LIVE: झारखंड में छात्रों का प्रदर्शन, 12 बजे विधानसभा की ओर करेंगे मार्च

devendra nath mahto in jharkhand student protest

Latest News Today Live Updates in Hindi : रांची में आज प्रदर्शनकारी छात्र झारखंड विधानसभा का घेराव करेंगे। पुलिस ने मार्च के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। पल पल की जानकारी…-उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, राजस्थान, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर समेत 15 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
-ऊपरी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण उत्तराखंड के हरिद्वार में गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर के ऊपर बह रहा है।

-दिल्ली पुलिस ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे साधुओं समेत कई लोगों को हिरासत में लिया।

-प्रयागराज में राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम की अनुमति हाईकोर्ट के आदेश और जलभराव का हवाला देकर रद्द कर दी गई है। इसके बावजूद राहुल गांधी और कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। राहुल गांधी आठ अगस्त को हर हाल में प्रयागराज पहुंचकर छात्रों के साथ संवाद करेंगे।

-झारखंड के रांची में छात्रों के प्रदर्शन का आज 14वां दिन। छात्र JPSC और JSSC परीक्षा रद्द करने और सीबीआई जांच की मांग पर अड़े।

-प्रदर्शनकारी दोपहर 12 बजे रांची के बिरसा चौक से विधानसभा की ओर मार्च करेंगे। 

क्या अब UPI पेमेंट पर देना होगा चार्ज? नए कानून के बाद जानिए किसे लगेगा शुल्क और किसे नहीं

MDR on UPI transactions : bill passed in loksabha

भारत में डिजिटल भुगतान (Digital Payments) का तरीका बदलने वाला एक बड़ा अपडेट सामने आया है। लोकसभा ने हाल ही में 'टैक्सेशन एंड अदर लॉज (अमेंडमेंट) बिल' को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007 में संशोधन किया गया है। इस नए विधायी कदम के बाद से आम लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या अब रोजमर्रा के UPI पेमेंट पर भी अतिरिक्त चार्ज (Charge) चुकाना होगा? आइए विस्तार से जानते हैं कि इस नए बिल का सच क्या है और यह आपके बैंक खातों को कैसे प्रभावित करेगा।

 

क्या कहता है नया डिजिटल पेमेंट संशोधन बिल?

अब तक के नियमों के मुताबिक, यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस यानी UPI ट्रांजैक्शन पूरी तरह से मुफ्त थे और बैंकों या पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स को इस पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) या किसी भी तरह का शुल्क वसूलने की कानूनी अनुमति नहीं थी। लेकिन नए संशोधन बिल के पास होने के बाद सरकार को यह कानूनी अधिकार मिल गया है कि वह भविष्य में बैंकों और पेमेंट एग्रीगेटरों को कुछ चुनिंदा इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट मोड पर चार्ज वसूलने की अनुमति दे सके।

 

सरकार का यह कदम देश के डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम और बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को आर्थिक रूप से मजबूत और टिकाऊ बनाने के लिए उठाया गया है। प्रस्तावित चार्ज केवल दुकानदारों और व्यापारियों पर लागू होगा, ग्राहकों की जेब से पैसे नहीं कटेंगे। ALSO READ: भारत में अब मुफ्त UPI नहीं? वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किया भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम में संशोधन

 

आम आदमी और छोटे ट्रांजैक्शन पर इसका क्या असर होगा?

रिपोर्ट्स और आधिकारिक संकेतों के अनुसार, इस बदलाव से आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी पर बहुत ज्यादा असर पड़ने की संभावना नहीं है। जानकारों के अनुसार, यदि भविष्य में मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू भी किया जाता है, तो यह 2,000 रुपए से कम के ट्रांजैक्शन पर लागू नहीं होगा। चूंकि 95% से अधिक UPI ट्रांजैक्शन छोटे अमाउंट के होते हैं, इसलिए आम जनता को दूध, सब्जी या किराने की छोटी खरीद पर कोई शुल्क नहीं देना होगा। दावा किया जा रहा है कि 2000 की सीमा कुल यूपीआई लेनदेन का सिर्फ 5 फीसदी कवर करेगी, लेकिन इन लेनदेन का मूल्य कुल ट्रांजेक्शन वैल्यू का 65 फीसदी है।

 

बड़े व्यापारियों के लिए मुफ्त नहीं रहेगा UPI

यूपीआई भारत का सबसे बड़ा डिजिटल पेमेंट सिस्टम बन चुका है, जहां हर महीने अरबों ट्रांजैक्शन होते हैं। ऐसे में सिस्टम को मजबूत और टिकाऊ बनाए रखने के लिए सरकार और रेगुलेटर्स नए विकल्प तलाश रहे हैं। अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो आम यूजर्स पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन बड़े व्यापारियों के लिए यूपीआई पेमेंट मुफ्त नहीं रहेगा।

Meta पर 567 मिलियन डॉलर का जुर्माना, बच्चों की मानसिक सेहत पर कोर्ट का बड़ा फैसला

fine on meta

अमेरिका में न्यू मैक्सिको की एक अदालत ने इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा को बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े मामलों में 567 मिलियन डॉलर भुगतान करने का आदेश दिया है। इसे मेटा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। ALSO READ: PM मोदी का फेसबुक वीडियो अचानक भारत में क्यों हुआ ब्लॉक, Meta ने बताई असली वजह

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि इसमें से 42 करोड़ डॉलर (420 मिलियन डॉलर) युवाओं के इलाज और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं पर खर्च किए जाएंगे। शेष राशि अगले 5 वर्षों में जागरूकता अभियान, रोकथाम कार्यक्रम, स्क्रीनिंग सेवाओं और अन्य संबंधित खर्चों के लिए उपयोग की जाएगी।

 

मुकदमे के पहले चरण में जूरी ने मेटा पर 37.5 करोड़ डॉलर (375 मिलियन डॉलर) का सिविल जुर्माना लगाया था। जूरी ने माना था कि कंपनी को यह जानकारी थी कि उसके प्लेटफॉर्म बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा रहे हैं। साथ ही, कंपनी पर अपने प्लेटफॉर्म पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी जानकारी छिपाने का भी आरोप माना गया था।

 

मुकदमे के दूसरे चरण में अभियोजन पक्ष ने अदालत से अनुरोध किया था कि मेटा के प्लेटफॉर्म पर लत पैदा करने वाले फीचर्स को सीमित किया जाए, आयु सत्यापन की व्यवस्था बेहतर बनाई जाए और डिफॉल्ट प्राइवेसी सेटिंग्स व कड़ी निगरानी के जरिए बच्चों के यौन शोषण को रोकने के लिए बड़े बदलाव किए जाएं।

 

बच्चों पर नकारात्मक असर

मेटा के प्लेटफॉर्म्स इंस्टाग्राम-फेसबुक पर बच्चों की सुरक्षा और मेंटल हेल्थ को लेकर लंबे समय से सवाल उठ रहे थे। कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि कंपनी के प्लेटफॉर्म्स का बच्चों पर नकारात्मक असर पड़ा है।

 

फैसले के खिलाफ अपील करेगी मेटा

मेटा ने कहा इस जुर्माने के खिलाफ अपील करने का फैसला किया है। कंपनी का कहना है कि वे प्लेटफॉर्म पर सुरक्षा के लिए लगातार काम कर रहे हैं, लेकिन सभी 'बैड एक्टर्स' को रोकना चुनौतीपूर्ण है।

Top News: 15 राज्यों में भारी बारिश अलर्ट, मेटा पर 5400 करोड़ का जुर्माना, Gen-Z पर क्या बोले मोहन भागवत

rain alert in 15 states

Top News 7 August : मौसम विभाग ने 15 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने जेन जी को ज्यादा ईमानदार और देशभक्त बताया। अग्नि4 मिसाइल का सफल परीक्षण। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर आज से सिर्फ डाक कांवड़ को एंट्री मिलेगी। अमेरिकी अदालत ने मेटा पर 5400 करोड़ का जुर्माना लगाया। 7 अगस्त की बड़ी खबरें :

 

15 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, राजस्थान, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर समेत 15 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इस दौरान 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलेगी। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन की आशंका है।

 

Gen Z ज्यादा ईमानदार और देेेेेशभक्त

RSS प्रमुख मोहन भागवत ने मुंबई में Gen-Z और Gen-अल्फा से कहा- जेन-जी हमारी पीढ़ी से ज्यादा ईमानदार और देशभक्त है। हमें उनकी बात सुननी चाहिए। उनसे बातचीत में कमी थी, इसीलिए दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन हुआ। ALSO READ: Mohan Bhagwat : Gen Z पर आंख मूंदकर भरोसा करूंगा, छात्रों के प्रदर्शन को राष्ट्रविरोधी न बताएं

अग्नि-4 बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण

भारत ने गुरुवार, 6 अगस्त को ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से परमाणु क्षमता से लैस मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-4 का सफल परीक्षण किया। यह मिसाइल 4,000 किलोमीटर तक की दूरी पर लक्ष्य को निशाना बनाने में सक्षम है। ALSO READ: Agni 4 Missile : भारत ने अग्नि-4 बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया, 4,000 KM तक मारक क्षमता

 

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर आज से सिर्फ डाक कांवड़

कांवड़ यात्रा के अंतिम चरण को देखते हुए शुक्रवार शाम से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (डीएमई) पर आम वाहनों की आवाजाही रोक दी जाएगी। मेरठ की ओर से आने वाली लेन केवल डाक कांवड़ के लिए आरक्षित रहेगी। हालांकि, पैदल और बाइक से आने वाले कांवड़ियों को प्रवेश नहीं मिलेगा। 

 

मेटा पर 5400 करोड़ का जुर्माना

अमेरिका की एक अदालत ने इंस्टाग्राम और फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा को बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े मामलों में 567 मिलियन डॉलर भुगतान करने का आदेश दिया है। इसमें से 42 करोड़ डॉलर (420 मिलियन डॉलर) युवाओं के इलाज और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं पर खर्च किए जाएंगे। शेष राशि अगले 5 वर्षों में जागरूकता अभियान, रोकथाम कार्यक्रम, स्क्रीनिंग सेवाओं और अन्य संबंधित खर्चों के लिए उपयोग की जाएगी।

अयोध्या सीट से पवन पांडे को उम्मीदवार बनाने के पीछे सपा की क्या रणनीति है?

UP Election 2027 SP

Pawan Pandey SP candidate for Ayodhya seat: 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा अयोध्या विधानसभा सीट से पूर्व मंत्री तेज नारायण उर्फ पवन पांडे को उम्मीदवार बनाने के पीछे बहुआयामी रणनीतिक और मनोवैज्ञानिक सोच काम कर रही है। 

1. 'ब्राह्मण वोट बैंक' में सेंध और PDA का विस्तार

2024 के लोकसभा चुनाव में सपा ने PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के सोशल इंजीनियरिंग फॉर्मूले से बड़ी सफलता हासिल की थी, लेकिन 2027 में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने के लिए अखिलेश यादव PDA के दायरे को और अधिक समावेशी बनाकर अगड़ी जातियों— विशेषकर ब्राह्मण समुदाय को जोड़ना चाहते हैं। पवन पांडे सपा का प्रमुख प्रखर ब्राह्मण चेहरा हैं। अयोध्या से उन्हें मैदान में उतारकर सपा ने यह संदेश दिया है कि वह केवल पिछड़ों-दलितों की नहीं, बल्कि सवर्णों/ब्राह्मणों को भी पूरा प्रतिनिधित्व दे रही है।

2. राम मंदिर क्षेत्र में BJP के 'हिंदुत्व' को चुनौती

अयोध्या (राम मंदिर वाली सीट) भाजपा की राजनीति का मुख्य केंद्र रही है। 2024 के लोकसभा चुनाव में फैजाबाद (अयोध्या) सीट से सपा के अवधेश प्रसाद ने जीत हासिल की थी, जिससे भाजपा को बड़ा झटका लगा था। अब 2027 के विधानसभा चुनाव में सबसे पहले इसी सीट पर प्रत्याशी का ऐलान कर अखिलेश यादव ने भाजपा के गढ़ में मनोवैज्ञानिक और रणनीतिक बढ़त हासिल करने का दांव चला है।

3. 'चढ़ावा व दान चोरी' और स्थानीय मुद्दों पर आक्रामक घेराबंदी

हाल के समय में पवन पांडे ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के दान/चढ़ावे में कथित गड़बड़ी, स्थानीय जमीनों के मुआवजे और प्रशासन से जुड़ी शिकायतों को लेकर भाजपा व स्थानीय तंत्र पर लगातार तीखे हमले बोले हैं। इस मुद्दे को उठाकर उन्होंने खुद को स्थानीय स्तर पर एक मुखर और जनहित की आवाज उठाने वाले नेता के रूप में स्थापित किया है।

4. पवन पांडे का ट्रैक रिकॉर्ड और पुराना जनाधार

  • 2012 का ऐतिहासिक प्रदर्शन : पवन पांडे ने 2012 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के 5 बार के दिग्गज विधायक लल्लू सिंह को हराकर अयोध्या सीट जीती थी और अखिलेश सरकार में मंत्री बने थे। हालांकि 2017 और 2022 में पांडे चुनाव हार गए थे। 
  • छात्र राजनीति से जमीनी जुड़ाव : लखनऊ विश्वविद्यालय से छात्र राजनीति की शुरुआत करने वाले पवन पांडे अखिलेश यादव के सबसे भरोसेमंद और संकटमोचक साथियों में गिने जाते हैं।

5. समय से पहले घोषणा कर कार्यकर्ताओं में उत्साह भरना

चुनाव से काफी पहले (लगभग 6-8 महीने पहले) उम्मीदवार तय कर देने से पवन पांडे को पूरे क्षेत्र में बूथ मैनेजमेंट मजबूत करने, घर-घर जाकर जनसंपर्क करने और स्थानीय स्तर पर गुटबाजी रोकने का भरपूर मौका मिलेगा।

Agni 4 Missile : भारत ने अग्नि-4 बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया, 4,000 KM तक मारक क्षमता

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भारत ने गुरुवार, 6 अगस्त को ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR) से परमाणु क्षमता से लैस मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-4 का सफल परीक्षण किया। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, यह परीक्षण स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड (SFC) और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की ओर से किया गया।

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रक्षा मंत्रालय ने कहा, “मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-4 का 6 अगस्त को ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से सफल परीक्षण किया गया।” मंत्रालय के अनुसार, परीक्षण के दौरान मिसाइल के सभी परिचालन और तकनीकी मानकों का सफलतापूर्वक सत्यापन किया गया।

राजनाथ सिंह ने DRDO और SFC को दी बधाई

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अग्नि-4 के सफल परीक्षण के लिए DRDO और SFC को बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि यह सफल मिशन भारत की अत्याधुनिक तकनीक के जरिए देश की रक्षा करने की प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है। रक्षा मंत्री ने DRDO के वैज्ञानिकों और उद्योग जगत के साझेदारों के प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे परीक्षण भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीक और मिसाइल विकास कार्यक्रम को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं।

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4,000 किलोमीटर तक लक्ष्य भेदने में सक्षम

 

अग्नि-4 एक दो चरणों वाली सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल है। इसमें सॉलिड-फ्यूल रॉकेट मोटर का इस्तेमाल किया गया है। यह मिसाइल 4,000 किलोमीटर तक की दूरी पर लक्ष्य को निशाना बनाने में सक्षम है।अग्नि-1 से अग्नि-4 तक की मिसाइलों की मारक क्षमता करीब 700 किलोमीटर से 3,500 किलोमीटर तक बताई गई है और ये मिसाइलें पहले से तैनात हैं।

पिनाका रॉकेट का भी हुआ था सफल परीक्षण

 

इससे पहले जुलाई में DRDO ने पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट (LRGR) का सफल उड़ान परीक्षण किया था। यह परीक्षण 8 जुलाई को ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज में किया गया था। रॉकेट का परीक्षण 60 किलोमीटर की निर्धारित न्यूनतम दूरी के लिए किया गया। DRDO के मुताबिक, परीक्षण ने अपने सभी निर्धारित उद्देश्यों को पूरा किया। रॉकेट ने उड़ान के दौरान जरूरी तकनीकी गतिविधियां पूरी कीं और तय उड़ान पथ का अनुसरण करते हुए निर्धारित लक्ष्य को सटीकता से निशाना बनाया।

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स्वदेशी लॉन्ग रेंज क्रूज मिसाइल का भी परीक्षण

 

DRDO ने जून में ओडिशा के तट के पास अपनी स्वदेशी लॉन्ग-रेंज लैंड अटैक क्रूज मिसाइल (LRLACM) का भी सफल उड़ान परीक्षण किया था। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, मिसाइल ने परीक्षण के दौरान सभी निर्धारित उद्देश्यों को पूरा किया। विभिन्न ट्रैकिंग सिस्टम से मिले आंकड़ों से पुष्टि हुई कि उड़ान के दौरान मिसाइल ने उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन किया।

DRDO और भारतीय उद्योग की साझेदारी से विकसित हुई LRLACM

 

LRLACM को देश में ही विकसित किया गया है। इसके प्रमुख सिस्टम और कंपोनेंट्स DRDO की अलग-अलग प्रयोगशालाओं ने भारतीय उद्योग जगत के साझेदारों के सहयोग से तैयार किए हैं। इस परियोजना का नेतृत्व बेंगलुरु स्थित एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (ADE) कर रहा है। अग्नि-4 के परीक्षण को देखने के लिए DRDO के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भारतीय नौसेना और भारतीय वायुसेना के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

Kanwar Yatra : कांवड़ यात्रा में नमो भारत की बढ़ी डिमांड, गाजियाबाद समेत कई स्टेशनों पर 50% तक बढ़ी यात्रियों की संख्या

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कांवड़ यात्रा के दौरान सड़क मार्गों पर भारी ट्रैफिक प्रतिबंध और जाम के बीच दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर लाखों यात्रियों के लिए सबसे भरोसेमंद परिवहन विकल्प बनकर उभरा है। तेज़, समयबद्ध और आरामदायक सफर के चलते कॉरिडोर के कई स्टेशनों पर यात्रियों की संख्या में 40 से 50 प्रतिशत तक बढ़ गई है।

 

सबसे अधिक वृद्धि गाज़ियाबाद नमो भारत स्टेशन पर देखने को मिली, जहां यात्री संख्या में 50 प्रतिशत से अधिक का इज़ाफ़ा हुआ है। यहां प्रतिदिन औसतन 15 से 20 हजार यात्री सफर कर रहे हैं। वहीं गुलधर, मुरादनगर और मोदीनगर स्टेशनों पर भी लगभग 40 प्रतिशत तक अधिक यात्री नमो भारत सेवा का लाभ उठा रहे हैं। मेरठ के ब्रह्मपुरी, मेरठ सेंट्रल और मेरठ नॉर्थ मेट्रो स्टेशनों पर भी यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस दौरान गाज़ियाबाद, आनंद विहार और बेगमपुल स्टेशन पूरे कॉरिडोर के सबसे व्यस्त स्टेशन बने हुए हैं।

 

दरअसल, कांवड़ यात्रा के चलते शहरों के कई प्रमुख मार्ग आम यातायात के लिए बंद हैं, जिससे सड़क यात्रा बेहद कठिन और अनिश्चित हो गई है। ऐसे में बड़ी संख्या में लोग बसों और निजी वाहनों की बजाय नमो भारत को प्राथमिकता दे रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि नमो भारत थकान के बिना ट्रैफिक जाम से बचाते हुए निश्चित समय पर अपने गंतव्य तक पहुंच रही हैं।

इसी बढ़ती मांग के बीच 3 अगस्त 2026 को दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर ने नया रिकॉर्ड बनाया। श्रावण मास के पहले सोमवार को करीब 1.5 लाख यात्रियों ने सफर किया, जो अब तक की सर्वाधिक औसत दैनिक राइडरशिप है। इससे पहले 8 जून 2026 को लगभग 1.25 लाख यात्रियों की दैनिक राइडरशिप दर्ज की गई थी।

 

यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए एनसीआरटीसी ने पहले ही विशेष तैयारी कर ली थी। 30 जुलाई से 14 अगस्त 2026 तक प्रतिदिन 52 अतिरिक्त ट्रेन ट्रिप्स संचालित की जा रही हैं। इन अतिरिक्त सेवाओं के कारण सराय काले खां से मोदीपुरम तक पूरे कॉरिडोर पर यात्रियों को हर 8 मिनट में नमो भारत ट्रेन उपलब्ध हो रही है। आवश्यकता पड़ने पर ट्रेन सेवाओं को बढ़ाने की भी तैयारी है।

 

हालांकि प्रशासनिक निर्देशों के तहत कुछ स्टेशनों के चुनिंदा प्रवेश-निकास द्वार अस्थायी रूप से बंद किए गए हैं, लेकिन अन्य गेटों से यात्रियों का आवागमन सामान्य रूप से जारी है। कांवड़ यात्रा के दौरान नमो भारत ने न केवल लाखों श्रद्धालुओं और दैनिक यात्रियों को ट्रैफिक जाम से राहत दी है, बल्कि यह भी साबित किया है कि आधुनिक और तेज़ सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था आपात एवं विशेष परिस्थितियों में आमजन के लिए सबसे प्रभावी विकल्प बन सकती है।

गोरखपुर का ‘मातृ सेवा’ मॉडल बना जीवनरक्षक, हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं के इलाज से बची 77 जिंदगियां

योगी सरकार का मातृ मृत्यु दर कम करने के लिए ट्रायल के तौर पर गोरखपुर में चलाया जा रहा पायलट  प्रोजेक्ट पूरे प्रदेश के लिए नजीर बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पायलट प्रोजेक्ट ‘मातृ सेवा’ का लक्ष्य  हाई रिस्क गर्भवती केसों को तुरंत बड़े अस्पतालों में रेफर कर बचाना है। गोरखपुर में बीते दो महीने में पहल के तहत 15  अतिगंभीर पोस्टपार्टम हैमरेज (प्रसव के बाद अत्यधिक रक्तस्राव) के मामलों को बचाया गया है। अब आसपास के जिलों के  हाईरिस्क मरीजों को भी गोरखपुर में एडमिट किया जा रहा है। 

 

विभिन्न अस्पतालों के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षकों का व्हाट्सअप ग्रुप बनाया गया 

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मिशन निदेशक डॉ. पिंकी जोवल ने बताया कि उत्तर प्रदेश टेक्निकल सपोर्ट यूनिट (यूपीटीएसयू) व  स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयास से शुरू की गई इस पहल में उच्च जोखिम गर्भावस्था प्रबंधन के लिए एम्स, बीआरडी मेडिकल  कॉलेज, जिला महिला अस्पताल के डॉक्टरों, सामुदायिक/प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) व अस्पतालों  के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षकों का व्हाट्सअप ग्रुप बनाया गया है। इस ग्रुप में आशा, एएनएम, नर्स, एम्बुलेंस कोआर्डिनेटर व  सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) भी शामिल हैं। जैसे ही कोई आशा या परिजन गर्भवती को ग्रामीण अस्पताल लेकर  पहुंचते हैं तो विभागीय टीम हाईरिस्क वाले केसों की पहचान करती है और जरूरत के हिसाब से उन्हें उच्च अस्पताल भेजती है।  प्रसव के समय अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर डिलिवरी कराते हैं और जोखिम बढ़ने पर फौरन उच्च अधिकारियों को सूचित करते हैं।  केस की गंभीरता व रेफर करने की सारी सूचनाएं इस व्हाट्सअप ग्रुप पर पोस्ट किया जाता है व फोन करके भी टीम को अलर्ट  कर दिया जाता है। यह भी सुनिश्चित किया जाता है कि एम्बुलेंस तुरंत प्रसूता को लेने स्थानीय अस्पताल पहुंचे।   

 

टीम के अलर्ट मोड से 15 अतिगंभीर मामलों के मरीजों को बचाया गया

सीएमओ डॉ. राजेश झा ने बताया कि प्रदेश में पहली बार किसी जिले में उच्च जोखिम गर्भावस्था में जान बचाने का अनोखा  अभियान चल रहा है। 21 मई से शुरू अभियान में अब तक दो महीने में 363 उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों का इलाज किया  गया है। इनमें से 55 तो पोस्टपार्टम हैमरेज के केस थे। इन 55 में से 15 तो अतिगंभीर मामले थे जिन्हें टीम के अलर्ट मोड में  होने के कारण बचाया जा सका। पोस्टपार्टम हैमरेज मातृ मृत्यु की सबसे बड़ी वजह है। इसके अलावा 43 अतिगंभीर एनिमिया व  19 एक्लम्पसिया (गर्भावस्था के दौरान अचानक दौरे पड़ना या बेहोश हो जाना) के मामले भी बचाए जा सके। उन्होंने बताया कि  अब आसपास के जिलों के हाईरिस्क मरीजों को भी गोरखपुर में एडमिट किया जा रहा है। सीएमओ ने बताया कि दो महीने की  ट्रायल रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी जाएगी। अगर यह प्रदेश के अन्य जिलों में लागू होती है तो यह मातृ मृत्यु दर को कम  करने का कारगर हथियार साबित हो सकता है। 

 

तुरंत रेस्पांस ने रोका मौत का रास्ता, बची महिला की जान

देवरिया का केस इस बात की नजीर है कि हाईरिस्क प्रेगनेंसी मैनेजमेंट सिस्टम के फौरन एक्शन में आने से कैसे एक जान बच  गई। महर्षि देवरहा चिकित्सा महाविद्यालय देवरिया की आन ड्यूटी चिकित्सा अधिकारी डॉ. नूपुर श्रीवास्तव ने बताया कि देवरिया  की रिंकी देवी (34) ने बीते सोमवार को पथरदेवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक बच्चे को जन्म दिया। प्रसव के बाद गंभीर हुई  इस महिला को रात लगभग 11:05 बजे देवरिया मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। उसे बहुत ज़्यादा रक्तस्राव हो रहा था। भर्ती  होने के समय वह 'हेमोरेजिक शॉक' (खून की कमी से होने वाला शॉक) की हालत में थी। उसके ज़रूरी शारीरिक संकेत तेज़ी से  बिगड़ रहे थे।
 

शुरुआती इलाज के बाद पौने एक बजे देवरिया की टीम ने गोरखपुर रेफरल ट्रैकिंग टीम को बताया कि मरीज़ को बीआरडी मेडिकल  कॉलेज रेफर किया जा रहा है। गोरखपुर टीम ने तुरंत बीआरडी इमरजेंसी टीम से तालमेल किया। मरीज़ अल सुबह 2 बजे शॉक की  हालत में बीआरडी पहुंची। इमरजेंसी ऑब्सटेट्रिक टीम ने तुरंत एडवांस्ड रिसेसिटेशन (जीवन बचाने की प्रक्रिया) शुरू की और एक  यूनिट ब्लड चढ़ाया। टीमों के बीच बेहतरीन क्लीनिकल प्रबंधन और तालमेल की वजह से मरीज की हालत में काफी सुधार हुआ  और अब खतरे से बाहर है।

आगरा में यमुना किनारे बनेगा भव्य रिवर फ्रंट पार्क, 3.46 करोड़ रुपए खर्च करेगी योगी सरकार; मिलेंगी ये खास सुविधाएं

योगी सरकार राज्य में पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण और शहरी बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर लगातार  ऐतिहासिक कदम उठा रही है। इसी कड़ी में अब ताजनगरी में यमुना नदी के किनारों को खूबसूरत, प्रदूषण मुक्त और उपयोगी  बनाने की बड़ी तैयारी शुरू हो गई है। आगरा के झलकारी बाई चौराहे से लेकर वेदांत मंदिर के पास यमुना किनारे (यमुना बैंक  साइड) एक नए और भव्य पार्क का विकास किया जा रहा है। योगी सरकार की इस पहल से शहरवासियों और पर्यटकों को एक  बेहतरीन और अत्याधुनिक 'ग्रीन जोन' की सौगात मिलेगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शिलान्यास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने 25 जुलाई 2026 को किया था।

 

अमृत 2.0 योजना के तहत 3.46 करोड़ का भारी-भरकम बजट

यमुना किनारे की तस्वीर बदलने वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना को 'अमृत 2.0' योजना के अंतर्गत विकसित किया जा रहा है,  जिस पर 3.46 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस बड़ी धनराशि का उपयोग अविकसित और कचरायुक्त क्षेत्र को एक व्यवस्थित,  हरे-भरे और आधुनिक सुविधाओं वाले पार्क में तब्दील करने के लिए किया जाएगा।

 

योजना के तहत यहां 1500 मीटर लंबा और 1.5 मीटर चौड़ा सुंदर पाथवे, 200 वर्ग मीटर में ओपन जिम, फाउंटेन, आकर्षक  लाइटिंग और बैठने के लिए बेंच की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा छोटे सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए 300 वर्ग मीटर में  100- 150 लोगों की क्षमता वाला एक 'ओपन-एयर एम्फीथिएटर' भी बनेगा, जिसे लाल बलुआ पत्थर की सीटों के साथ डिजाइन  किया गया है। पर्यटकों की सुविधा के लिए 200 वाहनों की कार पार्किंग और 1500 मीटर क्षेत्र में मजबूत फेंसिंग भी की जाएगी।

 

'विज़ुअल कॉरिडोर', फाइटोरेमेडिएशन से होगा कचरामुक्त

योगी सरकार नदियों के संरक्षण (रिवर फ्रंट डेवलपमेंट) पर विशेष जोर दे रही है। साइट पर मौजूद कचरे को हटाकर औपचारिक  लैंडफिल में भेजा जाएगा और प्रदूषित क्षेत्र को 'फाइटोरेमेडिएशन' प्रजातियों से आच्छादित किया जाएगा। दृश्य को बेहतर बनाने के  लिए ताजमहल की ओर 'विज़ुअल कॉरिडोर' खुले छोड़े गए हैं। पर्यावरण को शुद्ध करने के लिए कैसिया बाइफ्लोरा, बोगनवेलिया,  नेरियम ओलियंडर, पाम और बेबी गोल्डन जैसी प्रजातियों का सघन पौधरोपण किया जाएगा। पास की कृषि भूमि पर सजावटी पौधे  उगाए जाएंगे, जो इस परियोजना के रखरखाव में आर्थिक सहायता करेंगे।

 

योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए अधिशासी अभियंता अरविंद कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप  अमृत 2.0 योजना के तहत यमुना किनारे इस भव्य पार्क का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ेगा। 3.46 करोड़ की लागत से बनने  वाला यह पार्क शहरवासियों को मॉर्निंग वॉक, योग और बच्चों के खेलने के लिए एक सुरक्षित, स्वच्छ और प्राकृतिक स्थान उपलब्ध  कराएगा। हमारा फोकस यहां सघन पौधरोपण के जरिए पर्यावरण को संतुलित करने और रिवर फ्रंट को एक प्रमुख पर्यटक आकर्षण  के रूप में विकसित करने पर है।

Mohan Bhagwat : Gen Z पर आंख मूंदकर भरोसा करूंगा, छात्रों के प्रदर्शन को राष्ट्रविरोधी न बताएं, RSS प्रमुख मोहन भागवत का बड़ा बयान, चीन और पाकिस्तान को लेकर क्या कहा

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने देश की युवा पीढ़ी का खुलकर समर्थन करते हुए कहा कि वह Gen Z पर आंख मूंदकर भरोसा करेंगे। उन्होंने कहा कि विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने वाले छात्रों को राष्ट्रविरोधी नहीं कहा जाना चाहिए। युवाओं की बात को दबाने के बजाय उनके साथ संवाद के जरिए उनकी चिंताओं को समझने की जरूरत है।

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मुंबई में इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस (IIMUN) की 15वीं वर्षगांठ के अवसर पर करीब 2,000 Gen Z और Gen Alpha सदस्यों को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा कि युवाओं को अपनी बात रखने और सत्ता से सवाल पूछने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि संवाद के लिए दोनों पक्षों के बीच अपनापन और आपसी सम्मान जरूरी है।

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‘Gen Z आंदोलन करे तो उसे राष्ट्रविरोधी न कहें’

 

भागवत ने कहा कि अगर Gen Z किसी आंदोलन या विरोध में शामिल होता है तो इसका मतलब यह नहीं है कि वह राष्ट्रविरोधी है। उन्होंने युवाओं को देश की अगली पीढ़ी बताते हुए कहा कि उनकी चिंताओं को समझने और उनके नजरिए को जानने के लिए सार्थक संवाद जरूरी है। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी पिछली पीढ़ियों की तुलना में ज्यादा ईमानदार है। Gen Z और Gen Alpha में देश के प्रति ईमानदारी, राष्ट्रभक्ति और सेवा की भावना होनी चाहिए।

 

‘मैं Gen Z पर आंख मूंदकर भरोसा करूंगा’

 

हालिया प्रदर्शनों में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प का जिक्र करते हुए भागवत ने कहा कि उन्हें घटनाक्रम के पीछे की पूरी जानकारी नहीं है। आंसू गैस और पैलेट गन के इस्तेमाल की खबरों के बीच उन्होंने कहा कि सत्यापित जानकारी के बिना किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए।

 

उन्होंने कहा कि अगर उन्हें किसी एक पक्ष पर भरोसा करना होगा तो वह Gen Z पर भरोसा करेंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर ही बातचीत हो रही है और आंदोलन में कुछ असामाजिक तत्वों की मौजूदगी की खबरें भी सामने आई हैं। ऐसे में प्रामाणिक जानकारी के बिना किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं है।

 

‘Gen Z को प्रदर्शन न करने के लिए कभी नहीं कहूंगा’

 

RSS प्रमुख ने कहा कि प्रदर्शन लोकतंत्र का अभिन्न हिस्सा है और अपनी वास्तविक शिकायतों को सामने रखने के लिए विरोध भी संवाद का एक माध्यम है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र चर्चा के बाद सहमति बनाने का तरीका है और शिक्षा व्यवस्था में कई सुधारों की जरूरत है। भागवत ने कहा कि उनकी पीढ़ी सत्ता से सवाल नहीं करती थी, लेकिन Gen Z और Gen Alpha प्राधिकरण से सवाल करते हैं और तर्कपूर्ण जवाब चाहते हैं।

 

उन्होंने कहा, “मैं कभी नहीं कहूंगा कि Gen Z को प्रदर्शन नहीं करना चाहिए।” हालांकि, लोकतंत्र में विरोध का एक उचित तरीका होना चाहिए। अगर युवा आवाज उठा रहे हैं तो इसे सिर्फ विरोध के तौर पर नहीं, बल्कि व्यवस्था में सुधार की मांग के रूप में भी देखा जाना चाहिए।

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शिक्षा को व्यावसायिक कारोबार नहीं बनाया जाना चाहिए

भागवत ने अपने संबोधन में शिक्षा व्यवस्था पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि शिक्षा कोई व्यावसायिक कारोबार नहीं है और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में समाज की भी भूमिका होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा का आर्थिक बोझ काफी ज्यादा है। व्यवस्था की नियमित समीक्षा, सतर्कता और शिक्षकों के प्रशिक्षण की जरूरत है। शिक्षा देना सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी जिम्मेदारी है।

 

भागवत ने शिक्षा के लिए राष्ट्रीय बजट का 6 फीसदी आवंटन करने की लंबे समय से चली आ रही मांग का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि स्कूल केवल सरकार नहीं चलाती, बल्कि संगठन और समाज भी शिक्षा के क्षेत्र में काम करते हैं। शिक्षा और सीखने के लिए समाज में जिम्मेदारी की भावना पैदा करने की जरूरत है।

सोशल मीडिया की समस्या सिर्फ कानून से हल नहीं होगी

 

RSS प्रमुख ने सोशल मीडिया और गलत सूचनाओं के प्रसार पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सिर्फ कानून बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि लोगों की सोच और व्यवहार में बदलाव जरूरी है। उन्होंने लाखों फॉलोअर्स वाले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स से जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करने और किसी भी जानकारी को विश्वसनीय स्रोतों से सत्यापित करने की अपील की।

 

भागवत ने कहा कि किसी चीज पर प्रतिबंध लगाने के बाद भी उसमें बचने के रास्ते निकल सकते हैं, इसलिए सिर्फ बैन को समाधान नहीं माना जा सकता। उन्होंने हिंसक कंटेंट को सोशल मीडिया पर ज्यादा लाइक मिलने पर भी सवाल उठाया। उनका कहना था कि अगर Gen Z हिंसा का समर्थन नहीं करता तो फिर हिंसक सामग्री को ज्यादा लाइक्स क्यों मिलते हैं, इस पर विचार और विश्लेषण किया जाना चाहिए।

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पाकिस्तान और चीन को लेकर भी बोले भागवत

 

राष्ट्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय संघर्षों पर बात करते हुए भागवत ने कहा कि संकट के समय नागरिकों को सरकार के फैसलों के साथ खड़ा रहना चाहिए, लेकिन मानवीय दृष्टिकोण भी बनाए रखना जरूरी है। पाकिस्तान और चीन का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि संघर्ष के दौरान भारत का दृष्टिकोण मतभेदों को पीछे रखकर स्थिति से निपटना रहा है। उन्होंने कहा कि स्थायी नफरत किसी समस्या का समाधान नहीं है। भागवत ने कहा कि ऐसा नहीं है कि पाकिस्तान के सभी लोग दिल से भारत के दुश्मन हैं और न ही सभी भारतीय एक जैसे हैं। उन्होंने जोर दिया कि अंततः मानवता को एक होना चाहिए।