कल का मौसम : 19 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, दिल्ली-UP से बिहार और केरल तक IMD की चेतावनी

Weather Update 5 August 2026: देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय है और अगले 24 घंटे के दौरान बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 4 अगस्त के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 5 अगस्त को असम और मेघालय में अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, कोंकण-गोवा समेत कई क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है।

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इन राज्यों में भारी बारिश की आशंका

IMD के अनुसार असम और मेघालय, बिहार, सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल,  सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, कोंकण और गोवा, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, गंगीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल

केरल और तटीय कर्नाटक में भारी बारिश की आशंका है।

दिल्ली-NCR में कल कैसा रहेगा मौसम?

 

दिल्ली-NCR में 5 अगस्त को मौसम बदला हुआ रह सकता है। आसमान में बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। दिल्ली के साथ आसपास के इलाकों में भी बारिश और गरज-चमक देखने को मिल सकती है। IMD के ताजा बुलेटिन में उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधि जारी रहने का अनुमान है।

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यूपी में बारिश का अलर्ट

 

उत्तर प्रदेश में भी मानसून सक्रिय रहने वाला है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 5 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। ऐसे में निचले इलाकों में जलभराव की समस्या बढ़ सकती है।

 

बिहार में भारी से बहुत भारी बारिश

बिहार में 5 अगस्त को कई जगहों पर बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने राज्य में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। पूर्वी भारत में अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।

 

असम-मेघालय में अत्यधिक भारी बारिश का खतरा

 

पूर्वोत्तर भारत में मौसम सबसे ज्यादा सक्रिय रहने वाला है। असम और मेघालय में 4 और 5 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश (21 सेंटीमीटर या उससे अधिक) होने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में भी भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है।

 

बंगाल और सिक्किम में भी भारी बारिश

 

सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 5 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। गंगीय पश्चिम बंगाल में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान है। पहाड़ी इलाकों में बारिश के कारण भूस्खलन और स्थानीय जलभराव जैसी समस्याओं को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।

 

केरल और कर्नाटक में भी बारिश का दौर

दक्षिण भारत में केरल, माहे, तटीय कर्नाटक और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भी भारी बारिश का अनुमान है।

Air India Flight Turbulence : Phuket-Delhi फ्लाइट में अचानक 300 फुट नीचे गिरा विमान, 14 यात्री और क्रू घायल, फ्लाइट में Seat Belt क्यों जरूरी है?

airindia

Air India Flight Turbulence : एयर इंडिया की Phuket से दिल्ली आ रही फ्लाइट में मंगलवार सुबह अचानक तेज टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा। इस दौरान विमान की ऊंचाई में करीब 300 फीट का अचानक बदलाव हुआ, जिससे विमान में सवार कुछ यात्रियों और क्रू मेंबर्स को चोटें आईं। एयर इंडिया की यह उड़ान AI 2379 थी और इसमें 134 यात्री सवार थे। विमान Airbus A320 था।

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विमान ने टर्बुलेंस के बावजूद दिल्ली एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग की। एयर इंडिया के अनुसार, विमान में सवार सभी यात्री और क्रू सदस्य सुरक्षित तरीके से उतर गए। घटना के बाद घायल यात्रियों और क्रू मेंबर्स को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

 

10 यात्री और 4 क्रू मेंबर अस्पताल भेजे गए

रिपोर्ट के मुताबिक, विमान के दिल्ली पहुंचने के बाद एयरपोर्ट पर मेडिकल टीम ने यात्रियों की जांच की। इसके बाद 10 यात्रियों और चार क्रू मेंबर्स समेत कुल 14 लोगों को आगे के इलाज के लिए गुरुग्राम स्थित Medanta Hospital और वसंत कुंज स्थित India Spinal Injury Centre ले जाया गया। एयर इंडिया ने कहा कि फिलहाल किसी गंभीर चोट की सूचना नहीं है। कुछ यात्रियों और क्रू मेंबर्स को मामूली चोटें आई थीं और एहतियात के तौर पर उनकी मेडिकल जांच कराई गई।

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एयर इंडिया ने क्या कहा?

एयर इंडिया के प्रवक्ता ने बताया कि विमान ने क्रूज के दौरान कुछ समय के लिए टर्बुलेंस से जुड़ी स्थिति का सामना किया, जिसके कारण ऊंचाई में अचानक बदलाव हुआ। विमान ने दिल्ली में सुरक्षित लैंडिंग की और सभी यात्रियों तथा क्रू ने विमान से सुरक्षित रूप से बाहर निकल गए।

 

एयरलाइन के मुताबिक, मामूली चोटों वाले कुछ यात्रियों और क्रू मेंबर्स को एहतियाती जांच और इलाज के लिए एयरपोर्ट की मेडिकल सुविधा में ले जाया गया। एयर इंडिया ने कहा कि प्रभावित यात्रियों को हर जरूरी सहायता दी जा रही है और घटना की जांच में संबंधित अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग किया जा रहा है।

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क्या होता है Clear Air Turbulence?

 

विमान में होने वाली टर्बुलेंस हमेशा बादलों या खराब मौसम की वजह से नहीं होती। Clear Air Turbulence (CAT) ऐसी स्थिति है जिसमें बिना दिखाई देने वाले बादलों वाले क्षेत्र में भी हवा के तेज बदलाव के कारण विमान को अचानक झटके लग सकते हैं। ऐसी टर्बुलेंस पायलट को सामान्य रूप से दिखाई नहीं देती, इसलिए इसका पहले से पता लगाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसी वजह से विमान यात्रा के दौरान यात्रियों को अपनी सीट बेल्ट बांधे रखने की सलाह दी जाती है।

 

फ्लाइट में Seat Belt क्यों जरूरी है?

टर्बुलेंस के दौरान विमान अचानक ऊपर-नीचे या आगे-पीछे झटके खा सकता है। ऐसे में सीट बेल्ट नहीं बांधने वाले यात्री अपनी सीट से उछल सकते हैं और उन्हें गंभीर चोट लगने का खतरा रहता है। इसलिए यात्रियों के लिए बेहतर है कि वे उड़ान के दौरान सीट बेल्ट ढीली लेकिन बंधी हुई रखें, खासकर जब वे अपनी सीट पर बैठे हों।

 

विमान सुरक्षित उतरा, जांच जारी

Air India AI 2379 ने घटना के बाद दिल्ली में सुरक्षित लैंडिंग की। एयरलाइन ने कहा है कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और घटना से प्रभावित लोगों को जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। मामले की जांच संबंधित अधिकारियों के साथ की जा रही है।

प्रदेश के सभी जनपदों में होगा डेयरी कॉन्क्लेव-2026 का आयोजन

Nandini Krishi Samriddhi Yojana

Dairy Conclave 2026: दुग्धशाला विकास विभाग के 50 वर्ष बुधवार को पूरे होंगे। विभाग के (स्वर्ण जयंती वर्ष) के उपलक्ष्य में प्रदेश के सभी 75 जनपदों में बुधवार को दुग्धशाला विकास विभाग एवं पशुपालन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से एक दिवसीय जनपद स्तरीय डेयरी कॉन्क्लेव-2026 होगा। कार्यक्रम का उद्देश्य दुग्धशाला विकास विभाग एवं पशुपालन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुँचाना, डेयरी क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों एवं वैज्ञानिक पशुपालन प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा विभागीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है।

 

दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के. ने बताया कि कॉन्क्लेव का मुख्यालय से वेब लिंक के माध्यम से सीधा प्रसारण किया जाएगा। जनपद स्तर पर कार्यक्रम का आयोजन विकास भवन सभागार में संबंधित मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में होगा। इसका उद्घाटन जनप्रतिनिधियों द्वारा किया जाएगा। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ अधिकारियों, दुग्ध संघों के प्रतिनिधियों, दुग्ध उत्पादक किसानों, पशुपालकों, स्वयं सहायता समूहों, दुग्ध समितियों एवं अन्य हितधारकों की सहभागिता भी होगी। 

कार्यक्रम का जूम लिंक के माध्यम से प्रसारण

मुख्यालय से कार्यक्रम का जूम लिंक के माध्यम से प्रातः 10:30 से 11:30 के मध्य प्रसारण कराया जाएगा। इसमें विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान की जाएगी। कॉन्क्लेव में विभिन्न विषयों पर विशेष प्रस्तुतिकरण होंगे, जिनमें आधुनिक डेयरी प्रबंधन (नन्द बाबा दुग्ध मिशन आदि), औपचारिक डेयरी प्रसंस्करण (दुग्ध नीति-2022 ),चारा प्रबन्धन, पशु रोगों की पहचान, रोकथाम, निगरानी, नियंत्रण तथा टीकाकरण समेत विभागीय योजनाओं/कार्यक्रमों की जानकारी दी जाएगी।

 

दुग्धशाला विकास विभाग एवं पशुपालन विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ कृषि विज्ञान केन्द्रों तथा कृषि विश्वविद्यालयों के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं विषय विशेषज्ञ अनुभव साझा करेंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री स्वदेशी गो-संवर्धन योजना, मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना एवं नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना के लाभार्थियों को चयन एवं अनुमति पत्र वितरित किए जाएंगे। 

 

श्रीमती धनलक्ष्मी के. ने प्रदेश के सभी दुग्ध उत्पादक किसानों, पशुपालकों, स्वयं सहायता समूहों, दुग्ध समितियों तथा डेयरी क्षेत्र से जुड़े नागरिकों से जनपद स्तरीय डेयरी कॉन्क्लेव में सहभागिता करने का आग्रह किया है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति अहम, सीएम डॉ. मोहन यादव बोले- इसके जरिये नैतिक मूल्यों से जुड़ रहे युवा

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को “उभरते ज्ञान क्षेत्र, उन्नत पाठ्यक्रम:दृष्टि, दिशा एवं क्रियान्वयन” विषय पर आयोजित कार्यशाला में सम्मिलित हुए। कार्यशाला का आयोजन प्रशासन अकादमी में किया गया था। कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल भी उपस्थित थे। कार्यशाला का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन में उच्च शिक्षा के पाठ्यक्रमों को वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक, रोजगारोन्मुख, बहुविषयक तथा प्रौद्योगिकी-सक्षम बनाना है। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा विभाग ने देश के आईआईटी संस्थानों के साथ अलग-अलग उद्देश्यों को लेकर एमओयू भी साइन किए।

 

कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण और संस्कार आधारित शिक्षा समाज और राष्ट्र के विकास का आधार है। विकसित भारत के लिए गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा अत्यंत ज़रूरत है। युवाओं के लिए कौशल, रोज़गार और संस्कार आधारित शिक्षा समय की मांग है। शिक्षा जगत के मनीषियों को देश के युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण और संस्कार आधारित शिक्षा पर विशेष चिंतन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर बच्चे के लिए रोजगारपरक शिक्षा सुनिश्चित करना शिक्षा जगत की सर्वोच्च प्राथमिकता होना चाहिए। प्रदेश के सभी विश्वविद्यालय और शैक्षणिक संस्थानों को अधिक से अधिक रोज़गार और कौशल आधारित पाठ्यक्रमों का संचालन करना चाहिए। विद्यार्थियों के लिए प्लेसमेंट की व्यवस्था बनाए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि स्थानीय उद्योगों की माँग के अनुरूप पाठ्यक्रमों को तैयार करें। शैक्षणिक संस्थान, औद्योगिक संस्थानों और प्रतिष्ठानों से समन्वय करें। और आवश्यकता अनुसार शोध और अनुसंधान कर नए कोर्स डिजाइन करें ।

 

देश और राज्य को मजबूत बनाएंगे युवा-इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से हमारे युवा  नैतिक मूल्यों से जुड़ रहे हैं । वे समय की मांग के अनुरूप शिक्षित और प्रशिक्षित होकर देश के साथ-साथ राज्य को भी मजबूत बनाएंगे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने के बाद उसके विभिन्न आयामों आगे बढ़ाने की दिशा में उच्च शिक्षा विभाग ने उत्कृष्ट कार्य किया है। इसके लिए विभाग के सभी अधिकारी कर्मचारी बधाई के पात्र हैं। वहीं, उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि देश में सबसे पहले राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 मध्य प्रदेश में  लागू की गई। राज्य सरकार ने भारतीय ज्ञान परंपरा को पाठ्यक्रमों में शामिल करने का निर्णय लिया है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति में इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि हमारे पाठ्यक्रम ऐसे हो, जिनमें ज्ञान के साथ कौशल विकास भी शामिल हो। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरुप पाठ्यक्रम तैयार करने में यह कार्यशाला अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगी। मध्यप्रदेश सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। हमारी सरकार ने भारत सरकार और विभिन्न संस्थाओं के साथ एमओयू किया है। पढ़ाई पूरी होने के बाद विद्यार्थियों के प्लेसमेंट पर भी जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महाविद्यालयों में आधुनिक जरूरत और उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप, शिक्षा  व्यवस्था करने के लिए यहां मंथन होगा। इसमें विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलगुरु शामिल हुए हैं। इस कार्यशाला के  निष्कर्ष  बेहतर पाठ्यक्रम तैयार करने में सहायक सिद्ध होंगे।

 

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में एमपी अग्रणी राज्य 

उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने कहा कि मध्यप्रदेश राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में अग्रणी राज्य है। राज्य सरकार इसे और बेहतर बनाने के लिए कार्य कर रही है। प्रदेश में कृषि संकाय के लिए पाठ्यक्रमों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी के साथ टेक्नोलॉजी, एआई, इंजीनियरिंग पर भी बेहतर कार्य हो रहा है। शिक्षा विभाग में तकनीक का समावेश तेजी से बढ़ा है। पिछले दो वर्ष में हजारों की संख्या में सहायक प्राध्यापकों की भर्ती की गई है, जिससे महाविद्यालयों में फैकेल्टी की कमी दूर करने में मदद मिली है। कैपेसिटी बिल्डिंग और फैकल्टी डेवलपमेंट के लिए कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। इस कार्यशाला के 5 अलग-अलग सत्रों में शिक्षा के उन्नयन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार विमर्श किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग और 30 संस्थानों के बीच एमओयू भी साइन किए  जाएंगे, जिस के माध्यम से युवाओं के लिए शिक्षा और कौशल विकास के लिए बेहतर रोडमैप तैयार किया जा सकेगा।

 

उच्च शिक्षा विभाग ने किए इतने एमओयू-कार्यक्रम में उच्च शिक्षा विभाग ने आईआईटी बॉम्बे के साथ डिजिटल कौशल एवं मुक्त स्रोत प्रौद्योगिकी के माध्यम से रोजगार क्षमता विकास, आईआईटी मद्रास के साथ भविष्य की प्रौद्योगिकियों और वैश्विक गुणवत्ता शिक्षा के सशक्त सेतु, आईआईटी गुवाहटी के साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित उच्च शिक्षा, आईआईटी वाराणसी के साथ उन्नत तकनीकी शिक्षा एवं अनुसंधान उत्कृष्टता की ओर एक सशक्त कदम, आईआईटी रुड़की के साथ नेतृत्व, सतत् विकास एवं आपदा प्रबंधन में उत्कृष्टता की दिशा में साझेदारी, आईआईटी खड़गपुर के साथ गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा व संस्थागत उत्कृष्टता की  पहल के लिए एमओयू किए। इसके अलावा आईआईटी इन्दौर ने नवाचार, स्टार्टअप एवं उद्यमिता संस्कृति को प्रोत्साहन, अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान (एआईजीजीपीए)  ने सुशासन एवं लोकनीति अध्ययन को उच्च शिक्षा से जोड़ने की पहल, मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (एमपीसीएसटी)  ने वैज्ञानिक अनुसंधान एवं नवाचार संस्कृति को नई गति प्रदान करने, भारत मौसम विज्ञान विभाग ने जलवायु साक्षरता एवं मौसम विज्ञान आधारित अनुसंधान को नई दिशा प्रदान करने के उद्देश्य से उच्च शिक्षा विभाग के साथ एमओयू किए।

जबलपुर के ट्रॉपिकल फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट ने वन-जैव विविधता एवं जलवायु परिवर्तन अनुसंधान को उच्च शिक्षा से जोड़ने ,  एडवांस्ड मैटेरियल्स एंड प्रोसेसेस रिसर्च इंस्टीट्यूट (एएमपीआरआई) ने वैज्ञानिक अनुसंधान एवं उन्नत प्रौद्योगिकी से नवाचार को नई दिशा देने, भारतीय वन प्रबंधन संस्थान (आईआईएफएम) ने पर्यावरणीय नेतृत्व एवं सतत् विकास के लिए ज्ञान साझेदारी, भारतीय मृदा विज्ञान संस्थान (आईआईएसएस) ने सतत् कृषि एवं मृदा विज्ञान अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए एमओयू किया। केन्द्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान कृषि नवाचार एवं प्रौद्योगिकी आधारित उच्च शिक्षा और राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय, फोरेंसिग विज्ञान एवं साइबर सुरक्षा में भविष्य उन्मुख कौशल विकास तथा मध्यप्रदेश पुलिस, सुरक्षित- जागरूक एवं उत्तरदायी नागरिक निर्माण की दिशा में सशक्त पहल के अंतर्गत उच्च शिक्षा विभाग की संस्थाओं के साथ कार्य करेगी। श्रम विभाग ने मध्यप्रदेश रोजगारन्मुख शिक्षा, कौशल विकास एवं श्रमिक अधिकार जागरूकता, राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान ने तकनीकी दक्षता, नवाचारी शिक्षण एवं संकाय क्षमता निर्माण , क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान भोपाल ने शिक्षक शिक्षा एवं शैक्षणिक गुणवत्ता संवर्धन की दिशा में उत्कृष्ट साझेदारी के लिए उच्च शिक्षा विभाग के साथ एमओयू किए।

E20 के खिलाफ PM आवास मार्च पर निकले केजरीवाल, पुलिस ने बीच रास्ते रोका; AAP का सड़क पर धरना

arvind kejriwal protest

दिल्ली के पूर्व मुख्‍यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को E20 फ्यूल के खिलाफ पार्टी के 100 नेताओं के साथ प्रधानमंत्री आवास तक मार्च निकला। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने केजरीवाल समेत पार्टी के अन्य नेताओं को फिरोजशाह रोड पर ही रोक दिया। इसके बाद सभी AAP नेता फिरोजशाह रोड पर ही बीच सड़क पर धरने पर बैठ गए। ALSO READ: क्या है ‍बांकीपुर का जातीय गणित और किस जाति से आते हैं प्रशांत किशोर? कितने पढ़े-लिखे हैं PK

 

AAP ने करीब 100 नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ यह मार्च निकाला था। पार्टी का दावा है कि उसने देशभर से 2.30 लाख से ज्यादा लोगों की याचिकाएं जुटाई हैं, जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपना था। लेकिन हमें पुलिस ने रोक दिया। हमने सभी चिट्ठियां मोदी जी को भेज दी हैं। पार्टी का कहना है कि जनता पर जबरन थोपे गए E20 के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा।

 

केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को US प्रेसिडेंट ट्रंप के दबाव में नहीं आना चाहिए। उन्हें USA से इथेनॉल खरीदना बंद करना चाहिए और हमारे देश पर E20 थोपना बंद करना चाहिए। मुझे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री हमें फोन करेंगे। हमने प्रधानमंत्री को मैसेज भेजा है कि हम उनसे मिलना चाहते हैं। संघर्ष जारी रहेगा।

 

केजरीवाल ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी

बाद में उन्होंने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, आज हमने E20 के विरोध में जनता की 2 लाख से अधिक याचिकाएं लेकर मोदी जी से मिलने की कोशिश की, लेकिन मोदी जी की पुलिस ने हमें रोक दिया। हमने सभी याचिकाएं मोदी जी को भेज दी हैं। मोदी जी, हमें अपनी ताकत दिखाने से क्या होगा? आप यही हिम्मत ट्रंप को दिखाइए और देश पर E20 थोपना बंद करिए। वरना देश फिर एक बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर हो जाएगा।

क्या बोले संजय सिंह और सौरभ भारद्वाज

आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि ट्रंप की गुलामी के कारण पीएम मोदी 22,000 करोड़ का इथेनॉल खरीद रहे हैं। 30 करोड़ गाड़ियां E20 के लिए नहीं बनी है, वे गाड़ियां खराब होगी। लोगों का नुकसान होगा। हम कहना चाहते हैं की मोदी जी इथेनॉल खरीदना बंद कर दीजिए। ALSO READ: 'कुत्ता या बिल्ली भी जीत जाएगा', क्या इसी ओवरकॉन्फिडेंस ने डुबो दी बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की सीट?

 

वहीं आप के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि हमने पुलिस अधिकारियों से इस बारे में बात की है कि लोग लाखों की संख्या में अर्जी लेकर यहां आए हैं। हम प्रधानमंत्री को अर्जी देना चाहते हैं और चाहते हैं कि वे इथेनॉल पर चर्चा करें। बातचीत होनी चाहिए। अरविंद केजरीवाल ने चिट्ठी लिखी है। हमने प्रधानमंत्री को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बार-बार बताया है।

क्या है ‍बांकीपुर का जातीय गणित और किस जाति से आते हैं प्रशांत किशोर? कितने पढ़े-लिखे हैं PK

Bankipur Caste Equation

Bankipur Caste Equation: बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर जीत दर्ज करने वाले जनसुराज पार्टी के मुखिया प्रशांत किशोर अपनी राजनीतिक चर्चाओं और साक्षात्कारों में अक्सर यह कहते रहे हैं कि जाति एक सामाजिक सच्चाई है, लेकिन वे स्वयं जाति की राजनीति नहीं करते। उनका कहना है कि उनकी जाति न तो उनकी ताकत है और न ही उनकी कमजोरी। कायस्थ बहुल बांकी सीट पर प्रशांत किशोर की जीत कम चौंकाने वाली नहीं है क्योंकि भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा कायस्थ समुदाय से ही आते हैं। 

 

हालांकि प्रशांत किशोर का जन्म एक कान्यकुब्ज ब्राह्मण परिवार में हुआ है। उनका पूरा नाम प्रशांत किशोर पांडे है। बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों और राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, प्रशांत की जीत किसी एक जाति के भरोसे नहीं, बल्कि एक सर्वसमावेशी गठबंधन और बहु-जातीय समर्थन के कारण संभव हुई। ALSO READ: बांकीपुर में क्यों हारी भाजपा? प्रशांत किशोर की जीत के 5 बड़े कारण

सवर्ण मतदाताओं का प्रशांत की ओर झुकाव

चूंकि प्रशांत स्वयं ब्राह्मण समाज से आते हैं। इसलिए बांकीपुर में ब्राह्मण मतदाताओं ने एकजुट होकर जन सुराज का समर्थन किया। बांकीपुर में बीजेपी ने कायस्थ उम्मीदवार (नीरज कुमार सिन्हा) को उतारा था। ऐसे में बीजेपी के पारंपरिक सवर्ण वोट बैंक माने जाने वाले भूमिहार और राजपूत मतदाताओं के एक बड़े हिस्से ने विकल्प के रूप में प्रशांत किशोर को चुना।

आरजेडी से टूटा मुस्लिम मतदाता

राजद (RJD) की प्रत्याशी के कमजोर स्थिति में होने के कारण, मुस्लिम मतदाताओं का एक बड़ा हिस्सा आरजेडी से छिटककर प्रशांत किशोर की तरफ शिफ्ट हो गया। उन्हें लगा कि भाजपा को हराने में प्रशांत किशोर ही मुख्य दावेदार हैं। आरजेडी के प्रति उदासीनता और स्थानीय मुद्दों की वजह से यादव और अति पिछड़ा वर्ग के वोट भी विभाजित हुए और इसका एक हिस्सा प्रशांत किशोर की झोली में गया। शहरी बस्तियों और वार्डों में दलित और महादलित मतदाताओं ने भी व्यवस्था परिवर्तन, शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों पर जन सुराज के पक्ष में मतदान किया। ALSO READ: JDU विधायक अनंत सिंह ने बताया बांकीपुर में भाजपा की हार का असली कारण

कितने पढ़े-लिखे हैं प्रशांत किशोर? 

प्रशांत किशोर की स्कूली शिक्षा बिहार के बक्सर (MP हाई स्कूल) और पटना (पटना साइंस कॉलेज) से हुई है। इसके बाद उन्होंने उच्च शिक्षा हासिल की। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय के बिजनेस स्टडीज विभाग से बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन यानी BBA की डिग्री ली। हैदराबाद स्थित Administrative Staff College of India (ASCI) से मास्टर ऑफ हेल्थकेयर एडमिनिस्ट्रेशन (MHA) की डिग्री प्राप्त की। यह कोर्स जॉन हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी (अमेरिका) और हिंदुजा अस्पताल के सहयोग से तैयार किया गया था। इसके अलावा, उन्होंने साल 2010 में फ्रांस की क्लैमों-फेरां यूनिवर्सिटी और CAVILAM (विशी, फ्रांस) से फ्रेंच भाषा का इंटेंसिव कोर्स भी किया है।

प्रशांत किशोर की आय के मुख्य साधन?

राजनीति में जन सुराज अभियान शुरू करने से पहले, प्रशांत किशोर देश के सबसे बड़े और महंगे राजनीतिक रणनीतिकार थे।  उन्होंने भारत के विभिन्न राजनीतिक दलों- भाजपा, टीएमसी, वाईएसआर कांग्रेस, आप, डीएमके आदि के लिए चुनावी अभियान डिजाइन किए। स्वयं प्रशांत ने सार्वजनिक खुलासा किया है कि उन्होंने अपनी कंसल्टेंसी कंपनियों (जैसे I-PAC/सिटिजन्स फॉर एकाउंटेबल गवर्नेंस) और व्यक्तिगत परामर्श शुल्क से 3 वर्षों में करीब 241 करोड़ रुपए की कमाई की थी, जिस पर उन्होंने टैक्स चुकाया।

 

भारतीय राजनीति और चुनावी रणनीति के क्षेत्र में कदम रखने से पहले (वर्ष 2011 से पूर्व) प्रशांत किशोर लगभग 8 वर्षों तक संयुक्त राष्ट्र (UN) समर्थित सार्वजनिक स्वास्थ्य (Public Health) कार्यक्रमों में उच्च पदों पर कार्यरत थे। वे अफ्रीका के चाड (Chad) देश में यूनिसेफ (UNICEF) के 'हेड ऑफ सोशल पॉलिसी एंड प्लानिंग' रहे थे। चुनावी हलफनामे के अनुसार उनके पास बैंकों में करोड़ों की एफडी (FD), शेयर बाजार में निवेश और म्यूचुअल फंड्स से मिलने वाला रिटर्न है।

 

उनके पास रोहतास (बिहार) में एक राइस मिल, कृषि योग्य भूमि, पैतृक संपत्ति के अलावा पटना, दिल्ली और गाजियाबाद में अचल संपत्तियां हैं। उनकी पत्नी डॉ. जाह्नवी दास पेशे से चिकित्सक हैं और सीनियर एडवाइजर के तौर पर कार्य करती हैं। उनके पास भी निजी कंपनियों के शेयर और अन्य वित्तीय निवेश हैं।

ये कैसी आस्‍था, कांवड़ियों के दो गुट आपस में भिड़े, लाठी-डंडों और खून-खराबे से सिहर उठा माहौल, पुलिस के सामने हंगामा

Kanwariya

यह कांवड़ यात्रा का दौर है। देशभर में जगह जगह कांवड़ यात्राएं निकल रही हैं। इसी बीच मेरठ में एक कांवड़ यात्रा के दौरान जमकर हिंसा की खबर आ रही है। दिल्ली-दून हाईवे के कांवड़ मार्ग पर बाइक से कांवड़ टकराने को लेकर कांवड़ियों के बीच जमकर विवाद हो गया।

कहासुनी मारपीट में बदल गई। बीच-बचाव करने सादी वर्दी में पुलिस के सिपाही पहुंचे। कांवडिये इतने आक्रोशित थे कि उन्होंने जीप में सवार एक व्यक्ति को खींचकर पिटाई कर दी।

दोनों समूह में हिंसा चल रही थी। NH58 पर देखते ही देखते अफरा-तफरी मच गई। मिली जानकारी के मुताबिक 3 अगस्त की मध्यरात्रि में लगभग 2.30 बजे के आसपास कांवड़ियों की दो बाइक आपस में भिड गई। दोनों पक्षों में कहासुनी के बाद मारपीट हो गई। इसी बीच कांवड़ मार्ग पर पैदल आ रहे कांवड़ियों ने भी एक का साथ देते हुए हाथापाई और डंडे चला दिये।

मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले को शांत करवाया और दोनों पक्षों को थाने ले आई। पुलिस के मुताबिक, नोएडा का सोनू अपने साथी गुड्डू के साथ बाइक से गंगाजल लेने के लिए हरिद्वार जा रहा था। जैसे ही वह NH 58 पर मेरठ दौराला पहुंचा तो सामने की तरफ यानी हरिद्वार से गंगाजल लेकर एक बाइक सवार कांवड़ियां आ रहा था। दोनों बाइकों में टक्कर के बाद कहासुनी हो गई, बात मारपीट की नौबत तक पहुंच गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, पुलिस जीप में सादी वर्दी में पुलिसकर्मी थे, जिन्होंने भीड़ से बचाते हुए सोनू और गुड्डू कै जीप में बैठाया। 

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इसी बीच सड़क पर पैदल अन्य शिव भक्त कांवडियें आ रहे थे, उन्हें जैसे ही पता चला कि पुलिस जीप में टक्कर मारने वाले पुलिस जीप में है। पुलिस उन्हें बचाकर ले जाने का प्रयास कर रही है तो वह उग्र हो गये। भीड़ ने जीप से एक शख्स को खींचकर थप्पड़, लात और डंडे से पीटा, वही दूसरे जीप सवार को गाड़ी के अंदर जमकर पीटा। इसी बीच जीप में सवार कांवडियां अपने साथियों को फोन पर बुलाता नजर आ रहा है। पुलिस के मुताबिक जीप में सवार किसी सिपाही के साथ मारपीट नहीं हुई है और न ही इस घटना में कोई पुलिसकर्मी घायल हुआ है। जीप में सवार कांवडियें को भीड़ ने खींचकर पीटा है। पुलिस ने दोनों पक्षों के कांवड़ियों को अपने साथ ले जाकर मेडिकल करवाया है।

वीडियो वायरल : मेरठ एसएसपी अविनाश पांडे के मुताबिक सोशल मीडिया पर कांवडियों द्वारा मारपीट का वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो के कथित प्रचार किया जा रहा है कि पुलिस जीप से बाहर निकाल कर पुलिसकर्मियों को पीटा गया है। जबकि जीप से बाहर निकाल कर जिसकी पिटाई की जा रही है, वह कांवडियें सोनू और गुड्डू है। बाइक टक्कर से कांवड़ खंडित होने पर भोले गुस्साए और उन्होंने मारपीट कर दी। इस मामले में पुलिस ने मारपीट कंट्रोल करते हुए जीप में बैठे हुए सोनू और.गुड्डू को बचाने का प्रयास किया, जिसमें एक पुलिस कर्मी के हाथ और कंधे पर चोट आई है। पुलिस ने हंगामा करने वाले लोगों पर मुकदमा दर्ज करते हुए वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

‘जनता भाजपा से तंग आ चुकी है’, उपचुनाव में हार के बाद प्रियंका गांधी का बड़ा हमला

Priyanka Gandhi Vadra on bjp defeat in bypoll election 2026

बांकीपुर और दतिया विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में भाजपा की करारी हार पर तंज कसते हुए कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि जनता अब भाजपा से तंग आ चुकी है और यह सिर्फ शुरुआत है।

 

संसद परिसर में जब पत्रकारों ने उपचुनाव के नतीजों पर वरिष्‍ठ कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी से सवाल किया, तो उन्होंने कहा, यह साफ है कि जनता भाजपा से थक चुकी है और तंग आ चुकी है। अब लोग समझ रहे हैं कि देश में क्या हो रहा है। उन्होंने आगे कहा, यह तो सिर्फ शुरुआत है। ALSO READ: 'कुत्ता या बिल्ली भी जीत जाएगा', क्या इसी ओवरकॉन्फिडेंस ने डुबो दी बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की सीट?

 

चर्चा में जदयू नेता अनंतसिंह का बयान

इस बीच बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों पर JD(U) विधायक अनंत कुमार सिंह ने भी कहा कि इसमें (चुनाव में) कोई भी नेता न जीतता है, न हारता है। जनता जिसको जिताती है, वो जीतता है। सभी तरफ नीतीश कुमार की यही चर्चा है कि हमने (जनता) उन्हें वोट दिया और उन्हें बीच में हटा दिया गया है। इस बात में दम नहीं है। वो अपनी योजना से हटे हैं मगर जनता के बीच में चर्चा है कि उन्हें हटा दिया गया। अभी जहां भी चुनाव होगा, वहां यही हाल होगा। जनता में गुस्सा है कि हमनें मुख्यमंत्री किसे बनाया और उन्होंने किसको बना दिया। ALSO READ: JDU विधायक अनंत सिंह ने बताया बांकीपुर में भाजपा की हार का असली कारण

 

बांकीपुर और दतिया में हार से भाजपा स्तब्ध

गौरतलब है कि बिहार की बांकीपुर और मध्यप्रदेश की दतिया में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे से खाली हुई बांकीपुर में जनसुराज पार्टी के प्रशांत किशोर जीते तो दतिया में कांग्रेस के घनश्याम सिंह ने बाजी मारी। हालांकि भाजपा गुजरात की मांजलपुर विधानसभा सीट जीतने में सफल रही। यहां भाजपा उम्मीदवार सतीश गोविंदभाई पटेल ने कांग्रेस प्रत्याशी और पूर्व मंत्री भीखाभाई रबारी को 30,630 वोटों से हराया। ALSO READ: दतिया में हार के बाद बड़े एक्शन की तैयारी में भाजपा, जिला अध्यक्ष सहित पूरी कार्यकारिणी पर गिर सकती है गाज

 

बहरहाल हर चुनाव को गंभीरता से लड़ने वाली भाजपा के लिए बांकीपुर और दतिया में मिली हार को बड़ा झटका माना जा रहा है। बिहार और मध्‍यप्रदेश दोनों ही राज्यों में भाजपा की ही सरकार है। ऐसे में पार्टी ने भी हार स्वीकारते हुए मंथन करने की बात कही है। 

‘कुत्ता या बिल्ली भी जीत जाएगा’, क्या इसी ओवरकॉन्फिडेंस ने डुबो दी बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की सीट?

Bankipur Bypoll Results

Bankipur Bypoll Results: राजनीति में जनता का जनादेश कब ओवरकॉन्फिडेंस की हवा निकाल दे, इसका ताजा और बड़ा उदाहरण बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर देखने को मिला है। हाल ही में हुए तीन राज्यों की तीन विधानसभा सीटों के उपचुनावों में बीजेपी दो सीटें गंवा बैठी। लेकिन सबसे करारा झटका बिहार के बांकीपुर में लगा—यह वही सीट है जो भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी।

 

नितिन नवीन ने पिछला चुनाव 50 हजार से भी ज्यादा वोटों के अंतर से जीता था। ऐसे में बीजेपी के लिए यह महज एक उपचुनाव नहीं, बल्कि साख की लड़ाई थी। लेकिन नतीजे आए तो बीजेपी अपनी यह 'अभेद्य' मानी जाने वाली सीट भी नहीं बचा पाई।

बांकीपुर का जनादेश : आंकड़ों में समझें हार-जीत का गणित

इस उपचुनाव में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने बड़ा उलटफेर करते हुए बीजेपी उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को 19,324 वोटों के बड़े अंतर से हरा दिया।

Bankipur Bypoll Results

पूर्व नौकरशाह और जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने इस जीत को अपनी पार्टी के लिए 'स्वर्ण युग की शुरुआत' करार दिया। उन्होंने राजनीतिक दलों को आईना दिखाते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनता की इच्छा सर्वोपरि है। यह जनादेश उन नेताओं के लिए सीधा संदेश है जो अहंकारवश किसी निर्वाचन क्षेत्र को अपनी जागीर समझने की भूल करते हैं।

'कुत्ता-बिल्ली' वाला बयान और ओवरकॉन्फिडेंस का जाल

बांकीपुर में बीजेपी अपनी जीत को लेकर इस कदर आश्वस्त थी कि चुनाव प्रचार के दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री और स्थानीय सांसद रविशंकर प्रसाद के हवाले से एक विवादित बयान सामने आया था। कहा गया था कि उन्होंने कहा है— “बांकीपुर में अगर हम किसी कुत्ते या बिल्ली को भी बीजेपी के टिकट पर खड़ा कर दें, तो वो भी जीत जाएगा।”

 

हालांकि, विवाद बढ़ने पर रविशंकर प्रसाद ने इस तरह का बयान देने से साफ़ इनकार कर दिया था। लेकिन राजनीति के जानकारों का मानना है कि इस तरह की चर्चाओं ने जनता के बीच यह संदेश दिया कि पार्टी मतदाता को 'टेकन फॉर ग्रांटेड' (हल्के में) ले रही है।

 

चुनावी राजनीति में जब कोई दल अपनी जीत को शत-प्रतिशत तय मानकर जनता के विवेक को नजरअंदाज करने लगता है, तो मूक मतदाता 'साइलेंट वोटिंग' के जरिए अपना विरोध दर्ज कराता है। बांकीपुर का नतीजा नेताओं के बयान और जनता के स्वाभिमान के बीच की इसी लड़ाई का नतीजा है।

सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ : 'इन लड्डुओं का अब क्या होगा?'

लड्डू तो बन गए थे पटना में, लेकिन डिलीवरी का पता प्रशांत किशोर का दफ्तर निकला!

सोमवार को जब मतगणना चल ही रही थी, तब पटना में बीजेपी दफ्तर और प्रत्याशी नीरज सिन्हा के समर्थकों द्वारा जीत के जश्न के लिए लड्डू तैयार किए जाने के वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो गए।

 

जैसे ही रुझान हार में बदले, सोशल मीडिया पर यूजर्स ने तंज कसना शुरू कर दिया:
 

डिलीवरी का एड्रेस बदलो : एक यूजर ने लिखा, “ये लड्डू अब सीधे पीके (प्रशांत किशोर) के कार्यालय कूरियर कर दो।”

लड्डुओं का भविष्य क्या है? : एक अन्य यूजर ने प्रत्याशी की हार से ज्यादा मिठाइयों की चिंता करते हुए एक व्यावहारिक सवाल पूछा— “केवल उत्सुकतावश, उन लड्डुओं का आमतौर पर क्या होता है जो राजनीतिक दल जीत की उम्मीद में बनवाते हैं लेकिन बाद में चुनाव हार जाते हैं? क्या उन्हें कहीं बांटा जाता है, दान किया जाता है या वे बेकार हो जाते हैं?”

राजनीतिक सबक : जागीर नहीं होती कोई सीट

बांकीपुर का यह परिणाम देश के तमाम राजनीतिक दलों के लिए एक बड़ा सबक है। राष्ट्रीय अध्यक्ष का क्षेत्र होने और 50 हजार की पुरानी बढ़त के बावजूद, अगर 19 हजार से ज्यादा वोटों से हार मिलती है, तो यह साफ़ है कि:
 

1. विकल्प की मौजूदगी : प्रशांत किशोर की 'जन सुराज' ने बिहार में खुद को एक मजबूत और संजीदा विकल्प के रूप में पेश करने में सफलता पाई है।

2. स्थानीय मुद्दे बनाम राष्ट्रीय कद : जनता के लिए स्थानीय उम्मीदवार की पहुंच और संवाद, राष्ट्रीय नेताओं के कद से ज्यादा मायने रखता है।

3. अहंकार की पराजय : बयानों का असर भले ही तुरंत न दिखे, लेकिन ईवीएम का बटन दबाते वक्त जनता अपने अपमान का हिसाब चुकता कर देती है।

दतिया उपचुनाव में हार पर बोले कैलाश विजयवर्गीय, हार तो हार है, हल्के में नहीं ले सकते, लेकिन…

Kailash Vijayvargiya

दतिया उपचुनाव हार पर अब भाजपा बैकफुट पर है। हार का चिंतन शुरू हो गया है। जो किसी ने सोचा नहीं था, वो दतिया में हो गया है। इस बीच भाजपा नेताओं के बयान भी सामने आ रहे हैं। हाल ही में इंदौर में भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय का बयान सामने आया है।

मध्य प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दतिया विधानसभा उपचुनाव के परिणाम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उपचुनाव का महत्व आम चुनाव जितना नहीं होता, लेकिन हार को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि भाजपा इस हार की समीक्षा करेगी। विजयवर्गीय ने सोमवार देर रात इंदौर में मीडिया से बात की थी।

उन्‍होंने कहा कि उपचुनाव का बहुत ज्यादा महत्व नहीं होता, फिर भी हार, हार होती है और जीत, जीत होती है। प्रदेश अध्यक्ष ने भी कहा है कि पार्टी इस परिणाम पर चिंतन करेगी।

उन्होंने कहा कि भाजपा यह पता लगाएगी कि किन कारणों से पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। साथ ही भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए आवश्यक कदम भी उठाए जाएंगे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के प्रभाव वाले क्षेत्र की सीट पर आए परिणाम को लेकर पूछे गए सवाल पर विजयवर्गीय ने कहा कि वे स्वयं वहां चुनाव प्रचार के लिए गए थे।

भाजपा को 6056 वोटों से हराया : बता दें कि दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस ने भाजपा को 6056 वोटों से हरा दिया। चुनाव में पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के बूथ पर भी भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। नतीजे आने के बाद भाजपा और कांग्रेस नेताओं ने एक-दूसरे को मेलोडी टॉफी खिलाकर बधाई दी और गले मिले। इस जीत के साथ कांग्रेस ने सीट अपने नाम कर ली, जबकि भाजपा को बड़ा राजनीतिक झटका लगा।