें 63 हजार 203 वोट मिले। भाजपा उम्मीदवार नीरज को 44 हजार 250 वोट मिले। तीसरे नंबर पर रहीं राजद उम्मीदवार रेखा गुप्ता को 49 हजार 118 वोट मिले। इस सीट पर 30 जुलाई को मतदान हुआ था, जिसमें मतदान प्रतिशत करीब 34.30 रहा।  

 

बांकीपुर सीट पिछले चार दशक से भाजपा का गढ़ मानी जाती रही है। नितिन नवीन के राज्‍यसभा जाने के बाद खाली हुई इस सीट पर उपचुनाव को भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का मुकाबला माना जा रहा था, लेकिन जन सुराज ने इसे एक बड़े राजनीतिक संदेश में बदल दिया। 

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

इस जीत के साथ जन सुराज पार्टी बिहार विधानसभा में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने में सफल रही है। प्रशांत किशोर ने इसे बिहार में बेहतर शासन, शिक्षा, रोजगार और विकास की मांग का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि एक विधायक अकेले रातोरात बड़े बदलाव नहीं ला सकता, लेकिन जनता की आवाज को मजबूती से उठाया जाएगा।

 

विपक्षी दलों ने भी इस नतीजे पर प्रतिक्रिया दी है। इस जीत को NDA सरकार के खिलाफ जनता के असंतोष के रूप में देखा जा रहा है। प्रशांत किशोर की इस जीत ने बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। अब देखना होगा कि वह बांकीपुर में स्थानीय मुद्दों जैसे सड़क, ड्रेनेज, जलजमाव और शहरी विकास पर कितना प्रभावी काम कर पाते हैं। राजद नेता और लालू यादव की बेटी मीसा भारती ने प्रशांत किशोर की जीत पर कहा कि यह भाजपा की 'लोमड़ी' की जीत है। 

सांप को जैन साध्‍वियों ने सुनाया णमोकार मंत्र, कहा— मुक्‍त हो जाओ, अब किसी को मत डसना’, फन फैलाकर बैठे रहे नागराज

Jain Sadhvis

ललितपुर में रविवार सुबह से एक अनोखा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दिगंबर जैन आर्यिका एक ब्लैक कोबरा के सामने नमोकार मंत्र का जाप करती दिख रही हैं। लगभग तीन मिनट तक नागराज भी फन फैलाकर शांत मुद्रा में उनके सामने बैठे रहे और मंत्र सुनते रहे।

साथ में मौजूद शिष्य ने अपने मोबाइल फोन में पूरे वाकिया को रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। पूरा किस्सा क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। यह पूरी घटना मड़ावरा तहसील क्षेत्र स्थित अतिशय क्षेत्र गिरार की है।

सड़क पर बैठे इस जहरीले सांप को देखकर जैन साध्वियों रुक गई और उसके समझाने लगी। इस दौरान साध्वियों ने कहा कि हम तुम्हें णमोकार मंत्र सुनाते हैं। इस सुनने के बाद अब किसी को डंसना नहीं। बहुत लंबी यात्रा कर लिए अब किसी को परेशान नहीं करना। इस दौरान एक साध्वी सर्प के नजदीक बैठ गई और उसे समझाने लगी।

शांति से मंत्र सुनता रहे नागराज : जैन साध्वी जब इस मंत्र को सुना रहीं थी उस दौरान सर्प फन फैलाकर पूरे मंत्र को सुनता रहा। साध्वियों का मंत्र सुनने के बाद सांप शांत हो गया। इस दौरान साध्वी ने कहा कि हम तुम्हे मार नहीं रहे हैं। बल्कि आशीर्वाद दे रहे हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो को देखकर लोग तरह-तरह की बातें कर रहे हैं।

शिष्य ने वीडियो किया रिकॉर्ड : सांप को देखने के बाद मौके पर साध्वियां वहीं रुक गईं। आर्यिका मां विदुषश्री माताजी ने शांत भाव से नमोकार मंत्र का जाप करना शुरू किया। उनके साथ में मौजूद शिष्य पंकज जैन ने पूरे घटना को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया। रिकॉर्ड करने के बाद उसने वीडियो को सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। 

इंदौर में 15 साल की लड़की को 3 लाख में बेचा, दोस्त और महिला ने कराई शादी, 5 लोग गिरफ्तार

child crime

इंदौर की बाणगंगा थाना पुलिस ने 15 साल की लापता लड़की को उज्जैन जिले के बड़नगर से बरामद किया है। अब तक की जांच में सामने आया है कि किशोरी के दोस्त और एक महिला ने उसे 3 लाख रुपए में बड़नगर निवासी युवक को बेच दिया था। पुलिस ने मामले में किशोरी के दोस्त सहित 5 लोगों को हिरासत में लिया है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ जारी है और जल्द पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।

टीआई सियाराम गुर्जर के अनुसार करीब 15 दिन पहले किशोरी के परिजनों ने बाणगंगा थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। जांच के दौरान पुलिस ने किशोरी के दोस्त राकेश यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में उसने बताया कि सोनू बंजारा नामक महिला की मदद से किशोरी को बड़नगर निवासी संजय पाटीदार के पास भेजा गया, जहां दोनों की शादी भी करा दी गई थी।

पुलिस रविवार रात किशोरी को थाने लेकर पहुंची और पूछताछ की। किशोरी ने बताया कि उसे भी इस सौदे की रकम में से कुछ पैसे दिए गए थे। आरोप है कि उसे यह भी समझाया गया था कि शादी के करीब एक सप्ताह बाद वह इंदौर लौट आए और संजय पाटीदार के घर से नकदी एवं सोने-चांदी के जेवर लेकर भाग आए। इसके बाद सामान और रकम का आपस में बंटवारा करने की योजना थी।

जांच में यह भी सामने आया कि किशोरी को कथित तौर पर यह सलाह दी गई थी कि यदि संजय पाटीदार किसी तरह का विवाद करे, तो उसके खिलाफ बाणगंगा थाने में दुष्कर्म का मामला दर्ज करा देना। पुलिस ने फिलहाल किशोरी, उसके दोस्त समेत कुल पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मामले में मानव तस्करी, नाबालिग से जुड़े अपराध और अन्य धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद पूरे मामले का विस्तृत खुलासा किया जाएगा।

CM हेमंत सोरेन की पहल रंग लाई, ओमान में फंसी सिमडेगा की प्रीति कुजूर सुरक्षित घर लौटी

priti kujur reached to jharkhand from oman

झारखंड के मुख्‍यमंत्री मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पहल पर ओमान में परेशानियों का सामना कर रही सिमडेगा की प्रवासी श्रमिक प्रीति कुजूर की सुरक्षित घर वापसी हो गई है। राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष और मस्कट स्थित भारतीय दूतावास के समन्वय से यह कार्रवाई सफल हुई।

 

ऑफिस ऑफ चीफ मिनिस्टर झारखंड ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर ओमान में फंसी सिमडेगा की प्रीति कुजूर सुरक्षित अपने घर लौट आई।  

श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग के अधीन कार्य कर रहे राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष ने मस्कट स्थित भारतीय दूतावास से बातचीत की और युवती की सुरक्षित घर वापसी पक्की की। प्रीति रविवार को अपने घर पहुंची।

 

प्रीति कुजूर के ओमान में फंसे होने का मामला सामने आते ही मुख्यमंत्री ने राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष को तुरंत मामले को सुलझाने और सुरक्षित वापसी कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद नियंत्रण कक्ष ने 23 जून को तुरंत यह मामला प्रोटेक्टर ऑफ एमिग्रेंट्स (पीओई), रांची और भारतीय दूतावास (मस्कट) को भेजा, जिसके बाद 24 जून को दूतावास ने प्रीति से संपर्क किया।

 

 

पावागढ़ जाने वाले भक्तों के लिए बड़ी खबर, 8 अगस्त तक रोपवे सेवा बंद

pavagad : rope way closed till 8 august

पावागढ़ महाकाली माताजी के दर्शन करने जा रहे श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। मंदिर प्रशासन द्वारा पावागढ़ में चलने वाली रोपवे सेवा को आज से लेकर 8 अगस्त तक पूरी तरह बंद रखने का फैसला किया गया है। ALSO READ: CM धामी ने की बालेश्वर मंदिर आने की अपील, जानिए क्यों खास है चंपावत का यह शिवधाम?

यात्रियों की सुरक्षा और रोपवे के सुचारू संचालन को ध्यान में रखते हुए नियमित रखरखाव (मेंटेनेंस) और तकनीकी जांच के उद्देश्य से इस सेवा को लगातार पांच दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया है।  

 

रोपवे सेवा बंद रहने के कारण इस दौरान पावागढ़ आने वाले भक्तों को महाकाली माता के दर्शन के लिए मंदिर तक पहुंचने हेतु सीढ़ियां चढ़कर जाना होगा या प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई गई अन्य वैकल्पिक व्यवस्थाओं का उपयोग करना पड़ेगा। अचानक रोपवे सेवा स्थगित होने से विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और अशक्त श्रद्धालुओं को थोड़ी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।  

 

प्रशासन की ओर से आगे यह भी बताया गया है कि रोपवे का सारा तकनीकी मेंटेनेंस कार्य पूरा होने के बाद 8 अगस्त से सेवाएं पूर्ववत और नियमित रूप से फिर से शुरू कर दी जाएंगी। इसलिए, आने वाले दिनों में पावागढ़ दर्शन का प्लान बना रहे सभी तीर्थयात्रियों से अनुरोध है कि वे अपनी यात्रा का नियोजन करने से पहले इस सूचना को ध्यान में रखें। 

कागजों पर रिकॉर्ड बना रहा इंदौर, हकीकत में कई प्रोजेक्ट पड़े अधूरे

indore projects

इंदौर। देश भर में स्वच्छता का सिरमौर और 'स्मार्ट सिटी' का तमगा हासिल कर चुका इंदौर कागजों में तो उपलब्धियों और रिकॉर्ड्स की नई इबारत लिख रहा है, लेकिन अगर शहर के विकास कार्य (Infrastructure) की जमीनी हकीकत पर नजर डालें, तो कई बड़े प्रोजेक्ट्स समय-सीमा बीतने के बाद भी अधूरे पड़े हैं।

हाल ही में सफाई को लेकर पांच लाख सेल्‍फी का रिकॉर्ड बनाया गया, लेकिन यह सब सिर्फ देखने में अच्‍छा लगा, इसी दिन कई ऐसे लोगों ने भी कचरे के ढेर के साथ सेल्‍फी शेयर की जो सफाई के दावों की खिल्‍ली बना रहा था। वहीं, कागजी दावों और जमीनी हकीकत के इस बड़े अंतर से न केवल इंदौर की जनता रोजाना ट्रैफिक जाम और धूल से जूझ रही है, बल्कि सरकारी खजाने पर भी लागत बढ़ने का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।

'कागजी रिकॉर्ड' बनाम 'जमीनी हकीकत'
फ्लाईओवर्स का जाल: कागजों में ट्रैफिक-फ्री चौराहा, सड़क पर रोज़ का जाम
कागजी दावा: शहर के व्यस्ततम चौराहों—जैसे खजराना, भंवरकुआं और फूटी कोठी—पर ट्रैफिक को सुगम बनाने के लिए फ्लाईओवर्स का निर्माण 'रिकॉर्ड गति' से पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था।
जमीनी हकीकत: डेडलाइन बीत जाने के बाद भी फ्लाईओवर्स का काम कछुआ गति से चल रहा है। निर्माण कार्य के चलते डायवर्जन और आधी अधूरी सड़कों के कारण इन चौराहों पर पीक आवर्स में घंटों का ट्रैफिक जाम लगता है। एम्बुलेंस से लेकर दफ्तर और स्कूल जाने वाले लोग रोजाना इस अव्यवस्था का शिकार हो रहे हैं।

यशवंत सागर और बिलावली तालाब: रिकॉर्ड सफाई के दावे, पर जलसंकट बरकरार
कागजी दावा : इंदौर नगर निगम द्वारा जल स्रोतों के संरक्षण और 'कैच द रेन' अभियानों के तहत रिकॉर्ड पौधारोपण और तालाबों के जीर्णोद्धार के बड़े-बड़े दावे किए गए।
जमीनी हकीकत : मानसून के इस दौर में भी यशवंत सागर और बिलावली जैसे प्रमुख जलाशयों में जलस्तर चिंताजनक बना हुआ है। तालाबों को अतिक्रमण मुक्त करने और उनमें गिरने वाले सीवरेज के गंदे पानी को शत-प्रतिशत रोकने की योजनाएं कागजी फाइलों में ही सिमटी हैं। नतीजा यह है कि शहर के कई कॉलोनियों में आज भी बोरिंग सूख रहे हैं और लोग टैंकरों पर निर्भर हैं।

मेट्रो प्रोजेक्ट: 'ट्रायल रन' का जश्न, लेकिन आम जनता के लिए सफर दूर
कागजी दावा : इंदौर मेट्रो के सुपर प्रियोरिटी कॉरिडोर पर 'सफल ट्रायल रन' के बाद दावा किया गया था कि बहुत जल्द इंदौरी मेट्रो की सवारी करेंगे।
जमीनी हकीकत : कमर्शियल रन (आम जनता के लिए शुरुआत) की तारीखें लगातार आगे बढ़ रही हैं। स्टेशन बिल्डिंग्स, अंडरग्राउंड ट्रैक्स और कनेक्टिविटी से जुड़े कई अहम सिविल वर्क्स अब भी पूरे नहीं हो सके हैं। रिंग रोड और रेडिसन चौराहे की तरफ मेट्रो सिविल वर्क के कारण आधी सड़कें बंद हैं, जिससे पूरा निचला ट्रैफिक तंत्र प्रभावित है।

24×7 वाटर सप्लाई योजना: 'स्मार्ट वॉटर मीटर्स' लगे, पर नल अब भी सूखे
कागजी दावा : स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत इंदौर के चुनिंदा वार्डों में 24 घंटे निर्बाध पानी की आपूर्ति (24×7 Water Supply) और स्मार्ट डिजिटल वाटर मीटर लगाने का रिकॉर्ड प्रोजेक्ट शुरू किया गया था।
जमीनी हकीकत : जिन क्षेत्रों में स्मार्ट मीटर लगे हैं, वहां भी आज तक 24 घंटे पानी नहीं पहुंच पा रहा है। नलों में गंदे पानी की सप्लाई और कम प्रेशर की शिकायतें बनी हुई हैं। योजना का विस्तार पूरे शहर में करने का खाका सिर्फ बैठकों और प्रेजेंटेशन तक सीमित है।

क्यों पिछड़ रहे हैं प्रोजेक्ट्स?
विभागीय तालमेल का अभाव (Inter-department Coordination): नगर निगम, इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA), लोक निर्माण विभाग (PWD) और मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के बीच समन्वय की कमी। एक विभाग सड़क बनाता है, दूसरा केबल या पाइपलाइन के लिए उसे खोद देता है।
ठेकेदारों पर ढिलाई : डेडलाइन मिस करने वाली निर्माण एजेंसियों और ठेकेदारों पर सख्त पेनाल्टी लगाने के बजाय बार-बार समय-सीमा (Extension) बढ़ा दी जाती है।

पब्लिक कंसल्टेशन की कमी : निर्माण से पहले स्थानीय दुकानदारों, रहवासियों और ट्रैफिक पुलिस से जमीनी स्तर पर सही समन्वय न बनाना। इंदौर की पहचान हमेशा से देश के सबसे जागरूक और स्वच्छता-प्रिय शहर की रही है। लेकिन सिर्फ फाइलों में नए रिकॉर्ड बनाने या रैंकिंग सुधारने से शहर की बुनियादी समस्याएं हल नहीं होंगी। जब तक निर्माण कार्यों में जवाबदेही (Accountability) तय नहीं होगी, तब तक 'स्मार्ट सिटी' का सपना कागजों में चमकता रहेगा और इंदौरी सड़कों पर हिचकोले खाते रहेंगे।

E20 पेट्रोल पर नया विवाद, जयराम रमेश ने माइलेज और इंजन खराबी को लेकर सरकार से पूछे सवाल

jairam ramesh questions E-20 petrol

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने E20 पेट्रोल को लेकर मोदी सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि E20 लागू होने के बाद माइलेज में कमी, इंजन की समस्या और पुराने वाहनों में खराबी की शिकायतें बढ़ी हैं। ALSO READ: बांकीपुर में प्रंशात किशोर ने कर दिया 'खेला', भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन को झटका

जयराम रमेश ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि 29 जुलाई 2026 को संसद में E20 पेट्रोल के देशभर में रोलआउट पर नितिन गडकरी के जवाब ने जितने सवालों के जवाब दिए, उससे कहीं अधिक नए सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने दावा किया कि E20 को वर्षों तक वैज्ञानिक परीक्षणों के बाद लागू किया गया है और इससे वाहनों को व्यापक स्तर पर नुकसान पहुंचने का कोई प्रमाण नहीं है।

 

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि लेकिन पिछले कई महीनों से देशभर के उपभोक्ता और मैकेनिक लगातार निम्नलिखित समस्याओं की शिकायत कर रहे हैं-

 

  • माइलेज में कमी
  • इंजन के प्रदर्शन में गिरावट
  • E20 ईंधन का वाहनों पर दीर्घकालिक प्रभाव को लेकर चिंता
  • 2023 से पहले के वाहनों में इंजन की कम्पैटिबिलिटी, कोल्ड-स्टार्ट की समस्या और इंजन के तेजी से घिसने की शिकायतें
  • पुराने वाहनों में फ्यूल इंजेक्टर जाम होना, फ्यूल लाइन में जंग लगना और रबर के पुर्जों में दरारें आने की बढ़ती घटनाएं
  • आम उपभोक्ताओं के पास E20 पेट्रोल के अलावा व्यावहारिक रूप से कोई दूसरा विकल्प नहीं छोड़ा गया।

 

उन्होंने कहा कि जून 2026 में 2023 से पहले के पेट्रोल वाहनों के 44,000 से अधिक मालिकों पर किए गए एक स्वतंत्र सर्वेक्षण में पाया गया कि E20 लागू होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने अपने वाहनों पर प्रतिकूल प्रभाव महसूस किया। ALSO READ: Lovlina Borgohain ने ग्लास्गो के रेस्टोरेंट में पकड़ी बड़ी गलती, भारत के नक्शे पर जताई आपत्ति

 

सितंबर 2025 में पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने बायोफ्यूल के कारण वाहन या इंजन को नुकसान पहुंचने संबंधी शिकायतों को “BS” (bullshit) करार दिया था। इसके बावजूद मोदी सरकार लगातार इन दावों को खारिज करती रही है, जबकि जुलाई 2026 की ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) की रिपोर्ट और नीति आयोग के 2021 एथेनॉल पॉलिसी रोडमैप-जिसका संसद में स्वयं नितिन गडकरी ने हवाला दिया था-स्पष्ट रूप से स्वीकार करते हैं कि-

 

  • E20, E10 ईंधन के लिए डिज़ाइन किए गए वाहनों में रबर के पुर्जों-जैसे होज़, सील, गैस्केट और O-rings-को अधिक तेजी से खराब करता है।
  • ड्यूरेबिलिटी परीक्षणों के दौरान यात्री वाहनों में इंजन की खराबी और फेलियर दर्ज किए गए।
  • E20 फ्यूल टैंक और अन्य आंतरिक धातु के पुर्जों में जंग लगने का जोखिम बढ़ाता है।
  • E20 के कारण पुराने चार पहिया वाहनों की फ्यूल एफिशिएंसी 6-7%, पुराने दो पहिया वाहनों की 3-4% और E20-अनुकूल चार पहिया वाहनों की भी 1-2% तक कम हो जाती है।

 

उन्होंने कहा कि लोगों में गुस्सा बढ़ रहा है। लोग जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर, मोदी सरकार के मंत्री किसी को भी यह भरोसा दिलाने में नाकाम रहे हैं कि E20 से कोई नुकसान नहीं होता- क्योंकि इसके बारे में कोई ठोस डेटा या रिपोर्ट मौजूद नहीं है।

बांकीपुर में प्रंशात किशोर ने कर दिया ‘खेला’, भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन को झटका

Prashant Kishor

बिहार की सियासत के सबसे हाई-प्रोफाइल अखाड़े यानी बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की शुरुआती मतगणना ने राजनीतिक पंडितों के होश उड़ा दिए हैं। कभी चुनावी रणनीतिकार के तौर पर परदे के पीछे से सियासी चालें चलने वाले प्रशांत किशोर (पीके) जब पहली बार खुद चुनावी मैदान में उतरे, तो शुरुआती रुझानों में ही उन्होंने वो कर दिखाया, जिसकी शायद किसी को उम्मीद नहीं थी।

बांकीपुर सीट पर जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर का शुरुआती बढ़त बनाना महज एक आंकड़ा नहीं, बल्कि बीजेपी के उस सियासी तिलिस्मे पर सीधा आघात है जिसे पिछले तीन दशकों से कोई नहीं भेद पाया था।  यह मुकाबला सिर्फ एक विधानसभा सीट का उपचुनाव भर नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन की राजनीतिक साख और उनकी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा की अग्निपरीक्षा है।

नितिन नबीन का वह पुश्तैनी और अजेय गढ़ : बता दें कि बांकीपुर कोई साधारण सीट नहीं, बल्कि नितिन नबीन का वह पुश्तैनी और अजेय गढ़ रहा है, जहां 1995 से लेकर अब तक (कभी पटना पश्चिम तो कभी बांकीपुर के रूप में) भगवा परचम ही लहराता रहा है। खुद नितिन नबीन यहां से लगातार पांच बार विधायक रह चुके हैं और उनके पिता का भी इस क्षेत्र में गहरा राजनीतिक रसूख रहा है। ऐसे में, जिस जमीन पर बीजेपी ने अपनी अजेय बादशाहत की इबारत लिखी हो, उसी गढ़ के भीतर प्रशांत किशोर का शुरुआती दौर में आगे निकल जाना इस बात का साफ संकेत है कि पीके ने महफिल में वाकई बड़ा 'खेला' कर दिया है।

बीजेपी के नीरज कुमार दूसरे नंबर पर : बता दें कि बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव की शुरुआती मतगणना में जन सुराज पार्टी के प्रशांत किशोर आगे चल रहे हैं। इस सीट पर बीजेपी के नीरज कुमार दूसरे नंबर पर हैं। चुनाव आयोग के मुताबिक़ बांकीपुर सीट पर कुल 31 राउंड की काउंटिंग होनी है और यहां अभी 8 राउंड की गिनती पूरी हुई है, जिसमें प्रशांत किशोर अपनी बढ़त बनाए हुए हैं।

पीके निकल रहे आगे : प्रशांत किशोर को 15637 वोट मिले हैं और वो फ़िलहाल 4556 वोटों से आगे हैं। भाजपा के नीरज कुमार को 11081 वोट मिले हैं। जबकि आरजेडी की रेखा कुमारी तीसरे नंबर पर हैं। भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्यक्ष नीतीश नबीन के इस्तीफे से रिक्त हुई बांकीपुर सीट पटना के शहरी इलाक़े में मौजूद है और इसे बीजेपी का मज़बूत गढ़ माना जाता है।