अतीक अहमद के बेटे आबान अहमद की मौत, झांसी जेल में बंद बड़े भाई अली अहमद से मिलने जा रहा था

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माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे आबान अहमद समेत दो लोगों की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हादसा बुधवार को झांसी के पूंछ थाना क्षेत्र में हुआ। ALSO READ: प्रतापगढ़ में मातम: 100 साल पुराना मकान ढहा, एक ही परिवार के 6 लोगों की दर्दनाक मौत

 

पुलिस के अनुसार, आबान अहमद और उनके साथी प्रयागराज से झांसी जेल में बंद बड़े भाई अली अहमद से मिलने जा रहे थे। अली अहमद को अक्टूबर 2025 में नैनी जेल से झांसी जेल शिफ्ट किया गया था। कार में पांच लोग सवार थे—आबान अहमद (अतीक अहमद के पुत्र), सोनू खान, अहजम (28, फटवा निवासी), मोहम्मद जैद (30) और उमर (24)।

 

थाना पूंछ इलाके के खिल्ली गांव के पास हाईवे पर तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस हादसे में आबान अहमद और सोनू खान की मौत हो गई। बाकी तीनों घायलों को झांसी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

 

सूचना मिलते ही पूंछ थाना पुलिस और क्षेत्राधिकारी मोंठ मौके पर पहुंचे। घायलों को तुरंत सीएचसी मोंठ और फिर मेडिकल कॉलेज भेजा गया। मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पंचायतनामा और अन्य वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मौके पर कानून-व्यवस्था सामान्य है।

 

अतीक अहमद की 15 अप्रैल 2023 को प्रयागराज में पुलिस कस्टडी में हत्या कर दी गई थी। उनके एक बेटे असद अहमद का 13 अप्रैल 2023 को झांसी में एसटीएफ के एनकाउंटर में निधन हो चुका है। परिवार के अन्य सदस्यों में अली अहमद झांसी जेल में और उमर अहमद लखनऊ जेल में बंद बताए जाते हैं।

झारखंड छात्र आंदोलन पर सियासी बवाल, कंगना रनौत से लेकर संजय सेठ तक भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी से पूछा सवाल

priyanka gandhi sanjay seth on jharkhand student protest

झारखंड में कई भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर रांची में छात्र आंदोलन जारी है। भाजपा ने इस मामले को लेकर आज सख्‍त रूख अपनाया और विधानसभा से संसद तक यह मामला उठाया। कंगना रनौत से लेकर संजय सेठ तक कई भाजपा नेताओं ने इस मामले में राहुल गांधी पर निशाना साधा।

 

राहुल गांधी पर कंगना का बड़ा आरोप

भाजपा सांसद कंगना रनौत ने कहा कि हमारे 'जेन-जी' बच्चे वाकई में कई तरीके की पीड़ा सहन कर रहे हैं। ये कई दशकों से जारी है। हर जगह इसी तरह की स्थितियां बनी हुई हैं लेकिन कांग्रेस जिसने यहां आकर तमाशा किया और झारखंड में जहां पर छात्रों की स्थिति बहुत खराब है वहां कोई नहीं पहुंच रहा है। राहुल गांधी वहां नहीं जा रहे हैं लेकिन जब बच्चों को उकसाने की बात आती है तो राहुल गांधी सबसे पहले देश के लिए खतरा बनकर निकलते हैं।

 

झारखंड के छात्रों पर राहुल की नजर क्यों नहीं?

केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने भी कहा कि 13 दिन से छात्र पूरी तरह से एक जगह डटे हुए हैं। उनकी एक ही मांग थी कि CBI जांच हो और JPSC और JSSC की परीक्षा रद्द करो। TDPL जो एजेंसी थी उसका अकाउंट ऑफिसर और 2 अन्य लोगों ने JSSC की परीक्षा पास कर ली। 13-14 दिन तक झारखंड सरकार मौन रही और राहुल गांधी इससे अलग रहे। क्या कारण है? राहुल गांधी आप तो जंतर-मंतर चले गए लेकिन झारखंड के हजारों छात्र पिछले 13-14 दिनों से बैठें हैं उन पर नजर नहीं गई क्या कारण है?

 

हेमंत सोरेन राज में सभी परीक्षाओं में पेपर लीक!

झारखंड भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि झारखंड राज्य में कांग्रेस के समर्थन वाली JMM की सरकार चल रही है। विगत 13 दिनों से हमारे छात्र अनशन पर डटे हुए हैं। राज्य में सरकार बनने के बाद, 2019 से लेकर अब तक जितनी भी परीक्षाएं हुई हैं, सभी परीक्षाओं में पेपर लीक हुए हैं। वहां के छात्र भूख हड़ताल पर बैठे हैं लेकिन वहां की सरकार ने अब तक सूद लेना मुनासिब नहीं समझा है। राहुल गांधी क्यों चुप हैं? दिल्ली में राहुल गांधी छात्रों के साथ आंदोलन में अपनी आवाज को रखने का काम कर रहे थे, झारखंड में बरसात के मौसम में हमारे हजारों छात्र आंदोलन कर रहे हैं लेकिन कांग्रेस का कोई नेता इस पर कुछ नहीं बोल रहा है।

 

उन्होंने कहा कि इस देश में कांग्रेस दो रंग नीति अपनाने का काम कर रही है। संसद में ये कांग्रेस के नेता शोर मचाते हैं लेकिन झारखंड में यही नेता क्यों नहीं बोलते हैं? अगर आपमें दम है तो आप CBI जांच को लेकर छात्रों की मांग का समर्थन करने का काम करें और सरकार से अपना सहयोग वापस लेने का काम करें।

श्रावण में जागेश्वर धाम का करें दर्शन: देवदार के जंगलों के बीच बसे 224 प्राचीन शिव मंदिर, क्या बोले सीएम धामी?

jageshwar dham

उत्तराखंड के अल्मोड़ा स्थित जागेश्वर धाम में एक ही परिसर में 224 प्राचीन शिव मंदिर हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रद्धालुओं से श्रावण मास में जागेश्वर महादेव के दर्शन करने की अपील की। जानिए इस पौराणिक तीर्थ की महिमा और इतिहास। ALSO READ: उत्तराखंड आध्यात्मिक राजधानी बनने की ओर अग्रसर, जागेश्वर से कैंची धाम तक श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड बढ़ोतरी

 

सीएम धामी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि जनपद अल्मोड़ा में देवदार के घने वनों के मध्य स्थित श्री जागेश्वर महादेव मंदिर देवाधिदेव महादेव को समर्पित अत्यंत रमणीय तीर्थ स्थल है, जो लाखों श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का प्रमुख केंद्र है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि अपनी दिव्यता, आध्यात्मिक ऊर्जा और प्राचीन स्थापत्य कला के लिए विख्यात इस मंदिर का उल्लेख स्कंद पुराण सहित अनेक धार्मिक ग्रंथों में मिलता है। यह यहां की ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्ता को दर्शाता है। पवित्र श्रावण मास में देवभूमि उत्तराखंड आगमन पर श्री जागेश्वर महादेव के दर्शन का पुण्य लाभ अवश्य प्राप्त करें। ALSO READ: CM धामी ने की बालेश्वर मंदिर आने की अपील, जानिए क्यों खास है चंपावत का यह शिवधाम?

जागेश्वर धाम में एक ही स्थान पर 224 मंदिर

अल्मोड़ा से 35 किलोमीटर दूर स्थित केंद्र जागेश्वर धाम के प्राचीन मंदिर प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर इस क्षेत्र को सदियों से आध्यात्मिक जीवंतताप्रदान कर रहे हैं। यहां लगभग 250 मंदिर हैं जिनमें से एक ही स्थान पर छोटे-बड़े 224 मंदिर स्थित हैं। मंदिरों का निर्माण लकड़ी तथा सीमेंट की जगह पत्थर की बड़ी-बड़ी शिलाओं से किया गया है। ALSO READ: CM धामी ने बताया नैनीताल के मुक्तेश्वर महादेव मंदिर का महत्व, जहां शिव भक्ति के साथ दिखता है हिमालय का अद्भुत नजारा

 

8वीं शताब्दी का मृत्युंजय मंदिर

यहां का सबसे प्राचीन मंदिर 8वीं शताब्दी का मृत्युंजय मंदिर है। इसके बाद जागेश्वर, नवदुर्गा, कालिका, प्युष्टिदेवी, बालेश्वर और कुछ छोटे मंदिर बने। इन सभी का निर्माण आरंभिक कत्यूरी राजाओं ने करवाया था। कत्यूरी राजाओं ने 11वीं और 14वीं शताब्दी के बीच सूर्य, नवग्रह और नीलकंठेश्वर के मंदिरों का निर्माण किया। पांच छोटे मंदिरों का श्रेय गरुड़ ज्ञान चंद के शासनकाल को जाता है, जिन्होंने 1374 से 1419 तक गद्दी संभाली थी।

 

पुराणों के अनुसार शिवजी तथा सप्तऋषियों ने यहां तपस्या की थी। कहा जाता है कि प्राचीन समय में जागेश्वर मंदिर में मांगी गई मन्नतें उसी रूप में स्वीकार हो जाती थीं जिसका भारी दुरुपयोग हो रहा था। आठवीं सदी में आदि शंकराचार्य जागेश्वर आए और उन्होंने महामृत्युंजय में स्थापित शिवलिंग को कीलित करके इस दुरुपयोग को रोकने की व्यवस्था की। शंकराचार्य जी द्वारा कीलित किए जाने के बाद से अब यहां दूसरों के लिए बुरी कामना करने वालों की मनोकामनाएंपूरी नहीं होती। केवल यज्ञ एवं अनुष्ठान से मंगलकारी मनोकामनाएं ही पूरी हो सकती हैं।

कांवड़ यात्रा में छाई अग्नि-5 मिसाइल थीम वाली कांवड़, सेना के सम्मान में शिवभक्तों की अनोखी प्रस्तुति बनी आकर्षण का केंद्र

kawad yatra agni 5 and nuclear missile

उत्तर प्रदेश में 12 दिन चलने वाली श्रावण मास की कांवड़ यात्रा में हर साल कुछ विशेष देखने को मिलती हैं, जो अपनी अनोखी थीम और आकर्षक प्रस्तुति के कारण बरबस ही लोगों को अपनी तरफ खींच लेती हैं। इस बार NH58 पर दिल्ली के पालम क्षेत्र से आए शिवभक्तों की टोली की अग्नि-5 मिसाइल और परमाणु थीम पर आधारित कांवड़ सुर्खियों में है। सैन्य शक्ति की झलक दिखाती इस कांवड़ को युवा शिवभक्त भोलों ने भारतीय सेना और देश के वीर जवानों को समर्पित बताया। ALSO READ: 24 पोते बने 95 वर्षीय दादी सोनदेवी के श्रवण कुमार, हरिद्वार में कराया गंगा स्नान

 

सैनिकों के सम्मान में चुनी यह थीम

शिवभक्त राजवीर ने बताया कि उनकी टोली ने 29 जुलाई को हरिद्वार से गंगाजल उठाया था। कांवड़ को विशेष रूप देने के लिए इसमें अग्नि-5 मिसाइल, परमाणु प्रतीक और अन्य सैन्य उपकरणों की प्रतिकृतियां तैयार की गई हैं। भोलों की टीम का कहना था कि देश की सुरक्षा में जुटे सैनिकों के सम्मान और उनके अदम्य साहस को सलाम करते हुए यह थीम चुनी गई है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2025 में उनकी टोली ब्रह्मोस मिसाइल थीम वाली कांवड़ लेकर भी आई थी, जिस जिले के कांवड़ मार्ग यह गुजरी वहां लोगों का बहुत प्यार मिला था।

 

kawad yatra

टोली में 25 से 30 शिवभक्त

टोली के सदस्य दीपांशु भोले ने बताया कि वे दिल्ली के पालम क्षेत्र से आए हैं और उनकी कांवड़ में अग्नि-5 मिसाइल, परमाणु प्रतीक तथा 51 गोलों की प्रतिकृतियां शामिल की गई हैं। उन्होंने बताया कि उनकी टोली में करीब 25 से 30 शिवभक्त शामिल हैं, जिन्होंने मिलकर इस विशेष कांवड़ को तैयार किया।

 

बातचीत के दौरान टोली के कुछ सदस्यों ने पाकिस्तान और चीन को लेकर अपने उत्तेजक विचार भी रखें। यह टीम दुश्मनों के छक्के छुड़ाने के लिए देश की सीमाओं पर जाकर भी सेवा करने को तैयार है। ALSO READ: देवभूमि में कांवड़ियों का भव्य स्वागत, पुष्पवर्षा और चरण प्रक्षालन से किया अभिनंदन, CM धामी ने परोसा भोजन

 

कांवड़ यात्रा में हर वर्ष नई-नई थीम पर तैयार की जाने वाली कांवड़ें श्रद्धालुओं और राहगीरों के लिए आकर्षण का केंद्र बनती हैं। इस बार सैन्य शक्ति की थीम पर तैयार यह अनोखी कांवड़ भी पूरे मार्ग में लोगों के बीच चर्चा का विषय रही। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और राहगीरों ने इसे देखने के साथ-साथ ही इन दृश्यों को मोबाइल में कैद कर लिया है, जिससे यह कांवड़ यात्रा उनकी यादगार झलकियों में शामिल हो गई।

वॉशिंगटन के आसमान में बड़ा हादसा टला? ट्रंप के मरीन वन हेलिकॉप्टर के बेहद करीब पहुंचा यात्री विमान, जांच शुरू

donald trump

अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन के आसमान में कुछ मिनटों के लिए अफरा-तफरी मच गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ले जा रहा उनका मिलिट्री हेलिकॉप्टर और एक यात्री विमान  एक-दूसरे के बेहद करीब पहुंच गए। इसके बाद सवाल उठने लगे कि क्या आसमान में कोई बड़ा हादसा होने से बाल-बाल टल गया? अब अमेरिकी एजेंसियां पूरे मामले की जांच कर रही हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि आखिर यह स्थिति पैदा ही क्यों हुई?

 

न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार को अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन के ऊपर उड़ान के दौरान “मरीन वन” हेलिकॉप्टर और एयर ट्रैफिक कंट्रोल के बीच बातचीत में कुछ गड़बड़ी हो गई थी। रिपोर्ट में मामले की जानकारी रखने वाले दो लोगों के हवाले से कहा गया है कि मरीन वन और यात्री विमान के बीच की दूरी एक मील से भी कम रह गई थी। ऐसी स्थिति में सुरक्षा नियम यही कहते हैं कि दोनों विमानों के बीच कम से कम 1.5 मील की दूरी और 500 फीट की ऊंचाई का अंतर होना चाहिए।

 

क्या है मामला?

अमेरिकन एयरलाइंस की सहयोगी कंपनी एनवॉय एयर का एम्ब्रेयर ई-170 विमान उड़ान भर रहा था। उधर, मरीन वन हेलिकॉप्टर एंड्रयूज एयर फोर्स बेस की ओर जा रहा था। यहां से डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति विमान में बैठकर कैलिफोर्निया जाने वाले थे।


 

अमेरिकी अधिकारियों की जांच इस बात को लेकर चल रही है कि क्या डोनाल्ड ट्रंप को ले जा रहा मिलिट्री हेलिकॉप्टर इस हफ्ते वॉशिंगटन के ऊपर उड़ रहे एक यात्री विमान के बहुत करीब पहुंच गया था।  यह पता लगाया जा रहा है कि आखिर यह स्थिति पैदा ही क्यों हुई?

 

राष्ट्रपति किसी भी समय खतरे में नहीं थे

व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने एएफपी को बताया, 'मरीन वन उड़ाने वाले पायलट दुनिया के सबसे बेहतरीन पायलटों में से हैं और राष्ट्रपति किसी भी समय खतरे में नहीं थे। इधर अमेरिका की विमानन नियामक संस्था एफएए ने कहा कि सुरक्षित दूरी कम होने के दौरान एयर ट्रैफिक कंट्रोलर दोनों पायलटों, यानी यात्री विमान और मरीन वन के पायलट, से लगातार संपर्क में था।'

LIVE: झारखंड में छात्रों का प्रदर्शन, CM सोरेन ने बनाई 4 सदस्यीय कमेटी

ranchi student protest

Latest News Today Live Updates in Hindi : झारखंड में गुरुवार को भी छात्रों का प्रदर्शन जारी रहा। प्रदर्शनकारी छात्रों से बातचीत के लिए झारखंड CM हेमंत सोरेन ने 4 मंत्रियों की कमिटी बनाई। पल पल की जानकारी…

-उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चला गया है।

-हरिद्वार के कई इलाकों में बारिश के बाद जलभराव की स्थिति बनी हुई है।

-दिल्ली के कई हिस्सों में बारिश हो रही है।  

-ओडिशा: भारी बारिश के बाद पुरी नगरपालिका के कुछ इलाकों में जलभराव हुआ।

झारखंड के रांची में JPSC, JSSC CGL और कई अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र अपना विरोध-प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं। बिरसा फिजिकल एकेडमी के तहत झारखंड पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं का एक समूह प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में आया है। प्रदर्शनकारी छात्रों से बातचीत के लिए झारखंड CM हेमंत सोरेन ने 4 मंत्रियों की कमिटी बनाई।

झारखंड में JPSC, JSSC CGL और कई अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं के मामले में 5 और गिरफ्तार।

भारत में जल्द चलेंगे प्लास्टिक के नोट! 10 और 20 रुपये से होगी शुरुआत, जानिए क्या होंगे बड़े फायदे

plastic currency

भारत सरकार पॉलिमर यानी प्लास्टिक के नोट लाने की तैयारियों में जुटी हुई है। हालांकि, आम लोगों को अपने हाथों में प्लास्टिक नोट पाने के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने प्लास्टिक नोट को जारी किए जाने की प्लानिंग को लेकर अहम जानकारी शेयर की है। ALSO READ: E20 Petrol : क्या सरकार ला रही है Flex-Fuel वाहनों के लिए नई पॉलिसी? सरकार ने दिया बड़ा अपडेट

 

कब तक जारी होंगे प्लास्टिक के नोट

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि आरबीआई अगले वित्त वर्ष की शुरुआत में पॉलिमर यानी प्लास्टिक के नोट जारी करने की तैयारी कर रहा है। इसका सीधा मतलब ये हुआ कि आरबीआई अगले साल अप्रैल-मई में प्लास्टिक नोट जारी कर सकता है। जिसके कुछ समय बाद ये बाजार में तेजी से सर्कुलेट होना शुरू हो जाएंगे।

 

10 और 20 रुपये के 100-100 करोड़ नोट छापने की प्लानिंग

केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने अभी हाल ही में लोकसभा में बताया था कि वित्त मंत्रालय ने RBI के 10 रुपये और 20 रुपये के पॉलिमर करेंसी नोटों के फील्ड ट्रायल को मंजूरी दे दी है। पंकज चौधरी ने बताया था कि पायलट प्रोजेक्ट के तहत 10 रुपये और 20 रुपये के 100-100 करोड़ नोट छापे जाएंगे। इन नोटों को ट्रायल बेसिस पर बाजार में उतारा जाएगा और ये देखा जाएगा कि भारतीय लोग प्लास्टिक के नोटों को कैसी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। ट्रायल सफल रहता है तो प्लास्टिक के नोटों को बड़े पैमाने पर जारी करने पर विचार किया जाएगा। ALSO READ: मध्य प्रदेश में बस सफर हुआ महंगा, 2 रुपए प्रति किलोमीटर से देना होगा किराया

 

कैसे बनते हैं पॉलिमर नोट

पॉलिमर नोट एक खास तरह प्लास्टिक जैसे सिंथेटिक पदार्थ से बनाया जाता है। इसमें एक मजबूत और लचीली प्लास्टिक फिल्म का इस्तेमाल होता है, जिस पर नोट की छपाई की जाती है। ये नोट कागजी नोट की तुलना में ज्यादा टिकाऊ तो होंगे ही, ये जल्दी खराब भी नहीं होंगे। 

 

30 सालों से भी ज्यादा समय तक चल सकते हैं प्लास्टिक नोट

आरबीआई गवर्नर ने कहा कि कुछ देशों में पॉलिमर नोट का 30 सालों से भी ज्यादा समय तक चलने का रिकॉर्ड हैं। ये नोट खासतौर पर कम मूल्य वर्ग के नोटों के लिए उपयोगी होंगे, क्योंकि इनका इस्तेमाल और चलन बहुत ज्यादा होता है। उन्होंने कहा कि अगर सभी योजनाएं तय कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ती हैं तो हमारा लक्ष्य है कि ये नोट अगले वित्त वर्ष की शुरुआत में चलन में आ जाएं।'

 

40 से ज्यादा देशों में चलती है प्लास्टिक करेंसी

इस तकनीक की शुरुआत सबसे पहले ऑस्ट्रेलिया ने 1988 में की थी। दुनिया भर में 40 से अधिक देश प्लास्टिक (पॉलिमर) करेंसी का उपयोग पूर्ण या आंशिक रूप से कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, न्यूजीलैंड, कनाडा, विएतनाम और मालदीव जैसे देशों में केवल प्लास्टिक के नोट ही चलते हैं। इन देशों ने कागज के नोट छापना पूरी तरह बंद कर दिया है। सिंगापुर, मलेशिया, थाईलैंड, सऊदी अरब, चिली और मेक्सिको समेत कई देशों में कुछ चुनिंदा नोट प्लास्टिक के हैं। यहां कागज के साथ ही प्लास्टिक के नोट भी चलते हैं।

 

क्या होगा फायदा?

  • ये कागजी नोटों की तुलना में लगभग 2.5 गुना ज्यादा चलते हैं।
  • ये पानी, चाय या कॉफी गिरने से खराब नहीं होते और इन पर गंदगी नहीं चिपकती।
  • फटने या कटने के बाद इन नोटों को रिसाइकिल करके अन्य प्लास्टिक उत्पाद बनाए जा सकते हैं।

त्रेता युग सा अहसास! अनूठी है रात की रोशनी में नहाई रामनगरी अयोध्या

Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या का भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर अब केवल दिन के उजाले में ही नहीं, बल्कि रात के सन्नाटे में भी अपनी अलौकिक आभा से श्रद्धालुओं का मन मोह रहा है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर परिसर में 'स्थायी आर्किटेक्चरल लाइटिंग' (Permanent Architectural Lighting) की शुरुआत की है, जिसके बाद सूर्यास्त होते ही संपूर्ण मंदिर स्वर्णिम रोशनी में नहा उठता है। मंदिर के गगनचुंबी शिखर, नक्काशीदार स्तंभ और परकोटा की सुंदरता अब रात के अंधेरे में एक नया और दिव्य रूप बिखेर रही है।

​दिन ढलते ही बदल जाती है रामनगरी की फिजा

​दिन ढलते ही सरयू तट से आने वाली हवा का मिजाज बदलने लगता है। अयोध्या की गलियों की हलचल शाम ढलते-ढलते एक शांत और भक्तिमय माहौल में तब्दील हो जाती है। जैसे ही सूरज क्षितिज पार डूबता है, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का एक ऐसा स्वरूप सामने आता है, जिसे देखकर पहली बार यह अहसास होता है कि—रोशनी सिर्फ अंधेरा दूर नहीं करती, बल्कि इतिहास को स्वर्णिम अक्षरों में चमका भी देती है।

 

​पहले श्रद्धालु दिन में बंसी पहाड़पुर के गुलाबी बलुआ पत्थरों पर सूरज की किरणों को पड़ते और उसकी नक्काशी को जीवंत होते देखते थे। लेकिन अब रात की भी अपनी एक अनोखी और दिव्य कहानी है। ​मंदिर ट्रस्ट द्वारा साझा की गई तस्वीरों और वीडियो में राम मंदिर किसी साधारण इमारत की तरह नहीं, बल्कि रोशनी से तराशे गए किसी अलौकिक शिल्प की तरह दिखाई देता है।

​पत्थर भी बोलने लगते हैं : आर्किटेक्चरल लाइटिंग का जादू

​राम मंदिर का हर एक स्तंभ और उस पर उकेरी गई आकृतियां भारतीय शिल्प परंपरा की सदियों पुरानी तपस्या को दर्शाती हैं। दिन में इन्हें देखना जितना आनंददायक है, रात में सुनहरी रोशनी के बीच देखना उतना ही अलौकिक। ऐसा लगता है मानो ये नक्काशीदार पत्थर स्वयं रामकथा सुनाने लगे हों।

  • अद्भुत संयोजन : मंदिर का शिखर, परकोटा, मंडप, सीढ़ियां और संपूर्ण परिसर एक ऐसी सौम्य रोशनी में लिपटा रहता है जो आंखों को चुभती नहीं, बल्कि मन को ठहरकर देखने पर मजबूर कर देती है।
  • स्थापत्य को उभारने का उद्देश्य : इस विशेष लाइटिंग का उद्देश्य केवल उजाला करना नहीं, बल्कि मंदिर की बारीक नक्काशी, रेखाओं और स्थापत्य कला को पूरी गरिमा के साथ उभारना है।​


आस्था और आधुनिक तकनीक का अद्भुत संगम

​रात के समय मंदिर परिसर में प्रवेश करते ही श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। वही मंदिर, जिसे उन्होंने चित्रों में देखा है, रात की रोशनी में एक बिल्कुल नई और आलौकिक पहचान ले लेता है। 

  • ​श्रद्धालुओं के अनुभव : कोई मोबाइल निकालकर इस पल को सहेज रहा है, तो कोई परिवार संग सेल्फी ले रहा है। कुछ श्रद्धालु ऐसे भी हैं जो बिना कुछ बोले घंटों बस मंदिर को निहारते रहते हैं—क्योंकि कुछ दृश्य कैमरे में नहीं, सीधे आत्मा में बसने के लिए होते हैं।
  • वैश्विक आकर्षण : देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं के साथ-साथ विदेशी पर्यटक भी इस स्वर्णिम छटा को अपने कैमरों में कैद कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर ये तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं।

​बदलती अयोध्या, बदलता 'नाइटस्केप'

​किसी भी ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहर को इस प्रकार रोशन करना आसान काम नहीं था। ट्रस्ट ने रोशनी का संयोजन इस तरह तैयार कराया है कि कहीं भी कृत्रिम चमक का अहसास न हो, बल्कि मंदिर की मूल भव्यता ही निखर कर सामने आए। ​राम मंदिर के निर्माण के साथ अयोध्या का कायाकल्प हो चुका है—चौड़ी सड़कें, भव्य घाट, विश्वस्तरीय रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट। अब इस कड़ी में रात का नया 'नाइटस्केप' भी जुड़ गया है, जो आधुनिक तकनीक और सनातन आस्था के अटूट मेल को दर्शाता है।

​अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक खास सलाह

अगर राम मंदिर की वास्तविक भव्यता को महसूस करना है, तो केवल दिन में देखकर न लौटें… एक बार सूरज ढलने का इंतजार जरूर करें। क्योंकि रात होते ही यहां सिर्फ दीप और लाइटें नहीं जलतीं, बल्कि आस्था भी एक नए, स्वर्णिम रंग में चमकने लगती है।

 

प्रतापगढ़ में मातम: 100 साल पुराना मकान ढहा, एक ही परिवार के 6 लोगों की दर्दनाक मौत

pratapgarh building collapse

Pratapgarh House Collapse : उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में एक 100 साल पुराना मकान ढहने से एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत हो गई जबकि एक अन्य घायल है। परिवार के सभी सात सदस्य एक ही कमरे में सो रहे थे और मलबे के नीचे दब गए। मरने वालों में एक दंपती, उनका बेटा, बहू और दो बच्चे शामिल हैं। ALSO READ: Top News 6 August: चांद से टकराया SpaceX Falcon 9, शेख हसीना की घर वापसी का ऐलान, MP में बस किराया बढ़ा

 

लगातार हो रही बारिश के बीच नगर कोतवाली क्षेत्र के महुली वार्ड में एक दर्दनाक हादसा हो गया। हादसे से इलाके में हड़कंप मच गया। हादसे की सूचना पर पहुंची पुलिस और स्थानीय लोगों ने करीब दो घंटे तक राहत एवं बचाव अभियान चलाकर मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला।

 

हादसे में इन लोगों की मौत

हादसे में मकान मालिक 60 वर्षीय प्रमोद श्रीवास्तव, उनकी पत्नी रीता श्रीवास्तव, पुत्र नितिन, छोटी बहू माधुरी तथा माधुरी के दो मासूम बेटे माधव और अद्विक की जान चली गई। सभी को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां अमन को छोड़कर चिकित्सकों ने 6 लोगों को मृत घोषित कर दिया। अमन का इलाज जारी है।

हादसे पर क्या बोली पुलिस?

क्षेत्राधिकारी नगर आशुतोष मिश्रा ने कहा कि आज दिनांक 06.08.2026 को रात्रि लगभग 02:00 बजे थाना कोतवाली नगर के ग्राम महुली में एक जर्जर मकान गिरने की घटना हुई, जिसमें 06 व्यक्तियों की मृत्यु हो गई, जबकि 01 व्यक्ति सुरक्षित है। सूचना प्राप्त होते ही स्थानीय पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। सभी मृतकों के शवों को पंचायतनामा एवं पोस्टमार्टम की कार्यवाही हेतु जिला अस्पताल प्रतापगढ़ भेज दिया गया है। प्रकरण में नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है।

Top News 6 August: चांद से टकराया SpaceX Falcon 9, शेख हसीना की घर वापसी का ऐलान, MP में बस किराया बढ़ा

top news 6 august

Top News 6 August : प्रतापगढ़ में 100 साल पुराना मकान ढहने से एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत। चांद से टकराया स्पेस एक्स का फाल्कन 9। बांग्लादेश लौटेंगी शेख हसीना। मध्य प्रदेश में महंगा हुआ बस का सफर। अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हेलीकॉप्टर संचालन में चूक हो गई। 6 अगस्त की बड़ी खबरें :
 

मकान ढहने से एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में एक 100 साल पुराना मकान ढहने से एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत हो गई। परिवार के सभी सात सदस्यएक ही कमरे में सो रहे थे और मलबे के नीचे दब गए। मरने वालों में एक दंपती, उनका बेटा, बहू और दो बच्चे शामिल हैं।

 

चांद से टकराया SpaceX रॉकेट का हिस्सा

अंतरिक्ष में SpaceX के Falcon 9 रॉकेट का ऊपरी हिस्सा (Upper Stage) चांद की सतह से टकरा गया है। वैज्ञानिकों के अनुमान के मुताबिक, यह टक्कर करीब 8,700 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हुई। दुनियाभर के खगोलविदों ने इस घटना को रिकॉर्ड करने के लिए अपने टेलीस्कोप संभावित Impact Site की ओर मोड़ दिए थे। ALSO READ: SpaceX Rocket Moon Crash : 8,700 Kmph की रफ्तार से चांद से टकराया SpaceX रॉकेट का हिस्सा, वैज्ञानिकों ने टेलीस्कोप से रखी नजर, देखें Video

 

बांग्लादेश लौटेंगी शेख हसीना

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने बुधवार को बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि वे दिसंबर 2026 में अपने देश लौटना चाहती हैं। हसीना ने कहा कि उन्हें पता है कि वापसी पर गिरफ्तारी, जेल या जान को खतरा हो सकता है, लेकिन वह इन आशंकाओं के कारण अपने लोगों से दूर नहीं रह सकतीं। ALSO READ: Sheikh Hasina Return : शेख हसीना ने किया ऐलान- दिसंबर में बांग्लादेश लौटूंगी, बोलीं- गिरफ्तारी या मौत का भी डर नहीं, भारत ने कार्यक्रम से क्यों बनाई दूरी

 

मध्य प्रदेश में बस सफर हुआ महंगा

मध्य प्रदेश में अब बस का सफर महंगा हो गया है। राज्य सरकार ने राज्य में चलने वाली सभी प्रकार की यात्री बसों के किराए में बदलाव करते हुए नई दरें लागू कर दी हैं। नए आदेश के तहत अब साधार बस का किराया 2 रुपये किलोमीटर होगा, इसके साथ ही यात्रा के किसी भी हिस्से के लिए न्यूनतम किराया 10 रुपये देना अनिवार्य होगा। अब तक बस का किराया 1.25 रुपए प्रति किलोमीटर था। ALSO READ: मध्य प्रदेश में बस सफर हुआ महंगा, 2 रुपए प्रति किलोमीटर से देना होगा किराया
 

ट्रंप के हेलीकॉप्टर संचालन में चूक

अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हेलीकॉप्टर 'मरीन वन' के संचालन के दौरान हुई एक चूक ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उड़ान संचालन के दौरान ऐसी स्थिति बनी, जिससे बड़ा हादसा हो सकता था। हालांकि समय रहते स्थिति संभाल ली गई। संघीय विमानन प्रशासन (FAA) ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।