ATF में इथेनॉल मिलाएगी सरकार! केजरीवाल के दावे पर क्या बोले उड्डयन मंत्री किंजरापु?

ATF Ethanol Blending : modi govenment answer to kejriwal

आप नेता अरविंद केजरीवाल द्वारा पेट्रोल के बाद एटीएफ में भी इथेनॉल मिलाने संबंधी दावे पर बवाल मच गया। मोदी सरकार में मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु और भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय इसका खंडन करते हुए कहा कि सरकार की एटीएफ में इथेनॉल मिलाने की कोई योजना नहीं है। ALSO READ: संसद के बाहर भीगते रहे राहुल गांधी और प्रियंका, दिल्‍ली में बरसात का लिया आनंद, वीडियो सोशल मीडिया में वायरल

 

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु ने कहा कि यह दावा पूरी तरह से गलत और गैर-जिम्मेदाराना है कि सरकार एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) में इथेनॉल मिलाने की योजना बना रही है। ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है। इथेनॉल और सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) पूरी तरह से अलग-अलग हैं और इन्हें एक-दूसरे से मिलाना नहीं चाहिए।

 

उन्होंने कहा कि SAF एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित एविएशन फ्यूल है, जिसे इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गनाइजेशन (ICAO) ने मान्यता दी है और दुनिया भर में अपनाया गया है। यह कड़े परीक्षणों से गुजरता है और सुरक्षा के कड़े वैश्विक मानकों को पूरा करता है।

 

उड्डयन मंत्री किंजरापु ने कहा कि एविएशन सुरक्षा के बारे में गलत जानकारी फैलाने से हवाई यात्रियों में केवल बेवजह की चिंता पैदा होती है। यात्रियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ALSO READ: कौन हैं मेनका गुरुस्वामी? ममता बनर्जी की इस सांसद ने अपने पहले ही भाषण में कमाल कर दिया

क्या बोले अमित मालवीय?

भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने भी X पर कई पोस्ट डालकर आम आदमी पार्टी (AAP) के नेशनल कन्वीनर अरविंद केजरीवाल के पेट्रोल, एविएशन फ्यूल में इथेनॉल ब्लेंडिंग और E20 फ्यूल की क्वालिटी पर सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) की रिपोर्ट के बारे में लगाए गए आरोपों का खंडन किया। 

गौरतलब है कि केजरीवाल ने आरोप लगाया था कि केंद्र इथेनॉल ब्लेंडिंग को मौजूदा लेवल से ज्यादा बढ़ाने की योजना बना रहा है। उन्होंने दावा किया कि एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) में इथेनॉल मिलाने की योजना है। उन्होंने सरकार पर E20 पेट्रोल पर साइंटिफिक चिंताओं को दबाने का आरोप लगाया।

केजरीवाल का अमित मालवीय को जवाब

बाद में अमित मालवीय को जवाब देते हुए केजरीवाल ने कहा कि आप खुद ही कह रहे हैं – E20 से आगे पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण बढ़ाने का अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। आप माहौल ठंडा होने का इंतज़ार कर रहे हैं। जैसे ही माहौल ठंडा होगा, आप उसे लागू कर देंगे।

उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है आपने स्वीकार किया कि निर्णय अभी नहीं लिया गया। जैसे E20 बिना किसी वैज्ञानिक अध्ययन के लागू किया गया, किसी की नहीं सुनी गई, धमकियां देकर सबको चुप करवा दिया गया, वैसे ही आप E50 भी लागू कर देंगे। यही आपका काम करने का स्टाइल है। आप कहाँ विज्ञान, साइंस और इंजीनियरिंग को मानते हैं।  अगर आपने E20 लागू करने के पहले कोई अध्ययन करवाया है तो उनकी रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं करते? छुपा क्यो रहे हैं?

योगी सरकार की खेल क्रांति, गोरखपुर का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम मात्र तीन महीने में लगभग 20% तैयार

Yogi adityanath

Gorakhpur International Cricket Stadium: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में खेल अवसंरचना को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में गोरखपुर में निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण निर्धारित समय-सीमा के अनुसार तेजी से आगे बढ़ रहा है।

महज तीन महीने में ही करीब 392.94 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का लगभग 20 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो गया है। इस स्टेडियम के बन जाने से पूर्वांचल में न केवल अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैचों का आयोजन संभव होगा, बल्कि स्थानीय खेल प्रतिभाओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं और रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। 

भूमिपूजन के तीन महीने बाद निर्माण ने पकड़ी रफ्तार

स्टेडियम का 16 मई 2026 को भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया गया था। इसके बाद लोक निर्माण विभाग ने ईपीसी मोड पर निर्माण कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है। मुख्य स्टेडियम परिसर की लेवलिंग और पाइल फाउंडेशन का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि बाहरी क्षेत्र में लेवलिंग, सड़क निर्माण और अन्य आधारभूत कार्य तेजी से प्रगति पर हैं। अब तक परियोजना के लिए 110 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जारी की जा चुकी है। सरकार का लक्ष्य है कि स्टेडियम का निर्माण उच्च गुणवत्ता के साथ निर्धारित 24 माह की अवधि में पूरा कराया जाए।

46 एकड़ में 30 हजार दर्शकों की क्षमता वाला बनेगा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम

प्रदेश सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस परियोजना के लिए 50 करोड़ रुपये की दूसरी किश्त भी स्वीकृत कर जारी कर दी है। इससे पहले 63.39 करोड़ रुपये की पहली किश्त जारी की जा चुकी थी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि परियोजना की लागत और समय-सीमा में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा निर्माण कार्य की नियमित निगरानी की जा रही है। करीब 46 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाला यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम 30 हजार दर्शकों की क्षमता वाला होगा। 

विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस होगा स्टेडियम

स्टेडियम का निर्माण ग्राउंड प्लस टू फ्लोर मॉडल पर किया जा रहा है। इसमें अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप क्रिकेट पिच, आधुनिक आउटफील्ड, हाई-मास्ट फ्लडलाइट्स, अत्याधुनिक ब्रॉडकास्टिंग सुविधाएं, खिलाड़ियों के लिए विश्वस्तरीय ड्रेसिंग रूम, अभ्यास सुविधाएं और दर्शकों के लिए आधुनिक बैठने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। स्टेडियम की सभी तकनीकी व्यवस्थाएं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हो, इसके लिए खेल निदेशक की अध्यक्षता में विषय विशेषज्ञों की एक उच्चस्तरीय तकनीकी समिति गठित की गई है। यह समिति पिच के आयाम, आउटफील्ड, लाइटिंग, सिटिंग व्यवस्था और प्रसारण सुविधाओं सहित सभी तकनीकी पहलुओं की निगरानी कर रही है।

आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम के साथ पारदर्शिता और गुणवत्ता पर विशेष जोर

निर्माण कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए थर्ड पार्टी क्वालिटी ऑडिट अनिवार्य किया गया है। परियोजना में वित्तीय किश्तों का भुगतान भी गुणवत्ता परीक्षण से जोड़ा गया है और न्यूनतम पांच स्थलीय निरीक्षण रिपोर्टों के आधार पर ही अगली किश्तें जारी की जाएंगी। इससे निर्माण की गुणवत्ता पर लगातार निगरानी बनी रहेगी। स्टेडियम का क्षेत्र अपेक्षाकृत लो-लाइंग है, इसलिए भविष्य में जलभराव की किसी भी संभावना से बचने के लिए आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जा रहा है। साथ ही सभी आवश्यक पर्यावरणीय और वैधानिक स्वीकृतियां भी सुनिश्चित की जा रही हैं, ताकि भविष्य में संचालन के दौरान किसी प्रकार की बाधा न आए। 

 

विशेष सचिव (खेल विभाग) विनीत कुमार ने बताया कि गोरखपुर में निर्माणाधीन क्रिकेट स्टेडियम  शासन व सरकार की अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है। शासन स्तर से इसकी प्रगति पर सतत निगरानी रखी जा रही है। भविष्य में यह स्टेडियम पूर्वांचल क्षेत्र के महत्वपूर्ण क्रीड़ा स्थल के रूप में विकसित होगा।

उद्घाटन के 22 दिन बाद धंसा लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे, पंखे से सुखाई जा रही सड़क, अखिलेश का तंज

Lucknow Kanpur Expressway Repair: उद्घाटन के महज 22 दिन बाद ही लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का 'दम' उखड़ने लगा है। कुल 8 जगहों पर धंस चुकी इस सड़क की मरम्मत के लिए इंजीनियरों ने अब 'हास्यास्पद थेरेपी' शुरू की है। सड़क को सुखाने के लिए बड़े-बड़े पंखे लगा दिए गए हैं। इस अनूठे 'तकनीकी चमत्कार' को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तीखा तंज कसा है, वहीं चौतरफा फजीहत के बाद एनएचएआई (NHAI) ने टोल वसूली रोक दी है।

22 दिन में खुली 'विकास' की कलई

उत्तर प्रदेश के ड्रीम प्रोजेक्ट्स में से एक लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर इन दिनों सड़कों को पंखे और ब्लोअर से हवा दी जा रही है। वजह बेहद साधारण है—14 जुलाई को चालू हुआ यह एक्सप्रेसवे जगह-जगह से धंस गया है और बारिश के मौसम में तेजी से मरम्मत निपटाने के लिए ठेकेदार पंखों का सहारा ले रहे हैं। वायरल वीडियो के मुताबिक 60 मीटर के दायरे में 10 पंखे लगाए गए हैं।  

26 जुलाई को पहली दरार

14 जुलाई को बड़े गाजे-बाजे के साथ चालू हुए इस एक्सप्रेसवे की उम्र एक महीना भी पूरा नहीं कर सकी। 26 जुलाई को उन्नाव जिले के कुरारी गांव के पास (किलोमीटर 64 पर) सड़क का डामर अचानक उखड़ गया और अगल-बगल की जमीन धंस गई। देखते ही देखते 22 दिनों के भीतर एक्सप्रेसवे एक या दो नहीं, बल्कि 8 अलग-अलग स्थानों से धंस गया और कई जगहों पर जानलेवा गड्ढे बन गए। जिस सड़क पर गाड़ियों को 100 किमी/घंटे की रफ्तार से दौड़ना था, वहां अब गाड़ियां गड्ढे बचाती नज़र आ रही हैं।
 

क्या कहा सपा नेता अखिलेश यादव ने?

सड़क सुखाने के लिए पंखे लगाने का वीडियो और तस्वीरें सामने आते ही विपक्षी दलों ने सरकार को आड़े हाथों लिया। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर इस अनोखी मरम्मत का जमकर मज़ाक उड़ाया है। अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा- ये है भाजपाई तरक्की की नई हवा… कुछ दिनों पहले ही जिसका उद्घाटन हुआ हो, उस सड़क को मरम्मत की जरूरत पड़ गई और एक्सप्रेस स्पीड से मरम्मत को सुखाने के लिए पंखे का इस्तेमाल किया जा रहा है, ये हास्यास्पद है। 2-3 हफ्ते में ही जिस एक्सप्रेसवे का दम उखड़ने लगा है, उस पर चलने का जोखिम कौन उठाएगा?

 

उन्होंने 'अटल प्रोग्रेस वे' का जिक्र करते हुए आगे कहा कि सवाल यह भी है कि योजनाएं सिर्फ कागज़ों में बनकर 'हिस्सा-बांट' का जरिया बन रही हैं या सच में बनेंगी। भाजपा राज में बना हर निर्माण चलता कम है… धंसता, ढहता और गिरता ज़्यादा है।

NHAI एक्शन में, टोल वसूली रोकी

इस मामले में किरकिरी होने के बाद नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) की नींद खुली है। NHAI के मुख्य महाप्रबंधक (उत्तर प्रदेश) गौतम विशाल ने बताया कि जब तक क्षतिग्रस्त हिस्से की पूरी तरह गुणवत्तापूर्ण मरम्मत नहीं हो जाती, तब तक लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली पूरी तरह से रोक दी गई है।

 

निर्माण कार्य करने वाली कंपनी के साथ-साथ प्रोजेक्ट की निगरानी कर रहे स्वतंत्र इंजीनियरिंग सलाहकारों और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। टोल न वसूलने से होने वाले पूरे वित्तीय नुकसान की भरपाई निर्माण एजेंसी (PNC) से ही की जाएगी।

संसद के बाहर भीगते रहे राहुल गांधी और प्रियंका, दिल्‍ली में बरसात का लिया आनंद, वीडियो सोशल मीडिया में वायरल

Rahul Gandhi

तमाम राजनीतिक उठापटक के बीच इंसान को इंसान होना नहीं भूलना चाहिए। इंसानी भावनाओं को जाहिर करने वाला एक ऐसा ही दृश्‍य सोशल मीडिया में सामने आया है। यह वीडियो है कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का।

दोनों भाई बहन दिल्‍ली की बारिश में भीग रहे हैं। लोग जहां बारिश से बचने के लिए छातों का इस्‍तेमाल करते हैं, वहीं राहुल-प्रियंका आराम से बारिश में भीगते हुए बातें कर रहे हैं। यह दृश्‍य देखकर हर कोई आनंदित हो रहा है।

छाता लेने से किया इनकार : बता दें कि जब राहुल और प्रियंका संसद के बाहर खडे बारिश में भीग रहे थे, उस दौरान किसी ने उन्‍हें छाता भी ऑफर किया, लेकिन उन्‍होंने छाता लेने से इनकार कर दिया।


सोशल मीडिया में वायरल हुआ वीडियो : कुल मिलाकर राजधानी दिल्ली में हुई झमाझम बारिश के बीच संसद परिसर के बाहर एक हल्का-फुल्का और खुशनुमा नजारा देखने को मिला। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को संसद के बाहर तेज बारिश में भीगते और मौसम का आनंद लेते कई लोग देखते रहे। संसदीय गतिविधियों की व्यस्तता के बीच दोनों नेताओं ने कुछ वक्त निकालकर दिल्ली के इस सुहावने मौसम का लुत्फ उठाया। बिना किसी हिचकिचाहट के बारिश का मजा लेते भाई-बहन की यह तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी तेजी से चर्चा का विषय बनी हुई हैं।

कौन हैं मेनका गुरुस्वामी? ममता बनर्जी की इस सांसद ने अपने पहले ही भाषण में कमाल कर दिया

Menaka Guruswamy Maiden Speech

Menaka Guruswamy Maiden Speech: तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की राज्यसभा सांसद और सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. मेनका गुरुस्वामी ने संसद में अपने पहले भाषण (मेडन स्पीच) में ही धमाल मचा दिया। बुधवार, 5 अगस्त 2026 को राज्यसभा में सुप्रीम कोर्ट (नंबर ऑफ जजेस) अमेंडमेंट बिल, 2026 पर चर्चा के दौरान उन्होंने सिर्फ दो मिनट के भाषण में न्यायपालिका में विविधता की कमी पर तीखा हमला बोला।

पारंपरिक रूप से मेडन स्पीच में समय की कोई पाबंदी नहीं होती, लेकिन उपसभापति हरिवंश ने उन्हें ज्यादा समय नहीं दिया। फिर भी मेनका के तेजतर्रार अंदाज और तथ्यों ने सदन का माहौल बदल दिया। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका की समस्याएं चार और जज बढ़ाने से हल नहीं होंगी। समस्या यह है कि केंद्र सरकार महिलाओं, निम्न जातियों, धार्मिक अल्पसंख्यकों और समलैंगिक (गे) लोगों को न्यायपालिका में नियुक्त नहीं करना चाहती। 

मेनका ने आंकड़े भी पेश किए

आप सिर्फ उन्हीं जजों को नियुक्त करते हैं जो आपकी विचारधारा से मेल खाते हों। उन्होंने आंकड़े भी पेश किए। हाईकोर्ट्स में 30 प्रतिशत पद खाली हैं। हाईकोर्ट जजों में महिलाओं की हिस्सेदारी सिर्फ 14 प्रतिशत है। अनुसूचित जाति, जनजाति और महिलाओं को मिलाकर न्यायपालिका में प्रतिनिधित्व 20 प्रतिशत से कम है। 2018 से 2026 के बीच केंद्र ने सिर्फ 3 प्रतिशत एससी, 2 प्रतिशत एसटी और 12 प्रतिशत ओबीसी जज नियुक्त किए। उन्होंने जोर दिया कि संविधान की भावना के साथ काम करके ही असली समस्याएं हल होंगी।

कौन हैं मेनका गुरुस्वामी?

डॉ. मेनका गुरुस्वामी का जन्म 27 नवंबर 1974 को हैदराबाद में हुआ। वे सुप्रीम कोर्ट की सीनियर एडवोकेट हैं और 2018 में धारा 377 को अपराध की श्रेणी से बाहर कराने वाले ऐतिहासिक मामले में प्रमुख भूमिका निभाने के लिए जानी जाती हैं। वे भारत की पहली खुले तौर पर LGBTQ+ पहचान वाली सांसद हैं।

 

ऑक्सफोर्ड और हार्वर्ड से शिक्षा प्राप्त मेनका ने कोलंबिया लॉ स्कूल में भी पढ़ाया है। उनके पिता मोहन गुरुस्वामी पूर्व बीजेपी रणनीतिकार और यशवंत सिन्हा के सलाहकार रहे हैं। 2026 में ममता बनर्जी की टीएमसी ने उन्हें पश्चिम बंगाल से राज्यसभा के लिए नामित किया। वे बिना मुकाबले चुनी गईं और अप्रैल 2026 में शपथ ली।

 

मेनका का यह पहला संसदीय भाषण न सिर्फ यादगार रहा बल्कि न्यायपालिका में प्रतिनिधित्व और संविधान के मूल्यों पर गंभीर सवाल भी खड़े कर गया। कई लोगों ने इसे उनके कानूनी अनुभव और साहस का प्रमाण माना।

सुप्रीम कोर्ट में रखा था टीएमसी का पक्ष 

मेनका गुरुस्वामी ने सुप्रीम कोर्ट में तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, उनकी सरकार और तृणमूल कांग्रेस (TMC) का प्रतिनिधित्व करते हुए उनके कानूनी मामलों की पैरवी की। पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और तत्कालीन राज्य सरकार/ममता बनर्जी के बीच हुए विवाद में मेनका गुरुस्वामी ने ममता और राज्य सरकार का पक्ष सुप्रीम कोर्ट में रखा था। ED द्वारा तृणमूल कांग्रेस के बैंक खातों को फ्रीज किए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल के साथ-साथ मेनका गुरुस्वामी ने भी TMC का पक्ष रखा।

भोपाल में रहवासी इलाकों में कमर्शियल एक्टिविटी पर SC सख्त, HC के स्टे को निरस्त के साथ सरकार को फटकार, तलब की एक्शन रिपोर्ट

भोपाल। राजधानी के आवासीय भूखंडों पर व्यावसायिक गतिविधियों को संचालित करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त तेवर दिखाए है। बुधवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की ओर से 10 सदस्यीय समिति पर रोक लगाते हुए इसे सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हस्तक्षेप बताते हुए चेतावनी दी है कि अगर भविष्य में सरकार या किसी अधिकारी ने कोर्ट के आदेश में दखल दिया तो अवमानना की कार्रवाई की जाएगी। कोर्ट ने कहा कि पूरा मामला उसकी निगरानी में है, इसलिए सरकार समानांतर समिति नहीं बना सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने पूरे मामले पर अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि उसके आदेश पूरे देश में लागू होंगे।

सरकार के दखल के बाद रोकी गई कार्रवाई-बुधवार को सुप्रीम कोर्ट मे भोपाल नगर निगम द्वारा दाखिल एक्शन टेकन रिपोर्ट पर चर्चा हुई जिसमे नगर निगम की ओर से बताया गया की भोपाल में आवासीय परिसरों में एक हजार से अधिक अवैध निर्माण चिन्हित कर कार्यवाही की जा रही है और अब तक 100 से ज्यादा भवनों को सील किया गया है। ऑनलाइन सुनवाई के दौरान नगर निगम की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता ने कोर्ट के बताया कि हाईकोर्ट की जबलपुर पीठ द्वार जारी स्टे ऑर्डर और राज्य सरकार के हस्ताक्षेप के बाद बनी 10 सदस्यों की कमेटी ने हमारे हाथ बांध दिए है और आगे की कार्रवाई अवरुद्ध हुई है।

सुप्रीम कोर्ट ने दिखाए सख्त तेवर-सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और न्यायमूर्ति आर. महादेवन की खंडपीठ ने सरकार के दखल पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की और टिप्पणी करते हुए कहा की ये टकराव की स्थिति निर्मित कर रहा है, यहाँ सर्वोच्च न्यायलय के स्वतः संज्ञान का महतवपूर्ण विषय है इसमें किसी प्रकार का हस्तक्षेप मंजूर नहीं है।

इस प्रकरण में अमेकस क्युरी आधिवक्ता एके सिन्हा ने बताया की नगर निगम निगम द्वारा बंद करवाए गए भवनों को पुनः खोल दिया गया है तो न्यायलय ने नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल आदेश पारित किया और जबलपुर न्यायलय के द्वारा दिए गए अवैध भवनों पर कार्यवाही के स्टे ऑर्डर को तत्काल निरस्त किया साथ ही प्रदेश सरकार द्वारा निर्मित जाँच समिति के हस्तक्षेप पर अंकुश लगा दिया| सुप्रीम कोर्ट पूरे मामले पर 15 सितंबर को अगली सुनवाई करेगा। कोर्ट में अगली सुनवाई पर भोपाल नगर निगम को अब तक एक्शन रिपोर्ट और आगे की कार्ययोजना पेश करनी होगी।

भोपाल के इन रहवासी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियां-राजधानी भोपाल के अरेरा कोलोनी के साथ रोहित नगर, बावड़ियां कलां, त्रिलंगा, गौतम नगर, कोलार रोड़,  नेहरु नगर, रचना नगर, साकेत नगर में बड़े पैमाने पर आवासीय भूखंडों व्यावसियक गतिविधयां संचालित हो रही है।

रहवासी क्षेत्रों में चल रही कमर्शियल एक्टिविटी को लेकर रहवासी लंबे समय से अपना विरोध दर्ज करा रहे है। संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति के तत्वाधान में हो रहे लगातार प्रदर्शन में लगातार कमर्शियल एक्टिविटी को बंद करने की मांग की जा रही है।

कैसे पूरे मुद्दें ने पकड़ा तूल?-आवासीय इलाकों में कमर्शियल एक्टिविटी को प्रतिबंध करने का पूरा मामला तमिलनाडु में आवासीय भवनों के अवैध व्यावसायिक उपयोग और बिल्डिंग बाय-लॉज (भवन उपनियमों) के उल्लंघन से शुरू हुआ था। सुप्रीम कोर्ट न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और न्यायमूर्ति आर. महादेवन की पीठ ने पूरे मामले की सुनवाई करते हुए मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे देशव्यापी मुद्दा बना दिया।कोर्ट ने साफ कहा कि “रहने की जगह, व्यापार का अड्डा नहीं बन सकती”। सुप्रीम कोर्ट ने देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की राजधानियों के नगर निगम आयुक्तों को आदेश दिया कि वे अपने क्षेत्रों में सर्वे करें और हलफनामा दायर कर बताएं कि कितने रिहायशी इलाकों का अवैध रूप से कमर्शियल इस्तेमाल हो रहा है।
 
सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर क्या बोले रहवासी?-सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भोपाल के पॉश इलाके माने जाने वाले अरेरा कॉलोनी के रहवासियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए न्यायलय का आभार जताया है। गौरतलब है कि अरेरा कॉलोनी में आवासीय भूखंडों पर बड़े पैमाने पर व्यासायिक गतिविधियां संचालित हो रही है। अरेरा कॉलोनी निवासी और याचिकाकर्ता विवेक त्रिपाठी कहते है कि आवासीय इलाके में अवैध तरीके के व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने से अरेरा कॉलोनी के रहवासियों का जीवन दुश्वार हो गया है। यहाँ भूमाफियाओ के लालच के चलते आम आदमी का सडक पर चलना मुश्किल हो गया है। अवैध इमारतों ने सड़को के फुटपाथ तक निगल लिए है इनके पास खुद की कोई पार्किंग न होने के कारण कॉलोनी के आए दिन अन्दर तक जाम की हालत निर्मित होते है|  वहीं रहवासी लवनिश भाटी ने बताया की हम लंबे समय से कॉलोनी की बदहाली को ले कर जिला प्रशासन से गुहार लगा रहे है परन्तु नगर निगम एव अन्य जिम्मेदारो की उदासीनता के चलते भूमाफिया इतना मजबूत हुआ की मंदिर के सामने शराब की दुकान खुल गई |
 

तीन में से एक भी बेटी नहीं आई पिता के अंतिम संस्‍कार में, 5100 देकर कहा, जला दो, चिता में जलती रिश्‍तों की सच्‍चाई

father last rites

कहते हैं अगर बेटा नालायक निकल जाए तो बेटियां मां-बाप की देख-रेख करती हैं। माना जाता है कि बेटियां अपने मां-बाप के ज्‍यादा करीब होती है, कई ऐसे मामले सामने आएं हैं जब बेटों की जिम्‍मेदारी बेटियों ने निभाई है। लेकिन मुंबई के बड़े कपड़ा व्यापारी रहे शिवचरण गुप्ता (74) की जब हरियाणा के सोनीपत स्थित एक वृद्धाश्रम में मौत हुई तो उनकी तीन बेटियों में से एक भी अंतिम वक्‍त में उनके पास नहीं पहुंची, किसी ने दूर रहने की बात कहकर तो किसी ने फुरसत नहीं होने की बात कहकर टाल दिया। हां इतना जरूर किया कि पिता के अंतिम संस्‍कार के लिए 5100 रुपए ऑनलाइन भेज दिए और कहा कि पिताजी को जला दो।

इसके बाद वीडियो कॉल पर अंतिम संस्‍कार का दृश्‍य देखकर अपनी जिम्‍मेदारी पूरी कर ली। बता दें कि शिवचरण गुप्ता की तीन बेटियां हैं और तीनों ही शिक्षक हैं। दरअसल, एक पिता की मृत्यु एक वृद्ध आश्रम हो गई और जब अंतिम संस्कार होना था तो उनकी तीनों बेटियों के पास इतनी भी फुरसत नहीं थी कि बाप का अंतिम संस्‍कार करने के लिए आ जाए। पिता की धधकती चिता को वीडियो कॉल पर देखकर रस्म अदायगी कर ली गई।

वृद्धाश्रम में पिता की मौत : दरअसल, वीडियो में ये जो चिता जल रही है, ये मुंबई के बड़े कपड़ा व्यापारी रहे शिवचरण गुप्ता (74) की है। जिनकी हरियाणा के सोनीपत स्थित एक वृद्धाश्रम में मौत हो गई। वे पिछले 3 साल से आश्रम में रह रहे थे। दो साल पहले इनकी पत्नी का भी इसी आश्रम में निधन हुआ था।

तीनों में से एक भी बेटी नहीं आई : मंगलवार को जब शिवचरण कि मौत हुई तो आश्रम वालों ने इसकी सूचना उनकी तीनों शिक्षक बेटियों को दी। लेकिन तीनों में से कोई नहीं आई। किसी ने समय के अभाव तो किसी ने दूर होने का बहाना बनाया।

ऑनलाइन भेजे 5100 रुपए : ऑनलाइन 5100 रुपए भेजकर अंतिम संस्कार सोनीपत में ही कराने को कह दिया। और वीडियो कॉल के माध्यम से जलती चिता देखी, जिसमें इन बेटियों के संस्कार भी जलकर भस्म हो गए। बता दें कि ये तीनों बेटी शिक्षिकाएं हैं। जिन्‍हें पिता ने प्‍यार से पालकर पढाया था।

वीडियो कॉल पर देखा अंतिम संस्‍कार : आश्रम संचालक आनंद कुमार के अनुसार, बेटियों ने ऑनलाइन 5100 रुपए भेजकर अंतिम संस्कार सोनीपत में ही कराने के लिए कहा। जब मुखाग्नि देने की बात उठी तो उन्होंने वीडियो कॉल के जरिए पूरी प्रक्रिया दिखाने को कहा।

चिता में जली रिश्‍तों की हकीकत : सफलता के आसमान को छूती बेटियों के पास उस बाप को कंधा देने की फुरसत नहीं थी, जिसने उन्हें उड़ना सिखाया था—और विदाई का अंतिम बोझ केवल एक 'वीडियो कॉल' से हल्का कर दिया गया। यह सिर्फ एक बेबस पिता का अंत नहीं, बल्कि आधुनिकता की अंधी दौड़ में संवेदनाओं की बलि चढ़ते रिश्तों और विघटित होते समाज के उस कड़वे सच की तस्वीर है जो हमें भीतर तक झकझोर देती है।

हेमंत सोरेन सरकार ने बनाई 4 मंत्रियों की कमेटी, छात्रों को बातचीत का न्योता

jharkhand cm hemant soren on student protest

झारखंड के रांची में JPSC, JSSC CGL और कई अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र अपना विरोध-प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं। इस बीच राज्य की हेमंत सोरेन सरकार ने छात्रों से चर्चा के लिए 4 मंत्रियों की कमेटी बनाई है। 

 

झारखंड में 13 दिन से जारी आंदोलन को देखते हुए हेमंत सोरेन सरकार ने पहली बार बातचीत का प्रस्ताव भेजा है। प्रशासन की टीम धरनास्थल पर पहुंची और बातचीत का प्रस्ताव रखा।इधर छात्रों ने 7 और 10 अगस्त को विधानसभा घेराव का एलान किया है।

 

इससे पहले मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि मेरे युवा साथियों की चिंताएं हमारे लिए अत्यंत गंभीर विषय हैं। पेपर लीक का विषय केवल झारखंड का नहीं है, बल्कि देश के अनेक राज्यों के युवाओं के सामने यह एक बड़ी राष्ट्रीय समस्या बन चुका है। हमारी सरकार इस मामले पर पूरी गंभीरता के साथ काम कर रही है। संबंधित एजेंसियां दिन-रात जांच कर रही हैं और दोषियों को जेल भी भेजा रहा है। हमारा उद्देश्य केवल जांच करना नहीं, बल्कि मेरे युवा साथियों को concrete solution देना है।

 

उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार के दरवाजे हमेशा सभी के लिए खुले रहते हैं। जिन छात्रों या अभ्यर्थियों की कोई भी मांग या सुझाव है, वे अपनी बात राज्य सरकार के समक्ष रख सकते हैं। मेरे युवा साथियों की प्रत्येक बात को पूरी गंभीरता से सुना जाएगा।

Monsoon Alert: उत्तर से दक्षिण तक भारी बारिश का अलर्ट, पहाड़ों में भूस्खलन और मैदानी इलाकों में बाढ़ का खतरा

Heavy rain in India

Monsoon Update: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, गुरुवार यानी 6 अगस्त 2026 को देश भर में मानसूनी ट्रफ और चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulations) के चलते मानसूनी गतिविधियां बेहद तीव्र बनी रहेंगी। उत्तर, पूर्व, मध्य, पश्चिम और दक्षिण भारत के अधिकांश राज्यों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

 

मौसम विभाग ने पहाड़ी राज्यों में अचानक आई बाढ़ (Flash Floods) और भूस्खलन (Landslides) का अलर्ट जारी किया है, वहीं मैदानी इलाकों में नदियों के उफान पर रहने और निचले इलाकों में भारी जलभराव की स्थिति बनी हुई है।

पहाड़ों पर भूस्खलन का संकट, दिल्ली-एनसीआर में बारिश

उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में अति-भारी बारिश को लेकर हाई अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने भूस्खलन और अचानक बाढ़ आने की गंभीर चेतावनी दी है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश होने की संभावना है।

 

दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब और राजस्थान में गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट है। राजधानी दिल्ली में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है, जहां अधिकतम तापमान 32°C और न्यूनतम तापमान 23°C के आसपास दर्ज किया जा सकता है। उत्तर प्रदेश के पश्चिमी, मध्य और पूर्वी जिलों (जैसे लखनऊ, कानपुर और वाराणसी) में मध्यम से भारी बारिश के आसार हैं, जिससे कई नदियां खतरे के निशान के करीब पहुंच चुकी हैं।

असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर

बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। उत्तर बिहार और सीमांचल के जिलों में मूसलाधार बारिश का अंदेशा जताया गया है। पूर्वोत्तर के राज्यों—असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में व्यापक बारिश जारी रहेगी। असम में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है, जहां जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और हताहतों का आंकड़ा भी बढ़ा है।

कोंकण और केरल में आफत की बारिश

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मध्यम से भारी बारिश की संभावना है। महाराष्ट्र के कोंकण-गोवा और मध्य महाराष्ट्र क्षेत्र में तीव्र मानसूनी गतिविधि के चलते अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। दक्षिण भारत में केरल में स्थिति संवेदनशील है, जहां पहले से ही जारी भारी बारिश से व्यापक नुकसान हुआ है। तटीय व दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु में 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ गरज-चमक और भारी बारिश का अनुमान है। देश भर में लगातार हो रही बारिश से अधिकतम तापमान गिरकर 28°C से 34°C के बीच बना रहेगा।

अतीक अहमद के बेटे आबान अहमद की मौत, झांसी जेल में बंद बड़े भाई अली अहमद से मिलने जा रहा था

atiq ahmed son aban ahmed dies in road accident

माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे आबान अहमद समेत दो लोगों की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हादसा बुधवार को झांसी के पूंछ थाना क्षेत्र में हुआ। ALSO READ: प्रतापगढ़ में मातम: 100 साल पुराना मकान ढहा, एक ही परिवार के 6 लोगों की दर्दनाक मौत

 

पुलिस के अनुसार, आबान अहमद और उनके साथी प्रयागराज से झांसी जेल में बंद बड़े भाई अली अहमद से मिलने जा रहे थे। अली अहमद को अक्टूबर 2025 में नैनी जेल से झांसी जेल शिफ्ट किया गया था। कार में पांच लोग सवार थे—आबान अहमद (अतीक अहमद के पुत्र), सोनू खान, अहजम (28, फटवा निवासी), मोहम्मद जैद (30) और उमर (24)।

 

थाना पूंछ इलाके के खिल्ली गांव के पास हाईवे पर तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस हादसे में आबान अहमद और सोनू खान की मौत हो गई। बाकी तीनों घायलों को झांसी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

 

सूचना मिलते ही पूंछ थाना पुलिस और क्षेत्राधिकारी मोंठ मौके पर पहुंचे। घायलों को तुरंत सीएचसी मोंठ और फिर मेडिकल कॉलेज भेजा गया। मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पंचायतनामा और अन्य वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मौके पर कानून-व्यवस्था सामान्य है।

 

अतीक अहमद की 15 अप्रैल 2023 को प्रयागराज में पुलिस कस्टडी में हत्या कर दी गई थी। उनके एक बेटे असद अहमद का 13 अप्रैल 2023 को झांसी में एसटीएफ के एनकाउंटर में निधन हो चुका है। परिवार के अन्य सदस्यों में अली अहमद झांसी जेल में और उमर अहमद लखनऊ जेल में बंद बताए जाते हैं।