सुनेत्रा पवार को ‘गूंगी गुड़िया’ कहने पर गरमाई महाराष्ट्र की सियासत, CM फडणवीस का कांग्रेस पर तीखा हमला

congress says sunetra pawar gungi gudiya

सुनेत्रा पवार के लिए 'गुंगी गुड़िया' शब्द का इस्तेमाल करने पर कांग्रेस को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने करारा और सीधा जवाब दिया है। कांग्रेस की इस राजनीति को 'घटिया स्तर की' राजनीति बताते हुए फडणवीस ने उन्हें आईना दिखाया है।

 

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस पूरे विवाद पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी आजकल केवल चर्चा में रहने और खबरों में बने रहने के लिए ऐसे हथकंडों का इस्तेमाल कर रही है। कांग्रेस नेता इस तरह की ओछी टिप्पणियां एक खास मानसिकता के तहत कर रहे हैं।

 

फडणवीस ने आगे कहा कि आजकल कांग्रेस को कोई भी गंभीरता से नहीं लेता है और उन्हें जनता से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल रही है। इसलिए, चर्चा में बने रहने के लिए वे इतने निचले स्तर पर उतर आए हैं। उनके अनुसार, महाराष्ट्र के राजनीतिक इतिहास में किसी महिला नेत्री के खिलाफ इस तरह की घटिया टिप्पणियां शायद ही कभी की गई हैं।

 

कांग्रेस ने सुनेत्रा पवार को क्यों कहा गूंगी गुड़िया?

महाराष्ट्र कांग्रेस ने हाल ही में उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस और बीड दौरे पर सवाल उठाए। बीड जिले के दौरे के दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस करते समय एक पत्रकार ने जिले की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाया। इसके बाद, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के नेता धनंजय मुंडे ने पत्रकार को बीच में ही रोक दिया और सुनेत्रा पवार बिना जवाब दिए ही वहां से चली गईं।

 

प्रेस कॉन्फ्रेंस की एक क्लिप शेयर करते हुए महाराष्ट्र कांग्रेस ने फेसबुक पोस्ट में सुनेत्रा पवार को 'डंब डॉल' (गूंगी गुड़िया) कहा और सवाल उठाया कि वह और कितने समय तक 'गूंगी गुड़िया' बनी रहेंगी। पार्टी ने आरोप लगाया है कि उपमुख्यमंत्री के पास महत्वपूर्ण मुद्दों पर स्पष्ट और प्रभावी उत्तरों की कमी है।

 

बयान से एनसीपी अजित पवार नाराज

कांग्रेस के इस बयान पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी नेताओं ने कहा है कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक शिष्टाचार और संस्कृति से भटक गई है। एक महिला नेत्री के खिलाफ इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना न केवल अनुचित है, बल्कि महिलाओं के प्रति कांग्रेस के दृष्टिकोण को भी उजागर करता है।

 

राकांपा (अजित पवार गुट) के नेता धनंजय मुंडे ने कहा कि यह बयान महिलाओं के प्रति कांग्रेस की नफरत को दर्शाता है और कांग्रेस को आत्मपरीक्षण करना चाहिए। 

 

राष्ट्रवादी कांग्रेस के नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस महिलाओं का सम्मान करने के बजाय उनका अपमान कर रही है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन व्यक्तिगत और अपमानजनक भाषा का प्रयोग लोकतांत्रिक राजनीति की गरिमा के अनुकूल नहीं है।

UPI यूजर्स के लिए बड़ा अपडेट! 2000 रुपए से ऊपर के बिजनेस पेमेंट पर लग सकता है MDR चार्ज, जानिए किस पर पड़ेगा असर

MDR Charges on UPI payment

सरकार ने संसद में ऐसा बिल पेश किया है जिससे 2000 रुपए से ऊपर के UPI बिजनेस ट्रांजैक्शन पर 0.25% से 0.4% तक MDR चार्ज लगाने का रास्ता खुल सकता है। यह चार्ज व्यक्ति से व्यक्ति के ट्रांसफर पर यह लागू नहीं होगा। प्रस्तावित चार्ज केवल दुकानदारों और व्यापारियों पर लागू होगा, ग्राहकों की जेब से पैसे नहीं कटेंगे। ALSO READ: योगी सरकार का स्वास्थ्य क्षेत्र को बड़ा तोहफा, 2,023 रुपए करोड़ का प्रावधान, 5 मंडलों में खुलेंगे आयुष मेडिकल कॉलेज

 

निर्मला सीतारमण ने संसद में पेश किया बिल

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को संसद में पेश किए गए टैक्सेशन एंड अदर लॉज (अमेंडमेंट) बिल में बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स पर इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट मोड पर एमडीआर लगाने के प्रतिबंध को हटाने का प्रस्ताव रखा है। सरकारी अधिकारियों ने कहा कि इसे कब लागू किया जाएगा, इस पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।

 

क्या है MDR? 

एमडीआर वह फीस है जो मर्चेंट यानी दुकानदार डिजिटल पेमेंट की सुविधा के लिए बैंकों, पेमेंट एग्रीगेटर्स और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स को देते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक एमडीआर फ्रेमवर्क को रेगुलेट करता है। जनवरी 2020 से सरकार ने डिजिटल पेमेंट को तेजी से अपनाने के लिए यूपीआई और RuPay डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन पर जीरो एमडीआर जरूरी कर दिया है। ALSO READ: Dabur के शहद, घी और तेल पर बड़ा एक्शन! FSSAI ने ‘100%’ दावे वाले कई प्रोडक्ट्स की बिक्री रोकी

 

बड़े व्यापारियों के लिए मुफ्त नहीं रहेगा UPI

यूपीआई भारत का सबसे बड़ा डिजिटल पेमेंट सिस्टम बन चुका है, जहां हर महीने अरबों ट्रांजैक्शन होते हैं। ऐसे में सिस्टम को मजबूत और टिकाऊ बनाए रखने के लिए सरकार और रेगुलेटर्स नए विकल्प तलाश रहे हैं। अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो आम यूजर्स पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन बड़े व्यापारियों के लिए यूपीआई पेमेंट मुफ्त नहीं रहेगा।

 

95 फीसदी लेनदेन पर नहीं लगेगा MDR?

दावा किया जा रहा है कि 2000 की सीमा कुल यूपीआई लेनदेन का सिर्फ 5 फीसदी कवर करेगी, लेकिन इन लेनदेन का मूल्य कुल ट्रांजेक्शन वैल्यू का 65 फीसदी है। रोजमर्रा की खरीदारी जैसे दूध, सब्जी, किराना या ऑटो-टैक्सी के भुगतान पर इसका असर नहीं पड़ेगा। जुलाई में 23.7 अरब यूपीआई लेनदेन हुए, जिनकी कुल वैल्यू 29.9 लाख करोड़ रुपए रही। कहा जा रहा है कि अगर लागू भी हुआ तो 95 फीसदी लेनदेन पर एमडीआर नहीं लगेगा। इसके अलावा, सभी बिजनेस इस फीस को ग्राहकों पर नहीं डालेंगे, जो बहुत छोटी राशि होगी।

LIVE: JPSC एग्जाम में गड़बड़ी के सिलसिले में 3 और आरोपी गिरफ्तार

Latest News Today Live Updates in Hindi : CID झारखंड ने JPSC एग्जाम में कथित गड़बड़ियों की चल रही जांच के सिलसिले में 3 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पल पल की जानकारी…

ईरान के साथ डील पर अमेरिकी सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रुबियो ने कहा, 'जब कोई डील होती है तो 2 बातों पर बात करनी होती है… उनके पास कभी न्यूक्लियर वेपन नहीं हो सकता और राष्ट्रपति इस बारे में साफ कह चुके हैं। इसलिए ईरान का डीन्यूक्लियराइजेशन ही आखिरी डील है। तुरंत की डील या जिस पर बहुत ज्यादा फोकस है, वह है स्ट्रेट… एक बातचीत और नेगोशिएशन जिसमें हम ओमान और ईरान के बीच शामिल हैं कि कैसे ज्यादा जहाज कम समय में वहां से सुरक्षित रूप से गुजर सकें। हम डीन्यूक्लियराइज़ेशन के बारे में इन लंबे समय की बातचीत की ओर बढ़ रहे हैं। इतना कहना काफ़ी है कि उन बातचीत में प्रोग्रेस हुई है लेकिन अभी फ़ाइनल नहीं हुआ है। हम उम्मीद कर रहे हैं कि यह बहुत जल्द होगा।

उत्तराखंड के देहरादून में कई इलाकों में बारिश हुई। भारी बारिश के कारण टपकेश्वर महादेव मंदिर के पास तमसा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। IMD ने शहर में कल तक के लिए बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।CID झारखंड ने JPSC एग्जाम में कथित गड़बड़ियों की चल रही जांच के सिलसिले में 3 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों की संख्या अब 14 हो गई है।

असम में बाढ़ का तांडव और केरल में रेड अलर्ट: क्या फिर मंडरा रहा है बड़ा खतरा? जानिए आज के मौसम का पूरा हाल!

assam flood (file photo)

Weather Update 5 August : देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय है और अगले 24 घंटे के दौरान बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। असम और केरल में भारी बारिश व बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। असम में बाढ़ से अब तक 87 लोग मारे जा चुके हैं जबकि 7 जिलों में 1.28 लाख लोग प्रभावित है जबकि केरल में बारिश और भूस्खलन की वजह से 15 लोग मारे जा चुके हैं। IMD ने आज 19 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। ALSO READ: Top News : लाल सागर में डूबा भारतीय जहाज, दिल्ली में SIR की डेडलाइन बढ़ी, Dabur पर FSSAI का बड़ा एक्शन

 

इन राज्यों में भारी बारिश की आशंका

IMD के अनुसार असम और मेघालय, बिहार, सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, कोंकण और गोवा, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, गंगीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और तटीय कर्नाटक में भारी बारिश की आशंका है।

 

क्या है पूर्वोत्तर का हाल?

पूर्वोत्तर भारत में मौसम सबसे ज्यादा सक्रिय रहने वाला है। असम और मेघालय में 4 और 5 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश (21 सेंटीमीटर या उससे अधिक) होने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में भी भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 5 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। गंगीय पश्चिम बंगाल में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान है। पहाड़ी इलाकों में बारिश के कारण भूस्खलन और स्थानीय जलभराव जैसी समस्याओं को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।

 

दिल्ली में कैसा रहेगा मौसम?

दिल्ली-NCR में 5 अगस्त को मौसम बदला हुआ रह सकता है। आसमान में बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। दिल्ली के साथ आसपास के इलाकों में भी बारिश और गरज-चमक देखने को मिल सकती है।

 

दक्षिण भारत में भी बारिश का दौर जारी

दक्षिण भारत में केरल, माहे, तटीय कर्नाटक और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भी भारी बारिश का अनुमान है।

 

यूपी-बिहार में मानसून सक्रिय

उत्तर प्रदेश और बिहार में भी मानसून सक्रिय रहने वाला है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 5 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। ऐसे में निचले इलाकों में जलभराव की समस्या बढ़ सकती है। बिहार में 5 अगस्त को कई जगहों पर बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने राज्य में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। पूर्वी भारत में अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।

Top News : लाल सागर में डूबा भारतीय जहाज, दिल्ली में SIR की डेडलाइन बढ़ी, Dabur पर FSSAI का बड़ा एक्शन

top news 5 august

Top News 5 August : लाल सागर में यमन के पास भारतीय जहाज पर हमला। दिल्ली में SIR की समय सीमा बढ़ी। FSSAI ने डाबर के शहद, घी और तेल समेत कई उत्पादों की बिक्री पर लगाई रोक। दतिया में हार के बाद भाजपा ने पूरी जिला संगठन समिति भंग की। मौसम विभाग ने 19 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया। 5 अगस्त की बड़ी खबरें : 

 

लाल सागर में भारतीय जहाज पर हमला

लाल सागर में यमन के समुद्री क्षेत्र के पास भारतीय ध्वज वाले मालवाहक पोत एमएसवी फैजे नूरे ओलिया पर हमला हुआ, जिसके बाद जहाज समुद्र में डूब गया। हालांकि चालक दल के सभी 14 सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया। इनमें 13 भारतीय थे। ALSO READ: Red Sea Attack: यमन के पास भारतीय झंडे वाले जहाज पर हमला, 13 भारतीयों समेत सभी 14 क्रू सदस्य सुरक्षित

 

दिल्ली में SIR की समय सीमा फिर बढ़ी

दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम की समय-सीमा दूसरी बार बढ़ा दी गई है। निर्वाचन आयोग के अनुसार बूथ स्तरीय अधिकारियों का घर-घर सत्यापन अब 17 अगस्त तक चलेगा। प्रारूप मतदाता सूची 24 अगस्त को प्रकाशित होगी। 24 अगस्त से 23 सितंबर तक दावे और आपत्तियां कार की जाएंगी। अंतिम मतदाता सूची 27 अक्टूबर को जारी होगी।

 

Dabur के शहद, घी और तेल पर बड़ा एक्शन

खाद्य नियामक FSSAI ने Dabur India के कई खाद्य उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाने का आदेश दिया है। कार्रवाई उन उत्पादों की पैकेजिंग और बिक्री में किए गए ‘100 per cent’ यानी 100 प्रतिशत दावों को लेकर की गई है। FSSAI का कहना है कि इस तरह के दावे भ्रामक हो सकते हैं और खाद्य नियमों के अनुरूप नहीं हैं। ALSO READ: Dabur के शहद, घी और तेल पर बड़ा एक्शन! FSSAI ने ‘100%’ दावे वाले कई प्रोडक्ट्स की बिक्री रोकी

 

दतिया उपचुनाव में हार के बाद BJP का बड़ा एक्शन

मध्यप्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस के हाथों मिली हार के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने दतिया में बड़ा संगठनात्मक फैसला लिया है। उपचुनाव में हार के 24 घंटे के भीतर ही बीजेपी ने दतिया की पूरी जिला संगठन समिति को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया। ALSO READ: MP Politics : दतिया उपचुनाव में हार के बाद BJP का बड़ा एक्शन, पूरी जिला संगठन समिति भंग

 

19 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय है और अगले 24 घंटे के दौरान बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। IMD के अनुसार, 5 अगस्त को असम और मेघालय में अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश समेत 19 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

MP Politics : दतिया उपचुनाव में हार के बाद BJP का बड़ा एक्शन, पूरी जिला संगठन समिति भंग

bhartiya janta party

मध्यप्रदेश में विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस के हाथों मिली हार के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने दतिया में बड़ा संगठनात्मक फैसला लिया है। उपचुनाव में हार के 24 घंटे के भीतर ही बीजेपी ने दतिया की पूरी जिला संगठन समिति को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया।

 

मध्य प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने दतिया विधानसभा उपचुनाव के नतीजों की समीक्षा के बाद यह कार्रवाई की। पार्टी के आदेश के मुताबिक दतिया जिले के सभी जिला पदाधिकारी, जिला कार्यकारिणी, मंडल इकाइयां, मोर्चे, प्रकोष्ठ, परियोजनाएं, विभाग और अन्य संगठनात्मक इकाइयों के पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से उनकी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया है।

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CM मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई हाईलेवल बैठक

 

यह बड़ा फैसला मुख्यमंत्री मोहन यादव के सरकारी आवास पर हुई आपात उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद लिया गया। बैठक में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और चुनाव अभियान से जुड़े प्रमुख पदाधिकारी शामिल हुए। दतिया उपचुनाव में पार्टी की हार के कारणों और संगठन की भूमिका की समीक्षा के बाद पूरी जिला इकाई को भंग करने का निर्णय लिया गया।

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BJP के मजबूत गढ़ में कांग्रेस की जीत

दतिया को बीजेपी का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। ऐसे में यहां उपचुनाव में कांग्रेस की जीत ने पार्टी को बड़ा झटका दिया है। कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने 6,016 वोटों से जीत दर्ज की। उन्हें कुल 66,757 वोट मिले, जबकि बीजेपी उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को 60,741 वोट हासिल हुए। वहीं आजाद समाज पार्टी के दामोदर यादव को 22,527 वोट मिले और उन्होंने मुकाबले को प्रभावित किया।

टिकट वितरण को लेकर पहले से थी नाराजगी

 

दतिया में चुनाव से पहले ही बीजेपी के भीतर टिकट वितरण को लेकर असंतोष की चर्चा थी। पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं मिलने के बाद पार्टी के अंदर खींचतान की स्थिति बनी थी। हालांकि नरोत्तम मिश्रा ने सार्वजनिक रूप से पार्टी के उम्मीदवार का समर्थन किया और चुनाव प्रचार में भी सक्रिय रहे, लेकिन संगठन के भीतर मतभेद पूरी तरह खत्म नहीं हुए।

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हार के बाद BJP प्रत्याशी ने लगाया अंदरघात का आरोप

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चुनाव में हार के बाद बीजेपी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने पार्टी के अंदर ही कुछ लोगों पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के कुछ सदस्यों ने आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ काम किया, जिसका फायदा कांग्रेस को मिला। दतिया संगठन को भंग करने की कार्रवाई को पार्टी के भीतर जवाबदेही तय करने और हार के कारणों पर सख्त कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है।

मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा का बदला रंग, बेटियां भी उठा रहीं डाक कांवड़, परिवार और भाइयों का मिला साथ

सावन शुरू होते ही पहले समय कदम्ब की डाली, आम के पेड़ पर झूलों की आहट सुनाई देती थी। कानों में महिलाओं के लोक संगीत 'झूला तो पड़ गया अम्बुआ की डाल पे जी' सुनाई देने लगता था। लेकिन समय ने करवट लेते हुए महिलाओं को कांवड़.यात्रा का हिस्सा बना दिया। एक समय में कांवड़ यात्रा को केवल पुरुषों की परंपरा माना जाता था, लेकिन अब तस्वीर तेजी से बदल रही है जहां महिलाएं भी कंधे से कंधा मिलाकर पुरूषों के साथ हरिद्वार से गंगाजल लेकर पैदल यात्रा करती दिखाई दे रही है।

 

इसबार कांवड़ यात्रा में देश की बेटियों ने भी कुछ अलग कर दिखाने की मन में ठान ली। जिसके चलते हरिद्वार से हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में बेटियां डाक कांवड़ लेने निकल पड़ी। यह बेटियां पूरे जोश, आत्मविश्वास और अनुशासन के साथ अपने कांवड़ सफर पर रवाना हुईं। इन बेटियों के कदमों में आस्था और चेहरे पर आत्मविश्वास की झलक साफ दिखाई दे रही है, वही उनकी सुरक्षा का जिम्मा उनके भाईयों ने उठाया है। 

 

डाक कांवड़ ला रही इन युवतियों में कई सेना, अर्धसैनिक बल और पुलिस भर्ती की तैयारी कर रही हैं, तो कुछ राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी हैं। कबड्डी, कुश्ती और वेटलिफ्टिंग जैसे खेलों में लगातार पसीना बहाने वाली इन बेटियों का कहना है कि डाक कांवड़ की कठिन यात्रा उनके लिए केवल धार्मिक आस्था और विश्वास नही है, बल्कि यह उनके शारीरिक क्षमता, मानसिक मजबूती और अनुशासन की परीक्षा की भी घड़ी है।

 

हरियाणा के साथ-साथ मेरठ, बागपत, बिजनौर, सहारनपुर, बुलंदशहर और आसपास के जिलों से पहुंचीं युवतियां अलग-अलग टोलियों में हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की तरफ दौड़ती नजर आईं। इनमें दो सगी बहनें विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं, जो 71 लीटर गंगाजल के साथ डाक कांवड़ ला रही हैं। एक बहन वेटलिफ्टर है, जबकि दूसरी राष्ट्रीय स्तर की कबड्डी खिलाड़ी। उनकी मेहनत और संकल्प ने राह चलते अन्य बेटियों के लिए भी प्रेरणा के द्वार खोलेगी।

 

डाक कांवड़ लाने वाली बेटियों का सफर आसान नहीं था। जब उन्होंने पहली बार डाक कांवड़ लाने की इच्छा अपने परिवार के सामने रखी, तो पहले परिवार तैयार नही हुए, कई घरों ने बेटियों सुरक्षा को की चिंता जताई और उन्हें इजाजत देने से इंकार कर दिया। ऐसे समय में भाइयों ने अपने बहनों के फैसले का स्वागत करते हुए सुरक्षा का वादा देकर उनका हाथ थाम लिए या। उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि जब उनकी बहनें डाक कांवड़ लेकर चलेंगी और वे पूरी यात्रा में उनकी सुरक्षा और सहयोग के लिए हर कदम पर साथ रहेंगे। भाइयों के इस विश्वास ने बहनों का आत्मबल मजबूत कर दिया, बहनों ने इसे रक्षाबंधन का गिफ्ट मान लिया।

 

कांवड़ मार्ग पर इन बेटियों को समाज का भरपूर स्नेह मिल रहा है। जगह-जगह स्थानीय लोगों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया, जबकि पुलिसकर्मियों ने भी उनका उत्साह बढ़ाया। एक पुलिस अधिकारी के प्रेरणादायी शब्द युवतियों के दिल को छू गए। उन्होंने कहा, “बेटियों को उड़ान भरने दीजिए, यही नई पीढ़ी मजबूत भारत की पहचान बनेगी और देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।” युवतियों का कहना है कि इस तरह के प्रोत्साहन ने उनकी थकान को ऊर्जा में बदल दिया और लक्ष्य तक पहुंचने का संकल्प और मजबूत कर दिया।

 

यह दृश्य केवल कांवड़ यात्रा का नहीं, बल्कि बदलते भारत समाज की सोच का भी प्रतीक है। जहां परिवार भरोसा देता है, भाई सुरक्षा का संबल बनते हैं और समाज सम्मान के साथ बेटियों का उत्साह बढ़ाता है, वहां बेटियां हर चुनौती को अवसर में बदलकर नई मिसाल कायम करती हैं।

UP Budget 2026-27: योगी सरकार का एक्सप्रेस-वे और निवेश पर बड़ा दांव, गंगा-विंध्य समेत नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे को मिलेगी रफ्तार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने अनुपूरक बजट 2026-27 के माध्यम से प्रदेश में आधारभूत संरचना, औद्योगिक विकास और निवेश को नई गति देने के लिए बड़े वित्तीय प्रावधान किए हैं। सरकार ने एक्सप्रेस-वे नेटवर्क के विस्तार, नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास, निवेश प्रोत्साहन तथा आधुनिक आईटी एवं औद्योगिक अवसंरचना को मजबूत करने के लिए हजारों करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

मंगलवार को सदन में पेश हुए अनुपूरक बजट 2026-27 में गंगा एक्सप्रेस-वे को प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी, चन्दौली होते हुए सोनभद्र तक विन्ध्य एक्सप्रेस-वे निर्माण के लिए भूमि क्रय हेतु 6,500 करोड़ रुपये तथा मेरठ से हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेस-वे के विस्तारीकरण के लिए भूमि क्रय हेतु 5,700 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। 

 

जेवर एयरपोर्ट से गंगा एक्सप्रेस-वे वाया बुलंदशहर संपर्क ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे के लिए 250 करोड़ रुपये, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे से गंगा एक्सप्रेस-वे (हरदोई वाया फर्रुखाबाद) ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना के लिए 400 करोड़ रुपये, विन्ध्य एक्सप्रेस-वे निर्माण कार्यों के लिए 80 करोड़ रुपये, विन्ध्य एक्सप्रेस-वे विस्तारीकरण के लिए 6,500 करोड़ रुपये का प्राविधान किया गया है।

 

पूर्वांचल लिंक स्पर के भूमि क्रय के लिए 2,300 करोड़ रुपये का प्रावधान 

 

अनुपूरक बजट 2026-27 में मेरठ-हरिद्वार गंगा एक्सप्रेस-वे विस्तारीकरण के निर्माण कार्यों के लिए 80 करोड़ रुपये, विन्ध्य एक्सप्रेस-वे पूर्वांचल लिंक स्पर के निर्माण कार्यों के लिए 80 करोड़ रुपये, पूर्वांचल लिंक स्पर के भूमि क्रय के लिए 2,300 करोड़ रुपये, चिल्ला रेगुलेटर (दिल्ली)-नोएडा एलिवेटेड फ्लाईओवर के लिए 100 करोड़ रुपये तथा मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र विस्तारीकरण/नए औद्योगिक क्षेत्र प्रोत्साहन योजना के लिए 3,000 करोड़ रुपये तथा विन्ध्य एक्सप्रेस-वे पर सोनभद्र से चन्दौली एवं गाजीपुर तक पूर्वांचल लिंक स्पर के निर्माण के लिए भूमि क्रय हेतु 2,300 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई हैं।

 

अटल इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के लिए 1,500 करोड़ का प्रावधान

 

औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अटल इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के लिए 1,500 करोड़ रुपये, एफडीआई एवं फार्च्यून-500 कंपनियों के निवेश हेतु प्रोत्साहन नीति-2023 के लिए 1,303 करोड़ रुपये तथा भारत औद्योगिक विकास योजना के लिए 495.86 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यूपीडा कार्यालय की स्थापना के लिए भूमि क्रय एवं निर्माण कार्यों हेतु कुल 119 करोड़ रुपये, उत्तर प्रदेश आईटी सदन की स्थापना के लिए 50.02 करोड़ रुपये तथा स्टेट डाटा सेंटर 2.0 की स्थापना के लिए 51 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

 

औद्योगिक कॉरिडोर के लिए अतिरिक्त प्रावधान

 

एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं के समीप औद्योगिक कॉरिडोर विकसित करने के लिए अमरोहा, फिरोजाबाद, अमेठी, सुल्तानपुर, बदायूं, इटावा, हमीरपुर नोड, महोबा नोड, जालौन नोड और उन्नाव नोड में आंतरिक अवसंरचना विकास के लिए 200 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। उत्तर प्रदेश ऑक्सीजन उत्पादन प्रोत्साहन नीति-2021 के लिए 40.92 लाख रुपये की अतिरिक्त आवश्यकता भी शामिल की है।

Udhayanidhi Stalin : पुलिस पूछताछ के बाद आज रिहा होंगे उदयनिधि स्टालिन, सरकार ने कोर्ट में कहा- रिमांड की जरूरत नहीं

udaynidhi stalin

तमिलनाडु के पूर्व उपमुख्यमंत्री और डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन मंगलवार को पुलिस पूछताछ के बाद रिहा हो सकते हैं। तमिलनाडु सरकार ने मद्रास हाईकोर्ट में स्पष्ट किया है कि उसकी उदयनिधि स्टालिन को न्यायिक हिरासत में भेजने की कोई मंशा नहीं है। सरकार ने कहा कि पूछताछ पूरी होने के बाद उन्हें स्टेशन बेल पर ही रिहा कर दिया जाएगा।

 

उदयनिधि की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान जस्टिस जी.के. इलंथिरैयन के समक्ष एडवोकेट जनरल विजय नारायण ने सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष के नेता को रिमांड पर भेजना नहीं चाहती और पूछताछ के बाद मंगलवार को ही उन्हें थाने से जमानत दे दी जाएगी।

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जांच में सहयोग करना होगा

 

सरकार की ओर से कोर्ट में कहा गया कि उदयनिधि स्टालिन को मामले की जांच में पुलिस के साथ सहयोग करना होगा। यह मामला सोमवार को तंजावुर में कावेरी मुद्दे को लेकर आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के दौरान उदयनिधि की कथित टिप्पणियों से जुड़ा है। पुलिस का आरोप है कि उनकी टिप्पणियों में महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले आपत्तिजनक और अशोभनीय संकेत दिए गए थे। सरकार की दलील दर्ज करने के बाद मद्रास हाईकोर्ट ने उदयनिधि स्टालिन की जमानत याचिका का निपटारा कर दिया।

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पूछताछ के लिए घर पहुंची थी पुलिस

 

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, पुलिस सोमवार को उदयनिधि स्टालिन से पूछताछ के लिए उनके नीलांकरई स्थित आवास पर पहुंची थी। पुलिस की कार्रवाई के बाद उनके वकीलों ने तत्काल अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की। मामला तंजावुर में कावेरी मुद्दे पर आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान दिए गए उनके भाषण और कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों से संबंधित है।

 

हालांकि, बाद में पुलिस ने उदयनिधि स्टालिन को गिरफ्तार कर लिया और उन्हें पूछताछ के लिए तंजावुर ले जाया गया। अब सरकार के कोर्ट में दिए बयान के बाद उनके मंगलवार को ही पुलिस स्टेशन से जमानत पर बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है।

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क्या है पूरा मामला?

मामला कावेरी जल विवाद को लेकर सोमवार को तंजावुर में हुए एक विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। इस दौरान उदयनिधि स्टालिन की कथित टिप्पणी को लेकर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। पुलिस जांच के तहत उनसे पूछताछ की जा रही है। फिलहाल कोर्ट के सामने सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि उदयनिधि को रिमांड पर भेजने की मांग नहीं की जाएगी, लेकिन उन्हें जांच में पुलिस के साथ सहयोग करना होगा।

Dabur के शहद, घी और तेल पर बड़ा एक्शन! FSSAI ने ‘100%’ दावे वाले कई प्रोडक्ट्स की बिक्री रोकी

dabur fssai

खाद्य नियामक FSSAI (Food Safety and Standards Authority of India) ने Dabur India के कई खाद्य उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाने का आदेश दिया है। कार्रवाई उन उत्पादों की पैकेजिंग और बिक्री में किए गए ‘100 per cent’ यानी 100 प्रतिशत दावों को लेकर की गई है। FSSAI का कहना है कि इस तरह के दावे भ्रामक हो सकते हैं और खाद्य नियमों के अनुरूप नहीं हैं।

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FSSAI ने सोमवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि उसने Dabur India Ltd के खिलाफ prohibition order जारी किया है। यह कार्रवाई कंपनी की वेबसाइट पर ऐसे खाद्य उत्पादों की बिक्री को लेकर की गई, जिन पर ‘100% Natural’, ‘100% Pure’, ‘100% Purity Guaranteed’, ‘100% Organic’ और ‘100% Tender Coconut Water’ जैसे दावे किए गए थे। नियामक के अनुसार ऐसे दावे अस्पष्ट, सत्यापित करना मुश्किल और उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाले हो सकते हैं। ‘100%’ दावे पर FSSAI ने क्यों उठाया सवाल?

FSSAI के मुताबिक खाद्य उत्पादों पर ऐसे absolute claims यानी पूर्णता का दावा करने वाले शब्द उपभोक्ताओं को उत्पाद की प्रकृति या गुणवत्ता को लेकर गलत धारणा दे सकते हैं। नियामक ने इन्हें ambiguous, unverifiable and likely to mislead यानी अस्पष्ट, सत्यापन योग्य नहीं और भ्रामक होने की आशंका वाला बताया है। FSSAI के खाद्य दावों संबंधी दिशा-निर्देशों में भी दावों को सच्चा, स्पष्ट, सार्थक और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित रखने पर जोर दिया गया है। उपभोक्ताओं के लिए इसका क्या मतलब?

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इस कार्रवाई का मुख्य फोकस उत्पादों की गुणवत्ता पर सामान्य प्रतिबंध लगाने के बजाय लेबलिंग और मार्केटिंग में किए गए ‘100%’ दावों पर है। इसलिए इसे सीधे तौर पर यह नहीं समझना चाहिए कि सूची में शामिल सभी Dabur उत्पाद असुरक्षित घोषित कर दिए गए हैं। मामला मुख्य रूप से इस बात से जुड़ा है कि पैकेजिंग और बिक्री के दौरान उत्पाद के बारे में किस तरह के दावे किए जा सकते हैं।