दतिया उपचुनाव में हार पर बोले कैलाश विजयवर्गीय, हार तो हार है, हल्के में नहीं ले सकते, लेकिन…

Kailash Vijayvargiya

दतिया उपचुनाव हार पर अब भाजपा बैकफुट पर है। हार का चिंतन शुरू हो गया है। जो किसी ने सोचा नहीं था, वो दतिया में हो गया है। इस बीच भाजपा नेताओं के बयान भी सामने आ रहे हैं। हाल ही में इंदौर में भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय का बयान सामने आया है।

मध्य प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दतिया विधानसभा उपचुनाव के परिणाम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उपचुनाव का महत्व आम चुनाव जितना नहीं होता, लेकिन हार को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि भाजपा इस हार की समीक्षा करेगी। विजयवर्गीय ने सोमवार देर रात इंदौर में मीडिया से बात की थी।

उन्‍होंने कहा कि उपचुनाव का बहुत ज्यादा महत्व नहीं होता, फिर भी हार, हार होती है और जीत, जीत होती है। प्रदेश अध्यक्ष ने भी कहा है कि पार्टी इस परिणाम पर चिंतन करेगी।

उन्होंने कहा कि भाजपा यह पता लगाएगी कि किन कारणों से पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। साथ ही भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए आवश्यक कदम भी उठाए जाएंगे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के प्रभाव वाले क्षेत्र की सीट पर आए परिणाम को लेकर पूछे गए सवाल पर विजयवर्गीय ने कहा कि वे स्वयं वहां चुनाव प्रचार के लिए गए थे।

भाजपा को 6056 वोटों से हराया : बता दें कि दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस ने भाजपा को 6056 वोटों से हरा दिया। चुनाव में पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के बूथ पर भी भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। नतीजे आने के बाद भाजपा और कांग्रेस नेताओं ने एक-दूसरे को मेलोडी टॉफी खिलाकर बधाई दी और गले मिले। इस जीत के साथ कांग्रेस ने सीट अपने नाम कर ली, जबकि भाजपा को बड़ा राजनीतिक झटका लगा।

मालिक को बचाने के लिए खतरनाक कोबरा से भिड़ गया टॉमी, जान देकर निभाई वफादारी, देखें VIDEO

वफादारी की मिसाल अक्सर कुत्तों से दी जाती है, लेकिन उत्तर प्रदेश के बलिया से सामने आई एक घटना ने इस कहावत को सच साबित कर दिया। यहां एक पालतू लैब्राडोर कुत्ते 'टॉमी' ने अपने मालिक के परिवार को जहरीले कोबरा से बचाने के लिए अपनी जान की बाजी लगा दी। करीब एक घंटे तक चली इस खतरनाक लड़ाई में टॉमी ने कोबरा को तो मार गिराया, लेकिन खुद भी जहर के असर से जिंदगी की जंग हार गया।

 

रात 2 बजे घर के बाहर दिखा कोबरा

 

यह घटना बेल्थरा रोड क्षेत्र के उभांव गांव की है। ईंट भट्ठा व्यवसायी दानिश अपने परिवार के साथ यहां रहते हैं। रविवार देर रात करीब दो बजे एक जहरीला कोबरा उनके घर की ओर बढ़ रहा था। सबसे पहले परिवार के नौ साल पुराने पालतू लैब्राडोर टॉमी की नजर उस पर पड़ी।

 

टॉमी ने लगातार भौंककर परिवार को खतरे का एहसास कराया। इससे पहले कि सांप घर के अंदर पहुंचता, वह बिना अपनी जान की परवाह किए सीधे कोबरा से भिड़ गया।

 

एक घंटे तक चली जिंदगी और मौत की लड़ाई

 

परिवार के मुताबिक, टॉमी और कोबरा के बीच करीब एक घंटे तक जबरदस्त संघर्ष हुआ। इस दौरान कोबरा ने कई बार टॉमी को डसा, लेकिन उसने सांप को छोड़ने से इनकार कर दिया। आखिरकार टॉमी ने कोबरा को मार गिराया और परिवार को संभावित बड़े हादसे से बचा लिया।

 

हालांकि, इस बहादुरी की कीमत उसे अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। सांप के जहर का असर धीरे-धीरे उसके शरीर में फैलता गया और करीब आधे घंटे बाद उसकी हालत गंभीर हो गई। उसे इलाज के लिए ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर भी उसे नहीं बचा सके।


परिवार के लिए सिर्फ पालतू नहीं, सदस्य था टॉमी

 

परिजनों का कहना है कि टॉमी पिछले नौ वर्षों से उनके परिवार का हिस्सा था। उसने हमेशा घर की रखवाली की और हर मुश्किल में परिवार के साथ खड़ा रहा। उनका मानना है कि अगर उस रात टॉमी कोबरा से नहीं भिड़ता, तो सांप घर के अंदर घुसकर किसी भी सदस्य को नुकसान पहुंचा सकता था।

 

नम आंखों से दी अंतिम विदाई

 

सोमवार को परिवार ने अपने सबसे वफादार साथी को नम आंखों से अंतिम विदाई दी। टॉमी को दफनाते समय घर का हर सदस्य भावुक हो उठा। गांव के कई लोग भी इस बहादुर कुत्ते को श्रद्धांजलि देने पहुंचे।

 

टॉमी अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उसकी बहादुरी, वफादारी और अपने परिवार के लिए दिया गया बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा। उसकी कहानी यह याद दिलाती है कि सच्चा प्यार और निस्वार्थ रक्षा केवल इंसान ही नहीं, बल्कि बेजुबान भी निभाना जानते हैं।

JDU विधायक अनंत सिंह ने बताया बांकीपुर में भाजपा की हार का असली कारण

Anant Singh Bankipur by-election results

Anant Singh Bankipur by-election results: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में 31 साल बाद बीजेपी की हार और प्रशांत किशोर की ऐतिहासिक जीत पर जेडीयू विधायक अनंत सिंह का बड़ा बयान सामने आया है। अनंत ने बताया कि नीतीश कुमार को मुख्‍यमंत्री पद से हटाने का मैसेज जनता के बीच अच्छा नहीं गया, जिससे बीजेपी का यह मजबूत किला ढह गया। खास बात यह है कि यह सीट भाजपा के वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। 

 

प्रशांत किशोर की जीत के साथ ही बांकीपुर विधानसभा सीट पर 1995 से चला आ रहा भाजपा (BJP) का कब्जा खत्म हो गया है। इस उपचुनाव में पहली बार चुनाव लड़े जन सुराज के प्रत्याशी प्रशांत किशोर ने भाजपा के नीरज कुमार सिन्हा को 19 हजार 324 वोटों के बड़े अंतर से हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। इस हार के बाद राजनीतिक गलियारों में बयानबाजी तेज हो गई है। ALSO READ: बांकीपुर में क्यों हारी भाजपा? प्रशांत किशोर की जीत के 5 बड़े कारण

क्या कहा JDU विधायक अनंत सिंह ने? 

मोकामा से JDU विधायक अनंत सिंह ने बीजेपी की इस हार पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए एक बड़ा दावा किया है। सिंह ने कहा कि जनता के बीच यह गलत मैसेज चला गया कि नीतीश कुमार को कुर्सी से हटा दिया गया है, जिससे लोग नाराज थे। उन्होंने कहा कि जनता में यह हवा फैल गई कि बीजेपी वालों ने नीतीश कुमार के साथ ऐसा किया है। ALSO READ: बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर की ऐतिहासिक जीत, बोले- मेरे विधायक बनने से बांकीपुर बेंगलुरू नहीं बन जाएगा

 

हालांकि सभी नेता कहते हैं कि दोनों (JDU-BJP) ने मिलकर फैसला लिया, लेकिन जनता में चर्चा है कि नीतीश कुमार को हटाया गया है। जनता ने नीतीश कुमार के नाम पर वोट दिया था और उसे यह खिलवाड़ पसंद नहीं आया। अनंत सिंह ने आगे स्पष्ट किया कि उन्होंने खुद पता लगाया था और नीतीश कुमार अपनी राजी-खुशी से हटे थे, लेकिन जनता में भ्रम की स्थिति बनी रही कि उन्हें हटाया गया है। नीतीश कुमार के अच्छे कामों की वजह से लोग दुखी हो गए। ALSO READ: बांकीपुर से प्रशांत किशोर की जीत के क्या हैं मायने

राजद पर करारा तंज

उपचुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की करारी हार पर तंज कसते हुए अनंत ने कहा कि आरजेडी कोई पार्टी ही नहीं है और उसके साथ अब कोई चलने को तैयार नहीं है। सिर्फ एक जाति के दम पर चुनाव नहीं जीता जा सकता। जब उनसे पूछा गया कि RJD को M-Y (मुस्लिम-यादव) समीकरण का असर क्यों नहीं दिखाई दिया तो उन्होंने कहा कि लोग अपना वोट बेकार नहीं करना चाहते थे, इसलिए उन्होंने RJD को वोट नहीं दिया।

80वां स्वतंत्रता दिवस 2026: 15 अगस्त आजादी से जुड़ी 10 रोचक बातें, जो हर भारतीय को जाननी चाहिए

The image features Mahatma Gandhi, Bhagat Singh 'Azad', Subhash Chandra Bose, and Jawaharlal Nehru, with the Tricolour, the Red Fort, and a fighter jet in the background.

भारत 15 अगस्त 2026 को अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस (80th Independence Day) मना रहा है। 1947 में भारत के ऐसे कई क्षेत्र थे जो भारतीय संघ में शामिल नहीं हुए थे। इसी के साथ यह भी जानिए कि कैसे हम एक गणतंत्र राष्ट्र बने और किस तरह झंडा हो गया तिरंगा। आजादी की इस गौरवशाली यात्रा से जुड़ी ऐसी 10 बेहद दिलचस्प और रोचक बातें, जो हर भारतीय को पता होनी चाहिए।

ALSO READ: भारतीय स्वतंत्रता दिवस पर इस बार की खास तैयारी, कौन होंगे अतिथि?

1. 15 अगस्त की तारीख ही क्यों चुनी गई?

भारत के आखिरी वायसराय लॉर्ड माउंटबेटन ने 15 अगस्त की तारीख चुनी थी। इसका मुख्य कारण यह था कि 15 अगस्त 1945 को द्वितीय विश्व युद्ध (World War II) में जापान की सेना ने मित्र राष्ट्रों (Allied Forces) के सामने आत्मसमर्पण किया था। माउंटबेटन इस दिन को अपने लिए शुभ मानते थे। हालांकि कुछ ज्योतिषियों ने भी इसी 15 की सलाह दी थी।

 

2. स्वतंत्रता दिवस vs गणतंत्र दिवस: ध्वजारोहण में बड़ा अंतर

15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) और 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) के ध्वजारोहण में दो बड़े अंतर होते हैं:

15 अगस्त: प्रधानमंत्री लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज को नीचे से ऊपर खींचकर फहराते हैं, जिसे ध्वजारोहण (Flag Hoisting) कहते हैं।

26 जनवरी: राष्ट्रपति राजपथ (कर्तव्य पथ) पर पहले से बंधे हुए झंडे की गांठ खोलकर फहराते हैं, जिसे ध्वज फहराना (Flag Unfurling) कहते हैं।

 

3. आजादी के समय राष्ट्रगान नहीं था

15 अगस्त 1947 को जब भारत आजाद हुआ, तब हमारे पास कोई आधिकारिक राष्ट्रगान (National Anthem) नहीं था। हालांकि, रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा लिखा गया 'जन गण मन' 1911 में ही रचा जा चुका था, लेकिन इसे 24 जनवरी 1950 को आधिकारिक रूप से भारत के राष्ट्रगान के रूप में अपनाया गया।

 

4. 15 अगस्त 1947 को महात्मा गांधी जश्न में शामिल नहीं थे

जब 14-15 अगस्त 1947 की मध्यरात्रि को पूरा देश आजादी का जश्न मना रहा था, तब राष्ट्रपिता महात्मा गांधी दिल्ली में नहीं थे। वे बंगाल के नोआखली में हिंदू-मुस्लिम दंगों को शांत कराने और शांति स्थापित करने के लिए भूख हड़ताल पर बैठे थे।

 

5. पांच अन्य देश भी इसी दिन मनाते हैं आजादी

15 अगस्त सिर्फ भारत का ही स्वतंत्रता दिवस नहीं है! दुनिया के 5 अन्य देश भी 15 अगस्त को ही अपना स्वतंत्रता दिवस मनाते हैं:

दक्षिण कोरिया (South Korea) और उत्तर कोरिया (North Korea) (जापान से 1945 में आजादी)

बहरीन (Bahrain) (ब्रिटेन से 1971 में आजादी)

कांगो गणराज्य (Republic of the Congo) (फ्रांस से 1960 में आजादी)

लिकटेंस्टीन (Liechtenstein) (जर्मनी से 1866 में आजादी)

 

6. भारत और पाकिस्तान की आजादी एक साथ हुई थी

15 अगस्त 1947 की आधी रात (12:00 AM) को ही दोनों देश आजाद घोषित किए गए थे। लेकिन पाकिस्तान अपना स्वतंत्रता दिवस 14 अगस्त को मनाता है, क्योंकि लॉर्ड माउंटबेटन ने 14 अगस्त को कराची जाकर सत्ता हस्तांतरित की थी ताकि वे 15 अगस्त को दिल्ली में उपस्थित रह सकें।

 

7. भारतीय तिरंगे से जुड़े कड़े नियम

हमारा राष्ट्रीय ध्वज 'तिरंगा' विशेष रूप से खादी (सूती या रेशमी) कपड़े का ही बना होना चाहिए। कर्नाटक का 'कर्नाटक खादी ग्रामोद्योग संयुक्त संघ' (KGSS) देश की एकमात्र ऐसी संस्था है जिसे आधिकारिक तौर पर तिरंगा बनाने और आपूर्ति करने का प्रमाण पत्र प्राप्त है।

 

8. पंडित नेहरू का ऐतिहासिक भाषण “Tryst with Destiny”

14 अगस्त 1947 की आधी रात को भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने संसद भवन से अपना प्रसिद्ध भाषण दिया था, जिसे “Tryst with Destiny” (नियति से वादा) के नाम से जाना जाता है। इसे 20वीं सदी के सबसे महान भाषणों में गिना जाता है।

 

9. 1947 में रुपये की कीमत डॉलर के बराबर थी?

एक बहुत लोकप्रिय मिथक है कि 1947 में 1 डॉलर = 1 रुपया था। दरअसल, उस समय भारत का रुपया अमेरिकी डॉलर से नहीं, बल्कि ब्रिटिश पाउंड (GBP) से बंधा हुआ था और 1 पाउंड की कीमत 13.33 रुपए थी। डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की दर उस वक्त लगभग 3.30 से 4 के आसपास थी।

 

10. 1947 में आजादी के समय भारत में विलय नहीं हुए थे ये क्षेत्र:

आजादी के समय भारत में कुल 565 देसी रियासतें थीं। सरदार वल्लभभाई पटेल और वी. पी. मेनन के प्रयासों से इनमें से 552 रियासतों (जो भौगोलिक रूप से भारत की सीमा में थीं) का भारतीय संघ में विलय कराया गया।इनमें से अधिकतर ने 15 अगस्त 1947 से पहले ही 'इन्स्ट्रूमेंट ऑफ एक्सेसिन' (Instrument of Accession) पर हस्ताक्षर कर दिए थे। हालांकि, कुछ प्रमुख रियासतों का विलय 1947 के बाद हुआ:-

 

15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश भारत आजाद जरूर हो गया था, लेकिन गोवा पुर्तगालियों के अधीन था और हैदराबाद निजाम के शासन में था। 

गोवा को 1961 में (ऑपरेशन विजय द्वारा) और हैदराबाद को सितंबर 1948 में (ऑपरेशन पोलो द्वारा) भारत संघ में शामिल किया गया।

जूनागढ़ (गुजरात): फरवरी 1948 में जनमत संग्रह (Referendum) के बाद विलय हुआ।

जम्मू और कश्मीर: 26 अक्टूबर 1947 को महाराजा हरि सिंह द्वारा विलय पत्र पर हस्ताक्षर करने के बाद जुड़ा।

मणिपुर: सितंबर 1949 में आधिकारिक रूप से विलय समझौते पर हस्ताक्षर हुए।

कलत और अन्य छोटी रियासतें (जैसे भोपाल, त्रावणकोर आदि): इन्हें 1947 से 1949 के बीच पूरी तरह भारत में मिला लिया गया।

 

फ्रांसीसी उपनिवेश (French Possessions)— कुल 5 क्षेत्र

चंद्रनगर: 1949 में जनमत संग्रह के बाद 1950/1952 में भारत को सौंपा गया।

पुडुचेरी (Puducherry)

कराईकल (Karaikal)

माहे (Mahe)

यनाम (Yanam)

(1 नवंबर 1954 को ये चारों क्षेत्र भारत को सौंपे गए और 1962 में कानूनी रूप से इनका विलय हुआ।)

 

पुर्तगाली उपनिवेश (Portuguese Possessions)— कुल 3 क्षेत्र

दादरा और नगर हवेली: 1954 में स्थानीय राष्ट्रवादियों द्वारा आजाद कराया गया और 1961 में भारत में विलय हुआ।

गोवा: 19-20 दिसंबर 1961 को 'ऑपरेशन विजय' (सैन्य कार्रवाई) के ज़रिए भारत का हिस्सा बना।

दमन और दीव: 1961 में ही गोवा के साथ आजाद कराकर भारत में शामिल किया गया।

3. अन्य स्वतंत्र क्षेत्र

सिक्किम: 1947 के बाद भारत का एक 'संरक्षित राज्य' (Protectorate) था। 1975 में 36वें संविधान संशोधन के जरिए सिक्किम पूर्ण रूप से भारत का 22वां राज्य बना।

 

उदयनिधि स्टालिन हिरासत में, CM विजय और अभिनेत्री तृषा पर विवादित टिप्पणी के बाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई

udaynidhi stalin detained after controversial comment on trisha

डीएमके नेता और तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन को चेन्नई स्थित उनके घर से पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उन पर मुख्यमंत्री विजय और अभिनेत्री तृषा के खिलाफ पर अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई थी। ALSO READ: सिद्धिविनायक मंदिर में 18 करोड़ दान गबन का दावा, राज ठाकरे के आरोपों के बाद सरकार हरकत में

 

तंजावुर में कावेरी जल-बंटवारे के मुद्दे पर विरोध करने के लिए आयोजित डीएमके की रैली में उदयनिधि ने कथित तौर पर मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए डबल मीनिंग वाली टिप्पणी की थी।  इस पर सियासी बवाल मच गया। विजय की पार्टी टीवीके ने इस मामले में उदयनिधि के खिलाफ कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई थी। टीवीके की शिकायत के बाद तंजावुर पुलिस ने डीएमके नेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।

 

दोपहर बाद कोर्ट में सुनवाई

इस मामले को लेकर उदयनिधि स्टालिन ने मंगलवार को मद्रास हाई कोर्ट में अपने खिलाफ दर्ज मामले में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी। जब जस्टिस जीके इलांथिरैयन ने कार्यवाही शुरू की तो वकील हसन मोहम्मद जिन्ना ने याचिका पर तत्काल सुनवाई की मांग की। अनुरोध स्वीकार करते हुए जज ने दोपहर बाद अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करने पर सहमति व्यक्त की। ALSO READ: E20 पर AAP का बड़ा प्रदर्शन, केजरीवाल 100 समर्थकों के साथ पीएम आवास की ओर करेंगे मार्च

 

महिला आयोग तक पहुंचा विवाद

यह विवाद राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) तक भी पहुंचा। वहां भी टीवीके ने शिकायत दर्ज कराई कि उदयनिधि ने अश्लील, महिलाओं को वस्तु के रूप में पेश करने वाली और यौन संकेत देने वाली टिप्पणियां कीं। पार्टी ने आयोग से आग्रह किया कि वह भाषण का संज्ञान ले, स्पष्टीकरण और बिना शर्त सार्वजनिक माफी की मांग करे और अधिकारियों को भारतीय न्याय संहिता के संबंधित प्रावधानों के तहत कानूनी कार्यवाही शुरू करने का निर्देश दे।

सिद्धिविनायक मंदिर में 18 करोड़ दान गबन का दावा, राज ठाकरे के आरोपों के बाद सरकार हरकत में

siddhivinayak temple donation row

महाराष्ट्र विधि और न्याय विभाग ने सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट से एक विस्तृत वित्तीय रिपोर्ट मांगी है। यह कदम महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे के उस आरोप के बाद मचे राजनीतिक घमासान के बीच उठाया गया है, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि मुंबई के इस प्रसिद्ध मंदिर से हर साल 18 करोड़ रुपये के दान का गबन किया जा रहा है। ALSO READ: उत्तराखंड आध्यात्मिक राजधानी बनने की ओर अग्रसर, जागेश्वर से कैंची धाम तक श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड बढ़ोतरी

 

हालांकि, ट्रस्ट का कहना है कि विभाग का यह कदम मई में उनके द्वारा सौंपे गए एक व्यापक ऑडिट के अनुरोध पर उठाया गया है, जो कि इन आरोपों के सामने आने से कई महीने पहले किया गया था।

 

सिद्धिविनायक ट्रस्ट के अध्यक्ष सदा सरवणकर ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस घोटाले के पूरे स्वरूप का खुलासा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंदिर में दान की यह चोरी काफी समय से चल रही थी और अपराधियों को पकड़ने के लिए एक विस्तृत जाल बिछाया गया था। ट्रस्ट ने इस मामले में उपमुख्यमंत्री को पत्र लिखा था, जिसके बाद एसीबी (एंटी करप्शन ब्यूरो) ने निगरानी शुरू कर दी। इस मामले में 46 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है और 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

 

जिस दिन मंदिर में नकदी गिनी जा रही थी, उस दिन एसीबी के अधिकारी प्रत्येक प्रवेश द्वार पर तैनात थे। सीसीटीवी फुटेज और सीधी निगरानी वाले कैमरों में कर्मचारी चोरी करते हुए रंगे हाथों पकड़े गए। इस रैकेट के मुख्य संदिग्ध राजन पेंडुलकर बताए जा रहे हैं, जिन्हें उनके नौ साथियों के साथ गिरफ्तार किया गया है। ALSO READ: जिनकी जेब से राममंदिर निर्माण के लिए एक पैसा नहीं निकला, वे लोग कर रहे चंदा चोरी की बात : CM योगी

 

क्या है राज ठाकरे का आरोप?

राम मंदिर अयोध्या के लिए दिए गए दान में चोरी के विवाद के बीच, MNS प्रमुख राज ठाकरे ने आरोप लगाया है कि सिद्धिविनायक मंदिर से हर साल 18 करोड़ रुपये का दान हड़पा जा रहा है। उन्होंने यह दावा भी किया कि अयोध्या के राम मंदिर में 1,400 करोड़ रुपए की चोरी हुई है।

 

राम कदम ने मांगे सबूत 

भाजपा विधायक राम कदम ने कहा कि राज ठाकरे खुद अक्सर दर्शन के लिए सिद्धिविनायक मंदिर जाते हैं। मैंने उनके साथ पांच साल काम किया है और भगवान गणेश उनके आराध्य देव हैं। गणेश मंदिर के बारे में ऐसे आरोप लगाना ठीक नहीं है। अगर उनके पास कोई ठोस जानकारी है, तो उन्हें इसे पुलिस को सौंपना चाहिए। मामले की पूरी जांच की जाएगी। भाजपा नेता ने कहा कि मीडिया के सामने इस बारे में बात करने से सुर्खियां तो मिल सकती हैं, लेकिन इससे किसी भी मंदिर में ऐसी घटनाओं को रोकने का मकसद पूरा नहीं होगा। ALSO READ: काशी विश्वनाथ धाम में VIP दर्शन के नाम पर ठगी, पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए वापस दिलाए पैसे

 

संजय राउत ने किया राज ठाकरे का समर्थन

शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर में दान चोरी के महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे के दावे का समर्थन करते हुए आरोप लगाया कि प्रतिष्ठित मंदिर की बागडोर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के करीबी लोगों के हाथों में जाने के बाद से ऐसी घटनाएं बढ़ गई हैं।

पूर्वोत्तर में भूस्खलन का खतरा, उत्तर भारत में भी भारी बारिश के आसार, IMD ने जारी किया अलर्ट

rain alert 4 august

Weather Alert 4 August:  भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देशभर में सक्रिय मानसून को देखते हुए 4 अगस्त के लिए ताजा मौसम अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश के साथ ही भूस्खलन होने की आशंका है। वहीं, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य भारत के कई हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। ALSO READ: Top News 4 August: जम्मू कश्मीर में बादल फटे, चीन का न्यूक्लियर सीक्रेट बेनकाब, EPFO वेतन सीमा बढ़ाने को मंजूरी

 

जम्मू कश्मीर के 6 जिलों में बादल फटे

जम्मू-कश्मीर के 6 जिलों में बादल फटने से हाहाकार मच गया। कुपवाड़ा के लोलाब में बाढ़ में बहने से महिला की मौत हो गई। शोपियां में बारिश ने भारी तबाही मचाई। बाढ़ में फंसे 80 लोगों को बचाया गया है। डल झील में नाव में फंसे 4 युवकों को भी सुरक्षित निकाल लिया गया है। मौसम विभाग ने अगले 2 दिन भी भारी बारिश, बादल फटने, बाढ़ और भूस्खलन की आशंका जताई है।

 

पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका

आईएमडी के मुताबिक अगले 24 घंटों के दौरान असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में अत्यधिक बारिश हो सकती है। लगातार वर्षा के कारण भूस्खलन और जलभराव का खतरा भी बना हुआ है। इसके अलावा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने का अनुमान है।

 

 पूर्वी भारत के बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। निचले इलाकों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में वृद्धि की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

 

दिल्ली, यूपी और मध्य भारत में कैसा रहेगा मौसम?

उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश राज्यों में मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिलेगा। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर तेज हवाओं के साथ भारी बारिश भी हो सकती है। 

 

वहीं, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। दूसरी ओर, कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में लगातार तेज बारिश जारी रहने की संभावना है। कई जिलों में एहतियात के तौर पर स्कूलों में अवकाश भी घोषित किया गया है। ALSO READ: उत्तर-पूर्व भारत में बाढ़ का खतरा, यूपी-दिल्ली से राजस्थान तक जानें मौसम का हाल

 

राजस्थान में बारिश की गतिविधियों में बदलाव

राजस्थान में पिछले 24 घंटों के दौरान पाली जिले के जैतारण में सबसे अधिक 161 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, मॉनसून ट्रफ के उत्तर की ओर खिसकने से जोधपुर, उदयपुर और कोटा संभाग में बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी आ सकती है। हालांकि, शेखावाटी, बीकानेर, जयपुर और भरतपुर संभाग में 3 से 5 अगस्त के बीच हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना बनी हुई है।

 

दक्षिण भारत में भी बरसेंगे बादल

दक्षिण भारत के केरल, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। तटीय क्षेत्रों में तेज हवाएं चलने की चेतावनी भी जारी की गई है। वहीं, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

उत्तराखंड आध्यात्मिक राजधानी बनने की ओर अग्रसर, जागेश्वर से कैंची धाम तक श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड बढ़ोतरी

uttarakhand spiritual tourism

  •  
  • चारधाम के साथ ही अन्य मंदिरों में भी  भक्तों की संख्या बढ़ी
  • जागेश्वर व त्रियुगीनारायण में दर्शनार्थियों की संख्या ढाई गुना
  • धारी देवी में दोगुना और पूर्णागिरि धाम में डेढ़ गुना बढ़े श्रद्धालु

उत्तराखंड विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। प्रदेश में चारधाम के साथ ही अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों में दर्शन को उमड़ रही भक्तों की लगातार बढ़ती संख्या इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। इस वर्ष की पहली छमाही में ही जागेश्वर धाम (अल्मोड़ा) और त्रियुगीनारायण (रुद्रप्रयाग) मंदिर में दर्शनार्थियों की संख्या ढाई गुना बढ़ी है। जबकि पूर्णागिरी धाम (चंपावत) में लगभग डेढ़ गुना और धारी देवी (श्रीनगर) में करीब दोगुना बढ़ोत्तरी हुई है।

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने का संकल्प लिया है। इसके लिए प्रदेश के प्रमुख पर्यटक स्थलों को पर्यटन सर्किट से जोड़ने, केदारखंड की तर्ज पर उत्तराखंड मंदिरमाला मिशन के तहत कुमाऊं के प्रमुख पौराणिक मंदिरों का विकास, तीर्थस्थलों में बुनियादी सुविधाएं, सड़कों का विकास एवं परिवहन सेवाओं के विस्तार के लिए लगातार काम किया जा रहा है।

 

धामी सरकार की दूरदर्शिता और मजबूत प्रयासों का ही परिणाम है कि चारधाम यात्रा के साथ ही प्रदेश के अन्य प्रमुख मंदिरों और धार्मिक स्थलों में भी श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। चारधाम यात्रा नया रिकॉर्ड बना रही है। इस वर्ष 105 दिनों में 45 लाख 84 हजार 375 श्रद्धालु चारधाम दर्शन कर चुके हैं। उत्तराखण्ड पर्यटन विभाग के इस वर्ष की पहली छमाही (जनवरी 26 से जून 26) रिपोर्ट के आकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो जागेश्वर (अल्मोड़ा) में 01 लाख 74 हजार 119 श्रद्धालु दर्शन को पहुंचे हैं, जबकि बीते वर्ष 2025 में इस अवधि में यह संख्या 67 हजार 875 थी।

 

पूर्णागिरि धाम में इस वर्ष जून तक 20,91,788 श्रद्धालु पहुंचे हैं, जबकि बीते वर्ष इसी अवधि में 14,35,290 यात्रियों ने दर्शन किए थे। इसी प्रकार धारी देवी में दर्शनार्थियों की संख्या 5,42,626 रही है, जबकि वर्ष 2025 में यह आंकड़ा 2,83,275 था। रुद्रप्रयाग जनपद में स्थित त्रियुगीनारायण में भी श्रद्धालुओं की संख्या में खासी बढ़ोत्तरी हुई है। इस वर्ष पहली छमाही में यहां 03,40,385 श्रद्धालु  पहुंचे हैं जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में भक्तों की संख्या 01,36,120 थी।

 

टिहरी जिले का ऋषिकेश से सटा मुनिकीरेती, तपोवन और शिवपुरी क्षेत्र पर्यटकों के आकर्षण का खास केंद्र बना हुआ है। इस वर्ष जनवरी से जून तक 15,97,439 सैलानी यहां आ चुके हैं, जबकि बीते वर्ष यह आंकड़ा 13,62,600 था। इसी प्रकार रुद्रप्रयाग जनपद में स्थित कार्तिक स्वामी मंदिर, टिहरी जिले में सुरकंडा देवी मंदिर में भी श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है।

 

यमुनोत्री में टूटा पुराना रिकॉर्ड

उत्तरकाशी जनपद में स्थित यमुनोत्री धाम की यात्रा कठिन होने के बावजूद यहां इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या ने नया रिकॉर्ड बनाया है। इस यात्राकाल में दो अगस्त तक  06 लाख 54 हजार 958 यात्री माँ यमुना जी के दर्शन कर चुके हैं। धाम के इतिहास में यह अब तक की सर्वाधिक संख्या है। इससे पूर्व 2025 में 06 लाख 44 हजार 637, 2024 में 05 लाख 15 हजार 067, 2023 में 05 लाख 60 हजार 918, 2022 में 06 लाख 21 हजार 504, 2021 में 33 हजार 331 तीर्थयात्री यहां पहुंचे हैं।

 

बद्रीनाथ यात्रा बनाएगी कीर्तिमान

बद्रीनाथ यात्रा विगत 31 जुलाई को 100 दिन पूर्ण कर चुकी है। इस अवधि में 15 लाख 52 हजार 021 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। जबकि बीते वर्ष इसी अवधि में 12 लाख 40 हजार 408 यात्रियों ने दर्शन किए थे। इस प्रकार बीते वर्ष के मुकाबले दर्शनार्थियों की संख्या 03 लाख 11 हजार 613 अधिक रही है।

 

आदि कैलाश यात्रियों की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि

पिथौरागढ़ जनपद में स्थित श्री आदि कैलाश धाम में भी दर्शनार्थियों की संख्या में रिकार्ड वृद्धि हुई है। दो माह में ही 52,441 श्रद्धालु भोले के दरबार में शीश नवा चुके हैं। फिलहाल  मानसून के चलते एक जुलाई से यात्रा को विराम दिया गया है।

 

बता दें कि वर्ष 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के बाद आदि कैलाश दर्शनार्थियों की संख्या में कई गुना वृद्धि हुई है। वर्ष 2022 से पहले यहां आने वाले यात्रियों की संख्या 2000 से भी कम थी। वर्ष 2023 से भक्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2023 में 10025, 2024 में 29352 और 2025 में 36526 यात्री आदि कैलाश दर्शन को पहुंचे हैं। इस वर्ष एक मई को आदि कैलाश यात्रा शुरू हुई थी और दो माह में ही 52441 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।

 

कैंची धाम में आस्था का सैलाब

नैनीताल जनपद में स्थित कैंची धाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या ने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। यहां इस वर्ष जनवरी से जून तक 24 लाख 34 हजार 507 यात्री बाबा श्री नीब करौरी महाराज के दर्शन को पहुंचे हैं। इनमें जून माह में सर्वाधिक 08 लाख, 66 हजार श्रद्धालु पहुंचे हैं

 

सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी विजन के अनुरूप हम उत्तराखंड को दुनिया की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस संकल्प को साकार करने के लिए राज्य के प्रमुख और प्राचीन मंदिरों के विकास किया जा रहा है। तीर्थस्थलों में बुनियादी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

 

LIVE: पीएम मोदी की अध्यक्षता में एनडीए सांसदों की बैठक

PM Modi in NDA MP meeting

Latest News Today Live Updates in Hindi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में संसद में एनडीए सांसदों की बैठक हुई। पल पल की जानकारी…

-उत्तर प्रदेश के मथुरा में भारी बारिश के कारण सड़कों पर जलभराव हुआ।

-हरियाणा के अंबाला शहर के कई हिस्सों में बारिश हुई।

-राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कुछ हिस्सों में बरसा पानी।

-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पार्लियामेंट लाइब्रेरी बिल्डिंग में NDA पार्लियामेंट्री पार्टी की हर हफ़्ते होने वाली मीटिंग 'मंगल मिलन' के लिए पहुंचे।

-केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज लोकसभा में पास करने और विचार के लिए बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल, 2026, टैक्सेशन और अन्य कानून (संशोधन) बिल, 2026 पेश करेंगी।

-कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने नए दल-बदल विरोधी कानून पर चर्चा के लिए लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया।

WhatsApp ने बिना चेतावनी हजारों अकाउंट किए ब्लॉक, Meta ने बताया क्यों हुई कार्रवाई

whatsapp blocked thousands account for 24 hours

भारत के हजारों व्हाट्सऐप यूजर्स को सोमवार रात उस समय बड़ा झटका लगा जब हजारों अकाउंट्स ब्लॉक हो गए। दरअसल मेटा के स्वामित्व वाले इस लोकप्रिय इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म ने बिना किसी पूर्व चेतावनी हजारों व्हाट्सऐप अकाउंट्स को 24 घंटे के लिए 'अंडर रिव्यू' में डाल दिया है। इससे सब हैरान रह गए। इसके कारण प्रभावित लोग न तो किसी को मैसेज भेज पा रहे थे और न ही कॉल कर पा रहे थे। ALSO READ: E20 पर AAP का बड़ा प्रदर्शन, केजरीवाल 100 समर्थकों के साथ पीएम आवास की ओर करेंगे मार्च

 

अचानक हुई इस कार्रवाई से दैनिक कामकाज और बिजनेस के लिए व्हाट्सऐप पर निर्भर लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। यह समस्या रात 8 बजे के आसपास शुरू हुई थी, जो देर रात तक चलती रही।

 

इससे सोशल मीडिया पर यूजर्स का गुस्सा फूट पड़ा। कई लोगों ने स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा कि जब उन्होंने किसी नियम का उल्लंघन नहीं किया तो उनके अकाउंट्स रिव्यू में क्यों डाल दिए गए?
 

व्हाट्सऐप ने भेजा यह मैसेज

ऐप ब्लॉक होने के बाद जैसे ही यूजर्स ने व्हाट्सऐप ओपन किया, उन्हें स्क्रीन पर एक नोटिस दिखाई दिया। इस पर लिखा था 'Account in review Your account activity and device info is being checked' इस संदेश में साफ लिखा था कि यूजर्स की एक्टिविटी और डिवाइस की जानकारी जांची जा रही है और इसका परिणाम आमतौर पर 24 घंटे के भीतर नोटिफाई किया जाएगा।

 

Meta ने दी सफाई

व्हाट्सऐप के प्रवक्ता ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि हम अपने प्लेटफॉर्म को सुरक्षित रखने और इसका दुरुपयोग रोकने के लिए लगातार काम करते हैं। इसके लिए सुरक्षा प्रणालियों के तहत अकाउंट्स बैन किए जाते हैं। कई बार हमारे ऑटोमेटेड सिस्टम से भी गलती हो जाती है। अगर ऐसा हुआ है, तो हम इसे जल्द से जल्द ठीक करने और लोगों को दोबारा चैटिंग से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।