वॉशिंगटन के आसमान में बड़ा हादसा टला? ट्रंप के मरीन वन हेलिकॉप्टर के बेहद करीब पहुंचा यात्री विमान, जांच शुरू

donald trump

अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन के आसमान में कुछ मिनटों के लिए अफरा-तफरी मच गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ले जा रहा उनका मिलिट्री हेलिकॉप्टर और एक यात्री विमान  एक-दूसरे के बेहद करीब पहुंच गए। इसके बाद सवाल उठने लगे कि क्या आसमान में कोई बड़ा हादसा होने से बाल-बाल टल गया? अब अमेरिकी एजेंसियां पूरे मामले की जांच कर रही हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि आखिर यह स्थिति पैदा ही क्यों हुई?

 

न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार को अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन के ऊपर उड़ान के दौरान “मरीन वन” हेलिकॉप्टर और एयर ट्रैफिक कंट्रोल के बीच बातचीत में कुछ गड़बड़ी हो गई थी। रिपोर्ट में मामले की जानकारी रखने वाले दो लोगों के हवाले से कहा गया है कि मरीन वन और यात्री विमान के बीच की दूरी एक मील से भी कम रह गई थी। ऐसी स्थिति में सुरक्षा नियम यही कहते हैं कि दोनों विमानों के बीच कम से कम 1.5 मील की दूरी और 500 फीट की ऊंचाई का अंतर होना चाहिए।

 

क्या है मामला?

अमेरिकन एयरलाइंस की सहयोगी कंपनी एनवॉय एयर का एम्ब्रेयर ई-170 विमान उड़ान भर रहा था। उधर, मरीन वन हेलिकॉप्टर एंड्रयूज एयर फोर्स बेस की ओर जा रहा था। यहां से डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति विमान में बैठकर कैलिफोर्निया जाने वाले थे।


 

अमेरिकी अधिकारियों की जांच इस बात को लेकर चल रही है कि क्या डोनाल्ड ट्रंप को ले जा रहा मिलिट्री हेलिकॉप्टर इस हफ्ते वॉशिंगटन के ऊपर उड़ रहे एक यात्री विमान के बहुत करीब पहुंच गया था।  यह पता लगाया जा रहा है कि आखिर यह स्थिति पैदा ही क्यों हुई?

 

राष्ट्रपति किसी भी समय खतरे में नहीं थे

व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने एएफपी को बताया, 'मरीन वन उड़ाने वाले पायलट दुनिया के सबसे बेहतरीन पायलटों में से हैं और राष्ट्रपति किसी भी समय खतरे में नहीं थे। इधर अमेरिका की विमानन नियामक संस्था एफएए ने कहा कि सुरक्षित दूरी कम होने के दौरान एयर ट्रैफिक कंट्रोलर दोनों पायलटों, यानी यात्री विमान और मरीन वन के पायलट, से लगातार संपर्क में था।'