BSP के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का निधन

उत्तरप्रदेश की रसड़ा विधानसभा सीट से विधायक और बहुजन समाज पार्टी के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का निधन हो गया है। वे बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा सीट से विधायक थे। उमाशंकर सिंह पिछले कुछ समय से गंभीर बीमारी से पीड़ित थे। 

मुख्यमंत्री योगी ने जताया शोक

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जनपद बलिया के रसड़ा विधान सभा क्षेत्र से माननीय विधायक उमाशंकर सिंहजी का आकस्मिक निधन अत्यंत दुःखद है। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान एवं शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

 

बसपा अध्यक्ष मायावती ने एक्स पर कहा कि बहुजन समाज पार्टी के कर्मठ, ईमानदार व पूरी तरह से वफादार बलिया की रसड़ा सीट से लोकप्रिय विधायक उमाशंकर सिंह का लम्बी बीमारी की वजह से इलाज के दौरान देहान्त हो जाने की ख़बर अति-दुखद है। उनके परिवार तथा उनके सभी चाहने वालों के प्रति मेरी गहरी शोक संवेदना।

SpaceX Rocket Moon Crash : 8,700 Kmph की रफ्तार से चांद से टकराया SpaceX रॉकेट का हिस्सा, वैज्ञानिकों ने टेलीस्कोप से रखी नजर, देखें Video

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अंतरिक्ष में एक दिलचस्प घटना सामने आई है। SpaceX के Falcon 9 रॉकेट का ऊपरी हिस्सा (Upper Stage) चांद की सतह से टकरा गया है। वैज्ञानिकों के अनुमान के मुताबिक, यह टक्कर करीब 8,700 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हुई। दुनियाभर के खगोलविदों ने इस घटना को रिकॉर्ड करने के लिए अपने टेलीस्कोप संभावित Impact Site की ओर मोड़ दिए थे। वैज्ञानिकों को उम्मीद थी कि इस आकस्मिक टक्कर से चांद और अंतरिक्ष मलबे को लेकर कुछ उपयोगी वैज्ञानिक जानकारी हासिल हो सकती है।

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करीब 4,000 किलो का था रॉकेट का हिस्सा

 

जिस हिस्से के चांद से टकराने की बात कही जा रही है, वह SpaceX के Falcon 9 रॉकेट का Upper Stage था। इसकी लंबाई करीब 14 मीटर और वजन लगभग 4,000 किलोग्राम बताया जा रहा है। इस रॉकेट को जनवरी 2025 में लॉन्च किया गया था। इसका इस्तेमाल जापानी कमर्शियल स्पेस कंपनी ispace के Hakuto-R मिशन को चांद की ओर भेजने के लिए किया गया था। दिलचस्प बात यह है कि इसी मिशन का Hakuto-R लैंडर भी चांद पर उतरने की कोशिश के दौरान सफल नहीं हो पाया था और चांद की सतह से टकराकर नष्ट हो गया था।

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8,700 Kmph की रफ्तार से हुआ Impact

खगोलविदों के अनुमान के अनुसार Falcon 9 का करीब 14 मीटर लंबा Upper Stage 5 अगस्त की सुबह 5:35 बजे BST के आसपास चांद की सतह से टकराया। टक्कर की अनुमानित गति करीब 8,700 किलोमीटर प्रति घंटे थी। इतनी तेज गति से किसी भारी वस्तु के चांद की सतह से टकराने पर वहां नया Impact Crater बनने की संभावना रहती है।  हालांकि, घटना की वास्तविक तस्वीरों और वैज्ञानिक आंकड़ों से टक्कर की पुष्टि तथा इसके प्रभावों का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा।

 

Einstein Crater के पास हुआ Impact

 

वैज्ञानिकों के मुताबिक, SpaceX रॉकेट के चांद से टकराने का अनुमानित स्थान Einstein Crater के आसपास था। यह क्षेत्र पृथ्वी से दिखाई देने वाले चांद के हिस्से के किनारे के करीब स्थित है। यही वजह है कि दुनिया भर के Astronomers ने घटना के संभावित समय और स्थान पर अपने टेलीस्कोप केंद्रित किए। वैज्ञानिकों का लक्ष्य इस टक्कर से पैदा होने वाले Flash, Dust Plume या Impact Crater जैसे संकेतों को रिकॉर्ड करना था।

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वैज्ञानिकों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह घटना?

 

चांद पर किसी बड़े मानव निर्मित रॉकेट के हिस्से का टकराना केवल अंतरिक्ष मलबे की घटना नहीं है। इससे वैज्ञानिकों को यह समझने का अवसर मिल सकता है कि अलग-अलग आकार और वजन की वस्तुओं के चांद की सतह से टकराने पर किस तरह के प्रभाव पैदा होते हैं। ऐसे Impact से चांद की सतह के नीचे मौजूद पदार्थ के बारे में भी जानकारी मिलने की संभावना रहती है।

Sheikh Hasina Return : शेख हसीना ने किया ऐलान- दिसंबर में बांग्लादेश लौटूंगी, बोलीं- गिरफ्तारी या मौत का भी डर नहीं, भारत ने कार्यक्रम से क्यों बनाई दूरी

sheikh hasina

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना (Sheikh Hasina) ने बुधवार को बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि वे दिसंबर 2026 में अपने देश लौटना चाहती हैं। नई दिल्ली से अपने पहले वर्चुअल मीडिया संबोधन में हसीना ने कहा कि उन्हें पता है कि वापसी पर गिरफ्तारी, जेल या जान को खतरा हो सकता है, लेकिन वह इन आशंकाओं के कारण अपने लोगों से दूर नहीं रह सकतीं। हसीना ने कहा कि वह अपने लोगों के बीच लौटना चाहती हैं और बांग्लादेश की जनता के मुश्किल दौर में उनसे दूर रहना उनके लिए संभव नहीं है। भारत सरकार ने हसीना के वर्चुअल कार्यक्रम से दूरी बनाई।

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'जो होगा, सामना करूंगी'

शेख हसीना ने अपने संबोधन में कहा कि उन्हें अपनी वापसी से जुड़े जोखिमों का पूरी तरह अंदाजा है। उन्होंने कहा कि उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है, जेल भेजा जा सकता है या उनके खिलाफ राजनीतिक रूप से प्रेरित मामले दर्ज किए जा सकते हैं। हसीना के मुताबिक, व्यक्तिगत सुरक्षा का डर उनके कर्तव्य को तय नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि वह अपने जीवन में पहले भी कई मुश्किल परिस्थितियों का सामना कर चुकी हैं।

 

1971 से 1975 तक के संघर्ष को किया याद

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अपने राजनीतिक जीवन के संघर्षों को याद करते हुए हसीना ने कहा कि 1971 में वह अपनी मां के साथ कैद में थीं और उनके बेटे सजीब वाजेद जॉय का जन्म भी कैद के दौरान हुआ था। उन्होंने कहा कि 1975 में उन्होंने अपने परिवार के कई सदस्यों को खो दिया और इसके बाद उन्हें करीब छह साल निर्वासन में भी रहना पड़ा। हसीना ने कहा कि इन अनुभवों के बाद उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा को लेकर सोच काफी बदल गई है।

'लोगों के साथ खड़े होने के लिए लौटना चाहती हूं'

पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि बांग्लादेश लौटने का उनका उद्देश्य अपने लोगों के साथ खड़ा होना और उनके जीवन को बेहतर बनाने में मदद करना है। उन्होंने कहा कि वह अपने समर्थकों और देशवासियों को मुश्किल में छोड़कर लंबे समय तक बाहर नहीं रह सकतीं।

Awami League पर लगी पाबंदी हटाने की मांग

 

हसीना ने अपने संबोधन में अपनी पार्टी Awami League (अवामी लीग) पर लगी पाबंदियों को हटाने की भी मांग की। उन्होंने अवामी लीग पर प्रतिबंध हटाने, पार्टी नेताओं को रिहा करने और पार्टी के सदस्यों के खिलाफ दर्ज कानूनी मामलों को वापस लेने की मांग की। बांग्लादेश में अवामी लीग की गतिविधियों पर प्रतिबंध और पार्टी की राजनीतिक स्थिति लंबे समय से विवाद का विषय बनी हुई है।

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भारत ने हसीना के कार्यक्रम से दूरी बनाई

 

इस बीच, भारत सरकार ने हसीना के वर्चुअल कार्यक्रम से दूरी स्पष्ट की है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि कार्यक्रम एक निजी मीडिया संस्था द्वारा आयोजित किया गया था और भारत सरकार का इसमें कोई रोल नहीं है। भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि कार्यक्रम में व्यक्त किए जाने वाले विचारों का वह आधिकारिक रूप से समर्थन नहीं करता।

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दिसंबर में वापसी का ऐलान क्यों अहम?

शेख हसीना का दिसंबर में बांग्लादेश लौटने का ऐलान ऐसे समय हुआ है जब उनके खिलाफ वहां कानूनी कार्रवाई और राजनीतिक विवाद जारी हैं। इसलिए उनकी वापसी की घोषणा को बांग्लादेश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या शेख हसीना वास्तव में दिसंबर में बांग्लादेश लौटेंगी और लौटने पर उनके खिलाफ वहां क्या कानूनी कार्रवाई होगी? आने वाले महीनों में इस पर नजर रहेगी।

E20 Petrol : क्या सरकार ला रही है Flex-Fuel वाहनों के लिए नई पॉलिसी? सरकार ने दिया बड़ा अपडेट

अगर आप पेट्रोल कार या बाइक चलाते हैं और E20 Petrol यानी 20 प्रतिशत एथनॉल मिश्रित पेट्रोल के इस्तेमाल को लेकर चिंतित हैं, तो आपके लिए बड़ी खबर है। भारी उद्योग मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि 20 प्रतिशत से अधिक एथनॉल मिश्रित ईंधन पर चलने वाले Flex-Fuel वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने अलग से कोई राष्ट्रीय नीति नहीं बनाई है। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि Flex-Fuel और Electric Vehicles को प्रोत्साहित करने को लेकर उसने फिलहाल कोई अलग अध्ययन नहीं कराया है।

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क्या E20 Petrol से वाहन का इंजन खराब होता है?

 

सरकार ने एथनॉल मिश्रण कार्यक्रम का बचाव करते हुए कहा है कि व्यापक परीक्षण और बड़े स्तर पर वाहन इस्तेमाल के अनुभव में ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला है, जिससे यह साबित हो कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से इंजन में असामान्य घिसावट, जंग या वाहन की उम्र कम होने जैसी समस्या होती है। यानी सरकार के मुताबिक E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से सामान्य परिस्थितियों में इंजन को लेकर ऐसी चिंताओं का कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं आया है।

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E20 Petrol क्या है?

 

E20 Petrol में 20 प्रतिशत एथनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल होता है। भारत में एथनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम के तहत पेट्रोल में एथनॉल मिलाने को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता कम करना, घरेलू स्तर पर उपलब्ध जैव ईंधन का इस्तेमाल बढ़ाना और देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना है।

 

क्या Flex-Fuel वाहन के लिए अलग सरकारी नीति है?

 

भारी उद्योग मंत्रालय के अनुसार, 20 प्रतिशत से अधिक एथनॉल मिश्रित ईंधन पर चलने वाले Flex-Fuel वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए अलग से कोई राष्ट्रीय नीति नहीं बनाई गई है। Flex-Fuel वाहन ऐसे वाहनों को कहा जाता है जो पेट्रोल के साथ अधिक मात्रा में एथनॉल मिश्रित ईंधन पर भी चलने के लिए डिजाइन किए जाते हैं। इसका मतलब है कि E20 पेट्रोल का इस्तेमाल और उससे अधिक एथनॉल मिश्रण वाले Flex-Fuel वाहनों की नीति को एक ही चीज नहीं माना जाना चाहिए।

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सरकार ने E20 को क्यों बढ़ावा दिया?

 

सरकार का कहना है कि एथनॉल मिश्रण कार्यक्रम से भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हुई है। इसके अलावा वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव के असर को कम करने में भी इससे मदद मिली है। मंत्रालय के मुताबिक सरकार ने एथनॉल मिश्रित पेट्रोल कार्यक्रम में जल संरक्षण, खाद्य सुरक्षा और किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए संतुलित दृष्टिकोण अपनाया है।

भारत आ रहा किम कार्दशियन का ब्रांड ‘स्किम्स’, दिल्ली-मुंबई में खुलेंगे पहले स्टोर

ईशा अंबानी Isha Ambani

किम कार्दशियन का फैशन ब्रांड ‘स्किम्स’ भारत में कदम रखने जा रहा है। रिलायंस ब्रांड्स लिमिटेड ने स्किम्स के साथ विशेष साझेदारी की घोषणा की है। इसके तहत भारत में ब्रांड के पहले स्टोर दिल्ली और मुंबई में खोले जाएंगे। रिलायंस ब्रांड्स देश में इसके स्टोर और डिजिटल कारोबार का संचालन करेगी। 

 

किम कार्दशियन और जेंस ग्रेड ने 2019 में स्किम्स की शुरुआत की थी। यह ब्रांड महिलाओं के अंडरवियर, शेपवियर और आरामदायक परिधानों के लिए जाना जाता है। 

 

रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड की डायरेक्टर, ईशा अंबानी ने कहा, “स्किम्स ने शेप, कंफर्ट और इनक्लूसिविटी के बारे में दुनिया की सोच बदल दी है। यह सीधे तौर पर भारतीय ग्राहकों की नई पीढ़ी से जुड़ता है, जो ऐसा फ़ैशन चाहते हैं जो उनकी आकांक्षाओं के अनुरूप हो और खास तौर पर उनके लिए बना हो। हमें भारत में स्किम्स को लाने पर गर्व है।”

kim kardaiya

स्किम्स की सह-संस्थापक और चीफ क्रिएटिव ऑफिसर किम कार्दशियन ने कहा कि ब्रांड इस सोच पर बनाया गया है कि हर व्यक्ति अपने कपड़ों में सहज और आत्मविश्वासी महसूस करे। उन्होंने भारतीय ग्राहकों से मिले उत्साह पर खुशी जताई। भारत में स्किम्स का विस्तार चरणबद्ध तरीके से होगा। दिल्ली और मुंबई से शुरुआत के बाद इसके स्टोर और डिजिटल मौजूदगी दूसरे शहरों तक बढ़ाई जाएगी।

Weather Alert : कैसा रहेगा कल का मौसम, 5 अगस्त को कहां होगी बारिश, IMD ने किन राज्यों के लिए जारी किया अलर्ट

देश के कई हिस्सों में मानसून का असर बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा मौसम अपडेट के मुताबिक, अगले 5-6 दिनों के दौरान पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं, आज यानी 5 अगस्त को मेघालय में कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की आशंका जताई गई है। IMD ने बताया कि दक्षिण भारत के केरल और कर्नाटक में भी अगले चार दिनों के दौरान कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

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मेघालय में आज अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

 

मौसम विभाग के मुताबिक, 5 अगस्त को मेघालय में कुछ स्थानों पर Extremely Heavy Rainfall की स्थिति बन सकती है। पूर्वोत्तर भारत के अन्य हिस्सों में भी अगले 5-6 दिनों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

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बारिश के कारण पहाड़ी और निचले इलाकों में जलभराव, सड़क यातायात प्रभावित होने और स्थानीय स्तर पर भूस्खलन जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनी को ध्यान में रखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

 

पूर्वी भारत में भी भारी बारिश का अनुमान

 

IMD के अनुसार अगले पांच से छह दिनों के दौरान पूर्वी भारत के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। स्थानीय मौसम परिस्थितियों के आधार पर कुछ क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता ज्यादा रह सकती है। मानसून की सक्रियता के कारण कई राज्यों में बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना बनी हुई है।

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केरल और कर्नाटक में भी बारिश का दौर

दक्षिण भारत की बात करें तो केरल और कर्नाटक में अगले चार दिनों के दौरान कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है।

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 उत्तर प्रदेश में कैसा रहेगा मौसम?

 

उत्तर प्रदेश में भी मानसून का असर अभी कम होने के संकेत नहीं हैं। 6 अगस्त को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। आईएमडी के लखनऊ केंद्र के पूर्वानुमान के मुताबिक, कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है। वहीं, कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की गई है। लगातार बारिश के कारण लोगों को उमस और तेज गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, बारिश के साथ कुछ परेशानियां भी बढ़ सकती हैं।

दतिया उपचुनाव के बाद कांग्रेस का बड़ा संगठनात्मक फैसला, 40 से अधिक विभाग और प्रकोष्ठ भंग

भोपाल। दतिया विधानसभा उपचुनाव के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस में बड़े संगठनात्मक बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पार्टी नेतृत्व ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अंतर्गत संचालित 40 से अधिक विभागों और प्रकोष्ठों को भंग कर दिया गया है। इनमें अल्पसंख्यक कांग्रेस, अनुसूचित जाति (एससी) कांग्रेस, आदिवासी कांग्रेस, मीडिया विभाग सहित कई अन्य विभाग शामिल हैं। अगले साल होने वाले नगरीय निकाय और 2028 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए नए नेतृत्व को अवसर देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

 

हालांकि, कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि पार्टी के फ्रंटलाइन संगठनात्मक ढांचे पर इसका असर नहीं पड़ेगा। जिला कांग्रेस कमेटियां, युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस, सेवादल और एनएसयूआई जैसी प्रमुख इकाइयां पहले की तरह कार्य करती रहेंगी। पार्टी सूत्रों के अनुसार भंग किए गए अधिकांश विभागों और प्रकोष्ठों में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के कार्यकाल के दौरान नियुक्त पदाधिकारी कार्यरत थे।
 

पार्टी सूत्रों का यह भी कहना है कि आने वाले दिनों में प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी में भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। संभावना जताई जा रही है कि वर्तमान प्रदेश कार्यकारिणी को भी भंग कर नई कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा।

 

पहले विजयपुर और अब दतिया उपचुनाव के बाद कांग्रेस ने जिस तरह से जीत हासिल की है, उससे पार्टी कार्यकर्ताओं ने नया जोश दिखाई  दे रहा है। ऐसे में पार्टी नेतृत्व अब विभिन्न सामाजिक वर्गों और क्षेत्रों से नए प्रतिनिधियों को जिम्मेदारी देकर संगठन में संतुलन बनाने की कोशिश कर सकता है।प्रदेश नेतृत्व अब संगठन में नए चेहरों को जिम्मेदारी देकर कार्यशैली और संगठनात्मक संरचना में बदलाव करना चाहता है। माना जा रहा है कि यह कदम प्रदेश कांग्रेस में नई टीम तैयार करने और 2028 के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर संगठन को अधिक सक्रिय बनाने की रणनीति का हिस्सा है।

 

 

आबूधाबी से इंदौर आई फ्लाइट में गोल्‍ड स्‍मलिंग, एक किलो सोना शरीर में छुपा कर लाया यात्री

indore airport

इंदौर के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर आबूधाबी से शुरू हुई सीधी उड़ान के बाद सोने की तस्करी का पहला बड़ा मामला सामने आया है। राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट से पहुंचे एक यात्री के पास से करीब एक किलोग्राम सोना बरामद किया। अंतरराष्ट्रीय बाजार के अनुसार इसकी कीमत दो करोड़ रुपये से अधिक आंकी जा रही है।

डीआरआई को पहले से तस्करी की सूचना मिली थी। इसके आधार पर अधिकारियों ने तीन बजे इंदौर पहुंची फ्लाइट से उतरने वाले संदिग्ध यात्री पर नजर रखी। जांच के दौरान उसके पास से सोना बरामद हुआ। पूछताछ में एयरलाइन या एयरपोर्ट से जुड़े एक कर्मचारी का नाम सामने आने के बाद उससे भी लंबी पूछताछ की गई।

यह सीधी उड़ान पिछले महीने ही शुरू हुई थी। ऐसे में इस नए अंतरराष्ट्रीय रूट पर सामने आए पहले बड़े तस्करी के मामले ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। माना जा रहा है कि डीआरआई तकनीकी साक्ष्यों, कॉल रिकॉर्ड और पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।

आबूधाबी रूट पर यह पहला बड़ा मामला है, लेकिन इंदौर एयरपोर्ट पर दुबई और शारजाह से आने वाली उड़ानों में पहले भी कई बार सोना तस्करी पकड़ी जा चुकी है। बीते वर्षों में डीआरआई ने गोल्ड पेस्ट, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और शरीर में छिपाकर लाया गया सोना जब्त किया है।

योगी सरकार की किसान रजिस्ट्री में बड़ी उपलब्धि, टॉप-10 में पहुंचा उत्तर प्रदेश

Farmer Registry UP: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाया जा रहा किसान रजिस्ट्री अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी का परिणाम है कि प्रदेश ने किसान रजिस्ट्री की प्रगति में राष्ट्रीय स्तर पर 10वां स्थान हासिल किया है।

 

प्रदेश ने भारत सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य का 85.19 प्रतिशत पूरा कर लिया है, जबकि शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए अब 14.81 प्रतिशत कार्य शेष है। विभाग की समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश अब राष्ट्रीय रैंकिंग में नौवें स्थान के बेहद करीब है और अभियान को तेज गति से पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

2.45 करोड़ से अधिक किसानों का हुआ पंजीकरण

दरअसल, भारत सरकार ने उत्तर प्रदेश के लिए 2,88,70,495 किसानों के पंजीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके सापेक्ष अब तक 2,45,94,831 किसानों का सफल पंजीकरण किया जा चुका है। यानी लक्ष्य का 85.19 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। वर्तमान में 42,75,664 किसानों का पंजीकरण शेष है, जिसे जल्द पूरा करने के लिए अभियान को और गति दी जा रही है।

समयबद्ध लक्ष्य के लिए बढ़ानी होगी रफ्तार

समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार यदि अभियान को 29 अगस्त 2026 तक पूरा करना है तो प्रतिदिन लगभग 1,42,522 किसानों का पंजीकरण करना होगा। वहीं 29 सितंबर 2026 तक लक्ष्य पूरा करने के लिए प्रतिदिन 71,261 और 29 अक्टूबर 2026 तक पूरा करने के लिए प्रतिदिन 47,507 किसानों का पंजीकरण आवश्यक होगा।

गाजियाबाद और रामपुर बने प्रदेश के अग्रणी जिले

किसान रजिस्ट्री अभियान में गाजियाबाद और रामपुर ने भारत सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य का 100 प्रतिशत पंजीकरण पूरा कर प्रदेश के अन्य जिलों के लिए मिसाल पेश की है। इसके अलावा अंश निर्धारण की प्रगति में झांसी और हरदोई शीर्ष प्रदर्शन करने वाले जिलों में शामिल हैं।

राजस्व अभिलेखों के डिजिटलीकरण को भी मिली गति

रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में अंश निर्धारण का कार्य भी तेजी से चल रहा है और इसकी प्रगति 88.92 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। इससे भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण, किसान पहचान की सटीकता तथा सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में मदद मिलेगी।

योगी सरकार का फोकस डिजिटल कृषि प्रशासन पर

योगी सरकार किसान रजिस्ट्री अभियान को डिजिटल कृषि सुधारों का महत्वपूर्ण आधार मान रही है। इस अभियान के माध्यम से किसानों का एकीकृत डिजिटल डाटाबेस तैयार किया जा रहा है, जिससे पात्र किसानों तक पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, कृषि ऋण, सब्सिडी और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचाना आसान होगा।

किसान रजिस्ट्री के शत-प्रतिशत लक्ष्य को शीघ्र पूरा कर प्रदेश के प्रत्येक पात्र किसान को डिजिटल पहचान से जोड़ा जाए। इससे कृषि प्रशासन अधिक प्रभावी बनेगा, योजनाओं में पारदर्शिता आएगी और किसानों को सरकारी सेवाओं का लाभ किसी बाधा के बिना मिल सकेगा।

CJP प्रोस्टेट पर बोले CJI- युवाओं की बात सुननी चाहिए, हिंसा का जवाब हिंसा नहीं हो सकता

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को छात्र प्रदर्शनकारियों से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान अधिकारियों और सुरक्षा बलों से संयम बरतने की सलाह दी। कोर्ट ने कहा कि युवा छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा रोकने के लिए अगर हिंसक तरीके अपनाए गए, तो इससे स्थिति और बिगड़ सकती है।

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भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह टिप्पणी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की कथित भूमिका को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान की। CJI सूर्यकांत ने कहा कि हिंसा का जवाब हिंसा नहीं है, युवाओं की बात सुनना जरूरी है। याचिका में दिल्ली समेत देश के अन्य हिस्सों में छात्र प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा और कथित पत्थरबाजी को लेकर कार्रवाई की मांग की गई है।

 

 सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को छात्र प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा से संबंधित अन्य लंबित याचिकाओं के साथ जोड़ दिया है। कोर्ट ने कहा कि सभी मामलों की सुनवाई एक साथ की जाएगी।

 

'अधिकारियों को बहुत सावधानी से कदम उठाना होगा'

CJI सूर्यकांत ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण मार्च के दौरान सुरक्षा बलों और अधिकारियों को भी संयम बरतना चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए बेहद सावधानी से काम करना होगा कि युवा हिंसा की ओर न बढ़ें।

कोर्ट ने कहा कि हिंसा का जवाब हिंसा से देने से स्थिति और गंभीर हो सकती है। पीठ ने यह भी कहा कि प्रदर्शनकारियों की बात सुनना और यह समझना कि वे किस मुद्दे को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, स्थिति को संभालने का सबसे प्रभावी तरीका हो सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने कानून-व्यवस्था संभालने वाली एजेंसियों के विवेक पर भरोसा जताते हुए कहा कि आगे की कार्रवाई से पहले केंद्र सरकार का पक्ष भी देखा जाएगा।

 

20 जुलाई के 'चलो संसद' मार्च के दौरान हुई थी हिंसा

 

यह मामला 20 जुलाई को दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के 'चलो संसद' मार्च के दौरान हुई हिंसा से जुड़ा है। यह मार्च NEET-UG पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में चल रहे छात्र प्रदर्शनों के बीच आयोजित किया गया था। दिल्ली के जंतर-मंतर और आसपास के कई इलाकों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प की खबरें सामने आई थीं। दिल्ली पुलिस के अनुसार, इस दौरान 65 से अधिक प्रदर्शनकारी और 200 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए थे।

 

पैलेट गन के इस्तेमाल पर भी उठा था विवाद

प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा कथित तौर पर प्लास्टिक पैलेट के इस्तेमाल को लेकर बाद में राजनीतिक विवाद भी खड़ा हो गया। रिपोर्टों में दावा किया गया कि कई प्रदर्शनकारियों को गंभीर चोटें आईं। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार CRPF की एक आंतरिक जांच में पाया गया कि 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान Rapid Action Force (RAF) के एक जवान ने पैलेट गन से सात राउंड फायर किए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें से पांच पैलेट प्रदर्शनकारियों को लगे थे।

 

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

 

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान प्रशासन और सुरक्षा बलों को संयम से काम लेना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि युवाओं के विरोध को समझना और उनकी बात सुनना जरूरी है, क्योंकि बल प्रयोग से तनाव कम होने के बजाय स्थिति और बिगड़ सकती है। अब इस मामले के साथ छात्र प्रदर्शनों से जुड़ी अन्य लंबित याचिकाओं पर भी संयुक्त रूप से सुनवाई की जाएगी।