क्या है FCRA संशोधन बिल 2026? जानिए अमेरिका से लेकर मिजोरम के CM क्यों हैं चिंतित

FCRA Amendment Bill 2026

FCRA Amendment Bill 2026: भारत में गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) और धार्मिक चैरिटी संस्थाओं की विदेशी फंडिंग को नियंत्रित करने वाला 'फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट' (FCRA) एक बार फिर बड़े बदलावों को लेकर सुर्खियों में है। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए FCRA संशोधन बिल 2026 ने न केवल देश के भीतर, बल्कि सात समंदर पार अमेरिका तक में सियासी हलचल बढ़ा दी है। बिल में लाइसेंस रद्द होने पर विदेशी चंदे से बनी संपत्तियों को सरकारी 'नामित प्राधिकरण' के अधीन करने और फंडिंग की नई शर्तों जैसे नियमों ने पूर्वोत्तर भारत से लेकर वाशिंगटन तक चिंता की लकीरें खींच दी हैं। 

 

इतना ही नहीं अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार निकाय (Amnesty International & UN Human Rights) जैसी संस्थाओं का कहना है कि यह संशोधन भारत में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और स्वतंत्र नागरिक समाज के कामकाज को सीमित करने का काम करेगा। विरोधियों की सबसे बड़ी आपत्ति बिल की धारा 16A पर है, जिसके तहत यदि किसी संस्था का FCRA लाइसेंस रद्द, सरेंडर या समाप्त हो जाता है, तो उसकी विदेशी मदद से बनी चल-अचल संपत्तियों का प्रबंधन सरकार द्वारा नियुक्त 'डिजिग्नेटेड अथॉरिटी' संभालेगी। आइए विस्तार से जानते हैं इस बिल से जुड़ी प्रमुख बातों के बारे में…. 

इंस्पेक्टर से बना दिया एसआई, पूर्व टीआई दिनेश वर्मा पर कमिश्‍नर की कार्रवाई, पॉकेट गवाह में की थी अनियमितता

Dinesh Verma

खजराना थाने के पूर्व थाना प्रभारी और वर्तमान में राज्य साइबर सेल में पदस्थ निरीक्षक दिनेश वर्मा के खिलाफ विभागीय जांच पूरी हो गई है। इसके बाद इंदौर पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने बड़ा फैसला लिया है। पॉकेट गवाह मामले में गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर उन्हें निरीक्षक (इंस्पेक्टर) पद से घटाकर उप निरीक्षक (एसआई) बना दिया गया है। यह कार्रवाई तीन साल के लिए की गई है।

कमिश्नर ने जारी किया आदेश : विभागीय जांच में कई आरोप सही पाए जाने के बाद पुलिस कमिश्नर ने यह आदेश जारी किया है। इस कार्रवाई के बाद दिनेश वर्मा का पद उनके बैच के अधिकारियों से काफी पीछे हो गया है। उनके साथ भर्ती हुए कई अधिकारी अब डीएसपी के पद पर पहुंच चुके हैं।

पॉकेट गवाह मामले में कार्रवाई : जानकारी के मुताबिक दिनेश वर्मा 31 अगस्त 2020 से 2 अगस्त 2023 तक खजराना थाने में थाना प्रभारी रहे। इसी दौरान दर्ज हुए कई मामलों की जांच में एक ही व्यक्ति को बार-बार गवाह बनाए जाने का मामला सामने आया। जांच में पता चला कि इरशाद पुत्र अब्दुल हकीम को 742 मामलों में गवाह बनाया गया जबकि नवीन पुत्र रामचंद्र चौहान को 504 मामलों में गवाह के रूप में शामिल किया गया।

बता दें कि राज्य साइबर सेल में पदस्थ निरीक्षक दिनेश वर्मा 31 अगस्त 2020 से 2 अगस्त 2023 तक खजराना थाना में पदस्थ रहे है। इस दौरान वर्मा ने 742 प्रकरणों में इरशाद पुत्र अब्दुल हकीम को गवाह बनाया। जबकि एक अन्य पाकेट गवाह नवीन पुत्र रामचंद्र चौहान को 504 प्रकरणों में बतौर गवाह के पेश किया गया।

घुमंतू समाज को दर-दर की ठोकरें नहीं खानी पड़ेंगी, सम्मान के साथ मिलेगा विकास का अवसर : CM योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब घुमंतू समाज को दर दर की ठोकरें खाने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा। डबल इंजन की सरकार उन्हें सम्मानजनक जीवन का अधिकार दिलाने, शासन की प्रत्येक जनकल्याणकारी योजना से जोड़ने और उनके समग्र विकास को सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी। घुमंतू विकास बोर्ड केवल एक प्रशासनिक व्यवस्था नहीं, बल्कि वर्षों से उपेक्षित विमुक्त एवं घुमंतू समाज को न्याय, सम्मान और अवसर दिलाने का सशक्त माध्यम बनेगा।

 

प्रदेश कैबिनेट द्वारा घुमंतू विकास बोर्ड गठन के निर्णय के उपरांत गुरुवार को समाज को ओर से आयोजित आभार एवं अभिनंदन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'सबका साथ, सबका विकास' का जो मंत्र देश को दिया था, उसी संकल्प का विस्तार आज समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। बिना जाति, क्षेत्र, भाषा अथवा किसी प्रकार के भेदभाव के प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने की इसी सोच की नई कड़ी घुमंतू विकास बोर्ड है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि अंग्रेजों ने 1871 के क्रिमिनल ट्राइब एक्ट के माध्यम से उन वीर समुदायों को अपराधी घोषित कर दिया था, जिन्होंने भारत की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष में अग्रणी भूमिका निभाई थी। 1857 के प्रथम स्वाधीनता संग्राम के बाद अंग्रेजों ने सुनियोजित षड्यंत्र के तहत इन जातियों पर कलंक लगाया ताकि उनका सामाजिक सम्मान समाप्त हो जाए। स्वतंत्र भारत में बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने इस अन्याय को समाप्त करते हुए इन समुदायों को विमुक्त जाति का सम्मान दिलाया, किंतु उनके समुचित विकास के लिए अपेक्षित प्रयास लंबे समय तक नहीं किए गए। पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इनके लिए राष्ट्रीय स्तर पर आयोग का गठन हुआ और उसी भावना के अनुरूप उत्तर प्रदेश सरकार ने घुमंतू विकास बोर्ड के गठन का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गत वर्ष घुमंतू समाज के सम्मेलन में उनके समक्ष बोर्ड गठन की मांग रखी गई थी और उन्होंने उसी समय इसकी घोषणा की थी। अब बोर्ड के गठन की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि इसका गठन शीघ्र पूरा किया जाएगा तथा इसकी संरचना ऐसी होगी जिसमें विभिन्न घुमंतू एवं विमुक्त जातियों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो, ताकि उनकी आवाज सीधे सरकार तक पहुंचे और उनके विकास की योजनाएं अधिक प्रभावी ढंग से संचालित की जा सकें।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार ने वनटांगिया, मुसहर, थारू, गौड़, चेरो, बुक्सा, कोल, सहरिया सहित अनेक वंचित समुदायों को पहली बार शासन की योजनाओं से व्यापक रूप से जोड़ा है। राशन कार्ड, भूमि के पट्टे, प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास, आयुष्मान भारत कार्ड, निःशुल्क विद्युत एवं गैस कनेक्शन तथा वृद्धावस्था, निराश्रित महिला और दिव्यांगजन पेंशन जैसी योजनाओं का लाभ इन समुदायों तक पहुंचाया गया है। सरकार का लक्ष्य प्रत्येक पात्र व्यक्ति को सभी योजनाओं से शत प्रतिशत आच्छादित करना है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी बार-बार कहते हैं कि जिन्हें कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने कभी नहीं पूछा, उन्हें पूजते हुए सम्मान देकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य डबल इंजन सरकार ने किया है।

छोटे बेटे अबान की मौत के बाद क्या सामने आएगी शाइस्ता? 2023 से फरार है माफिया अतीक अहमद की पत्नी

Atiq Ahmed

death of Aban Ahmed son of Atiq Ahmed: प्रयागराज में कभी जिसकी तूती बोलती थी, उस पूर्व सांसद और माफिया अतीक अहमद के कुनबे पर कानून और किस्मत की दोहरी मार पड़ रही है। जिस झांसी जिले में अप्रैल 2023 में अतीक के एनकाउंटर में मारे गए बेटे असद की सांसें थमी थीं, उसी झांसी में अब उसके छोटे बेटे अबान की भीषण सड़क दुर्घटना में जान चली गई है। इस घटना के बाद 50 हजार की इनामी और लंबे समय से फरार चल रही अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन के बाहर आने की अटकलें एक बार फिर तेज हो गई हैं।

इस तरह मारा गया अतीक अहमद

उत्तर प्रदेश के सियासी और आपराधिक इतिहास में दशकों तक खौफ का पर्याय रहे माफिया अतीक अहमद का साम्राज्य जितनी तेजी से खड़ा हुआ था, उतनी ही तेजी से ध्वस्त भी हो गया। 15 अप्रैल 2023 को प्रयागराज में मेडिकल जांच के दौरान पुलिस हिरासत में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की तीन हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। लेकिन अतीक की मौत के बाद भी उसके परिवार पर मुसीबतों का सिलसिला थमा नहीं है। ताजा मामला झांसी का है, जहां अतीक के छोटे बेटे अबान की एक दर्दनाक सड़क हादसे में मौत हो गई। ALSO READ: अतीक अहमद के बेटे आबान अहमद की मौत, झांसी जेल में बंद बड़े भाई अली अहमद से मिलने जा रहा था

 

जानकारी के अनुसार, हादसा झांसी के पूंछ थाना क्षेत्र में खिल्ली गांव के पास कानपुर-झांसी नेशनल हाईवे पर हुआ। कानपुर से झांसी की ओर जा रही एक तेज रफ्तार क्रेटा कार अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जिनमें से एक की शिनाख्त अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान के रूप में हुई। पुलिस बाकी घायलों और मृतकों की पहचान करने में जुटी है।

मुख्‍यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संकल्प

24 फरवरी 2023 को प्रयागराज में हुए बहुचर्चित उमेश पाल (राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह) हत्याकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में माफियाओं को 'मिट्टी में मिलाने' का संकल्प व्यक्त किया था।इसके तुरंत बाद एक्शन में आई यूपी पुलिस और एसटीएफ ने उमेश पाल हत्याकांड के मुख्य आरोपियों की तलाश शुरू की। सीसीटीवी फुटेज में अतीक का तीसरे नंबर का बेटा असद गोलियां चलाते दिखा था। 13 अप्रैल 2023 को एसटीएफ ने झांसी के परीक्षा डैम के पास असद और उसके साथी गुलाम को एनकाउंटर में मार गिराया था। अब ठीक उसी झांसी जिले में छोटे बेटे अबान की भी जान चली गई है।

अतीक के साम्राज्य का पतन

अतीक अहमद का नाम 1980 के दशक में प्रयागराज (तब इलाहाबाद) के जरायम की दुनिया में उभरा। चांद बाबा की हत्या के बाद 1989 में अतीक ने पहली बार शहर पश्चिमी सीट से निर्दलीय विधायक का चुनाव जीता। इसके बाद वह लगातार 5 बार विधायक और 2004 में फूलपुर से सांसद बना। 2004 में अतीक के सांसद बनने के बाद खाली हुई शहर पश्चिमी सीट पर बसपा के राजू पाल ने अतीक के भाई अशरफ को हरा दिया। इसके बाद जनवरी 2005 में राजू पाल की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई।

 

इसके बाद राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की 24 फरवरी 2023 को प्रयागराज में घर के बाहर हत्या कर दी गई, जिसके बाद योगी सरकार ने अतीक के नेटवर्क पर करारा प्रहार किया। अतीक और उसके परिवार पर हत्या, रंगदारी, अपहरण और भूमि कब्जे के 100 से ज्यादा मुकदमे दर्ज थे। सरकार द्वारा उसकी 1000 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध संपत्ति जब्त या ध्वस्त की जा चुकी है।

दो बेटों की मौत, दो जेल में, एक बाहर

अतीक अहमद की मौत के बाद उसका पूरा परिवार तितर-बितर हो चुका है। अतीक का सबसे बड़ा बेटा उमर अहमद रंगदारी और अपहरण के मामले में लखनऊ जेल में बंद है, जबकि दूसरे नंबर का अली अहमद रंगदारी मामले में झांसी जेल की सलाखों के पीछे है। तीसरे बेटे असद अहमद की झांसी एनकाउंटर में मौत हो गई, जबकि चौथा अहजम अहमद बाल सुधार गृह से रिहा होने के बाद फिलहाल जेल से बाहर है। सबसे छोटे बेटे अबान की 6 अगस्त को झांसी के पास सड़क हादसे में मौत हो गई। 

क्या सरेंडर करेगी शाइस्ता परवीन?

पति अतीक अहमद और बेटे असद की मौत के समय भी पुलिस को चकमा देकर फरार रही 50 हजार की इनामी शाइस्ता परवीन अब तक सामने नहीं आई है। अतीक के जनाजे में भी वह मिट्टी देने नहीं पहुंची थी। अब सबसे छोटे बेटे अबान की मौत के बाद एक बार फिर यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या बेटे की मौत बाद मां शाइस्ता अंतिम दर्शन के लिए पहुंचेगी। हालांकि यूपी पुलिस और खुफिया एजेंसियां शाइस्ता की गिरफ्तारी के लिए अलर्ट पर हैं।

36 राज्यसभा सांसदों से PM मोदी की मुलाकात, लॉबिस्टों और पावर ब्रोकरों से किया सावधान

pm modi meets rajysabha members

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को 36 राज्यसभा सांसदों से नाश्ते पर मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सांसदों को अपनी जड़ों से जुड़े रहने, अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों के लोगों के संपर्क में रहने और लॉबिस्टों तथा पावर ब्रोकरों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के मुताबिक, बैठक में उन सांसदों ने भी हिस्सा लिया, जो तृणमूल कांग्रेस (TMC) और आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हुए हैं।

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बैठक में तरुण चुघ, विनोद तावड़े, राजनेश अग्रवाल और ए. शारदा देवी समेत कई सांसद शामिल हुए। इसके अलावा पूर्व AAP, TMC और BJD से जुड़े नेता स्वाति मालीवाल, राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, संदीप पाठक, विक्रमजीत सिंह साहनी, सुष्मिता देव और देबाशीष सामंत्रे भी बैठक में मौजूद रहे। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने टेक्नोलॉजी के गलत इस्तेमाल को लेकर भी सांसदों को सावधान किया।  उन्होंने सांसदों से अपने निर्वाचन क्षेत्रों के लोगों के साथ बेहतर संवाद बनाए रखने और युवाओं से जुड़ने के लिए तकनीक का प्रभावी इस्तेमाल करने को कहा।

 

एक अन्य सांसद के मुताबिक, सांसदों को उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स का SWOT Analysis भी दिया गया। उन्हें सोशल मीडिया और मीडिया में टिप्पणी करते समय मर्यादा बनाए रखने तथा टेक्नोलॉजी के सही और गलत इस्तेमाल को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई। प्रधानमंत्री मोदी ने सांसदों से कहा कि उन्हें संसद में मिली अपनी सीट की अहमियत समझनी चाहिए, क्योंकि इस पद के लिए हजारों लोग प्रयास कर रहे होते हैं। उन्होंने सांसदों को ऐसे हित साधने वाले लोगों से सावधान रहने को कहा, जो खुद को शुभचिंतक बताकर उनके करीब आने की कोशिश करते हैं।

 

लॉबिस्टों और पावर ब्रोकरों से सावधान रहने की सलाह

सांसद के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने कहा कि दिल्ली में ऐसे कई लोग होते हैं जो सांसदों के सामने मदद करने की पेशकश करेंगे, दोस्ताना व्यवहार करेंगे और धीरे-धीरे उनके साथ जुड़ने की कोशिश करेंगे। मोदी ने ऐसे लोगों की तुलना मकड़ी के जाल से की। प्रधानमंत्री ने सांसदों से कहा कि वे अपनी जड़ों से जुड़े रहें और जिस जमीन से वे आए हैं, उसे कभी न भूलें। उन्होंने यह भी बताया कि वह खुद भी इस बात का ध्यान रखते हैं कि जमीन से उनका जुड़ाव बना रहे।

संसद सत्र के दौरान प्रधानमंत्री की ओर से अलग-अलग समूहों में सांसदों के लिए नाश्ते की बैठक आयोजित करना लंबे समय से चली आ रही परंपरा है। इन बैठकों के जरिए सांसदों को प्रधानमंत्री के साथ सीधे संवाद करने और अपने विचार साझा करने का अवसर मिलता है। बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने इंस्टाग्राम पर मुलाकात की तस्वीरें भी साझा कीं।

 

विक्रमजीत सिंह साहनी बोले- राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए उत्साहित

 

बैठक के बाद सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने कहा कि वह राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री से मुलाकात को सम्मान की बात बताया और कहा कि वह भारत को मजबूत और समृद्ध बनाने में हर संभव योगदान देना चाहते हैं।

 

गुजरात के बीजेपी सांसद ने बताया सौभाग्य

 

गुजरात से बीजेपी सांसद मानसिंह पारमर ने भी प्रधानमंत्री के साथ बैठक को अपने लिए सौभाग्य बताया। उन्होंने कहा कि सभी नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसदों ने प्रधानमंत्री के साथ आत्मीय मुलाकात की और उनका मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त किया।

 

लक्ष्मी वर्मा ने पीएम मोदी की तारीफ की

बैठक में शामिल बीजेपी सांसद लक्ष्मी वर्मा ने प्रधानमंत्री मोदी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का “Nation First, Nation Service Paramount” का विचार उन्हें सार्वजनिक सेवा में लगातार काम करने की शक्ति, ऊर्जा और प्रेरणा देता है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी एक दूरदर्शी नेता हैं, जिन्होंने उन्हें यह समझने के लिए प्रेरित किया कि कर्तव्य केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति अटूट प्रतिबद्धता है।

दतिया में भाजपा की हार के बाद भी श्रेय की सियासत, उमा का दावा, मेरे एक वाक्य से मिले वोट, लोधी बाहुल्य बसई में पार्टी को मिली थी बढ़त

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भोपाल। दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा, लेकिन अब हार के बाद भी दतिया के बसई इलाके में पार्टी की मिली बड़ी बढ़त पर अब श्रेय की सियासत शुरु हो गई है। पहले पार्टी विधायक प्रीतम लोधी के समर्थकों ने बसई इलाके में भाजपा की जीत का श्रेय लोधी समाज को दिया। वहीं अ्ब मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने इस बहस को हवा दे दी है।

 

दतिया विधानसभा को लेकर उमा भारती ने अपने ट्वीट में लिखा कि वह अपने समर्थकों से अनुरोध करेंगी कि वे यह अभिमान न पालें कि उनकी वजह से वोट बढ़े, क्योंकि आखिरकार भाजपा चुनाव हार गई, जिससे उन्हें भी गहरा आघात लगा। हालांकि, उन्होंने यह भी दावा किया कि वह चुनाव प्रचार में नहीं जा सकीं, लेकिन समर्थन में भेजा गया उनका एक संदेश घर-घर पहुंचाया गया और उससे वोट भी मिले।

 

उमा भारती ने अपने पोस्ट में लिखा कि “मैं तो दतिया उपचुनाव प्रचार में आ नहीं सकी, किंतु समर्थन में एक वाक्य मैंने भेजा, जो घर-घर पहुंचाया गया और वहां वोट भी मिले। आखिर हम सब किसी न किसी परीक्षा में फेल हो गए और हमें अपनी रणनीति की गहन समीक्षा करनी होगी।”

 

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उमा भारती के इस बयान को बसई क्षेत्र के लोधी मतदाताओं के समर्थन का श्रेय लेने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, उन्होंने साथ ही यह भी स्वीकार किया कि चुनाव में पार्टी की हार सामूहिक रणनीतिक विफलता का परिणाम है और इसकी समीक्षा जरूरी है।

 

गौरतलब है कि दतिया विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला बसई इलाका जिला मुख्यालय से करीब 80 किलोमीटर दूर है। उपचुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सभा लोधी बाहुल्य वाले बसई मे हुई थी। उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी जहां दतिया शहर से बुरी तरह हारे  वहीं 80 किलोमीटर दूर बसई में करीब सा़ढ़े चार हजार वोटों से कांग्रेस प्रत्याशी पर बढ़त बनाई। जिसके बाद अब बसई को लेकर श्रेय की सियासत शुरु हो गई है।

AI फीचर्स वाला E3 Electric Trion इलेक्ट्रिक स्कूटर मचा देगा तहलका, 165km तक की रेंज, 8 साल की बैटरी वारंटी, कीमत जानेंगे तो हो जाएंगे हैरान

electronic scooter

E3 Electric ने भारतीय बाजार में अपनी नई Trion इलेक्ट्रिक स्कूटर सीरीज लॉन्च कर दी है। कंपनी ने इसे तीन वेरिएंट C1, C1x और C2 में पेश किया है। Trion की शुरुआती कीमत  99,999 रुपए (एक्स-शोरूम, बेंगलुरु) रखी गई है। फिलहाल इसकी बुकिंग बेंगलुरु के ग्राहकों के लिए कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए शुरू की गई है। आने वाले समय में इसे दूसरे शहरों में भी उपलब्ध कराया जाएगा। Trion इलेक्ट्रिक स्कूटर की खास बात इसकी 8 साल या 1 लाख किलोमीटर की बैटरी वारंटी है। कंपनी का कहना है कि यह वारंटी तीनों वेरिएंट पर लागू होगी।

99,999 से शुरू होती है कीमत

E3 Electric Trion को तीन वेरिएंट में लेकर आई है। इनमें C1 सबसे किफायती मॉडल है, जिसकी कीमत 99,999 रुपए है। इसमें 2.3kWh की रिमूवेबल बैटरी, 108km की IDC रेंज और 2.5kW मोटर मिलती है, जबकि इसकी टॉप स्पीड 67kmph है। C1x की कीमत ₹1,09,999 है और इसमें 3kWh की फिक्स्ड बैटरी, 165km की IDC रेंज और 2.5kW मोटर दी गई है। इसकी टॉप स्पीड भी 67kmph है। वहीं C2 सबसे महंगा वेरिएंट है, जिसकी कीमत ₹1,19,999 रखी गई है। इसमें 3kWh की फिक्स्ड बैटरी, 128km की IDC रेंज और 3.5kW की ज्यादा पावरफुल मोटर मिलती है। C2 की टॉप स्पीड 82kmph है।


सभी कीमतें एक्स-शोरूम, बेंगलुरु के अनुसार हैं।

 

Trion C1 में 108km की रेंज

 

Trion C1 इस सीरीज का एंट्री-लेवल मॉडल है। इसमें 2.3kWh की रिमूवेबल बैटरी दी गई है। कंपनी के मुताबिक यह एक बार चार्ज करने पर 108km (IDC) तक की रेंज देती है। बैटरी को 0 से 80 फीसदी तक चार्ज करने में करीब 2 घंटे 30 मिनट लगते हैं। स्कूटर में 2.5kW मोटर दी गई है, जिसकी टॉप स्पीड 67kmph है।

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C1x सबसे ज्यादा रेंज वाला मॉडल

 

Trion C1x में 3kWh की फिक्स्ड बैटरी दी गई है। यह एक चार्ज में 165km (IDC) तक की दावा की गई रेंज देती है, जो तीनों मॉडल में सबसे ज्यादा है। इसकी बैटरी को 0 से 80 फीसदी तक चार्ज करने में 3 घंटे 30 मिनट लगते हैं। इसमें भी 2.5kW मोटर दी गई है और इसकी टॉप स्पीड 67kmph है। इसकी कीमत ₹1,09,999 है।

 

C2 में ज्यादा पावर और 82kmph की स्पीड

 

Trion C2 में 3kWh की फिक्स्ड बैटरी के साथ ज्यादा पावरफुल 3.5kW मोटर दी गई है। इसकी टॉप स्पीड 82kmph है। हालांकि, C2 की दावा की गई IDC रेंज 128km है, जो C1x से कम है। यह तीनों में सबसे महंगा मॉडल है और इसकी कीमत ₹1,19,999 (एक्स-शोरूम, बेंगलुरु) है।

 

AI फीचर्स से लैस हैं C1x और C2

फीचर्स की बात करें तो Trion C1 में 5-इंच LCD कंसोल दिया गया है, जिसमें स्मार्टफोन कनेक्टिविटी और टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन की सुविधा मिलती है। वहीं C1x और C2 में इसी तरह का LCD कंसोल मिलता है, लेकिन इनमें AI आधारित फीचर्स भी जोड़े गए हैं। इनमें AI Charging Insights और Adaptive Learning जैसे फीचर्स शामिल हैं।

 

52 लीटर का स्टोरेज स्पेस

 

तीनों वेरिएंट में कुल 52 लीटर का स्टोरेज स्पेस दिया गया है। इसमें सीट के नीचे की जगह, ग्लव बॉक्स और फ्लोरबोर्ड स्टोरेज शामिल हैं। रोजाना ऑफिस आने-जाने और शहर में इस्तेमाल के लिहाज से यह फीचर उपयोगी हो सकता है।

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1 लाख किलोमीटर या 8 साल की बैटरी वारंटी

E3 Electric ने Trion के सभी वेरिएंट के साथ 1 लाख किलोमीटर या 8 साल की बैटरी वारंटी देने का ऐलान किया है। इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने वाले ग्राहकों के लिए लंबी बैटरी वारंटी इसकी बड़ी खासियत हो सकती है।

युवाओं की अपेक्षाओं और आकांक्षाओं के अनुरूप तैयार होगी प्रदेश की एकीकृत युवा नीति : CM योगी

UP Integrated Youth Policy: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के युवाओं के समग्र विकास के लिए एकीकृत युवा नीति तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं के समग्र विकास से जुड़े कार्यक्रमों की सतत मॉनिटरिंग, मूल्यांकन और समय-समय पर आवश्यक सुझाव उपलब्ध कराने के लिए विशेषज्ञों की सहभागिता वाला स्वतंत्र राज्य युवा आयोग गठित किए जाने की संभावनाओं पर भी विचार किया जाए।

यह आयोग नियमित रूप से युवाओं से जुड़े कार्यक्रमों की समीक्षा करे, आवश्यक सुझाव दे तथा बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप नीति और कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाने में सहयोग करे। उन्होंने कहा कि प्रदेश की युवा नीति युवाओं की बदलती अपेक्षाओं, आकांक्षाओं और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार की जाए। 

 

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि युवा नीति तैयार करने से पहले प्रदेश के 16 से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं की अपेक्षाओं, आकांक्षाओं और आवश्यकताओं को समझा जाए। नीति निर्माण की प्रक्रिया में विद्यार्थियों, खिलाड़ियों, शोधार्थियों, स्टार्टअप उद्यमियों, युवा पेशेवरों तथा विभिन्न वर्गों के युवाओं की सहभागिता सुनिश्चित की जाए। इसके लिए सार्वजनिक डोमेन के माध्यम से सुझाव भी आमंत्रित किए जाएं, ताकि नीति युवाओं की वास्तविक जरूरतों और भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप तैयार हो सके।

योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में युवाओं के लिए संचालित सभी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया जाए। विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रत्येक पात्र युवा तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से पहुंचे। युवा नीति का स्वरूप ऐसा हो, जिसमें शिक्षा एवं कौशल विकास, उद्यमिता, रोजगार एवं नवाचार, डिजिटल सशक्तीकरण, स्वास्थ्य, खेल, नेतृत्व विकास तथा संस्कृति एवं विरासत सहित युवाओं के व्यक्तित्व के सभी महत्वपूर्ण आयामों का समग्र समावेश हो।  

 

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि युवाओं को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने के लिए आधुनिक तकनीकों पर आधारित कौशल विकास को प्राथमिकता दी जाए। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स, साइबर सुरक्षा, ड्रोन, सेमीकंडक्टर तथा अन्य उभरते क्षेत्रों में प्रशिक्षण को बढ़ावा दिया जाए। प्रत्येक जनपद में उद्यमिता और नवाचार के लिए अनुकूल वातावरण विकसित किया जाए। यूथ इन्क्यूबेशन सेंटर, स्टार्टअप प्रोत्साहन, रोजगार सृजन तथा युवाओं के लिए एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से कैरियर मार्गदर्शन, छात्रवृत्ति, रोजगार मिलान और अन्य सेवाओं को एक स्थान पर उपलब्ध कराया जाए। 

मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग योजना

मुख्यमंत्री ने सरदार वल्लभभाई पटेल इंडस्ट्रियल एंड एम्प्लायमेंट ज़ोन की स्थापना का कार्य शीघ्र प्रारम्भ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग योजना का क्रियान्वयन और अधिक प्रभावी ढंग से किया जाए। इस योजना के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। प्रत्येक विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय परिसर तक इसके विस्तार की संभावनाएं तलाशते हुए युवा आईएएस एवं आईपीएस अधिकारियों सहित अन्य विशेषज्ञों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि आज अनेक प्रतिष्ठित निजी कोचिंग संस्थान भी उत्तर प्रदेश में अपनी इकाइयां स्थापित करना चाहते हैं। इस अनुकूल वातावरण का लाभ प्रदेश के युवाओं को मिलना चाहिए।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल गतिविधियां युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने का प्रभावी माध्यम हैं। प्रत्येक ग्राम पंचायत में खेल मैदान, प्रत्येक विकास खंड में मिनी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, प्रत्येक जनपद में खेल उत्कृष्टता केंद्र तथा प्रत्येक मंडल में हाई परफॉर्मेंस सेंटर विकसित करने की दिशा में कार्य तेज किया जाए। उन्होंने कहा कि विधायक निधि से इनडोर स्टेडियम निर्माण के उनके पूर्व प्रयासों के अत्यंत सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। साथ ही युवाओं के लिए आधुनिक पुस्तकालयों, अध्ययन केंद्रों और रीडिंग स्पेस का विस्तार किया जाए, ताकि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और अध्ययन के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध हो सके।

15 अगस्त सिर्फ भारत का नहीं! जानिए किन 5 देशों का भी इसी दिन है स्वतंत्रता दिवस

independence day 15 august 5 countries

countries who celebrate independence day on 15 august: जब भी 15 अगस्त की तारीख आती है, हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। लाल किले की प्राचीर, फिज़ाओं में तैरता 'जन-गण-मन' और हवा में लहराता तिरंगा- यह दृश्य हमारे जहन में बस जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि 15 अगस्त की यह तारीख सिर्फ भारत की किस्मत की नहीं, बल्कि दुनिया के 5 अन्य मुल्कों के इतिहास का भी सबसे बड़ा पन्ना है? यह एक ऐसा ऐतिहासिक संयोग है, जो इन देशों को एक धागे में पिरोता है। आइए जानते हैं कि कौन से हैं वे देश जो 15 अगस्त को ही मनाते हैं अपना स्वतंत्रता या राष्ट्रीय दिवस।

 

  • दक्षिण कोरिया (South Korea) और उत्तर कोरिया (North Korea) (जापान से 1945 में आजादी)
  • बहरीन (Bahrain) (ब्रिटेन से 1971 में आजादी)
  • कांगो गणराज्य (Republic of the Congo) (फ्रांस से 1960 में आजादी)
  • लिकटेंस्टीन (Liechtenstein) (जर्मनी से 1866 में आजादी)

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1. दक्षिण कोरिया और उत्तर कोरिया: जापानी गुलामी से 'रोशनी' की ओर (15 अगस्त 1945)

  • द्वितीय विश्व युद्ध के अंत में 15 अगस्त 1945 को जब जापान ने घुटने टेके, तो कोरियाई प्रायद्वीप को 35 साल लंबी जापानी गुलामी से मुक्ति मिली।
  • दोनों कोरियाई देश इस ऐतिहासिक दिन को 'ग्वंगबोकज्योल' (Gwangbokjeol) के रूप में मनाते हैं, जिसका बेहद खूबसूरत अर्थ है- “रोशनी की वापसी का दिन”। हालांकि, वक्त के थपेड़ों ने बाद में इस क्षेत्र को उत्तर और दक्षिण कोरिया में विभाजित कर दिया, लेकिन 15 अगस्त का महत्व दोनों ही देशों के लिए आज भी उतना ही खास है।

 

2. कांगो गणराज्य: अफ्रीकी महाद्वीप पर उगा आजादी का सूरज (15 अगस्त 1960)

  • अफ्रीका महाद्वीप का दिल कहे जाने वाले कांगो गणराज्य (Republic of the Congo) ने 15 अगस्त 1960 के दिन फ्रांसीसी हुकूमत की जंजीरों को तोड़ा था।
  • फ्रांस से पूरी तरह संप्रभुता हासिल करने के बाद, कांगो के लोग इस दिन को अपने आत्म-सम्मान और राष्ट्रीय गौरव के रूप में मनाते हैं। इस अवसर पर पूरा देश भव्य परेडों और रंग-बिरंगे सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जश्न में डूब जाता है।

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3. बहरीन: जब खाड़ी के इस द्वीप से खत्म हुआ ब्रिटिश राज (15 अगस्त 1971)

  • फारस की खाड़ी में बसा खूबसूरत द्वीप देश बहरीन 15 अगस्त 1971 को ब्रिटिश साम्राज्य के शिकंजे से आजाद हुआ था।
  • ब्रिटिश सेना के हटने के बाद बहरीन एक आजाद मुल्क बना। दिलचस्प बात यह है कि बहरीन अपना औपचारिक 'राष्ट्रीय दिवस' 16 दिसंबर को (अपने शासक के सिंहासनारूढ़ होने की याद में) मनाता है, लेकिन 15 अगस्त वह ऐतिहासिक तारीख है जिसने उसे आजादी का स्वाद चखाया था।

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4. लिकटेंस्टीन: यूरोप के इस छोटे से देश में जश्न का दोगुना कारण (15 अगस्त 1866)

  • यूरोप की वादियों में बसा बेहद शांत और छोटा सा देश 'लिकटेंस्टीन' 15 अगस्त 1866 को जर्मन परिसंघ से मुक्त हुआ था।
  • आगे चलकर 1940 में इस देश ने 15 अगस्त को ही आधिकारिक तौर पर अपना राष्ट्रीय दिवस घोषित किया, क्योंकि इसी दिन यहाँ के प्रिंस फ्रांसिस जोसेफ द्वितीय का जन्मदिन भी होता था। आज भी इस दिन पूरे देश में भव्य आतिशबाजी, राष्ट्रीय परेड और शाही महलों के प्रांगण में उत्सव का माहौल रहता है।

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तो अगली बार जब आप 15 अगस्त को भारत की आजादी का जश्न मनाएं, तो याद रखिएगा कि दुनिया के नक्शे पर कई और भी ऐसे कोने हैं जहाँ इसी तारीख को आजादी की रोशनी बिखरी थी!

Share Market : शेयर बाजार लगातार दूसरे दिन हरे निशान में बंद, सेंसेक्स 374 अंक चढ़ा, निफ्टी 24,600 के पार

share market 19 march

वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स 373 अंक से अधिक की बढ़त के साथ 78,954 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 24,600 के ऊपर टिकने में सफल रहा। हालांकि, सेक्टोरल प्रदर्शन मिला-जुला रहा और आईटी, ऑटो, मेटल, रियल्टी तथा मीडिया शेयरों में दबाव देखने को मिला।

 

सेंसेक्स 373 अंक चढ़ा

 

कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 373.76 अंक यानी 0.48 फीसदी की बढ़त के साथ 78,954.76 अंक पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी50 11.35 अंक यानी 0.05 फीसदी की मामूली तेजी के साथ 24,636.00 अंक पर पहुंच गया। इससे पहले घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार की गिरावट से पहले लगातार चार कारोबारी सत्रों में तेजी दर्ज की गई थी। गुरुवार की बढ़त के साथ बाजार ने एक बार फिर सकारात्मक रुख कायम किया।

मिडकैप में गिरावट, स्मॉलकैप में तेजी

 

व्यापक बाजार की बात करें तो निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.44 फीसदी फिसल गया, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.48 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुआ। इससे संकेत मिलता है कि गुरुवार के कारोबार में बड़े शेयरों में खरीदारी का रुझान मजबूत रहा, जबकि मिडकैप शेयरों पर दबाव देखने को मिला।