डिजिटल क्रिएटिव इंडस्ट्री पर योगी सरकार का फोकस, जेवर में बनेगा अत्याधुनिक एवीजीएक्स-एक्सआर पार्क

 

 

  • नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और इंटरनेशनल फिल्म सिटी के पास विकसित होगा हाईटेक हब
  • एनिमेशन, वीएफएक्स, गेमिंग, एआई और एक्सआर तकनीकों को मिलेगा बढ़ावा

 

लखनऊ/नोएडा, 3 अगस्त। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में राज्य सरकार अब डिजिटल क्रिएटिव और उभरती प्रौद्योगिकी आधारित उद्योगों पर भी विशेष फोकस कर रही है। इसी क्रम में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (जेवर) और प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय फिल्म सिटी के निकट अत्याधुनिक एवीजीएक्स-एक्सआर (Animation, Visual Effects, Gaming, Comics एवं Extended Reality) पार्क विकसित करने की दिशा में कार्य प्रारंभ कर दिया है। यह परियोजना उत्तर प्रदेश को एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और डिजिटल कंटेंट निर्माण के क्षेत्र में राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। साथ ही प्रदेश में उच्च कौशल आधारित रोजगार, निवेश और नवाचार को भी नई गति मिलेगी।

 

इंडस्ट्री फोकस सेक्टर के रूप में विकसित होगा एवीजीएक्स-एक्सआर पार्क

योगी सरकार ने एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स (VFX), गेमिंग, कॉमिक्स एवं एक्सटेंडेड रियलिटी (AVGC-XR) को प्रदेश के फोकस सेक्टर (Focus Sector) के रूप में चिह्नित किया है। इसी रणनीति के तहत यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण जेवर में नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और अंतरराष्ट्रीय फिल्म सिटी के निकट यह पार्क विकसित कर रहा है। सरकार का उद्देश्य इस उभरते उद्योग को अत्याधुनिक अवसंरचना उपलब्ध कराकर घरेलू और वैश्विक कंपनियों को आकर्षित करना, स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत बनाना तथा युवाओं के लिए उच्च कौशल आधारित रोजगार के अवसर सृजित करना है।

 

डिजिटल क्रिएटिव इंडस्ट्री का नया केंद्र बनेगा उत्तर प्रदेश

प्रस्तावित एवीजीएक्स-एक्सआर पार्क को आधुनिक तकनीकों से लैस एकीकृत डिजिटल क्रिएटिव इकोसिस्टम के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां देश-विदेश की कंपनियों, स्टार्टअप्स, कंटेंट क्रिएटर्स और तकनीकी विशेषज्ञों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे उत्तर प्रदेश में डिजिटल मनोरंजन उद्योग, मीडिया एवं कंटेंट उत्पादन को नई ऊंचाई मिलेगी।

 

इन अत्याधुनिक सुविधाओं से होगा लैस पार्क

प्रस्तावित पार्क में कई अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिनमें प्रमुख रूप से एनिमेशन स्टूडियो, विजुअल इफेक्ट्स (वीएफएक्स) स्टूडियो, गेम डेवलपमेंट एवं गेम डिजाइन सेंटर, मोशन कैप्चर स्टूडियो, वर्चुअल प्रोडक्शन सुविधाएं, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित कंटेंट निर्माण केंद्र, एक्सटेंडेड रियलिटी (एक्सआर), वर्चुअल रियलिटी (वीआर) व ऑगमेंटेड रियलिटी (एआर) लैब, डिजिटल मीडिया एवं इमर्सिव कंटेंट डेवलपमेंट सेंटर शामिल होंगे। इन सुविधाओं के माध्यम से एनिमेशन फिल्म, वेब सीरीज, गेमिंग, विज्ञापन, डिजिटल शिक्षा, वर्चुअल ट्रेनिंग और इमर्सिव मीडिया जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाएं विकसित होंगी।

 

जेवर एयरपोर्ट और फिल्म सिटी का मिलेगा लाभ

यह पार्क नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (जेवर) और अंतरराष्ट्रीय फिल्म सिटी के निकट विकसित किया जाएगा। इससे देश-विदेश के निवेशकों, स्टूडियो, प्रोडक्शन हाउस और तकनीकी कंपनियों को बेहतर कनेक्टिविटी तथा विश्वस्तरीय औद्योगिक वातावरण मिलेगा। एयर कार्गो, एक्सप्रेसवे नेटवर्क और लॉजिस्टिक सुविधाओं का लाभ भी इस परियोजना को मिलेगा। एवीजीएक्स-एक्सआर पार्क के विकसित होने से हजारों युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। एनिमेशन, गेमिंग, ग्राफिक्स, विजुअल इफेक्ट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और डिजिटल मीडिया जैसे क्षेत्रों में कुशल मानव संसाधन की मांग बढ़ेगी। इससे स्टार्टअप संस्कृति को भी प्रोत्साहन मिलेगा और घरेलू व विदेशी निवेश आकर्षित होगा।

 

भारत को वैश्विक एवीजीएक्स-एक्सआर हब बनाने की दिशा में अहम कदम

यीडा का यह पार्क भारत को एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स तथा एक्सटेंडेड रियलिटी तकनीकों के क्षेत्र में वैश्विक हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह परियोजना उत्तर प्रदेश की औद्योगिक, तकनीकी और रचनात्मक अर्थव्यवस्था को नई पहचान देने के साथ-साथ राज्य को डिजिटल कंटेंट और मनोरंजन उद्योग के प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करने में भी मील का पत्थर साबित हो सकती है।

E20 पर AAP का बड़ा प्रदर्शन, केजरीवाल 100 समर्थकों के साथ पीएम आवास की ओर करेंगे मार्च

Arvind Kejriwal march to pm house against E20

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल E20 पेट्रोल के विरोध में आज दोपहर 12 बजे पीएम आवास तक मार्च करेंगे। इस दौरान वे अपने साथ 100 लोगों को लेकर जाएंगे और 2.33 लाख लोगों की साइन की हुई जनहित याचिकाएं सौंपेंगे। ALSO READ: E20 पेट्रोल पर नया विवाद, जयराम रमेश ने माइलेज और इंजन खराबी को लेकर सरकार से पूछे सवाल

 

क्या है केजरीवाल का दावा?

केजरीवाल का आरोप है कि अमेरिकी राष्‍ट्रपति ट्रंप चाहते हैं कि अमेरिका का इथेनॉल भारत में बिके। मोदी सरकार देश की जनता की नहीं, ट्रंप की सुन रही है। E20 से जनता पहले ही परेशान है, फिर भी अगले 5 साल में 20 बिलियन डॉलर का इथेनॉल खरीदने की तैयारी है। आखिर यह सौदा किसके हित में है?

उन्होंने कहा कि सरकार का E20 पर लगातार जोर देना किसी छिपे हुए एजेंडे की ओर इशारा करता है। लोग की गाड़ियों में कई तरह की परेशानियां हो रही हैं। ALSO READ: केजरीवाल का E20 पेट्रोल के खिलाफ नेशनल टाउनहॉल, कहा- माइलेज घटा, इंजन खराब

पीएम को पिछले माह लिखा था लेटर

केजरीवाल ने पिछले महीने प्रधानमंत्री को लेटर लिखा था। जिसमें E20 पेट्रोल से जुड़ी चिंताओं पर चर्चा के लिए समय मांगा था। E20 से परेशान 2 लाख 33 हजार से ज्यादा लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी जी के नाम पीटिशन पर साइन किया है। उन्हें चिट्ठी का जवाब नहीं मिला इसलिए अब वे खुद पीएम आवास जाकर जनता की साइन की हुई याचिकाएं सौंपेंगे। ALSO READ: क्या E20 पेट्रोल से इंजन को नुकसान हो सकता है, आयोग के फैसले से शुरू हुई नई बहस

 

दिल्ली पुलिस ने नहीं दी इजाजत

दिल्ली पुलिस ने केजरीवाल को पीएम आवास की ओर मार्च की इजाजत नहीं दी है। पुलिस ने मार्च को रोकने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।

योगी सरकार की औद्योगिक विकास पर बड़ी पहल, यूपीसीडा का 2026-27 का दोगुना बजट मंजूर

  • 51वीं बोर्ड बैठक में नए औद्योगिक क्षेत्रों, भूमि अधिग्रहण, बंद उद्योगों के पुनर्जीवन और आधारभूत ढांचे के विस्तार पर अहम फैसले
  • निवेश और रोजगार सृजन को मिलेगी नई रफ्तार, नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास का रास्ता हुआ साफ
  • फतेहपुर की कताई मिल, संधिनावा औद्योगिक क्षेत्र तथा अयोध्या के त्रिशुंडी औद्योगिक क्षेत्र के ले-आउट को भी मिली स्वीकृति
  • यूपीसीडा की आवासीय योजनाओं के पात्र आवंटियों को विलंब शुल्क के साथ 7 नवंबर 2026 तक लीज डीड निष्पादित कराने का अंतिम अवसर

 

 

लखनऊ, 3 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार लगातार औद्योगिक विकास को नई गति दे रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) की 51वीं बोर्ड बैठक सोमवार को लोक भवन, लखनऊ में अपर मुख्य सचिव, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग तथा यूपीसीडा बोर्ड के अध्यक्ष आलोक कुमार की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में औद्योगिक विकास, निवेश प्रोत्साहन, आधारभूत संरचना के विस्तार तथा प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक का सबसे बड़ा निर्णय वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए यूपीसीडा के लगभग दोगुने बजट को स्वीकृति देना रहा। यह बजट प्रदेश में नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास, मौजूदा औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार, औद्योगिक अवसंरचना के आधुनिकीकरण और निवेश को नई गति प्रदान करेगा।

 

फतेहपुर और अयोध्या के औद्योगिक क्षेत्रों को मिली मंजूरी

बोर्ड बैठक में प्रदेश के विभिन्न जनपदों में नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए भूमि अधिग्रहण और भूमि क्रय से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इस फैसले से बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश आकर्षित होगा, क्षेत्रीय संतुलित विकास को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। बैठक में फतेहपुर की कताई मिल, संधिनावा औद्योगिक क्षेत्र तथा अयोध्या के त्रिशुंडी औद्योगिक क्षेत्र के तलपट (ले-आउट) मानचित्रों को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इससे इन क्षेत्रों का योजनाबद्ध विकास, भूखंडों का सुव्यवस्थित नियोजन तथा सड़क, बिजली, जलापूर्ति और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास में तेजी आएगी। साथ ही भूमि आवंटन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और त्वरित होगी, जिससे निवेशकों को शीघ्र सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

 

क्षेत्रीय कार्यालयों को मिलेगी आकस्मिक निधि

यूपीसीडा के क्षेत्रीय कार्यालयों तथा निर्माण एवं विद्युत खंडों की आकस्मिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए 10 लाख रुपये तक की आकस्मिक निधि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इससे औद्योगिक क्षेत्रों में मरम्मत और अनुरक्षण कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जा सकेंगे तथा आवश्यक सेवाओं का निर्बाध संचालन सुनिश्चित होगा। इसके साथ ही, बोर्ड ने यूपीसीडा की आवासीय योजनाओं के पात्र आवंटियों को विलंब शुल्क के साथ 7 नवंबर 2026 तक लीज डीड निष्पादित कराने का अंतिम अवसर दिया है। तय समय सीमा के बाद जिन आवंटियों द्वारा लीज डीड नहीं कराई जाएगी, उनका आवंटन स्वतः निरस्त कर दिया जाएगा। इस निर्णय से लंबे समय से लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण होगा और प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ेगी।

 

बंद उद्योगों को मिलेगा नया जीवन

बैठक में बंद (सिक) औद्योगिक इकाइयों के दोबारा शुरू करने (Resumption) के लिए नई नीति तैयार करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। नई नीति के तहत प्राधिकरण की देनदारियां चुकाकर नो-ड्यूज प्रमाणपत्र प्राप्त कर चुकी इकाइयों के साथ-साथ उत्पादन शुरू होने के बाद विभिन्न कारणों से बंद हुई इकाइयों को भी निर्धारित प्रावधानों के अनुसार लाभ मिलेगा। इससे वर्षों से निष्क्रिय औद्योगिक परिसंपत्तियों का दोबारा उपयोग हो सकेगा, बंद उद्योगों को पुनर्जीवित करने में मदद मिलेगी, नए निवेश आकर्षित होंगे और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।

 

विश्वस्तरीय औद्योगिक अवसंरचना पर रहेगा फोकस

दोगुने बजट के जरिए प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क, विद्युत, जलापूर्ति, ड्रेनेज तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं के निर्माण, विस्तार और आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दिया जाएगा। इससे निवेशकों को विश्वस्तरीय औद्योगिक अवसंरचना उपलब्ध होगी और उद्योग स्थापना की प्रक्रिया और अधिक सुगम बनेगी।बोर्ड के फैसलों से योगी सरकार की निवेशक-अनुकूल औद्योगिक नीति को और मजबूती मिलेगी। नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास, आधुनिक औद्योगिक क्लस्टरों की स्थापना, बंद औद्योगिक इकाइयों के पुनर्जीवन और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार से प्रदेश में बड़े निवेश आकर्षित होंगे। इससे रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा और उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी औद्योगिक एवं विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी।

 

उत्तर प्रदेश बन रहा है देश का औद्योगिक ग्रोथ इंजन

बैठक को संबोधित करते हुए अपर मुख्य सचिव, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग तथा यूपीसीडा बोर्ड के अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश आज देश के औद्योगिक विकास का अग्रणी केंद्र बनकर उभर रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026-27 के लिए स्वीकृत दोगुना बजट यूपीसीडा की मजबूत वित्तीय स्थिति और दीर्घकालिक विकास दृष्टि का परिचायक है। इस बजट के माध्यम से भूमि अधिग्रहण, नए औद्योगिक क्षेत्रों एवं बड़े औद्योगिक क्लस्टरों का विकास, मौजूदा औद्योगिक क्षेत्रों का विस्तार तथा सड़क, बिजली, जलापूर्ति, ड्रेनेज और अन्य आधारभूत सुविधाओं के उन्नयन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सुदृढ़ वित्तीय आधार, योजनाबद्ध औद्योगिक विकास और निवेशक-अनुकूल नीतियों के माध्यम से उत्तर प्रदेश निवेश, विनिर्माण और रोजगार सृजन का राष्ट्रीय ग्रोथ इंजन बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है तथा ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

Top News 4 August: जम्मू कश्मीर में बादल फटे, चीन का न्यूक्लियर सीक्रेट बेनकाब, EPFO वेतन सीमा बढ़ाने को मंजूरी

cloud burst

Top News 4 August : जम्मू कश्मीर के 6 जिलों में बादल फटने से हाहाकार। चीन के परमाणु सीक्रेट बेनकाब, लिव इन पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, वित्त मंत्रालय ने ईपीएफओ की वेतन सीमा 15000 से बढ़ाकर 25000 करने को मंजूरी दी। टैरिफ से नाराज अमेरिका के 25 राज्यों ने ट्रंप प्रशासन के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। 4 अगस्त की बड़ी खबरें : 

 

जम्मू कश्मीर के 6 जिलों में बादल फटे

जम्मू-कश्मीर के 6 जिलों में बादल फटने से हाहाकार मच गया। कुपवाड़ा के लोलाब में बाढ़ में बहने से महिला की मौत हो गई। शोपियां में बारिश ने भारी तबाही मचाई। बाढ़ में फंसे 80 लोगों को बचाया गया है। डल झील में नाव में फंसे 4 युवकों को भी सुरक्षित निकाल लिया गया है। मौसम विभाग ने अगले 2 दिन भी भारी बारिश, बादल फटने, बाढ़ और भूस्खलन की आशंका जताई है।

 

ड्रैगन का 'परमाणु सीक्रेट' बेनकाब!

ड्रैगन यानी चीन के जिस 'परमाणु सीक्रेट' पर अमेरिका सालों से कह रहा था, आखिरकार चीन ने खुद उस पर मुहर लगा दी है। अब तक जिन रहस्यमयी ठिकानों को चीन पवन ऊर्जा (विंड फार्म) की जगह बताता आ रहा था, वे असल में जमीन के नीचे बने परमाणु मिसाइलों के घातक 'साइलो' (Silos) निकले। इनमें से कुछ ठिकाने भारतीय सीमा के बेहद करीब हैं।

 

लिव-इन पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। शीर्ष अदालत ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 498A का दायरा बढ़ाते हुए स्पष्ट किया है कि यदि कोई लिव-इन रिश्ता 'शादी जैसा' है और दोनों पक्षों का विवाह करने का इरादा था, तो महिला पार्टनर को भी कानून के तहत पत्नी जैसा सुरक्षा अधिकार मिलेगा।

 

ट्रंप टैरिफ से 25 अमेरिकी राज्य नाराज

अमेरिका के 25 राज्यों ने ट्रंप प्रशासन के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। इन राज्यों का आरोप है कि ये नए टैरिफ फरवरी में सुप्रीम कोर्ट द्वारा रद्द किए गए आयात करों को बदलने का बहाना हैं। अमेरिका ने पिछले माह 59 देशों और यूरोपीय संघ पर जबरन श्रम से उत्पादित आयात पर पर्याप्त कार्रवाई न करने के आरोप में टैरिफ लगाए थे।

 

पीएफ-पेंशन में ज्यादा बचत!

वित्त मंत्रालय ने जरूरी रिटायरमेंट फंड की वेतन सीमा 15 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपए हर महीने के हिसाब से करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इससे कर्मचारियों को पीएफ-पेंशन में ज्यादा बचत होगी। अब इस प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। जिसके बाद ही नई सीमा लागू होने की तारीख तय होगी।

विधानसभा चुनाव की तुलना में मिले ज्यादा वोट, दतिया उपचुनाव पर बोले सीएम डॉ. यादव

 

Datia Bypoll Result CM Mohan Yadav: मध्यप्रदेश के दतिया उप-चुनाव में कांग्रेस ने जीत हासिल की है। जबकि, भाजपा चुनाव हार गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस परिणाम को शिरोधार्य किया है। उनका मानना है कि भारतीय जनता पार्टी को विधानसभा-लोकसभा-राज्यसभा चुनावों में ऐतिहासिक सफलता मिली है। भविष्य में बीजेपी और ताकत से चुनाव लड़ेगी। 

 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 3 अगस्त को चुनाव परिणाम आने के बाद मीडिया से कहा कि दतिया विधानसभा सीट पहले कांग्रेस के पास थी। इस उपचुनाव में भाजपा को विधानसभा चुनाव की तुलना में 1700 अधिक वोट प्राप्त हुए हैं। भाजपा ने विधानसभा चुनाव, लोकसभा चुनाव और राज्यसभा चुनाव में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। 

भविष्य में और ताकत से लड़ेंगे

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उपचुनाव का जनादेश हम शिरोधार्य करते हैं। आने वाले चुनावों में हम और अधिक ताकत के साथ मैदान में उतरेंगे और विजय प्राप्त करेंगे।

ड्रैगन का ‘परमाणु सीक्रेट’ बेनकाब! सच निकला अमेरिका का दावा, भारत के लिए भी खतरे की घं

China Nuclear Silo

China Nuclear Silo: ड्रैगन यानी चीन के जिस 'परमाणु सीक्रेट' पर अमेरिका सालों से कह रहा था, आखिरकार चीन ने खुद उस पर मुहर लगा दी है। अब तक जिन रहस्यमयी ठिकानों को चीन पवन ऊर्जा (विंड फार्म) की जगह बताता आ रहा था, वे असल में जमीन के नीचे बने परमाणु मिसाइलों के घातक 'साइलो' (Silos) निकले। चीन के सरकारी टीवी पर आई एक डॉक्यूमेंट्री में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के अधिकारी ने पहली बार कबूला है कि उन्होंने युद्ध के लिए चीन के रणनीतिक 'तुरुप के इक्के' तैयार कर लिए हैं। सबसे डरावनी बात यह है कि इनमें से कुछ ठिकाने भारतीय सीमा के बेहद करीब हैं। इससे पहले भी इस तरह के दावे किए जाते रहे हैं। 

पेंटागन के दावे पर लगी मुहर

साल 2021 से ही अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) और अंतरराष्ट्रीय थिंक टैंक सैटेलाइट तस्वीरों के हवाले से चीन के इस गुप्त प्लान का दावा कर रहे थे। पेंटागन की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने अपने उत्तर-पश्चिमी इलाकों में 300 से ज्यादा भूमिगत मिसाइल साइलो तैयार कर लिए हैं। ये साइलो शिनजियांग के हामी, गांसू के यूमेन और इनर मंगोलिया के यूलिन में बनाए गए हैं। अब तक इसे नकारने वाला चीन अब खुलकर अपने सरकारी टीवी CCTV पर इन ठिकानों का महिमामंडन कर रहा है। कुछ समय पहले रायटर ने भी दावा किया था कि चीन अपने परमाणु मिसाइल साइलो के पास लॉन्च पैड बना रहा है।

 

कुछ समय पहले एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चीन के एक दूर-दराज रेगिस्तान में एक बड़ा मिलिट्री कॉम्प्लेक्स बनाया जा रहा है। कुछ सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसे इस तरह बनाया गया है ताकि अगर अमेरिका चीन के न्यूक्लियर हथियारों पर पहले हमला करे, तो भी बीजिंग की जवाबी हमला करने की क्षमता खत्म न हो।

80 से ज्यादा लॉन्चपैड 

दरअसल, चीन की न्यूक्लियर मिसाइलें पहले से ही अमेरिका के किसी भी शहर तक पहुंच सकती हैं। सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि बीजिंग उन अलग-थलग न्यूक्लियर साइलो (मिसाइल रखने की जगह) के पास लॉन्च पैड, बंकर और कम्युनिकेशन नोड्स का एक बड़ा नेटवर्क बना रहा है, जहां चीन की सबसे लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइलें रखी हैं।  चीन ने अपने दूर-दराज़ उत्तर-पश्चिम इलाके में, हामि न्यूक्लियर साइलो फील्ड के पास 80 से ज्यादा लॉन्च पैड और अष्टकोणीय आकार के तीन इंस्टॉलेशन बनाए हैं।

 

 

डॉक्यूमेंट्री में PLA रॉकेट फोर्स के इंजीनियरिंग अधिकारी कुई दाओहू ने बताया कि हम मिसाइलों के लिए घर (साइलो) बनाते हैं। जितनी जल्दी साइलो तैयार होता है, उतनी ही तेजी से वहां मिसाइलें तैनात होकर युद्ध के लिए तैयार हो जाती हैं। हालांकि यह काम आसान नहीं था, लेकिन हमारी टीम ने इसे तय समय पर पूरा कर दिखाया।

पूरी दुनिया को तबाह करने की ताकत

हालांकि चीन ने यह सार्वजनिक नहीं किया है कि इन साइलो में कौन सी मिसाइलें रखी गई हैं, लेकिन रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन्हें DF-5C इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) के लिए बनाया गया है। यह मिसाइल दुनिया के किसी भी कोने में पलक झपकते ही तबाही मचा सकती है। ये भूमिगत साइलो इतने मजबूत बनाए गए हैं कि दुश्मन के परमाणु हमले को झेलकर तुरंत भीषण जवाबी कार्रवाई कर सकते हैं।

भारत के लिए कितना बड़ा खतरा?

चीन के ये परमाणु ठिकाने भारत की सीमाओं से ज्यादा दूर नहीं हैं। गांसू स्थित साइलो भारत के अरुणाचल प्रदेश से महज 1100 किलोमीटर की दूरी पर है। शिनजियांग के हामी में बना ठिकाना लेह से सिर्फ 1600 किलोमीटर दूर है। चीन के इस खुलासे के बाद एशिया में सामरिक संतुलन को लेकर एक बार फिर हड़कंप मच गया है।

उत्तर-पूर्व भारत में बाढ़ का खतरा, यूपी-दिल्ली से राजस्थान तक जानें मौसम का हाल

gujarat rain

IMD Rain Alert: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के विभिन्न हिस्सों में मॉनसून की सक्रियता को देखते हुए 4 अगस्त के लिए अलर्ट जारी किया है। उत्तर-पूर्व भारत के राज्यों—विशेषकर असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका जताई गई है। वहीं, दिल्ली-एनसीआर, यूपी, राजस्थान और मध्य भारत के राज्यों में भी हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

उत्तर-पूर्व और पूर्वी भारत में रेड अलर्ट जैसी स्थिति

मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वोत्तर राज्यों में अगले 24 घंटों में सबसे ज्यादा सतर्कता की आवश्यकता है। असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में बहुत भारी वर्षा हो सकती है। इसके अलावा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का अनुमान है।

 

पूर्वी भारत की बात करें तो बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। निचले इलाकों में जलभराव और नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को मुस्तैद रहने की सलाह दी गई है।

दिल्ली, यूपी और मध्य भारत का मौसम

उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम मिला-जुला रहेगा। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कहीं-कहीं तेज हवाएं और भारी बारिश हो सकती है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। दूसरी ओर, कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में भारी बारिश जारी रहेगी। कई जिलों में एहतियातन स्कूलों में छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं।

राजस्थान में कैसा रहेगा मॉनसून?

राजस्थान में पिछले 24 घंटों के दौरान पाली जिले के जैतारण में सर्वाधिक 161 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम केंद्र के अनुसार, मॉनसून के ट्रफ लाइन के खिसकने से जोधपुर, उदयपुर और कोटा संभाग में बारिश की गतिविधियों में थोड़ी कमी आ सकती है। हालांकि, शेखावाटी क्षेत्र, बीकानेर, जयपुर और भरतपुर संभाग में 3 से 5 अगस्त के दौरान हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिलेगी।

दक्षिण भारत का हाल

दक्षिण भारत में केरल, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। तटीय इलाकों में तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है, जबकि तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

लिव-इन पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, शादी जैसा रिश्ता है तो महिला पार्टनर को पत्नी जैसा हक

supreme court

Supreme Court on Live-in Relationship: सुप्रीम कोर्ट ने लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। शीर्ष अदालत ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 498A का दायरा बढ़ाते हुए स्पष्ट किया है कि यदि कोई लिव-इन रिश्ता 'शादी जैसा' है और दोनों पक्षों का विवाह करने का इरादा था, तो महिला पार्टनर को भी कानून के तहत पत्नी जैसा सुरक्षा अधिकार मिलेगा। ऐसे रिश्तों में महिला के साथ क्रूरता करने पर पुरुष पार्टनर और उसके रिश्तेदारों पर मुकदमा चलाया जा सकता है।

 

जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने यह स्पष्ट किया कि हर लिव-इन रिलेशनशिप पर यह दंडात्मक प्रावधान (IPC 498A) लागू नहीं होगा। यह कानून केवल उन लिव-इन रिश्तों पर लागू माना जाएगा जो बालिग व्यक्तियों की आपसी सहमति से बने हों, 'शादी जैसे रिश्ते' की श्रेणी में आते हों और जिनमें विवाह करने का इरादा रिश्ते का अहम हिस्सा रहा हो। अदालत ने यह भी साफ किया कि यह साबित करने की शुरुआती जिम्मेदारी उसी महिला पर होगी जो कानून के तहत सुरक्षा चाहती है।

शुरुआती जांच के बिना नहीं होगी गिरफ्तारी

सुप्रीम कोर्ट ने दुरुपयोग को रोकने के लिए कड़े निर्देश भी जारी किए हैं। पीठ ने कहा कि गिरफ्तारी से बचाव के नियमों को सख्ती से लागू किया जाना चाहिए।

 

कोर्ट का आदेश : लिव-इन पार्टनर या उसके रिश्तेदारों पर यदि महिला के साथ क्रूरता का आरोप लगता है, तो शुरुआती जांच के बिना किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं की जाएगी।

अनुच्छेद 14 का हवाला और कानून की व्याख्या

शीर्ष अदालत ने कहा कि धारा 498A के तहत मिलने वाली सुरक्षा के मामले में शादीशुदा महिला और 'शादी जैसे लिव-इन रिश्ते' में रहने वाली महिला के बीच फर्क करना संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) का उल्लंघन है, क्योंकि इसका मुख्य मकसद घरेलू हिंसा और क्रूरता को रोकना है।

 

कोर्ट ने अंत में यह भी स्पष्ट किया कि यह सिद्धांत केवल IPC की धारा 498A तक ही सीमित रहेगा और इस व्याख्या का असर किसी अन्य कानूनी प्रावधान पर नहीं पड़ेगा।

जिनकी जेब से राममंदिर निर्माण के लिए एक पैसा नहीं निकला, वे लोग कर रहे चंदा चोरी की बात : CM योगी

Jevar Airport Farmers meet cm yogi

Yogi Adityanath statement on Ram Temple funds: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र प्रारंभ होने से पहले सोमवार को पत्रकारों से वार्ता की। उन्होंने गरीब, युवा, महिला व किसान के मुद्दे पर विपक्ष को खरी-खरी सुनाते हुए कहा कि ये सभी डबल इंजन सरकार की प्राथमिकता में हैं। मुख्यमंत्री ने राम मंदिर के चढ़ावा चोरी पर भी विरोधी दलों के नेताओं पर सवालिया निशाना खड़ा करते हुए कहा कि जो लोग अयोध्या के मुद्दे को उठा रहे हैं, उन्होंने जयश्रीराम बोलने पर रामभक्तों पर लाठी-गोली चलवाई थी। राम मंदिर के खिलाफ न्यायालय में वकीलों की फौज खड़ी करके इसे बाधित करने का कुत्सित प्रयास किया। राम मंदिर में चंदा चोरी की बात वे लोग कर रहे हैं, जिनके जेब से मंदिर निर्माण के लिए एक पैसा भी नहीं निकला। देश-दुनिया इनका दोहरे चरित्र देख रही है।

एक-डेढ़ सप्ताह में आउटसोर्स कमीशन, तय होगा न्यूनतम मानदेय 

सीएम ने बड़ी घोषणा की कि सरकार एक-डेढ़ सप्ताह में आउटसोर्स कमीशन को लागू करने के साथ ही न्यूनतम मानदेय सुनिश्चित करने जा रही है। आंगनवाड़ी व आशा कार्यकर्ताओं, रसोइयों व ग्राम चौकीदारों को भी उचित मानदेय प्राप्त हो और उनकी सेवाएं प्रदेश के हित को संवर्धित करने के लिए कार्य करें, इसके लिए अनुपूरक बजट का सहारा लिया गया है। 

किसानों को असुरक्षित करने वालों का दोहरा चरित्र सामने  

मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि जिन लोगों के समय में किसानों के हितों पर कुठाराघात हुआ, जिन्होंने किसानों को खेत के लिए पानी नहीं दिया। उनके हक पर बिचौलियों का वर्चस्व स्थापित कराया और किसानों को असुरक्षित करते हुए उनके जीवन में बदहाली लाने का पाप किया। ऐसे दोहरे चरित्र वाले लोग आज किसान की बात करके उनके जले पर नमक छिड़क रहे हैं। पीएम मोदी जी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना जिसके तहत यूपी में 24 लाख हेक्टेयर भूमि में अतिरिक्त सिंचाई की सुविधा दी गई, समेत कई योजनाएं चल रही हैं। किसान अब तीन-चार फसलें लगा रहा है। पैक हाउस के माध्यम से औद्यानिक फसलों का विभिन्न देशों में निर्यात हो रहा है।

खाद की व्यवस्था सुनिश्चित कराने का निर्देश 

सीएम ने किसानों के मुद्दे पर सपा को घेरा और अपनी सरकार में गन्ना किसानों के लाभों को भी गिनाया। उन्होंने कहा कि 2007 से 2017 के बीच 29 चीनी मिलें बंद हुईं, 21 चीनी मिलें औने-पौने दाम पर बेच दी गईं, लेकिन हमारी सरकार में 3.23 लाख करोड़ से अधिक का गन्ना मूल्य भुगतान हुआ है। 122 में से 105 से अधिक चीनी मिलें चौथे-पांचवें दिन ही किसानों के खाते में गन्ना मूल्य का भुगतान कर रही हैं। समाजवादी पार्टी के समय में 10 वर्ष का गन्ना मूल्य बकाया था। ये लोग किसानों के हितों का संरक्षण करने के बजाय उन्हें आत्महत्या और पलायन के लिए मजबूर करते थे। उस समय किसानों के ट्यूबवेल तक सुरक्षित नहीं थे। सरकार आज 16 लाख ट्यूबवेल को निशुल्क बिजली उपलब्ध करा रही है। कुछ जगहों पर पोर्टल की तकनीकी समस्या आई थी, लेकिन विभाग को किसानों के लिए खाद की व्यवस्था सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया है।

नकारात्मकता की राजनीति त्यागें विपक्ष के साथी

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सत्र हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए सदन के समय का बेहतर उपयोग हो। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रदेश के हित और 25 करोड़ आमजन के विकास के लिए विधानमंडल की कार्यवाही को शांतिपूर्ण ढंग से चलाने के लिए विपक्ष के साथी नकारात्मकता की राजनीति को छोड़कर प्रदेश के विकास व समृद्धि में योगदान देंगे। सीएम ने कहा कि विधायिका आमजन की आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम होती है। संसदीय प्रणाली में विधायिका गरीब, किसान, युवा और महिला से जुड़े मुद्दों पर चर्चा, समीक्षा और परिणाम तक पहुंचाने का सबसे अच्छा प्लेटफॉर्म है। हर जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र की समस्या को रखकर सरकार से समाधान का रास्ता निकलवा सकता है। इस प्लेटफॉर्म का बेहतर उपयोग हो, यह भाजपा नेतृत्व की एनडीए सरकार की सदैव प्राथमिकता रही है। 

संवाद से ही सरकार कर सकी बेहतर काम

सीएम ने कहा कि 9 वर्ष में संवाद और जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दों की समीक्षा करने के उपरांत बनी योजनाओं के माध्यम से ही सरकार बेहतर काम कर सकी है। इससे उत्तर प्रदेश के प्रति धारणा बदलने के साथ ही इसे बीमारू राज्य से उबारकर रेवेन्यू सरप्लस व इकॉनमी का ब्रेकथ्रू स्टेट बनाना संभव हो सका। 9 वर्षों में सरकार ने युवाओं के कल्याण, महिलाओं की सुरक्षा-सम्मान और स्वावलंबन, किसानों के जीवन में परिवर्तन और चेहरे पर खुशहाली लाने के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए हैं और वर्तमान में सरकार क्या करने जा रही है, इस पर भी चर्चा होगी।

विधायिका से संभव होता है गरीबों के जीवन में परिवर्तन

सीएम ने कहा कि डबल इंजन सरकार ने 9 वर्षों में छह करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी रेखा से उबारकर मध्यम श्रेणी में लाकर यदि उनके जीवन में परिवर्तन लाने का प्रयास किया है तो उसकी केंद्रबिंदु विधायिका है, क्योंकि यहीं नीतियां बनती हैं। उससे पहले चर्चा-परिचर्चा होती है। विधायिका सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स, शिक्षा, स्वास्थ्य, गरीबी उन्मूलन, किसान, निवेश, रोजगार आदि पर चर्चा करने का भी सशक्त माध्यम है। 

सावन का महीना अत्यंत महत्वपूर्ण

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती-किसानी की दृष्टि से किसानों, स्कूल-कॉलेज में एडमिशन के लिए युवाओं और कांवड़ यात्रियों के लिए यह महीना अत्यंत महत्वपूर्ण है। युवा ऊर्जा के प्रतीक जिन छात्रों ने प्रवेश लिया है और जो नए रोजगार के लिए बढ़ रहे हैं, उन सभी प्रतिभाशाली युवाओं को शुभकामनाएं। किसान जब दिनरात मेहनत करता है तो उत्तर प्रदेश की धरती सोना उगलती है। भारत की कुल कृषि भूमि में यूपी की हिस्सेदारी मात्र 11 प्रतिशत है, लेकिन हमारे किसान देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन में 21-22 फीसदी का योगदान दे रहे हैं। किसानों के जीवन में आज व्यापक परिवर्तन हुआ है। मोदी जी के विजन के अनुरूप किसानों की आय दोगुनी से अधिक हुई है। किसानों के जीवन में खुशहाली लाने वाले अन्य मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए। सीएम ने रिफॉर्म में किसानों के योगदान की सराहना भी की।

आधी आबादी के जीवन में व्यापक परिवर्तन

सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में आधी आबादी के जीवन में भी व्यापक परिवर्तन आया है। 2017 में जो महिला श्रमबल 12 फीसदी था, वह अब बढ़कर 37-38 फीसदी से अधिक हो गया है। डबल इंजन सरकार सभी बड़े महानगरों में कामकाजी महिलाओं के लिए श्रमजीवी हॉस्टल का निर्माण कर रही है। मिशन शक्ति के अंतर्गत सरकार ने महिला सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन के लिए अनेक कदम उठाए हैं। 9 लाख से अधिक युवाओं को नौकरी और उसमें 20 फीसदी से अधिक महिलाओं की भागीदारी के साथ प्रदेश सरकार ने कीर्तिमान स्थापित किया है।

 

प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहे युवाओं का अभिनंदन 

सीएम ने कहा कि डबल इंजन सरकार के कारण प्रदेश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, सुरक्षा व अन्य कारणों से निवेश के बेहतर अवसर प्राप्त हुए हैं। लाखों युवाओं को अपने जनपद, क्षेत्र में नौकरी व रोजगार की गारंटी मिली है। परंपरागत उद्यम को प्रोत्साहित करते हुए एक जनपद-एक उत्पाद और पीएम विश्वकर्मा आदि योजनाओं से व्यापक बदलाव हुए हैं। करोड़ों नौजवानों को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। सीएम ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रहे युवाओं का अभिनंदन किया।  

विधानसभा व परिषद के सदस्य सावन के आयोजनों में लेंगे भाग 

मुख्यमंत्री ने सावन में शिवभक्तों की आस्था को भी नमन किया और कहा कि  देश-प्रदेश में शिवभक्त हर-हर, बम-बम के उत्साहपूर्ण माहौल में शिवभक्ति को निवेदित कर रहे हैं। अभी से करोड़ों शिवभक्त पश्चिमी उत्तर प्रदेश से हरिद्वार के पावन धाम में हर की पैड़ी से गंगाजल लेने के लिए प्रस्थान कर चुके हैं। शासन, स्थानीय प्रशासन, स्वयंसेवी, सामाजिक, व्यापारिक व धार्मिक संगठनों ने उनके स्वागत, सुरक्षा, सुविधा के लिए अनेक कार्यक्रम प्रारंभ किए हैं। विधानसभा व परिषद के सदस्य भी 7 अगस्त से इन आयोजनों में भाग लेंगे। 

सदन में स्वस्थ चर्चा-परिचर्चा करें जनप्रतिनिधि 

सीएम ने सभी जनप्रतिनिधियों से कहा कि सदन में स्वस्थ चर्चा-परिचर्चा बनाए रखने के लिए कार्य करें। सरकारी कर्मचारियों, आउटसोर्स व संविदा कार्मिकों ने 9 वर्षों में मेहनत की पराकाष्ठा दिखाई है, ऐसे में सरकार उनके वेलफेयर के लिए भी कार्य कर रही है। अनुदेशकों, शिक्षामित्रों, बेसिक, माध्यमिक व उच्च शिक्षा के सभी शिक्षकों को कैशलेस की सुविधा दी गई। साथ ही सरकार ने अनुदेशकों, शिक्षामित्रों के मानदेय को भी बढ़ाया है। 

 

पत्रकार वार्ता के दौरान उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख आदि मौजूद रहे।

बांकीपुर में क्यों हारी भाजपा? प्रशांत किशोर की जीत के 5 बड़े कारण

Bihar assembly bypoll results Bankipur

Bihar assembly bypoll results Bankipur: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में बिहार राजनीति का सबसे बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। पटना की इस हाई-प्रोफाइल विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भाजपा (BJP) के 30 साल पुराने अभेद्य गढ़ में सेंध लगाते हुए 19 हजार 324 वोटों से ऐतिहासिक जीत दर्ज की है।

 

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की इस पारंपरिक सीट पर प्रशांत को मिली जीत ने बिहार के सियासी गणित को पूरी तरह हिला कर रख दिया है। 1995 के बाद से कभी चुनाव न हारने वाली भाजपा के उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को पटखनी देकर प्रशांत किशोर न केवल जन सुराज के पहले विधायक बने हैं, बल्कि बिहार में एक नए 'तीसरे विकल्प' की नींव भी मजबूत कर दी है।  

क्या हैं भाजपा की हार के बड़े कारण?

PK का खुद मैदान में उतरना : 2025 के चुनावों में विफलता के बाद प्रशांत किशोर ने किसी अन्य प्रत्याशी पर दांव लगाने के बजाय खुद बांकीपुर से मैदान संभाला। उनकी इस रणनीति ने मतदाताओं को संदेश दिया कि वे इस चुनाव को लेकर बेहद गंभीर हैं। यही कारण रहा कि लोगों ने उन पर भरोसा किया। 

 

पारंपरिक वोट बैंक में बड़ी दरार : बांकीपुर में भाजपा के मुख्य कैडर वोट बैंक (सवर्ण और शहरी मध्यम वर्ग) में भारी बिखराव देखने को मिला। प्रशांत किशोर ने BJP के साथ-साथ RJD के भी मुस्लिम-यादव व पिछड़ा वोट बैंक में जबरदस्त सेंधमारी की, जिससे पक्ष और विपक्ष दोनों का ही समीकरण ध्वस्त हो गया।

 

मुद्दों पर आधारित अभियान : प्रशांत किशोर ने पारंपरिक जाति-धर्म की राजनीति के बजाय शिक्षा, रोजगार, जलजमाव, नागरिक सुविधाओं और बिहार के विकास को प्रमुख मुद्दा बनाया। उन्होंने बड़े मंचों के बजाय मोहल्ला बैठकों और सीधी जन-चौपालों पर ध्यान केंद्रित किया। इस चुनाव परिणाम पर दिल्ली के जंतर-मंतर प्रोटेस्ट का भी असर माना जा रहा है। युवा वोटर का एक बड़ा वर्ग भी प्रशांत के पक्ष में गया। 

 

अहंकार के खिलाफ जनआक्रोश : प्रशांत किशोर ने चुनाव प्रचार के दौरान यह संदेश आक्रामक तरीके से फैलाया कि 'किला जनता बनाती है, कोई पार्टी नहीं'। भाजपा के कैडर द्वारा सीट को 'सुरक्षित' मान लेने के रवैये का फायदा उठाते हुए PK ने बदलाव की चाहत रखने वाले तटस्थ वोटरों को साध लिया। उपचुनाव के माध्यम से वोटरों ने भाजपा के 'अहंकार' पर भी प्रहार किया, जिसे हमेशा लगता है कि वह कोई चुनाव नहीं हार सकती। 

 

तीसरे विकल्प की तलाश : मुख्य विपक्षी दल RJD की प्रत्याशी रेखा कुमारी का कमजोर प्रदर्शन यह दिखाता है कि जो मतदाता भाजपा से तो नाराज थे ही, उन्होंने RJD पर भी विश्वास नहीं किया। वोटर ने चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर के 'जन सुराज' पर भरोसा जताया।  

कैसे ढहाया भाजपा का अभेद्य किला?

बांकीपुर (पूर्व में पटना पश्चिम) सीट 1995 से भाजपा का सबसे सुरक्षित किला मानी जाती थी। नितिन नवीन यहां से लगातार 5 बार विधायक रहे हैं। लेकिन उनके राज्यसभा जाने के बाद खाली हुई इस सीट पर भाजपा ने एक कम प्रोफाइल वाले युवा चेहरे को उतारा। प्रशांत किशोर ने इस मौके का पूरा फायदा उठाया। उन्होंने बांकीपुर के हर वार्ड और मोहल्ले का डेटा-संचालित तरीके से विश्लेषित किया और असंतुष्ट गुटों को जोड़ा। पटना शहर का पढ़ा-लिखा और मध्यम वर्ग जो भाजपा का बंधुआ वोटर माना जाता था, उसने बदलाव के नाम पर प्रशांत किशोर को वोट दिया। प्रशांत किशोर ने अकेले 49.2% वोट हासिल किए, जो BJP (34.4%) और RJD (10.9%) के कुल मिलाकर मिले वोटों से भी ज्यादा है।

बिहार में 'तीसरे विकल्प' का उदय

NDA और महागठबंधन के दोहरे धुव्रीकरण के बीच जन सुराज ने यह साबित कर दिया है कि राज्य में एक मजबूत और व्यावहारिक तीसरा विकल्प खड़ा हो चुका है। बांकीपुर के नतीजों ने सभी राजनीतिक दलों को यह कड़ा संदेश दिया है कि किसी भी सीट को 'टेकन फॉर ग्रांटेड' (जरूरी रूप से सुरक्षित) मानना चुनावी भूल साबित हो सकता है।